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कोलंबो। श्रीलंका के नये मंत्रिमंडल ने बुधवार को शपथ ली, जिसमें शक्तिशाली राजपक्षे परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने रक्षा मंत्रालय अपने पास ही रखा है, जबकि वित्त मंत्रालय का प्रभार नव निर्वाचित प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को दिया गया है। पिछले हफ्ते संसदीय चुनाव में राजपक्षे की पार्टी को शानदार जीत मिली थी। शपथ ग्रहण समरोह कैंडी शहर में हुआ। राष्ट्रपति गोटाबाया ने मंत्रिमंडल के 28 सदस्यों को पद की शपथ दिलाई। हालांकि, संविधान के मुताबिक यह संख्या 30 तक हो सकती है। उन्होंने 40 राज्य मंत्री भी नियुक्त किये। कैंडी शहर में मंत्रिमंडल के सदस्यों ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और उनके बड़े भाई एवं प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति गोटाबाया ने रक्षा मंत्रालय अपने पास ही रखा है, जबकि उनके बड़े भाई एवं प्रधानमंत्री महिंदा को वित्त, शहरी विकास और बौद्ध मामलों के मंत्रालय का प्रभार दिया गया। महिंदा के बड़े बेटे नमल राजपक्षे को युवा मामले एवं खेल मंत्री बनाया गया है, 2010 में उनके संसद में प्रवेश करने के बाद पहली बार उन्हें मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में जगह मिली है। श्रीलंका की मीडिया में आई खबर के मुताबिक राष्ट्रपति के सबसे बड़े भाई चमल राजपक्षे को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। साथ ही वह आंतरिक सुरक्षा मामलों के राज्य मंत्री भी रहेंगे। उनके बेटे, शीषेंद्र राजपक्षे को राज्य मंत्री पद दिया गया है। मंत्रिमंडल की एक मुख्य विशेषता यह है कि प्रख्यात नेता दिनेश गुनवर्द्धना को फिर से विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि क्षेत्रीय सहयोग का एक राज्य मंत्रालय भी सृजित किया गया है जो विदेश मंत्रालय से संबद्ध होगा।
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मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि देश में विकसित कोविड-19 टीके का पंजीकरण कर लिया गया है और एक टीका उनकी बेटी को पहले ही लगाया जा चुका है।
पुतिन ने मंगलवार को एक सरकारी बैठक में कहा कि टीका परीक्षण में खरा उतरा है और कोरोना वायरस के खिलाफ मानव की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सफल रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि टीका परीक्षण के आवश्यक चरणों से गुजरा है। उनकी दो बेटियों में से एक को यह टीका दिया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है। रूस के अधिकारियों ने कहा है कि टीका सबसे पहले चिकित्साकर्मियों, शिक्षकों और जोखिम की जद वाले समूहों से जुड़े लोगों को लगाया जाएगा। रूस कोविड-19 टीके का पंजीकरण करने वाला पहला देश है। दुनियाभर में अनेक वैज्ञानिक इस कदम को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं और तीसरे चरण के परीक्षण से पहले टीके का पंजीकरण करने के निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं। किसी भी टीके का तीसरे चरण का परीक्षण आम तौर पर हजारों लोगों पर महीनों तक चलता है। - कोलम्बो। श्रीलंका में महिन्दा राजपक्ष कल देश के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बुधवार को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी को शानदार जीत हासिल हुई और अपने सहयोगी दलों के साथ पार्टी ने संसद में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया।शपथ ग्रहण समारोह कोलम्बो के पास एक प्राचीन बौद्ध मन्दिर में होगा। महिन्दा राजपक्ष को उनके छोटे भाई और राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्ष शपथ दिलायेंगे। अन्य मंत्रियों को अगले सप्ताह कैंडी में एक समारोह में शपथ दिलाई जायेगी। महिन्दा राजपक्ष 2006 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रहे। पिछले नवम्बर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उनके भाई गोताबाया की जीत हुई। उसके बाद महिन्दा राजपक्ष प्रधानमंत्री नियुक्त हुए हालांकि उनकी पार्टी को संसद में बहुमत नहीं था।इस बीच दो विपक्षी पार्टियों समागी जना बालावेगया--एस जे बी और युनाइटेड नेशनल पार्टी - यू एन पी के बीच तनातनी जारी है। यू एन पी चुनाव में बुरी तरह पराजित हुई और उसके नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी चुनाव हार गये। पार्टी को मात्र एक सीट मिली। एस जे बी को चुनाव में 54 सीटें मिली हैं और वह मुख्य विपक्षी दल है।
- लंदन। अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने लोकप्रिय चीनी एप टिकटॉक और वी-चैट पर अमरीका में प्रतिबंध लगाने संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिये हैं। ट्रंप ने इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताया है। ये आदेश 45 दिनों बाद लागू होगा।भारत इन एप पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश था और उसने चीन की 106 एप पर प्रतिबंध लगाया है। संसद को भेजे गये अपने संदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि टिकटॉक एप इसके इस्तेमाल करने वालों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी स्वयं ही हासिल कर लेता है।----
- लंदन। विनिर्माण संयंत्रों से निकलने वाले एंटीबायोटिक का भारत की नदियों पर पडऩे वाले प्रभाव का अध्ययन करने के लिए भारतीय और ब्रिटिश विशेषज्ञ साथ मिलकर काम करेंगे। बर्मिंघम विश्वविद्यालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।विश्वविद्यालय ने कहा कि दोनों देशों के वैज्ञानिक, नदियों में गिरने वाले एंटीबायोटिक का संक्रामक रोगों के फैलने पर पडऩे वाले प्रभाव का अध्ययन करेंगे। बर्मिंघम विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैदराबाद के विशेषज्ञों को अनुसंधान के लिए 12 लाख पाउंड के अतिरिक्त भारत से अनुदान दिया गया है। इस अनुसंधान से यह पता लगाया जाएगा कि भारत की नदियों में मौजूद एंटीबायोटिक का रोगाणुओं पर क्या प्रभाव पड़ता है। परियोजना में शामिल बर्मिंघम विश्वविद्यालय के डॉ जान केफ्ट ने कहा, हम नहीं जानते कि पर्यावरण में एंटीबायोटिक पदार्थ कितनी जल्दी नष्ट होते हैं और वर्षा के कारण और नदियों में जाकर कितना घुलते हैं। हमारी परियोजना में हम इसका पता लगाएंगे कि कारखानों से निकलने वाले एंटीबायोटिक का नदियों में मौजूद बैक्टीरिया पर क्या प्रभाव पड़ता है। हम इस पर अनुसंधान करेंगे कि एंटीबायोटिक नदियों के साथ कितनी दूर तक बहकर जाते हैं और बाढ़ आने पर उनका विस्तार कहां तक होता है। इससे हम यह जान पाएंगे कि जलाशयों में एंटीबायोटिक की कितनी मात्रा सुरक्षित और कितनी खतरनाक हो सकती है। परियोजना के तहत भारतीय और ब्रिटिश विशेषज्ञ हैदराबाद की मुसी नदी और चेन्नई की अडयार नदी पर अनुसंधान करेंगे।
- बेरूत। लेबनान की राजधानी बेरूत में कल रात हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या एक सौ तक पहुंच गई है। चार हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। विस्फोट इतना तेज था कि इसका झटका पूरे बेरूत में महसूस किया गया। इसके असर से कई मकान ध्वस्त हो गये और खिडकियों के शीशे टूट गये। बेरूत से 240 किलोमीटर दूर साइप्रस द्वीप में भी धमाके की आवाज सुनी गई।राष्ट्रपति माइकल एयोन ने कहा है कि गोदाम में असुरक्षित ढंग से रखे गये दो हजार सात सौ पचास टन अमोनियम नाइट्रेट के कारण यह विस्फोट हुआ।लेबनान में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सम्पर्क में है। दूतावास ने लोगों के लिए हैल्पलाइन नम्बर भी जारी किये हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अन्तोनियो गुत्रश ने पीडि़तों के परिवारों के प्रति गहरी सम्वेदना व्यक्त की है।उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लेबनन के बेरूत में विस्फोट में जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने इस विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है।
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सेंट पीटर्सबर्ग। तूफान इसायस के कारण रविवार को फ्लोरिडा के पूर्वी तट पर भारी बारिश हुई। इसायस शनिवार दोपहर को चक्रवात से उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हो गया लेकिन भारी बारिश और बाढ़ की आशंका बरकरार थी क्योंकि यह फ्लोरिडा के अटलांटिक तट से दूर ही था। शनिवार को इसायस ने बहामास में जमकर तबाही मचाई, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।
मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केंद्र की वरिष्ठ तूफान विशेषज्ञ स्टेसी स्टीवर्ट ने कहा, हमें एक तूफान विकसित होने की आशंका थी और ऐसा नहीं हुआ। यह दो तूफानों की कहानी है। अगर आप तूफान के पश्चिमी हिस्से में रहते हैं तो आप पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन अगर आप इसके पूर्वी हिस्से में रहते हैं तो बेहद खराब मौसम है। वैसे, फ्लोरिडा इसायस तूफान के पश्चिमी हिस्से में है।
उधर, फ्लोरिडा के गवर्नर रोन डीसैंटीज ने संवाददाता सम्मेलन में आगाह किया, इसके कमजोर होने के धोखे में मत आईए। इससे पहले, फ्लोरिडा प्रशासन ने समुद्र तटों, पार्कों और वायरस जांच केंद्रों को बंद कर दिया है। गवर्नर ने कहा कि राज्य में बिजली की कटौती की संभावना है और उन्होंने निवासियों से एक हफ्ते के लिए पानी, भोजन और दवाओं का प्रबंध करने के लिए कहा। नॉर्थ कैरोलिना में अधिकारियों ने ओक्राकोक द्वीप को खाली कराने का आदेश दिया है जहां पिछले साल तूफान डोरियन ने तबाही मचाई थी।
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इंदौर। कोविड-19 के प्रकोप के कारण किर्गिस्तान में लम्बे समय से फंसे 145 भारतीय विद्यार्थियों को लेकर एअर इंडिया का विशेष विमान बुधवार रात यहां देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। कोविड-19 की रोकथाम के लिये इंदौर जिले के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि वंदे भारत अभियान के तहत एअर इंडिया का विमान किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक से उड़ा और भारतीय मानक समय के मुताबिक बुधवार रात 08:45 बजे इंदौर में उतरा। उन्होंने बताया कि किर्गिस्तान के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे 145 विद्यार्थियों की इस विशेष उड़ान के जरिये स्वदेश वापसी हुई है। इनमें मध्यप्रदेश के अलावा पड़ोसी छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विद्यार्थी शामिल हैं। मालाकार ने बताया कि स्थानीय हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग के दौरान इनमें से किसी भी यात्री में कोविड-19 के लक्षण नहीं मिले हैं। हालांकि, सभी 145 यात्रियों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने मूल निवास स्थानों में अगले सात दिनों तक पृथक-वास केंद्रों में रहना होगा। इसके बाद उन्हें हफ्ते भर के लिये अपने घरों में अन्य सदस्यों से अलग रहना होगा। -
लंदन । ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कूटनीति में उनकी सेवाओं को सम्मानित करने के लिए विदेश कार्यालय द्वारा तैयार कराए गए उनके एक नए चित्र का डिजिटल तरीके से विमोचन किया। मिरिअम एस्कोफेट द्वारा बनाए गए इस चित्र को दुनिया भर में ब्रिटेन के हितों को बढ़ावा देने के महारानी के कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित करने के लिहाज से तैयार किया गया है। महारानी ने अपने कम्प्यूटर की स्क्रीन पर इस चित्र को देखा।
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नेपीता। म्यामां की नेता आंग सान सू ची नवंबर में होने वाला आम चुनाव लड़ेंगी। उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलटी) के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पार्टी प्रवक्ता जाउ मयिंत माउंग ने पार्टी की केंद्रीय कार्यकारणी समिति की बैठक के बाद ऐलान किया कि सू ची और राष्ट्रपति विन मयिंत आठ नवंबर को होने वाले चुनाव में उम्मीदवार होंगे। उन्होंने बताया कि सू ची इस बारे में बृहस्पतिवार को अपनी योजनाओं का विवरण देंगी। संविधान के एक प्रावधान का हवाला देते हुए सू ची को राष्ट्रपति बनने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह प्रावधान एक पूर्ववर्ती सैन्य सरकार के तहत लगाया गया था। उनकी पार्टी ने स्टेट काउंसलर का पद सृजित कर उन्हें कार्यकारी शक्तियां दी थी। उनके पास विदेश मंत्री का भी पद है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेजा सू ची ने 2015 में हुए पिछले आमचुनाव में अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी इस जीत से देश में पांच दशकों से चला रहा सैन्य शासन समाप्त हो गया था और लोकतंत्र के लिये उनका 25 साल का अहिंसक आंदोलन भी संपन्न हो गया। हालांकि, पश्चिमी प्रांत रखीन में मुस्लिम रोहिंग्या अल्पसंख्यकों पर सैन्य कार्रवाई खत्म करने में उनकी नाकामी की दुनिया भर में उनके प्रशंसकों ने निंदा की। लगभग साढे सात लाख रोहिंग्या पड़ोसी देश बांग्लादेश पलायन कर गये और हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने म्यामां के खिलाफ नरसंहार का मुकदमा चलाने की याचिका स्वीकार की। संविधान के तहत सेना के निरंतर प्रभाव ने बड़े सुधारों को लागू करने की उनकी सरकार की क्षमताओं को सीमित कर दिया। संविधान ने सशस्त्र बलों को संसद के निचले और उच्च सदन में एक चौथाई सीटें देकर इसमें कोई बदलाव करने के खिलाफ वीटो शक्तियां दे दी। संघीय चुनाव आयोग ने इस महीने की शुरूआत में घोषणा की थी कि आठ नवंबर को राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और प्रांतीय चुनाव कराये जाएंगे। सू ची ने 2015 में जो गठबंधन किये थे उसके इस साल के चुनाव में बने रहने की संभावना कम है।
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टोक्यो। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कहा कि मंगल के लिए रवाना किया गया उसका यान अमल सही काम कर रहा है। अमीरात मंगल अभियान के परियोजना निदेशक ओमरान शरफ ने मीडिया को बताया कि यान संकेत भेज रहा है। शरफ ने बताया कि उनका दल डेटा का निरीक्षण करेगा, लेकिन अभी तक सब ठीक प्रतीत हो रहा है। मंगल के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पहले अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण जापान से सोमवार को किया गया। यह अरब जगत का पहला अंतरग्रहीय अभियान है। यूएई के इस यान का नाम अमल या होप (उम्मीद) है, जिसे जापान के एच-2ए रॉकेट के जरिए दक्षिणी जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया गया। इसके साथ ही इस यान की मंगल तक की सात महीने की यात्रा आरंभ हो गई। इससे पहले इसे 15 जुलाई को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण प्रक्षेपण पांच दिन टाल दिया गया। खगोलविद फ्रेड वॉटसन ने कहा, यह बेहद खुशी की बात है कि सभी चीजें तय तरीके से हो रही हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सब ठीक है। अंतरिक्ष अन्वेषण के मामले में यह एक बहुत बड़ा कदम है कि यूएई जैसे राष्ट्र ने मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान भेजने जैसा बढ़ा कदम उठाया है। होप के फरवरी 2021 तक मंगल पर पहुंचने की उम्मीद है, जब यूएई अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस मंगलयान में ऊपरी वायुमंडल और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए तीन उपकरण हैं और इसके कम से कम दो साल तक मंगल के चक्कर लगाने की योजना है। यूएई ने कहा कि वह पहली बार अलग-अलग मौसम के दौरान मंगल ग्रह के वायुमंडल का पूरा दृश्य मुहैया कराएगा। -
टोक्यो। मंगल के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पहले अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण जापान से सोमवार को किया गया। यह अरब जगत का पहला अंतरग्रहीय अभियान है। यूएई के इस यान का नाम अमल या होप (उम्मीद) है, जिसे जापान के एच-2ए रॉकेट के जरिए सोमवार सुबह छह बजकर 58 मिनट पर दक्षिणी जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया गया। इसके साथ ही इस यान की मंगल तक की सात महीने की यात्रा आरंभ हो गई। इससे पहले इसे 15 जुलाई को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण प्रक्षेपण पांच दिन टाल दिया गया। इस मंगलयान को फरवरी 2021 तक मंगल पर पहुंचना है, जब यूएई अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाएगा।
- नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग देश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए कोविड-19 की वैक्सीन बनाने में सक्षम है। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-प्रमुख और न्यासी ने कहा कि भारत में कई बेहद महत्वपूर्ण चीजें हुई हैं और इसका दवा उद्योग कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहा है।कोविड-19- वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई नामक वृत्तचित्र में उन्होंने कहा कि भारत को अपनी विशाल आबादी और शहरी केंद्रों के कारण स्वास्थ्य संकट की एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इस वृत्तचित्र को डिस्कवरी प्लस चैनल पर गुरुवार शाम प्रसारित किया गया। भारत के दवा उद्योग की क्षमताओं के बारे में उन्होंने कहा, भारत में बहुत अधिक क्षमता है। यहां की दवा और वैक्सीन कंपनियां पूरी दुनिया के लिए विशाल आपूर्तिकर्ता हैं। आप जानते हैं, भारत में सबसे अधिक टीके बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां बायो ई, भारत बायोटेक, कई अन्य हैं, जो कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं उत्साहित हूं कि वहां का दवा उद्योग न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए (वैक्सीन का) उत्पादन कर सकेगा। हमें मौत के आंकड़ों को कम करने, और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इस बीमारी को खत्म करने की प्रतिरक्षा हमारे अंदर है। गेट्स ने कहा कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन भी सरकार की एक साझेदार है और विशेष रूप से जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।-
- वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि कोविड-19 संबंधी अमेरिका का जांच कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा है, जो कि रूस, चीन, भारत और ब्राजील जैसे बड़े देशों से बेहतर है।ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में बैठक में कहा, हमारा देश उन देशों में शामिल है, जहां मरने वालों की दर सबसे कम है। हालांकि अमेरिका में 34 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और 1 लाख 37 हजार से अधिक लोगों की इससे जान जा चुकी है। ये दोनों ही आंकड़ें अन्य देशों की तुलना में सबसे अधिक है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाने की वजह से इतने अधिक मामले हैं। उन्होंने कहा, हम बाकियों की तुलना में अधिक जांच करते हैं। जब आप जांच करते हैं तो मामले सामने आते हैं। मैं आपको बता सकता हूं कि कुछ देश किसी के अस्पताल या डॉक्टर के पास आने पर ही जांच करते हैं। वे इस तरह से जांच करते हैं, इसलिए उनके देश में मामले सामने नहीं आ रहे।उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, हम बेहतरीन काम कर रहे हैं। हम टीका बनाने को लेकर अच्छा काम कर रहे हैं....हम उपचार पद्धति को लेकर अच्छा काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें जल्द ही अच्छी खबर सुनने को मिलेगी राष्ट्रपति ने कहा, हम अभी तक निश्चित तौर पर अच्छा कर रहे हैं। हमारा जांच कार्यक्रम विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। अगर आप चीन, रूस या अन्य किसी देश, या भारत को ही देखेंगे... तो आप पाएंगे कि हम काफी बड़ी संख्या में जांच कर रहे हैं। ब्राजील से भी अधिक। आपको पता है कि ब्राजील एक बड़ी समस्या का सामना कर रहा है लेकिन वे भी हमारी तरह जांच नहीं कर रहा एक सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि दुनिया इस संक्रमण के लिए चीन को कभी माफ नहीं करेगी।
- वाशिंगटन। अमेरिकी आव्रजन प्राधिकार ने घोषणा की है कि उन विदेशी छात्रों को देश छोडऩा होगा या निर्वासित होने के खतरे का सामना करना होगा जिनके विश्वविद्यालय कोरोना वायरस की महामारी के चलते इस सेमेस्टर पूर्ण रूप से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करेंगे। इस कदम से सैकड़ों-हजारों भारतीय छात्र प्रभावित होंगे।आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने सोमवार को घोषणा की कि 2020 में पडऩे वाले सेमेस्टर में पूरी तरह से ऑनलाइन चलने वाले स्कूलों में पढऩे वाले छात्र पूर्ण ऑनलाइन पाठ्यक्रम का लाभ लेकर अमेरिका में नहीं रह सकते हैं। आईसीई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में सितंबर से दिसंबर के सेमेस्टर का संदर्भ देते हुए कहा गया, अमेरिकी विदेश मंत्रालय उन छात्रों के लिए वीजा जारी नहीं करेगा जिनके स्कूल या पाठ्यक्रम शरदऋतु के सेमेस्टर में पूरी तरह ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं और अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा इन छात्रों को अमेरिका में दाखिल होने की अनुमति भी नहीं देगी। एजेंसी ने अमेरिका में पढ़ रहे ऐसे छात्रों को उन स्कूलों में तबादला कराने का सुझाव दिया, जहां कक्षाएं परिसर में आमने-सामने आयोजित की जा रही हैं। अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले ये छात्र एफ-1 वीजा पर यहां आते हैं। वहीं अमेरिका में वोकेशनल या अन्य मान्यता प्राप्त गैर-शैक्षणिक संस्थानों में तकनीकी कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्र (भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम से इतर) एम -1 वीजा पर यहां आते हैं।अमेरिका में 2017 में चीन के सबसे अधिक 4 लाख 78 हजार 732 छात्रों के बाद 2 लाख 51 हजार 290 भारतीय छात्र थे। वहीं, वर्ष 2017 से 2018 के बीच अमेरिका पढऩे आए भारतीय छात्रों की संख्या में 4157 की बढ़ोतरी हुई।---
- बीजिंग। दक्षिण-पश्चिमी चीन के गूइझू प्रांत में एक बस फिसलकर सड़क के किनारे एक झील में गिर गई जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए।चीन की सरकारी मीडिया ने मंगलवार को यह रिपोर्ट दी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि दोपहर में बस रेलिंग को तोड़ते हुए होंग्शान झील में गिर गई। गुइझू प्रांत में आंशुन नगर सरकार ने एक बयान में कहा कि 15 लोगों को बचाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बस को भी झील से निकाला गया। लापता यात्रियों को खोजने के लिए प्रयास जारी है।----
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न्यूयार्क। भारतवंशियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस (एफआईए) ने अंकुर वैद्य को अपना नया चेयरमैन चुना है। वह यहां भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख नेता रमेश पटेल की जगह लेंगे जिनका पिछले महीने निधन हो गया। वैद्य (40) एफआईए से लंबे समय से जुड़े हैं और 2014 में इस संगठन के अध्यक्ष भी थे। वह बोर्ड के सबसे कम उम्र के सदस्य हैं और सबसे कम आयु में चेयरमैन चुने गये हैं।
- काठमांडू। पश्चिमी नेपाल में मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार को हुए भूस्खलन में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लापता हैं।पुलिस ने बताया कि भूस्खलन बाजहांग जिले के मल्लेसी गांव में अपराह्न करीब दो बजे हुआ। पुलिस ने बताया कि दो बच्चों सहित चार लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लापता हैं। कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नेपाल पुलिस और नेपाल की सेना राहत कार्यों में जुटी हुई है।
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ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (ईयू) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 14 देशों के यात्रियों के लिए अपनी सीमाओं को फिर से खोल रहा है। लेकिन अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण अधिकतर अमेरिकियों को कम से कम दो सप्ताह तक प्रवेश नहीं दिया जाएगा। रूस, ब्राजील और भारत जैसे अन्य कई बड़े देशों के यात्रियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
यूरोप की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के कारण काफी प्रभावित हुयी है। यूनान, इटली और स्पेन जैसे दक्षिणी यूरोपीय संघ के देश धूप पसंद करने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने तथा प्रभावित पर्यटन उद्योगों में जान डालने के लिए बेचैन हैं। एक अनुमान के तहत हर साल 1.5 करोड़ से अधिक अमेरिकी यूरोप की यात्रा करते हैं। यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों में जिन देशों के नागरिकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी उनमें अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जॉर्जिया, जापान, मोंटेनेग्रो, मोरक्को, न्यूजीलैंड, रवांडा, सर्बिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, ट्यूनीशिया और उरुग्वे शामिल हैं। यूरोपीय संघ के अनुसार इस सूची को हर 14 दिनों में अपडेट किया जाना है और इसमें नए देशों को जोड़ा जा सकता है या कुछ देशों को सूची से हटाया जा सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने यहां इस बीमारी पर काबू पा रहे हैं या नहीं। - बीजिंग/नई दिल्ली। भारत द्वारा देश की संप्रभुता और अखंडता को चोट पहुंचाने वाली गतिविधियों में लिप्त होने के कारण चीन से संबंध वाले 59 एप पर रोक लगाने के एक दिन बाद चीन ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि भारत सरकार पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के वैध और कानूनी अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी है।भारत ने सोमवार को 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें बेहद लोकप्रिय टिकटॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं। ये प्रतिबंध लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों के साथ मौजूदा तनावपूर्ण स्थितियों के बीच लगाए गए हैं। प्रतिबंधित सूची में वीचैट , बीगो लाइव ,हैलो, लाइकी, कैम स्कैनर, वीगो वीडियो, एमआई वीडियो कॉल - शाओमी, एमआई कम्युनिटी, क्लैश ऑफ किंग्स के साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफार्म क्लब फैक्टरी और शीइन शामिल हैं।चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत में चीनी एप पर रोक के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, चीन भारत द्वारा जारी नोटिस से अत्यधिक चिंतित हैं। हम स्थिति की जांच और पुष्टि कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि चीनी सरकार हमेशा अपने कारोबारियों से विदेश में अंतरराष्ट्रीय नियमों, स्थानीय कानूनों और विनियमनों का पालन करने के लिए कहती है। लिजियान ने कहा, भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि वह चीनी सहित सभी बाहरी निवेशकों के वैध और कानूनी अधिकारों की रक्षा करे।नई दिल्ली में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा, संबंधित एप के भारत में बड़ी संख्या में उपयोगकर्ता हैं और ये एप सख्ती से भारतीय कानूनों और नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं, और भारतीय उपभोक्ताओं, रचनाकारों और उद्यमियों को बेहतरीन और तेज सेवाएं प्रदान करते रहे हैं। जी रोंग ने कहा कि प्रतिबंधों से न केवल इन एप्स के स्थानीय भारतीय कामगारों के रोजगार पर असर पड़ेगा, बल्कि भारतीय उपयोगकर्ताओं के हितों और कई रचनाकारों तथा उद्यमियों के रोजगार और आजीविका भी प्रभावित होगी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन और भारत के बीच व्यावहारिक सहयोग में वास्तव में दोनों का फायदा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से नुकसान होगा और यह भारतीय पक्ष के हित में नहीं है।---------
- ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बूढ़ी गंगा नदी में 100 से अधिक लोगों को ले जा रही एक नौका एक बड़े जहाज से टक्कर लगने के कारण पलट गई, जिसमें कम से कम 32 लोगों की डूबने से मौत हो गई और कई लोग लापता हो गए।अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि दुर्घटना दोनों चालकों की लापरवाही की वजह से हुई। बचावकर्ताओं ने आशंका जतायी है कि घटना के समय नौका में कई यात्री फंसे रह गए होंगे। यह दुर्घटना पुराने ढाका के श्यामबाजार इलाके में सुबह करीब 9:30 बजे हुयी। प्राधिकरण के अधिकारी ने कहा, 32 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है।समाचार चैनलों के अनुसार मृतकों में पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। अधिकतर शवों की पहचान कर ली गयी है और उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। मॉर्निंग बर्ड नामक यह नौका मुंशीगंज से ढाका आ रही थी। इस दौरान वह सदरघाट टर्मिनल के पास लगभग एक हजार यात्रियों को ला रहे मयूर-2 जहाज से टक्कर लगने से पलट गई। नौसेना और तटरक्षक गोताखोर अग्निशमन सेवा के बचाव दल में शामिल हो गए हैं, जबकि बांग्लादेश अंतर्देशीय जल परिवहन प्राधिकरण के एक बचाव जहाज को डूब चुकी मॉर्निंग बर्ड नौका को निकालने के लिये तैनात कर दिया गया है। दुर्घटना के बाद, मयूर-2 का मालिक और अन्य कर्मचारी घटनास्थल से फरार हो गए हैं।एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मालिक सहित अन्य कर्मचारियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया है। इस बीच, अधिकारियों को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है जिसमें तेजी से आ रहे मयूर -2 को जीर्ण-शीर्ण मार्निंग बर्ड नौका को पीछे से टकराते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद नौका एक मिनट के अंदर ही डूब जाती है। जहाजरानी मंत्री खालिद महमूद चौधरी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से ऐसा प्रतीत होता है कि यह घटना सुनियोजित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह सुनियोजित नरसंहार का मामला भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और अगर जांच में यह बात आती है कि इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया तो हत्या से संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।---
- ढाका। बांग्लादेश सरकार ने घाटे और कम उत्पादन के कारण देश की सभी सरकारी जूट मिलों को बंद करने का फैसला किया है।वस्त्र और जूट मंत्री गुलाम दस्तगीर गाज़ी ने बताया कि सरकारी स्वामित्व वाले बांग्लादेश जूट मिल निगम को कामगारों का बकाया भुगतान करने के लिए पांच हजार करोड टका उपलब्ध कराए जायेंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निजी भागीदारी या संयुक्त उपक्रम मॉडल के तहत इन मिलों को पुन: चालू किया जाएगा।गुलाम दस्तगीर ने कहा कि घरेलू और वैश्विक मांग के अनुरूप जूट मिलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इन मिलों की मशीनें साठ से 70 वर्ष पुरानी हैं और उनकी उत्पादन क्षमता शून्य तक पहुंच गई है।--
- ढाका। बांग्लादेश में मौसम विभाग के अधिकारियों ने भारत से लगे देश के पश्चिमोत्तर और दक्षिण पूर्वी हिस्से में भारी बाढ़ का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। वहीं मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं जिससे लोगों के जानमाल और खेती की जमीन को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।भारत के मेघालय और असम में बीते दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण बांग्लादेश के कई इलाकों में काफी पानी पहुंचा है। बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और शनिवार को रात भर हुई बारिश के बाद हजारों लोगों के पहले ही विस्थापन की खबर है। बांग्लादेश के बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी केंद्र (एफएफडब्ल्यूसी) के एक प्रवक्ता ने बताया, भीषण बाढ़ का पूर्वानुमान है क्योंकि सभी प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है। कई नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं और नदियों के किनारे बसे गांव डूब गए हैं खासकर पश्चिमोत्तर और दक्षिणपूर्वी क्षेत्रों में।एफएफडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमोत्तर में ब्रह्मपुत्र और पूर्वोत्तर में मेघना डेल्टा की नदियों में पानी और आने की उम्मीद है क्योंकि ऊपरी इलाकों से काफी पानी आ रहा है और आने वाले हफ्तों में बारिश का भी पूर्वानुमान है। बांग्लादेश में मानसूनी बारिश शुरू हो चुकी है।
- बीजिंग। चीन में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इससे एक दिन पहले देश के रोग नियंत्रण केंद्र ने कहा कि उसे बीजिंग में जल्द ही महामारी पर काबू पाने की उम्मीद है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को कहा कि 24 घंटों में देशभर में 21 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें से 17 मामले देश की राजधानी में सामने आए हैं। शहर के अधिकारियों ने एक बड़े थोक खाद्य बाजार को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया जहां बड़े स्तर पर संक्रमण फैल गया था। उन्होंने स्कूलों को फिर से बंद कर दिया है तथा कुछ इलाकों में लॉकडाउन लगा दिया है।सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की एक खबर के हवाले से बताया कि जांच में ऐसे कुछ ही लोग संक्रमित पाए गए हैं जिनका बाजार से संबंध नहीं हैं तथा संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। चीन में इस वैश्विक महामारी के 83 हजार 483 मामले सामने आए हैं और 4 हजार 634 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। जो लोग संक्रमित पाए गए लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखे, उन्हें आधिकारिक संख्या में शामिल नहीं किया गया है। वहीं, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के 51 नए मामले सामने आए हैं। नए मामले घनी आबादी वाले सियोल इलाके से सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमित लोगों की संख्या 12 हजार 653 तक पहुंच गई है जिनमें से 282 लोगों की मौत हो चुकी है। सियोल और आसपास के शहरों से 35 नए मामले सामने आए हैं जो मई के बाद से कोविड-19 के फिर से फैलने का केंद्र रहे हैं। इसके साथ ही 12 अन्य मामले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से जुड़े हैं।स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। संक्रमण के सैकड़ों मामले गिरजाघर की सभाओं, रेस्तरां, नाइटक्लबों और कम आय वर्ग के लोगों से जुड़े हैं जैसे कि घर-घर जाकर सामान बेचने वाले लोग। ऑस्ट्रेलिया में स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड-19 के और मामले आने की आशंका है। विदेश से लौट रहे सैकड़ों नागरिकों ने अनिवार्य रूप से पृथक रहना शुरू कर दिया है। इस सप्ताहांत भारत से एडीलेड में करीब 300 लोगों के आने की उम्मीद है जबकि सैकड़ों लोगों के दक्षिण अमेरिका और इंडोनेशिया से आने की उम्मीद है।
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने शुक्रवार को सभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स महंगे कर दिए। पेट्रोल के दाम 25.58 रुपए प्रति लीटर (पाकिस्तान करंसी में) बढ़ाए गए हैं। अब यह 100.10 रुपए प्रति लीटर हो गया है। डीजल 21 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। अब यह 101.46 रुपए प्रति लीटर हो गया है। केरोसिन ऑयल भी 24 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। नए भाव सामने आने के बाद देश के कई शहरों में पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए। जियो न्यूज के मुताबिक ज्यादातर पेट्रोल पंप पर टेक्निकल फॉल्ट के बोर्ड लटका दिए गए। वहीं, कुछ बिना किसी सूचना के बंद कर दिए गए। विपक्ष ने पेट्रो प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने का विरोध किया है। सरकार के इस कदम का विपक्ष ने विरोध किया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी यानी पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि यह कैसा फैसला है। सरकार की नाकामी से मुल्क दिवालिया होने के कगार पर है। इसका मतलब यह नहीं कि वो खजाना भरने के लिए गरीबों को लूटे। सिलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर मनमानी न करें तो बेहतर होगा। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के सांसद आसिफ किरमानी ने कहा कि यह पेट्रोल बम है। दुनिया के दूसरे मुल्क गरीबी खत्म करने पर फोकस कर रहे हैं। हमारी सरकार गरीबों को खत्म करने पर आमादा है।



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