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नई दिल्ली। भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने अगले छह महीने में मोबाइल सेवा शुल्क बढऩे के संकेत दिए हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि कम कीमत पर इंटरनेट उपलब्ध कराना दूरसंचार उद्योग के लिए लम्बे समय तक व्यवहारिक नहीं है। मित्तल ने कहा कि 160 रुपये माह पर 16 जीबी इंटरनेट डाटा इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने इतनी सस्ती दर को एक त्रासदी बताया। वह भारती एंटरप्राइजेज के कार्यकारी अखिल गुप्ता की एक किताब के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, इतनी कीमत में या तो आप 1.6 जीबी इंटरनेट क्षमता का उपभोग करें नहीं तो और अधिक लागत उठाने को तैयार रहें। हम नहीं चाहते कि आपको अमेरिका या यूरोप की तरह 50 से 60 डॉलर रुपये खर्च करने पड़ें, लेकिन एक महीने में दो डॉलर में 16 जीबी इंटरनेट कहीं से भी उद्योग के लिए व्यवहारिक नहीं है। मित्तल ने कहा कि डिजिटल सामग्री के उपभोग पर अगले छह महीने में प्रति उपयोक्ता औसत आय (एआरपीयू) 200 रुपए पार कर जाने का अनुमान है। एआरपीयू दूरंचार कंपनियों को प्रति उपयोक्ता होने वाली आय को दिखाता है। उन्होंने कहा, हमें 300 रुपये एआरपीयू की जरूरत है, इस व्यवस्था में भी आपके पास हर महीने 100 रुपए में एक उचित मात्रा में इंटरनेट होगा। लेकिन यदि आपका ज्यादातर वक्त टीवी, फिल्म, इंटरटेनमेंट और अन्य वस्तुओं के उपभोग पर खर्च होता है तो आपको अधिक भुगतान करना होगा। एयरटेल के तिमाही परिणामों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका एआरपीयू बढ़कर 157 रुपये हो गया है। कंपनी के एआरपीयू में बढ़ोत्तरी पिछले साल दिसंबर में मोबाइल प्लान की कीमतें बढ़ाए जाने के बाद दर्ज की गयी। मित्तल ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने मुश्किल वक्त में देश की सेवा की। अब उद्योग को 5जी, ऑप्टिकल फाइबर केबल और समुद्री केबल पर निवेश करना है। उन्होंने कहा कि जो उद्योग दूरसंचार क्षेत्र में नहीं है उन्हें भी डिजिटल होने की जरूरत है। ऐसे में अगले पांच से छह महीने में एआरपीयू बढऩा चाहिए, ताकि दूरंसंचार उद्योग व्यवहारिक बना रहे। अब इस क्षेत्र में दो-तीन कंपनियां ही बची हैं। भारत कीमतों को लेकर संवेदनशील बाजार है। अगले छह महीने में हम 200 रुपये एआरपीयू के स्तर को निश्चित तौर पर पार कर लेंगे और शायद आदर्श स्थिति 250 रुपए एआरपीयू रहेगी।
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नई दिल्ली। यतिंदर प्रसाद को सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया के निदेशक मंडल में शामिल किया गया है। प्रसाद कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार हैं। कोल इंडिया ने इस संबंध में सोमवार को शेयर बाजार को सूचना दी। प्रसाद 1993 बैच के भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा अधिकारी हैं। उन्हें कंपनी के निदेशक मंडल में सरकार के नामिती के तौर पर शामिल किया गया है। उनका कार्यकाल 24 अगस्त 2020 से प्रभावी है। - नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि 40 लाख रुपए तक के सालाना सकल कारोबार को जीएसटी से छूट है। शुरू में यह सीमा 20 लाख रुपए थी। वित्त मंत्रालय के सोमवार को ट्वीट में कहा गया है कि इसके अतिरिक्त डेढ़ करोड़ रुपए तक के सकल सालाना कारोबार पर संयोजन योजना का विकल्प चुना जा सकता है। इस योजना के तहत केवल एक प्रतिशत कर देना पड़ता है।वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वस्तु और सेवा कर- जीएसटी लागू होने के बाद ज्यादातर वस्तुओं पर कर की दर कम हो गई। अब 28 प्रतिशत जीएसटी केवल विलासिता की वस्तुओं पर ही लगता है। 28 प्रतिशत की कर श्रेणी की कुल दो सौ तीस वस्तुओं में से करीब दो सौ वस्तुओं को कम दर वाली श्रेणी में लाया गया है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निर्माण क्षेत्र विशेष रूप से आवास क्षेत्र को अत्यधिक राहत देकर पांच प्रतिशत कर की श्रेणी में रखा गया है। किफायती आवास पर कर की दर घटाकर एक प्रतिशत की गई है। जीएसटी लागू होने के बाद से करदाताओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। शुरू में जीएसटी रिटर्न भरने वालों की संख्या 65 लाख थी जो अब एक करोड़ 24 लाख से अधिक हो गई है।वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी में सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह स्वचालित हैं और अब तक पचास करोड़ रिटर्न ऑनलाइन भरी गई हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक एक अरब 31 करोड़ ई-वे बिल सृजित किए गए हैं जिनमें से करीब चालीस प्रतिशत वस्तुओं के अंतर-राज्य परिवहन के लिए हैं। ई-वे बिल की संख्या स्थिर रूप से बढ़ रही है। इस वर्ष 29 फरवरी को एक दिन में सबसे अधिक 25 लाख से ज्यादा बिल बनाए गए।---
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नयी दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी हैपीएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिये सेबी से मंजूरी मिल गयी है। हैपीएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज की विवरण पुस्तिका के अनुसार कंपनी इस आईपीओ के तहत कुल 110 करोड़ रुपये के शेयर जारी करेगी। बिक्री के लिये 3.56 करोड़ इक्विटी शेयर की पेशकश की जाएगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अद्यतन जानकारी के अनुसार कंपनी ने जून में नियामक के पास आईपीओ के लिये विवरण पुस्तिका जमा किया था। उसे इस बारे में सेबी से 21 अगस्त को मंजूरी मिली। कंपनी के प्रवर्तक अशोक सूता और सीएमडीबी-2 बिक्री पेशकश के जरिये शेयरों को बिक्री के लिये रखेंगे। सूता माइंडट्री लि. के भी संस्थापक चेयरमैन और प्रबंध निदेशक थे। इससे पहले, वह विप्रो लि. के उपाध्यक्ष थे। बेंगलुरू की आईटी कंपनी ने आईपीओ के जरिये जुटायी गयी राशि का उपयोग दीर्घकालीन कार्यशील पूंजी जरूरतों और कंपनी के अन्य कार्यों में करने का प्रस्ताव किया है।
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नयी दिल्ली। दवा कंपनी शिल्पा मेडिकेयर ने सोमवार को पीने के लिए तैयार ग्रीन टी फिल्म पेश की। इसी के साथ कंपनी ने ‘ओवर द काउंटर' श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की। ओवर द काउंटर (ओटीसी) श्रेणी से आशय ऐसे औषधीय उत्पादों से होता है जिसके लिए डॉक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं होती। जैसे च्यवनप्राश, सिरदर्द या जुकाम इत्यादि की दवा। शिल्पा मेडिकेयर ने एक बयान में कहा कि ग्रीन टी फिल्म को संबंधित बाजार में काफी शोध के बाद विकसित किया गया है। वर्ष 2021 के अंत तक दुनियाभर में ग्रीन टी का बाजार 351.5 करोड़ डॉलर का होने का अनुमान है। बयान के मुताबिक कंपनी की ग्रीन टी फिल्म पूरी तरह से पानी घुल जाती है। इससे ग्रीन टी बैग के तौर पर बचने वाले कचरे से निजात मिलती है। साथ ही फिल्म के पानी में घुलने से ग्रीन टी के पोषक तत्वों, महक, सुगंधित तेल और स्वाद इत्यादि का नुकसान नहीं होता। कंपनी के प्रबंध निदेशक विष्णुकांत चतुर्भुज भुटड़ा ने कहा कि देशभर में शिल्पा ग्रीन टी फिल्म की पेशकश के साथ ही कंपनी ओटीसी श्रेणी में प्रवेश कर रही है। - नई दिल्ली। देश की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण में पिछले सप्ताह 67,622.08 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इसमें सर्वाधिक लाभ में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक रहे।टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल), एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी लाभ में रहीं जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लि., इन्फोसिस और भारती एयरटेल के बाजार मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गयी।एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) पिछले सप्ताह 28,183.55 करोड़ रुपये उछलकर 5,97,051.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।वहीं आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्यांकन 21,839.67 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 2,55,929.73 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचयूएल का एमकैप 6,848.94 करोड़ रुपये बढ़कर 5,17,641.12 करोड़ रुपये रहा।इसी तरह, कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार पूंजीकरण 6,241.25 करोड़ रुपये बढ़कर 2,65,097.18 करोड़ रुपये पहुंच गया जबकि एचडीएफसी का बाजार मूल्यांकन 1,858.87 करोड़ रुपये मजबूत होकर 3,22,872.98 करोड़ रुपये रहा।साफ्टवेयर कंपनी टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 2,157.62 करोड़ रुपये बढ़कर 8,43,611.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं आईटीसी का एमकैप 492.18 करोड़ रुपये मजबूत होकर 2,42,280.13 करोड़ रुपये रहा।इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 20,507.97 करोड़ रुपये घटकर 13,19,705.53 करोड़ रुपये पर आ गया।भारतीय एयरटेल का एमकैप 4,855.45 करोड़ रुपये घटकर 2,83,688.98 करोड़ रुपये तथा इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 1,972.11 करोड़ रुपये कम होकर 4,04,151.80 करोड़ रुपये पर आ गये। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स में पिछले सप्ताह 557.38 अंक यानी 1.47 प्रतिशत की तेजी रही।---
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नई दिल्ली। किसानों की खेती-बाड़ी से जुड़ी कठिनाईयों को सुलझाने के उपाय सुझाने और उन्हें उपयोगी जानकारियां मुहैया कराने के लिए दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ सैम पित्रोदा ने किसानों नाम से एक सूचना पोर्टल शुरू किया है। पित्रोदा ने कहा कि इस पोर्टल का काम किसानों को खेती के कामकाज और उसमें आने वाली कठिनाइयों से निपटने के उपायों की सूचनाएं उपलब्ध कराना है। पित्रोदा संप्रग सरकार के समय गठित राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष थे।
पोर्टल के संयोजक कृष्ण कांत ने रविवार को बताया कि भारत में दूरसंचार एवं सूचना क्रांति के जनक माने जाने वाले पित्रोदा किसानों पोर्टल में संस्थापक के रूप में जुड़े हैं। वह शिकागो (अमेरिका) से वीडयों कांफ्रेंसिंग ऐप जूम मीटिंग के माध्यम से उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए। कृष्ण कान्त ने इस पहल का मकसद किसानों को अच्छी गुणवत्ता की खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि यंत्र बाजार से कुछ सस्ते दामों पर हासिल करने में मदद करना तथा फसल के लिए ऋण और बीमा में आने वाली कठिनाइयां का समाधान प्रस्तुत करना है।उन्हें फसल को अच्छे से अच्छे दाम पर बेचने के रास्ते बताए जा सकते हैं और अच्छी पैदावार के लिए विशेषज्ञों की सही सलाह उपलब्ध कराई जा सकती है। पित्रोदा ने कहा कि सारी जानकारी किसानों को उनके मोबाइल फोन पर दी जाएगी। -
नई दिल्ली। वित्तीय समावेश को लेकर सरकारी नीतियों तथा व्यापारियों के बीच बढ़ते डिजिटलीकरण के दम पर 2025 तक भारत में डिजिटल भुगतान बाजार के तीन गुना बढ़कर 7,092 हजार अरब रुपए पर पहुंच जाने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है। रेडसीर कंसल्टिंग ने एक रिपोर्ट में कहा कि 2019-20 में देश का डिजिटल भुगतान बाजार करीब 2,162 हजार अरब रुपये का रहा। उसने कहा, इस समय 16 करोड़ मोबाइल भुगतान उपयोक्ता हैं। इनकी संख्या 2025 तक पांच गुना होकर करीब 80 करोड़ पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसे मांग व आपूर्ति पक्ष के विविध कारकों से बढ़ावा मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल भुगतान वित्त वर्ष 2025 तक 7,092 हजार अरब रुपये के कुल डिजिटल भुगतान का लगभग 3.5 प्रतिशत होगा, जो अभी एक प्रतिशत है। अभी मोबाइल भुगतान का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 16 करोड़ है, जिनके इस अवधि में बढ़कर करीब 80 करोड़ हो जाने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, वॉलेट उपयोगकर्ता आधार और भुगतान की आवृत्ति दोनों में निरंतर वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। वर्ष 2025 तक वॉलेट की पैठ बढ़ने की उम्मीद है और कम आय छोटे लेन-देन को बढ़ावा देगी।
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नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय जो व्यवसाय आधार संख्या देंगे, उन्हें तीन कार्य दिवसों में इसकी मंजूरी मिल जाएगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने पिछले हफ्ते जीएसटी पंजीकरण के लिए आधार प्रमाणीकरण को अधिसूचित किया था, जो 21 अगस्त 2020 से लागू है। अधिसूचना के मुताबिक यदि व्यवसाय आधार संख्या नहीं देते हैं तो उनके भौतिक सत्यापन के बाद ही उन्हें जीएसटी पंजीकरण दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि 14 मार्च 2020 को आयोजित जीएसटी परिषद की 39वीं बैठक में नए करदाताओं के लिए आधार प्रमाणीकरण के आधार पर जीएसटी पंजीकरण देने को मंजूरी दी थी।
- नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड- सी बी आई सी ने जीएसटी से संबंधित अपीलों को जल्दी निपटाने के लिए ऐसे मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने पर जोर दिया है।प्रधान मुख्य आयुक्तों को इस संबंध में लिखे पत्र में सी बी आई सी ने कहा है कि इस बारे में मिले फीडबैक से यह संकेत मिला है कि इससे मामलों को जल्दी निपटाने में काफी मदद मिलेगी। सी बी आई सी ने आयुक्त (अपील) तथा विभिन्न प्राधिकारियों, द्वारा सीजीएसटी और आईजीएसटी से संबंधित मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड से किया जाना अनिवार्य बनाने का फैसला किया है। बोर्ड का कहना है कि इस पहल से सभी हितधारकों जैसे जीएसटी के तहत आने वाले आपूर्तिकर्ताओं, आयातकों, निर्यातकों, अधिवक्ताओं, आयकर पेशेवरों और प्राधिकृत प्रतिनिधियों को सुविधा होगी।सी बी आई सी ने जीएसटी अपीलों की वर्चुअल सुनवाई के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि ऐसी कोई भी सुनवाई करने के पहले अधिकृत प्राधिकरण को अनिवार्य रूप से यह बताना होगा कि सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। ऐसी सुनवाई उपलब्ध ऐप या सुरक्षित कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से की जाएगी।
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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कोविड-19 महामारी के बावजूद धान और अन्य फसलों की रिकॉर्ड बुवाई करने के लिए किसानों की शनिवार को सराहना की। नायडू ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, खेती हमारी मूल संस्कृति है और हमारी अर्थव्यवस्था का एक मुख्य आधार है। हमें इसे बचाने और बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक धान का कुल रकबा 378 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 339 लाख हेक्टेयर से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि दलहनों की बुवाई का रकबा भी 6.8 प्रतिशत बढ़कर 132.5 लाख हेक्टेयर हो गया है। सभी तीन प्रमुख दलहनों - अरहर, उड़द और मूंग के लिए पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार खेती के अधिक रकबा होने की सूचना है। उन्होंने कहा, अच्छी बारिश की बदौलत, खरीफ की बुवाई पिछले साल के इसी सप्ताह की तुलना में 8.6 फीसदी बढ़ी है। उन्होंने इस वर्ष भारतीय कृषि क्षेत्र द्वारा की गई कुछ अन्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले साल के मुकाबले तिलहन फसलों की बुवाई में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में सोयाबीन और मूंगफली खेती के रकबे में भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कपास की फसल 127.7 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा, किसानों के प्रति आभारी होना चाहिए, जो लाखों लोगों को खिलाने के लिए विपरीत स्थितियों के बावजूद दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अन्नदाता सुखी भव:।
- -एक जून 2021 से कीमती धातुओं के लिए हॉलमार्किंग की प्रक्रिया अनिवार्य होगीनई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को ज्वैलर्स के लिए पंजीकरण और नवीकरण की ऑनलाइन प्रणाली और जांच-परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की मान्यता और नवीकरण के लिए ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत की।इस ऑनलाइन प्रणाली तक भारतीय मानक ब्यूरो के वेब पोर्टल www.manakonline.in के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत करते हुए श्री पासवान ने कहा कि पंजीकरण के लिए प्राप्त प्रस्तावों की बड़ी संख्या को मैन्युअल रूप से संभालना बहुत मुश्किल था, इसलिए ये ऑनलाइन माध्यम उन ज्वैलर्स और उद्यमियों दोनों के लिए कारोबार में सुविधा लेकर आएंगे जिन्होंने परख-जांच और हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित किए हैं या ऐसा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 1 जून 2021 से कीमती धातुओं के लिए हॉलमार्किंग की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।श्री पासवान ने मीडिया को इस योजना के संदर्भ में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रणाली के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आवेदनों को आगे बढ़ाने के लिए कोई मानवीय चेहरा शामिल नहीं होगा। अब ज्वैलर्स इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करके आवश्यक दस्तावेज और फीस जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस समय कोई भी ज्वैलर्स अपेक्षित शुल्क के साथ आवेदन जमा करता है, उसे पंजीकरण की अनुमति प्रदान कर दी जाएगी। एक ई-मेल और एसएमएस अलर्ट उसके पास चला जाएगा, जो कि पंजीकरण संख्या को सूचित करेगा, और फिर वे पंजीकरण संख्या का उपयोग करके पंजीकरण का प्रमाण पत्र डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।श्री पासवान ने कहा कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से, पंजीकरण के लिए आने वाले ज्वैलर्स की संख्या वर्तमान में 31 हजार से बढ़कर 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। श्री पासवान ने कहा कि हॉलमार्क कराने के लिए आभूषण और कलाकृतियां की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि यह संख्या 5 करोड़ के मौजूदा स्तर से बढ़कर 10 करोड़ भी हो सकती है। इसके माध्यम से जांच-परख एवं हॉलमार्किंग केंद्रों (एएंडएच) की संख्या में भी वृद्धि करने की आवश्यकता होगी। वर्तमान समय में, देश के 234 जिलों में 921 केंद्र स्थापित हैं। उन्होंने बताया कि बीआईएस जून, 2021 तक शेष 480 जिलों में भी एएंडएच केंद्रों की शुरुआत करने की दिशा में काम कर रहा है। श्री पासवान ने बताया कि अब केवल तीन श्रेणियों के लिए ही बीआईएस हॉलमार्क जारी किए जायेंगे। वे 14 कैरेट (14के585), 18 कैरेट (18के750) और 22 कैरेट (22के916) केवल एएंडएच सेंटर के पहचान चिन्ह/नंबर और ज्वैलर्स पहचान चिन्ह/नंबर के साथ उपलब्ध होंगे।
- - इसका उद्देश्य कोविड-19 प्रसार के संदर्भ में डिस्कॉम कंपनियों पर वित्तीय बोझ को कम करना हैनई दिल्ली।. विद्युत प्रणाली में वित्तीय बोझ को कम करने के लिए, सभी उत्पादक कंपनियों और पारेषण कंपनियों को विद्युत मंत्रालय द्वारा यह सलाह दी गई है कि आत्मनिर्भर भारत के तहत पीएफसी और आरईसी के तरलता आसव योजना के तहत सभी भुगतानों के लिए प्रति वर्ष 12 प्रतिशत (साधारण ब्याज) से अधिक दर से विलंब शुल्क अधिभार न लिया जाए। इस तरीके से डिस्कॉम कंपनियों का वित्तीय बोझ कम हो जाएगा।सामान्य तौर पर, विलंब शुल्क अधिभार की लागू दर इस तथ्य के बावजूद काफी अधिक है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में ब्याज दरें कम हुई हैं। कई मामलों में एलपीएस की दर प्रति वर्ष 18 प्रतिशत के आस-पास तक है और कोविड-19 महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के इस कठिन दौर में डिस्कॉम कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।कोविड-19 महामारी ने विद्युत क्षेत्र के सभी हितधारकों विशेषकर वितरण कंपनियों की तरलता स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। सरकार द्वारा प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए कई उपाय किए गए हैं, जिनमें क्षमता शुल्क पर छूट, शक्ति निर्धारण के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट का प्रावधान, तरलता आसव योजना आदि शामिल हैं। इनमें से एक उपाय विलंब शुल्क अधिभार से भी संबंधित है, जो वितरण कंपनियों द्वारा विलंबित भुगतान के मामले में उत्पादक कंपनियों तथा प्रसारण कंपनियों पर विद्युत की खरीद/प्रसारण के लिए 30 जून 2020 तक लगाया गया है। इससे इस मुश्किल समय के बावजूद विद्युत कंपनियों को सुचारु रूप से बिजली की आपूर्ति और शुल्क को बनाए रखने में उपभोक्ताओं की मदद करेगा।----
- नई दिल्ली। खादी और ग्रामोद्योग आयोग-केवीआईसी ने खादी एसेंशियल्स और खादी ग्लोबल को कानूनी समन जारी किया है। इसने कहा है कि ये दोनों कम्पनियां खादी ब्रांड के नाम का अनाधिकृत और धोखे से उपयोग कर रही हैं। केवीआईसी ने कहा कि दोनों कम्पनियां विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के माध्यम से कॉस्मेटिक और सौंदर्य उत्पादों की बिक्री कर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही हैं।इस महीने की शुरुआत में केवीआईसी ने दोनों कम्पनियों को ब्रांड खादी का उपयोग करके उत्पादों की बिक्री या प्रचार करने पर रोक लगाने को कहा है। दोनों कम्पनियों से कहा गया है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट को बंद कर दें।
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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि-उपज विपणन व्यवस्था में हाल के कानूनी सुधारों के बाद भी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विभिन्न फसलों की खरीद जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कृषि विपणन सुधार किसानों के कल्याण के लिए किए गए हैं। उन्होंने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हाल में शुरू कए गए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि संरचना कोष का लाभ छोटे और सीमान्त किसानों को मिल सके। एक आधिकारिक बयान के अनुसार तोमर ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ हालिया कृषि विपणन सुधारों पर बैठक की। साथ ही इस बैठक में कृषि संरचना कोष पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा बिहार, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के कृषि मंत्री शामिल हुए। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरषोत्तम रूपाला और कैलाश चौधरी ने भी बैठक में हिस्सा लिया। तोमर ने इस बात पर जोर दिया कि संरचना कोष का पूरा लाभ छोटे और मझोले किसानों तक पहुंचना चाहिए। देश में कुल किसानों में छोटे और मझाले किसानों की संख्या 85 प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार जो नया अध्यादेश लेकर आई है वह पूरी तरह किसानों के कल्याण के लिए है और एमएसपी के मुद्दे पर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से पहले की तरह एमएसपी पर फसलों की खरीद जारी रहेगी। -
नई दिल्ली। मानसून की सामान्य से अच्छी पगति से वर्तमान सत्र में अभी तक खरीफ की फसलों की बुवाई का रकबा एक साल पहले इसी अवधि से नौ प्रतिशत बढ़कर 1,062.93 लाख हैक्टेयर हो गया है। कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इक्कीस अगस्त की स्थिति के अनुसार, कुल 1,062.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों को बोया गया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह रकबा 979.15 लाख हेक्टेयर था। एक सरकारी बयान में कहा गया, आज की तारीख तक खरीफ फसलों की बुवाई के रकबे में वृद्धि पर कोविड-19 का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।'' धान बुवाई का रकबा पिछले साल के 338.65 लाख हेक्टेयर से 12 प्रतिशत बढ़कर 378.32 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। दलहन बुवाई का रकबा पिछले साल के 124.15 लाख हेक्टेयर के मुकाबले सात प्रतिशत बढ़कर 132.56 लाख हेक्टेयर हो गया है। मोटे अनाज का रकबा पहले के 166.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 174.06 लाख हेक्टेयर ,तिलहन 167.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से बढ़कर 191.14 लाख हेक्टेयर है। गन्ने की बुवाई का रकबा मामूली वृद्धि के साथ 52.19 लाख हेक्टेयर हो गया जो पिछले साल इस समय तक 51.62 लाख हेक्टेयर था। कपास की बुवाई का रकबा 3.36 प्रतिशत बढ़कर 127.69 लाख हेक्टेयर हो गया जो 123.54 लाख हेक्टेयर था। जूट और मेस्टा की बुवाई का रकबा भी अभी तक मामूली वृद्धि के साथ 6.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र हो गया जो साल भर पहले 6.86 लाख हेक्टेयर था। बयान में कहा गया है कि 20 अगस्त की स्थिति के अनुसार देश में 663 मिमी बारिश हुई है जो 628.3 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले छह प्रतिशत अधिक है। -
नयी दिल्ली। किआ मोटर्स इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि उसे अपनी नयी कॉम्पैक्ट एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) सोनेट के लिये पहले दिन 6,523 बुकिंग मिली हैं। किआ मोटर्स इंडिया ने एक बयान में कहा कि इस मॉडल को पहले दिन रिकॉर्ड 6,523 बुकिंग के साथ जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उसने कहा कि संभावित ग्राहक 25 हजार रुपये की शुरुआती बुकिंग राशि देकर कार की ऑनलाइन और कंपनी के बिक्री नेटवर्क के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। कंपनी ने बुधवार आधी रात से सोनेट की बुकिंग शुरू की है।किआ मोटर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कूख्युन शिम ने कहा, नये सोनेट के लिये जबरदस्त प्रतिक्रिया यह साबित करती है कि एक अच्छा उत्पाद पेश करने के लिये कभी भी बुरा समय नहीं होता है। इससे यह भी पता चलता है कि ब्रांड किआ में भारतीय उपभोक्ताओं का विश्वास यहां हमारे परिचालन के सिर्फ एक साल में ही काफी बढ़ गया है। सोनेट अगले महीने से बाजार में उपलब्ध होगी। इस मॉडल की प्रतिस्पर्धा मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा, हुंदै की वेन्यू और टाटा की नेक्सन से होगी।
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नयी दिल्ली। उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि एक सितंबर से आयातित खिलौने की अनिवार्य गुणवत्ता जांच के बाद ही भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सरकार चीन सहित, अन्य देशों से स्तरहीन और गैर-आवश्यक वस्तुओं के आयात की खेप की जांच करने के लिए स्टील, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और विद्युत मशीनरी से लेकर फर्नीचर तक 371 टैरिफ लाइनों के लिए गुणवत्ता मानकों को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया में है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सरकार की वह प्रमुख एजेंसी है जो संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय में गुणवत्ता मानकों को तैयार करती है। पासवान ने संवाददाताओं से कहा, खिलौने के लिए अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण मानक (क्यूसीएस) एक सितंबर से लागू किया जाएगा। आयात की खेप से नमूना लेने और गुणवत्ता जांच करने के लिए प्रमुख बंदरगाहों पर बीआईएस के कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि खिलौनों के अलावा, स्टील, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और भारी मशीनरी के साथ साथ पैकेज्ड वॉटर और मिल्क प्रोडक्ट जैसे खाद्य पदार्थ के लिए क्यूसीएस बनने की प्रक्रिया में हैं। बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी के अनुसार, प्रत्येक उत्पाद के लिए क्यूसीएस का कार्यान्वयन संबंधित मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। उदाहरण के लिए, सोने के लिये अनिवार्य मानक जून 2021 से लागू होगा। उन्होंने कहा कि अब तक देश में 268 मानक अनिवार्य हैं और कई पाइपलाइन में हैं।
- -श्री अग्रवाल ने वेदांता समूह के सात आधारभूत स्तंभ सस्टेनिबिलिटी, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण, कर्मचारी, मूल्य, नैतिकता एवं गवर्नेस, डिजिटलाइजेशन, नवाचार, तकनीक व श्रेष्ठता, गुणवत्ता का विशेष उल्लेख कियाबालकोनगर। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान वेदांता समूह के प्रचालन का मुख्य ध्येय है। सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्य शैली के जरिए हम अपने संगठन को उत्कृष्टता की बुलंदियों पर ले जाएं। हम अपने संगठन का ऐसा ढांचा तैयार करें जिससे देश, राज्य, समूह के कर्मचारी और संबद्ध समुदाय लाभान्वित हों। वेदांता समूह की उत्तरोत्तर प्रगति में इसके व्यवसाय के साझेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन श्री नवीन अग्रवाल ने आज ये उद्गार वेबीनार के माध्यम से आयोजित टाउनहॉल में व्यक्त किए। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति सहित वेदांता समूह के अनेक अधिकारियों ने टाउनहॉल में भागीदारी कर अपने विचार रखे।श्री अग्रवाल ने वेदांता समूह के सात आधारभूत स्तंभ सस्टेनिबिलिटी, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण, कर्मचारी, मूल्य, नैतिकता एवं गवर्नेस, डिजिटलाइजेशन, नवाचार, तकनीक व श्रेष्ठता, गुणवत्ता के साथ ही अन्य आवश्यक स्तंभों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, उनके परिवारजनों तथा परिसंपत्तियों की सुरक्षा, गुणवत्ता, उत्पादकता में वृद्धि के लिए बेहतरीन गृह सज्जा, एसेट ऑप्टिमाइजेशन, निर्णय लेने की प्रक्रिया और नवाचार संगठन की निरंतर प्रगति की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बालको टीम को प्रोत्साहित करते हुए उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन से भविष्य में सस्टेनिबिलिटी के क्षेत्र में चेयरमैन पुरस्कार प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।श्री अग्रवाल ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान की दृष्टि से वेदांता समूह की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि देश खनिज एवं प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में दुनिया के अनेक देशों की तुलना में काफी आगे है। इसके बावजूद भारत विभिन्न संसाधनों का आयात करता है। वेदांता समूह अपने वैविध्यीकृत प्रचालन से देश के अन्य उद्योगों के लिए श्रृंखला के निर्माण में योगदान कर रहा है। जिन कमोडिटी का उत्पादन वेदांता समूह करता है , उनका उपयोग अन्य उद्योग कई तरह के वस्तुओं के निर्माण के लिए करते हैं। देश में रोजगार के अवसर बड़े पैमाने पर सृजित करने के लिए इस श्रृंखला को मजबूत बनाने की जरूरत है। दुनियाभर में वेदांता समूह के प्रचालन से 80 हजार नागरिक सीधे तौर पर जुड़े हैं जबकि लगभग 10 लाख नागरिकों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है। समूह देश के राजस्व में लगभग 42 हजार करोड़ रुपए का योगदान करता है। श्री अग्रवाल ने बताया कि वेदांता समूह में कार्यरत युवा कर्मचारियों के नए विचारों से उन्हें प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे जीवन का विशिष्ट उद्देश्य है। वृहद रूप से समाज और राष्ट्र की प्रगति की दिशा में हम अपने उद्देश्यों को आकार दें।कोविड-19 के दौर में बालको प्रबंधन की ओर से उठाए गए कदमों की श्री अग्रवाल ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि टाउनशिप और संयंत्र परिसर का पूर्णत: सुरक्षित बने रहना इस बात द्योतक है कि बालको परिवार के सदस्य इस महामारी से निपटने के लिए पूरी तरह से एकजुट हैं और पूर्ण कटिबद्धता से कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं।श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको अपने केंद्रीय मूल्यों विश्वास, सत्यनिष्ठा, श्रेष्ठता, उद्यमिता, संरक्षण, सम्मान और नवसृजन के प्रति दृढसंकल्प है। एल्यूमिनियम और ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में हम बालको को श्रेष्ठ कंपनी के तौर पर स्थापित करेंगे। हमारी कार्य शैली से बालको दुनिया की श्रेष्ठ इकाइयों में शामिल हो। नई तकनीकों को बढ़ावा देने, जीवनस्तर में उत्तरोत्तर सुधार, बेहतरीन शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बालको को अग्रणी कंपनी बनाने के लिए प्रबंधन कटिबद्ध है।वेबीनार में बालको से संबद्ध व्यवसाय के अनेक साझेदार, वेदांता समूह और बालको के अनेक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। व्यवसाय के साझेदारों और बालको अधिकारियों, कर्मचारियों ने श्री अग्रवाल से अनेक सवाल पूछे। श्री अग्रवाल ने प्रचालन एवं प्रबंधन श्रेष्ठता के जरिए लक्ष्यों को पाने की दिशा में नागरिकों को प्रेरित किया।वेबीनार में बालको के कॉरपोरेट विडियो का प्रदर्शन किया गया। श्री अग्रवाल ने बेहतरीन प्रस्तुति और वेबीनार के उत्कृष्ट आयोजन के लिए श्री पति की दिल खोलकर प्रशंसा की।

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- एनटीपीसी का शेयर 4.75 प्रतिशत तक चढ़ा
मुंबई। वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख के बीच बैंकिंग और बिजली कंपनियों के शेयरों में लिवाली निकलने से शुक्रवार को शेयर बाजारों में फिर तेजी दर्ज हुई और सेंसेक्स 214 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 359 अंक तक चढ़ गया था। अंत में सेंसेक्स 214.33 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,434.72 अंक पर बंद हुआ।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 59.40 अंक या 0.53 प्रतिशत के लाभ के साथ 11,371.60 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में एनटीपीसी का शेयर सबसे अधिक 4.75 प्रतिशत चढ़ गया। पावरग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, नेस्ले इंडिया, एसबीआई तथा एक्सिस बैंक के शेयर भी बढ़त में रहे। वहीं दूसरी ओर ओएनजीसी, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1.34 प्रतिशत तक के नुकसान में रहे। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 557.38 अंक या 1.47 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 193.20 अंक या 1.72 प्रतिशत की बढ़त में रहा। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, चुनिंदा शेयरों में गतिविधियों से बाजार मजबूत रहे। दोपहर के कारोबार में बाजार भागीदारों ने मुनाफा काटा। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह स्मॉलकैप और मिडकैप का प्रदर्शन अच्छा रहा। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.41 प्रतिशत तक लाभ दर्ज हुआ।
- नई दिल्ली। मोबाइल मैसेजिंग प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली कंपनी हाइक इस साल के अंत तक अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये प्रति कर्मचारी 40 हजार रुपये खर्च करेगी।कंपनी ने कहा कि इसके तहत वह दिल्ली-एनसीआर में स्थित कर्मचारियों को कार्यालय की तरह आरामदायक कुर्सी और मेज मुहैया करायेगी। जो कर्मचारी अभी दिल्ली-एनसीआर में नहीं हैं, उन्हें कुर्सी व मेज की खरीद करने के लिये दस-दस हजार रुपये दिये जायेंगे। इसके अतिरिक्त कंपनी सभी कर्मचारियों को इंटरनेट व आईटी उपकरण भी मुहैया करायेगी। हालांकि, कंपनी ने कहा कि जो कर्मचारी उसकी विशिष्ट प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिये कार्यालय भी खुले रहेंगे। उसने कहा कि कार्यालय आने को इच्छुक कर्मचारियों को आपस में सुरक्षित दूरी तथा स्वच्छता के कड़े मानदंडों का पालन करना पड़ेगा। वैश्विक निवेशकों साफ्टबैंक, टाइगर ग्लोबल, टेनसेंट, फाक्सकॉन और भारती एंटरप्राइजिज जैसे निवेशकों के सम्मिलन वाली हाइक के वर्तमान में 160 कर्मचारी हैं।
- नई दिल्ली। आपात ऋण गारंटी योजना के अंतर्गत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने एक लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक राशि के ऋण मंजूर किये हैं।वित्त मंत्रालय ने कहा है कि एक लाख करोड़ रूपये से अधिक ऋण दिये जा चुके हैं। कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन से हुई वित्तीय कठिनाइयों को कम करने के लिए सरकार के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों को यह ऋण दिये गये हैं।इस योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 76 हजार करोड़ रूपये से अधिक ऋण मंजूर किये गये हैं। इनमें से 56 हजार करोड़ रूपये से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। इस योजना के तहत सबसे अधिक ऋण भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने दिए हैं।----
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नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बृहस्पतिवार को श्रम ब्यूरो का पूर्णतया डिजिटलीकरण किये जाने का आह्वान किया ताकि इसकी पहुंच का विस्तार किया जाए। श्रम मंत्रालय के एक प्रकोष्ठ, श्रम ब्यूरो के नए प्रतीक चिन्ह को जारी करने के मौके पर मंत्री ने यह टिप्पणी की। श्रम मंत्रालय के एक बयान में गंगवार ने ब्यूरो से कहा कि वह अपनी कामकाज की पूरी प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण और अपने दैनिक कामकात में आंकड़ों के विश्लेषण और कृत्रिम बौद्धिकता के इस्तेमाल के जरिये अपनी पहुंच का विस्तार करे। उन्होंने कहा कि ब्यूरो की पहुंच को बढ़ाने के लिए देश में और अधिक क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि सदियों पुराने 44 श्रम कानूनों को चार संहिताओं में शामिल किया जा रहा है, इसमें से पहले से ही वेतन संहिता को पहले ही लागू किया जा चुका है तथा सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियों पर अन्य तीन संहिताओं को पहले ही लोकसभा में पेश किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं के लागू हो जाने के बाद, 'कारोबार सुगमता' के संदर्भ में भारत की रैंकिंग और बेहतर हो जाएगी और भारत निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन जाएगा। नया प्रतीक चिन्ह इस बात को दर्शाता है कि श्रम ब्यूरो एक डेटा-आधारित संगठन है जो श्रमिकों और काम से संबंधित आंकड़ों को पर ध्यान देता है। उन्होंने कहा कि यह ‘लोगो' सत्यता, वैधता और विश्वसनीयता के तीन लक्ष्यों का भी प्रतिनिधित्व करता है। श्रम ब्यूरो की स्थापना 1941 में शिमला में ‘रहन सहन लागत' निदेशालय के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य पारिवारिक बजट के बारे में जानकारियां रखना तथा एक समान रूप से देश के महत्वपूर्ण केंद्रों के रहन सहन की लागत सूचकांक को एकत्रित करना था। -
नई दिल्ली। वेदांता रिर्सोसेज लि. ने बांड के जरिये 1.4 अरब डॉलर (करीब 10,500 करोड़ रुपये) जुटाये हैं। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से उसकी प्रमुख भारतीय कंपनी की सूचीबद्धता समाप्त करने के लिये जरूरी कोष के रूप में किया जाएगा।
कंपनी ने आज एक बयान कहा कि वेदांता रिर्सोसेज लि. ने बांड के जरिये सफलतापूर्वक 1.4 अरब डॉलर की राशि जुटायी है। तीन साल के बांड पर सालाना ब्याज दर (कूपन दर) 13 प्रतिशत है। कंपनी के अनुसार बांड के जरिये जुटायी गयी राशि का उपयोग मुख्य रूप से वेदांता लि. के शेयर की खरीद में किया जाएगा जो सार्वजनिक शेयरधारकों के पास है। दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नियंत्रण वाली वेदांता लि. को सूचीबद्धता समाप्त करने के बारे में पहले ही शेयरधारकों से मंजूरी मिल चुकी है।
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नई दिल्ली। किसानों को अगले वर्ष 10,000 क्विन्टल प्रमाणित बीजों की आपूर्ति के लिए सरकारी उपक्रमों राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) और भारतीय जूट निगम (जेसीआई) के बीच बुधवार को एक समझौता हुआ। इस कदम से देश में कच्चे जूट का उत्पादन और उपज को बढ़ाने में मदद मिलेगी। कृषि मंत्रालय ने कहा कि देश में पैदा होने वाले कच्चे जूट की गुणवत्ता, पिछले कुछ वर्षो में कम गुणवत्ता वाले बीजों और नकली बीजों के कारण प्रभावित हुई है। इस लिहाज से प्रमाणित बीजों की आपूर्ति महत्वपूर्ण है। एक बयान में कहा गया है, इस समझौते से यह सुनिश्चित होगा कि जूट किसानों को बेहतरीन गुणवत्ता के बीज प्राप्त हों जो विभिन्न कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हों।
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की उपस्थिति में इस समझौते पर वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हस्ताक्षर किये गये। इससे फसल वर्ष 2021-22 में किसानों को प्रमाणित बीज की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और इससे 5-6 लाख खेतिहर परिवार लाभान्वित होंगे। इसमें कहा गया है कि उत्पादकता के बढऩे के कारण किसानों की आय बढ़ेगी और यह किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार होगा। इसमें कहा गया है कि जेसीआई द्वारा इन प्रमाणित बीजों को प्रथम वाणिज्यिक वितरण अभियान के लिए एनएससी से खरीदा जायेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री तोमर ने कच्चे जूट की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार लाने के अलावा उसके मूल्यवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें जूट निर्यात पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए दोनों मंत्रालय के अधिकारी रूपरेखा बनाएं।
जूट की खेती में फायदा यह है कि खरीद की गारंटी होती है। जूट के उत्पादों को और आकषर्क बनाया जाना चाहिए, जिससे इनकी मांग बढ़ेगी और इसके माध्यम से देश में बड़ा बाजार खड़ा किया जा सकता है।










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