- Home
- बिजनेस
-
मुंबई। सकारात्मक वैश्विक रुख और विदेशी कोषों के प्रवाह के बीच एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, तथा रिलांयस इंडस्ट्रीज में लिवाली के अच्छे समथन से मंगलवार को सेंसेक्स 225 अंक और चढ़ गया। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जबकि बाजार लाभ के साथ बंद हुआ है।
कारोबारियों ने कहा कि रुपये में मजबूती, कंपनियों के उत्साहवद्र्धक तिमाही नतीजों तथा विदेशी कोषों के प्रवाह से बाजार की धारणा मजबूत हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 38,556.27 अंक के उच्चस्तर तक गया। बाद में यह कुछ लाभ गंवाकर 224.93 अंक या 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,407.01 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 52.35 अंक या 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,322.50 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक 3.96 प्रतिशत के लाभ में रहा। इंडसइंड बैंक, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स की बढ़ते में आधे से अधिक का योगदान एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा।
वहीं दूसरी ओर टाइटन, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और ओएनजीसी के शेयर 3.73 प्रतिशत तक टूट गए।
अमेरिका में प्रोत्साहन पैकेज पर सहमति बनने की संभावना के बीच वैश्विक बाजार करीब पांच माह के उच्चस्तर पर पहुंच गए। इस बीच, बाजार भागीदारों की निगाह रूस से आ रही इन खबरों पर है कि वह आधिकारिक रूप से कोरोना वायरस के टीके का पंजीकरण कराने वाला पहला देश हो गया है। रूस ने घोषणा की है कि यह टीका इस्तेमाल के लिए तैयार है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसको लेकर कुछ संदेह जताया जा रहा है। दुनिया में कोविड-19 संक्रमण के मामले दो करोड़ को पार कर गए हैं। भारत में संक्रमण का आंकड़ा 22.68 लाख हो गया है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, दिन में उतार-चढ़ाव तथा कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। अमेरिका की ओर से प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की उम्मीद, चीन के आर्थिक आंकड़ों में सुधार तथा रूस द्वारा कोरोना वायरस के पहले टीके का पंजीकरण कराने की खबरों से वैश्विक रुख सकारात्मक रहा। इससे स्थानीय बाजारों में भी तेजी आई।'' हालांकि, बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.23 प्रतिशत तक के नुकसान में रहे। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे। चीन के शंघाई कम्पोजिट में नुकसान रहा। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में चल रहे थे। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 45.32 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 74.78 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
- नई दिल्ली। बिजली मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न कम्पनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) और देश की सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी (सीटीयू) ने वित्त वर्ष 21 की पहली तिमाही में कर देने के बाद 2,048 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है और समेकित आधार पर कुल आय 9,817 करोड़ रुपये है।कंपनी ने अकेले अपने दम पर वित्त वर्ष 21 की पहली तिमाही में कर देने के बाद क्रमश: 1,979 करोड़ रुपये का लाभ और 9,620 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। इस तिमाही के दौरान, कंपनी को एक असाधारण वस्तु के रूप में मान्यता दी गई, अंतिम उपभोक्ता तक पहुंच के लिए कोविड-19 महामारी के कारण अप्रैल 20 और मई 20 की बिलिंग के बजाय राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों की वितरण कम्पनियों/ बिजली विभागों को 1,075 करोड़ रुपये की एक बार की समेकित छूट दी गई। इस एकमुश्त छूट के प्रभाव को छोड़कर, अकेले दम पर वित्त वर्ष 2019-20 की इसी अवधि में कंपनी के लाभ में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।पावरग्रिड द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार, तिमाही के लिए, कंपनी ने समेकित आधार पर लगभग 1,906 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया और 1,184 करोड़ रुपये (एफईआरवी को छोड़कर) की पूंजीगत परिसंपत्ति अर्जित की। समेकित आधार पर पावरग्रिड की सकल स्थिर परिसम्पत्ति 30 जून 2020 तक लगभग 2 लाख 28 हजार 856 करोड़ रुपये थी।तिमाही के दौरान कमीशन किए गए प्रमुख ट्रांसमिशन आधार में 400केवी डी/सी हिरीयूर-मैसूर लाइन और पावरग्रिड की मेरठ, कोटेश्वर और बलिपारा सब स्टेशनों पर आईसीटी शामिल हैं। इसके अलावा, लंबे समय से लंबित 400 केवी डी/सी राजरहाट-गोकर्ण ट्रांसमिशन लाइन को भी जुलाई 2020 में चालू कर दिया गया था।आठ सहायक टीबीसीबी काम कर रही थी और ग्यारह टीबीसीबी सहायक कंपनियां 30 जून 2020 के अंत में कार्यान्वयन के अंतर्गत थीं। अत्याधुनिक रख-रखाव तकनीकों, स्वचालन और डिजिटलीकरण के उपयोग के साथ पावरग्रिड ने वित्त वर्ष 21 की पहली तिमाही में औसतन 99.83त्न की उपलब्धता बनाए रखी। वित्त वर्ष 21 की पहली तिमाही के अंत में, पावरग्रिड और उसकी सहायक कंपनियों की कुल ट्रांसमिशन परिसम्पत्तियों में 163,695 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें, 248 सब स्टेशन और 413,950 एमवीए से अधिक परिवर्तन क्षमता रही।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार तथा विधि और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार सामरिक महत्व के दूर दराज वाले क्षेत्रों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास कर रही है ताकि यहां जीवन सुगम बनाया जा सके और उन लोगों के लिए बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके जो इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।श्री प्रसाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 1,224 करोड़ रुपये की लागत से चेन्नई और अंडमान निकोबार के बीच 2300 किलोमीटर की एक पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल के उद्घाटन के बाद सोमवार को मीडिया को संबोधित कर रहे थे।श्री प्रसाद ने दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए दूरसंचार विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक, दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में 354 गांवों में ऐसी कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए एक निविदा को अंतिम रूप दिया गया है और बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के 144 गांवों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया जा रहा है। इन गांवों को रणनीतिक रूप से मोबाइल पर सीमा क्षेत्र कनेक्टिविटी को कवर करने के लिए चुना गया है। इन गांवों में चालू होने के बाद, मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में कोई भी ऐसा गांव नहीं होगा जहां मोमाइल कनेक्टिवविटी उपलब्ध नहीं होगी। सेना, बीआरओ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी आदि के लिए 1347 साइटों पर उपग्रह आधारित डीएसपीटी (डिजिटल सैटेलाइट फोन टर्मिनल) भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिनमें से 183 साइटें पहले से ही चालू हैं और शेष चालू होने की प्रक्रिया में हैं।केन्द्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि दूरसंचार विभाग बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 24 आकांक्षी जिलों के गाँवों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने पर काम कर रहा है और छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश में बचे हुए 44 आकांक्षी जिलों के 7287 के गांवों को भी कवर किया जाएगा जिसके लिए सरकार की मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए सरकार ने हाल में कई कदम उठाए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों की परिभाषा में बदलाव, पूंजी उपलब्ध कराने की योजना, चैम्पियन पोर्टल और छोटे उद्योगों को उधारी देने से निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अर्थव्यवस्था की रफ्तार मंद पड़ी है।श्री गडकरी ने सोमवार को फिक्की के छोटे उद्योगों के एक सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि छोटे उद्योगों के लिए घोषित किए गए तीन लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज में से एक लाख बीस हजार करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को छोटे उद्योगों के लम्बित भुगतान 45 दिन के भीतर चुकाने को कहा गया है। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से छोटे उद्योगों के सभी भुगतान प्राथमिकता के आधार पर चुकाने के निर्देश देने का अनुरोध भी किया।----
-
नई दिल्ली। दबाव झेल रहे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिये 50,000 करोड़ रुपये तक का इक्विटी समर्थन उपलब्ध कराने के वास्ते प्रधानमंत्री के 21 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज में घोषित फंड आफ फंड्स को जल्द ही परिचालन में लाया जायेगा। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी कहा। ऐसा कोष शेयरपूंजी निवेश करने वाले कोषों की मदद करते हैं। इस 10,000 करोड़ रुपये के फंड आफ फंड्स योजना का उद्देश्य वृद्धि के बेहतर संभावनाओं वाले एमएसएमई को मौजूदा कठिन समय में मदद उपलब्ध कराना है। ऐसे समय जब ये छोटी इकाइयां कम राजस्व और इक्विटी पूंजी की कमी से जूझ रहीं हैं। एमएसएमई की मदद के लिये उठाये गये विभिन्न कदमों के बारे में बताते हुये रजनीश कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित ऐसे व्यवसायों की नकदी की स्थिति में सुधार लाने के लिये बैकों ने आपात ऋण सुविधा की घोषणा की है। मुश्किल में फंसे एमएसएमई के लिये एक अन्य उपाय सरकार की तरफ से दी गई गारंटी के साथ तरलता विस्तार के तौर पर अधीनस्थ रिण के जरिये समर्थन देने का किया गया है। फिक्की द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में कुमार ने कहा, फंड आफ फंड्स, मैं समझता ह्रं कि जल्द ही परिचालन में आ जायेगा। इस तरह के उपायों से वित्त के लिहाज से मदद की जा सकेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में 21 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत फंड आफ फंड्स की घोषणा की थी। इसके जरिये वहनीय और वृद्धि की संभावना वाले एमएसएमई की मदद की जा सकेगी। इक्विटी की भारी तंगी के बावजूद इस फंड के जरिये उन्हें मदद मिल सकेगी। रजनीश कुमार ने बैंकों के अन्य प्रयासों के बारे में बताया कि बैंक ने हाल ही में एमएसएमई के लिये एक ‘गोल्ड लोन' योजना की शुरुआत की है। एक महीने के भीतर ही इस योजना के तहत 88 करोड़ रुपये का रिण मंजूर किया गया है। उन्होंने कहा, यह एक प्रकार से बेकार रखे गये सोने का व्यवसाय के लिये मौद्रीकरण करने के समान है। आपके आभूषण और सोने की सुरक्षा हम सुनिश्चित कर रहे हैं, आपको लॉकर के लिये भी भुगतान नहीं करना है। इस योजना को अच्छा समर्थन मिल रहा है और हम इस उत्पाद को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
-
अमरावती। आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार को नई औद्योगिक नीति 2020-23 पेश की। इसमें आर्थिक वृद्धि को गति देने और विनिर्माण के जरिये बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने के लिये खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा समेत 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गयी है। सरकार ने नियोजित औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने और राज्य में पर्यावरण प्रभावित किये बिना उद्योग स्थापित करने के लिये जोखिम मुक्त, निवेश अनुकूल माहौल सृजित करने को लेकर औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की है। राज्य के उद्योग और बुनियादी ढांचा मंत्री मेकापित गौतम रेड्डी ने नई नीति पेश करते हुए कहा, नई औद्योगिक नीति में निवेश को जोखिम मुक्त करना उसकी महत्वपूर्ण विशेषता है। हम वाईएसआर एपी वन ला रहे हैं। यह अधिकार प्राप्त बहुआयामी व्यापार केंद्र होगा। यह उद्योगों के लिये एक ही जगह संसाधन और मदद मुहैया कराने के केंद्र के रूप में काम करेगा। मंत्री ने कहा, वाईएसआर एपी वन निवेशकों को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के मामले में हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा। औद्योगिकी इकाई स्थापित होने के बाद उन्हें बाजार पहुंच, नई प्रौद्योगिकी समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत संभावित निवेशकों के लिये प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें मझोले और बड़े उद्योगों के लिये पांच साल तक राज्य वस्तु एवं सेवा कर की वापसी (स्थिर पूंजी निवेश के अनुपात में निर्धारित) शामिल है, जो रोजगार सृजन से जुड़ा है। -
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार भूमि बैंक और सामुदायिक सूक्ष्म वित्त संस्थान बनाने जैसे विचारों पर काम कर रही है। ताकि लोगों के छोटी दुकानों और कारोबारों को चलाने में मदद की जा सके। उद्योग मंडल फिक्की की कर्नाटक इकाई द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन एमएसएमई सम्मेलन को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि हमें भारत का निर्यात बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने को लेकर विचार करने की भी जरूरत है। चीन के निर्यात के बारे में गडकरी ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था का कुल 30 प्रतिशत विनिर्माण चीन में होता है। करीब 10 ऐसी बड़ी निर्यात श्रेणियां हैं जो कुल निर्यात में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और उपकर इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा, अब समय गया है कि हम उन क्षेत्रों की पहचान करें जहां हम आयात पर निर्भरता कम कर सकते हैं। हमें सोचना होगा कि अपने उद्योग और एमएसएमई को कैसे विकसित कर सकते हैं कि जिसका लाभ दुनिया की मौजूदा आर्थिक स्थिति में उठाया जा सके। वेबिनार में मंत्री ने कहा कि भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए हमें कृषि, कृषि प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने की दिशा में सोचना होगा। गडकरी ने कहा, हम भूमि बैंक और सामुदायिक सूक्ष्म वित्त संस्थान बनाने के विचार पर काम कर रहे हैं। यह छोटी दुकानें या कारोबार चलाने वाले उद्यमियों के लिए बड़ा सहायक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न आत्मनिर्भर भारत अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी ग्रामोद्योग और कृषि आधारित कारोबारों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है, विशेषकर 115 आकांक्षी जिलों में। हमें कृषि, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के लिए विशेष नीतियां बनानी होंगी क्योंकि इन क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की आकस्मिक ऋण गारंटी योजना के तहत अब तक 1,20,000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
-
नई दिल्ली। तेल और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज विश्व जैविक ईंधन दिवस के अवसर पर जैविक ईंधन की ओर आत्मनिर्भर भारत विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया ।
विश्व जैविक ईंधन दिवस प्रतिवर्ष जैव खनिज तेल की उपयोगिता के संबंध में जागरूकता के लिए दस अगस्त को मनाया जाता है। मंत्रालय के सचिव तरुण कपूर ने इस अवसर पर कहा कि देश में भारी मात्रा में कृषि अवशेष उपलब्ध है और इसलिए जैविक ईंधन के उत्पादन का बड़ा क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि एथनॉल, जैव डीज़ल और जैव गैस तीन प्रमुख जैविक ईंधन हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन तीनों स्रोतों का दोहन किया जाए, तो कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी और गैस पर निर्भरता भी बहुत हद तक कम होगी।
- नई दिल्ली। भारत में होंडा कार्स इंडिया की प्रीमियम हैच बैक जैज के अपडेटेड मॉडल की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है। होंडा जैज कार को आप सिर्फ 5 हजार में बुक कर सकते हैं वो भी ऑनलाइन। होंडा की डीलरशिप से बुकिंग करवाने में आपको 21 हजार रुपये देने होंगे। यह कार इसी महीने लांच की जा रही है।क्या है खास- कंपनी ने दावा किया है कि पुराने मॉडल के मुकाबले नई होंडा जैज ( होंडा जैज बीएस 6) ज्यादा स्टाइलिश और स्पोर्टी है। अपडेटेड होंडा जैज सिर्फ पेट्रोल इंजन के साथ पेश की जा रही है। कंपनी ने इस मॉडल में डीजल इंजन बंद कर दिए हंै।होंडा ने अपनी इस प्रीमियम हैचबैक की स्टाइलिंग अपग्रेड की है। इसमें क्रोम ऐक्सेंट्स के साथ नई ब्लैक ग्रिल, एलईडी हेडलाइट्स, एलईडी फॉग लैम्प्स और नए फ्रंट व रियर बंपर दिए गए हैं, जो कार को नया लुक देते हैं। नई होंडा जैज में इलेक्ट्रिक सनरूफ भी दिया गया है।होंडा की इस प्रीमियम कार में क्रूज कंट्रोल, स्मार्ट एंट्री और पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप सिस्टम जैसे नए फीचर डाले गए हैं। अपडेटेड जैज के सीवीटी वेरियंट्स में स्टीयरिंग-वील माउंटेड ड्यूल-मोड पैडल शिफ्ट फीचर दिया गया है। इस फीचर के साथ आने वाली अपने सेगमेंट की यह इकलौती कार है। कार की अनुमानित कीमत 7 लाख 75 हजार रुपए है।
- -राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन किया जायेगानई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में पूरी तरह योगदान देने के लिए व्यापारिक समुदाय की प्रशंसा की है।रविवार को एक वर्चुअल तरीके से परस्पर संवाद के जरिये राष्ट्रीय व्यापारी दिवस के अवसर पर व्यापारी समुदाय से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ग्राहक जागरूकता अभियान आरंभ करना चाहिए, जिससे कि लोग मेक इन इंडिया वस्तुओं को खरीदें। उन्होंने उनसे भ्रष्ट व्यवसायायों तथा व्यापारियों का पर्दाफाश करने में व्हिसिल ब्लोअर के रूप में कार्य करने को कहा जो शत्रु देशों से घटिया गुणवत्ता वाली वस्तुओं का आयात करने पर आमादा है।श्री गोयल ने कहा कि व्यापारिक समुदाय आत्मनिर्भर भारत अभियान से काफी लाभान्वित होंगे क्योंकि भारत में बनी अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएं बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देशों में बिकेगी, जिससे कीमतों में कमी आयेगी और हमारे उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनायेगी। इससे अधिक रोजगार अवसरों का सृजन होगा तथा लोगों में समृद्धि आयेगी और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही कई आयातित मदों जैसे- अगरबत्ती, खेल के सामान, टीवी, टेलीफोन, टॉयर आदि पर प्रतिबंध लगा रखा है जिन्हें हमारे देश में आसानी से उत्पादित किया जा सकता है। उन्होंनें अनुमान लगाया कि लगभग 10 लाख करोड़ रूपये के बराबर के आयातों का आसानी से स्वदेशी रूप से उत्पादित वस्तुओं के साथ प्रतिस्थापन किया जा सकता है। उन्होंने व्यापारियों से प्रधानमंत्री की वोकल फॉर लोकल की अपील को आगे बढ़ाने को कहा।श्री गोयल ने कोविड महामारी के दौरान और विशेष रूप से लॉकडाउन अवधि में इस अवसर पर खरे उतरने तथा देश के प्रत्येक हिस्से में अनिवार्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में व्यापारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी कठिन समय में व्यापारियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया है तथा मन की बात में इसका उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने उपभोक्ताओं एवं उत्पादकों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में काम किया है।मंत्री ने व्यापारियों से टीमों के गठन करने की अपील की जो देश के विभिन्न हिस्सों तथा विभिन्न व्यापारों से सुझाव एकत्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि एक ही फार्मूला हर जगह लागू नहीं किया जा सकता इसलिए विशिष्ट अनुशंसाएं की जानी चाहिए। सरकार ऐसी सभी अनुशंसाओं पर सहानुभूतिपूर्ण एवं विवेक सम्मत तरीके से गौर करेगी।श्री गोयल ने व्यापारिक समुदाय को आश्वासन दिया कि जल्द ही राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जायेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों को भी व्यापारी पेंशन स्कीम में शामिल करें। मंत्री ने व्यापारियों को सरकारी खरीद पोर्टल जीईएम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।---
- नई दिल्ली। देश का कोयला आयात जुलाई में 43.2 प्रतिशत घटकर 1.11 करोड़ टन रह गया। खान के पास, संयंत्रों और बंदरगाहों पर कोयले का काफी भंडार पड़ा है, जिसकी वजह से आयात में गिरावट आई है। एमजंक्शन सर्विसेज ने यह जानकारी दी है।ये आंकड़े जहाजों की स्थिति तथा पोत-परिवहन कंपनियों से मिले आंकड़ों पर आधारित हैं। जुलाई, 2019 में कोयले का आयात 1.96 करोड़ टन रहा था। एमजंक्शन टाटा स्टील और सेल का संयुक्त उद्यम है। यह एक बी2बी (व्यवसाय से व्यवसाय) ई-कॉमर्स कंपनी है, जो कोयला और इस्पात पर शोध रिपोर्ट प्रकाशित करती है।एमजंक्शन के अनुसार, जुलाई, 2020 मे कोयले का आयात 1.11 करोड़ टन (अस्थायी) रहा। जुलाई, 2019 में कोयले ओर कोक का आयात 1.96 करोड़ टन रहा था। चालू वित्त वर्ष के पहले चार माह अप्रैल-जुलाई, 2020 के दौरान कुल कोयला आयात 5.72 करोड़ टन रहा। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के आंकड़े 8.91 करोड़ टन से 35.76 प्रतिशत कम है।एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कोयला आयात के मौजूदा रुख पर कहा, कोयला खानों, संयंत्रों तथा बंदरगाहों पर कोयले के भारी भंडार की वजह से आयात मांग कमजोर है। बाजार भागीदार देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे हैं। निकट भविष्य में हमें आयात की मात्रा में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं दिखती।अप्रैल-जुलाई, 2020 के दौरान गैर-कोकिंग कोयले का आयात घटकर 3.88 करोड़ टन पर आ गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 6.09 करोड़ टन रहा था। इसी तरह कोकिंग कोयले का आयात घटकर 1.06 करोड़ टन रहा गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.77 करोड़ टन रहा था।--
-
नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सोमवार से अपने ग्राहकों के लिए अधिकतम डेटा स्पीड को 10 गुना बढ़ाकर 100 एमबीपीएस करेगी और 20 गुना अधिक तक डेटा डाउनलोड सीमा की पेशकश करेगी। कंपनी ने रविवार को यह जानकारी दी। बीएसएनएल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2,312 किलोमीटर लंबे चेन्नई-अंडमान निकोबार द्वीप समूह (सीएएनआई) सामुद्रिक ऑप्टिकल फाइबर केबल परियोजना की शुरुआत से एक दिन पहले यह घोषणा की। बीएलएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद यह परियोजना निर्धारित समयसीमा में और लागत में किसी बढ़ोतरी के बिना पूरी हुई। भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना के तहत बीएसएनएल ने वैश्विक दिशानिर्देशों के अनुसार समुद्र के अंदर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा किया।
-
ओमप्रकाश जिंदल (बाबूजी) जन्मदिवस, सीएसआर सप्ताह का द्वितीय दिवस
मान सम्मान, देश की अभियान हो तुम। सब कुछ तेरे हाथ में, हिंद की पहचान हो तुम।।
तमनार। ऐ मेरे कोरोना वीरों, चरण वंदन है आपका।
मान हो, सम्मान हो तुम देश की अभियान हो, सब कुछ तेरे हाथ में, हिंद की पहचान हो।।
ये पंक्तियां हैं, जिंदल पावर लिमिटेड तमनार द्वारा श्री ओमप्रकाश जिंदल बाबूजी के 90वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सीएसआर सप्ताह के दूसरे दिन का, जब जिंदल पावर लिमिटेड तमनार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना काल एवं सम्पूर्ण लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों एवं आम जनमानस को जागरूक कर कोविड-19 के संक्रमण के सम्पूर्ण रोकथाम में सराहनीय सहयोग देने वाले समर्पित कर्मचारियों को कोरोना योद्धा सम्मान से नवाजा गया।
इस दौरान योद्धाओं द्वारा किए गए अभूतपूर्व व साहसिक कार्यों को स्मरण किया गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम नगीन कोठारी, प्रेसिडेंट एवं सीओओ, जिंदल पावर लिमिटेड तमनार के मुख्य आतिथ्य एवं आर.डी.कटरे, उपाध्यक्ष गजेंद्र रावत, सहायक उपाध्यक्ष, भूषण सिंह, उपाध्यक्ष, मानव संसाधन एवं कर्मचारी सेवाएं, अजित राय, सहायक उपाध्यक्ष के विशिष्ठ आतिथ्य एवं रामनिवास सरोया, महाप्रबंधक, सुनील अग्रवाल, उप महाप्रबंधक, ऋषिकेष शर्मा, उप महाप्रबंधक, आर.पी. पाण्डेय, उप महाप्रबंधक, सुदीप सिन्हा, उप महाप्रबंधक जेपीएल तमनार एवं समस्त विभागों के विभागाध्यक्षों, संस्थान में कार्यरत कर्मचारी एवं कोरोना योद्धाओं के गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के शुभारंभ में उपस्थित अतिथियों द्वारा बाबूजी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को प्रथमतया सम्बोधित करते हुए भूषण सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब सभी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से भयाक्रांत थे, ऐसे समय में संस्थान के ये कारोना योद्धा अपने आपको जोखिम में डालकर सम्पूर्ण संयंत्र के साथ साथ आवासीय कालोनी सावित्रीनगर में निवासरत कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित रखने में सराहनीय योगदान दिया। इनके कार्य नि:संदेह सराहनीय व अवर्चनीय हैं। इस अवसर पर आर.डी. कटरे एवं अजित राय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल के इस विपरित परिस्थितियों में इन योद्धाओं ने अदम्य साहस का परिचय दिया और संस्थान के साथ क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने का कार्य लगन एवं समर्पण के साथ किया सचमुच इनके प्रयास सदैव प्रशंसनीय हैं। गजेंद्र रावत ने सीएसआर एवं सुरक्षा विभाग के कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन विभागों के कर्मचारियों ने विपरित परिस्थितियों में संयंत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी एवं उनके परिवारों के जरूरत को पूर्ण किया।
श्री रावत ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों की सक्रियता ऐसी रही कि बिना थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क व सैनिटाइजर के उपयोग बिना किसी भी कर्मचारियों को संस्थान में प्रवेश वर्जित कर दिया। साथ ही सभी विभागों में नियमित रूप से मास्क एवं सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित किया। और यही वे कारण रहें, जिससे संम्पूर्ण संयंत्र संक्रमण से बचा रहा। इस दौरान नगीन कोठारी ने अपने मुख्य आतिथ्य सम्बोधन में कोरोना योद्धाओं के प्रयास को स्तुत्य बताते हुए कहा कि सामाजिक विकास के पुरोधा बाबूजी ओ.पी. जिंदल के जन्मदिवस सप्ताह के अवसर पर कोरोना वीरों को सम्मानित करना अपने आप में गौरवान्वित करने वाला क्षण है। आज इन योद्धाओं के समर्पण एवं प्रतिबद्धता के कारण हम सभी सुरक्षित हैं। यदि आज हम कोविड 19 के प्रकोप से सुरक्षित है तो नि:संदेह इसमें इन योद्धाओं की जागरूकता एवं अपने कार्य के प्रति कटिबद्धता को दर्शाता है। श्री कोठारी ने कोविड 19 के बचाव में सुरक्षा विभाग के महिला कर्मचारियों द्वारा बढ़चढ़ कर सहभागी बनने एवं उनके समर्पण को भी साुधुवाद कहा। उन्होनें कोरोना योद्धाओं से पुन: आग्रह किया कि वे अपने मिशन में लगे रहे और संयंत्र व क्षेत्रीय लोगों को जागरूक करते रहें। यहीं एकमात्र निराकरण है, कोविड 19 से सम्पूर्ण सुरक्षा की। इस दौरान उन्होनें सभी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे इन कोरोना योद्धाओं के प्रयासों का पालन एवं सम्मान करें। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में गरिमामय उपस्थिति प्रदान कर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ऋषिकेश शर्मा, विभागाध्यक्ष, सीएसआर, जेपीएल तमनार ने आभार ज्ञापन एवं कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सीएसआर के राजेश रावत ने किया। - नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बीबा और अरविंद मिल्स जैसे बड़े वाणिज्यिक ब्रांडों को सीधे बुनकरों से कपड़ा खरीदने को कहा है। यह एक ऐसा कदम होगा जिससे बिचौलिये समाप्त होंगे और बुनकरों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।स्मृति ईरानी ने कहा, हम वाणिज्यिक श्रेणी के बड़े ब्रांडों जैसे बीबा और अरविंद से बुनकरों के साथ खड़े होने तथा सीधे उनसे ही कपड़े खरीदने की अपील करते हैं। इससे एक ऐसा तालमेल सुनिश्चित होगा, जो इस क्षेत्र में लंबे समय से अनुपस्थित था। कपड़ा व महिला एवं बाल विकास मंत्री ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु के साथ बातचीत में यह टिप्पणी की। यह बातचीत भारत के कपड़ा उद्योग में नयी जान फूंकने पर केंद्रित है और इसके जरिये स्वदेशी बुनकरों की स्थिति बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह बातचीत इन कन्वर्सेशन विद द मिस्टिक श्रृंखला का एक हिस्सा है। इसका प्रसारण राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में सात अगस्त को किया गया। सद्गुरु ने पिछले साल सेव द वीव मुहिम की शुरुआत की थी।बातचीत के दौरान, सद्गुरु ने स्कूलों, पर्यटन सर्किट और विमानन उद्योग में हथकरघा उत्पादों को पेश करके भारतीय कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता के बारे में बताया।---
-
नई दिल्ली। केंद्र ने कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा देने की योजना के तहत राज्यों को 553 करोड़ रुपए जारी किए हैं। कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (एसएमएएम) अप्रैल 2014 में शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए कृषि मशीनीकरण की समावेशी विकास करना था। एक सरकारी बयान में कहा गया, वर्ष 2020-21 में, इस योजना के लिए 1,033 करोड़ रुपये का बजट प्रदान किया गया है, जिसमें से 553 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को जारी किए गए हैं। कृषि मशीनीकरण समय पर खेत को तैयार करने के कामकाज को समय में निपटाने और इसमें लगने वाले समय में कटौती करने के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है और लागतों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करता है। मशीनीकरण प्राकृतिक संसाधनों की उत्पादकता को भी बढ़ाता है और विभिन्न कृषि कार्यों से बुरी प्रथाओं को कम करता है। कृषि मंत्रालय ने बताया कि धान के पुआल को जलाना देश के उत्तरी क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में से एक है। फसल अवशेष जलाने की प्रथा से इस क्षेत्र के किसानों को रोकने के उद्देश्य से, फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) की योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी, जिसमें किसानों को सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) की स्थापना के माध्यम से फसल अवशेषों के उसी स्थान पर प्रबंधन करने के लिए मशीनरी प्रदान की जाती है। अलग-अलग किसानों को मशीनरी की खरीद के लिए सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। इसके तहत वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को कुल 1,178.47 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। बयान में कहा गया है, वर्ष 2020-21 में, इस योजना के लिए बजट में 600 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं और 548.20 करोड़ रुपये समय से पहले राज्यों को जारी कर दिये गए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे इस काम को पहले से पूरा करने के लिए तैयार हों। कृषि मंत्रालय ने एक बहुभाषी मोबाइल ऐप, सीएचसी- फार्म मशीनरी भी विकसित किया है, जो किसानों को उनके इलाके में स्थित कस्टम हायरिंग सर्विस सेंटरों से जोड़ता है। यह ऐप छोटे और सीमांत किसानों को खेती के कामकाज के लिए किराये के आधार पर मशीनें लेने के लिए प्रोत्साहित करके देश में कृषि मशीनीकरण की सुविधा प्रदान कर रहा है, ताकि उन्हें ऐसी उच्च कीमत वाली मशीनों की खरीद न करनी पड़े। ऐप को और संशोधित किया गया है। बयान में कहा गया है कि संशोधित संस्करण अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल है और ऐप का दायरा भी बढ़ाया गया है।
-
मुंबई। मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने शनिवार को कहा कि उसने अपनी विस्तार योजनाओं के तहत तमिलनाडु के कुंभकोणम और चंडीगढ़ में दो नये शोरूम खोले हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मालाबार ग्रुप के अध्यक्ष एम पी अहमद ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से इन शोरूम का उद्घाटन किया। अहमद ने कहा, हम शोरूम की संख्या और बिक्री दोनों ही मामले में दुनिया की पहले नंबर की खुदरा सोना ब्रांड बनने की योजना बना रहे हैं। इस योजना के तहत हम अगले पांच वर्षों में शोरूमों की संख्या को तीन गुना करेंगे। कंपनी ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अपने शोरूम में पर्याप्त एहतियाती कदम और सुरक्षा उपाय किए हैं। मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स इस साल नई दिल्ली, पटना और वाशी सहित 12 शहरों में नए शोरूम खोलने की योजना बना रही है। विस्तार के अपने पहले चरण में, कंपनी मलेशिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरारत (यूएई), सऊदी अरब और कतर में भी शोरूम खोलने की योजना बना रही है। मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की दुनिया भर में 260 से अधिक शोरूम हैं और आभूषण निर्माण क्षेत्र में भी इसकी मजबूत उपस्थिति है। कंपनी की संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और ओमान में भी विनिर्माण इकाइयां हैं। -
- - राज्य में बायो इथेनॉल निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण-शशांक रस्तोगी
- -चावल के साथ गन्ने से भी बायो इथनोल बनाने पर विचार-सुमित सरकार
रायपुर। पी एच डी चेम्बर छत्तीसगढ़ चैप्टर तथा सीएसआईडीसी (छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम), के संयुक्त तत्वाधान में छत्तीसगढ़ राज्य में बायो एथेनॉल क्षेत्र में संभावनाएं विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।पीएचडी चैम्बर छत्तीसगढ़ चैप्टर के चेयरमैन शशांक रस्तोगी ने अपने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों का परिचय कराया। अपने उद्बोधन में श्री रस्तोगी ने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, क्योंकि राज्य की 80 प्रतिशत जनता खेती करती है एवं राज्य का मुख्य उत्पादन चावल है। राज्य में बायो इथेनॉल निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण है, तथा सरकार द्वारा निवेशकों के लिए अनुकूल सुविधाएँ दी जा रही हैं। चंद्रशेखर रेड्डी प्रबंध संचालक वेनिका बायो सी एन जी प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत किया।छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल डेवलपमेंट ऑथोरिटी के परियोजना अधिकारी सुमित सरकार ने अपने उद्बोधन में बताया कि राज्य सरकार हमेशा से हरित पेट्रोलियम के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है तथा चावल के साथ गन्ने से भी बायो इथनोल बनाने पर विचार कर रही है।। श्री सरकार ने सभी उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। श्री सरकार ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का जवाब दिया।पी एच डी चैम्बर के प्रिंसिपल डायरेक्ट नवीन सेठ ने चैम्बर द्वारा पहली बार आयोजित ऑनलाइन प्रदर्शनी के सम्बन्ध में बताया जहां विभिन्न क्षेत्रों के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर्स की भी प्रदर्शनी होगी एवं वैकल्पिक ईंधन के सम्बन्ध में चर्चा होगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन को इस आयोजन में स्टेट पार्टनर बनने हेतु आमंत्रित किया। उदय कुलकर्णी अस्सिस्टेंट वाईस प्रेसिडेंट प्राज इंडिया लिमिटेड ने अपने उद्बोधन में प्राज इंडिया द्वारा ग्रीन ईंधन उत्पादन क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अरुण प्रसाद, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी ने अपने संक्षिप्त भाषण में राज्य शासन की ओर से सभी निवेशकों का स्वागत किया। श्री प्रसाद ने राज्य सरकार के बायो इथेनॉल उत्पादन के लिए किये जा रहे प्रयासों तथा योजनाओं के सम्बन्ध में संक्षिप्त में बताया।वेबिनार के अंत में पी एच डी चैम्बर के डॉ रंजीत मेहता जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए वेबिनार आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का सञ्चालन पी एच डी चैम्बर के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. योगेश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 60 प्रतिभागी उपस्थित थे। -
नई दिल्ली। फार्मा कंपनी डिविस लैबोरेट्रीज का चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 80.61 प्रतिशत बढ़कर 492.06 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 272.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 1,747.80 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,193.20 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा कि उसके परिचालन पर कोविड-19 महामारी बहुत मामूली प्रभाव पड़ा है। तिमाही के दौरान उसका परिचालन काफी हद तक सामान्य रहा।
-
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि वित्तीय संकट से जूझ रही गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के लिये विशेष तरलता योजना के तहत 6,399 करोड़ रुपये के 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है।
अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस महामारी के असर से उबारने के लिये हाल ही में घोषित 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज में ही वित्तीय संकटों में घिरे एनबीएफसी व एचएफसी के लिये विशेष तरलता योजना को भी पेश किया गया था। यह योजना एक जुलाई से शुरू हुई है। इसके तहत एनबीएफसी और एचएफसी के तरलता के अल्पकालिक संकट को दूर करने के लिये ऋणपत्रों की प्राथमिक व माध्यमिक बाजार दोनों से खरीद करने की मंजूरी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट में कहा, एनबीएफसी और एचएफसी के लिये तरलता की स्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर भारत राहत पैकेज के एक हिस्से के रूप में 30 हजार करोड़ रुपये की विशेष तरलता योजना की घोषणा की गयी थी। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि सात अगस्त तक 6 हजार 399 करोड़ रुपये की कुल स्वीकृत राशि के साथ 15 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गयी है। इनके अलावा 11,037 करोड़ रुपये के वित्तपोषण के लिये 37 अन्य आवेदन विचाराधीन हैं। आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों द्वारा सितंबर 2018 में भुगतान में चूक (डिफॉल्ट) करने के बाद एनबीएफसी और एचएफसी के समक्ष वित्तीय संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद कोरोना वासरस महामारी ने इनकी चुनौतियों को और बढ़ा दिया। विशेष तरलता योजना के लिये भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड द्वारा गठित एक न्यास एसएलएस ट्रस्ट द्वारा जारी सरकारी गारंटी वाली विशेष प्रतिभूतियों को खरीद कर धन उपलब्ध करा रहा है। योजना का क्रियान्वयन भी एसएलएस ट्रस्ट के द्वारा किया जा रहा है। यह योजना तीन महीने के लिये खुली है।
-
- -एनटीपीसी के सीपत सहित पांच अन्य प्रमुख विद्युत संयंत्र पीएलएफ प्रदर्शन के आधार पर देश के शीर्ष दस विद्युत संयंत्रों में शामिल
- - कोरबा एनटीपीसी भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ताप विद्युत संयंत्र के रूप में उभरा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, एनटीपीसी समूह ने चालू वित्त वर्ष में 100 बिलियन यूनिट (बीयू) से अधिक का सकल उत्पादन हासिल किया है, जिससे संयंत्रों के संचालन में उत्कृष्टता के लिए समूह की प्रतिबद्धता को मजबूती मिली है।केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी कोरबा (2600 मेगावाट) अप्रैल से जुलाई 2020 के दौरान 97.42 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) के साथ भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ताप विद्युत संयंत्र के रूप में उभरा है।इसके साथ ही एनटीपीसी के पांच अन्य प्रमुख विद्युत संयंत्रों द्वारा अनुकरणीय प्रदर्शन किया गया है। छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी सीपत (2980 मेगावाट), उत्तर प्रदेश स्थित एनटीपीसी रिहंद (3000 मेगावाट) , मध्यप्रदेश में एनटीपीसी विंध्याचल (4760 मेगावाट), ओडिशा स्थित एनटीपीसी तलचर कनिहा (3000 मेगावाट) और एनटीपीसी तलचर थर्मल (460 मेगावाट) पीएलएफ प्रदर्शन के आधार पर देश के शीर्ष दस विद्युत संयंत्रों में शामिल हो गए हैं।इसके अलावा, उत्तर प्रदेश स्थित एनटीपीसी सिंगरौली की 200 मेगावाट क्षमता वाली दो ईकाई, ईकाई 4 और 1, (जिन्हें क्रमश: जनवरी 1984 और जून 1982 में शुरू किया गया था) ने अप्रैल से जुलाई 2020 के दौरान क्रमश: 99.90 प्रतिशत और 99.87 प्रतिशत के साथ देश में उच्चतम पीएलएफ हासिल किया। इन विद्युत संयंत्रों ने संचालन और रखरखाव में एनटीपीसी की विशेषज्ञता और परिचालन उत्कृष्टता के उच्च स्तर का प्रदर्शन किया है।62.9 गीगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह में 70 विद्युत स्टेशन हैं जिनमें 24 कोयला, 7 संयुक्त चक्र गैस / तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरणीय के साथ-साथ 25 सहायक और जेवी विद्युत स्टेशन शामिल हैं। समूह के पास निर्माणाधीन 20 गीगावाट क्षमता है, जिसमें 5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं।

- -एनटीपीसी के सीपत सहित पांच अन्य प्रमुख विद्युत संयंत्र पीएलएफ प्रदर्शन के आधार पर देश के शीर्ष दस विद्युत संयंत्रों में शामिल
- नई दिल्ली। भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (स्वैच्छिक परिसमापन प्रक्रिया) (दूसरा संशोधन) नियम, 2020को आज अधिसूचित किया।भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 एक कॉर्पोरेट व्यक्ति को स्वैच्छिक परिसमापन प्रक्रिया शुरू करने में सक्षम बनाती है, यदि उसपर कोई ऋण नहीं है या वह परिसंपत्तियों की आय से अपने ऋण का पूरी तरह से भुगतान करने में सक्षम है। कॉरपोरेट व्यक्ति सदस्यों या भागीदारों, या योगदानकर्ताओं (मामले के अनुसार) के प्रस्तावके द्वारा स्वैच्छिक परिसमापन प्रक्रिया का संचालन करने के लिए एक दिवाला पेशेवर (इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल)नियुक्त कर सकता है। हालांकि, ऐसी परिस्थितियां हो सकती हैं, जिनमेंपरिसमापक (लिक्वीडेटर) के रूप में एक और प्रस्तावित पेशेवर की नियुक्ति की आवश्यकता हो सकती है। नियमों में आज किए गए संशोधन में यह प्रावधान है कि कॉरपोरेट व्यक्ति लिक्विडेटर के स्थान पर किसी अन्य दिवाला पेशेवर (इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल) को सदस्यों या साझेदारों या योगदानकर्ताओं (मामले के अनुसार) के एक प्रस्ताव के द्वारा लिक्विडेटर के रूप में नियुक्त कर सकता है। संशोधित नियम आज से प्रभावी हो गए हैं।---
- रायपुर । राष्ट्र की प्रगति में आत्मनिर्भरता का मंत्र देने वाले अग्रणी उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री ओपी जिन्दल जी को आज उनकी 90वीं जयंती पर याद किया गया। जेएसपीएल मशीनरी डिवीजन, रायपुर में कोविड19 महामारी के प्रकोप को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती गई और सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों का अनुपालन करते हुए श्री ओपी जिन्दल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रायपुर के वृद्धाश्रम में इस अवसर पर फल और राशन का वितरण किया गया।रायगढ़ में भी श्री ओ.पी जिन्दल जी की 90वीं जयंती पर उन्हें याद किया गया। जेएसपीएल के चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल ने उनकी प्रतिमा का माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री ओपी जिन्दल जी ने देश की आत्मनिर्भरता का सपना देखा था और उन्होंने स्वदेशी संसाधनों एवं स्वदेशी तकनीक के बल पर ओपी जिन्दल ग्रुप के रूप में एक ऐसी संस्था राष्ट्र को दी, जो आज इस्पात, ऊर्जा, खनन, मूलभूत ढांचा, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है।7 मार्च 1930 को हरियाणा के हिसार जिले में स्थित नलवा गांव के एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले श्री ओपी जिन्दल ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छुआ। वे सफल उद्योगपति, समर्पित समाजसेवी के साथ-साथ सांसद और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री भी रहे। उन्हें मैन ऑफ स्टील की उपाधि से भी सम्मानित किया गया। देश के बारे में उनकी सोच थी, भारत को अग्रणी राष्ट्र बनाना है तो औद्योगिक रूप से हमें आत्मनिर्भर बनना होगा और टेक्नोलॉजी में भी विकसित राष्ट्रों के बराबर रहना होगा। कारीगरों के प्रति भी उनके मन में बड़ा सम्मान था, वे कहा करते थे- मैं कारीगर, जो हाथ से काम करने वाला कारीगर है, उसकी राय ज्यादा मानता हूं, इंजीनियर की कम ।इस अवसर पर उपस्थित मुख्य लोगों में जेएसपीएल के प्रेसिडेंट प्रदीप टण्डन, प्लांट हेड अरविंद तगई, प्रशासनिक प्रमुख अधिकारी राकेश गुप्ता आदि प्रमुख थे।

- नई दिल्ली। किआ मोटर्स ने भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित सॉनेट कार का कान्सेप्ट वर्जन पेश कर दिया । दावा किया जा रहा है कि इसमें काफी दमदार आधुनिक फीचर्स हैं। किआ ने अभी सॉनेट की कीमत का फिलहाल खुलासा नहीं किया है। अनुमान है कि इसकी प्राइस 7 लाख रुपए से 11 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) के बीच रखी जा सकती है।यह कार खास तौर से भारत के लिए उतारी गई है। कंपनी ने इसे सब 4 मीटर कैटिगरी में पेश किया है। सबसे अच्छी बात ये है कि इसका निर्माण भारत में ही किया गया है।भारत में यह किआ द्वारा उतारा गया तीसरा मॉडल है। इससे पहले कंपनी किआ सेलटोज, और किआ कॉर्निवेल भारतीय बाजार में पेश कर चुकी है। इन दोनों मॉडलों को भारत में काफी पसंद किया गया।किआ सॉनेट का निर्माण आंध्र प्रदेश के अनंतपुर प्लांट में बनाया गया है। यहीं से इसे दुनिया के अन्य देशों में बिक्री के लिए भेजा जाएगा। ।क्या है खासियतकिआ की कार पसंद करने वालों को इसमें कॉम्पैक्ट एसयूवी 10.25 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंटमेंट के साथ मिलेगी। इसके अलावा म्यूजिक के शौकीनों को इस कार में बॉस कंपनी का पावरफुल 7 स्पीकर सिस्टम भी मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक सनरूफ, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स की सुविधा भी इसमें है। इस कार को स्मार्टवॉच से भी कनेक्ट किया जा सकता है।इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसके 3 इंजन ऑप्शन। इसके अलावा इस कार के साथ 5 स्पीड मैनुअल, सिक्स स्पीड मैनुअल, 6 स्पीड एटी और 6 स्पीड आईएमटी का ऑप्शन मिलता है। किआ सॉनेट जीटीलाइन को 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर टर्बो डीजल इंजन वेरियंट्स मिलेंगे। इसके सेफ्टी फीचर्स में 6 एयरबैग, एपीएसी के ईबीडी, फं्रटच और रियर पार्किंग सिस्टम, टायर प्रेशन मानिटरिंग सिस्टम आदि आधुनिक फीचर्स हैं। अब देखना ये है कि कंपनी इसे शोरूम में कब पेश करती है।---
- मुंबई। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-कृषि कार्यों के लिए सोने के आभूषणों के बदले दिये जाने वाले कर्ज की सीमा को 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। बढ़ी हुई यह सीमा 31 मार्च 2021 तक उपलब्ध होगी।आरबीआई ने विकासात्मक तथा नियामकीय नीतियों पर अपने बयान में कहा, घरों, उद्यमियों और छोटे व्यवसायों पर कोविड-19 महामारी के आर्थिक प्रभाव को आगे और कम करने के मकसद से गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए सोने के आभूषणों और अन्य अलंकारों को गिरवी रखकर लिए जाने वाले कर्ज के संबंध में स्वीकार्य मूल्य पर आधारित ऋण अनुपात को 75 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत करने का निर्णय किया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह छूट 31 मार्च 2021 तक मिलेगी।---
- नई दिल्ली। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने एसबीआई कार्ड के पूर्व प्रमुख रहे हरदयाल प्रसाद को अपना नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। प्रसाद ने पिछले महीने ही एसबीआई कार्ड को छोड़ा था।आवास वित्त कंपनी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। फिलहाल नीरज व्यास पंजाब नेशनल बैंक प्रवर्तित इस कंपनी के अंतरिम प्रमुख का कार्यभार देख रहे हैं। आवास वित्त कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा, व्यापक स्तर पर खोज के बाद उसके निदेशक मंडल ने हरदयाल प्रसाद को पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड का प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया है। प्रसाद 10 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे। प्रसाद के पास बैंक क्षेत्र में काम करने का अच्छा-खासा अनुभव है। पहले वह एसबीआई में अंतरराष्ट्रीय परिचालन देख रहे थे, बाद में वह एसबीआई की प्रवर्तक कंपनी एसबीआई कार्ड में गये। एसबीआई से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद पिछले महीने उन्होंने प्रबंध निदेशक और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया।


.jpg)


















.jpg)



.jpg)

.jpg)