संभावित बाढ़ से निपटने जिला प्रशासन की व्यापक तैयारी शुरू
0- राहत एवं बचाव कार्याे के लिए जिले में कंट्रोल रूम होंगे सक्रिय
0- जिले में 24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
0- जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0788-2320601
दुर्ग. आगामी मानसून सत्र 2026 के दौरान संभावित भारी वर्षा और बाढ़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक सभी विभागों के अधिकारियों को बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए समय रहते पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सभी तहसीलों और नगरीय निकायों में कंट्रोल रूम स्थापित करने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी सूचना जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत शिविर पहले से चिन्हित कर लिए जाएं और वहां भोजन, चिकित्सा, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पूर्ण कर लेने को कहा।
जिले में पिछले वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों तथा नगर निगम दुर्ग के कुछ हिस्से आंशिक रूप से प्रभावित हुए थे। प्रशासन द्वारा ग्रामवार राहत टीमों का गठन कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित किया गया था। इस वर्ष भी मानसून के दौरान आपदा से निपटने के लिए सभी अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम स्तर पर टीम तैयार करें और राहत शिविरों में पुनर्वास की पूर्ण तैयारी रखें।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा
जिले में नियंत्रण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिला कार्यालय के रूम नम्बर 24 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0788-2320601 है। यह कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा। जिला सेनानी होमगार्ड कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0788-2320121 और 0788-2320120 पर सम्पर्क कर सकते हैं। पुलिस कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 9479192099 पर संपर्क कर सकते हैं।
अस्थाई राहत केम्प
जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी राहत केम्पों हेतु भवन चिन्हित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था करने को कहा। प्रत्येक चिन्हित भवन का अग्रिम निरीक्षण कर प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। राहत व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लेने को कहा। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए मछुआरों एवं छोटी नावों की सूची तैयार करने व नावों से संबंधित संपर्क नंबर भी नियंत्रण कक्ष में संधारित करने को कहा। उन्होंने बाढ़ से बचाव हेतु मोटर बोट, बांस, बल्ली, ड्रम तथा गोताखोरो की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जिला सेनानी नगर सेना को बचाव सामग्री एवं मॉकड्रील कराने निर्देशित किया गया। जिला सेनानी ने बताया कि उनके पास समुचित संसाधन उपलब्ध है। कलेक्टर श्री सिंह ने कोटवारों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए, ताकि भराव की स्थिति उत्पन्न होने के पूर्व सूचना प्राप्त हो सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आपदा प्रबंधन के संबंध मंे आवश्यक दवाई एवं मेडिकल टीम की व्यवस्था की जाए। जिले का कोई भी चिकित्सालय डॉक्टर विहिन नही रहे एवं जीवन रक्षक दवाईयां सभी चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। साथ ही मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही मवेशियों के लिए भी दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
शिविरों में बिजली आपूर्ति सतत बनी रहे और वायरिंग सुव्यवस्थित हो। विद्युत बाधा से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी पूरी करने को कहा। विद्युत तार एवं खम्भों के नजदीक लगे वृक्षों की छंटाई-कटाई का कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश नगर पालिक निगम, जनपद पंचायत सीईओ के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी के किनारे बसे लोगों को अभी से व्यवस्थित करने का कार्य कर लें जिससे बाढ़ के समय जन-धन की हानि से बचा जा सके।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम धमधा श्री सोनाल डेविड, एसडीएम भिलाई 3 श्री महेश राजपूत, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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