नैनो उर्वरक और कृषक उन्नति योजना से बदली चोवाराम की तकदीर, पारंपरिक खेती छोड़ मुनाफे की ओर बढ़ाया कदम
0- कृषक उन्नति योजना को बताया किसानों के हित में छत्तीसगढ़ शासन का क्रांतिकारी कदम
0- धान के साथ रबी फसलों में भी मिल रहा बंपर उत्पादन
बालोद. आधुनिक कृषि तकनीक और छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी योजनाओं के तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती अब मुनाफे का जरिया बनती जा रही है। बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह के किसान श्री चोवाराम साहू ने नैनो उर्वरक का वैज्ञानिक पद्धति से उपयोग कर अपने फसल उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। किसान श्री चोवाराम साहू ने बताया कि वे लगभग 02 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। वे खरीफ सीजन में धान की फसल तथा रबी सीजन में मुख्य रूप से तिवड़ा और सरसों की खेती करते हैं। इसके लिए वे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति फागुनदाह से उन्नत बीज और खाद प्राप्त करते हैं। श्री चोवाराम ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का उठाव कर लिया है। नैनो उर्वरक के अपने अनुभव को साझा करते हुए चोवाराम ने कहा कि उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया। इसका परिणाम बेहद चमत्कारी रहा।
नैनो खाद के उपयोग से न केवल धान की फसल की गुणवत्ता सुधरी, बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक को अपनाएं, जिससे कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल का उत्पादन किया जा सके। चोवाराम साहू ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। योजना से मिली अतिरिक्त राशि का उपयोग वे अपने खेती-किसानी के कार्यों को और आधुनिक बनाने में कर रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के निरंतर संचालन और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए चोवाराम ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है।











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