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दुर्ग जिले में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से स्व सहायता समूहों को मिला रोजगार,

 2.20 लाख रूपए से अधिक की आय

*- चार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 16,355 किलोग्राम प्लास्टिक किया एकत्र, 12,287 किलोग्राम का विक्रय*
दुर्ग/ जिले में स्वच्छता को बढ़ावा देने और प्लास्टिक कचरे का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ ही स्व सहायता समूहों की महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में जिले में संचालित चार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 16,355 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया। इसमें से 12,287 किलोग्राम प्लास्टिक के विक्रय से स्व सहायता समूहों को कुल 2,20,967 रुपये की आय प्राप्त हुई है। शेष 4,068 किलोग्राम प्लास्टिक विक्रय के लिए उपलब्ध है।
जिले में प्लास्टिक कचरे के व्यवस्थित संग्रहण एवं प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। इनके माध्यम से स्वच्छाग्राही गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर प्लास्टिक कचरा एकत्र करते हैं। एकत्रित कचरे को पहले सेग्रीगेशन शेड में लाया जाता है, जहां छंटाई के बाद इसे प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाई तक पहुंचाया जाता है। सभी ई-रिक्शा में जीपीएस सुविधा उपलब्ध है, जिससे विकासखंड एवं जिला स्तर पर उनकी निरंतर निगरानी की जाती है।
 
*कोलिहापुरी इकाई ने अर्जित की सर्वाधिक आय*
 
जिले की चारों इकाइयों में ग्राम कोलीहापुरी, जनपद पंचायत दुर्ग की इकाई का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। यहां 11,186 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र किया गया, जिसमें से 9,207 किलोग्राम के विक्रय से 1,85,370 रुपये की आय प्राप्त हुई। वर्तमान में 1,979 किलोग्राम प्लास्टिक विक्रय के लिए उपलब्ध है। ग्राम पंचायत कोलीहापुरी में अब तक 8,500 किलोग्राम प्लास्टिक के लम्प्स तैयार किए गए हैं। इनमें से 7,000 किलोग्राम लम्प्स 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचे गए। इसके अतिरिक्त 610 किलोग्राम प्लास्टिक कबाड़ी को 17 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया गया है। ग्राम लिटिया, जनपद पंचायत धमधा में 2,393 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र किया गया। इसमें से 974 किलोग्राम प्लास्टिक के विक्रय से 13,523 रुपये की आय हुई, जबकि 1,419 किलोग्राम प्लास्टिक शेष है।
इसी प्रकार ग्राम पतोरा, जनपद पंचायत पाटन में 826 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र किया गया। इसमें से 606 किलोग्राम के विक्रय से 7,074 रुपये प्राप्त हुए और 220 किलोग्राम प्लास्टिक विक्रय के लिए उपलब्ध है। ग्राम गाउडीह, जनपद पंचायत पाटन में 1,950 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र किया गया। इसमें से 1,500 किलोग्राम के विक्रय से 15,000 रुपये की आय अर्जित हुई है। यहां 450 किलोग्राम प्लास्टिक शेष है।
 
*स्वच्छता के साथ आजीविका को भी मिल रहा बढ़ावा*
 
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों के माध्यम से गांवों में प्लास्टिक कचरे का व्यवस्थित संग्रहण एवं प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है। वहीं, प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, छंटाई और विक्रय की प्रक्रिया से स्व सहायता समूहों को आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है। यह पहल स्वच्छ गांवों के निर्माण के साथ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
 
 

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