नोबेल पुरस्कार जीतने के बाद कैलिफोर्निया के वैज्ञानिक ने बच्चों के लिए बनाया स्कूल के वास्ते लंच
स्टेनफोर्ड. कैलिफोर्निया के वैज्ञानिक डॉ. कार्ल डीसेरोथ ने रविवार देर रात चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार जीतने की खबर मिलने के बाद बधाई देने वालों के फोन का जवाब दिया लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने अपने बच्चों के लिए स्कूल का लंच तैयार किया। डीसेरोथ (54) को ऑप्टोजेनेटिक्स नामक मस्तिष्क विज्ञान की एक नयी शाखा विकसित करने में योगदान के लिए जर्मनी के दो वैज्ञानिकों के साथ इस साल का चिकित्सा नोबेल पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है। ऑप्टोजेनेटिक्स में प्रकाश और जीन की मदद से जीवित मस्तिष्क में न्यूरॉन्स को सक्रिय या निष्क्रिय किया जाता है। स्टेनफोर्ड स्थित अपने घर में डीसेरोथ देर रात तक पत्रकारों और शुभचिंतकों से बातचीत करते रहे। तब उनके बच्चे सो रहे थे। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्कूल जाने से पहले उन्हें उनके लिए लंच तैयार करना था। खुद को रात में देर तक काम करने वाला व्यक्ति बताने वाले डीसेरोथ हावर्ड ह्यूजेस मेडिकल इंस्टीट्यूट के अन्वेषक और स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि शोधपत्रों की समीक्षा करने और अपने छात्रों को ईमेल भेजने के बाद वह सोने गए ही थे कि उन्हें स्टॉकहोम स्थित नोबेल असेंबली से फोन आया। उन्होंने 'द एसोसिएटेड प्रेस' से कहा, ''मुझे लगभग ऐसा लगा जैसे बोलने की मेरी क्षमता ही चली गई हो, लेकिन एक-दो मिनट बाद मैं संभल गया।'' इसके बाद उन्होंने एपी के विज्ञान संवाददाताओं को दूरस्थ माध्यम से साक्षात्कार भी दिए। पुरस्कार की घोषणा के करीब एक घंटे बाद उन्होंने कहा, ''वास्तव में नींद नहीं आई।'' डीसेरोथ से फोन और वीडियो कॉल के जरिए बातचीत के दौरान एपी का एक फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर स्टैनफोर्ड स्थित उनके घर की ओर रवाना हो गए। फोटोग्राफर करीब तड़के साढ़े तीन बजे उनके घर पहुंचा। बाहर हैलोवीन की सजावट थी और अंदर केवल एक रोशनी जल रही थी। उसे कुछ देर लगा कि कहीं वह गलत घर तो नहीं पहुंच गया। इसके बाद उसने दरवाजा खटखटाया। वैज्ञानिक की पत्नी डॉ. मिशेल मोन्जे-डीसेरोथ ने दरवाजा खोला और फोटोग्राफर को अंदर बुलाया। उस समय नोबेल पुरस्कार विजेता घर के सोफे पर बैठकर फोन पर लोगों से बातचीत कर रहे थे। मोन्जे-डीसेरोथ भी हावर्ड ह्यूजेस मेडिकल इंस्टीट्यूट की अन्वेषक और स्टेनफोर्ड की बाल न्यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट हैं। वह अपने पति के साथ थीं और स्टेनफोर्ड के संचार विभाग के कर्मचारियों के लिए कॉफी भी बना रही थीं, जो इस उपलब्धि का जश्न मनाने वहां पहुंचे थे। डीसेरोथ ने एपी को बताया कि वह अपने काम को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की खबर से हैरान थे, लेकिन उनकी पत्नी को आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने अपने साथ नोबेल पुरस्कार विजेता घोषित किए गए पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल के साथ किए गए शोध तथा उसके व्यावहारिक प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, ''मैं चिकित्सक-वैज्ञानिक हूं। मैं मनोचिकित्सक हूं। मुझे मरीजों और ऑटिज्म तथा अवसाद से पीड़ित अपने मरीजों की चिंता रहती है। लेकिन मैं एक बुनियादी वैज्ञानिक भी हूं और मुझे इस अद्भुत अंग—मस्तिष्क को समझने में रुचि है कि यह कैसे काम करता है, कैसे सूचनाओं को एकीकृत और संसाधित करता है तथा उन सभी चीजों को कैसे संभव बनाता है जो हमें इंसान बनाती हैं।'' साक्षात्कारों का सिलसिला खत्म करने के बाद डीसेरोथ ने स्टेनफोर्ड के कर्मचारियों से कहा कि उन्हें सुबह साढ़े छह बजे से करीब एक घंटे का विराम चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे जागने वाले हैं और स्कूल जाने से पहले उनके लिए लंच तैयार करना होगा। जब स्टेनफोर्ड के एक प्रतिनिधि ने देर रात तक चल रही हलचल से पड़ोसियों को परेशानी होने की आशंका जताई, तो मोन्जे-डीसेरोथ ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय के शिक्षकों के आवासीय परिसर में रहते हैं और उनके पड़ोस में कई नोबेल पुरस्कार विजेता हैं।



.jpeg)
.jpeg)





Leave A Comment