सफाई सैनिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दें – केशव बिहारी
-राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष ने अधिकारियों की बैठक लेकर की समीक्षा
-सफाई मित्रों के परिवारों का सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
बिलासपुर / राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष श्री केशव बिहारी ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट स्थित मंथन सभाकक्ष में नगर निगम, समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न शासकीय एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति, स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े विषयों की समीक्षा की। अधिकारियों को उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए विभागीय समन्वय से ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों और भर्ती के प्रयासों की भी जानकारी ली।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, अपर कलेक्टर श्री वीरेंद्र बहादुर पचभाई सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।श्री बिहारी ने कहा कि बिलासपुर को स्वच्छता का आदर्श शहर बनाने में सफाई सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके श्रम और समर्पण से ही शहर स्वच्छ एवं सुंदर बनता है। इसलिए स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ उनके हितों और सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाए। सफाई मित्रों का स्वास्थ्य, सुरक्षा और खुशहाली हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। संबंधित विभाग उनके परिवारों को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता से कार्य करें।
आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की वास्तविक स्थिति का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए। इसमें आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा स्वास्थ्य एवं आयुष्मान कार्ड की उपलब्धता की जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे के आधार पर आवश्यक सुविधाओं और अतिरिक्त सहायता की जरूरत वाले परिवारों की पहचान की जाएगी।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, पीएम स्वनिधि, उज्ज्वला सहित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र सफाई कर्मचारियों एवं उनके परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। योजनाओं से वंचित पात्र परिवारों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
श्री बिहारी ने सफाई कर्मचारियों के लिए सुविधायुक्त विश्राम स्थल विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम पाली में काम के बाद कर्मचारी वहां कुछ समय आराम कर सकें। इसके लिए जिला प्रशासन उपयुक्त भवन उपलब्ध कराने की पहल करे।उन्होंने महिला सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए पुलिस एवं जिला प्रशासन को सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जाति, सामाजिक पृष्ठभूमि, अंधविश्वास अथवा कार्य की प्रकृति के आधार पर सफाई कर्मचारियों से भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्हें सम्मानपूर्वक और बिना भेदभाव के कार्य करने का वातावरण मिले।
आयोग के उपाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने फिनाइल, झाड़ू तथा सफाई में उपयोग होने वाली सामग्री के निर्माण के लिए परिवारों को प्रोत्साहित करने और शासकीय विभागों के माध्यम से उनके उत्पादों को बाजार एवं मांग से जोड़ने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उनके जीवन तक पहुंचे। इसके लिए नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय से समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।



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