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घरेलू उड़ान कोविड-19 से पहले की स्थिति पर पहुंचने के करीब: सिंधिया

नयी दिल्ली.  नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सबसे अधिक आर्थिक नुकसान उठाने वाला विमानन उद्योग अब महामारी से पहले वाली स्थिति की ओर लौट रहा है और अब 3.8 लाख यात्री प्रतिदिन उड़ान भर रहे हैं। राज्यसभा में सिंधिया ने प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। इस दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र अब पुन: पटरी पर लौट रहा है कोविड-19 से पहले की स्थिति से महज पांच से छह प्रतिशत की दूरी पर है। सिंधिया ने कहा, ‘‘सदन को यह बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि कोविड-19 से पहले देश में प्रति दिन करीब चार लाख लोग उड़ान भरते थे। हम पिछले साल दिसंबर महीने में प्रति दिन 3.83 लाख यात्रियों के आंकड़े तक पहुंच गए थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम पुन: अच्छी स्थिति में पहुंच रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि रोजगार के स्तर पर भी हम पुन: अपनी स्थिति को और मजबूत करेंगे।'' घरेलू क्षेत्र पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किराए आसमान ना छुए इसके लिए सरकार ने किरायों की सीमा निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कीमत सरकार के हाथ में नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि 27 मार्च से जब अंतरराष्ट्रीय उड़ान आरंभ हो जाएंगे और जब गर्मियों में विमानन क्षेत्र में सभी विमानन कंपनियां आ जाएंगी तो भारत आने वाली और बाहर जाने वाली उड़ानों में सीटों की संख्या भी पर्याप्त होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, मैं समझता हूं कि कीमतों के मामले में बाजार इसका ध्यान रखेंगे।'' केंद्रीय मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण भी विमानन उद्योग को बहुत नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि एक विमान के परिचालन के खर्चे में 37 प्रतिशत योगदान ईंधन का होता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण उन्हें पिछले साल 19,000 करोड़ का नुकसान हुआ। सिंधिया ने कहा कि ईंधन की कीमतों में 4.5 गुना वृद्धि हुई है और 11 राज्य विमानों के ईंधन (एटीएफ) पर 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक मूल्य वर्धित कर (वैट) लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने राज्यों से अनुरोध किया कि वे एटीएफ पर कर कम करें। मेरे कार्यभार संभालने से पहले 11 राज्य ऐसे थे जो एटीएफ पर एक से पांच प्रतिशत कर लगा रहे थे। और 25 राज्य ऐसे थे जो 15 से 30 प्रतिशत तक कर लगा रहे थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस स्थिति को बदला है। अब 12 राज्यों ने वैट 25-30 प्रतिशत से घटाकर 1-4 प्रतिशत कर दिया है।'' अब 23 राज्य ऐसे हैं जो 1 से 4 प्रतिशत के बीच वैट वसूल रहे हैं। सिर्फ 11 राज्य हैं, जो 15 से 30 प्रतिशत तक कर वसूल रहे हैं।'' नौकरियों में हुए नुकसान के बारे में सिंधिया ने कहा कि यह क्षेत्र दुनिया भर में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ लेकिन जैसे ही कोविड संक्रमण के मामलों में कमी आई उतनी से तेज गति से इसने वापसी भी की है

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