'सुधार, प्रदर्शन और बदलाव' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत: प्रधानमंत्री मोदी
जकार्ता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत ''सुधार, प्रदर्शन और बदलाव'' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी आत्मनिर्भरता न केवल इंडोनेशिया के लिए, बल्कि पूरे आसियान क्षेत्र के प्रभाव को कई गुना बढ़ाने वाली ताकत है। जकार्ता में प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को भारत का ''सच्चा मित्र'' बताया। कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और उनके शीर्ष मंत्री भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''भारत ने एक के बाद एक कई सुधार किए हैं। हमने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और इसी वजह से आज देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हम सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि अगर भारत के विकास की गति और पैमाने को एक पंक्ति में व्यक्त करना हो तो वह कहेंगे, ''1.4 अरब आकांक्षाएं गति में हैं।'' उन्होंने कहा, ''भारत केवल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा राष्ट्र है जहां एक अरब से अधिक सपने आगे बढ़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''ऊर्जा से लेकर कनेक्टिविटी और चिप निर्माण तक, भारत को रोका नहीं जा सकता। आज का भारत केवल अपने सपनों को पूरा नहीं कर रहा, बल्कि हर मित्र देश के सपनों को पूरा करने में भी योगदान दे रहा है। भारत 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलता है।'' उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता केवल इंडोनेशिया ही नहीं, बल्कि पूरे आसियान क्षेत्र के लिए विकास को बढ़ावा देने वाली ताकत है। मोदी ने कहा कि भारत अपने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण कर रहा है, नये जहाजों का निर्माण कर रहा है और समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नये समुद्री मार्गों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में इंडोनेशिया भारत का एक पसंदीदा मित्र है। उन्होंने कहा, ''चाहे इंडोनेशिया हो या भारत, हमारा साझा लक्ष्य विकास है। हम न तो इंतजार कर सकते हैं और न ही रुक सकते हैं।'' मोदी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, ''जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था नहीं रुकी। जब पश्चिम एशिया में संकट पैदा हुआ, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था थमी नहीं। हमने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और यही कारण है कि भारत तेजी से परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है।'' इस अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने कहा कि 2025 के भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने बताया कि यह अवसर उन्हें राष्ट्रपति पद संभालने के मात्र तीन महीने बाद मिला था। सुबियांतो ने कहा, ''भारत की अपनी राजकीय यात्रा से ठीक पहले मैंने जीनोम अनुक्रमण परीक्षण कराया था। जब मेरे डीएनए की जांच हुई तो पता चला कि उसमें भारतीय डीएनए भी है। शायद यही वजह है कि जब भी मैं कोई संगीत सुनता हूं, खासकर भारतीय संगीत, तो मेरे पैर अपने आप थिरकने लगते हैं।'' उन्होंने कहा कि वह सभी भारतीयों के दोस्त हैं, लेकिन वह प्रधानमंत्री मोदी के ''बहुत बड़े प्रशंसक'' हैं और उन्होंने उनकी कई नीतियों को अपनाया है। उन्होंने कहा, ''इंडोनेशिया के लोगों को भारत के अनुभवों से सीखना चाहिए। हमारी सभ्यता और संस्कृति पर भारतीय सभ्यता का गहरा प्रभाव है। हमारी भाषा का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संस्कृत से आया है। हमारे कई नाम भी संस्कृत मूल के हैं। इसलिए हमारे बीच एक विशेष निकटता है और हम दोनों देशों के बीच और अधिक घनिष्ठ सहयोग का स्वागत करते हैं।'' इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के अंदर भारतीय डीएनए होने संबंधी उनकी टिप्पणी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''आपके इस बयान ने भारतीयों के दिलों को छू लिया। यह डीएनए आपसी विश्वास, साझा विरासत और साझा स्मृतियों से बना है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध साझा सभ्यतागत विरासत और दोनों देशों को जोड़ने वाले समुद्रों पर आधारित हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बुधवार को वह योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रम्बानन मंदिर जाएंगे। सदियों पुराने इस मंदिर को इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। यह योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महानदी में केले के तने से बनी छोटी-छोटी नावों को प्रवाहित करने की परंपरा हो, 'वायंग कुलित' के माध्यम से महाभारत का मंचन हो या देवी श्री की पूजा, हर परंपरा भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का गीत बेहद लोकप्रिय है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैंने राष्ट्रपति प्रबोवो से कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो बहुत कुछ होता है...।'' उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया द्वारा उन्हें सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता का एक और प्रतीक है। मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय से अपील की कि वे अपने इंडोनेशियाई मित्रों को भारत के बारे में बताएं और उन्हें भारत यात्रा के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा, "अब सीधी उड़ानें उपलब्ध होने से भारत की यात्रा काफी आसान हो गई है। इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को वहां की युवा पीढ़ी को भी भारत के बारे में अधिक जानने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।" मोदी ने यह भी कहा कि इंडोनेशिया में फुटबॉल के प्रति लोगों का जबरदस्त जुनून है। उन्होंने कहा, ''जब-जब मैं इंडोनेशिया आया हूं, तब-तब यहां फीफा विश्व कप का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।'' बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''मुझे खुशी है कि भारत और इंडोनेशिया आपसी विश्वास के आधार पर मिलकर एक नए भविष्य की रचना कर रहे हैं। इस साझेदारी का सबसे अधिक लाभ इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को मिलेगा।'' उन्होंने सामुदायिक कार्यक्रम में संबोधन के लिए राष्ट्रपति सुबियांतो का भी आभार जताते हुए कहा, ''उनका संबोधन भारत के प्रति अभूतपूर्व आत्मीयता और सराहना से परिपूर्ण था।'' इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के पारंपरिक धुनुची नृत्य का भी आनंद लिया।






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