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- बिलासपुर/छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी प्रोसेस 1 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. इसके तहत घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत सभी तरह के बिजली कनेक्शनों का आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा. ई-केवाईसी के जरिए बिजली उपभोक्ता की पहचान और उसके बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का आधार कार्ड से वेरिफिकेशन किया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम का शत-प्रतिशत मिलान होना जरूरी है. अगर दोनों जगह नाम में अंतर है या किसी तरह की गलती है, तो पहले बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा. इसके बाद ही ई-केवाईसी पूरी हो सकेगी.घर बैठे कर सकेंगे ई-केवाईसीकंज्यूमर्स को ई-केवाईसी कराने के लिए बिजली ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी. वे ‘मोर बिजली’ एप के जरिए घर बैठे अपना आधार प्रमाणीकरण कर सकेंगे. इसके लिए उपभोक्ता को एप पर उपलब्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा.अगर ऑनलाइन प्रोसेस के दौरान किसी तरह की परेशानी आती है, तो कंज्यूमर्स अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं. वहां काम में लगे कर्मचारी ‘प्रकाश एप’ के ई-केवाईसी पोर्टल के जरिए वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे. इसके अलावा मीटर रीडरों को भी कंज्यूमर्स से संपर्क कर उन्हें ई-केवाईसी कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं.
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*रायपुर की मानसी, पिंकी और दंतेवाड़ा की लच्छी, राजकुमारी, सोमारी और रामे ने जीता स्वर्ण*
-17वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 21 - 23 अगस्त 2026, नान्देड़ (महाराष्ट्र) सम्पन्न
सर्वाधिक 05 पदक (04 स्वर्ण, 01 काँस्य) एकलव्य खेल परिसर जावंगा, गीदम की बालिका खिलाड़ियों ने जीते
महाराष्ट्र प्रथम, तमिलनाडु द्वितीय, तेलंगाना तृतीय स्थान पर रहे
छत्तीसगढ़ पंचम स्थान पर रहा
रायपुर/SGFI से मान्यता प्राप्त रही संस्था थाई बॉक्सिंग इण्डियन फेडरेशन (TIF) के तत्वावधान में तेलंगाना थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा TIF 17वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 21 - 23 अगस्त 2026 तक गुरु गोविन्द सिंह इंडोर स्टेडियम, क्रीड़ा संकुल, नान्देड़ (महाराष्ट्र) में किया गया जिसके 18 राज्यो के लगभग 450 खिलाड़ियों अधिकारियों ने भाग लिया जिसमे महाराष्ट्र प्रथम, तमिलनाडु द्वितीय, तेलंगाना तृतीय, चतुर्थ स्थान पर उड़ीसा और छत्तीसगढ़ पाँचवे स्थान पर रहा।
उपरोक्त जानकारी देते हुए छ ग थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनीस मेमन एवँ महासचिव लखन कुमार साहू ने आगे बताया कि छ ग खेल जगत के लिए अत्यंत हर्ष एवँ गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की सातों बालिका खिलाड़ियों ने पदक जीते जिसमे रायपुर की दोनो खिलाड़ियों कु मानसी तांडी और कु पिंकी गुप्ता के अलावा एकलव्य खेल परिसर - जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा की 04 खिलाड़ियों (कु लच्छी कोवासी, कु राजकुमारी, कु सोमारी, कु रामे कवासी) ने स्वर्ण पदक और एक खिलाड़ी (कु सुनीता) ने काँस्य पदक जीता है।
उल्लेखनीय है कि एकलव्य खेल परिसर, जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा में पदस्थ खेल एवँ युवा कल्याण विभाग दंतेवाड़ा की कोच कु टिकेश्वरी साहू को TIF (थाई बॉक्सिंग इण्डियन फेडरेशन) ने फीमेल टेक्निकल पैनल की जिम्मेदारी निभाई। जबकि दुर्ग के विक्की भारतीय और करण चेलक निर्णायक परीक्षा उत्तीर्ण कर निर्णायक पैनल में सम्मिलित किये गए। जबकि छत्तीसगढ़ टीम के कोच की जिम्मेदारी दुर्ग के लक्ष्मीनारायण साहू ने निभाई।
उल्लेखनीय है कि उक्त राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में छ ग का 07 बालिका खिलाड़ियों और 05 अधिकारियों (01 एशियन रेफरी, 02 नए रेफरी, 01 कोच, और 01 राज्य थाई बॉक्सिंग संघ के प्रतिनिधि) सहित 12 सदस्यीय दल भाग लिया था। छ ग थाई बॉक्सिंग दल के खिलाड़ी, अधिकारी छ ग थाई बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष अनीस मेमन के मार्गदर्शन और एशियन रेफरी कु टिकेश्वरी साहू, कोच लक्ष्मी नारायण साहू के नेतृत्व में नान्देड़, संतारागछि - हुज़ूर साहेब सुपर फास्ट एक्सप्रेस से 25 अगस्त 2026 को सुबह 06 बजे रायपुर पहुंचेंगे।
जहाँ रायपुर रेल्वे स्टेशन में थाई बॉक्सिंग संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों के परिजनों द्वारा छ ग थाई बॉक्सिंग दल का परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा।
*छ ग थाई बॉक्सिंग पदक विजेता दल :-*
रायपुर से :-
कु मानसी तांडी - स्वर्ण पदक (U 21yrs, -45kg)
कु पिंकी गुप्ता - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -44kg)
दंतेवाड़ा से :-
कु सोमारी कवासी - स्वर्ण पदक (U 14yrs, -32kg)
कु सुनीता, काँस्य पदक - (U 14yrs, -44kg)
कु लच्छी कोवासी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -40kg)
कु रामे कवासी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -52kg)
कु राजकुमारी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -56kg)
*राष्ट्रीय निर्णायक परीक्षा उत्तीर्ण*
दुर्ग से :- विक्की भारती एवँ करण चेलक
अधिकारी गण :- अनीस मेमन (रायपुर), कु टिकेश्वरी साहू (एकलव्य खेल परिसर, जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा), लक्ष्मी नारायण साहू (दुर्ग)।
- -मुख्यमंत्री ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का किया विमोचन-हर घर में हो छोटी-सी लाइब्रेरी, पढ़ने की संस्कृति को दें बढ़ावा : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने का भी सशक्त माध्यम है। ‘कोहरा’ जैसे उपन्यास सामाजिक विषयों को विमर्श के केंद्र में लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा को उनके उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय पर लेखन के लिए साहस की आवश्यकता होती है। रचनाकार जब समाज की समस्याओं और वास्तविकताओं को अपनी लेखनी का विषय बनाते हैं, तो साहित्य सामाजिक चेतना का माध्यम बनता है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने देश को अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिए हैं। विनोद कुमार शुक्ल जैसे मूर्धन्य रचनाकार को साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ मुक्तिबोध की सृजनभूमि रही है और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के रचनाकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और समकालीन विषयों को साहित्य के माध्यम से समाज के सामने ला रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिनेमा और साहित्य ने समय-समय पर समाज के संवेदनशील विषयों को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन और मार्मिक विषयों को उठाने पर मतभेद और विरोध के स्वर भी सामने आते हैं, लेकिन रचनाकार का दायित्व है कि वह अपनी दृष्टि और संवेदना के साथ समाज के सामने विषय रखे। उन्होंने ‘कोहरा’ के लेखक के साहसिक प्रयास की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छी पुस्तकें अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनती हैं। इसलिए हर परिवार को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह अवश्य रखना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए साहित्यकारों और रचनाकारों से इससे प्रभावित लोगों की पीड़ा और संघर्ष को भी अपनी रचनाओं का विषय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और बस्तर शांति एवं विकास के नए दौर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की हिंसा में अनेक निर्दोष लोगों ने अपने परिजनों को खोया, बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हुआ तथा दशकों तक अनेक क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर रहे। नक्सलवाद की इस मानवीय त्रासदी और इसके कारण समाज पर पड़े प्रभावों को भी व्यापक रूप से सामने लाने की आवश्यकता है। साहित्यकार अपनी संवेदनशील लेखनी के माध्यम से उन परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और बदलते बस्तर की कहानी को देश-दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सुनील गंगाराम गर्ग ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता और विशिष्टता के साथ सहअस्तित्व को स्वीकार करती है। उन्होंने श्री करुणा सागर पण्डा की लेखनी की सराहना करते हुए ‘कोहरा’ को समकालीन विषय पर लिखी गई प्रासंगिक कृति बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय विचारों के संवाद का समय है और साहित्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रश्नों पर सार्थक विमर्श पैदा करने वाली रचनाएं समाज को आत्ममंथन का अवसर देती हैं। ‘कोहरा’ भी अपने विषय के माध्यम से पाठकों को विचार करने के लिए प्रेरित करता है।छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने कहा कि ‘कोहरा’ केवल समस्या को सामने नहीं रखता, बल्कि समाधान की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। बीबीजे के स्वतंत्र निदेशक श्री जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक वास्तविकताओं से परिचित कराने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने ‘कोहरा’ को साहसिक लेखन का उदाहरण बताते हुए कहा कि रचनाकार को समाज के ज्वलंत प्रश्नों पर अपनी बात रखने का साहस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपन्यास में सामाजिक विषयों के साथ नक्सलवाद की समस्या को भी अभिव्यक्ति दी गई है। साहित्य समाज में वैचारिक चेतना और सकारात्मक प्रतिरोध का स्वर मजबूत करता है।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, श्री जलज कुमार अनुपम सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
- -प्रोफेसर सहित 06 आरोपी गिरफ्तार, 36 घंटे के भीतर पुलिस का बड़ा खुलासारायपुर / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)) की बी.एस.सी. (कृषि) द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र (एजीसीएच 221) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपये में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया।20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) श्री तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के लिए 100 से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। साइबर विंग ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया टाइमलाइन का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।पुलिस ने आरोपियों के पास से नगद राशि 11 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 06 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर,अन्य सामग्रियों में सुई, सुजा और फेविकोल जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5, 10 तथा बीएनएस (BNS) की धारा 316 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। प्रकरण में 02 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। आरोपियों में योगेश सोनकेसरिया (मुख्य आरोपी - प्रोफेसर) निवासी सिवनी (म.प्र.), हाल पता - चंदखुरी, दुर्ग, अजय नायक (छात्र) निवासी बलौदा बाजार, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, त्रिदेव पटेल (छात्र) निवासी महासमुंद, हाल पता - आनंद विहार, दुर्ग, नितिन पाण्डेय (छात्र) निवासी बस्तर, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, अनुज मिंज (छात्र) निवासी जशपुर, हाल पता - पोटिया चौक, दुर्ग और आदित्य साहू (छात्र) निवासी बालोद, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग शामिल हैं।
- मरवाही । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना जिले की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही परिवार की जरूरतों में भी सहयोग कर रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम मेढूका निवासी श्रीमती देवेंद्र कुमारी के लिए महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त विशेष खुशियां लेकर आई है। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले योजना की राशि उनके बैंक खाते में पहुंचने से उनके चेहरे पर खुशी की मुस्कान खिल उठी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 30वीं किस्त की राशि उनके खाते में जमा हो गई है, जिसका उपयोग वे रक्षाबंधन पर्व की तैयारियों और राखी की खरीदारी में करेंगी।श्रीमती देवेंद्र कुमारी ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का भी माध्यम बन रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने में सक्षम हो रही हैं और परिवार की खुशियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन जैसे विशेष पर्व से पहले राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी विशेष उपहार से कम नहीं है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है और उनके जीवन में नई खुशियां एवं आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर मिलने वाली यह सहायता महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है और परिवार की खुशियों को और बढ़ा देती है।“राखी का रिश्ता, भरोसे का साथकृविष्णु भैया संग विकास की बात।”श्रीमती देवेंद्र कुमारी की यह खुशी महतारी वंदन योजना के उस व्यापक उद्देश्य को साकार करती है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना आज प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में भरोसे, सम्मान और खुशियों का नया रंग भर रही है।
- -शहीद राजीव पांडे अवॉर्डी खिलाड़ी लक्की यादव को उप मुख्यमंत्री मंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने दी बधाईमहासमुंद ।उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री अरुण साव के शनिवार को महासमुन्द प्रवास के दौरान कलेक्टर कार्यालय में अध्यक्ष जिला पैरा स्पोर्टस संघ महासमुंद निरंजन साहू एवं जिला पैरा स्पोर्टस खिलाडी लक्की यादव राजीव पाण्डे अवॉर्ड वर्ष 2025-26 राज्य खेल अलंकरण हेतु चयनित होने पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव ने लक्की यादव को बधाई देते हुए सम्मानित किया। अध्यक्ष, जिला पैरा स्पोर्टस संघ द्वारा दिव्यांग पैरा खिलाड़ियों के खेल गतिविधियों में विकास लाने हेतु दिव्यांग एवं सामान्य खिलाडियों के खेल के प्रति राष्ट्रीय भाव उत्पन्न करने हेतु समावेशी खेल एकेडमी (आवासीय एवं गैर आवासीय) संचालन के संबध में मांग पत्र माननीय मंत्री जी को सौंपा गया, जिसमें खिलाडियों का निरंतर अभ्यास, पोषण, आहार व्यवस्था तथा तकनीकी प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सुझाव रखा गया। इस अवसर पर मंत्री श्री साव के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से मांग पत्र पूरी करने हेतु आश्वासन दिया गया। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव द्वारा खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा संचालित खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के खिलाड़ियों से मुलाकात व परिचय प्राप्त कर खेल कीट का वितरण कर बधाई एवं आगामी भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर रवि साहू, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, अन्य जिला अधिकारी, प्राचार्य एकलव्य भोरिंग महेंद्र टंडन, एन आई एस तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू, व्यायाम शिक्षक एकलव्य भोरिंग नीलम साहू एवं खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर के खिलाड़ी उपस्थित रहे।वर्तमान में 60 खिलाड़ी तीरंदाजी अभ्यास करने खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर एकलव्य भोरिंग में पहुंच रहे हैं।
- -बांध के जलस्तर में 4 सेमी की गिरावट दर्जसक्ती/ बांगो बांध में पानी की आवक कम होने से मिनीमाता बांगो बांध के जलस्तर में 4 सेमी की गिरावट आई है। बांध के जल भराव को नियंत्रित करने के लिए जल द्वारों की कुल ओपनिंग 4.00 मीटर को कम किया जाकर 3.00 मीटर किया गया।वर्तमान में अतिरिक्त पानी की मात्रा को 7 जलद्वारो एवं पावर हाउस के माध्यम से निकाला जा रहा है। अभी बांध का जलस्तर 358.18 मीटर (91.18%) है।पानी का इनफ्लो 20280 cusec एवं आउट फ्लो 25848 cusec है।
- -महतारी वंदन योजना से उर्मिला यादव के परिवार को मिला आर्थिक सहारा- बच्चों के पोषण के साथ बेटी के भविष्य के लिए कर रहीं नियमित बचतरायपुर / छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना परिवारों के लिए मजबूत आर्थिक सहारे का माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए भी आर्थिक प्रबंधन कर रही हैं।सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम जमगवां की श्रीमती उर्मिला यादव महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर इस आर्थिक संबल का उपयोग अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। उर्मिला यादव बताती हैं कि योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रतिमाह राशि प्राप्त होती है। इस राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग लेती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्चों को व्यवस्थित करने में उन्हें काफी सहूलियत मिली है।महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा उर्मिला यादव अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत में लगा रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाया है, जिसमें वे प्रतिमाह 200 रुपये जमा कर रही हैं। इस तरह योजना से मिलने वाली सहायता उनके परिवार की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार करने में भी मददगार बन रही है।उर्मिला यादव का कहना है कि पहले घरेलू जरूरतों के बीच आर्थिक प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब हर माह मिलने वाली राशि से उन्हें अतिरिक्त सहारा मिलता है। वे अपनी जरूरतों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर पा रही हैं और बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत भी कर रही हैं।उर्मिला यादव के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें परिवार की आर्थिक व्यवस्था में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दे रही है। महतारी वंदन योजना की राशि से महिलाएं बच्चों के पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और अपनी जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के लिए भी आर्थिक निर्णय ले पा रही हैं।उर्मिला यादव ने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की जरूरतों के समय यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बनती है और उन्हें बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर भी मिलता है।महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल के लिए श्रीमती उर्मिला यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना की राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ अपनी बेटी के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं।उर्मिला यादव की कहानी यह दर्शाती है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को परिवार की जरूरतों के बेहतर प्रबंधन, बच्चों के पोषण और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास परिवारों को आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रहे हैं।
- -स्थानीय छात्र हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त: श्याम बिहारी जायसवाल-नीट यूजी काउंसलिंग 2026: फर्जी जानकारी देने पर निरस्त होगा प्रवेश, राज्य काउंसलिंग समिति की चेतावनी-मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मानी जाएगी प्रवेश प्रक्रिया पूर्णरायपुर ।छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटें बढ़ाने का उद्देश्य ही यही है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बच्चों को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिले।श्री जायसवाल ने कहा है कि डोमिसाइल को लेकर अगर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिनके दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर कहीं नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेहनत की है, उनके भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेज और सीटें बढ़ाना हमारी उपलब्धि है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि इसका लाभ पात्र विद्यार्थियों को ही मिले। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी काउंसलिंग, मेरिट और आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया प्रचलित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी ढंग से संपादित की जा रही है।छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति ने नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम का निर्धारण, आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा एवं प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है। पात्रता परीक्षण के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र तथा नियमानुसार अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवंटन के बाद अभ्यर्थी द्वारा आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने और उनके सत्यापन में पात्र पाए जाने के उपरांत ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।प्रवेश नियम के नियम 12 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा प्रासंगिक तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया गया हो, या प्रवेश के बाद किसी भी समय यह पाया जाए कि अभ्यर्थी को किसी त्रुटि अथवा चूक के कारण प्रवेश प्राप्त हो गया है, तो नियमानुसार उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। मूल निवासी अथवा अन्य दस्तावेजों को लेकर कोई शिकायत या तथ्य सामने आने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल पर Candidate Login में उपलब्ध "Candidates Grievances and Query Redressal System" के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल **[email protected]* पर संपर्क कर सकते हैं।
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दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से संवर रहा महिलाओं का भविष्य
ई-रिक्शा से आसान हुआ सफर और बढ़ी कमाई, हर महीने हो रहा 10 से 12 हजार रुपये का शुद्ध लाभ
महिला लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, बोलीं ‘विष्णु भैया‘ बढ़ा रहे हमारा मान
बालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। जिले के ग्राम झलमला की सेवती ठाकुर और ग्राम सिवनी की अंजू नेताम इस योजना का लाभ लेकर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ग्राम झलमला निवासी श्रीमती सेवती ठाकुर श्रम विभाग में पंजीकृत हैं और स्व-सहायता समूह से जुड़कर कैंटीन का संचालन करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले कैंटीन के लिए कच्चा माल और खाद्य सामग्रियां बाजार से लाने में काफी दिक्कतों और भारी किराये का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत आर्थिक अनुदान और बैंक ऋण के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे स्वयं परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रतिदिन के किराये की बचत हो रही है और समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सेवती ठाकुर कहती हैं कि “मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह संबल बनकर खड़े हैं। इस मदद के लिए हम अपने विष्णु भैया का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”
ग्राम सिवनी की श्रीमती अंजू नेताम पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। योजना के तहत ई-रिक्शा मिलने के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार का जरिया बनाया। अब वे गांव के स्कूली बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाने और ले आने के साथ अन्य स्थानीय परिवहन सेवाएं देती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10,000 से 12,000 रुपये की शुद्ध आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अंजू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी नियमित लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं ने उनके भीतर नया आत्मविश्वास जगाया है। इन महिलाओं को परिवार की आर्थिक धुरी बना दिया है, जिससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है। -
बिलासपुर/ स्कूल से लौटते समय नदी पार करने के दौरान तेज बहाव में बहे एक ही परिवार के तीन बच्चों का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत समडील गांव में शनिवार को घोंघा नदी पार करने के दौरान बहे एक ही परिवार के तीन बच्चों अनमोल जायसवाल (छह), स्तुति जायसवाल (सात) और शिक्षा जायसवाल (सात) के शव बरामद कर लिए गए हैं। तखतपुर थाने के प्रभारी अवनीश पासवान ने बताया कि समडील गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे राजेंद्र जायसवाल (14), अनमोल, स्तुति और शिक्षा शनिवार को वहां से दो किलोमीटर दूर नयापारा स्थित डीपी विप्र विद्यालय से शाम चार बजे छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहे थे। पासवान ने बताया कि गांव निवासी भुवनेश्वर जायसवाल की पुत्री स्तुति और पुत्र अनमोल सगे भाई-बहन थे, जबकि शिक्षा भुवेश्वर के भाई विजय जायसवाल की पुत्री थी। वहीं राजेंद्र, जायसवाल परिवार का भांजा है। थाना प्रभारी ने बताया राजेंद्र के पास साइकिल थी जबकि अन्य तीनों बच्चे पैदल ही घर की तरफ बढ़ रहे थे। इस दौरान राजेंद्र ने तीनों बच्चों से कहा कि पुल से जाने के बजाय नदी को पार करते हुए घर जल्दी पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र स्वयं भी अपने तीनों भाई-बहनों के साथ घोंघा नदी पैदल ही पार करने लगा, इस दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से तीनों छोटे बच्चे बह गए और उनकी मृत्य हो गई, जबकि राजेंद्र किसी तरह किनारे तक पहुंचने में सफल हो गया। पासवान ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और पुलिस दल ने तत्काल नदी में बच्चों की तलाश शुरू की। वहीं राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ और अन्य दलों ने नदी में खोज अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान बालिका स्तुति का शव शनिवार को देर शाम घटनास्थल से 50 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद किया गया। लापता दो अन्य बच्चों की तलाश में एसडीआरएफ ने रातभर अभियान जारी रखा। उन्होंने बताया कि खोज अभियान के दौरान रविवार सुबह दोनों बच्चों (शिक्षा और अनमोल) के शव घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सूरी घाट से बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मुख्यमंत्री साय ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में हुए शामिल
पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट में प्रकृति, संस्कृति, परंपरा और जनसरोकार के विविध रंगों ने खींचा ध्यान
रायपुर/ तस्वीरें बीते हुए समय को वर्तमान से जोड़ती हैं। कभी वे इतिहास का दस्तावेज बनती हैं तो कभी जीवन के भूले-बिसरे पलों को फिर से जीवंत कर देती हैं। राजधानी रायपुर में आज कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी वर्षों पुरानी तस्वीरों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर को एक बार फिर जिया। कहीं पहली बार विधायक बनने की स्मृतियां थीं, तो कहीं गांव, खेत और मिट्टी से जुड़े जीवन की झलक। इस दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने स्वयं कैमरा संभाला और एक फोटो पत्रकार की तस्वीर खींचकर इस अवसर को यादगार बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में शामिल हुए। 19 अगस्त से आयोजित इस फेस्ट में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों तथा ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की सराहना की।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने जब अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें देखीं तो उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां भी ताजा हो गईं। वर्षों पुराने चित्रों को देखते हुए उन्होंने अपने साथ मौजूद लोगों से कई रोचक संस्मरण साझा किए। अपनी पहली बार विधायक बनने के समय की एक तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था। इस छोटे से संस्मरण ने वहां मौजूद लोगों के बीच सहज और आत्मीय माहौल बना दिया।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय के ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर उन्होंने खेती के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांव और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी, खेत-खलिहान और पुराने दिनों की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।
प्रदर्शनी के दौरान एक दिलचस्प क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद कैमरा थाम लिया। उन्होंने फोटो पत्रकार की भूमिका निभाते हुए एक फोटो जर्नलिस्ट को कैमरे में कैद किया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों और भाव-भंगिमाओं को अपने कैमरे में दर्ज करने वाले फोटो पत्रकार के सामने इस बार स्वयं मुख्यमंत्री कैमरे के पीछे थे। यह सहज और आत्मीय पल ‘दृश्य संवाद 2026’ के खास आकर्षणों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो पत्रकारों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि तस्वीरें केवल किसी घटना या क्षण को दर्ज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समय, समाज और स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजती हैं। कई बार एक तस्वीर बिना शब्दों के पूरी कहानी कह देती है। फोटो पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाज और इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। उनका काम पत्रकारिता का महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘दृश्य संवाद 2026’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने, समझने और सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
तस्वीरों में दिखे प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार के विविध रंग
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी स्थान दिया गया। प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार सहित विभिन्न विषयों पर प्रदर्शित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के जीवन, समाज और परिवेश के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पांच दिनों के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव सुश्री निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा. फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक श्री दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट श्री गोकुल सोनी, श्री प्रदीप डडसेना, श्री राजकुमार चतुर्वेदी, श्री रुपेश यादव, श्री नरेंद्र बंगाले, श्री सुधीर सागर, श्री रमन हलवाई, श्री किशन लोखंडे, श्री मनोज देवांगन, श्री विजय देवांगन, श्री विनय घाड़गे, श्री पंकज चौहान, श्री हीरा मानिकपुरी, श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री हेमंत गोस्वामी, श्री जय गोस्वामी, श्री पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। - -परिजनों को दी सांत्वना, शासन की ओर से पिता मोहम्मद यूनुस 4 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान कियारायपुर। ब्लू वाटर हादसे में मृत युवक मोहम्मद आदिल के मौदहापारा स्थित निवास पर आज रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में गहरी संवेदना व्यक्त की।विधायक श्री मिश्रा ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इस अवसर पर विधायक श्री मिश्रा ने छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मृतक के पिता मोहम्मद यूनुस को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, रायपुर तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- - शोभा मोहता और डॉ. मानसी पत्तेवार महिला सशक्तीकरण व सामाजिक उत्थान के लिए सम्मानित- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ खिलाड़ियों, कई विधाओं के कलाकारों का भी किया गया सम्मानरायपुर। दो दशकों से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव- वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में कार्य कर रही नोवा नेचर वेलफेयर को महाराष्ट्र मंडल के गौरव अलकंरण सम्मान से नवाजा। बता दें कि नोवा नेचर वेलफेयर की टीमें शहर में सर्पों को पकड़ने और उन्हें बिना हानि पहुंचाए जंगलों में छोड़ने का कार्य करतीं हैं।शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में 30 वर्षों से 20 हजार से अधिक छात्रों, शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी शोभा मोहता और गर्भ संस्कार, पेरेटिंग कोचिंग के जरिए गर्भवती माता को मार्गदर्शन देने के लिए लेखिका और डॉ. मानसी पत्तेवार को महिला सशक्तीकरण, समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आय़ुष्मान कालेले सम्मानित किए गए। संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान भी अश्लेषम, पुणे के सुप्रसिद्ध नाटक ‘जाणता राजा’ में शामिल होने वाले मंडल के कलाकारों, सभासद पाल्य विद्यार्थियों, खेलकूद व अन्य स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों सहित रविवार को जिन सभासदों का जन्मदिन था, को सम्मानित किया गया।इस मौके पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि रायपुर जैसे महानगर में अपनी व्यस्त दिनचर्या और कार्यों के बीच समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य महाराष्ट्र मंडल बखूबी कर रहा है। पिछले कुछ समय से जेन-जी, जेन अल्फा जैसे शब्द हमारे जीवन में आए। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक प्रदर्शन की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हुए। इसके बाद सभी ने अपना-अपना तर्क किया। आज यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद हैं, आप सोशल प्लेटफार्म में शेयर होने वाले कंटेट की जांच करें, मंथन करें, फिर उस पर कोई निर्णय करें। उन्होंने युवा साथियों से कहा कि हमें खूब ऊंचा उड़ाना है, खूब आगे जाना है। कई बार लगता है कि माता- पिता हमारे मार्ग में बाधा बन रहे है, लेकिन जिस प्रकार पतंग तब तक आसमान में उड़ती है, जब तक वह डोर से बंधी होती है। डोर छूटने के बाद वह जमीन में गिर जाती है। इसी तरह माता-पिता भी हमारे जिंदगी की डोर हैं, आसमान में उड़ना है, तो उनसे जुड़े रहना ही होगा।विशेष अतिथि की आसंदी से सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लाकपाले ने युवाओं से कहा कि आप नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाएं। आज के जनरेशन की यह बड़ी मांग और जरूरत है। परंतु आपकी सफलता में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से माता- पिता, गुरु, मित्र मंडली की भी बड़ी भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी तुलना किसी और से न करें। आप अपनी तुलना स्वयं से करें कि कल आप क्या थे और आज क्या हैं। क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूं, यह भावना हमेशा अपने अंदर होनी चाहिए। धीरे-धीरे आप में परिवर्तन आएगा और आप एक बेहतरीन इंसान बनने की तरफ बढ़ेंगे।अध्यक्षीय उद्बोधन में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल की ओर से सन् 1988-89 में शुरू किए गए इस सम्मान समारोह और उसके उद्देश्य की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह बंद कर दिया था। तब महाराष्ट्र मंडल ने बच्चों के सम्मान की परंपरा शुरू की, जो आज तक जारी है। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर ने किया।
- -भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग को पेपर लीक मामले में नोटिस जारी-विश्वविद्यालय प्रबंधन की आपात बैठक में परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु अनेक निर्णयरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा पेपर लीक प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आज रविवार को अवकाश के दिन डाॅ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित आपातकालीन बैठक में अनेक निर्णय लिए गए। बैठक में 20 अगस्त की परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा की गई जांच में विश्वविद्यालय द्वारा 07 अगस्त 2026 को आयोजित बी.एस.सी. कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी विषय के प्रश्न पत्र को भी अभियुक्त द्वारा लीक किए जाने की जानकारी मिलने पर उस प्रश्न पत्र को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग पर पेपर लीक प्रकरण में परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित न कर पाने हेतु नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने का फैसला लिया गया तथा उन्हें इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण में रायपुर पुलिस द्वारा भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग के जिन दोषी पाए गए छात्रों को हिरासत में लिए गया है उनके ऊपर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 20 अगस्त को आयोजित बी.एस.सी. कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलाॅजी प्रश्न पत्र तथा 07 अगस्त को आयोजित प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी प्रश्न पत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि दोनों रद्द परीक्षाएं सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएंगी।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कहा गया है कि छात्रों के सुरक्षित भविष्य हेतु परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं तथा परीक्षा प्रणाली को लीक प्रूफ बनाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी संबंध में 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण पश्चात विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2026 को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड काॅपी के स्थान पर पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे गए। संबंधित महाविद्यालयों को प्रातः 10 बजे से होने वाले पश्न पत्र का ईमेल प्रातः 9ः30 बजे उपलब्ध कराया गया जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका न रहे। सोमवार 24 अगस्त को आयोजित होने वाली परीक्षाएं भी इसी प्रक्रिया से संपन्न कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हाॅल में सीसी टी वी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता में बढ़ोतरी हेतु आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
- - रिमझिम फुहारों के बीच थिरकीं सावन सुंदरियाँ-तोशिबा ठाकुर बनी सावन क्वीन-यातायात, साइबर सुरक्षा पर AIG संजय शर्मा व कैंसर पर डां मीनू केसकर स्त्री रोग विशेषज्ञ ने किया महिलाओं को जागरूकरायपुर। ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था द्वारा आयोजित सावन उत्सव इस वर्ष भी अत्यंत हर्षोल्लास एवं जागरूकता के साथ आज रायपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सावन की बरसाती रिमझिम फुहारों के बीच हुई, जहाँ संस्था की महिला सदस्यों ने रैंप वॉक कर सावन सुंदरियों का अद्भुत अंदाज़ प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की एक और आकर्षक कड़ी रही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं विभिन्न रोचक खेल, जिनमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तोशीबा ठाकुर सावन क्वीन चुनी गईं द्वितीय स्थान पर अनामिका दूबे , तीसरे स्थान पर कौशल्या कश्यप रहीं , साथ ही बेस्ट रेट्रो थीम में प्रथम आशा श्रीवास रहीं , रैंप वाक मे मोनिका पाठक दूसरे नंबर पर तथा विनीता शर्मा तीसरे पर रहीं ।सभी प्रतिभागियों ने पूरे कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया।इस आयोजन की सबसे सार्थक विशेषता रही – यातायात एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र। संस्था ने हमेशा की तरह इस बार भी अपनी महिला सदस्यों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया।इस सत्र के लिए विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व एआईजी (यातायात) श्री संजय शर्मा ने अत्यंत रोचक एवं सरल अंदाज़ में महिलाओं को यातायात नियमों की बारीकियाँ समझाईं। साथ ही, बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी देकर उन्हें सजग एवं सुरक्षित बनाने का प्रयास किया।संस्था की अध्यक्षा सुषमा तिवारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सजग एवं सशक्त बनाना है। सावन उत्सव के माध्यम से हमने यह संदेश दिया कि उत्सव और जागरूकता साथ-साथ चल सकते हैं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की अध्यक्ष सुषमा तिवारी , संरक्षक अजय शर्मा। सचिव ममता शर्मा कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती अपूर्वा शर्मा , सांस्कृतिक प्रभारी सरिता विश्वकर्मा सहित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
- -‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ ने महिलाओं को दिया रोजगार, आय और सम्मान का नया अवसर-आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में स्व-सहायता समूह की महिलाएं दे रही पौष्टिक भोजन-25 हजार रुपए तक की आय, मरीजों को मिल रहा पोषक आहाररायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ इसी बदलाव की ऐसी कहानी है, जहां सरकारी पहल से महिलाओं के हाथों को काम और मेहनत को नई पहचान मिली है। इस योजना के तहत रायपुर के लक्ष्मी सखी स्व-सहायता समूह की संचालक श्रीमती लक्ष्मी यदु द्वारा आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, जी.ई. रोड में मिलेट कैफे का सफल संचालन किया जा रहा है।कैफे संचालक श्रीमती लक्ष्मी यदु ने बताया कि उनके कैफे में चार महिलाएं कार्यरत हैं और प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपए की आमदनी हो रही है। उन्होंने इस कैफे की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को की थी।कैफे में आने वाले लोगों के लिए रागी का चीला, डोसा, इडली, ज्वार की मैगी, प्रीमिक्स पराठा, मूंग बड़ा, मिलेट कुकीज सहित कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन परोसे जाते हैं। यहां मुख्य रूप से आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राएं, मरीज और उनके परिजन आते हैं, जिन्हें स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिलता है। रोजाना मरीजों और उनके परिजनों को पौष्टिक आहार देते हैं, जिससे वे जल्द स्वस्थ हो सकें। श्रीमती यदु कहती हैं कि हमारे विष्णु भैया जी ने उन्हें केवल रोजगार नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का भरोसा भी दिया है। आज स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वयं आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन रही हैं। यह कैफे न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि लोगों को श्री अन्न (मिलेट) आधारित स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक भी कर रहा है।
- -गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू, 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा नेटवर्क का लाभ-मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल और वन मंत्री श्री कश्यप के निर्देशों से वनांचल में पहुंच रही डिजिटल सुविधारायपुर। सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचलों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि गोंडिगुड़ा जैसे दूरस्थ गांव में अब मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हो गई है।गोंडिगुड़ा सहित सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांवों में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने से 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के अभाव में ग्रामीणों को जरूरी फोन करने के लिए दूर जाना पड़ता था। अब वे गांव में ही अपने परिवार और परिचितों से आसानी से संपर्क कर सकेंगे।मोबाइल कनेक्टिविटी मिलने से ग्रामीणों को केवल फोन करने की सुविधा ही नहीं मिली है, बल्कि उनके लिए शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं के नए रास्ते भी खुले हैं। विद्यार्थी अब ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का लाभ ले सकेंगे। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी भी समय पर मिल सकेगी।डिजिटल बैंकिंग और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। आपात स्थिति में स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस और प्रशासन से संपर्क करना भी अब पहले की तुलना में आसान हो गया है।मोबाइल इंटरनेट की सुविधा से गांव के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे। वहीं स्थानीय वनोपज, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों से जुड़े ग्रामीण डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर तलाश सकेंगे।ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इससे वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट और बेहतर कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध हो रही है। सुकमा के इन दूरस्थ गांवों में मोबाइल की बजती घंटी अब केवल संपर्क का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बेहतर शिक्षा, रोजगार, सरकारी सेवाओं और सुरक्षा से जुड़ने का नया माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार किए जा रहे प्रयासों से विकास की यह सुविधा अब वनांचल के अंतिम छोर तक पहुंच रही है।
- रायपुर ।कोरिया जिले के आकांक्षी विकासखण्ड बैकुंठपुर के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए रविवार का दिन यादगार बन गया। जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘विजनरी-15 : जहां सपने मिलते हैं नेतृत्व से’ के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को प्रशासन के साथ सीधे संवाद, अपने सपनों को साझा करने और भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।‘विजनरी-15’ की अवधारणा पर आयोजित इस विशेष संवाद में विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य, रुचियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि बड़े सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और समय प्रबंधन आवश्यक है। ‘उठो, पढ़ो और बढ़ो’ के मंत्र के साथ बच्चों को हर गलती से सीखते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम की सबसे खास बात आत्मीय और पारिवारिक वातावरण रहा। बच्चों ने झूला झूला, वॉलीबाल और शतरंज खेला तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने फूल लगाए तो विद्यार्थियों ने बांस से सुंदर फूल बनाकर स्थानीय कला और हुनर की झलक प्रस्तुत की। बच्चों ने कविता और पेंटिंग भी भेंट की।विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर बच्चों ने अपने विचार रखे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी।विद्यार्थियों के साथ भोजन और अनौपचारिक बातचीत ने इस आयोजन को और खास बना दिया। जिला प्रशासन की यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘सशक्त युवा, समृद्ध कोरिया’ के संकल्प को साकार करने वाली यह पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।
- -महतारी वंदन योजना से संवर रहीं धमतरी की बहनों की खुशियांरायपुर ।महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद मिलती है। इस राशि से छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें अपने घर के छोटे-बड़े काम और त्यौहार की जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रही हैं। रक्षाबंधन का पावन पर्व सिर्फ धागों और वचनों का त्यौहार नहीं, बल्कि स्नेह और भरोसे का प्रतीक भी है। इस बार रक्षाबंधन से ठीक पहले धमतरी की शिवानी साहू के जीवन में यह पर्व खुशियों की एक नई सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार की श्महतारी वंदन योजनाश् के तहत मिली नियमित सहायता राशि ने न केवल उनके त्यौहार की उमंग को दोगुना कर दिया है, बल्कि उनके परिवार को आर्थिक संबल भी प्रदान किया है।त्यौहारों के आगमन के साथ ही घर-परिवार में कपड़ों, मिष्ठान और बच्चों की जरूरतों से जुड़े कई छोटे-बड़े खर्च अचानक बढ़ जाते हैं। ऐसे संवेदनशील अवसर पर समय पर मिली यह आर्थिक मदद शिवानी के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि से घरेलू बजट पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम हो जाता है। इससे आवश्यक सामान की खरीदारी और त्यौहार की तैयारियां बिना किसी चिंता के पूरी हो जाती हैं। यह राशि उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन का एक सशक्त जरिया बन चुकी है, जिससे घर के छोटे-मोटे आर्थिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका मजबूत हुई है।भावुक मन से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए शिवानी कहती हैं कि हमारे विष्णु भैया ने रक्षाबंधन से पहले ही महतारी वंदन की राशि देकर हम बहनों को राखी का अनमोल तोहफा दिया है। उन्होंने बहनों का मान बढ़ाया है। शिवानी का यह अनुभव दर्शाता है कि जब सरकारी योजनाएं सीधे आम नागरिक की रोजमर्रा की जरूरतों और खुशियों से जुड़ती हैं, तो वे केवल कागजी दस्तावेज न रहकर आत्मनिर्भरता की नई राह खोलती हैं। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की अनगिनत महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और समृद्धि का नया उजाला फैला रही है।
- -किसानों की मेहनत, बहनों की उद्यमशीलता और सुगंधित विष्णुभोग चावल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को दिलाई नई पहचानरायपुर। छत्तीसगढ़ का 25वां नवगठित जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ अब विशिष्ट कृषि उत्पाद सुगंधित विष्णुभोग चावल के कारण भी नई पहचान बना रहा है। भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत विष्णुभोग चावल को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में चुना गया है। मनमोहक सुगंध, उत्कृष्ट स्वाद और पारंपरिक खेती की विशेषताओं के कारण विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका है। विष्णुभोग की महक अब खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की सीमाओं को पार कर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रही है।पेंड्रा क्षेत्र में लगभग 1,500 किसान करीब 600 एकड़ भूमि में विष्णुभोग धान की खेती कर रहे हैं। किसानों की मेहनत, सामूहिक प्रयास और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों ने इस विशिष्ट धान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विष्णुभोग की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।विष्णुभोग चावल की खेती से लेकर उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी इसे आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी बना रही है। मलनिया महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, पेंड्रा द्वारा किसानों से विष्णुभोग धान की खरीदी की जाती है। इसके बाद मिनी राइस मिल में धान का प्रसंस्करण कर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।इस कार्य से समूह की 15 महिला सदस्यों को स्थायी रोजगार मिला है। महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा अब तक लगभग 2 टन विष्णुभोग चावल की सफलतापूर्वक बिक्री की जा चुकी है, जिससे उन्हें करीब 1 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।विष्णुभोग की सफलता यह बताती है कि जब स्थानीय संसाधनों को किसानों की मेहनत और महिला शक्ति का साथ मिलता है, तो पारंपरिक उत्पाद भी व्यापक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले के किसानों की समृद्धि, बहनों के स्वावलंबन और स्थानीय उद्यमिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से विष्णुभोग चावल को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का बेहतर मंच मिल रहा है। इसकी बढ़ती मांग स्थानीय किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। आने वाले समय में विष्णुभोग के उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को और अधिक प्रोत्साहन मिलने से यह चावल छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है। जीपीएम की धरती पर उगने वाला विष्णुभोग आज किसानों की मेहनत, बहनों के स्वावलंबन और विष्णु भैया के सुशासन में आगे बढ़ते आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुगंध को दूर-दूर तक पहुंचा रहा है।
- -प्रथम कैबिनेट में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लिया गया था संकल्परायपुर। प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण का कार्य निरंतर गति से जारी है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ लगातार कार्य कर रही है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद प्रथम कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने एवं निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसी संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया है। पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के स्वीकृत आवासों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा रहा है। श्री शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए। यह उपलब्धि पूरे देश में सर्वाधिक है। राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की गति को बनाए रखते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2011 एवं 2018 की पात्रता सूची के अंतर्गत पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, वर्तमान में लगभग 4 लाख आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास स्वीकृत करना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को शीघ्रता से उनके पक्के मकान का लाभ दिलाना है। इसी उद्देश्य से निर्माणाधीन आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए 11 लाख से अधिक आवासों में पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। पुराने समय में स्वीकृत ऐसे आवास, जो विभिन्न कारणों से लंबित थे, उन्हें भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर वर्तमान सरकार द्वारा पूर्ण कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने लंबित आवासों को भी प्राथमिकता देते हुए हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाने का कार्य किया है। इस प्रकार पिछले ढाई वर्षों के अल्प समय में पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए आवासों में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 48 हजार आवासों में से लगभग 20 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत लगभग 23 हजार आवास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी आवास निर्माण की उपलब्धि में शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से विशेष रूप से जरूरतमंद, गरीब एवं वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रत्येक गरीब परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के बाद आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत आवासों के निर्माण में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पुराने लंबित आवासों को पूरा करने के साथ-साथ नए स्वीकृत आवासों का निर्माण भी नियमित रूप से जारी है।श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 4 लाख आवास निर्माणाधीन हैं और इन्हें भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार पुराने एवं नए सभी वित्तीय वर्षों के आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्के आवास का लाभ दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
- -पवित्र श्रावण मास की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय-भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है कांवड़ यात्रा - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए हुए रवाना-मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को दी शुभकामनाएं, कहा - हमारी धार्मिक परंपराएं पीढि़यों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैंरायपुर। पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर आज भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुढि़यारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं। कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढि़यारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- विष्णु भैया की सरकार में स्वरोजगार का सम्मानमछली पालन से सेमरताल की 100 ग्रामीण महिलाओं एवं परिवारों को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसरबिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार की इसी सोच को सेमरताल की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और हौसले से नई पहचान दे रही हैं। मछली पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर 100 ग्रामीण महिलाओं एवं उनके परिवारों ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।जनपद पंचायत बिल्हा के सेमरताल में ज्ञान सुधा संकुल संगठन के आईएफसी एवं आजीविका सेवा केंद्र द्वारा “राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत 100 हितग्राहियों को मछली पालन से जोड़ने के लिए प्रत्येक हितग्राही को 1000 फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया।” मत्स्य विभाग द्वारा कुल 150 पैकेट फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। एक पैकेट में 1000 मछली बीज हितग्राहियों को मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया।कम लागत में स्वरोजगार की शुरुआतमछली बीज उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को कम लागत में मछली पालन शुरू करने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार का साधन मिला है और परिवार की आय बढ़ाने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में इन परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार होगा खुशहालसेमरताल की यह पहल बताती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मछली पालन से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को आमदनी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। आजीविका के ऐसे अवसर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवारों को भी आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक बन रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर सेमरताल की बहनों की यह पहल आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई कहानी कह रही है। राखी के इस पावन पर्व पर बहनों के सपनों को उड़ान मिल रही है और स्वरोजगार के माध्यम से उनके हाथ मजबूत हो रहे हैं।
- - शिव महापुराण कथा श्रवण करने मुख्यमंत्री श्री साय सपत्नीक कथा स्थल पहुँचे- व्यास पीठ का पूजा अर्चना कर प्रदेश के जनता की खुशहाली की कामना कीदुर्ग/ जिले के भिलाई नगर स्थित जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा के आज अंतिम दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय के साथ कथा श्रवण करने पहुंचे। उन्होंने व्यास पीठ का पूजा अर्चना कर प्रदेश के जनता की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विशाल शिवभक्तों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है कि माता कौशिल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस्पात नगरी भिलाई की पावन भूमि में बीते सात दिनों से शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अध्यात्म से सीधे जुड़ने का अवसर मिला है। आज मैं भी सपत्नीक कथा श्रवण करने पहुंचा हूं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान भोलेनाथ हमारे प्रदेश के चारों दिशाओं में विराजमान है। रायपुर में हटकेश्वर महादेव और कवर्धा में वे भोरमदेव कहे जाते हैं। राजीम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महोदव, गरियाबंद में भुतेश्वर महोदव, सिरपुर में गंधेश्वर महोदव, जशपुर में मधेश्वर महोदव के रूप में पूजे जाते हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ के चप्पे-चप्पे पर देवाधिदेव भगवान महोदव की कृपा है। उनके आशीर्वाद से सभी ओर खुशहाली और समृद्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि भगवान शिव के साथ-साथ माँ शक्ति भी छत्तीसगढ़ में जगह-जगह विराजमान है। प्रदेश सरकार ने पांच शक्तिपीठों सुरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चन्द्रपुर की माँ चन्द्रहासिनी, रतनपुर की माँ महामाया, डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी और दन्तेवाड़ा की माँ दन्तेश्वरी शक्तिपीठों के लिए विकास की योजना बनायी है। इन्हें चारधाम तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां के धार्मिक तीर्थों के विकास के साथ प्रदेश सरकार श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित कर रही है। इस योजना से अब तक 50 हजार से अधिक लोग अयोध्या जाकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को एक बार फिर से शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत तीर्थ यात्रियों को देश के विभिन्न 19 तीर्थों का दर्शन लाभ कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी देश-दुनिया में शिव महापुराण कथा सुनाकर सनातन धर्म को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इस्पात नगरी भिलाई में शिव महापुराण कथा का लगातार तीसरी बार आयोजन है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश वासियों की तरफ से कथा वाचक पंडित मिश्रा जी का स्वागत किया तथा शिव महापुराण कथा आयोजन समिति को उनके सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल एवं अन्य विभाग के अधिकारी तथा आयोजन समिति के श्री दया सिंह एवं अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिव भक्त कथा श्रवण करने उपस्थित थे।



























