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- -कांग्रेस में नेतृत्व की कमी , अंतर्कलह हो रहा उजागर :- नलिनीश ठोकनेरायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने आज कांग्रेस की 1 घंटे के लिए जारी नियुक्तियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से नेतृत्व विहीन और अनुशासन विहीन पार्टी बन चुकी है । कांग्रेस का अंतर्कलह गाहे बगाहे उजागर होते रहता है। कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी इस कदर हावी है कि किसी भी कांग्रेसी नेता को अपने समकक्ष दूसरा नेता बर्दाश्त नहीं । ऊपर से लेकर नीचे तक आपसी खींचतान के मामले लगातार राजनीतिक पटल पर देखने को मिलते हैं प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं की आपसी खींचतान अब निचले स्तर तक पहुंच चुकी है। इसका प्रमाण आज एक बार फिर सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यमों से जनता को देखने मिला जहां रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन द्वारा वार्ड अध्यक्षों का नाम की घोषणा की गई जिसके एक घंटे के भीतर ही कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंग गेंदू द्वारा उन नियुक्तियों को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इन नियुक्तियों के विषय में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अनुशंसा या अनुमोदन नहीं लिया गया । उन्होंने आगे कहा कि घंटेभर की नियुक्ति बेहद हास्यास्पद है और साथ ही यह आपसी समन्वय की कमी और अनुशासन हीनता का प्रमाण भी है ।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कहा यह पहला अवसर नहीं जब कांग्रेस में इस तरह अंतर्कलह और खींचतान उभर कर आया है । इसके पूर्व में सूरजपुर में पूरी कार्यकारणी का इस्तीफा उसके पश्चात दंतेवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष का इस्तीफा और ऐसे कई अवसर हैं जहां कांग्रेस का अंतर्कलह खुल कर सामने आया है । यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के कमजोर नेतृत्व क्षमता का प्रमाण भी है । जिनके नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस लगातार गिरावट की तरफ है। नलिनीश ठोकने ने कहा कि दीपक बैज को इस नियुक्ति के विषय में गिनीज बुक वालों से संपर्क साधना चाहिए सबसे कम समय की नियुक्ति का यह उनकी उपलब्धि है ।
- -दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन और शिक्षा, सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस हुए सृजित-वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की कहानीरायपुर। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास पहुंचा है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही थी।बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है।इन ग्रामों में अब तक 16671 जॉबकार्ड पंजीकृत हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। जिससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा योजना से जोड़ा गया है।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिसमें 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं।इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, अपितु पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन पर भरोसा मजबूत हुआ है।नियद नेल्लानर क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है।जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायत बेलनार जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण पुनः अपने गांव लौट आये है। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गाँधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही श्री सहदेव कोरसा, श्री लखु, श्री सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुके हैं। इन डबरी में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।नियद नेल्लनार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों का उनके पक्के आवास बनकर तैयार हैं। पूर्ण हो चुके आवासों में अब परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं 100 से अधिक ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण इस गांव में बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।पालनार- जहां पहले प्रशासन नहीं पहुंचता था, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं।कावड़गांव - 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरण कर लिया गया है। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।सावनार (तोड़का पंचायत)- 9.35 लाख की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।पुसुकोण्टा (उसूर) - 11.69 लाख की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण दिया है।धरमारम और तोड़का- क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।बांगोली- जहां पहले 18 किमी दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध है।युवाओं का कौशल विकासपुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार पा रहे हैं।नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के अभिसरण ने बीजापुर के अंदरूनी गांव में अब विकास ने रफ्तार पकड़ रही है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव आ रहा है।
- -26 जिलों में समितियाँ गठित, 4 हजार से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे पूरा; डिजिटल संरक्षण से सहेजी जाएगी सांस्कृतिक धरोहररायपुर। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” छत्तीसगढ़ में तेजी से गति पकड़ रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रदेश के 33 जिलों में से अब तक 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है, जबकि शेष 7 जिलों में यह प्रक्रिया जारी है।अभियान के तहत जिला स्तर पर समितियों की बैठकें आयोजित कर पांडुलिपि संग्रह करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम एवं क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति कर जमीनी स्तर पर कार्य को मजबूत किया जा रहा है।संस्कृति विभाग, जो इस अभियान का नोडल विभाग है, ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के सहयोग से जिला स्तर पर प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, ताकि सर्वेक्षण कार्य गुणवत्ता और सटीकता के साथ पूरा किया जा सके।ज्ञानभारतम अभियान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रारंभिक रूप से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद अब सर्वेक्षण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्तमान में राज्य के 6 जिलों में सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ हो चुका है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ‘ज्ञानभारतम एप’ के माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा चुका है। यह अभियान न केवल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान के इस अमूल्य भंडार को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का एक सशक्त माध्यम भी बन रहा है।
- महासमुंद / हरे चारे के सायलेज निर्माण एवं पशुपालन प्रबंधन की तकनीकी जानकारी प्रदान करने जिले के 30 कृषक पशुपालकों का शैक्षणिक भ्रमण टांक डेयरी फार्म, सेमरिया एवं शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, चंदखुरी में कराया गया। इस भ्रमण दल में 10 महिला कृषक भी शामिल रहीं।उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अंजना नायडू ने बताया कि भ्रमण के दौरान कृषकों को बारहों माह हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सायलेज निर्माण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। सायलेज हरे चारे जैसे मक्का, ज्वार एवं बाजरा को हवा रहित किण्वन प्रक्रिया के माध्यम से संरक्षित करने की एक वैज्ञानिक विधि है, जो लगभग 40 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है। यह चारा पौष्टिक एवं सुपाच्य होने के साथ पशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी है तथा इसे तैयार होने के बाद लगभग 2 वर्षों तक सुरक्षित रखकर उपयोग किया जा सकता है।कार्यक्रम में विकासखण्ड महासमुंद से 9, बागबाहरा से 7, पिथौरा से 4, बसना से 3 तथा सरायपाली से 7 कृषकों ने भाग लेकर सायलेज निर्माण संयंत्रों का अवलोकन किया। इनमें से 16 कृषकों का चयन सायलेज निर्माण हेतु किया गया है, जिन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 90 प्रतिशत अनुदान पर सायलेज निर्माण किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा कृषकों को पशुपालन प्रबंधन की उन्नत तकनीकों से अवगत कराने हेतु शासकीय पशु प्रजनन केन्द्र, चंदखुरी का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर डॉ. अजय पाण्डेय द्वारा पशुओं के उचित रखरखाव, संतुलित आहार, पशुशाला की स्वच्छता, सुरक्षित दुग्ध दुहन विधि तथा गौवंशीय बछड़ों की देखभाल संबंधी जानकारी दी गई।
- -राईस मिलर्स को चावल शीघ्र जमा करने के निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में धान उठाव के संबंध में राईस मिलर्स एवं सहकारी बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में सुगम तरीके से धान उठाव के लिए निर्देशानुसार कार्य करने कहा है। बैठक में बताया गया कि जिले में 195 रजिस्टर्ड राईस मिलर्स है। उन्होंने सभी राईस मिलर्स को कस्टम मिलिंग के तहत चावल जमा करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, जिला विपणन अधिकारी श्री आशुतोष कोसरिया, जिला प्रबंधक (नान) श्री विनोद बोधिचा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्री अविनाश शर्मा एवं राईस मिलर्स मौजूद थे।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज शाम राइस मिलर्स की बैठक लेकर तेजी से उठाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान उठाव अंतिम चरण में है, अतः राईस मिलर्स तेजी के साथ उठाव सुनिश्चित करें। उन्होंने 15 अप्रैल तक समितियों में शेष धान 21 हजार मीट्रिक टन धान के उठाव के निर्देश दिए हैं। साथ ही एफसीआई और नान को चावल जमा करने के निर्देश दिए गए।ऐसे राईस मिलर जिनके द्वारा वर्ष 2024-25 का चावल जमा करने में विलम्ब किया जा रहा है, ऐसे मिलरो को कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया है कि शेष चावल शीघ्र ही जमा करे अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मिलर जिनके द्वारा 20 से अधिक दिनो तक आबंटित स्टेक पूर्ण नही किया गया है उन्हे भी शीघ्र ही स्टेक पूर्ण करने कलेक्टर ने निर्देशित किया गया। उपार्जन केन्द्रो में जिन मिलरो का डी.ओ. जारी हुआ है उन्हे भी एक सप्ताह के अंदर धान का उठाव करने कहा गया। कलेक्टर ने मिलरो को वर्ष 2024-25 का चावल शासन द्वारा निर्धारित तिथि 30 अप्रैल 2026 तक जमा करने का निर्देश दिए हैं।
- -कुल 2771 आवेदन प्राप्त, 2295 का मौके पर निराकरणमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में आमजनों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु राजस्व पखवाड़ा का आयोजन इस माह 15 अप्रैल तक किया जाना है। इसी क्रम में यह अभियान 01 अप्रैल से 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया।इस दौरान जिले के कुल 371 ग्रामों में शिविर लगाए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। शिविरों में कुल 2771 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2295 आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया गया एवं 476 लंबित है।शिविरों में मुख्य रूप से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण किया गया। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम द्वारा मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर समस्याओं का समाधान किया गया। राजस्व पखवाड़ा अंतर्गत ग्राम भलेसर, अरंड शिविर में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्वामित्व योजना के तहत पट्टा वितरण किया गया। इसी तरह ग्राम झलप, खल्लारी, अनसुला, बगारपाली, घोंच एवं ग्राम केंदुवा में शिविर का आयोजन किया गया। जहां पात्र हितग्राहियों को नामांतरण आदेश, सीमांकन पत्र, ऋण पुस्तिका, नक्शा प्रतिलिपि सहित अन्य आवश्यक राजस्व दस्तावेजों का वितरण किया गया। इसके अलावा ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। शिविर में पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्व पखवाड़ा का आगामी आयोजन मई माह में 4 से 18 मई तक एवं जून में 1 से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शेष लंबित आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने राजस्व अमले को निर्देश दिए कि वे आमजन से संवेदनशीलता के साथ संवाद करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखें।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन 8 अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा सहित अन्य सम्बंधित जोन 8 जोन अधिकारियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की पुख्ता प्रशासनिक तैयारी करवाने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19, शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 और माधव राव सप्रे वार्ड क्रमांक 69 के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सिटी प्रोफाइल को विशेष ध्यान में रखकर स्वच्छता व्यवस्था का स्वच्छता वाल राइटिंग, शौचालयों की सफाई व्यवस्था सहित अन्य विविध कार्यों का स्थलों पर सूक्ष्मता से प्रत्यक्ष निरीक्षण कर तैयारियों की वार्डों में स्थल समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश सम्बंधित जोन 8 जोन अधिकारियों को दिए.
- - कम संख्या में ठेका सफाई कामगार ड्यूटी पर मिलने पर वार्ड 3 के सफाई ठेकेदार मेसर्स आदित्य इंटरप्राइजेस पर 20 हजार रू का जुर्मानारायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमराज देवांगन की उपस्थिति में जोन 1 के अंतर्गत संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 के क्षेत्र की सफाई व्यवस्था का स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की प्रशासनिक तैयारी के सम्बन्ध में औचक निरीक्षण किया.नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर को संत कबीर दास वार्ड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान वार्ड में गन्दगी मिली और निर्धारित संख्या से कम संख्या में ठेका सफाई कामगार ड्यूटी पर मिले.इस पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने जोन स्वास्थ्य विभाग की ओर से संत कबीर दास वार्ड क्षेत्र के अनुबंधित सफाई ठेकेदार मेसर्स वी आदित्य इंटरप्राइजेस के संचालक को नोटिस जारी कर वार्ड क्रमांक 3 के क्षेत्र में निर्धारित संख्या से कम संख्या में ठेका सफाई कामगार ड्यूटी पर निरीक्षण के दौरान उपस्थित मिलने और इससे वार्ड क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने पर 20000 रूपये का जुर्माना किया है और तत्काल सफाई व्यवस्था वार्ड में सुधारने, अन्यथा की स्थिति में संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 क्षेत्र का सफाई ठेका नियमानुसार प्रकिया के अंतर्गत निरस्त करने की कड़ी कार्रवाई करने की स्पष्ट चेतावनी नोटिस मेंसम्बंधित अनुबंधित सफाई ठेकेदार मेसर्स आदित्य इंटरप्राइजेस को नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने नगर निगम जोन 1 स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी है.
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महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज अमला द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अछौली क्षेत्र के भ्रमण के दौरान खनिज टीम ने भोरिंग के पास फर्शी पत्थर से भरे दो टीपर वाहनों को रोककर जांच की।
जांच के दौरान टीपर मालिक शकुन साहू, निवासी बोरसी एवं टीपर क्रमांक मालिक सोनू अग्रवाल, निवासी महासमुंद के पास वैध अभिवहन पास नहीं पाया गया। इस पर दोनों वाहनों को जब्त कर तुमगांव पुलिस की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है। इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी देवेन्द्र कुमार साहू, सिपाही मनोज निर्मलकर, प्रशांत कालू एवं मनीष ढीढी उपस्थित रहे। खनिज अधिकारी फगुलाल नागेश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8 करोड़ 70 लाख रुपये के राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध 17 करोड़ 87 लाख 42 हजार रुपये की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य से अधिक है।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार खनिजों का परिवहन ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) के माध्यम से अनिवार्य किया गया है। बिना ई-अभिवहन पास के खनिज परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - -फसल क्षति मुआवजा निर्धारण में लापरवाही बरतने का मामलारायपुर। सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के मामले में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेशानुसार, ग्राम उरंगा-बरिमा (तहसील मैनपाट) में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि की फसल क्षति मुआवजा निर्धारण का दायित्व श्रीमती संगीता भगत, राजस्व निरीक्षक और श्री चन्द्रदेव मिर्रे, पटवारी को सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि उक्त कर्मचारियों द्वारा मूल (सेटलमेंट) रकबा से अधिक रकबा दर्ज किया गया। साथ ही मुआवजा अवधि के दौरान भूमि का क्रय-विक्रय कर ऑनलाइन अभिलेख दुरुस्त किए गए और पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
- रायपुर निवासी वीर शहीद राजीव पाण्डेय सम्पूर्ण भारत वर्ष के गौरव पुरुष- सभापति सूर्यकान्त राठौड़रायपुर/ विश्व की दुर्गम सैन्य चोटी सियाचिन ग्लैसियर पर राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराने वाले रायपुर निवासी वीर शहीद राजीव पाण्डेय की 64वीं जयन्ती पर उन्हें सादर ससम्मान नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 6 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर के संजय नगर टिकरापारा में स्थित रायपुर निवासी वीर शहीद राजीव पाण्डेय के मूर्ति स्थल के समक्ष रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने उन्हें सादर नमन किया.पुष्पांजलि आयोजन में प्रमुख रूप से नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, जोन 6 जोन अध्यक्ष और शहीद राजीव पाण्डेय वार्ड के पार्षद श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव सहित महिलाओं, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों ने बड़ी संख्या में मूर्ति स्थल पर पहुंचकर वीर चक्र से सम्मानित रायपुर निवासी वीर शहीद राजीव पाण्डेय का उनकी 64वीं जयन्ती पर सादर नमन किया.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने कहा कि वीर शहीद राजीव पाण्डेय ना सिर्फ रायपुर शहर और छत्तीसगढ़ राज्य, बल्कि भारत वर्ष के गौरव पुरुष हैँ. विश्व की सबसे दुर्गम और महत्वपूर्ण सैन्य चोटी सियाचिन ग्लैशियर पर राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराने और दुश्मन देश पाकिस्तान के सेनिकों के दाँत खट्टे करने के साहसपूर्ण वीर कार्य को करने मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले रायपुर निवासी वीर शहीद राजीव पाण्डेय की शहादत का सभी नागरिक युगों - युगों तक पुण्य स्मरण कर उनसे देश के लिए अपना सर्वस्व जीवन मातृभूमि की सेवा के लिए न्योछावर करने की प्रेरणाशक्ति सदैव प्राप्त करते रहेंगे.
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर द्वारा स्वछता सर्वेक्षण 2026 की पुख्ता तैयारी के सम्बन्ध में नगर निगम जोन 1 कार्यालय में आवश्यक निर्देश दिये. नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की जोन स्तर पर पुख्ता तैयारी के सम्बन्ध में ली गयी बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन 1 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन सहित सभी वार्ड सफाई सुपरवाइजरों और सभी वार्डों के अनुबंधित सफाई ठेकदारों की उपस्थिति रही.
- कचरा..पृथक्करण पर विशेष-4 डिब्बे अपनाएं रायपुर को स्वच्छ बनाएं*रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में आज से राजधानी शहर रायपुर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में नगर पालिक निगम रायपुर ने एक और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है।आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर सहित मिलकर *स्वच्छता के चार धुरंधर”* अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।यह अभिनव पहल नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच चार डिब्बा कचरा पृथक्करण प्रणाली को प्रोत्साहित करना है, ताकि शहर में कचरा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।चार श्रेणियों में होगा कचरे का पृथक्करण - अभियान के अंतर्गत घर घर स्तर पर कचरे को निम्न चार श्रेणियों में अलग करने पर विशेष जोर दिया जाएगा—• गीला कचरा – सब्जियों के छिलके, बचे हुए खाद्य पदार्थ• सूखा कचरा – प्लास्टिक, कागज, धातु आदि• सैनिटरी कचरा – डायपर, सेनेटरी पैड• विशेष देखभाल कचरा – घरेलू खतरनाक अपशिष्ट, पेंट एवं केमिकल के डिब्बे, घरेलू कीटनाशक तथा उपयोग की गई अथवा एक्सपायर्ड दवाइयांगीला और सूखा कूड़ा तो नियमित रूप से उत्पन्न होने वाली श्रेणी है एवं सेनेटरी और विशेष देखभाल वाला कूड़ा नियमित रूप से नहीं उत्पन्न होते है। लेकिन जब भी इस श्रेणी का कूड़ा तो इसे गीले और सूखे कूड़े में मिक्स न करे एवं पृथक से कचरा में डाले l*महापौर श्रीमती मीनल चौबे का संदेश*इस अवसर पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा,“स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक कचरे के पृथक्करण को अपनी दैनिक आदत बनाएगा। ‘स्वच्छता के चार धुरंधर’ पहल न केवल रायपुर को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”*जागरूकता कार्यक्रम और सुदृढ़ व्यवस्था*अभियान के तहत नागरिकों को जागरूक करने के लिए शहर के स्कूलों, कॉलोनियों एवं बाजारों में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही घर घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को भी चार डिब्बा प्रणाली के अनुरूप सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि पृथक्कृत कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निष्पादन किया जा सके।*नागरिकों से अपील*नगर पालिक निगम रायपुर ने सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि आपके क्षेत्र में डोर टू डोर कचरा संग्रहण वाहन समय पर नहीं आता है, तो तुरंत निगम की हेल्पलाइन संख्या 1100 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।*चार डिब्बे अपनाएं – रायपुर को स्वच्छ बनाएं*
- बड़ी मात्रा में मलबा और गन्दगी निकली, निकास सुगम बनाया गया*रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय ने नगर निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह सहित कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में जोन 3 अंतर्गत शंकर नगर वार्ड क्रमांक 30 क्षेत्र के अंतर्गत शंकर नगर में एक स्थान पर नाले पर टीन शेड लगाकर किये गए अतिक्रमण और सफाई में लगातार आ रही बाधा के सम्बंधित स्थल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की तैयारी को लेकर किये गए अवलोकन के दौरान विगत लम्बे समय से नाले पर अतिक्रमण कर सफाई में बाधा को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर आयुक्त और जोन 3 जोन कमिश्नर ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल टीन शेड हटाकर नाला को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर सफाई की बाधा दूर कर नाला सफाई अभियान चलाकर करने और गन्दे पानी की सुगम निकासी कायम करने के निर्देश दिये. जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने टीम लगाकर तत्काल टीन शेड हटवाकर नाला अतिक्रमण से मुक्त करवाया और सफाई की बाधा दूर करवाकर अभियान चलाकर नाला सफाई करवाई, जिसमें बड़ी मात्रा में नाले के भीतर जमा मलबा और गन्दगी बाहर निकली, जिसका तत्काल परिवहन करवाकर स्वच्छता कायम की गयी और निकास सुगम बनाया गया.
- खुशबू बनी कमाई का जरिया*धान छोड़ फूलों की खेती अपनाकर सालाना 6 लाख की कमाई*रायपुर/ जिले के तिल्दा ब्लॉक स्थित साकरा गांव के किसान श्री संजय वर्मा ने परंपरागत खेती से हटकर नवाचार की मिसाल पेश की है। शासकीय योजना से मिली सहायता से धान की खेती छोड़ उन्होंने रजनीगंधा (ट्यूबरोज) की खेती अपनाई और आज सालाना करीब 6 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।करीब 8 वर्ष पूर्व फसल चक्र परिवर्तन के तहत शुरू की गई यह पहल अब उनके लिए मुख्य व्यवसाय बन चुकी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिले 75 हजार रुपये के अनुदान ने उनकी इस नई शुरुआत को मजबूत आधार दिया।संजय की उगाई रजनीगंधा की मांग अब स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर नागपुर जैसे बड़े शहरों तक पहुंच चुकी है। शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों में इन फूलों की लगातार मांग उन्हें सालभर स्थायी आय प्रदान कर रही है।कम लागत और अधिक मुनाफे वाली इस खेती में एक एकड़ से करीब 1 लाख स्टिक का उत्पादन होता है। चार एकड़ में खेती कर वे लगभग 9.60 लाख रुपये तक का उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं, जिसमें से करीब 5.40 लाख रुपये शुद्ध लाभ के रूप में मिल रहा है।संजय वर्मा का कहना है कि शुरुआत में संशय जरूर था, लेकिन मेहनत और जिला प्रशासन के सही मार्गदर्शन से सफलता मिली। अब वे आसपास के किसानों को भी फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।जिला उद्यानिकी अधिकारी श्री कैलाश पैकरा ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन किसानों के लिए लाभकारी योजना साबित हो रही है। इस योजना के तहत कृषक पारंपरिक धान खेती से आगे बढ़कर फसल चक्रण अपनाते हुए फूलों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, कम लागत में अधिक आय अर्जित कर किसान आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
- *सभी व्यापारियों को अपनी दुकानों में तत्काल टैग लगाने के निर्देश दिए गएजो भी ग्राहक आएंगे, अपना थैला साथ में लेकर आएंगेरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावशील प्रतिबंध को लेकर नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम अपील समिति के सदस्य और शंकर नगर वार्ड क्रमांक 30 के पार्षद श्री राजेश गुप्ता के नेतृत्व में शंकर नगर में बाजारों और व्यवसायिक क्षेत्रों में जनजागरण अभियान व्यापारियों के मध्य चलाया गया.शंकर नगर चौपाटी और मुख्य मार्ग में स्थित सभी व्यावसायिक परिसरों में वार्ड 30 के पार्षद श्री राजेश गुप्ता के नेतृत्व और जोन 3 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी सहित स्वच्छता निरीक्षकों , स्वच्छता दीदियों, रामकी कम्पनी के सुपरवाइजरों की उपस्थिति में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रति प्रभावी जनजागरूकता अभियान व्यापारियों के मध्य बाजारों और व्यवसायिक क्षेत्रों में चलाया गया. जनजागरण अभियान में व्यापारियों को प्रतिबंधितसिंगल यूज प्लास्टिक के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी और इसका उपयोग किये जाने से प्रकृति एवं पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य को होने वाली क्षति की जानकारी देते हुए जागरूक बनाया गया. व्यापारियों को प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े और जुट से निर्मित थेलों का उपयोग करने की कड़ी हिदायत दी गयी. व्यापारियों को अपनी दुकान में पॉलीथिन का उपयोग पूर्णतः बन्द करने और तत्काल टैग लगाने निर्देश दिए गए -*जो भी ग्राहक आएंगे, अपना थैला साथ में लेकर लाएंगे*
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री सीएल मारकण्डेय ने इस्कान वाटिका गोकुल नगर राजनांदगांव निवासी अनूप नायक एवं श्रीमती सरिता नायक (लाइसेंसी), मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की आधारों का उल्लंघन करने तथा खाद्य पदार्थ सुरभि स्पांज पनीर का नमूना अवमानक एवं मिथ्याछाप होने पर 6 लाख रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
न्यायालय अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपी अनूप नायक एवं श्रीमती सरिता नायक, मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 50 अंतर्गत 2 लाख रूपए, धारा 51 अंतर्गत 2 लाख रूपए, धारा 52 के अंतर्गत 1 लाख रूपए, धारा 54 अंतर्गत 50 हजार रूपए, धारा 56 अंतर्गत 50 हजार रूपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। शास्ति में दण्डित अभियुक्त द्वारा अधिरोपित शास्ति की राशि आदेश जारी दिनांक से 1 माह के भीतर जमा नहीं करने की स्थिति में अधिनियम की धारा 96 के तहत भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव स्थित प्रतिष्ठान मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस की जांच की गई। इस दौरान फर्म में विक्रय हेतु विनिर्मित व भंडारित खाद्य सुरभि स्पांज पनीर (1 किलो पैक) का नमूना लेकर विधिवत सीलबंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ को अवमानक तथा मिथ्याछाप घोषित किया गया। साथ ही उत्पाद के पैकेट पर अनिवार्य लेबलिंग, पोषण तत्वों, फूड एलर्जन तथा निर्माण संबंधी विवरण नियमानुसार नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण का परीक्षण करते हुए न्यायालय ने पाया कि आरोपियों द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। -
-नगर पालिका आम निर्वाचन एवं उप निर्वाचन 2026
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिकाओं के आम निर्वाचन एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए 1 अप्रैल 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचन नामावली तैयार करने कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। नगर पालिका आम निर्वाचन अंतर्गत राजनांदगांव जिला में नगर पंचायत घुमका के 15 वार्डों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने के प्रथम चरण का कार्यक्रम पूर्ण कर लिया गया है।
निर्वाचन नामावली तैयार करने के द्वितीय चरण कार्यक्रम के तहत 13 अप्रैल 2026 से निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करने, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामावली उपलब्ध कराया जाएगा। दावा व आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 3 बजे तक एवं दावे व आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल 2026 तक है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 तथा दावे व आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील निराकरण आदेश पारित होने के 5 दिवस के भीतर की जा सकती है। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि 29 अप्रैल 2026 तक सॉफ्टवेयर में की जाएगी। चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाने तथा पीडीएफ मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को 2 मई 2026 को सौंपी जाएगी। अनुपूरक सूची का मुद्रण और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ 4 मई 2026 को संलग्न किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 5 मई 2026 को किया जाएगा। -
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 हेतु 1 अप्रैल 2026 के प्रतिनिर्देश से फोटोयुक्त निर्वाचन नामावली तैयार करने कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत राजनांदगांव जिला में त्रिस्तरीय पंचायत रिक्त पदों के तहत जनपद पंचायत सदस्य के 1 पद, सरपंच के 1 पद, पंच के 25 पद कुल 27 पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने के प्रथम चरण का कार्यक्रम पूर्ण कर लिया गया है।
निर्वाचन नामावली तैयार करने के द्वितीय चरण कार्यक्रम के तहत 13 अप्रैल 2026 से निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त किया जाएगा। दावा व आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 3 बजे तक एवं दावे व आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल 2026 तक है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 तथा दावे व आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील निराकरण आदेश पारित होने के 5 दिवस के भीतर की जा सकती है। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि 29 अप्रैल 2026 तक सॉफ्टवेयर में की जाएगी। चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाने तथा पीडीएफ मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को 2 मई 2026 को सौंपी जाएगी। अनुपूरक सूची का मुद्रण और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ 4 मई 2026 को संलग्न किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 5 मई 2026 को किया जाएगा। -
0 संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 18 से शुरू हो रहा 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल शिविर
रायपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश का बच्चों के लिए बेहतरीन उपयोग हो सके और उन्हें उनकी पसंद की विभिन्न विधाओं में पारंगत बनाया जा सके, इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल अपनी संत ज्ञानेश्वर शाला में 18 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन शिविर लगाने जा रहा है। इस 10 दिवसीय शिविर में संत ज्ञानेश्वर स्कूल के अलावा बाहर के शालेय बच्चे भाग ले सकते हैं।शाला प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि सुबह 8:30 से 10:30 तक लगने वाले शिविर में बच्चे आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, जुंबा डांस, गीत- संगीत, वैदिक गणित, स्पोकन इंग्लिश, स्पोर्ट्स एंड गेम्स और फायरलैस कुकिंग में से अपनी पसंद के दो सेगमेंट में भाग लेकर उसमें भरपूर एंजॉय कर सकते हैं। परितोष के अनुसार गेम्स में वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, क्रिकेट व इनडोर गेम्स में शतरंज, कैरम से लेकर चाइनिस चेकर तक के खेलों की सुविधाएं बच्चों के लिए उपलब्ध रहेंगी।समर कैंप प्रभारी अपर्णा आठले ने जानकारी दी कि शिविर में सभी आठ सेगमेंट के अलग- अलग प्रशिक्षक- प्रशिक्षिका होंगे। प्रतिदिन कैंप की शुरुआत बच्चों के मेडिटेशन करने व विविध मंत्रोच्चार के साथ होगी। समापन समारोह में शिविर का हर एक प्रशिक्षार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन ड्राइंग, पेंटिंग, आर्ट- क्राफ्ट, फायरलैस कुकिंग आदि की प्रदर्शनी लगाकर अतिथियों सहित अपने अभिभावकों को बताएंगे कि शिविर में आखिर उन्होंने क्या सीखा है।प्राचार्य मनीष गोवर्धन के मुताबिक शिविर का प्रियदर्शिनी नगर, राजेंद्र नगर, वल्लभ नगर, टैगोर नगर, अमलीडीह सहित आसपास के क्षेत्रों व सोशल मीडिया में प्रचार- प्रसार जोरशोर से जारी है। समर कैंप को लेकर बच्चों सहित उनके अभिभावकों में उत्सुकता है। इसे लेकर लगातार बढ़ रही पूछताछ के बीच अनेक बच्चों ने शिविर में शामिल होने के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। प्राचार्य ने बताया कि शिविर के समापन समारोह में उन्हीं बच्चों की गीत- संगीत, जुंबा डांस आदि की प्रस्तुतियां होंगी, जिन्होंने समर कैंप में शामिल होकर अपने शौक को जुनून में बदला।शाला के सह प्रभारी नवीन देशमुख ने बताया कि 10 दिवसीय शिविर में यदि खराब मौसम जैसी स्थिति निर्मित होती है, तो भी बच्चों के आउटडोर गेम्स को निरस्त कर इनडोर गेम्स की व्यवस्था पहले से ही तैयार रहेगी। कम ही शिविरों में वैदिक गणित का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह विद्यार्थी व व्यावहारिक जीवन में उपयोगी भी है। समापन कार्यक्रम में ऐसे बच्चों को भी वैदिक गणित को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। - -कॉमन्स संवाद सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सामुदायिक शासन पर दिया जोर-छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री नेतामरायपुर, / आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।
- -श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थनारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिलरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है।श्री साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए।इन विजेता खिलाड़ियों को प्रदान की ट्रॉफीमहिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया।वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव श्री अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष श्री नरेश गुप्ता और श्री आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे।श्री साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा।
- -आत्मविश्वास और सम्मान की नई पहचानरायपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रही हैं।योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। अब तक 26 किश्तों का 16 हजार 240 करोड़ रूपए का भुगतान पात्र हितग्राही महिलाओं को किया जा चुका है। इस योजना की नियमित किस्त मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आर्थिक रूप से सक्षम हुई है।कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी श्रीमती श्यामा प्रजापति इसकी एक उदाहरण हैं। श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है। पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं।उन्होंने बताया कि नियमित सहायता से उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी मिला है। यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। श्रीमती प्रजापति ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को समाज में सशक्त पहचान दिलाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
- -कम पानी में किसानों को अधिक मुनाफारायपुर। ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में कुसुम की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम मुसुवाडीह निवासी कृषक श्री वामन टिकरिहा इसके उदाहरण हैं। राज्य स्तरीय डॉ. खुबचंद बघेल कृषक रत्न से सम्मानित श्री टिकरिहा इस वर्ष 10 एकड़ में कुसुम की खेती कर रहे हैं। विगत वर्ष उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान की खेती की थी, लेकिन गिरते भूजल स्तर के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। कृषि विभाग की सलाह पर इस वर्ष उन्होंने कुसुम की खेती अपनाई, जो कम पानी और कम लागत में ज्यादा लाभदायक है। कुसुम फसल की विशेषता यह है कि इसके पौधों में कांटे होने के कारण मवेशी इसे नहीं खाते, जिससे किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध की जरूरत नहीं पड़ती। श्री टिकरिहा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं। वे गोबर और गौमूत्र से जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत का उपयोग कर खेती कर रहे हैं। कुसुम की फसल 150 से 180 दिनों में तैयार हो जाती है और इसमें 25 से 45 प्रतिशत तक तेल की मात्रा पाई जाती है।








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