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- बिलासपुर. आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के अंतर्गत राज्य में संचालित उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थानों के इम्पैनलमेंट हेतु ‘‘रूचि की अभिव्यक्ति’’ 23 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे तक आमंत्रित की गई है। इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय बिलासपुर में जमा करना होगा।योजना के दिशा-निर्देश एवं मापदंड विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध हैं। सहायक आयुक्त संजय चंदेल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, उन्हें बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक राज्य के उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। साथ ही चयनित संस्थानों को निर्धारित मानदेय के अनुसार शुल्क की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी।
- 0- कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में त्रिनेत्र सेवा समिति की बैठक में लिए गए अहम निर्णयबिलासपुर. शहर में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से त्रिनेत्र सेवा समिति की अहम बैठक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर, तारबाहर में आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में अधिक से अधिक स्थानों पर जनसहभागिता के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अपराधों पर त्वरित नियंत्रण और अपराधियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जा सके। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जाएगी।समिति के संरचनात्मक विस्तार के तहत सांसद एवं विधायकों के साथ आयुक्त बिलासपुर संभाग और पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज को पदेन मुख्य संरक्षक बनाया जाएगा। वहीं कलेक्टर, एसएसपी, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ, रेलवे, एसईसीएल, एनटीपीसी, अपोलो अस्पताल और रेडक्रॉस के वरिष्ठ अधिकारियों को पदेन संरक्षक बनाए जाने का निर्णय लिया गया। तकनीकी समिति में साइबर सेल के अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी के प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।प्रबंध कार्यकारिणी में श्री रामावतार अग्रवाल को अध्यक्ष, श्री नवदीप अरोरा को कार्यकारी अध्यक्ष, श्री सतीश शाह को सचिव, श्री मनीष सखूजा को कोषाध्यक्ष तथा श्री ललित अग्रवाल को सह-कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। करीब 60 सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को समिति का सदस्य बनाया गया है। बैठक में समिति का कार्यालय इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर में ही संचालित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान निगरानी प्रणाली की जानकारी भी साझा की, जिसकी उपस्थित सदस्यों ने सराहना की। बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए, जिससे योजना का लाभ शहर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।इस बैठक में श्री रामावतार अग्रवाल, श्री सौरभ सक्सेना, श्री प्रकाश सोनथालिया, ललित अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, शंकर राव, सुनील सोनथालिया, अमित सुलतानिया, डॉ. नवदीप सिंह अरोरा, आर के केडिया, अशीष अग्रवाल, शरद सक्सेना, बीबी नेताम, दीपक गोयल, राजीव कुमार छुरा, मनीष सखूजा, श्रीमती जयश्री शुक्ला मौजूद रहे। अंत में श्री सुरेन्द्र गुम्बर ने आभार व्यक्त किया।--
- बिलासपुर. जिले में संचालित 4 डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल देवरीखुर्द, गोढ़ी, वेदपरसदा, गोबरीपाट में केजी 1 में शिक्षा के अधिकार के तहत एवं शासन कोटा की रिक्त सीट पर प्रवेश दिया जा रहा है। आरटीई के तहत प्रवेश के लिए संबंधित नोडल अधिकारी के समक्ष एवं शासन कोटा अंतर्गत प्रवेश हेतु आवेदन पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग बिलासपुर में स्थित कार्यालय समग्र शिक्षा, कक्ष क्रमांक 21 में 13 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक जमा किये जा सकते है।शिक्षा के अधिकार के तहत गरीबी रेखा तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्रा पात्र होंगे एवं शासन कोटा में गरीबी रेखा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, निःशक्तजन, निर्धन वर्ग, परित्यक्ता, मातृ-पितृहीन के छात्र-छात्रा आवेदन के लिए पात्र हैं।
- बिलासपुर. संभागीय अनुज्ञापन समिति (विद्युत) बिलासपुर द्वारा तारमिस्त्री परीक्षा जुलाई माह में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले के इच्छुक आवेदनकर्ता निःशुल्क फार्म प्राप्त करने एवं परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए यू.डी.एम. हॉस्पिटल बिल्डिंग, होमगार्ड कैम्पस के पास स्थित कार्यालय कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक के कार्यालय से प्राप्त कर सकते है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तक है।
- 0- ‘टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस’ थीम पर वैज्ञानिक सोच और जनस्वास्थ्य पर जोरबिलासपुर। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 7 अप्रैल को सिम्स के पी.एस.एम. (कम्युनिटी मेडिसिन) विभाग द्वारा “टुगैदर फॉर हेल्थ, स्टैंड विद साइंस” विषय पर एक प्रभावी सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रमाण आधारित चिकित्सा तथा जनजागरूकता के महत्व पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रमणेश मूर्ति, विशिष्ट अतिथि डॉ. लखन सिंह, विभागाध्यक्ष कम्युनिटी मेडिसिन डॉ. हेमलता ठाकुर, निश्चेतना विभागाध्यक्षडॉ. मधुमिता मूर्ति एवं अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।डब्ल्यूएचओ की इस वर्ष की थीम “Together for Health: Stand with Science” पर स्नातकोत्तर छात्र डॉ. जी. मनीष राव तथा स्नातक छात्राएं आकृति गुप्ता एवं हेमा नायक ने सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा में विज्ञान आधारित निर्णय, अनुसंधान और जनभागीदारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान डब्ल्यूएचओ क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को डॉ. रमणेश मूर्ति द्वारा पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वैज्ञानिक सोच, शोध और प्रमाण आधारित उपचार पद्धति को अपनाना समय की आवश्यकता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह संदेश देता है कि समाज और विज्ञान साथ मिलकर ही स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए चिकित्सकों, विद्यार्थियों और आमजन के बीच वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के सीएमई कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा और सेवा गुणवत्ता को नई दिशा देते हैं।” विभागाध्यक्ष कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर ने कहा कि “डब्ल्यूएचओ की थीम के अनुरूप समाज को स्वास्थ्य संबंधी मिथकों से बाहर निकालकर विज्ञान आधारित जानकारी देना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है।”कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ जे. पी स्वाइन डॉ शिक्षा जांगड़े डॉ केशव कश्यप डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. समीर, डॉ. श्रुति, डॉ. सुचिता, डॉ. सचिन, डॉ. प्रवीण, डॉ. डेविन, डॉ. आशीष, डॉ. सुमित सहित अन्य स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
- 0- जिले में चलाए जाएंगे नशा मुक्त जन जागरुकता अभियान0- कलेक्टर की अध्यक्षता में रेडक्रॉस प्रबंध समिति की बैठक संपन्नबिलासपुर. भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा बिलासपुर की प्रबंध समिति की बैठक आज कलेक्टर एवं अध्यक्ष संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य, जनजागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में पंचायत स्तर पर फर्स्ट एड एवं सीपीआर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को प्रशिक्षण देंगे। साथ ही महाविद्यालयों में भी सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को आपातकालीन स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।शहर को नशा मुक्त बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया। इस अभियान के अंतर्गत सामाजिक संस्थाओं और यूथ रेडक्रॉस के सहयोग से नुक्कड़ नाटक एवं वीडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। “चेन सिस्टम” के जरिए प्रत्येक व्यक्ति को दो अन्य लोगों को इस अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है। इस अभियान के संचालन के लिए सुनील सोनथालिया की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें डॉ. राजीव अवस्थी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बिलासपुर के जिला समन्वयक श्री सौरभ सक्सेना ने बैठक पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। पालन प्रतिवेदन पर चर्चा उपरांत प्रबंध समिति के सदस्यों ने पंचायत स्तर पर फर्स्ट एड ट्रेनिंग एवं सीपीआर ट्रेंनिंग करने का निर्णय लिया। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि दो डॉक्टर इसके लिए निर्धारित किए जाएं जो की जाकर प्रशिक्षण देंगे साथ ही महाविद्यालय में भी सीपीआर प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय समिति के सदस्यों के द्वारा लिया गया। प्रबंध समिति के सदस्यों ने नशा मुक्त बिलासपुर बनाने का निर्णय लिया जिसके अंतर्गत शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ जोड़कर यूथ रेड क्रॉस के सदस्यों के साथ जोड़कर नुक्कड़ नाटक वन टाइम वीडियो बनाकर जागरूकता अभियान निरंतर चलाई जाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत नशा मुक्ति हेतु फार्म भरवाना और दो-दो लोगों से फार्म भरवा कर उनसे निवेदन करना कि वह भी दो लोगों का फॉर्म भरे ताकि नशा मुक्ति चैन का निर्माण किया जा सके।इसके लिए श्री सुनील सोनथालिया की अध्यक्षता में समिति का निर्माण किया गया। जो की पूरा कार्यक्रम बनाकर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेगी। समिति में डॉ राजीव अवस्थी नोडल अधिकारी श्री सुरेंद्र गुम्बर एड्स एवं डॉ. बीपी सिंह को रखा गया है। साथ ही कलेक्टर श्री अग्रवाल ने निर्देश दिया की वीडियो एवं बिहान कार्यकर्ताओं को इसमें जोड़ा जावे एवं समय-समय पर आयोजित धार्मिक रैलियों में नशा मुक्ति का प्रचार प्रसार किया जावे।सदस्यता अभियान पर श्री प्रमोद शर्मा वॉइस चेयरमैन के प्रस्ताव पर चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया कि प्रबंध समिति के सभी 10 सदस्य 31 जुलाई तक कम से कम 1000 आजीवन सदस्य बनाएंगे। साथ ही वार्ड नंबर 37 आंगनवाड़ी केंद्र इंदिरा नगर वार्ड एवं जेल में मुक्तांगन में अध्ययनरत छात्र तथा स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए रेडक्रॉस से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्णय सर्वसम्मति से सदस्यों के द्वारा लिया गया कलेक्टर महोदय के निर्देश पर पुराना बस स्टैंड चौक में गर्मी के समय एक प्याऊ घर संचालित करने का निर्णय लिया गया।अन्य प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि जन औषधि सिम्स में एक अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति किया जाना है तथा सभी सदस्य एक-एक दुकान में जाएंगे और वहां की समस्याओं से कलेक्टर एवं अध्यक्ष महोदय का अवगत कराएंगे रतनपुर शॉपिंग कांप्लेक्स के संबंध में कलेक्टर महोदय के साथ श्री सुनील संथालिया एवं श्री सुरेंद्र गुम्बर जाकर कार्य योजना को अंतिम रूप देंगे जिसके अनुसार रतनपुर में कार्य किया जाएगा।बैठक में जिला चिकित्सालय को 25 गद्दे सेंट्रल जेल के चिकित्सालय को दे एवं जिला चिकित्सालय एसएनसीयू में फ्लोर मेट लगाने का निर्णय सर्व सम्मति से लिया गया साथ ही सिम्स चिकित्सालय को 10 नग व्हील चेयर प्रदान करने का निर्णय भी समिति के द्वारा सदस्य लिया गया अंत में डॉक्टर श्रीमती शोभा गरेवाल सचिव रेडक्रॉस के आभार प्रदर्शन के साथ बैठक समाप्त हुई आज की इस बैठक में सर्वश्री डॉ बीएल गोयल चेयरमैन, प्रमोद शर्मा वाइस चेयरमैन, सुरेंद्र गुंबर, श्रीकांत सहारे, सुनील सोनथालीया, सैय्यद जफर एएलई, डॉ राजीव अवस्थी,सदस्य प्रबंध समिति खामोश मंडावी सेंट्रल जेल बिलासपुर, डॉ बीपी सिंह सिम्स बिलासपुर, श्रीकांत मोहरे सहायक संचालक उच्च शिक्षा, डॉ एमए जीवानी नोडल अधिकारी, सौरभ सक्सेना जिला समन्वयक, आदित्य पांडेय, लक्ष्मीनारायण मिश्रा, सुशील राजपूत, गीतेश्वरी चन्द्रा, पूजा कैवर्त, उपस्थित थे।सदस्यता अभियान के तहत यह निर्णय लिया गया कि प्रबंध समिति के सभी सदस्य 31 जुलाई तक कम से कम 1000 आजीवन सदस्य बनाएंगे। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र इंदिरा नगर और सेंट्रल जेल के मुक्तांगन में अध्ययनरत बच्चों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। गर्मी को देखते हुए पुराना बस स्टैंड चौक में प्याऊ घर संचालित करने का भी निर्णय लिया गया।स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जिला चिकित्सालय को 25 गद्दे, सीआईएमएस अस्पताल को 10 व्हीलचेयर, एसएनसीयू में फ्लोर मैट तथा सेंट्रल जेल चिकित्सालय को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में सचिव रेडक्रॉस डॉ. श्रीमती शोभा गरेवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।--
- -मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदानरायपुर /कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है।इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है।पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के समीप से गुजर रही है। इससे ग्रामीण अब आसानी से बस के माध्यम से दोरनापाल पहुंचकर अपने दैनिक कार्य समय पर पूर्ण कर रहे हैं और उसी दिन सुरक्षित वापस भी लौट पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।जहां पहले नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीणों का बाहर निकलना भी कठिन था, वहीं अब सुरक्षा वातावरण में सुधार के चलते वे निर्भय होकर रोजगार, व्यापार, शिक्षा और उपचार के लिए शहरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।इरकमपल्ली निवासी श्री मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है।कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, पूर्व में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बस संचालन को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा तीन वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है।मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर यह क्षेत्र अब प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां हर सफर अब नई संभावनाओं की ओर ले जा रहा है।
- -पीएम आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन से मिला संबलरायपुर / शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में न केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी जोड़ रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड पामगढ़ के ग्राम लोहर्सी की निवासी श्रीमती ज्योति कश्यप की जीवन यात्रा परिवर्तन की एक प्रेरक मिसाल है।कभी अभाव और कठिनाइयों से जूझ रही श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन आज शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पूरी तरह बदल चुका है। पूर्व में उनका कच्चा मकान हर मौसम में चुनौती बन जाता था। वर्षा के दौरान छत टपकना, घर में पानी भरना और असुरक्षित वातावरण में रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। इसके साथ ही लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते समय उठने वाले धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं उनके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही थीं।परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आशा और विश्वास के साथ आवेदन किया और आवास स्वीकृत होने के बाद उनके जीवन में जैसे नई रोशनी का संचार हुआ। पक्के मकान के निर्माण से अब उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में निवास कर रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त होने से उनकी रसोई धुएं से मुक्त हो गई है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ समय और श्रम की भी बचत हो रही है।श्रीमती ज्योति कश्यप के जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया आयाम महतारी वंदन योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर पा रही हैं। जहां पहले उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। आज श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं यदि सही पात्र तक पहुंचें, तो वे न केवल जीवन स्तर को सुधारती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊंचाई प्रदान करती हैं।
- -गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्यरायपुर / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है।रायगढ़ जिले के ग्राम बड़ेभंडार की निवासी श्रीमती मथुरा कुर्रे इसकी उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें रिवॉल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों का बाजार में विक्रय कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।इसी क्रम में ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की श्रीमती जमुना सिदार की कहानी भी प्रेरणादायक है। पूर्व में वे एक गृहिणी थीं, किन्तु बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने टोकरी, सूपा एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मगौरव का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं।शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका भी निभा रही हैं। बिहान योजना आज जिले में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
- -अदरक की खेती से दोगुना मुनाफा कमायारायपुर / सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” योजना अब धरातल पर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बघमरा के युवा प्रगतिशील किसान श्री आकाश चंद्राकर ने अदरक की खेती के माध्यम से सफलता की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए आकाश चंद्राकर ने “एक जिला एक उत्पाद” योजना से प्रेरित होकर अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में अदरक की खेती की शुरुआत की। वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन के साथ की गई इस खेती से उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही बाजार में अदरक की अच्छी मांग के कारण उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिला, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती की लागत को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत आकाश चंद्राकर को लगभग 49 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें आधुनिक कृषि संसाधन जुटाने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकों का उपयोग करने में सहायता मिली, जिसका सीधा लाभ उत्पादन और गुणवत्ता में दिखाई दिया।आकाश चंद्राकर बताते हैं कि अदरक की खेती उनके लिए समृद्धि का नया द्वार बनकर आई है। शासन से प्राप्त अनुदान ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।“एक जिला एक उत्पाद” के अंतर्गत अदरक को चयनित किए जाने के बाद जिले के अन्य किसान भी इस नगदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों की तुलना में अदरक से प्राप्त अधिक शुद्ध लाभ ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। जिला प्रशासन बालोद और उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह एवं अनुदान से खेती अब घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनती जा रही है। श्री चंद्राकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से बालोद जिला अदरक उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है।बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता।इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे।अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया। आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।
- -वन मंत्री ने जिले को दी 17.59 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात-नालंदा परिसर से युवाओं को मिलेगा आधुनिक अध्ययन का सशक्त मंचरायपुर /वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान नारायणपुर को 17 करोड़ 59 लाख 57 हजार रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के विकास को नई गति प्रदान की।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से जिले के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और अबूझमाड़ सहित नारायणपुर के बच्चे भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर इंजीनियर, डॉक्टर एवं शासकीय सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकेंगे। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस अवसर पर नेशनल हाईवे 130डी के मजबूतीकरण कार्य, नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) सहित डीएमएफ और नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत कुल 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि के 03 हितग्राहियों को 20-20 हजार रुपए का चेक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत 25 हितग्राहियों को अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा मार्ग के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के मजबूतीकरण कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह टीमवर्क के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प साकार हुआ है, जिससे अब नारायणपुर और अबूझमाड़ के विकास का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित सभी वर्गों के विकास एवं समृद्धि के लिए सतत प्रयासरत है।कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, उपाध्यक्ष श्रीजयप्रकाश शर्मा, संध्या पवार, गौतम एस. गोलछा, बृजमोहन देवांगन सहित पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत , वन मंडल अधिकारी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचंद्र यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- -सरकार को है किसानों के हितों की चिंता: कृषि मंत्री रामविचार नेताम-उर्वरक की नहीं होगी कमी, जैविक खेती के लिए किसानों को रहे हैं प्रोत्साहित-अधिकारियों को नवाचार और फसल परिवर्तन पर जोर देने के निर्देश-विकसित भारत संकल्प अभियान 5 मई से 20 मई तक: अधिकारियों को प्राथमिकता और गंभीरता से सहभागी बनने के निर्देश-कृषि मंत्री ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं खरीफ तैयारियों की गहन समीक्षारायपुर /छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे जेल भी भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण रासायनिक उर्वरकों की कमी की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है। खाद की कमी नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आपूर्ति और बेहतर होगी, इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार से घबराहट या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्री श्री नेताम ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित समेति कक्ष में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इस आशय के वक्तव्य दिए।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिलों के संबंधित विभागीय अमले को नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।श्री नेताम ने बैठक में आगामी 5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में “विकसित भारत संकल्प अभियान” की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले की टीम गांव-गांव जाकर किसानों, किसान समूहों और संगठनों से सीधे संवाद करेगी। इस दौरान किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, वैकल्पिक उर्वरकों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान कृषि के साथ-साथ अन्य विभाग जैसे-मछली पालन, उद्यानिकी, पशुपालन, कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिसमें विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा विभागीय प्रकरण तैयार करने हेतु निर्देशित किया।मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पिछले वर्ष डीएपी की आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार का फोकस केवल उर्वरक उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने पर है। किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के उद्देश्य से दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।बैठक में फार्मर आई डी के तहत एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष बचे हुए कृषकों का एक सप्ताह के भीतर पंजीयन करने हेतु निर्देश दिए गए ताकि कोई भी किसान पी.एम.किसान योजना से लाभान्वित होने से वंचित न रहे। उन्होंने खरीफ सीजन में किसानों को सुगमतापूर्वक उर्वरक व्यवस्था हेतु दूरस्थ अंचलों में प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक का भण्डारण करने हेतु निर्देशित किया।मंत्री श्री नेताम ने विभागीय योजनाओं में वर्ष 2025-26 में हुए व्यय की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से फसल प्रदर्शन योजना एवं ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहन-तिलहन को बढावा देने हेतु समीक्षा की, जिसमें रायपुर संभाग के अधीन जिलों में और अधिक प्रयास कर ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम करके दलहन तिलहन एवं मक्का फसल को बढावा देने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही धमतरी जिले में विगत् दो वर्षाे में दलहन तिलहन के रकबे में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा अन्य जिलों में भी दलहन एवं तिलहन के रकबे में वृद्धि करने हेतु निर्देशित किया गया।मंत्री श्री नेताम ने रायपुर और दुर्ग संभाग के पी.एम.आशा की समीक्षा के दौरान पाया कि धमतरी जिले को छोडकर अन्य जिलों में प्रगति नगण्य है आगामी एक सप्ताह के भीतर मार्कफेड, नाफेड एवं समिति स्तर पर समन्वय करके दलहन तिलहन की खरीदी हेतु और अधिक प्रयास करने पर बल दिया।मंत्री श्री नेताम ने बैठक में वाटर बॉडी में मखाना एवं सिंघाडा की खेती के लिए उद्यानिकी विभाग को विशेष कार्ययोजना बना कर कृषक एवं कृषक समूहों से आवश्यक चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मखाना की खेती हेतु जिला धमतरी में किए गए कार्य की सराहना की गई। मखाना की खेती के साथ-साथ मछली पालन के लिए किसानों को जागरूक करने निर्देश दिए।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, कृषि, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के संचालक श्री अजय अग्रवाल, मत्स्य पालन विभाग के संचालक श्री एस.एस. नाग, पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चन्द्रकांत वर्मा, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री लोकेश चन्द्राकर, रायपुर के संयुक्त संचालक श्री गयाराम और दुर्ग की संयुक्त संचालक श्रीमती गोपिका गबेल सहित जिले एवं राज्य के अधिकारी उपस्थित थे।
- -सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णयकारी भूमिका में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहीरायपुर / भारत में महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र, शिक्षित और समान अधिकार संपन्न बनाना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना और महिला आरक्षण जैसे प्रयासों से निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ी है। हालांकि, पितृसत्तात्मक सोच और सुरक्षा चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं, लेकिन शिक्षा व कानूनी सुधारों से बदलाव आ रहा है।भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण की सोच अब एक व्यापक और जीवन-चक्र आधारित दृष्टिकोण में विकसित हो चुकी है, जहाँ जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और नेतृत्व तक महिलाओं की आवश्यकताओं को समग्र रूप से संबोधित किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएँ अब केवल कल्याण तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णयकारी भूमिका में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। यह बदलाव “वेलफेयर” से “एम्पावरमेंट” और अब “वूमेन-लेड डेवलपमेंट” की ओर भारत की विकास यात्रा को दर्शाता है।स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में मिशन पोषण 2.0, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी पहलों ने महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित किए हैं। वर्ष 2017 से फरवरी 2026 तक प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत लगभग 4.27 करोड़ महिलाओं को 20,101 करोड़ रूपये की सशर्त सहायता प्रदान की गई है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 7.26 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच की गई है। देशभर में 14.03 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 8.97 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पोषण सेवाएँ पहुँच रही हैं, जबकि मिशन इंद्रधनुष के प्रभाव से बाल मृत्यु दर 48 से घटकर 28 और नवजात मृत्यु दर 28 से घटकर 17 हो गई है।“पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत 8.55 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है तथा सक्षम आंगनवाड़ी योजना के माध्यम से 1.03 लाख केंद्रों को उन्नत किया जा चुका है। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 57.93 करोड़ खातों में से 32.29 करोड़ खाते महिलाओं के नाम हैं, जो वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वितरित कुल ऋणों में लगभग 68 प्रतिशत महिलाओं को दिए गए हैं, जिनकी कुल राशि 14.72 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत स्वीकृत ऋणों में 83 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएँ हैं, जिनकी राशि 47,704 करोड़ रूपये से अधिक है।दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 10.05 करोड़ महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं, जबकि “लखपति दीदी” पहल के माध्यम से 3.07 करोड़ महिलाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं। “नमो ड्रोन दीदी योजना” के तहत 1,094 ड्रोन वितरित कर महिलाओं को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है।दैनिक जीवन में गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने व्यापक बदलाव लाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 2.90 करोड़ से अधिक घर महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है। उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे महिलाओं को धुएँ से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12.11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिससे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 15.83 करोड़ से अधिक घरों तक नल जल की सुविधा पहुँचाई गई है, जिससे महिलाओं के दैनिक श्रम में उल्लेखनीय कमी आई है।शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसी पहलों ने सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित किया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के परिणामस्वरूप जन्म के समय लिंगानुपात 918 से बढ़कर 929 हो गया है। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जिनमें 3.40 लाख करोड़ रूपये से अधिक की राशि जमा है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के 5,316 स्कूलों में 7.58 लाख से अधिक छात्राएँ अध्ययनरत हैं। उच्च शिक्षा में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात 30.2 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जबकि पीएचडी में महिलाओं के नामांकन में 135.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। । AICTE प्रगति योजना के तहत 35,998 छात्राएँ लाभान्वित हुई हैं तथा विज्ञान ज्योति योजना से 80,000 से अधिक छात्राओं को प्रोत्साहन मिला है।महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत “सम्बल” और “समर्थ्य” दो स्तंभों पर कार्य किया जा रहा है। वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 926 तक पहुँच चुकी है, जहाँ 13.90 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। महिला हेल्पलाइन (181 और 112) के माध्यम से 99.09 लाख महिलाओं को सहयोग मिला है। SHe-Box पोर्टल से 1.63 लाख कार्यस्थल जुड़े हैं, जिससे कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। वहीं “समर्थ्य” घटक के अंतर्गत 416 शक्ति सदन और 531 सखी निवास संचालित किए जा रहे हैं, जो महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और पुनर्वास प्रदान कर रहे हैं।अंततः भारत में महिला सशक्तिकरण अब केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का आधार बन चुका है। महिलाएँ आज न केवल अपने परिवार और समाज की धुरी हैं, बल्कि वे देश की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति की दिशा तय करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। यही “Women-Led Development” का वास्तविक स्वरूप है, जहाँ नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति का आधार बनती है।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा शहर के सुभाष चौक स्थित पुष्पलता उद्यान के समीप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित 1×5 एमवीए क्षमता वाले 33/11 केवी उपकेंद्र (सीडीईएफ कॉलोनी) का फीता काटकर लोकार्पण किया। लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना परियोजना को उन्होंने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया।कोरबा शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंत्री श्री देवांगन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों को यह परियोजना और भी मजबूती प्रदान करती है। लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्युत परियोजनाओं को निरंतर स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था और मजबूत हो रही है।नवनिर्मित उपकेंद्र से कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, बुधवारी, काशी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, आरपी नगर, शिवाजी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा। अब तक निहारिका क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अलग-अलग फीडरों से बिजली आपूर्ति की जाती थी, जिससे किसी एक फीडर में खराबी होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो जाती थी। उपकेंद्र के प्रारंभ होने के बाद वैकल्पिक लाइन से तत्काल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए विद्युत उपकेंद्र के शुरू होने से गर्मी के मौसम में बढ़ते बिजली दबाव से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। यह उपकेंद्र लंबे समय से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी, जो अब पूरी हो चुकी है।उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिसके कारण सरचार्ज बढ़ता जाता है और बिल का भुगतान कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा समाधान योजना लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न वार्डों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- -मेगा स्वास्थ्य शिविर में उमड़ा जनसैलाब-स्वास्थ्य शिविर में 6,500 से अधिक लोगों ने लाभ लियारायपुर / मेगा हेल्थ कैंप एक प्रमुख निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर है, जहाँ नामी सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर कैंसर, हृदय रोग, स्त्री रोग, और नेत्र रोग जैसी बीमारियों का मुफ्त इलाज, जांच और दवाइयां प्रदान करते हैं। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा, दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग वितरण और आधुनिक जांचकी सुविधाएं भी मिलती हैं। लाल आतंक की समाप्ति के इस दौर में जब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, तब प्रशासन की पहुँच अंतिम छोर के व्यक्ति तक आसान हुई है।जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर का गत दिवस आयोजन किया गया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के द्वारा शुभारंभ पश्चात इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में उन संवेदनशील और अंदरूनी क्षेत्रों के 3,700 से अधिक ग्रामीण बेखौफ होकर पहुँचे, जो कभी मुख्यधारा से कटे हुए थे। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित उक्त मेगा स्वास्थ्य शिविर में कुल 6,500 से अधिक लाभार्थियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब ग्रामीण बंदूकों के साये से निकलकर आधुनिक चिकित्सा और विशेषज्ञ परामर्श पर भरोसा जता रहे हैं। शिविर के दौरान 21 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 40 स्वास्थ्य योद्धाओं की टीम ने इन वनवासियों के लिए देवदूत बनकर काम किया।बस्तर के सुदूर अंचलों में कभी लाल आतंक की धमक से सहमे रहने वाले सुकमा जिले की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। दशकों पुराने संघर्ष और भय के बादलों को चीरकर अब यहाँ विकास और खुशहाली की नई किरणें बिखर रही हैं। जिला प्रशासन सुकमा और बेंगलुरु के एनटीआर फाउंडेशन के साझा प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय सुपर स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ्य शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अब सुकमा नक्सलवाद की बेड़ियों को तोड़कर स्वस्थ और सशक्त होने की राह पर निकल पड़ा है। मिनी स्टेडियम में विगत 28 और 29 मार्च को आयोजित इस शिविर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जहाँ कभी गोलियों की गूँज थी, आज वहाँ सेवा और संकल्प के गीत गाए जा रहे हैं।शिविर में केवल सामान्य बीमारियों का ही नहीं, बल्कि कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजी जैसी गंभीर समस्याओं का भी विशेषज्ञ उपचार किया गया। नक्सलवाद के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे बुजुर्गों के लिए 989 चश्मों का वितरण किया गया, जिससे उनकी धुंधली दुनिया एक बार फिर रोशनी से भर उठी। वहीं 1,500 बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कर आने वाली पीढ़ी को कुपोषण और बीमारियों से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से 85 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग और 2,300 आभा आईडी का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि सुकमा अब डिजिटल स्वास्थ्य और सुरक्षा कवच से लैस हो रहा है।लाल आतंक के खात्मे के बाद सुकमा का यह बदलाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है। यह शिविर केवल एक चिकित्सकीय आयोजन नहीं था, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता के अटूट विश्वास का उत्सव था। 153 आयुष्मान कार्डों का मौके पर निर्माण यह सुनिश्चित करता है कि अब सुदूर अंचल का गरीब से गरीब व्यक्ति भी पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा। सुकमा आज नक्सलवाद की पहचान को पीछे छोड़कर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है, जहाँ हर चेहरा मुस्कुरा रहा है और हर कदम एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
- -“मोर गांव - मोर पानी - मोर तरिया” अभियान बना जनभागीदारी का मॉडलरायपुर – शासन के निर्देशानुसार मंगलवार को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का व्यापक एवं प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पूर्व ही विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों एवं समस्याओं का निराकरण कर योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया गया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित “मोर गांव - मोर पानी - मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया – आय के जरिया” पहल ने जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। युवाओं एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से जल संरक्षण हेतु नवा तरिया निर्माण के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया गया तथा निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।मनरेगा के तहत कार्यों में तेजी लाते हुए प्रगतिरत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय वृद्धि हेतु Livelihood Layering गतिविधियों की रूपरेखा भी तैयार की गई।प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत स्वीकृत आवासों को अधिकतम 90 दिवस में पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई। हितग्राहियों को प्राप्त राशि की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने एवं लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की दीदियों की भूमिका को सशक्त करते हुए उन्हें सामग्री आपूर्ति एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। नागरिक सूचना पटल पर समूह से जुड़े परिवारों की महिलाओं का नाम अंकित कर पारदर्शिता एवं सम्मान सुनिश्चित किया गया।तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए QR कोड के माध्यम से मनरेगा एवं PMAY-G कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। अमृत सरोवरों एवं अन्य प्रमुख स्थलों पर भी QR कोड आधारित सूचना उपलब्ध कराई जा रही है।कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई तथा स्लोगन, नारे एवं जिंगल के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया गया।इस व्यापक आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली, जो ग्रामीण विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज मुख्यालय के सेवाभवन में आयोजित समारोह में डायरेक्टर (वाणिज्यिक एवं नियामक मामले) आर.ए.पाठक को में भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर ऊर्चा सचिव एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह व शॉल श्रीफल देकर सम्मानित किया। डॉ. यादव ने उनके कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य की कामना कीl
इस अवसर पर पावर कंपनी के निदेशकगण सर्वश्री एस.के.कटियार, आर.के.शुक्ला एवं भीमसिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री पाठक ने अविभाजित मध्यप्रदेश विद्युत मंडल एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल सहित पावर कंपनीज में 41 वर्षों तक सेवाएं दीं। उन्हें अप्रैल 2025 में निदेशक पद पर राज्य शासन ने नियुक्त किया था, जुलाई में वे कार्यपालक निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए। उनका कार्यकाल पूरा होने पर पावर कंपनी में आयोजित विदाई समारोह में अध्यक्ष डॉ. यादव ने उनके व्दारा 41 वर्षों की सेवाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी कार्यक्षमता और कार्यशैली अलग थी। उन्होंने अपना कार्यकाल समर्पण एवं निर्भिकता से पूरा किया।
कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस के कटियार ने उनके कर्मठ कार्यशैली की प्रशंसा की साथ ही बताया कि श्री पाठक ग्रिड मैनेजमेंट में भी कुशल व्यक्ति रहे हैं। प्रबंध निदेशक (पारेषण) श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि श्री पाठक चार दशक से भी ज्यादा समय विद्युत अधोसंरचना से ले कर वााणिज्यिक मामले में अपने सेवाएं दी हैं, जो उनके अनुभवों एवं कुशलकार्य प्रबंधन का प्रतीक है। इसी प्रकार प्रबंध निदेशक (वितरण) श्री भीमसिंह कंवर ने कहा कि उनके सेवा समर्पण से विद्युत विकास कार्यों में गति आई तथा उनके कार्यकाल में अनेक सुधार व वित्तीय प्रबंधन के कार्य किये गये। श्री पाठक ने कंपनी प्रबंधन व्दारा सौंपे गये विभिन्न जिम्मेदारियों के प्रति साधुवाद दिया तथा कर्मचारी तथा अधिकारियों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोठिया, श्री वी.के.साय, श्री संजय पटेल, श्री एम एस चौहान, श्री आरपी नामदेव, श्री एस के ठाकुर, श्री एम एस कंवर ,श्री सीएल नेताम,श्री जेएस नेताम, श्री वी के दीक्षित सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रकाशन अधिकारी श्री गोविंद पटेल ने किया। -
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समय-सीमा बैठक ली -
शिक्षण संस्थाओं एवं अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या नशीली चीजें बेचने पर करें सख्त कार्यवाही
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों,लंबित राजस्व प्रकरणों, कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं व अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या अन्य नशीली चीजें बेचने पर सख्त कार्यवाही करें।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण करें, इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। धान उठाव की स्थिति की जानकारी ली। डॉ. सिंह ने प्रोजेक्ट समन्वय के तहत सभी सम्बंधित विभागों को एनओसी पेंडेंसी तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
दुर्ग। दुर्ग विधानसभा अंतर्गत गयानगर वार्ड 04 में आज वार्ड भ्रमण के दौरान उचित मूल्य की दुकान का केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने औचक निरीक्षण किये। इस दौरान वहां उपस्थित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी लिए एवं उन्हें मिलने वाली राशन सामग्री के संबंध में विस्तार से चर्चा किये।
शिक्षा,ग्रामोद्योग विधी एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान स्वयं हितग्राही को चावल मापकर दुकान में उपलब्ध माप यंत्र की सटीकता की जांच की किये, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निर्धारित मात्रा में पूर्ण एवं सही राशन प्राप्त हो। इस पहल से वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और आम नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
मंत्री श्री यादव ने वार्डवासियों से चर्चा के दौरान उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारु, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सरकार और प्रशासन निरंतर निगरानी, जनता से संवाद किया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। हितग्राहियों को जागरूक करते हुए उन्हें उनके अधिकारों एवं निर्धारित राशन की जानकारी देने निर्देश दिए, जिससे जिससे वे स्वयं भी व्यवस्था की पारदर्शिता में सहभागी बन सकें। -
दुर्ग। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग के शनिचरी बाजार स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल प्राथमिक स्कूल पहुँचे। यहाँ उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किये और बच्चों से सीधे बात कर उनकी पढ़ाई और जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की आज दुर्ग के सरदार वल्लभ भाई पटेल प्राथमिक स्कूल पहुँचकर बच्चों से संवाद किये। बच्चों के साथ स्कूल परिसर का निरीक्षण कर बच्चों द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल के शिक्षको से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए गंभीरता से कार्य करने कहा, विद्यार्थियों की मजबूत शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की आज दुर्ग के शनिचरी बाजार स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी पढ़ाई, आवश्यकताओं एवं सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। स्कूल में तैयार हो रहे स्मार्ट क्लास को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आगामी सत्र से स्कूल में स्मार्ट क्लास से पढ़ाई होगी। आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से बच्चों को बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य और अधिक सशक्त होगा। हमारा प्रयास है कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार हो और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षा प्राप्त हो सके।
मंत्री श्री यादव ने आगे कहा की प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूल के शिक्षको से चर्चा कर स्कूल की सभी गतिविधियों का विस्तार से जानकारी लेकर शिक्षा के साथ खेलकुद और अन्य गतिविधियों पर भी जोर देने कहा ताकी बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, पार्षद नरेंद्र बंजारे, मनीष कोठारी, गोविन्द देवांगन, श्रीमति हर्षिका संभव जैन, दिनेश देवांगन, अमित पटेल, नवीन साहू सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे। -
निजी स्कूलों में मान्यता प्रदर्शित करना अनिवार्य
बिलासपुर/बिलासपुर में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दीर्घकालिक योजना और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निजी स्कूलों में मान्यता प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने, साप्ताहिक जनसमस्या निवारण शिविर शुरू करने और जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी स्कूलों को अपने परिसर में मान्यता संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से लिखने को कहा गया कि स्कूल सीबीएसई या छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका न रहे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह शनिवार को तहसील स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। यह अभियान इसी माह से प्रारंभ होकर लगभग दो माह तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कलेक्टर ने इस वर्ष के बजट में प्रावधानित कार्यों के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय स्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और केवल अल्पकालिक नहीं, बल्कि आगामी 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी सरकारी योजना के तहत भवन या आवास निर्माण से पहले वहां तक पहुंचने के लिए सड़क सुविधा सुनिश्चित की जाए, अन्यथा निर्माण की उपयोगिता प्रभावित होती है।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को सूखे तालाबों से मिट्टी एवं मुरूम उठाने के निर्देश दिए, ताकि तालाबों की गहराई बढ़े और जल संचयन में मदद मिले। साथ ही उन्होंने अनियमित रूप से अन्य स्थानों से मिट्टी उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सोखता गड्ढे बनाकर जल रिचार्ज करने, कच्चे नाला बांध बनाकर वर्षा जल को रोकने के उपाय अपनाने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। -
- प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 : स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबला जारी
रायपुर। प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता के नॉकआउट दौर में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला जारी है। मंगलवार को खेले गए मैच में बमलेश्वर सोनवानी ने जीत हसिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। पहले मैच में कौशल तिवारी और बमलेश्वर सोनवानी ने मुकाबले की शुरुआत संयमित अंदाज में की। शुरुआती चालों में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी रणनीति के तहत मोहरों को सधे हुए ढंग से आगे बढ़ाया। खेल के बीच में कौशल तिवारी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की, लेकिन बमलेश्वर सोनवानी ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए उनकी चालों का प्रभावी जवाब दिया। निर्णायक क्षण तब आया जब बमलेश्वर सोनवानी ने एक सटीक संयोजन के माध्यम से बढ़त बना ली। आखिरकार एंडगेम में उन्होंने अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाते हुए कौशल तिवारी को मात देकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही बमलेश्वर सोनवानी ने अगले दौर में जगह बना ली। वहीं आज के अन्य मैचों में प्रकाश शर्मा (सीनियर), विनय घाटगे, गुड्डू बैरागी, प्रदीप चंद्रवंशी व शिवम दुबे को वॉकओवर दिया गया। प्रतियोगिता के आगामी दौर को लेकर खिलाड़ियों और प्रेस क्लब सदस्यों में उत्साह बना हुआ है। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, शंकर चंद्राकर व विनय घाटगे रहे।
आज के मैच--
सभी मैच दोपहर 1 बजे से खेले जाएंगे।
1. राजेश सोनकर और सत्येन्द्र सिंह के बीच।
2. सुशील अग्रवाल और कुलदीप शुक्ला के बीच।
3. प्रत्युष शर्मा और पंकज सिंह के बीच।
4. रमन हलवाई और दीपक पांडेय के बीच।
5. पराग मिश्रा और सुखनंदन बंजारे के बीच।
6. विजय मिश्रा और हेमंत डोंगरे के बीच। -
528 किलोलीटर का आबंटन जारी
रायपुर/ प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का आबंटन जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन राशनकार्डधारियों के लिए आवंटित किया है। यह केरोसिन उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के सभी राशनकार्डधारियों को इसका लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों (अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित) में अधिकतम 2 लीटर केरोसिन दिया जाएगा।
राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का समय-सीमा में उठाव और वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर हितग्राहियों को उनकी पात्रता की जानकारी देने को कहा गया है। जिन उचित मूल्य दुकानों में केरोसिन की मांग कम है, वहां शेष स्टॉक को जरूरत वाले दुकानों में पुनः आबंटित किया जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र में केरोसिन की कमी न हो और सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा मिल सके। अप्रैल माह के लिए आवंटित केरोसिन का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। वहीं, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लैप्स कोटा की जानकारी 30 अप्रैल तक विभाग को उपलब्ध कराएं।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले कोे सर्वाधिक 36 किलोलीटर, बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर जिले को 24-24 किलोलीटर तथा राज्य के अन्य शेष जिलों को 12-12 किलोलीटर केरोसिन आबंटित किया गया है। -
*अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश*
बिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला विजयपुर के प्रधान अध्यापक भरत ध्रुव को पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान अध्यापक द्वारा शराब का सेवन कर शाला में दुर्व्यवहार एवं विद्यार्थियों को पढ़ाने में कोताही बरती जा रही है। पूर्व में भी प्रधान अध्यापक की शिकायत की गई परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीईओ को मामले की जांच कर शीघ्र ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। रतनपुर की अंकिता कमलसेन एवं सिंघरी की प्रतिभा कोशले ने स्वयं का रोजगार स्थापित करने शासन की योजना अंतर्गत लोन दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षित महिला है और सिलाई कार्य जानती है। उन्हें सिलाई मशीन एवं अन्य सामग्री खरीदने रूपयों की आवश्यकता है। लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। मेण्ड्रा के सूरज सूर्यवंशी सहित ग्रामवासियों ने ग्राम मेण्ड्रा के वार्ड 4 एवं 5 में हो रही पेयजल की समस्या से अवगत कराया। पीएचई विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बेलतरा तहसील के बाम्हू निवासी परसराम ने जपदर्शन में आवेदन देकर बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, किन्तु दूसरे एवं तीसरे किश्त की राशि आज दिनांक तक नहीं मिलने के कारण उनके आवास का कार्य अधूरा है। उन्होंने शेष बची किश्त की राशि दिलाने की मांग की है। प्रकरण को बिल्हा के जनपद पंचायत सीईओ को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। ग्राम ऊनी की किरण वैष्णव ने बताया कि कुंआ की सफाई करने के दौरान उनके पति एवं पुत्र विद्युत तार की चपेट में आ गए जिससे उनकी मृत्यु हो गई। श्रीमती किरण ने इस संबंध में उचित मुआवजा राशि दिलाने गुहार लगाई गई। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। सिंद्यरी के दिनेश कुमार ने गांव के दूजराम के द्वारा किये गये अवैध कब्जे की शिकायत कलेक्टर से की है। उन्होंने बताया कि दूजराम द्वारा पक्का मकान बनाकर रास्ता अवरूद्ध कर बंद कर दिया गया है। रास्ता बाधित होने के कारण आवाजाही में उन्हें एवं ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।




















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