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- -प्रधानपाठक सहित सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के दिए निर्देशमुंगेली । कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में शासकीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली एवं शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने सतत निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने विकासखंड लोरमी के शासकीय प्राथमिक शाला पेंड्रीतालाब का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रातः लगभग 10 बजे विद्यालय परिसर तालाबंद पाया गया तथा कोई भी शिक्षक या स्टाफ उपस्थित नहीं मिला।इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी जाहिर की और प्रधानपाठक सहित सभी शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी जिले के विद्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
- महासमुंद / जिले में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम लागू की गई है। इस योजना के तहत रबी विपणन वर्ष 2026-27 में दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि रबी वर्ष 2026-27 में जिले में प्रमुख रूप से चना, मसूर एवं सरसों फसल का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया गया है। उन्होंने बताया कि केवल पंजीकृत कृषकों को ही समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त होगा। जिले में उपार्जन कार्य हेतु कुल 6 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिर्रीपठारीमुड़ा बागबाहरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोमाखान, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिथौरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बसना तथा कृषि उपज मंडी सरायपाली शामिल हैं। इन सभी केंद्रों में खरीदी कार्य ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि उपार्जन अवधि 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में किसानों से चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल एवं सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित दर पर खरीदी की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं संबंधित केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचें तथा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- -खिलाडिय़ों ने भविष्य में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प दोहरायाजगदलपुर । जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित पहले 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्सÓ की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का समापन अत्यंत उत्साहजनक रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के उच्चाधिकारियों ने बस्तर अंचल के खिलाडिय़ों के बीच पहुँचकर केवल उनका मनोबल बढ़ाते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए सफलता के मंत्र भी दिए।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स समापन के पश्चात खिलाडिय़ों से रूबरू होते हुए कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आपकी क्षमता को तराशना है। यहाँ से प्राप्त अनुभव आपकी नींव को मजबूत करेगा, जिससे आप आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर सकेंगे।इस अवसर पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी ने खिलाडिय़ों के अनुशासन और जज्बे की सराहना की। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि इस आयोजन से जो अनुभव का लाभ आपको मिला है, उसे अपनी शक्ति बनाएं और निरंतर अभ्यास के माध्यम से बस्तर की एक सकारात्मक पहचान पूरे देश में स्थापित करें।वहीं कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन खिलाडिय़ों को हर आवश्यक सुविधा और मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसे मंच का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि बस्तर का नाम खेल जगत के मानचित्र पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाए। उन्होंने खिलाडिय़ों को लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्र स्तरीय आयोजन के माध्यम से जो तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है, उसका लाभ उठाएं। पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने कहा कि खेल के मैदान पर दिखाया गया पराक्रम ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि आप सभी में देश का नाम रोशन करने की क्षमता है; बस इस अनुभव को अपनी सीख बनाकर मैदान में डटे रहें। अधिकारियों के इस आत्मीय मार्गदर्शन और शुभकामनाओं से उत्साहित होकर खिलाडिय़ों ने भी आने वाले समय में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प दोहराया। वहीं खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने भी खिलाडिय़ों को दक्ष बनाने के लिए समर्पण के साथ दायित्व निभाने की बात कही।
- दुर्ग । जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मोहन नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री करते दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीली कैप्सूल और नगदी बरामद की है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि आज मुखबिर से सूचना मिली थी कि आशा नगर खंडहर सुलभ के पास दो व्यक्ति प्रतिबंधित दवाइयों को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदेहियों को पकड़ लिया।आरोपी की पहचानशंभूराम साहू (63 वर्ष), निवासी शक्ति नगर दुर्गनंद कुमार यादव (25 वर्ष), निवासी श्रीनगर उरला दुर्गयह सामग्री हुई जब्त96 नग प्रतिबंधित स्पैमसो प्लस कैप्सूल (कीमत लगभग 38,400 रुपए )800 रुपए नगदकुल जब्ती:39,200 रुपएएनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाईमामले में थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 8, 22, 27(ए) एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।अवैध बिक्री के लिए कर रहे थे तलाशप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे थे।पुलिस टीम की सक्रियताइस कार्रवाई में मोहन नगर थाना पुलिस की त्वरित एवं सराहनीय भूमिका रही।पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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डौण्डीलोहारा।ग्राम जोगीभाट में बैठक के दौरान धारदार चाकू से युवक कुणाल देशमुख की हत्या के मामले में डौण्डीलोहारा पुलिस ने मात्र 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू और डंडा भी बरामद कर जप्त किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दिनांक 2 अप्रैल 2026 की रात करीब १० बजे शीतला मंदिर में गांव की बैठक में विवाद हुआ। आरोपी सोहन कुमार साहू, बेदलाल साहू, परमेश्वर देशमुख, टोमन लाल साहू और लोकनाथ यादव ने उप सरपंच डोमेन्द्र देशमुख के साथ मारपीट की। जब उनके भतीजे कुणाल देशमुख बचाव करने आए तो सोहन कुमार साहू ने धारदार चाकू से उनके सीने और पेट में कई वार कर दिए। कुणाल को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक ५७/२०२६ दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी सोहन कुमार साहू से चाकू और परमेश्वर देशमुख से डंडा बरामद किया गया। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को ०३ अप्रैल २०२६ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी सोहन कुमार साहू (१९ वर्ष), परमेश्वर देशमुख (३० वर्ष), बेदलाल साहू (४० वर्ष), टोमन लाल साहू (४५ वर्ष) और लोकनाथ यादव (४३ वर्ष) सभी ग्राम जोगीभाट के निवासी हैं।
- -छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चैंपियनरायपुर। खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित डेमो खेल मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रोप मल्लखंभ, पोल मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ, पिरामिड मल्लखंभ में एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर वहां मौजूद दर्शकों द्वारा तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के बाद विजेता टीम घोषित किया गया। आज हुई प्रतिस्पर्धा में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता घोषित की गई।विजेता टीमों को शनिवार को आयोजित मेडल सेरेमनी में मेडल प्रदान किया जाएगा।ये रहे चैंपियनमल्लखंभ प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। राज्यों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत के लिए दमखम लगाया। छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 124.35 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 118.35 अंक के साथ सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 86.95 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।वहीं बलिका वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 80.15 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 69.90 अंक के सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 49.80 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
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-कलेक्टर ने लाइवलीहुड कॉलेज में 32 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट वितरण किया
रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसी क्रम में जिला मुख्यालय सुकमा स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में 32 आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट प्रदान की गई। कार्यक्रम कलेक्टर श्री अमित कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर ने युवाओं से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि आप सभी को स्थायी आजीविका, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान मिले। आज दी जा रही मेसन किट केवल औजार नहीं, बल्कि आपके नए जीवन की मजबूत नींव है। निर्माण कार्यों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राजमिस्त्री का कार्य ऐसा कौशल है जिससे आप मेहनत और ईमानदारी के बल पर कुशल कारीगर बनकर आगे चलकर स्वरोजगार, ठेकेदारी और उद्यमिता की ओर भी बढ़ सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे और प्रशिक्षण व अनुशासन के साथ अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुनर्वास का अर्थ केवल मुख्यधारा में लौटना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा देना है। मेसन किट मिलने से युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगे। - रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की। सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- -जल संरक्षण के कार्यों को और गति दें, अधिक से अधिक पेड़ लगाकर संरक्षित करें-जैविक खेती को प्रोत्साहित करें, चांवल का वैल्यू एडिशन करेंमहासमुंद / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, राज्यपाल ने और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।राज्यपाल श्री डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर लखपति दीदी बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में सरायपाली विधायक श्रीमती चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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*सरकारी योजना का सही उपयोग, खेती बनी फायदे का सौदा*
बिलासपुर/तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम बहतराई के किसान श्री हार्दिक कश्यप ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान नई तकनीक अपनाने का साहस करे तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। पहले वे पारंपरिक तरीके से बैंगन की खेती करते थे, लेकिन मृदा जनित रोगों और कीटों के कारण उनकी फसल बार-बार खराब हो जाती थी, जिससे उन्हें मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिल पाता था और खेती में अनिश्चितता बनी रहती थी।इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी दी। हार्दिक कश्यप ने इस अवसर को पहचाना और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्हें उन्नत पौधे, खाद एवं दवाओं पर अनुदान और आधुनिक खेती की पूरी तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने नई तकनीक के अनुसार खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे परिणाम सामने आने लगे। आज उनके खेत में बैंगन की फसल लहलहा रही है। मात्र 0.400 हेक्टेयर भूमि में उन्होंने लगभग 250 से 270 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया है। जहां पहले उनकी आय सीमित थी, वहीं अब वे 2.50 से 3 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। यह बदलाव न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहा है।किसान हार्दिक कश्यप का मानना है कि खेती में बदलाव और नई तकनीकों को अपनाना ही सफलता की कुंजी है। वे अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। उनकी यह सफलता की कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है। - -लू के लक्षण और इससे बचाव के उपाय बताने आयोजित होंगे जन जागरूकता कार्यक्रम-’लू कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को मिली जिम्मेदारियां-गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां-लू लगने पर तुरंत क्या करें?दुर्ग / ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2026 को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। जिसमें लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार और आवश्यक सांवधानियां संबंधी आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को लू के लक्षण, लू से बचाव, लू लगने पर प्रारंभिक उपचार हेतु जनसमुदाय में जागरूकता लाने व प्रशिक्षण देने हेतु निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से प्रभावित मरीजों का प्राथमिकता से परीक्षण करने के निर्देश भी दिये गये हैं। साथ ही जिले के संबंधित सभी विभागों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लू बचाव/उपाय के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।लक्षण- सिर से भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।बचाव के उपाय- लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी से ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाए। धूप से निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीये और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। इसी प्रकार अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जाए और उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाए।लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार- बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगावें, अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाए तथा मितानिन ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।क्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पीये, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहने। ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छांछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।क्या न करें- गर्मी के दौरान बाहर न जाए, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटो के दौरान बाहर जाने से बचे (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढककर बाहर न जाए। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचे, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचे जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचे, बासी खाना न खाए। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाए, घर पर रहे।अन्य सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए दिन में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करे। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं-उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। इन उपायों का उपयोग कर लू एवं हीटवेव के प्रभाव से बचा जा सकता है।वरिष्ठ नागरिकों और फील्ड स्टाफ के लिए निर्देशवृद्धजनों और धूप में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष रूप से गाइडलाइन जारी की गई है, ऐडवायजरी अनुसार जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं, उनकी नियमित जांच और देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी वृद्ध को असामान्य रूप से भूख कम लगना, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। समाज के हर वर्ग और व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना सौंपी गई है।जिला प्रशासन द्वारा ’लू कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है-नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को गर्मी के दौरान सार्वजनिक स्थलों, आश्रय स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लू के दौरान बाहरी गतिविधियों और कार्यों पर प्रतिबंध के संबंध में विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। शहरी क्षेत्रों में ’ग्रीन कवर’ बढ़ाने हेतु छतों पर उद्यान और शहरी वन विकसित करने के प्रयासों को गति दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ग्रामीण स्तर पर लू से बचाव का प्रशिक्षण आयोजित करने और समस्त स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावित मरीजों के लिए दवाओं व उपचार की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। गंभीर स्थिति में सहायता के लिए महतारी एक्सप्रेस (108/104) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग को भीषण गर्मी और लू की अवधि के दौरान अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और पेयजल आपूर्ति केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग को जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों में शीतल पेयजल, ओ.आर.एस. और आइस पैक की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए शिक्षण संस्थानों के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वैच्छिक संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में ’प्याऊ’ घरों तथा शुद्ध पेयजल व छाछ की व्यवस्था करने को कहा गया है। पुलिस व यातायात कर्मियों को ड्यूटी के दौरान हल्के रंग की टोपी या छतरी का प्रयोग करने, सनग्लासेस पहनने और पर्याप्त पानी पीने के निर्देश दिए गए हैं। यथासंभव युवा कर्मियों को दिन की यातायात ड्यूटी में तैनात करने का सुझाव दिया गया है।श्रम एवं रोजगार विभाग को उद्योगों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के समय (दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे तक) बाहरी काम और लू से बचाने के लिए कार्यकालीन समय में परिवर्तन किया जाएगा। साथ ही, कार्यस्थलों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर मजदूरों के लिए ’आइस पैक’ (बर्फ की थैली) उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं को लू से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर कर्मचारियों और गौपालकों को सक्रिय किया गया है। पशुओं के लिए पर्याप्त छाया, चारा (भूसा, पानी) और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य अवधि में बदलाव किया जाएगा। कार्य स्थलों पर पीने का पानी और छाया (शेड) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। परिवहन एवं पर्यटन विभाग द्वारा जिले के मुख्य बस स्टैंडों और टर्मिनलों पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के पर्यटन स्थलों और मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अस्थाई छाया, आश्रय स्थलों का निर्माण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। वन एवं अग्निशमन विभाग द्वारा जंगलों को आग से बचाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी। वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और जंगली जानवरों व पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को आग की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति और संचार उपकरणों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राज्य और जिला स्तर पर लू की स्थिति की निगरानी के लिए एक ’डैश बोर्ड’ तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से एसएमएस और नेटवर्क के जरिए लोगों को समय-समय पर मौसम और बचाव के संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
- दुर्ग / जिले के पीएम श्री विद्यालय के शिक्षकों का प्रशिक्षण आईआईटी भिलाई में आयोजित किया गया। पांच दिन का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम टीचर्स को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और एनईपी 2020 के हिसाब से पढ़ाने का तरीका देने के लिए बनाया गया है। यह एक्टिविटी-बेस्ड, एक्सपीरिएंशियल और वोकेशनल लर्निंग पर फोकस करता है, जैसे विज़ुअल प्रोग्रामिंग, एनिमेशन, डेटा साइंस, मेक्ट्रोनिक्स, नेचुरल फार्मिंग, और आईआईटी भिलाई में बन रहे शिक्षा सारथी सॉफ्टवेयर पर ट्रेनिंग। टीचर्स को आईआईटी भिलाई की अलग-अलग लैब्स में जाने का मौका मिल रहा है, और उन्हें 21वीं सदी में पढ़ाने की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद करने के लिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी और टूल्स से इंट्रोड्यूस कराया जा रहा है। हम कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोऑर्डिनेशन, इमोशनल इंटेलिजेंस बनाना और रेजिलिएंस जैसी ज़रूरी स्किल्स पर फोकस कर रहे हैं। रीइन्फोर्समेंट लर्निंग और टीचर्स द्वारा पढ़ाने के तरीकों को शेयर करने को बढ़ावा दिया जाएगा।
- -मैदान में उतरकर देखेंगे योजनाओं का असर : मनोज कुमार पिंगुआ-आंकड़ों से आगे बढ़कर परिणाम दिखाएं अधिकारी : प्रभारी सचिव का सख्त संदेश-सड़क दुर्घटना रोकने में समाज की भागीदारी जरूरी : प्रभारी सचिव-मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी ही असली उपलब्धि : श्री पिंगुआबिलासपुर /अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने गुरुवार को मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, डीएफओ नीरज सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने योजनाओं के क्रियान्वयन को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी जैसे ठोस परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने आगामी बैठक में योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी के सफल हितग्राहियों से मिलकर उनकी सफलता की कहानी जानने की बात कही। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्ति पर सभी विभागों द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने जनहित में और बेहतर परिणाम देने हेतु उत्साह एवं गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।प्रभारी सचिव ने गृह विभाग की समीक्षा से बैठक की शुरुआत की। बैठक में एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने अपराध नियंत्रण एवं नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों की खोज हेतु चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश में बिलासपुर जिला प्रदेश में क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहा है। प्रभारी सचिव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। टोल फ्री नंबर पर प्राप्त 46 शिकायतों में से 43 का निराकरण किया जा चुका है। धान खरीदी केंद्रों में से अधिकांश से धान का उठाव पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में गर्मी के मौसम में संभावित बीमारियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने बताया कि जिले के 51 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। एचपीवी टीकाकरण अब जिला अस्पताल के साथ-साथ कल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रारंभ किया जा रहा है।कृषि विभाग की समीक्षा में खाद-बीज की उपलब्धता तथा खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों के मद्देनज़र वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए। पीएचई विभाग को 143 चिन्हित समस्या-ग्रस्त गांवों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बर्ड फ्लू की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभारी सचिव ने बेसहारा पशुओं के लिए अधिक गोधाम खोलने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिले में 5 गोधन संचालित हैं। सड़क सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम अकेले पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। बिना हेलमेट वाहन चलाने या तेज गति से वाहन चलाने वालों को टोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। महतारी वंदन योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 4.09 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है तथा सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में राष्ट्रीय जनगणना कार्य एवं राजस्व शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
- -विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों एवं आला अधिकारी हुए शिविर में शामिल-शिविर में राजस्व पखवाड़ा का किया गया शुभारंभबालोद। जिला प्रशासन द्वारा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम अरमरीकला एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए सौगातों भरा रहा। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविर की बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर अतिथियों के द्वारा ग्राम अरमरीकला में आयोजित इस जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। अरमरीकला शिविर में आज अनेक हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत नवनिर्मित आवासों के आवासपूर्णता प्रमाण पत्र, मुकबधिर हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं दिव्यांग हितग्राहियों को छड़ी और इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान करने के अलावा मत्स्य विभाग के योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मछली जाल, आईस बाॅक्स प्रदान करने के साथ ही ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनओं से लाभान्वित किया गया। इस मौके पर शिविर में विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 1843 आवेदनों में से 1689 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान आयोजित राजस्व पखवाड़ा में ग्राम सांगली के 255 तथा ग्राम पिकरीपार के 125 सहित 380 लाभार्थियों को अधिकार अभिलेख (स्वामित्व कार्ड) का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि शिविर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत अरमरीकला शिविर में शामिल कुल 16 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से अविवादित बटवारा, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि से संबंधित कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत इसमें से 40 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले जनसमस्या निवारण शिविर की भाँति कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर ग्राम अरमरीकला पहुँचे। जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर एसडीएम श्री आरके सोनकर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अरमरीकला शिविर में आज जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, श्रीमती चंद्रिका गंजीर, श्रीमती कांति सोमेश्वरी एवं तेजराम साहू सहित जनपद सदस्य श्री नरेश कुमार साहू, डाॅ. हरिकृष्ण गंजीर, संध्या अजेन्द्र साहू, झालेन्द्र कुमार साहू, श्री तांसी देहारी, लता साहू एवं आशीष कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।शिविर में आज अतिथियों के द्वारा ग्राम भुलनडबरी निवासी श्रीमती परमुनी बाई को उनके पति श्री बिशेसर राम के तालाब में डुबने से मौत हो जाने के कारण आरबीसी 6-4 के तहत 04 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत ग्राम कुम्हारखान के श्रीमती ईश्वरी साहू एवं श्रीमती पार्वती बाई को अनुदान राशि के रूप में 01-01 लाख रूपए का डेमो चेक भी प्रदान किया गया। इसके अलावा मत्स्य विभाग के विभागीय योजना अंतर्गत पंजीकृत दो मछुवारा सहकारी समितियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण करने के अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को तालाब निर्माण की अनुमति एवं 01 स्व सहायता समूह को मछली पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टा अनुमति प्रदान किया गया। इसी तरह कृषि विभाग के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना अंतर्गत 05 कृषकों को प्रमाणपत्र वितरक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 03 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत 07 हितग्राहियों को रसोई गैस कन्नेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 04 हितग्राहियों को 12-12 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग के द्वारा 02 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्राय सायकिल एवं 01 हितग्राही को सामान्य ट्राय सायकल, 07-07 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं छड़ी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अतिथियों के द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग के 03 बुजुर्गों को वय वंदन कार्ड भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 01 व्यक्ति को निक्षय पोषण किट प्रदान किया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा गुरूर विकासखण्ड के सफल कृषकों को उत्कृष्ट खेती के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के बेहतर आयोजन की सराहना की। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। श्रीमती सिन्हा ने सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित कर आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजना से लाभान्वित कराने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने जिला प्रशासन द्वारा ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रशासनिक अमले को आम जनता के बीच भेजकर उनके मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल करने तथा उसका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने को कहा। इस दौरान श्रीमती चंद्राकर ने बाल विवाह को एक सामाजिक अभिशाप बताते हुए शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। संभागायुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा आम जनता के राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु 01 अप्रैल से 15 जून तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। श्री राठौर ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप राजस्व पखवाड़ा के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता से प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संभागायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप वर्ष 2047 तक देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित बनाने की दिशा में आम जनता का सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के लिए जिला प्रशासन की भूरी-भूरी भी सराहना की। इस दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन कर जल संरक्षण के कार्य में महती भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ भी दिलाई। शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अरमरीकला सहित आसपास के कुल 16 ग्राम पंचायतों की ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की सराहना करते हुए सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण की भी भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण के साथ-साथ राजस्व पखवाड़ा का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल से 15 जून तक आयोजित राजस्व पखवाड़ा के दौरान अविवादित बटवारा, नक्सल बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि समस्याओं का समुचित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित शिविरों में राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रस्तुत कर इसका समुचित लाभ उठाने की अपील की। शिविर को जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीत संजय साहू एवं अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।इस मौके पर अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार करने के अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टाॅल में चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। अरमरीकला में आयोजित शिविर में राजस्व विभाग को प्राप्त 240 आवेदनों में से 240, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त 280 आवेदनों में से 280, तहसील कार्यालय गुरूर को प्राप्त 218 आवेदनों में 218, महिला बाल विकास विभाग को 44 में से 44, खाद्य विभाग को प्राप्त 36 आवेदनों में से 36, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 22 में से 21, कृषि विभाग को 06 में से 06, विद्युत विभाग को 15 में से 15, शिक्षा विभाग को 14 में से 14 आवेदन, श्रम विभाग को 17 में से 17 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।
- -सड़क मार्ग की साफ-सफाई कर स्वच्छता अभियान में निभाई सहभागिताबालोद । जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होने के लिए गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राही श्री लखनलाल निषाद एवं श्री डामनलाल गंधर्व के घर में निर्मित किए जा रहे सोख्ता गड्ढा निर्माण के कार्य में श्रमदान कर आम नागरिकों को सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने का संदेश दिया। इस दौरान संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ अरमरीकला से डांडेसरा मार्ग की साफ-सफाई कर स्वच्छ भारत मिशन के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के एक साथ बस में सवार होकर ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। इस दौरान महिलाओं ने जल संरक्षण के उपायों के संबंध में नारे लगाकर तथा स्लोगन प्रदर्शित कर आम नागरिकों को इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश भी दिया। ग्राम अरमरीकला पहुँचने के पश्चात श्रीमती कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारियों ने सर्वप्रथम दुर्गा माता की पूजा-अर्चना कर बालोद जिले की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंगल भवन अटल चैक के पास स्वच्छताग्राहियों के साथ स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस मौके पर स्वच्छताग्राही दीदियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने नीर चेतना अभियान अंतर्गत जल संचय, जल बचाओ अभियान के तहत दुर्गा मंदिर से शिविर स्थल तक रैली निकालकर जल संचय एवं जन भागीदारी एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया। इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्री आरके सोनकर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
- -जिला प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध कराने हेतु किए गए हैं समुचित उपायबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु चाक-चैबंद व्यवस्था की गई है। बालोद जिले के गैस एजेंसियों में पर्याप्त मात्रा में घरेलु एवं कामर्शियल गैस सिलेण्डर उपलब्ध होने से हितग्राहियों को गैस सिलेण्डर प्रबंध करने में किसी प्रकार की परेशानी नही हो रही है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए गए बेहतरीन व्यवस्था के फलस्वरूप आज 02 अप्रैल के लिए बालोद जिले के गैस एजेंसियों के पास कुल 2710 घरेलु एवं 58 कामर्शियल गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध रहा। इसके अंतर्गत आज 02 अप्रैल के लिए पूर्व इण्डेन वितरक गैस एजेंसी गुरूर के पास 372 घरेलु एवं 02 कामर्शियल, अरमरीकला ग्रामीण वितरक गुरूर के पास 20 घरेलु, बिरेतरा एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 361 घरेलु, मोहंदीपाट इंडेन ग्रामीण वितरक के पास 154 घरेलु एवं 01 कामर्शियल, सौम्य एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 370 घरेलु एवं 20 कामर्शियल, काम्बले गैस एजेंसी दल्लीराजहरा के पास 660 घरेलु एवं 27 कामर्शियल, गोविंद इण्डेन गैस एजेंसी बालोद के पास 206 घरेलु एवं 08 कामर्शियल, ओम साई एचपी गैस एजेंसी डौण्डीलोहारा के पास 10 घरेलु, देवरी बंगला एचपी गैस एजेंसी के पास 120 घरेलु, आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पापरा इण्डेन ग्रामीण वितरक के पास 115 घरेलु एवं शारदा गैस एजेंसी मंगचुवा के पास 322 घरेलु गैस सिलेण्डर उपलब्ध रहा।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति में बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु प्रशासनिक अमले के द्वारा फील्ड विजिट कर निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस दौरान एलपीजी, डीजल, पेट्रोल एवं अन्य सभी आवश्यकत वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अनुभाग स्तरीय समितियों का भी गठन किया गया है। जिसके फलस्वरूप जिले के उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर एवं अन्य जरूरी चीजों की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही हो रही है।
- वोकेशनल ट्रेड को बढ़ावा देने दिए निर्देशबिलासपुर /अतिरिक्त मुख्य सचिव और जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने गुरुवार को सरकंडा स्थित पीएम श्री स्कूल का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह भी उपस्थित रहे।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने स्कूल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए विभिन्न कक्षाओं, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला एवं खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए प्राचार्य श्रीमती गायत्री तिवारी से चर्चा की और आवश्यक सुधारों के संबंध में निर्देश दिए। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में लगभग 1350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित रूप से सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही स्कूल में हेल्थ केयर एवं आईटी के दो वोकेशनल ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने वोकेशनल ट्रेड को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इन ट्रेड्स से जोड़ने तथा कौशल विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, डीएफओ श्री नीरज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय टांडे, समग्र शिक्षा के मिशन समन्वयक श्री ओम पांडे सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
- -ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के कई खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर ओलंपियनों और टैलेंट स्काउट्स का ध्यान खींचारायपुर / ओडिशा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतकर अपने दबदबे को साबित किया। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पुरुष टीम ने झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में मिजोरम को 1-0 से मात दी। पुरुष वर्ग में झारखंड को रजत और छत्तीसगढ़ को कांस्य मिला, जबकि महिला वर्ग में झारखंड ने कांस्य पदक हासिल कर पोडियम पूरा किया।रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में ओडिशा की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे हॉकी ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में जीवन को नई दिशा दे रही है। खेल प्रतिभा के भंडार माने जाने वाले पूर्वोत्तर राज्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां मिजोरम की टीम ने फाइनल तक जगह बनाई।ओडिशा की पुरुष टीम ने फाइनल में झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने कड़े मुकाबले में मिजोरम को 1-0 से पराजित किया। झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भी पोडियम तक पहुंचीं, जो इन क्षेत्रों से उभरती प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। लेकिन पदकों से आगे बढ़कर असली कहानी उन गांवों, जंगलों और समुदायों में छिपी है, जहां हॉकी पहचान और अवसर दोनों बन चुकी है। दशकों से हॉकी जनजातीय संस्कृति का हिस्सा रही है। बच्चे पेड़ की टहनियों से स्टिक बनाकर ऊबड़-खाबड़ मैदानों पर नंगे पांव खेलते हैं। प्रतिभा हमेशा मौजूद थी, लेकिन उसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं था—जो अब बदल रहा है।केंद्रीय खेल मंत्रालय और राज्यों द्वारा संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेहतर बुनियादी ढांचे और संगठित जमीनी कार्यक्रमों के चलते अब एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है। 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन अजीत लकड़ा, जो वर्तमान में बिलासपुर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मुख्य कोच हैं, इस बदलाव को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “ग्रासरूट से लेकर जूनियर और फिर सीनियर स्तर तक पूरी प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। खासकर जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ी इससे काफी लाभान्वित हो रहे हैं। उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को अब सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के जरिए निखारा जा रहा है।”लकड़ा का मानना है कि यह संरचित सहयोग एक सकारात्मक श्रृंखला बना रहा है। उन्होंने कहा, “जब बच्चे यहां आकर सीखते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे दूसरों को प्रेरित करते हैं। इससे लगातार नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं।” जो क्षेत्र कभी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां अब खेल के माध्यम से एक शांत बदलाव देखने को मिल रहा है। हॉकी एक सेतु बनकर इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ रही है। खेल मंत्रालय का ‘अस्मिता’ कार्यक्रम अधिक से अधिक महिला खिलाड़ियों को जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में ला रहा है।1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन मनोहर टोपनो, जिन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुरुष टीमों को कोचिंग दी है, ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसी पहल के जमीनी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मैं इस ग्रासरूट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए साई का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे समुदायों के लड़के और लड़कियां आगे बढ़ रहे हैं और खुद को नई पहचान दे रहे हैं। अगर हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहे, तो एक दिन ये खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।”टोपनो ने प्रतिभा के पीछे की एक अहम सच्चाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे जनजातीय समुदायों में हॉकी स्वाभाविक रूप से खेली जाती है। अगर हम इन क्षेत्रों पर ध्यान दें, तो हमारे खिलाड़ी आगे बढ़ेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।” एक और महत्वपूर्ण बदलाव खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी और वीडियो विश्लेषण जैसी सुविधाओं का पहुंचना है, जो पहले केवल शीर्ष स्तर तक सीमित थीं। अब दूरदराज के क्षेत्रों के खिलाड़ी भी पेशेवर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ उठा रहे हैं। पारंपरिक स्वाभाविक खेल और आधुनिक कोचिंग का यह मेल प्रदर्शन के नए स्तर खोल रहा है।
- -अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की निधि कश्यप ने बनाई पहचान-युवाओं को मिला सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का संदेशबिलासपुर /भोपाल और पचमढ़ी में 17 से 23 मार्च तक आयोजित बिम्सटेक युवा सांस्कृतिक विरासत एवं सतत विकास अनुभव कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि आज का युवा केवल भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का भी सक्रिय निर्माता है। सात दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बिम्सटेक देशों के 80 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सांस्कृतिक संवाद, पर्यावरणीय जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा दी। विदेश मंत्रालय और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।इस वैश्विक मंच पर बिलासपुर की भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ युथ कमिटी उपाध्यक्ष निधि कश्यप की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उनकी सक्रिय उपस्थिति यह दर्शाती है कि अब छोटे शहरों के युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय भी है। कार्यक्रम का पहला चरण भोपाल में आयोजित हुआ, जहां प्रतिभागियों ने संग्रहालयों, जनजातीय केंद्रों और विभिन्न संवाद सत्रों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझा। वहीं दूसरे चरण में पचमढ़ी में आयोजित गतिविधियों ने कार्यक्रम को एक नई गहराई प्रदान की। सतपुड़ा की रानी कहे जाने वाले इस क्षेत्र में प्रतिभागियों को पर्यावरणीय नेतृत्व, वन पारिस्थितिकी, सतत विकास और इको-टूरिज्म से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।यहां आयोजित कार्यशालाओं, साहसिक गतिविधियों और समूह निर्माण अभ्यासों ने युवाओं को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करने की सोच विकसित करने का अवसर दिया। विशेषज्ञों ने पचमढ़ी की जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए इसे एक संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भी हुई, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। राज्यपाल ने युवाओं को कर्तव्य, सेवा और चरित्र निर्माण जैसे मूल्यों को अपनाते हुए वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश दिया।इस पहल का एक महत्वपूर्ण परिणाम “युवा सततता नेटवर्क” की स्थापना के रूप में सामने आया, जिससे भविष्य में बिम्सटेक देशों के युवाओं के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा मिलेगा। आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में यह आयोजन युवाओं के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में उभरा है। इस उपलब्धि पर राज्य के विभिन्न पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने निधि कश्यप को शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव बृजेश वाजपेयी, राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव, राज्य संगठन आयुक्त अमित क्षेत्रीय, जलवती साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त सरिता पांडेय, पूनम साहू, जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाईड श्रीमती माधुरी यादव जिला संगठन आयुक्त महेंद्र बाबु टंडन ने बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत गौरव है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
- -कलेक्टर ने मिलाप दास मानिकपुरी एवं बंशी लाल साहू को प्रदान की मोटराइज्ड ट्रायसाइकिलरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्टर कक्ष में ग्राम भानसोज, विकासखंड आरंग के श्री मिलाप दास मानिकपुरी एवं ग्राम छटेरा, विकासखंड आरंग के श्री बंशी लाल साहू को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्रदान की।दोनों हितग्राही 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं और लंबे समय से दैनिक कार्यों एवं आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।कलेक्टर डॉ. सिंह के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दोनों हितग्राहियों को बैटरी चालित ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई गई।ट्रायसाइकिल प्राप्त होने के बाद श्री मानिकपुरी एवं श्री साहू ने कहा कि, "अब वे अपने रोजमर्रा के काम खुद कर सकते हैं। पहले जहां उन्हें कहीं जाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे स्वतंत्र रूप से कहीं भी आ-जा सकते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान बढ़ा है।"यह पहल शासन की संवेदनशीलता एवं दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री अरविंद गेडाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- महासमुंद / शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत माह अप्रैल से जून 2026 तक चावल के भंडारण एवं एकमुश्त वितरण के लिए जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अप्रैल, मई एवं जून माह के लिए खाद्यान्न का भंडारण किया जा रहा है।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने खाद्यान्न भंडारण एवं समयबद्ध वितरण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक विकासखंड के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनके सहयोग के लिए विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।जिले के सभी विकासखंडों में तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी तथा सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक एवं नान प्रदाय केंद्र प्रभारी को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न भंडारण की प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और आबंटन के अनुसार शीघ्र भंडारण पूर्ण कराएं। साथ ही प्रत्येक दिवस, अवकाश दिवस सहित, भंडारण की अद्यतन स्थिति से अवगत कराना भी अनिवार्य होगा।उल्लेखनीय है कि 07 अप्रैल को राशन दुकानो में चावल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
- -वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने लंबी कूद में 7 मीटर की दूरी तय की-लक्षद्वीप में कोई सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक नहीं है, इसलिए अब्दुल मिट्टी के गड्ढों में अपनी लंबी कूद का अभ्यास करते हैंरायपुर / अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया।कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया।फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला।फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता।मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''
- फाइनल में कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल से 0-1 से मिली हाररायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत आज रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में छत्तीसगढ़ को पराजय का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।फाइनल मैच में दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार तालमेल, तेज आक्रमण और मजबूत रक्षा का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए हर पल मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।हॉफ टाइम तक पश्चिम बंगाल की टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए थी। छत्तीसगढ़ की टीम ने लगातार आक्रमण कर गोल उतारने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, विभिन्न विभागों तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फाइनल मैच देखने के लिए मैदान में पहुंचे थे।
- रायपुर। स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीजी कॉलेज कवर्धा में आयोजित स्वदेशी मेले का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद एवं स्थानीय उद्यमों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की और भविष्य में और बेहतर प्रयासों के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।स्वदेशी मेले के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला। यह आयोजन न केवल स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी।कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्वदेशी जागरण मंच के सभी सदस्यों एवं आयोजकों को मंत्री श्री अग्रवाल ने बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
- -बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल-उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षतारायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।
















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