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- - कलेक्टर सुश्री चौधरी ने लैब में प्रादर्शों का अवलोकन कर विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित- अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजनदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि अटल टिकरिंग लैब कक्षा छटवीं से बारहवीं तक विद्यार्थियों के लिए खोज एवं आविष्कार का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के साथ-साथ बच्चों में रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच विकसित करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थियों को इस लैब का अधिकत्तम लाभ दे सकते हैं। कलेक्टर सुश्री चौधरी आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशालीनगर में अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उक्त विचार व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान युग डिजीटल युग हैं, इसमें आने वाले पीढ़ी को कम्प्यूटर कोडिंग की भाषा जानना बहुत आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में बच्चों को लैब के माध्यम से कोडिंग प्रशिक्षण दिये जाने की योजना है। इस अवसर पर कलेक्टर ने अटल टिकरिंग लैब में विद्यार्थियों के द्वारा तैयार किये गये प्रादर्शों का अवलोकन कर उन्हें प्रोत्साहित किया।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के पहल पर जिले में पहली बार समस्त शासकीय विद्यालयों में संचालित अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर में किया जा रहा है। समग्र शिक्षा, जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से जिले के सभी अटल टिकरिंग लैब के सुदृढ़ीकरण एवं बालिकाओं के लिए कोडिंग कार्यक्रम का शुभारंभ जिले में किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक विचार, समस्या को चिन्हित करने, कम्प्यूटर एवं डिजीटल की ओर समक्ष बनाना है। इस कार्यशाला में जिले के 20 नोडल शिक्षक सम्मिलित हुए है। कार्यशाला में यूनीसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ श्रीमती छाया कवंर एवं समन्वयक सुश्री रंजू के द्वारा लेट्स कोड प्रोग्राम फॉर गर्ल्स के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री अमित घोष एवं समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री जे. मनोहरण, विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता बघेल वैशाली नगर की पार्षद, श्रीमती स्मृता दौड़के एवं विधायक प्रतिनिधि श्रीमती नमीता हाण्डा और विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -क्लास में कभी टाॅप नहीं, बल्कि दूसरा स्थान ही किया हासिल: कलेक्टर डाॅ. सिंह-लक्ष्य, दृढ़संकल्प, जज्बा और मेहनत, मूलमंत्र से निश्चित ही मिलेंगे सकारात्मक परिणाम: डाॅ. सिंह-कक्षाओं में प्रथम स्थान हासिल करना सफलता का नहीं है पैमाना, हमेशा कीजिए बेहतर-हर बच्चे में आलौकिक प्रतिभाएं, पालक बच्चों पर न बनाएं दबाव-कलेक्टर , नगर निगम आयुक्त और जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों के अलग-अलग सवालों के दिए जवाबरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आमापारा स्थित पीएम श्री पंडित आर. डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में उड़ान कार्यक्रम के तहत शालेय विद्यार्थियों के लिए प्ररेक उद्बोधन एवं संवाद की शुरूआत की। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारत कर कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसके लिए पदचिन्ह तय करने की जरूरत है। हर विद्यार्थियों को अपने लिए पढ़ाई करनी चाहिए। इससे माता-पिता की पहचान बनने के साथ गांव, परिवार का नाम रौशन होता है। उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि असफलता मिलती तो कभी घबराएं नहीं। कलेक्टर ने कहा कि मैंने कभी कक्षाओं में कभी प्रथम स्थान हासिल नहीं किया, बल्कि द्वितीय स्थान पर ही रहा। शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज से अध्ययन किया और बाद में मास्टर आईआईटी से किया, लेकिन लक्ष्य सोचा था उसके लिए मेहनत की और यूपीएससी पास कर आईएएस बनकर गांव लौटा तो पूरा गांव गौरवान्वित हो उठा।डाॅ. सिंह ने कहा कि कोई भी चीज को पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ दृढ़संकल्पित होना जरूरी है। साथ ही जज्बा और कड़ी मेहनत से निश्चित ही सकारात्मक परिणाम आता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने, समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ समझने से बेहतर हैं कि खेल की तरह मन लगाकर करें।कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत कर कुछ बड़ा कर गुजरने की चाहत होनी चाहिए। जीवन में कठिनाई के दौर भी आते हैं, लेकिन मेहनत ही सफलता दिलाती है। वहीं समय ही खुशियों का पल होता है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने पालकों से भी आग्रह किया कि कोई भी पालक अपने बच्चों उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दबाव न बनाएं। प्रत्येक विद्यार्थियों ने आलौकिक प्रतिभा लेकर जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करना ही सफलता का पैमाना नहीं हैं, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चित से ही विद्यार्थी सफल होता है।कलेक्टर डाॅ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में सबसे सरल सवाल पूछे जाते हैं। सर्वप्रथम अभ्यर्थियों से बेसिक जानकारी ली जाती है और अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व के बारे में सवाल किए जाते हैं। इंटरव्यू के दौरान अनेकों सवाल होते है। हर विद्यार्थियों को अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। इससे देश-विदेश की जानकारी मिलती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीट और जेईई की तैयारी के लिए आॅनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रारंभ की गई है। इसका लाभ अधिक से अधिक बच्चे उठा सकते है और अपना भविष्य बेहतर बना सकते है। साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने बच्चों को अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक हर बच्चों को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। क्योंकि इसी दौरान विद्यार्थियों को इतिहास की बेहतर जानकारी मिलती है। यहीं आगे की पढ़ाई में बहुत ही कारगर साबित होती है। जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को यूपीएससी की तैयारी करने से पहले सिलेबस की जानकारी रखें। जब भी पढ़े सिद्दत के साथ पढ़ाई करें और अनुभवी लोगों से जानकारी लें। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय खंडेलवाल, समग्र शिक्षा जिला समन्वयक श्री के.एस. पटले समेत स्कूल के शिक्षक, पालकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -ओपन काउंसलिंग हेतु 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रितरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 39 शासकीय एवं निजी कृषि महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में ‘‘नवीन शिक्षा नीति 2020’’ के तहत रिक्त सीटों हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया ओपन कर दी गई है। इसके तहत 12वीं उत्तीर्ण निम्न योग्यताधारी अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं - ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने विज्ञान समूह (भौतिक, रसायन एवं गणित या भौतिक, रसायन एवं जीव विज्ञान) अथवा कृषि समूह (कृषि के लिए उपयोगी विज्ञान एवं गणित, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, पशुपालन एवं कुक्कुट पालन) के साथ 12वीं उत्तीर्ण की हो वे इस आनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने हेतु योग्य होंगे। पूरक परीक्षा 2024 से 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल होने हेतु योग्य नहीं होंगे। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 12वीं में 50 प्रतिशत एवं अरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत अंक होना आवश्यक होगा। काउंसलिंग में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी एवं अन्य प्रदेशों के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के मूलन निवासी उपलब्ध न होने पर रिक्त सीटें अन्य प्रदेशों के योग्य अभ्यर्थियों (न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक) से भरी जाएगी।अभ्यर्थियां का काउंसलिंग में भाग लेने हेतु 31 अगस्त से 05 सितम्बर, 2024 रात्रि 11ः30 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड करना होगा। 4 सितम्बर, 2024 रात्रि 11ः30 बजे तक असफल फीस ट्रांजेक्शन वाले अभ्यर्थियों को पुनः फीस जमा कर सकते हैं। ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन हेतु कृषि महाविद्यालय, रायपुर में 5 से 7 सितम्बर, 2024 तक प्रातः 09 से सायं 5ः30 बजे तक उपस्थित होना होगा। 09 सितम्बर, 2024 को प्रावीण्य सूची अपलोड की जाएगी। अभ्यर्थियां को सीट आबंटन, आवश्यक होने पर सीट कन्वर्जन एवं फीस जमा करने हेतु कृषि महाविद्यालय, रायपुर में पंजीकृत पी.ए.टी. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 16 सितम्बर, 2024 का उपस्थित होना होगा एवं पंजीकृत 12वीं उत्तीर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश के मूल निवासी वाले अभ्यर्थियों को 11 सितम्बर, 2024 को उपस्थित होना होगा। पंजीकृत 12वीं उत्तीर्ण अन्य प्रदेश के अभ्यर्थियों की सूची 12 सितम्बर, 2024 को उपलब्ध होगी। ऑनलाइन आवेदन एवं काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in, का अवलोकन कर सकते हैं।
- -राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट के हाथों मिला पुरस्कार-नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित है राष्ट्र स्टार की प्रदर्शनी-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर / देश की राजधानी नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित राष्ट्र स्टार की प्रदर्शनी एग्रीटेक इनोवेट इंडिया में छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी को उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने स्टॉल प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री जगदीशन एस. के मार्गदर्शन में उद्यानिकी एवं वानिकी कृषकों की सफलता की कहानी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है।गौरतलब है कि नई दिल्ली में 29 से 31 अगस्त तक आयोजित एग्रीटेक इनोवेट इंडिया प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, विभाग द्वारा भी स्टॉल लगाई गई है। इस स्टॉल में उद्यानिकी उत्पाद पुष्प, फल, सब्जी एवं प्रसंस्कृत उत्पादों से सुसज्जित कर प्रगतिशील कृषकों की सफलता की कहानी प्रदर्शित की गई। स्टॉल में सक्ती जिले की मल्लिका किस्म की आम एवं जेरेनियम का बना हुआ रूम फ्रेशनर आदि प्रसंस्कृत उत्पाद प्रदर्शित किया गया, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के स्टॉल को आगंतुकों एवं जनप्रतिनिधियों सहित प्रबुद्धजनों द्वारा काफी सराहना मिल रही है। स्टॉल में दिल्ली सहित अन्य राज्यों के किसान उत्साह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं।
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-शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा ऋण
-कमजोर आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों को मिलेंगे तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर-मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना: 2 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थी होंगे पात्र-डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल-ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए-कलेक्टरों को अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्रों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देशरायपुर /छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक से प्रभावित जिलों में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर दिलाने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इन जिलों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ’मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना’ के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए विशेष अभियान चलाने कहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के अन्य जिलों के कलेक्टरों को भी कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को भी तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत के ब्याज दर पर दी जा रही ऋण सुविधा का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के संचालन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। योजना में ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख निर्धारित है।मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत तकनीकी शिक्षा एवं अन्य व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेशित ऐसे छात्रों को, जिनके परिवारों की वार्षिक आय 2 लाख से कम है, उनको मोेरेटोरियम अवधि के पश्चात ऋण किश्तों के नियमित भुगतान की स्थिति में केवल एक प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। शेष ब्याज की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा सीधे संबंधित बैंक को किया जायेगा।राज्य के माओवादी आतंक प्रभावित जिले बस्तर, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जशपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, कोरिया, नारायणपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, सुकमा, कोण्डागांव एवं बलरामपुर जिले के छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्ताें में छात्र को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापित तथा सक्षम प्राधिकारी (यथा एआईसीटीई, यूजीसी) मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम प्रवेशित हो। अधिकतम पारिवारिक आय रूपये 2 लाख होनी चाहिए, जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख है। ब्याज अनुदान का लाभ लेने के लिए नियमित रूप से ऋण किश्तों का भुगतान अनिवार्य है। ड्राप ऑउट एवं निष्कासित छात्र इस योजना के लाभार्थी नहीं बने रहेंगे किन्तु चिकित्सीय कारणों से एक वर्ष की अधिकतम सीमा तक अध्ययन में रूकावट होने की दशा में पात्रता बनी रहेगी।योजना के अंतर्गत बीई/बीटेक, एमई, एम टेक, डी आर्क, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, एमसीए, एम.बी.ए, डीई, बी.पी.एड, एमपीएड, पी.जी.डी.सी.ए., बी.एच.एम.एस., बी.ए.एम.एस, बी.एन.वाई.एस, बी.एन.एस., बी.यू.एम.एस, वी.एफ.एस.सी., बी.टेक डेयरी, बी.एग्री, बी.डी.एस, एमडीएस, एमबीबीएस, बीव्हीएससी, बीएससी नर्सिंग बेसिक तथा पोस्ट बेसिक, बी. फार्मा, एम फार्मा, डी फार्मा, डिप्लोमा इन मॉर्डन आफिस मेनेजमेंट, डिप्लोमा इन इंटीरियर डेकोरेशन एण्ड डिजाइन, डिप्लोमा इस कास्टयूम डिजाईन एण्ड ड्रेस मेकिंग, बीएड, डीएड, एमएड, के पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए योजना का लाभ लिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 0771-2331331 सम्पर्क तथा वेबसाइट cgdteraipur.cgstate.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन 02 वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत कचरा डपिंग प्वांइट को हटाने की कार्यवाही की गई। वार्ड क्र. 14 सड़क नम्बर 09 सेंट जेवियर स्कूल के सामने कचरा डपिंग प्वांइट बना दिया गया था। जिसकी शिकायत मिल रही थी, अड़ोस पड़ोस के लोग लाकर वहां कचरा डाल रहे थे। जिसे निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर स्थल निरीक्षण कर डपिंग प्वांइट को व्यवस्थित किया। स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव को शिकायत मिली थी कि जोन 02 वैशाली नगर क्षेत्र में सेंट जेवियर स्कूल के सामने कचरा डपिंग किया जा रहा है, जहां से आने जाने वालो को गंदगी एवं बदबु का सामना करना पड़ता था। छात्र पढ़ाई-लिखाई करते हैं शिकायत के आधार पर आयुक्त ने निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किये। संबंधित स्थल का निरीक्षण कर वहां को व्यवस्थित करवावे, नगर को स्वच्छ सुंदर व्यवस्थित बनाना है। निर्देश उपरांत स्वास्थ्य विभाग का अमला मौके पर पहुंच कर सफाई किया चूने की मार्किंग की गई ।स्थानी लोगों को समझाइस की दोबारा यहां पर कोई कचरा नहीं फेंकेगा फेंकने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।महापौर नीरज पाल ने कहां है कि ऐसी जगह का पर सौंदर्यकरण कर दिया जाएगा इसमें स्थानी निवासियों की सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। हम सब का उद्देश्य है हमारा नगर निगम स्वच्छ सुंदर व्यवस्थित हो । जो सबके सहयोग से ही संभव होगा। कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली , जोन के स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा सुपरवाइजर अंजनी सिंह अपने दल के साथ उपस्थित रहे। - रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 908.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 30 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1881.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 506.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 916.4 मिमी, बलरामपुर में 1326.5 मिमी, जशपुर में 794.0 मिमी, कोरिया में 930.7 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 929.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 745.1 मिमी, बलौदाबाजार में 945.7 मिमी, गरियाबंद में 875.5 मिमी, महासमुंद में 723.1 मिमी, धमतरी में 785.6 मिमी, बिलासपुर में 844.8 मिमी, मुंगेली में 940.9 मिमी, रायगढ़ में 892.2 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 535.7 मिमी, जांजगीर-चांपा में 997.0 मिमी, सक्ती 856.8 मिमी, कोरबा में 1223.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 932.2 मिमी, दुर्ग में 544.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 711.0 मिमी, राजनांदगांव में 872.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 981.7 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 645.2 मिमी, बालोद में 910.7 मिमी, बेमेतरा में 499.3 मिमी, बस्तर में 949.9 मिमी, कोण्डागांव में 860.9 मिमी, कांकेर में 1067.6 मिमी, नारायणपुर में 1002.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1137.9 मिमी और सुकमा जिले में 1225.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने से लोगों को मिली राहत-ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवादरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप गांव हो या शहर सभी जगह बिजली की आपूर्ति निर्बाध रूप से संचालित हो इसके लिए के विद्युत विभाग के द्वारा नई लाइन बिछाने के साथ ही समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया जा रहा है।इसी कड़ी में कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम हर्राडाँड़ में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया था। कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है।
- -मंत्री केदार कश्यप सम्मेलन में शामिल हुए और राज्य की आगामी 5 वर्षों की योजनाओं से अवगत कराया- राज्य में पर्यटन के विकास के लिए केंद्र से संसाधन एवं समर्थन की मांग कीरायपुर / केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में पश्चिमी और मध्यवर्ती राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के पर्यटन मंत्रियों का सम्मेलन गोवा के पणजी में आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के पर्यटन विकास की संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा करना था। इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में सुधार और नए आयाम जोड़ने के लिए विभिन्न राज्यों से सहयोग और समर्थन का आह्वान किया।पर्यटन की समग्र प्रगति और विकास हेतु सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा गोवा में पश्चिमी तथा मध्यवर्ती राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया गया। ताकि पर्यटन क्षेत्र के लिए संकल्पना निर्माण तथा विचार-विमर्श किया जा सके और एक साझा विजन तैयार किया जा सके। इस बैठक में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों के विकास, वैकल्पिक गंतव्यों के विकास, मार्केटिंग और संवर्धन, पर्यटन क्षेत्र में कनेक्टिविटी, स्वच्छता, व्यवसाय करने की सुविधा और सुगमता में सुधार के साथ-साथ पर्यटन में निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने संबंधी उत्कृष्ट कार्य पद्धतियों को साझा करने पर फोकस किया गया। सम्मेलन में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्र, वैकल्पिक गंतव्य, मार्केटिंग और संवर्धन, व्यवसाय करने की सुगमता और निजी निवेश तथा स्वच्छता तथा पर्यटक सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल किया गया।छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थलों की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की, साथ ही विकास की राह में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्री श्री कश्यप ने केंद्र से समर्थन और संसाधनों की मांग की ताकि छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके।मंत्री श्री कश्यप ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, प्राचीन स्मारकों, दुर्लभ वन्यप्राणियों, नक्काशीदार मंदिरों, बौद्ध स्थलों, राजमहलों, जलप्रपातों, गुफाओं और प्रागैतिहासिक काल के शैलचित्रों से परिपूर्ण राज्य है। हमारा राज्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के साथ गौरवशाली प्राचीन लोक संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण है।उन्होंने कहा कि भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय से भी पूरा सहयोग प्राप्त होता रहा है। हमने अनेक परियोजनाएँ केंद्रीय सहायता से विकसित की हैं। स्वदेश दर्शन में ’ट्रायबल टूरिज्म सर्किट’ विकसित किया है। प्रशाद योजना में डोंगरगढ़ का कार्य अंतिम चरणों में है। इसके पूर्व जगदलपुर, चित्रकोट, भोरमदेव, सिरपुर, रतनपुर, मैनपाट, राजिम, मल्हार आदि स्थलों को केंद्रीय सहायता से विकसित किया है। इसमें राज्य बजट से भी कार्य कराया गया है।इन विकास कार्यों से और पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार से अब यहाँ पर्यटक आने लगे हैं और लगातार पर्यटकों की संख्या बढती जा रही है। आने वाले समय में राज्य में शक्तिपीठ स्थलों का विकास किया जायेगा। हम रोपवे एवं क्रूज पर्यटन के विकास के लिये भी कार्यवाही कर रहे हैं। नयी पर्यटन नीति पर कार्य चल रहा है एवं पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने हेतु भी कार्यवाही चल रही है। हमने केंद्र की होमस्टे गाइडलाइन्स के आधार पर राज्य में ’होमस्टे एंड बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ गाइडलाइन्स तैयार कर जारी की है। इको टूरिज्म पॉलिसी, एडवेंचर गतिविधियों की गाइडलाइन्स, वाटर एक्टीविटी लाइसेंस हेतु गाइडलाइन्स बनाने की भी तैयारी चल रही है।राज्य में पर्यटन को और गति देने के लिये हमें पर्यटन मंत्रालय से नयी योजनाओं की स्वीकृति की अपेक्षाएँ हैं। स्वदेश दर्शन 2.0 में चयनित डेस्टीनेशंस बिलासपुर एवं जगदलपुर के लिये भारत सरकार के स्तर से कंसल्टेंट नियुक्त किया जाना है। प्रशाद योजना में सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ का कांसेप्ट प्लान जमा किया जा चुका है जिसकी स्वीकृति अपेक्षित है। अगले प्रस्तुतिकरण के अनुसार आगे भी नयी योजनाएँ तैयार हो रही हैं जिनके प्रस्ताव जल्द ही पर्यटन मंत्रालय को भेजे जायेंगे। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि निजी सहभागिता एवं निवेश तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा निर्मित किये गए हाइवे मोटलों को संचालन एवं प्रबंधन हेतु लीज पर निजी क्षेत्र को सौंपे जाने की कार्यवाही की जा रही है। जिससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों के भ्रमण के दौरान राजमार्गों पर स्तरीय सुविधा उपलब्ध हो सके।स्थानीय सहभागिता, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा चित्रकोट में वन विभाग के सहयोग से नेचर ट्रेल का विकास किया गया है। इसका संचालन स्थानीय महिला स्वसहायता समुह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है तथा पर्यटन से उनके लिये अतिरिक्त आय के स्रोत बढ़ाने एवं पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, रहन सहन व खानपान का अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से होमस्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट की सुविधा भी प्रदान की जा रही है तथा हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने एवं युवाओं को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में इंस्टीट्युट ऑफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग टेक्नॉलाजी एंड अप्लाइड न्यूट्रिशन संस्थान का संचालन किया जा रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने राज्य की आगामी 5 वर्षों की योजनाओं से कराया अवगतश्री कश्यप ने आगामी 5 वर्षों की राज्य की योजनाएं से अवगत कराया जिसके तहत राज्य के पाँच शक्तिपीठों को जोड़ते हुए सर्किट विकसित करना, स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत बिलासपुर एवं जगदलपुर डेस्टीनेशंस के पर्यटन स्थलों का विकास। प्रशाद योजना के तहत सूरजपुर जिले के माँ कुदरगढ़ी देवी स्थल का विकास कार्य एवं रोपवे की स्थापना शामिल है। इसी तरह नवनिर्मित राजमार्गों एवं बायपास पर पर्यटकों के लिये वेसाइड अमेनिटी विकसित करना। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सहभागिता को बढ़ावा देना। ईको टूरिज्म, एग्री टूरिज्म, रूरल टूरिज्म एवं माइस (MICE) टूरिज्म को बढ़ावा देना। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की आवासीय इकाईयों को लीज पर निजी क्षेत्र को संचालन हेतु दिया जाना जैसी योजनाएं भी शामिल है।इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी, गोवा के पर्यटन मंत्री श्री रोहन खाउंते, मध्यप्रदेश से मंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी, राज्यों से आए पर्यटन मंत्रीगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे।
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-रामीन मरकाम के चेहरे पर चिन्ता की लकीरों की जगह आई आशा की मुस्कान
रायपुर / महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वालंबी बनाने के लिए यह योजना एक कारगर कदम सिद्ध हो रही है। प्रदेश के महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूवात की गयी है, इस योजना के आने से महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया है, इसके अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि प्रदान की जाती है। जिसे महिलाएं अपने आवश्यकतानुसार दैनिक जीवन में होने वाले खर्च में उपयोग कर रही है एवं उनके जीवन निर्वाह में यह योजना अत्यधिक लाभदायक सिद्ध हो रही है।जांजगीर चांपा जिला के ग्राम पंचायत पंतोरा की निवासी श्रीमती रामीन मरकाम की है जो अपने पति एवं चार बच्चों के साथ बड़ी ही मुश्किल से आर्थिक परेशानी के साथ जीवन-यापन कर रही थी। उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में बहुत परेशानी आ रही थी, साथ ही उनके आजीविका का एक मात्र साधन कृषि है जिसे करने में भी कठिनाई हो रही थी। इसी बीच सरकार की महत्वकांक्षी योजना महतारी वंदन की शुरूवात हुई। श्रीमती रामीन मरकाम ने बताया कि योजना से प्राप्त होने वाली सहायता राशि का उपयोग उनके द्वारा अपने दैनिक जीवन मे होने वाले खर्च, खेती के कार्य खाद, बीज, कीटनाशक इत्यादी खरीदने में किया। जिससे उनका कृषि से होने वाली आय बढ़ गई है, इससे उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई की राह भी आसान हो गई है।श्रीमती रामीन मरकाम के चेहरे पर चिन्ता की लकीरों की जगह आशा की मुस्कान है। सरकार द्वार उठाया गया यह कदम निश्चित ही महिलाओं के लिए सफलता की राह प्रशस्त करेंगा। श्रीमती रामीन मरकाम ने महतारी वंदन योजना प्रारंभ करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है। - रायपुर / प्रदेश के वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम मंत्री तथा मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन शनिवार 31 अगस्त को मुंगेली जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेंगे और सरकार की योजनाओं की समीक्षा करेंगे।मुंगेली जिले के प्रभारी मंत्री श्री देवांगन 31 अगस्त को 11 बजे रायपुर से मुंगेली जिला के लिए कार द्वारा प्रस्थान करेंगे। एक बजे विश्राम भवन मुंगेली आगमन जनप्रतिनिधियों से भेंट मुलाकात करेंगे। इसके बाद अपरान्ह 3 बजे जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेंगे। तत्पश्चात श्री देवांगन 4.30 बजे मुंगेली से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
- - छत्तीसगढ़ सरकार की अपील: "देखो अपना देश" अभियान में हिस्सा लें और राज्य के पर्यटन गंतव्यों को बनाएं देश का गौरवरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे "देखो अपना देश" अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। इस अभियान के तहत देशभर के नागरिकों को अपने राज्य के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के लिए वोट करने का मौका मिल रहा है, और छत्तीसगढ़ के अद्वितीय और खूबसूरत गंतव्यों को इस राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का यह एक सुनहरा अवसर है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, "छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों को पूरे देश में पहचान दिलाने का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे अपने राज्य के गंतव्यों के लिए वोट करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।"वोट कैसे करेंवोटिंग के लिए नागरिकों को वेबसाइट https://forms.gle/ANvrFcQqxg55EkSw7 का उपयोग करना होगा। इस फॉर्म के माध्यम से लोग छत्तीसगढ़ के उन स्थलों के लिए वोट कर सकते हैं, जिन्हें वे राज्य और देश का गौरव मानते हैं। राज्य सरकार ने भी सभी से आग्रह किया है कि वे इस लिंक को अपने सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में भाग ले सकें।अंतिम तिथिइस अभियान में वोट करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2024 है। इसके बाद, चुने गए गंतव्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और यह अवसर हमें अपनी धरोहर, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को देशभर में फैलाने का मौका देता है। श्री साय ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और छत्तीसगढ़ को भारत का गौरव बनाने में मदद करें।
- बिलासपुर/बिलासपुर के नये संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज कार्यभार ग्रहण कर लिया। श्री कावरे वर्ष 2008 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। राज्य शासन ने श्री कावरे को रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर संभाग के संभागायुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री कावरे ने कार्यालय का निरीक्षण किया।श्री कावरे ने कार्यायल की विभिन्न शाखाओं में पहुंचकर कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया एवं उनके काम-काज की जानकारी ली। उन्होंने सभी कर्मचारियों की टेबल पर नाम पट्टिका रखने के निर्देश दिए ताकि काम के सिलसिले में आने वाले लोग आसानी से उन्हें पहचान सकें। उन्होंने कोर्ट के सभी प्रकरणों को ऑनलाईन करने को कहा है। एनआईसी के सहयोग से इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूर्ण किया जाये। उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरण, शिकायत एवं उनकी जांच सहित राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कबाड़ सामग्रियों के नियमानुसार निष्पादन करने को कहा है। उन्होंने संभाग स्तरीय अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक लेकर संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। इसके पहले श्री कावरे के कार्यालय पहंुचने पर कलेक्टर अवनीश शरण, निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान, उपायुक्त श्रीमती अर्चना मिश्रा सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 01 नेहरू नगर अंतर्गत सिंगल यूज प्लास्टिक रखने वाले, फल विक्रेताओ एवं होटल संचालकों दुकानदारो पर निगम की टीम ने की कार्यवाही। निगम क्षेत्र के वार्ड क्रं. 10 एवं 17 में जोन 01 की टीम द्वारा दुकानो का निरीक्षण करने पहुंची। वहां पर फल ठेला, मिठाई खादय पदार्थ बेचने वालो दुकानो पर जाॅच किया गया। दुकानदारो द्वारा नगर निगम की टीम को देखते ही अपनी झिल्ली, पन्नी को छिपाने लगते है और इधर-उधर फेंक देते है। पूछने पे कहते है कि यह आखरी है, अब नहीं रखूगाॅ। निगम की टीम जाते ही फिर से झिल्ली में रखके बेचने लगते है। जाॅच में सिगल यूज प्लास्टिक रखने वाले दुकानदारो पर कार्यवाही करते हुए, सड़े गले फल विक्रेता एवं बासी खादय पदार्थ विक्रेताओ से 12800 रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। आयुक्त देवेश कुमार धु्रव के निर्देश पर सभी जोन क्षेत्र में सिंगलयूज प्लास्टिक विक्रताओ पर कार्यवाही की जा रही है।महापौर नीरज पाल ने सभी विक्रेताओ से अपील की है कि सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग मत करें। सिंगलयूज प्लास्टिक पर्यावरण एवं जानवरो को काफी नुक्सान पहुंचता है। हमारी नालियो को जाम कर देता है, जिससे पानी अवरूद्व हो जाने से मच्छर पनपते है और बिमारियो को बढ़ावा मिलता है। साथ ही आम नगारिको से भी निवेदन किये है, सामग्री लेते समय अपने घरो से झोला या थैला लेकर निकले। अक्सर देखने में आता है, सिंगलयूज प्लास्टिक में गरम गरम सामग्री, चाय इत्यादि लोग पैक कराके ले जाते है। अपने घरो में स्वयं या अपने परिवार के साथ खाते है। वैज्ञानिको के अनुसार सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय पदार्थ रखने से प्लास्टिक के कण सामग्री में मिल जाते है जिससे कैंसर एवं अन्य प्रकार के गंभीर बिमारियो को बढ़ावा मिलता है। उपयोग से बचे, सब के सहयोग से ही हम सब अपने स्वास्थ्य को एवं नगर निगम को स्वच्छ साफ-सुथरा रख सकते है। कार्यवाही के दौरान जोन के स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, प्रभारी लिपिक संतोष हरमुख, सहायक राजस्व निरीक्षक शशांक सिंह अपने दल के साथ उपस्थित रहे।
- -प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने की समीक्षारायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ के 25 हजार घरों को रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इन घरों में एक से तीन किलोवाट तक क्षमता के सोलर संयंत्र स्थापित किये जाएंगे, जिससे लोग अपने घर की छतों पर तीन किलोवाट के संयंत्र से हर महीने 300 यूनिट बिजली का उत्पादन कर पाएंगे। इस योजना में 50 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खाते में आएगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने मुख्यालय स्थित सेवाभवन में पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी 18 वृत्तों के अधीक्षण अभियंताओं को निर्देशित किया कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करें।भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरआई) ने पीएम सूर्यघर योजना की शुरुआत 13 फरवरी को की थी। उक्त योजना में 1 किलोवाट के संयंत्र पर 30 हजार रुपए, 2 किलोवाट के संयंत्र पर 60 हजार और 3 किलोवाट पर 78 हजार रूपए का केंद्रीय अनुदान प्रदान किया जाएगा।एक किलोवाट सौर संयंत्र से प्रतिदिन 4 यूनिट तक औसत बिजली उत्पादन होगा। तीन किलोवाट में प्रतिदिन 12 यूनिट बिजली पैदा होगी। यदि उपभोक्ता इतनी बिजली खपत नहीं करता तो इसका क्रेडिट से बिल में तय सौलर टैरिफ के अनुसार एडवांस जमा कर दिया जाएगा। उपभोक्ता अपने घर के बिजली मीटर में संबद्ध भार (लोड) के आधार पर उतने ही भार का संयंत्र लगाने के लिए पात्र होगा। इसके लिए पीएमसूर्यघर योजना के पोर्टल या पीएम सूर्यघर मोबाइल एप में जाकर पंजीयन कराना होगा। पंजीयन पूरा होने पर विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद सौर प्लांट को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। सोलर प्लांट लगने के बाद अनुदान राशि उपभोक्ता के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस वित्तीय वर्ष में 25 हजार उपभोक्ताओं को लाभ देने का लक्ष्य है। पूरे प्रदेश में इस योजना के लिए अभी तक 6368 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 6216 उपभोक्ताओं के स्थल संयंत्र लगाने के लिए उपयुक्त हैं। अभी तक 312 घरों में संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने इस योजना की मुख्यालय स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिये हैं। बैठक में मुख्य अभियंतागण सर्वश्री राजेंद्र प्रसाद, केएस भारती, एमडी बड़गईया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एएम परियल तथा अधीक्षण अभियंता श्री एन बिंबीसार उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह की पहल-जिले के विभिन्न ब्लाॅकों के 20 स्कूलों में प्रतिदिन लगने लगी क्लासेस-कलेक्टर ने ऑनलाइन क्लास से जुड़कर छात्रों का किया उत्साहवर्धन-शिक्षकों को किया शिक्षा के माध्यम से समाज को जागरूक करने का आव्हानरायपुर । युवाओं का भविष्य संवारने की दिशा में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह की पहल पर निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा शुरू की है। इस ऑनलाइन कोचिंग सेंटर के माध्यम से जेईई एवं नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है और जिले के प्रत्येक ब्लाॅक के विभिन्न स्कूलों के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग का संचालन किया जा रहा है। यह सुविधा शुरू होने से युवाओं में भी उत्साह है और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं।जिला प्रशासन ने गणित व जीव विज्ञान संकाय में अध्ययनरत सरकारी व गैर सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आॅनलाइन कोचिंग की सुविधा शुरू की है। इसमें प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन किया गया है। टू वे कम्यूनिकेशन के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों को नियुक्त किया गया है यह शासकीय स्कूल के ही शिक्षक हैं जो अपना नियमित कक्षाओं के बाद यहां बच्चों को पढ़ा रहे हैं यही नहीं इनमें कुछ अधिकारी और इंजीनियरिंग काॅलेज के विद्यार्थी शिक्षक के बतौर शामिल हैं।यह कोचिंग कलेक्टोरेट के मल्टीलेवल पार्किंग में स्थित स्टूडियो से संचालित किया जाता है। ब्लाॅकों के विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राएं जुड़कर ऑनलाइन कोचिंग सेंटर का लाभ ले रहे है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने इन्हीं शिक्षकों की बैठक ली और कहा कि इस आॅनलाइन कोचिंग सेंटर का उद्देश्य केवल छात्रों को शिक्षित करना नहीं है, बल्कि पूरे समाज को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है। इस पहल से न केवल छात्रों की सफलता में वृद्धि होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की शिक्षा प्रणाली में भी सुधार आएगा।गौरतलब है कि ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ होने के बाद कलेक्टोरेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के स्टूडियो का कलेक्टर ने निरीक्षण किया और ऑनलाइन कोचिंग से जुड़कर छात्रों से फीडबैक लेने के साथ-साथ उनका उत्साहवर्धन भी किया। साथ ही छात्रों को अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी। कलेक्टर ने इस पहल से अधिक से अधिक छात्रों को जुड़ने का आग्रह किया है और पालकों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करने को कहा है।लगभग 1500 बच्चे कर रहे आॅनलाइन पढ़ाईकोचिंग के लिए कलेक्टोरेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में स्टूडियो का निर्माण किया गया है। जहां से विशेषज्ञ शिक्षक आॅनलाइन क्लास से जुड़कर बच्चों को पढ़ाते है। जिले के 20 स्कूलों में जिला प्रशासन द्वारा विशेष क्लास की व्यवस्था की गई है। जहां प्रतिदिन शाम 3 बजे से जुड़ते हैं और शाम 5 बजे तक पढ़ाई कराई जाती है। वर्तमान में लगभग 1500 से अधिक बच्चे आॅनलाइन कक्षा से जुड़कर पढ़ाई कर रहे हैं। कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अफसर इन बच्चों से स्वयं जाकर मुलाकात करेंगे और मोटिवेट भी करेंगे।20 स्कूलों में हो रहा संचालनजिले के 20 स्कूलों में कोचिंग सेंटर को संचालित किया जा रहा हैं। इनमें जेआर दानी कन्या विद्यालय रायपुर, स्वामी आत्मानंद स्कूल लालपुर, शासकीय उमा विद्यालय माढर,स्वामी आत्मानंद स्कूल कूरा,शासकीय उमा विद्यालय चांपाझार चंपारण,शाकीय उमा विद्यालय राखी, शासकीय उमा विद्यालय कनकी तिल्दा,शासकीय उमा विद्यालय रायखेडा,पं आरडी तिवारी विद्यालय आमापारा,स्वामी आत्मानंद स्कूल माना, बिन्नीबाई सोनकर स्कूल भाठागांव,स्वामी आत्मानंद स्कूल मोवा,प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा,भरत देंवागन स्कूल खरोरा, अरूद्वती देवी विद्यालय आंरग,मातृसदन स्कूल मंदिर हसौद, स्वामी आत्मानंद स्कूल समोदा,हरिहर स्कूल गोबरा नवापारा,स्वामी आत्मानंद स्कूल खोरपा अभनपुर,स्वामी आत्मानंद स्कूल अभनपुर शामिल हैं।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शासन की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) किफायती आवास का आबंटन किया जाना है। इसके लिए नगर निगम भिलाई के अच्छे लोकेशन पर सर्व सुविधा युक्त फ्लैट बन रहा है। चयनित स्थान जैसे सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया भिलाई (3.06 लाख), अविनाश मेट्रोपाॅलिश जुनवानी कोहका (3.06 लाख), कृष्णा इंजी. कालेज के पीछे खम्हरिया (3.20 लाख), एनार स्टेट खम्हरिया (3.29 लाख), ग्रीनवेली खम्हरिया, माइल स्टोन जुनवानी में निर्मित/निर्माणाधीन आवासों में मोर मकान मोर आस घटक अंतर्गत वर्ष 2022-23 में जो आवेदक विधिवत आवेदन प्रस्तुत किये है। उनका पात्र सूची में नाम स्वीकृत किया गया है, जिसे निगम के नोटिस बोर्ड में चस्पा किया गया है।पात्र हितग्राही जिनको सूचित किया गया वे निगम मुख्य कार्यालय के आवास योजना के काउंटर नं. 16 में उपस्थित होकर 10 प्रतिशत अंशदान की राशि जमा अनिवार्य रूप से करें। साथ ही राशि जमा करने पश्चात सूचना पत्र की रसीद भी दी जायेगी। जिसे लेकर लाॅटरी में उपस्थित होकर आवास आबंटन में शामिल होकर अपना मकान प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन से कक्ष क्रमांक 16 मुख्य कार्यालय नगर पालिक निगम भिलाई में आकर संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर /ग्रामोद्योग हाथकरघा विभाग द्वारा तीजा-पोला के अवसर में कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी आयोजन आज से राघवेन्द्र राव सभा भवन में शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शिल्पि संघ रायपुर के अध्यक्ष श्री विशालराम देवांगन नेे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुये दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभांरभ किया गया। मुख्य अतिथि ने प्रत्येक स्टाल पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के हाथकरघा, हस्तशिल्प एवं खादी की कलाकृति का अवलोकन किया। उनके द्वारा प्रदर्शनी में प्रदर्शित उक्त कलाकृति की सराहना की गयी।प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हाथकरघा बुनकरों, हस्तशिल्प कारीगर एवं खादी उत्पाद को विपणन हेतु उचित माध्यम उपलब्ध कराना, बुनकरों के बुनाई एवं हस्तशिल्प कला को आम नागरिक तक सीधे पहुचाना है तथा उपभोक्ता के माध्यम से नित नवीन डिजाईनों के विकास हेतु सुझाव प्राप्त करना। प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय हाथकरघा वस्त्र उत्पाद, हस्तशिल्प कलाकृति तथा खादी वस्त्र को एक ही छत के नीचे आम उपभोक्ता तक सीधे पहुचना, बुनकरों, हस्तकला के कारीगीर, खादी वस्त्र उत्पादक के लिए नियमित रोजगार के अवसर में वृद्धि करना। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा पर वस्त्र उत्पादन महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। और कई हूरनमंद महिलाये बुनकरी के माध्यम से अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रही है।उक्त प्रदर्शनी में कोसा एवं सूती उत्पादक क्षेत्र जैसे रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, चन्द्रपुर, छुरी, सिवनी, रामाटोला, लोफन्दी, भिलाईगढ़ एवं सोमाझिटिया के 28 बुनकर समिति के 30 प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ बिलासा हैण्डलूम रायपुर, 04 हस्तशिल्प के प्रतिनिधि एवं खादी ग्रामोद्योग द्वारा भाग लिया गया है। उनके द्वारा आकर्षक कोसा एवं कॉटन वस्त्र जैसे उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साडियॉ, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफ्ता, सूती साडियॉ, कॉटन शुटिंग, शर्टिग, दुपट्टा, बेड-शीट, बेड-कव्हर, पिलो-कव्हर, टॉवेल, नेपकीन, गमछा आदि का प्रदर्शन किया गया है। शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित प्रदर्शनी के नोडल अधिकरी, उपसंचालक हाथरकघा श्री डोमूदास धकाते द्वारा अवगत कराया गया की उक्त प्रदर्शनी दिनांक 29 अगस्त से 05 सितम्बर 2024 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 10 बजे तक खूली रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रदर्शनी में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश की बुनाई कला, हस्तशिल्प एवं खादी वस्त्र उत्पाद का अवलोकन कर प्रोत्साहित करें।
- बिलासपुर।, जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 30 अगस्त दोपहर 12.30 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।बैठक में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जानकारी एवं समीक्षा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग क्रं. 01 एवं 02 ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत निर्माण कार्याें की जानकारी एवं समीक्षा, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, क्रेडा विभाग, बीज निगम के अंतर्गत सभी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी एवं समीक्षा, शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, समग्र शिक्षा विभाग अंतर्गत योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, जिला व्यापान उद्योग एवं खादीग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत लक्ष्य एवं योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, वन विभाग, वन विकास निगम एवं सामाजिक वानिकी द्वारा चल रहे कार्यो की जानकारी एवं समीक्षा, समाज कल्याण एवं जिला पुनर्वास विभाग की जानकारी एवं समीक्षा, रीपा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन योजना तहत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा, स्वच्छ भारत योजना की जानकारी एवं समीक्षा एवं अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय पर चर्चा की जाएगी।
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-आवक बढ़ने से किसान रोहित के जीवन में आई खुशहाली
बिलासपुर /शासन द्वारा मनरेगा योजना के तहत कराये जा रहे कार्याें से ग्रामीण अंचलों में विकास की बयार बहने लगी है। इन कामों को होने से ग्रामीणों का जीवन तेजी से बदल रहा है। उनके जीवन में खुशहाली आ गई है। इन्ही में किसान श्री रोहित भी शामिल है। उनका अपने बंजर भूमि में फिर से खेती करने का सपरा पूरा हुआ है। वे मनरेगा योजना से लाभान्वित होकर भूमि सुधार कर अपने खेती-किसानी बिना किसी परेशानी के कर रहे है।तखतपुर ब्लॉक के ग्राम काठाकोनी निवासी श्री रोहित बताते है कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी। रोहित के पास एक भूमि थी जो पूरे तरीके से समतल नहीं थी जिसके कारण वे जमीन पर खेती किसानी का काम नहीं कर पा रहे थे और धीरे-धीरे भूमि बंजर हो गई। बंजर भूमि होने से उनके खेती किसानी के कार्याे में काफी कठिनाईयां आने लगी। फसलों की पैदावार नहीं होने से उनके आमदनी में भी गिरावट आना शुरू हो गया। आमदनी अच्छी नहीं होने के चलते रोहित को अपने परिवार चलाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। श्री रोहित को ग्राम पंचायत से जानकारी मिली की मनरेगा योजना के तहत भूमि सुधार कार्य हेतु शासन से सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बिना देरी किये अपने बंजर भूमि के सुधार कार्य का प्रस्ताव ग्राम सभा में रखा। ग्राम सभा मंे प्रस्ताव अनुमोदित होने के बाद बंजर भूमि का तकनीकी सहायक द्वारा निरीक्षण कर प्राक्लन तैयार किया गया और आगे की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए जिला कार्यालय भेजा गया। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बंजर भूमि में सुधार कार्य हुआ।रोहित बताते है कि अब उनकी बंजर भूमि में अब हरियाली दिखाई देने लगी है। फसल लगाने में सुविधा हो रही है और उनके आय के साधन भी बढ़ने लगें है। अब उनकी भूमि का उपयोग अच्छे से हो रहा है। श्री रोहित ने शासन को धन्यवाद देते हुए आभार जताया। -
बिलासपुर /मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम मल्हार में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के लिए एक दिन का कृषक प्रशिक्षण एवं खेतों में भ्रमण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषकों को मधुमक्खी पालन एवं जैविक खेती की बारीकियों से सभी जानकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरूण कुमार त्रिपाठी द्वारा विस्तार से दी गई। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने उद्यानिकी फसलों की जैविक कास्त तकनीकी पर चर्चा किया। किसानों से मशरूम उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण और पोषक तत्वों के महत्व के बारे में वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता त्रिपाठी ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कीट वैज्ञानिक स्वाति शर्मा द्वारा कृषकों से मधुमक्खी पालन की संभावनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए खरीफ फसलों पर लगने वाले कीटों की पहचान एवं नियंत्रण के बारे में, जैविक विधियों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषक मित्र अशोक जायसवाल, कृषक यदुनदन प्रसाद वर्मा सहित आसपास के गांवों के जैविक खेती करने वाले किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आकाशवाणी से श्री महेन्द्र साहू एवं हरीश मांडवा भी उपस्थित थे।
- -केन्द्र सरकार की पहल से न केवल किसानों की आय में होगी वृद्धि, बल्कि कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूतीरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हाल ही में केन्द्रीय मंत्री मंडल द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि अवसंरचना कोष’ के विस्तार को मंजूरी दी है, जिससे कृषि परियोजनाओं को सुदृढ़ करने और कृषि उत्पादकता में वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। यह निर्णय किसानों के हित में लिया गया है, जो देश और प्रदेश दोनों में कृषि क्षेत्र के व्यापक विकास में सहायक होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम मोदी सरकार की कृषि अवसंरचना के विकास के माध्यम से किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। file photo
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-स्थानीय भाषा में कंटेंट को प्रोत्साहित करने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी होेंगे सृजित
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों अंबिकापुर, जगदलपुर और कोरबा में निजी एफएम रेडियो स्टेशन शुरू करने की मंजूरी के महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय भाषा में कंटेंट को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस नए एफएम रेडियो स्टेशन के आगमन से स्थानीय कलाकारों, संगीतकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी मातृभाषा में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलेगा। यह कदम न केवल सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी लोगों को सशक्त करेगा।
- -लैब के संचालन हेतु नोडल शिक्षकों का 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्नबालोद,। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने शासकीय स्कूलों में संचालित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में प्रकाश डालते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में बालोद जिले में अटल टिंकरिंग लैब की संख्या सर्वाधिक है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले में सभी अटल टिंकरिंग लैब को क्रियाशील रखना अत्यंत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल आज बालोद जिले के शासकीय शालाओं में अटल टिंकरिंग लैब के संचालन हेतु नियुक्त किए गए नोडल शिक्षकों की 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि यूनिसेफ और समग्र शिक्षा के सहयोग से 27 एवं 28 अगस्त को शासकीय कन्या शाला बालोद में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार 28 अगस्त को समापन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने आशा व्यक्त किया कि इस 02 दिवसीय प्रशिक्षण के उपरांत जिले में अटल टिंकरिंग लैब का समुचित संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। श्री चन्द्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान नोडल शिक्षकों से मिले फीडबैक की भी सराहना की। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री पूजा बंसल ने अटल टिंकरिंग लैब के कुशल संचालन के संबंध में 02 दिवसीय प्रशिक्षण की सराहना की। समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।इस अवसर पर प्रशिक्षकों ने अटल टिंकरिंग लैब के कार्यों एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से एटीएल प्रभारी शिक्षकों की समस्या-समाधान, डिजाइन थिंकिंग और 21वीं सदी के कौशल में क्षमता निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल इनोवेशन मैराथन, इंस्पायर मैराथन और इग्नाइट जैसी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए रचनात्मक परियोजनाएँ बनाने में सहायता करना है। इस प्रशिक्षण में कुल 38 शिक्षकों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें समस्या-समाधान, कोडिंग और फिजिकल कंप्यूटिंग में महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई।
- दुर्ग / राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 2024 अंतर्गत जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम 29 अगस्त 2024 को बीआरजे शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन दुर्ग द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा छात्राओं एवं शिक्षकों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाते हुए स्वयं भी टैबलेट का सेवन किया। आयोजक डॉ. मनोज दानी सीएमएचओ, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव डीएलओ, डॉ. राजेंद्र खंडेलवाल एनसीडी नोडल, संदीप ताम्रकार जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डॉ. रश्मि भोसले, संजीव दुबे मैनेजर अर्बन हेल्थ एवं घनश्याम जोशी व श्रीमती सुमन जोशी की गरिमामयी उपस्थिति में हुई।कार्यक्रम का शुरुआत सरस्वती पूजन एवं स्वागत के पश्चात प्राचार्य डॉ. श्रीमती कृष्णा अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन में स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क के निवास की जानकारी देते हुए बच्चों को राष्ट्रीय कृमि दिवस का महत्व बताया। तत्पश्चात जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि 1 से 19 वर्ष की आयु के छात्र-छात्राएं जो स्कूलों और आंगनबाड़ी में है। इनकोे क्रिमी मुक्त करते हुए उनके स्वास्थ्य पोषण स्तर शिक्षा की पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। जिससे बच्चे अधिक से अधिक लाभान्वित हो सके। इसलिए जनजागरूकता कार्यक्रम के तहत अभियान चलाया जा रहा है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने बच्चों के बीच जाकर बेटी सुरक्षा, तिरंगा भोजन, एनीमिया, नशा मुक्ति, गुड टच बेड टच एवं स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा की। बेटियों के आत्म सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। एक छात्रा के सवाल आप आईएएस कैसे बने, कलेक्टर ने अनुशासन और समर्पण के साथ निरंतर विद्या अर्जित करते रहने और हर क्षेत्र में अपना बेहतर प्रदर्शन करने, दूरदर्शन पर समाचार और सामान्य ज्ञान का अवलोकन करने हेतु प्रेरित किया। साथ ही कलेक्टर द्वारा पर्यावरण सुरक्षा हेतु एक पेड़ मां के नाम में विद्या का पौधा शाला में रोपित किया। इस प्रकार कार्यक्रम काफी सफल एवं सार्थक रहा साथ ही बच्चों में काफी उत्साह भी रहा।



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