अब छोटे शहरों को मिलेगी नई उड़ान, संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी
नई दिल्ली। देश के छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों तक हवाई यात्रा को आसान और सुलभ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना शुरू की है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी, जिसके लिए ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस नई योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 आधुनिक हेलिपैड विकसित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।सरकार ने उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना की शुरुआत अक्टूबर 2016 में की थी, जिसका उद्देश्य छोटे शहरों तक सस्ती और सुविधाजनक हवाई सेवाएं पहुंचाना था। पिछले नौ वर्षों में इस योजना ने क्षेत्रीय विमानन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है। 15 जुलाई 2026 तक योजना के तहत 679 हवाई मार्ग शुरू किए जा चुके हैं, जो 95 एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम को जोड़ते हैं। अब तक 3.58 लाख से अधिक उड़ानों का संचालन हुआ है और 1.68 करोड़ से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा चुके हैं।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी पिछले एक दशक में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में जहां देश में 74 परिचालित एयरपोर्ट थे, वहीं 15 जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 165 हो गई है। सरकार का कहना है कि इस विस्तार में उड़ान योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
संशोधित उड़ान योजना में केवल नए एयरपोर्ट बनाने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि छोटे एयरपोर्टों के संचालन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई अड्डों को तीन वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव (O&M) सहायता दी जाएगी। साथ ही, छोटे शहरों में उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइंस को Viability Gap Funding (VGF) भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शुरुआती वर्षों में कम यात्री संख्या के बावजूद सेवाएं जारी रह सकें। इस मद में अगले दस वर्षों के लिए ₹10,043 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 200 आधुनिक हेलिपैड का विकास भी है। पहाड़ी, सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में जहां पारंपरिक एयरपोर्ट बनाना कठिन है, वहां हेलीकॉप्टर सेवाओं के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा राहत, प्रशासनिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने इस योजना को आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी जोड़ा है। इसके तहत स्वदेशी विमानन क्षमता बढ़ाने के लिए पवन हंस को दो HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर को दो HAL डोर्नियर विमान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इन विमानों को विशेष रूप से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संचालन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
सरकार का मानना है कि संशोधित उड़ान योजना से छोटे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक तेजी से पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।
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