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- 0- कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही है सामयिक सलाहबालोद. मौजूदा खरीफ वर्ष के आगमन के मद्देनजर कृषि विभाग जिला बालोद द्वारा जिले के कृषकों को खाद, बीज की महत्ता एवं इसके समुचित उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु निरंतर समसामयिक सलाह दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने जिले के कृषकों को हरी खाद के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो आय में वृद्धि होगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि हरी खाद वह सहायक फसल है जिसे मुख्य फसल बोने से पहले खेत में उगाया जाता है और फूल आने की अवस्था में ही उसे हल चलाकर मिट्टी में दवा दिया जाता है।ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी फसलें हरी खाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। हरी खाद के तहत कई फसलों का उपयोग किया जाता है जिनमें दलहनी और बिना दलहनी फसलें शामिल होती हैं। हरी खाद के लिए झाड़ियों और पेड़ों की पत्तियों, टहनियों को भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेष रूप से ढैंचा फसलों का उपयोग किया जाता है। इन फसलों को खेतों में लगाकर भूमि में सुधार किया जाता है। हरी खाद का सबसे बड़ा प्रभाव मिट्टी की भौतिक और रासायनिक संरचना पर पड़ता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की मात्रा को तेजी से बढ़ाती है। हरी खाद मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, जिससे हवा का संचार बढ़ता है और पौधों की जड़े गहराई तक जा पाती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है, जो सूखे के समय फसलों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है। जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उत्पादन का बढ़ना निश्चित है। हरी खाद के प्रयोग से पैदावार में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यूरिया और अन्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे किसान की फसल की लागत घटती है। मित्र कीटों से फसल का संरक्षण करता है। यह जमीन के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों और केंचुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, ऐसे में हरी खाद प्राकृतिक तरीके से मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सुलभ विकल्प है। हरी खाद केवल एक उर्वरक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का उपचार है। यदि किसान हर दूसरे या तीसरे साल अपने खेत में हरी खाद का प्रयोग करें, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि हम समाज को रसायनों से मुक्त, शुद्ध और पौष्टिक अनाज भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से हरी खाद हेतु ढेंचा 116 क्विंटल एवं मूंग 58 क्विंटल कुल 174 क्विंटल बीज जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में ढेंचा 23.20 व मूंग 11.60 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर भण्डारण कराया गया है। इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से या सीधे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है।
- 0- जिले में पर्याप्त उर्वरक, वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर वितरणबालोद. भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने बताया कि जिले के सहकारी समितियों में गतवर्ष पूर्ति के 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डी.ए.पी. का भण्डारण कराया जा रहा है। जिले को प्राप्त लक्ष्य (46300 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र में) के विरूध्द अब तक सहकारी समितियों में करने हेतु 33580 मीट्रिक टन (72.50 प्रतिशत) उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अबतक 20259 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है एवं 13300 मीट्रिक टन सहकारी समितियों में शेष है। जिले के प्रत्येक कृषक को उवरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषक के रकबा के के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक उर्वरक के रूप में एस.एस.पी., एन.पी.के, का उपयोग कर कृषक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे है। उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये उर्वरक निरीक्षको द्वारा लगातार जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 01 अप्रैल 2026 से अब तक 95 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है एवं अनियमितता पाये जाने पर 36 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस, 08 विक्रय केन्द्रों को विक्रय प्रतिबंध एवं 01 विक्रय केन्द्र का लायसेन्स निलंबन की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार चलता रहेगा एवं उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
- 0- हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर0- जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी हुए शामिलबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज नगर पंचायत अर्जुंदा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु, नगर पंचायत अर्जुंदा के अध्यक्ष श्री प्रणेश जैन, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।इस दौरान अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना हितग्राहियों को मछली जाल, दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 338 आवेदन प्राप्त हुए थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने सभी विभाग के अधिकारियों को शिविर में आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने कहा कि “संवाद से संपूर्ण समाधान” केवल एक नारा नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्जुंदा वार्ड स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य है। शिविर में प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिविर को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा।
- 0- किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना कीबालोद. केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था के तहत बालोद जिले के सहकारी समितियों में नियमित रूप से जिले के कृषकों को नियमित रूप से खाद, बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की भण्डारण के साथ-साथ वितरण हेतु भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। बालोद जिले में खाद, बीज की समुचित वितरण हेतु की गई व्यवस्था की सराहना जिले के कृषकों ने भी की है। आगामी खरीफ सीजन हेतु समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध होने पर गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह निवासी कृषक श्री चोवाराम एवं ग्राम पेण्डरवानी निवासी श्री बेनीराम साहू ने व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए हितकर बताया है।समय पर खाद, बीज मिलने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे किसान श्री चोवाराम ने बताया कि कुल 02 एकड़ भूमि वाले एक लघु कृषक है। श्री चोवाराम ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले अपने ग्राम फागुनदाह के सहकारी समिति में पहुँचकर दो बाॅटल नैनो डीएपी, एक बाॅटल युरिया के साथ-साथ दो बोरी युरिया एवं एक बोरी सुपरफास्फेट खाद प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप उन्हें खाद, बीज प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। इसी तरह जिले में खाद, बीज की वितरण की व्यवस्था की सराहना गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेण्डरवानी के कृषक श्री बेनीराम ने भी किया है। किसान श्री बेनीराम ने बताया कि वे कुल 20 एकड़ जमीन वाले बड़े कृषक है। किसान बेनीराम ने बताया कि सहकारी समिति ग्राम पेण्डरवानी में पहुँचकर उन्होंने 05 बोरी स्वर्णा और स्वर्णा सब 1 तथा मांग के अनुरूप अन्य धान, बीज उन्होंने प्राप्त किया है। सहकारी समिति में धान, बीज के प्राप्त करने में उन्हें एवं अन्य कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। जिससे हम सभी कृषक प्रसन्नचित होने के साथ-साथ भविष्य में भी समय पर खाद, बीज प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आशान्वित है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने कहा गया।आयुक्त ने सुशासन तिहार, आयुक्त टी.एल. , कलेक्टर जनदर्शन, सारथी पोर्टल एवं डायल 1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और मांग संबंधी आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदकों को राहत प्रदान की जाए। बैठक में आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशानुसार नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से सुशासन तिहार शिविर को प्रथम प्राथमिकता देते हुए शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने कहा। बैठक में उपायुक्त, अधीक्षण अभियंता, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग. राज्य शासन के निर्देशानुसार ’सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय विशेष समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह शिविर 31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वान्ह 11.00 बजे से झाडूराम देवांगन शासकीय स्कूल के मैदान में आयोजित किया जाएगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल को इस शिविर के सफल आयोजन, विभागीय समन्वय और मूलभूत व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविर में जिले के सभी जिला स्तरीय एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले, आवश्यक अभिलेखों, आवेदन प्रपत्रों और योजनाओं की संपूर्ण जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को सुशासन तिहार 2026 का मुख्य नोडल अधिकारी तथा डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिविर में प्राप्त होने वाली शिकायतों और आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण किया जाए ताकि आम जनता को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
- 0- शासकीय कार्य में बाधा और तोड़फोड़ के आरोप प्रमाणितदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने 29 मई 2026 को छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1996 की धारा-19(1)(अ) के तहत अनावेदक विनय नेताम पार्षद वार्ड क्र. 16 बी.आर.पी. कालोनी, नगर पालिक निगम रिसाली को पार्षद पद से हटाने का न्यायालयीन आदेश पारित किया है। ज्ञात हो कि यह प्रकरण आवेदक आयुक्त, नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा पार्षद विनय नेताम के विरूद्ध पद से हटाने के लिए प्रस्तुत किए गए आवेदन के बाद शुरू हुआ। इस संबंध में निगम आयुक्त द्वारा 19 मार्च 2026 को एक विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) भी सौंपा गया था। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत जवाब, साक्ष्य, तर्कों और संबंधित दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रस्तुत सभी विधिक तथ्यों, दस्तावेजों से उत्तरवादी पार्षद के विरूद्ध पदीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं करने, नगर पालिक निगम रिसाली के मुख्यालय परिसर में संचालित आधार कक्ष में प्रवेश कर तोड़फोड़ कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अनावश्यक दबाव व अभ्रद तरीके से व्यवहार किए जाने एवं कार्यालयीन समय पर निगम कार्यालय में आयुक्त कक्ष एवं अन्य अधिकारियों के कक्ष को बंद कर बंधक बना लेने तथा आम जनता को निगम अधिकारियों से मिलने से रोकने और कार्यालयीन कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप प्रमाणित होता है, जिससे कि उनका पार्षद के रूप बना रहना नगर पालिक निगम एवं सार्वजनिक हित में वांछनीय नहीं है। उक्त प्रमाणित आरोपों और विधिक तथ्यों के आधार पर संभाग आयुक्त श्री राठौर ने विनय नेताम को पार्षद पद से हटाने का अंतिम आदेश जारी किया है।
- 0- कलेक्टर एवं एसएसपी ने किया तैयारियों का निरीक्षण0- अधिकारियों को दिये आवश्यक-दिशा निर्देशदुर्ग. जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित जे.आर.डी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राउण्ड में 31 मई 2026 को सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत भव्य जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और एसएसपी श्री विजय अग्रवाल ने आज स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिये। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, एएसपी श्री सुखनंदन राठौर, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी सहित लोक निर्माण विभाग, पीएचई, आरईएस, वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा- वनवासियों को हम समझें, उन्हें हमारी जरूरत हैरायपुर। अपना ऐश्वर्य, सुख- सुविधाओं को छोड़कर बस्तर के बीहड़ जंगलों में आदिवासियों की चिकित्सा व सामाजिक सेवा कर रहे डाॅ. गोडबोले दंपती आज के समय के वीर सावरकर से कम नहीं है। विनायक दामोदर सावरकर ने भी अपनी विदेश की ली हुई शिक्षा, ऐशो आराम को छोड़कर देश को स्वतंत्र कराने का बीड़ा उठाया था। स्वतंत्रता आंदोलन में ब्रिटिश हुकूमत से टकराने के लिए उन्होंने काला पानी की सजा सुनाई गई। अंडमान के सेल्यूलर जेल में उन्हें अकल्पनीय यातानाएं दी गईं। पद्मश्री डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले व उनकी पत्नी डॉ. सुनीता रामचंद्र गोडबोले के सम्मान समारोह में इस आशय के प्रेरक विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने व्यक्त किए।वीर सावरकर जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित इस समारोह में काले ने कहा कि आज की तनावग्रस्त युवा पीढ़ी यदि एक बार विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी को पढ़ ले, तो उनके दिमाग से तनाव निकल जाएगा। बात- बात तनावग्रस्त होकर अवसाद में चले जाने वाले हमारे युवा, जल्दी ही आक्रोशित होकर कुछ कर बैठने को लालायित हमारी जेन जी को चाहिए कि वे सावरकर के बारे में अधिक से अधिक पढ़ने और जानने की कोशिश करें। क्योंकि सार्थक व उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की जो सीख सावरकर के व्यक्तित्व से मिल सकती है, वह किसी और से नहीं।इधर पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा कि पूरा बस्तर राजधानी रायपुर की ओर से बड़ी आशाभरी नजरों से देखता है क्योंकि रायपुर में हर तरह की सुविधाएं हैं, जबकि वहां सुविधाओं का अभाव है। अब राजधानीवासी यदि वनवासियों को, उनकी अपेक्षाओं व आकांक्षाओं को नहीं समझेंगे, तो दोनों के बीच का अंतर बढता चला जाएगा। सुदूर वनांचल में रह रहे आदिवासी आज भी पढ़े लिखे, सूट- बूट पहनने वालों से बात करने में हिचकते हैं, संकोच करते हैं। लेकिन उन लोगों को हमारी जरूरत है। राष्ट्रीय सेवा योजना, माय भारत के युवा या अन्य कोई सेवाभावी संगठन को उनकी सेवा के लिए वनांचल तक पहुंचना चाहिए।डा. सुनीता ने कहा कि वनांचल ही नहीं, शहरों में भी संवेदनशील लोग रहते हैं। आज उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। अभावग्रस्त, वंचितों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहना चाहिए। 36 साल पहले वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से जब वे अपने पति के साथ बस्तर के बारासुर, अबूझमाड़ में अपनी सेवाएं देने पहुंचीं, तो उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वनवासियों में यह भावना जगाने के लिए कि हम उनके शुभचिंतक हैं, उन्हें मडिया बोली सीखनी पड़ी। स्थानीय बोली के कारण वनवासियों को हमारे साथ अपनापन महसूस हुआ और फिर उन्होंने हमें भरपूर सहयोग भी दिया।इस मौके पर बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव साहेब अमीन, छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सावरकर जयंती पर आयोजित समारोह का संचालन उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने किया। आभार प्रदर्शन महाराष्ट्र मंडल की साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड की ओर से किया गया। इस मौके पर उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने डॉक्टर गोडबोले दंपती के साथ सेल्फी लेते हुए, फोटो खिंचवाते हुए गौरवान्वित महसूस किया।
- 0- मतदान दिवस 1 जून को संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहेगा सामान्य अवकाशदुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर की समय-अनुसूची के अनुसार जिले के जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन में पंच व जनपद सदस्य के पद हेतु त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन की अधिसूचना जारी की गई है, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग से मिले अधिकारों और ’निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881’ के नियमों के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने मतदान के दिन यानी 01 जून 2026 (सोमवार) को संबंधित चुनाव क्षेत्रों के सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में सामान्य छुट्टी घोषित किया है। यह अवकाश ग्राम पंचायत के पंच पद हेतु संबंधित वार्ड में तथा जनपद सदस्य पद हेतु संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में ही प्रभावी रहेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत भोथली के वार्ड क्रमांक 11 तथा उमरपोटी के वार्ड क्रमांक 19 में पंच पद चुनाव के लिए यह अवकाश रहेगा। इसी तरह जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत रूहा के वार्ड क्रमांक 05 व जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंडपेण्ड्री के वार्ड क्रमांक 11 में तथा ग्राम पंचायत भनसुली (के) के वार्ड क्रमांक 17 में पंच पद के लिए सामान्य अवकाश रहेगा। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 04 के तहत आने वाले ग्राम पंचायत पांहदा (अ) एवं सांकरा क्षेत्र में भी 01 जून को यह सामान्य अवकाश प्रभावशील रहेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
- दुर्ग. कृषकों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। फसलों की अवस्थाओं के आधार पर यूरिया आवश्यकता 3 किस्तों में वितरण की जाएगी। जिसमें दीर्घ श्रेणी के कृषकों को केवल यूरिया दो किस्तों में उर्वरकों का वितरण और लघु श्रेणी के कृषकों को यूरिया का वितरण उनके रकबे के आधार पर एकमुश्त की जा रही है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 15910 मीट्रिक टन यूरिया, 2643 मीट्रिक टन डीएपी, 2919 मीट्रिक टन एनपीके, 4544 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6956 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 32970 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है। सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 6054 मीट्रिक टन यूरिया, 2195 मीट्रिक टन डीएपी, 2042 मीट्रिक टन एनपीके, 2016 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3575 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 15882 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 9856 मीट्रिक टन यूरिया, 447 मीट्रिक टन डीएपी, 877 मीट्रिक टन एनपीके, 2528 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3381 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 17089 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।जिले की सहकारी समितियों में धान एंव अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का उठाव और वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले को सहकारी क्षेत्र के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध 31134 क्वि. बीज की उपलब्धता है और समितियों में 17013.40 क्वि. बीज का भण्डारित किया गया है जिसमें से 11066.40 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में खाद एंव प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।
- दुर्ग. कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार ’मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना’ (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। योजना के तहत कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आगामी 26 जुलाई 2026 (दिन रविवार) को चयन परीक्षा आयोजित होना निर्धारित था। परंतु वर्तमान में संस्था इम्पैनलमेंट और कक्षा 6वीं में प्रवेश से जुड़ी अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में हो रहे विलंब के कारण शासन द्वारा इस सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा विद्यार्थी व अभिभावकों से अपील की गई है कि इस योजना के तहत परीक्षा से संबंधित आवेदन पत्र अभी जमा न करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के संबंध में राज्य शासन से जैसे ही कोई नवीन दिशा-निर्देश या जानकारी प्राप्त होगी, उसकी सूचना पृथक से साझा की जाएगी।
- दुर्ग. जल जनित मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम के संबंध में कार्यालय नगर पालिका निगम भिलाई में आज अन्तर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पांडे की उपस्थिति में स्वास्थ विभाग से जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे द्वारा जल जनित मौसमी बीमारियों के बारे में बताया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रश्मि ग्लैड द्वारा राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग डेंगू मलेरिया से बचाव व नियंत्रण के संबंध में बताया गया। बैठक में नगर पालिक निगम भिलाई के स्वास्थ अधिकारी श्री जावेद अली, वरिष्ठ स्वाच्छत निरीक्षक श्री केके सिंह, जिला महामारी विशेषज्ञ श्रीमती रितिका सोनवानी, सर्विलांस इंस्पेक्टर श्री विवेक कपरे, वीबीडीटीएस श्री लकी दूबे, समस्त जोन आयुक्त, बीएसपी प्रतिनिधि आदि उपस्थति रहे।सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार निगम क्षेत्र अंतर्गत आगामी वर्षा ऋतु के पूर्व जल जनित रोग (मौसमी बीमारियों) के रोकथाम बचाव हेतु प्रारंभिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया हैं कि वर्षा ऋतु के आगमन के पूर्व बड़े या चौड़े नालियों का चिन्हांकन कर सफाई का कार्य किया जाये। विगत वर्षों में डायरिया/ पीलिया से प्रभावित क्षेत्रों को विभिन्न पेयजल स्रोतों का जोन स्तर पर एवं पेयजल कार्य विभाग द्वारा जांच हेतु नमुना लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा ज्ञात कराया गया कि नगर निगम कर्मचारी एवं जिला मलेरियां विभाग के सर्विलेंस कार्यकर्ताओं द्वारा समुदाय में जनजागरूकता लाने जैसे मच्छर लार्वा प्रजनन स्त्रोत कूलर, टंकी, ड्रम आदि का पानी सप्ताह में एक बार खाली किया जाये।
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कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही है सामयिक सलाह
बालोद/मौजूदा खरीफ वर्ष के आगमन के मद्देनजर कृषि विभाग जिला बालोद द्वारा जिले के कृषकों को खाद, बीज की महत्ता एवं इसके समुचित उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु निरंतर समसामयिक सलाह दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने जिले के कृषकों को हरी खाद के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो आय में वृद्धि होगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि हरी खाद वह सहायक फसल है जिसे मुख्य फसल बोने से पहले खेत में उगाया जाता है और फूल आने की अवस्था में ही उसे हल चलाकर मिट्टी में दवा दिया जाता है। ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी फसलें हरी खाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। हरी खाद के तहत कई फसलों का उपयोग किया जाता है जिनमें दलहनी और बिना दलहनी फसलें शामिल होती हैं। हरी खाद के लिए झाड़ियों और पेड़ों की पत्तियों, टहनियों को भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेष रूप से ढैंचा फसलों का उपयोग किया जाता है। इन फसलों को खेतों में लगाकर भूमि में सुधार किया जाता है। हरी खाद का सबसे बड़ा प्रभाव मिट्टी की भौतिक और रासायनिक संरचना पर पड़ता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की मात्रा को तेजी से बढ़ाती है। हरी खाद मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, जिससे हवा का संचार बढ़ता है और पौधों की जड़े गहराई तक जा पाती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है, जो सूखे के समय फसलों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है। जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उत्पादन का बढ़ना निश्चित है। हरी खाद के प्रयोग से पैदावार में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यूरिया और अन्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे किसान की फसल की लागत घटती है। मित्र कीटों से फसल का संरक्षण करता है। यह जमीन के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों और केंचुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, ऐसे में हरी खाद प्राकृतिक तरीके से मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सुलभ विकल्प है। हरी खाद केवल एक उर्वरक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का उपचार है। यदि किसान हर दूसरे या तीसरे साल अपने खेत में हरी खाद का प्रयोग करें, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि हम समाज को रसायनों से मुक्त, शुद्ध और पौष्टिक अनाज भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से हरी खाद हेतु ढेंचा 116 क्विंटल एवं मूंग 58 क्विंटल कुल 174 क्विंटल बीज जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में ढेंचा 23.20 व मूंग 11.60 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर भण्डारण कराया गया है। इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से या सीधे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है। -
बिलासपुर/भारतीय डाक विभाग, बिलासपुर संभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए कल 30 मई शनिवार को सुबह 10 बजे से विशेष आधार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर विभिन्न क्षेत्रों के सामुदायिक भवन सुखापाली डभरा, ग्राम मिरोनी लतेसरा चंद्रपुर, ग्राम पंचायत मदनपुर कटघोरा, ग्राम पंचायत भवन बगाबुडा भैसमा और बरखदान देवरीखुर्द बिलासपुर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक अपना नया आधार कार्ड बनवा सकते हैं, साथ ही पुराने आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का सुधार या अपडेशन जैसे पता, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नाम, ईमेल और बायोमेट्रिक अपडेट आदि का कार्य आसानी से करवा सकते हैं।
प्रवर अधीक्षक डाकघर, बिलासपुर संभाग ने बताया कि बच्चों की 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर उनका अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन कराना अति आवश्यक है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर पहुंचकर स्वयं का और अपने बच्चों का आधार एनरोलमेंट व अपडेशन का कार्य जरूर कराएं। -
बिलासपुर/आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के तहत वर्ष 2026-27 में निजी विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए होने वाली लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह परीक्षा 26 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली थी, जिसके माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जाना था।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने बताया कि प्रवेश की प्रक्रिया में विलंब होने के कारण इस लिखित परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और उनके पालकों को सूचित किया जाता है कि वे इस आयोजित लिखित परीक्षा के संबंध में आवेदन जमा न करें। आबंटित संस्थाओं में प्रवेश को लेकर शासन से जैसे ही नए निर्देश प्राप्त होंगे, उसकी सूचना पृथक से जारी की जाएगी। -
*ग्रामीणों को मौके पर मिला योजनाओं का लाभ*
*गोढ़ी समाधान शिविर में 189 आवेदनों का निराकरण*बिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण, शासन की जलकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन 1 मई से किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जिले के बिल्हा ब्लॉक के गोढ़ी में आयोजित समाधान शिविर बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में कुल 596 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 189 आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार द्वारा लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में महतारी वंदन, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से किया जा रहा है। अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक योजना का लाभ मिले इसके लिए समाधान शिविरों का 1 मई से सफल आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ लेने की भी अपील की। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि चिलचिलाती धूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्री, विधायक, अधिकारीगण शिविर में शामिल होकर लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गरीब और किसानों के दर्द को समझते हैं। शिविर में जनपद अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक, बिल्हा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेंडरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी, सीईओ श्री कुमार लहरे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।*मौके पर ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ-*बिल्हा ब्लॉक के ग्राम गोढ़ी में आयोजित शिविर में मौके पर ही ग्रामीणों को कई योजनाओं का लाभ दिया गया। 34 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 39 को पेंशन स्वीकृति हेतु पात्र, 115 को श्रम कार्ड, 65 को मनरेगा जॉब कार्ड, 45 को लर्निंग ड्राईविंग लाईसेंस, 8 को आधार कार्ड, 6 को उज्जवला गैस कनेक्शन का वितरण किया गया। इसी प्रकार 370 किसानों को मिट्टी परीक्षण कार्ड, 137 लोगों ने बीपी शुगर जांच एवं 152 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। -
*आतंकियों को मार गिराकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला*
बिलासपुर/ बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट बिलासपुर में शुक्रवार को एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार आयोजित यह अभ्यास वर्ष में एक बार किया जाता है, जिसका उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना है।मॉक ड्रिल के दौरान एयरक्राफ्ट हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर द्वारा तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी एवं स्थानीय थाना पुलिस सहित एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए और रणनीति तैयार की गई।ड्रिल के अनुसार विमान में कुल 30 यात्री सवार थे। दो हाईजैकर्स द्वारा अपनी मांगें एयरोड्रोम कमिटी के समक्ष रखी गईं। इसी दौरान एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हाईजैकर को मार गिराया, जबकि दूसरे हाईजैकर को दबोच लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। पूरी मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अभ्यास के माध्यम से आतंकवादियों द्वारा विमान अपहरण जैसी वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से आपात परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनती है। -
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
शिविर में 721 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद/सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम फागुनदाह सहित शिविर में आसपास के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में उपस्थित पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू एवं श्रीमती चंद्रिका सहित जनपद सदस्य श्री हेमंत साहू, श्रीमती मीना साहू, श्रीमती प्रमिला रामटेके सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। शिविर में आज बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। ग्राम फागुनदाह में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1038 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 721 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू ने शिविर में उपस्थित लोगों को सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के लोगों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन एवं प्रशासन के प्रतिनिधि आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। जिससे कि जमीनी स्तर पर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। इसके अलावा इस दौरान आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की बहुत ही सराहनीय एवं कारगर कदम बताया। श्री साहू ने कहा कि आम नागरिकगण बहुत ही आशा एवं विश्वास लेकर सुशासन तिहार में पहुँचते हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य शासन एवं आम जनता के आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरते हुए सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू ने भविष्य में आने वाली भयावह जल संकट के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उसके एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के अलावा जल संरक्षण अभियान के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने सुशासन तिहार 2026 के आयोजन को राज्य सरकार का अत्यंत जनहितैषी कदम बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मंत्रीगण तथा आला जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी इस भीषण गर्मी में भी आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। जो कि बहुत ही काबिले-तारीफ है। जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा उसी मंशा के अनुरूप आम जनता के बीच पहुँचकर वास्तविक मांगों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने इस भीषण गर्मी के दौरान भी शासन और प्रशासन के प्रतिनिधियों की आम जनता के बीच उपस्थिति भूरी-भूरी सराहना की। श्री साहू ने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए इसे छत्तीसगढ़ सरकार के अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार के मंशानुरूप शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित कर आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने को कहा। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि फागुनदाह में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में फागुन्दाह, पेण्डरवानी, पेरापार, अकलवारा, परसुली, खुंदनी, सरबदा, दर्रा, उसरवारा, बागतराई, चंदनबिरही, चिटौद, आनंदपुर, मिर्रीटोला, कुम्हारखान, कनेरी, कुलिया, खर्रा, ठेकवाडीह और दुपेचरा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 517 आवेदन, तहसील गुरूर को 82, महिला एवं बाल विकास विभाग को 24, विद्युत विभाग को 20 एवं कृषि विभाग को 12 आवेदन सहित कुल 1038 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 721 आवेदनों का निराकरण किया गया।क्रमांक/239/ठाकुर - -निष्क्रिय एवं राशि लेकर काम नहीं करने वाले वेंडर होंगे ब्लैक लिस्टेड-विद्युत संभागवार लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति लाने के निर्देश-कलेक्टर ने की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षाबलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शुक्रवार को सीएसपीडीसीएल एवं बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जिले के लिये इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य एवं पिछले वर्ष के शेष इंस्टालेशन को शामिल कर विद्युत संभागवार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने बैंको में लंबित आवेदन, निरस्तिकरण तथा राशि भुगतान में विलम्ब की स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए बैंको को स्पष्ट निर्देश दिये कि ऋण के लिये आवेदन आने एवं स्वीकृत होने के बाद राशि का भुगतान हितग्राही के खाते में किया जाए। अनावश्यक विलम्ब या बेवजह फॉर्म रिजेक्ट होने पर सम्बंधित बैंक अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी बैंक ग्राम पंचायतवार रिजेक्टेड फॉर्म की सूची उपलब्ध कराएं।उन्होंने कहा कि वेंडर द्वारा हितग्राही का आवेदन बैंक को लोन के लिये अग्रेषित करने के बाद यदि हितग्राही 15 दिन मेंबैंक नहीं आते तो ऐसे हितग्राही की सूची बिजली विभाग को उपलब्ध कराएं। इसी तरह हर 15 दिन की सूची उपलब्ध कराए ताकि हितग्राही को समय पर सूचित किया जा सके। उन्होंने बैंक ऋण के लिये सोलर पैनल स्थापना की बैंक द्वारा मौका सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब से बचने के लिये क्रेडा द्वारा किये गये जियो टैग फोटो का उपयोग करने कहा।कलेक्टर ने सोलर पैनल स्थापना में तेजी लाने के लिये जिले के सक्रिय वेंडर की सूची विकासखंडवार तैयार करने और उस सूची को जनपद सीईओ और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को उपलब्ध कराने कहा।उन्होंने निष्क्रिय और राशि भुगतान के बाद भी पैनल लगाने का काम नहीं करने वाले वेंडर पर कड़ी कार्यवाही करते हुए उनका नाम ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिये।कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि योजना में प्रगति लाने और लक्ष्य हासिल करने अगले 10 माह में सोलर पैनल स्थापना का लक्ष्य निर्धारित करें।तीनो डिवीजन में हर माह 2 हजार पैनल इंस्टालेशन करए। हर 15 दिन में डिवीजन में प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने योजना की वृहद प्रचार -प्रसार के लिये ग्राम पंचायत, नगरीय निकयों में रणनीति तैयार करने कहा। बैंक सखी एवं समूह की महिलाओ का सहयोग लेने के भी निर्देश दिये।बताया गया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अब तक जिले में 4140 लोगों ने सोलर पैनल लगवाया है। योजना के तहत इस वर्ष 15100 सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य निर्धारित है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाने पर कुल खर्च 1 लाख 80 हजार आता है। इसमें 1 लाख 8 हजार सरकार की ओर सब्सिडी मिलती है। केवल 72 हजार हितग्राही का होता है वह भी 3 साल में रिकवर हो जाता है। बैंक से ऋण की भी सुविधा है। सोलर पैनल के लिये ऑनलाइन आवेदन के साथ ही बैंक ऋण का भी विकल्प होता है।बैंक से आसानी से फाइनेंस हो जाता हैं। इस तरह से यह योजना बहुत ही फायदे वाला है। लोगों को इसका भरपूर लाभ लेना चाहिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता श्री अनंत सहित, तीनों संभाग के कार्यपालन अभियंता, बैंक के अधिकारी, जनपद सीईओ उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भाटापारा बस स्टैंड के फल दुकानों का निरीक्षण के दौरान 280 किलोग्राम खराब आम को नष्ट कराया गया।टीम द्वारा हनुमान फल भण्डार नया बस स्टैण्ड भाटापारा व महेश फ़्रूट कम्पनी भाटापारा की जांच की गई।महेश फ़्रूट कम्पनी में लगभग 280 किलोग्राम खराब आमों को नष्ट कराने हेतु निगम गाड़ी को दिया गया।सभी फल दुकानों को खराब फल विक्रय नहीं करने व खराब फल को अलग कर नष्टीकरण हेतु निगम की गाड़ी को ही देने के निर्देश दिये गये। इसीतरह आशीर्वाद बेकरी बिलासपुर रोड, सिमगा का निरीक्षण किया गया,जहां विक्रय हेतु बिना उत्पाद तिथि वाले आईस कैन्डी का भंडारण पाया गया। विधिवत जांच हेतु नमूना लिया गया तथा फर्म द्वारा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के व्यवसाय करने का प्रकरण बनाया गया।
- बलौदाबाजार / सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत शनिवार 30 मई को विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत दतरेंगी में समाधान शिविर आयोजित की जाएगी जिसमें 15 ग्राम पंचायत के लोग शामिल होंगे।शिविर प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित होग़ा। शिविर में ग्राम पंचायत अमेठी, टेमरी, सेमरिया, खैरी,धौराभाठा ,मुड़ियाडीह, धमनी,ओड़ान, दतान ख,सलौनी,कानाकोट, बांसबिनौरी,सीतापार,दतरेंगी एवं लरिया के ग्रामीण शामिल होंगे। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को शिविर क़ी बेहतर तैयारी करने और विभागीय जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। इस दौरान विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
- बलौदाबाजार /एकीकृत बाल विकास परियोजना कसडोल अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र सेमरा में आंगनबाड़ी सहायिका के एक रिक्त पद पर भर्ती की जाएगी। आंनलाईन आवेदन करने के अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह पद केवल महिलाओं के लिए है। ऑनलाईन आवेदन करने के लिए https://aww.e-bharti.in/ में जाकर कर सकते है।अधिक जानकारी के लिए कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कसडोल में संपर्क कर सकते है।
- बलौदाबाजार /मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत कक्षा 6 वी में प्रवेश हेतु वर्तमान में आबंटित संस्था को इम्पैनलमेंट करने एवं प्रवेश की प्रकिया में विलंब होने के कारण 26जुलाई 2026को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा स्थगित किया गया है। आबंटित संस्था में प्रवेश हेतु शासन से निर्देश प्राप्त होते ही पृथक से सूचना जारी किया जाएगा।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा तथा जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा लगातार गश्त एवं कार्यवाही की जा रही है।इसी कड़ी में शुक्रवार को 4 हजार रुपए का महुआ शराब और एक मोटर सायकिल जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को वृत्त कसडोल में आबकारी विभाग द्वारा आरोपी लकेश्वर यादव पिता गोविंद उम्र 35 वर्ष ग्राम तेंदुभाठा, चौकी गिरौदपुरी के कब्जे से 20 बल्क लीटर हाथभट्ठी कच्ची महुआ शराब जब्त किया गया। महुआ शराब का बाजार मूल्य 4,000 होना पाया गया एवं 1 (एक) दो पहिया वाहन मोटर सायकल सीडी डिलक्स सीजी 022 पी 5583 जब्त किया गया। मोटर सायकल का बाजार मूल्य 30,000 होना पाया गया। आरोपी लकेश्वर यादव पिता गोविंद उम्र 35 वर्ष ग्राम तेंदुभाठा, चौकी गिरौदपुरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2), 59 (क) का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी, जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक, विनोद बांधे, आबकारी आरक्षक अभिषेक कुमार राठौर, हेमंत कुमार वर्मा, कोमल निषाद, प्रकाश कुमार, नगर सैनिक राजकुमारी पैकरा, दुर्गा ध्रुव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






















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