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- सक्ती । राज्य शासन की जनकल्याणकारी भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन परिवारों को सहायता प्रदान कर यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम नंदौरकला निवासी श्री रामलाल भारद्वाज भी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है तथा परिवार की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यक जरूरतों और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस सहायता राशि का उपयोग वे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा अन्य जरूरी कार्यों में कर रहे हैं, जिससे परिवार को काफी राहत मिली है। श्री रामलाल भारद्वाज बताते हैं कि शासन की इस पहल ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है। आर्थिक सहायता मिलने से उनकी चिंताएं कम हुई हैं और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है। उनका कहना है कि भूमिहीन परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है, जो जरूरत के समय संबल प्रदान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके परिवार को आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा मिली है।
- -बरसात में टपकती छत और असुरक्षा के बीच बीतता था जीवन, अब मिला सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का घर-प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना बनी वंचित जनजातीय परिवारों के लिए नई उम्मीद और आत्मसम्मान का आधारएमसीबी/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तब दिखाई देती है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाता है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ऐसे ही हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। एमसीबी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवरी की निवासी श्रीमती मानमती, पति श्री बारनु की कहानी इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण है, जिनके जीवन में एक पक्के घर ने सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय जोड़ दिया।मानमती वर्षों तक अपने परिवार के साथ एक कच्चे एवं जर्जर मकान में रहने को मजबूर थीं। मिट्टी की दीवारें, कमजोर छप्पर और बरसात के दिनों में लगातार टपकती छत उनके परिवार की सबसे बड़ी चिंता थी। तेज बारिश या आंधी आते ही पूरा परिवार इस डर में रात गुजारता था कि कहीं मकान ढह न जाए। हर मानसून उनके लिए भय और असुरक्षा लेकर आता था। घर के भीतर पानी भर जाने से दैनिक जीवन प्रभावित होता था और बच्चों की पढ़ाई भी नियमित रूप से बाधित होती थी।परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ नहीं थी कि वे अपने संसाधनों से पक्का मकान बनवा सकें। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति ही उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में सुरक्षित और मजबूत घर का सपना वर्षों तक अधूरा ही रहा। इसी दौरान प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका चयन हुआ। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें आवास निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता तथा जिला प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से उनके पक्के मकान का निर्माण प्रारंभ हुआ। निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता समाप्त हो गई और वर्षों से संजोया गया सपना साकार हो गया।आज मानमती का परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के मकान में निवास कर रहा है। अब बारिश, तेज हवा या मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में उन्हें किसी प्रकार की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ता। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है और पूरे परिवार के जीवन में आत्मविश्वास, स्थिरता और खुशहाली का नया संचार हुआ है। मानमती बताती हैं कि पहले बरसात का मौसम उनके लिए चिंता और भय का कारण बन जाता था। कच्चा मकान कभी भी गिर सकता था और परिवार की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती थी। अब पक्का घर मिलने से वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करती हैं। उनके अनुसार यह घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके परिवार के सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार बन गया है।वे कहती हैं कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। अब उन्हें अपने बच्चों के भविष्य को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार के सभी सदस्य बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना वास्तव में गरीब एवं जरूरतमंद जनजातीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्राम पंचायत नेवरी में मानमती का नया पक्का घर आज अन्य पात्र परिवारों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। उनकी सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि जब शासन की योजनाएं सही पात्रों तक समय पर पहुंचती हैं, तो वे केवल मकान का निर्माण नहीं करतीं, बल्कि लोगों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी रखती हैं।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से एमसीबी जिले में अनेक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। मानमती के परिवार की बदली हुई जिंदगी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव तब सबसे अधिक दिखाई देता है, जब वे जरूरतमंद लोगों के जीवन में आशा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया विश्वास जगाती हैं।
- जगदलपुर। जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोहकापाल के आश्रित गांव छिंदगांव की रहने वाली श्रीमती सुमनी कश्यप आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक नया प्रतीक बनकर उभरी हैं। कभी केवल पारंपरिक खेती-किसानी तक सीमित रहने वाली सुमनी ने अपनी मेहनत, सूझबूझ और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सीमेंट ईंट निर्माण का एक सफल व्यवसाय खड़ा कर दिया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य निर्माण कार्यों हेतु ईंटों की बढ़ती मांग का पता चला, जिसने उन्हें इस उद्योग की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘नॉन-फॉर्म’ (गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधि) घटक के तहत संकुल संगठन से 5 लाख रुपये की सीड कैपिटल उपलब्ध कराई गई। प्राप्त सहायता के साथ सुमनी ने स्वयं व समूह के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख रुपये का अतिरिक्त निवेश किया। कुल साढ़े छह लाख रुपये से अधिक की लागत से मशीनरी, शेड और फर्श निर्माण जैसी व्यवस्थाएं जुटाकर बीते अप्रैल माह से सीमेंट ईंटों का निर्माण विधिवत शुरू किया गया। ईंट बनाने के लिए आवश्यक डस्ट और गिट्टी जैसे कच्चे माल की आपूर्ति जगदलपुर व बालेंगा क्षेत्र से आसानी से हो जाती है।क्षेत्र में आवास निर्माण की अधिकता के कारण सुमनी द्वारा बनाई गई ईंटों की मांग इतनी ज्यादा है कि माल तैयार होते ही ग्राहक सीधे निर्माण स्थल से आकर ईंट ले जाते हैं। वे मात्र तीन महीनों के भीतर ही 20 ट्राली ईंटें बेच चुकी हैं। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद सुमनी कश्यप अब अपने बच्चों के भविष्य को भी बेहतर आकार दे पा रही हैं। उनकी बड़ी बेटी 12वीं पास करने के बाद जगदलपुर से कंप्यूटर कोर्स करने के साथ-साथ कृषि प्रवेश परीक्षा (पीएटी) की तैयारी कर रही है, जबकि उनके दो छोटे बेटे क्रमशः सातवीं और पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। सुमनी अपनी सफलता को साझा करते हुए कहती हैं कि स्व-सहायता समूह में जेंडर मास्टर के रूप में 5 हजार रुपए मानदेय पर कार्य करने और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण सुमनी को दिल्ली तक जाने और पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। खेती, दुकान और मछली पालन के बाद अब सीमेंट ईंट निर्माण से आत्मनिर्भर बनीं सुमनी कश्यप की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण महिलाएं अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बन सकती हैं।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार ग्राम बोरतलाव में तीन बच्चों की डूबने से हुई मृत्यु की घटना की प्रशासनिक जांच के क्रम में अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, डिप्टी कलेक्टर श्रीकांत कोराम, एसडीएम श्री विश्वास कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार श्री अमीय श्रीवास्तव, थाना प्रभारी श्री अवनीश श्रीवास, खनिज विभाग के खनिज निरीक्षक श्री भरत बंजारे तथा शिक्षा विभाग के विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा ने ग्राम पंचायत के सरपंच, मृतक बच्चों के परिजनों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उत्खनन स्थल, जलभराव की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा अन्य संबंधित परिस्थितियों का बारीकी से अवलोकन किया गया। साथ ही ठेकेदार द्वारा किए गए उत्खनन क्षेत्र का सीमांकन कराकर आवश्यक तथ्य एवं जानकारी एकत्रित की गई।
जांच के दौरान संबंधित विभागों से आवश्यक प्रतिवेदन एवं अभिलेख प्राप्त किए जा रहे हैं। उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा तथा जांच प्रतिवेदन के निष्कर्षों के अनुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -
- प्रयास आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा में जिले के 91 विद्यार्थियों का चयन, अग्निवीर के लिए 37 युवा हुए चयनित
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए जेईई, नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम लगातार सामने रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि इस वर्ष प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा में जिले के 91 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं अग्निवीर भर्ती में भी जिले के 37 युवाओं का चयन हुआ है। इस वर्ष भी कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी हेतु ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों के लिए यू-ट्यूब लिंक के माध्यम से नियमित ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके अलावा जेईई, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विशेष ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। -
- पानी की कमी के बावजूद बढ़ी आय की उम्मीद, शासन से मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गांतापार के किसान श्री राकेश कुमार यादव ने फसल परिवर्तन योजना का लाभ लेते हुए पानी की कमी वाले क्षेत्र में धान के स्थान पर अरहर की खेती अपनाई है। इससे उन्हें कम पानी में बेहतर खेती करने का अवसर मिला है। शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि मिलने से उन्हें इस दिशा में आगे बढऩे का उत्साह मिला।
किसान श्री राकेश यादव ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है। इनमें से 3 एकड़ में अरहर तथा 2 एकड़ में धान की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अधिकांश भूमि असिंचित है, जिसके कारण पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता और धान की अच्छी उपज नहीं मिलती थी। ऐसे में फसल परिवर्तन योजना उनके लिए लाभदायक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी को देखते हुए धान के बजाय अरहर की खेती करना अधिक उपयुक्त है। शासन द्वारा फसल परिवर्तन के लिए मिलने वाली 15 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि से किसानों को नई फसल अपनाने के लिए प्रेरणा मिल रही है। श्री राकेश कुमार यादव ने कहा कि फसल परिवर्तन योजना किसानों के लिए बहुत अच्छी पहल है। सभी किसानों को इसका लाभ उठाकर अपनी परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक फसलों की खेती करनी चाहिए। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में ऐसी योजनाएं निरंतर संचालित करती रहे। - -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित, राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिली पुरस्कार राशि एवं सम्मानरायगढ़ । रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड की छात्रा झलक नायक ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रत्येक परिवार गौ सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव भी मौजूद रहे।उल्लेखनीय है कि अशासकीय शाला आदर्श ग्राम्य भारती, पुसौर की कक्षा 9वीं की छात्रा झलक नायक ने जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा 2025-26 में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। राज्य स्तर पर उत्तम शाक वाटिका श्रेणी में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें 3,100 रुपये की पुरस्कार राशि, श्रीफल एवं गौ विज्ञान किट प्रदान कर सम्मानित किया। झलक नायक प्रारंभ से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने केजी से लेकर कक्षा 8वीं तक प्रत्येक वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल, जिला संयोजक गौ विज्ञान मनबोध बेहरा, संरक्षक राजीव कुमार दुबे, प्रदेश प्रभारी अश्विनी चौधरी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनीष सिन्हा, उत्तर कुमार सिदार, रुद्र प्रताप एक्का, संस्था के प्राचार्य घनश्याम साहू, विद्यालय परिवार तथा परिजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
- -बारिश को देखते हुए जलस्तर की सतत मॉनीटरिंग के दिये निर्देशसूरजपुर/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज कृष्णपुर जलाशय एवं बतरा जलाशय का निरीक्षण कर निर्माण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगामी सत्र में बतरा जलाशय की डिसिल्टिंग हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे जलाशय की जल भराव क्षमता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने बांध के हेड स्लूज़ के पैरापेट में गेट एवं रैलिंग लगवाने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को रोका जा सके। मौके पर उपस्थित जल संसाधन विभाग के अभियंता को कलेक्टर ने जल स्तर की सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिले में लगातार हो रही बारिश को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर हो रही बारिश के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी तरह सजग एवं मुस्तैद रहें, तथा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखें। निरीक्षण के अवसर पर कार्यपालन अभियंता जल संसाधन श्रीमती तरन्नूम खानम, एसडीओ श्री लोकेश पटेल व अनमोल सांडिल्य उपस्थित थे।कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पटवारी, सचिव एवं संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की वस्तुस्थिति से समय-समय पर एसडीएम व तहसीलदारों को अवगत कराते रहें, जिससे किसी भी परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।संभावित प्राकृतिक आपदाओं से बचाव एवं राहत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संयुक्त जिला कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 07775-266116 निर्धारित किया गया है, जिस पर आमजन किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल दे सकते हैं, ताकि त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
- -9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड का खुलासा, 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांडरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग एवं बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग के माध्यम से 9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड के मामले में मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड विजय कुमार यादव को 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद 3 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी बिलिंग के उद्देश्य से मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज तथा मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन दोनों फर्मों के माध्यम से लगभग 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को हस्तांतरित किया गया।विस्तृत जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने बंद एवं फर्जी फर्मों से प्राप्त फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर उसका उपयोग अपनी कर देनदारियों के भुगतान में किया।जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं* 10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त हो चुका था अथवा जो आपस में संबंधित पक्ष थीं, जबकि उनके बीच वास्तविक रूप से विलय, डी-मर्जर अथवा अमलगमेशन नहीं हुआ था, फॉर्म ITC-02 के माध्यम से 6.13 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा एवं उपयोग किया गया।* पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त था अथवा जो अस्तित्वहीन थीं तथा जिनसे वास्तविक रूप से किसी प्रकार की माल आपूर्ति नहीं हुई, 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा एवं उपयोग किया गया।* बिना किसी वास्तविक खरीद के, GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट दावा कर उसका लाभ लिया गया।जांच के अनुसार आरोपी ने न केवल 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट अन्य फर्मों को हस्तांतरित किया, बल्कि स्वयं भी समान राशि के फर्जी ITC का दावा एवं उपयोग किया। बिना वास्तविक माल की खरीदी-बिक्री किए केवल बिलों के आधार पर लेन-देन दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया गया, जिससे शासन को राजस्व की हानि हुई।
- -बिना लाइसेंस उर्वरक-कीटनाशक का भंडारण और निर्माण कर रहे दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त-खरीफ सीजन में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर होगी एफआईआर और वैधानिक कार्रवाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में कृषि विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने ग्राम चिंगरी (अंडा) में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशक का निर्माण, भंडारण और विक्रय किए जाने के मामले में दो गोदामों को सील कर भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है।उड़नदस्ता दल को ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण एवं भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। गोदाम के किरायेदार श्री वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाकर निरीक्षण में सहयोग करने के लिए कहा गया, लेकिन उनके असहयोगात्मक रवैये के कारण मकान मालिक, पंचों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।निरीक्षण के दौरान गोदाम में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें तथा बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम एवं नियमों के अनेक प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। बिना वैध अनुज्ञप्ति के व्यवसाय, बिना मानक के उर्वरक निर्माण, निर्धारित अभिलेखों का संधारण नहीं करना, निरीक्षण में सहयोग नहीं करना तथा बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण जैसे गंभीर मामले सामने आए।कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रॉ मटेरियल, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण जब्त किए गए। संपूर्ण सामग्री को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत जब्त कर गोदामों को सील किया गया है।कृषि विभाग ने संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।उप संचालक कृषि श्री संदीप भाई ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद एवं कीटनाशकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने, नकली अथवा अमानक कृषि आदानों का निर्माण एवं विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं एवं निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जाएंगे तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नकली, अमानक अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक या कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तत्काल निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकली कृषि आदानों, कालाबाजारी और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में इसी तरह की सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
- -शुद्ध जैविक उत्पादों की लगातार बढ़ रही मांगरायपुर.। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार ‘कांकेयर’ ब्रांड तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह ब्रांड कांकेर की हजारों महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों का प्रतीक बन चुका है।‘कांकेयर’ ब्रांड के तहत सरसों तेल, अरहर दाल, छिंद गुड़, शहद, रागी, कोदो, मक्का, आम का अचार सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। दण्डकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में उगाए गए ये उत्पाद पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं। ये उत्पाद स्वसहायता समूहों द्वारा पारंपरिक एवं जैविक पद्धति से तैयार किए जाते हैं, जिनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता है। एफएसएसएआई (FSSAI) से पंजीकृत होने के कारण उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है।वर्तमान में ‘कांकेयर’ उत्पादों का सी-मार्ट और कांकेश्वरी एफपीसी के माध्यम से स्थानीय बाजारों में वितरण और बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। जिला पंचायत परिसर में स्थापित पैकेजिंग इकाई से इनकी थोक खरीदी की जा सकती है। वेबसाइट Kancare.Shop के माध्यम से इन्हें ऑनलाइन ऑर्डर कर घर बैठे शुद्ध एवं प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं। कांकेर जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 'कांकेयर’ ब्रांड के 92 किलोग्राम अरहर दाल , 5.5 किलोग्राम शहद, 5 किलोग्राम छिंद गुड़, 9 किलोग्राम रागी आटा तथा 6 किलोग्राम मक्का आटा की बिक्री हो चुकी है। ‘कांकेयर’ ब्रांड आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादन की नई पहचान बनकर उभर रहा है।
- -रैली के दौरान ड्यूटी निभाते हुए 16 पुलिस जवान हुए घायल, चिकित्सकों से चर्चा कर कमिश्नर ने उपचार की जानकारी लीरायपुर / रायपुर में आज एक रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और रैली को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल द्वारा बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा अचानक पत्थर एवं बोतलें फेंके जाने से अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिस के 16 जवान घायल हो गए। घायलों में एक महिला आरक्षक शामिल थी, दो पुलिस जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर के पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला में अस्पताल पहुंच भर्ती पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायल जवानों के स्वास्थ्य एवं उपचार की विस्तृत जानकारी ली तथा सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेटिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया। वहीं, प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) श्री देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है, जिनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल, एसीपी श्री नीलेश द्विवेदी, टीआई श्री राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
- -खरीफ सीजन 2026 में डीएपी की सीमित राष्ट्रीय उपलब्धता के बीच छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी व्यवस्था-किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानीरायपुर /खरीफ 2026 के दौरान डीएपी की राष्ट्रीय स्तर पर सीमित उपलब्धता के बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश के प्रत्येक किसान को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो, किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी के अनुरूप कृषि विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण एवं मूल्य नियंत्रण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए डीएपी का लक्ष्य 3 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। जबकि 21 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में एक लाख 84 हजार 413 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया गया है। वहीं भंडारण के विरूद्ध किसानों को एक लाख 26 हजार 360 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। इसके बाद भी समितियों एवं गोदामों में अभी 58 हजार 054 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि खरीफ 2025 की इसी अवधि में 37 हजार 535 मीट्रिक टन डीएपी शेष था।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुरूप किसानों को डीएपी के साथ-साथ एनपीके एवं अन्य संतुलित उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे फसलों की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके तथा डीएपी पर अत्यधिक निर्भरता कम हो।देश में डीएपी का लगभग 70 से 80 प्रतिशत तथा एनपीके का 30 से 40 प्रतिशत आयात विदेशों से किया जाता है। वैश्विक परिस्थितियों एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण डीएपी और एनपीके की उपलब्धता तथा कीमतों पर प्रभाव पड़ा है। इसी कारण उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों द्वारा भारत सरकार की प्रचलित नीति एवं बाजार परिस्थितियों के अनुरूप एनपीके के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में वृद्धि की गई है।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों के मूल्य निर्धारित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, फिर भी किसानों से निर्धारित एमआरपी से अधिक मूल्य वसूला न जाए, इसके लिए कृषि विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में 4,878 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है। कार्रवाई के दौरान 625 नोटिस जारी किए गए, 183 केन्द्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाए गए तथा 98 केन्द्रों से उर्वरक जब्त किए गए। वहीं 97 केन्द्रों का लाइसेंस निलंबित और 11 विक्रय केन्द्रों का लाइसेंस निरस्त किया गया। साथ ही 56 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए तथा 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई हैं।इधर, भारी वर्षा से जिन क्षेत्रों में बोनी प्रभावित हुई है अथवा किसानों को पुनः बुआई (डबल बोनी) करनी पड़ रही है, वहां जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने तथा शासन के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, मूल्य नियंत्रण एवं कालाबाजारी पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके।राज्य शासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों से ही निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदें। यदि कहीं भी अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरा स्कोपिक सर्जरी (VATS) के माध्यम से टीबी जनित प्लूरल इफ्यूजन (फेफड़े के आसपास पानी भरने) से पीड़ित 57 वर्षीय पुरुष मरीज का सफल उपचार किया है। इस सफलता के साथ अब ऐसे जटिल वक्ष एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों का उपचार सिम्स में ही संभव हो गया है। इससे मरीजों को महानगरों अथवा निजी अस्पतालों में रेफर होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।मरीज पिछले लगभग तीन माह से लगातार बुखार से पीड़ित था। प्रारंभ में उसने निजी चिकित्सकों से उपचार कराया तथा टाइफाइड की दवाइयाँ भी लीं, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन बुखार दोबारा शुरू हो गया। बाद में सोनोग्राफी एवं अन्य जांचों में दाहिनी ओर फेफड़े के आसपास अधिक मात्रा में पानी (राइट प्लूरल इफ्यूजन) पाया गया।इसके बाद मरीज को सिम्स के क्षय रोग (टीबी) विभाग में भर्ती किया गया, जहाँ विस्तृत जांच के बाद ट्यूबरक्लोसिस प्लूरल इफ्यूजन का निदान हुआ और एंटी- ट्यूबरक्लोसिस ट्रीटमेंट (ATT) प्रारंभ किया गया। उपचार के दौरान बार-बार प्लूरल टैपिंग करने के बावजूद फेफड़े के आसपास पानी पुनः भरने लगा। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जनरल सर्जरी विभाग में रेफर किया गया।जनरल सर्जरी विभाग द्वारा मरीज का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इसके बाद टीबी विभाग, जनरल सर्जरी विभाग एवं एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वय से आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरा स्कोपिक सर्जरी (VATS) करने का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान फेफड़े के आसपास जमा द्रव को सफलतापूर्वक निकाला गया तथा आवश्यक डिकॉर्टिकेशन एवं बायोप्सी की गई। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में मरीज स्वस्थ है तथा नियमित फॉलो-अप पर है।यह जटिल शल्य चिकित्सा जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. कोमल प्रसाद देवांगन, डॉ. विनोद तमकनंद एवं डॉ. सुशील पात्रे द्वारा संपन्न की गई। ऑपरेशन में जूनियर रेजिडेंट डॉ. ऋतेश तथा द्वितीय वर्ष की जूनियर रेजिडेंट डॉ. गरिमा शर्मा व टी. बी.चेस्ट विभाग से डॉ. अनिल डरसेना एवं उनकी टीम ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रबंधन की जिम्मेदारी एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति एवं उनकी टीम ने निभाई। वहीं ऑपरेशन थिएटर स्टाफ श्री अश्विनी का भी पूरी प्रक्रिया में सराहनीय योगदान रहा।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान में आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरा स्कोपिक सर्जरी (VATS) मशीन की उपलब्धता उनके एवं चिकित्सा अधीक्षक के अथक प्रयासों का परिणाम है। मशीन उपलब्ध होने के पश्चात जनरल सर्जरी, टीबी एवं एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वित प्रयासों से यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस प्रकार की बीमारी से संबंधित लगभग 10 से 12 मरीज प्रतिमाह सिम्स में आते थे, जिन्हें मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उच्च संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। अब यह अत्याधुनिक सुविधा सिम्स में उपलब्ध होने से प्रदेशवासियों को महानगरों के समान उन्नत उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की समन्वित कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक एवं बेहतर संसाधनों के कारण जटिल शल्य चिकित्सा भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में इस प्रकार की वीडियो असिस्टेड थोरास्कोपिक सर्जरी (VATS) पर सामान्यतः एक से दो लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि सिम्स में यह उपचार निर्धारित शासकीय शुल्क एवं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को अन्य शहरों में जाकर उपचार कराने की आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों से राहत मिलेगी।विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि लगातार बुखार, सीने में दर्द, सांस फूलना अथवा फेफड़ों में पानी भरने जैसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, सही निदान एवं आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरा स्कोपिक सर्जरी (VATS) जैसी न्यूनतम इनवेसिव तकनीक के माध्यम से ऐसे जटिल मामलों का भी सुरक्षित एवं सफल उपचार संभव है। सिम्स में इस सुविधा की शुरुआत प्रदेश के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण, किफायती एवं अत्याधुनिक उपचार अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगा।
- -होटल गोल्डन स्टे के प्रथम तल से 14 हजार लीटर/किलोग्राम कृषि आदान जब्त, नमूने जांच के लिए भेजे गएबिलासपुर / कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं संचालक कृषि, रायपुर के निर्देशन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने सिरगिट्टी स्थित होटल गोल्डन स्टे के प्रथम तल पर अवैध रूप से भंडारित कृषि आदानों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की। पुष्ट सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक खाद जब्त कर विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।कार्रवाई के दौरान लगभग 4,610 लीटर पौध संरक्षण (कीटनाशक) दवाइयां तथा 9,611 किलोग्राम जैव उत्प्रेरक खाद बरामद किया गया। इस प्रकार कुल लगभग 14 हजार लीटर/किलोग्राम कृषि आदान जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामग्री के अवैध भंडारण का मामला सामने आने पर संदेहास्पद कृषि आदानों के नमूने लेकर परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान जब्तसी सामग्री के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उसे गोदाम संचालक श्री मनीष सिंह की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया।कार्रवाई में उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर, सहायक संचालक कृषि श्री अनिल शुक्ला, कृषि निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम सहित श्री उमेश कश्यप, श्री खेमराज शर्मा, श्री विजय एवं श्री धीरज उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि ने साफ कहा है कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवैध भंडारण, नकली एवं अमानक कृषि आदानों के विरुद्ध जिले में सघन जांच एवं कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- रायपुर / समाजसेवी, रामायण के प्रख्यात टीकाकार, चिंतक एवं देहदान संकल्पी श्री गणेश दास मानिकपुरी (80 वर्ष) का बुधवार प्रातः निवास स्थान ग्राम दोन्दे खुर्द (रायपुर) में आकस्मिक निधन हो गया। वे प्रख्यात समाजसेविका रहीं स्वर्गीय श्रीमती अम्बा देवी के पति तथा जनसंपर्क अधिकारी विजय मानिकपुरी के पूज्य पिता थे। उनके निधन से परिवार, शुभचिंतकों तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त की है।श्री मानिकपुरी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से सेवानिवृत्त थे। अविभाजित मध्यप्रदेश में वे इंटक के महामंत्री के रूप में भी सक्रिय रहे ।स्पष्टवादिता, निर्भीक व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त था।वे रामायण के प्रख्यात टीकाकार, गहन अध्येता और चिंतक थे। धार्मिक ग्रंथों, साहित्य तथा समाचार-पत्रों के नियमित अध्ययन के साथ-साथ ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण उनके चिंतन के प्रमुख विषय रहे। उन्होंने आजीवन सादा एवं शाकाहारी जीवन अपनाया और सभी प्रकार के नशे का दृढ़ता से विरोध किया। समाज में नशामुक्ति, सामाजिक समरसता, वैज्ञानिक सोच तथा अंधविश्वास और जातिवाद के विरुद्ध जनजागरण के लिए वे निरंतर सक्रिय रहे।मानव सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जीवन के अंतिम क्षण तक बनी रही। उन्होंने अपने पार्थिव शरीर का देहदान मेडिकल कॉलेज, रायपुर को करने का संकल्प लिया था तथा इसके लिए विधिवत सहमति-पत्र भी भर रखा था। उनका यह निर्णय समाज में सेवा, विज्ञान और मानवता के प्रति प्रेरणा का संदेश छोड़ गया है।श्री गणेश दास मानिकपुरी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार, अनेक शुभचिंतक तथा समृद्ध सामाजिक और वैचारिक विरासत छोड़ गए हैं। उनके निधन से समाज ने एक विद्वान, सिद्धांतनिष्ठ, कर्मठ और स्पष्टवादी व्यक्तित्व को खो दिया है। उनकी सादगी, सामाजिक प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
- रायपुर। शंकर नगर, रायपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार नंदकुमार कंसारी की धर्मपत्नी श्रीमती सरोज कंसारी का 22 जुलाई को आकस्मिक निधन हो गया। वे 56 वर्ष की थीं। उनका अंतिम संस्कार आज गृह ग्राम नवापारा राजिम में किया गया। वे प्रियांश व कनुप्रिया की माता थीं।श्रीमती सरोज कंसारी के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, मंजूषा शर्मा, रविन्द्र ठेंगड़ी, शंकर चंद्राकर, गॉस मोहम्मद, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े एवं कार्यकारिणी सदस्यो ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- -किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा के अनुसार फिलहाल किसानों को डी ए पी व पोटाश की सामयिक आवश्यकतारायपुर । किसानों की मांग के अनुरूप अभी भी खाद सोसायटियों तक नहीं पहुंच रहा और खेती के इस व्यस्ततम मौसम में किसान खाद लेने सोसायटियों का चक्कर काट रहे । सोसायटियों में डी ए पी खाद की प्रभावी भंडारण तो हो ही नहीं पा रहा वहीं विपणन संघ के छतौना ( मंदिर हसौद ) डबल लाक गोदाम में बीते लगभग 15-20 दिनों से भंडारित पोटाश भी विभागीय लापरवाही के चलते किसानों तक नहीं पहुंच रहा ।किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने जानकारी दी है कि फिलहाल किसानों को डी ए पी व पोटाश की सामयिक आवश्यकता है । मंदिर हसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीन आने वाले 8 सोसायटियों के अंतर्गत पड़ने वाले ग्रामों के किसान इन खादों के लिये सोसायटियों का चक्कर काट रहे पर खाद नहीं मिल रहा । जहां डी ए पी खाद की मांग के अनुरूप पूर्ति नहीं हो पा रहा वहीं छतौना गोदाम में लगभग 30 टन पोटाश खाद बीते 15-20 दिनों से भंडारित रखा हुआ है पर विभागीय लापरवाही के चलते इसे आन लाइन न किये जाने की वजह से सोसायटियों तक नहीं पहुंच पा रहा है और किसान इसके लिये संबंधित सोसायटियों का चक्कर काट रहे । उन्होंने जानकारी दी है कि इस शाखा के अधीन आने वाले 8 सोसायटी गोढ़ी , तोड़गांव , गनौद , मंदिर हसौद , पलौद , बरौदा , टेकारी व खुटेरी के किसानों को लगभग 800 बोरी पोटाश की सामयिक आवश्यकता है लेकिन गोदाम में पोटाश होने के बाद भी समय पर किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराया जा रहा । कमोबेश यही स्थिति चंदखुरी शाखा के अधीन आने वाले 07 सोसायटियों के भी होने की जानकारी उन्होंने दी है । भंडारित पोटाश को किसानों तक अविलंब पहुंचवाने व मांग के अनुरूप डी ए पी सोसायटियों को उपलब्ध कराने का आग्रह उन्होंने शासन - प्रशासन के नुमाइंदों से किया है ।
- रायपुर । विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरंग के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में मंगलवार को गठित छात्रसंघ पदाधिकारियों के शपथग्रहण व विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण के साथ - साथ 23 छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत नि : शुल्क सायकल वितरित किया गया ।विद्या की देवी सरस्वती की पूजा - अर्चना व दीप प्रज्वलन के बाद प्राचार्य एस के वर्मा ने नवगठित छात्रसंघ के अध्यक्ष हर्ष शर्मा , संयोजक कु. रेशमी वर्मा , उपाध्यक्ष अरविंद साहू , सांस्कृतिक सचिव करन धीवर , क्रीड़ा सचिव दुष्यंत वर्मा , अनुशासन सचिव नमन भारती , स्वच्छता सचिव नामदेव निषाद व छात्रा प्रतिनिधि कु.ऋतु वर्मा को शपथ दिलायी । इसके साथ ही गुरुजनों , अतिथियों व छात्र - छात्राओं ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर एक पेड़ मां के नाम अभियान में इनकी सुरक्षा की शपथ ली । इस अवसर पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष शंकर वर्मा व सांसद प्रतिनिधि मिथिलेश साहू , पूर्व अध्यक्ष हुलास राम वर्मा , क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य कविता हेमंत कश्यप व जनपद सदस्य राजू मनहरे , सरपंच श्रीमती हेमा राजू यादव व उपसरपंच संतोष वर्मा , ग्रामीण सभा के कोषाध्यक्ष अशोक नायक व पूर्व उपाध्यक्ष छेदन वर्मा व सी एस सी नरेंद्र ठाकुर आदि सहित प्राथमिक , पूर्व व उच्च तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के गुरूजनों सहित विद्यालयीन कर्मी मौजूद रहे । आमंत्रित अतिथियों ने विद्यार्थियों से अनुशासित रहने व गुरुजनों से हर कीमत पर अनुशासन बनाये रखने का आग्रह किया । कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रुप से सोहित वर्मा व प्रभात साहू ने किया ।
- -1-68 लाख प्रतिभागियों के बीच शानदार सफलता, कलेक्टर ने किया सम्मानितरायपुर ।मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के छात्र कुलदीप पुरले ने तृतीय चरण राज्य स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बी श्रेणी में प्रदेशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि पर उन्हें 31 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं सम्मान प्रदान किया गया। रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम, गौ सेवकों के अभिनंदन एवं गौ विज्ञान परीक्षा-2025 के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुलदीप पुरले को सम्मानित किया।कुलदीप की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट में सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. डाहिरे, गौ विज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक श्री गौकरण डिंडोले, श्री लेखराम साहू सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा में प्रदेशभर के एक लाख 68 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न जिलों से चयनित 510 प्रतिभागियों ने राज्य स्तरीय परीक्षा में हिस्सा लिया, जिनमें मुंगेली जिले के 12 विद्यार्थियों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिला। इनमें से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मनोहरपुर के छात्र कुलदीप पुरले ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया। गौ विज्ञान परीक्षा के माध्यम से गौ संरक्षण, संवर्धन, गौ आधारित कृषि, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की उपस्थिति में जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्वसहायता समूह की सदस्यों को सूर्य सखी के रूप में प्रशिक्षित करने एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान पद्मश्री फूलबासन यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों के आवास में सोलर इकाई स्थापित किए जाने संबंधी कार्य के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान (एनआरएलएम) अंतर्गत गठित संकुल स्तरीय संगठन को वेंडर बनाने के लिए स्वसहायता समूह सदस्यों को सूर्य सखी के रूप में प्रशिक्षित एवं विकसित किया जा रहा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान (एनआरएलएम) अंतर्गत गठित संकुल स्तरीय संगठन एवं समूह सदस्यों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया।
अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री मुनीष शर्मा ने बताया कि शासन द्वारा योजना अंतर्गत आवेदक को मात्र 5.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना अंतर्गत वेण्डर के रूप में चयनित संकुलों द्वारा हितग्राहियों के आवास में सोलर इकाई की स्थापना कर आजीविका में वृद्धि की जा सकती है। साथ ही चयनित सूर्य सखी ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार एवं हितग्राही चयन का कार्य कर सकेगी। विद्युत विभाग के सहायक अभियंता श्री प्रकाश वर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, केन्द्र शासन एवं राज्य शासन से प्राप्त होने वाली अनुदान राशि सहित अन्य जानकारी दी। इस अवसर पर एनआरएलएम के अधिकारी-कर्मचारी, 16 संकुलों से चयनित कुल 80 सूर्य सखी (समूह सदस्य) उपस्थित थे। -
- कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदन पर की गई त्वरित कार्रवाई
- आवेदक के आवागमन एवं कृषि कार्य का मार्ग हुआ सुगम
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज घुमका तहसील अंतर्गत ग्राम पटेवा में राजस्व विभाग की टीम ने शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। ग्राम पटेवा निवासी श्री ऐमन कुमार ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण अपने खेत तक आवागमन एवं कृषि कार्य में हो रही परेशानी से अवगत कराया था। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आवेदन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार अतिक्रमण हटाने तथा आवेदक की समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री गौतम कुमार पाटिल के नेतृत्व में तहसीलदार श्री मुकेश ठाकुर, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी एवं पुलिस बल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर अतिक्रमणकर्ता जगदीश साहू द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। जिला प्रशासन ने कहा कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए नियमानुसार कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। - -राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएंरायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत है।मंत्री श्री चौधरी ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइये, राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर हम सभी राष्ट्रध्वज के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उद्घाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी।उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत विगत कई दशकों से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन एवं सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का यह प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी है। उन्होंने संस्था के संस्थापकों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के समर्पण भाव की सराहना करते हुए उनके सेवा कार्यों की प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, सचिव श्री अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी तथा शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।
- -गुरूर के आशुतोष पंचागम का बिजली बिल 10 हजार रुपए से घटकर हुआ 12 सौ रुपए-सौर ऊर्जा से बढ़ी बचत और आत्मनिर्भरता, 3 किलोवाट के सोलर प्लांट पर 1.08 लाख रुपए की मिली सहायतारायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसके प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। बालोद जिले में भी यह योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जिले के गुरूर निवासी श्री आशुतोष पंचागम इसका प्रेरणादायी उदाहरण हैं, जिन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी हासिल की है।पिछले सात महीनों से संचालित इस सोलर प्लांट का लाभ अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आशुतोष पंचागम बताते हैं कि सोलर प्लांट लगने से शुरुआती महीनों में उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य रहा। वहीं भीषण गर्मी के मौसम में, जब घर में एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का अधिक उपयोग हुआ, तब भी उनका बिजली बिल, जो पहले 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच जाता था, घटकर लगभग 1200 से 1500 रुपये रह गया।आशुतोष पंचागम ने बताया कि योजना के तहत आवेदन की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक है। आवेदन के बाद अधिकृत वेंडर द्वारा घर का निरीक्षण किया गया तथा ऋण और सब्सिडी से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कम समय में ही उनके घर पर सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे सोलर प्लांट लगाने का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया।आशुतोष का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम भी है। सौर ऊर्जा अपनाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करें और बिजली खर्च में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा अभियान का हिस्सा बनें।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आज छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल परिवारों का मासिक बिजली खर्च कम कर रही है, बल्कि प्रदेश में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी नई गति प्रदान कर रही है।



























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