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- 0- ’दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में चल रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा’0- ’पोषण वाटिका, अतिरिक्त पोषण आहार और नियमित मॉनिटरिंग पर दिया विशेष जोर’रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए 8 जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) के साथ विस्तृत बैठक ली। बैठक में गंभीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति, पोषण पुनर्वास तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान संचालित किया जा रहा है। इन जिलों में कुपोषण की चुनौती को दूर करने के लिए विशेष रणनीति के तहत पोषण सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता और सतत निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, वहां केला, पपीता, मुनगा सहित अन्य पोषणयुक्त पौधों का रोपण किया जाए तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य सामग्री बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने अतिरिक्त पोषण आहार की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी संचालन, नियमित निरीक्षण और सुपोषण पाठशालाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा ै।ड एवं ड।ड बच्चों के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जाए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल विभागीय कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी, सामुदायिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोषण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभावी निगरानी, नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल किया जा सकेगा। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक डॉ रेणुका श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।--
- 0- ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजनारायपुर। शासन की महत्वपूर्ण किसान हितकारी ग्रामीण सेवा सहकारी समितियों के पुनगर्ठन योजना अंर्तगत जिले में 39 नवीन ग्रामीण सेवा सहकारी समिति का गठन किया गया है। सभी नवीन 39 सहकारी समितियो को खाद के सुगमतापूर्ण वितरण हेतु पीओएस मशीन प्रदाय किया गया है। पीओएस मशीन उपलब्ध होते ही सभी नवीन समितियों में किसानों को सुगम खाद-बीज़ का वितरण किया जा रहा है।नवीन गठित 39 सहकारी समितियों के 89 पंचायतों में 112 ग्रामो के 43639 किसानो को इससे लाभ हुआ है। किसानों को खेती किसानी के लिये सुगमता पूर्वक त्वरित एवं अपने गृह ग्राम के निकट ही खाद बीज एवं नगद ऋण प्राप्त हो रहा है जिससे किसानो में ख़ुशी व्याप्त है। 39 नवीन समितियों में अभी तक 112 ग्रामों के 43639 किसानों को खाद प्रदाय हेतु 1876 टन का खाद का भंडारण एवं 353 टन खाद का वितरण के साथ कुल 48 करोड 99 लाख का ऋण वितरण किसानो को किया जा चुका है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में जिले के किसानों को आवश्यकता अनुसार सहकारी समितियों से खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो सके।
- 0- हजारों लोगों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प, दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरणएमसीबी/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड खड़गवां के ग्राम कटकोना में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण का भी प्रभावी केंद्र साबित हुआ। समाज कल्याण विभाग की सक्रिय भागीदारी से शिविर में नशा मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के संदेश ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हजारों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। लोगों ने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ग्रहण की।विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उपस्थित नागरिकों ने तंबाकू एवं धूम्रपान से दूरी बनाए रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि नशामुक्त जीवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।कार्यक्रम का एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पहलू दिव्यांग एवं वृद्धजन हितग्राहियों को सहायक उपकरणों का वितरण रहा। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चयनित दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए। उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।हितग्राहियों ने कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होगी और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। यह पहल शासन की संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित गतिविधियों ने शिविर को जन जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण का प्रभावी मंच बना दिया। नशा मुक्ति अभियान, धूम्रपान निषेध जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कटकोना शिविर में देखने को मिला कि जब शासन की योजनाएं जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधाएं नहीं देती, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रखती हैं। यह आयोजन सुशासन तिहार 2026 की उस भावना को साकार करता है, जिसमें शासन का उद्देश्य केवल सेवाएं देना नहीं, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करना भी है।
- 0- प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा हुआ वर्षों का सपना, परिवार में छाई खुशीसूरजपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने एक और जरूरतमंद परिवार के जीवन में खुशियों की नई किरण ला दी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले ग्राम निवासी चन्द्रदेव का वर्षों से पक्के मकान का सपना अब साकार हो गया है। अपने नए आवास की चाबी प्राप्त करते ही चन्द्रदेव और उनका परिवार खुशी से झूम उठा।चन्द्रदेव ने बताया कि उनका परिवार खेती और मजदूरी कर जीवन यापन करता है। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। बरसों से वे कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी उम्मीदों को नया जीवन दिया।उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें योजना का लाभ मिला। आवास स्वीकृत होने की सूचना मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।आवास निर्माण कार्य को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए एक आवास मित्र की नियुक्ति की गई, जिसने समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया तथा निर्माण की प्रगति के अनुसार किस्तों की राशि उपलब्ध कराने में सहयोग किया। कुछ ही महीनों में चन्द्रदेव का पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। नए घर में प्रवेश कर चन्द्रदेव और उनका परिवार बेहद प्रसन्न है। उन्होंने अपने नए आशियाने को सजाया-संवारा और इसे अपने सपनों का घर बताया। चन्द्रदेव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और खुशहाली की नई कहानी लिख रही है।
- 0- संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण: आमजन की समस्याओं पर कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देशएमसीबी. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त मंच बनकर सामने आया। जिले के दूरस्थ गांवों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक के नागरिक अपनी समस्याएं, मांगें और अपेक्षाएं लेकर जनदर्शन में पहुंचे, जहां कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुनी।जनदर्शन में कुल 46 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, मजदूरी भुगतान, पेंशन, आधार कार्ड त्रुटि सुधार, सीमांकन, वन अधिकार पट्टा, आंगनबाड़ी नियुक्ति, लंबित भुगतान, पेयजल सुविधा सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे प्रमुख रहे। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।जनदर्शन के दौरान ग्राम चुटकी के ग्रामीणों ने लंबित मजदूरी भुगतान की समस्या रखी, जबकि पाराडोल निवासी ईश्वर प्रसाद ने भूमि संबंधी प्रकरण में समाधान की मांग की। चिरमिरी निवासी शालिनी कश्यप ने जर्जर भवन को शीघ्र हटाने का अनुरोध किया। वहीं बड़गांवखुर्द निवासी धनराजिया ने आधार कार्ड में मृत घोषित होने की त्रुटि सुधारने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।इसी प्रकार चैनपुर निवासी विमला टोप्पो ने सीमांकन आदेश के पालन की मांग की, जबकि मनेंद्रगढ़ निवासी गोपाल गुप्ता ने भूमि विवाद संबंधी आवेदन दिया। ओदारी निवासी देवती साहू ने दहेज प्रताड़ना एवं मारपीट की शिकायत प्रस्तुत की। मनेंद्रगढ़ निवासी जसबीर शर्मा ने नल कनेक्शन अपने नाम पर स्थानांतरित कराने की मांग रखी।पसौरी निवासी नसीम खान ने राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई, जबकि चिरमिरी निवासी राम बिहारी शर्मा ने पेंशन प्रकरण के शीघ्र निराकरण की मांग की। साल्ही निवासी अर्चना मिश्रा, लाखनटोला निवासी सूरज भान तथा कछौड़ निवासी सूर्यधन ने भूमि संबंधी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।भवरमहुआ निवासी सुमित्रा एवं धरमपुर निवासी फूलकुंवर ने आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। जनकपुर निवासी मोहम्मद जलील खान ने लंबित भुगतान का मामला उठाया, वहीं कछौड़ निवासी राम मनोहर ने वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने की मांग की।कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जनदर्शन केवल शिकायत दर्ज कराने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सुविधाएं और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।जनदर्शन में उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश मिलने पर संतोष व्यक्त किया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशील प्रशासन और प्रभावी संवाद के माध्यम से जनसमस्याओं का समाधान अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है।
- 0- ’राज्यभर में चल रहा विशेष टीकाकरण अभियान, 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क लगाया जा रहा टीका’बलरामपुर। किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य में एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाते हुए उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की नींव को मजबूत करना है।बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अभियान प्रभावी रूप से संचालित हो रहा है। जिले में अब तक 2084 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी में 150 के लक्ष्य के विरुद्ध 142 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य संस्थानों में टीकाकरण का कार्य निरंतर जारी है।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अभिभावकों एवं किशोरियों से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी और पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने तथा निर्धारित आयु वर्ग की बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर टीकाकरण ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है। समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम संभव है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। यह बीमारी ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होती है। किशोरावस्था में लगाया गया एचपीवी टीका संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।बेटियों की सुरक्षा और स्वस्थ जीवन का मजबूत आधारस्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका न केवल उन्हें एक गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उनके स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।राज्य के जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा कोल्ड-चेन सुविधा युक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण का लाभ दिलाने की अपील की है।
- 0- प्राकृतिक आपदा और मछलियों में बीमारी से होने वाले नुकसान की होगी भरपाईजशपुर। जिले के मत्स्य पालकों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित एक्वा इंश्योरेंस योजना आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत मछली पालन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, आकस्मिक घटनाओं एवं मछलियों में फैलने वाली बीमारियों से होने वाले नुकसान की भरपाई की सुविधा उपलब्ध है।मत्स्य विभाग ने जिले के सभी मत्स्य पालक किसानों से जुलाई-अगस्त माह में मत्स्य बीज संचयन के समय एक्वा इंश्योरेंस कराने की अपील की है। विभाग के अनुसार बीमा कवरेज मिलने से किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी तथा उनके मत्स्य व्यवसाय को सुरक्षा प्राप्त होगी।योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है, ताकि किसान जोखिमों की चिंता किए बिना उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। एक्वा इंश्योरेंस से मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदा अथवा रोग प्रकोप के कारण होने वाली क्षति की भरपाई प्राप्त हो सकेगी।योजना से संबंधित अधिक जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए मत्स्य पालक अपने विकासखंड के मत्स्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- 0- आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहलगरियाबंद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित यह प्रणाली नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं तक सरल पहुंच उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।कलेक्टर श्री बीएस उइके के मार्गदर्शन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सुशासन के अभिहित अधिकारी श्री राकेश गोलछा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत पंजीयन, मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं शिकायत निराकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल एवं डैशबोर्ड संचालन, शिकायतों के वर्गीकरण, ट्रैकिंग एवं समयसीमा आधारित निराकरण की तकनीकी प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से बताया।उन्होंने बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप अथवा लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत 24×7 दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक यूनिक शिकायत क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, संबंधित विभाग एवं अधिकारी की जानकारी तथा समाधान की समयसीमा देख सकेगा। सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। जिससे नागरिकों को किसी भी समय अपनी समस्या दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस सुविधा का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।शिकायत दर्ज होने के पश्चात संबंधित विभाग एवं अधिकारी तक प्रकरण तत्काल ऑनलाइन माध्यम से पहुंच जाएगा। पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी तथा शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना कम होगी। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि शिकायतों के निराकरण के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लिया जाएगा। शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही शिकायत का अंतिम निराकरण माना जाएगा। यदि शिकायतकर्ता असंतोष व्यक्त करता है, तो शिकायत स्वतः पुनः सक्रिय होकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर भेज दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
- 0- 11 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाले पदों पर मिलेगा रोजगार का अवसर0- विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा योग्यतानुसार किया जाएगा चयनरायगढ़। अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 5 जून 2026 को रायपुर में विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के तत्वावधान में आयोजित यह रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में संपन्न होगा। विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के सहयोग से आयोजित इस रोजगार मेले में क्रेडालिस केपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जीपीएस, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रांसफॉर्मर्स, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा स्काई ऑटोमोबाइल (मारूति नेक्सा) रायपुर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित निजी संस्थान शामिल होंगे। इन संस्थानों द्वारा योग्यतानुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों का चयन कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।चयनित अभ्यर्थियों को पद एवं योग्यता के अनुसार लगभग 11 हजार रुपये से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। रोजगार का कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से रायपुर जिला रहेगा। रोजगार मेले में छत्तीसगढ़ के ऐसे अस्थिबाधित दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं, जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों तथा जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बीई, आईटीआई, डीसीए, पीजीडीसीए अथवा अन्य तकनीकी एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति एवं एक-एक छायाप्रति तथा दो पासपोर्ट आकार के फोटो लाने होंगे। आयोजकों ने बताया कि रोजगार मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने का कोई यात्रा व्यय देय नहीं होगा। भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। रोजगार मेले से संबंधित अधिक जानकारी कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर 0प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर। किसानों को खेती-किसानी के सीजन में नकली और अवैध खाद-बीज से बचाने के लिए रायपुर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के आरंग विकासखंड में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण और वितरण करने वाले दो संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की गई है, जहां भारी मात्रा में अवैध खाद जब्त की गई है।कृषि विभाग के उप संचालक श्री सतीश अवस्थी ने बताया कि आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा स्थित मेसर्स महानदी बीज भंडार द्वारा अपने उर्वरक प्राधिकार पत्र में बिना जरूरी स्त्रोत प्रमाण पत्र दर्ज कराए ही खाद का भंडारण और बिक्री की जा रही थी। मामले की शिकायत मिलते ही क्षेत्रीय उर्वरक निरीक्षक ने बीते 26 मई को मौके पर दबिश देकर 35.05 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त कर लिया। इस मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रायपुर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह को रिपोर्ट सौंप दी गई है।इसी तरह आरंग के ही ग्राम कलई में अवैध रूप से खाद का स्टॉक जमा कर किसानों को बेचने का एक और बड़ा मामला सामने आया। यहां मेसर्स पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड (गुड़गांव, हरियाणा) द्वारा अवैध रूप से खाद बेचने की शिकायत ग्रामीणों से मिली थी। शिकायत पर त्वरित एक्शन लेते हुए उर्वरक निरीक्षक दल, क्षेत्रीय पटवारी और आरंग थाने के सहायक उप निरीक्षक की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए बंद गोदाम का ताला तुड़वाया और भीतर से 46 क्विंटल दानेदार खाद तथा 35 लीटर लिक्विड (तरल) उर्वरक जब्त किया।प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध कारोबार करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। इसके साथ ही कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी खाद विक्रेता निर्धारित एमआरपी से अधिक दाम पर उर्वरक बेचता है या फिर खाद की कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने क्षेत्र के उर्वरक निरीक्षक या कृषि कार्यालय को दें, ताकि ऐसे तत्वों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- 0- जनहित की योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे करें, ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें - कलेक्टररायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सोमवार को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति डीएलसीसी की बैठक ली। बैठक में उन्होंने सभी बैंकों को जनहित से जुड़ी योजनाओं के लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और ऋण से जुड़े सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ऋण के आवेदनों को प्रक्रियाओं में न उलझाया जाए। इन आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि समूहों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके और आजीविका गतिविधियां शुरू हो सकें।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि सभी बैंक जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन करते हैं। बैंकिंग सेवाओं का जनता से सीधा जुड़ाव होता है। इसलिए बैंक अधिकारी और कर्मचारी जनता को योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करें।उन्होंने बैंकों को शासकीय योजनाओं जैसे मुद्रा ऋण, स्टैंडअप इंडिया, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड आदि के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश भी दिए।बैठक जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, RBI के उप महाप्रबंधक श्री प्रदीप गोधूले, RBI प्रबंधक श्री अविनाश टोप्पो, एलडीएम श्री मोहम्मद मोफिज, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री नितिन हेडउ, सहित बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारी श्री शैलेश कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्र रायपुरा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- केन्द्राध्यक्ष करें परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण, ठंडा पेयजल, ओआरएस, कूलर इत्यादि सुविधाएं सुनिश्चित करें: कलेक्टर डॉ सिंहरायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 6, 7, 8 एवं 9 जून 2026 को निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में प्रथम पाली सुबह 9 बजे से 12 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से षाम 5 बजे तक आयोजित होगी। इसकी संपूर्ण तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में बैठक ली।कलेक्टर ने कहा कि सभी केन्द्राध्यक्ष परीक्षा केन्द्र में किसी प्रकार समस्या न हो, परीक्षार्थियों की सुविधा पर ध्यान दें। साथ ही परीक्षा केन्द्रों मे मूलभूत सुविधा, बिलजी पेयजल इत्यादि सुनिष्चित करें। साथ ही गर्मी को देखते हुए, कूलर, ओआरएस और ठंडे पेयजल की भी व्यवस्था करें। सभी केन्द्राध्यक्ष परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं का होना सुनिष्चित करें। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का मिला लाभभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 के समापन अवसर पर खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक में भव्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों ने पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सुविधाओं एवं विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। पूरे दिन चले इस शिविर में लोगों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।शिविर में नगर निगम, राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। नागरिकों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। शिविर के माध्यम से आमजन को शासकीय सेवाएं उनके घर के समीप उपलब्ध कराई गईं, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। इस अवसर पर निगम अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविर में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और समाधान की प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनती है।शिविर में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, स्वच्छता जागरूकता, कर संबंधी जानकारी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विभिन्न प्रमाण.पत्रों की जानकारी तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। बड़ी संख्या में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं ने शिविर में भाग लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक आवेदन प्रस्तुत किए। सुशासन तिहार 2026 के समापन शिविर के सफल आयोजन से क्षेत्र के नागरिकों में उत्साह देखा गया। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आयोजित इस पहल को जनसुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के मंशानुसार स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के निर्देशानुसार शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में जुटे स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मचारियों के प्रोत्साहन के लिए एक विशेष सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जोन-3 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 34 (मिलन चौक, कैंप-2) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया गया।इस गरिमामयी कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 34 के जनप्रतिनिधि व जोन अध्यक्ष जालंधर सिंह एवं वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद प्रतिनिधि राजू, पार्षद प्रतिनिधि भोला साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने वार्ड में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले कर्मचारियों को गुलाब का फूल, गमछा और प्रतीक चिह्न भेंट कर उनके समर्पण की सराहना की।निगम आयुक्त ने कहा है "सफाई कर्मचारी हमारे शहर के असली हीरो हैं। सुबह उठकर शहर को चमकाने वाले इन हाथों का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।" कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक सी.एम. यादव, जोनल सुपरवाइजर विनोद समेत निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सफाई मित्रों में ऊर्जा का संचार होता है और वे अधिक कड़े परिश्रम के साथ शहर की स्वच्छता में अपना योगदान देते हैं।
- -महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़रायपुर / सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।बैठक में विधायक अंतागढ़ श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -जनता के विश्वास को और मजबूत बना रहा सुशासन तिहार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव-जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में 18 करोड़ रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों का भूमिपूजन, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभबिलासपुर /केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है तथा बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री श्री अरुण साव ने कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है और सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है और प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं तथा बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा। श्री साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्री वॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की, जिसका उपस्थित नागरिकों ने स्वागत किया।कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया।इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, श्री बंधुलाल मौर्य, श्री राजेश सिंह, श्रीमती सुनीता जगत, श्री विजय ताम्रकार, श्री लक्ष्मीनारायण कश्यप, श्री मोहित जायसवाल, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी एवं संयुक्त कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। ग्राम पंचायत कर्रा के सरंपच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शासकीय भूमि पर प्रस्तावित तालाब निर्माण के लिए चिन्हित स्थल पर बेजा कब्जा को हटाने एवं उचित कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने बताया कि कर्रा के निवासी रामकिुशन द्वारा अवैध बेजा कब्जा कर तार फेंसिंग से तालाब निर्माण स्थल को घेरा गया है। इसी प्रकार सकरी तहसील क्षेत्र के साईं नगर निवासी 64 वर्षीय दिव्यांग शिव कुमार कुर्रे ने बैटरी चलित ट्राइसाइकिल दिलाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से आवागमन में सुविधा होगी और दैनिक कार्यों को करने में भी मदद मिलेगी। जनदर्शन में ग्राम पंचायत घुटकू के ग्रामीणों ने लोनिया पारा को वर्तमान निरतु फीडर से अलग कर घुटकू फीडर से जोड़ने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं, जबकि घुटकू फीडर से जोड़ने पर बेहतर और सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। वहीं एक अन्य आवेदन में नगर निगम क्षेत्र के चिंगराजपारा निवासी सौरभ रजक ने अपने क्षेत्र के सब्जी मंडी में सब्जी विक्रय हेतु चबूतरा आबंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मस्तुरी ब्लॉक के ग्राम सरसेनी निवासी गोवर्धन सिंह जगत ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास दिलाने की मांग की।शहर के तिलक राम जोशी ने बैंक ऑफ बड़ौदा से पुनः ऋण दिलाने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से बैंक के ऋण ग्राहक हैं और पूर्व का लगभग 1.30 लाख रुपये का ऋण ब्याज सहित चुका चुके हैं, इसके बावजूद नया ऋण स्वीकृत नहीं हो पा रहा है। वहीं बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्कूल और आंगनबाड़ी के पास संचालित अंडा-मुर्गी दुकान को हटाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान से निकलने वाली गंदगी स्कूल परिसर तक पहुंच रही है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एक अन्य आवेदन में सकरी तहसील के ग्राम गोबंद निवासी बालमुकंुद गोड़ ने बिसाहू खान द्वारा उनकी भूमि के सामने मकान निर्माण कर मार्ग अवरोध करने की शिकायत की है। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों पर संबंधित विभागों को आवश्यक जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
- - राजनांदगांव में हुई प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश की नाट्य संस्थाओं में एकल और एकांकिका के 10 नाटकों का हुआ मंचनरायपुर। राजनांदगांव में हुए अंतरराज्यीय नाट्य स्पर्धा में महाराष्ट्र मंडल की सहयोगी नाट्य संस्था ‘रंगभूमि’ के कलाकारों ने नाटक ‘टीस’ में अपने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रंगभूमि के कलाकार आकाश वरठी और ट्विंकल परमार ने भी क्रमश: सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता और सह अभिनेत्री का पुरस्कार भी अपने नाम किया। स्पर्धा भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में हुई।‘टीस’ की परिकल्पना करने वाले आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि स्पर्धा में एकल और एकांकी नाटक सहित कुल 10 नाटकों का मंचन हुआ। इसमें पश्चिम बंगाल से कोलकाता, मध्य प्रदेश से इंदौर, छिंदवाड़ा छत्तीसगढ़ से रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव के नाट्य समूह ने भाग लिया। समूह नाटक में प्रथम स्थान इंदौर के ‘गज फुट इंच’ को प्राप्त हुआ। स्पर्धा में उप विजेता रंगभूमि के नाटक ‘टीस’ को और तीसरे स्थान पर छिंदवाड़ा नाट्य दल का नाटक रहा। प्रतियोगिता में निर्णायक संतोष जैन रायपुर, राजकुमार सोनी दुर्ग, शक्ति चटर्जी भिलाई, मनोज गुप्ता डोंगरगढ़ और रंजन घोष कोलकाता थे।आचार्य मोड़क के मुताबिक नाटक के लेखक लोकेश रंजन है। निर्देशन युवा निर्देशक लोकेश साहू ने किया। नाटक में प्रांजल सिंह राजपूत (बाबूजी), आकाश वरठी (रजत), ट्विंकल परमार (मीना), प्रभात साहू (बलवंत), रंजना ध्रुव (लेखक की पत्नी), अक्षदा मातुरकर (कांता) मंच पर नजर आए। चंचल ध्रुव निर्देशक की भूमिका में रहीं। वहीं मंच व्यवस्था रिया परमार, ध्वनि और प्रकाश संयोजन नीतीश यादव ने संभाल रखी थी।बताते चलें कि हिंदी रंगमंच दिवस पर तीन अप्रैल को नाटक ‘टीस’ का पहली बार मंचन महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किया गया था, जिसे काफी पसंद किया गया। रंगभूमि की इस सफलता पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सचिव चेतन दंडवते सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने उन्हें बधाई देते हुए सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
- -प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय का शराब घोटाले को लेकर ईडी के पूरक आरोप पत्र में हुए चौंकाने वाले खुलासों के मद्देनजर कांग्रेस पर तीखा हमला-'केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस नेतृत्व बताए कि इतने बड़े घोटाले और गंभीर आरोपों के बाद भी वह चुप क्यों है?'रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। श्री पाण्डेय ने मंगलवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश किए गए छठवें पूरक आरोप पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इसमें कांग्रेस सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार के नए और चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि इस महाघोटाले के कारण आज छत्तीसगढ़ में नकदी और मुद्रा तरलता (लिक्विडिटी) का भारी अभाव दिख रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता का हक मारकर यहाँ का पैसा दूसरे राज्यों में अवैध रूप से निवेश किया गया, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था काफी पीछे चली गई है। श्री पाण्डेय ने बताया कि शराब घोटाले की काली कमाई का लगभग 110 करोड़ रुपया कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र के माध्यम से नॉर्थ गोवा के 'होटल वेस्टिन' को खरीदने में लगाया गया है। ईडी ने इसके पुख्ता प्रमाण चार्जशीट में जोड़े हैं। इस पूरे घोटाले में अब तक लगभग 89 आरोपियों को नामजद किया गया है, और अपराधियों से कुल 1,000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति को ईडी द्वारा फ्रीज या सीज किया जा चुका है। ताजा चार्जशीट में ही 200 करोड़ रुपए की नई बेनामी और अवैध सम्पत्ति का पता चला है। श्री पाण्डेय ने मांग की है कि बेनामी ट्रांजेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के इस भयावह खेल पर कांग्रेस पार्टी को जनता के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह लूट अकेले नहीं हुई। इसमें राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और बड़े व्यवसायियों की तिकड़ी का एक मजबूत सिंडिकेट सक्रिय था। इस सिंडिकेट के कई तत्कालीन मंत्री और अधिकारी आज भी जेलों में बंद हैं। श्री पाण्डेय ने सवाल उठाया कि इतने बड़े घोटाले और गंभीर आरोपों के बाद भी कांग्रेस पार्टी चुप क्यों है? कांग्रेस के पास केंद्रीय एजेंसियों पर दुरुपयोग का आरोप लगाने के अलावा कोई सीधा स्पष्टीकरण नहीं है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के गायब होने पर भी श्री पाण्डेय ने जवाब मांगा और दो टूक कहा कि इस पूरे सिंडिकेट को चलाने वाला और इसका असली 'बॉस' वही है जो उस समय सत्ता का संचालन कर रहा था। पूरी जाँच से साफ है कि राजनेताओं के संरक्षण में ही यह लूट मची थी। कांग्रेस को इधर-उधर की बात करने के बजाय छत्तीसगढ़ की जनता को सीधे-सीधे जवाब देना चाहिए।
- -PESA और वनाधिकार कानून पर भ्रम फैलाकर आदिवासी समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रही है कांग्रेसरायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को आदिवासी हितों पर सवाल उठाने से पहले अपना राजनीतिक इतिहास देखना चाहिए। जिन कानूनों और अधिकारों की आज कांग्रेस बात कर रही है, उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा स्वयं कांग्रेस की नीयत और नीतियां रही हैं।वनमंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक समझकर राजनीति की, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों, संसाधनों और विकास से जोड़ने का ईमानदार प्रयास कभी नहीं किया। आज जब छत्तीसगढ़ में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने, वनाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, तब कांग्रेस इसे भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है।उन्होंने कहा कि दीपक बैज और कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद PESA और वनाधिकार कानून का लाभ अंतिम व्यक्ति तक क्यों नहीं पहुंच सका। आदिवासी क्षेत्रों में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आजीविका के अवसरों का अभाव किसकी देन था, यह देश अच्छी तरह जानता है।वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का वास्तविक दर्द आदिवासी अधिकार नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में उसका लगातार सिकुड़ता जनाधार है। आज वनवासी समाज जागरूक हो रहा है, अपने अधिकारों के प्रति सजग हो रहा है और विकास प्रक्रिया में भागीदार बन रहा है, यही बात कांग्रेस को परेशान कर रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी गौरव, आदिवासी अधिकार और आदिवासी विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ कार्य कर रही है। कांग्रेस के आरोप तथ्यहीन, राजनीतिक रूप से प्रेरित और आदिवासी समाज को भ्रमित करने का असफल प्रयास हैं।
- - एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शनरायपुर । छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025–26 के दौरान बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार दर्ज किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 1502.86 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कर बिजली व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिससे बिजली सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बीते एक वर्ष में 17,184 कृषि पंपों का ऊर्जीकरण किया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर और नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है। वहीं उपभोक्ता सेवाओं को तेज और सरल बनाते हुए 1.61 लाख से अधिक नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए, जिससे नए घरों, दुकानों और छोटे उद्योगों को समय पर बिजली उपलब्ध हो सकी।शहरी क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैकड़ों कार्य किए गए, जिनमें लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफॉर्मर स्थापना और नेटवर्क सुधार शामिल हैं। इससे शहरों में वोल्टेज संबंधी समस्याओं तथा बार-बार होने वाले फॉल्ट में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल रही है।बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य में 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है तथा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति की क्षमता और स्थिरता दोनों में सुधार हुआ है।ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए 92 गांवों और 146 बस्तियों तक बिजली सुविधा का विस्तार किया गया। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में 19,641 घरों तक बिजली पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के 492 घरों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया, जो दुर्गम क्षेत्रों में कार्य निष्पादन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 785.56 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक तकनीकी कार्य किए गए, जिनमें फीडर पृथक्करण, ओवरलोड कम करना, नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना तथा हजारों किलोमीटर एलटी लाइन एवं केबल का उन्नयन और प्रतिस्थापन शामिल है। इन सुधारों का लाभ उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और कम बिजली कटौती के रूप में मिल रहा है, जिससे घरेलू एवं व्यावसायिक गतिविधियां अधिक सुचारू हुई हैं।
- -25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्थारायपुर // मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।
- -रायगढ़ जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरणरायपुर । जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।



























