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- -राज्य स्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-जनपद पंचायत के सीईओ के कॉन्फ्रेंस का भी उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारम्भरायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिला सरपंचों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में परिवार का पूरा ध्यान घर की महिला ही करती हैं इसी प्रकार अब आपके गांव भी आपका परिवार हैं जिनके लिए कृतसंकल्पित होकर आपको कार्य करना है। व्यवस्था में परिवर्तन कर गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ग्रामीणों की आदत ओर व्यवहार त्र में परिवर्तन लाना होगा। गांव में बदलाव लाने के लिए दृढ़ सेवक बनकर कार्य करना होगा।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर नवा रायुपर स्थित निजी रिसोर्ट में राज्यस्तरीय महिला सरपंच स्वच्छता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा में जनपद पंचायतों के सीईओ के कॉन्फ्रेंस शुभारंभ किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गांव के विकास के लिए आप (सरपंच) जो कार्य करेंगे वो आपके और गांव के स्वजनों द्वारा ही उपयोग किया जाएगा इसलिए हम सभी को गांव में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। लोगों के मनोभाव को बदलकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाना है। उन्होंने सभी सरपंचों को हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान के तहत व्यक्तिगत शौचालयों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित करने एवं सभी की मरम्मत करवाने हेतु प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता केवल अधोसंरचना निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छाग्रहियों और प्रशासनिक टीमों को स्वच्छता की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी देने की अपील की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ स्वच्छ पंचायत सेवा-स्तर के मानक-निर्धारण हेतु नवनिर्मित टूल और डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। यह देश का पहला प्रयास है जिसे सभी पंचायतों में एक साथ लागू किया जाएगा। इस टूल और डैशबोर्ड में अपनी पंचायत की स्वछता एवं जल की स्थिति का आंकलन करेंगे, इससे ना केवल हमें पंचायत में स्वच्छता एवं जल की स्थिति का पता चल सकेगा बल्कि पंचायतें स्वच्छता एवं जल के प्रति जवाबदेही से भी अवगत होंगी।ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यक्तिगत शौचालय व सामुदायिक शौचालयों के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनकी क्रियाशीलता सुनिश्चित करने हेतु उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने हमारा शौचालय, हमारा भविष्य अभियान का भी शुभारम्भ किया। इस अभियान में समुदाय और परिवारों को शौचालयों की नियमित मरम्मत, पेंटिंग और सौंदर्यीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सामुदायिक व्यवहार परिवर्तन हेतु निरंतर जनजागरूकता के लिए 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक स्वच्छ संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, एसबीएम योजना के प्रबंध निदेशक श्री अश्विनी देवांगन, यूनिसेफ की ओर से वरिष्ठ जल एवं स्वछता विशेषज्ञ श्री सुजोय मजुमदार, प्रमुख सामाजिक व्यवहार परिवर्तन श्री डेनिश लार्सेन, जल एवं स्वछता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ श्री अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं।
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल - ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-केंद्र सरकार ने राज्य को 774 सड़क कार्यों (2,426.875 किमी) की दी स्वीकृति-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को देगी नई गति - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी कि ग्रामीण सड़क संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 774 नई सड़कें (कुल लंबाई 2,426.875 किमी) स्वीकृत की गई हैं। यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देगी। यह निर्णय दूरस्थ और संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम तक सुरक्षित, सुदृढ़ और सर्व मौसम सड़क संपर्क सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याण को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाए।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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कोंडागांव. जिले में सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोंडागांव सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मसोरा टोल प्लाजा के करीब हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि कोंडागांव जिले के बड़ेडोंगर भैंसाबेडा गांव निवासी 12 लोग एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर कोंडागांव में फिल्म देखने गए थे। जब वे देर रात लौट रहे थे तभी उनकी गाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर मसोरा टोल प्लाजा के करीब सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लखन माड़वी, भूपेंद्र माड़वी, रूपेश माड़वी, नूतन मांझी और शत्रुघ्न मांझी के रूप में हुई है। दुर्घटना में सात अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि शवों और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है तथा उन्हें बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी के विद्यालय परिसर में खेल मैदान की ओर लगा एक सी सी टी वी कैमरा मंगलवार को चोरी हो गया है।चोरी का समय शाम ढले लगभग 7 बजे के आसपास है । कैमरा चोरी होने की जानकारी आज बुधवार को विद्यालय खुलने पर हुई । प्राचार्य द्वारा शाला विकास समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों को जानकारी देने पर स्कूल पहुंचे ग्रामीणों ने मुआयना करने के बाद प्राचार्य को थाना में शिकायत कर एफ आई आर दर्ज करवाने का आग्रह किया । इधर स्कूल मैदान में शाम ढले पियक्कड़ों का मजमा जमने की शिकायत पर ग्रामीणों ने ग्रामीण सभा में मैदान में किसी के भी अनाधिकृत रूप से प्रवेश पर रोक लगाने के साथ - साथ थाना प्रभारी आशीष यादव को भी दबिश दे कार्यवाही का आग्रह किया था । पुलिस की दबिश पडऩे के बाद पियक्कड़ों का मजमा लगना काफी कम हो गया है फिर भी कतिपय विध्नसंतोषी तत्वों के वहां पहुंचने की जानकारी ग्रामीण देते हैं और जिस पर ग्राम प्रमुखों की भी नजर है। ग्रामवासी ग्रामीण व्यवस्था के साथ - साथ ऐसे तत्वों पर पुलिसिया कार्यवाही की भी मांग कर रहे हैं ।
- -आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गईरायपुर /राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गयी थी। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान शामिल है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है।धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- रायपुर । नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी और जागरूकता के अद्भुत संगम के रूप में मनाई गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय से पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम रायपुर स्थित होटल मैरियट में आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव तथा संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली और समाज से नशे के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। 543 स्थलों पर 24,749 प्रतिभागियों, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 505 कार्यक्रमों में 69,356 प्रतिभागियों ने शपथ ली। इसी क्रम में राज्य के 7,452 विद्यालयों में 3,98,675 छात्रों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित 9,355 कार्यक्रमों में 1,20,410 प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने और दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य 2,103 आयोजनों में 57,570 लोगों ने शपथ लेकर अभियान को और मजबूत किया। इस प्रकार कुल 19,958 स्थलों पर 6,70,760 नागरिकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण का प्रण लिया।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा नशामुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगाँठ का मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम 18 नवंबर को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर देखा गया। राज्य के सभी जिलों, विभागों, शासकीय कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से प्रसारण का अवलोकन किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़े।नशामुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य मादक द्रव्यों, तंबाकू और शराब की लत जैसी सामाजिक बुराइयों से लोगों को बचाना तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखना है। अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों, शिक्षा संस्थानों की गतिविधियों, समुदाय की सहभागिता, काउंसिलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता मिले।समाज कल्याण विभाग ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, शहरी प्रशासन, युवा सेवाएँ सहित अनेक विभागों को अभियान से जोड़कर बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से नशामुक्ति की दिशा में एक व्यापक और प्रभावशाली जन-अभियान आगे बढ़ाया है।इतनी बड़ी जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है कि राज्य नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में जनजागरूकता, काउंसिलिंग और समुदाय आधारित गतिविधियाँ निरंतर जारी रहेंगी, जिससे छत्तीसगढ़ नशामुक्त और प्रगतिशील प्रदेश की दिशा में निरंतर आगे बढ़े।
- -पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय रायपुर में पूर्वी क्षेत्रीय अन्तर्महाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 की शुरूआत हुई। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय रायपुर, स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर, कृषि महाविद्यालय, महासमुंद, कृषि महाविद्यालय भाटापारा, कृषि महाविद्यालय, मर्रा, पाटन तथा कृषि महाविद्यालय, गरियाबंद के 250 प्रतिभागी शामिल है। समारोह की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की । 19 से 21 नवम्बर, 2025 तक आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न क्रीड़ा स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लम्बी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, भाला फेंक, गोला फेंक, डिस्क थ्रो, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, हर्डल दौड़ तथा 4ग्100 मीटर एवं 4ग्400 मीटर रिले दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सामूहिक स्पर्धाओं के अंतर्गत वॉलीबाल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन तथा टेबल टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है।खेल-कूद प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। इससे शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बनता है एवं बच्चों में टीम स्पिरिट तथा खिलाड़ी भावना का विकास होता है जो भविष्य में उन्हें सफल एवं अनुशासित नागरिक बनने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आव्हान किया कि वे अपनी पूरी क्षमता तथा मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लें तथा सफलता अर्जित करें। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों को खेल भावना की शपथ दिलायी। इस अवसर पर सभी प्रतिभागी टीमों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट भी किया।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि महाविद्यालयों को चार जोन में विभाजित किया गया, जिसमें पूर्वी क्षेत्र के अन्तर्गत 11 महाविद्यालय आते हैं। विश्वविद्यालय के पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण जोन के 28 महाविद्यालयों में भी अन्तरमहाविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के समस्त कृषि महाविद्यालयों के चार जोन में आयोजित होने वाली अन्तरमहाविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता से प्रत्येक जोन के चयनित 40-40 विद्यार्थियों की एक टीम गठित की जाएगी जो विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली अंतर विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता में अपने-अपने जोन का प्रतिनिधित्व करेगी। चारों जोन की विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली खेल-कूद प्रतियोगिता से चयनित 40 विद्यार्थियों की एक विश्वविद्यालय स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा जो इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अन्तर कृषि विश्वविद्यालयों खेल-कूद प्रतियोगिता में करेगी।शुभारंभ समारोह में आयोजन समिति की अध्यक्ष कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शमा,र् निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, डॉ. एस.एस. सेंगर, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. अजय वर्मा ने भी संबोधित किया। पूर्वी क्षेत्रीय अन्तरमहाविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में समस्त आठ महाविद्यालयों के टीम मैनेजर, रैफरी छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. आर.के. ठाकुर ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।
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-21 नवंबर को जिला पंचायत में विशेष शिविर का आयोजन
महासमुंद / जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री अभय पारे ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देश भर में बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियो को उनके असली मालिकों को लौटाने के लिये एक विशेष पहल के तहत आपकी पूंजी आपका अधिकार अभियान की शुरुआत की गयी है। इसका उद्देश्य नागरिकों को उनके बिना दावे वाली संपत्तियों को जैसे निष्क्रिय बैंक खाते को पुन प्राप्त करने में मदद करना है। दिसम्बर 2025 तक चलने वाला यह एक अभियान तीन चरणों पर केंद्रीत है। यह जागरूकता पहुंच कार्यवाही है, ताकि लोग आसानी से अपना पैसा पा सके और उसका दावा कर सके। इसमें वित्तीय सेवा विभाग द्वारा समन्वित बैंकों, बीमा कंपनियों एवं स्टॉक एक्सचेंज सहित कई संस्थान शामिल है। श्री पारे ने बताया कि आरबीआई की पहल के तहत यादि अपने पुराने बैंक खाते में पैसा जमा करके भूल गए हैं, यानी निष्क्रिय खाते या असंचालित खाते को चाकू करने या उसे वापस पाने के लिए तीन चरण अपनाने होंगे। पहला आपके बैंक की किसी भी शाखा में जाए, भले ही वो आपकी नियमित शाखा न हो। दूसरा केवाईसी दस्तावेजों (आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस) के साथ फॉर्म जमा करें। तीसरा सत्यापन के बाद ब्याज समेत यदि है तो, अपने पैसे वापस पाए।इसके लिए जिला पंचायत के सभा कक्ष में 21 नवंबर को सुबह 10 बजे से विशेष शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने सभी सरकारी एवं गैर सरकारी खाता धारकों से अपील की है कि आवश्यक केवाईसी के साथ शिविर में पहुंचे एवं लाभ उठाए। - - महासमुंद जिले के 1,26,234 कृषकों को प्राप्त हुए 25.25 करोड़ रुपयेमहासमुंद / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज कोयंबटूर, तमिलनाडु से देशभर के किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, महासमुंद में किया गया।प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में वृद्धि, मिट्टी की उर्वरता में कमी और भूमिगत जल स्तर में गिरावट जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री द्वारा यह भी बताया गया कि देश का कृषि निर्यात दोगुना हुआ है तथा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजनांतर्गत 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई है। महासमुंद जिले के कुल 1,26,234 कृषकों को इस किस्त में 25.25 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। कृषि विज्ञान केन्द्र, महासमुंद में आयोजित इस प्रसारण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भलेसर के सरपंच श्री सेवाराम कुर्रे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती पूजन एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के गीत से की गई। कृषक संगोष्ठी के अंतर्गत किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर विशेष रूप से एफ.आर. कश्यप, उप संचालक कृषि, महासमुंद, भीमराव घोड़ेसवार, सहायक भूमि संरक्षण,अधिकारी गणेश्वरी बंजारे, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, अभिषेक शर्मा एवं श्री योगेश चंद्राकर, कृषि अधिकारी,डॉ. आर.एल. शर्मा, प्रमुख/वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, डॉ. साकेत दुबे, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी), डॉ. कुणाल चन्द्राकर, विषय वस्तु विशेषज्ञ (मृदा विज्ञान), इंजि. रविश केशरी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (जल एवं मृदा अभियांत्रिकी), डॉ. पुनिथा कार्तिकेयन, प्रोग्राम सहायक (कम्प्यूटर), कमलकांत लोधी, प्रक्षेत्र प्रबंधक उपस्थित रहे। उपस्थित कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र के विभिन्न प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया गया, जिनमें पोषण बाड़ी, मातृ फलोद्यान अजोला उत्पादन इकाई, दुग्ध उत्पादन इकाई, बटेर पालन इकाई शामिल रहे।किसानों ने इन इकाइयों के संचालन, तकनीकी पहलुओं एवं लाभों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में सरपंच श्री सेवाराम कुर्रे द्वारा किसानों को फलदार पौधों का वितरण किया गया।किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
- रायपुर।जीपीएम जिले के 29,840 किसानों के खातों में आज 5.97 करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि के रूप में सीधे अंतरित किए गए। यह राशि भारत सरकार की ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किश्त के तहत दी गई है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम धमतरी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में प्रदेश के 24,70,640 किसानों को कुल 494 करोड़ 12 लाख रुपये का सीधा लाभ मिला। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के परिणाम स्वरूप प्रदेश के किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी का फायदा भी लगातार मिल रहा है।गत खरीफ वर्ष में छत्तीसगढ़ में 149 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान खरीदी गई थी। समर्थन मूल्य के अतिरिक्त कृषि उन्नति योजना के माध्यम से अब तक 25.49 लाख किसानों को 29,036 करोड़ रुपये की राशि सीधे दी जा चुकी है। सिर्फ 22 महीनों में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में किसानों के खातों में सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
- -ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बना छत्तीसगढ़रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊँचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस श्रीमती शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा।इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया—जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पाँच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पाँच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया।यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री श्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।
- -नदी किनारे की बंजर भूमि से बदली 368 महिलाओं की किस्मतरायपुर। कुछ समय पहले तक महानदी के किनारे की रेतीली, अनुपजाऊ भूमि गांवों के लिए किसी काम की नहीं मानी जाती थी। खेती करना तो दूर, उस पर घास तक सही से नहीं उगती थी। लेकिन इसी जमीन ने अब 368 महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, नई कमाई और नया आत्मविश्वास पैदा किया है।धमतरी जिले की महिलाएं आज अपनी बदली हुई ज़िंदगी पर गर्व महसूस करती हैं।यह बदलाव संभव हुआ वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस अनुपयोगी रेतिली भूमि को आजीविका से जोड़ा जाए और समाधान मिला औषधीय पौधा खस की खेती के रूप में, जो ऐसी जमीन में आसानी से पनपता है और जिसे बाजार में उच्च मांग मिलती है।उल्लेखनीय है कि जुलाई– अगस्त माह में जिले के 20 ग्रामों की 35 महिला स्व-सहायता समूहों ने उत्साह के साथ 90 एकड़ भूमि पर खस का रोपण किया। मंदरौद से लेकर दलगहन, गाडाडीह से सोनवारा, देवरी से मेघा तक हर गांव में महिलाएं पहली बार औषधीय खेती की नई राह पर कदम रख रही थीं।औषधि पादप बोर्ड ने रोपण के लिए 17 लाख खस स्लिप्स निःशुल्क उपलब्ध कराए, वहीं तकनीकी मार्गदर्शन भी विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा लगातार दिया गया। धीरे–धीरे महिलाओं को समझ आने लगा कि यह खेती न केवल सरल है, बल्कि कम लागत में अधिक लाभ भी देती है।गौरतलब है कि खस की जड़ों से बनने वाला सुगंधित तेल आज वैश्विक बाजार में बेहद महत्वपूर्ण है। पत्तियों और बची जड़ों से हस्तशिल्प उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं। इतना ही नहीं, खस मिट्टी को कटने से बचाता है और भूमि में जैविक कार्बन बढ़ाता है, जिससे जमीन की उर्वरकता सुधरती है।इस चिंता को भी बोर्ड ने दूर किया। 100 रुपये प्रति किलो सूखी जड़ की बायबैक गारंटी देकर महिलाओं को आय की निश्चितता प्रदान की गई। अब उन्हें विश्वास है कि प्रति एकड़ 50,000 से 75,000 रुपये तक कमाई संभव है।खस की फसल 12 से 15 महीनों में तैयार होगी, लेकिन महिलाओं के चेहरे पर अभी से मुस्कान है। उन्हें भरोसा है कि यह मेहनत आने वाले वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और परिवार को नई दिशा देगी।राज्य सरकार भी औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार इस परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग कर रहा है l आज यह पहल सिर्फ खेती नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है।अनुपजाऊ भूमि को उपयोगी बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ती यह 368 महिलाओं की कहानी,धमतरी जिले की नई पहचान बन रही है।
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जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में काउंसलिंग के माध्यम से संपन्न हुआ पदोन्नति प्रक्रिया
बालोद/ बालोद जिले के ई एवं टी संवर्ग के प्रधान पाठकों का पदोन्नति प्रक्रिया सोमवार 17 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से पदोन्नति प्रक्रिया संपन्न कराया गया। इस दौरान प्राथमिक शाला ई संवर्ग के 10 एवं टी संवर्ग के 27 सहायक शिक्षकों का प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों के पद हेतु काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान सभी पदोन्नत शिक्षक-शिक्षिकाओं को वरिष्ठता क्रम के आधार पर जिले में प्रधान पाठकों के रिक्त पदों पर पदस्थ करने पद स्थापन आदेश जारी किया गया। -
दुर्ग/ भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार ‘नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज 18 नवंबर 2025 को जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिले के सभी विभागों, कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं सहित स्कूल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा और कृषि शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं, महिला समूहों, स्वयं सेवकों तथा आम नागरिकों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग दुर्ग द्वारा स्व. सेठ रतनचंद सुराना कॉलेज के सहयोग से कॉलेज परिसर हॉल में विशेष नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों, अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में अमृतसर, पंजाब में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक देखा।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अल्का बाघमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिले में चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया। अन्य अतिथियों ने भी नशा उन्मूलन हेतु समाज की सक्रिय भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम, वार्ड पार्षद श्रीमती सरिता विनोद चन्द्राकर, पार्षद कुलेश्वरी ठाकुर, पार्षद ज्ञानेश्वर ताम्रकार, सुराना कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पूजा मल्होत्रा, गायत्री परिवार के संयोजक श्री पी.एल. साव एवं श्री योगेन्द्र कुमार, कल्याणी नशा मुक्ति केंद्र के संचालक श्री अजय कल्याणी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के सदस्य बी.के. बेनीमाई साथ ही कॉलेज एवं विभाग के अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। -
*धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा के सभी इंतजाम*
बिलासपुर/जिले में धान खरीदी अब तेज रफ्तार पकड़ रही है। आज जिले के केंद्रों में धान खरीदी की गई, जहां पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित होती रही। घुटकू सेवा सहकारी समिति में विधिवत् पूजा-अर्चना के साथ खरीदी कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर नोडल अधिकारी और केंद्र के कर्मचारी उपस्थित रहे।घुटकू सेवा सहकारी समिति में विधिवत् पूजा-अर्चना के साथ खरीदी कार्य का शुभारंभ किया गया। धान बेचने पहुंचे ग्राम घुटकू के किसान राम दयाल पराकर ने खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए किए गए इंतज़ाम बेहतर हैं। इस वर्ष वे 17 क्विंटल धान बेचने पहुंचे हैं और उनके अनुसार टोकन कटने से लेकर धान तौलने तक की प्रक्रिया सरल और बिना किसी परेशानी के पूरी हुई। केंद्र में बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित होने से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आय में स्थिरता आई है और खेती को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि से कृषि कार्यों सहायता मिल रही हैं।किसान राम दयाल पराकर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णयों से किसानों को लाभ मिल रहा है। खेती पहले की तुलना में आसान और लाभदायक हो गई है। सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों की अनेक समस्याओं का निराकरण हुआ है। इसी तरह लमेर, मानिकचौरी और अन्य उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी का शुभारंभ किया गया। केंद्र में पहुंचने वाले किसानों ने व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। -
दुर्ग/ परिवहन आयुक्त, कार्यालय नवा रायपुर एवं केन्द्रीय मोटर यान अधिनियम 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के दिये गये प्रावधानों, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के साथ समय-समय पर जारी अन्य निर्देशों के अतिरिक्त माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के परिपालन में छत्तीसगढ़ 01 अपैल 2019 के पूर्व के वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह लगाया जाना अनिवार्य किया गया है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार उक्त निर्देश के अनुक्रम में आम जनता/कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पंचायत पाटन में 24 से 29 नवम्बर 2025, जनपद पंचायत धमधा में 01 से 06 दिसम्बर 2025, जनपद पंचायत दुर्ग में 08 से 15 दिसम्बर 2025, नगर पंचायत जामुल में 16 से 20 दिसम्बर 2025 और नगर पंचायत अहिवारा में 22 से 31 दिसम्बर 2025 तक इन स्थानों पर शिविर आयोजित किये जाएंगे। शिविर में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाये जाने की कार्यवाही संबंधित कंपनी रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड के कर्मचारी उपस्थित रहकर कार्यवाही करेंगें। उक्त प्रस्तावित शिविर में अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर निर्धारित शुल्क जमा कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट हेतु आर्डर किया जा सकता है। -
*कस्टम मिलिंग के लिए तीन दिनों में कराएं पंजीयन*
बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंथन सभाकक्ष में आज राईस मिलर्स की बैठक ली। उन्होंने पात्र मिलर्स से अगले तीन दिनों में कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराने को कहा है। जिले में स्थापित कुल 170 मिलों में से 121 मिलों को कस्टम मिलिंग करने की पात्रता है। राज्य शासन के निर्देश के अनुसार जिन मिलों ने 70 फीसदी या अधिक चावल जमा कर दिए हैं, वे पंजीयन करा सकते हैं। बैठक में पिछले साल के नॉन का बकाया चावल भी इस महीने के अंत तक जमा करने के निर्देश दिए। लगभग 13 हजार एमटी चावल जमा करना शेष है। एफसीआई से भी जो स्टेक मिला है, उसे 15 दिवस में पूर्ण कर लिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में धान खरीदी शुरू हो चुकी है। फड़ में धान जमा होने शुरू हो गए हैं। इस धान को भी उन्हें कस्टम मिलिंग के लिए जल्दी उठाना होगा। उन्होंने कहा कि राइज मिलर्स भी धान खरीदी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर हैं। शासन की नियमों के अनुरूप समय सीमा में अपने हिस्से के काम को पूर्ण करना होगा। कलेक्टर ने राइस मिलर की समस्याएं भी सुनी और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल सहित राइस मिलर्स उपस्थित थे। -
*वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है।*श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। श्री साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है। कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।*समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार*श्री साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है।*25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. श्री बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।*26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत*श्री साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।*हर घर बिजली पहुंचाई*मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए।*छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा*मुख्यमंत्री श्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।*विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा*श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल ने हमंे एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।*बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न*श्री साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।*200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ देने का निर्णय*राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।*पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत फ्री बिजली का लाभ*मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’ सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया। -
*किसानों को केंद्रों में मिल रही सभी सुविधाएं*
बिलासपुर/जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आ रहे छोटे-बड़े किसानों में उत्साह है। 15 नवम्बर से धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 3100 के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं केंद्रों में मिल रही बेहतर सुविधाओं से किसान संतुष्ट नजर आ रहे है। विकासखण्ड तखतपुर के ग्राम गनियारी के किसान हेमंत कौशिक ने आज धान उपार्जन केंद्र गनियारी में 19.40 क्विंटल धान बेचा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी की व्यवस्था सुव्यवस्थित है और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। हेमंत कौशिक ने कहा कि केंद्र में बारदाना, टोकन व्यवस्था और धान तौलने की प्रक्रिया सभी बेहतर और सुचारू हैं। कर्मचारियों का रवैया सहयोगपूर्ण रहा, जिससे धान बेचने में उन्हें आसानी हुई। सुविधाओं के सुव्यवस्थित होने से किसान बिना किसी परेशानी के धान बेच पा रहे हैं और उन्हें धान का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से उनके जीवन में सकरात्मक बदलाव आ रहे है। -
आज तीसरे दिन धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में 411 क्विंटल एवं कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई
बालोद/राज्य शासन के विशेष प्राथमिकता वाले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बालोद जिले में धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। जिले के कृषक उन्हें जारी किए गए टोकन के अनुसार प्रतिदिन धान खरीदी केन्द्रों में सुबह से पहुँचकर अपने धान की बिक्री की प्रक्रिया को पूरा करने के उपरांत अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन भी आज 18 नवंबर को सुबह से ही जिले के धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की चहल कदमी शुरू हो गया था। इसके अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के कोचेरा में आज तीसरे दिन 411 क्विंटल से अधिक की धान खरीदी की गई। जिसमें 272.80 क्विंटल पतला एवं 138.4 क्विंटल मोटा धान है। धान खरीदी केन्द्र कोचेरा में आज ग्राम दुपेचरा के कृषक श्री चोवाराम ने 18 क्विंटल मोटा धान, ग्राम कोचेरा के कृषक श्री दौलतराम ने 254 क्विंटल पतला, श्री दिलीप कुमार 110 क्विंटल पतला, जाम बाई ने 58 क्विंटल पतला, मुरली राम ने 125 विक्ंटल पतला, तानुराम ने 135 विक्ंटल पतला एवं नरोत्तम कुमार ने 30 क्विंटल मोटा, कुमेश्वर कुमार ने 100 क्विंटल पतला धान की बिक्री की। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोबा में 360 क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की गई। जिसमें से 316 क्विंटल मोटा एवं 44 क्विंटल पतला धान शामिल है।धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु आज सुबह से ही नोडल अधिकारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी कार्य का सतत मॉनिटरिंग की गई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर कार्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। -
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 02 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से पुल का हुआ है निर्माण
लिमोरा के ग्रामीणों ने पुल के निर्माण होने पर शासन-प्रशासन का जताया आभारबालोद/बालोद जिले के ग्राम लिमोरा सहित क्षेत्र के हजारों लोगों की एक बड़ी समस्या का समाधान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हो गया है। एक समय था जब बारिश के दिनों में यहाँ की एक बड़ी समस्या लोगों के जीवन को थाम देती थी। यह समस्या ग्राम लिमोरा के समीप बहने वाला नाला था, जो कि ग्राम लिमोरा का मुख्य मार्ग व मुजगहन से जोड़ता है, लेकिन बरसात शुरू होते ही यह नाला उफान पर आ जाता था, और पानी का तेज बहाव रास्ते को पूरी तरह बंद कर देता था। आने-जाने के लिए ग्रामीणों को भारी जोखिम उठाना पड़ता था। कई बार बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, ग्रामीणों को बाजार तथा मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाना किसी चुनौती से कम नहीं था।लिमोरा के ग्रामीण वर्षों से एक सुरक्षित रास्ते और मजबूत पुल की उम्मीद करते आ रहे थे। बरसात के हर मौसम के साथ यह उम्मीद और भी गहरी होती जाती। आखिरकार यह इंतजार तब खत्म हुआ जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 02 करोड़ 72 लाख रूपए की लागत से लिमोरा नाला में पुल सहित पहुॅच मार्ग का निर्माण पूरा हुआ। अब जब पुल में आवागमन शुरू हुआ, तो ग्रामीणों में एक नया उत्साह आया है। महिलाओं और बुजुर्गों ने राहत की सांस ली है कि अब उन्हें बारिश में खतरनाक नाला पार नहीं करना पड़ेगा। किसानों के लिए यह पुल किसी वरदान से कम नहीं, अब उनकी उपज आसानी से दूसरे गांव पहुँच सकेगी। बच्चों को स्कूल जाने का सुरक्षित रास्ता मिल गया, और मरीजों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाना भी आसान हो गया। ग्राम पंचायत लिमोरा के सरपंच श्री जालम सिंह पडौति ने बताया कि पहले छोटी पुलिया होने से बहुत समस्या थी, अब पुल बनने से ग्रामीणों को सुविधा मिली है, अब किसी प्रकार से आवागमन में बाधा नहीं होती है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है। इसके लिए हम शासन प्रशासन का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले उनके गांव से मुख्य मार्ग में भारी वाहनों के आवागमन के लिए बहुत ही समस्या होती थी, लेकिन अब पुल के निर्माण होने से भारी वाहनों के आवागमन में सुविधा हुई है।लिमोरा गाँव का यह नया पुल सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह उम्मीद, सुविधा और विकास का प्रतीक बन चुका है। बरसात के दिनों में जो गाँव चिंतित हो जाता था, वही आज आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने न सिर्फ एक पुल बनाया, बल्कि लिमोरा के लोगों के जीवन में नई रोशनी भी लाई है। -
हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली
बालोद/जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने आज बालोद विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में निर्माणधीन प्रधानमंत्री आवासों का औचक निरीक्षण कर हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण कार्य के प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने जनपद पंचायत बालोद के ग्राम पंचायत परसोदा के हितग्राही श्रीमती दयाबती, श्री थानसिंह, श्रीमती सुनीती बाई तथा ग्राम पंचायत लाटाबोड़ के हितग्राही श्रीमती ज्ञानेश्वरी बाई, श्री करणसिंह एवं श्रीमती कमला बाई के आवासों का औचक निरीक्षण कर लाभार्थियो से चर्चा भी की। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा लाभार्थियों को निर्माणाधीन आवासो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिंस्टम, सोखता गड्ढा निर्माण करने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने हितग्राहियों से उनके आवास निर्माण में आने वाली समास्याओं की जानकारी लेते हुए उनके समाधान हेतु संबंधित अमलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायतो में आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। सीईओ चंद्रवंशी ने सरपंच, पंच एवं अन्य जन-प्रतिनिधियो से सहयोग लेते हुए जनमानस में एक साकारात्मक माहौल तैयार कर हितग्राहियों से समन्वय स्थापित करते हुए नवीन स्वीकृत अप्रारंभ आवासों को यथाशीघ्र प्रारंभ कराते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देशित किया। सीईओ श्री चंद्रवंशी ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेते हुए योजनाओ से मिलने वाली मूलभूत सुविधाओ के संबंध में भी जानकारी ली। इसके साथ ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने ग्राम पंचायत लाटाबोड़ के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन एवं सामुदायिक भवन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गांव के सरपंच, सचिव एवं अन्य अमलों को निर्माणाधीन कार्यों का निर्माण गुणवत्तापूर्वक एवं समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने अमृत सरोवर का निरीक्षण कर वृक्षारोपण, पाथवे एवं अन्य कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी लेते हुए रोपित पौधो के रखरखाव एवं देखभाल हेतु रोजगार सहायक, ग्राम सचिव एव सरपंच को निर्देश भी दिया। इस अवसर पर उप-संचालक पंचायत, सहायक परियोजना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय लोकतांत्रिक यात्रा में वर्तमान विधानसभा भवन हमारी कार्यसंस्कृति, संवाद, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनसेवा के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक यात्रा में वर्तमान विधानसभा भवन हमारी सामूहिक कार्यसंस्कृति, संवाद, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और जनसेवा के संकल्प का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में इस भवन ने अनगिनत ऐतिहासिक निर्णयों, महत्त्वपूर्ण बहसों और जनहित से जुड़े विधेयकों को जन्म लेते देखा है। यह भवन प्रदेश के विकास, समृद्धि और मजबूत लोकतंत्र का आधार स्तंभ रहा है। यह भवन न केवल हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है, बल्कि आगामी जिम्मेदारियों और भविष्य की चुनौतियों के प्रति हमें और अधिक दृढ़ता, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी देता है। हम सभी के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई इबारत लिखी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब जब हम नए विधानसभा भवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तब यह पुराना भवन अपनी हर दीवार, खिड़की और आँगन के साथ हमारी स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा। यह स्थान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संसदीय परंपरा, सुसंस्कृत संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का सजीव प्रमाण है।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देशभर के किसानों को जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त-पीएम सम्मान निधि का राज्य स्तरीय समारोह धमतरी में 19 नवम्बर को-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान होंगे शामिल-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 2242 करोड़ रूपए की सड़कों का होगा शिलान्यासरायपुर, /प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत प्रदेश के किसानों को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल 19 नवम्बर को देशभर के किसानों को पीएम सम्मान निधि योजना की 21 वीं किश्त की राशि ऑनलाईन जारी करेंगे। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 17 हजार 640 किसानों को उनके बैंक खातों में 494 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी।पीएम किसान सम्मान निधि के राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन धमतरी में कल 19 नवम्बर को किया जा रहा है। इस समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। यह कार्यक्रम धमतरी के डॉ.शोभाराम देवांगन शासकीय स्कूल परिसर में 12.30 बजे से आयोजित किया जाएगा।केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत 100 से अधिक आबादी वाले 780 बसाहटों को जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 4-क के तहत 2242 करोड़ रूपयों से अधिक लागत की लगभग 2442 किलोमीटर लंबी 774 सड़कों के निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत 17,357 स्वसहायता समूहों को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज निधि के 286 करोड़ रूपयों का वितरण करेंगे।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान वॉटरशेड कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रदेश स्तरीय वॉटरशेड महोत्सव का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अतिरिक्त वे विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित भी करेंगे।
- -सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही-प्रतिदिन औसतन दो से ढाई लाख क्विंटल धान का उपार्जन-केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसानरायपुर / राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। राज्य में औसतन प्रतिदिन दो से ढाई लाख क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर होने लगा है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। कल 17 नवंबर को राज्य में किसानों से 2,43,831 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई, जिसमें 1,05,342 क्विंटल मोटा, 71,603 क्विंटल पतला तथा 66,886 क्विंटल सरना धान शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। रिपोर्ट के आधार पर 17 नवंबर को 725 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 39,015 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया, जबकि राजनांदगांव जिले ने 35,162 क्विंटल और रायपुर जिले ने 28,272 क्विंटल धान का उपार्जन कर क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर को बस्तर जिलें में 95.2 क्विंटल बीजापुर में 137.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 1.6 क्विंटल, कांकेर में 80, कोण्डागांव में 1147.6, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 1573.6, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 2550, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 97.2, मुंगेली में 2224, रायगढ़ में 1413.2, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 917.6, बालोद में 19656, बेमेतरा में 39015.2, दुर्ग में 27699.2, कवर्धा में 3682.4, राजनांदगांव में 35162.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 14322.8, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 834.8, बलौदाबाजार में 19419.6, धमतरी में 25227.2,गरियाबंद में 9106.4, महासमुंद में 1073.6, रायपुर में 28272.4, बलरामपुर में 612.4, जशपुर में 224, कोरिया में 1193.6, सरगुजा में 276.8, सूजरपुर में 1456.4, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 212 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।
















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