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-त्वरित समाधान के दिए निर्देश
-अंबिकापुर स्थित निवास पर क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद, विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश
रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर स्थित अपने निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक आवेदक से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके।
श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे लोगों की समस्याओं को सीधे समझकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और क्षेत्र के समग्र विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे मंत्री के समक्ष रखने और उनके त्वरित समाधान के लिए दिए गए निर्देशों पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन की इस जनसुनवाई व्यवस्था की सराहना की। -
बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत दी
रायपुर/ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत
रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि
देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
दृष्टिकोण बदलता है जीवन की दिशा
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया गया। एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक ही कार्य को करने वाले लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। जैसे बाँध निर्माण में लगे तीन मजदूरों में से सकारात्मक सोच वाले मजदूर ने अपने कार्य को जन-कल्याण और समृद्धि से जोड़कर देखा, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय करना होगा। जब दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित हो जाती है।
नई शिक्षा नीति 2020- भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों का समावेश
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा (वेद, शास्त्र, रामायण एवं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर) से जोड़ा गया है। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक मूल्य, विनम्रता, अनुशासन और अपने माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम बन रही है।
बलौदाबाजार के विद्यालयों को मॉडल बनाने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति
क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास पर राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक व बौद्धिक विकास हेतु एक आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।
2047 तक छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनेगा
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब वर्ष 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब हमारा छत्तीसगढ़ भी देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनकर उभरेगा। कार्यक्रम में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर सभी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं। -
-पर्यटन मंडल की 38 वीं संचालक मंडल बैठक में बनी रणनीति
-पर्यटन मंडल मुख्यालय में योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा, आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर हुआ मंथन
रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की 38 वीं बैठक सोमवार को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति, नई पर्यटन पहलों तथा आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (भा.प्र.से.), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य (भा.व.से.), अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य तथा पर्यटन मंडल के विभिन्न शाखा प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और हरित पहल के संकल्प के साथ हुई। प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा तथा पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं, उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
बैठक के दौरान पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी पर्यटन कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करने तथा भविष्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की रणनीति पर सर्वसम्मति बनी। संचालक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश की पर्यटन पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा। -
राजनांदगांव में 4,120 घरों में लगे रूफटॉप सोलर संयंत्र, 1,155 परिवारों का बिजली बिल हुआ शून्य
प्रदेश में क्रियान्वयन के मामले में पांचवें स्थान पर राजनांदगांव, ग्राम पंचायतों में नियमित हो रही 'पीएम सूर्य सभा'
रायपुर/ प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।
योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से 'पीएम सूर्य सभा' आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।
राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है। -
छत्तीसगढ़ के CCTNS डैशबोर्ड स्कोर में सुधार के दिए कड़े निर्देश
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।
स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक
बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।
जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। -
*कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर एसडीएम आरंग ने की बड़ी कार्रवाई*
*कार्रवाई के बाद दो पूर्व सरपंचों ने जमा की 22 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि*रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने शासकीय राशि की वसूली के प्रकरणों में चार पूर्व सरपंचों के विरुद्ध वॉरंट जारी किया है। जारी वॉरंट के तहत केंद्रीय जेल अधीक्षक को संबंधित पूर्व सरपंचों को अधिकतम 30 दिनों की अवधि तक अथवा बकाया राशि पूर्ण रूप से जमा किए जाने तक सिविल कारागार में सुपुर्द किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें ग्राम पंचायत नगरपुरा की पूर्व सरपंच राजकुमारी साहू, ग्राम पंचायत नकटा के पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी, ग्राम पंचायत देवदा के पूर्व सरपंच रोशन मिश्रा तथा ग्राम पंचायत राखी की पूर्व सरपंच चितरेखा साहू शामिल हैं।एसडीएम श्रीमती पैकरा ने बताया कि पंचायती राज अधिनियम के तहत संबंधित पूर्व सरपंचों को शासकीय राशि की वसूली के आदेश पारित किए गए थे। इसके तहत राजकुमारी साहू से 4.09 लाख रुपए, गोपाल चतुर्वेदी से 18 लाख 23 हजार 880 रुपए, रोशन मिश्रा से 18 लाख 84 हजार 773 रुपए तथा 50 हजार 300 रुपए और चितरेखा साहू से 2 लाख 9 हजार 324 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए गए थे। सभी सरपंचों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन उनके द्वारा संतोषजनक एवं वैधानिक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उनके विरुद्ध वॉरंट जारी करने की कार्रवाई की गई। वॉरंट जारी होने के पश्चात पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी और चितरेखा साहू ने 22 लाख 33 हज़ार 204 रुपये बकाया राशि जमा कर दी है।उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत नगरपुरा की पूर्व सरपंच राजकुमारी साहू के प्रकरण में मुक्तिधाम शेड निर्माण, ग्राम पंचायत नकटा के पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी के प्रकरण में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1, पक्की नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक सड़क निर्माण एवं मशरूम शेड निर्माण से संबंधित कार्य शामिल थे। इसी प्रकार ग्राम पंचायत देवदा के पूर्व सरपंच रोशन मिश्रा के प्रकरण में बिना प्रस्ताव के 14वें वित्त की राशि 10 लाख 82 हजार 785 रुपए, स्वच्छ भारत मिशन की राशि 6 लाख 69 हजार 988 रुपए नगर तथा बिना शौचालय निर्माण के हितग्राहियों की 1 लाख 32 हजार रुपए के कार्य, हैंडपंप, बोर खनन, सोखता गड्ढा एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों एवं ग्राम पंचायत राखी की पूर्व सरपंच चितरेखा साहू के प्रकरण में मंदिर स्ट्रक्चर निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल थे। संबंधित कार्यों के पूर्ण नहीं होने के कारण वसूली के आदेश जारी किए गए थे। -
*12 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौतायोग्य प्रकरणों के अधिकतम निराकरण पर जोर*
रायपुर। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में मंगलवार को विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट श्री मयंक सोनी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसमें रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे पोस्ट प्रभारियों ने भाग लिया।विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट श्री मयंक सोनी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेलवे अधिनियम के अंतर्गत समझौतायोग्य प्रकरणों का अधिक से अधिक चिन्हांकन किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में निराकरण हेतु प्रस्तुत किया जाए। इससे अधिक से अधिक पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय का लाभ मिल सकेगा।बैठक में जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम के अंतर्गत संशोधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र प्रकरणों का समयबद्ध परीक्षण कर राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उनके अधिकतम निराकरण का प्रयास सुनिश्चित करें।श्री सोनी ने सभी पोस्ट प्रभारियों से समन्वित एवं सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके और आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराया जा सके। -
*परीक्षा की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करें : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह*
रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा-2026 का आयोजन 19 जुलाई 2026 को जिले के 4 परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा। परीक्षा प्रथम पाली में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पर्यवेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, विद्युत, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षार्थी की प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग एवं फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जाए।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय, रायपुर से किया जाएगा। परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर को को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को - ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर प्रथम पाली में 9:30 बजे एवं द्वितीय पाली में 1:30 बजे तक पहुंचें, ताकि फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। -
*श्री निलेश कुमार साहू एवं श्रीमती ज्योति (नेहा) साहू को 1 हफ्ते में मिला विवाह प्रमाण पत्र*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में तिल्दा ब्लॉक के ग्राम खरोरा निवासी श्री निलेश कुमार साहू एवं श्रीमती ज्योति (नेहा) साहू को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा प्राप्त हुई।श्री निलेश कुमार साहू एवं श्रीमती ज्योति (नेहा) साहू को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने जुलाई 2026 को सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के एक हफ्ते में उन्हें विवाह प्रमाण पत्र जारी कर उपलब्ध करा दिया गया।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र मिलने से हितग्राहियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली तथा उनका समय और धन दोनों की बचत हुई।श्री निलेश कुमार साहू एवं श्रीमती ज्योति (नेहा) साहू ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्हें मात्र तीन दिनों में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने इस जनहितकारी सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं आसानी और समय पर उपलब्ध हो रही हैं। - रायपुर । छत्तीसगढ़ को पिछले 18 माह में करीब आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और राज्य ने 'क्रिसिल-नीति आयोग के निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई) 2026' के प्रमुख मानकों में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दो मानकों- नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण- में 17 प्रमुख राज्यों के बीच पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, पर्यावरणीय अनुकूलन क्षमता के मामले में राज्य दूसरे स्थान पर रहा। बयान में कहा गया कि सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा सेंटर, कपड़ा, औषधि तथा कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में पिछले 18 महीनों के दौरान करीब आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ को इस सूचकांक में कुल 47.5 अंक मिले हैं और प्रमुख राज्यों की समग्र रैंकिंग में उसे नौवां स्थान प्राप्त हुआ है। हालांकि, निवेशकों से जुड़े विभिन्न मानकों पर उसने गुजरात, राजस्थान, पंजाब और तमिलनाडु जैसे स्थापित औद्योगिक राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी सरकार की पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था, निवेशक-अनुकूल नीतियों और सुधारों की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ''हमारा उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत आधार तैयार करना है।'' क्रिसिल-नीति आयोग के निवेश अनुकूलता सूचकांक (आईएफआई) 2026 में नियामकीय सुगमता श्रेणी में छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है। इस मानक के तहत नियामकीय मंजूरियों, अनापत्ति प्रमाणपत्र, निर्माण अनुमति, बिजली और जल कनेक्शन, वाणिज्यिक न्यायालयों की दक्षता तथा कारोबार बंद करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय का आकलन किया जाता है।
- रायपुर। ब्राह्मण पारा निवासी रिटायर्ड डीएसपी श्री राजेंद्र कुमार पांडे (धमधा वाले)का 91 वर्ष की आयु में आज 20 जुलाई को आकस्मिक निधन हो गया है। वे श्रीमती रश्मि शर्मा, राजीव पांडे एवं संदीप पांडे के पिताश्री थे। स्वर्गीय पांडे जी की अंतिम यात्रा कल 21 जुलाई को सुबह 9 बजे ब्राम्हण पारा स्थित निवास स्थान से मारवाड़ी श्मशान घाट के लिए निकलेगी।
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- सेवा सेतु केंद्र से कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी हुई समाप्त
मोहला । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आमजन को त्वरित, पारदर्शी और सहज शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु केंद्र जिले में सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। सुशासन की पहल से लाभान्वित हुई हैं ग्राम करमोता निवासी श्रीमती तरुण बाई, जिनका परिवार कृषि कार्य कर अपनी आजीविका चलाता है। अपनी तीनों बेटियों के भविष्य को लेकर वे लंबे समय से चिंतित थीं, क्योंकि उन्हें जाति प्रमाण पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इन दस्तावेजों के अभाव में बेटियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
समस्या के समाधान के लिए श्रीमती तरुण बाई ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन प्रस्तुत किया। केंद्र के कर्मचारियों ने उनके आवेदन का त्वरित ऑनलाइन पंजीयन कर संबंधित विभाग को अग्रेषित किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी तीनों बेटियों के आवश्यक प्रमाण पत्र समय पर जारी कर दिए गए। प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब उनकी बेटियां बिना किसी बाधा के शैक्षणिक प्रवेश, छात्रवृत्ति तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगी। इससे परिवार की चिंता समाप्त हुई और उन्हें राहत मिली। श्रीमती तरुण बाई बताती हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या का समाधान होगा, लेकिन इतनी शीघ्र और सरल प्रक्रिया से प्रमाण पत्र मिल जाना उनके लिए सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केंद्र ने सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी समाप्त कर दी है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुविधाजनक रही।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनहितैषी सोच और संवेदनशील कार्यप्रणाली के कारण आम लोगों को समय पर राहत मिल रही है। सेवा सेतु केंद्र वास्तव में जरूरतमंद नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद व्यवस्था बन गया है, जो सुशासन को धरातल पर साकार कर रहा है। -
- दस्तावेजों की जांच में न हो लापरवाही, आम नागरिकों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
- सेवा सेतु, आधार अपडेट एवं एग्रीस्टेक पंजीयन की कलेक्टर ने की समीक्षा, सीएससी संचालकों को दिए आवश्यक निर्देश
- कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने उत्कृष्ट सेवा सेतु प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र एवं पौधा भेंट कर किया सम्मानित
मोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने गतदिवस को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सेवा सेतु पोर्टल एवं जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की सेवाओं के संबंध में सीएससी संचालकों एवं आधार संचालकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की प्रगति, आधार अपडेट कार्य तथा एग्रीस्टेक पंजीयन अभियान की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के जरिए नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य शासन का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से प्रत्येक पात्र नागरिक तक शीघ्र एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सभी सीएससी संचालक नागरिकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं तथा पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बैठक में उपस्थित सभी सीएससी संचालकों एवं आधार संचालकों को निर्देशित किया कि किसी भी आवेदन को भरते समय संबंधित दस्तावेजों का भली-भांति परीक्षण करें तथा त्रुटिरहित दस्तावेज ही पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि लापरवाही अथवा छोटी-सी त्रुटि के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पूरी सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ तैयार किया जाए। उन्होंने अपूर्ण दस्तावेज स्वीकार नहीं करने, आवेदकों को आवश्यक जानकारी सही तरीके से उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले में आधार अपडेट की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने मोबाइल नंबर अपडेट, एमबीयू के माध्यम से आधार अपडेशन, बायोमेट्रिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी के अद्यतन सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आधार सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पात्र हितग्राहियों के आधार अपडेट का कार्य प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए। साथ ही आधार केंद्रों पर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने एग्रीस्टेक पंजीयन की भी समीक्षा की। उन्होंने सीएससी संचालकों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराते हुए प्रगति लाने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन के लाभों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक किया जाए तथा पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं सीएससी संचालकों को आपसी समन्वय के साथ लक्ष्य अनुरूप कार्य करते हुए शासन की डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवा सेतु प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण एवं उनके संरक्षण के लिए सभी को प्रेरित किया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य सहित जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के संबंधित अधिकारी, सीएससी संचालक, आधार संचालक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। -
- समय-सीमा से बाहर के प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण
- राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के दिए निर्देश
- कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने ली राजस्व, आबकारी एवं खनिज विभाग की समीक्षा बैठक
मोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व, आबकारी एवं खनिज विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा राजस्व, आबकारी एवं खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अविवादित एवं विवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा भू-अर्जन जैसे विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वामित्व योजना की प्रगति एवं सर्वे कार्यों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्शा बंटांकन कार्य में तेजी लाने के लिए पटवारियों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही अदिनांकित प्रकरणों को समय-सीमा में अद्यतन करने के निर्देश रीडरों को दिए। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन की समीक्षा करते हुए भी प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत हुए भू-अर्जन की समीक्षा करते हुए अनुविभागवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अवार्ड पारित होने के पश्चात अर्जित भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य तत्काल पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आस्था केंद्र, ठाकुरदेव एवं जिम्मीदारिन को अभिलेखित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वासिल बाकी नवीस द्वारा कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर गहरी नाराजगी जताई तथा रजिस्टरों का नियमित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर राजस्व प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि प्रकरणों के निराकरण में गुणात्मक सुधार हो सके। उन्होंने एसडीएम को तहसीलदारों द्वारा निराकृत प्रकरणों का नियमित अवलोकन एवं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राजस्व न्यायालयों में दर्ज लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी प्रकार की लेटलतीफी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जो प्रकरण समय-सीमा से बाहर हैं और लंबे समय से लंबित हैं, उनके निराकरण में भी समयबद्ध तेजी लाई जाए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आबकारी एवं खनिज विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी लेते हुए आबकारी विभाग को अवैध शराब के विक्रय एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व लक्ष्य एवं प्राप्ति की जानकारी ली तथा अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनिज प्रभावित ग्रामों एवं वहां किए जा रहे कार्यों की सूची तैयार की जाए, ताकि प्रभावित ग्रामों में आवश्यक विकास कार्य बेहतर ढंग से कराए जा सकें। - -जी. आर. ए. स्कूल जूनाडीह, लखनपुर में पौधारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने किया पौधारोपण, विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का किया आह्वानरायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल आज सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जी.आर.ए. स्कूल, जूनाडीह में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।श्री अग्रवाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक आवश्यक उसकी नियमित देखभाल करना है, ताकि वह एक सशक्त वृक्ष बनकर समाज और प्रकृति की सेवा कर सके।उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि विद्यार्थी अपने जीवन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेंगे और प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करेंगे, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने तथा जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरित वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। वृक्षारोपण के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण, जल स्रोतों का संवर्धन और प्राकृतिक संतुलन भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि आज का यह सामूहिक प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और स्वस्थ परिवेश सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम के अंत में श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- -थाना प्रभारी गिरफ्तार, अधिवक्ता फरार-एक करोड़ के बीमा दावे में कथित हेराफेरी का मामला-धमकी देकर आधी राशि मांगने का आरोप-साय सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित कार्रवाईरायपुर । छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नारायणपुर में एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। सड़क दुर्घटना में दिवंगत डीएसएफ आरक्षक स्व.श्री धनेश्वर नुरेटी की पत्नी को मिले एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में कथित अनियमितता और अवैध वसूली के आरोपों पर पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में एक अधिवक्ता पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी तलाश जारी है।पुलिस के अनुसार डीएसएफ आरक्षक स्व.श्री धनेश्वर नुरेटी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक के वेतन पैकेज के अंतर्गत एक करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा राशि प्राप्त हुई थी। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने बीमा राशि दिलाने के नाम पर मृतक के परिजनों से 19 लाख रुपये ले लिए।इतना ही नहीं आरोपियों ने कथित रूप से शेष बीमा राशि में भी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की। परिजनों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई में फंसाने और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकी दी गई। आरोपियों की लगातार अतिरिक्त रकम की मांग से परेशान होकर मृतक आरक्षक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 308 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद आरोपी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।वास्तव में आरोपियों के विरुद्ध यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और कदाचार के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून का पालन कराने वाले तंत्र में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली, भ्रष्टाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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-रामनामी समाज की अनूठी परंपरा हमारी लोक संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय की समृद्ध विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'राम-नामी' को 'सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री' का राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनामी समाज की अनूठी परंपरा श्रद्धा, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। इस विरासत को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का कार्य इस डॉक्यूमेंट्री ने किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, जनजातीय एवं लोक समुदायों की सांस्कृतिक विरासत तथा प्रदेश की विविध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- -प्रदेश और प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना कीबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज अयोध्या में राम मंदिर में सपरिवार भगवान श्रीरामलला के दर्शन किए। उन्होंने श्रीरामलला की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
- रायपुर - आज छत्तीसगढ़ राज्य के प्रणेता प्रथम दृष्टा डॉ खूबचंद बघेल की जयन्ती पर उन्हें सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 4 के सहयोग से राजधानी शहर के जीई मार्ग के किनारे नवीन मार्केट फूल चौक के समीप स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रदेश के राजस्व मन्त्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ खूबचंद बघेल को जयन्ती पर सादर नमन किया. प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विधायक श्री धरमलाल कौशिक, रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, ब्राम्हणपारा वार्ड पार्षद श्री अजय साहू, एल्डरमैन श्री राजू राघवानी सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, आमजनों ने डॉ खूबचंद बघेल का जयन्ती पर सादर नमन किया.
- -जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ और विकसित रायपुर : विधायक राजेश मूणत एवं महापौर मीनल चौबे ने दिलाई स्वच्छता की शपथ-विकास की सौगात के साथ स्वच्छता का संकल्प : नागरिकों ने लिया नाली में कचरा नहीं डालने का प्रणरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वीर शिवाजी वार्ड क्रमांक-16 में आज विकास और जनजागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र में लगभग 40 लाख रुपये की लागत से विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जनसंकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में रायपुर पश्चिम के विधायक श्री राजेश मूणत एवं रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।इस अवसर पर गायत्री प्रज्ञा पीठ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, खमतराई बाजार स्थित आंगनबाड़ी एवं प्रथम तल पर जिम भवन निर्माण, तथा सतनाम भवन के समीप ग्रंथालय एवं योग कक्ष निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।इन कार्यों से क्षेत्र में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण तब आया जब गायत्री मंदिर परिसर में उपस्थित सैकड़ों नागरिकों ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने शपथ ली कि वे अपने घरों का कचरा नालियों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंकेंगे, बल्कि नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करते हुए निर्धारित वाहन को ही अपना कचरा सौंपेंगे। साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि विकास केवल भवनों और सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं होता, बल्कि नागरिकों के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।उन्होंने कहा कि "सरकार और नगर निगम अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं, लेकिन शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नागरिकों की होती है। यदि हम अपने घर का कचरा नालियों में डालेंगे, तो जलभराव, गंदगी और बीमारियों की समस्या कभी समाप्त नहीं होगी।"श्री मूणत ने कहा कि स्वच्छता एक आदत है, कोई एक दिन का अभियान नहीं। प्रत्येक परिवार यदि यह संकल्प ले कि वह कचरा केवल निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी को ही देगा, तो रायपुर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।उन्होंने कहा कि रायपुर पश्चिम में विकास कार्यों के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जाएंगे, क्योंकि जनभागीदारी के बिना कोई भी विकास स्थायी नहीं हो सकता।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अब आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक नागरिक इसका पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग करे।उन्होंने कहा कि "नाली में फेंका गया कचरा केवल नालियों को ही जाम नहीं करता, बल्कि पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करता है। स्वच्छ शहर का सपना तभी साकार होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नगर निगम के साथ सहभागी बने।"महापौर ने कहा कि नगर निगम स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ रायपुर के निर्माण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। नागरिकों का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है और इसी सामूहिक सहभागिता से रायपुर स्वच्छता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर में स्वच्छता का संकल्प दोहराते हुए अपने घरों एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का वचन दिया।
- दुर्ग / जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत जामगांव (एम) के स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विधालय में 20 जुलाई को राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव सत्र 2026-27 का आयोजन किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारी का आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, ग्रीन रूम, सामग्री वितरण स्टॉल और स्कूल में लैब एवं अन्य तैयारी का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर एडीएम श्री वीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे, एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के ईई श्री भट्टाचार्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर की गई विस्तृत चर्चाबालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी की अध्यक्षता में 17 जुलाई 2026 को जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपसंचालक पंचायत, सर्व सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्रामीण यंत्री की सेवा के अनुभाग्य अधिकारी, कार्यकम अधिकारी, वीबीजी राम जी सर्व, उपअभियंता, तकनीकी सहायक, सर्व शाखा प्रभारी जनपद पंचायत एवं करारोपण अधिकारी की उपस्थिति में उक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रवंशी ने संबंधित अधिकारियों को वीबी-जी राम जी योजना अंतर्गत प्रथामिकता के आधार पर नवीन कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रधानमंत्री आवास के कार्य, स्कूल में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड निर्माण, डिफंक्ट बोरवेल में रिचार्ज शाफ्ट एवं आंगनबाड़ी के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से स्वीकृति हेतु प्रस्ताव युक्तधारा के माध्यम से प्रेषित करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक धरसा चिन्हांकन कर जानकारी प्रेषित करने निर्देशित किया गया। मनरेगा अंतर्गत पूर्व वर्ष के प्रगतिरत कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण यथाशीघ्र पूर्ण करते हुए ऑनलाईन एमआईएस में सीसी अपलोड करने निर्देश दिए गए। समस्त पूर्ण कार्यों का स्टेज 02 जियो टैगिंग शीघ्र पूर्ण करने संबंधी निर्देश दिए गए। सामाजिक अंकेक्षण अंतर्गत समस्त लंबित प्रकरणों में शीघ्र वसूली करते हुए एमआईएस पोर्टल में इंद्राज करने संबंधी निर्देश दिए गए, वृक्षारोपण के कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान देते हुए कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए साथ ही अभिसरण अंतर्गत पूर्ण हुए उत्कृष्ट कार्यों की सफलता की कहानी 02 दिवस में प्रेषित करने निर्देशित किया गया।बैठक में सीईओ श्री चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में स्वीकृत, अपूर्ण एवं निर्माणाधीन आवासो के संबंध में विकासखण्डवार एवं नोडलवार समीक्षा करते हुए समस्त निर्माणाधीन आवासो को एक विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने तथा अप्रारंभ आवासो के लाभार्थियो से संपर्क एवं समन्वय कर यथाशीघ्र प्रारंभ कर आवासो को पूर्ण कराने प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वीकृति पश्चात् प्रथम किश्त अंतरण हेतु शेष 79 लाभार्थियो के बैंक खातों का केवायसी पूर्ण कर एफटीओ के माध्यम से यथाशीघ्र प्रथम किश्त जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना, अनुमति, स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए नोडल अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए तथा योजनान्तर्गत लक्ष्य अनुरूप प्रति-दिवस आवास पूर्णता की प्रगति नगण्य होने से नाराजगी जाहिर करते हुए जनपद पंचायत में कार्यरत अमलो को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। योजनान्तर्गत ग्रामसभा द्वारा चिन्हांकित निरस्त योग्य आवासो की ग्रामसभा प्रस्ताव एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजो को प्राप्त दावा-आपत्ति के निराकरण पश्चात् नियमानुसार जिला स्तरीय अपीलीय समिति के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करने निर्देश दिए। साथ ही आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड प्रतीक्षा सूची का ग्रामसभा द्वारा सार्वजनिक वाचन एवं अवलोकन, सत्यापन पश्चात् आमंत्रित दावा-आपत्ति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सिस्टम जनरेटेड प्रतीक्षा सूची में नाम जोड़ने, काटने, पात्र, अपात्र, अवलोकन, सत्यापन के नाम पर अनूचित राशि की मांग अथवा वसूली की शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए।बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत मॉडल सीएलएफ के नियम अनुसार संचालन एवं समय-सीमा में इसके एमपीआर भरने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही जिलें में संचालित ग्राम सिवनी में सीएमसी सेंटर में कैलेंडर बनाकर ट्रेनिंग के संचालन हेतु आदेशित किया गया। वित्तीय समावेशन अंतर्गत बैंक एसजी बैंक क्रेडिट लिंकेज के 60% प्रकरण 25 जुलाई तक प्रेषित करते हुए वितरति प्रकरणों के समय-सीमा में ऋण वापसी एनपीए निराकरण करने निर्देशित किया गया। जनपद पचायत डौण्डी एवं गुरूर में कम प्रकरण प्रेषित करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 25 जुलाई के पूर्व 60 प्रतिशत प्रकरण बैंक में प्रेषित करने कहा गया साथ ही वूमेन लीड इंटरप्राइज लोन के प्रकरण भी 25 जुलाई के पूर्व 60 प्रतिशत प्रेषण एवं 50 वितरण हेतु निर्देशित किया गया। डौण्डी ब्लाक में सीएफ के नियमित ट्रांजक्शन एंट्री नहीं करने साथ ही ग्राम संगठन एवं एसएचजी के भी नियमित ट्रांजक्शन एंट्री के निर्देश दिए गए।लखपति दीदी पहल के तहत आगामी 03 वर्ष के प्रदाय लक्ष्य अनुसार विकासखंड स्तर पर अभिसरण समिति की बैठक आयोजित कर लखति बनाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार करते हुए समय सीमा में लक्ष्य पूर्ति तथा लखपति ग्राम की संख्या बढ़ाई जाने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही बेस्ट प्रैक्टिसेज तैयार करने हेतु आदेशित किया गया। जिले के स्व-सहायता समूह को सामाजिक सराकारों से जोड़ते हुए नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा जीआरसी सेंटर के माध्यम से नशा मुक्ति जन जागरूकता अभियान प्रत्येक गांव में आयोजित करने के निर्देश दिय गए। स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित सामग्रियों के बेहतर ब्रांडिंग पैकेजिंग एवं प्रत्येक विकासखं डमें 01 से 02 बेहतर इकाई जैसे सेनेटरी पैड, महुआ लड्डू इकाई के यथाशीघ्र स्थापना एवं इसके मानक पूर्ण संचालन हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। राज्य शासन के मनसानुरूप सूर्य घर योजना में जिले के वेंडर के रूप में चिन्हित सीएफ के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा संख्या में सूर्य घर योजना के माध्यम से सोलर पैनल लगाए जाने हेतु एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर कार्य किया जाना है। इसके पहले चरण में ग्राम नारागांव विकासखंड गुरूर में शतप्रतिशत परिवारों के घर में सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल बनाए जाने हेतु अभियान स्वरूप कार्य करने निर्देशित किया गया।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण अंतर्गत सीईओ श्री चंद्रवंशी ने ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष हेतु लक्षित ग्राम पंचायतों में 07 दिवस के भीतर नियमानुसार कचरा संग्रहण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।पर्यटन स्थल एवं एन.जी.टी. हेतु लक्षित ग्राम पंचायतों में जन-जागरूकता संबंधित गतिविधियों आयोजित कराने एवंस्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के समन्वयकों कों स्कूलों में प्रचार-प्रसार संबधी गतिविधि आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने सभी स्वीकृत कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने को निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, क्षमता विकास योजना और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की भौतिक प्रगति की गहन समीक्षा की गई साथ ही जर्जर ग्राम पंचायत भवनों, पंचायत विहीन ग्राम पंचायतों को चिन्हांकित करने निर्देशित किया गया एवं स्वास्थ्य केंद्रों एवं अटल डिजिटल सुविधा निर्माण के संबंध में निर्देश दिए। इसी तरह डिजिटलीकरण एवं पोर्टल प्रबंधन समर्थ पोर्टल पर करदाताओं का पंजीयन, डिम और कर संग्रहण की स्थिति की समीक्षा करते हुए ग्राम संपदा ऐप के माध्यम से शत प्रतिशत जियो टैगिंग के निर्देश दिए गए। योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवता के साथ समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने एवं जिले में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु चर्चा की गई । बैठक में राज्य संपरीक्षा विभाग के ऑडिट प्रतिवेदन के निराकरण, अविवादित नामांतरण, बंटवारा और जिला एवं जनपद स्तर पर गठित समितियों की नियमित बैठक करने के निर्देश दिए गए। आगामी कार्ययोजना बैठक में पंचायत स्तर पर आय वृद्धि, ग्राम सभाओं में जनभागीदारी बढ़ाने और उन पंचायतों की पहचान करने निर्देशित किया गया साथ ही ग्रामीण सचिवालय की तैयारी के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
- -नेत्रदान संकल्प अभियान से मिलेगी दो जरूरतमंदों को नई रोशनीरायपुर / सामाजिक संस्था ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ने समाज में एक नई पहल की शुरुआत करते हुए नेत्रदान महादान अभियान का बीड़ा उठाया है। संस्था ने आज महिला सशक्तिकरण पर आयोजित एक संगोष्ठी सह बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि वह नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाएगी और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ेगी।संस्था पहले ही सफलतापूर्वक चिकित्सा उपकरण बैंक का संचालन कर रही है और अब नेत्रदान के क्षेत्र में योगदान देकर दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने का संकल्प लिया है। संस्थाप्रमुख सुषमा तिवारी , सचिव ममता शर्मा और संरक्षक अजय शर्मा के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर, सलाहकार सुमन शर्मा, ममता बड़गैया सरिता विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित रहे।संस्था ने जनता से अपील की है कि नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार को इस इच्छा से अवगत कराएँ। आपका यह निर्णय किसी के जीवन में उजाला, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद ला सकता है। संस्था ने स्पष्ट किया कि नेत्रदान किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, न ही इससे अंतिम संस्कार में कोई बाधा आती है, और मृतक के चेहरे की बनावट भी प्रभावित नहीं होती।संस्था के संरक्षक अजय शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत संस्था विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। साथ ही, नेत्रदान संकल्प-पत्र भरवाने और इच्छुक लोगों का पंजीकरण कराने में सहयोग किया जाएगा। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक एवं सही जानकारी लोगों तक पहुँचाना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। संस्था ने नेत्रदान करने वाले परिवारों का सार्वजनिक सम्मान कर समाज को प्रेरित करने का भी संकल्प लिया है।ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा संस्था के इस सराहनीय प्रयास से जरूरतमंदों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है।
- -रायगढ़ में स्व-सहायता समूह की दीदियों ने तैयार कीं अनोखी बीज राखियां-भाई की कलाई पर प्यार, धरती मां को उपहार की थीम पर बिहान की अभिनव पहलरायपुर / रक्षाबंधन पर केवल भाई-बहन का प्रेम ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकता है। पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें अपनी रक्षा का वचन देना और मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली पौधे वाली राखियों का इस्तेमाल पर्यावरण को हरा-भरा रखने में मदद करता है।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियां इस बार रक्षाबंधन के पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला पंचायत रायगढ़ और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग से जिले भर में पर्यावरण-अनुकूल बीज राखियां तैयार की जा रही हैं। इन राखियों की सबसे विशेष बात यह है कि इन्हें धान, मक्का, भुट्टा, सेमी, करेला और बरबटी जैसे विभिन्न देसी बीजों से बेहद आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यदि त्योहार के बाद यह राखी मिट्टी में मिल जाती है या बाहर फेंक दी जाती है, तो इसमें लगे बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेंगे। इससे भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस अभियान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। धरमजयगढ़ के ग्राम दुलियामुड़ा-कोयलार में कृष्णा स्व-सहायता समूह की सक्रिय महिला कविता राठिया ने आकर्षक बीज राखियां तैयार कर मिसाल पेश की है। रायगढ़ के बैसपाली, जुनवानी, लोइंग, गोपालपुर, संबलपुरी, लैलूंगा, तमनार के लिबरा गांव (जननी समूह), घरघोड़ा के बड़ेगुमड़ा (गायत्री समूह) और पुसौर के पुटकापुरी क्लस्टर सहित जिले भर की कृषि सखियां और महिलाएं इस कार्य में जुटी हुई हैं। रायगढ़ जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कल यानी 20 जुलाई को जिले के सभी सात विकासखंडों से एक-एक सर्वश्रेष्ठ बीज राखी का चयन किया जाएगा। चयन का आधार राखी की आकर्षक डिज़ाइन, देसी बीजों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जैसी खूबियों को बनाया जाएगा।प्रतियोगिता में चुनी जाने वाली सातों विकासखंडों की विजेता दीदियों को 27 जुलाई को एक विशेष गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ये दीदियां स्वयं कलेक्टर सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई हुई बीज राखी बांधेंगी। बिहान की दीदियों द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब केवल एक प्रतियोगिता न रहकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।
- -कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा के 15 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण से आत्मसमर्पित युवाओं को मिला आजीविका का नया आधाररायपुर / कभी हाथों में हथियार उठाने वाले 25 आत्मसमर्पित युवाओं ने अब खेती, पशुपालन और कृषि आधारित स्वरोजगार को अपने भविष्य का आधार बनाने का संकल्प लिया है। सुकमा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा और कृषि विभाग द्वारा आयोजित 15 दिवसीय विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण ने इन युवाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। 22 जून से 14 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित व्यवसायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आत्मसमर्पित युवाओं को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, हांडी दवा, थ्री-जी दवा और मछली टॉनिक तैयार करने की जानकारी दी। इसके साथ ही नाडेप खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। युवाओं ने फलदार पौधों का रोपण, नीलहरित काई उत्पादन, कृषि यंत्रों का उपयोग, सब्जी नर्सरी तैयार करना, धान की कतारबद्ध बुवाई और गर्मी में गहरी जुताई जैसी तकनीकें भी सीखीं। प्रशिक्षण में युवाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, ऑयस्टर मशरूम उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी दी गई। इन गतिविधियों से युवा अपनी रुचि और संसाधनों के अनुसार स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। प्रशिक्षणार्थियों को दंतेवाड़ा जिले का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। मैलावाड़ा में उन्होंने धान की एसआरआई पद्धति और भूमगादी में प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इससे प्रशिक्षणार्थियों को सीखी गई तकनीकों को खेतों में लागू करने का व्यावहारिक अनुभव मिला। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर उप संचालक कृषि श्री पी.आर. बघेल, सहायक संचालक कृषि श्री सुधीर कुजूर और कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री एच.एस. तोमर सहित वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेती, पशुपालन और कृषि आधारित व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से आत्मसमर्पित युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ आगे बढ़ सकते हैं। प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि उन्हें खेती और स्वरोजगार की नई तकनीकों की जानकारी मिली है। अब वे सीखे गए कौशल का उपयोग कर अपने गांव में आजीविका के साधन विकसित करेंगे। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया।यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन में बदलाव की एक नई शुरुआत है। हथियार छोड़कर अब ये युवा खेती और स्वरोजगार के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।










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