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- -कविता कृष्णमूर्ति, अनुज शर्मा, भारती बंधु और इंडियन आइडल फेम कलाकारों समेत देश-प्रदेश की नामचीन प्रतिभाएं बिखेरेंगी संस्कृति के रंग-शास्त्रीय नृत्य, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य वादन से गुलजार होगा रायगढ़रायपुर। महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 में इस बार कला और संस्कृति के विविध रंग एक साथ देखने को मिलेंगे। रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितम्बर तक आयोजित होने वाले इस दस दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में स्थानीय प्रतिभाओं से लेकर देश-प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे। प्रतिदिन शाम 6 बजे से शुरू होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में शास्त्रीय नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोककला, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल और वाद्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा जीवंत होगी।संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह की खासियत यह होगी कि हर शाम कला की एक अलग विधा और अलग रंग दर्शकों के सामने आएगा। दस दिनों तक रायगढ़ का रामलीला मैदान सुर, ताल, नृत्य और लोक परंपराओं के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा।गणेश वंदना से होगा शुभारंभ, पंडवानी और लोकसंगीत से सजेगी पहली शामसमारोह का शुभारंभ 14 सितम्बर को श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति से होगा। इसके बाद पद्मश्री सम्मानित श्री अनुज शर्मा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति देंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित डॉ. उषा बारले अपनी पंडवानी प्रस्तुति से पहली सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएंगी। लोकधुनों, लोकगाथाओं और पंडवानी की सशक्त परंपरा से समारोह का आगाज होगा।15 सितम्बर को तबला, कुचिपुड़ी और राजस्थानी लोककला का संगम15 सितम्बर की शाम में निशित गंगानी का तबला वादन, टी. लक्ष्मी रेड्डी की कुचिपुड़ी प्रस्तुति, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर की राजस्थानी फोक प्रस्तुति और तरुणा साहू एवं समूह की पंडवानी प्रस्तुति होगी। इसके साथ माधवरस बैंड द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति सांस्कृतिक संध्या को भक्तिरस से सराबोर करेगी।16 सितम्बर को कथक और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की छटा16 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और शास्त्रीय नृत्य की विविधता मंच पर दिखाई देगी। मौमाला नायक कथक की प्रस्तुति देंगी। भूपेन्द्र साहू एवं समूह छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत करेंगे। डॉ. यास्मीन सिंह एवं समूह तथा सुश्री विभूति शर्मा द्वारा कथक की प्रस्तुतियां होंगी, जबकि पायल साहू एवं समूह लोककला के रंग बिखेरेंगे।17 सितम्बर को भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक की त्रिवेणी17 सितम्बर की शाम लोककला एवं संगीत के साथ शास्त्रीय नृत्य की अनेक विधाओं का संगम देखने को मिलेगा। बादल-बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट्स एवं लिटरेचर द्वारा लोक कला एवं संगीत की प्रस्तुति होगी। मधुमिता रॉय मिश्रा कथक और जान्हवी बेहरा ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। शिवरंजनी हरीश एवं कलार्पणा नृत्य समूह पद्म भूषण शोभना के शिष्यगण भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगे। शिव शक्ति कला संस्थान द्वारा कथक की प्रस्तुति भी होगी।18 सितम्बर को मणिपुरी, कुचिपुड़ी और कबीर भजनों की सुरमयी शाम18 सितम्बर को डॉ. मंजू इलंगबम मणिपुरी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री सम्मानित श्री भारती बंधु कबीर भजनों से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित करेंगे। श्वेता नायक एवं समूह कुचिपुड़ी तथा श्री अनुराग शर्मा लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।काव्य और ओडिसी से सजेगी 19 सितम्बर की शाम19 सितम्बर कला और साहित्य के प्रेमियों के लिए खास होगी। गौरी शंकर दाश और रीला होता ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां देंगी। वहीं पद्मश्री सम्मानित श्री सुरेन्द्र शर्मा एवं अन्य कलाकार काव्य संध्या के माध्यम से हास्य और साहित्य का रंग भरेंगे। नृत्य और काव्य का यह संगम समारोह की शाम को विशिष्ट बनाएगा।20 सितम्बर को गोटीपुआ, गायन और कथक का अनूठा संगम20 सितम्बर को श्री बी. साहू एवं समूह गोटीपुआ नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इंडियन आइडल फेम अमित साना अपनी गायन प्रस्तुति से संगीत प्रेमियों का मनोरंजन करेंगे। वहीं पद्मश्री सम्मानित रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेन्द्र बरेठ एवं समूह कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। लोकनृत्य, लोकप्रिय गायन और शास्त्रीय नृत्य का यह संगम दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।21 सितम्बर को कथक, संतूर-पखावज-तबला और नृत्य नाटिका21 सितम्बर की शाम बनारस घराने के कथक से लेकर वाद्य संगीत तक विविध प्रस्तुतियों से सजेगी। श्री रूद्रशंकर सिन्हा बनारस घराने का कथक प्रस्तुत करेंगे। श्री सोनू गुप्ता एवं समूह लोकगीत, वांसती वैष्णव एवं समूह कथक प्रस्तुत करेंगे। त्रिवेणी संगम द्वारा संतूर, पखावज और तबला वादन होगा। संस्कार कला संघ नृत्य नाटिका तथा नृत्यांजलि बनारस घराने के कथक की प्रस्तुति देगी।22 सितम्बर को कथकली, ओडिसी, सितार और सूफियाना अंदाजसमारोह की 22 सितम्बर की शाम शास्त्रीय नृत्य, वाद्य संगीत और सूफियाना अंदाज के नाम रहेगी। गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली, सुश्री दीक्षा रथ ओडिसी नृत्य और प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगी। श्री पुनरिक साहू-लहरंगगा लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे, जबकि रायगढ़ के राकेश शर्मा सूफी गायन और गजल से शाम को सुरमयी बनाएंगे।कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू के सुरों से होगा भव्य समापनदस दिवसीय समारोह का 23 सितम्बर को भव्य समापन होगा। अंतिम शाम देश की सुप्रसिद्ध और पद्मश्री सम्मानित गायिका कविता कृष्णमूर्ति अपनी सुरमयी प्रस्तुति देंगी। उनके साथ जान कुमार सानू भी गायन की प्रस्तुति देंगे। देश के लोकप्रिय कलाकारों के सुरों से सजी यह शाम 41वें चक्रधर समारोह की यादों को लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में संजोए रखेगी।रायगढ़ बनेगा कला और संस्कृति का केंद्र41वां चक्रधर समारोह केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना, संगीत और नृत्य के प्रति उनके समर्पण तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ एक ही मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलना समारोह की विशेष उपलब्धि है।14 से 23 सितम्बर तक रायगढ़ में होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन कला प्रेमियों के लिए दस दिनों तक उत्सव का माहौल बनाएगा। शास्त्रीय नृत्य की विविध विधाओं से लेकर छत्तीसगढ़ी लोकधुनों, पंडवानी, भजन, गजल और लोकप्रिय गायन तक चक्रधर समारोह में भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का ऐसा रंगारंग संसार देखने को मिलेगा, जो रायगढ़ को दस दिनों तक कला और संस्कृति की राजधानी में बदल देगा।
- -ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से की चर्चा-व्यवस्थित यातायात के लिए उपयुक्त स्थान चयन पर हुआ विचार-विमर्शरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ट्रांसपोर्ट नगर की वर्तमान व्यवस्था का जायजा लिया और क्षेत्र में यातायात के सुचारू एवं व्यवस्थित संचालन के संबंध में जानकारी ली।उन्होंने ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए उपयुक्त स्थान के चयन के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि शहर में भारी वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित करने तथा आम नागरिकों को यातायात संबंधी असुविधा से राहत दिलाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर की बेहतर एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था आवश्यक है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री मनीराम साहू, श्री राजेन्द्र मिश्रा, श्री रिंकेश वैष्णव, श्री हेमचंद चंद्रवंशी, श्री सचिन गुप्ता, श्री अमित वर्मा सहित ट्रक मालिक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने सौजन्य भेंट की। कुलपति डॉ. चंदेल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को भी अधिमान्यता प्रदान की गई है। राज्यपाल श्री डेका ने इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
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-मंत्री श्री नेताम ने भगवान शिव स्वरूप बैल जोड़ी की पूजा की
-प्रदेशवासियों को पोला तिहार की दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के शासकीय निवास परिसर में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पोला तिहार का भव्य आयोजन किया गया। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर भगवान शिव के स्वरूप बैल जोड़ों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम की धर्मपत्नी भी उपस्थित थीं।
- -नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान का विश्वविद्यालय में समापनरायपुर । पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत विगत एक माह से आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आज समापन हुआ। कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके विचार, संकल्प और सपने राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। इसलिए युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को युवाओं को नशामुक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से इस महाअभियान की शुरुआत की है। नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। आज पारंपरिक नशे के साथ सूखे नशे का चलन भी बढ़ रहा है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।राज्यपाल ने कहा कि नशा व्यक्ति की सही और गलत में अंतर करने की क्षमता को प्रभावित करता है। नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को दोषी मानने के बजाय उसके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराना चाहिए। अधिक नशे से मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।श्री डेका ने कहा कि नशे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जीवन में परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता, असफलता का भय और अपेक्षाओं का बोझ जैसी परिस्थितियां आती रहती हैं। इनसे बचने के लिए नशे का सहारा लेना समाधान नहीं है। समस्या से भागना समाधान नहीं, बल्कि उसका सामना करना ही वास्तविक साहस है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समय की पाबंदी और नियमित अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। राज्यपाल ने डिजिटल एडिक्शन को भी गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से डिजिटल माध्यमों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस आश्रम, हैदराबाद के संचालक श्री त्रिलोचन चावला ने नशा मुक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और माय भारत वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ प्रोफेसर श्री राजीव चौधरी को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।रेडक्रॉस एवं रोटरी संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के लिए संस्था के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -पशु संरक्षण एवं उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने गौ सेवकों से लिए सुझाओ-रेस्क्यू एवं संरक्षण को लेकर दिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देशरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गौ सेवकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं, बीमार एवं घायल पशुओं के रेस्क्यु, उपचार तथा उनके लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने गौ सेवकों से उनके कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के बेहतर संरक्षण एवं उपचार के लिए आवश्यक सुझाव भी लिए। बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, गौ सेवक श्री नीलेश सोनी, श्री संस्कार दुबे, श्री तरूण साहू, श्री अंकुश विश्वकर्मा, अनमोल ठाकुर, श्री वैदिक मिश्रा, श्री नीरज ठाकुर, श्री अमित चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि, गौ सेवक उपस्थ्ति थे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि गौ सेवक दिन-रात बीमार और घायल पशुओं की सेवा में जुटे रहते हैं। वे पूरी मेहनत, लगन और सेवाभाव के साथ सड़क पर घायल अवस्था में मिले पशुओं का रेस्क्यु कर उन्हें उपचार के लिए पशु चिकित्सालय तक पहुंचाते हैं। गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पशुओं की सेवा और संरक्षण के लिए उनके प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गौ सेवक जब भी किसी सेवा कार्य अथवा घायल पशु के रेस्क्यु के संबंधितकार्य हेतु संपर्क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाय। उनकी समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों एवं अन्य उपलब्ध मानव संसाधन तथा विभागीय सेटअप की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना स्थल, किन-किन क्षेत्रों में कौन से चिकित्सक कार्यरत हैं तथा किन स्थानों पर चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता है, इसकी भी जानकारी ली। उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक आयोजित कर जिले में पशुओं के उपचार एवं रेस्क्यु व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बीमार एवं घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने चिकित्सकों को सेवाभाव, ललक और मेहनत के साथ कार्य करने की बात कही।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यु वाहन के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पशु रेस्क्यु वाहन को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार पशुओं की सूचना मिलने पर तत्काल रेस्क्यु टीम मौके पर पहुंच सके। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को शिफ्ट करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गौ सेवकों, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कहा कि परिसर का निरीक्षण कर पशु चिकित्सालय को वहां स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार, देखभाल एवं विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जहां बीमार एवं घायल पशुओं को उपचार के साथ सुरक्षित स्थान, पर्याप्त खुला क्षेत्र तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इससे गौ माता सहित अन्य पशुओं के संरक्षण और सेवा कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पैरादान कराने के लिए प्रेरित करने कहा। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसल अवशेष के रूप में उपलब्ध पैरा को जलाने के बजाय गौवंश के लिए दान किया जाए, इससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने गौ सेवकों एवं संबंधित लोगों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में वीडियो एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करें।बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटना से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित एवं अत्यधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकतानुसार बेरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया, जिससे सड़क पर बैठे पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही वाहन चालकों को भी ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की बात कही गई।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेश के पारंपरिक एवं लोक आस्था के प्रमुख पर्व पोरा तिहार के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमारी माटी, खेती-किसानी और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना को प्रकट करता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव हैं। पोरा तिहार के माध्यम से हमारी परंपराएं, लोकमान्यताएं और संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते हैं। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश भी देता है।श्री ओपी चौधरी ने कामना की कि पोरा तिहार प्रदेश के सभी परिवारों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। किसानों के खेतों में भरपूर फसल हो और छत्तीसगढ़ निरंतर विकास एवं समृद्धि की दिशा में आगे बढ़े।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में अभनपुर में हितग्राहियों की पेशी लेकर दिए गए निर्देशरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत जनपद पंचायत अभनपुर में आवास निर्माण में विलंब करने वाले हितग्राहियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई।ऐसे हितग्राही, जिन्हें आवास निर्माण के लिए किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विगत कई माह से आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है अथवा निर्माण कार्य अपूर्ण है, उन्हें समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभनपुर श्री रवि सिंह द्वारा संबंधित हितग्राहियों की पेशी ली गई। उन्होंने हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि निर्धारित अवधि में आवास निर्माण पूर्ण नहीं किए जाने की स्थिति में प्राप्त राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अभनपुर उपस्थित रहे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंदरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं को छोड़कर जिले के शेष क्षेत्रों में लागू होंगे।जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।
- नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा पर रहेगा स्थानीय अवकाशरायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रायपुर एवं नया रायपुर अटल नगर क्षेत्र में वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश शासन के अधीन समस्त शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं के लिए लागू होगा। नुआखाई पर्व पर 15 सितंबर 2026, महाअष्टमी पर 19 अक्टूबर 2026 तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली का दूसरा दिन) पर 9 नवंबर 2026 को स्थानीय अवकाश रहेगा।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त स्थानीय अवकाश बैंकों, कोषालयों एवं उप कोषालयों के लिए लागू नहीं होंगे।
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने नगर निगम जोन 4 क्षेत्र के विभिन्न स्थानो का निरीक्षण अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर, जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पुरन तांडी श्री विरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में किया। प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानो पर गंदगी पाये जाने पर अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने गहन अप्रसन्नता व्यक्त की एवं गंदगी फैलाने वाले संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना करने और उन्हें स्वच्छता को लेकर हिदायत देने के निर्देश दिये।अपर आयुक्त के निर्देश पर जोन 4 जोन कमिश्नर के मार्गनिर्देशन में जोन 4 जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने गंदगी पाये जाने पर संबंधित 6 व्यक्तियों सोनू सोनकर पर 2000 रू., संतोष देवभोग मिल्क पार्लर पर 5000 रू., ऋषभ रक्सेल पर 2000 रू., सुनील लहरवानी, जलन सागर, चेतन मंडले पर 500-500 रू. कुल 6 व्यक्तियों पर 10500 रू. का ई चालान गंदगी पाये जाने पर किया एवं उन्हें भविष्य के लिये कडी चेतावनी के साथ स्वच्छता बनाये रखने की कडी हिदायत स्थल पर दी।
- भिलाई नगर। संधान जन कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार को साहित्यकार डॉ भगवती साहू के प्रथम कहानी संग्रह ‘राहगीर’ का विमोचन सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियों, भाषाविदों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति रही। समारोह में साहित्यकारों ने कहानी संग्रह के भाषा शिल्प और सौंदर्य, वैचारिक सरोकारों के साथ ही वर्तमान सामाजिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर सार्थक विमर्श किया। समिति के सचिव एवं शिक्षाविद डॉ देवेंद्र नाथ शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी रचनाकार के लिए उसकी पहली कृति का विमोचन किसी उत्सव से कम नहीं होता। यह उसकी लेखन यात्रा के प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण क्षण होता है। डॉ भगवती साहू ने कहा कि ‘राहगीर’ में उन्होंने अपने आसपास की घटनाओं को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। उन्हें विश्वास है कि संग्रह की कहानियां पाठकों के मर्म को अवश्य स्पर्श करेंगी।अध्यापन और लेखन में बेहतरीन संतुलनवरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने अध्यापन के साथ लेखन जारी रखने के लिए डॉ भगवती साहू के साहस की सराहना की। उन्होंने संग्रह की प्रथम कहानी ‘गुंजन’ की गूंगी पात्र तथा अंतिम कहानी ‘कल्पना के बदरंग चित्र’ की पात्र हिना के माध्यम से संग्रह की विविधता को रेखांकित किया। डॉ अम्बरीश त्रिपाठी ने कहानी संग्रह की भाषा-शैली और वाक्य विन्यास पर समीक्षात्मक टिप्पणी की। रचनाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने कहा कि साहित्यिक समीक्षा केवल प्रशंसा पाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ जानने और सीखने के लिए भी होती है। डॉ रमेश अनुपम ने मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का अनपढ़ और हिंसक होते जाना बेहद लज्जाजनक और भयावह स्थिति है। वहीं डॉ अभिनेश सुराना ने कहा कि डॉ भगवती की कहानियों में ग्रामीण परिवेश और शहरी वातावरण का वास्तविक चित्रण देखने को मिलता है।सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मानकार्यक्रम का संचालन शरद कोकास ने किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों एवं कथाकार डॉ भगवती साहू का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं कुंड पादप भेंटकर सम्मान किया गया। सुरेश सिंह परिहार ने कहानी संग्रह की कहानी ‘मेहनत की स्याही से लिखी जीवन की इबारत’ का प्रभावपूर्ण वाचन भी किया। समारोह में रचनाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी, व्यंग्यकार विनोद साव, लेखिका डॉ अंजना श्रीवास्तव, शायर मुमताज, बाल साहित्यकार कमलेश चंद्राकर, नाट्य निर्देशक विभाष उपाध्याय, विजय दिल्लीवार, शुचि भवि, डॉ अर्चना झा, टी सहदेव, दीपक दास, डॉ रूपमती साहू, शंभू राम साहू, डॉ मेघा साहू और विनोद साहू समेत कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।टी सहदेव
- 0- सीएसवीटीयू भिलाई का बीआईटी दुर्ग में ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन0- कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिलदुर्ग. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग परिसर में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं प्रदेश़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राज्यपाल श्री डेका ने अपने कर कमलों से 72 महिला स्व-सहायता-समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट वितरण किया। समारोह में सांसद श्री विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग महापौर श्रीमती अल्का बाघमार और सहकार भारती के श्री कलीराम शर्मा भी सम्मिलित हुए।मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। आज यहां दो महत्वपूर्ण यात्राओं का शुभारंभ हो रहा है, एक हमारी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर दूसरी हमारे युवा नवाचारकर्ताओं के सपनों को उद्यम में बदलने की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी है, जब वह समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़कर रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे। राज्यपाल ने कहा कि मिलेट से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है। छत्तीसगढ की कृषि परंपरा में मिलेट अर्थात मोटे अनाज का विशेष महत्व रहा है। आज वहीं पारंपरिक ’श्री अन्न’ (मिलेट) पोषण के साथ-साथ अब आय का नया जरिया बन रहा है। मिलेट पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों के लिए आय के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को निःशुल्क मिलेट हेल्थ कार्ट प्रदान किए जाने के साथ ही उन्हें एक सक्षम व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने के लिए उत्पाद निर्माण, एफएसएसएआई मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन का संपूर्ण प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता-समूहों को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की इस पहल पर बल देते हुए बताया कि जब एक महिला स्वावलंबी बनती है तो उसका परिवार मजबूत होता है और पूरे समुदाय में आत्मविश्वास पैदा होता है।राज्यपाल श्री डेका ने युवा नवाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 24 नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स को कुल ₹50 लाख की इग्निशन ग्रांट प्रदान की जा रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार के मार्ग में असफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनसे सीखकर निरंतर आगे बढ़ना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं परंपरागत रूप से श्रम, कौशल और उद्यमशीलता की मिसाल बन रही हैं; महिला स्व-सहायता-समूहों ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए।राज्यपाल श्री डेका ने तकनीकी विश्वविद्यालय के ज्ञान और संसाधनों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएसव्हीटीयू-फोर्टे (फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप) आने वाले समय में ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी महिला एसएचजी की बहनों और युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मिलेट को पारंपरिक अनाज ’श्री अन्न’ के रूप में इसे सहकारिता के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुॅचाया है। प्रधानमंत्री जी पहल पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूह को जोड़कर मिलेट खाद्यान को सभी के सहयोग से जन-जन तक पहुंचाना है। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने आज के इस आयोजन को विकसित भारत निर्माण की मजबूत शुरूआत बताते हुए कहा कि एसएचजी के माध्यम से महिलाएं सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत होने जा रहीं हैं। स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं में विश्वास जागृत हुआ है। उन्होंने सरकार की योजनाओं से जुड़कर युवाओं को स्वावलंबी बनने का आह्वान किया।विधायक श्री रिकेश सेन ने कहा कि स्टार्टअप योजना छत्तीसगढ़ के विकास में रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। कार्यक्रम को महापौर श्री अल्का बाघमार और सहकार भारती के श्री कलीराम शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के आरंभ में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूण अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन में आयोजन के उद्देश्य, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्रध्यापकगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता-समूह की बहनें व युवा वर्ग उपस्थित थे।
- 0- कापसी के उच्च स्तरीय जलागार में पहुंचा पानी, योजना की टेस्टिंग शुरूदुर्ग. जल जीवन मिशन के अंतर्गत दुर्ग जिले में 09 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इन योजनाओं के माध्यम से नदी के जल को फिल्टर प्लांट में शुद्ध कर 246 ग्रामों के उच्चस्तरीय जलागारों तक पहुंचाते हुए हर घर में पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें से 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की निविदा जारी कर कार्य कराया जा रहा है, जबकि अमलेश्वर एवं पथरिया समूह जल प्रदाय योजनाएं शासन स्तर पर निरस्त हो चुकी हैं।पाटन विकासखंड के 17 ग्राम अमलेश्वर समूह योजना में शामिल थे। इनमें अमलेश्वर, मगरघटा, खुड़मुड़ा और भोथली सहित 04 ग्रामों के अमलेश्वर नगर पालिका में सम्मिलित होने के कारण समूह योजना निरस्त हो गई। समूह योजना में शामिल होने के कारण इन ग्रामों की व्यक्तिगत योजनाओं में राइजिंग मेन का प्रावधान नहीं था। कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से प्राप्त जानकारी अनुसार अमलेश्वर समूह योजना में शामिल 08 ग्रामों में उपलब्ध राशि से जल वितरण प्रणाली के ठेकेदार द्वारा भू-जल स्रोत से योजनाओं को जोड़कर कार्य पूर्ण कर लिया गया था। वहीं शेष 05 ग्रामों में राशि की उपलब्धता नहीं होने से योजनाओं को पूर्ण करने में बाधा आ रही थी।जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में माननीय मुख्य सचिव द्वारा ऐसे ग्रामों, जहां जल स्रोत उपलब्ध है लेकिन किसी कारण से योजना पूर्ण नहीं हो सकी है, वहां जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि स्वीकृत करने का सुझाव दिया गया था। इसके परिपालन में कलेक्टर दुर्ग द्वारा डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत की गई।स्वीकृत राशि के बाद अमलेश्वर समूह योजना से जुड़े 05 ग्रामों सांकरा, कापसी, कोपेडीह, रूही और अमलीडीह में से रूही एवं कापसी में कार्यादेश जारी कर कार्य कराया जा रहा है। इसी क्रम में 09 सितंबर 2026 को कापसी ग्राम के उच्च स्तरीय जलागार में पानी पहुंचाया गया तथा योजना की टेस्टिंग प्रारंभ कर दी गई है।शेष 03 ग्रामों सांकरा, कोपेडीह एवं अमलीडीह के लिए प्रमुख अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से अनुमति प्राप्त कर निविदा प्रक्रिया प्रगतिरत है। प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द ही कार्यादेश जारी कर इन ग्रामों में भी पेयजल प्रदाय प्रारंभ किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी ।
- दुर्ग. प्राचार्य, संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग (कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे, पेंशन कार्यालय) द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2026 से फरवरी 2027 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक संचालित रहेगी। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग और संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन छत्तीसगढ़ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, यह प्रशिक्षण लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। दिशानिर्देशों के तहत ऐसे लिपिक वर्गीय कर्मचारी, जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है (तकनीकी संवर्ग को छोड़कर) और जिन्होंने 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है, वे इसके पात्र होंगे। अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में अभ्यर्थियों के लिए कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य रखा गया है। संबंधित कार्यालय प्रमुखों को निर्धारित प्रपत्र में पूर्ण रूप से भरे आवेदन पत्र कार्यालयीन समय में 30 सितंबर 2026 तक संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान, दुर्ग में प्रस्तुत करने कहा गया है। संस्थान द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि के पूर्व या पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन केवल विज्ञप्ति के साथ संलग्न छायाप्रति (स्वीकार्य) मानक आवेदन पत्र पर ही स्वीकार किए जाएंगे।
- दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग और शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 11 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला शासकीय महिला आईटीआई (पुलगांव चौक, दुर्ग) परिसर में आयोजित होगा। रोजगार कार्यालय के उपसंचालक श्री विष्णु कुमार केड़िया से मिली जानकारी के अनुसार, इस मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र के 05 नियोजकों द्वारा तकनीकी एवं गैर-तकनीकी संवर्ग के कुल 382 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी। रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग योग्यताधारी आवेदक शामिल हो सकते हैं।रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी रोजगार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in एवं 'छ.ग. रोजगार ऐप' पर उपलब्ध करा दी गई है। इच्छुक एवं योग्य आवेदक ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। मेले में भाग लेने के लिए आवेदकों का रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक 11 सितंबर 2026 को अपने समस्त शैक्षणिक व आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थान शासकीय महिला आईटीआई, दुर्ग में उपस्थित होकर रोजगार मेले का लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी अथवा मार्गदर्शन के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, दुर्ग (मालवीय नगर चौक) में संपर्क किया जा सकता है।
- दुर्ग. सत्र 2021-22 से 2025-26 तक जिले में महतारी दुलार योजना अंतर्गत लाभान्वित विद्यार्थियों की पात्र/अपात्र सूची छात्रवृत्ति पोर्टल https://schoolscholarship.cg.nic.in/fhome.aspx के पब्लिक डोमेन में उपलब्ध करा दी गई है। जिला स्तर पर दावा आपत्ति प्राप्त कर योजना की अधिसूचनाओं के तहत दावा आपत्तियों का निराकरण किए जाने के लिए 12 सितम्बर तक निर्धारित किया गया है। दावा आपत्ति कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग में निर्धारित तिथि में कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्रस्तुत आवेदनों पर विचार नही किया जाएगा।
- दुर्ग. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत 29 सितम्बर से 03 अक्टूबर 2026 तक प्रयाग, काशी विश्वनाथ, हनुमान मंदिर की यात्रा हेतु दुर्ग जिले के 445 वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या 60 वर्ष के ऊपर) को यात्रा पर भेजने की तैयारी थी। जिसकी तिथि में अपरिहार्य कारणों से संशोधन करते हुए उक्त यात्रा 03 से 07 दिसम्बर 2026 तक हो गई है। जिसमें 333 ग्रामीण व 112 शहरी क्षेत्र के यात्री को सम्मिलित करते हुए कुल 445 का कोटा निर्धारण किया गया है। जिसमें 80 प्रतिशत हितग्राही बी.पी.एल. अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी एवं 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के ऊपर (ए.पी.एल) के नागरिक होंगे, जो आयकर दाता न हो।उप संचालक समाज कल्याण के अनुसार आवेदक, संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों से आवेदन प्राप्त कर 05 नवम्बर 2026 तक स्वास्थ्य परीक्षण उपरान्त निर्धारित प्रपत्र में आवेदन संबंधित नगरीय निकाय / जनपद पंचायतों में जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के उपरान्त आवेदन प्रस्तुत करने पर स्वीकार्य नही किया जाएगा।
- 0- उपस्वास्थ्य केन्द्र की मरम्मत कराने दिया आवेदन, जनदर्शन में 109 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगाें से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 109 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में पाटन तहसील के ग्राम औंधी निवासी कृषक ने अपने मृतक बहन के नाम दर्ज भूमि का फौती नामांतरण वैध वारिसों के नाम दर्ज कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि फौती नामांतरण के लिए नायब तहसीलदार पाटन के समक्ष आवश्यक दस्तावेज एवं प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। ग्राम औंधी की भूमि ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के कारण इस क्षेत्र में प्रतिबंध लगा हुआ है। नामांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं होने से वारिसों का एग्रीस्टैक पंजीयन एवं सेवा सहकारी समिति में धान विक्रय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अनुमति प्रदान कर फौती नामांतरण आदेश पारित कराने की मांग की है। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत चंगोरी के सरपंच ने उपस्वास्थ्य केन्द्र की मरम्मत कराने आवेदन दिया। ग्राम चंगोरी में संचालित उपस्वास्थ्य केंद्र भवन के जर्जर होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार भवन की छत का प्लास्टर लगातार गिर रहा है, जिससे कभी भी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। सुरक्षा को देखते हुए उपस्वास्थ्य केंद्र का संचालन फिलहाल अन्य स्थान पर किया जा रहा है। जर्जर भवन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। इस पर अपर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- दुर्ग. जिले के ग्राम चन्द्रखुरी एवं कुथरेल में संयुक्त आयुक्त भू अभिलेख श्री अतुल विश्वकर्मा द्वारा डीसीएस के सर्वे का निरीक्षण किया गया। श्री विश्वकर्मा ने ग्राम चन्द्रख़ुरी एवं कुथरेल में हल्का पटवारी एवं सर्वेयर के साथ फ़ील्ड में जाकर सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।सर्वेयर द्वारा किए जा रहे सर्वे पर श्री विश्वकर्मा ने संतोष ज़ाहिर की। उन्होंने सर्वे के दौरान सर्वेयर्स से भी उनको आ रही समस्याओं के संबंध में चर्चा की। श्री विश्वकर्मा ने ज़िले में डीसीएस के कार्यों के अप्रूवल की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक शीतल दस एवं नायब तहसीलदार श्री वसुमित्र दीवान उपस्थित थे।
- 0- सम्बंधित दुकान संचालकों को दी कड़ी चेतावनी0- निगम जोन 7 स्वास्थ्य, नगर निवेश, राजस्व की संयुक्त टीम फील्ड में उतरी0- रामनगर के आसपास की व्यवसायिक सम्पतियों में की पुर्नमूल्यांकन की कार्रवाईरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग, नगर निवेश विभाग, राजस्व विभाग की संयुक्त टीम नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में फील्ड पर उतरी और जोन क्षेत्र अंतर्गत रामनगर कर्मा चौक के आसपास क्षेत्र में अभियान चलाकर गन्दगी फैलाने और सड़कों पर कब्जा करने पर सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए लगभग 35000 रूपये का ई जुर्माना किया.नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन में जोन क्षेत्र अंतर्गत कर्मा चौक रामनगर के आसपास के व्यवसायिक भवनों में पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई अभियान चलाकर की. पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई में 1लाख 42414 रूपये की वृद्धि सम्पतिकर में नियमानुसार दर्ज की गयी, बढ़े सम्पतिकर की राशि की प्रक्रिया के अंतर्गत वसूली हेतु सम्बंधित सम्पतिकरदाता नागरिकों को नोटिस नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग ने जारी कर दी और बढ़े हुए सम्पतिकर की अंतर की राशि की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जा रही है.
- रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में तिलापिया क्लस्टर की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने एवं तिलापिया मछली के निर्यात को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों को तिलापिया मछली का देश एवं विदेश में निर्यात करने हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तिलापिया मछली का अधिक मात्रा में उत्पादन होता है, जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रोसेसिंग प्लांट में कार्य करने के लिए प्रथम चरण में 100 किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों का एफएफपीओ (फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) में पंजीयन कराया जाएगा, जिससे उन्हें संगठित रूप से उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सहायता मिल सकेगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत भारत सरकार द्वारा मछली पालन के क्षेत्र में कुल 18 क्लस्टर बनाए गए हैं, जिसमें से एक क्लस्टर प्राथमिक निर्यात-उन्मुख तिलापिया क्लस्टर के रूप में जिला रायपुर को नामित किया गया है। इसका उद्देश्य मीठे पानी की तिलापिया मछली के उत्पादन को बढ़ावा देना एवं विदेश में निर्यात को प्रोत्साहित करना है।बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला मत्स्य अधिकारी श्री मनोज कुमार पैकरा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- नगर निगम ने जोन 8 क्षेत्र में शहीद भगत सिंह वार्ड 21 में कार्रवाई कीरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गनिर्देशन एवं कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता श्री अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता श्री लोचन चौहान की उपस्थिति में जोन 8 नगर निवेश विभाग टीम द्वारा नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत शहीद भगत सिंह वार्ड कमांक 21 क्षेत्र के अंतर्गत टाटीबंध सरोवर पोर्टिको होटल के पास दत्ता किचन के बाजू मुख्य मार्ग में लगभग 2000 वर्गफीट में किए जा रहे व्यवसायिक अनुमति विपरीत निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की गयी | अन्य वार्डों में सड़क बाधा शुल्क एवं ग्रीन नेट की कार्रवाई करते हुए ई पेनाल्टी के माध्यम से रसीद काटी गयी.
- 0- रायपुर में पीएम राहत योजना से 124 मरीजों का सफल सत्यापन0- पीएम राहत योजना में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल, डी.के.एस. अस्पताल राज्य के लीडिंग अस्पतालों में शामिल0- दुर्घटना के 7 दिन तक फ्री इलाज: रायपुर में पीएम राहत योजना से लोगों को मिल रही राहतरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय से जिले में पीएम राहत योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। योजना के क्रियान्वयन में पुलिस विभाग से पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, एसपी ग्रामीण श्रीमती श्वेता सिन्हा, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा, एएसपी ग्रामीण श्रीमती चंचल तिवारी, एसीपी श्रीमती सीमा अहिरवार एवं जिला प्रबंधक श्रीमती अर्चना राजपूत का विशेष सहयोग रहा।जिला नोडल अधिकारी ट्रॉमा डॉ. सार्थक नंदा ने बताया कि जिले के 20 निजी एवं शासकीय अस्पतालों के सहयोग से अब तक 200 से अधिक जरूरतमंद लोगों को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया जा चुका है, जिनमें से लगभग 124 मरीजों का सफल सत्यापन किया गया है। इस उपलब्धि में डी.के.एस. अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में उच्च स्थान प्राप्त किया है। योजना की शुरुआत से ही अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा एवं डॉ. हेमंत शर्मा के मार्गदर्शन में डी.के.एस. के अधिकारी एवं कर्मचारी इस योजना के क्रियान्वयन में लगे हुए हैं।उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहाँ कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के विशेष निर्देशन में दिनांक 30 अप्रैल 2026 को प्रथम हितग्राही को पीएम राहत योजना का लाभ दिलाया गया था।योजना के बारे में :- प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक राष्ट्रीय कैशलेस आपातकालीन उपचार योजना है, जो सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। यह योजना किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य सड़क या शहर की सड़क पर हुए हादसे पर लागू है। इसके लिए 112 पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा का अनुरोध कर नजदीकी अस्पताल में इलाज शुरू किया जा सकता है।




























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