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बिलासपुर/संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में धरना - प्रदर्शन के लिए नए स्थल निर्धारण के लिए 2 फरवरी को शाम 5 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जरूरी बैठक आहूत की गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में विभिन्न संगठनों से विचार - विमर्श कर नए स्थल का चिन्हांकन किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल ने बैठक में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक, व्यावसायिक और शासकीय कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल होने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था व संविधान में दिए गए अधिकारों के अंतर्गत सभी नागरिकों और संगठनों को विधि पूर्वक, शांति पूर्ण आचरण से अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्रता दी गयी है l जिसके तहत अपनी मांग रखने,संदेश देने के लिए धरना,रैली,जुलूस निकाल कर ज्ञापन दिया जाता है l जिला बिलासपुर में धरना,रैली और जुलूस हेतु मुख्य रूप से नेहरू चौक का उपयोग किया जाता है l यह चौक यातायात की दृष्टि से सबसे व्यस्त व महत्वपूर्ण चौक है। यहां आयोजित धरना प्रदर्शन से यातायात गंभीर रूप से प्रभावित होता है और आगंतुकों को परेशानी होती है l यहाँ स्थित अनुविभागीय अधिकारी (रा.) व तहसील कार्यालय, नवीन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। निर्माणाधीन अवधि में यहां किसी भी धरना-प्रदर्शन के लिए अनुमति दिया जाना सम्भव नहीं होगा l उक्त स्थिति से अवगत कराने और सभी स्टेक होल्डर से चर्चा कर नवीन स्थल चिन्हांकित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में मंथन सभा कक्ष कलेक्ट्रेट बिलासपुर में कल 02 फरवरी को शाम 5 बजे बैठक आयोजित है l जिसमें संगठन के प्रमुख पदाधिकारी सादर आमंत्रित है । -
डॉ जाट ने कृषि विश्वविद्यालय की अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों की सराहना की
रायपुर/.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के उत्पाद विक्रय काउंटर का दौरा कर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न कृषि उत्पादों, तकनीकों एवं मूल्य संवर्धित वस्तुओं का अवलोकन किया। डॉ जाट ने कृषि विश्वविद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना की. इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों तथा आईजीकेवी से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) एवं एफपीओ प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस विक्रय केंद्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषक उत्पाद संगठनों तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है.भ्रमण के दौरान डॉ. जाट के साथ प्रमुख रूप से डॉ. डी. के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), आईसीएआर; डॉ. राजवीर सिंह, उप महानिदेशक (विस्तार), आईसीएआर; डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, आईजीकेवी; डॉ. पी. के. रॉय, निदेशक, एनआईबीएसएम, रायपुर; डॉ. एस. आर. के. सिंह, निदेशक, अटारी जोन-IX, जबलपुर तथा डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक, विस्तार सेवाएं, आईजीकेवी, रायपुर उपस्थित थे।महानिदेशक ने आईजीकेवी की अनुसंधान, विस्तार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण गतिविधियों की समीक्षा की तथा विभिन्न महाविद्यालयों, केवीके एवं केवीके-समर्थित एफपीओ द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बाजारोन्मुख कृषि, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और व्यावसायीकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।यह भ्रमण नवाचार-आधारित एवं किसान-केंद्रित कृषि विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। -
-निर्वाण दिवस पर महात्मा गाँधी को मूर्ति स्थल पर नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष अवतार भारती बागल, जोन 4 अध्यक्ष मुरली शर्मा ने किया सादर नमन0
रायपुर -विगत दिवस महात्मा गाँधी के 78वें निर्वाण दिवस पर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर निगम जोन 4 के सहयोग से ऐतिहासिक टाउनहाल के प्रांगण में मूर्ति स्थल के समक्ष उन्हें सादर नमन करने संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन रखा गया, जिसमें पहुंचकर छग राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी को निर्वाण दिवस शहीद दिवस पर सादर नमन किया.
नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में और नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में प्रमुख रूप से रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 4 उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर सहित राजधानी शहर रायपुर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं और आमजनों ने महात्मा गाँधी को 78वें निर्वाण दिवस शहीद दिवस पर महात्मा गाँधी के मूर्ति स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की. -
एमआईसी सदस्यों सहित तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव पहुंचीं महापौर ने प्रतिदिन मॉर्निग वाक करने वाले सैकड़ों लोगों को पार्किंग शुल्क से तत्काल दिलवाई पूर्ण राहत
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे राजधानी शहर रायपुर के तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव वाहन पार्किंग स्थल पहुंचीं और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम एमआईसी सदस्य सर्वश्री मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, दीपक जायसवाल, संतोष सीमा साहू, अमर गिदवानी, पार्षद श्री प्रदीप वर्मा सहित उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू, जोन 3 कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, उप अभियंता श्री अक्षय भारद्वाज, बाजार विभाग के श्री आकाश झा की उपस्थिति में वाहन पार्किंग व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर स्थल समीक्षा करते हुए प्रतिदिन सुबह सैकड़ों की संख्या में मॉर्निंग वाक करने वाले लोगों से कोई भी वाहन पार्किंग शुल्क नहीं लेने और इसका विशेष ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए कि मरीन ड्राइव तेलीबांधा तालाब में मार्निग वाक करने वाले किसी भी नागरिक को किसी प्रकार की असुविधा ना होने पाए.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि हमारी नगर निगम परिषद मरीन ड्राइव में मार्निग वाक पर आने वाले सैकड़ों नागरिकों से वाहन पार्किंग शुल्क नहीं लेगी और उन्हें इससे पूर्ण राहत देगी. उसके बाद दिन भर वाहन पार्किंग व्यवस्था यहाँ दिन भर रहने वाले अव्यवस्थित सड़क यातायात को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने में जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सहायक सिद्ध हो सकेगी. - -अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन: शांति, विश्वास और विकास का सामूहिक दौड़-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नारायणपुर में अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन को दिखाई हरी झंडी-10 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लगाई दौड़, आत्मसमर्पित नक्सली भी बने आयोजन का हिस्सारायपुर / अबूझमाड़ की पावन धरती से शांति, सद्भाव और विकास का सशक्त संदेश देते हुए आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अलसुबह नारायणपुर के हाईस्कूल परिसर के समीप आयोजित हाफ मैराथन सहभागिता की और धावकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सांकेतिक रूप से स्वयं भी दौड़ लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विजयी प्रतिभागियों को प्रदान किए जाने वाले मैडल का अनावरण भी किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज अबूझमाड़ की धरती से पूरे देश और दुनिया को अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही अबूझमाड़ है, जहाँ कभी आम नागरिकों और जवानों का पहुँचना भी कठिन था, लेकिन आज सकारात्मक वातावरण के कारण हजारों लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद से मुक्ति की दिशा में युवा वर्ग का जोश और उत्साह यह संकेत दे रहा है कि जल्द ही यह क्षेत्र खुशियों से आबाद होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है और बस्तर लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान और समर्पण से आज बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास की मजबूत नींव पड़ी है।मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है तथा नए विकास कार्यों की घोषणा भी की गई है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र पिछले चार दशकों से विकास से वंचित रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और बस्तर में विकास की गंगा निरंतर बहेगी। उन्होंने सम्पूर्ण बस्तर और छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के सरकार के संकल्प को दोहराया।उल्लेखनीय है कि यह 21 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश से आए 60 से अधिक विदेशी प्रतिभागियों सहित बस्तर संभाग, प्रदेश एवं अन्य राज्यों के 10 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया। मैराथन से पूर्व हाईस्कूल परिसर में जुंबा वॉर्मअप कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की।आत्मसर्पित माओवादी बने मैराथन का हिस्साइस आयोजन की सबसे विशेष और ऐतिहासिक बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी हथियार छोड़कर शांति और मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए मैराथन में हिस्सा लिया। नारायणपुर की अबूझमाड़िया जनजाति सहित स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी बनाया।कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्री केदार कश्यप, जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, वैद्यराज पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री राबिनसन गुरिया, जिला सीईओ श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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वार्ड 51 में शीघ्र बनेगी सीसी रोड, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा और महापौर मीनल चौबे ने किया भूमिपूजन, समयसीमा और गुणवत्ता का ध्यान रखकर नया विकास कार्य करवाने दिए निर्देश0
रायपुर/ धरसींवा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 अंतर्गत लालबहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 51 क्षेत्र में शीघ्र जोरा मुक्तिधाम का सौंदर्यीकरण कार्य राज्य प्रवर्तित योजना अंतर्गत 60 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से किया जायेगा और वार्ड 51 क्षेत्र अंतर्गत पंजाब केसरी भवन के समीप नवीन सीसी रोड का निर्माण अधोसंरचना मद अंतर्गत 8 लाख 68 हजार रूपये की लागत से शीघ्र सुगम यातायात कायम करने किया जायेगा. जोरा मुक्तिधाम में शेड निर्माण, बाउंड्रीवाल निर्माण, लैंड स्केपिंग सहित विविध आवश्यक सौंदर्यीकरण के नवीन कार्य होंगे. धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा और नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोरा मुक्तिधाम सौंदर्यीकरण और सीसी रोड निर्माण का कार्य नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, वार्ड 51 पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू सहित जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर सहित अन्य सम्बंधित जोन 9 अधिकारियों, महिलाओं, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए कार्यरम्भ किया और जोन 9 जोन कमिश्नर को तत्काल वार्ड 51 में नए विकास कार्य प्रारम्भ करवाकर सतत मॉनिटरिंग करते हुए जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु तय समयसीमा के भीतर उच्च स्तरीय गुणवत्ता का ध्यान रखकर प्राथमिकता के साथ पूर्ण करवाया जाना सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया. - -मुख्यमंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में हुए शामिलरायपुर / दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास पर पहुँचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ क्षेत्र में आयोजित पीस हाफ मैराथन के शुभारंभ के साथ-साथ अनेक सामाजिक, खेल और पर्यटन गतिविधियों में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन और स्थानीय सहभागिता को बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया, उन्हें प्रोत्साहित किया तथा लोगों से संवाद कर सहभागिता और विश्वास को और मजबूत किया।बाइकर्स को दिखाई हरी झंडीमुख्यमंत्री श्री साय ने शांत सरोवर के समीप रायपुर के छत्तीसगढ़ राइडिंग क्लब के 40 बाइकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह बाइकर्स समूह नारायणपुर के सुदूर पर्यटन स्थल कच्चापाल तक की यात्रा करेगा। इस पहल के माध्यम से अबूझमाड़ को जानने, समझने और शांति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।शांत सरोवर में नौका विहारबिजली गाँव के समीप स्थित शांत सरोवर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप एवं लघु वनोपज के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम के साथ नौका विहार का आनंद लिया। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह विशेष पहल स्थानीय प्रशासन के द्वारा की गई है।तीर-धनुष से साधा लक्ष्यमुख्यमंत्री श्री साय ने बिंजली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीरंदाजी के स्थानीय युवा खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और स्वयं तीर-धनुष उठाकर लक्ष्य साधते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आदिवासी समाज की पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक प्रशिक्षण से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। शांति, आजीविका और खेलों के विकास में प्रशासन द्वारा समन्वित प्रयास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति स्थापना, आजीविका संवर्धन, खेल प्रतिभाओं को मंच देने और विश्वास का वातावरण बनाने के लिए सतत कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुरिया, सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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-पूरी सड़क को मार्च के दूसरे सप्ताह तक शत - प्रतिशत पूर्ण कर लोकार्पण करने तैयार करें - दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी के जनहित में अधिकारियों को सख्त निर्देश
-दक्षिण विधायक ने आयुक्त श्री विश्वदीप सहित जोन 6 अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद श्री रवि सोनकर सहित भाठागांव रोड का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर की स्थल समीक्षा
रायपुर/आज रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने राजधानी शहर रायपुर में भाठागांव रोड का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की स्थल समीक्षा कर कार्य को तत्काल गतिमान करते हुए भाठागांव रोड में एक ओर की रोड का कार्य हर हाल में 15 फरवरी तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए. दक्षिण विधायक ने पूर्ण रोड को कार्य मार्च के दूसरे सप्ताह तक पूर्ण करवाते हुए जनउपयोग हेतु लोकार्पण करने की तैयारी करने के सख्त निर्देश दिए हैँ.
नगर निगम रायपुर द्वारा, 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत 3 करोड़ 43 लाख रूपये की स्वीकृत लागत से भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड तिफरा चौक तक मार्ग निर्माण कार्य निरन्तर प्रगतिरत है.
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, वार्ड पार्षद श्री रवि सोनकर, मंडल अध्यक्ष श्री अभिषेक तिवारी, नगर निगम अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव सहित नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, स्थानीय निवासियों सहित भाठागांव रोड के कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर स्थल समीक्षा कर आवश्यक निर्देश नगर निगम रायपुर के सम्बंधित अधिकारियों को दिए.
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने जनहित में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया कि कार्य को तत्काल गतिमान करके सतत मॉनिटरिंग करते हुए भाठागांव रोड की एक ओर की सड़क का कार्य 15 फरवरी 2026 तक हर हाल में सड़क डामरीकरण कार्य करवाकर पूर्ण कर लेवें ओर पूर्ण सड़क का कार्य 15 मार्च तक शत - प्रतिशत पूर्ण करवाकर नए स्वरूप में सड़क मार्ग के जनउपयोग हेतु लोकार्पण की तैयारी कर लें.
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर परिसर में "An Evening of Musical Harmony" संपन्न
बिलासपुर। 31 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में "An Evening of Musical Harmony" का भव्य एवं संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF-SECR) बिलासपुर के पाइप एवं ब्रास बैंड द्वारा अनुशासित एवं मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी गई, विशेष रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। कार्यक्रम के माध्यम से संगीत, अनुशासन एवं सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बैंड द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति धुनों, पारंपरिक एवं समकालीन संगीत की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बैंड सदस्यों की अनुशासित परेड, तालमेल एवं संगीतात्मक उत्कृष्टता ने उपस्थित दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
इस गरिमामय अवसर पर माननीय श्री न्यायाधीश रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा बैंड की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों के अनुशासन एवं संगीतात्मक उत्कृष्टता को सराहा एवं प्रतिभागी सदस्यों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। यह संगीतमय संध्या न्यायिक गरिमा के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।
इससे पूर्व छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर परिसर स्थित बुलंद दरवाज़ा एवं उससे संलग्न टैरेस गार्डन के सौंदर्यीकरण पश्चात लोकार्पण माननीय श्री मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा के कर कमलों द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य उच्च न्यायालय परिसर की गरिमा, ऐतिहासिक महत्व एवं पर्यावरणीय सौंदर्य को संरक्षित एवं संवर्धित करना है। सौंदर्गीकरण कार्यों के अंतर्गत संरचनात्मक सुधार, हरित विकास, एवं परिसर को अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
उपरोक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के समस्त माननीय न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता, डिप्टी सालिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्तागण, अन्य अधिवक्तागण, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायप्रशासन के अधिकारीगण, न्यायालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। - -नारायणपुर के परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय को बस देने की घोषणारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय में अचानक छात्रों के बीच पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर संस्था में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र रंजीत बड्डे सहित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, हनुमान चालीसा एवं बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय को एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाएं अच्छी हैं, उनका पूरा लाभ लेकर सभी अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया और कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है। बच्चों ने जब उनसे पूछा गया कि उन्हें विद्यालय आकर कैसा लगा, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। एक बच्ची के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें पिट्ठू, फुटबॉल जैसे खेल खेलना बहुत पसंद था।मुख्यमंत्री ने संस्था के सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर आशीर्वाद दिया। दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री श्री साय सहित राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह एवं आईजी श्री सुंदरराज पी. ने सराहना की।उल्लेखनीय है कि परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को किया गया था। इसका संचालन जिला खनिज न्यास निधि से किया जा रहा है। विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे उनका आत्मविश्वास सुदृढ़ हो और वे समाज में अपनी भूमिका प्रभावी रूप से निभा सकें। यह विद्यालय सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। वर्तमान में विद्यालय में कुल 60 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा संगीत शिक्षा, खेलकूद, योग एवं व्यायाम, तथा कंप्यूटर शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के निर्विरोध नव निर्वाचित अध्यक्ष अजय मधुकर काले के साथ चेतन गोविंद दंडवते, गीता श्याम दलाल, श्याम सुंदर खंगन, परितोष डोनगांवकर, नमिता शेष और मालती मिश्रा को भी बिना विरोध कार्यकारिणी सदस्य चुने जाने का प्रमाण पत्र रविवार, एक फरवरी को दोपहर 3:30 बजे दिया जाएगा। हाल ही में संपन्न हुए चुनाव के मुख्य चुनाव अधिकारी शेखर राव साहेब अमीन मंडल भवन में सभी निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों को उनके एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक की कार्यावधि के निर्वाचन का सर्टिफिकेट देंगे।
बताते चलें कि बतौर अध्यक्ष अजय मधुकर काले का यह नौंवा कार्यकाल होगा। इनमें वे लगातार सातवीं बार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इसी तरह चेतन दंडवते छह बार निर्विरोध कार्यकारिणी सदस्य चुने गए हैं।
मंडल की निर्वाचन नियमावली के अनुसार नया कार्यकाल शुरू होने के बाद अध्यक्ष काले अपनी कार्यकारिणी के लिए सात सभासदों को मनोनित करेंगे। इस तरह 13 सदस्यीय कार्यकारिणी को विभिन्न प्रकल्पों, सेवाभावी कार्यों और सालभर के बड़े आयोजनों का दायित्व दिया जाएगा। इस बीच आगामी दो वर्षों के लिए नए सिरे से विभिन्न समितियों के समन्वयक व प्रभारियों का भी मनोनयन किया जाएगा। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 01 फरवरी से माघपूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ हो रहे राजिम कुंभ कल्प, शिवरीनारायण मेला एवं सिरपुर महोत्सव के लिए प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के रूप में प्रसिद्ध राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाला राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। राज्य सरकार इसकी ऐतिहासिक पहचान और गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी उद्देश्य से ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ को पुनः ‘राजिम कुंभ कल्प’ का नाम दिया गया है।श्री साय ने बताया कि इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 01 फरवरी माघपूर्णिमा से 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक किया जाएगा तथा इसे रामोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पुण्य स्नान, साधु-संतों के प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने माघपूर्णिमा पर शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ एवं जोंक नदी के संगम पर लगने वाले मेले तथा महानदी तट पर माघी पूर्णिमा से प्रारंभ हो रहे सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन की भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, लोक संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान देंगे।
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0- विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों की सिंधखेड़- नासिक से आए प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक
0 सभी समाजों को प्रतिनिधित्व देते हुए रविवार को बनाई जाएगी आयोजन समिति, बड़े पैमाने पर शुरू होगी तैयारी
रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जिजाऊ बाई के मायके सिंधखेड़ से 12 फरवरी को शुरू हुई राष्ट्रीय गौरव यात्रा का सोमवार, 16 फरवरी को रायपुर आगमन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। तात्यापारा चौक पर शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद शहर के प्राइम लोकेशन में धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने इस आशय के विचार सर्वसमाज के प्रतिनिधियों की शनिवार देर शाम को हुई बैठक में व्यक्त किए।
काले ने कहा कि सिंधखेड़, नासिक सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से यहां आए सैकड़ों मेहमानों के रुकने- भोजन की भी उच्च स्तरीय व्यवस्था की जाएगी, ताकि अगले दिन वे सभी स्नान-ध्यान और चाय- नाश्ते के बाद अपने अगले गंतव्य संबलपुर ओडिशा की ओर रवाना हो सके। साथ ही यहां की मेहमाननवाजी को वे हमेशा याद रख सकें।
काले ने अनुसार शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर बड़े पैमाने पर सभा का आयोजन करने और 500 से अधिक मेहमानों के लिए भोजन- रुकने की व्यवस्था करने के लिए जिम्मेदार लोगों की आयोजन समिति तत्काल बनाना और उसका सक्रिय होना जरूरी है। काले ने कहा कि रविवार, एक फरवरी को महाराष्ट्र मंडल में होने वाली बैठक में न केवल हमारी आयोजन समिति अस्त्तिव में आ जाएगी, बल्कि समिति के सभी पदाधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों का समान रूप बंटवारा भी हो जाएगा।
इससे पहले जिजाऊ बाई के 16वीं पीढ़ी के वंशज शिवाजी दत्तात्रेय राजे जाधव ने कहा कि आज हमारे बीच शिवाजी महाराज होते तो किसी को खाली बैठने नहीं देते। किसी से खेती करवाते, शिक्षा के क्षेत्र में काम लेते, धर्म आध्यात्म, पर्यावरण के काम में पारंगत करते, तो किसी से व्यवसाय करवाते। किसी को उद्योग चलाने की जिम्मेदारी दी जाती तो किसी को राज्य के प्रशासनिक अथवा सैन्य कार्यों में लगाया जाता। उनमें लोगों को परखकर उनसे काम निकलवाने की अद्भुत प्रतिभा थी।
जाधव ने कहा कि शिवाजी महाराज का लंबा इतिहास है लेकिन इसकी व्यापक जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं है। राष्ट्रीय गौरव यात्रा जैसे आयोजन से हम शिवाजी महाराज के स्वराज को लेकर किए गए संघर्ष को घर- घर तक पहुंचा पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत क्रांति मिशन का प्रयास लगातार शिवाजी महाराज के प्रचार को लेकर जारी रहता है। नासिक कुंभ मेले में भी हमारा अभियान जोर- शोर से जारी रहेगा। जाधव ने कहा कि हममें से कितने लोगों को पता है कि छत्तीसगढ़ को छत्तीसगढ़ नाम भी शिवराया ने ही दिया है।
सिंधखेड़ से यहां पहुंचे विजय काकडे पाटिल ने बैठक में कहा कि शिवाजी महाराज के शासनकाल का गहन अध्ययन करने और काफी रिसर्च करने के बाद ही हमने राष्ट्रीय गौरव यात्रा का रूट सिंधखेड़ से जगन्नाथपुरी तय किया है। इस पूरे मार्ग पर शिवाजी महाराज के कार्य अभूतपूर्व हैं, जिसे हम लोगों के बीच प्रचारित करते चलेंगे। शिवाजी महाराज न सिर्फ महाराष्ट्र के हैं और न ही सिर्फ मराठियों के। वे पूरे राष्ट्र के हैं और उन्होंने समूचे भारत में स्वराज की नींव रखी थी। अपना संविधान बनाया था। इतिहास की जानकारी के अनुसार शिवाजी महाराज अखंड भारत के प्रणेता थे।
पाटिल ने कहा कि न्यूयार्क में 100 करोड़ रुपये की लागत से करीब 10 एकड भूभाग में खूबसूरत लैंड स्केपिंग के साथ शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा प्रतिष्ठित करने की तैयारी चल रही है। इसी तरह करीब 12 देशों में भी शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने की तैयारी है। प्रतिमा देने की जिम्मेदारी भारत क्रांति मिशन की है।
इस मौके पर नासिक से पधारे वैभव एकनाथ पांगारकर, विष्णु दादा पांगारकर, अमोल सोनवने, महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर, आस्था काले, रेणुका पुराणिक, मालती मिश्रा, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के अध्यक्ष धनंजय सिंह वर्मा, मराठा समाज के अध्यक्ष लोकेश पवार, सचिव शरद फरताडे, कुनबी समाज के महासचिव अमित डोये, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले, प्रदेश कुर्मी महासंगठन महिला शाखा की अध्यक्ष सारिका गेडेकर, प्रदेश तिरेला कुर्मी समाज के अध्यक्ष ललित काकडे, प्रदेश कुर्मी महासंगठन के हेमराज हाथीमारे, डॉ. धनंजय वर्मा, महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ रंगसाधक अनिल कालेले, विनोद राखुंडे, पल्लवी मुकादम, अभय भागवतकर, वैभव बर्वे, प्रवीण क्षीरसागर, गौरी क्षीरसागर, ओपी कटारिया, शुभम् पुराणिक, दीपक पात्रीकर, तत्मय बक्षी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे। - -नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया निरीक्षण-एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगारायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गतिडबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सानेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंसप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य-किसानों की आय बढ़ाने पतला और सुगंधित धान को बढ़ावा-केन्द्रीय कृषि मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षारायपुर/ केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर समन्वय के साथ काम हो रहा है, और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने संबंधी योजना, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा।मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहा है ।केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार के शपथ ग्रहण पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल नेतृत्व में श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार महाराष्ट्र की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान करेंगी।
- -छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान-राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति-केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षारायपुर /रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।इस दौरान श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।इस बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -ग्रामीण विकास व कृषि विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की-केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कृषि, आवास और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर, /केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सराहनीय एवं प्रभावी कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही “धान का कटोरा” है, लेकिन अब राज्य में फल एवं सब्जियों के उत्पादन में हो रही तेज़ वृद्धि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान आज महानदी मंत्रालय भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम की उपस्थिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर उक्त दोनों विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा उपरांत मंत्रालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि पर आकर उन्हें किसान भाइयों-बहनों से मिलने, उनकी खेती देखने और किसान मेले के माध्यम से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जो अत्यंत प्रेरणादायक रहा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख 12 हजार 742 पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हजार तथा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 33 हजार अतिरिक्त आवास भी स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ में कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान के बिना न रहे।ग्रामीण अधोसंरचना पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छत्तीसगढ़ को लगभग 47,847 किलोमीटर लंबी 10,199 सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिन पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए गए हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा अनेक पुल भी बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत भी सड़कों और पुलों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे अब उन दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में भी तेज़ी से विकास कार्य प्रारंभ हो रहे हैं, जहाँ पहले पहुंच संभव नहीं थी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से कृषि, आवास और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।
- -खेतों की मेड़ से नीति का संदेश, गिरहोला-खपरी में किसानों से सीधे संवाद में बोले शिवराज सिंह चौहान-धान से बागवानी और ड्रोन तक, आधुनिक कृषि से किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्र का फोकस-कृषि, तकनीक और गांव—तीनों को मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही केंद्र सरकार : शिवराज सिंह चौहानदुर्ग । किसान की मेहनत, उसकी फसल और उसके भविष्य से खिलवाड़ अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशकों के जरिए किसानों को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार निर्णायक, कठोर और दंडात्मक कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़ चुकी है। किसानों को कानूनी सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने के लिए संसद में शीघ्र ही नए कृषि कानून लाए जाएंगे। यह स्पष्ट और सख्त नीति-संदेश केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान दिया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान और उनका सर्वांगीण विकास है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कुछ असामाजिक तत्व नकली कृषि आदानों के माध्यम से किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, जो केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि किसान के साथ सीधा विश्वासघात है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।अपने प्रवास की शुरुआत में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला एवं खपरी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नर्सरी, खेतों और कृषि फार्मों का निरीक्षण करते हुए फसल चक्र, बागवानी, सिंचाई व्यवस्था, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली।ग्राम गिरहोला में केंद्रीय मंत्री ने आम के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का सशक्त स्रोत भी बन सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि के साथ-साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती को भी अपनाएँ।इसके पश्चात् केंद्रीय कृषि मंत्री ग्राम खपरी स्थित अनिल कृषि फार्म पहुँचे, जहाँ उन्होंने खेतों का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया। किसान चौपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है।किसानों से संवाद करते हुए श्री चौहान ने कहा कि धान की पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, सब्जी उत्पादन और विविधीकृत कृषि अपनाने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। किसानों ने भी बताया कि धान की तुलना में बागवानी फसलों से अधिक लाभ मिल रहा है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने फसल विविधीकरण को समय की आवश्यकता बताते हुए अन्य किसानों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।केंद्रीय मंत्री ने किसानों को केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से छोटे एवं सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभांतरण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से कृषि नवाचार और उत्पादन वृद्धि को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल कृषि मिशन और ड्रोन तकनीक के जरिए फसल निगरानी, कीटनाशक छिड़काव और लागत में कमी सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और जल संरक्षण आधारित कृषि को भविष्य की खेती बताते हुए किसानों से अधिक से अधिक इन योजनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।कृषि के साथ-साथ ग्रामीण विकास योजनाओं पर भी केंद्रीय मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांवों की बुनियादी संरचना, संपर्क सुविधा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन और सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक जीवन और आजीविका से जुड़ा हुआ है।अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में कृषि को लाभकारी बनाया जाए और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत नीति, प्रभावी कानून और किसानों की मेहनत से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।केंद्रीय कृषि मंत्री का यह एक दिवसीय प्रवास राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, किसानों को जागरूक करने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।इस अवसर पर प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा, विधि एवं कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक अहिवारा श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, कृषि अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।
- खेल के मैदान और सुनसान इलाके सुरक्षित करने निकल रहे पुलिस जवानरायपुर/कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के उपरांत रायपुर शहर में पुलिसिंग का स्वरूप अधिक प्रभावी, सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी होता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थलों को असामाजिक गतिविधियों से मुक्त रखने के उद्देश्य से डीसीपी सेंट्रल जोन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की निगरानी में में एसीपी कोतवाली डिवीजन के थाना कोतवाली और गंज क्षेत्र में विशेष अभियान संचालित किया गया।अभियान के दौरान खेल के मैदानों को नशा सेवन का अड्डा बनाने वाले तथा अंधेरे व सुनसान क्षेत्रों में अड्डेबाजी कर झगड़ा-फसाद करते पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्यवाही की गई। थाना कोतवाली एवं थाना गंज क्षेत्र के ऐसे कुल 07 व्यक्तियों को परिशांति भंग होने एवं अपराध कारित किए जाने की प्रबल आशंका के आधार पर धारा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय/मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।वहीं विजिबल पुलिसिंग के तहत शराब भट्ठियों, बस्तियों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों में की गई निगरानी एवं गुंडा बदमाश चेकिंग के दौरान कुल 03 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें थाना कोतवाली से 01 एवं थाना गंज से 02 स्थाई वारंटी शामिल हैं।इसके अतिरिक्त इस विशेष अभियान के अंतर्गत थाना कोतवाली, गंज, मौदहापारा एवं गोलबाजार क्षेत्रों के कुल 28 निगरानीशुदा एवं गुंडा बदमाशों को उनके निवास स्थान पर जाकर अथवा थाने में तलब कर उनकी वर्तमान गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त न होने के संबंध में सख्त चेतावनी एवं हिदायत दी गई। साथ ही इस दौरान चौक चौराहों और रिहायशी कालोनियों और छात्रावासों के नजदीक के पान ठेले भी चेक किए गए जिस दौरान थाना गंज पुलिस द्वारा प्रतिबंधित हुक्का सामग्री भी बरामद कर कार्यवाही की जा रही है ।रायपुर पुलिस द्वारा इस प्रकार के लक्षित एवं निरंतर अभियानों के माध्यम से शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और सार्वजनिक स्थल—विशेषकर खेल के मैदान एवं सुनसान क्षेत्र—पूरी तरह सुरक्षित बने रहें।
- तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के निर्देशरायपुर/ रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने ग्राम ओंकारबंद, तहसील बागबाहरा, जिला महासमुंद स्थित भूमि के एक पुराने नामांतरण को निरस्त करते हुए तहसीलदार को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।जानकारी के अनुसार, ग्राम ओंकारबंद स्थित 7.37 हेक्टेयर भूमि का नामांतरण क्रमांक 67, दिनांक 21 अप्रैल 1978 को किया गया था, जो लगभग 48 वर्ष पुराना था। यह नामांतरण रंभाबाई, बेवा रामचरण को निःसंतान बताकर अन्य व्यक्तियों द्वारा अपने पक्ष में करा लिया गया था। जबकि अपीलार्थी बुढ़ान सिंग पिता स्वर्गीय गणेश (जाति गोंड़, आदिवासी) के दादा उदेराम उस समय जीवित थे और वे रंभाबाई के पुत्र थे।इस प्रकरण में अपीलार्थियों द्वारा प्रथम अपील अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, जिसे निरस्त कर दिया गया था। इसके पश्चात द्वितीय अपील संभागायुक्त रायपुर के न्यायालय में की गई। सभी तथ्यों एवं अभिलेखों के अवलोकन के पश्चात संभागायुक्त ने उक्त नामांतरण को निरस्त करने का आदेश पारित किया। साथ ही, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार को निर्देशित किया गया है कि वे मामले की विधिवत जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
- रायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज जनपद पंचायत धरसींवा की तकनीकी सहायक सुश्री निकिता पाण्डेय ने आंगनबाड़ी केंद्र 02 काठाडीह में जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- दुर्ग/ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उसके फेज-ए कैंपस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को 5-स्टार GRIHA LD (लार्ज डेवलपमेंट्स) रेटिंग मिली है, जो ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट (GRIHA) फ्रेमवर्क के तहत सर्टिफिकेशन का उच्चतम स्तर है। यह रेटिंग GRIHA काउंसिल ने द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के सहयोग से दी है।यह अवॉर्ड बुधवार, 28 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 9वें GRIHA रीजनल कॉन्क्लेव में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई को औपचारिक रूप से दिया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के डायरेक्टर, प्रो. राजीव प्रकाश ने यह अवॉर्ड गेस्ट ऑफ ऑनर, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार से प्राप्त किया।GRIHA हरे-भरे भवनों और आवासों के लिए भारत का राष्ट्रीय रेटिंग सिस्टम है, जिसे पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ डिज़ाइन, निर्माण और संचालन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। जबकि GRIHA और व्यक्तिगत भवनों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, GRIHA LD बड़े पैमाने पर विकास जैसे कैंपस, टाउनशिप और पड़ोस के पर्यावरणीय प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। 50 हेक्टेयर या उससे अधिक साइट क्षेत्र वाली परियोजनाएं इस श्रेणी के तहत पात्र हैं। GRIHA LD का उद्देश्य योजना और बुनियादी ढाँचे के स्तर पर स्थिरता का आकलन करने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करना है। परियोजनाओं का मूल्यांकन साइट योजना, ऊर्जा दक्षता, जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, परिवहन प्रणालियों और सामाजिक बुनियादी ढाँचे जैसे मापदंडों पर किया जाता है।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई का फेज़-A प्रोजेक्ट 2024 की शुरुआत में पूरा हो गया था, और 20 फरवरी 2024 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्थायी कैंपस को राष्ट्र को समर्पित किया। फेज़-A कैंपस, जो संस्थान का मुख्य शैक्षणिक और आवासीय इंफ्रास्ट्रक्चर है, ने सस्टेनेबल प्लानिंग और रिसोर्स एफिशिएंसी में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 5-स्टार रेटिंग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई की पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार विकास और एक ग्रीन, भविष्य के लिए तैयार कैंपस बनाने की मज़बूत प्रतिबद्धता को दिखाती है। यह पहचान संस्थान के सस्टेनेबिलिटी की दिशा में लगातार प्रयासों और लचीले और ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ तालमेल को मज़बूत करती है।
- - स्कूलों का किया निरीक्षणदुर्ग/ कक्षा पांचवीं/आठवीं केन्द्रीकृत वार्षिक परीक्षा सत्र 2026 के आयोजन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा विकासखंड दुर्ग एवं पाटन के समस्त प्राथमिक/माध्यमिक शासकीय/अनुदान प्राप्त छ.ग. माध्यमिक शिक्षा मण्डल से सबद्ध अशासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालय के प्रधान पाठकों की बैठक ली गई। बैठक में परीक्षा आयोजन के संबंध में राज्य से प्राप्त समस्त निर्देशों से अवगत कराया गया तथा समय सीमा में समस्त कार्यों के संपादन हेतु निर्देश दिये गये। विद्यालय स्तर पर ब्लूप्रिंट के आधार पर सेंपल प्रश्न पत्रों का निर्माण कर विद्यार्थियों को परीक्षा तिथि के पूर्व तक नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिये गये। प्रायोजन कार्य कक्षा पांचवी में 5-5 अंक कुल 10 अंक के दो प्रायोजना कार्य एवं कक्षा आठवीं में 10-10 अंक के कुल 20 अंक के दो प्रायोजना कार्य 28 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर प्रत्येक विद्यार्थियों के अंकों की सूची तैयार कर 3 मार्च तक विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश दिये गये। 25 फरवरी 2026 तक कक्षा पांचवी एवं आठवीं के विद्यार्थियों को ब्लूप्रिंट अनिवार्यतः लिखवाया जाये ताकि उस आधार पर वे परीक्षा की तैयारी कर सके। किसी भी बच्चे को वार्षिक परीक्षा से वंचित नहीं करने के निर्देश दिये गये। 30 जनवरी 2026 को जिले के शासकीय प्राथमिक शाला सिकोला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तुलसी, खुड़मुड़ी, शा.स.उ.मा.वि. खुड़मुड़ी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान शालाएं संचालित पाया गया।निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक/हायर सेकेण्डरी के संस्था प्रमुखों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार प्रदाय करने, बारहखड़ी, पहाड़ा पुस्तक वाचन के नियमित अभ्यास कराने, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित किये जाने तथा नियत समय पर अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिये। इसी प्रकार हाई/ हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्याे को नियमित प्रायोगिक कार्य करने, ब्लू प्रिंट के अनुरूप 05 वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल कराने, तिमाही, छमाही परीक्षा के आधार पर चिन्हांकित विद्यार्थीयों को सिमित पाठ्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराने एवं प्रायोगिक परीक्षा के बाद भी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व तक विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के निर्देश भी दिये गये।

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