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- रायपुर। बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला करमनडीह में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से अब दो नए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। कुंतला देवी साहू (शासकीय प्राथमिक शाला पौसरी) एवं रजनी कन्नौजी (महत्मा गांधी स्कूल, पुरानी बस्ती बलौदाबाजार) को यहां पदस्थ किया गया है। दो नये शिक्षकों की पदस्थापना से अब यहां चार शिक्षक हो गए है। इससे स्कूल की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हुई है जिससे बच्चों के साथ पालकों में भी हर्ष है।विद्यालय में वर्तमान में 120 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 55 बालक एवं 65 बालिकाएं शामिल हैं। पूर्व में विद्यालय में मात्र दो शिक्षक कार्यरत थे, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। युक्तियुक्तकरण से दो नए शिक्षक जुड़ने से अब पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर रूप से हो गई है।छात्राओं ने भी इस बदलाव पर खुशी जताई है। कक्षा पाँचवीं की छात्रा कु. पूर्वांचल लहरें ने बताया कि –"अब हमारे स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हो गए हैं। हमें सभी विषय अच्छे से पढ़ाए जा रहे हैं। जिससे अब पढ़ाई में मन लग रहा है हम नियमित रूप से स्कूल आ रहे है।" इसी तरह कक्षा पाँचवीं की छात्रा कु. बसंती टंडन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा –"युक्तियुक्तकरण से हमारे स्कूल में दो नए शिक्षक आए है, जिससे अब हमारे स्कूल में चार शिक्षक हो गए हैं। इससे हमें पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी गतिविधियों में भी मार्गदर्शन मिल रहा है। युक्तियुक्तकरण भविष्य के सपनों को पूरा करने में बहुत मददगार सिद्ध होगा।"
- रायपुर। राज्य शासन ने पं. जे.एन. स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर परिसर में आवासीय गृह (2BHK एवं 3BHK) तथा छात्र-छात्रावास भवन निर्माण के लिए पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का आभार प्रकट किया है।इस आशय के संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए 61.39 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह स्वीकृति चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित व्यय मद से दी गई है और वित्त विभाग ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
- 0- पर्यवेक्षक को किया गया निलंबितरायपुर। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार आगनबाड़ी केंद्र पदेली स्कूलपारा, सेक्टर- मर्दापाल-02 परियोजना कोण्डागांव-03 में करेंट लगने से एक बच्ची की मृत्यु की घटना पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को बर्खास्त किया गया है। वहीं पर्यवेक्षक को निलंबित किया गया है, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कोंडागांव 3 द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त घटना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति धसनी बाई एवं आंगनबाड़ी सहायिका ममता कोर्राम के घोर लापरवाही प्रदर्शित होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक किया गया है।साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार पर्यवेक्षक द्वारा पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही तथा स्वेच्छाचारी आचरण पाये जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत संबंधित श्रीमती मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक, सेक्टर मर्दापाल-02 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्रीमती मनीषा कतलाम, पर्यवेक्षक का मुख्यालय कार्यालय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मबावि जिला-कोण्डागांव में निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम श्री अजय उरांव ने विभागीय अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंचकर मृतक बच्ची के परिजनों से मुलाकात की और प्रशासन की ओर सहायता के रूप में 20 हजार रुपए की राशि दी गई।
- 0- सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनी योजनारायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण हैं सुकमा जिले के छिंदगढ़ गाँव निवासी मंगलू, जिनकी जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी वे अपने दो बच्चों के साथ जर्जर और कच्चे घर में रहते थे। बरसात में टपकती छत, गर्मी में तपती दीवारें और सर्दियों में असुरक्षा से भरी ठंडी रातें—ये सब उनके जीवन की कड़वी सच्चाई थीं। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि और मनरेगा के तहत मिली मजदूरी से उनके सपनों का पक्का घर बन सका।गाँववालों की मदद और प्रशासन के मार्गदर्शन से कुछ ही महीनों में दो कमरे, साफ रसोई, बिजली और शौचालय से युक्त आधुनिक घर तैयार हो गया। जब मंगलू ने अपने परिवार के साथ नए घर में प्रवेश किया, तो उनकी आँखों से खुशी और राहत के आँसू झलक पड़े। भावुक होकर उन्होंने कहा कि अब मुझे दूसरों के घर शरण नहीं मांगनी पड़ती। मेरा भी अपना घर है। मेरे बच्चे चैन की नींद सोते हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना ने मंगलू जैसे हजारों परिवारों को न सिर्फ पक्का घर दिया है, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी दिलाई है। यह योजना साबित कर रही है कि सरकार का प्रयास समाज के सबसे वंचित वर्ग तक विकास की रोशनी पहुँचा रहा है।जिला सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने बताया कि जिले में पात्र परिवारों तक पीएम आवास योजना तेजी से पहुँचाई जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर जरूरतमंद को उसका अधिकार मिले। साथ ही, ग्रामीणों को आवास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे सामाजिक सहभागिता और आत्मनिर्भरता दोनों को मजबूती मिल रही है।
- रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा संभाग दुर्ग के प्रभारी संयुक्त संचालक श्री हेमन्त उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर श्री आर.एल. ठाकुर उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को संभागीय संयुक्त संचालक दुर्ग संभाग का अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है। इस संबंध में आज स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार श्री हेमंत उपाध्याय द्वारा सरगुजा संभाग में प्रभारी संयुक्त संचालक के पद पर रहते हुए किए गए अनियमताओं की पुष्टि होने तथा उनके द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारीता एवं अनुशासनहीनता की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
- गरियाबंद। जिले में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान चलाया जाएगा, अभियान का उद्देश्य हर आयु वर्ग की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना,मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं परिवार एवं समाज में महिलाओं को सशक्त बनाना है। इसी तारतम्य में डॉ. यू एस नवरत्न, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में आज महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, सेक्टर पीएचसी चिकित्सा अधिकारी, बीईटीओ एवं सुपरवाइजरों की उपस्थिति में अभियान की विस्तृत चर्चा कर संपूर्ण कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर गहन विचार विमर्श किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह अभियान गरियाबंद जिले के प्रत्येक ग्राम एवं वार्ड स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी। इसके अंतर्गत एनीमिया, हीमोग्लोबिन, बीपी, शुगर, बीएमआई, सर्वाइकल कैंसर, सिकल सेल जांच, टीबी रोगियों के लिए सहायता और परामर्श, डायबिटीज एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, मेनोपॉज़ काउंसलिंग एवं परिवार नियोजन परामर्श, डेंटल, नेत्र एवं डायग्नोस्टिक सेवाएँ, ब्लड डोनेशन कैंप आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा बस्तियों में महिलाओं का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण, योगा गतिविधियाँ आयोजित कर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आयुष्मान कार्ड निर्माण की विशेष योजना, सास-बहू सम्मेलन के माध्यम से पारिवारिक स्वास्थ्य संवाद को प्रोत्साहित करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ गांधी जयंती के अवसर पर संकल्प से सिद्धि अंतर्गत उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित करना एवं सक्रिय महिला समूहों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर बैठक में श्री गनपत कुमार नायक जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, बीईटीओ, नोडल अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है। धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित ग्राम मसानडबरा में इस योजना के तहत पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। यह देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ की पहली प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी है, जो कमार समाज के सामाजिक-आर्थिक उत्थान का प्रतीक होगी। मसानडबरा ग्राम पंचायत संकरा से लगभग 5 किमी दूर सुदूर वनांचल में स्थित है। यहाँ मुख्यतः कमार परिवार निवासरत हैं। कुल 42 परिवारों में से 36 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान में ये परिवार जर्जर कच्चे मकानों में रहते हैं और आजीविका हेतु मुख्यतः वनोपज जैसे महुआ, टोरा, कोसा, कंदमूल, दातून एवं तेंदूपत्ता पर निर्भर हैं।धमतरी जिले में पीएम जनमन योजना अंतर्गत कुल 1481 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 982 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। 1470 हितग्राहियों को 23.90 करोड़ रुपये की राशि प्रदाय की जा चुकी है। मसानडबरा कॉलोनी को एक मॉडल बसाहट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एक जैसे डिज़ाइन में पक्के मकान, आकर्षक टाइल्स और रंग-रोगन के साथ प्रत्येक घर में स्वच्छ शौचालय और पेयजल सुविधा, प्रत्येक आँगन में फलदार वृक्षारोपण, कॉलोनी में सीसी सड़क, सार्वजनिक उद्यान, बच्चों के लिए झूलाघर और हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था की गई है। साथ ही स्थानीय परंपराओं के सम्मान में देवगुड़ी की स्थापना भी की जा रही है।कमार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न आजीविका गतिविधियाँ जोड़ी गई हैं, जिनमें किराना दुकान, सैलून, सामूहिक मुर्गी पालन और सुअर पालन हेतु शेड निर्माण तथा लिलांज नदी पर स्टॉप डेम बनाकर मछली पालन को बढ़ावा देना शामिल है। इन प्रयासों से न केवल आजीविका के साधन विकसित होंगे बल्कि समुदाय की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी से कमार परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलेगा, बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार होगा। आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और समुदाय मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मसानडबरा में बनाई जा रही यह कॉलोनी केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन स्तर में सुधार, आजीविका संवर्धन और सामाजिक सम्मान दिलाने का भी कार्य कर रही है। मसानडबरा की प्रधानमंत्री जनमन आवास कॉलोनी न केवल आवास निर्माण की पहल है, बल्कि कमार समुदाय के सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।
- राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसरपर छुरिया विकासखंड के ग्राम आमगांव में आत्मा योजना अंतर्गत खरीफ फसल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में किसानों को धान के बदले कम पानी की फसल वाले दलहन-तिलहन, मक्का, चना, मटर, तिवड़ा, गेहूं, उड़द, मूंग, रागी फसल उत्पादन करने प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण हेतु शपथ दिलाई गई। संगोष्ठी में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए किसानों को सम्मानित भी किया गया। संगोष्ठी में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय सिन्हा सिन्हा, कृषि स्थाई समिति के सभापति श्रीमती उत्तरा बाई निषाद, जनपद सदस्य श्री एकांत चंद्राकर, जनपद सदस्य श्रीमती भान भाई मंडावी, सदस्य श्रीमती सुनीता सेवता, श्रीमती रेखा मांडवी, जनपद सदस्य श्री उभेराम मांडवी, समाज सेवी श्री अशोक सेन, ग्राम आमगांव के सरपंच श्री हीरालाल नेताम एवं उपसरपंच श्री तोरण साहू, पंचगण, ग्राम पटेल श्री चंद्रभान साहू, कृषि विभाग छुरिया से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जीपी सहादे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुदेश पटेल, श्री संतोष साहू, सुश्री मोनिका साहू , सुश्री मोनिका टीकरिहा, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्रीमती लीना कोठारी सहित कृषक, पशुपालक, कृषि सखी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- राजनांदगांव। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को धान फसल की सुरक्षा के लिए समसामयिक सलाह देते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों को अपनाने कहा गया है। मौसम पुर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मध्यम वर्षा होने की संभावना है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए कवकनाशी एवं उवर्रकों का छिड़काव, मौसम साफ रहने पर ही करें। धान गभोट एवं बाली निकलने की अवस्था में हो तो नत्रजन उवर्रक की तीसरी मात्रा 40 किलोग्राम प्रति हेक्टर यूरिया (टॉप ड्रेसिंग) के रूप छिड़काव करें। झुलसा रोग (ब्लास्ट) के लक्षण दिखाई दे तो रोकथाम के लिए नाटिवो 75 डब्ल्यूजी 0.4 ग्राम प्रति लीटर या ट्राइसाइक्लाजोल कवकनाशी जैसे बीम या बान एवं अन्य समान उत्पाद 6 ग्राम प्रति 10 लीटर में से किसी एक रसायन का छिड़काव 12-15 दिनों के अंतर मेन करें।पत्ती मोड़क (चितरी) का प्रकोप 1 से 2 प्रति पत्ती पौधा होने पर फिप्रोनिल 5 एससी 800 मिली प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। गंधी बग कीट की रोकथाम के लिए, इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 50 मिली प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। तना छेदक कीट के लक्षण दिखाई देने पर कर्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50 डब्लूपी 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर काल्डेन, कैरीड, मोर्टार एवं अन्य समान उत्पाद या क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 150 मिली प्रति हेक्टेयर फटेरा, कोरेजन, फटेगोल्ड, लेपिडोज एवं अन्य समान उत्पाद की दर से 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। तना छेदक कीट की निगरानी के लिए 2-3 फेरोमोन ट्रेप प्रति एकड़ एवं प्रकोप अधिक होने पर 8-10 फेरोमोन ट्रेप का उपयोग नियंत्रण हेतु करें। शीथ ब्लाइट रोग के लक्षण दिखाई देने पर हेक्साकोनाजोल नामक कवकनाशी 1 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करें।
- महासमुन्द. पशु चिकित्सा विभाग द्वारा गौधाम संचालन के लिए जिले के स्वयंसेवी संस्था, एन.जी.ओत्र, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी, सहकारी समितियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2025 दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि गौधाम में निराश्रित एवं घुमन्तू गौवंशीय पशुओं के साथ-साथ गृह विभाग द्वारा कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (संशोधित 2011) तथा छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण नियम 2014 के अंतर्गत जप्त पशुओं को ही रखा जाएगा।उन्होंने बताया कि गौधाम स्थापना हेतु आवश्यक भूमि, उद्देश्य, क्रियान्वयन, नियंत्रण, अनुश्रवण एवं अनुशीलन, पात्र संस्थाओं की पात्रता एवं कार्यकाल, चयनित संस्था की जिम्मेदारियां, मानव संसाधन, वित्त पोषण व्यवस्था एवं दंड संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। आवेदन फार्म कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, कचहरी चौक महासमुंद में कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। साथ ही इसकी जानकारी जनसंपर्क की वेबसाईट www.jansampark.cg.gov.in एवं जिले के वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण सम्पन्नमहासमुन्द. ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं व युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) महासमुंद द्वारा विकासखण्ड बसना के ग्राम छिर्राबाहरा में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के 27 ग्रामीण श्रमिकों ने भाग लिया और राजमिस्त्री के व्यवाहारिक व तकनीकी ज्ञान अर्जित किया। जनपद सीईओ बसना श्री पीयूष सिंग ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को प्रशिक्षण का समापान समारोह आयोजित हुआ। समारोह में बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, महासमुंद निदेशक श्री टुटु बेहेरा, पीओ मनरेगा एवं जनपद आवास इन चार्ज, श्री अजय भेड़पाल व श्री आशीष असेसर उपस्थित रहें।इस दौरान श्री सीईओ श्री पीयूष सिंग ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थीयों से बातचीत कर उनका प्रशिक्षण का अनुभव जाना और सीखी गई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। उन्होनें कहा कि इस प्रशिक्षण से आप अब केवल श्रमिक नहीं, कुशल राजमिस्त्री बन गए है, और प्रशिक्षण प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करके आवासीय निर्माण योद्धा कहे जाऐगें। प्रशिक्षणार्थीयों ने बताया, कि इस प्रशिक्षण से उन्होनें नापना, ईटें की चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवरिंग और भवन निर्माण से जुड़ी कई तकनीकें सीखी। अब वह स्वयं आत्मविश्वास के साथ राजमिस्त्री का कार्य कर सकते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षर्णीयों को प्रमाण पत्र व राजमिस्त्री के टूल किट वितरित किए गए, जिसमें निर्माण कार्य के आवश्यक औजार शामिल हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी अपने कौशल का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यां में करेगें।
- 0- हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर विशेष जोरदंतेवाड़ा। जनपद पंचायत दंतेवाड़ा में शुक्रवार को’’आदि कर्मयोगी अभियान’’ के अंतर्गत ’’आदि सेवा पर्व’’ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में संचालित समस्त योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना रहा। इस अवसर पर जनपद पंचायत के सभाकक्ष में सरपंच, सचिव, महिला एवं स्व सहायता समूहों के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी गण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को योजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी एवं हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। जनपद पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि ’’आदि सेवा पर्व’’ न केवल सेवा प्रदाय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि यह शासन की जनहितैषी सोच को धरातल पर साकार करने का एक सार्थक प्रयास भी है। इस आयोजन से ग्रामीण स्तर पर योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता, सहभागिता और प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आदिवासी अंचल के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी समुचित लाभ मिल सकेगा।
- बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिले 5 चॉइस सेंटर संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से चॉइस सेंटर संचालको को पूर्ण दस्तावेज अपलोड करना होता है।अपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने पर समय पर प्रमाण पत्र जारी नही होता है और आवेदकों को केंद्र का चक्कर लगाना पड़ता है। अपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने वाले कुल 15 लोक सेवा केंद्र व चॉइस सेंटर संचालकों को इस सम्बन्ध में नोटिस जारी किया गया जिसमे से 5 लोक सेवा केंद्र व चॉइस सेंटर संचालको का लोक सेवा केंद्र का लाईसेंस निरस्त किया गए एवं कुल 10 लोक सेवा केंद्र,चॉइस सेंटर संचालक को अंतिम चेतवानी पत्र जारी किया गया है। लाइसेंस निरस्त होने वाले चॉइस सेंटर संचालकों में विकासखंड सिमगा ग्राम हिरमी के अंगिता वर्मा, ग्राम कटगी के अनवर रजा,विकासखंड बलौदाबाजार ग्राम भरसेला के यानेश तिवारी, ग्राम क़सियारा के मनहरण, ग्राम पनगांव के नोखराम ध्रुव शामिल हैं।
- 0- कमिश्नर की अध्यक्षता में जीवनदीप समिति की बैठक संपन्नबिलासपुर. संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मरीजों के लिए अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गये। इसके साथ ही बुनियादी काम संबंधित भी निर्णय लिए गये। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और समिति के सदस्य मौजूद थे।समिति की बैठक में अस्पताल के जरूरी कामों में खर्च किए गए साढ़े 9 लाख रूपए के विभिन्न कामों की कार्याेत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में मैकेनाइज्ड लॉण्ड्री मशीन के वार्षिक संधारण, अतिरिक्त मैकेनाइज्ड लॉण्ड्री मशीन और पैथोलेब के लिए आवश्यक जांच मशीन क्रय करने, अस्पताल के रंगरोगन, सीपेज एवं विभिन्न मरम्मत कार्य, एक्स-रे कक्ष में लेडशीट एवं टीएलडी बैच लगवाने, अस्पताल के वार्डाें के लिए हॉस्पिटल बेड एवं मैट्रेस क्रय करने के संबंध में निर्णय लिया गया। संभागायुक्त ने अस्पताल में मरम्मत कार्याें के लिए जल्द प्राकल्लन बनाने के निर्देश पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को दिए। बैठक में अस्पताल अधीक्षक डॉ. जे.पी. आर्या ने अस्पताल का प्रतिवेदन एवं पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अस्पताल में प्रतिदिन 110 ओपीडी एवं 04 आईपीडी होती है। विगत 8 माह में 12 हजार से अधिक मानसिक रोगियों का ओपीडी में इलाज हुआ। इसके अलावा 800 से ज्यादा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया गया। संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश भी दिए।
- 0- 22 सितम्बर 2025 शाम 5.30 बजे तक प्रविष्टियाँ आमंत्रितदुर्ग/ राज्य शासन ने सामाजिक समरसता यथा सभी वर्गों में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा को स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के योगदान को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से ’’अखिल भारतीय महाराजा अग्रसेन सम्मान’’ की स्थापना की है। वर्ष 2025 के लिए उक्त पुरस्कार प्राप्त करने के लिए एक व्यक्ति के चयन हेतु सर्वसंबंधितों से 22 सितम्बर 2025 शाम 5.30 बजे तक प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पुरस्कार की राशि 2 लाख रूपए चयनित व्यक्ति को नगद, सम्मान प्रतीक चिन्ह से युक्त पट्टिका एवं प्रमाण पत्र भी प्रशस्ति के रूप में दी जायेगी। उक्त पुरस्कार राज्य शासन द्वारा नियुक्त निर्णायक मंडल (जूरी) द्वारा चयन होने पर ही दिया जाएगा। पुरस्कार हेतु प्रविष्टि हेतु अपेक्षाओं की पूर्ति आवश्यक होगी। जिनमें व्यक्ति का पूर्ण परिचय, सामाजिक समरसता यथा सभी वर्गों में समभाव, सौहार्द, समाज सेवा के स्थाई कार्य जैसे अस्पताल, धर्मशाला, पेयजल, स्वच्छता एवं सामाजिक विकास के अन्य स्थाई स्वरूप के कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने, सामाजिक चेतना का अच्छा वातावरण विकसित करने के क्षेत्र में किए गए अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए किए गए कार्यों की सप्रमाण विस्तृत जानकारी, देना शामिल है।यदि कोई अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो तो उसका विवरण भी देना होगा। इसी क्रम में सामाजिक, समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य तथा इसके सैद्धांतिक पक्ष के विषय में प्रकाशित साहित्य की सत्यापित छायाप्रति, सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के संबंध में प्रख्यात पत्र/पत्रिकाओं/ग्रंथ के माध्यम से उपलब्ध साहित्य की जानकारी, चयन होने की दशा में सम्मान ग्रहण करने के बारे में व्यक्ति की लिखित सहमत्ति अनिवार्य रूप से देनी होगी। यदि आवेदक राज्य अथवा केन्द्र शासन के किसी विभाग निगम/मंडल में सेवारत् हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख प्रविष्टि में किया जाए। इसके अलावा आवेदक जिस जिले का निवासी हो, उस जिले के कलेक्टर को अपनी प्रविष्टि निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत करेंगे। सीधे विभाग को प्राप्त प्रविष्टि पर कोई विचार नहीं किया जायेगा ।
- - 9.35 करोड़ रूपए की लागत से बन रही सड़करायपुर। कोरबा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र चिर्रा से श्यांग तक 12 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है। इस जर्जर सड़क के निर्माण से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस सड़क के निर्माण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से 9 करोड़ 35 लाख रुपये स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क का निर्माण शुरू करा दिया गया है।चिर्रा से श्यांग मार्ग जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर हाथी प्रभावित क्षेत्र में स्थित है। बरसात के दौरान कीचड़ और गर्मी में धूल भरी सड़क पर आवागमन बेहद मुश्किल था। ग्रामीण लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे थे। मार्ग बन जाने से गुरमा, श्यांग होते हुए धरमजयगढ़ पहुंचना आसान होगा और सिमकेदा, विमलता, चिर्रा, गीतकंवारी, लबेद, तीतरडांड, गिरारी सहित कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।ग्रामीणों ने सड़क निर्माण शुरू हाने पर खुशी जताते हुए कहा कि अब आवागमन आसान होगा। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जी.आर. जांगड़े ने बताया कि यह स्टेट हाइवे का हिस्सा है। इसका निर्माण तेजी से पूरा कराए जाने का लक्ष्य है।
- दुर्ग. दानवीर भामाशाह सम्मान 2025 के लिए दानशीलता, सौहाद्र एवं अनुकरणीय सहायता प्रदान करने वाले उत्कृष्ट व्यक्ति/संस्था अपनी प्रविष्टियां 21 सितम्बर 2025 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। जिसमें अपनी प्रविष्टियां संस्था/व्यक्ति का पूर्ण परिचय, व्यक्ति/संस्था छत्तीसगढ़ में निवासरत/कार्यरत हो, व्यक्ति/संस्था का पिछला कार्य उत्कृष्ट हो और वर्तमान में भी निरंतर सक्रिय हो, उक्त सम्मान हेतु ज्यूरी के सदस्यों की प्रविष्टि मान्य नहीं होगी, दानशीलता एवं राष्ट्रीयता के क्षेत्र में किये गये कार्यों का विस्तृत विवरण, अन्य पुरस्कार प्राप्त किया हो, तो उसका विवरण, उत्कृष्ट कार्यों के संबंध में प्रकाशन, प्रख्यात व्यक्तियों/पत्र पत्रिकाओं द्वारा की गई टिप्पणी, निरन्तर क्रियाशील एवं निर्विवाद होने के विषय में जिला कलेक्टर की अनुशंसा और चयन होने की दशा में पुरस्कार ग्रहण करने की लिखित सहमति एवं पासपोर्ट साईज 03 फोटोग्राफ्स उपसंचालक समाज कल्याण दुर्ग को प्रेषित कर सकते हैं। अन्य जानकारी हेतु कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग दुर्ग से संपर्क अथवा विभागीय वेबसाईट sw.cg.gov.in में अवलोकन किया जा सकता है।
- 0- सरकंडा निवासी अभिजीत पांडे ने योजना को बताया किफायती0- केन्द्र और राज्य सरकार से योजना के तहत मिल रही सब्सिडीबिलासपुर/ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक ऐसी योजना जो उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रही है और उन्हें महंगे बिजली बिल से राहत पहुंचा रही है। योजना के तहत सरकंडा निवासी श्री अनिमेष पांडे ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उन्होंने पांच किलोवाट के दो सोलर पैनल लगवाएं हैं। जिससे उनकी बिजली बिल की लागत काफी कम हो गई है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।श्री पाण्डेय ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है जहां बिजली की खपत काफी अधिक है जिससे बिजली बिल प्रतिमाह पांच से दस हजार तक आता था, जो आर्थिक बोझ की तरह था ऐसे में सूर्यघर योजना के विषय में जानकारी मिली और परिवार ने इसे अपनाने का निर्णय लिया। अब परिवार को प्रतिमाह बिल के रूप में महज 1 या 2 हजार ही चुकाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि घर में दो मीटर लगे हैं ऐसे में आवश्यकता के अनुरूप उन्होंने दोनों मीटर पर अलग अलग पांच किलोवाट के सोलर पैनल लगवाए जिसकी लागत लगभग पांच लाख थी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के तहत उन्हें दो लाख 16 हजार रुपए प्राप्त हो चुके हैं । सोलर पैनल से हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली बिल से राहत मिल रही है और परिवार बिल की चिंता से मुक्त है। उन्होंने कहा कि यह एक किफायती योजना है जिसपर निवेश करके लंबे समय तक इसका लाभ लिया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया और लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान और राज्य सरकार द्वारा 30000 तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।
- 0- महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक मिलने से विद्यार्थियों एवं पालकों में हर्ष व्याप्त, शासन की नवीन व्यवस्था की भूरी-भूरी सराहना कीबालोद. राज्य शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण के तहत विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के आधार पर तथा शिक्षकों की कमी वाले शालाओं को चयनित कर वहाँ पर समुचित संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था समूचे छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले में भी अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराने की दृष्टि से अत्यंत कारगर एवं उपयोगी साबित हो रहा है। शासन की इस दूरगामी एवं महत्वाकांक्षी सोच के फलस्वरूप बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसाही टी में युक्तियुक्तकरण के तहत 04 शिक्षकों की सौगात मिलने से वहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का विद्यालय में बेहतर अध्ययन-अध्यापन सुनिश्चित करने का बहुप्रतीक्षित सपना साकार हुआ है। शासन के युक्तियुक्तकरण व्यवस्था के तहत विद्यालय में विषयवार बच्चों की दर्ज संख्या के आधार पर समुचित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से अब विद्यालय में बेहतर तरीके से अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित हो रही है।उल्लेखनीय है कि युक्तियुक्तकरण के पूर्व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसाही टी में गणित, अंग्रेजी, जीव विज्ञान एवं हिन्दी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के व्याख्यता नही होने से इन विषयों का अध्ययन-अध्यापन ठीक तरह से नही हो पाता था। जिससे बच्चों के साथ-साथ उनके पालकों में भी निराशा एवं हताशा का भाव देखने को मिल रहा था। बच्चे अपने विद्यालय में विषय शिक्षक उलपब्ध नही होनेे से इन विषयों के परीक्षा परिणाम तथा अपने बेहतर भविष्य के प्रति भी सशंकित नजर आ रहे थे। इसके परिणाम स्वरूप विद्यालय के कई विद्यार्थी अन्य विद्यालयों में भी प्रवेश लेने के लिए रूख कर रहे थे। लेकिन वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसाही टी में शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत श्री हीरालाल साहू व्याख्याता गणित, श्री चंद्रभूषण मोहबिया व्याख्याता अंग्रेजी, श्री राजेश कुमार रावटे व्याख्याता हिन्दी तथा दीपिका राज व्याख्याता जीव विज्ञान के रूप में 04 शिक्षक मिलने से विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था का स्वरूप ही बदल गया है। वर्तमान में विद्यालय में सभी महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध हो जाने से विद्यार्थी प्रसन्नचित होकर पूरे मनोयोग विद्या अध्ययन के कार्य में जुट गए हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी एवं पालक विद्यार्थियों के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशान्वित नजर आ रहे है।शासन की युक्तियुक्तकरण की नीति की सराहना करते हुए शाला नायक कुमारी कुमकुम, नेहा बंजारे एवं जीत देवांगन ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के प्रक्रिया के पूर्व हमारे विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नही होेने से हम सभी विद्यार्थी अत्यंत निराश एवं चिंतित रहते थे। साथ ही कभी-कभी अपने भविष्य के प्रति भी आशंकित रहा करते थे। लेकिन ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले दूरगामी सोंच के फलस्वरूप हमारे विद्यालय में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत 04 महत्वपूर्ण शिक्षकों के पदस्थापना होने से हमारे विद्यालय का स्वरूप ही बदल गया है। हमारे विद्यालय में इन 04 शिक्षकों के पदस्थापना होने से अब बेहतर तरीके से अध्ययन-अध्यापन का कार्य संचालित हो रहा है। अब हम सभी विद्यार्थी एवं पालक अपने भावी भविष्य के निर्माण के लिए पूरी तरह से आशान्वित है। इन सभी विद्यार्थियों ने ग्राम परसाही टी के अलावा अन्य विद्यालयों में बेहतर अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है।
- बालोद. छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज श्रमवीर स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। जिला श्रम अधिकारी ने बताया कि रजत जयंती 2025 अंतर्गत जिला मुख्यालय स्थित बुधवारी बाजार में श्रमवीर स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें श्रमिक पंजीयन एवं 102 श्रमिकों का स्वास्थ्य जाँच किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 15 सितंबर को दंतेश्वरी मैया शक्कर कारखाना करकाभाट एवं 16 सितंबर को वार्ड क्रमांक 12 आमापारा बालोद में आयोजित की जाएगी।
- 0- बालोद जिला देश एवं प्रदेश के नक्शे में शामिल होनेे के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों तथा अन्य राज्यों तक आवागमन हुआ आसान0- पुरूर से लेकर झलमला तक शेष निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने हेतु डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई जारीबालोद. राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 के साथ-साथ बालोद जिले में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 की सौगात मिलने से बालोद जिले का नाम अब बेहतर एवं सुगम यातायात की दृष्टि से देश एवं प्रदेश के नक्शे में शामिल हो गया है। बालोद जिले को पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 के रूप में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग का सौगात मिलना जिले व प्रदेश में सड़क एवं यातायात सुविधाओं की विस्तारीकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सौगात है। विदित हो कि सड़क केवल सुगम यातायात का ही माध्यम नही होता अपितु यह सभ्यता एवं संस्कृतियों का प्रसार तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी महत्वपूर्ण एवं कारगर माध्यम होता है।बालोद जिले में एक और राष्ट्रीय राजमार्ग की सौगात मिलने से जिले में यातायात सुविधाओं के विस्तार होने के साथ-साथ यह मार्ग जिले और प्रदेश की विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 के निर्माण के प्रगति के संबंध में जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग बालोद के अनुविभागीय अधिकारी श्री अनिल कुमार छारी ने बताया कि पैकेज 01 के कार्यों के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला से लेकर मोहला मानपुर जिले के ग्राम शेरपार तक का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही भारत सरकार के द्वारा पुरूर से झलमला तक शेष सड़क के निर्माण कार्य हेतु स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पुरूर से झलमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य हेेतु डीपीआर निर्माण करने की कार्रवाई जारी है। शीघ्र ही इसका डीपीआर तैयार कर लिया जाएगा। श्री छारी ने बताया कि पुरूर से झलमला तक का राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 के निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने से संपूर्ण बालोद जिले में इस नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।उन्होंने बताया कि बालोद जिले के पुरूर से लेकर सीमावर्ती मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चैकी जिले के महाराष्ट्र सीमा पर स्थित ग्राम कोहका तक की कुल लंबाई 115.300 है। श्री छारी ने बताया कि पैकेेज 02 के अंतर्गत बालोद जिले के सीमावर्ती ग्राम शेरपार से लेकर मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चैकी जिले के अंतर्गत महाराष्ट्र सीमा पर स्थित ग्राम कोहका तक के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। इस तरह से बालोद जिले के पुरूर से लेकर मोहला-मानुपर-अंबागढ़ चैकी जिले के ग्राम कोहका तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य शत पूरा हो जाने पर छत्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद एवं सीमावर्ती जिलों में सुगम एवं बेहतर यातायात सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। इस तरह से यह मार्ग सड़क एवं यातायात सुविधाओं की विस्तार के अलावा देश एवं प्रदेश के साथ-साथ बालोद जिले के विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गटकरी द्वारा जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, लोक निर्माण मंत्री श्री अरूण साव एवं क्षेत्रीय सांसद श्री भोजराज नाग के विशेष प्रयासों से राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 930 के शेष कार्य के अंतर्गत पुरूर से लेकर झलमला तक के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी श्री छारी ने कहा कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के सतत दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 930 के शेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने हेतु तत्परता से कार्य किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप कुछ ही दिनों के पश्चात् राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 930 के रूप में गुणवत्तायुक्त एवं बेहतरीन पूरी तरह से मूर्त रूप ले लेगा।
- बालोद. सकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में राज्य संचालनालय के अंतर्गत राज्य व्यवसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) हायर सेकण्डरी एवं आईटीआई की संयुक्त अध्यापन योजना के अंतर्गत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों सत्र 2023-2025 की ट्रेड परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ट्रेड परीक्षा 25 सितंबर से 06 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। उक्त संबंध में अधिक जानकारी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर से कार्यालयीन समय में प्राप्त किया जा सकता है।
- 0- सुबह लीकेज पाईप ट्रेस होते ही तत्काल मरम्मत कार्य प्रारम्भ किया गया, मरम्मत कार्य निरन्तर प्रगति पर है0- रात्रि में लीकेज पाईप ट्रेस नहीं होने के कारण फिल्टरप्लांट को बन्द नहीं किया गया और तत्काल रात्रि में ही सभी 32 पानी टंकियां भरी गयीं0- 13 सितम्बर को सुबह नियत समय पर सभी 32 पानी टंकियों से जलप्रदाय कर दिया गया0- मरम्मत कार्य के चलते 13 सितम्बर को संध्याकालीन जलापूर्ति आंशिक तौर पर प्रभावित रहेगी-कार्यपालन अभियंता फिल्टरप्लांटरायपुर. 150 एमएलडी फिल्टरप्लांट के रा वाटर 1400 एमएम व्यास की एचएस राइर्जिंग मेन पाईप लाईन में भाठागांव चौक के पास लीकेज की मरम्मत का कार्य लीकेज पाईप आज दिनांक 13 सितम्बर को सुबह ट्रेस होने के तत्काल पश्चात से निरन्तर प्रगति पर है. लीकेज मरम्मत कार्य के चलते 150 एमएलडी फिल्टरप्लांट से भरने वाली 28 पानी टंकियों और नया 80 एमएलडी फिल्टरप्लांट से भरने वाली 4 पानी टंकियों इस प्रकार कुल 32 पानी टंकियों से आज दिनांक 13 सितम्बर 2025 को आंशिक तौर पर प्रभावित रहेगी.रायपुर नगर पालिक निगम के जल कार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता फिल्टरप्लांट श्री नर सिंह फरेन्द्र ने जानकारी दी है कि आज दिनांक 13 सितम्बर 2025 को रात्रि में भाठागांव चौक के पास राइर्जिंग मेन पाईप लाईन के लीकेज की मरम्मत के लिए लीकेज पाईप ट्रेस नहीं होने के कारण फिल्टरप्लांट को बन्द नहीं किया गया और तत्काल रात्रि में ही सम्बंधित सभी 32 पानी टंकियों में पावर पम्पो से जल का भराव किया गया और नियत समय में सभी 32 पानी टंकियों से सुबह 13 सितम्बर को नियमित जलप्रदाय कर दिया गया.आज सुबह राइर्जिंग मेन पाईप लाईन में लीकेज पाईप के ट्रेस होते ही तत्काल शटडाउन लेकर राइर्जिंग मेन पाईप लाईन की लीकेज की मरम्मत का कार्य प्रारम्भ करवा दिया गया, जो निरन्तर प्रगति पर है. लीकेज मरम्मत कार्य पूर्ण होने उपरांत सभी 32 पानी टंकियों का जल का भराव कर संध्याकालीन जलापूर्ति की जानी प्रस्तावित है. लीकेज मरम्मत कार्य के चलते संध्याकालीन जलापूर्ति आंशिक तौर पर प्रभावित रहेगी. दिनांक 14 सितम्बर 2025 को सुबह नियत समय पर नियमित जलापूर्ति की जाएगी.
- बालोद. शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में 10 सितंबर को आयोजित प्लेसमेंट कैंप में 38 प्रशिक्षणार्थियों का चयन किया गया है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि प्लेसमेंट कैंप में लगभग 60 प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति रही। जिसमें कोपा, मैकेनिक डीजल व वेल्डर व्यवसाय के 38 प्रशिक्षणार्थियों का चयन कर नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्रभारी प्रशिक्षण अधीक्षक श्री मोहित कुमार साहू, प्रशिक्षण अधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार, श्री पुरन लाल ठाकुर, श्री शेखर साहू सहित अन्य प्रशिक्षण अधीक्षकों ने चयनित प्रशिक्षणार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- 0- कलेक्टर ने वर्चुअल बैठक लेकर डिजिटल फसल सर्वेक्षण, मैनुअल गिरदावरी एवं एग्रीस्टेक में किसान पंजीयन, वेट लैण्ड सर्वे के कार्य की प्रगति की समीक्षा कीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शुक्रवार को संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष से डिजिटल फसल सर्वेक्षण, मैनुअल गिरदावरी एवं एग्रीस्टेक में किसान पंजीयन, वेट लैण्ड सर्वे कार्य के संबंध में राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बालोद जिले में अब तक 92 प्रतिशत से अधिक डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूरा हो जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्य राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के मेहनत एवं अथक प्रयासों के फलस्वरूप संभव हो पाया है। उन्होंने इस कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आशा व्यक्त किया कि जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण के शेष कार्यों भी शीघ्र पूरा हो जाएगा। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित जिला खाद्य अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। इसी तरह जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण अपने-अपने कार्यालय से वर्चुअल बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मैनुअल गिरदावरी के कार्य की समीक्षा करते हुए जिले में मैनुअल गिरदावरी के कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देशानुसार राजस्व एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वेक्षण एवं मैनुअल गिरदावरी के कार्य को अनिवार्य से 30 सितंबर तक पूरा कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक में किसान पंजीयन के कार्य की समीक्षा करते हुए इस कार्य को किसानों को शासन के विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कराने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं लाभप्रद बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयावधि पर जिले के सभी कृषकों का अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक में पंजीयन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत जिला एवं विकासखण्ड अधिकारियों के द्वारा मौके पर पहुँचकर मोबाईल एप्प के माध्यम से गिरदावरी की भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें समुचित प्रशिक्षण प्रदान कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने वेट लैण्ड सर्वे कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को निर्धारित समयावधि में त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।



























