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- रायपुर,। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय कमल नारायण शर्मा जी की स्मृति में उनके परिजनों द्वारा जिंदगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था के चिकित्सा उपकरण बैंक को नए उपकरण प्रदान किए गए हैं। ये उपकरण संस्था के कार्यालय मधुमणि सेवा सदन, तात्यापारा में स्थापित किए गए हैं, जहाँ से जरूरतमंद रोगियों को महीने भर तक उपयोग हेतु निःशुल्क सहायता प्रदान की जाती है।शर्मा परिवार की ओर से संस्था को 4 मेडिकल बेड, 4 व्हीलचेयर, 3 वॉकर और जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर दान में प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर संस्था की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा तिवारी ने स्वर्गीय शर्मा की सुपुत्री श्रीमती सविता पाठक एवं पूरे परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा, यह उपकरण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होंगे। हम उनकी इस सामाजिक पहल के लिए सदैव ऋणी रहेंगे।चिकित्सा उपकरण बैंक की भूमिकाजिंदगी ना मिलेगी दोबारा संस्था पिछले 2 वर्षों से चिकित्सा उपकरण बैंक के माध्यम से रोगियों को मेडिकल बेड, व्हीलचेयर, वॉकर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आदि उपकरण निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ बनाना है।
- -छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और पीड़ितों के साथ है - मुख्यमंत्रीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है। मैं भगवान बदरी विशाल जी से इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और कुशलता की प्रार्थना करता हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी में राज्य और केंद्र सरकार के राहत एवं बचाव दल युद्ध स्तर पर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। फलस्वरूप, अब तक सैकड़ों ज़िंदगियां बचा ली गई हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड सरकार और पीड़ितों के साथ खड़ी है।
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-प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए की प्रार्थना
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा द्वारा पवित्र श्रावण मास के अवसर पर आयोजित रूद्र महाभिषेक हवन पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार और ॐ नमः शिवाय, हर-हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामना की। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – नक्सलवाद अब अंतिम साँसें गिन रहा है, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण समाप्ति के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकाररायपुर, / छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। बीजापुर जिले में ₹24 लाख के इनामी समेत कुल 9 माओवादियों ने आज आत्मसमर्पण किया है, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक माओवादी मुठभेड़ के दौरान न्यूट्रलाइज़ किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बदलते बस्तर की तस्वीर है जहाँ बंदूकें झुक रही हैं और विकास की आवाज़ बुलंद हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर सेवा देने वाले श्री अमित शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह का कार्यकाल भारत की आंतरिक सुरक्षा का वह युग है जिसने असंभव को संभव बना दिया है। अनुच्छेद 370 की ऐतिहासिक समाप्ति हो या नक्सलवाद एवं आतंकवाद पर कठोर प्रहार का निर्णय – उन्होंने सदैव भारत को एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया है।छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 से अब तक लगभग 450 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए जा चुके हैं, 1579 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, और लगभग 1589 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह आँकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षाबलों, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अमले को बधाई दी है और कहा है कि बस्तर अब अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ चुका है। विकास ही अब उसकी पहचान बनेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।हर नागरिक की होगी भागीदारीप्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।मिलेगी डबल सब्सिडीप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षणछत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी।बढ़ेंगे रोजगार के अवसरछत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।योजना के फायदे-केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की विभिन्न लंबित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में प्रगति लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाई जाए और निर्माण की गति में तेजी लाई जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन जल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2015 से पूर्व की अपूर्ण जल परियोजनाओं सहित सभी लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य किसानों का राज्य है, और जल परियोजनाओं के अधूरे रहने से सिंचाई क्षमता प्रभावित होती है, जिससे कृषकों को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इन लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, तो प्रदेश का सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी संभव होगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण करना अनिवार्य है ताकि किसान लाभान्वित हो सकें।बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने एक पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में संचालित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने लंबित परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया।बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उईके सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी-इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा राज्य, युवाओं को मिलेगा नवाचार और रोजगार का नया मंचरायपुर /छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा।आवास और पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।
- - आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा नया जीवन-कौशल विकास प्रशिक्षण से बदल रही है बस्तर के युवाओं और महिलाओं की जिंदगी-राज्य सरकार की माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 ला रही रंगरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू माओवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 और बस्तर संभाग के अंदरूनी गांवों के समग्र विकास के लिए विशेष रूप से संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और विश्वास का नया मार्ग प्रशस्त किया है। इस योजना के कन्वर्जेंस के माध्यम से जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं स्वरोजगार से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में सफलतापूर्वक जोड़ा जा रहा है।कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न ट्रेड में नि:शुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि आत्मसमर्पित युवा और महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी होकर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।पुनर्वास केंद्र बना नई राह की शुरुआतकोंटा विकासखंड की अनीता सोड़ी जैसी आत्मसमर्पित महिलाओं के जीवन में यह योजना नई दिशा लेकर आई है। अनीता बताती हैं कि पुनर्वास केंद्र ने हमें यह एहसास कराया कि शांति और सम्मान से भी जीवन जीया जा सकता है। सिलाई, कृषि समेत अन्य आजीविका प्रशिक्षणों ने हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब मैं स्वयं का सिलाई कार्य प्रारंभ कर परिवार को बेहतर भविष्य देना चाहती हूं।अनीता के साथ सुश्री वेट्टी कन्नी, हड़मे माड़वी, कड़ती विज्जे समेत 6 आत्मसमर्पित महिलाएं लाइवलीहुड कॉलेज सुकमा में चल रहे एक माह के सिलाई प्रशिक्षण में हिस्सा ले रही हैं। ‘सक्षम योजना’ के अंतर्गत उन्हें 40 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण 3% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा तथा निःशुल्क सिलाई मशीन एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इन्हें ब्लाउज, ड्रेस, स्कूल यूनिफॉर्म एवं शर्ट-पैंट की सिलाई की ट्रेंनिग दी जा रही है। साथ ही नोनी सुरक्षा योजना, महतारी वंदन योजना, सक्षम योजना, एवं महिला ऋण योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है।नियद नेल्ला नार योजना से बस्तर में विकास और विश्वास की बहार बह रही है। अब तक 79 आत्मसमर्पित माओवादियों को सिलाई, कृषि-नर्सरी, वाहन-चालन, राजमिस्त्री एवं उद्यमिता जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगामी सप्ताह से 30 युवा राजमिस्त्री प्रशिक्षण के लिए आरसेटी में प्रशिक्षण लेंगे। पुनर्वास केंद्र सुकमा में वर्तमान में 42 प्रशिक्षणार्थी (21 महिलाएं) निवासरत हैं जिन्हें क्रमशः कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।योजना के कन्वर्जेंस से युवाओं को मुख्यमंत्री कौशल विकास, सक्षम, पीएम स्वनिधि, स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता और महिला ऋण योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार की राह दिखाई जा रही है जो बस्तर के अंदरूनी गांवों में रोजगार, सम्मान तथा विकास के नए युग का सूत्रपात कर रही है।छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब सरकार संवेदना, अवसर और कौशल के साथ लोगों तक पहुँचती है तो बदलाव सिर्फ संभव ही नहीं बल्कि सुनिश्चित होता है। बस्तर की यह परिवर्तन यात्रा आने वाले समय में शांति, विकास और समृद्धि की स्थायी नींव तैयार करेगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भिलाई स्टील प्लांट के नवनियुक्त निदेशक श्री चित्त रंजन महापात्र ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री महापात्र ने मुख्यमंत्री श्री साय को पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने श्री महापात्र को उनकी नवीन पदस्थापना पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास में प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भिलाई स्टील प्लांट प्रदेश के विकास में प्रभावी योगदान देगा।
- -'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की दी जानकारीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा । इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्री मुरली शर्मा, श्री कैलाश सोनी, श्री समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता सुश्री नमी राय पारेख ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को रायपुर निवासी सुश्री नमी राय पारेख ने बताया कि 05 से 13 जुलाई तक जापान के हिमेजी में एशियन पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में उन्होंने 57 किलोग्राम डेडलिफ्ट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुश्री नमी राय पारेख को एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मेहनत और समर्पण से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटियों को आपकी उत्कृष्ट उपलब्धि से प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर श्री अंजय शुक्ला, श्री अंजिनेश शुक्ला, श्री सनी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- महासमुंद, / पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिला मुख्यालय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण एवं अन्य कृषि सांख्यिकी योजनाओं से संबंधित एक दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 07 अगस्त 2025, को जिला ग्रंथालय, नवकिरण अकादमी, महाप्रभु वल्लभाचार्य शासकीय महाविद्यालय महासमुंद में दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामान्य फसल अनुमान सर्वेक्षण एवं अन्य कृषि सांख्यिकी योजनाओं की प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देना है, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम पाली में सुबह 10ः30 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक तहसील बसना, सरायपाली एवं पिथौरा से राजस्व निरीक्षक मंडल सांकरा, भुरकोनी, पिरदा एवं देवरी तथा द्वितीय पाली में दोपहर 2ः00 बजे से शाम 4ः30 बजे तक तहसील महासमुंद, बागबाहरा, कोमाखान एवं पिथौरा के राजस्व निरीक्षक मंडल कौहाकुड़ा, पिथौरा व लहरौद क्षेत्र के संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार, अतिरिक्त, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, तहसील कानूनगो, कृषि मजदूरी / बाजार भाव प्रतिवेदक पटवारी, कृषि विभाग के उपसंचालक, फसल प्रयोगकर्ता अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी सम्मिलित रहेंगे।जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अनिवार्य रूप से उक्त प्रशिक्षण में सम्मिलित हों। इसके साथ ही, जिन पटवारियों को पूर्व में फसल कटाई प्रयोग से संबंधित उपकरण एवं सामग्री वितरित की गई है, उनकी वर्तमान स्थिति प्रपत्र-2 में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
- महासमुंद, / किसानों की सिंचाई की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महासमुंद जिले के कोडार जलाशय से पानी छोड़े जाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के अनुशंसा पर किसानों की मांग को देखते हुए लिया गया है।जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे ने जानकारी दी कि वर्तमान में शहीद वीरनाराण सिंह बांध कोडार जलाशय परियोजना का गेट 07 अगस्त को खुलेगा। शहीद वीरनाराण सिंह बांध कोडार जलाशय परियोजना (वृहद) में रूपांकित जल की मात्रा 149 एमसीयूएम है, आज 06 अगस्त 2025 की स्थिति में कुल उपयोगी जल भराव 83.39 एमसीयूएम अर्थात 55.97 प्रतिशत जल उपलब्ध है।शहीद वीरनाराण सिंह बांध कोडार जलाशय परियोजना (वृहद) के अन्तर्गत आने वाले ग्रामों एवं कृषकों तथा ग्राम पंचायत के सरपंचों द्वारा खरीफ सिंचाई हेतु पानी छोड़ने की मांग की गई है। जिसमे सरपंच ग्राम पंचायत साराडीह, बेमचा, बेलसोण्डा, कौआझर, पिरदा, मालीडीह, कौन्दकेरा एवं अन्य गांव के किसानों का आवेदन प्राप्त हुआ है। कोडार बांध से 50 ग्रामों का 16 हजार 756 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई लक्ष्य प्रस्तावित है कोडार बांध का दोनो स्लूस गेट (आरबीसी एंड एलबीसी) का गेट खरीफ सिंचाई हेतु 07 अगस्त को खोला जावेगा।किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही सिंचाई जल का उपयोग करें तथा किसी भी स्थिति में नहरों को काटकर अवैध रूप से पानी न लें। इससे जल प्रबंधन प्रभावित होता है और अन्य किसानों को लाभ नहीं मिल पाएगा। किसानों को समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय है
- राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पार्रीकला में रोड किनारे कदम का पौधा लगाया। उल्लेखनीय है कि ग्राम पार्रीकला के सड़क के दोनों किनारे में लगभग 300 पौधे लगाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, जिला पंचायत सदस्य शीला सिन्हा, समाजसेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सौरभ कोठारी, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, लीड बैंक मैनेजर श्री मुनिष शर्मा, सरपंच श्रीमती कामनी आम्बिलकर, पंच सहित बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- - प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए अभूतपूर्व खुशी एवं आल्हाद का क्षण- जयश्री राम के जयकारे के साथ ढोल-मंजीरे की मंगल ध्वनि के साथ श्रद्धालुओं को अयोध्या के लिए किया गया विदा- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्रवण कुमार बन कर श्रद्धालुओं को श्री रामलला दर्शन करने अयोध्या धाम भेज रहे- पहली बार राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन से तीर्थ यात्रियों को श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या किया गया रवानाराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेलवे स्टेशन राजनांदगांव से श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 13 जिलों के 765 तीर्थ यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर स्पेशल ट्रेन से रवाना किया। श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना अंतर्गत प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से जाने वाले दर्शनार्थियों के लिए अभूतपूर्व खुशी एवं आल्हाद का क्षण रहा। जयश्री राम के जयकारे के साथ ढोल-मंजीरे की मंगल ध्वनि के साथ श्रद्धालुओं को अयोध्या के लिए विदा किया गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ विशेषकर राजनांदगांव से तथा दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 765 तीर्थयात्री श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत श्री रामलला दर्शन के लिए आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम) के संपूर्ण सुविधायुक्त ट्रेन के माध्यम से अयोध्या जा रहे है। उन्होंने कहा कि हम सभी अधिकांशत: अपने परिवार एवं मित्रों को विदा करने रेलवे स्टेशन आते है, लेकिन आज पहली बार बुजुर्गों को विदा करने के लिए सामूहिक रूप से यहां आए हैं। जिसका हम सभी को पुण्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वे धार्मिक स्थलों में जाकर ईश्वर के दर्शन कर सकें। आज सभी के चेहरों पर प्रसन्नता एवं खुशी है। उन्होंने कहा कि आज इस अभूतपूर्व क्षण में सभी दर्शनार्थियों के चेहरे पर प्रसन्नता एवं खुशी है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के रेलवे स्टेशन का 6 करोड़ रूपए की लागत से जीर्णाेद्धार किया जा रहा है, जिससे यह रेलवे स्टेशन एक नया स्वरूप लेगा। उन्होंने तीर्थयात्रियों से बातचीत की तथा उन्हें यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी।छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि आज का दिन सौभाग्य का दिन है। जहां हम राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से श्री रामलला के दर्शन हेतु श्रद्धालुगणों को रवाना कर रहे है। छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्रवण कुमार बन कर यहां के श्रद्धालुओं को श्री रामलला दर्शन करने अयोध्या धाम भेज रहे है। पहले रायपुर एवं दुर्ग रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना होती थी, लेकिन आज पहली बार राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन से तीर्थ यात्रियों को श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या रवाना हो रही है। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। ऐसा संयोग है कि माता कौशल्या की भूमि तथा भांचा श्रीराम की भूमि अद्धभुत है। छत्तीसगढ़वासियों को अयोध्या धाम भेजने की शुरूआत की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया तथा मनोबल बढ़ाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन से 765 यात्री अयोध्या धाम जा रहे हंै। आईआरसीटीसी के माध्यम से व्यवस्था की गई है और उनके चेहरों पर आज खुशी है। इस अवसर पर विधायक दुर्ग श्री गजेन्द्र यादव, महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, श्रमकल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सौरभ कोठारी, श्री खूबचंद पारख, श्री सुरेश एच लाल, श्री अशोक शर्मा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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- आयुष्मान वय वंदना एवं आयुष्मान कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला अव्वल
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा प्रदान किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी वरिष्ठ नागरिकों से किसी भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन दीदीयों से संपर्क कर अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर अपना आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन कराने की अपील की। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनने पर विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत 70 वर्ष या 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के समस्त एपीएल एवं बीपीएल हितग्राहियों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जा रहा है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड अंतर्गत हितग्राहियों का पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदाय किया जाता है। जिले में में 25088 एपीएल एवं बीपीएल परिवारों से कुल 23775 पात्र वरिष्ठ नागरिकों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड हेतु पंजीयन कर लिया गया है। राजनांदगांव जिला आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में 94.80 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर हैं। इसी प्रकार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले के कुल 952546 पात्र राशन कार्डधारी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन किया जाना हैं, जिसमें से 923709 पात्र राशन कार्डधारी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन कर लिया गया है और राजनांदगांव जिला आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी 97.12 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर हैं।
आयुष्मान वय वंदना कार्ड की लिए 70 वर्ष या 70 वर्ष से अधिक आयु के समस्त एपीएल एवं बीपीएल हितग्राही है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज केवल आधार कार्ड एवं आधार लिंक मोबाईल नम्बर की आवश्यक होती है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से 70 वर्ष या 70 वर्ष से अधिक आयु के समस्त एपीएल एवं बीपीएल परिवार के वरिष्ठ नागरिकों को समस्त पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रति वर्ष प्रदाय करने का प्रावधान है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने हेतु राशन कार्ड अनिवार्य नहीं हैं। समस्त पात्र वरिष्ठ नागरिकों का अलग-अलग आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जा रहा है। परिवार के समस्त पात्र हितग्राही अपने क्षेत्र के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों, आधार सेवा केन्द्रों व च्वॉइस सेंटरों में जाकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा सकते है। राजनांदगांव शहरी क्षेत्र अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर, लखोली, मोतीपुर एवं पुराना अस्पताल गुरूद्वारा चौंक में आयुष्मान वय वंदना कार्ड बना सकते हैं। योजना के संबंध में अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री नम्बर 104 पर या निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों में संपर्क किया जा सकता हैं। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री अभिषेक तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - एमसीबी/ भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक पहल ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) द्वारा 1 से 7 अगस्त 2025 तक आयोजित ‘‘विश्व स्तनपान सप्ताह’’ के अवसर पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में परियोजना खड़गवां, चिरमिरी, भरतपुर एवं मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत चयनित ग्रामों में आयोजित हुए। कार्यक्रमों में उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने मिलकर ग्रामीण समुदाय की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, विशेषकर पहले पीले गाढ़े दूध (कोलेस्ट्रम) के पोषणीय मूल्य एवं नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुणों के बारे में जागरूक किया।कार्यक्रम में माताओं को यह बताया गया कि जन्म के तत्काल बाद शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए और पहले छह माह तक किसी भी प्रकार का ऊपरी आहार न देकर केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। क्योंकि यह शिशु को पूर्ण पोषण प्रदान करता है। इसके साथ ही ‘‘रेडी टू ईट’’ पोषण आहार, तिरंगा भोजन, स्थानीय मौसमी साग-सब्जियां, फल एवं पारंपरिक खानपान की पौष्टिकता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिससे माताएं स्वयं भी सुपोषित रहें और उनके शिशु भी स्वस्थ विकसित हो सकें। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, सुरक्षित प्रसव की तैयारी करने, नवजात शिशु की देखभाल के सही तरीकों, टीकाकरण की अनिवार्यता तथा स्तनपान के माध्यम से मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु विस्तार से समझाया गया।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। जिसमें प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, छत्तीसगढ़ राज्य महिला कोष अंतर्गत संचालित ‘‘सक्षम योजना’’ तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से दी जा रही ऋण योजना प्रमुख रहीं। उपस्थित माताओं को बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 15 जुलाई से 15 अगस्त 2025 तक विशेष पंजीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि उनकी गर्भावस्था सुरक्षित, स्वस्थ एवं सुपोषित हो। इस योजना के अंतर्गत पंजीयन हेतु महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता अथवा मितानिन से संपर्क कर सकती हैं।कार्यक्रमों के सफल आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग रहा। जागरूकता शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, किशोरियाँ, स्वसहायता समूह की सदस्याएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सम्मिलित हुईं और उन्होंने स्तनपान को लेकर कई सवाल पूछे जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा में समाधान दिया गया। समूचे जिले में इस कार्यक्रम के माध्यम से एक सकारात्मक संदेश दिया गया कि एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ पीढ़ी की जननी बनती है, और स्तनपान इस दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
- एमसीबी/ जिले की टीम ने संभाग स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता गतका, योगा बालक एवं बालिका आयु वर्ग वर्ष 14, 17, 19 ने अंबिकापुर में शानदार प्रदर्शन किया। गतका खेल में 9 में से 7 खिलाड़ी, योगा में 19 में से 12 खिलाड़ी राज्य स्तर शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता राजनांदगांव में होने वाले 10 सितंबर 2025 से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। इस उपलब्धि के लिए समस्त खेल से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी, सभी कोच तथा मैनेजर और प्रतिभागियों ने सबको बधाई और शुभकामनाए दी है। इस संभाग स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रणधीर ठाकुर, पुरन कश्यप, श्रीमती सुनीता मिश्रा, कर्मेंद्र साहू, महेश साहू , नीरज ठाकुर, श्रीमती सुनीता यादव, अनीता तिर्की, विवेक तिवारी, विजय मार्काे ने अपना सहयोग प्रदान किया।
- जगदलपुर/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्रीरामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत 05 अगस्त की शाम को बस्तर जिले के कुल 87 तीर्थ यात्रियों को टाउन हॉल के सामने बस से रवाना किया गया। जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने श्रीरामलला दर्शन योजना के यात्रियों को पुष्प भेंट कर सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दी। जिले में श्रीरामलला दर्शन योजना समिति के सदस्य श्री रामाश्रय सिंह एवं अन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया गया है. जिले से विगत वर्ष से अब तक 609 तीर्थ यात्रियों को अयोध्या धाम यात्रा से लाभान्वित किया जा चुका है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, अति. कार्यपालन अधिकारी श्री बीरेंद्र बहादुर सहित जिला पंचायत कार्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- कलेक्टर श्री लंगेह ने शेर और पचेड़ा स्कूल में आयोजित पालक-शिक्षक बैठक में बच्चों और पालकों से की आत्मीय चर्चाकलेक्टर ने पालकों से अपने बच्चों के पढ़ाई स्तर को नियमित रूप से परखने किया आग्रहमहासमुंद/स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में पालकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें बच्चों की प्रगति से अवगत कराने तथा बच्चों में भविष्य की सम्भावनाओं का आंकलन कर पालकों के साथ समन्वय साधते हुए संयुक्त रूप से परिणाम उन्मुखी प्रयास करने हेतु बुधवार 06 अगस्त को जिले के सभी 184 संकुलों में पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया है। पालक-शिक्षक बैठक में आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शेर एवं पचेड़ा में आयोजित संकुल स्तरीय पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों और बच्चों से संवाद कर उनके अनुभव जाने। इस अवसर पर उन्होंने शाला परिसर का अवलोकन भी किया।कलेक्टर श्री लंगेह ने पालकों से चर्चा करते हुए कहा कि अपने बच्चों की गतिविधियों और पढ़ाई की स्तर को नियमित रूप से परखने के लिए उनसे चर्चा करते रहें। यह सुनिश्चित करें कि बच्चे स्कूल से आने के पश्चात होम वर्क अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाने के लिए पालक और शिक्षक नियमित रूप से संवाद करके स्थानीय स्तर पर ही समाधान करें। पालकों ने जाति प्रमाण पत्र संबंधित समस्या के संदर्भ में भी कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने चर्चा के दौरान कहा कि बच्चों को मोबाईल की लत से दूर रखें। साथ ही शिक्षकगण भी अध्यापन के दौरान मोबाईल का उपयोग आवश्यकता अनुसार ही करें। बैठक में पालकों ने बेहतर शिक्षण के लिए और भी सुझाव दिए। कलेक्टर ने पालकों से मोर गांव मोर पानी अभियान, एक पेड़ मां के नाम अभियान के संबंध में अवगत कराया। साथ ही बच्चों को नशा से दूर रखने सामूहिक संकल्प भी लिया गया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, संबंधित स्कूल के प्राचार्य, सरपंच, संकुल समन्वयक, शिक्षकगण, पालकगण एवं समिति के सदस्य मौजूद थे। जिले के अन्य स्कूलों में नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा पालक-शिक्षक बैठक आयोजित किया गया।उल्लेखनीय है कि बच्चों के माता पिता के प्रथम चरण के अंतर्गत जिले में 06 अगस्त को संकुल स्तर पर आयोजित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपादित करने जिले के सभी अधिकारियों को 01-01 संकुल की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के सभी अधिकारियों को संबंधित संकुल केन्द्रों का निरीक्षण कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रतिवेदन करने का निर्देश दिया गया है।पालक शिक्षक संवाद में पालकों को बच्चों के लिए यथासंभव घर में पढ़ाई के लिए मेरा कोना-स्टडी कॉर्नर के रूप में एक निश्चित स्थान तय करने की बात बताई गई। इसी प्रकार छात्रों के लिए एक आदर्श दिनचर्या कैसी हो इसकी जानकारी दी गई। बच्चों ने आज क्या सीखा के तहत पालकों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उनकी प्रोग्रेस मॉनिटर करने में सहायता मिलेगी। बच्चा बोलेगा बेझिझक से बच्चों के अंदर स्टेज में बोलने के भय को दूर करना और पब्लिक स्पीकिंग और लीडरशिप क्वालिटी बढ़ाने पर काम होगा। बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा का उद्देश्य पालकों और छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को दूर करना और अच्छे अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार के अंतर्गत अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियों से छात्रों को जोड़ना, विद्यार्थियों के आयु, कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी देना, न्योता भोज के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना, विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवं छात्रों को अवगत कराना, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र निर्माण और नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
- सभी गतिविधियों के सफल संचालन के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपा है दायित्वगौरेला पेंड्रा मरवाही/ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा-2025 कार्यक्रम का आयोजन देशभर में 2 से 15 अगस्त 2025 तक किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जीपीएम जिले में भी जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम का थीम ''हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग'' है। जिसका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाना और स्वच्छता के प्रति जनचेतना को सशक्त बनाना। हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन तीन चरणों में होगा। प्रथम चरण 2 से 8 अगस्त तक, द्वितीय चरण 9 से 12 अगस्त तक एवं तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त तक विभिन्न आयोजन होंगे।प्रथम चरण में विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को तिरंगा आर्ट से सजाने, रंगोली प्रतियोगिताएं, तिरंगे के स्थानीय इतिहास पर प्रश्नोत्तरी, तिरंगा राखी निर्माण हेतु कार्यशालाएं एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। द्वितीय चरण 9 से 12 अगस्त के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर जनसहभागिता से तिरंगा मेला और तिरंगा कंसर्ट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तियों और खिलाडिय़ों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। तिरंगा कंसर्ट में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त तिरंगा रैली, बाइक और साइकिल रैली का आयोजन भी किया जाएगा। तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त तक शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, कार्यालयों, बांधों एवं पुलों पर तिरंगा फहराया जाएगा तथा रोशनी की जाएगी। इसी अवधि में स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियां भी संपन्न की जाएंगी।हर घर तिरंगा कार्यक्रम अंतर्गत सार्वजनिक संस्थाएं, स्व-सहायता समूह और सामाजिक संगठन को अभियान में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक परिवार अभियान से जुड़ सकें। निजी क्षेत्र एवं कॉर्पोरेट संस्थाओं को भी उनके सीएसआर संसाधनों के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यक्रम में योगदान देने हेतु आमंत्रित किया गया है। डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाया गया है। नागरिकों कोhttps://harghartiranga.com/पोर्टल पर जाकर झंडा फहराने की प्रतिज्ञा लेने और अभियान से डिजिटल रूप से जुडऩे के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों को तिरंगा झंडे की खरीदी एवं पैम्पलेट, स्टिकर, बैनर के माध्यम से प्रचार एवं वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पोस्ट ऑफिस, स्थानीय स्तर के दुकानों को झंडा बिक्री केंद्र के रूप में चिन्हांकित किया गया है। सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और आवासीय क्षेत्रों में तिरंगा लाइटिंग, रंगोली प्रतियोगिता, सेल्फी जोन और ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किए जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा प्रदत्त पोर्टल पर प्रतिदिन अभियान की प्रगति और गतिविधियों की सतत निगरानी हेतु निर्देश दिए गए है।कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने "हर घर तिरंगा, हर घर स्वाछता : स्वंतत्रता का उत्सव, स्वछता के संग" थीम पर आयोजित सभी गतिविधियों के सफल संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसी तरह विकासखंड स्तर पर एवं नगरीय निकायों में कार्यक्रम आयोजन के लिए जनपद सीईओ गौरेला शुभा दामोदर मिश्रा, जनपद सीईओ पेंड्रा नम्रता शर्मा, जनपद सीईओ मरवाही विनय सागर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गौरेला नारायण साहू, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पेंड्रा अमलदीप मिंज और मुख्य नगर पालिका अधिकारी मरवाही सतीश कुमार यादव को हर घर तिरंगा कार्यक्रम का सफल आयोजन के लिए दायित्व सौंपा गया है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 637.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1056.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 329.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 582.3 मि.मी., बलौदाबाजार में 557.5 मि.मी., गरियाबंद में 499.8 मि.मी., महासमुंद में 538.2 मि.मी. और धमतरी में 505.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 675.8 मि.मी., मुंगेली में 680.4 मि.मी., रायगढ़ मंे 799.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 867.3 मि.मी., कोरबा में 710.3 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 633.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 597.3 मि.मी., सक्ती में 729.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 507.9 मि.मी., कबीरधाम में 473.4 मि.मी., राजनांदगांव में 553.3 मि.मी., बालोद में 592.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 791.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 453.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 478.7 मि.मी., सूरजपुर में 818.6 मि.मी., जशपुर में 719.1 मि.मी., कोरिया में 739.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 721.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 732.6 मि.मी., कोंडागांव में 483.8 मि.मी., नारायणपुर में 602.0 मि.मी., बीजापुर में 805.2 मि.मी., सुकमा में 501.5 मि.मी., कांकेर में 644.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 665.2 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- राजस्व अधिकारियों की मांगों पर बनी सहमति, हड़ताल समाप्तप्रमुख मुद्दों पर हुई कार्रवाई, शासन ने दिए आवश्यक निर्देशरायपुर/ राजस्व संघ के संसाधन नही तो काम नही सिद्धान्त पर आधारित 17 सूत्रीय मांगों की पूर्ति हेतु विगत सकारात्मक पहल नही होने पर 28 जुलाई से चरणबद्व आंदोलन पर बैठे राजस्व अधिकारियों ने राजस्व मंत्री के सकारात्मक पहल और ठोस आश्वासन पर आज हड़ताल से वापस हो गए। राज्य में गत कुछ दिनों से चल रही राजस्व अधिकारियों की हड़ताल अब समाप्त हो गई है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद राजस्व संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है, और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं को शासन गम्भीरता से लेता है और उचित समाधान हेतु कटिबद्ध है।”इस अवसर पर राजस्व सचिव, राजस्व संचालनालय के संचालक तथा उप सचिव भी उपस्थित रहे। संघ के प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर अपनी मांगों एवं समस्याओं को सामने रखा। मंत्री श्री वर्मा ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान हेतु आवश्यक आश्वासन दिए। संघ पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि राज्य शासन द्वारा समयबद्ध ढंग से उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग को सुचारू बनाए रखने हेतु तत्परता से पहल की। राजस्व सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संघ के प्रतिनिधियों से विस्तृत विमर्श कर समाधान के लिए मार्ग प्रशस्त किया। संघ द्वारा प्रस्तुत मुख्य मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रशासन ने कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई है। परिणामस्वरूप, राजस्व अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः कार्यभार संभालने की घोषणा की है।डिप्टी कलेक्टर के पदों पर पदोन्नति/सीधी भर्ती पर 50 : 50 अनुपात की बहाली पर कार्यवाही की जाएगी। राजस्व अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा दिए जाने की मांग पर नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार को राजपत्रित करने संबंधी प्रस्ताव पर शासन ने त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुए नायब तहसीलदारों एवं तहसीलदारों के लंबित ग्रेड पे और पदोन्नति मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा। इसी तरह सभी तहसीलों में कार्यरत अधिकारियों को प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन मिला है। राजस्व विभाग में बिना वैध प्रक्रिया के निलंबन अथवा अभियोजन से प्रभावित अधिकारियों की स्थिति की 15 दिवस के भीतर जांच कर बहाली की कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से राज्यभर के राजस्व कार्यालयों में कामकाज पुनः सामान्य हो गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। संघ ने शासन की तत्परता और समाधानात्मक रुख की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि लंबित विषयों पर आगे भी संवेदनशील निर्णय लिए जाएंगे। यह वार्ता संवाद और समन्वय के माध्यम से प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का सफल उदाहरण बनी है।हड़ताल की वापसी से राहतहड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश भर में राजस्व संबंधी कार्यों के पुनः सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे नामांतरण, बंटवारा, भू-अधिकार अभिलेख, सीमांकन जैसे कार्यों में हो रही देरी पर रोक लगेगी और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय राजस्व विभाग एवं शासन के बीच संवाद, सहमति और समाधान की संस्कृति को दर्शाता है, जो प्रशासनिक मजबूती और जनसेवा के लिए अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर राजस्व संघ के प्रांताध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार लहरे,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह राठौर,प्रदेश सचिव श्री प्रशांत पटेल,प्रदेश प्रवक्ता श्री शशिभूषण सोनी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता सुश्री नमी राय पारेख ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय को रायपुर निवासी सुश्री नमी राय पारेख ने बताया कि 05 से 13 जुलाई तक जापान के हिमेजी में एशियन पॉवरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इस चैंपियनशिप में उन्होंने 57 किलोग्राम डेडलिफ्ट वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुश्री नमी राय पारेख को एशियन अफ्रीकन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपने अपनी मेहनत और समर्पण से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटियों को आपकी उत्कृष्ट उपलब्धि से प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर श्री अंजय शुक्ला, श्री अंजिनेश शुक्ला, श्री सनी पारेख सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- रायपुर/ शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम गरियाबंद शिक्षा के क्षेत्र मे एक और अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला रहा। जहां कक्षा 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिले ने राज्य मे चौथा रैंक हासिल किया। इसी प्रकार पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी किया गया है। जिसमें कक्षा 10वीं मे जिले के सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, देवभोग के भूपेश कुमार नागेश ने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर तीसरा रैंक प्राप्त किया है।शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी किया जाता है, इसमें भी जिले के छात्रों ने अपने प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल, सडक परसुली के शैलेन्द्र कुमार शोरी ने इस संवर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त कर मेरिट में अपना स्थान बनाया है। दूरस्थ ग्रामीण अंचल के छात्र भूपेश नागेश ने राज्य में तृतीय रैंक, तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र शैलेन्द्र शोरी ने संवर्ग में राज्य मंे प्रथम स्थान प्राप्त किया है।


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