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- 0- ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर सिखाया जा रहा नया कौशलबिलासपुर / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की "बिहान" योजना के तहत जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान करने की अभिनव पहल की गई है जिसके तहत महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर "लखपति दीदी" बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पहली बार शुरू किए गए इस प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाएं उत्साहित हैं।इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई। प्रशिक्षण का शुभारंभ ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) कोनी में किया गया, जहाँ 35 चयनित महिलाओं को एक माह का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं को क्रेडिट लिंकेज के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे वाहन संचालन या अन्य स्वरोजगार से अपनी आजीविका में वृद्धि कर सकें।प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री रामेंद्र सिंह गुर्जर ने अपने उद्बोधन में कहा कि "स्व-सहायता समूह की दीदियों को वाहन चलाना सिखाकर उन्हें एक नया कौशल दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें।" उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रशिक्षण जिला पंचायत सीईओ की पहल पर पहली बार प्रारंभ किया गया है और इसके बाद दीदियों को क्रेडिट लिंकेज सहायता और आजीविका बढ़ाने के लिए अन्य योजना भी तैयार की जा रही है।इस प्रशिक्षण में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाएं उत्साहित हैं उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने से उनमें आत्मविश्वास आया है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं , अब उन्हें गांव से बाहर आकर नया कौशल सीखने का अवसर मिला है, जिससे वे भविष्य में अपनी आजीविका में वृद्धि कर सकेंगी। इस अवसर पर आरसेटी की वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती दीप्ति मंडल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- कलेक्टर ने विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं के मद्देनजर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों की ली संयुक्त बैठकराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं के मद्देनजर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, प्रधानमंत्री क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन के कार्य में गति लाएं। 31 जुलाई तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री के्रडिट कार्ड एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के कार्य को मिशन मोड में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत कृषकों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने की दिशा में परिणाममूलक कार्य करें।सभी अधिकारी विजन के साथ लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करें, ताकि एक सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों के लिए खाद-बीज की कमी नहीं होना चाहिए। इसके लिए सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए तथा ऐसे क्षेत्रों का चिन्हांकन करते हुए, जहां खाद-बीज की कमी हो सकती है, वहां तत्काल आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं में आ रही तकनीकी दिक्कत को दूर करने के लिए केन्द्रीय सहकारी बैंक में कृषकों को निर्धारित तिथि में बुलाकर निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों से डीएमएफ के अंतर्गत खनिज प्रभावित क्षेत्रों के तहत लोकहित में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी फिल्ड में निरंतर दौरा करें और कृषकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह जरूरी है कि व्यापक तौर पर किसानों को जानकारी प्रदान करें। कृषकों को धान के बदले दलहन, तिलहन एवं लघु धान्य फसल प्रोत्साहित करने के लिए कहा। ग्रीष्मकाल में धान के बदले दलहन, तिलहन, उद्यानिकी फसलों को बढ़वा देने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यानिकी विभाग अंतर्गत धान के बदले साग-सब्जी, फल-फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा तथा विजन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को चिन्हांकित करते हुए पाली हाऊस एवं अन्य योजनाओं के तहत खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि ऑइल पाम योजना के तहत खेती करने तथा कटहल के पौधे व्यापक तौर पर लगाए जाएंगे।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के कार्य को प्राथमिकता देते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मछुआरों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सालय में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि क्लीनिक में पशुओं का समुचित उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि सभी पशु चिकित्सक समय पर चिकित्सालय में उपस्थित रहे तथा शासन की योजनाओं के तहत कार्यों में प्रगति दिखना चाहिए। डीएमएफ के तहत प्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कैटल फार्म, पोलेट्री फार्म एवं डेयरी फार्म के संबंध में जानकारी ली।बैठक में मछली बीज उत्पादन एवं बंद पड़ी खदानों में केज कल्चर के संबंध में जानकारी ली। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा तालाबों में मत्स्य पालन एवं महिला स्वसहायता समूह को मछली पालन से जोडऩे, मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि जिले में धान का रकबा कम करने के लिए कम पानी की आवश्यकता वाले दलहन, तिलहन एवं उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीज निगम द्वारा गुणवत्तायुक्त बीज किसानों को मिलना चाहिए, इस पर ध्यान दें। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री टीकम ठाकुर, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. अनूप चटर्जी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री राजेश शर्मा, सहायक संचालक मछली पालन श्री सुदेश कुमार साहू, जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र श्रीमती गुंजन झा, डीएमओ श्रीमती हीना खान, राजाराम कंपनी, एबीस ग्रुप, बीज निगम के प्रभारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।--
- फाइल फोटो
राजनांदगांव । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब विक्रेताओं, परिवहनकर्ताओं, सार्वजनिक स्थल पर मद्यपान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री अभिषेक तिवारी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा धर-पकड़ अभियान के तहत चार प्रकरणों में 15.300 बल्क लीटर महाराष्ट्र निर्मित देशी दारू संत्री एवं 8.500 बल्क लीटर हाथ भ_ी कच्ची महुआ शराब जप्त किया गया। उन्होंने बताया कि आबकारी उप निरीक्षक वृत्त चिचोला श्री राजकुमार कुर्रे, आबकारी मुख्य आरक्षक श्री निजाम शाह, श्री अनिल सिन्हा, श्री भोजनारायण उइके की टीम द्वारा थाना गेंदाटोला के ग्राम हैदलकुड़ो तालाब पचरी से युगल किशोर साहू के कब्जे से देशी दारू संत्री महाराष्ट्र निर्मित 50 पाव मात्रा 9 बल्क लीटर तथा थाना जोब के ग्राम मरकाकसा थाना में रामचन्द्र हिचाने के रिहायशी मकान बाड़ी से 4 बल्क लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जप्त किया गया।इसी प्रकार थाना डोंगरगांव के ग्राम बदराटोला में देवेन्द्र साहू के कब्जे से 35 पाव देशी मदिरा संत्रा कुल 6.300 बल्क लीटर तथा थाना डोंगरगांव ग्राम तलवारटोला में दिलीप दुग्गा के कब्जे से 4.500 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब जप्त किया गया। कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक वृत्त राजनांदगांव ग्रामीण श्रीमती तुलेश्वरी देवांगन, आबकारी मुख्य आरक्षक श्री मिलाप मण्डावी, श्री किशोरी कुमरे, श्री दीपक सिन्हा शामिल थे। सभी आरोपियों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई। आबकारी विभाग की टीम द्वारा अवैध मदिरा विक्रय की रोकथाम हेतु होटल ढाबों एवं मदिरा दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही सभी वृत्त प्रभारियों को होटल-ढाबों की नियमित जांच और अवैध मदिरा विक्रय के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। - राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत सभाकक्ष में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत राज्य कार्यालय से प्राप्त द्वितीय किश्त की राशि के लिए प्राप्त लक्ष्य को 30 सितम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास प्लस में चेकर्स को 31 जुलाई तक सत्यापन कार्य पूरा करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को जल्द से जल्द प्रथम किश्त की राशि देने के निर्देश दिए। एनपीसीआई कराने का दायित्व आवास मित्रों को देने कहा। उन्होंने बताया कि रूरल मेशन ट्रेनिंग सभी ब्लाक में आरसेटी के माध्यम से दिया जाएगा। जिसके लिए छुरिया एवं डोंगरगांव में जल्द से जल्द काउंसलिंग कराने निर्देशित किया। निर्माणाधीन आवास को समय सीमा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा एवं टेड़ेसरा की परिसम्पत्तियों की जानकारी गुगलशीट में एन्ट्री कराने के निर्देश दिए।जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम बनाकर मिशनमोड में सर्वे का कार्य पूर्ण करने निर्देंशित किया। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण टीम द्वारा जल्द से जल्द जिले का भ्रमण किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार अधिकारी सभी स्वच्छता गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत खुले में शौच मुक्त स्थिति, अपशिष्ट प्रबंधन, सहभागिता और स्थायी ढांचे सहित अन्य मापदंडों पर गांवों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही सिटीजन फीडबैक भी एक अहम बिंदु होगा, जिसके लिए ग्रामीणों को मोबाइल ऐप के माध्यम से राय देने हेतु प्रेरित किया जाए।गांव-गांव में बैनर, पोस्टर, ऑडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक व सोशल मीडिया प्रचार के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करें। प्रत्येक गांवों में 6-7 दक्ष एवं शिक्षित लोगों का समूह बनाएं, ताकि सर्वे टीम के समक्ष प्रजेन्टेंशन दे सके। ग्रामीणों को यूजर चार्ज देने के लिए प्रेरित करें। साथ ही अभियान चलाकर यूजर चार्ज का संग्रहण करें। बैठक में ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट को चालू हालत में रखने तथा आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत राजमिस्त्री का प्रशिक्षण पूर्ण कराने निर्देशित किया। मृत्यु दावा की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराने कहा गया। इन्टरप्राईजेस फायनेंस के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। पीएमश्री योजनान्तर्गत प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूरा करने, जनदर्शन के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देशित किया। बैठक में संबंधित जिला अधिकारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत क्षेत्र के सभी संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
- 0- जिला पंचायत सीईओ ने शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यकमों की विस्तृत समीक्षा कीराजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत सभाकक्ष में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत राज्य कार्यालय से प्राप्त द्वितीय किश्त की राशि के लिए प्राप्त लक्ष्य को 30 सितम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवास प्लस में चेकर्स को 31 जुलाई तक सत्यापन कार्य पूरा करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को जल्द से जल्द प्रथम किश्त की राशि देने के निर्देश दिए। एनपीसीआई कराने का दायित्व आवास मित्रों को देने कहा। उन्होंने बताया कि रूरल मेशन ट्रेनिंग सभी ब्लाक में आरसेटी के माध्यम से दिया जाएगा। जिसके लिए छुरिया एवं डोंगरगांव में जल्द से जल्द काउंसलिंग कराने निर्देशित किया। निर्माणाधीन आवास को समय सीमा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा एवं टेड़ेसरा की परिसम्पत्तियों की जानकारी गुगलशीट में एन्ट्री कराने के निर्देश दिए।जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम बनाकर मिशनमोड में सर्वे का कार्य पूर्ण करने निर्देंशित किया। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण टीम द्वारा जल्द से जल्द जिले का भ्रमण किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार अधिकारी सभी स्वच्छता गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत खुले में शौच मुक्त स्थिति, अपशिष्ट प्रबंधन, सहभागिता और स्थायी ढांचे सहित अन्य मापदंडों पर गांवों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही सिटीजन फीडबैक भी एक अहम बिंदु होगा, जिसके लिए ग्रामीणों को मोबाइल ऐप के माध्यम से राय देने हेतु प्रेरित किया जाए। गांव-गांव में बैनर, पोस्टर, ऑडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक व सोशल मीडिया प्रचार के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करें। प्रत्येक गांवों में 6-7 दक्ष एवं शिक्षित लोगों का समूह बनाएं, ताकि सर्वे टीम के समक्ष प्रजेन्टेंशन दे सके।ग्रामीणों को यूजर चार्ज देने के लिए प्रेरित करें। साथ ही अभियान चलाकर यूजर चार्ज का संग्रहण करें। बैठक में ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट को चालू हालत में रखने तथा आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत राजमिस्त्री का प्रशिक्षण पूर्ण कराने निर्देशित किया। मृत्यु दावा की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराने कहा गया। इन्टरप्राईजेस फायनेंस के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। पीएमश्री योजनान्तर्गत प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूरा करने, जनदर्शन के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देशित किया। बैठक में संबंधित जिला अधिकारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत क्षेत्र के सभी संबंधित अधिकारी शामिल हुए।दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में स्थित दंतेवाड़ा जिला, जो अपनी समृद्ध प्राकृतिक संपदा, उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु के लिए जाना जाता है, अब जैविक खेती में एक नई दिशा की ओर अग्रसर हो चुका है। पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ-साथ अब आधुनिक यंत्रों का समावेश कर खेती को अधिक आसान और लाभकारी बनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को पावर टिलर वितरित कर यंत्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए दंतेवाड़ा में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन उसमें सबसे बड़ी चुनौती श्रम और समय की अधिकता रही है। जैविक खादों, प्राकृतिक कीटनाशकों और पारंपरिक तरीकों का उपयोग करने के बावजूद खेत की तैयारी, खरपतवार नियंत्रण और खाद मिलाने जैसी गतिविधियों में काफी मेहनत लगती है। इस चुनौती से निपटने के लिए अब पावर टिलर जैसे उपकरण किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।जिला प्रशासन ने हाल ही में 75 पावर टिलरों का वितरण किया है, जो कि महिला स्व-सहायता समूहों और प्रगतिशील किसानों को प्रदान किए गए हैं। यह वितरण न केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए किया गया है, बल्कि सामूहिक यंत्र उपयोग मॉडल को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे मशीनों का अधिकतम उपयोग हो सके। समूहों के माध्यम से यह पावर टिलर किराए पर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे अन्य किसान भी इसका लाभ उठा सकें।इसके साथ ही पावर टिलर का उपयोग जैविक खेती में बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इससे खेत की गहरी जुताई, मिट्टी को बारीक करना और जैविक खादों को समरस रूप से मिलाने में आसानी हो रही है। जहां पहले पारंपरिक हल से खेत की जुताई में दो से तीन दिन लगते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही घंटों में पूरा हो रहा है। इसके अलावा पावर टिलर का आकार छोटा और संचालन सरल होने के कारण यह छोटे जोत के किसानों के लिए भी उपयुक्त है।इस संबंध में हीरानार के किसान लूदरुराम और कासौली के सुरेश नाग बताते हैं कि पावर टिलर के उपयोग से खेती करना अब कहीं ज्यादा आसान हो गया है। उन्हें समय की बचत तो हो ही रही है, साथ ही उत्पादन में भी सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मल्टीपरपज मशीन न केवल जुताई के काम आती है, बल्कि मिट्टी पलटने, कतार बनाने, निंदाई-गुड़ाई, खाद मिलाने और ट्रॉली से परिवहन जैसे कार्यों में भी सहायक है। इससे श्रम लागत में भी कमी आई है, जिससे जैविक खेती अब और अधिक टिकाऊ और लाभदायक बन रही है। जिला प्रशासन की यह पहल कृषि क्षेत्र में तकनीक के समावेश का उत्कृष्ट उदाहरण है। पावर टिलर वितरण के माध्यम से न केवल जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि युवा किसान भी अब आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह पहल दंतेवाड़ा को जैविक कृषि में एक मॉडल जिला बना सकती है, जहां परंपरा और तकनीक का संतुलन एक नई कृषि क्रांति को जन्म देगा।
- 0- कक्षा 10 वीं और 12 वीं हेतु उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए समर्पित समयबद्ध तैयारी सतत मूल्यांकन पर कलेक्टर ने दिया जोर0- सटीक शैक्षणिक रणनीति कार्ययोजना एवं व्यक्तिगत प्रयासों से मिलेंगे उत्साह जनक नतीजे-कलेक्टर श्री दुदावतदंतेवाड़ा । संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में शनिवार को शैक्षणिक सत्र-2025 के तहत हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता कार्य योजना शिक्षण प्रक्रिया को अधिक संगठित समर्पित समयबद्ध तैयारी सतत मूल्यांकन के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक के अंतर्गत परीक्षा परिणाम सत्र-2024-25, विकासखण्डवार शालाओं का प्रदर्शन, टेस्ट श्रृंखला वार्षिक कैलेंडर 2025-26 के लिए कक्षा-10 वीं एवं 12 वीं हेतु विशेष योजना, यूथ ईको क्लब, गणित एवं विज्ञान क्लब के गठन की प्रक्रिया, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, करियर काउंसलिंग कार्यक्रम की विशेष रूप से समीक्षा हुई।बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं का प्रथम लक्ष्य सभी छात्रों को प्रथम श्रेणी अंतर्गत उत्तीर्ण करना सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही सभी शाला प्रमुख छात्रों से प्रष्नों के आवश्यकता अनुरूप सही उत्तर सही पैटर्न में लिखने का अभ्यास करवाएं, क्योंकि छात्रों की उत्तर लिखने की शैली भी परीक्षा परिणामों को प्रभावित करती है। इसके लिए विषयवार शिक्षकों की व्यक्तिगत बैठक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। मासिक टेस्ट सभी शालाओं में अनिवार्य रूप होने चाहिए ताकि एक माह में जो पढ़ाई की गई उसका वास्तविक मूल्यांकन हो सके। बीईओ इस संबंध में मासिक बैठक अवश्य लेगें। इस के तहत आगामी अगस्त में पुनरीक्षण बैठक होगी। इसके अलावा जिन-जिन शालाओं में पूर्व सत्र में बेहतर परिणाम आए है उनकी रणनीति एवं विशेष प्रयासों को अपने शालाओं भी लागू करने के निर्देष भी बैठक में दिए गए।इसके साथ ही कलेक्टर ने विकासखण्डवार बोर्ड परीक्षा परिणाम का समीक्षा करते हुए कहा कि कई हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में परीक्षा परिणाम अपेक्षा अनुरूप नही है। इसके लिए शिक्षण सत्र के प्रारंभ से ही कार्य योजना बनाकर आगामी परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाना अपेक्षित रहेगा। इसमें समस्त स्टाफ की जवाबदेही तय की जायेगी। क्योकि अगर दूसरे विद्यालय उसी पाठ्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन कर रहे है तो निश्चित ही स्वयं के विद्यालय में कमिया जाहिर होती है। हिन्दी जैसे विषयों में छात्रों का कम अंक आना वास्तव में चिंता का विषय है। इसके लिए सभी बीईओ, प्राचार्य को व्यक्तिगत रूचि लेकर अतिरिक्त शैक्षणिक प्रयास की जरूरत है। इसके लिए शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही अतिरिक्त क्लास, उत्तर लेखन कौशल, पढ़ाएं गए अध्यायों के पुनरावृत्ति, कमजोर छात्रों विशेष ध्यान, पिछले वर्षों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण,प्रश्न बैंक एवं परीक्षा पूर्व मानसिक तैयारी यह लक्ष्य प्राप्त किए जाए। बैठक में कलेक्टर ने इसके साथ ही शालाओं को अधोसंरचना, शौचालय,प्रयोगशालाओं की स्थिति, उसमें उपकरणों की आवश्यकता,पेयजल की उपलब्धता विषय अनुरूप शिक्षकों की आवश्यकता के संबंध में बैठक जानकारी चाही। इसके लिए उन्होंने सभी प्राचार्यों से मांग अनुसार प्रपत्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।बैठक में एजेंडा अनुसार कक्षा 10 वीं और 12 वीं शत प्रतिशत उत्तीर्णता सुनिश्चित करने के लिए टेस्ट श्रृंखला की कार्ययोजना, उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्रदान करने, करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के तहत 9 वीं और 12 वीं तक छात्रों को उनके करियर के संबंध में मार्गदर्शन देवें, राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के संबंध में शाला विकासखण्ड एवं जिला स्तरीय आयोजन, यूथ ईको क्लब एवं गणित एवं विज्ञान क्लब के संबंध में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.के.अम्बस्ट, डीएमसी श्री हरीश गौतम, विकासखण्ड अधिकारी,प्राचार्य गण सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- विकास कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ाने पर दिया ज़ोरदंतेवाड़ा । जिले में शासन की प्रमुख योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु शनिवार को संयुक्त जिला कार्यालय के तृतीय तल स्थित सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिले की प्रभारी सचिव डॉ. प्रियंका शुक्ला ने की। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, उनके लक्ष्यों, प्राप्तियों और जमीनी कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक की शुरुआत में डॉ. शुक्ला ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों, स्वीकृत आवासों, निर्माण प्रगति और पूर्णता की स्थिति का अवलोकन किया। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली और कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वॉयल हेल्थ कार्ड, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा मुख्यमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं की भी बारीकी से समीक्षा की।डॉ. शुक्ला ने “नियद नेल्लानार” योजना के अंतर्गत मार्च 2024 तक स्थापित 22 नये कैंपो और इनसे जुड़े 86 लक्षित ग्रामों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देशित किया कि इन क्षेत्रों में योजनाओं का सतत और समग्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जैविक खेती मिशन को लेकर भी विभागीय अधिकारियों से चर्चा की और किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता जताई।प्रभारी सचिव ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, अटल पेंशन योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आयुष्मान योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का ‘वय वंदना’ योजना में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए फील्ड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोलने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों को प्राप्त हो सके।बैठक में जल जीवन मिशन के तहत सोलर ड्यूल पंप स्थापना कार्य, सौर सुजला योजना फेस-09 के तहत सिंचाई पंपों की स्थापना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम सूर्यघर योजना, धरती आबा योजना, स्वामित्व योजना और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे कार्यों की भी समीक्षा की गई। डॉ. शुक्ला ने विशेष रूप से ग्रामीण परिवहन सेवाओं को लेकर तैयार किए जा रहे प्रस्तावों की जानकारी ली और कहा कि दूरस्थ गांवों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने मलेरिया नियंत्रण के लिए फील्ड में जाकर जागरूकता और चिकित्सा कार्यों को और अधिक सघन करने के निर्देश दिए। डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूरी मेहनत, पारदर्शिता और आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने दोहराया कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, और इसके लिए ज़मीन पर ठोस कार्यवाही ज़रूरी है।बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और सभी विभाग अपने-अपने कार्यों में पूर्ण गंभीरता से जुटेंगे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- मलेरिया,सिकल सेल और टीबी उन्मूलन पर दिए सख्त निर्देशदंतेवाड़ा। संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभागार में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त एवं सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने की। बैठक में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़, सिकल सेल रोग नियंत्रण और टीबी उन्मूलन जैसे जनस्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई।बैठक की शुरुआत करते हुए डॉ. शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन का उद्देश्य है कि मलेरिया को पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य अमला पूरी सक्रियता के साथ कार्य करे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMO) को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर मलेरिया अभियान की निगरानी करें।डॉ. शुक्ला ने कहा कि आरडी किट से जाँच के दौरान यदि कोई व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे दवा की पूरी खुराक दी जाए। साथ ही मितानिनों द्वारा दी गई दवाओं का रैफर जमा किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मरीज ने दवा पूरी कर ली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मलेरिया से किसी भी स्थिति में मृत्यु नहीं होनी चाहिए।” इस अभियान में एपीआई दर को 2 प्रतिशत से नीचे लाने का भी लक्ष्य तय किया गया है।बैठक में आश्रम शालाओं की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डॉ. शुक्ला ने कहा कि सभी आश्रम शालाओं में नियमित रूप से मलेरिया की जांच सुनिश्चित की जाए। यदि एक भी छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो तत्काल सभी छात्रों की स्क्रीनिंग की जाए। सिकल सेल रोग पर विशेष चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जितने भी मरीज सिकल सेल से पीड़ित हैं, उनका तुरंत आभा (ABHA) हेल्थ आईडी बनाया जाए, ताकि उनके इलाज में किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी समर्पण भाव से कार्य करें, तो सिकल सेल की रोकथाम और बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा सकती है।डॉ. शुक्ला ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पंचायतों में ‘टीबी मित्र’ बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जब जागरूकता स्थानीय बोली और भाषा में होगी, तब लोग अधिक बेहतर समझ पाएंगे और इलाज के लिए आगे आएंगे। उन्होंने बताया कि टीबी मित्र स्थानीय स्तर पर न केवल प्रचार-प्रसार करेंगे, बल्कि संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।बैठक में डॉ. शुक्ला ने जिले में संचालित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं जैसे जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान और कृमि मुक्ति अभियान की भी क्रमवार समीक्षा की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर डॉ. शुक्ला ने कहा कि “हमारा कार्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम, जागरूकता और जनविश्वास बनाना भी हमारी ज़िम्मेदारी है।गर्भवती माताओं का प्रथम तिमाही में पंजीयन करना आवश्यक है, क्यूंकि उनकी चार बार जाँच होंगी जिससेउच्च जोखिम वाली माताओं का पता चलेगा जिससे होने वाली मातृ मृत्यु को कमी की जा सके। प्रत्येक माह 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में पंजीकृत गर्भवती माताओं सभी chc, phc एवं dh में लाकर जाँच करवाए। इसकी चार्ट बनाकर जाँच करें जिससे पता चलो कि कौन सी गर्भवती कब आई थी। उच्च जोखिम वाली माताओं की प्रसव पूर्व फॉलोअप करना अतिआवश्यक है और प्रसव उच्च संस्था में ही करें, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। बैठक में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारी, मलेरिया, टीबी और सिकल सेल प्रभारी तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दंतेवाड़ा । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता के न्यायालय द्वारा आरोपी जोगेन्द्र पोडियाम उर्फ जोगा एवं कमलेश मरकाम उर्फ कमलू को हत्या एवं लूट कांड के आरोप सिद्ध होने आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अनुसार दोनों आरोपियों द्वारा चितालंका दंतेवाड़ा में मृतक अंकित गुप्ता को घातक आयुध टंगिया से मारपीट कर उसकी हत्या करने के साथ-साथ उसके पास रखे 4,000 रुपये, मोबाईल लूट लिया गया था।हत्या करने के पष्चात दोनों आरोपियों ने उसके कॉलेज बैग, जैकेट एवं मोटर सायकल को छिपाकर साक्ष्य के विलोपन का अपराध भी किया गया। अतः न्यायालय द्वारा विचारण करते हुये आरोपी जोगेन्द्र पोडियाम उर्फ जोगा एवं कमलेश मरकाम उर्फ कमलू को धारा-394 सहपठित धारा-397 भा.द.सं., धारा-302,34 भा.द.सं. में सिद्धदोष पाते हुये सजा सुनाया गया है। आरोपीगण को धारा-302,34 भा.द.सं. के अपराध में आजीवन कारावास की सजा तथा धारा-394 सहपठित धारा-397 भा.द.सं. के अपराध में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा न्यायालय द्वारा दिया गया है।घटना अनुसार 03 दिसंबर 2021 को जय विजय हिरो मोटर शो रूम दंतेवाड़ा के फाईनेंसर अंकित गुप्ता आरोपी जोगेन्द्र पोडियाम उर्फ जोगा द्वारा खरीदे गये एम.एम. डीलक्स मोटर साईकिल की किस्त की राशि लेने के लिये दोपहर 02.00 बजे गया था। अभियुक्तगण किस्त की राशि देने के नाम पर अंकित गुप्ता को जंगल की ओर ले गये थे, जहा पर अभियुक्तगण के द्वारा टंगिया से घातक वार कर अंकित गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। आरोपीगण के विरूद्ध 04 दिसंबर 2021 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया था। दिनांक-02.03.2022 को पुलिस द्वारा न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन चार्जशीट पेश किया गया था। न्यायालय द्वारा 18 जुलाई 2025 को आरोपीगण के विरूद्ध उक्त निर्णय दिया गया है।
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- महाराष्ट्र मंडल में हुई छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती
- जयंती पर मंगल पांडे और डा. खूबचंद बघेल का भी किया गया स्मरण
रायपुर। वह शिवाजी थे, जिन्होंने मराठों की पेशेवर सेना का गठन किया। उससे पहले मराठों की कोई अपनी सेना नहीं थीं। उन्होंने एक औपचारिक सेना, जहां कई सैनिकों को उनकी सेवाओं के लिए साल भर का भुगतान किया गया, उसका गठन किया था। मराठा सेना कई इकाइयों में विभाजित थी। प्रत्येक इकाई में 25 सैनिक थे। हिंदू और मुस्लिम दोनों को बिना किसी भेदभाव के सेना में भर्ती किया जाता था और योग्यता व अनुभव के आधार पर ओहदा भी।उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शनिवार की देर शाम छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती के दौरान व्यक्त किए।
महाराष्ट्र मंडल के युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि प्रत्येक माह की 19 तारीख को होने वाली शिवाजी महाराज की महाआरती के साथ 1857 की क्रांति के महानायक शहीद मंगल पांडे और महान स्वाधीनता सेनानी व छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्नदृष्टा डा. खूबचंद बघेल को उनकी जयंती पर नमन किया गया और उनके उल्लेखनीय कार्यों पर चर्चा की गई।
डॉ. शुचिता देशमुख के अनुसार आरती के उपरांत अमर शहीद मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए उपस्थित सभासदों ने उनका पुण्य स्मरण किया। मंडल सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद मंगल पांडे ने असाधारण साहस के बूते देश के स्वाभिमान की रक्षा की और स्वतंत्रता के लिए राष्ट्र को जागृत करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वहीं डा. खूबचंद बघेल ने डॉक्टरी की नौकरी छोड़कर देश की आजादी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के आंदोलन के लिए 1967 से 69 तक आंदोलन का अलख जगाया जो लोगों के दिमाग में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य की आवश्यकता को स्थापित किया।
कल्याण देशपांडे ने आरती की थाल पकड़कर शिवाजी महाराज की महाआरती शुरू की। दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी प्रसन्न निमोणकर, पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर, वरिष्ठ जन सेवा समिति के प्रभारी दीपक पात्रीकर, शचिंद्र देशमुख, दिव्या पात्रीकर, अतुल गद्रे, शुभम् पुराणिक, गणेशा जाधव, रीतेश बाबर, तन्मय बक्षी, अभिषेक बक्षी, अनुराग भावनकर सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद इस अवसर पर उपस्थित रहे। - रायपुर /संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा आयोजित कम्बाईण्ड मेडिकल सर्विस परीक्षा-2025 की परीक्षा 20 जुलाई को आयोजित की जाएगी। यह दो पालियों में होगी, प्रथम पाली सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 11ः30 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने इस परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन हेतु अपर कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी श्री नवीन कुमार ठाकुर को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर एवं रोजगार अधिकारी श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया है।
- -खारंग डेम और खपरी जलाशय हुए लबालब-मनियारी, झुमका और छिरपानी मेें 90 फीसद से अधिक पानीरायपुर / जल संसाधन विभाग द्वारा 19 जुलाई को जारी टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख सिंचाई जलाशयों में अब तक 49.78 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बिलासपुर स्थित खारंग डेम और दुर्ग जिले का खपरी जलाशय लबालब हो गया है। राज्य के कुल 46 प्रमुख जलाशयों में से झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 90 प्रतिशत से अधिक, जबकि छरपानी जलाशय में 91 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ है।मिनीमाता बांगो डेम (कोरबा) में अब तक 52.78 प्रतिशत जलभराव हुआ है, रविशंकर सागर (धमतरी) में 53.26 प्रतिशत, तांडुला डेम (बालोद) में 29.29 प्रतिशत, दुधावा डेम में 21.87 प्रतिशत, सिकासार डेम में 45.21 प्रतिशत, सोंढूर में 23 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली डेम में 21.57 प्रतिशत, कोडार डेम में 38.11 प्रतिशत, केलो डेम में 30.96 प्रतिशत जलभराव हुआ है। राज्य के 12 वृहद सिंचाई परियोजनाओं मेें शामिल खारंग डेम (बिलासपुर) में 100 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, जो सर्वाधिक भराव वाले जलाशयों में शामिल है। मनियारी डेम (मुंगेली) में जल स्तर 93.17 प्रतिशत तक पहुंच गया है, छोटे जलाशयों जैसे झुमका डेम (कोरिया) और छिरपानी (कबीरधाम) में क्रमशः 98.84 प्रतिशत और 91.14 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।इसी तरह अरपा भैंसाझार (बिलासपुर) और मायना (कांकेर) जैसे जलाशयों में 30 प्रतिशत से भी कम, गोंदली डेम (बालोद) में 30.24 प्रतिशत और कोसारटेडा डेम (बस्तर) में 42.57 प्रतिशत जलभराव हुआ है। खरखरा डेम में 22.15 प्रतिशत, परलकोट डेम में 36.44 प्रतिशत, श्याम डेम सरगुजा में 69.38 प्रतिशत, पिपरिया नाला डेम में 77.64 प्रतिशत, बलार डेम में 23.04 प्रतिशत, सुतियापात जलाशय में 67.74 प्रतिशत, मोंगरा बैराज में 62.62 प्रतिशत, मरोदा जलाशय में 38.62 प्रतिशत, सरोदा दादर में 41.03 प्रतिशत, घोंघा जलाशय में 82.84 प्रतिशत, मटियामोती जलाशय में 28.51 प्रतिशत, झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, खमारपकुट डेम में 86.11 प्रतिशत, कर्रानाला बैराज में 72.64 प्रतिशत, किंकारी नाला में 80.31 प्रतिशत, सुखा नाला बैराज 72.95 प्रतिशत, कुम्हारी डेम रायपुर में 40.44 प्रतिशत, धारा जलाशय राजनांदगांव में 46.44 प्रतिशत तथा रूसे डेम में 54.47 प्रतिशत जल भराव हो चुका है। राज्य के कई जलाशयों से नहरों तथा स्लूइस के माध्यम से जल निकासी भी जारी है। खारंग, मनियारी, केलो और सीतानदी बेसिन के जलाशयों से जल छोड़ा गया है। जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को जलाशयों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के 48 प्राचीन और जनआस्था से जुड़े मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए 2 करोड़ 3 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गई है। इससे जशपुर जिले की धार्मिक पहचान को सहेजने के साथ-साथ क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार मंदिरों के विकास, संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर यह कार्य धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर की पावन धरती सदैव से श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का केंद्र रही है। इन मंदिरों का जीर्णाेद्धार केवल संरचना का नवीनीकरण नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना और आत्मिक ऊर्जा का पुनर्जागरण है। मेरा संकल्प है कि हर ग्राम का धार्मिक स्थल सुव्यवस्थित हो, जिससे वहां न केवल भक्ति का वातावरण बने बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिले।जशपुर जिले के जिन प्रमुख मंदिरों के जीर्णाेद्धार हेतु राशि स्वीकृत की गई है, उनमें ग्राम चेटबा के हनुमान, गायत्री एवं श्रीराम मंदिर, प्रत्येक के लिए 5-5 लाख रूपए, ग्राम दोकड़ा के हनुमान, राधाकृष्ण एवं डुमरटोली मंदिर, कुल 13 लाख रूपए, ग्राम कटंगखार, नारियरडांड, कोहलनझरिया, सिंगीबहार, अमडीहा, समडमा, साजबहार, रायकेरा, बटुराबहर, सिंदरीमुंडा और हेठघिंचा के मंदिरों में 3 से 5 लाख रूपए तक मंजूरी दी गई है।इसी तरह कुनकुरी थाना परिसर मंदिर और कई अन्य ग्रामों के शिव एवं हनुमान मंदिर, जिनमें ग्राम पण्डरापाठ स्थित नागेश्वर धाम मंदिर हेतु 4.79 लाख रूपए तथा रायकेरा श्री जगन्नाथ मंदिर हेतु 4.80 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे ग्राम स्तर पर बिखरे धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा, जिससे वहां का धार्मिक स्वरूप, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटकीय महत्व भी बढ़ेगा।मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की स्वीकृति पर संबंधित ग्रामों के मंदिर समितियों, पुजारियों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जशपुर की धार्मिक विरासत को संजोए रखने मदद मिलेगी।
- कांकेर। कांकेर जिले में दुर्घटना के बाद कार में आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीती रात लगभग सवा एक बजे जिले के आतुरगांव के करीब दुर्घटना के बाद कार में आग लगने से चार लोगों युवराज सोरी (24), हेमंत शोरी (20), सूरज उइके (19) और दीपक मरावी (19) की मौत हो गई तथा दो अन्य पृथ्वीराज सलाम (19) और प्रीतम नेताम (21) घायल हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि बीती देर रात जब छह युवक एक कार में सवार होकर जिले के केशकाल से कांकेर की ओर जा रहे थे तब उनकी कार आतुरगांव के करीब एक पुल के किनारे कंक्रीट से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद स्पार्किंग और शार्ट सर्किट से कार में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें से दो व्यक्ति ही बाहर निकाल पाए और चार अन्य की कार के अंदर ही जलकर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल और दमकल वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दमकल वाहन ने कुछ देर आग पर काबू पा लिया। शवों और घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को कांकेर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
- -बिलासपुर शहर के 17 केन्द्रों में शामिल होंगे 6 हजार परीक्षार्थी-कलेक्टर ने आब्जर्वरों की बैठक लेकर दिए दिशा-निर्देश-नकल रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम-दो घंटा पहले बुलाया गया परीक्षार्थियों कोबिलासपुर / व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम )द्वारा आयोजित सब इंजीनियर प्रवेश परीक्षा कल 20 जुलाई को आयोजित होगी। बिलासपुर शहर में इसके लिए 17 स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं । इन केंद्रों में 5,987 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा जल संसाधन विभाग के सिविल और ई एंड एम शाखा में सब इंजीनियर पदों की भर्ती लिए आयोजित की जा रही है। परीक्षा एक ही पाली में सवेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक संपन्न होगी। परीक्षा की संपूर्ण तैयारी पूर्ण कर ली गई है। नकल एवं अन्य अनुचित सामग्री के इस्तेमाल को रोकने सहित सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए गए है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस क्रम में आज परीक्षा आब्जर्वरों की मंथन सभाकक्ष में बैठक ली। उन्हें व्यापम के नए निर्देशों की एक बार फिर से उन्हें जानकारी देकर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। बिलासा गुड़ी में भी ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया गया। प्रत्येक केंद्र में जैमर सुरक्षा होगी। पुरुष के साथ महिला पुलिस कर्मी भी तैनात होंगे। बगैर तलाशी के किसी को भी केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।व्यापम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यार्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से हाथों से तलाशी( फ्रिसकिंग) किया जावें। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिसकिंग का कार्य किया जावे। वे पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व ढाई घंटा पूर्व अनिवार्य रूप से परीक्षा केन्द्र में अपनी उपस्थिति देवें। महिला अभ्यार्थियों की फ्रिसकिंग का कार्य महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जावे। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इन दोनों पुलिस कर्मी में से एक-एक पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र के परिसर एवं परीक्षा केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहें ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि न हो सके।व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए इस प्रकार निर्देश जारी किया गया है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिसकिंग एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जावे। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 09.45 बजे बंद कर दिया जावे। हल्के रंग के आधी बाही वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये। निर्देश में कहा गया है कि फुटवियर के रूप में चप्पल पहने। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण धारण करना वर्जित है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। उपरोक्त निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाना है।
- रायपुर। रायपुर जिला प्रशासन द्वारा जीवन रक्षक उपायों के प्रति जागरूकता और तत्परता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” के अंतर्गत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में में आज ‘प्रोजेक्ट सुरक्षा’ के अंतर्गत पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) को प्राथमिक उपचार और CPR का जीवनरक्षक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम का आयोजन वी.आई.पी. सुरक्षा वाहिनी, माना में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे PSO के लिए 4वीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, माना रायपुर में किया गया। प्रशिक्षण का संचालन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के मास्टर ट्रेनर एवं राजभवन चिकित्सक डॉ. देवेश रायचा ने किया।प्रशिक्षण के दौरान, PSO को आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षण हेतु CPR तकनीक की जानकारी दी गई। डॉ. रायचा ने बताया कि हृदय गति रुकने की स्थिति में कैसे समय रहते CPR देकर किसी की जान बचाई जा सकती है। प्रशिक्षुओं ने तकनीक को न केवल ध्यानपूर्वक सीखा बल्कि उसका प्रायोगिक अभ्यास भी किया। प्रशिक्षण के पश्चात सभी प्रतिभागियों को 'प्रोजेक्ट सुरक्षा फर्स्ट एड किट' प्रदान की गई तथा उपयोग की जानकारी दी गई। जिसमें पैरासिटामोल, गैस की गोली, नॉरफ्लॉक्स-TZ, कॉटन, बैंडेज, एडेसिव, बेटाडीन मलहम, ORS जैसे आवश्यक औषधीय सामग्री शामिल है।
- -सुचारु परीक्षा आयोजन हेतु अभ्यर्थी दिशा-निर्देश का पूर्णतः करें पालन-जल संसाधन विभाग के उप अभियंता सिविल तथा विद्युत/यांत्रिकी की परीक्षा 20 जुलाई कोरायपुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) रायपुर द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाली परीक्षाओं हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने परीक्षाओं की समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। व्यापम द्वारा परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता से बचा जा सके।व्यापम द्वारा परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए है- परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके।परीक्षा के समय से 15 मिनट पूर्व मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, समय का विशेष ध्यान रखे। अभ्यर्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये, फुटवियर में चप्पल पहनें, कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है, परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधे घंटे में, परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है | परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है, परीक्षार्थी प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट निकलवाएं और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी। परीक्षार्थी को परीक्षा में प्रवेश हेतु प्रवेश पत्र के अलावा मतदाता परिचय पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस /पेन कार्ड / आधार कार्ड, इसमें से कोई भी एक मूल पहचान पत्र जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आती है, तो अभ्यर्थी को अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य है। परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन का ही उपयोग कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी या अन्य सामग्री लेकर जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा कक्ष में पर्स, पाउच, स्कार्फ बेल्ट, टोपी जैसे अन्य सामान पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी।व्यापम द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गत उप अभियंता सिविल तथा उप अभियंता विद्युत/यांत्रिकी परीक्षा का आयोजन 20 जुलाई 2025 रविवार को किया जा रहा है । यह परीक्षा सुबह पाली में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 18 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए अपर कलेक्टर श्री नवीन कुमार ठाकुर को नोडल एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर -रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनो की टीमो द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य सड़क मार्गो में सतत मॉनिटरिंग करके सड़को पर आवारा पशुओ की प्रतिदिन धरपकड़ कर उन्हें गौठानो में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही तेज गति से प्रगति पर है। नगर निगम जोन 10 ने डुमरतराई मार्केट क्षेत्र में 10 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें काउकेचर वाहन से गौठान भेजा। वहीं जोन 4 क्षेत्र के तहत राज टाकीज के पास वार्ड 46 में 1 आवारा पशु और वार्ड 47 में सिविल लाईन में दो आवारा पशुओं की धरपकड़ कर गौठान में भेजा गया. जोन 6 क्षेत्र में भाठागांव बस स्टेण्ड में 3 आवारा पशुओं को धरपकड़ कर गौठान भेजा गया.इसके साथ ही जोन 6 के अंतर्गत उमंग कॉलोनी क्षेत्र से निदान 1100 जनशिकायत प्रणाली में प्राप्त जनशिकायत पर 11 आवारा पशुओं को धरपकड़ कर गोकुल नगर गौठान में काऊकैचर वाहन में भेजा गया । आवारा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- रायपुर । आज रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम रायपुर के जोन 1 क्षेत्र के अंतर्गत संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 के गोगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों हेतु स्वीकृत 22 भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र सम्बंधित हितग्राहियो को संत कबीर दास वार्ड नम्बर 3 के पार्षद डॉक्टर मनमोहन मनहरे, जोन 1 जोन कमिश्नर डॉक्टर दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियंता श्री डी. के. पैकरा की उपस्थिति में वार्ड 3 में वार्ड पार्षद कार्यालय में प्रदत्त किये.
- रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनों और 70 वार्डों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ अभियान अंतर्गत दिनांक 1 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक सभी वार्ड क्षेत्र में नागरिकों के मध्य स्वच्छता को लेकर जनजागरण किया जा रहा है.आज रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की विशेष उपस्थिति और मार्गदर्शन में सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत शहीद हेमू कालाणी वार्ड पार्षद श्रीमती कृतिका जैन सहित जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनियासहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकत्र्ताओं की उपस्थिति में नगर निगम जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत शहीद हेमू कालाणी वार्ड क्षेत्र अंतर्गत देवेन्द्र नगर सेक्टर-3 उद्यान परिसर में उपस्थित नागरिकों और दुकानदारों के मध्य स्वच्छता जनजागरण अभियान चलाया गया.रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की विशेष उपस्थिति और पार्षद श्रीमती कृतिका जैन की उपस्थिति में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर सभी नागरिकों और दुकानदारों से अपनी-अपनी दुकानों में हरे, नीले और काले रंग के 3 पृथक-पृथक डस्टबिन रखकर हरे डस्टबिन में गीला, नीले डस्टबिन में सूखा और काले डस्टबिन में हानिकारक कचरा पृथक- पृथक करके रखकर उसे निष्पादित करने निगम सफाई मित्र को निगम सफाई वाहन में देने का सामूहिक संकल्प राजधानी शहर रायपुर को स्वच्छ बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता दर्ज करने लेने की अपील की गयी.
- भिलाई नगर।नगर पालिक निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा सिविक सेंटर समीपस्थ जयंती स्टेडियम, शिव महापुराण कथा स्थल का निरीक्षण आयोजन समिति के अध्यक्ष उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह के साथ किया गया है। निगम आयुक्त द्वारा पूरे स्थल का भ्रमण कर कथा स्थल एवं आसपास आवश्यक साफ सफाई, पेयजल, पानी निकासी, शौचालय एवं अन्य व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया है। भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, आयोजन समिति के सदस्य गण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।निगम आयुक्त द्वारा खमरिया स्थित सूर्य विहार के पीछे प्रधानमंत्री आवास योजना से निर्मित मकानों में मूलभूत सुविधाओं का सहायक अभियंता दीपक देवांगन के साथ निरीक्षण कर रहवासियों से जानकारी प्राप्त किया गया है। सभी निवासरत संतुष्ट हैं उपस्थित रहवासियों के साथ सभी श्रमदान कर आगामी शनिवार को वृक्षारोपण हेतु तिथि तय किया गया है।
- -जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख पौधे रोपे जाएंगे-कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल में पहुँचकर किया अंतिम तैयारियों का अवलोकनबालोद ।बालोद जिले में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने कल 20 जुलाई को जिला प्रशासन की पहल एवं जिलेवासियों की सक्रिय सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का मुख्य आयोजन संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में कल प्रातः 10 बजे से शुरू होगा। इसके साथ ही जिले के सभी 05 जनपद पंचायतों एवं 09 नगरीय निकायों के विभिन्न स्थानों पर लगभग 02 लाख पौधों का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन का पुनीत कार्य संपादित किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वृहद वृक्षारोपण सह वनमहोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज शाम संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम हेतु निर्धारित स्थल का निरीक्षण कर अंतिम तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने मंच, प्रवेश द्वार, पौधरोपण हेतु निर्धारित स्थल, बैठक व्यवस्था आदि का अवलोकन भी किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी जनपद एवं नगरीय निकायों से जुड़े अधिकारियों से वर्चुअली संपर्क स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होेंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में आयोजित इस वृहद एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपादित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सुश्री डिम्पी बैस एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर। रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने आज रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत पंकज उद्यान पुरानी बस्ती और माई की बगिया लाखेनगर में लगभग सवा 7 लाख रूपये से अधिक के आवश्यक मरम्मत और सुधार के नए विकास कार्यों को श्रीफल फोडक़र और कुदाल चलाकर नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल, एमआईसी सदस्य श्रीमती सरिता आकाश दुबे, श्रीमती सुमन अशोक पाण्डेय, पार्षद श्री बब्बी सोनकर, श्रीमती ममता सोनू तिवारी, श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, श्री आशु चंद्रवंशी सहित सिंधी समाज के लख्मीचंद गुलवानी, भीमन दास बजाज, दीपक केवलानी, बलराम मंदानी, जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा सहित अन्य नागरिकों की उपस्थिति में भूमिपूजन कर कार्यारम्भ किया.इसी प्रकार रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर निगम रायपुर के जोन 5 क्षेत्र के सभी वार्ड पार्षदगणों, निगम अधिकारियों, कर्मचारियों, आमजनों सहित भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समाज हित और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से किये गए विनम्र आव्हान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे एक पेड़ माँ के नाम महाभियान के अंतर्गत माई की बगिया में रोपित किया. सबने मिलकर वहाँ लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल उसमें आवश्यक पानी, खाद देकर करने का सामूहिक संकल्प लिया.
- बिलासपुर /कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी तखतपुर के मार्गदर्शन में बेजा कब्जा मुक्त बिलासपुर हेतु तहसीलदार तखतपुर, राजस्व निरीक्षक बेलपान एवं हल्का पटवारी ग्राम घोरामार के द्वारा तहसील तखतपुर के ग्राम घोरामार में शासकीय भूमि के अतिक्रमण किये जाने की शिकायत प्राप्त होने पर तहसीलदार पंकज सिंह के द्वारा हल्का पटवारी ग्राम घोरामार से शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा की जांच कराई गयी जिसमें 10 लोगों के द्वारा अतिक्रमण किये जाने की जांच सही पाये जाने के उपरांत सभी दस लोगों के विरूद्ध न्यायालय में अतिक्रमण के प्रकरण दर्ज कर उनसे जवाब लिया गया। सभी से जवाब प्राप्त करने के उपरांत उनके विरूद्ध शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किये जाने का आरोप सिद्ध होने पर उनके विरूद्ध अतिकमणित शासकीय भूमि से बेदखल किये जाने का आदेश पारित किया गया। पारित आदेश का कियान्वयन हेतु 18 जुलाई को सवेरे 11बजे से ही शासकीय भूमि पर से अतिक्रमण हटाया गया। इसके अतिरिक्त अन्य लागों के द्वारा अतिक्रमण किये जाने के नियत से मिट्टी डालकर बेजा कब्जा किया गया था, उसे भी समतलीकरण किया गया। तखतपुर तहसीलदार पंकज सिंह के द्वारा ग्राम में पुनः बेजा कब्जा नहीं किये जाने हेतु ग्रामवासियों को समझाया गया एवं कहा कि शासकीय भूमि की सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
- बिलासपुर /रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और अटूट प्रेम का प्रतीक होता है। इस पवित्र अवसर पर बहनें अपने भाइयों को राखी भेजती हैं, चाहे वो देश के किसी भी कोने में क्यों न रहते हों। इसी भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए भारतीय डाक विभाग ने इस साल एक सराहनीय और अभिनव पहल की है – 'पीली पेटियां'।'पीली पेटियां' दरअसल डाक विभाग द्वारा विशेष रूप से राखियों के लिए स्थापित की गई डाक पेटियां हैं। इन पेटियों में केवल राखियाँ और उनसे संबंधित पत्र भेजे जा सकते हैं। इन पर विशेष पहचान के लिए पीला रंग चुना गया है, जिससे इन्हें अन्य सामान्य डाक पेटियों से अलग पहचाना जा सके।हर साल लाखों बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने के लिए डाक विभाग की सेवाओं का सहारा लेती हैं। लेकिन कई बार डाक के ढेर में राखियाँ समय पर नहीं पहुँच पातीं, जिससे पर्व की खुशियाँ अधूरी रह जाती हैं। इस बार डाक विभाग ने यह सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है कि हर राखी समय पर, सुरक्षित और स्नेह के साथ पहुँचे। इन पीली पेटियों को प्रतिदिन अलग से खोला जाएगा और इन राखियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रोसेस किया जाएगा।स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक को भी इस अभियान के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाएगीग्राहकों को ट्रैकिंग सुविधा भी दी जा रही है, जिससे वे अपनी राखी की स्थिति जान सकते हैं।भावनाओं की डोर से जुड़ी यह डाक सेवाडाक विभाग के अधीक्षक श्री विनय प्रसाद के अनुसार, “हम जानते हैं कि राखी सिर्फ एक डाक वस्तु नहीं है – यह बहनों की भावनाओं, यादों और दुआओं से भरी होती है। हमारी कोशिश है कि हर बहन की राखी समय पर उसके भाई तक पहुँचे और उनका रिश्ता और भी मजबूत हो।”बिलासपुर जिले सहित कोरबा, मुंगेली एवं जांजगीर जिलों में भी विशेष पीली पत्र पेटियां लगाई जा रही है। जिले में प्रधान डाकघर बिलासपुर के सामने, सीपत चौक सरकंडा, एसईसीएल, बिलासपुर उप डाकघर, बिलासपुर आरएस उप डाकघर में पीली पत्र पेटियां स्थापित की जा रही है। इसी तरह कोरबा प्रधान डाकघर, जांजगीर प्रधान डाकघर एवं मुंगेली उप डाकघर के समक्ष पीली पत्र पेटियों की स्थापना की जा रही है। इन पीली पत्र पेटियों का उपयोग राखी मेल्स के लिए किया जाएगा। इन पत्र पेटियों से प्राप्त डाक का निपटान तत्काल एवं सुरूक्षित रूप से किया जाएगा। आम उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने राखी पत्रों को निर्धारित पीली पत्र पेटियों में ही डाले। यदि राखी पत्र अधिक मात्रा में हो तो इन्हें डाकघरों की काउन्टरों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। राखी मेल स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजने की सुविधा डाकघरों के काउन्टर में उपलब्ध है।











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