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भिलाईनगर। सुशासन तिहार समाधान शिविर का समापन गुडडीचा मंच सेक्टर 10 में किया गया, जिसमें शासन के सभी विभाग के काउंटर लगे थे। प्रमुख रूप से राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, यातायात विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, प्रधानमंत्री आवास विभाग, विद्युत विभाग, जल विभाग आदि सभी सरकारी विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ शासन का यही उद्देश्य था की जनता के समस्याओं का समाधान उनके वार्ड स्तर में जाकर अधिकारी/कर्मचारी करें। जिससे उन्हें किसी प्रकार की भी परेशानी ना हो।
आवेदन का प्रथम चरण दिनांक 08.04.2025 से 11.04.2025 तक चला, जिसमें सभी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किया गया। दूसरे चरण एक माह तक चला, जिसमें नागरिकों से प्राप्त आवेदन का निराकरण किया गया। तीसरा चरण 5 मई से शुरू होकर 31 मई तक चला, जिसमें निराकृत किए गए सभी आवेदनों के बारे में नागरिकों को बताया गया। अगर किसी के पास कोई अन्य समस्या बची थी उसका भी समाधान पेटी में आवेदन लिया गया। आज महापौर नीरज पाल स्वयं पहुंचकर 11 गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार एवं 08 बच्चों को खिलौना प्रदान किया गया। सभी काउंटर में जाकर अधिकारियों/कर्मचारियों से शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त किये। स्वास्थ्य विभाग के काउंटर में पहुंचकर के अपना बीपी, शुगर आदि का जांच करवाएं।
शिविर के दौरान कुल 80 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 20 मांग, 55 शिकायत, 12 ड्राइविंग लाइसेंस, 08 आधार कार्ड, 03 आयुष्मान कार्ड, 48 नवीन राशन कार्ड, हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण किया गया। शिविर में एमआईसी सदस्य सीजू एन्थोनी, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन अध्यक्ष राजेश चौधरी, जनप्रतिनिधि धर्मेन्द्र यादव, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, चिकित्सा अधिकारी पीयाम सिंह, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी व्ही. के. सैमुअल, सहायक अभियंता दीपक देवांगन, श्वेता महेश्वर, सागर दुबे आदि उपस्थित रहे। -
कोंडागांव /सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत विकासखण्ड फरसगांव के ग्राम पंचायत बोरगांव पूर्वी में क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम के द्वारा प्रधानमंत्री आवास के 30 नवीन हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
शिविर का शुभारंभ केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, श्री मानकु राम नेताम अध्यक्ष जनपद पंचायत फरसगांव, श्री प्रशांत पात्र अध्यक्ष नगर पंचायत फरसगांव, श्रीमती कल्ता मण्डावी जिला पंचायत सदस्य श्री विक्की दास जनपद सदस्य, श्रीमती अगरबत्ती नेताम जनपद सदस्य, श्रीमती चन्द्रकला सरकार सरपंच बोरगांव पूर्वी एवं 08 ग्राम पंचायत सरपंच, पंच गांयता पुजारी के द्वारा किया गया। शिविर में कुल 173 आवेदन प्राप्त हुये जिनमें से 28 आवेदनों को मौके पर निराकरण किया गया शेष आवेदनों को संबंधित विभाग के द्वारा किया जा कर आवेदकों को सूचित किया जावेगा। विधायक के द्वारा दृष्टिबाधित बालिका मोनिका कक्षा 9 वीं हाई स्कूल उरन्दाबेड़ा को स्मार्ट फोन किय बेन्ड का वितरण किया गया जिसके माध्यम से उसे शाला का पाठ्यकम पढ़ाया जाएगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों के करकमलों से ग्रामीणों को 30 आवास स्वीकृति आदेश, 22 जॉब कार्ड, 28 राशन कार्ड, 09 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 मच्छरदानी, 15 सब्जी मिनी किट, 22 जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्मप्रमाण पत्र, 3 श्रम कार्ड का अतिथियों से प्राप्त हुआ।शिविर में विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारी / कर्मवारी, पंच, सरपंच, आम ग्रामीण जन उपस्थित थे। ग्रामीणों के द्वारा विभिन्न विभागों के योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। कृषि विभाग के द्वारा विकसित संकल्प अभियान के रथ के माध्यम से कृषि विभाग के योजनाओं की जानकारी दी गई। - रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप और जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उम्मेद सिंह के निर्देशानुसार एवं नगर निगम अपर आयुक्त श्री पंकज के. शर्मा, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं के मार्गनिर्देशन में टीम प्रहरी द्वारा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में राजधानी शहर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनहित में जनसुविधा हेतु मुख्य मार्गों एवं बाजार क्षेत्रो में अभियान चलाकर यातायात पुलिस बल की उपस्थिति में अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे हटाकर सडक यातायात सुगम और सुव्यवस्थित बनाने कार्यवाही जारी है।इस क्रम में आज टीम प्रहरी के अभियान के अंतर्गत नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता की टीम और नगर निगम जोन क्रमांक 9 के नगर निवेश विभाग एवं निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता की टीम ने जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के निर्देश पर उप अभियंता श्री अबरार खान की उपस्थिति में जोन 9 क्षेत्र में विधानसभा मार्ग में शंकर नगर टर्निंग से जीरो पॉइंट विधानसभा मुख्य मार्ग तक अभियान चलाकर सड़क पर कब्जा जमाकर व्यवसाय कर रही लगभग 40 अवैध गुमटियों को हटाकर विधानसभा मार्ग में सुगम और सुव्यवस्थित सड़क यातायात जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से कायम किया। टीम प्रहरी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- निगम जोन 6 ने अंतर राज्यीय बस स्टेण्ड भाठागांव में नशा मुक्ति पर जनजागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटिका प्रदर्शन किया0*रायपुर/ देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयन्ती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश के परिपालन में नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम संस्कृति विभाग और जोनों के माध्यम से दिनांक 21 मई से 31 मई 2025 तक विविध सकारात्मक गतिविधियाँ की जा रही हैँ. इस क्रम में आज नगर निगम जोन 6 द्वारा जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा के निर्देश पर नगर निगम जोन6 क्षेत्र के अंतर्गत अंतर राज्यीय बस स्टेण्ड परिसर में नशा मुक्ति हेतु जनजागरता लाने के लिए नुक्कड़ नाटिका का मंचन आमजनों के मध्य किया गया.
- टी सहदेवभिलाई नगर। छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी का आंध्र समाज के विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को भिलाई नगर और चरोदा के विभिन्न स्थानों पर नागरिक अभिनंदन किया। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पहली बार पहुंचे श्रीनिवास राव मद्दी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में बूथ स्तर के कार्यकर्ता को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की स्वस्थ और गौरवशाली परंपरा है। मैं पार्टी का छोटा-सा कार्यकर्ता हूं, फिर भी मुझ पर विश्वास करके पार्टी ने मुझे इतना बड़ा दायित्व दिया। कभी मैंने सोचा भी न था कि हमारी पार्टी मुझे इतने बड़े पद से नवाजेगी। पद अस्थायी होता है, आता-जाता रहता है, लेकिन पार्टी बनी रहती है। इसलिए पार्टी का स्थान व्यक्ति से ऊंचा होता है। उन्होंने समाज के लोगों से पार्टी को मजबूत बनाने के लिए एकजुट रहने की अपील भी की।नागरिक अभिनंदन की शुरुआत चरोदा मंडल से हुई, जहां अध्यक्ष गौरीशंकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंध्र समाज के लोगों ने मद्दी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व नपा अध्यक्ष शशिकांत बघेल व नरेंद्र यादव, चरोदा निगम के उपनेता प्रतिपक्ष चंद्र प्रकाश पांडेय, चरोदा मंडल के महामंत्री परमजीत सिंह, पूर्व पार्षद जी रामारेड्डी व डी वेंकट सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया। नवनियुक्त अध्यक्ष का कारवां चरोदा के पंचशील नगर में पहुंचा, जहां पीएम विश्वकर्मा योजना के राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य वी विश्वनाथन आचारी की अगुवाई में लोगों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इससे पहले पंचशील नगर में ही काली मंदिर के समीप उनका सम्मान किया गया। उनका अगला पड़ाव पावरहाउस चौक स्थित माता राज राजेश्वरी मंदिर था, जहां मद्दी ने पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद तेलुगु कल्याण समिति के अध्यक्ष अप्पाराव और महासचिव बी राजू के नेतृत्व में लोगों ने बड़े उत्साह से उनका सम्मान किया।सम्मान का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ। उनका सेक्टर 05 स्थित मंदिर में आंध्र समाज के अध्यक्ष पीवी राव और सचिव पीएस राव की अगुवाई में सभी पदाधिकारियों और समाज के शीर्ष व्यक्तियों ने भी भव्य स्वागत किया। इससे पूर्व मद्दी ने मंदिर में माथा टेक कर भगवान बालाजी से आशीर्वाद लिया। सम्मान की इस कड़ी में अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी शहर में ही स्थित अन एकेडमी सेंटर पहुंचे, जहां संचालक द्वय नीलम चन्ना केशवुलु तथा बहादुर सिंह आर्या के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने उनके सम्मान में पलक पांडे बिछाए। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल के अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों से कहा कि मैं छात्र जीवन में पढ़ने में तेज नहीं था, कम नंबर होने के कारण मुझे प्रतिष्ठित स्कूलों में प्रवेश नहीं मिला, इसलिए हीनभावना का शिकार हो गया। लेकिन मैं भाषण कला में माहिर था। आप अपने अंदर इनफिरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स न आने दें, तभी आप सफल होंगे।
- रायपुर/ रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 2 के अंतर्गत हलवदार अब्दुल हमीद वार्ड क्रमांक 35 के तहत रजबंधा मैदान क्षेत्र से मौदहापारा तक संकरे नाले को चौड़ा करने बारिश में जल के भराव की समस्या को दूर करने हेतु नया नाला निर्माण का कार्य श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, वार्ड 35 के पार्षद श्री शेख मुशीर, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लवनिया और गणमान्यजनों, आमजनों की उपस्थिति में किया.
- कुसुमकसा कलस्टर के 4477 एवं ग्राम रजोली में 4733 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद/ सुशासन तिहार के तीसरे एवं अंतिम चरण के अंतर्गत जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा और गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम रजोली में आयोजित समाधान शिविरों में शामिल लोगों के लिए सौगातों भरा रहा। इसी कड़ी में आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा में आयोजित समाधान शिविर में गिधाली, भर्रीटोला 43, चिपरा, रजही, पथराटोला, अरमुरकसा, कारूटोला, धोबेदण्ड, बिटाल, खम्हारटोला, धुर्वाटोला के निवासी शामिल हुए। इसी प्रकार गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम रजोली में ग्राम चारभाठा, पेण्डरी, कलंगपुर, बोरगहन फु, बोदल, मोखा, परसदा मो, कजराबांधा, बरबसपुर, खपरी ब, कुथरेल, अचैद, भूसरेंगा, सतमरा के ग्रामीण समाधान शिविर में शामिल हुए। सुशासन तिहार के अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम रजोली के शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, जनपद अध्यक्ष गुण्डरदेही श्री पुरूषोत्तम लाल चन्द्राकर, उपाध्यक्ष नितिश मोंटी यादव, जिला पंचायत सदस्य कांति सोनेश्वरी, जनपद सदस्य श्री रामेश्वर चन्द्राकर, श्री दीपक कुमार साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा ग्रामीणजन उपस्थित थे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के कुसुमकसा में आयोजित समाधान शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जनपद पंचायत डौण्डी के अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा अध्यक्ष श्री लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम के अलावा मंजू संजय बैस, आधा आर्य, साधना सोरी, तुलेश्वर हिचामी, भूमिका बाई, रत्ना हिरवानी, कुसुमकसा सरपंच श्रीमती वेदवती पिस्दा सहित अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के पहले चरण के ग्राम कुसुमकसा कलस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए 4477 एवं ग्राम रजोली कलस्टर में शामिल लोगों के द्वारा विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 4733 आवेदनों का परीक्षण के उपरांत संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। आज आयोेजित शिविरों में हितग्राहियों को सुशासन तिहार के दौरान बनाए गए उनका राशन कार्ड, श्रम कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति पत्र, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा उन्नत किस्म के धान बीज, कीटनाशक दवाई, खाद बीज के वितरण के अलावा समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र आदि के अलावा मछली पालन विभाग द्वारा हितग्राहियों को आईस बाॅक्स एवं मछली जाल प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अनेक हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। इस दौरान शिविर में उपस्थित अतिथियों के द्वारा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट प्रदान कर उनके गोद भराई रस्म और नन्हें-मुन्हे बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्रासन संस्कार को भी पूरा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम स्थल में पौधरोपण भी किया। इसके साथ ही अतिथियों ने जिले में लगातार घट रहे भूजल स्तर के मद्देनजर जल संरक्षण के उपाय तथा इनके संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई।आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के पहले चरण के दौरान कुसुमकसा कलस्टर के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग को 395, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को 160, श्रम विभाग को 515, जनपद पंचायत डौण्डी को 1772, तहसीलदार डौण्डी को 521, विद्युत विभाग को 163 सहित कुल 4477 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। इसी प्रकार आज ग्राम रजोली में आयोजित समाधान शिविर के दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारियों के द्वारा सुशासन तिहार के ऊर्जा विभाग को 127, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को 215, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 3239, महिला एवं बाल विकास विभाग को 116, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 252, समाज कल्याण विभाग को 398 सहित कुल 4733 आवेदन मिलने की जानकारी दी गई। सभी विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरान्त सभी आवेदनों की निराकरण करने की जानकारी दी गई।
- डी.ए.पी के विकल्प के रूप में एन.पी.के. तथा एस.एस.पी. उर्वरक का करें उपयोगबालोद/ कृषि विभाग द्वारा वर्षा ऋतु के आगमन को देखते हुए जिले के किसानों को सामयिक सलाह दी गई है। कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि जिले के कृषकों द्वारा खरीफ वर्ष 2025 में फसल बोआई की तैयारी चल रही है। खेती करने वाले अधिकतर ऋणी कृषक है जो उर्वरकों का उठाव सहकारी समिति के माध्यम से करते हैं। अतः शासन द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों को उर्वरकों का आबंटन अनुपात 60ः40 के स्थान पर 70ः30 किया गया है। शासन द्वारा जिले के लिए कुल उर्वरक भण्डारण हेतु संशोधित लक्ष्य 54037 मी.टन. निर्धारित किया गया है। जिसके विरूद्ध अबतक 26471 मी.टन (49 प्रतिशत) का भण्डारण हो चुका है, जो गत वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत कम है। जिले के कृषकों द्वारा अब तक 16862 मी.टन (31 प्रतिशत) का उठाव किया जा चुका है। खरीफ वर्ष 2025 डी.ए.पी. उर्वरक की आपूर्ति कम होने की संभावना है, अतः डीएपी उपलब्ध न होने पर अन्य एन.पी. के वैकल्पिक उर्वरक 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, 28ः28ः0, 16ः16ः16 इत्यादि के माध्यम से आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति किया जा सकता है। वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करके फसलों के अनुरूप आवश्यक तत्वों का संतुलन बनाया जा सकता है।
- रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में महिलाओं का सम्मान*दुर्ग/ सुशासन तिहार के समापन पर शुक्रवार को ग्राम पंचायत बोरी स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में धमधा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले 12 ग्रामों से सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर के विशेष आकर्षण के रूप में रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। समाधान शिविर में कुल 1475 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1428 मांग संबंधी और 47 शिकायतें थीं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 827, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 115, ऊर्जा विभाग को 85, खाद्य विभाग को 91, श्रम विभाग को 65 और स्कूल शिक्षा विभाग को 26 आवेदन प्राप्त हुए।शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा एक हितग्राही को व्हीलचेयर प्रदान की गई, जबकि विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र नागरिकों को राशन कार्ड, पेंशन, जॉब कार्ड प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया और कुछ प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। ग्रामीणों में शिविर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। अंतिम दिन होने के कारण बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस अवसर पर एसडीएम श्री सोनल डेविड, जनपद सीईओ श्री किरण कौशिक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री लोमन साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवांगन, सरपंच श्री टेकेश्वर देशमुख, सचिव श्री डामन जोशी, तेलघानी बोर्ड अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। शिविर में सभी विभागों के अधिकारियों ने सक्रियता से भाग लेते हुए आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
- दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने दुर्ग, भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा, कुम्हारी, जामुल व निकटवर्ती नगरीय क्षेत्रों व नगर बाह्य क्षेत्रों के निवासियों की सुरक्षा, शांति एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुए तत्कालिक तौर पर मकान मालिकों एवं प्रतिष्ठानों के द्वारा किराये पर भवन देने व मकान लेने के पूर्व तथा पूर्व से ही किराएदार के रूप में रह रहे व्यक्तियों का पूर्ण विवरण निकटतम थाना प्रभारियों को देने कहा है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए दुर्ग, भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा, कुम्हारी, जामुल व निकटवर्ती नगरीय क्षेत्रों व नगर बाह्य क्षेत्रों के लिए पारित आदेश के अनुसार सभी मकान मालिकों के लिए किराएदारों की सूचना देना अनिवार्य है। कोई भी मकान मालिक उस समय तक अपना मकान या उसका कोई भाग किराये पर नहीं देंगे, जब तक किराएदार का पूर्ण विवरण संबंधित थाना प्रभारी को प्रस्तुत नहीं कर देंते। संबंधित थाना प्रभारी को जानकारी दिये बगैर कोई व्यक्ति/प्रतिष्ठान भवन किराए पर दे या ले नहीं सकेगा। आदेश जारी दिनांक के पूर्व से ही जो व्यक्ति किराएदार की हैसियत से रह रहे हैं, उनके मकान मालिक भी थाना प्रभारी को किराएदारों के संबंध में तत्काल सूचित करेंगे। किसी भी व्यक्ति को वैध पहचान पत्र के बिना आवास किराये पर न दिया जाए। सभी किराएदार का नाम, पता, मोबाईल नंबर, पहचान क्रमांक सभी मकान मालिक अनिवार्य रूप से दर्ज करेंगे तथा संबंधित थाना प्रभारी को दी गई सूचना में इसका उल्लेख अनिवार्यतः करेंगे। किराएदार द्वारा अथवा उनके यहां पर किसी भी आगन्तुक द्वारा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना/चौकी में देंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अधीन दण्डनीय अपराध होगा। जिला दण्डाधिकारी ने यह आदेश जारी दिनांक 9 मई 2025 से 02 माह की अवधि के लिए अथवा इसे निरस्त किए जाने की तिथि, जो भी पहले हो, तक के लिए प्रभावशाली होगा।
- -अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी हुई-काउंसिलिंग में भाग लेने वालों को तत्काल दिया जा रहा चयनित स्कूल में पदस्थापना का आदेश पत्ररायपुर / राज्य शासन के दिशा निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अजीत वसंत की उपस्थिति में आज कोरबा जिले के अतिशेष प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया राजीव गांधी आडिटोरियम टांसपोर्ट नगर में चल रही है। प्रथम चरण में वरिष्ठता के आधार पर अतिशेष प्रधानपाठकों की काउंसलिंग की गई। सहायक शिक्षकों की काउंसिलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्रधानपाठकों द्वारा रिक्त स्थानों में से अपने पसंद के विद्यालयों का चयन किया। सहायक शिक्षकों द्वारा भी काउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद के विद्यालयों का चयन किया जा रहा है।कलेक्टर श्री अजीत वसन्त ने शासन के निर्देशों के अंतर्गत पारदर्शिता के साथ काउंसिलिंग की प्रकिया अपनाए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि जिले में शिक्षक विहीन विद्यालयों और एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षकों का समायोजन होने से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। काउंसिलिंग में सम्मिलित शिक्षकों द्वारा चयनित विद्यालय में तत्काल नवीन पदस्थापना आदेश भी जारी किया जा रहा है।शिक्षिका ने जताई संतुष्टिकाउंसिलिंग में सम्मिलित होकर निर्धारित सूची में से पसंद का स्कूल चयन कर नवीन विद्यालय में जाने वाली प्राथमिक शाला जेन्जरा की शिक्षिका श्रीमती देकुमारी साहू ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि अब नवीन विद्यालय ढेलवाडीह में शिक्षक का दायित्व निर्वहन करेंगी। उन्होंने काउंसिलिंग में पसन्द के विद्यालय मिलने पर खुशी प्रकट की।
- दुर्ग/ जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 02 जून 2025 को दोपहर 02 बजे जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यों की समीक्षा, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के कार्यों की समीक्षा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के कार्यों की समीक्षा, लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा, लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग के कार्यों की समीक्षा, खाद्य विभाग की समीक्षा, जिला खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा और अन्य विषय पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में संबंधित विभाग के प्रमुखों को उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
- *- सड़कों पर बैठने वाली मवेशियों के मालिकों की पहचान किया जाए**- यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया जाए**- जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न*दुर्ग/ जिले में यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और सड़क दुर्घटनाओं पर रोकथाम हेतु आवश्यक व्यवस्था के संबंध में आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी शामिल हुए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने सहित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, प्रभावी उपाय किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग से मिलने वाली ग्रामीण सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनायी जाए। कलेक्टर ने इस संबंध में पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई एवं सीएमजीएसवाई के अधिकारियों को संबंधित सड़कों पर स्पीड ब्रेकर निर्माण उपरान्त इस संबंध में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। बैठक में सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मवेशी मालिकों को चिन्हांकित कर उन्हें खुले में मवेशी नहीं छोड़ने की समझाईश दी जाए। सड़कों पर मवेशी पाये जाने पर मालिकों के विरूद्ध नियमतः कड़ी कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों का लायसेंस निलंबित किया जाए। साथ ही लायसेंस निलंबन तिथि व अवधि की जानकारी रखी जाए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य सड़कों पर चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य की जानकारी ली। साथ ही जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यातायात जागरूकता बढ़ाने तथा नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये हैं। दुर्घटना से बचने के लिए दुपहियां वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने व कार चालकों को शीट बेल्ट लगाने अवगत करायी जाए। साथ ही इस संबंध में समय-समय पर जांच भी किया जाए। बैठक में जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये। कलेक्टर ने जिले में घटित हिट एण्ड रन सड़क दुर्घटना के प्रकरण भी बैठक के एजेण्डा में शामिल करने पर जोर दिया। ताकि पीड़ित/गंभीर/घायल/मृतक के कानूनी प्रतिनिधि की मुआवजा राशि हेतु दावा निपटान प्रक्रियाओं को शीघ्र निपटायी जा सकें।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने जिले के संभावित दुर्घटना क्षेत्रों को चिन्हांकित कर सड़क सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिये। उन्होंने सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय राजमार्गाे को सहायक सड़कों से जोड़ने वाले पॉइंट पर गति अवरोधक रम्बल्ड स्ट्रिप बनाने को कहा। इस हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चिन्हांकित स्थानों में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त श्री डी. राजपूत, नगर निगम रिसाली की आयुक्त सुश्री मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, श्री हरवंश सिंह मिरी, डिप्टी कलेक्टर श्री लवकेश ध्रुव एवं श्री महेश राजपूत, आरटीओ श्री एस.एल. लकड़ा, ट्रेफिक डीएसपी सहित लोक निर्माण विभाग, एन.एच.ए.आई., बीएसपी, विद्युत, स्वास्थ्य एवं संबंधित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग/ स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 38 पदों पर संविदा भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी के अनुसार समस्त पदों की दावा आपत्ति निराकरण सूची, अमान्य आवेदनों की सूची एवं ई-मेल में प्राप्त निरंक आवेदनों की सूची दुर्ग जिले की विभागीय वेबसाइट www.durg.gov.in पर देखा व डाउनलोड किया जा सकता है। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिये अभ्यर्थी वेबसाइट का निरंतर अवलोकन करते रहे।
- 0- हर साल आठ हजार बहुएं हो रहीं दहेज मृत्यु की शिकारः शताब्दी0- वैष्णवी दहेज आत्महत्या कांड पर महाराष्ट्र मंडल में हुई महिलाओं की परिचर्चारायपुर। बेटी के प्रेम विवाह को लेकर सबसे पहले माता- पिता को अपना नजरिया बदलना होगा। यदि ससुराल में बेटी से कुछ गलत हो रहा है, तो तुरंत उसका प्रतिकार करें। बेटी की गृहस्थी बचाने की जगह उसके आत्मसम्मान और जिंदगी को बचाएं। काउंसलर डॉ. वर्षा वरवंडकर ने महाराष्ट्र मंडल में वैष्णवी आत्महत्या प्रकरण को लेकर हुई परिचर्चा में इस आशय के विचार व्यक्त किए।डॉ. वरवंडकर ने कहा कि पुणे का वैष्णवी आत्महत्या प्रकरण प्रेम विवाह का है। लड़की निर्णय लेने में समर्थ थी, लेकिन लोग क्या कहेंगे की उलझन में वो रिवर्स डिसिजन नहीं ले पाई। जिंदगी में हमेशा यू-टर्न रहता है। निर्णय लेने की कला सीखनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रेमी से पति बनने का सफर अलग रहता है। जब आपका जोड़ीदार आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है, तो चर्चा कीजिए। समझौता व्यवहार में होता है लेकिन जब प्रताड़ना हो रही है, तो उसका प्रतिकार कीजिए। लड़कियों को जागरूक होना होगा। उसे कानून की जानकारी भी होनी चाहिए। लड़कियों को भी स्वयं शादी में फालतू खर्चे और दहेज के लिए खुद मना करना होगा।*दहेज से हर साल आठ हजार बहुओं की मौत*परिचर्या का संचालन कर रहीं महाराष्ट्र मंडल की परिवार परामर्श समिति की प्रभारी शताब्दी पांडेय ने कहा कि दहेज की मांग आज भी समाज में किसी न किसी रूप में व्याप्त है। इसका संबंध मनुष्य की लालची प्रवृत्ति से है। आंकड़े बताते हैं कि आज भी प्रतिवर्ष आठ हजार बहुएं दहेज मृत्य की शिकार होती हैं। माता-पिता की ओर से ससुराल पक्ष की मांगे पूरी करना भी अपने आप में अपराध है।*पीड़िता को नि:शुल्क सहायता*एडवोकेट मनीषा भंडारकर के अनुसार आजकल ज्यादातर युवा प्रेम विवाह कर रहे हैं। बिना सोचे समझे किए गए विवाह में आने वाली परेशानियों को सहते रहते हैं। गुस्सा किसी भी व्यक्ति का क्षणिक होता है। यदि पीड़िताएं किसी भी प्रकार की सहायता चाहती हैं, तो उन्हें महाराष्ट्र मंडल की परिवार परामर्श समिति की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाएगी।*मन के साथ बुद्धि का भी प्रयोग करें*परिवार परामर्श समिति की डॉ. मंजरी बक्षी के मुताबिक जन जागरूकता के कार्यक्रम अधिक से अधिक आयोजित किए जाएं। युवा पीढ़ी प्रेम विवाह के मामले में मन के साथ बुद्धि का प्रयोग करें। महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने कहा कि एक जोड़ीदार ऐसा हो जो आपका समर्थन करें। आपकी भावना को समझे और आपके साथ एक स्वस्थ सन्मानजनक संबंध रखे।*शादी अर्थात जिम्मेदारी से मुक्ति नहीं*समाजसेवी व परिवार परामर्श समिति की सदस्य शुभांगी रुद्रजवार कहतीं हैं कि किसी भी पत्नी का सच्चा सुख सिर्फ बंगला, गाड़ी, गहने, पैसे से नहीं, प्यार, इज्ज़त देने वाले समर्पित और निर्व्यसनी पति से होता है। शादी कर दी, मतलब जिम्मेदारी से मुक्त हो गए, ऐसा नहीं है। परामर्श समिति के ओपी कटारिया ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए काउंसलिंग बहुत आवश्यक हो गई है।*कहीं न कहीं हम दोषी*काउंसलर शुभांगी आप्टे ने कहा कि दहेज को लेकर आए दिन हम घटनाएं सुनते है। उसके लिए कहीं न कहीं हम दोषी हैं। कई बार दोनों की आर्थिक परिस्थिति में बहुत अंतर होता है, तो लड़की को तकलीफ न हो, ये सोचकर माता-पिता धन और वस्तुएं देते हैं।जाल में फंसाने हथकंडे अपनाते हैं।एडवोकेट प्रियंका डोंगरे ने कहा कि आज कल के कुछ लड़के शादी को एक बिजनेस की तरह लेते हैं। इसलिए जब भी वह शादी करते हैं या दोस्ती करते हैं, शादी के उद्देश्य से पहले लड़की का ब्रेकग्राउंड उसकी सोच को पकड़ लेते हैं। यदि उनको लगता है कि यह उनके लिए परफेक्ट है तो वह उसको अपने जाल में फंसाने के लिए सब तरीके के हथकंडे अपनाते हैं।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। आंध्र साहित्य समिति ने शुक्रवार को सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर की 51 वीं वर्षगांठ पर भगवान बालाजी तथा माताओं श्रीदेवी-भूदेवी की भव्य शोभायात्रा निकाली। अध्यक्ष पीवी राव एवं सचिव पीएस राव के नेतृत्व में रंगबिरंगे फूलों, झालरों, झूमरों तथा सतरंगी लाइटों से सजे वाहन से निकाली गई इस अभूतपूर्व शोभायात्रा में दक्षिण भारतीयों समेत विभिन्न प्रांतों के सैकड़ों भक्तगण शामिल हुए। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजों एवं आतिशबाजी के बीच शोभायात्रा बालाजी मंदिर से शुरू होकर सेंट्रल एवन्यू रोड, जेपी चौक, अंडर ब्रिज, घड़ी चौक, जीई रोड, न्यू बसंत टाकीज रोड, जलेबी चौक, सुभाष चौक, 18 नंबर सड़क, अमरजीवी पोट्टि श्रीरामुलु चौक, कैंप के तेलुगु बहुल क्षेत्रों के सभी प्रमुख मार्गों से होते हुए श्रीराम मंदिर तक निकाली गई, जहां से मध्यरात्रि को वापस बालाजी मंदिर लौटी। शेषनाग आसन पर विराजमान इष्टदेव की शोभायात्रा के इस अद्भुत नजारे को लोगों ने घर की छतोंं और बाल्कनियों से देखा। मंदिर के कपाट बंद होने से पहले भगवान बालाजी को एकांत सेवा अर्पित की गई।स्वागत में बिछाए गए पलक पांवड़ेइस दौरान आंध्र महिला मंडली के सदस्यों ने भगवान को प्रसन्न करने के लिए गरबा की तर्ज पर दक्षिण भारतीय पारंपरिक नृत्य कोलाटम पेश किया। आमतौर पर यह नृत्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत किया जाता है। वहीं युवक-युवतियां, बच्चे और पुरुष भी ढोल-नगाड़ों की धुन पर भगवान की भक्ति में लीन होकर जमकर नाचे। भगवान के स्वागत में महिलाओं तथा युवतियों ने रास्तों को पारंपरिक एवं आधुनिक रंगोलियों से सजाया। शोभायात्रा का स्वागत न केवल दक्षिण भारतीयों, वरन विभिन्न समुदायों के लोगों ने भी किया। जहां-जहां से शोभायात्रा गुजरी भक्तगणों द्वारा पुष्पवर्षा की गई। रास्ते भर नगर भ्रमण में शामिल श्रद्धालुओं के लिए स्टाॅल लगाकर शीतलपेय, फलाहार, हलवा तथा खिलाड़ी का प्रबंध किया गया। जगह-जगह उनकी आरती भी उतारी गई। भगवान बालाजी की माताओं सहित तेलुगुबहुल कैंप क्षेत्रों में यह पहली शोभायात्रा थी। इससे पहले खुर्सीपार में शोभायात्रा निकाली जाती थी। शोभायात्रा को भव्यता देने में उपाध्यक्षों बीए नायडु व के सुब्बाराव एवं कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, सह कोषाध्यक्ष एनएस राव तथा संयुक्त सचिवों के लक्ष्मीनारायण व एस रवि की अहम भूमिका रही।सुप्रभातम से हुआ अनुष्ठानारंभधार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ ब्रह्ममुहूर्त में सुप्रभातम से हुआ, जिसमें भगवान बालाजी से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रार्थना की गई कि हे गोविंद उठो! हे गरुड़ध्वज जागो! हे कमलाकांत उठकर तीनों लोकों को मंगलमय बनाओ। सुप्रभातम के पश्चात पंडित गोपालाचारी ने भगवान बालाजी के उत्सव विग्रह को पंचामृत तथा शिवनाथ नदी से लाए अभिमंत्रित पवित्र जल से स्नान कराकर नूतन वस्त्र पहनाए। उसके बाद जल से भरे सौ कलशों को भगवान के सामने स्थापित किया गया और पंडित ने बड़ी श्रद्धा से मंत्रों का उच्चारण करते हुए प्रधान कलशों सहित प्रत्येक कलश के जल से भगवान का अभिषेक किया। कलशाभिषेक के बाद पंडित के साथ-साथ भक्तों ने भगवान बालाजी की कृपा पाने के लिए सहस्रनामार्चना की। इस दौरान श्रीकाकुलम से आए के गोविंदराव और के उपेंद्र ने नादस्वरम पर तथा साईं कुमार ने ढोल पर संगति की।सनातन रस्मों के साथ कल्याणोत्सवसहस्रनामार्चना के बाद भगवान बालाजी और श्रीदेवी-भूदेवी का कल्याणोत्सव (विवाहोत्सव) शुरू हुआ। जिसमें विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभु बालाजी के उत्सव विग्रह को वर के रूप में नए वस्त्रों तथा स्वर्णाभूषणों से अलंकृत किया गया और श्रीदेवी-भूदेवी के विग्रहों का वधू के रूप में श्रृंगार किया गया। मंदिर के मंडप में भगवान बालाजी को विशेष आसन पर, जबकि श्रीदेवी-भूदेवी को शेषनाग आसन पर स्थापित किया गया, जहां उनके दिव्य सौंदर्य की एक झलक पाने के लिए भक्तों में होड़ मच गई। वर-वधुओं के अलौकिक और अप्रतिम सौंदर्य से अभिभूत भक्तों ने इस दौरान गोदान, वस्त्रदान एवं कन्यादान समेत सभी सनातन रस्में निभाईं। वहीं पंडितों ने इष्टदेव बालाजी की ओर से प्रतीकात्मक रूप से दोनों देवियों को मंगलसूत्र अर्पित किया। इस अनुष्ठान में टीवीएन शंकर दंपति मुख्य यजमान के रूप में बैठे। विवाहोत्सव संपन्न होने के बाद दोपहर को भोग वितरण किया गया।
- नृत्य नाटिका की शानदार प्रस्तुति से प्रभावित किया महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों की प्रतिभाओं नेरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में पुण्यश्लोका लोकमाता रानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर मंडल के महिला केंद्रों की प्रतिभाशाली सभासदों ने रानी अहिल्या बाई पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा मदन तोप९खानेवाले के निर्देशन और रंगसाधक रंजन मोडक के विशेष सहयोग से सजी नृत्य नाटिका में लक्ष्मी जिल्लारे, गीता दलाल, अर्चना भाकरे, विशाखा तोपखानेवाले, अपर्णा देशमुख, नमिता शेष ने अहिल्याबाई के जीवन प्रसंगों से बताया कि कैसे लोकमाता न्यायप्रिय थीं। गाय के बछड़े की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने पुत्र मालेराव को मृत्युदंड की सजा सुनाई। नृत्य नाटिका में इन दृश्यों को प्रभावी अंदाज में प्रस्तुत किया गया।कार्यशाला के मुख्य वक्ता लौह शिल्प कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा और विशेष वक्ता विशाखा तोपखानेवाले ने लोकमाता रानी अहिल्या बाई के जीवन के उन रोचक प्रसंगों का स्मरण किया, जो आज भी हम सभी के लिए प्रेरक और अनुकरणीय हैं।
- आम की 200 से अधिक किस्मों एवं 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा*इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में ओयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सव_*रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 6, 7 एवं 8 जून को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में ‘‘फलों के राजा’’ आम के राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 200 से अधिक किस्मों एवं आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित है। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं।आयोजन के प्रथम दिवस 6 जून को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन सायः 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 7 जून को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 8 जून को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यामियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी नागरिकों, महिलाआें, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश निशुल्क है अतः इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बनें।
- कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं के निराकरण हेतु सहयोग का अनुरोध कियारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने आज उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट कर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। कुलपति डॉ. चंदेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 6 से 8 जून, 2025 तक आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह में अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आम महोत्सव में शामिल होने हेतु सहर्ष मंजूरी प्रदान की।डॉ. चंदेल ने मुख्यमंत्री श्री साय को कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन में आ रही समस्याओं के संबंध में अवगत कराते हुए इन समस्याओं के निराकरण हेतु राज्य शासन की ओर से वित्तीय मदद दिये जाने का अनुरोध किया। इसी प्रकार उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंगर्तगत संचालित महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त होने वाले प्राध्यापकों एवं अन्य कमर्चारियों को पेंशन प्रदान करने हेतु भी राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. चंदेल को इन समस्याओं के निराकरण हेतु सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए हर संभव मदद दिये जाने का आश्वासन दिया।
- -सिर्फ 166 स्कूलों का होगा समायोजन-शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे-विभाग ने कहा युक्तियुक्तकरण शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयासरायपुर / शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिलकुल अलग है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा। इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है। इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है, इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे। उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है। स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे।यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है। समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग। इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना। शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है।शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की पहलदरअसल छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण यानि तर्कसंगत समायोजन कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित हो। उन स्कूलों को जो कम छात्रों के कारण समुचित शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें नजदीकी अच्छे स्कूलों के साथ समायोजित किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल, संसाधन और पढ़ाई का समान अवसर उपलब्ध हो सके। इससे बच्चों को ज्यादा योग्य और विषय के हिसाब से विशेषज्ञ शिक्षक मिलेंगे। स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब, कंप्यूटर आदि की सुविधाएं सुलभ होंगी। शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में अब पर्याप्त शिक्षक मिलेंगे। जिन स्कूलों में पहले गिनती के ही छात्र होते थे, वे अब पास के अच्छे स्कूलों में जाकर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव से शिक्षा का स्तर सुधरेगा।सरकार की मंशा साफ है, हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यही वजह है कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों की तैनाती सिर्फ संख्या के हिसाब से नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से हो। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक ठोस बदलाव है, जिससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत नींव मिलेगी।
- -नवा रायपुर रेल्वे स्टेशन के पास 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित है सीबीडी, मल्टीप्लेक्स, रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय हो रहे संचालित-जल्द शुरू होगा इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट, हर तरह की खरीदारी के लिए सुपर मार्केट भी-स्मार्ट सिटी के अनुरूप एक ही जगह पर विविध सुविधाएं, 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित-नवा रायपुर की नई पहचान बनने अग्रसर सीबीडी, रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंचरायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के सेक्टर-21 में 2.65 लाख वर्गफीट में निर्मित छह मंजिला सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) देश के इस पहली स्मार्ट सिटी की नई पहचान बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। नवा रायपुर का नवनिर्मित रेल्वे स्टेशन इसके पास ही है, जिस वजह से यह सीबीडी रेल्वे स्टेशन के नाम से ही जाना जाता है। अभी सीबीडी में मिराज मल्टीप्लेक्स, आईपी क्लब रेस्टोरेंट और एएसपी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। मनोरंजन के अद्वितीय अनुभव के लिए यहां जल्द ही इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर प्रारंभ होने जा रहा है। हर तरह की खरीदारी के लिए गोकुल सुपर मार्केट भी शीघ्र शुरू होगा।स्मार्ट सिटी के अनुरूप सीबीडी में एक ही जगह पर विविध सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय व्यवसाईयों को 100 से अधिक रिटेल दुकानें आबंटित की गई हैं जो यहां तेजी से फुटफाल बढ़ाएंगी। सीबीडी नवा रायपुर के आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही रोजगार, पर्यटन, सांस्कृतिक-तकनीकी केंद्र और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए नया मंच प्रदान करेगा। स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने वाला यह कॉम्प्लेक्स आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की नई पहचान बनेगा जहां शिक्षा, मनोरंजन और दैनिक जरूरतें जैसी सभी चीजें एक ही स्थान पर सुलभ होंगे। इमर्सिव टेक्नोलॉजी, तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान और शॉपिंग की सहुलियतों से सुसज्जित यह भविष्य के नए आकर्षण का केंद्र है।सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स चार विंग्स में फैला हुआ है, जिसका कुल कारपेट एरिया दो लाख 65 हजार वर्गफीट है। यहां हर तल की योजना नागरिकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। भू-तल में लगभग पांच हजार वर्गफीट एरिया गोकुल सुपर मार्केट को आबंटित किया गया है जो शीघ्र ही प्रारंभ होने वाला है। इसी तल पर नवा रायपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी संचालित है। भू-तल पर 100 से अधिक रिटेल दुकानें भी आबंटित की गई हैं।सीबीडी का द्वितीय तल एनआईईएलआईटी (National Institute of Electronics & Information Technology) को आबंटित किया गया है, जो युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा एनालिटिक्स और आईटी में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएगा। इस तल पर आईपी क्लब रेस्टोरेंट भी संचालित है, जो लोगों को विभिन्न तरह के खानपान उपलब्ध कराता है। तृतीय तल पर पांच करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से इमर्सिव होलोग्राफिक एंटरटेनमेंट सेंटर बनाया जा रहा है। यह वीआर (VR), एआर (AR) और होलोग्राफिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेशवासियों को मनोरंजन का अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा। चौथे व छटवें फ्लोर पर संचालित मिराज सिनेमा ने सीबीडी को नवा रायपुर में मनोरंजन के लोकप्रिय स्थल के रूप में स्थापित कर दिया है।सीबीडी केवल शॉपिंग डेस्टिनेशन नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आधुनिक राजधानी नवा रायपुर को निकट भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से गहरे तक प्रभावित करेगा। देश की पहली स्मार्ट सिटी नवा रायपुर अटल नगर तेजी से भविष्य के शहर के रूप में उभर रहा है, जहां मुख्यमंत्री निवास, मंत्रालय, सचिवालय, विभागाध्यक्ष भवन और अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हैं। विधानसभा का नया भवन भी यहां निर्माणाधीन है। शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास और निवेश के क्षेत्र में भी नवा रायपुर नई ऊचांईयाँ छू रहा है। वर्ष 2018 में सीबीडी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वर्तमान सरकार ने 2025 में ही गोकुल सुपर मार्केट, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जैसे कई स्थानों को आबंटित किया है। कॉम्प्लेक्स के अन्य बिल्ड-अप स्पेस के आबंटन की कार्यवाही भी तेजी से प्रक्रियाधीन है।
- रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध कोयला परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में खनिज विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा ने बताया कि पोड़ी-चिरमिरी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान ग्राम चिताझोर में एक ट्रैक्टर को रोका गया। यह महिंद्रा 275 डीआई लाल रंग का ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ नजर आ रहा था, लेकिन जांच करने पर ट्रॉली के भीतर रेत की आड़ में कोयला छिपाकर रखा गया था। जांच के दौरान ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया। ट्रैक्टर को तत्काल जब्त कर पोड़ी थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।गौरतलब है कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कोयले के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में की गई छापेमारी में लगभग 20 टन कोयला जब्त किया गया था। संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस ने भी प्रकरण दर्ज किया है।
- -मुख्यमंत्री ने कोंडागांव, बस्तर एवं सुकमा जिलों की समीक्षा कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार द्वारा बीते डेढ़ वर्ष में किए गए कार्यों की जमीन हकीकत का मूल्यांकन और जनता जनार्दन से संवादकर फीडबैक प्राप्त करना है। राज्य शासन का लक्ष्य जनसेवा है और इसके लिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को सजगता और संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। जनसुविधाओं का ध्यान, समस्याओं का तत्परता से समाधान और गुणवत्तापूर्ण सेवा से ही सुशासन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह बातें कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में वनोपज आधारित रोजगार पर जोर देते हुए कहा कि इमली एवं रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति बनाकर वैल्यू एडिशन करें, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने रेशम, मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं के प्रचार-प्रसार एवं विपणन के माध्यम से व्यवसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के मद्देनजर अधिकारियों को रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने एवं गैस सब्सिडी के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों, विशेषकर सीमांकन से संबंधित मामलों को 15 जून के पूर्व निराकृत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में मक्का प्रमुख फसल है, इसे उन्न्त तकनीक से जोड़कर उत्पादकता में वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि जैविक सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने हेतु कलेक्टर व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें तथा सर्टिफिकेशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए भी विशेष प्रयास करें।प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने त्रुटि सुधार कार्यों, विशेषकर नाम वर्तनी संबंधी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कोंडागांव जिले में अप्रारंभ आवासों की संख्या अधिक होने पर इसका त्वरित निराकरण तथा राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को इसका प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिए जाने की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों को भी अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, रिटेंडर प्रक्रिया, मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।बैठक में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई.जी. श्री सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वनमंडलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वन मंत्री केदार कश्यप ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा कीरायपुर। ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत प्रदेश में करीब दो करोड़ 75 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधों की उपलब्धता वन विभाग के नर्सरियों और विभागीय स्त्रोतों से सुनिश्चित की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की गहन समीक्षा की। बैठक में अभियान के तहत शासकीय विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में अधिकारियों से ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के तहत जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण करने वालों को उस पौधे के ग्रोथ की निगरानी से जोड़ें, जिससे वृक्षारोपण के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और अन्य महाविद्यालयों से अनेक लोग निकलकर आज कामयाबी के शिखर पर हैं। इन सभी संस्थाओं को ऐसे लोगों को संस्था में वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान अवश्य आमंत्रित करना चाहिए। नगरीय निकायों में शहरों के बड़े व्यवसाईयों, उद्योगपतियों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में वृक्षारोपण कराया जाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने स्कूलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करने वालों की भागीदारी सुनिश्चित करने और सभी को वृक्षारोपण के दौरान रोपे गए पौधों के ग्रोथ की भी जानकारी देना सुनिश्चित करने को कहा।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वृक्षारोपण में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले लोगों को 15 अगस्त और वानिकी दिवस पर सम्मानित किए जाने की बात कही। उन्होंने आगामी पर्यावरण दिवस 5 जून को होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान के दौरान कलेक्ट्रेट परिसरों, राष्ट्रीय राजमार्गों, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों, माइनिंग परिसरों, जल स्त्रोतों के आसपास, स्कूल परिसरों तथा अन्य संस्थाओं एवं स्थानों को चिन्हित कर व्यापक कार्ययोजना के तहत कार्य करने को कहा।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खनिज, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन और जल संसाधन विभाग द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया। पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय ने वृक्षारोपण अभियान में किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन सहित वन विभाग, वन विकास निगम, आवास एवं पर्यावरण, पर्यटन, वाणिज्य एवं उद्योग, संस्कृति, स्कूल शिक्षा, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -राष्ट्रीय आम महोत्सव में शामिल होने का दिया न्यौता-कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों की समस्याओं के निराकरण हेतु सहयोग का अनुरोध कियारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने शुक्रवार को उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट कर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की। कुलपति डॉ. चंदेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 6 से 8 जून, 2025 तक आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के शुभारंभ समारोह में अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आम महोत्सव में शामिल होने हेतु सहर्ष मंजूरी प्रदान की।डॉ. चंदेल ने मुख्यमंत्री श्री साय कोकृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कार्यरत 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन में आ रही समस्याओं के संबंध में अवगत कराते हुए इन समस्याओं के निराकरण हेतु राज्य शासन की ओर से वित्तीय मदद दिये जाने का अनुरोध किया। इसी प्रकार उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंगर्तगत संचालित महाविद्यालयों से सेवानिवृत्त होने वाले प्राध्यापकों एवं अन्य कमर्चारियों को पेंशन प्रदान करने हेतु भी राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। मुुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. चंदेल को इन समस्याओं के निराकरण हेतु सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए हर संभव मदद दिये जाने का आश्वासन दिया।




















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