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- -कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम की बड़ी कार्रवाई-नियमों के उल्लंघन पर 7 विक्रेताओं को नोटिस, कई केंद्रों के विरुद्ध प्रकरण दर्जरायपुर। कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल द्वारा समय-समय पर खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता जांचने और कालाबाजारी रोकने के लिए औचक निरीक्षण किए जाते हैं। हाल ही में कई जिलों में उड़नदस्ता टीमों ने बड़ी कार्रवाई की। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद-बीज की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से दुर्ग जिले में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग की जिला स्तरीय उड़नदस्ता टीम द्वारा जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जिले के 135 निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में अनियमितता तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर 7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।निरीक्षण के दौरान फालेन्द्र कृषि केन्द्र, सेलूद से 18.5 लीटर, शीतल कृषि केन्द्र, रानीतराई से 19 लीटर तथा देवेश साहू कृषि केन्द्र, धमधा से 5 लीटर बायो-स्टिम्यूलेंट जब्त किया गया। इन केंद्रों द्वारा उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्रोतों का समावेश किए बिना उत्पादों का विक्रय किया जा रहा था। इसी प्रकार मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर में यूरिया एवं एनपीके उर्वरक के भंडारण एवं विक्रय में अनियमितता पाई गई। वहीं मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र, बोरी तथा मेसर्स कृषि सेवा केन्द्र, पाटन में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री किए जाने के मामले सामने आए। इन प्रकरणों में संबंधित उर्वरकों को जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में कार्रवाई हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया है।कृषि विभाग द्वारा लिए गए उर्वरक नमूनों के परीक्षण में 5 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अमानक स्तर के पाए गए हैं। ऐसे उर्वरकों के जिले में विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाते हुए संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने, कालाबाजारी करने, अमानक उर्वरकों का विक्रय करने अथवा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जाने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली की शिकायत निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में तत्काल दर्ज कराएं। खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी जारी रहेगी।
- -गौरैला-पेंड्रा-मरवाही में छायाचित्र प्रदर्शनी एवं वृहद पंजीकरण शिविर का आयोजन, हितग्राहियों को योजनाओं का मिला लाभरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गौरैला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विकास, जनकल्याण और सुशासन की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा के असेंबली हॉल में भव्य छायाचित्र प्रदर्शनी एवं वृहद पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया।कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से देशभर में प्रदर्शनी और शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती समीरा पैकरा ने कहा कि सुशासन तिहार जैसे अभियानों से विकास कार्यों में नई गति आई है और शासन-प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का उल्लेख करते हुए अभिभावकों से बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी जनहितकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। वृहद पंजीकरण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों का पंजीकरण किया गया तथा उन्हें योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई, जबकि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत तीन हितग्राहियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरतमंद हितग्राहियों को सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए।कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी रही, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं की उपलब्धियों को आकर्षक छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर सरकार की उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी प्राप्त की। यह आयोजन न केवल केंद्र सरकार की 12 वर्षों की विकास यात्रा को जनसामान्य तक पहुंचाने का माध्यम बना, बल्कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे लाभान्वित करने और शासन की योजनाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रभावी मंच भी साबित हुआ।कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के अध्यक्ष श्री राकेश जालान, उपाध्यक्ष श्री शरद गुप्ता, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे तथा एसडीएम पेण्ड्रारोड श्री विक्रांत अंचल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली।
- -कुपोषण के खिलाफ बलौदाबाजार की बड़ी पहल-सुपोषित बचपन अभियान का शंखनाद-9 हजार बच्चों को सप्ताह में 6 दिन मिलेंगे विशेष पौष्टिक लड्डूरायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। राज्य के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने शुक्रवार को नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में सुपोषित बचपन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पौष्टिक लड्डू खिलाकर उन्हें कुपोषण से लड़ने और मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए एक बेहद सकारात्मक सोच के साथ इस अभियान की शुरुआत हुई है। यदि हमारे बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी देश का भविष्य भी मजबूत होगा। इस विशेष पौष्टिक लड्डू में कई तरह के उच्च पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाएंगे। मंत्री श्री वर्मा ने माता-पिता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे बच्चों को प्रेम के साथ अनुशासन भी सिखाएं और उन्हें देश का एक अच्छा नागरिक बनाएं।कलेक्टर ने कार्यक्रम में अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि जिले के 1626 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1500 केंद्रों के लगभग 9000 बच्चे गंभीर एवं मध्यम कुपोषित चिन्हित किए गए हैं। इन सभी बच्चों को आगामी 6 माह के भीतर सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत इन बच्चों को सप्ताह में 6 दिन, प्रतिदिन सुबह 10 बजे आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका द्वारा एक-एक पौष्टिक लड्डू खिलाया जाएगा। इन लड्डुओं का निर्माण स्थानीय स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इसमें गेहूं, बेसन, रागी, मुनगा (सहजन) पाउडर, गुड़, तिल और मूंगफली जैसे उच्च पौष्टिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। केवल लड्डू खिलाना ही काफी नहीं है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रतिदिन बच्चों के घर जाकर माता-पिता को सही देख-रेख और समय पर पोषण देने के प्रति जागरूक करेंगी।कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत जिले के सभी 1200 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल के तहत चिरायु टीम द्वारा सभी 1200 बच्चों का विशेष कार्ड बनाया जाएगा। सबसे पहले प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां दी जाएंगी। इसके बाद आवश्यकतानुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए 15-15 दिनों की रोटेशन लिस्ट तैयार की गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में माताएं और बच्चे उपस्थित थे।
- रायपुर। राजनांदगांव जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन मामले में शुक्रवार को कोहका क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर खनिज विभाग ने दो वाहनों को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने बीजाभांठा, तुमड़ीबोड़, कोहका, मारगांव, दीवानभेड़ी, मचानपार, मटिया और डोंगरगांव क्षेत्र में आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कोहका क्षेत्र में बिना वैध अनुमति चूना पत्थर (गिट्टी) का परिवहन करते हुए दो वाहन पकड़े गए।विभाग ने ग्राम पटपर निवासी भोला देवदास के स्वामित्व वाले माजदा वाहन (सीजी 08 एएफ 0152) तथा चिचोला निवासी अशरफ अली के स्वामित्व वाले हाईवा (सीजी 08 एएन 8053) को जब्त किया। दोनों वाहनों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना तुमड़ीबोड़ के सुपुर्द कर दिया गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार गश्त, निगरानी और आकस्मिक जांच अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- -विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख श्री जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।
- -ग्रामोद्योग सचिव ने किसानों की आय बढ़ाने और धागाकरण मशीनों को शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान बस्तर संभाग में रेशम विकास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने रेशम विभाग द्वारा संचालित सिल्क समग्र योजना के तहत किए जा रहे रेशम विस्तार और उत्पादन कार्यों का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वर्ष में सभी लाभार्थी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए।सचिव श्री राणा ग्राम सोसनपाल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगतिशील रेशम कृषक श्री शिबूराम के खेत एवं कृमिपालन इकाई का निरीक्षण किया। कृषक शिबूराम ने अपने खेत में उन्नत प्रजाति के व्ही-1 शहतूत का रोपण किया है और वर्तमान में 50 स्वस्थ डिम्ब समूहों का कृमिपालन कर रहे हैं। किसान ने बताया कि योजना के तहत उन्हें शहतूत पौधरोपण, सिंचाई विकास, कृमिपालन भवन निर्माण, उपकरण और निःसंक्रमण सामग्री के लिए सरकार से किश्तों में आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने रेशम कीटपालन से अब तक 55 हजार की आय अर्जित कर ली है।उप संचालक (रेशम) ने इस दौरान जानकारी दी कि सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत अकेले बस्तर जिले में अब तक 90 कृषकों के यहां शहतूत पौधरोपण का कार्य पूरा किया जा चुका है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी किसानों की आय का नियमित विश्लेषण कर डेटा तैयार किया जाए और उन्हें समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाए।सचिव श्री राणा ने बस्तर स्थित भारत सरकार के केंद्रीय रेशम बोर्ड के बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण संस्थान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां वैज्ञानिकों से स्वस्थ डिम्ब समूह (रेशम के अंडे) तैयार करने की प्रक्रिया समझी और निर्देशित किया कि विभाग की मांग के अनुरूप इनकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि संभाग में कोसाफल उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हो सके।समीक्षा बैठक के दौरान श्री राणा ने रेशम धागाकरण (त्ममसपदह) गतिविधियों की विशेष समीक्षा की। उन्होंने संभाग की सभी बंद या सुस्त पड़ी धागाकरण मशीनों को तुरंत पूरी क्षमता के साथ प्रारंभ करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय धागाकारकों को निरंतर स्वरोजगार मिलता रहे। बैठक में जिला रेशम अधिकारी कांकेर, श्रीमती वेणी कश्यप ने बताया कि कांकेर जिले के झीपाटोला के धागाकरण समूहों द्वारा अब तक 10 लाख 82 हजार 784 मूल्य का रेशम धागा तैयार कर शानदार आय अर्जित की गई है। सचिव ने इस सफलता को सराहते हुए धागाकरण गतिविधियों को और अधिक सघनता से संचालित करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो सके। बस्तर में 90 किसानों के खेतों में सफलतापूर्वक हुआ शहतूत पौधरोपण। झीपाटोला (कांकेर) के समूहों ने 10.82 लाख से अधिक के रेशम धागे का किया उत्पादन। सभी धागाकरण मशीनों को शीघ्र चालू करने तथा वैज्ञानिकों को समय पर डिम्ब समूह उपलब्ध कराने के आदेश।
- -सम्मेलन में लोक स्मृतियों, जनजातीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत पर हुआ गहन मंथन-महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में आयोजित सम्मेलन का गरिमामय समापन, देश-प्रदेश के विद्वानों ने लोककथाओं, लोकगाथाओं और जनश्रुतियों में संरक्षित इतिहास के दस्तावेजीकरण पर दिया बलरायपुर । लोक साहित्य में निहित ऐतिहासिक चेतना, जनजातीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा प्रदान करते हुए संस्कृति विभाग के अंतर्गत पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन “लोकसाहित्य के दर्पण में अतीत का प्रतिबिंब” का शुक्रवार को सफल समापन हुआ। महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के सभागार में आयोजित इस सम्मेलन में इतिहासकारों, लोक साहित्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्वानों ने लोक परंपराओं में संरक्षित ऐतिहासिक स्मृतियों के महत्व पर व्यापक विमर्श किया।सम्मेलन का उद्देश्य लोककथाओं, लोकगाथाओं, जनश्रुतियों और पारंपरिक ज्ञान में सुरक्षित इतिहास को पहचानना, उसका प्रलेखन करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की दिशा में अकादमिक संवाद को प्रोत्साहित करना था। समापन दिवस पर आयोजित तीन तकनीकी सत्रों में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने अपने शोधपत्रों के माध्यम से लोक साहित्य और इतिहास के गहरे संबंधों को रेखांकित किया।तृतीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ विदुषी डॉ. सत्यभामा आडिल ने की। सत्र में लोक साहित्य में संरक्षित पारंपरिक ज्ञान और ऐतिहासिक साक्ष्यों पर केंद्रित शोध प्रस्तुत किए गए। डिंडोरी से आए डॉ. विजय चौरसिया ने बैगा जनजाति की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वनस्पतियों और जड़ी-बूटियों पर आधारित यह ज्ञान प्रणाली आज भी अनेक जटिल रोगों के उपचार में प्रभावी है।महासमुंद की डॉ. अनुसुईया अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियों के माध्यम से इतिहास के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. अरुण कुमार निगम ने महानदी, शिवनाथ, लीलागर और नर्मदा जैसी नदियों से जुड़ी लोककथाओं और जनश्रुतियों का विश्लेषण कर उनके ऐतिहासिक महत्व को सामने रखा। डॉ. पीसी लाल यादव ने पुरातात्त्विक अवशेषों के आधार पर ‘कुँवर अछरिया’ लोकगाथा की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला, वहीं श्रीमती शकुंतला तरार ने बस्तर के पूजनीय प्रेमी युगल देवता ‘झिटकू-मिटकी’ की लोककथा का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया।सत्राध्यक्ष डॉ. सत्यभामा आडिल ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से समाज को व्यापक लाभ मिल सकता है तथा ऐसे ज्ञान के संरक्षण की दिशा में गंभीर प्रयास आवश्यक हैं।चतुर्थ तकनीकी सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ इतिहासकार श्री राहुल कुमार सिंह ने की। इस सत्र में लोककला, जनजातीय संस्थाओं और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. मृणालिका ओझा ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार स्वर्गीय देवदास बंजारे के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि उन्होंने पंथी नृत्य और सतनाम पंथ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाया।श्री महेश वर्मा ने लोककला और लोकनाट्यों में हास्य-व्यंग्य की भूमिका को सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया। नारायणपुर के श्री शिवकुमार पांडेय ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक संस्था ‘घोटुल’ के अनुशासन, सामाजिक संरचना और सामुदायिक मूल्यों का विश्लेषण प्रस्तुत किया। श्री विक्रम सोनी ने चालुक्य और काकतीय राजवंशों के ऐतिहासिक संदर्भों के साथ हल्बा गीतों और जगार परंपराओं के माध्यम से लोक जीवन के ऐतिहासिक भूगोल को समझाया।प्रो. किशोर कुमार अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का लोक साहित्य राष्ट्रीय चेतना के विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है तथा इसमें महात्मा गांधी से जुड़े अनेक संदर्भ भी प्राप्त होते हैं। सत्राध्यक्ष श्री राहुल कुमार सिंह ने युवा शोधार्थियों से इतिहास और लोक साहित्य के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन एवं अनुसंधान की अपील की।पंचम एवं अंतिम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. रुद्र नारायण पाणिग्रही ने की। इस सत्र में राज्य निर्माण, राजनीतिक लोककथाओं और ऐतिहासिक परंपराओं के अंतर्संबंधों पर महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए गए।डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद ने राजा कल्याण साय और उनके दरबारी कवियों से जुड़ी लोककथाओं के आधार पर सक्ती, सारंगढ़, जशपुर, बिलाईगढ़ और पेण्ड्रा जैसे क्षेत्रों के नामकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का विश्लेषण किया। धमतरी की सुश्री स्मिता अखिलेश ने ‘भंगाराम जात्रा’ पर शोध प्रस्तुत करते हुए भंगाराम देव को लोकन्याय के प्रतीक के रूप में व्याख्यायित किया।प्रो. भूपेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि किंवदंतियां इतिहास और कल्पना के मध्य एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती हैं तथा इनके व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की आवश्यकता है। श्रीमती रजनी शर्मा ‘बस्तरिया’ ने मूरिया जनजाति के ‘पूष कोलांग नृत्य’ की विशेषताओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का विस्तृत परिचय दिया।सत्र के अंतिम शोधपत्र में डॉ. प्रताप चंद पारख और डॉ. राजीव जे. मिंज ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध प्रेमगाथा ‘लोरिक-चंदा (चंदैनी)’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर संयुक्त शोध प्रस्तुत करते हुए रीवागढ़, आरंग, कुम्हारी और बम्हनी से जुड़े लोक आख्यानों तथा ऐतिहासिक संदर्भों का विश्लेषण किया।समापन अवसर पर मंचासीन अतिथियों, शोधार्थियों और प्रतिभागियों को राजकीय गमछा, प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजन के सफल संचालन में नोडल अधिकारी डॉ. पी.सी. पारख, प्रभारी अधिकारी प्रभात कुमार सिंह, विभागीय पुरातत्ववेत्ताओं तथा संस्कृति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सम्मेलन के सभी सत्रों का संचालन डॉ. आकांक्षा दुबे और अरुण निर्मलकर ने संयुक्त रूप से किया।दो दिवसीय यह राज्य स्तरीय सम्मेलन लोक साहित्य में संरक्षित ऐतिहासिक स्मृतियों, जनजातीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं शोध को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ। लोक परंपराओं में सुरक्षित इतिहास के व्यवस्थित दस्तावेजीकरण से न केवल अतीत को समझने में सहायता मिलेगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त आधार प्राप्त होगा।
- -91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-18 खेलों के लिए होंगी सुविधाएं विकसितरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है। श्री साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक श्रीमती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
- -विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी आधुनिक और उपभोक्ता हितैषी बनने की पहल-अब गलत मीटर रीडिंग पर लगेगा विरामरायपुर । स्मार्ट मीटर किसी राज्य सरकार की अलग योजना नहीं, बल्कि भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत पूरे देश में लागू की गई राष्ट्रीय पहल है। इसी योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुसार छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार इस केंद्रीय योजना का क्रियान्वयन करते हुए विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में देशभर में स्मार्ट मीटरिंग योजना लागू करने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी लाना, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारना तथा उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है।छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना लागू करने का निर्णय पूर्ववर्ती सरकार वर्ष 2022 में लिया गया था। परियोजना के लिए टेंडर जारी होने और कार्यादेश दिए जाने के बाद फरवरी 2024 से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रारंभ हुआ। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्व में जारी निविदाओं, अनुबंधों और कार्यादेशों के आधार पर ही परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।प्रदेश में लगभग 55 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाने का लक्ष्य है, जिनमें से करीब 40 लाख मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं मिल रही हैं। बिजली की खपत का आंकड़ा हर 30 मिनट में उपलब्ध होता है, जिससे उपभोक्ता अपने उपयोग पर बेहतर निगरानी रख सकते हैं। मीटर रीडर द्वारा गलत रीडिंग दर्ज होने की संभावना समाप्त हो जाती है और बिलिंग अधिक सटीक होती है।इसके अलावा स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली भार, वोल्टेज और ऊर्जा खपत सहित अन्य तकनीकी आंकड़े वास्तविक समय में प्राप्त होते हैं। इससे विद्युत वितरण कंपनी को नेटवर्क की स्थिति का लगातार विश्लेषण करने, ओवरलोडिंग, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव अथवा आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने में सुविधा मिलती है। इसका लाभ अंततः उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के रूप में मिलता है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की योजना और उसके दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है।
- -20 जून को कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कुनकुरी में होगा आयोजनरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 20 जून को जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे।जिला प्रशासन जशपुर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शनिवार, 20 जून को प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, अत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला प्रशासन ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं नगरीय निकायों के पदाधिकारियों, पत्रकारों तथा नागरिकों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा तथा किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
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*केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से सहभागिता की अपील*
बिलासपुर/ बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को प्रातः 6:45 बजे से 7:45 बजे तक स्वर्गीय बी.आर. यादव स्मृति राज्य प्रशिक्षण खेल परिसर, बहतराई में जिला प्रशासन द्वारा भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक बिलासपुर श्री अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा श्री धरमलाल कौशिक, विधायक तखतपुर श्री धर्मजीत सिंह, विधायक बेलतरा श्री सुशांत शुक्ला, विधायक कोटा श्री अटल श्रीवास्तव, विधायक मस्तूरी श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। आयोजन स्थल पर बैठक व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। श्री अग्रवाल ने जिलेवासियों से बड़ी संख्या में योग कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य जीवन पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है।कलेक्टर ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ, ऊर्जावान और तनावमुक्त जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वस्थ समाज के निर्माण का सामूहिक अभियान है। योग को जीवन का हिस्सा बनाकर हम न केवल स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि परिवार और समाज को भी निरोग एवं सशक्त बना सकते हैं। कलेक्टर ने सभी नागरिकों से परिवार सहित कार्यक्रम में सहभागिता कर योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया है। -
बिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त 7 आवेदकों के आवेदन के छानबीन के क्रम में 7 दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। यदि आवेदक के परिवार के कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत हो अथवा किसी प्रकार के अपराधिक या न्यायालीन मामले उनके विरूद्ध लंबित हो तो इसकी जानकारी उक्त समयावधि में बंद लिफाफे में या स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है।
डीईओ ने आगे बताया कि बिल्हा ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भाड़ी में व्यायाम शिक्षक (एलबी) के पद पर कार्यरत स्व. श्री राकेश बाटवे के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती रेनू बाटवे, कोटा ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला नवाडीह उपका में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत स्व. श्री कैलाश राम यादव की पत्नी श्रीमती सीता बाई एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीस में व्याख्याता एलबी के पद पर कार्यरत स्व. श्री देवेन्द्र कुमार दीक्षित की पत्नी श्रीमती चन्द्रकिरण दीक्षित ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। इसी प्रकार मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला नवापारा नरगोड़ा में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत स्व. श्री रमेश कुमार देवागंन के पुत्र श्री लोकेश कुमार देवागंन, मस्तुरी जनपद पंचायत में कार्यरत ग्राम किरारी निवासी स्व. श्री भागवत प्रसाद सुमन के पुत्र कृष्ण कुमार सुमन, शास.क.आ. एवं शास.कन्या शहिद रतनपुर में कार्यरत स्व. श्री राजेश कुमार दुबे के पुत्र गौरव कुमार दुबे एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोपका के कार्यरत स्व. श्री पाण्डेय सिंह पैकरा के पुत्र श्री अंकित सिंह पैकरा ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदकों के संबंध में जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कक्ष क्रमांक 25 पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग प्रथम तल में निर्धारित अवधि में दिया जा सकता है। विलंब से प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। -
रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 03 वाहन को किया गया जप्त
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग के द्वारा 19 जून 2026 को बालोद एवं गुरूर विकासखण्ड का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 03 हाइवा को जप्त कर थाना/आरक्षी केन्द्र बालोद एवं सनौद के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। -
योजनाओं का लाभ दिलाने विशेष अभियान जारी
*18 से 20 जून तक जिले में लगाए जा रहे शिविर, पात्र हितग्राहियों का किया जा रहा पंजीयन एवं त्वरित निराकरण*बिलासपुर/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण” अभियान के तहत जिले में 18 से 20 जून तक विशेष जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने आज टाउन हॉल में लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।जिले में टाउन हॉल बिलासपुर, नगर पंचायत सांस्कृतिक भवन बिल्हा, सामुदायिक भवन मस्तूरी, तखतपुर के प्राथमिक शाला बुटेना तथा नगर पंचायत सांस्कृतिक भवन कोटा में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों में आयुष्मान भारत योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कर पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया जा रहा है। टाउन हॉल बिलासपुर में आयोजित शिविर का निरीक्षण करते हुए नगर निगम सभापति श्री विनोद सोनी ने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका नियमानुसार त्वरित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का भी प्रभावी निराकरण किया गया है और इसी भावना के साथ जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड निर्माण, उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। - दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कुल 65 पात्र दम्पत्तियों को योजना का लाभ प्रदान करने हेतु स्वीकृति दी गई है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के तहत अंतर्जातीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना नियम 1978 (संशोधित 2019) के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि के भुगतान से पूर्व सभी पात्र दम्पत्तियों से 10 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर राशि प्राप्ति संबंधी शपथ पत्र प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। सभी पात्र दम्पत्तियों से अपील कि गई है कि वे कार्यालयीन समय में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, दुर्ग कार्यालय में उपस्थित होकर निर्धारित शपथ पत्र प्रस्तुत करें। आबंटन की उपलब्धता के अनुसार शपथ पत्र प्राप्ति के क्रम में प्रोत्साहन राशि का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।
- -पीएम आवास के 15 अपात्रों पर हुई पारदर्शी कार्रवाईदुर्ग / जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा खरीफ सीजन 2026 के दौरान कृषकों को सुचारू रूप से कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने हेतु निरंतर मैदानी स्तर पर समीक्षा एवं जांच की जा रही है। इसी कड़ी में पाटन विकासखंड के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा पर्याप्त खाद-बीज का सुव्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित किया गया है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई की गई है। कृषि एवं बीज निगम के अधिकारियों ने बताया कि आईएमएफएस (iMFS) पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक विकासखंड पाटन में इस वर्ष खरीफ 2026 में अब तक यूरिया 5556.78 मीट्रिक टन, एसएसपी 2763.07 मीट्रिक टन, पोटाश 1314.60 मीट्रिक टन, डीएपी 1105.05 मीट्रिक टन एवं एनपीके 1026.90 मीट्रिक टन का अद्यतन भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। गत वर्ष खरीफ 2025 की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष यूरिया में 959 मीट्रिक टन, एसएसपी में 460 मीट्रिक टन तथा पोटाश में 506 मीट्रिक टन का अधिक भंडारण दर्ज किया गया है। डीएपी की आंशिक कमी की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक एवं अधिक पोषक तत्वों वाले उर्वरकों जैसे एसएसपी (SSP), टीएसपी (TSP), एनपीके (NPK) और नैनो डीएपी के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित एवं वितरित किया जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और बीज निगम रूआबांधा के पास पर्याप्त मात्रा में खाद और लगभग 2790 क्विंटल बीज का बफर स्टॉक शेष है, जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की किल्लत की स्थिति नहीं है। इसी प्रकार, शासन की कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और वास्तविक हकदारों को लाभ दिलाने की प्रतिबद्धता के तहत ग्राम पंचायत कुर्मीगुण्डरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच दल द्वारा स्थानीय सरपंच एवं सचिव की उपस्थिति में डोर-टू-डोर (घर-घर) सघन भ्रमण कर भौतिक सत्यापन किया गया। इस निष्पक्ष जांच में शिकायत के दायरे में आए सभी 15 हितग्राहियों के पास पूर्व से ही स्वयं का पक्का मकान होना पाया गया। नियमों के अनुरूप पक्का मकान होने के कारण पात्रता की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर, जिला स्तरीय अपीलीय समिति के अनुमोदन और गहन परीक्षण के उपरांत इन सभी 15 आवेदकों को विधिवत अपात्र घोषित किया गया है, ताकि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिल सके। file photo
- दुर्ग / कृषकों को समय पर एवं गुणवत्तायुक्त व पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के वैज्ञानिक का हवाला देकर बताया कि धान की फसल के लिए खाद के रूप में एनपीके के विभिन्न ग्रेड जैसे 12:32:16 10:26:26, 16:16:16, 20:20:0:13, 20:20:00, 14:35:14, 28:28:00, 16:20:0:13, TSP इत्यादि को सर्वश्रेष्ठ और संतुलित खाद माना गया है। थान सहित किसी भी अन्य फसल के लिए तीन प्रमुख पोषक तत्व नाईट्रोजन (N). फास्फोरस (P) और पोटाश (K) अत्यंत अनिवार्य है। एनपीके खाद में ये तीनों तत्व एक निश्चित और संतुलित अनुपात में मिश्रित होते है। जबकि डीएपी (DAP 18:46:0) में केवल नाइट्रोजन (18%) और फास्फोरस (40%) होता है. इसमें पोटाश शून्य होता है। इसके विपरीत, एनपीके में तीनों मुख्य तत्व एक ही दाने में मौजूद होते हैं। धान के पौधों की प्रारंभिक वृद्धि, जड़ों के विकास, रोगों से लड़ने की क्षमता और दानों में चमक व वैजन बढ़ाने के लिए पोटाश (K) की अत्यंत आवश्यकता होती है। डीएपी डालने पर किसानों को अलग से म्युरेट ऑफ पोटाश (MOP) खरीदना पड़ता है, जबकि एनपीके डालने से पोटाश की आवश्यकता प्राकृतिक रूप से पूरी हो जाती है। साथ ही एसएसपी (SSP-सिंगल सुपर फास्फेट) भी धान के लिए एक बेहतरीन और वैज्ञानिक रूप से अनुशसित उर्वरक है। एसएसपी के उपयोग से फसल को न केवल फारफोरस मिलता है, बल्कि इसमें मौजूद सल्फर और कैल्शियम पौधों के संपूर्ण विकास, जड़ों की मजबूती और दानों के भराव में अत्यत सहायक होते है। आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए विभाग कृषकों को नैनो यूरिया (तरल) और नैनो डीएपी (तरल) के उपयोग की सलाह देता है। यह पारंपरिक बोरी वाले खादों की तुलना में अत्यधिक प्रभावी, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल तकनीक है। नैनो यूरिया का सीधे पौधों के पत्तों पर छिड़काव (फोलियर स्प्रे) करने से नाइट्रोजन सीधे पौधों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है. जिससे यूरिया की बर्बादी रुकती है और मिट्टी की सेहत बनी रहती है। नैनो डीएपी के उपयोग से पौधों में फास्फोरस और नाइट्रोजन की उपलब्धता बढ़ती है, जिससे फसल का शुरुआती उठाव (वानस्पतिक वृद्धि) और जड़ों का विकास अत्यंत तीव्र व सुदृढ होता है। इसके उपयोग से फसल की लागत में कमी आती है और उपज में वृद्धि होती है। यह भ्रति पूरी तरह निराधार है कि एनपीके केवल सब्जियों के लिए है। एनपीके, एसएसपी और नैनो उर्वरकों का संतुलित उपयोग धान के पौधों को असमय गिरने से बचाता है और ब्लास्ट (झुलसा रोग) जैसी बीमारियों के प्रति 'संवेदनशीलता को कम करता है नकली एवं घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये जिला स्तरीय उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज /उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। अब तक जिले के 135 निजी एवं सहकारी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में गडबडी, उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन करने जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर 07 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, एवं 06 विक्रय केन्द्रों पर उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्त्रोत समावेश किये बिना व अधिक मूल्य पर विक्रय करते पाये जाने पर उर्वरक जब्ती कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में भेजा गया है। वहीं 05 विक्रय केंद्रों में अमानक उर्वरक का विक्रय किये जाने के कारण विक्रय प्रतिबंद कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग सभी किसान भाइयों से अपील करता है कि खरीफ सीजन के दौरान धान की बोनी/रोपाई करते समय किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार या अफवाहों में न आए। एनपीके खाद धान की फसल के लिए न केवल पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से डीएपी की तुलना में अधिक संतुलित पोषण प्रदान करती है साथ ही हरी खाद (बेंचा, मूंग) नील हरित काई जैसे जैविक उर्वरकों का उपयोग कर भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ा सकते है। किसान भाई समितियों में उपलब्ध एनपीके स्टॉक का निसंकोच उठाव करें और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही खाद का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग / अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) हेतु ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाएंगे।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रवृत्ति के नवीनीकरण आवेदन के लिए पोर्टल 20 जून 2026 से तथा नवीन आवेदनों के लिए 01 अगस्त 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। विद्यार्थी निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नवीनीकरण आवेदनों की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तथा नवीन आवेदनों की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं स्वीकृति निर्धारित समयावधि में संस्थाओं एवं जिला स्तर पर किया जाएगा, ताकि छात्रवृत्ति राशि का वितरण जनवरी 2027 तक पूर्ण किया जा सके। योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित है। आवेदन के लिए स्थायी जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र, पिछले वर्ष की अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य होंगे। विद्यार्थी आवेदन करते समय अपने आधार सीडेड एवं सक्रिय बैंक खाते की जानकारी सही-सही दर्ज करें। छात्रवृत्ति राशि पीएफएमएस (PFMS) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाईम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। वर्ष 2026-27 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख (एचओआई) एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक अथेनटीकेशन किया जाना अनिवार्य होगा।
- -दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में नवजात को मिला नया जीवनरायपुर । जीवन और मृत्यु के बीच वेंटिलेटर पर सात दिनों तक चली एक मासूम की जंग आखिरकार डॉक्टरों के समर्पण और अथक मेहनत के आगे जीत में बदल गई। जिला अस्पताल दंतेवाड़ा के चिकित्सकों और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) स्टाफ ने अपनी कुशलता से एक नवजात बच्ची को नया जीवन दिया है, जो न केवल एक सफल उपचार की कहानी है, बल्कि अटूट कर्तव्यनिष्ठा और बेहतरीन टीमवर्क की एक मिसाल भी है। इस संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब गीदम विकासखंड के पदमेटा स्कूलपारा की रहने वाली मंजू अलामी ने बीते माह 10 मई को एक बच्ची को जन्म दिया। खुशियों के इस माहौल के बीच अचानक तब चिंता की स्थिति बन गई, जब जन्म के तुरंत बाद ही नवजात की तबीयत बेहद गंभीर हो गई। बच्ची को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी, शरीर में शुगर का स्तर लगातार गिर रहा था और उसे बार-बार झटके आ रहे थे। स्थिति इतनी नाजुक थी कि उसे किसी उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करना भी बेहद जोखिम भरा और जानलेवा साबित हो सकता था।ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाई और बच्ची को तुरंत विशेष नवजात देखभाल इकाई में भर्ती कर लिया। डॉक्टरों ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और अपनी विशेषज्ञता के भरोसे ही बच्ची का इलाज शुरू करने का साहसिक फैसला लिया। इसके बाद मासूम को लगातार सात दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने अपनी भूख-प्यास और नींद की परवाह न करते हुए चौबीसों घंटे उसकी निगरानी की। इस दौरान बच्ची की हर धड़कन और हर सांस पर पल-पल नजर रखी गई। चिकित्सकों की इस कड़ी तपस्या और बेहतरीन चिकित्सकीय प्रबंधन का असर सात दिनों बाद तब दिखाई दिया, जब बच्ची की हालत में सुधार होने लगा और उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया। हालांकि, पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसे डॉक्टरों की विशेष देखरेख में ही रखा गया। लगभग एक महीने तक चले इस लंबे उपचार और संवेदनशील देखभाल के बाद, 13 जून को बच्ची को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इस बड़ी कामयाबी पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि गंभीर अवस्था में भर्ती नवजात को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर सफलतापूर्वक नया जीवन देना जिला चिकित्सालय के नवजात चिकित्सा विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता डॉक्टरों के समर्पण और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लगातार बेहतर होते स्तर को दर्शाती है।
- रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।
- रायपुर। अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर बलौदाबाजार जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीम द्वारा औचक निरीक्षण व छापमारी की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार शुक्रवार को राज़स्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 10 हाइवा को जब्त किया गया।एसडीएम सिमगा ने बताया क़ि शुक्रवार को प्रातः 6 बजे सिमगा के जायसवाल फैमिली ढाबा के पास राजस्य एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हाइवा वाहन क्रमांक CG09JT3532, CGO9JQ9614, CGOJJC8879, CG2591429,CG25G 7400, CG0O9JT 9184, CG25N2896,CG25P9074, CGO9JT9614, CGO9J50181 एवं CG09JS6362 में रेत परिवहन करते पाया गया।उक्त वाहनों को रोककर परिवहन पास मांग किये जाने पर वाहन क्रमांक GGO9JS 6362 के द्वारा परिवहन पाल प्रस्तुत किया गया एवं शेष 10 वाहन चालकों द्वारा परिवहन पास सबंधी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।वाहन चालक वाहन का चाबी निकालकर मौके से फरार हो गये। टीम द्वारा पंचनामा तैयार कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के माध्यम से बच्चों को राज्य के चयनित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, आवासीय सुविधा, भोजन, गणवेश, लेखन सामग्री सहित अन्य आवश्यक खर्चों का वहन कल्याण मंडल द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को श्रम विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया, पात्रता एवं चयन संबंधी विस्तृत जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 जून 2026 से शुरू होगी तथा 3 जुलाई 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे।इच्छुक आवेदक श्रम विभाग के पोर्टल https://shramevjayate.cg.gov.in/shramik पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र, श्रमेव जयते ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र, श्रमेव जयते ऐप एवं पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
- -पीएम स्वनिधि योजना से बदली जिंदगी, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े हितग्राहीमहासमुन्द / प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जिले के छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं एवं स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत आसान ऋण सुविधा उपलब्ध होने से हितग्राहियों को अपने व्यवसाय को विस्तार देने, आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। जिले के अनेक लाभार्थी इस योजना का लाभ लेकर अपने कारोबार को नई पहचान दे रहे हैं तथा अपने परिवार के बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।योजना से लाभान्वित हितग्राही महासमुन्द के वार्ड क्रमांक 7 की निवासी श्रीमती राधा औसर बताती हैं कि उन्होंने अंडा विक्रय के छोटे से व्यवसाय से अपनी आजीविका की शुरुआत की थी। सीमित संसाधनों के कारण व्यवसाय का विस्तार करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना से प्राप्त ऋण ने उनकी राह आसान कर दी। उन्होंने अपने कारोबार को बड़े स्तर पर विकसित किया और बढ़ती आय के साथ साड़ी व्यवसाय भी शुरू कर दिया। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। इसी तरह श्रीमती मंजुला शर्मा ने भी योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वे बताती हैं कि योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने कार्य को व्यवस्थित और विस्तारित करने में मदद की, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और जीवन स्तर बेहतर हुआ।भलेसर निवासी श्री गोप कुमार तांडे ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपने तीन बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए किया। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दी और योजना से मिली सहायता ने उनके इस सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उनके बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो परिवार के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रही है।महासमुन्द की दिव्यांग हितग्राही सविता निषाद भी इस योजना से लाभान्वित होने वाली प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं। सविता बताती हैं कि पहले वे केवल चूड़ी विक्रय का छोटा व्यवसाय करती थीं, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना से प्राप्त सहायता ने उन्हें अपने व्यवसाय को नई दिशा देने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने चूड़ी व्यवसाय के साथ-साथ केक निर्माण एवं विक्रय का कार्य भी शुरू किया। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई और वे आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनीं।
- श्रमिकों के सशक्तिकरण की ओर मजबूत कदमरायपुर। श्रम विभाग, बीजापुर द्वारा कल सामुदायिक सांस्कृतिक भवन, बीजापुर में श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से एक भव्य श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 500 पंजीकृत एवं अपंजीकृत श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री भुवन सिंह चौहान पार्षद श्री हितेश साहनी, पार्षद श्री संजय गुप्ता वरिष्ठ नागरिक श्री घासीराम नाग सहित गणमान्य नागरिक सहित जिले भर से आए श्रमिक उपस्थित रहे। साथ ही श्रम पदाधिकारी श्री ओम ब्यास नेताम, श्रम निरीक्षक श्री सोपान काणेवार, कल्याण अधिकारी श्री गोपाल पटेल, कल्याण निरीक्षक सुजाता बेल्लमपल्ली तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मुकेश बघेल, आशीष बेलमपल्ली, विकास देवांगन, नीरज यादव, रेवती दुर्गम एवं ज्योति कावटी उपस्थित रहे। अतिथियों का श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मुख्य अतिथियों ने कहा कि श्रमिक देश और समाज की प्रगति की आधारशिला हैं। शासन द्वारा श्रमिकों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक तक पहुँचना आवश्यक है। उन्होंने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे श्रम विभाग में अपना पंजीयन अवश्य कराएँ, समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराते रहें तथा अपने परिवार एवं आसपास के पात्र श्रमिकों को भी विभागीय योजनाओं से जोड़कर सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने में सहयोग करें। सम्मेलन के दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। श्रमिकों को पंजीयन एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया, श्रमिक पहचान पत्र, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, प्रसूति सहायता, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता, औजार सहायता सहित अन्य योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही श्रमिकों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने हेतु मार्गदर्शन दिया गया।कार्यक्रम के दौरान 150 नए निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिससे वे शासन की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्र बन सके। इसके अतिरिक्त 280 पंजीकृत श्रमिकों को श्रमिक पहचान (लेबर) कार्ड वितरित किए गए। श्रमिकों को बताया गया कि श्रमिक पहचान पत्र उनके लिए शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, इसलिए इसका सुरक्षित रख-रखाव एवं समय पर नवीनीकरण आवश्यक है। सम्मेलन में उपस्थित लगभग 500 हितग्राहियों ने विभागीय योजनाओं के प्रति विशेष रुचि दिखाई तथा भविष्य में अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुँचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, श्रमिक अधिकारों, श्रम कानूनों एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल पंजीयन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को शासन की योजनाओं से जोड़कर उसके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए विभाग समय-समय पर श्रमिक सम्मेलन, जागरूकता शिविर, पंजीयन अभियान एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि जिले का कोई भी पात्र श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, श्रमिकों एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में सभी अतिथियों, उपस्थित श्रमिकों एवं सहयोगी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। यह सम्मेलन श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सफल पहल सिद्ध हुआ।
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बिलासपुर/आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए ऑनलाइन आवेदन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पात्र विद्यार्थी विभाग की वेबसाइट https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग बिलासपुर ने बताया कि जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा। छात्रवृत्ति पोर्टल नवीनीकरण आवेदन के लिए 20 जून 2026 तथा नवीन आवेदन के लिए 1 अगस्त 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवीनकरण आवेदन 30 जून, 30 सितंबर, 30 नवंबर एवं 30 दिसंबर 2026 तक तथा नवीन आवेदन 30 अगस्त, 30 सितंबर, 30 अक्टूबर एवं 30 दिसंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। छात्रवृत्ति की राशि पात्र विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में पीएफएमएस के माध्यम से सीधे जमा की जाएगी।विभाग ने विद्यार्थियों से आवेदन करते समय सक्रिय एवं आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी दर्ज करने तथा आवश्यक दस्तावेज जैसे आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र एवं पिछली परीक्षा की अंकसूची संलग्न करने की अपील की है। वर्ष 2025-26 से संबंधित विद्यार्थियों के लिए एनएसपी पोर्टल पर ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना भी आवश्यक होगा। साथ ही नवीन संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य किया गया है।












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