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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क किनारे किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निगम की रोका-छेका टीम द्वारा पावर हाउस चौक क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध रूप से संचालित फल ठेलों को हटाने की कार्रवाई की गई।
पावर हाउस चौक शहर का व्यस्ततम क्षेत्र होने के कारण यहां दिनभर वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। सड़क किनारे फल ठेले एवं अन्य अस्थायी दुकानें लगने से सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी तथा यातायात का दबाव बढ़ रहा था। इसे देखते हुए निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेलों को हटाया और आवागमन के लिए मार्ग को व्यवस्थित किया। निगम अधिकारियों ने बताया कि सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। संशोधित आदेश अनुसार शनिवार 5 सितम्बर 2026 को गोविंदा उत्सव के लिए केवल डोंगरगढ़ तहसील में एवं शनिवार 26 सितम्बर 2026 को गणेश विसर्जन के लिए डोंगरगढ़ तहसील को छोड़कर संपूर्ण जिले में तथा सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं बुधवार 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के लिए संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। घोषित स्थानीय अवकाश बैंकों एवं कोषालयों पर लागू नहीं होगा।
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नई सीवरेज लाइन से जोड़ा गया नेटवर्क, शेष स्थलों पर भी शीघ्र होगा सुधार कार्य
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नेहरू नगर में सीवरेज लाइन से संबंधित समस्या की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम द्वारा आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ किया गया है। निगम की तकनीकी टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में सीवरेज लाइन को नई लाइन से जोड़ते हुए आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे संबंधित क्षेत्र में सीवरेज की समस्या से राहत मिलने लगी है। वहीं, कुछ स्थलों पर तकनीकी एवं आवश्यक कार्य शेष हैं, जिन्हें भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।नगर निगम द्वारा बताया गया कि शेष कार्य पूर्ण होने के बाद नेहरू नगर क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था में और सुधार आएगा तथा नागरिकों को आगामी समय में समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। निगम की टीम द्वारा कार्य की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि सीवरेज संबंधी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जा सके।नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सीवरेज लाइन में कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अनुपयोगी सामग्री न डालें, ताकि सीवरेज व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। - -समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित रूप से बनाया गया दिव्यांग ऐश्वर्य का यूडीआईडी कार्डबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित ’कलेक्टर जनदर्शन’ जरूरतमंदों के लिए बड़ा संबल साबित हो रहा है। जनदर्शन में आज कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम देवरी ’द’ के अस्थिबाधित दिव्यांग छात्र ऐश्वर्य चैबे को मौके पर ही व्हीलचेयर प्रदान की गई। गौरतलब है कि ऐश्वर्य चैबे 80 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग है। व्हीलचेयर मिलते ही ऐश्वर्य और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।ऐश्वर्य चैबे के पिता श्री यशवंत कुमार चैबे ने बताया कि उनका पुत्र बचपन से ही चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ है। उसे कॉलेज आने-जाने, परिसर के भीतर जाने तथा दैनिक दिनचर्या के लिए दूसरों के सहारे की आवश्यकता पड़ती थी। वे अपने पुत्र की इस समस्या को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय अमले द्वारा आवेदन की औपचारिकताएं तेजी से पूरी कराते हुए ऐश्वर्य को तत्परता से व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई। इसके साथ ही साथ उनका यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान) कार्ड भी त्वरित प्रक्रिया से बनकर तैयार हो गया। व्हीलचेयर पाकर उत्साहित छात्र ऐश्वर्य चैबे ने कहा कि अब वह बिना किसी के सहारे अपने कॉलेज आ-जा सकेगा, कक्षाओं और परिसर में आसानी से पहुंच सकेगा और सुगमता से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेगा। जनदर्शन में मिली इस त्वरित सहायता और संवेदनशीलता से अभिभूत होकर दिव्यांग छात्र एवं उनके पिता ने जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
- -घरेलू जिम्मेदारियों से निकलकर स्वच्छता दीदी के रूप में शहर की तस्वीर बदल रहीं निशा बेगम, प्रधानमंत्री मोदी के अभियान को दे रही हैं आयामबालोद ।छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता का एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जो हर किसी के लिए मिसाल है। नगरपालिका बालोद के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत संचालित एम.आर.एफ. प्लांट में कार्यरत स्वच्छता दीदी निशा बेगम ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से साबित कर दिया है कि यदि हौसला बुलंद हो, तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।निशा बेगम का सफर इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अपने जीवन में किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत कर सकती हैं। कुछ साल पहले तक वे पूरी तरह से घरेलू कामों तक सीमित थीं। घर की साफ-सफाई, झाड़ू-पोछा करना और बच्चों की देखरेख ही उनकी दुनिया थी। लेकिन साल 2017 में उन्होंने ’मिशन क्लीन सिटी’ के अंतर्गत बतौर स्वच्छता कर्मी कदम रखा। शुरुआत में उनके लिए यह सब बिल्कुल नया था, यहाँ तक कि उन्हें साइकिल चलाना तक नहीं आता था। लेकिन समय के साथ उन्होंने हिम्मत जुटाई, रिक्शा चलाना सीखा और आज वे आत्मविश्वास के साथ घर-घर जाकर कचरा संग्रहण और प्रबंधन का कार्य संभाल रही हैं।निशा बेगम बताती हैं कि जब वे घर में थीं, तो उनकी दुनिया मोहल्ले तक सीमित थी। लेकिन स्वच्छता दीदी बनने के बाद वे बालोद के हर एक घर और हर एक गली को भली-भांति जानने लगी हैं। उनके कार्य की खूबी यह है कि वे कचरे को संग्रहित कर प्लांट में लाती हैं, जहाँ उसे गीले और सूखे कचरे में वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग छांटा जाता है। रेड्यूस, रियूस एवं रिसायकिल के मूलमंत्र पर काम करते हुए यह प्लांट पर्यावरण संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे पास जो चीजें चाहकर भी खरीदने के साधन नहीं हुआ करती थीं, आज इस कार्य से मिलने वाली आय से हम अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी और बेहतर शिक्षा दे पा रहे हैं। निशा बेगम इस बात का गहरा आभार व्यक्त करती हैं कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छता योजनाओं ने उनके और उनके जैसे तमाम परिवारों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाया है।आज बालोद नगर पालिका क्षेत्र में निशा बेगम जैसी महिलाएँ न केवल शहर को स्वच्छ और सुंदर बना रही हैं, बल्कि समाज में उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती हैं। उनकी यह मुस्कान और समर्पण भाव यह सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, बशर्ते उसे निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया जाए।
- बालोद । क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र गोंदिया (महाराष्ट्र) के द्वारा प्रायवेट सिक्यूरिटी एजेंसी एसआईएस लिमिटेड की ओर से जिले के 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार प्रदान करने रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने बताया कि आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत कर प्रशिक्षणोपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा गार्ड में रोजगार दिया जाएगा। जिसके अंतर्गत पंजीयन शिविर का आयोजन थाना परिसर डौण्डीलोहारा में 23 सितंबर, थाना डौण्डी में 24 सितंबर, थाना देवरी में 25 सितंबर, थाना अर्जुंदा में 26 सितंबर, थाना गुण्डरदेही में 28 सितंबर, चैकी परिसर संजारी में 29 सितंबर एवं थाना परिसर मंगचुवा में 30 सितंबर 2026 को सुबह 10.30 बजे से शाम 04 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को भर्ती से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
- -स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह से लिया हिस्सा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति का किया प्रदर्शनबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के प्रभावी नेतृत्व तथा सेवा संकल्प अभियान के नोडल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।’मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपने विचारों और कल्पनाओं को कागज पर उकेरा। वहीं भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से विद्यालयों में रचनात्मक एवं सकारात्मक वातावरण बना।प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिला। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जनभागीदारी और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विद्यालय स्तर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान के उद्देश्यों को गति मिली।
- समय-सीमा की बैठक में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देशबालोद । राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों और विभागीय तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों के चयन, गतिविधियों की रूपरेखा और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक गतिविधि का सुव्यवस्थित और प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई दे।बैठक में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानी’, ‘संगीतमय नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति गांव-गांव तक’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’, ‘सुशासन सेवा संवाद’ सहित विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की गई।कलेक्टर ने अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी और होमवर्क के साथ उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ‘सुग्घर छत्तीसगढ़’ और ‘सुशासन तिहार’ के दौरान अधिकारियों ने मेहनत और समर्पण के साथ कार्य किया है, उसी भावना से सेवा संकल्प अभियान को भी सफल बनाएं। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों और निर्णयों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा।कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियों का विस्तृत शेड्यूल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं, सेवाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री सुरेश साहू, श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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भिलाईनगर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजनान्तर्गत शासन के निर्देशों के अनुपालन एवं निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आज दिनांक 21.09.2026 को प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से नगर निगम सभागार कक्ष में स्ट्रीट वेंडर्स हेतु स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को अपने व्यवसाय स्थल एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था।इस अवसर पर स्ट्रीट वेंडर्स को खाद्य एवं व्यवसाय स्थल की नियमित साफ-सफाई, कचरे का उचित निपटान, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने तथा स्वच्छ एवं व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय संचालित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही स्वच्छता को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स उपस्थित रहे।नगर निगम द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स से अपील की गई कि वे स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करते हुए अपने व्यवसाय स्थल को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखें तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं। - राजनांदगांव । जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास कुमार सिंह बघेल ने प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मलईडबरी के प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे एवं कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 श्री संतोष कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगांव से शासकीय प्राथमिक शाला मलईडबरी के प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे के विरूद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन में 15 सितम्बर 2026 को शराब लेकर शाला में उपस्थित होना, संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयक द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना की सत्यता की पुष्टि होना, संबंधित से जानकारी लेने पर रिश्तेदार द्वारा शराब रखना स्वीकार करना, संबंधित के रिश्तेदार से बात करने पर शराब रखे जाने के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करना पाया गया है। यह कृत्य श्री रणजीत लाल धुर्वे के पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। साथ ही यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरित है। इस कृत्य के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव नियत किया गया है।इसी तरह विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ से कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 श्री संतोष कुमार यादव के विरूद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन में कार्यालयीन अनुशासन एवं शासकीय सेवक के आचरण के अनुरूप व्यवहार नहीं किये जाने के संबंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ द्वारा समय-समय पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर समझाइस एवं निर्देश देने, अनेकों बार शराब का सेवन कर कार्यालय में उपस्थित होकर अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने, कार्यालय स्टॉफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं अपशब्द व गाली-गलौज करने इसके अतिरिक्त अनेकों बार बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने, अनेक बार कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जाने के बावजूद भी अपने व्यवहार में सुधार नहीं लाना पाया गया है। यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरित है। इन कृत्य के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत सहायक ग्रेड 03 श्री संतोष कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगांव नियत किया गया है।
- - आकर्षक रंगोली और दीपों की रोशनी से जगमगाया नदी तट, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर हुआ परिसरराजनांदगांव । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के सांकरदाहरा में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध एवं धार्मिक आस्था स्थल सांकरदाहरा शिवनाथ नदी के किनारे स्थिति है। कार्यक्रम के दौरान नदी किनारे आकर्षक रंगोली सजाई गई और 7 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। हजारों दीपों के एक साथ प्रज्वलित होने से सांकरदाहरा का नदी तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। नदी किनारे सजाई गई रंगोली और दीपों की मनमोहक कतारों ने पूरे परिसर को आकर्षक एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के माध्यम से सांकरदाहरा में सामूहिक सहभागिता, आस्था और सेवा की भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। दीप प्रज्वलन के इस आयोजन ने क्षेत्रवासियों में उत्साह का संचार किया। नदी तट पर हजारों दीपों की रोशनी का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस मनोहारी पल को अपने कैमरों में भी कैद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन शामिल हुए।
- -किसानों के लगभग 30 एकड़ खेतों में सिंचाई की सुविधा-सोलर और बिजली के पंप लगाकर किसानी कर रहे एक दर्जन परिवारकोरिया ।कोरिया जिले के कदमनारा ग्राम पंचायत में एक पहाड़ी के नीचे जोबा पारा आश्रित ग्राम है। यंहा लगभग दो दर्जन आदिवासी परिवार निवासरत हैं। इसी पहाड़ी के नीचे बहने वाले नकटी नाले पर बने एक स्टॉपडेम से इन किसान परिवारो का जीवन बदल रहा है। उचित स्थल चयन के साथ बने एक स्टॉपडेम की मदद से जोबापारा के दर्जनभर किसान परिवार खुशहाली की राह पर बढ़ने लगे हैं। स्टॉपडेम से सिंचाई की सुविधा पाकर यंहा लगभग 30 एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा रही है।जोबापारा, कदमनारा ग्राम पंचायत में आश्रित ग्राम लगभग पहाड़ी पर बसा हुआ है। जिसके नीचे से नकटी नाले का बहाव है। यंहा की आबादी में आदिवासी परिवार बहुतायत में हैं। भूमि काफी ऊपर नीचे होने के कारण इन भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करना बेहद चुनौती भरा है। नाले में पानी रहने के बाद भी यंहा रहने वाले किसान परिवार अपने खेतों में सिंचाई के लिए हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन एक स्टॉपडेम ने सिंचाई की सभी मुसीबतें खत्म कर दी हैं।ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर जोबा पारा के किसानों ने नकटी नाले पर एक स्टॉपडेम बनाए जाने की मांग रखी। ग्राम सभा के निर्णय अनुसार मनरेगा के अंतर्गत यंहा एक स्टॉपडेम बनाए जाने के लिए 19 लाख रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए। ग्राम पंचायत की देखरेख में ही यह निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। अब इससे दर्जन भर किसान सीधे लाभ ले रहे हैं।गांव में रहने वाले किसानों ने बताया कि जब स्टॉपडेम निर्माण कार्य पूर्ण हो गया तो हमने सौर सुजला योजना से पंप लगा लिए हैं। अब सौर ऊर्जा संयंत्र से आसानी से ऊपर तक हर खेत में भरपूर पानी पंहुचा रहे हैं। साथ ही स्टॉपडेम में बिजली का पंप भी आवश्यकता अनुसार लगा सकते हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री दयाल साय ने बताया कि तेज बहाव होने से पहले नाले में पानी रोकना कठिन था लेकिन स्टॉपडेम से सब कुछ आसान हो गया है। अब नाले से गांव में तीस एकड़ खेतों में सिंचाई हो रही है। धान की फसल के बाद सभी किसान अपने खेतों में सब्जी और गेहूं की फसल भी लगाएंगे।स्टॉपडेम बनाए जाने से ग्राम जोबापारा में रहने वाले आदिवासी किसान धर्मपाल की 2 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। साथ ही राम सिंह के 2 एकड़, प्रभुदयाल के 1 एकड़, जोखन राम के 1 एकड़, श्री गणेश के डेढ़ एकड़, उमेश कुमार के 3 एकड़, दयाल साय के 5एकड़, करण साय के 3 एकड़, वंश गोपाल के 3 एकड़, किसान लोधे राम के 3एकड़,शेषमन के 2 एकड़ तथा दखल साय के 3 एकड़ खेतों में भरपूर पानी पंहुचा है। सभी किसान परिवार खुशहाली से आगामी फसलों की खेती की योजना बना रहे हैं।
- -202 घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन, महिलाओं का बचा समय, बढ़ी स्वच्छता और सुविधामहासमुंद। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर देश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प की यात्रा रही है। इसी सोच को धरातल पर साकार करती हुई योजनाएं आज गांवों में लोगों के जीवन को आसान बना रही हैं। महासमुंद जिले के उड़ीसा सीमा से लगे आदिवासी बहुल ग्राम झिटकी में जल जीवन मिशन ने पानी की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करते हुए ग्रामीणों के जीवन में ऐसा बदलाव लाया है, जिसे वे रोज अपनी आंखों से देख और महसूस कर रहे हैं। कभी दो हैंडपंप और दूर स्थित जोक नदी पानी का सहारा थे, आज उसी गांव के 202 घरों तक नल से पानी पहुंच रहा है।विकासखंड बागबाहरा का ग्राम झिटकी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर उड़ीसा सीमा से लगा हुआ गांव है। कुछ समय पहले तक गांव में पेयजल की व्यवस्था केवल दो हैंडपंपों पर निर्भर थी। गर्मी के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती थी। कई परिवारों को दूर स्थित जोक नदी से पानी लाना पड़ता था। पानी लाने की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कंधों पर था। घर के दूसरे जरूरी कामों के बीच पानी लाने में लगने वाला समय उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, परिवार के साथ समय और अन्य घरेलू कार्यों पर भी पड़ता था।झिटकी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजना के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया गया। 62.43 लाख रुपये की लागत से तैयार योजना में 40 किलोलीटर क्षमता और 12 मीटर स्टेजिंग वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया गया। इसके साथ ही 3196 मीटर पाइपलाइन बिछाकर ग्रामीणों के घरों तक पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 11 सितंबर 2026 का दिन ग्राम झिटकी के लिए विशेष बन गया। ग्राम की सरपंच श्रीमती कौशल्या पटेल एवं सचिव श्री कृष्ण चंद पटेल के प्रयासों से गांव में जल उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी अवसर पर झिटकी को हर घर जल घोषित किया गया। ग्रामीणों ने इसे वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या से मिली राहत के उत्सव के रूप में मनाया। नल से पानी मिलने की खुशी में श्रीमती मधुलिका दीवान एवं अन्य ग्रामीणों ने स्टैंड पोस्ट की पूजा की।ग्राम की हितग्राही श्रीमती मधुलिका दीवान पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए काफी परेशानी होती थी। दूर से पानी लाना पड़ता था और इसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में नल से पानी मिलने लगा है। पानी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो गई है और रोजमर्रा के काम आसानी से पूरे हो रहे हैं। उनकी बातों में पानी मिलने की सुविधा के साथ उस राहत की खुशी भी साफ दिखाई देती है, जो घर के आंगन में नल से पानी पहुंचने के बाद उनके जीवन में आई है।घरों के साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन में भी नल से पानी की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को सार्वजनिक संस्थानों में भी स्वच्छ पानी की सुविधा मिल रही है। स्कूल में पानी की उपलब्धता से बच्चों के लिए हाथ धोना और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आसान हुई हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों की देखभाल तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों में भी पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गांव में पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जल वाहिनियों की नियुक्ति की गई है। इनमें श्रीमती हीराबाई सेन, श्रीमती मधुलिका दीवान, श्रीमती सिया भाई दीवान, श्रीमती प्रियंका दीवान एवं श्रीमती सेवती सेन शामिल हैं। इनके माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस तरह झिटकी में केवल पानी पहुंचाने की व्यवस्था ही नहीं बनी, बल्कि जल की गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी में भी ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।आज झिटकी में नल से निकलती पानी की धार केवल पानी नहीं है। उसमें ग्रामीणों की वर्षों की परेशानी से मिली राहत, महिलाओं का बचा हुआ समय, बच्चों के लिए बेहतर स्वच्छता, परिवारों की बढ़ी सुविधा और भविष्य की नई उम्मीद दिखाई देती है। कभी जिन हाथों में पानी के बर्तन लेकर दूर जाने की मजबूरी थी, आज उन्हीं घरों के आंगन में नल से पानी पहुंच रहा है।
- -पोषण माह 2026 में बच्चों के विकास की निगरानी और देखभाल पर विशेष जोररायपुर। छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 के तहत बच्चों के समुचित विकास, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर परिवारों को जागरूक किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भी बच्चों के विकास की समय पर पहचान, उचित परामर्श और जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने की दिशा में सेवाभाव के साथ प्रयास किए जा रहे हैं।अभियान के माध्यम से अभिभावकों को बताया जा रहा है कि वे बच्चे की उम्र के अनुसार उसके सीखने, खेलने, प्रतिक्रिया देने और व्यवहार पर ध्यान दें। विकास में किसी प्रकार की देरी या चिंता दिखाई देने पर इंतजार न करें, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बात करें और स्वास्थ्यकर्मी से आवश्यक सलाह लें। जरूरत पड़ने पर बच्चे को विशेषज्ञ सेवा के लिए रेफर कराया जा सकता है।आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के विकास और पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है। ‘हर बच्चे के विकास में ध्यान देना जरूरी’ संदेश के साथ परिवारों को यह समझाया जा रहा है कि समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन बच्चों के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ पोषण माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और परिवार मिलकर बच्चों के स्वस्थ विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। यही निरंतर देखभाल और समय पर सहयोग ‘सेवा की कहानी’ को मजबूत करते हुए बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार कर रहा है।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ राजस्व अधिकारियों की अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त नवीन पदस्थापना की है। जारी आदेश अनुसार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अमीय श्रीवास्तव की नवीन पदस्थापना तहसील कार्यालय घुमका, अतिरिक्त तहसीलदार तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ में पदस्थ तहसीलदार श्री सोनित मोरिया की नवीन पदस्थापना तहसील कार्यालय कुमरदा में किया गया है। इसी तरह जिला राजनांदगांव में पदस्थ तहसीलदार श्री चितेश कुमार देवांगन की तहसील कार्यालय डोंगरगढ़, तहसील कार्यालय घुमका में पदस्थ नायब तहसीलदार व प्रभारी तहसीलदार घुमका श्री राम लखन चौहान की नवीन पदस्थापना तहसील कार्यालय राजनांदगांव, तहसील कार्यालय राजनांदगांव में पदस्थ सहायक अधीक्षक (भू-अभिलेख) व प्रभारी नायब तहसीलदार राजनांदगांव सुश्री दिव्या वैद्य की नवीन पदस्थापना भू-अभिलेख शाखा जिला कार्यालय राजनांदगांव में नवीन पदस्थापना की गई है।
- -भू-स्वामित्व योजना: कोरिया के अमृत लाल कुशवाहा के परिवार को मिला 288 वर्ग मीटर भूमि का पट्टारायपुर । कोरिया जिले के ग्राम अमहर निवासी श्री अमृत लाल कुशवाहा के परिवार को वर्षों से काबिज जमीन का अधिकार मिलने से खुशी का वातावरण है। गौरतलब है कि इस जमीन से रिश्ता एक-दो दशक का नहीं, बल्कि 100 वर्ष से अधिक पुराना है। उनके पूर्वज लंबे समय से यहां काबिज रहे और इसी जमीन को परिवार ने अपने जीवन का आधार बनाया। हालांकि, जमीन का पट्टा नहीं होने के कारण उनके पास अपने अधिकार का कोई ठोस दस्तावेज नहीं था।श्री अमृत लाल कुशवाहा बताते हैं कि भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत उनके पिता श्री जगलाल के नाम से 288 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा प्राप्त हुआ है। वे कहते हैं, “पहले कई सालों से हमारी जमीन का कोई आधार नहीं था। अब पट्टा प्राप्त हो गया है तो अच्छा लगता है।”योजना के अंतर्गत 100 वर्ष से अधिक समय से पूर्वजों के काबिज भूमि पर पट्टा प्रदान किया गया। इससे परिवार को अपनी जमीन के संबंध में विधिवत दस्तावेज प्राप्त हुआ है।अमृत लाल बताते हैं कि पट्टा मिलने से जमीन के अधिकार को लेकर परिवार को स्पष्टता मिली है। अब उनके पास ऐसा दस्तावेज है, जिसे वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रख सकते हैं।अपने परिवार को मिले इस अधिकार के लिए श्री अमृत लाल कुशवाहा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। 100 वर्षों से अधिक पुराना रिश्ता, अब दस्तावेज में दर्ज अधिकार, भू-स्वामित्व योजना ने अमृत लाल के परिवार को उनकी जमीन की पहचान दी है।
- -तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल-आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्यरायपुर ।राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं।चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा।चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। file photo
- -मूल्यांकन-चिन्हांकन से लेकर UDID, मेडिकल प्रमाण पत्र, पेंशन और सहायक उपकरण तक एक ही स्थान पर मिली सेवाएंरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों को आवश्यक सेवाएं, सुविधाएं और शासकीय योजनाओं का लाभ सहज एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में दुर्ग और उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आयोजित मूल्यांकन एवं चिन्हांकन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ा गया।दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों का आवश्यक मूल्यांकन एवं चिन्हांकन किया गया। पात्र हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं एवं सहायक उपकरणों से लाभान्वित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।इसी तरह उत्तर बस्तर कांकेर जिले में कोयलीबेड़ा, पखांजूर और बांदे जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर अनेक आवश्यक सेवाओं का लाभ मिला। शिविर में दिव्यांगजनों के तत्काल मेडिकल प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की कार्यवाही की गई। राशन कार्ड और बस पास से संबंधित जानकारी एवं मार्गदर्शन देने के साथ पेंशन योजनाओं के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की गई।शिविर में 6 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल एवं बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल वितरित किए गए। आवश्यक सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संबल मिला। सुविधाएं प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताया।इन शिविरों की खासियत यह रही कि दिव्यांगजनों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, पेंशन संबंधी कार्यवाही और सहायक उपकरण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। यह पहल दिव्यांगजनों तक योजनाओं की पहुंच आसान बनाने और उन्हें सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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रायपुर। इच्छाएं वर्षों से दबी हुई हो और परिस्थितियों के कारण उसे पूरा कर पाना असंभव हो। ऐसे कठिन समय मे उस इच्छा की पूर्ति हो जाने से जो खुशियां मिलती हैं। उसे शब्दों में कहना कठिन है। ठीक ऐसी ही कहानी है ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले 70 वर्षीय बैगा बालमचंद की, जिन्होने लंबे जीवन मे अपने लिए एक पक्के मकान का सपना देखा और वह सपना प्रधानमंत्री जनमन आवास ने पूरा कर दिया। इस खुषी की चमक अब बालमचंद की आंखों में साफ दिखाई देती है। एक आवास ने बैगा समुदाय से आने वाले बालम के जीवन के आखिरी पड़ाव को खुषियों से भर दिया है।
कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां के बैगा परिवार के मुखिया बालम के लिए कच्चा मकान ही जीवन का अंग था। वह जब से जानने लायक हुए उनके लिए हर बारिश और ठंड का मौसम परेशानी लेकर ही आता था। केवल मजदूरी से अपना जीवन यापन करने वाले इस आदिवासी परिवार के लिए कच्चे मकान से आगे कोई सोच नहीं सकता था। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास ने इनकी वर्षों पुरानी सोच को आकार दे दिया है।कच्चे घर में अपने पत्नी के साथ रहने वाले बालम के बच्चे बड़े होने के बाद उनसे अलग परिवारों के तौर पर रहने लगे। अवस्था बढ़ने के साथ उनके लिए पक्के मकान का सपना केवल सपना ही रहने वाला था। इसी संघर्षपूर्ण जीवन मात्र एक एकड़ खेतों में परंपरागत वर्षा आधारित फसल से थोड़ा सा अनाज पाने वाले बालम के लिए रोजी-रोटी का संघर्ष ही कठिन था। ऐसे में प्रधानमत्री जनमन आवास योजना से मिले पक्के मकान ने इस आदिवासी परिवार की जीवनषैली में बड़ा बदलाव ला दिया है।जनमन आवास ने पूरा किया सपनाग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले बैगा परिवार के मुखिया बालम ने कहा कि यह पक्का मकान उनके लिए सपनों के सच होने जैसा है। जनमन आवास बन जाने के बाद अपनी पत्नी के साथ पक्के आवास के लिए देष के प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए उन्होने कहा कि उम्र के आखिरी पड़ाव में उनका सपना सच हो गया हैै। वृद्धावस्था पेंशन, उज्जवला योजना के तहत सुरक्षित ईंधन और महतारी वंदन से मिल रहे आर्थिक लाभ से यह परिवार अब निश्चिंतता से जीवन यापन कर रहा है। - -लोक अदालत के अवसर पर दिव्यांग हितग्राहियों को वितरित किए गए सहायक उपकरणरायपुर । सेवा संकल्प के तहत जरूरतमंदों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लोक अदालत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संविलित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के साथ उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम में कुल 10 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 06 श्रवण यंत्र, 02 ट्राइसाइकिल और 02 छड़ियां शामिल हैं। सहायक उपकरण मिलने से हितग्राहियों को अपनी दैनिक गतिविधियों में सुविधा के साथ आवागमन और सामाजिक सहभागिता में भी सहूलियत मिलेगी।जिला न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने दिव्यांगजनों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांग हितग्राही को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सहायक उपकरणों का वितरण इसी सेवा भावना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो दिव्यांगजनों को सुविधा के साथ सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।
- -शीला कर्मा को मिली सहायता से बेहतर हुई जच्चा-बच्चा की देखभालरायपुर ।प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभान्वित सुकमा की श्रीमती शीला कर्मा को गर्भावस्था के संवेदनशील समय में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की, बल्कि भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास भी दिया।नगर पालिका परिषद सुकमा के देवी चौक निवासी श्रीमती शीला कर्मा को योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए किया। समय पर मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल बेहतर हुई और शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी परिवार को सहारा मिला।श्रीमती कर्मा बताती हैं कि आर्थिक आवश्यकता के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि उन्होंने अपने नवजात शिशु के सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में सहेजकर रखी है। उन्होंने कहा कि योजना ने मातृत्व के कठिन समय में परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।श्रीमती कर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचलों तक योजना का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य माताओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ गर्भावस्था और प्रसव के बाद होने वाले आर्थिक खर्च की आंशिक भरपाई करना है।
- -निःशुल्क बच्चेदानी के ऑपरेशन से मिली वर्षों पुरानी स्वास्थ्य समस्या से राहत, इलाज के खर्च की चिंता भी हुई दूररायपुर। बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम मुच्छमल्दा निवासी 53 वर्षीय श्रीमती मालती बंजारे लंबे समय से बच्चेदानी संबंधी स्वास्थ्य समस्या से परेशान थीं। बीमारी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चेदानी के ऑपरेशन (हिस्टेरेक्टॉमी) की सलाह दी।परिवार के सामने इलाज के खर्च को लेकर चिंता थी, लेकिन मालती बंजारे के पास आयुष्मान कार्ड होने से उपचार का रास्ता आसान हो गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली और आवश्यक जांच के बाद बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन किया गया। योजना के अंतर्गत उपचार मिलने से परिवार को इलाज के खर्च का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा।ऑपरेशन के बाद मालती की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में आवश्यक उपचार एवं परामर्श के बाद उन्हें स्वस्थ अवस्था में घर भेज दिया गया। मालती और उनके परिजनों ने आयुष्मान भारत योजना के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण समय पर आवश्यक उपचार मिल सका और इलाज के खर्च की चिंता से भी राहत मिली।प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के दौरान जरूरतमंद लोगों तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता के साथ शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर और आवश्यक उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पात्र परिवारों से आयुष्मान कार्ड बनवाने और उपलब्ध स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
- -किसानों के लगभग 30 एकड़ खेतों में मिली सिंचाई की सुविधा’रायपुर । कोरिया जिले के कदमनारा ग्राम पंचायत में एक पहाड़ी के नीचे जोबा पारा आश्रित ग्राम है। यंहा लगभग दो दर्जन आदिवासी परिवार निवासरत हैं। इसी पहाड़ी के नीचे बहने वाले नकटी नाले पर बने एक स्टॉपडेम बनने से इन किसान परिवारो का जीवन बदल रहा है। उचित स्थल चयन के साथ बने एक स्टॉपडेम की मदद से जोबापारा के दर्जनभर किसान परिवार खुशहाली की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। स्टॉपडेम से सिंचाई की सुविधा पाकर यंहा लगभग 30 एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा रही है।कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से संघर्षजोबापारा, कदमनारा ग्राम पंचायत में आश्रित ग्राम लगभग पहाड़ी पर बसा हुआ है। जिसके नीचे से नकटी नाले का बहाव है। यंहा की आबादी में आदिवासी परिवार बहुतायत में हैं। भूमि काफी ऊपर नीचे होने के कारण इन भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करना बेहद चुनौती भरा है। नाले में पानी रहने के बाद भी यंहा रहने वाले किसान परिवार अपने खेतों में सिंचाई के लिए हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन एक स्टॉपडेम ने सिंचाई की सभी मुसीबतें खत्म कर दी हैं।ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर जोबा पारा के किसानों ने नकटी नाले पर एक स्टॉपडेम बनाए जाने की मांग रखी। ग्राम सभा के निर्णय अनुसार मनरेगा के अंतर्गत यंहा एक स्टॉपडेम बनाए जाने के लिए 19 लाख रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए। ग्राम पंचायत की देखरेख में ही यह निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। अब इससे दर्जन भर किसान सीधे लाभ ले रहे हैं।सोलर पंप लगाकर सिंचाईगांव में रहने वाले किसानों ने बताया कि जब स्टॉपडेम निर्माण कार्य पूर्ण हो गया तो हमने सौर सुजला योजना से पंप लगा लिए हैं। अब सौर ऊर्जा संयंत्र से आसानी से ऊपर तक हर खेत में भरपूर पानी पंहुचा रहे हैं। साथ ही स्टॉपडेम में बिजली का पंप भी आवश्यकता अनुसार लगा सकते हैं।ग्राम पंचायत के सरपंच श्री दयाल साय ने बताया कि तेज बहाव होने से पहले नाले में पानी रोकना कठिन था लेकिन स्टॉपडेम से सब कुछ आसान हो गया है। अब नाले से गांव में तीस एकड़ खेतों में सिंचाई हो रही है। धान की फसल के बाद सभी किसान अपने खेतों में सब्जी और गेहूं की फसल भी लगाएंगे।स्टॉपडेम बनाए जाने से ग्राम जोबापारा में रहने वाले आदिवासी किसान धर्मपाल की 2 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। साथ ही राम सिंह के 2 एकड़, प्रभुदयाल के 1 एकड़, जोखन राम के 1 एकड़, श्री गणेश के डेढ़ एकड़, उमेश कुमार के 3 एकड़, दयाल साय के 5एकड़, करण साय के 3 एकड़, वंश गोपाल के 3 एकड़, किसान लोधे राम के 3एकड़,शेषमन के 2 एकड़ तथा दखल साय के 3 एकड़ खेतों में भरपूर पानी पंहुचा है। सभी किसान परिवार खुशहाली से आगामी फसलों की खेती की योजना बना रहे हैं।
- रायपुर ।सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उन योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सामने लाना भी है। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम पंचायत जामटिकरा की 34 वर्षीय श्रीमती रानु की कहानी इसी सेवा और संवेदनशीलता की एक मिसाल है।श्रीमती रानु ने बताया कि उनके परिवार में सात सदस्य हैं। आर्थिक परिस्थितियां सामान्य न होने के कारण उन्हें पर्याप्त पौष्टिक आहार मिलने में दिक्कत होती थी। गर्भावस्था से पहले वे अक्सर कमजोरी और थकान महसूस करती थीं। उनका वजन भी कम था और घरेलू काम करने में परेशानी होती थी। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें गर्भवती महिलाओं के लिए उपलब्ध ‘कोरिया मोदक’ के बारे में जानकारी मिली। लगभग छह माह की गर्भावस्था से उन्होंने नियमित प से कोरिया मोदक लड्डू का सेवन शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अपने स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस किया।रानु बताती हैं कि पहले उन्हें लगातार कमजोरी और थकान महसूस होती थी, लेकिन कोरिया मोदक के सेवन के बाद उनके स्वास्थ्य और वजन में सुधार हुआ। अब वे स्वयं को पहले की अपेक्षा अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करती हैं तथा छोटे-छोटे काम भी आसानी से कर पा रही हैं। उनके स्वास्थ्य में आए इस बदलाव से परिवार के सदस्य भी खुश हैं।सेवा से संबल, योजनाओं से बदलावश्रीमती रानु की कहानी यह दर्शाती है कि जब शासकीय योजनाओं व नवाचार की जानकारी और उनका लाभ जरतमंद हितग्राहियों तक समय पर पहुंचता है, तो उसका सीधा प्रभाव परिवार के जीवन पर दिखाई देता है। सेवा संकल्प अभियान ऐसे ही बदलावों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है ताकि हर पात्र व्यक्ति योजनाओं से जुड़े और स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में सहभागी बने।
- -भू-स्वामित्व योजना से ओमप्रकाश को मिला 2.5 डिसमिल भूमि का पट्टारायपुर । कोरिया जिले के ग्राम अंगा निवासी 36 वर्षीय श्री ओमप्रकाश साहू के परिवार की इस जमीन से पीढ़ियों पुरानी जुड़ाव रहा है। उनके पूर्वज 100 वर्ष से अधिक समय से इस जमीन पर काबिज रहे, लेकिन लंबे समय तक भूमि का पट्टा उपलब्ध नहीं था।अंगा निवासी श्री ओमप्रकाश बताते हैं कि भूस्वामित्व योजना के अंतर्गत उन्हें 2.5 डिसमिल जमीन का पट्टा प्राप्त हुआ है। वर्ष 2015-16 में योजना के तहत 100 वर्ष से अधिक समय से पूर्वजों के काबिज भूमि का पट्टा प्रदान किया गया।पट्टा मिलने से परिवार को अपनी भूमि के संबंध में एक वैधानिक दस्तावेज प्राप्त हुआ है। ओमप्रकाश के लिए यह दस्तावेज जमीन के अधिकार को स्पष्ट करने के साथ परिवार की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण आधार है। श्री ओमप्रकाश साहू ने इस योजना से मिले लाभ के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया। पीढ़ियों से काबिज जमीन को जब दस्तावेजी पहचान मिली, तो परिवार के लिए यह बदलाव विश्वास और सुरक्षा का आधार बन गया।



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