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- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।
- -मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों को मिल रहा सर्वोत्तम उपचार, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय-मृतकों व घायलों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग की घोषणा, मजिस्ट्रियल जांच के आदेशरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे.श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- -बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।
- -156 मानव दिवस में हुआ कार्य, नाले में लौटा 2 मीटर जलस्तररायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि एवं ग्रामीण समृद्धि के संकल्प को साकार करते हुए जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में पनारी नाले का मनरेगा के तहत सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है।कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में किए गए इस कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।इस कार्य के अंतर्गत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। नाले की गाद सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया तथा पूर्व निर्मित स्टॉप डेम की मरम्मत कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया।इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में नाले में लगभग 2 मीटर तक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के ग्रामीणों को हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों से सहजता से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की आवश्यकता भी इस जलस्रोत से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिली है।नाले के पुनर्जीवन से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान रबी-खरीफ फसलों के साथ-साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।ग्राम के कृषक अम्बेलाल, नंदलाल एवं रामधन द्वारा उत्पादित सब्जियों को चंद्रमेणा बाजार में विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान आत्मनिर्भर बनें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे उनके खेत-खलिहान तक पहुंचे। पनारी नाले का यह जीर्णोद्धार कार्य मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण एवं कृषि विकास—इन तीनों उद्देश्यों की एक साथ सफल पूर्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- -कच्ची झोपड़ी से पक्के सपनों तक, शासकीय योजनाओं ने बदली तक़दीररायपुर /सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही श्री माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया।इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर श्री कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है।वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत श्री कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है। इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज श्री माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।
- -युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं सक्रिय भागीदारी - मुख्यमंत्री-छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका - उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा-छत्तीसगढ़ के 430 युवाओं को मिला शासकीय सेवा का अवसर, प्रयोगशाला परिचारकों को सौंपे गए नियुक्ति पत्ररायपुर /छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- पक्का घर बनने से बदली जिंदगी, परिवार में आई खुशहालीरायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण हीरापुर निवासी हितग्राही प्रभा यादव हैं, जिनका पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है। प्रभा यादव बताती हैं कि वे सीमित आय वाले परिवार से हैं। उनके पति ट्रक की स्टील बॉडी निर्माण का कार्य करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है। दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ा सपना था, जिसे आर्थिक तंगी के कारण पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा था।उन्होंने बताया कि यदि वे स्वयं से मकान निर्माण करतीं, तो उन्हें कर्ज लेना पड़ता और लंबे समय तक ब्याज का बोझ उठाना पड़ता। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई और बिना आर्थिक दबाव के उन्हें पक्का एवं सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ।प्रभा यादव ने कहा कि पहले उनका परिवार असुरक्षित माहौल में रहता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से वे स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती हैं। उनके बच्चों को भी बेहतर वातावरण मिला है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिली है। प्रभा यादव की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव है।--
- 0- अब तक 4000 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 227 बैचों में 4000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 47 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- दुर्ग. सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में खंड 02 द्वितीय (चतुर्थ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों हेतु Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद निवारण) विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर "सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है" विषय पर भी विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष, जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश एवं मीडिएटर अधिवक्ता उपस्थित रहे।अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात न्यायाधीशों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।सेमिनार के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को संविधान एवं Alternative Dispute Resolution (ADR) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ADR क्या है, इसका उपयोग किन-किन परिस्थितियों में किया जाता है, यह क्यों आवश्यक है तथा इससे समाज को क्या लाभ प्राप्त होते हैं। इसके अंतर्गत लोक अदालत एवं मीडिएशन की प्रक्रिया, उनके महत्व एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही मीडिएशन की अवधारणा को महाभारत के प्रसंगों से जोड़कर भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड, उसके विभिन्न प्रकार एवं उससे बचाव के उपायों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने एवं उसका पालन करने की शपथ दिलाई गई तथा राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया एवं विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ तथा उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।--
- 0- बुद्धुभरदा में त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को मिली राहतराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके। इसी कड़ी में डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बुद्धुभरदा में निस्तारी मार्ग लंबे समय से बंद होने की शिकायत पर राजस्व विभाग द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए मार्ग को बहाल कर दिया गया है। ग्राम बुद्धुभरदा में अनावेदक यशवंत साहू एवं कोमल साहू द्वारा निजी भूमि पर सीमेंट के खंभे एवं तार लगाकर किसानों के निस्तारी मार्ग को लंबे समय से बंद कर दिया गया था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर समस्या के निराकरण की मांग की गई थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में संबंधितों द्वारा सीमेंट के खंभे एवं तार को मेड़ से हटा दिया गया, जिससे निस्तारी मार्ग पुन: सुचारू रूप से चालू हो गया है। मार्ग बहाल होने पर ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राहत की भावना जाहिर की है।
- अम्बिकापुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में 20 अप्रैल 2026 को AMBIKA TRUCKING (BHARAT BEZ) द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 10 पद टेक्निशीयन के है। जिसकी मासिक वेतन 10 हजार दिया जाएगा। जिसकी योग्यता इलेक्ट्रिशियन, मेकेनिक मोटर व्हिकल, मेकेनिक डीज़ल, आईटीआई उत्तीर्ण है। इच्छुक उम्मीदवार 20 अप्रैल 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में सुबह 10 बजे उपस्थित होकर कैम्पस प्लेसमेंट में भाग ले सकते है।
- 0- सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वादरायपुर। कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है। लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया।शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई।सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए।इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
- 0- पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा से बदल रही जरूरतमंदों की जिंदगीरायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं जिले के हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित इन योजनाओं से जिले में कुल 82 हजार 583 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं, जो सामाजिक सुरक्षा के मजबूत तंत्र को दर्शाता है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि सामाजिक सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बना रही हैं। उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने बताया कि विभाग की ये योजनाएं जशपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। इससे समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।यह पहल जिले में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जशपुर जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 16,509 बुजुर्गों को नियमित सहायता मिल रही है। वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 4,356 महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 656 दिव्यांगजन लाभान्वित हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 14,294 और सुखद सहारा पेंशन योजना से 4,407 हितग्राहियों को सहायता मिल रही है। सबसे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत हैं, जिसमें 40,244 लोग शामिल हैं। इसी प्रकार परिवार सहायता योजना के तहत 102 परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे संकट की घड़ी में उन्हें संबल मिला है। दिव्यांगजनों के लिए विभाग द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 180 विद्यार्थियों को सहायता दी गई है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से 5 हितग्राहियों को लाभ मिला, जबकि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 290 दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा दिव्यांगजन सामर्थ्य विकास योजना से 550 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं तथा ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ योजना के तहत 4 दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया गया है।जशपुर जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से अब तक 157 व्यक्तियों को नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा गया है। वहीं जशपुर नगर स्थित जनक वृद्धाश्रम में 12 वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवनयापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 782 वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिला है, जिससे उनके जीवन में संतोष और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति हुई है। इसी प्रकार मोटराइज्ड ट्राईसायकल प्रदाय योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान की जा रही है।--
- 0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में हुआ तेज़ी से विकास0- नारायणपुर मुख्यालय से 40 किमी दूर गारपा में 55 लाख की लागत से 48 परिवारों को मिला कनेक्शनरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।--
- 0- सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों से पेयजल, रोशनी और सिंचाई सुविधाएं हुई मजबूतरायपुर। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आमजन के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास की गति को नई दिशा मिली है। विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप अब लोगों को बुनियादी सुविधाएं अधिक सरलता और सहजता से उपलब्ध हो रही हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में स्थायी और सकारात्मक सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रेडा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में जल जीवन मिशन अंतर्गत जशपुर जिले में 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सिंचाई के लिए सस्ती एवं सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों की डीजल एवं बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान वर्षभर खेती कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। वहीं घर के समीप जल उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट योजना के तहत ग्रामों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाई मास्ट लगाए जा चुके हैं। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है। साथ ही, दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आई है। जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है वहां भी ये हाई मास्ट निर्बाध रूप से रोशनी प्रदान कर रहे हैं।कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों में 800 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
- 0- बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधाररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।इसी क्रम में बुधवार को रायपुर स्थित होटल बेबिलोन में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप देने हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे और डायरेक्टर श्रीमती संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए। परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू होगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।--
- रायपुर। कोरबा जिले में राशन वितरण कार्य में अनियमितता को लेकर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए कई उचित मूल्य दुकानों के संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। शिकायतों पर खाद्य विभाग द्वारा जांच कराई गई। जांच में ग्राम पंचायत कोरकोमा, खोड्डल एवं पटपरा की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई है उन संचालकों के विरूद्ध प्रथम सूचना प्रतिवेदन दर्ज कराया गया है।कोरकोमा स्थित दुकान में संचालक संस्था द्वारा लगभग 197.45 क्विंटल चावल एवं 22.82 क्विंटल नमक का व्यपवर्तन किया जाना सामने आया है। साथ ही लगभग 435 राशन कार्डधारियों को निर्धारित अवधि में राशन वितरण नहीं किया गया। इस मामले में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज किया गया है।इसी प्रकार खोड्डल की उचित मूल्य दुकान में 334.98 क्विंटल चावल एवं 6 क्विंटल शक्कर के व्यपवर्तन का मामला सामने आया है। यहां दुकान का नियमित संचालन नहीं होने एवं सीमित दिनों में ही वितरण किए जाने की शिकायतें भी सही पाई गईं। इस पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई की जा रही है।वहीं पटपरा (विकासखंड पाली) की दुकान में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में पाया गया कि लगभग 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होने के बावजूद उन्हें राशन वितरित नहीं किया गया। इस प्रकरण में संचालकों के विरुद्ध थाना पाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है । विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि मार्च 2026 में भंडारण में विलंब एवं एई-पीडीएस सर्वर मेंटेनेंस के कारण कुछ स्थानों पर समय पर वितरण प्रभावित हुआ।खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवितरित राशन के वितरण के लिए अप्रैल माह में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं तथा बैकलॉग वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।--
- 0- महिलाएं कर रहीं हैं 8 प्रकार के उत्पाद तैयार0- 1512 परिवार लघु वनोपज संग्रहण से चला रहीं हैं अपनी आजीविकारायपुर। वनधन योजना (Pradhan Mantri Van Dhan Yojana - PMVDY) ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव और आर्थिक सशक्तिकरण की एक माध्यम बन गई है। ट्राइफेड (TRIFED) और जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से, यह योजना स्थानीय वन उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन (value addition) के माध्यम से महिलाओं को उद्यमी बना रही है lजिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित कांकेर के अंतर्गत संचालित वनधन योजना ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इच्छापुर का हर्रा वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्र आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।वनधन विकास केन्द्र इच्छापुर की स्थापना के बाद मर्दापोटी कलस्टर के 17 गांवों के 2137 परिवार इससे जुड़े हैं। इनमें से 1512 परिवार लघु वनोपज संग्रहण के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।जिला प्रशासन द्वारा खनिज विकास निधि से मशीन, पैकेजिंग सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रसंस्करण केन्द्र का संचालन शुरू हो सका। इस केन्द्र का संचालन इंदिरा वन मितान स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।समूह की महिलाएं अब वनौषधियों का संग्रहण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग का कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है। वर्तमान में केन्द्र में हर्रा, बहेड़ा, त्रिफला, अश्वगंधा, सफेद मूसली, नीम, सतावरी और आंवला चूर्ण सहित 8 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानकों के अनुसार पैकेजिंग की जाती हैl महिलाओं को समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही आयुर्वेद विभाग और राज्य संघ द्वारा तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है।पिछले चार वर्षों में इस केन्द्र द्वारा 75 लाख 76 हजार 375 रुपये के वनौषधि उत्पाद तैयार कर कांकेर मार्ट को आपूर्ति की गई है। इससे समूह की प्रत्येक सदस्य को सालाना लगभग 35 से 40 हजार रुपये तक की आय हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि पहले वे मजदूरी पर निर्भर थीं, जिससे आय अनिश्चितता रहती थी। लेकिन अब समूह से जुड़कर उन्होंने आयुर्वेदिक उत्पाद बनाना शुरू किया और आत्मनिर्भर बन गई हैं।आज समूह की ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं। उनका बढ़ा हुआ आत्मविश्वास अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।--
- रायपुर।. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर और एनएचआईटी (NHIT) ने सामाजिक सरोकार की दिशा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तरपोंगी में विद्यार्थियों को निशुल्क पावर चश्मों का वितरण किया। गौरतलब है कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पूर्व में विद्यालय परिसर में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कुल 517 विद्यार्थियों की आंखों का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान जिन 42 बच्चों की दृष्टि कमजोर पाई गई थी, आज उन्हें उनकी आवश्यकता और निर्धारित पावर के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे सौंपे गए।एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि एनएचएआई का उद्देश्य केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि उन सड़कों पर चलने वाली अगली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बनाना है। हम चाहते हैं कि ये बच्चे बेहतर विज़न के साथ जीवन के हर पथ पर सुरक्षित और निडर होकर आगे बढ़ें। इस अवसर पर अधिकारी, कर्मचारी सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
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*0 फाइनल में हितेश मेहता को 3-0 से हराया*
*0 रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2ः स्व. सत्येन्द्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस एकल प्रतियोगिता का समापन*
*रायपुर।* रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. सत्येन्द्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस एकल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन हुआ। बुधवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में विनोद कुमार ने हितेश मेहता को 3-0 से एकतरफा पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।
फाइनल की शुरुआत से ही विनोद कुमार आक्रामक अंदाज में नजर आए। उनकी सटीक सर्विस, तेज रिटर्न और बेहतरीन फुटवर्क ने हितेश को दबाव में बनाए रखा। पहले सेट में विनोद ने लगातार 1-0 की बढ़त बनाते हुए मैच पर पकड़ बनाया। दूसरे सेट में हितेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन विनोद ने संयमित खेल दिखाते हुए यह सेट भी जीत लिया और बढ़त 2-0 कायम रखी। तीसरे सेट में भी उन्होंने मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और सीधे सेटों में 3-0 से जीत दर्ज कर खिताब पर कब्जा कर लिया। मैच के दौरान कई बार शानदार रैली देखने को मिली।
इससे पहले खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में हितेश मेहता ने विजय मिश्रा को कड़े संघर्ष में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वह मैच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पांच सेट तक चले मुकाबले में हितेश ने धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए निर्णायक सेट अपने नाम किया।
पूरे टूर्नामेंट में विनोद कुमार का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्होंने लगातार प्रभावशाली खेल दिखाते हुए खिताब जीता। वहीं उपविजेता हितेश मेहता ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। आयोजन समिति ने सभी खिलाड़ियों के खेलभावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मैच के निर्णायक निकष परमार, विकास शर्मा रहे। मैच के दौरान खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा व सह संयोजक शंकर चंद्राकर विशेष रूप से मौजूद रहे।
मैच के बाद रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव द्वय निवेदिता साहू व भूपेश जांगड़े ने विजेता विनोद कुमार व उपविजेता हितेश मेहता को प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी। -
रायपुर/ पंजाब नेशनल बैंक रायपुर मंडल द्वारा सूखा अनाज लेकर माना स्थित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम आकर अन्नदान किया गया। चांवल, दाल, खाने का तेल , आटा , दाल, सोया बड़ी, छोले, राजमा, आलू , कुकर , पी वी सी पाइप इत्यादि सामग्री दान में दिया गया । पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख श्री वीरेंद्र कुमार शर्मा ने परिसर का निरीक्षण किया उन्हें कुलदीप निगम वृद्धाश्रम की स्थापना से अब तक के सफर से अवगत कराया गया और सभी बुजुर्गों से सौजन्य भेंट करने के बाद उन्होंने आश्रम द्वारा बुजुर्गों की सेवा की सराहना करते हुए भविष्य में भी यथा संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया । इस अवसर पर विक्की गुप्ता , अक्षय निगम , वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम, सचिव बिमल घोषाल, वार्डन पारुल चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
- दुर्ग, 15 अप्रैल 2026। सुपेला थाना पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो बाइक भी बरामद की हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि कोसा नगर सुपेला निवासी रामेश्वर यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 अप्रैल 2026 की रात उसके घर के सामने खड़ी यामाहा चोरी हो गई। मामले में सुपेला थाना में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही मनीष दास बैरागी अपने साथियों के साथ क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की बाइक के साथ-साथ लक्ष्मी नगर क्षेत्र से एक और बाइक चोरी करना स्वीकार किया।पुलिस ने प्रकरण में धारा 112(2) बीएनएस जोड़ते हुए आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।गिरफ्तार आरोपी:मनीष दास बैरागी (21 वर्ष), साजन बैरागी (20 वर्ष) और लक्ष्य साहू (19 वर्ष), सभी निवासी अटल आवास, नेहरू नगर, सुपेला।बरामदगी:यामाहा एफजेड-एस मोटरसाइकिलCD डीलक्स मोटरसाइकिलपुलिस के अनुसार, आरोपी आर्थिक लाभ के लिए विभिन्न स्थानों से बाइक चोरी करते थे।सराहनीय भूमिका:इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव, सउनि राजीव उर्वसा, प्रधान आरक्षक नवीन सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र सूर्यवंशी और सुरेंद्र पटेल की अहम भूमिका रही।पुलिस की अपील:दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर लॉक कर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- -दुर्ग रीजन में 14.90 करोड़ रुपए की छूट, अभियान जारीबेमेतरा । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं किसानों को राहत देने के उद्देश्य से अभियान युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत अब तक तीनों जिलों के 48 हजार से अधिक सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में कुल 14 करोड़ 90 लाख 43 हजार रुपए की छूट प्रदान की जा चुकी है। योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल श्रेणी के निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं एवं कृषि उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।योजना के तहत अब तक 30,414 निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं, वहीं पात्र 29,886 सक्रिय उपभोक्ताओं में से लगभग 61 प्रतिशत ने पंजीयन पूर्ण कर लिया है, जिससे योजना के प्रति उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दुर्ग रीजन के 9 विद्युत संभागों में सर्वाधिक लाभ बेमेतरा संभाग (20,879) में मिला है। इसके अलावा साजा (6,221), अहिवारा (4,487), भिलाई पूर्व (4,397), बालोद (3,832), दुर्ग संधारण (2,561), पाटन (2,263), भिलाई पश्चिम (2,111) एवं दुर्ग शहर (1,976) संभागों के उपभोक्ता भी योजना से लाभान्वित हुए हैं। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 1 करोड़ 45 लाख 42 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए तीनों जिलों के 62 वितरण केंद्रों एवं 12 जोन में विशेष समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभागीय टीमें घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी एवं प्रक्रिया से अवगत करा रही हैं। उन्होंने अपील की है कि बीपीएल, एपीएल एवं कृषि श्रेणी के वे उपभोक्ता, जिनके 31 मार्च 2023 के पूर्व के बिजली बिल बकाया हैं, वे अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन में पहुंचकर इस योजना का लाभ उठाएं। बकाया बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं तथा बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में सहयोग दे सकते हैं।
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बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए एक राहतभरी खबर सामने आई है। शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) की ऑनलाइन प्रक्रिया की अंतिम तिथियों में वृद्धि कर दी गई है।
राज्य के शासकीय एवं अशासकीय आईटीआई, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक तथा जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय विशेष रूप से लाभकारी होगा। विभाग द्वारा बताया गया है कि बड़ी संख्या में लंबित ऑनलाइन आवेदनों को ध्यान में रखते हुए यह समयसीमा बढ़ाई गई है।नई निर्धारित तिथियां इस प्रकार हैं:• लंबित प्रस्ताव (Proposal) लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास को भेजने की अंतिम तिथि: 18 अप्रैल 2026• शासकीय संस्था/जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति आदेश (Sanction Order Lock) की अंतिम तिथि: 20 अप्रैल 2026• जिला कार्यालय द्वारा भुगतान हेतु राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि: 22 अप्रैल 2026विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्धारित तिथियों के बाद किसी भी प्रकार के ड्राफ्ट प्रस्ताव या स्वीकृति आदेश को लॉक करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होती है और विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी। सभी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे छात्रवृत्ति नियमावली के अनुसार समय पर प्रस्ताव एवं स्वीकृति आदेश भेजना सुनिश्चित करें। - रायपुर / बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन के संबंध में खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।खाद्य नियंत्रक, जिला बिलासपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह के खाद्यान्न के भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिले में संचालित 695 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में आबंटन के विरुद्ध 70 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न का भंडारण किया जा चुका है।विभाग ने बताया कि किसी भी उचित मूल्य दुकान में तीन माह के खाद्यान्न भंडारण हेतु स्थान की कोई समस्या नहीं आई है। साथ ही, एपीएल मद के चावल का बीपीएल मद में समायोजन या वितरण नहीं किया जा सकता, जिसका पालन किया जा रहा है।राशन वितरण प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों को तीन माह का राशन प्राप्त करने के लिए ई-पॉस मशीन में छह बार फिंगरप्रिंट सत्यापन करना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में अब तक 37 प्रतिशत हितग्राहियों को तीन माह का खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है तथा वितरण कार्य निरंतर जारी है। खाद्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-पॉस मशीन में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं है तथा एपीएल राशनकार्डधारियों के लिए मासिक आबंटन नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। जिले में राशन वितरण कार्य पूर्णतः व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।



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