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- -राजेश मूणत ने कहा — तिरंगा राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक और कांवड़ हमारी सनातन आस्था की जीवंत परंपरा, दोनों आयोजनों में दिखेगी अभूतपूर्व जनभागीदारी-जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से किया घर-घर संपर्क का आह्वान; महापौर मीनल चौबे बोलीं— रायपुर की धरती राष्ट्रप्रेम और शिवभक्ति के अनुपम उत्सव की बनेगी साक्षीरायपुर। राष्ट्रभक्ति के गौरव और सनातन आस्था की ऊर्जा से रायपुर पश्चिम को सराबोर करने वाले आगामी विशाल तिरंगा यात्रा एवं विशाल कांवड़ यात्रा के भव्य आयोजन को लेकर रविवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में दोनों आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा, संगठनात्मक तैयारियों, जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक में रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत, भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, जिला के पदाधिकारी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती कृतिका जैन, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री अर्पित सूर्यवंशी, समस्त मंडल अध्यक्षगण, पार्षदगण, एल्डरमैन, विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।बैठक में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक ओर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर निकलने वाली तिरंगा यात्रा को राष्ट्रगौरव के विराट उत्सव का स्वरूप देने का संकल्प दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर विशाल कांवड़ यात्रा को श्रद्धा, संस्कृति और जनभागीदारी का ऐतिहासिक आयोजन बनाने को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह रहा।तिरंगा केवल ध्वज नहीं, हमारी राष्ट्रीय चेतना और असंख्य बलिदानों की अमर पहचान है—राजेश मूणतबैठक को संबोधित करते हुए रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि तिरंगा यात्रा महज एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे सम्मान, समर्पण और कृतज्ञता की सार्वजनिक अभिव्यक्ति है। तिरंगे की प्रत्येक लहर हमें उन असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराती है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।उन्होंने कहा, “हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों से बना ध्वज नहीं है। यह भारत की आत्मा, हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, एकता, अखंडता और करोड़ों भारतीयों की सामूहिक चेतना का प्रतीक है। जब हजारों हाथों में एक साथ तिरंगा लहराता है, तब उसमें राष्ट्र की एकता और सामर्थ्य का विराट स्वरूप दिखाई देता है। हमारा प्रयास है कि रायपुर पश्चिम की तिरंगा यात्रा ऐसा ही ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत करे।”श्री मूणत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस यात्रा को किसी संगठन अथवा सीमित समूह का कार्यक्रम न मानते हुए इसे जन-जन का राष्ट्रोत्सव बनाया जाए। समाज के प्रत्येक वर्ग, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें इस गौरवपूर्ण आयोजन का सहभागी बनाया जाए।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर पश्चिम की सड़कों पर जब हजारों नागरिक हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकलेंगे, तब पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष से राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग जाएगा।आस्था की अविरल धारा है कांवड़ यात्रा—मूणतविशाल कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री मूणत ने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और कांवड़ यात्रा की परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति है।उन्होंने कहा कि रायपुर में निकलने वाली विशाल कांवड़ यात्रा में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बनाती है। इस वर्ष भी इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने की तैयारियां की जा रही हैं।श्री मूणत ने कहा, “एक ओर हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर हम भारत माता के प्रति अपना कर्तव्य और सम्मान व्यक्त करेंगे, तो दूसरी ओर कांवड़ उठाकर देवाधिदेव महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे। राष्ट्रभक्ति और शिवभक्ति के ये दोनों आयोजन रायपुर पश्चिम की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और जनशक्ति का अद्भुत उदाहरण बनेंगे।”उन्होंने कार्यकर्ताओं से आयोजन की छोटी से छोटी व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने तथा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।हर घर तक पहुंचे आमंत्रण, हर नागरिक बने राष्ट्रोत्सव का सहभागी—रमेश ठाकुरभाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि दोनों आयोजनों की सफलता का सबसे बड़ा आधार कार्यकर्ताओं का समर्पण और जनता की सहभागिता होगी।उन्होंने कहा, “कार्यकर्ता समाज और संगठन के बीच सबसे मजबूत सेतु है। हमें प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और घर तक पहुंचना है। तिरंगा यात्रा में अधिकाधिक नागरिकों को जोड़कर राष्ट्रप्रेम का ऐसा वातावरण निर्मित करना है, जो नई पीढ़ी के मन में भी मातृभूमि के प्रति गर्व और कर्तव्य का भाव जागृत करे।”श्री ठाकुर ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है। कार्यकर्ताओं को सेवा भाव के साथ व्यवस्था संभालनी होगी, ताकि यात्रा में सम्मिलित होने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज एवं सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।उन्होंने मंडल, वार्ड, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ स्तर के पदाधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप देने और जनसंपर्क अभियान को व्यापक बनाने का आह्वान किया।रायपुर की पहचान में राष्ट्रभाव और संस्कृति दोनों समाहित—मीनल चौबेरायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर की पहचान केवल तेजी से विकसित होते शहर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं, संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को सहेजने वाले शहर के रूप में भी है । उन्होंने कहा, “तिरंगा हमारे लिए गौरव है और सनातन संस्कृति हमारी आत्मा। तिरंगा यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं। मुझे विश्वास है कि रायपुर की जनता इन दोनों आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ सहभागी होगी और रायपुर की धरती राष्ट्रप्रेम एवं शिवभक्ति के अनुपम संगम की साक्षी बनेगी।”महापौर ने कहा कि आयोजन की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आयोजनों को सफल बनाने का आह्वान किया।कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां, जनसहभागिता पर विशेष जोरबैठक के दौरान दोनों आयोजनों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंडल एवं वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क बढ़ाने, नागरिकों को आमंत्रित करने और आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति के विराट जनोत्सव और कांवड़ यात्रा को शिवभक्ति एवं सनातन संस्कृति के विशाल लोकपर्व के रूप में आयोजित किया जाएगा।श्री मूणत ने अंत में कार्यकर्ताओं से कहा कि आयोजन की वास्तविक भव्यता भीड़ की संख्या में नहीं, बल्कि जनता के मन में जागृत होने वाले राष्ट्रभाव, आस्था और सामाजिक एकता में दिखाई देनी चाहिए।उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सेवा भाव के साथ जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि रायपुर पश्चिम की जनता की सहभागिता से दोनों आयोजन अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेंगे।
- -भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा की कांग्रेस नेताओं को खरी-खरी, कहा : नाम को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों के लिए बघेल व बैज माफी मांगें-पत्रकार वार्ता में अभ्यर्थियों के दस्तावेज दिखा टिकरिहा ने कहा : कांग्रेस बिना किसी तथ्य और जानकारी के युवाओं की मेहनत और योग्यता का अपमान कर रहीरायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) द्वारा हाल ही में जारी सब-इंस्पेक्टर परीक्षा के परिणामों पर कांग्रेस द्वारा खड़े किए जा रहे सवालों को पूरी तरह से भ्रामक, अनर्गल और युवाओं की मेहनत का अपमान करार दिया है। श्री टिकरिहा ने शनिवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दस्तावेज और अभ्यर्थियों के वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि युवाओं की मेहनत का मजाक उड़ाने और तथ्यहीन अनर्गल बयानबाजी करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज प्रदेश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री टिकरिहा ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से ही कांग्रेस नेता अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन से व्यथित होकर बेबुनियाद दावे कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अभ्यर्थियों के नामों (जैसे 'न्यूज', 'स्पेस रानी', 'तुफैल', 'हे राम' आदि) का हवाला देकर युवाओं का मज़ाक उड़ाया और भर्ती प्रक्रिया पर उंगली उठाई। श्री टिकरिहा ने स्पष्ट किया कि सीजीपीएससी ने आधिकारिक पत्र जारी कर पहले ही साफ कर दिया है कि अभ्यर्थियों के नाम उनके वैध दस्तावेजों (जैसे 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड) के आधार पर ही दर्ज हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान ही सफल अभ्यर्थियों के वीडियो प्ले करके मीडिया के सामने दिखाए गए, जिनमें अभ्यर्थी न्यूज कुमार प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनका वास्तविक नाम 'न्यूज़ कुमार प्रधान' (निवासी रायगढ़) है। 10वीं की अंकसूची में सरनेम दर्ज न होने और त्रुटि के कारण केवल 'न्यूज़' रह गया था, लेकिन उनके बाकी सभी दस्तावेज (आधार कार्ड आदि) पूर्णतः वैध हैं। अभ्यर्थी हे राम (पिता- दाताराम) ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत से मुख्य परीक्षा में सफलता पाई है और उनके नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री टिकरिहा ने अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र और आधार कार्ड के दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस बिना किसी तथ्य और जानकारी के युवाओं के चयन पर सवाल उठाकर उनकी वर्षों की मेहनत और योग्यता का अपमान कर रही है। पिछली भूपेश बघेल सरकार पर हमला बोलते हुए श्री टिकरिहा ने कहा कि कांग्रेस शासन के 5 सालों में परीक्षाओं में भारी भ्रष्टाचार हुआ था। वर्ष 2023 के सीजीपीएससी परिणाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उस समय टॉप 17 में चयन पाने वाले अधिकतर लोग अधिकारियों, नेताओं के रिश्तेदार, बेटे-बहू थे। कांग्रेस शासन में 5 सालों तक एसआई भर्ती को अटका कर रखा गया था और भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। श्री टिकरिहा ने कहा कि अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएँ और भर्तियाँ आयोजित कर रही है। पूर्व में अटकी भर्ती को बढ़ाकर 971 पदों पर एसआई भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई। वर्तमान में एएसआई और एसआई के 341 पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस आरक्षक भर्ती, शिक्षक भर्ती, महिला बाल विकास, हॉस्टल अधीक्षक तथा एआई क्षेत्र में निवेश के जरिए युवाओं को रोजगार के लगातार अवसर दिए जा रहे हैं।पत्रकार वार्ता के दौरान भाजयुमो के प्रदेश मंत्री विशाल पाण्डेय, युवा मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी वासु शर्मा, रायपुर जिला अध्यक्ष अर्पित सूर्यवंशी, ग्रामीण जिला अध्यक्ष पिंटू साहू, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनमोल तिवारी एवं सुनील शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- बालोद । जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 10 अगस्त 2026 को 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम की गोली खिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे एल उइके ने बताया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों, शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, मदरसों, निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, नर्सरी स्कूलों एवं अन्य संबंधित संस्थानों में आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार, एनीमिया की रोकथाम, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास तथा विद्यालय में उपस्थिति एवं सीखने की क्षमता में सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिले में 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को उनकी आयु के अनुसार एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम की गोली खिलाई जाएगी। दवा का सेवन प्रशिक्षित, निर्धारित सेवा प्रदाताओं की देखरेख में कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में 317444 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। 01 से 02 वर्ष आयु के बच्चों को आधी गोली पानी में मिलाकर चम्मच से पिलाई जाएगी, जबकि 02 से 19 वर्ष आयु के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ सेवन कराया जाएगा। इसके साथ ही जो बच्चे या किशोर-किशोरियां किसी कारणवश 10 अगस्त 2026 को कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के अवसर पर दवा खिलाई जाएगी। इस हेतु सभी संबंधित संस्थानों एवं मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे एल उइके ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं। साथ ही विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में अभियान के दौरान बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से कृमिनाशक दवा खिलाने से कृमि संक्रमण के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव होता है तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित विकास में सहायता मिलती है।
- दुर्ग / जिला दंडाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 उपधारा (2) सह पठित उपधारा 3 के अंतर्गत दिनांक 6 अगस्त 2026 को आदेश पारित कर अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े को तीन माह की कालावधि के लिये केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला दंडाधिकारी के आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा शुभम तागड़े को 8 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध किया गया है।ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े (उम्र-29 वर्ष), निवासी-मिलन चौक, कैम्प-02 भिलाई, थाना-छावनी, तहसील व जिला-दुर्ग (छ.ग.) थाना छावनी क्षेत्र का गुंडा-बदमाश है। वर्ष 2015 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण उसे निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया गया है। अनावेदक के विरुद्ध दुर्ग जिले के विभिन्न थानों में कुल 26 अपराध पंजीबद्ध हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के 06 अपराध, साथियों के साथ मिलकर अवैध राशि की मांग व मारपीट का अपराध, आर्म्स एक्ट के 07 अपराध, चोरी व नकबजनी के 10 अपराध, आबकारी एक्ट का अपराध, नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ और लूट का प्रकरण दर्ज है। विभिन्न थानों के अंतर्गत उसके विरुद्ध थाना छावनी में 17 अपराध, थाना जामुल में 03 अपराध, थाना खुर्सीपार में 03 अपराध, थाना नंदिनी में 01 अपराध, थाना दुर्ग कोतवाली में 01 अपराध तथा थाना भिलाई भट्टी में 01 अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं।
- दुर्ग / क्या हर विवाद का समाधान न्यायालय ही है? इसी प्रश्न का व्यवहारिक उत्तर लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की टीम ग्राम कुथरेल पहुँची, जहाँ सामुदायिक मध्यस्थता शिविर, विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। उद्देश्य स्पष्ट था - "विवाद बढ़ाएँ नहीं, संवाद से समाधान करें।"कार्यक्रम में सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधियों, पैरालीगल वालेंटियर्स तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा लकड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भूपेश कुमार बसंत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर ने ग्रामीणों को बताया कि छोटे-छोटे सामाजिक, पारिवारिक एवं स्थानीय विवादों का समाधान न्यायालय पहुँचने से पूर्व सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से आपसी संवाद, विश्वास और सहमति से किया जा सकता है।इस अवसर पर मीडिएशन 3.0 की जानकारी देते हुए बताया गया कि मध्यस्थता अब केवल वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया नहीं, बल्कि तकनीक-सक्षम, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन रही है। साथ ही प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थों की भूमिका एवं ग्राम स्तर पर विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सफल प्रयासों से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया।शिविर में अपराधमुक्त ग्राम, नशामुक्ति, टोनही प्रथा उन्मूलन, बाल संरक्षण, गुड टच-बैड टच, साइबर एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों पर भी सरल भाषा में जागरूकता प्रदान की गई। बच्चों एवं युवाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, शिक्षा, सकारात्मक जीवनशैली तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के पश्चात ग्राम पंचायत से बाजार क्षेत्र तक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें प्रचार वाहन के माध्यम से सामुदायिक मध्यस्थता, मीडिएशन 3.0, विधिक अधिकार, अपराध नियंत्रण एवं सामाजिक समरसता से जुड़े संदेश प्रसारित किए गए। रैली में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए एक स्वर में संदेश दिया - "विवाद बढ़ाएँ नहीं, संवाद से समाधान करें।"प्रचार वाहन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा, उद्देश्य एवं उपयोगिता पर केन्द्रित विशेष रूप से तैयार छत्तीसगढ़ी गीत भी प्रसारित किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीणों को संवाद, सहमति एवं आपसी समझ के जरिए विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का संदेश दिया गया।यह आयोजन केवल एक विधिक जागरूकता शिविर नहीं, बल्कि न्याय को चौपाल तक पहुँचाने, समुदाय को न्याय प्रक्रिया का सहभागी बनाने तथा संवाद आधारित, शांतिपूर्ण एवं समरस समाज के निर्माण की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। यही प्रयास विकसित भारत के लिए विवाद-मुक्त, जागरूक और न्याय-सशक्त ग्रामीण भारत की मजबूत नींव रखता है।
- - महाराष्ट्र मंडल की समिति ने पहली ही बैठक में तय की कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियां शुरूरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की नृत्य और शिल्पकला समिति गणेशोत्सव 2026 के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें मराठी और सनातन संस्कृति को प्रदर्शित करती नाट्य प्रस्तुति कार्यक्रम की प्राथमिकता होगी। महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने समिति के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपते हुए पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा है।नृत्य और शिल्पकला समिति की समन्वयक रचना ठेंगड़ी ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल की इस नई समिति की पहली बैठक में मंडल के सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार विशेष रूप से उपस्थित थे। महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित होने वाले 12 दिवसीय गणेशोत्सव के 11 दिन विविध प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में बच्चों और महिलाओं के लिए सांस्कृतिक मंचीय कार्यक्रम की जिम्मेदारी नृत्य और शिल्प कला समिति को सौंपी गई है।रचना के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा जल्द तैयार की जाएगी। कोशिश होगी कि कार्यक्रम में हर आयुवर्ग के प्रतिभागियों की प्रस्तुतियां हों, ताकि संस्कार से जुड़े संदेश बेहतर तरीके से युवाओं सहित समूचे समाज तक पहुंचे। धार्मिक उत्सव होने के कारण फिल्मी गीतों के चयन पर भी गंभीरता बरती जाएगी। बैठक में सोनाली एम. कुलकर्णी, स्मिता बल्की, अनिता लांगे, वर्षा राऊत, श्रेया टल्लू, शेखर क्षीरसागर, आशा बारेवार उपस्थित रहीं।
- -Gen-Z के अधिकारों का समर्थन, अभद्र भाषा पर जताई आपत्ति; वेब सीरीज में सेंसरशिप की वकालतरायपुर। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मनमोहन तिवारी का चर्चित किरदार निभाने वाले अभिनेता रोहिताश्व गौड़ रविवार को रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पहुना बनकर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने अभिनय सफर, मनमोहन तिवारी के किरदार के चयन से लेकर धारावाहिक की लोकप्रियता और बदलते मनोरंजन माध्यमों से जुड़े अनुभव साझा किए।रोहिताश्व गौड़ ने अपने लोकप्रिय किरदार मनमोहन तिवारी के चयन से जुड़ी कहानी साझा करते हुए बताया कि किस तरह यह किरदार उनके अभिनय सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। उन्होंने कहा कि ‘भाभी जी घर पर हैं’ को लगातार 11 वर्षों से दर्शकों का प्यार मिलने के पीछे इसकी सरल, सहज और पारिवारिक कॉमेडी प्रमुख वजह है। धारावाहिक की कहानी गली-मोहल्ले के आम जीवन और रोजमर्रा की परिस्थितियों से जुड़ी होने के कारण दर्शक इससे आसानी से खुद को जोड़ पाते हैं।रोहिताश्व गौड़ सातवें निर्मल पांडेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने रायपुर पहुंचे हैं। इसी दौरान उन्हें रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से रूबरू होने का अवसर मिला।अनीता-अंगूरी के किरदारों में बदलाव का भी पड़ा असररोहिताश्व गौड़ ने धारावाहिक में अनीता भाभी और अंगूरी भाभी के किरदार निभाने वाली अभिनेत्रियों में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक किसी किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री के बदल जाने से दर्शकों का उस किरदार के साथ बना भावनात्मक जुड़ाव प्रभावित होता है। कलाकार बदलने पर दर्शकों का किरदार से संपर्क कुछ हद तक टूटता है और इसका असर धारावाहिक की लोकप्रियता पर भी पड़ सकता है।हालांकि उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कलाकारों में बदलाव के बावजूद ‘भाभी जी घर पर हैं’ की विषय-वस्तु और इसके मूल किरदारों से दर्शकों का जुड़ाव आज भी बना हुआ है।Gen-Z के प्रदर्शन को बताया अधिकार, भाषा पर जताई आपत्तिवर्तमान समय में Gen-Z द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि अपनी मांगों और अधिकारों के लिए आवाज उठाना युवाओं का अधिकार है। हालांकि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों में भाषा और सामाजिक मर्यादा को लेकर विशेष ध्यान रखा जाता था। युवाओं को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए, लेकिन भाषा की गरिमा और सामाजिक संस्कारों का ध्यान रखना भी जरूरी है।वेब सीरीज में भाषा पर नियंत्रण और सेंसरशिप के पक्ष मेंवेब सीरीज को सिनेमा और टेलीविजन के बाद मनोरंजन का नया और प्रभावशाली माध्यम बताते हुए रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि इस माध्यम ने दर्शकों को मनोरंजन के नए विकल्प दिए हैं। हालांकि उन्होंने वेब सीरीज में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक भाषा को लेकर चिंता जताई और भाषा पर नियंत्रण तथा आवश्यक सेंसरशिप की जरूरत का समर्थन किया।आसिफ शेख से दोस्ती और धारावाहिक की यादें साझा कीं‘भाभी जी घर पर हैं’ में अपने लंबे सफर को याद करते हुए रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि इस धारावाहिक ने उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार देने के साथ कई अच्छे रिश्ते भी दिए। उन्होंने धारावाहिक में विभूति नारायण का किरदार निभाने वाले अभिनेता आसिफ शेख को अपना करीबी मित्र बताया और उनके साथ जुड़ी कई आत्मीय यादें साझा कीं।‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में रोहिताश्व गौड़ के साथ उनकी पत्नी रेखा गौड़ भी मौजूद रहीं।इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यादव, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा एवं राजेंद्र निगम, मिनल शर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुरानी, जाकिर घुड़सेना, चंदन साहू, संतोष साहू, नीरज मिश्रा और संजीव सिन्हा उपस्थित रहे।‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में रोहिताश्व गौड़ ने पत्रकारों के सवालों के सहज और रोचक अंदाज में जवाब दिए। कार्यक्रम में सिनेमा, टेलीविजन, अभिनय और बदलते मनोरंजन माध्यमों को लेकर सार्थक एवं आत्मीय संवाद हुआ।
- -पुसौर क्षेत्र में 1.92 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का वित्त मंत्री ने किया लोकार्पण एवं भूमिपूजनरायपुर । प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने शनिवार को रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर 1 करोड़ 92 लाख 7 हजार रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में आंगनबाड़ी भवन, मंगल भवन, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, खेल मैदान में अहाता और शेड निर्माण जैसे जनोपयोगी कार्य शामिल हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गांवों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसकी सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पुसौर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया है, वे सीधे ग्रामीणों की आवश्यकताओं से जुड़े हैं। आंगनबाड़ी भवनों से बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों से विद्यार्थियों के लिए अध्ययन-अध्यापन की सुविधाएं बढ़ेंगी, वहीं मंगल भवन, सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक मंच ग्रामीणों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होंगे।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की गति को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ ऐसी अधोसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे ग्रामीणों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।पुसौर क्षेत्र के ग्राम पंचायत लारा में 7.25 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा डीपापारा में 31.55 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन दोनों कार्यों की कुल लागत 38.80 लाख रुपये है। मंगल भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।इसी क्रम में ग्राम लोहाखान में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 10.27 लाख रुपये की लागत से शासकीय प्राथमिक शाला में दो अतिरिक्त कक्ष तथा 31.55 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों की कुल लागत 56.17 लाख रुपये है। आंगनबाड़ी भवन से बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जबकि अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा।ग्राम देवलसुर्रा में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन तथा 5.50 लाख रुपये की लागत से बीच बस्ती में सांस्कृतिक मंच निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इससे बच्चों के लिए बेहतर आंगनबाड़ी सुविधा उपलब्ध होने के साथ ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान मिलेगा।वहीं ग्राम दर्रीपाली में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 13.10 लाख रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड में अहाता निर्माण तथा 10.27 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों की कुल लागत 37.72 लाख रुपये है। क्रिकेट ग्राउंड में अहाता निर्माण से खेल मैदान को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी, जबकि अतिरिक्त कक्ष से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।ग्राम पंचायत महलोई में 15.18 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। यह भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सार्वजनिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा। इसके साथ ही महलोई में उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया गया। इससे स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को सुविधा मिलेगी।वहीं ग्राम आरमुड़ा में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। भवन के निर्माण से गांव के बच्चों को आंगनबाड़ी की बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध होगी।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा और दीर्घकालिक लाभ ग्रामीणों को मिले। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने में सहयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि पुसौर क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी ग्रामीणों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।इस अवसर पर जनपद पंचायत पुसौर की अध्यक्ष श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्री ब्रजेश गुप्ता, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती हेमालिनी प्रकाश गुप्ता, जनपद पंचायत सदस्य श्री कृष्ण प्रधान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -मिशन एजुकेशन के स्टेशनरी दान अभियान से जुड़े श्री अग्रवालरायपुर ।आज लखनपुर में जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उनकी पढ़ाई में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मिशन एजुकेशन द्वारा संचालित स्टेशनरी दान अभियान में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का दान कर इस सराहनीय पहल को अपना समर्थन दिया।मिशन एजुकेशन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों तक पढ़ाई में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। अभियान के तहत कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, ज्यामिति बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। किसी बच्चे की पढ़ाई में किया गया सहयोग केवल एक वस्तु का दान नहीं, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर किसी बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।श्री अग्रवाल ने मिशन एजुकेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने का यह प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को पढ़ने, बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का अधिकार है। किसी बच्चे की शिक्षा में हमारा छोटा-सा योगदान उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
- -नारायणपुर में आत्मसमर्पित 50 युवाओं के लिए 70.68 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मंजूर-शांति और समृद्धि की नई भोररू 13 आत्मसमर्पितों को मिले 24.30 लाख रुपए के चेकरायपुर। हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के जीवन में नया उजियारा लाने की दिशा में नारायणपुर जिले ने एक और मील का पत्थर हासिल किया है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 पूर्व कैडर के लिए कुल 70 लाख 68 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इसी पहल के तहत 07 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष एवं कलेक्टर ने 13 आत्मसमर्पित युवाओं को उनके द्वारा समर्पित हथियारों के एवज में 24 लाख 30 हजार 600 रुपए की प्रोत्साहन राशि ससम्मान वितरित की।छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति भटक चुके युवाओं को भयमुक्त और स्वावलंबी जीवन जीने का सुअवसर प्रदान कर रही है। आत्मसमर्पण करने वाले नागरिकों को रोजगार, स्वरोजगार तथा वित्तीय सहायता के माध्यम से स्थायी रूप से समाज की प्रगति से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे अपने और अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित भविष्य गढ़ सकें।कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर नारायणपुर ने आत्मसमर्पितों का सहर्ष स्वागत करते हुए उन्हें शासकीय योजनाओं का पूर्ण लाभ उठाकर गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंसा छोड़ विकास का मार्ग अपनाना क्षेत्र में शांति, खुशहाली और प्रगति का नया अध्याय लिख रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि शेष पात्र हितग्राहियों को भी जल्द ही नियमानुसार स्वीकृत राशि प्रदान की जाएगी। जिले में शांति, विश्वास और पुनर्वास के इस दौर से क्षेत्र में खुशहाली का नया माहौल बन रहा है।
- -प्राथमिक इलाज के बाद विशेषज्ञ देखभाल के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गयारायपुर। धमतरी वन परिक्षेत्र के गंगरेल वन क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले एक भारतीय अजगर (पायथन मोलुरस) को वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। धमतरी में प्राथमिक उपचार देने के बाद अजगर को बेहतर इलाज और निरंतर निगरानी के लिए रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य सुधर रहा है।मामला 8 अगस्त का है, जब गंगरेल के जंगल में एक विशालकाय अजगर को लहूलुहान अवस्था में देखा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने सर्प मित्र नीरज पांडेय के सहयोग से अजगर का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से धमतरी वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी, धमतरी और डिप्टी रेंजर की मौजूदगी में पशु चिकित्सक ने अजगर की चिकित्सकीय जांच की। परीक्षण के दौरान अजगर के सिर, पूंछ और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव पाए गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उस पर भारी पत्थर या किसी कठोर वस्तु से जानबूझकर हमला किया था।डॉ. मयंक पटेल द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार देने और आवश्यक दवाएं प्रदान करने के बाद अजगर की स्थिति स्थिर हुई। डिप्टी रेंजर ने बताया कि अजगर के घाव गहरे हैं, इसलिए उसे उच्च स्तरीय देखभाल और निरंतर विशेषज्ञ निगरानी की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से शनिवार रात को अजगर को राजधानी रायपुर के जंगल सफारी स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम उसकी रिकवरी पर नज़र बनाए हुए है।वन विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी घायल या भटकता हुआ वन्यजीव दिखने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं और न ही स्वयं पकड़ने का प्रयास करें। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, क्योंकि वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।
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-महिला आयोग सदस्य ने सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का किया निरीक्षण
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती दीपिका शोरी ने दंतेवाड़ा स्थित सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का आकस्मिक निरीक्षण कर महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों और उन्हें मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सखी सहेली सेंटर (वन स्टॉप सेंटर) और नारी निकेतन दोनों ही संकट में फंसी महिलाओं की मदद करने वाली सरकारी संस्थाएं हैं। सखी सेंटर महिलाओं को तत्काल चिकित्सा, कानूनी सलाह, काउंसलिंग और कुछ दिनों का अस्थायी आश्रय देता है। वहीं नारी निकेतन लंबे समय के सुरक्षित आवास और पुनर्वास के लिए एक स्थायी आश्रय गृह है।श्रीमती शोरी ने सखी सहेली सेंटर और नारी निकेतन का निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। त्वरित और निःशुल्क सहायता तथा न्याय उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिन मामलों में कोई समस्या या बाधा हो, उन्हें तुरंत महिला आयोग के संज्ञान में लाया जाए। श्रीमती दीपिका शोरी ने नारी निकेतन में रह रही महिलाओं से बातचीत कर स्वास्थ्य, भोजन, रहन-सहन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। महिलाओं ने उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती शोरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी देना समय की जरूरत है। जागरूक और शिक्षित बालिका आगे चलकर आत्मनिर्भर और सशक्त महिला बनती है, जो परिवार और समाज दोनों को मजबूत बनाती है।श्रीमती दीपिका शोरी ने कहा कि बालिकाओं को बचपन से ही शिक्षा के साथ कानूनी जानकारी और आत्मविश्वास देना जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी गलत व्यवहार का साहसपूर्वक विरोध कर सकें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और सहायता योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इससे महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें न्याय तथा संरक्षण से जुड़ी शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर की चर्चा-संकट की इस घड़ी में असम के भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मानवीय संवेदना और अंतरराज्यीय सहयोग की भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि असम में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।
- -तीन बहनों का एक साथ मेडिकल में चयन पूरे प्रदेश के लिए है प्रेरणादायी उदाहरण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर। कबीरधाम जिले के नेउर गाँव की तीन प्रतिभाशाली बहनों किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने इस वर्ष नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज नेउर गाँव पहुंच, तीनों छात्राओं से उनके घर पर मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की माता श्रीमती भगवती महोबिया और पिता श्री राम महोबिया एवं परिजनों से भी मुलाकात की तथा तीनों बेटियों की इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार को बधाई दी और कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना न केवल पूरे परिवार के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि क्षेत्र और जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि एक ही घर में रहकर तीन बहनों का एक साथ नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और सफलता हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों बहनों की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने गाँव या घर पर रहकर सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, नीट परीक्षा की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तथा अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें और माता-पिता व परिवार के सपनों को अपने कार्यों और उपलब्धियों से पूरा करें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।तीनों बहनों ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से नीट परीक्षा की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों एक-दूसरे का सहयोग करती रहीं और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयासरत रहीं। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि दो बहनों ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। जबकि बड़ी बहन किरण ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है।
- -विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 26 सप्ताह के शिशु के आकार के ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड का सफल ऑपरेशन कर महिला को दिया नया जीवनरायपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर जिले में उपलब्ध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उत्कृष्टता का परिचय दिया है। विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड (ट्यूमर) का सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद दी।प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो ने बताया कि यह ट्यूमर ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड था, जो कैंसर नहीं होता है। यह सामान्य फाइब्रॉयड की तरह गर्भाशय के भीतर न होकर गर्भाशय के बाहर बांई ओर स्थित था। इसका आकार लगभग 26 सप्ताह के शिशु के समान था। ट्यूमर के आसपास मूत्रवाहिनी (यूरेटर) तथा प्रमुख रक्त वाहिकाएं होने के कारण इसकी सर्जरी अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।उन्होंने बताया कि महिला की यूएसजी एवं सीटी स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय कैंसर की संभावना व्यक्त की गई थी, जिसके आधार पर स्टेजिंग लैप्रोटॉमी की योजना बनाई गई थी। लेकिन ऑपरेशन के दौरान पेट में चीरा लगाने के बाद स्पष्ट हुआ यह कैंसर नहीं, बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी एवं दक्षता के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के उपरांत गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय एवं ट्यूमर के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है तथा वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में नियमित रूप से जटिल स्त्री रोग संबंधी शल्य चिकित्साएं आधुनिक तकनीकों एवं मानक उपचार पद्धतियों के अनुरूप की जा रही हैं। इससे जिले एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को उच्चस्तरीय विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो रहा है।
- 9 से 17 अगस्त तक जिलेभर में होंगे विविध आयोजननगरीय निकायों, जनपद एवं ग्राम पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रमकलेक्टर ने की तिरंगा अभियान में भागीदारी की अपीलबिलासपुर/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले में ‘हर घर तिरंगा’ एवं ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आयोजन की तैयारियों के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए सभी कार्यक्रमों का व्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।राज्य शासन के संस्कृति विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 7 से 15 अगस्त तक वंदे मातरम् तथा 9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले के सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।तिरंगा यात्रा, रैली और मैराथन से गूंजेगा देशभक्ति का संदेशहर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत जिले में तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैलियां, साइकिल-बाइक-कार रैली, तिरंगा दौड़ एवं मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, पुलिस विभाग, खिलाड़ियों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली तिरंगा यात्राओं में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।तिरंगा कॉन्सर्ट से लेकर तिरंगा मेला तक होंगे आयोजनअभियान के तहत तिरंगा कॉन्सर्ट, तिरंगा कैनवास, तिरंगा प्रतिज्ञा, तिरंगा सेल्फी और तिरंगा सम्मान जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों, वीरों तथा उनके परिवारों को कार्यक्रमों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा तिरंगा मेलों का आयोजन कर स्थानीय कारीगरों और स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों पर झंडे, वस्त्र एवं अन्य सामग्री के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।स्कूल-कॉलेजों में देशभक्ति गीत, भाषण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमजिले के स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, भाषण, विचार गोष्ठी, संगोष्ठी, छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों के बैंड द्वारा वंदे मातरम् से संबंधित संगीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 14 अगस्त को ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित प्रदर्शनी तथा सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति भी होगी।15 अगस्त को विशेष आयोजन, ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होगा सामूहिक गायनस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जिला मुख्यालय से लेकर जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर तक ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगीत एवं वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। जिले के प्रमुख स्थलों, शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर समयबद्ध ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अभियान में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता हो और हर घर तिरंगा अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप दिया जाए। जिले के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे हर घर तिरंगा अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और देशभक्ति की भावना के साथ अभियान को सफल बनाएं।
- बिलासपुर/किसी भी बेटी के सपनों को नई उड़ान देने के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यालय तक सहज पहुंच भी उतनी ही आवश्यक होती है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना इसी सोच को साकार कर रही है। यह योजना बेटियों को केवल साइकिल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, समय की बचत और शिक्षा की नई दिशा भी दे रही है। जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, चकरभाठा की कक्षा 9वीं की छात्रा हंसिका नेताम इसकी जीवंत मिसाल हैं।हंसिका बताती हैं कि पहले विद्यालय आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी होती थी। घर से स्कूल की दूरी तय करने में अधिक समय लग जाता था। कई बार समय पर विद्यालय पहुंचना भी चुनौती बन जाता था, जिससे पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ता था। प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने से थकान भी महसूस होती थी। सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद हंसिका की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई। अब वे कम समय में आसानी से विद्यालय पहुंच जाती हैं। पहले जहां स्कूल पहुंचने में काफी समय लगता था, वहीं अब घंटों की दूरी कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। समय की बचत होने से उन्हें पढ़ाई, गृहकार्य, खेलकूद तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह पहले से कहीं अधिक हो गया है।हंसिका कहती हैं कि साइकिल मिलने से उन्हें आत्मनिर्भर होने का एहसास हुआ है। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए स्वयं विद्यालय आती-जाती हैं। इससे उनके परिवार को भी राहत मिली है और वे शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ’’सरस्वती साइकिल योजना’’ के अंतर्गत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा बीपीएल परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। यह योजना विद्यालय तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बालिकाओं के आत्मविश्वास, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी नई गति प्रदान कर रही है। हंसिका जैसी हजारों छात्राओं के लिए यह योजना उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से प्रमुख पड़ावों पर भोजन, विश्राम, स्वास्थ्य और पेयजल की व्यवस्था-अमरकंटक का मृत्युंजय आश्रम बना कांवड़ यात्रियों का प्रमुख सेवा केंद्र-बोल बम के जयघोष के बीच हजारों शिवभक्तों की यात्रा को सुगम बनाने में जुटे सेवा केंद्र और स्वयंसेवकरायपुर / सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा पर निकलने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक सेवा व्यवस्था की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल से अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम सहित अमरकंटक से भोरमदेव तक के प्रमुख पड़ावों पर शिवभक्तों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मृत्युंजय आश्रम में अमरकंटक पहुंचने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के ठहरने तथा भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां भंडारा, प्रसादी और नाश्ते की सेवा निरंतर जारी है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवा केंद्रों पर स्वयंसेवक लगातार तैनात रहकर उनकी सहायता कर रहे हैं।अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर कबीरधाम की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के समूहों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। कंधों पर कांवड़ लिए शिवभक्तों के ‘बोल बम’ के जयघोष, भक्ति गीत और डमरू की थाप सावन की आस्था को और जीवंत बना रहे हैं। कठिन और लंबी पदयात्रा के बीच सेवा केंद्रों पर मिल रही सुविधाएं कांवड़ियों के लिए राहत का माध्यम बन रही हैं। शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमरकंटक, खुड़िया, लमनी, डोंगरिया मेला परिसर, पुराना रेस्ट हाउस-छिरहा, राजानवागांव, धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, अम्बेडकर भवन कवर्धा तथा भोरमदेव क्षेत्र सहित प्रमुख पड़ावों पर सेवा व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर कांवड़ियों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।सेवा केंद्रों में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए लगातार सेवा में जुटे हुए हैं। कठिन यात्रा के दौरान विश्राम, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है। श्रद्धालुओं ने सेवा व्यवस्था के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मार्ग में इस तरह की सुविधाएं मिलने से वे बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर पा रहे हैं। अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह सेवा व्यवस्था सावन की आस्था के साथ सेवा, समर्पण और जनसहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा- लक्ष्य बनाकर पूरी लगन से मेहनत करें, परिणाम की चिंता में प्रयासों में कमी न होने दें-छात्रावास में लगेगा स्मार्ट क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और कंप्यूटर भी मिलेंगेरायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज शाम कवर्धा के पोस्ट मैट्रिक अनु. जनजाति बालक छात्रावास पहुंचे। उन्होंने छात्रावासी बच्चों से मुलाकात की और साथ बैठकर उनके पढ़ाई लिखाई, आगे की करियर प्लानिंग पर विस्तार से बात की। उन्होंने यहां निवासरत प्रत्येक बच्चे से व्यक्तिगत रूप से बात करते हुए उनके बारे में जानकारी ली।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रों से कहा कि पोस्ट मैट्रिक के छात्र स्कूली पढ़ाई पूर्ण कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हुए कैरियर निर्माण की ओर आगे बढ़ रहे होते हैं। छात्रों की सुविधा के लिए उन्होंने छात्रावास में स्मार्ट क्लासरूम लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के सिलेबस के अनुसार कंटेंट स्मार्ट क्लासरूम में फीड किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बच्चों की मांग पर छात्रावास की लाइब्रेरी में इंटरनेट युक्त कंप्यूटर भी प्रदान करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छात्रों से कहा कि जीवन में लक्ष्य बनाकर उसे पाने के लिए पूरी लगन से मेहनत करें। परिणाम क्या आएगा इसकी चिंता में समय व्यर्थ न गंवाएं और अपने प्रयासों में कमी न रखें। यदि पूरे समर्पण के साथ प्रयास किए जायें तो सफलता जरूरी मिलती है। यदि कभी असफलता मिले तो याद रखें कि किसी भी ध्येय को पाने के लिए किया गया प्रयास जीवन में कहीं न कहीं काम जरूर आता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आज का समय तकनीक का है। तकनीक आधारित तैयारी समय बचाने के साथ तैयारी को भी पुख्ता करती है। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने की शुभकामनाएं देते हुए उपहार में पेन दिए और बारिश के मौसम को देखते हुए छाता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस दौरान छात्रावास का निरीक्षण कर छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान पार्षद श्री बिहारी धुर्वे, श्री मनीराम साहू, श्री चंदन पटेल, श्री ईश्वरी धुर्वे, श्री मनीराम छेदावी, सहायक आयुक्त श्री लक्ष्मी पटेल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।इस दौरान एक बच्चे ने अपनी आँख में समस्या के बारे में बताया। तो उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संवेदनशील पहल करते हुए कहा कि रायपुर में आँख के अच्छे अस्पताल में उपचार कराया जाएगा। इसमें आवश्यक समन्वय के लिए उन्होंने सहायक आयुक्त को निर्देशित किया। उप मुख्यमंत्री ने जब बच्चों से बात की और उनकी करियर प्लानिंग के बारे में जाना तो उन्होंने तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए छात्रावास में विशेष स्मार्ट क्लास लगवाने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस स्मार्ट क्लास में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुसार कंटेंट फीड किया जाए। इसके साथ ही इसमें ऑनलाइन क्लासेज कनेक्ट करने की भी सुविधा हो।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छात्रों से परिचय के दौरान उनके करियर को लेकर भविष्य की तैयारी को लेकर जब चर्चा कर रहे थे तो छात्रों ने बताया कि यह 11-12 वीं के छात्रों के साथ स्नातक के छात्र भी रहते हैं, तथा वे अलग अलग परीक्षाओं जैसे नीट, जेईई, लॉ, एसएससी, व्यापम, पीएससी, जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबें और मासिक पत्रिकाओं के नाम छात्रों से पूछे और अधिकारियों से कहा कि लाइब्रेरी में ये सारे स्टडी मटेरियल उपलब्ध करवाए जाएं।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के सहयोग से मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों के लिए उत्कृष्ट सेवा एवं विश्राम व्यवस्था-श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, पेयजल, विश्राम और आवश्यक सुविधाएं उपलब्धरायपुर / श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से आने वाले कांवड़ियों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मृत्युंजय आश्रम में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, विश्राम, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे हजारों कांवड़ यात्रियों को यात्रा के दौरान राहत और सुविधा मिल रही है।मृत्युंजय आश्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में कवर्धा के ग्राम मोतीयारी और चिमरा के ग्रामीण भक्तिभाव से अमरकंटक पहुंचे जहां उन्होंने उत्कृष्ट व्यवस्था का लाभ लिया। ग्राम मोतीयारी के ईश्वर जायसवाल ने कहा कि पहले जब कावड़ यात्रा होती थी, हर व्यवस्था के लिए तरस जाते थे बॉर्डर पर भी समस्या होती थी, अब उप मुख्यमंत्री की पहल से हर जगह पर उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो रहीं है। अमरकंटक में स्थित मृत्युंजय आश्रम में ठहरने, भोजन करने और विश्राम करने की समुचित व्यवस्था के साथ सेवा में जुटे स्वयंसेवक पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सहयोग से उन्हें यात्रा के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।श्रद्धालुओं ने इस सेवा भावना के लिए उप मुख्यमंत्री तथा मृत्युंजय आश्रम के सेवा कार्यों से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं कांवड़ यात्रा को और अधिक सुगम और सुविधाजनक बना रही हैं। अमरकंटक के साथ ही राजानवागांव धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, पुराना रेस्ट हाऊस-छिरहा, अम्बेडकर भवन कवर्धा, डोंगरिया मेला परिसर, लमनी, भोरमदेव तालाब के उस पार धर्मशाला, खुड़िया में भी व्यवस्थाएं की गई हैं।l
- -नीधि वर्मा के घर का बिजली बिल हुआ शून्य, 1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से मिली बड़ी राहत-अंबिकापुर में लक्ष्य से दोगुने से अधिक आवेदन, 1,136 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्ररायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही आम परिवारों को बिजली खर्च से राहत दिलाने और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर अंबिकापुर के मायापुर निवासी श्रीमती नीधि वर्मा का परिवार अब बिजली खर्च के बोझ से मुक्त होकर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।श्रीमती नीधि वर्मा ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने से पहले उनके घर में प्रतिमाह लगभग 4 से 5 हजार रुपये तक बिजली बिल आता था। बढ़े हुए बिजली खर्च से परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराने के बाद अब घरेलू बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और बिजली बिल लगभग पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि योजना ने परिवार को आर्थिक राहत देने के साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने का स्थायी और स्वच्छ विकल्प उपलब्ध कराया है।श्रीमती वर्मा ने बताया कि योजना के तहत उन्हें लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी शामिल है। इस आर्थिक सहायता से सोलर संयंत्र स्थापित करने की लागत का बड़ा हिस्सा कम हुआ और उनके लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ को साझा करते हुए श्रीमती नीधि वर्मा ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। घरेलू आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली विद्युत ग्रिड में वापस जाती है और नियमानुसार उसका लाभ भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा, “पहले हम बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन अब ऊर्जा दाता बन गए हैं।” उनका मानना है कि सौर ऊर्जा अपनाने से परिवार को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ देश की ऊर्जा व्यवस्था में आम नागरिक की भागीदारी भी बढ़ रही है।विद्युत विभाग के अनुसार सरगुजा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। अंबिकापुर शहर में 1,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए जा चुके हैं तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में भी 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,282 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,200 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए हैं तथा 305 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। रूफटॉप सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में जिले की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।श्रीमती नीधि वर्मा ने अधिक से अधिक परिवारों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ लेकर घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना परिवार और देश दोनों के हित में है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों को आर्थिक रूप से राहत देने के साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- -पीएम आवास के हितग्राहियों को सौंपी खुशियों की चाबी-आवास निर्माण,जल सुरक्षा एवं ग्रामीण अधोसंरचना गुणवत्ता पर विशेष जोररायपुर / आयुक्त वीबी - जीरामजी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा शुक्रवार को बलौदाबाजार पहुंचे। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेमेतरा तथा जनपद पंचायत पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सितदेवरी में विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए हितग्राहियों एवं ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत निर्मित आवासों का अवलोकन किया तथा आवास पूर्ण कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी प्रदान की। हितग्राहियों से आवास निर्माण, प्राप्त सहायता, निर्माण की गुणवत्ता एवं योजना से उनके जीवन में आए बदलाव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें ।आयुक्त ने वीबी- जीरामजी अंतर्गत जल सुरक्षा श्रेणी में निर्मित एवं प्रगतिरत कार्यों का भी विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना तथा चेक डैम निर्माण कार्यों की स्थल पर तकनीकी एवं उपयोगिता संबंधी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका चयन स्थानीय आवश्यकता, कैचमेंट, जलधारण क्षमता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता के आधार पर किया जाए।उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है। अतः योजना अंतर्गत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।स्थल निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज एवं आत्मीय वातावरण में चर्चा की तथा योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय आवश्यकताओं, रोजगार, आवास एवं विकास कार्यों के संबंध में उनके अनुभव और सुझाव सुने। उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्य संपादित किए जाएं।इसके पश्चात जिला पंचायत सभाक़क्ष बलौदाबाजार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक मे वीबी- जी रामजी एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन तथा पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए तथा प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणामोन्मुखी कार्य करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल एवं संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला, पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -महतारी वंदन से नीलम के जीवन में आया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजालारायपुर । विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें प्रदेश की महिलाएं स्नेह से ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास और सम्मान का उजाला ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को परिवार की आवश्यकताओं में सहभागी बनने के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने का भरोसा भी दे रही है।ग्राम पंचायत लालपुर, विकासखंड गौरेला की श्रीमती नीलम राठौर के जीवन में भी महतारी वंदन योजना बदलाव की नई उम्मीद लेकर आई है। नीलम बताती हैं कि उन्हें योजना की 30वीं किस्त की राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। नियमित रूप से मिलने वाली इस आर्थिक सहायता से वे अपनी और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान दे पा रही हैं।नीलम के लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बन गई है। उनका कहना है कि पहले परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ता था। अब महतारी वंदन योजना से नियमित सहायता मिलने के कारण वे अपनी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के अनुसार पूरा कर पा रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में पहले से अधिक मजबूती के साथ भागीदारी निभा रही हैं।नीलम बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके भीतर आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों में अपना योगदान देने से उन्हें यह महसूस होता है कि वे अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।उनका कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से महिलाओं में अपने फैसले स्वयं लेने का भरोसा बढ़ता है। नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें भी अपने परिवार की जरूरतों को समझने, उन्हें प्राथमिकता देने और अपनी जिम्मेदारियों को अधिक आत्मविश्वास के साथ निभाने का अवसर दिया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को विकास की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगे बढ़ा रही है। प्रदेश की महिलाओं के बीच लोकप्रिय ‘विष्णु भैया’ की सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है।विष्णु के सुशासन में महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहभागी बनने और अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। योजना से मिलने वाली सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा के साथ भविष्य के प्रति भरोसे का आधार भी बन रही है।महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में अपना योगदान दे रही हैं और स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।विष्णु के सुशासन में राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें परिवार और समाज के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को धरातल पर साकार कर रही है।श्रीमती नीलम राठौर ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिन्हें वे स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहती हैं, के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।नीलम की कहानी यह दर्शाती है कि महिलाओं को समय पर मिलने वाला आर्थिक संबल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकता है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे स्वयं को परिवार की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कर रही हैं।नीलम के जीवन का अनुभव इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर सकती है। परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे अधिक मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। विष्णु के सुशासन में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए संचालित महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की अनेक महिलाओं के लिए आर्थिक संबल, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। ‘विष्णु भैया’ की सरकार की यह पहल महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा के साथ नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का उजाला लेकर आ रही है।
- -नीम की डालियाँ न तोड़ें, आवश्यकता हो तो कुछ पत्तियाँ ही लें- डॉ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने हरेली पर्व के अवसर पर नागरिकों से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की प्रकृति, कृषि और हरियाली से जुड़ा प्रिय लोकपर्व है। यह पर्व प्रकृति तथा पेड़-पौधों के प्रति हमारे सम्मान और कृतज्ञता की भावना को व्यक्त करता है।बदलते समय में परंपराओं को प्रकृति के अनुकूल बनाना जरूरीडॉ. मिश्र ने कहा कि हरेली के अवसर पर बुरी नजर से बचाने के लिए नीम की पत्तियों अथवा छोटी टहनियों को घर के द्वार पर लगाने की परंपरा अनेक स्थानों पर प्रचलित है। कई लोग इन्हें अपने वाहनों पर भी लगाते हैं। लेकिन समय के साथ हमारी परिस्थितियाँ काफी बदल गई हैं। आज आबादी बढ़ने के साथ शहरों और गांवों में पेड़ों तथा हरित क्षेत्र पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में आज पेड़ों की संख्या और प्राकृतिक वनस्पतियों पर अधिक दबाव है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में लोग एक ही दिन नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ तोड़ेंगे, तो इसका पेड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।पेड़ भी जीवित प्राणी हैंडॉ. मिश्र ने कहा कि पेड़ भी जीवित प्राणी हैं। हरी पत्तियों में सूर्य के प्रकाश की सहायता से वे अपना भोजन बनाते हैं। इसलिए अनावश्यक रूप से बड़ी मात्रा में पत्तियाँ तोड़ना अथवा शाखाओं को काटना उचित नहीं है। इससे पेड़ की भोजन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है तथा शाखाओं को नुकसान पहुँचने से पेड़ पर अनावश्यक तनाव और घाव उत्पन्न हो सकते हैं।उन्होंने कहा, “जिस प्रकार हम किसी जीवित प्राणी को अनावश्यक चोट पहुँचाना उचित नहीं मानते, उसी प्रकार प्रकृति और पेड़-पौधों के प्रति संवेदनशीलता और करुणा रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।”हरेली पर लें पर्यावरण संरक्षण का संकल्पडॉ. मिश्र ने नागरिकों से अपील की कि हरेली की परंपरा को पूरी श्रद्धा और उत्साह से निभाएँ, लेकिन उसे प्रकृति के अनुकूल तरीके से मनाएँ। उन्होंने सुझाव दिया कि—- नीम की बड़ी-बड़ी डालियाँ न तोड़ी जाएँ।- आवश्यकता के अनुसार केवल कुछ पत्तियाँ ही ली जाएँ।- पेड़ों की शाखाओं को न काटा जाए।- हरेली के अवसर पर नीम एवं अन्य उपयोगी पौधे लगाए जाएँ।- परंपराओं का पालन अंधविश्वास के बजाय प्रकृति के प्रति सम्मान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ किया जाए।उन्होंने कहा कि हरेली का भाव ही हरियाली और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। जिस पर्व पर हम प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं, उस दिन प्रकृति को अनावश्यक नुकसान पहुँचाना इस पर्व की मूल भावना के अनुरूप नहीं होगा।डॉ. मिश्र ने कहा कि हमारी परंपराएँ हमारी पहचान हैं और उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ाना हमारा दायित्व है। साथ ही, बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों को देखते हुए परंपराओं को प्रकृति के हित में अपनाना भी हमारी जिम्मेदारी है।उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया—**“परंपरा भी निभाएँगे, पेड़ भी बचाएँगे।हरेली मनाएँगे, हरियाली बचाएँगे।”**डॉ. दिनेश मिश्रअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
- -कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारीबालोद। भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को 14 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले ""भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस"" पर आयोजन के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देश में बताया गया है कि भारत सरकार द्वारा 14 अगस्त, 2026 को "भारत विभाजन की विभिषिका स्मरण दिवस" पर देशभर में विभिन्न स्मृति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को भारत विभाजन की दुखद वास्तविकताओं से अवगत कराना तथा उससे प्रभावित लाखों लोगों के साहस, संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। "भारत विभाजन की विभिषिका स्मरण दिवस" के अवसर पर विशिष्ट अतिथियों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा। भारत विभाजन से प्रभावित सभी दिवंगत जनों की स्मृति में दो मिनट का मौन एवं मतुआ समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन , विमोचन किया जाएगा। विशिष्ट अतिथियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के संबोधन, विभाजन के पीड़ितों की स्मृति में कैंडल मार्च (मोमबत्ती यात्रा) का आयोजन एवं विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चा तथा अन्य जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 01 अगस्त से 15 सितंबर, 2026 तक MyGov पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज़ विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस में भाग लेने हेतु नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा विभाजन से प्रभावित लोगों की पीड़ा एवं संघर्ष को प्रदर्शित करने हेतु एक विशेष प्रदर्शनी वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री फिल्में) तैयार की गई है। डिजिटल स्वरूप में संबंधित पोर्टल से डाउनलोड कर राज्य के उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जा सकती है। इसके साथ ही 14 अगस्त, 2026 को राज्यपाल अथवा मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में राज्य स्तरीय स्मृति समारोह का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।



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