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- “छत्तीसगढ़ के एससी/एसटी उद्यमियों के लिए आईआईएम रायपुर का बड़ा कदम, पूरी तरह प्रायोजित बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम लॉन्च”रायपुर। भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (IIM, Raipur), जो देश में “बिल्डिंग बिज़नेस ओनर्स” की अपनी विशिष्ट पहचान के लिए जाना जाता है, ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के नेशनल एससी–एसटी हब के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म व छोटे व्यवसायों के लिए एक व्यापक बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम आरंभ किया है। यह कार्यक्रम उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, रणनीतिक निर्णय क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल उपकरणों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक एवं उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे जीविका-आधारित कारोबार से आगे बढ़कर दीर्घकालिक, विस्तारयोग्य और प्रतिस्पर्धी कारोबारी मॉडल विकसित कर सकें।कार्यक्रम का ढांचा मिश्रित शिक्षण मॉडल पर आधारित है, जिसमें भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर परिसर में आयोजित कक्षाओं के साथ-साथ लाइव ऑनलाइन शिक्षण सत्र भी शामिल हैं। प्रतिभागियों को कुल 72 घंटे की संरचित ट्रेनिंग और 18 घंटे की व्यक्तिगत मेंटरशिप प्रदान की जाएगी। यह संपूर्ण प्रशिक्षण संस्थान के अनुभवी प्राध्यापकों, उद्योग विशेषज्ञों और सफल व्यवसाय मार्गदर्शकों द्वारा दिया जाएगा, ताकि उद्यमियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस दिशा और रणनीति विकसित करने में सहायता मिल सके।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने बिज़नेस मॉडल को और सुदृढ़ करने, संभावनाशील बाज़ारों की पहचान करने, वित्तीय निर्णयों को अधिक वैज्ञानिक बनाने तथा संचालन क्षमता बढ़ाने हेतु डिजिटल टूल्स का उपयोग सीखने का अवसर मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित केस अध्ययन, व्यावहारिक अभ्यास और व्यक्तिगत मेंटरशिप सत्र उनके लिए आगामी 90 से 180 दिनों की ठोस कार्य–योजना बनाने में सहायक होंगे।कार्यक्रम उद्यमियों को नए बाज़ारों तक पहुंच, सरकारी खरीद प्रक्रिया की समझ और व्यवसायिक नेटवर्क विकसित करने का सुनहरा अवसर भी उपलब्ध कराता है। इससे प्रतिभागियों को व्यापार विस्तार, ग्राहक आधार बढ़ाने और नए अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि यह बिज़नेस एक्सेलरेटर प्रोग्राम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों के लिए एक संरचित मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की मजबूत नींव तैयार कर आत्मविश्वास के साथ विस्तार कर सकें। उन्होंने कहा कि अनेक उद्यमों में पर्याप्त संभावनाएँ होती हैं, परंतु औपचारिक प्रबंधन प्रशिक्षण, सामरिक मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के अभाव में उनका विकास बाधित होता है। नेशनल एससी–एसटी हब के सहयोग से विकसित यह पहल उद्यमियों को आज के प्रतिस्पर्धी एवं परिवर्तनशील व्यवसायिक वातावरण में सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।प्रोग्राम के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक तथा 18 वर्ष या उससे अधिक आयु निर्धारित की गई है, साथ ही महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) में “Trading” को मुख्य गतिविधि के रूप में दर्ज कराने वाले आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। कार्यक्रम की कुल शुल्क राशि ₹99,000 तथा लागू वस्तु एवं सेवा कर है, जिसे नेशनल एससी–एसटी हब पूर्ण रूप से प्रायोजित कर रहा है। प्रतिभागियों को केवल ₹7,500 (जीएसटी सहित) पंजीकरण शुल्क देना होगा, जिससे यह कार्यक्रम आर्थिक दृष्टि से अत्यंत सुलभ हो जाता है।आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं, और कार्यक्रम की शुरुआत आगामी वर्ष के आरंभ में निर्धारित है। यह पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को भारत के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र में और अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इसी क्रम में, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर द्वारा आयोजित वार्षिक डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन ने भी संस्थान की राष्ट्रीय महत्व की चर्चाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में भूमिका को मजबूत किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की उपस्थिति ने न केवल इस आयोजन के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि नवा रायपुर परिसर की रणनीतिक प्रासंगिकता और संस्थान की बढ़ती राष्ट्रीय भूमिका को भी दर्शाया।
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भिलाई। भारत की स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने की राष्ट्रीय प्राथमिकता को सुदृढ़ करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अभिनव पॉलिमर तकनीक विकसित की है, जो औद्योगिक सल्फर कचरे को उच्च-मूल्य वाली जल शुद्धिकरण सामग्री में परिवर्तित करती है। शोध टीम—भनेन्द्र साहू, सुदीप्त पाल, प्रियंक सिन्हा और डॉ. संजीब बनर्जी—ने एक धातु-रहित और पर्यावरण-अनुकूल पॉलिमराइजेशन प्रक्रिया तैयार की है, जिसके माध्यम से कम मूल्य वाले सल्फर वेस्ट को “सल्फर-डॉट्स” या S-dots में बदला जाता है। ये S-dots उन्नत स्मार्ट पॉलिमरों के निर्माण में हरित फोटोकैटलिस्ट के रूप में कार्य करते हैं। यह शोध Angewandte Chemie International Edition में प्रकाशित हुआ है।यह उपलब्धि दो महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान का मार्ग प्रशस्त करती है—पहली, पेट्रोलियम रिफाइनिंग, कोयला प्रसंस्करण और रासायनिक उद्योगों से उत्पन्न होने वाले विषैले सल्फर कचरे का सतत प्रबंधन; और दूसरी, प्रदूषित जल स्रोतों से हानिकारक हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों का प्रभावी निष्कासन। इस तकनीक के माध्यम से विकसित मल्टी-आर्म स्टार पॉलिमर्स में जल शुद्धिकरण की असाधारण क्षमता पाई गई है।
ये स्टार पॉलिमर स्वतः नैनोस्केल गोलाकार संरचनाएँ बनाते हैं, जो सूक्ष्म स्पंज की तरह कार्य करते हुए डाई, कीटनाशक और तेल अवशेष जैसे हानिकारक हाइड्रोफोबिक प्रदूषकों को सहजता से अवशोषित कर लेते हैं। प्रयोगशाला परीक्षणों में इन पॉलिमरों ने 80 प्रतिशत से अधिक हानिकारक कणों को सफलतापूर्वक हटाया, जिससे नदियों, झीलों तथा औद्योगिक अपशिष्ट जल की सफाई में इनके व्यापक उपयोग की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं। देश के औद्योगिक एवं कृषि प्रधान क्षेत्रों में जल प्रदूषण की बढ़ती चुनौती को देखते हुए यह तकनीक जल शोधन और पर्यावरण पुनर्स्थापन प्रयासों को नई गति प्रदान कर सकती है।अपनी नवाचार यात्रा पर प्रकाश डालते हुए डॉ. संजीब बनर्जी ने कहा, “हम औद्योगिक कचरे को पहले स्वच्छ उत्प्रेरक में परिवर्तित करते हैं और फिर उसी से ऐसे स्मार्ट पॉलिमर विकसित करते हैं, जो प्रदूषित जल को प्रभावी रूप से शुद्ध करते हैं। यह एक पूर्ण सर्कुलर समाधान है।” हल्की पराबैंगनी-A (UVA) रोशनी में कार्य करने वाली यह धातु-रहित और वेस्ट-आधारित पॉलिमर तकनीक जल जीवन मिशन, पर्यावरण पुनर्स्थापन कार्यक्रमों तथा सतत औद्योगिक प्रक्रियाओं जैसे राष्ट्रीय अभियानों के लक्ष्यों के अनुरूप है।IIT भिलाई द्वारा विकसित यह प्रौद्योगिकी भारत के सुरक्षित, स्वच्छ और सभी नागरिकों के लिए सुलभ जल के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक प्रभावशाली और दूरदर्शी कदम सिद्ध हो सकती है। - भिलाई।सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-7 ने नवंबर 2025 में 1,30,210 टन हॉट मेटल उत्पादन दर्ज करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। ब्लास्ट फर्नेस-7 ने मार्च 2025 में दर्ज रिकॉर्ड 1,30,183 टन के सर्वश्रेष्ठ मासिक उत्पादन को पीछे छोड़ते हुए नया उत्पादन कीर्तिमान बनाने में सफलता प्राप्त की।इसके साथ ही ब्लास्ट फर्नेस-7 ने नवंबर 2025 में 2.10 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन की सर्वोच्च हॉट मेटल उत्पादकता दर्ज की, जो मार्च 2025 में प्राप्त 2.07 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी ने केक काटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री तापस दासगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) श्री तुषार कान्त, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) श्री मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक प्रभारी (एसपी-2) श्री जगेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए श्री तापस दासगुप्ता ने ब्लास्ट फर्नेस बिरादरी और सभी सहयोगी इकाइयों को बधाई दी। उन्होंने बीएफ-7 के प्रदर्शन में आए इस सुधार की सराहना की तथा उत्पादन में ऐसे ही निरंतर वृद्धि के प्रति अग्रसर रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारात्मक प्रयासों को अन्य फर्नेस में भी विस्तारित किया जाना चाहिए, जिससे संयंत्र की उत्पादकता नई ऊँचाइयों को छू सके।
- रायपुर।ऑडिट पखवाड़े के तहत छत्तीसगढ़ के महालेखाकार कार्यालय, रायपुर ने स्वस्थ कार्य संस्कृति और सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देने हेतु दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन पहलों का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नगरपालिका लेखा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता को सुदृढ़ करना रहा।पहली पहल के रूप में महालेखाकार आवासीय कॉलोनी के कम्युनिटी हॉल में योग सत्र आयोजित किया गया। योग विशेषज्ञ तथा प्राकृतिक उपचार विशेषज्ञ (Naturopathist) एवं परामर्शदाता आहार विशेषज्ञ डॉ. नीलम नागवानी ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और तनाव प्रबंधन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। सत्र में उपस्थित प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से योगाभ्यास किया और स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने की दिशा में सकारात्मक रुचि दिखाई।प्रधान महालेखाकार श्री यशवंत कुमार ने योगाभ्यास के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों पर प्रकाश डालते हुए इसे दैनिक जीवनचर्या में शामिल करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ उपमहालेखाकार सुश्री प्रियाति कावड़ो, वरिष्ठ उपमहालेखाकार श्री एम.एस. डहरिया, उपमहालेखाकार श्री नितिन पुके, उपमहालेखाकार सुश्री एज़िलारासी सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।ऑडिट पखवाड़े की दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधि ‘राष्ट्रीय नगरपालिका एवं लेखा मैनुअल में निर्धारित लेखा प्रक्रियाएँ और वित्तीय विवरणों की तैयारी’ विषय पर आयोजित कार्यशाला रही। इस कार्यशाला का शुभारम्भ वरिष्ठ उपमहालेखाकार (लेखापरीक्षा) रायपुर सुश्री प्रियाति कौड़ो द्वारा किया गया। कार्यक्रम में Tibrewal Chand & Co., चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, रायपुर की वित्त विशेषज्ञ सुश्री शीतल अग्रवाल को व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया गया।राज्य शहरी विकास अभिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा से आए प्रतिभागियों ने नगरपालिका लेखा प्रक्रियाओं में अपनाई जाने वाली विधियों, वित्तीय विवरणों की तैयारी तथा व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यशाला में भी वरिष्ठ अधिकारी—सुश्री प्रियाति कौड़ो, श्री एम.एस. डहरिया और सुश्री एजिलारासी—सहित महालेखाकार कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।ऑडिट पखवाड़े के दौरान आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों ने न केवल कर्मचारियों में स्वास्थ्य-जागरूकता को प्रोत्साहित किया, बल्कि लेखा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्षता और व्यावसायिक क्षमता को भी सुदृढ़ किया। महालेखाकार कार्यालय की यह पहल सकारात्मक और परिणाम-मुखी कार्यसंस्कृति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
- रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग ने भारतीय फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी कांग्रेस (ICFMT) का 22वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (ICFMTCON 2025) का सफल आयोजन किया। "फॉरेंसिक्स एवरीवेयर” की व्यापक थीम पर आधारित यह दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर से अग्रणी फॉरेंसिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और चिकित्सक एक मंच पर जुटे।सम्मेलन का उद्घाटन एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत चिकित्सकों के सामने आने वाली जटिलताओं और नैतिक दुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बाल यौन शोषण मामलों के प्रबंधन में संवेदनशीलता और स्पष्टता बनाए रखने की अनिवार्यता पर जोर दिया।इस अवसर पर प्रो. एली महापात्रा, डीन (एकेडमिक्स), एम्स रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रो. एस.के. वर्मा, अध्यक्ष, ICFMT ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण प्रो. जगदीश चंद्र प्रवचन रहा, जिसे प्रख्यात विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) बी. डी. गुप्ता ने प्रस्तुत किया। उन्होंने “महिलाओं के लिए कानून: वरदान या अभिशाप” विषय पर गहराई से व्याख्यान दिया। डॉ. गुप्ता ने महिलाओं के अधिकारों से संबंधित बदलते कानूनी प्रावधानों और फॉरेंसिक अभ्यास पर उनके व्यापक प्रभावों का विश्लेषण किया।एम्स रायपुर के लिए यह एक गर्व का क्षण था, जब फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डॉ. कृष्णदत्त चावले को भारतीय फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी कांग्रेस का फेलोशिप सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक, शोध एवं नेतृत्व योगदान की मान्यता है।दो दिवसीय वैज्ञानिक कार्यक्रम में अतिथि व्याख्यान, पेपर एवं पोस्टर प्रस्तुतियाँ तथा इंटरैक्टिव सत्र शामिल थे। प्रमुख वक्ताओं और उनके विषयों में शामिल थे : प्रो. सचिदानंद मोहंती, कार्यकारी निदेशक, एम्स अवंतीपुरा, ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों के लिए आवश्यक प्रशासनिक नेतृत्व कौशल पर प्रकाश डाला। प्रख्यात फार्माकोलॉजिस्ट प्रो. एस.पी. धनेरिया ने अल्कोहल के साथ ड्रग इंटरेक्शंस पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। डॉ. सूमीक चौधरी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं फिल्म निर्देशक, ने जनजागरूकता फैलाने में फिल्मी माध्यम की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए। प्रो. आकाशदीप अग्रवाल और डॉ. उत्सव पारेख की प्रस्तुतियों में फॉरेंसिक शिक्षा एवं अभ्यास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।सम्मेलन के सफल आयोजन ने न्याय, कानून प्रवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में फॉरेंसिक मेडिसिन को मजबूत करने तथा विज्ञान और समाज के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने में एम्स रायपुर की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ किया है।
- -“साहित्य उत्सव से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान” - मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर। नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के विधानसभा वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, महापौर परिषद के सदस्य एकांश बंछोर एवं आवास योजना के नोडल अधिकारी अजीत तिग्गा की उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना के 28 हितग्राहियों को खुली लाटरी से मकान आबंटित किया गया।
भिलाई शहर अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना से निर्मित मकानो का आबंटन हेतु मुख्य कार्यालय सभागार कक्ष में समय 12ः00 बजे से लाटरी आयोजित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एएचपी मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक से निर्मित मकानों को शामिल करते हुए मकानहीन परिवारो को खुली लाटरी पद्वति के माध्यम से वरिष्ठ नागरिको एवं अन्य नागरिकगणों को मकान आबंटित किया गया। प्रमुख रूप से आम्रपाली हाउसिंग बोर्ड के 4 मकान, सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया के 21 मकान, रजत बिल्डर्स शांति नगर के 1 मकान, वंदे मातरम कुरूद के 2 मकान शामिल किया गया है। साथ ही हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास ऋण मेला का आयोजन भी किया गया था। हितग्राही अपने इच्छानुसार मकान का शेष राशि जमा करने आवास ऋण के लिए संपर्क कर आवेदन किये है। लाटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, उत्पल शर्मा, युक्ति देवांगन, उपस्थित रहे। - रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 11 बूथ लेवल अधिकारियों ने समय पूर्व हासिल किया शत-प्रतिशत लक्ष्यरायपुर / जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत रायपुर नगर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 49 के 11 बीएलओ ने उत्कृष्ट एवं समयबद्ध कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। उनके इस सराहनीय प्रदर्शन पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने सोमवार को उन्हें शॉल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।सम्मानित बुथ लेवल अधिकारियों में जोन 8 के मतदान केन्द्र 09 की बीएलओ श्री तिहारु राम सोनवानी, मतदान केन्द्र 42 की बीएलओ श्रीमती शीला गुप्ता, जोन 01 के मतदान केंद्र 91 की बीएलओ सुश्री मंजू पात्रो, मतदान केंद्र 94 की बीएलओ श्री वीरेंद्र कौशिक, मतदान केंद्र 97 के बीएलओ श्री आत्माराम साहू, मतदान केंद्र 107 के बीएलओ श्री संतराम ध्रुव, मतदान केंद्र 116 की बीएलओ सुश्री लक्ष्मी खोब्रागड़े, मतदान केंद्र 124 के बीएलओ श्री बसंत प्रधान, मतदान केंद्र 127 की बीएलओ श्रीमती मिथलेश ठाकुर, मतदान केंद्र 129 की बीएलओ सुश्री दीपिका साहू और मतदान केंद्र 130 के बीएलओ श्री ई. लक्ष्मण राव शामिल हैं।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, जोन कमिश्नर सुश्री दिव्या चंद्रवंशी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत डॉ संगीता साहू ने अंजोरा स्थित आत्मानंद अंग्रेजी-हिंदी माध्यम विद्यालय में प्राचार्या का पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनका पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। तीस शिक्षकों के इस विद्यालय में फिलहाल 608 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि संगीता साहू को पिछले संस्थान में रहते हुए गत वर्ष नई दिल्ली में ऑनरेरी डॉक्टरेट काउंसिल ने कॉन्सेप्ट ऑफ जीरो इन मैथमेटिक्स एंड मॉडर्न टेक्नोलॉजी यानी गणित और आधुनिक प्रौद्योगिकी (मानद) में शून्य की अवधारणा पर शोध कार्य करने के लिए डॉक्टरेट एवार्ड से सम्मानित किया गया था।
- -औद्योगिक समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देशबिलासपुर /जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक सोमवार को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य उद्योग स्थापना एवं संचालन के दौरान उद्योगपतियों को आने वाली समस्याओं का समाधान करना तथा औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करना था।बैठक में उद्योगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने औद्योगिक क्षेत्र तिफरा में अतिक्रमण हटाने हेतु समिति गठन करने के निर्देश दिए। उद्योगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग को समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए।सीएसआईडीसी लिमिटेड, बिलासपुर को औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क एवं नाली की मरम्मत सहित आवश्यक बुनियादी ढांचा सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्योगों के सुचारू संचालन में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।बैठक में संयुक्त संचालक, ग्राम एवं नगर निवेश बिलासपुर, एसडीएम कोटा, तखतपुर, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, सहायक श्रम आयुक्त, तथा सीएसआईडीसी लिमिटेड शाखा कार्यालय बिलासपुर के प्रबंधक उपस्थित थे।
- बिलासपुर /राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के तहत् जिला बिलासपुर द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजन किया गया है। एक दिसंबर की स्थिति में जिला बिलासपुर द्वारा 32.30 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है जो कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को प्रदाय लक्ष्य 40.30 लाख मानव दिवस के विरूद्ध 80 प्रतिशत तक की उपलब्धि माह नवम्बर 2025 तक पूर्ण कर लिया गया 32.30 लाख मानव दिवस सृजन कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिले द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह नवम्बर तक 83609 परिवारों के 137423 पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार प्रदाय करते हुए 7861.38 लाख रूपये का मजदूरी भुगतान श्रमिकों को किया गया है।महात्मा गांधी नरेगा एक मांग आधारित योजना है जिससे ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही रोजगार के माध्यम से कार्य प्रदाय कराया जाता है। जिससे न केवल ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो पाता है अपितु रोजगार सृजन के साथ सर्वजनिक एवं निजी परिसम्पत्तियों का सृजन किया जाता है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले द्वारा जल संग्रहण एवं जल सरक्षण को प्राथमिकता के दृष्टिगत रखते हुए रिचार्ज पिट, चैकडेम, सैन्डफिल्टर, डबरी निर्माण कार्य, नवीन तालाब निर्माण कार्य, तालाब गहरीकरण निर्माण कार्य, कच्ची नाली निर्माण कार्य, कूप निर्माण कार्य के कार्य कराये गये है इसके अतरिक्त मुख्य रूप से प्राधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य, आंगनबाडी भवन निर्माण, उचित मूल्य दुकान निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत भवन निर्माण कार्य इत्यादि निर्माण कार्य कराये गये है।
- रायपुर। स्थानीय ब्राह्मण पारा निवासी श्रीमती सरस्वती पांडेय का 79 वर्ष की आयु में आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे सेवानिवृत पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र पांडेय (धमधा वाले) की पत्नी , राजीव , संदीप पांडेय तथा श्रीमती रश्मि -प्रमोद शर्मा (टेकारी) की माता थीं। उनकी अंतिम यात्रा ब्राह्मण पारा ,कंकाली अस्पताल के पास स्थित निवास स्थान से अपराह्न 2 बजे मारवाड़ी श्मशान घाट के लिए निकलेगी।
- -पर्यटन साथी’ प्रोजेक्ट प्रशिक्षण का सफल समापन-कलेक्टर ने 62 युवाओं को सौंपा प्रमाणपत्र एवं जॉब ऑफर लेटररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान देने हेतु जिला प्रशासन रायपुर एवं ईज़ माई ट्रिप द्वारा संचालित नवाचार प्रोजेक्ट पर्यटन साथी का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। एक अक्टूबर 2025 को शासकीय आईटीआई सड्डू, रायपुर में प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का, 30 नवंबर 2025 को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर आयोजित समापन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज 62 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं ईज़ ट्रिप प्लानर, नई दिल्ली की ओर से जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। 123 प्रशिक्षणार्थी युवाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया था।युवाओं को पर्यटन उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण इस कार्यक्रम के तहत दिया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति, खान-पान एवं ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संवेदनशीलता एवं व्यवहार, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग एवं साइबर सुरक्षा, आपातकालीन प्रोटोकॉल व सुरक्षा नियम, ग्राहक सेवा उत्कृष्टता एवं संचार कौशल, व्यावसायिक नैतिकता एवं आचरण शामिल है। प्रमाण पत्र वितरण के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि ज्ञान आवश्यक है, लेकिन आपका व्यवहार ही आपका व्यवसाय तय करता है। टूरिस्ट गाइड के रूप में आपका सकारात्मक व्यवहार आपको आगे बढ़ाएगा और नए अवसर प्रदान करेगा। पर्यटन क्षेत्र रिलेशन बिल्डिंग पर आधारित है, इसलिए विशेषज्ञता और विनम्रता दोनों आवश्यक हैं।प्रशिक्षणार्थियों से भोरमदेव, राजिम और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रश्न पूछकर उनका प्रायोगिक ज्ञान भी परखा। कलेक्टर ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “मेहनत कीजिए, अपनी हुनर से दुनिया जीतिए। नए-नए कौशल सीखते रहें और अपने व्यवसाय में नवाचार जोड़ते रहें।” ईज़ माई ट्रिप के एकेडमिक हेड श्री सुनील अरोरा ने बताया कि प्रशिक्षुओं को एजेंट लॉगिन आईडी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे स्वयं के पर्यटन व्यवसाय की शुरुआत भी कर सकते हैं। इस दौरान रायपुर के प्रशिक्षणार्थी श्री गोविंद कुमार कोशले ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड बनने का आत्मविश्वास दिया है।बलौदाबाजार की कु. रंजना कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गाइडिंग के व्यावहारिक तरीकों की उत्कृष्ट जानकारी मिली है, जो मेरे लिए फायदेमंद रही। इस प्रशिक्षण के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। उल्लेखनीय है कि 01 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन और ईज़ माई ट्रिप के मध्य एमओयू किया गया था, जिसके अनुरूप यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ। कार्यक्रम में उपसंचालक रोजगार श्री ए.ओ. लारी, ईज़ माई ट्रिप तथा आईटीआई सड्डू के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अभ्यर्थी आधी बांह वाले हल्के रंग के कपड़े पहने, कान में किसी प्रकार का आभूषण है वर्जित-जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर कोरायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, व्यापम रायपुर द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गतआयोजित अमीन भर्ती परीक्षा 2025 की तैयारियों हेतु शनिवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष, कलेक्ट्रट में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर श्री उपेंद्र किण्डो ने सभी केंद्रों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा सभी केंद्रों में दीवार घड़ी, पेयजल, पार्किंग, एवं इमरजेंसी लाइट लगाने संबंधित निर्देश दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।जिले में व्यापम रायपुर द्वारा आयोजित प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर 2025, रविवार को सुबह 12 बजे से दोपहर 02.15 बजे तक 106 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी, जिसमें 37,889 अभ्यर्थी शामिल होंगे।अभ्यार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश :- हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने जाए एवं काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैंगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा । परीक्षार्थी बिना पॉकेट वाला साधारण स्वेटर पहन सकते हैं, स्वेटर हेतु रंग और आधे बांह का बंधन नहीं है लेकिन सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतार कर चेक कराना होगाl परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि यह परीक्षा दोपहर 12.00 बजे से प्रारंभ हो रही है अतः मुख्य द्वार प्रातः 11.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। परीक्षा में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।इस बैठक में सहायक नोडल अधिकारी एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल ने सभी केंद्राध्यक्ष , परिवहन अधिकारी, उड़नदस्ता दल के अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया |
- -राजस्व अधिकारियों से राजस्व कार्य में गंभीर होने के दिए निर्देश.-* छत पर मोबाईल टावर, विज्ञापन होर्डिंग लगवाने वालो से व्यवसायिक कर वसूली किया जायें-मुख्यालय के अधिकारी जिस आधार पर राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किये है तो उसे वसूलने में भी गंभीरता दिखाये..-जोन के अधिकारी मुख्यालय के अधिकारियों के साथ समन्वय बना कर काम करें.-सभी संपत्तिकरदाता नगर निगम को 31 दिसम्बर के पूर्व वर्तमान वर्ष का पूर्ण संपत्तिकर अदा कर संपत्तिकर में 4 प्रतिशत की छूट का लाभ उठाएं *-समय पर संपूर्ण सम्पत्तिकर पटाने वाले सभी सम्माननीय जन बधाई के पात्र.रायपुर ।आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के हित में महापौर कार्यालयीन कक्ष में लगातार लगभग 4 घंटे तक नगर निगम राजस्व विभाग के वसूली अभियान की गहन समीक्षा की एवं नगर निगम हित में अधिकाधिक राजस्व वसूली करने और आय के नये स्त्रोत विकसित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन सहित सभी सहायक राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षको की उपस्थिति में दिये। महापौर ने नगर निगम राजस्व, नजूल और बाजार विभाग के वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26:में वसूली अभियान की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम हित में अधिकाधिक वसूली सुनिश्चित करने स्पष्ट निर्देश दिये कि सीलबंद करने के बाद भी नगर निगम रायपुर को बकाया राशि का भुगतान नहीं करने वाले बड़े बकायादारों पर नियमानुसार प्रक्रिया कर कार्यवाही के निर्देश दिए.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बकाया नहीं दे रहे बड़े बकायेदारों के सीलबंद किये गये खाली भवनों में भी नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को निगम हित में दिये है। महापौर ने दिये गये लक्ष्य के अनुरूप शत- प्रतिशत राजस्व वसूली लगातार प्रभावी अभियान चलाकर प्राथमिकता से सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम रायपुर के लिए राजस्व आय के नये स्त्रोत विकसित करने हर संभव आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। महापौर ने नगर निगम क्षेत्र में छत पर मोबाईल टॉवर, विज्ञापन होर्डिंग लगाने वाले भवन स्वामियों से व्यवसायिक दरो के आधार पर राजस्व वसूली अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।महापौर ने पूर्व में दिये गये आदेशानुसार रायपुर नगर निगम के हित में खाली भूखण्डो के सम्बंधित भूमि स्वामियों से नियमानुसार गणना कर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग की ओर से नगर निगम क्षेत्र के सभी संपत्तिकर दाता नागरिको से वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 का अपना देय संपत्तिकर की राशि का पूर्ण भुगतान 31 दिसम्बर 2025 के पूर्व करते हुए नियमानुसार 4 प्रतिशत की संपत्तिकर भुगतान में छुट का अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाने की अपील की है। महापौर ने सभी संपत्ति करदाता नागरिकों से शीघ्र संपत्तिकर की अदायगी नगर निगम को करके कार्यवाही की असुविधा व तनाव से दूर रहने की अपील की है। नगर निगम रायपुर को निगम करो का भुगतान ऑनलाईन अथवा नगर निगम के संबंधित जोन में जाकर ऑफलाईन भी सहजता के साथ अदा किया जा सकता है। इस सुविधा का सभी संपत्तिकरदाताओ को अधिकाधिक वांछित लाभ लेने की अपील महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा की गई है।
- -दुर्ग जिले में अब तक 78 हजार 707.80 मीट्रिक टन धान की खरीदीदुर्ग ।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पूरे प्रदेश भर में सुचारू रूप से जारी है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और तुंहर टोकन प्रणाली से किसानों को अत्यधिक सहूलियत मिल रही है, जिसके चलते किसान निर्धारित तिथि पर सहज रूप से धान विक्रय हेतु केन्द्रों में पहुंच रहे हैं। दुर्ग जिले की 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में कुल 14,879 किसानों से अब तक 78 हजार 707.80 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के बिरेझर उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से सीधे रू-ब-रू चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की है। तुंहर टोकन की ऑनलाइन व्यवस्था के कारण किसानों को लम्बी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, और भुगतान भी निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक सुधार हुआ है।किसानों ने मंत्री श्री यादव को बताया कि जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रों में बारदाना उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल, पेयजल एवं विश्राम की व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। निर्धारित तिथि पर किसान आसानी से अपनी धान की उपज केन्द्रों में बेच पा रहे हैं। मंत्री श्री यादव ने किसानों को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उनके हितों के अनुरूप और बेहतर व्यवस्थाएँ लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने सम्बंधित समिति प्रबंधक को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 2267 किसानों से 1 लाख 13 हजार 981.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 20155 किसानों से 9 लाख 52 हजार 089.60 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- -‘पर्यटन साथी’ प्रोजेक्ट प्रशिक्षण का सफल समापन, कलेक्टर ने 62 युवाओं को सौंपा प्रमाणपत्र एवं जॉब ऑफर लेटर-मेहनत कीजिए, आप अपने हुनर से दुनिया जीत सकते हैं-कलेक्टररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान देने हेतु जिला प्रशासन रायपुर एवं ईज़ माई ट्रिप द्वारा संचालित नवाचार प्रोजेक्ट पर्यटन साथी का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।01 अक्टूबर 2025 को शासकीय आईटीआई सड्डू, रायपुर में प्रारंभ हुए इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का, 30 नवंबर 2025 को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर आयोजित समापन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज 62 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं ईज़ ट्रिप प्लानर, नई दिल्ली की ओर से जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। कुल 123 युवाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया था।120 घंटे का व्यापक कौशल प्रशिक्षणकार्यक्रम के तहत युवाओं को पर्यटन उद्योग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें स्थानीय संस्कृति, खान-पान एवं ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक संवेदनशीलता एवं व्यवहार, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बुकिंग एवं साइबर सुरक्षा, आपातकालीन प्रोटोकॉल व सुरक्षा नियम, ग्राहक सेवा उत्कृष्टता एवं संचार कौशल, व्यावसायिक नैतिकता एवं आचरण शामिल है।प्रमाण पत्र वितरण के अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि “ज्ञान आवश्यक है, लेकिन आपका व्यवहार ही आपका व्यवसाय तय करता है। टूरिस्ट गाइड के रूप में आपका सकारात्मक व्यवहार आपको आगे बढ़ाएगा और नए अवसर प्रदान करेगा। पर्यटन क्षेत्र रिलेशन बिल्डिंग पर आधारित है, इसलिए विशेषज्ञता और विनम्रता दोनों आवश्यक हैं।”उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से भोरमदेव, राजिम और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर प्रश्न पूछकर उनका प्रायोगिक ज्ञान भी परखा। कलेक्टर ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “मेहनत कीजिए, अपनी हुनर से दुनिया जीतिए। नए-नए कौशल सीखते रहें और अपने व्यवसाय में नवाचार जोड़ते रहें।”ईज़ माई ट्रिप के एकेडमिक हेड श्री सुनील अरोरा ने बताया कि प्रशिक्षुओं को एजेंट लॉगिन आईडी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे स्वयं के पर्यटन व्यवसाय की शुरुआत भी कर सकते हैं।इस दौरान रायपुर के प्रशिक्षणार्थी श्री गोविंद कुमार कोशले ने कहा कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड बनने का आत्मविश्वास दिया है।बलौदाबाजार की कु. रंजना कश्यप ने बताया कि प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और गाइडिंग के व्यावहारिक तरीकों की उत्कृष्ट जानकारी मिली है, जो मेरे लिए फायदेमंद रही। इस प्रशिक्षण के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।उल्लेखनीय है कि 01 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जिला प्रशासन और ईज़ माई ट्रिप के मध्य एमओयू किया गया था, जिसके अनुरूप यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ। कार्यक्रम में उपसंचालक रोजगार श्री ए.ओ. लारी, ईज़ माई ट्रिप तथा आईटीआई सड्डू के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर । विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सिम्स चिकित्सालय में एचआईवी/एड्स से बचाव, जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग छात्राओं तथा विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने मरीजों और उनके परिजनों को एड्स से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराई।बीएससी नर्सिंग की छात्राओं और संदीपनि अकादमी के विद्यार्थियों द्वारा ART सेंटर, मरीज पंजीयन विभाग हॉल, आपातकालीन विभाग के सामने और गायनी ओपीडी के निकट नुक्कड़ नाटक एवं पोस्टर प्रदर्शन किए गए।ART सेंटर की टीम —डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव (मेडिकल ऑफिसर), योगेश जड़िया (काउंसलर), सारिका पटेल (काउंसलर), कल्पना लकड़ा (काउंसलर), अंशुलता (फार्मासिस्ट), ललिता सिंह (एलटी), नंदकिशोर पटेल (एलटी), राधाकृष्णन तिवारी — ने विभिन्न विभागों में जाकर लोगों को विस्तृत जानकारी दी।नर्सिंग विभाग से असिस्टेंट नर्सिंग सुपरीटेंडेंट नमिता वाणी, राजकुमारी, पुष्पलता शर्मा और संजू चौधरी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मरीजों एवं परिजनों को एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण चिकित्सा पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि—“एचआईवी संक्रमण को लेकर लोगों में अब भी कई तरह की गलत धारणाएँ हैं। चिकित्सा क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम, सुरक्षित रक्त संक्रमण, सुइयों का सुरक्षित उपयोग और सार्वभौमिक सावधानियों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज सही जानकारी से सशक्त होगा, तो संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है। सिम्स में हम सभी विभागों के साथ मिलकर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।”सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा—“विश्व एड्स दिवस समाज को जागरूक बनाने का अवसर है। छात्राओं की प्रस्तुति और विभागों द्वारा दी गई जानकारी लोगों में सही संदेश पहुँचाने में अत्यंत प्रभावी रही। सिम्स भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाता रहेगा।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा—“एचआईवी/एड्स का उपचार उपलब्ध है और नियमित जांच तथा परामर्श से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। आज छात्रों और टीम द्वारा किया गया प्रयास प्रशंसनीय है और इससे आमजन में सकारात्मक संदेश पहुँचता हैं |
- दुर्ग / भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 01.01.2026 के संदर्भ में चलाए जा रहे निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को 7 दिन के लिए बढ़ा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम की तिथियाँ बदल गई हैं। संशोधित तिथियों के अनुसार अब घर-घर मतदाता सत्यापन का कार्य 11 दिसंबर 2025 तक चलेगा। मतदान केंद्र का युक्तिकरण या पुनर्व्यवस्था का कार्य भी 11 दिसंबर 2025 (गुरूवार) तक चलेगा। इसी प्रकार नियंत्रण तालिका का अद्यतनीकरण और ड्राफ्ट रोल की तैयारी का कार्य 12 दिसबंर से 15 दिसबंर 2025 तक चलेगा। मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन (ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी) 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) को किया जाएगा। आपत्ति और दावा दर्ज करने की संशोधित अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। सुनवाई और सत्यापन का कार्य 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को किया जाएगा। सभी संबंधितों को आयोग द्वारा जारी इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
- बालोद । जिला प्रशासन बालोद एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत इच्छुक प्रतिभागियों के पंजीयन की अंतिम तिथि 02 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी/दल पंजीयन फार्म, फोटोग्राफ्स एवं आवश्यक दस्तावेज सहित कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बुनियादी शाला मैदान परिसर में उपस्थित होकर 02 दिसंबर 2025 को शाम 05 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही प्रतिभागी अपना पंजीयन माय भारत पोर्टल में भी करा सकते है।उल्लेखनीय है कि जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 में शामिल प्रतिभागियों की आयुवर्ग 15 से 29 वर्ष एवं संगीतकार की आयु 18 से 40 वर्ष निर्धारित किया गया है। जिला स्तरीय युवा उत्सव वर्ष 2025-26 में लोक नृत्य विधा, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोक गीत, वाद-विवाद, कहानी लेखक, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार, एकांकी, पांरपरिक वेशभूषा, राॅकबैंड विधा शामिल है।
- -जल संरक्षण के प्रति सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ग्रीष्मकालीन धान की फसल के बदले अन्य फसल लेने किया आग्रह-कलेक्टर ने कम पानी में बेहतर उपज देने वाली दलहन, तिलहन, गन्ना जैसे फसल लेने किया प्रोत्साहितबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले के किसानों से की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा है कि बालोद एक कृषि प्रधान जिला है। जिले के 80 प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्या कृषि कार्य पर निर्भर है। यद्यपि जिले में वर्षा सामान्य होती है। इसके बावजूद जिले का भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। वर्तमान में जिले का गुरूर विकासखण्ड क्रिटिकल जोन में तथा गुण्डरदेही और बालोद विकासखण्ड सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल है। धान की फसल में अन्य फसलों की तुलना में अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है, 01 किग्रा. धान उत्पादन के लिए औसतन 3000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ग्रीष्मकालीन धान के लिए कृषक मुख्य रूप से भूमिगत जल का उपयोग करते है। वृहद क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लिये जाने से कई ग्रामों में जल संकट की स्थिति निर्मित हो जाती है तथा पीने के पानी के लिये जुझना पड़ता है। रबी में धान की फसल लेने से न केवल जल स्तर प्रभावित होता है, बल्कि बिजली की खपत भी अधिक होती है। पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है व भूमि की उपजाऊ क्षमता में कमी आती है।शासन की मंशा अनुरूप ग्रीष्मकालीन धान के रकबे को कम कर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को कृषकों को अपनाना चाहिए। जिले में इस बार रबी क्षेत्र विस्तार हेतु तिवड़ा, चना, सरसों, कुसुम का बीज कृषकों को अनुदान में वितरित किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन धान के बदले कृषकों का रूझान मक्का फसल में बढ़ रहा है, भविष्य में इस हेतु मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना है। इस स्थिति को देखते हुए सभी कृषकों से अपील की जाती है ग्रीष्मकालीन धान की बुवाई न करें। धान के स्थान पर मूंग, उड़द, चना, मक्का, सूरजमुखी, गन्ना, सब्जियों, जैसी फसलें अपनाएं, ये कम पानी में भी सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी हैं। जल संरक्षण हेतु माइक्रो-इरीगेशन (ड्रिप व स्प्रिंकलर), मल्चिंग और फसल चक्र अपनाने पर विशेष ध्यान दें। ग्रामीण जल स्त्रोतों (कुएँ, तालाब, नाला बंधान, नाला विस्तार) के संरक्षण में सामूहिक भागीदारी निभाएँ। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि भू-जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी जल एवं कृषि की स्थिरता बनाए रख सकें। आपका सहयोग जिले के सतत् विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- दुर्ग / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने उपमहानिरीक्षक सीआईएसएफ यूनिट बीएसपी भिलाई के पत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दुर्ग जिला अंतर्गत भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई की सुरक्षा की दृष्टिगत कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा जनसामान्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई के चारों ओर परिधि दीवार से 200 मीटर क्षेत्र को ड्रोन निषेध क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दिनांक 01 दिसम्बर 2025 को पारित यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश जारी दिनांक से दो माह तक की अवधि के लिए लागू रहेगी। इस दौरान यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिला दण्डाधिकारी द्वारा यह आदेश आम जनता को संबोधित है एवं जनसामान्य के जान-माल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोक शांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एकपक्षीय पारित किया है। इस आदेश से क्षुब्ध व्यक्ति कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -धान उपार्जन केन्द्र बालोद में की गई बेहतर व्यवस्था से प्रसन्नचित है किसानबालोद । बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम औंराभांठा स्थित धान उपार्जन केन्द्र बालोद में किसानों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए बेहतर टोकन व्यवस्था के साथ ही पेयजल, बैठक, शौचालय सहित धान विक्रय हेतु तौल मशीन, हमाल आदि की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्र बालोद में की गई बेहतर व्यवस्था से किसान भी प्रसन्नचित है। धान विक्रय हेतु पहुॅचे ग्राम झलमला के किसान श्री महेन्द्र कुमार साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका धान आसानी से विक्रय हो पाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा करने के पश्चात मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन लिया। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे आॅनलाईन टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिली है, जो कि उनके लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।किसान श्री सुरज कुमार पटेल ने बताया कि धान विक्रय के लिए टोकन लिए थे और आज वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए हैं। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। ग्राम हिरापुर के किसान श्री डिलेश्वर कुमार साहू ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र औंराभांठा की व्यवस्था बहुत ही अच्छी है, यहाॅ आने वाले सभी किसानों को टोकन लेने के साथ ही धान विक्रय में काफी सुविधा मिली है। किसानों ने धान उपार्जन केन्द्र में की गई बेहतर व्यवस्था के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आभार जताया है।
- - ग्राम डुन्डेरा के किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान कराने जनदर्शन में लगाई गुहार- जाति प्रमाण पत्र नही बनने की शिकायत- जनदर्शन में प्राप्त हुए 105 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा एवं श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 105 आवेदन प्राप्त हुए।इसी कड़ी में सुपेला भिलाई निवासी ने अपने बी.पी.एल. राशन कार्ड से पुत्र का नाम हटाने हेतु आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र का वर्ष 2024 को निधन हो गया है। आवेदिका ने राशन कार्ड अभिलेख में सुधार कर नाम विलोपित करने और कार्ड को पुनः संचालित करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम डुन्डेरा के छह किसानों ने अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान करने आवेदन दिया। कृषकों नेे बताया कि ग्राम डुन्डेरा में उनकी निजी भूमि स्थित है, जिसके कुछ भाग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के बस स्टैण्ड उतई-डुगरडीह-डुन्डेरा-गोरिद-सोमनी मार्ग पर सड़क निर्माण हेतु भूमि को अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा आदेश जारी होने के बावजूद आज तक किसानों को राशि प्रदान नहीं की गई है। किसानों ने बताया कि भूमि अधिग्रहित हो चुकी है, लेकिन मुआवजा न मिलने से आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा।ग्राम बेलोदी पाटन निवासियों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नही बनने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे 10-12 पीढ़ियों से छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं, लेकिन गरीबी, अशिक्षा और पुराने दस्तावेज़ों के अभाव के कारण उनके बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। लोक सेवा केंद्र भी रिकॉर्ड की कमी के कारण फॉर्म स्वीकार नहीं कर रहे। पूर्व में ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाण पत्र बनते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद है। समुदाय ने ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।







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