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- -मृतकों के परिजनों से संपर्क एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी-स्वास्थ्य मंत्री भी निरंतर जिला प्रशासन के संपर्क मेंरायपुर। सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।कलेक्टर श्री टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।मृतकों के नामहादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं--रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),आकिब खान (दरभंगा, बिहार),सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),अब्दुल करीम (झारखंड),उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सार्थक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत लालपुर की श्रीमती हमेश्वरी राठौर हैं, जो आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।एक सामान्य ग्रामीण महिला से आत्मनिर्भर उद्यमी बनने तक का उनका सफर संघर्ष, साहस और सफलता की मिसाल है। हमेश्वरी राठौर “रिद्धी-सिद्धी स्वसहायता समूह” से जुड़ीं, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण मिला। समूह के माध्यम से उन्होंने 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया, जो उनके जीवन में परिवर्तन का आधार बना।इस राशि का उपयोग उन्होंने कृषि और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। सब्जी उत्पादन को मुख्य आय का स्रोत बनाते हुए उन्होंने टमाटर, गोभी, अदरक, बरबट्टी और हल्दी जैसी फसलों की खेती शुरू की। साथ ही, उन्होंने सेंटरिंग प्लेट का कार्य भी शुरू किया, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बने।शुरुआती दौर में मौसम की अनिश्चितता, बाजार की चुनौतियां और लागत जैसी कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन और स्वसहायता समूह के सहयोग ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार किया।आज हमेश्वरी राठौर की वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसने उन्हें “लखपति दीदी” बना दिया है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।हमेश्वरी राठौर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि विष्णुदेव साय सरकार की महिला-केंद्रित योजनाएं और स्वसहायता समूहों का सशक्त नेटवर्क ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
- सक्ती। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढक़र 17 हो गई है। हादसे के बाद घायल मजदूरों को रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर रेफर किया गया है।इधर वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति का संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। पूर्व मंत्री नोबल वर्मा सहित कई विधायक सदस्य बनाए गए हैं। इसमें चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, जैजैपुर विधायक बलेश्वर साहू समेत कई नेता शामिल हैं। समिति को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मौके पर जाकर पीडि़तों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करे। समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।उधर, वेदांता प्रबंधन की ओर से प्रभावितों परिवारों को मुआवजे का एलान किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वेदांता प्रबंधन द्वारा हादसे के शिकार हुए मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी आर्थिक मदद का एलान किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता राशि तथा घायलों को 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।
- रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सक्ती जिले में डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 9 मजदूरों की मौत एवं 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने का समाचार अत्यंत हृदय विदारक और पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करे।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस मामले में 50 से अधिक लोगों के झुलसकर घायल होने की सूचना है, घायलों के बेहतर इलाज की समुचित व्यवस्था कर न्यायिक जांच कराई जाए और मृतकों के परिवार को एक-एक करोड़ और घायलों को 50-50 लाख मुआवजा दे।दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे है। कुछ महीना पहले गोदावरी प्लांट (रायपुर) में भट्टी विस्फोट और स्वदेश मेटालिक प्लांट (बलौदाबाजार) में 30 फीट की ऊँचाई से गिरकर श्रमिक की मौत सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाते हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भट्टी बंद किए बिना ही जोखिम भरे काम करवाना, सुरक्षा उपकरणों का न होना और बिना उचित परमिट के काम करना सामान्य बात हो गई है जो सुरक्षा तंत्र की विफलता का स्पष्ट संकेत है। औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का लगातार विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। पूरे प्रदेश में संचालित उद्योगों में सुरक्षा ऑडिट कर तय मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें सरकार।दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार गंभीर हादसे हो रहे हैं, जिससे अनेकों श्रमिकों की मौत हुई है, कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। रायगढ़, सिलतरा और बलौदाबाजार जैसे क्षेत्रों में विस्फोट और ऊँचाई से गिरने जैसी घटनाओं के चलते प्रबंधन, सुरक्षा विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में हुए हादसों में (एसओपी) का पालन न करना मुख्य कारण पाया गया है। दीपक बैज ने कहा है कि कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 का कड़ाई से पालन न करने की वजह से स्थिति दिनोदिन बदतर हो रही है। कई इकाइयों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जाती हैं, लेकिन सख्ती की कमी के चलते हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशासन और श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
- - 3 हजार 600 से अधिक हुए उच्च जोखिम सहित सामान्य व सर्जिकल प्रसवमुंगेली । जिला चिकित्सालय में निरंतर बेहतर हो रही सुविधाओं के चलते अब जिले की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। कलेक्टर कुन्दन कुमार कुशल मार्गदर्शन में यह उपलब्धि न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है, बल्कि शासन की जनहितकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का भी प्रमाण है। जिला चिकित्सालय मुंगेली के 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल ने बीते एक वर्ष में सुरक्षित मातृत्व एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि में अस्पताल में कुल 03 हजार 602 प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और चिकित्सा टीम की दक्षता को दर्शाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल प्रसवों में 02 हजार 405 सामान्य प्रसव एवं 01 हजार 190 ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के माध्यम से प्रसव कराए गए। इसके साथ ही 01 हजार 28 महिलाओं को पीपीआईयूसीडी की सुविधा प्रदान कर परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया गया। विशेष रूप से 02 हजार 114 उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का सफल प्रबंधन कर जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई, जो चिकित्सा टीम की विशेषज्ञता और समर्पण को रेखांकित करता है।डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा स्मृति लाल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार बेलदार, चिकित्सा अधिकारियों, लेबर रूम स्टॉफ, ऑपरेशन थिएटर (ओ.टी.) स्टॉफ एवं पीएनसी स्टॉफ की टीम ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए सुरक्षित प्रसव सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही 01 हजार 190 महिलाओं की नसबंदी कर परिवार कल्याण कार्यक्रम को भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया। सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय ने सभी चिकित्सकों एवं स्टॉफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम वर्क, समर्पण और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
- 0- इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षणरायपुर। राज्य शासन की पुनर्वास नीति से कोण्डागांव के पुनर्वासित व्यक्तियों की जिंदगी को नई दिशा मिल रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब मुख्यधारा में लौटकर कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम कुधुर के तुलसी राम, रजमन एवं गोबरू वर्तमान में जिले में संचालित पुनर्वास केन्द्र में रहकर लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तुलसी राम कश्यप ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल के कारण वे संगठन से जुड़ गए थे, किन्तु राज्य शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने पुनर्वास कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे पुनर्वास केन्द्र में रहकर कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में वायरिंग का दो माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें लगभग 15 दिवस का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षण उपरांत वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार के रूप में वायरिंग कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं।इसी प्रकार रजमन एवं गोबरू ने भी पुनर्वास नीति के अंतर्गत पुनर्वास कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्तमान में वे भी इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे अपने गांव में स्वरोजगार स्थापित कर आय अर्जित करेंगे एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करेंगे। तीनों युवाओं ने राज्य शासन की पुनर्वास नीति के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से उन्हें नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर मिला है। पहले जहां भय एवं अस्थिरता का माहौल था, वहीं अब वे सुरक्षित वातावरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने भविष्य के प्रति आश्वस्त हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें कौशल विकास, रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।कोण्डागांव जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जहां पूर्व में भटके हुए युवाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित किया जा रहा है।
- 0- जल संरक्षण के साथ बढ़ी आयरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरियां किसानों की आय का मजबूत आधार बन रही हैं।इसी कड़ी में विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी किसान मधुसूदन ने अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर न केवल सिंचाई की समस्या का समाधान किया, बल्कि स्थायी आय का स्रोत भी विकसित किया है। मनरेगा योजना के तहत लगभग 2.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके जीवन में बदलाव लाया है। इस योजना की बदौलत एक ओर रोजगार उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर स्थायी परिसंपत्ति का निर्माण भी सुनिश्चित हुआ है।डबरी बनने के बाद मधुसूदन ने इसके आसपास लगभग 80 डिसमिल भूमि में टमाटर, फूलगोभी और मिर्च जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की, जिससे उन्हें करीब 1.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही डबरी में मत्स्य पालन कर वे प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार वे सालाना करीब 2.20 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में अब तक 480 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा चुका है। इन डबरियों का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में वृद्धि करना, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना तथा मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
- रायपुर। अगर इरादे मजबूत हों और सुशासन का साथ मिले, तो बरसों पुराने सपने भी सच हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है, बालोद जिले की रहने वाली श्रीमती पिंकी सोनी के साथ, जिन्होंने अपने जीवन के 20 साल एक कच्चे मकान की जद्दोजहद में बिता दिए। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। जहां वे अपने 03 बच्चों के साथ खुशी खुशी रहती है।पिंकी सोनी बताती हैं कि पिछले दो दशकों से वे एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना और तेज हवाओं में टीन की चादरें उड़ जाना उनके लिए हमेशा एक चुनौती थी। अपने पति के निधन के बाद, तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और आर्थिक तंगी ने उनके लिए पक्का घर बनाना एक नामुमकिन सा सपना बना दिया था। वे खिलौने की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।पिंकी ने बताया कि इस मुश्किल दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आई। उन्हें चार किस्तों में 02 लाख 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, गृह प्रवेश के लिए उन्हें गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 32 हजार 850 रुपए की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने नए घर में कदम रखा। इसके साथ ही, उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसकी राशि हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक संबल मिला है।अपनी आंखों में खुशी के आंसू लिए पिंकी सोनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरा अपना पक्का घर होगा। आज मेरा सपना साकार हो गया है। मैं सरकार को धन्यवाद देती हूँ जिन्होंने हमारी भी सुध ली।--
- 0- 30 दिनों तक मां-बच्चे की होगी डिजिटल केयररायपुर। बस्तर जिले में सुरक्षित मातृत्व की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और यूनिसेफ़ ने एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठी पहल की शुरुआत की है। सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में महारानी अस्पताल में 'रेड (रिचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस गौरवपूर्ण क्षण को और भी विशेष बनाते हुए कलेक्टर ने स्वयं पहल की और अस्पताल में उपस्थित एक नवजात शिशु की माता को सादर आमंत्रित कर उनके हाथों से ही इस केंद्र का उद्घाटन करवाया। यह हृदयस्पर्शी दृश्य इस सशक्त संदेश का प्रतीक बना कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्त सरकारी योजनाएं वास्तव में माताओं के समर्पण के लिए हैं और उनकी सक्रिय सहभागिता ही इन प्रयासों को सफल बनाएगी।इस नई व्यवस्था के तहत संचालित “हरिक मांय, हरिक पिला”(खुश मां, खुश बच्चा) पहल के माध्यम से अब बस्तर की हर गर्भवती महिला तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जैसा कि इसके नाम 'रेड' यानी 'रिचिंग एवरी डिलिवरी' से स्पष्ट होता है। महारानी अस्पताल परिसर में स्थित इस हाई-टेक कॉल सेंटर के जरिए जिले की उन महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनकी गर्भावस्था 7 से 9 माह के बीच है और जो उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं। सेंटर के प्रतिनिधि सप्ताह में एक से दो बार इन महिलाओं से सीधे फोन पर संपर्क साधेंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के फायदों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित करने में हरसंभव सहायता प्रदान करना है।प्रशासन की यह दूरगामी योजना केवल प्रसव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म के उपरांत भी सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी। प्रसव के बाद के शुरुआती 30 दिनों तक माँ और उसके नवजात शिशु की सेहत की बारीकी से निगरानी की जाएगी। इस दौरान कॉल सेंटर के माध्यम से नियमित फॉलो-अप लिया जाएगा ताकि प्रसव पश्चात होने वाली किसी भी संभावित स्वास्थ्य संबंधी जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके और त्वरित चिकित्सकीय समाधान सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य और तकनीक के इस अनूठे संगम से बस्तर प्रशासन का विजन प्रत्येक प्रसव को सुरक्षित बनाना और जिले में स्वस्थ मातृ-शिशु परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।--
- 0- 30 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एस.एफ. फिश फार्म का कर रहे हैं संचालनमहासमुंद. जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भुरकोनी के प्रगतिशील मत्स्य कृषक श्री अब्दुल जमील ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से मछली पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाते हुए मत्स्य पालन विभाग से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें विभिन्न मछलियों की प्रजातियों, उनके व्यवहार, गुणवत्ता, रोग एवं उनके उपचार की समुचित जानकारी मिली, जिससे उन्होंने अपने उत्पादन को बेहतर और टिकाऊ बनाया।श्री जमील बताते हैं कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद जब उन्हें कोई उपयुक्त रोजगार नहीं मिला, तब उन्होंने छोटे स्तर पर मछली पालन कार्य की शुरुआत की। प्रारंभ में सीमित संसाधनों के साथ शुरू किया गया यह कार्य उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बल पर निरंतर आगे बढ़ता गया। वर्तमान में वे लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत एस.एफ. फिश फार्म का सफल संचालन कर रहे हैं।श्री जमील द्वारा एकीकृत मत्स्य पालन प्रणाली को अपनाया गया है, जिसमें मछली पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन, बकरी पालन एवं फसल उत्पादन भी किया जा रहा है। इस समन्वित कृषि प्रणाली ने उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ जोखिम को भी कम किया है। उनके फार्म में पंगास, तिलापिया, रोहू, कतला एवं मृगाल जैसी प्रमुख मछलियों का उत्पादन किया जाता है। इसके साथ ही वे रोहू, कतला एवं मृगाल के उन्नत बीज उत्पादन का कार्य भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कर रहे हैं। उनके द्वारा उत्पादित मछलियों की आपूर्ति आसपास के विभिन्न बाजारों में की जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार और पोषण सुरक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।श्री अब्दुल जमील वर्ष 2000 से मछली पालन कर रहे हैं और एक प्रगतिशील मछली उत्पादक हैं। साथ ही आधुनिक पद्धित से एकीकृत मछली पालन करते हैं, इसीलिये उन्हें राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस 10 जुलाई 2025 में श्रेष्ठ मत्स्य कृषक पुरस्कार प्रदान किया गया।
- बलौदाबाजार-भाटापारा. जीवन की राह में जब दुखों का पहाड़ टूटता है, तो अक्सर उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की हजारों महिलाओं के लिए अंधेरे में दीये की तरह साबित हो रही है। अमेरा की गायत्री साहू के लिये भी योजना के तहत मिलने वाली राशि सहारा बन गई।पति के आकस्मिक देहांत के बाद परिवार के भरण-पोषण की चिंता गायत्री को दिन-रात सताने लगी थी, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। प्रतिमाह बैंक खाते में आने वाली एक हजार रुपए की सम्मान राशि गायत्री के लिए केवल पैसा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी बन गई।अपनी इसी छोटी-सी बचत और अटूट हौसले से गायत्री ने गांव में ही एक छोटी सी फैंसी दुकान शुरू की है। आज उसी दुकान की आमदनी और सरकार से मिलने वाली निरंतर सहायता के बल पर वे न केवल अपने परिवार का सम्मानपूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि समाज में एक नई मिसाल भी पेश कर रही हैं। गायत्री साहू भावुक होकर कहती हैं कि जब उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब 'महतारी वंदन योजना' एक सच्चे सहारे के रूप में उनके पास आई। उन्होंने इस मानवीय पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक तंगी की बेड़ियों से मुक्त कर अपने पैरों पर खड़ा होने का साहस दिया है। गायत्री की यह मुस्कान आज प्रदेश की सशक्त होती नारीशक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
- 0- जिला मुख्यालय मोहला में 16 अप्रैल को सुबह 8 बजे निकलेगी बाइक एवं स्कूटी रैलीमोहला। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रचार-प्रसार हेतु 10 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक देशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित विशेष संसद सत्र को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त निर्देशों के तहत मोहला जिले में भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।जिला मुख्यालय मोहला में 16 अप्रैल को सुबह 8 बजे जिला पंचायत परिसर से कलेक्ट्रेट परिसर तक बाइक एवं स्कूटी रैली निकाली जाएगी। इस अभियान के माध्यम से आमजन में महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला प्रशासन की ओर से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अभियान को सफल बनाएं।
- रायपुर। “टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगा” अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जिले का सामूहिक संकल्प बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सूरजपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 24 मार्च 2026, विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की है। यह चरण पहले चरण की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए और अधिक प्रभावी रणनीति के साथ संचालित किया जा रहा है।कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब खदान प्रभावित क्षेत्रों, झुग्गी बस्तियों, सुदूर जनजातीय गांवों, प्रवासी मजदूरों के ठिकानों और छात्रावासों तक पहुंचकर घर-घर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रही हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार माइक्रो प्लान के माध्यम से प्रत्येक संभावित मरीज तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लक्ष्य के साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।टीबी उन्मूलन में पोषण की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए निश्चय पोषण योजना के तहत प्रत्येक मरीज को उपचार अवधि में 6,000 रुपये तक की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है, ताकि उपचार के दौरान पोषण संबंधी कमी न हो। इस अभियान की खास बात समाज की सक्रिय भागीदारी है। जिले में 113 निश्चय मित्र टीबी मरीजों की सहायता में जुटे हैं। विभिन्न संस्थाओं और कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 211 मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता दी जा रही है। वहीं 89 निश्चय मित्रों द्वारा 144 मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जा रही है। इसके अलावा माय भारत वॉलंटियर और एनएसएस के युवाओं द्वारा भी मरीजों को सामाजिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।दिसंबर 2024 में प्रारंभ हुए अभियान के पहले चरण में 1.84 लाख से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान की गई। इनमें से 30,952 लोगों की एक्स-रे जांच की गई, जिसमें 1,256 मामलों में असामान्यता मिलने पर मॉलिक्यूलर टेस्ट कराया गया। साथ ही 9,127 लक्षणयुक्त व्यक्तियों की सीधे जांच की गई, जिससे 627 नए मरीजों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया।जिला प्रशासन, स्वास्थ्य तंत्र और समाज की साझी भागीदारी से सूरजपुर टीबी मुक्त जिले की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, इसलिए लापरवाही से बचते हुए जागरूक रहना आवश्क है।
- रायपुर। सरगुजा जिला पंचायत सीईओ श्री विनय अग्रवाल ने लखनपुर के ग्राम बेलखरिखा में ग्राम पंचायत सचिव की अनाधिकृत अनुपस्थिति और लापरवाही पाए जाने पर तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान सीईओ ने ग्राम करजी और बेलखरिखा में विकास कार्यों की समीक्षा की। करजी में निर्माणाधीन पंचायत भवन और आंगनबाड़ी भवन को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित आवासों को मई माह तक पूरा करने पर जोर दिया। बेलखरिखा में ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ के तहत आयोजित जनसंवाद में उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। साथ ही अपूर्ण कार्यों को 15 दिनों में शुरू करने के निर्देश दिए।
- 0- रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. सत्येन्द्र गुमाश्ता स्मृति टेबल टेनिस युगल प्रतियोगिता के फाइनल विजय मिश्रा व विनोद कुमार की जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हितेश मेहता व लक्ष्मण लेखवानी की जोड़ी को 3-1 से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।फाइनल मैच का शुभारंभ प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने टास कराकर किया। फाइनल की शुरुआत बेहद प्रतिस्पर्धी रही। पहले सेट में हितेश व लक्ष्मण की जोड़ी ने तेज सर्विस और सटीक रिटर्न के दम पर 1-0 की बढ़त बनाई। उनकी आपसी समझ और कोर्ट कवरेज ने विरोधी टीम को दबाव में रखा। हालांकि दूसरे सेट में विजय व विनोद की जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस दौरान दोनों ओर से लंबी रैलियां देखने को मिली, जिससे प्रेस क्लब सदस्यों में उत्साह बना रहा।तीसरे सेट से विजय-विनोद की जोड़ी ने खेल की गति पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया। उन्होंने रणनीतिक प्लेसमेंट और संयमित खेल के जरिए लगातार अंक जुटाए और तीसरा सेट जीतकर स्कोर 2-1 किया। चौथे सेट में भी विजय-विनोद की जोड़ी ने अपना दबदबा बनाए रखा और निर्णायक बढ़त हासिल कर 3-1 से मैच अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान विजय मिश्रा व विनोद कुमार की जोड़ी ने निरंतर शानदार प्रदर्शन किया। दोनों के बीच तालमेल और अनुभव ने उन्हें खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं उपविजेता रही हितेश मेहता व लक्ष्मण लेखवानी की जोड़ी ने भी पूरे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट खेल दिखाया और फाइनल तक का सफर तय कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
- -खरीदी प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज-धान खरीदी में अनियमितता एवं शासन को क्षति पहुंचाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: कलेक्टर कुन्दन कुमारमुंगेली- जिले में धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। धान उपार्जन केंद्र हथनीकला में भारी अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खरीदी प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले की 66 समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों में लगभग 53 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई। इनमें से 90 केंद्रों से 52.82 लाख क्विंटल से अधिक धान का शत-प्रतिशत उठाव किया जा चुका है, जबकि अन्य केंद्रों में उठाव की प्रक्रिया जारी है।इसी दौरान हथनीकला केंद्र में 8 हजार 216 क्विंटल धान गायब पाए जाने का मामला सामने आया। इसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 54 लाख 70 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राजस्व, खाद्य, सहकारिता विभाग , नोडल सीसीबी की संयुक्त टीम द्वारा जांच कराई गई। जांच में धान की कमी की पुष्टि होने के साथ ही खरीदी प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत 29 मार्च 2026 से बिना सूचना के अनुपस्थित पाया गया। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और शासन को आर्थिक क्षति मानते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। कलेक्टर ने उनके विरुद्ध विभागीय जांच कर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी शासन की महत्वाकांक्षी योजना है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कड़े संदेश देते हुए कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) बनी सहारा, अब परिवार को मिला सुरक्षित छत और बेहतर भविष्य का भरोसा
रायपुर/ जब दूसरे लोग अपने घरों की मरम्मत या सजावट के बारे में सोचते हैं, उसी समय तिल्दा के ग्राम पंचायत बेमता की बृहस्पति निषाद के मन में बस एक ही सवाल रहता था कि क्या कभी उसका भी अपना पक्का घर होगा?
श्रीमती बृहस्पति निषाद अपने पति श्री बहादुर निषाद और तीन बच्चों के साथ जिस जगह रहती थीं, उसे घर कहना भी मुश्किल था। लकड़ी के सहारे और फटे-पुराने कपड़ों से बना एक अस्थायी सा ढांचा जो बारिश, हवा और धूप में हर बार नए सिरे से खड़ा करना पड़ता था। और इसी में उनका पूरा परिवार जीवन काट रहा था।
गांव में जब भी किसी का पक्का घर बनता, श्रीमती बृहस्पति चुपचाप उसे देखतीं। कई बार वह पंचायत पहुंचकर पूछतीं कि उनका घर कब बनेगा। जवाब लगभग हर बार एक जैसा होता। 2011 की जनगणना सूची में नाम नहीं है। धीरे-धीरे उन्होंने यह मान लिया कि शायद उनका घर इस जन्म में नहीं बन पाएगा।
फिर 2018 में एक छोटी सी जानकारी ने उनके सोचने का तरीका बदल दिया। पंचायत से पता चला कि उनका नाम “आवास प्लस” सूची में जोड़ दिया गया है। यह खबर उम्मीद जैसी थी, लेकिन उसके बाद भी इंतजार खत्म नहीं हुआ। वह बार-बार पंचायत जातीं, खाते में पैसे आने के बारे में पूछतीं, और हर बार उन्हें थोड़ा और इंतजार करने को कहा जाता।
समय बीतता रहा। उम्मीद बनी रही, लेकिन धीमी।
फिर 2024-25 में एक दिन पंचायत सचिव उनके घर पहुंचे। उन्होंने आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी और जरूरी दस्तावेज लेकर चले गए। एक हफ्ते के भीतर जब पहली किस्त उनके खाते में आई, तो श्रीमती बृहस्पति को पहली बार लगा कि अब बात आगे बढ़ेगी।
कुछ दिनों बाद निरीक्षण के लिए आईं अधिकारी ने उन्हें एक सीधी सलाह दी कि जितनी राशि है, उसी में छोटा लेकिन पक्का घर बनाएं। उधार लेकर बड़ा बनाने के बजाय, अपने हिसाब से एक कमरा और रसोई तैयार करें। श्रीमती बृहस्पति ने इस बात को गंभीरता से लिया।
इसके बाद घर बनना शुरू हुआ, धीरे-धीरे, किस्तों के साथ। बहादुर और बृहस्पति दोनों ने खुद मजदूरी करते हुए, सामान जुटाते हुए, अपने ही घर को खड़ा किया। बच्चों के साथ मिलकर ईंटें उठाना, रेत डालना, दीवारें खड़ी करना, यह सिर्फ निर्माण नहीं था, यह उनके जीवन में एक स्थिरता बनाने की कोशिश थी।
हर नई दीवार के साथ उनका भरोसा भी मजबूत होता गया। अब उन्हें हर मौसम से डरकर रात नहीं बितानी पड़ती थी।
आज उनका घर तैयार है छोटा है, लेकिन मजबूत है। पहले जहां उन्हें काम के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता था, अब वे अपने ही गांव में रहकर मजदूरी करते हैं। पंचायत में बन रहे अन्य घरों में काम करते हुए वे दूसरों के सपनों को भी साकार होते देखते हैं।
श्रीमती बृहस्पति कहती हैं कि अब घर लौटने पर एक सुकून मिलता है, जो पहले कभी नहीं था। उनके लिए यह सिर्फ छत नहीं, बल्कि एक सुरक्षित शुरुआत है। -
हर मकान की होगी गिनती, विकास की बनेगी नई तस्वीर
“हमारी जनगणना, हमारा विकास”: कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अपील
बिलासपुर/कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलेवासियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी, जिससे विकास योजनाओं की सटीक रूपरेखा तैयार हो सके।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने जानकारी दी कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य घर-घर जाकर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्व-गणना पूरी तरह ऐच्छिक है, जिसमें नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना करने पर एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं करता है, तो भी प्रगणक निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि इस चरण में प्रत्येक मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी। यह डेटा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने जनगणना की गोपनीयता पर जोर देते हुए बताया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्राप्त सभी जानकारी पूर्णतः सुरक्षित रखी जाती है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, केवल समेकित आंकड़े ही प्रकाशित किए जाते हैं। सूचना के अधिकार के दायरे में भी जनगणना के आंकड़े नहीं दिए जा सकते। इस डेटा का उपयोग न तो टैक्स वसूली में किया जाता है और न ही किसी जांच या अन्य कार्यवाही में। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के उद्देश्य को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सटीक जानकारी ही सशक्त योजनाओं का आधार बनती है, इसलिए हर नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। -
भिलाईनगर। केंद्र सरकार की RAMP योजना के अंतर्गत, CSIDC छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, उन्हें बाजार से जोड़ने तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आज भिलाई नगर निगम के (सभा कक्ष ) में बिज़नेस डेवलपमेंट सर्विस प्रोवाइडर प्रोग्राम विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों एवं महिला संचालित MSMEs को बाजार विकास हेतु आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता, प्रदर्शनी एवं मेलों में भागीदारी, ब्रांड प्रमोशन तथा निर्यात के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला उद्यमिता न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है।
कार्यशाला के दौरान निम्न विषयों पर विशेष जानकारी प्रदान की गई। बिज़नेस डेवलपमेंट सर्विस प्रोवाइडर प्रोग्राम (BDSP) योजनाएं राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मेलों/प्रदर्शनी में भागीदारी की प्रक्रिया उत्पाद ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं लेबलिंग में सुधार
गुणवत्ता प्रमाणन एवं मानकीकरण का महत्व
B2B एवं B2C मार्केट लिंकज के अवसर ई-कॉमर्स एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री विस्तार सरकारी सहायता एवं अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरक एवं मार्गदर्शक बताया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर रोहित शर्मा, वासुदेव वर्मा एवं जिला कोऑर्डिनेटर शशांक सोनी , रजत वर्मा की उपस्थिति रही। - रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
- -मंत्री श्री नेताम ने किया 25 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यासरायपुर । बलरामपुर जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षाेल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने ग्रामवासियों को विकास की महत्वपूर्ण सौगात देते हुए 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाली डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। मंत्री श्री नेताम ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की तथा उपस्थित जनप्रतिनिधियों के साथ केक काटकर जयंती की खुशियां साझा कीं।जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन शोषितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। हमारा देश सामाजिक, जातीय और धार्मिक विविधताओं से परिपूर्ण है, लेकिन बाबा साहेब द्वारा निर्मित सशक्त संविधान आज भी देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए हुए है। संविधान की सर्वाेच्चता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसी के तहत देश के प्रत्येक नागरिक को समानता और न्याय का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।उन्होंने बताया कि एक समय था जब ग्रामीण अंचलों में सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता था। किंतु वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नीतियों एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के हर वर्ग को मिल रहा है और शासन के सतत प्रयासों से विकास की रोशनी समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही है। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता जताते हुए मंत्री श्री नेताम ने आगे कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए क्षेत्र में दुग्ध संग्रहण केंद्र स्थापित करने की व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। इससे किसानों को उनके दुग्ध उत्पादन का उचित मूल्य मिल सकेगा और विविध खेती की ओर भी अग्रसर होंगे। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना तथा बलरामपुर जिला मुख्यालय में पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास की आगामी कार्ययोजना के बारे में भी जानकारी दी, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।मंत्री श्री नेताम ने समरसता भोज के जरिए दिया सामाजिक एकता का संदेशमंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपनी सादगी का परिचय देते हुए उपस्थित जनसमुदाय और विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जमीन पर बैठकर सामाजिक समरसता भोज ग्रहण किया। मंत्री श्री नेताम की इस आत्मीय पहल ने समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव की दूरियों को मिटाते हुए समानता, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री बद्री नाथ, अनुविभागीय अधिकारी श्री आनंद राम नेताम, जनपद सीईओ श्री रणवीर साय, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिक सेवा श्री सच्चिदानंद कांत,स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक, समाज प्रमुख और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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-सड़क, सामाजिक भवन, खेल सुविधाओं से बदलेगा डिंडो का स्वरूप: मंत्री श्री नेताम
-गोड़ समाज के उत्थान हेतु कई विकास कार्यों की दी सौगातरायपुर। बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत डिंडो में बुनियादी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कुल 1154.45 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तीन सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। जिसमें तालकेश्वरपुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मार्ग से कुल्लूडीह होते हुए गोंड पारा सलवाही तक 5.40 किलोमीटर, गुदाह मार्ग से ग्राम पंचायत भवन पीपर पान बस्ती तक 4.13 किलोमीटर तथा कमिश्नर नगर से मुख्य मार्ग सोमारू घर तक 1.53 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शामिल है। इन मार्गों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से सीधा एवं सुगम संपर्क स्थापित होेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के तत्वावधान में ग्राम पंचायत डिंडो में गोंड समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, धान उपार्जन केंद्र में चबूतरा निर्माण तथा युवाओं के शारीरिक संवर्धन एवं खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु खेल मैदान के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्री रामविचार नेताम ने सेवा जोहार के साथ जनसमुदाय को संबोधित करते हुए गोंडवाना समाज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की मांग को पूरा करते हुए सामाजिक भवन के निर्माण का शिलान्यास किया गया है, जिससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।मंत्री श्री नेताम ने शिक्षा को विकास की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए समाज के लोगों से शिक्षित और सशक्त बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज शिक्षित होगा, तभी वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों को सही मायने में समझ पाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। इसलिए सभी को संविधान की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ उठा सकें और अपना जीवन स्तर बेहतर बना सकें।उन्होंने कहा कि सड़कों के विस्तार सहित अन्य निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है, उन्होंने कहा की क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की सेवा करने की जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वे पूरी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रकृति संरक्षण के महत्व को समझाते हुए उन्होंने महुआ संग्रहण के दौरान जंगलों में आग लगाने की प्रवृति पर उन्होंने कहा कि इससे वनस्पतियों और छोटे जीव-जंतुओं का नाश होता है, जो पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है। प्रकृति के कण-कण में देवताओं का वास होता है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री मुद्रिका सिंह सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, समाज प्रमुख बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। - -रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरणरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर ।भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित इंद्रावती भवन के समीप कैपिटल कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के अंबेडकर चौक में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डां बी.आर. अंबेडकर जयंती समारोह, संयुक्त आयोजन समिति के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं आम नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सुबह से ही अंबेडकर चौक पर लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे क्षेत्र में “जय भीम” एवं संविधान के जयघोष गूंजते रहे।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, एवं अध्यक्षता महादेव कांवरे, संभागायुक्त रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर उपस्थित जनों को संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई गई। अंबेडकर चौक से एक भव्य रैली भीनिकाली गई, जिसमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामाजिक समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा अंबेडकर चौक में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी गई। इस पर मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में यहां एक भव्य एवं विशाल प्रतिमा अवश्य स्थापित की जाएगी। मंत्री जी का यह व्यक्त्तव उपस्थित जनसमूह के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान की एक प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त की और अपने ज्ञान, परिश्रम एवं दूरदर्शिता के बल पर भारत को विश्व का सबसे मजबूत संविधान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया, जो आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।अपने वक्तव्य में मंत्री ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ाना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों को जानें, समझें और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, ताकि एक समरस, समान और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके विचारों और समाज में लाए गए क्रांतिकारी परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। दिलीप वासनिकर ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों की जानकारी देते हुए इसे विश्व का सबसे प्रभावशाली दस्तावेज बताया, वहीं कमल वर्मा ने कर्मचारियों और आम नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। धनंजय देवांगन ने सामाजिक एवं आर्थिक स्वतंत्रता को संविधान की मूल भावना बताते हुए कहा कि यह सभी वर्गों के समग्र विकास का आधार है।सुभाष मिश्रा, अनिल बनज एवं आलोक देव ने जातिविहीन समाज की स्थापना, सामाजिक समता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। मंजू बंसोड़ ने महिला सशक्तिकरण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया, जबकि डाॅ आर. के. सुखदेवे ने शिक्षा को समाज के विकास की आधारशिला बताया।आर. पी. भतपहरी ने वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान में डॉ. अंबेडकर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिनकी प्रासंगिकता आज भी समाज में बनी हुई है।संयुक्त आयोजन समिति के संयोजक देवलाल भारती ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को डॉ. अंबेडकर के विचारों से जोड़ना तथा असमानता को दूर कर समानता की भावना को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और संविधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर उपस्थित सभी आमंत्रितों एवं नागरिकों को डॉ. अंबेडकर का पैरा आर्ट फोटोफ्रेम संविधान की प्रस्तावना तथा संविधान की पुस्तकें भेंट की गईं। कार्यक्रम में अश्विनी कुमार बंजारा, एच.के. रंगारी, अगर लाल जोशी, कमलेश बंसोड, राजीव अहिरे कृष्ण लाल कश्यप, विमल शाण्डिल्य, शैलेंश टेंबुरने, कैलाश नेताम, घनश्याम साहू, यू एस राठिया, भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, एन आर चंद्रवंशी, एल. एन. कोसरिया , श्रीमती विद्या भारती, सुश्री कांति सूर्यवंशी, आशा पात्रे, टीकू रावटे, उमेश सिंह, अनिल मालेकर, अश्विन पात्रे, ए.एस. मरावी, जी.एस. पैकरा, डी.एस. धुवे, राजदेव लकड़ा, वीरेंद्र मिरचे, रमेश घिदौडे, मुक्त नंद खूंटे, एस.आर. टंडन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक स्थानीय, मंडल अध्यक्ष श्री देशवन बघेल ग्रामीण सरपंच, उप सरपंच, जनपद प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा संविधान के मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल डॉ. अंबेडकर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित करने में भी सफल रहा।
- -घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेशरायपुर ।सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे में 11 श्रमिकों की मौत हो गई तथा 22 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की कमान संभाली। प्रशासन ने एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय कर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि घटना जिले के डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई गांव में हुई जहां वेदांता कंपनी के विद्युत संयंत्र में बॉयलर की ट्यूब में विस्फोट हो गया। ठाकुर ने बताया कि घटना के समय वहां काफी संख्या में श्रमिक काम कर रहे थे।उन्होंने बताया कि कम से कम 11 श्रमिकों की मौत हो गई तथा 22 अन्य घायल हो गए।अधिकारी ने बताया कि चार श्रमिकों की मौत घटनास्थल पर हुई तथा सात अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और मजदूरों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि 22 मजदूरों को रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि संयंत्र में बड़ी संख्या में पुलिस दल को तैनात किया गया है।वेदांता विद्युत संयंत्र के प्रवक्ता ने बताया, ''आज दोपहर हमारे सिंघीतराई संयंत्र की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार मिले।'' उन्होंने कहा, ''हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीम तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम घटना का पूरा विवरण जुटाने की प्रक्रिया में हैं, हमारे साझेदार तथा संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। इस मुश्किल समय में, हमारी गहरी संवेदनाएं और सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।''



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