- Home
- छत्तीसगढ़
- -भगवान झूलेलाल की जयंती पर सिंधी समुदाय को नववर्ष की बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि (20 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं। उनका नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर वीरांगनाओं में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध किया। उन्होंने अपने राज्य और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और स्वाधीनता के लिए बलिदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक थीं। उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य किया और न केवल महिलाओं बल्कि पूरे राष्ट्र को संघर्ष की राह दिखाई। उनकी वीरता, बलिदान और नेतृत्व क्षमता भारत के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का अमिट उदाहरण हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी महान नारियों की कहानियाँ हमें आज भी राष्ट्रभक्ति, त्याग और साहस की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे रानी अवंती बाई को लोधी के आदर्शों से प्रेरणा लें और उनके बलिदान को स्मरण कर देश और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी।उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
- -जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी-32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 3000 जनजातीय खिलाड़ी करेंगे भागीदारी-डेमो गेम्स के रूप में दो परंपरागत खेल कबड्डी और मलखंब भी शामिलरायपुर. ।छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में देशभर के जनजातीय खिलाड़ी सात खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इसमें देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 3000 खिलाड़ी भागीदारी करेंगे। आयोजन के दौरान पुरूष एवं महिला वर्गों में राजधानी रायपुर में पांच खेलों तथा बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर और सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में एक-एक खेल होंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के कुल 164 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 86 पुरूष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।तीनों शहरों में नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए चिन्हांकित खेल स्थलों व मैदानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने का काम जोरों पर है। रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान और स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम कोटा में फुटबॉल की प्रतियोगिताएं होंगी। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी की स्पर्धाएं होंगी। वहीं रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्वीमिग पूल में तैराकी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग संचालनालय के ओपन मैदान में तीरंदाजी तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ओपन ग्राउंड में वेट-लिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं संपन्न होंगी।जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में देश के दो परंपरागत खेलों कबड्डी और मलखंब को भी डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है। कबड्डी की स्पर्धाएं रायपुर के सरदार बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में होगा।
- रायपुर / आबकारी विभाग के अंतर्गत आबकारी आरक्षक के रिक्त 200 पदों की पूर्ति हेतु सीधी भर्ती के माध्यम से छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर (व्यापम) द्वारा 27 जुलाई 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। उक्त भर्ती परीक्षा का अंतिम उत्तर तथा परीक्षा परिणाम व्यापम की वेबसाइट पर 19 सितम्बर 2025 को प्रदर्शित किया गया।आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग को उपलब्ध कराये गये परीक्षा परिणाम की प्राप्तांक सूची एवं परीक्षा से संबंधित अन्य अभिलेखों के आधार पर विज्ञापन में उल्लेखित वर्गवार, प्रवर्गवार रिक्तियों की संख्या के लगभग तीन गुना अभ्यर्थियों को मेरिट क्रम में चिन्हांकित किया गया। उनके मूल प्रमाण पत्रों (दस्तावेजों) का सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड की जॉच के लिए बुलाया गया, किन्तु पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद भी सत्यापन में अनुपस्थित एवं शारीरिक मापदण्ड में अपात्र पाये गये कुल 128 अभ्यर्थियों के नामों पर चयन प्रक्रिया में विचार नहीं करने संबंधी 12 मार्च 2026 को पत्र जारी किया गया। शेष पात्र अभ्यर्थियों में से व्यापम द्वारा जारी मेरिट क्रम के आधार पर वर्गवार, प्रवर्गवार आबकारी आरक्षक पद के कुल 200 पदों के विरूद्ध 200 पदों पर अभ्यर्थियों की उपलब्धता अनुसार चयन सूची तथा 43 अनुपूरक (प्रतीक्षा) सूची जारी गई है।अधिकारियों ने बताया कि आबकारी आरक्षक पद हेतु छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में व्यापम द्वारा जारी मेरिट सूची के आधार पर विभाग में दस्तावेज सत्यापन एवं शारीरिक मापदण्ड में पात्र पाये गये अभ्यर्थियों में से चयन हेतु उपयुक्त पाये गये अभ्यर्थियों की सूची मंडल की वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर अपलोड कर दी गई है।
- -इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और उज्बेकिस्तान के पांच विश्वविद्यालयों के मध्य उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान में सहयोग हेतु हुए समझौते-कुलपति डॉ. चंदेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने उज्बेकिस्तान के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशीरायपुर। उज्बेकिस्तान के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी आगामी शैक्षणिक वर्ष से कृषि के क्षेत्र में उच्च शिक्षा तथा अनुसंधान हेतु छत्तीसगढ़ आएंगे और छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी अध्ययन एवं अनुसंधान हेतु उज्बेकिस्तान जाएंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर तथा उज्बेकिस्तान के पांच विश्वविद्यालयों के मध्य कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आपसी सहयोग हेतु समझौते किये गए हैं।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधि मंडल के विगत दिनों उज्बेकिस्तान प्रवास के दौरान ताशकंद स्टेट एग्रेरियन यूनिवर्सिटी, बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी, समरकंद स्टेट वेटेरिनरी, तेरमेज़ इंस्टीट्यूट तथा देनोव इंस्टीट्यूट के बीच शिक्षा, अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता विकास आदि क्षेत्रों में सहयोग हेतु अनेक समझौते हस्ताक्षरित किए गए। इन समझौतों से छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों संयुक्त अनुसंधान पहलों, शैक्षणिक गतिशीलता और अंतर्राष्ट्रीय इंटर्नशिप को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है जिससे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वैश्विक भागीदारी बढ़ेगी।कुलपति डॉ. चंदेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने उज्बेकिस्तान के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं भी तलाशी जिनमें चांवल अनुसंधान, औषधीय फसलों की खेती, जैव प्रौद्योगिकी और कृषि उद्यमिता प्रमुख हैं। प्रतिनिधिमंडल ने उज्बेकिस्तान में कृषि आधारित उद्योगों के विकास में भारतीय किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु काफी रूचि दिखाई। डॉ. चंदेल ने आशा व्यक्त की कि जिस प्रकार बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल शिक्षा के लिए उज्बेकिस्तान जाते हैं उसी प्रकार भविष्य में उज्बेकिस्तान के विद्यार्थी कृषि शिक्षा प्राप्त करने लिए छत्तीसगढ़ आएंगे।उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के विस्तार के परिप्रेक्ष्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के नेतृत्व में 28 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक उज्बेकिस्तान के दौरे पर गया था। यह भ्रमण भारतीय एवं उज्बेक संस्थानों के बीच शैक्षणिक संबंधों को सुदृढ़ करने तथा कृषि विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, संरक्षित खेती, कृषि उद्यमिता एवं प्रमुख फसलों की मूल्य श्रृंखला विकास में सहयोग की संभावनाओं का अन्वेषण करने हेतु किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों एवं शासकीय प्रतिनिधियों से भेंट कर संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान सहयोग एवं संस्थागत साझेदारी के अवसरों की पहचान की। प्रतिनिधि मंडल में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. हुलास पाठक भी शामिल थे। इस यात्रा का उद्देश्य कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना था साथ ही भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी का निर्माण करना था।यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उजबेकिस्तान के प्रमुख विश्वविद्यालयों अनुसंधान संस्थानों और नीति संगठनों के साथ जुड़कर कृषि विज्ञान जैव प्रौद्योगिकी कृषि उद्यमिता संरक्षित खेती और मूल्य श्रृंखला विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों का पता लगाया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पाँच प्रमुख सस्थानो, तेरमेज़ पेडागोजिकल इंस्टीट्यूट, डेनोव इंस्टीट्यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एक पेडागोजी, ताशकंद स्टेट एग्रेरियन यूनिवर्सिटी, बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी और समरकंद स्टेट वेटरनरी यूनिवर्सिटी के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। प्रतिनिधिमंडल ने ताशकंद में प्रत्यायन और रेटिंग अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी के साथ भी एक विस्तृत बैठक की। इस यात्रा ने उज्बेकिस्तान की तेजी से विस्तार कर रही उच्च शिक्षा प्रणाली के बारे में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की और कौशल विकास, संकाय प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षण समाधानों में सहयोग के नए रास्ते खोले।तेरमेज पेडागोजिकल इंस्टीट्यूट में एक एमओयू को औपचारिक रूप दिया गया और शैक्षणिक सहयोग तथा पाठयक्रम विकास पर चर्चा हुई। डेनोव इंस्टीट््यूट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागोजी में प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उच्च्य स्तरीय बातचीत में भाग लिया जिसमें उद्यमिता शिक्षा जैव प्रौद्योगिकी और कृषि मूल्य श्रृंखलाओं में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया गया। उच्च शिक्षा में उनके शैक्षणिक योगदान और नेतृत्व के सम्मान में डॉ गिरीश चंदेल और प्रो हुलास पाठक को उनकी यात्रा के दौरान विजिटिंग प्रोफेसरशिप सम्मान से सम्मानित किया गया। ताशकंद स्टेट एथेरियन यूनिवर्सिटी में कृषि जैव प्रौद्योगिकी खारा प्रौद्योगिकी और उद्यमिता विकास में सहयोग पर बर्चा हुई, जिसके बाद एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। बुखारा स्टेट यूनिवर्सिटी के दौरे से उन्नत स्मार्ट प्रयोगशाला सुविधाओं और किसान-समूह-आधारित मूल्य श्रृंखला मॉडलों विशेष रूप से कपास और डेयरी क्षेत्रों में देखने का अवसर मिला।प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने के इन अभिनव दृष्टिकोणों की सराहना की। समरकंद स्टेट वेटरनरी यूनिवर्सिटी में प्रतिनिधिमंडल ने चांवल अनुसंधान औषधीय पौधों और कृषि उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ साथ संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक आदान प्रदान के अवसरों पर चर्चा की। इस दौरे में नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया जिसमें इनक्यूबेशन के अवसर कृषि आधारित उद्योगों का विकास और किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देना शामिल है।हल्दी, अदरक, लहसुन, लेवेंडर और औषधीय पौधों जैसी फसलों के लिए मूल्य श्रृंखला विकास पर विशेष चर्चा हुई साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त ब्रांडिंग पहलों की संभावनाओं पर भी बात हुई। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने ताशकंद में भारतीय दूतावास के साथ भी बातचीत की जहाँ राजदूत सुश्री स्मिता पंत के साथ की गई चर्चा कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। प्रतिनिधि मंडल ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में केसर लैवेंडर, हींग, बेरी और उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों की पहचान की। इस दौरे ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए एक मजबूत नींव रखी है, जो सतत कृषि, नवाचार और वैश्विक ज्ञान के आदान-प्रदान की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- -नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्नरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है।संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके।पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है।इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -ऑडिटोरियम, मुक्तिधाम और सड़कों के निर्माण से शहरी-ग्रामीण ढांचे को मिलेगी मजबूतीरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।मुख्यमंत्री श्री साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम होगी आयोजन-अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 लाख रूपए तक का पुरस्काररायपुर । छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा।मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईटhttps://www.bastarheritage.run/registration अवलोकन कर सकते हैं।
- -परिजनों से भेंट कर बंधाया ढांढस, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति योगदान को किया नमनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद जैन के निवास पहुंचकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री महावीर प्रसाद जैन का जीवन समाज सेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और समाज को प्रेरणा देता रहेगा।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई सीमा के अंतर्गत संचालित पशुवध गृह एवं समस्त मांस विक्रय की दुकानें दिनांक 20.03.2026 दिन शुक्रवार को चैट्रीचण्ड पर्व के अवसर पर बंद रखी जावेगी। समस्त मांस मटन विक्रेता शासन के इस आदेश का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। निगम प्रशासन द्वारा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को तेज कर दिया गया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, स्त्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) और बल्क वेस्ट जनरेटर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। शहर में सौंदर्यीकरण के तहत दीवारों पर आकर्षक पेटिंग बनाकर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके अलावा तालाबों की सफाई, स्कूलों, उद्यानों और एल.एल.आर.एम. सेंटरों का व्यवस्थित संचालन को प्राथमिकता दिया जा रहा है। बैक लाइन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी क्षेत्र स्वच्छता से वंचित न रहे।सिंगलयूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए भी निगम द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे है और नागरिकों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम भिलाई द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में बेहतर रैकिंग हालिस करने सभी प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में भागीदारी निभाएं।--
- दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग तथा क्रिश्चन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में एक विशाल जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम क्रिश्चन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी, दुर्ग के परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिला रोजगार कार्यालय के उपसंचालक ने बताया कि निजी क्षेत्र के ऐसे नियोक्ता जो अपने संस्थानों में रिक्त पदों की भर्ती इस मेले के माध्यम से करना चाहते हैं, वे अपनी रिक्तियों की जानकारी छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल के जरिए जिला रोजगार कार्यालय को प्रेषित कर सकते हैं। पोर्टल के माध्यम से रिक्तियां अधिसूचित करने के लिए नियोक्ताओं को ’रोजगार मेला हेतु पंजीयन’ कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन प्रक्रिया के लिए नियोक्ता के पास वैध जी.एस.टी. क्रमांक होना आवश्यक है तथा संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इस मेले का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना और नियोक्ताओं को कुशल कार्यबल उपलब्ध कराना है। इच्छुक संस्थान एवं अधिक जानकारी चाहने वाले आवेदक किसी भी कार्य दिवस में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग में संपर्क कर विस्तृत विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सांकरा, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी श्री राकेश यादव की विगत 20 सितम्बर 2025 को गहरे पानी में डूबने से मृत्यु हुई थी। इसी प्रकार ग्राम देउरझाल पतोरा, तहसील पाटन जिला दुर्ग निवासी श्री तुषार कुमार उर्फ तुरू कोसरे की मृत्यु विगत 17 अगस्त 2025 को नहाते वक्त बांध के गहरे पानी में डूबने से और ग्राम घोघारी तहसील पाटन जिला दुर्ग की रहने वाली बालिका खनक बंजारे की मृत्यु विगत 16 जून 2025 को तालाब के पानी में डुबने से हुई थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. राकेश यादव की पत्नि श्रीमती गोदा बाई यादव, स्व. तुषार कुमार उर्फ तुरू कोसरे के पिता श्री धनेश्वर और स्व. खनक बंजारे के पिता गुलशन बंजारे को क्रमशः 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- 0-वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति पर नागरिकों की सुविधा हेतु लिया गया निर्णयदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में राजस्व संग्रहण और नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालयों को खुला रखने का निर्देश दिया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप आगामी छुट्टियों के दौरान पंजीयन कार्य की प्रक्रिया जारी रहेगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, मार्च माह में पक्षकारों द्वारा कराए जाने वाले पंजीयन की अधिक संख्या को देखते हुए मार्च माह के चतुर्थ रविवार 22 मार्च 2026, अंतिम शनिवार 28 मार्च 2026, अंतिम रविवार 29 मार्च 2026 और महावीर जयंती के अवसर पर 31 मार्च 2026 को भी सभी पंजीयन कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से संचालित होगा।विभाग के अनुसार, मार्च का महीना राजस्व प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः जनहित में इन अवकाश के दिनों में भी उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है। साथ ही जिला पंजीयक, कोषालय अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों को 31 मार्च तक बैंकों में शासकीय लेनदेन सुचारू रखने हेतु यथोचित निर्देशित किया गया है। आम जनता की सुविधा के लिए स्टॉक होल्डिंग कार्पाेरेशन को ई-स्टाम्पों की निरंतर आपूर्ति और एनआईसी को सुचारू तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- 0-दुर्ग की गलियों में सज रहा आत्मनिर्भरता का व्यवसायदुर्ग. महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक ऐसी दूरदर्शी पहल है, जिसने प्रदेश की लाखों महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज में एक नई पहचान भी दिलाई है। यह योजना वित्तीय सहायता के साथ-साथ महिलाओं के आत्मविश्वास और उनके स्वावलंबन का आधार बन रही है। इस बदलाव की एक जीती-जागती तस्वीर दुर्ग जिले के शांति नगर में देखने को मिलती है, जहाँ एक साधारण गृहणी ने शासन की इस मंशा को हकीकत में बदल दिया है।दुर्ग नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 17, शांति नगर की रहने वाली श्रीमती आरती साहू की कहानी संघर्ष से सफलता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित राशि ने आरती के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया। इस आर्थिक संबल का सही उपयोग करते हुए उन्होंने अपने हुनर और मेहनत के दम पर पूजा सामग्री, फूल और नारियल का एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। आरती बताती हैं कि योजना से मिली मदद ने उन्हें शुरुआती पूंजी जुटाने में बहुत सहयोग किया। आज वे अपनी मेहनत से प्रतिमाह 5,000 से 6,000 रुपये तक कमा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर और सुदृढ़ हुई है। आरती साहू जैसी महिलाओं की यह सफलता दर्शाती है कि जब नारी को सही अवसर और सरकारी योजनाओं का साथ मिलता है, तो वह न केवल अपने परिवार का सहारा बनती है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल पेश करती है। श्रीमती आरती ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद किया। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिला यह सम्मानजनक सहयोग आज प्रदेश की नारी शक्ति के सशक्तिकरण और समृद्धि के नये द्वार खोल रहा है।
- 0- तखतपुर के किसानों ने अपनाई उन्नत खेती, बढ़ी कमाईबिलासपुर. तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम निरतू के प्रगतिशील किसान श्री भुखन लाल और श्री रामाधार साहू की मेहनत और नई तकनीकों को अपनाने की सोच आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। पहले वे पारंपरिक खेती करते थे, जिससे आय सीमित थी। लेकिन समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत उद्यानिकी विभाग से मिले मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी।श्री भुखन लाल ने अपने 2 हेक्टेयर खेत में कटहल एवं नींबू के पौधे लगाए और साथ ही अंतरवर्ती फसल के रूप में बैंगन की खेती शुरू की। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट खाद, ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया। इन तकनीकों से जहां फसल की लागत कम हुई, वहीं उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि बैंगन का लगभग 425 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। जहां लागत 2.5 से 3 लाख रुपये आई, वहीं उन्हें 5 से 6 लाख रुपये तक की आय हुई। इस सफलता से उनकी आर्थिक स्थिति में स्पष्ट सुधार आया और वे अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं।इसी प्रकार ग्राम अमोलीकापा के किसान श्री रामाधार साहू ने भी उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की है। पहले वे परंपरागत खेती करते थे, लेकिन अब आधुनिक तकनीकों की मदद से बेहतर उत्पादन की ओर अग्रसर हैं। उन्हें 200 से 220 क्विंटल उत्पादन और 2 से 3 लाख रुपये आय की उम्मीद है। यह कहानी दर्शाती है कि यदि किसान नई तकनीकों को अपनाएं और योजनाओं का लाभ लें, तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।
- बिलासपुर. शिक्षक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित मंगला के मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति 23 मार्च 2024 तक सोसाइटी कार्यालय में या कार्यालय उप पंजीयक बिलासपुर में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्वेता दुबे के समक्ष सप्रमाण लिखित में प्रस्तुत कर सकते है। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण सोसाइटी कार्यालय में 24 मार्च को सवेरे 11 बजे किया जाएगा। सूची का अवलोकन सोसाइटी कार्यालय के नोटिस बोर्ड, उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बिलासपुर, विकासखण्ड बिल्हा के कार्यालय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा बिल्हा के सूचना पटल पर चस्पा कर दिया गया है।
- बिलासपुर. भारत की जनगणना 2027 एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अद्यतन कार्य के लिए जिले के विभिन्न ग्रामीण व नगरीय चार्जाें हेतु फील्ड ट्रेनर्स की नियुक्ति की गई है। दो बैच में नियुक्त किये गये इन ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार में 23 मार्च से 29 मार्च 2026 तक सवेरे 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेगा।प्रथम बैच में ग्रामीण एवं नगरीय फिल्ड के 45 ट्रेनर्स को 23 मार्च से 25 मार्च तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिनमें कोटा, रतनपुर, बेलगहना, तखतपुर, सकरी, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तुरी, सीपत, पचपेड़ी, बिल्हा, बोदरी तहसील एवं नप कोटा, रतनपुर, तखतपुर, मल्हार, बिल्हा एवं बोदरी के ट्रेनर्स शामिल होंगे। इसी प्रकार द्वितीय बैच में नगर पालिक निगम बिलासपुर अंतर्गत कुल 26 फील्ड ट्रेनर्स को 27 मार्च से 29 मार्च 2026 तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- बिलासपुर. राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों के समुचित उपचार एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजकिशोर नगर में पोषण किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर 12 टीबी मरीजों को एसईसीएल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोटीन युक्त पोषण किट प्रदान किए गए।सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल ने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी में दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक होता है। पोषण किट मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है और मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना भी मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने में इस प्रकार की पहल अहम भूमिका निभा रही है। एसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत किया गया यह सहयोग मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मरीजों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और संस्थाओं के सहयोग से ही टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
- 0- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की0- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबिलासपुर. छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियां जोरों पर है। राज्य के तीन शहरों रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में आगामी 25 मार्च से 3 अप्रैल तक इसका आयोजन किया जा रहा है। सभी व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देने तीनों शहरों में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में खेलो इंडिया नेशनल ट्रायबल गेम्स में शामिल खेलों एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हाॅकी, फुटबाॅल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती एवं दो डेमो गेम्स मलखंब एवं कबड्डी के मैदानों में सभी इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने आयोजन में भाग लेने विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के आवास, परिवहन एवं भोजन संबंधी तैयारियों की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मानकों के अनुरूप आवास व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने को कहा।श्री साव ने सभी खिलाड़ियों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं, इन्जरी मैनेजमेंट, वेन्यू पर मेडिकल किट तथा पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खेल स्थलों पर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स के इंस्टालेशन, शुभारंभ एवं समापन समारोह तथा संपूर्ण आयोजन के प्रचार-प्रसार व जन सहभागिता संबंधी गतिविधियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन सक्रियता, गंभीरता तथा निष्ठा के साथ करने को कहा। उन्होंने ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए देशभर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ ही आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। दस दिनों तक चलने वाले खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में 32 राज्यों के 3000 खिलाड़ी हिस्सेदारी करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनूजा सलाम और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित आयोजन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियां एवं विभागीय अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
- बिलासपुर. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला बिलासपुर में एनएबीएल (राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड) के तहत ऑनसाइट सर्विलांस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सर्विलांस सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, नई दिल्ली की असेसर टीम द्वारा 14 एवं 15 मार्च 2026 को किया गया। इस दौरान प्रयोगशाला में किए जा रहे पेयजल नमूनों के परीक्षण की गुणवत्ता, सटीकता तथा ISO/IEC 17025:2017 मानकों के अनुरूपता का गहन मूल्यांकन किया गया।निरीक्षण के दौरान टीम ने प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली, उपकरणों के कैलिब्रेशन, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, रिकॉर्ड संधारण एवं परीक्षण प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही तकनीकी सुधार हेतु आवश्यक सुझाव भी दिए गए, जिससे भविष्य में परीक्षण कार्य और अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय हो सके।दो दिवसीय सर्विलांस के दौरान गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। यह प्रक्रिया प्रयोगशाला की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा परीक्षण परिणामों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के मार्गदर्शन में संपूर्ण प्रक्रिया का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
- 0- पर्यावरण संरक्षण का संदेश, प्रसूता माताओं को हरियाली की भेंटरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में एमसीएच कालीबाड़ी में 08, हीरापुर में 01, मंदिर हसौद 02, आज दिनांक में कुल 11 प्रसुताओं को 55 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखूता है।
-
बिलासपुर/आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, कोनी के नये भवन के व्यवसाय मेकेनिक ट्रेक्टर में 19 मार्च को सबेरे 10 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। कैम्प में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से सभी व्यवसाय के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी जो 10वीं की नियमित परीक्षा पास हो एवं उक्त दिवस को जिनकी आयु 18 से 28 वर्ष के मध्य हो अपने दस्तावेजों के साथ शामिल हो सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, कोनी में संपर्क कर सकते है।
-
- भिलाई की सुंदर विहार कॉलोनी में सीवरेज समस्या से लोग परेशान, सड़क पर बह रहा गंदा पानी
- जनदर्शन में आज 128 आवेदन प्राप्त हुए
दुर्ग/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 128 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में चंदखुरी ग्राम के वार्ड क्रमांक 6 एवं 7 के निवासियों ने हर घर नल-जल योजना के तहत पाइप-लाइन कार्य न होने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि अमृत मिशन योजना के तहत गांव के कई वार्डों में पाइप-लाइन बिछाकर घर-घर कनेक्शन दिए जा रहे हैं, लेकिन उनके वार्ड को अब तक इस योजना से वंचित रखा गया है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे उन्हें आस-पास के वार्डों से पानी लाना पड़ता है। इस पर कलेक्टर ने पीएचई विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
सेवानिवृत्ति शिक्षिका ने छह माह बाद भी जीपीएफ का भुगतान नही होने की शिकायत की। धमधा विकासखंड से 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने के पश्चात भी उच्च श्रेणी शिक्षिका को उनकी सामान्य भविष्य निधि की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित विभागों को लिखित एवं मौखिक आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शिक्षिका का कहना है कि महालेखाकार रायपुर से स्वीकृति मिलने के बावजूद भुगतान लंबित है। इस कारण उन्हें अपने पति के इलाज के लिए ब्याज पर पैसा उधार लेना पड़ रहा है। उनके पति की बायपास सर्जरी हो चुकी है और वर्तमान में रायपुर के अस्पताल में इलाज जारी है। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
इसी प्रकार भिलाई की सुंदर विहार कॉलोनी वार्ड क्रमांक 22 स्थित प्रीत पैलेस के समीप कई वर्षों से सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बहने और जमा होने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगरीय प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। नगरीय प्रशासन द्वारा अस्थायी रूप से मशीन के जरिए पानी हटाया जाता है, किंतु स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसके चलते समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

.jpg)

























