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- स्कूल छात्राओं के चेहरे खिलेरायपुर/ पंडित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत संत कंवर राम स्कूल कटोरा तालाब में स्कूल की छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी द्वारा साइकिल वितरण किया गया और उनको शुभकमनाएं देते हुए निरंतर मेहनत करते रहने, आगे बढ़ते रहने, अपना हौसला बनाए रखने और अपने स्कूल एवं माता-पिता का नाम रोशन करने का संकल्प लेकर पढ़ाई में जुट जाने की स्कूल के सभी छात्राओं से विनम्र अपील मंच से की. साइकिल पाकर स्कूल के छात्राओं के चेहरे खिल उठे.इस अवसर पर वार्ड पार्षद एवं नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने नगर निगम रायपुर की पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा सहित सिविल लाइन मंडल अध्यक्ष श्री सुनील कुकरेजा महामंत्री श्री शैलेन्द्र ,बबला होतवानी , श्री कैलाश राजपूत, श्री प्रशांत जगत,वार्ड पार्षद कार्यालय सहायिका सुश्री गायत्री देवांगन, संत कँवरराम स्कूल कटोरा तालाब की प्रधानाचार्य श्रीमती सुचि विश्वास स्कूल के अन्य शिक्षकगणों एवं स्टाफ कर्मचारियों के साथ मिलकर स्कूल की छात्राओं को साइकिल वितरण किया और उनको हार्दिक शुभकामनायें दीं.
- *नगर निगम जोन 7 कमिश्नर ने वार्ड 23 के मोतीलालनगर में शनिवार को विशेष सफाई अभियान का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण*रायपुर/शनिवार को रायपुर नगर निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन अंतर्गत शहीद मनमोहन बक्शी वार्ड क्रमांक 23 के क्षेत्र में 35 सफाई कामगारों के विशेष गैंग से सफाई अभियान चलाया गया. इसमें जोन के प्रत्येक वार्ड के 5 सफाई कामगारों ने वार्ड 23 के मोतीलाल नगर क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया. प्रत्येक शनिवार को एक वार्ड की सफाई नगर निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग द्वारा 35 सफाई कामगारों के विशेष गैंग से करवाई जाएगी. आज शहीद मनमोहन सिंह बक्शी वार्ड क्रमांक 23 में 35 सफाई कामगारों के गैंग द्वारा की गयी विशेष सफाई के अभियान का वार्ड में प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू एवं सहित अन्य सम्बंधित जोन स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की उपस्थिति में किया .
- *विभिन्न वार्डो की भिन्न बस्तियों के रहवासी आमजन घर से सूखा और गीला कचरा पृथक - पृथक कर पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में रहे**नगर निगम जोन 3अंतर्गत वार्ड 48 के पार्षद महेश कुमार ध्रुव अपने घर से प्रतिदिन नियमित सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक करके पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में दे रहे एवं वार्डवासियों को निरन्तर जागरूक बना रहे*रायपुर/ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन शाखा द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर एवं नगर निगम आयुक्त श्री सबित मिश्रा के निर्देशानुसार सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डो में निरन्तर आमजनो के मध्य स्वच्छता जागरूकता अभियान सभी वार्ड पार्षदों की अगुवाई में जोन कमिश्नरो एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में चलाये जाने का अब राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में फील्ड पर अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव प्रतिदिन नियमित डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कार्य के दौरान फील्ड में सामने आ रहा है।नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र में गुरू घासीदास वार्ड क्रमांक 48 के अंतर्गत सीमानगर में जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड 48 के पार्षद श्री महेश कुमार ध्रुव प्रतिदिन नियमित रूप से अपने निवास का सूखा एवं गीला कचरा पृथक करके पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में दे रहे हैँ एवं वार्डवासियों को अपने घर पर ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन कर प्रतिदिन नियमित घर का सूखा एवं गीला गीला कचरा पृथक करके पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देने एवं बाहर कचरा नहीं फेंककर वार्ड एवं रायपुर शहर क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुन्दर राजधानी बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने लगातार सभी वार्डवासियों से विनम्र अपील कर रहे हैँ.नगर पालिक निगम रायपुर के विभिन्न जोन क्षेत्रों में वार्डों के भिन्न अन्य विभिन्न मोहल्लों , बस्तियों के रहवासी आमजनों द्वारा अपने घरों में 2 पृथक - पृथक डस्टबिन रखकर उसमें सूखा और गीला कचरा पृथक -पृथक डस्टबीन में रखकर प्रतिदिन नियमित सफाई मित्र को सफाई वाहन में दिया जा रहा है।रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन शाखा ने समस्त नगरवासियों से प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने उनके घरो पर आ रही सफाई वाहनो में सफाई मित्र को घर से ही सूखा और गीला कचरा पृथक -पृथक करके पृथक -पृथक डस्टबिन में देकर रायपुर शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर राजधानी बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में दर्ज करवाने की एक बार पुनः विनम्र अपील की गई है।
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के जोन 9 के सहायक राजस्व निरीक्षक श्री विनय कुमार वर्मा रायपुर नगर निगम को लगातार 31 वर्षों तक सेवाएं देकर सेवानिवृत्त होने पर जोन 9 कार्यालय में नगर निगम जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू एवं जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा द्वारा कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार नायक वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्री जयंत साहू सहित जोन 9 के सभी जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम रायपुर को सेवाएं देने हेतु सम्मानित किये गए.जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू एवं जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा द्वारा निगम जोन 9 के सभी जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से श्रीफल, शाल, स्मृतिचिन्ह प्रदत्त कर सम्मानित किये गए. जोन अध्यक्ष एवं जोन कमिश्नर सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त सहायक राजस्व निरीक्षक श्री विनय कुमार वर्मा की सेवाओं को सराहा एवं उनके सुदीर्घ जीवन, स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि हेतु हार्दिक मंगलकामनायें कीं.
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बारिश में जल भराव होने की समस्या की जानकारी को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देश पर जोन 10 कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा के मार्गनिर्देशन एवं जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा की उपस्थिति में नगर निगम जोन 10 क्षेत्र के अंतर्गत लालपुर फल बाजार में पहुंचकर वहाँ निर्मित अवैध गेट को तत्काल जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़कर नाले की तत्काल सफाई करवाकर गंदे पानी का सुगम निकास प्रबंधन करते हुए जलभराव की समस्या को दूर करने त्वरित कार्रवाई की एवं जनसमस्या का जोन के स्तर पर स्थल पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर- रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त के निर्देशानुसार अवैध प्लॉटिग एवं अनधिकृत विकास के विरुद्ध सतत अभियान के तहत आज नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक-9 के अंतर्गत पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड में भवानी नगर, लभांडी क्षेत्र स्थित लगभग 1.5 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिग के विरुद्ध कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान रायपुर नगर निगम जोन 9 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा स्थल पर निर्मित अवैध बाउंड्रीवॉल को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया तथा अवैध रूप से निर्मित मार्गों का विच्छेदन कर अवैध प्लॉटिंग को निष्प्रभावी बनाया गया।
- रायपुर / रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में रायपुर जिले के नगरीय निकायों नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए. समीक्षा बैठक के दौरान नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय एवं नगर निगम सचिव श्रीमती संगीता साहू की उपस्थिति रही.अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने रायपुर जिले के नगरीय निकायों के अधिकारियों को नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में बारिश में होने वाली जलभराव की समस्या को दूर करने एवं नगरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने का कार्य प्राथमिकता के साथ करवाना सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया.अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने रायपुर जिले के नगरीय निकाय अधिकारियों को केन्द्र प्रवर्तित और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर सभी विकास कार्यों को सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा में गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने निर्देशित किया.नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने रायपुर जिले के नगरीय निकायों के सम्बंधित अधिकारियों को मानसून में मौसमी बीमारियों की नगरीय निकाय क्षेत्र में कारगर रोकथाम करने नगरवासियों के मध्य निरंतर स्वच्छता जनजागरूकता अभियान चलाये जाने निर्देशित किया.
- नियमानुसार निर्माण है तो प्रमाण पत्र दें अन्यथा कारण बता कर निरस्त करे …महापौर मीनल चौबे के निगम मुख्यालय नगर निवेश अधिकारियों को सख्त निर्देश**जोन स्तर पर नियमविरुद्ध पूर्णता प्रमाण पत्र की अनुशंसा की जाती है तो प्रक्रिया के तहत संबंधित जोनो को कारण बताओ नोटिस नगर निवेश मुख्यालय जारी कर उनसे स्पष्टीकरण ले-महापौर**नियमानुसार बंधक संपत्ति को संपूर्ण विकास के बाद ही मुक्त करें.*रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग के अधिकारियों को महापौर कक्ष में बुलाकर उनसे विभिन्न विषयों की जानकारी लेकर कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें आवश्यक निर्देश दिये।अधिकारियों से कहा कि कालोनी के निर्माण के समय पर ही साईट विसिट कर निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंमहापौर श्रीमती मीनलं चौबे ने सख्त निर्देश दिये है कि नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग के अधिकारीगण कालोनाईजर्स से कालोनी अनुमति का आवेदन नियमानुसार लेकर प्रक्रिया के तहत नियमानुकुल तरीके से उनकी 12.50 प्रतिशत संपत्ति का मार्गेज करने के बाद ही उन्हें कालोनी विकास अनुमति जारी करना सुनिश्चित करें। पार्ट पार्ट में बंधक संपत्ति को मुक्त करना निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग के अधिकारीगण तत्काल बंद करें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कालोनी पूर्णता पत्र चाहने वाले बिल्डरों को नियमानुसार प्रक्रिया के तहत स्वीकृति देने अथवा कमियों का उल्लेख कर नियमानुसार कारण बताकर आवेदन को निरस्त करने का निर्देश दिया.महापौर ने कहा कि कालोनी पूर्णता की अनुमति के आवेदनो को अकारण लटकाया नहीं जाना चाहिए। 2 माह के भीतर नियत अवधि में नियमानुसार या तो आवेदन स्वीकृत करें अथवा कमियां बतलाकर कारण सहित आवेदन निरस्त करने की कार्यवाही करें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निर्देशित किया कि जोनो से कालोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के आवेदन प्रकरणो में नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग को प्राप्त हुई अनुशंसा नियमानुसार सही नहीं मिलती है, तो संबंधित जोन कमिश्नर एवं जोन के नगर निवेश अभियंताओं को निगम अधिनियम के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे उनकी अनुशंसा को लेकर लिखित स्पष्टीकरण लिया जाये एवं नियमानुसार कार्यवाही प्रकरणवार की जाये। इस मामले में कोई लापरवाही या हीला हवाला कदापि सहन नहीं किया जायेगा।आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा ली गई बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के शर्मा, नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, सहायक नगर निवेशक कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता श्री नितिश झा, उपअभियंता श्री सोहन गुप्ता, श्री अमित सरकार की उपस्थिति रही।
- *विभिन्न वार्डो की भिन्न बस्तियों के रहवासी आमजन घर से सूखा और गीला कचरा पृथक - पृथक कर पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में रहे**नगर निगम जोन 3अंतर्गत वार्ड 47 के पार्षद एमआईसी सदस्य संतोष सीमा साहू अपने घर से प्रतिदिन नियमित सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक करके पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में दे रहे एवं वार्डवासियों को निरन्तर कर रहे जागरूक*रायपुर/ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन शाखा द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर एवं नगर निगम आयुक्त श्री सबित मिश्रा के निर्देशानुसार सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डो में निरन्तर आमजनो के मध्य स्वच्छता जागरूकता अभियान सभी वार्ड पार्षदों की अगुवाई में जोन कमिश्नरो एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में चलाये जाने का अब राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में फील्ड पर अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव प्रतिदिन नियमित डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कार्य के दौरान फील्ड में सामने आ रहा है।नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र में मदर टेरेसा वार्ड क्रमांक 47 क्षेत्र के अंतर्गत शताब्दी नगर तेलीबाँधा में जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 47 के पार्षद एमआईसी सदस्य श्रीमती संतोष सीमा साहू प्रतिदिन नियमित रूप से अपने घर का सूखा एवं गीला कचरा पृथक करके पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में दे रहे हैँ एवं वार्डवासियों को अपने घर पर ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन कर प्रतिदिन नियमित घर का सूखा एवं गीला गीला कचरा पृथक करके पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देने एवं बाहर कचरा नहीं फेंककर वार्ड एवं रायपुर शहर क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुन्दर राजधानी बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवानेनिरंतर समस्त वार्डवासियों से विनम्र अपील कर रहे हैँ.रायपुर नगर पालिक निगम के विभिन्न जोन क्षेत्रों में वार्डों के भिन्न अन्य विभिन्न मोहल्लों , बस्तियों के रहवासी आमजनों द्वारा अपने घरों में 2 पृथक - पृथक डस्टबिन रखकर उसमें सूखा और गीला कचरा पृथक -पृथक डस्टबीन में रखकर प्रतिदिन नियमित सफाई मित्र को सफाई वाहन में दिया जा रहा है।रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन शाखा ने समस्त नगरवासियों से प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने उनके घरो पर आ रही सफाई वाहनो में सफाई मित्र को घर से ही सूखा और गीला कचरा पृथक -पृथक करके पृथक -पृथक डस्टबिन में देकर रायपुर शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर राजधानी बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में दर्ज करवाने की एक बार पुनः विनम्र अपील की है।
- रायपुर/ राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की जयन्ती दिनांक 3 अगस्त 2026 सोमवार को क्रमशः प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के जलविहार कॉलोनी उद्यान परिसर में स्थित राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की प्रतिमा के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 3 अगस्त 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे आयोजित राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की जयन्ती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में उनके प्रतिमा स्थल और उसके आसपास की विशेष सफाई, स्थल की पुष्पसज्जा सहित अन्य आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 3 के सहयोग से की जावेंगी |
- रायपुर/अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल की जयन्ती दिनांक 2 अगस्त 2026 रविवार को क्रमशः प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के जीईमार्ग के किनारे जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने नगर निगम कॉलोनी उद्यान परिसर में स्थित अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल की प्रतिमा के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 2 अगस्त 2026 रविवार को प्रातः 11 बजे आयोजित अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल की जयन्ती पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में उनके प्रतिमा स्थल और उसके आसपास की विशेष सफाई, स्थल की पुष्पसज्जा सहित अन्य आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 4 के सहयोग से की जावेंगी |
- खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाईबिलासपुर/ राज्य शासन ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नकली पनीर एवं अन्य गैर-दूध उत्पादों, जो पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों की नकल कर बाजार में बेचे जाते हैं, के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध लगा दिया है।आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार ऐसे सभी उत्पाद, जो वास्तविक दुग्ध उत्पादों के नाम या स्वरूप का अनुकरण कर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं, अब राज्य में प्रतिबंधित रहेंगे।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बिलासपुर ने जिले के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं, जिनमें निर्माता फर्म, डेयरी इकाइयाँ, होटल, रेस्टोरेंट, थोक एवं फुटकर विक्रेता शामिल हैं, को निर्देशित किया है कि वे ऐसे प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय तत्काल बंद करना सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन निर्माता फर्मों के लाइसेंस में ऐसे उत्पाद अंकित हैं, उन्हें आवश्यक संशोधन कराते हुए नियमानुसार अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग द्वारा शीघ्र ही राज्यभर में विशेष सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं से शासन के निर्देशों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों की रक्षा में सहयोग करने की अपील की है।
- दीपक बैज के बयान पर केदार कश्यप का तीखा पलटवारराष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासियों के सम्मान का उपहास करना पूरे जनजातीय समाज का अपमान – कश्यपबस्तर पंडुम और राष्ट्रपति भवन में आदिवासी प्रतिनिधियों की भेंट पर कांग्रेस की राजनीति दुर्भाग्यपूर्णरायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बस्तर पंडुम और राष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासी प्रतिनिधियों की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से हुई भेंट को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हताशा नहीं, बल्कि बस्तर के जनजातीय समाज, उसकी संस्कृति, परंपराओं और अस्मिता का खुला अपमान है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम किसी सरकार या राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आदिवासी गौरव का महापर्व है। जिस आयोजन ने बस्तर के लोक कलाकारों, मांझी-चालकी व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया, उसी पर सवाल उठाना बताता है कि कांग्रेस आदिवासी समाज के सम्मान को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासी प्रतिनिधियों की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से हुई ऐतिहासिक भेंट का भी उपहास उड़ाने का प्रयास किया है। आज़ादी के दशकों बाद पहली बार बस्तर के पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया, उनसे आत्मीय संवाद हुआ और उनकी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिली। यह हर बस्तरवासी और पूरे जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है। ऐसे ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का मज़ाक उड़ाना केवल राजनीतिक अपरिपक्वता नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि जिस आदिवासी समाज को कांग्रेस ने दशकों तक केवल वोट बैंक समझकर देखा, आज जब उसी समाज को सम्मान, पहचान और राष्ट्रीय मंच मिल रहा है तो कांग्रेस को आखिर इतनी पीड़ा क्यों हो रही है? देशभर में बस्तर की संस्कृति की चर्चा हो रही है, लेकिन कांग्रेस इस गौरवपूर्ण अवसर में भी राजनीति खोज रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि अपने लंबे शासनकाल में उसने बस्तर की संस्कृति, लोक कलाकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कौन-सा ऐतिहासिक कार्य किया था। कांग्रेस के शासन में बस्तर की पहचान विकास और संस्कृति से नहीं, बल्कि नक्सली हिंसा, भय और पिछड़ेपन से जुड़ गई थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर शांति, विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव की नई पहचान बना रहा है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम पर सवाल उठाकर और राष्ट्रपति भवन में आदिवासी प्रतिनिधियों के सम्मान का उपहास कर कांग्रेस ने केवल सरकार का नहीं, बल्कि उन हजारों आदिवासी कलाकारों, मांझी-चालकी व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों और पूरे बस्तर के स्वाभिमान का अपमान किया है, जिन्होंने इस गौरवपूर्ण अवसर को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बस्तर की सकारात्मक तस्वीर से परेशानी हो रही है क्योंकि उसकी राजनीति हमेशा भय, भ्रम और पिछड़ेपन पर टिकी रही है। लेकिन अब बस्तर बदल चुका है। आज का बस्तर अपनी संस्कृति पर गर्व करता है, विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और पूरे देश में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस परिवर्तन को कांग्रेस चाहे जितना नकारने या उसका उपहास करने का प्रयास करे, बस्तर की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कीबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जिले के समग्र विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि वे सेवा, शिद्दत और संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा बेमेतरा को विकास के हर क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बेमेतरा भौगोलिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से अनुकूल जिला है, जहां बेहतर कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक श्री दीपेश साहू और ईश्वर साहू तथा कलेक्टर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं भी बैठक में शामिल हुईं।उन्होंने कहा कि एक सफल अधिकारी वही होता है जो पूर्व नियोजित कार्ययोजना के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करता है। सभी अधिकारी जनसेवक की भावना से कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें, स्वयं का नियमित मूल्यांकन करें तथा अपनी कमियों को दूर कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।जल संचय, कृषि एवं स्वास्थ्य पर विशेष जोरउप मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल संचयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत निर्मित योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर उनके सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण करने के निर्देशश्री साव ने जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आदिवासी विकास प्राधिकरण सहित अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।जल संरक्षण, पर्यावरण एवं स्वच्छता पर विशेष फोकसउप मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच जल संकट और प्रदूषण बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इसलिए जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।उन्होंने वर्षा जल संग्रहण, पुराने तालाबों एवं नहरों के जीर्णोद्धार, जल संरक्षण अभियान, व्यापक वृक्षारोपण, पार्कों के विकास तथा प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पर विशेष जोर दिया।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने कहाश्री साव ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। खेल बच्चों में अनुशासन, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता विकसित करते हैं, तथा बच्चों को नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखते हैं। उन्होंने सभी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभउप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना होगा।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि सहित सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने, कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।समन्वय से विकास को मिलेगी गतिश्री साव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि बेमेतरा कृषि एवं उद्योग दोनों क्षेत्रों में अपार संभावनाओं वाला जिला है। यदि सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करें तो जिला विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है।विकास कार्यों में गंभीरता लाने के निर्देश – श्री दयाल दास बघेलखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी स्वीकृत विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए।बैठक में बेमेतरा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक उत्रिलोक बंसल सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
- 0- महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया धमतरी सखी सेंटर का औचक निरीक्षण0- साइबर सुरक्षा व कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने शुक्रवार को धमतरी स्थित 'सखी वन स्टॉप सेंटर' का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा वहां के समस्त पंजियों (रजिस्ट्रों) एवं पत्रावलियों की बारीकी से जांच की। अध्यक्ष डॉ. साहू ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सखी वन स्टॉप सेंटर का संचालन पूर्ण निष्ठा के साथ 24×7 (सातों दिन, 24 घंटे) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी समय सहायता के लिए पहुंचने वाली पीड़ित महिला (आवेदिका) को किसी प्रकार की असुविधा या विलंब का सामना न करना पड़े।निरीक्षण के दौरान उन्होंने सखी सेंटर की योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सूचनात्मक डिस्प्ले व होर्डिंग्स लगाने,बढ़ते साइबर अपराधों से महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को आमंत्रित कर विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन करने तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु जिले के माननीय न्यायाधीशों एवं शासकीय अधिवक्ताओं को आमंत्रित कर लीगल अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित करने के निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने केंद्र में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, उनके कार्य-विभाजन और केंद्र में आने वाले प्रकरणों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक सुरक्षित संबल है। यहां आने वाली हर पीड़िता को समय पर न्याय, परामर्श और आश्रय मिलना हमारी पहली प्राथमिकता है। इस दौरान राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव, आयोग के अधिकारी-कर्मचारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- शासन की पहल से 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण, आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमरायपुर। सुकमा जिले में ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार और पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड के कई गांवों में 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण किया गया।इस योजना के तहत गीदम नाला, नींबूपदर, मुलागुडा, भेलवापाल और झापरा गांव के हितग्राहियों को प्रत्येक कुक्कुट इकाई में 45 चूजे और 10 किलोग्राम दाना उपलब्ध कराया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कुक्कुट पालन से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।कुक्कुट इकाइयों का वितरण महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों की उपस्थिति में पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। कार्यक्रम में पशु चिकित्सालय सुकमा के डॉ. टेकेश्वर, श्री भुवाल नेताम तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम ने सक्रिय सहयोग दिया।पशुधन विकास विभाग की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कुक्कुट पालन से मिलने वाली अतिरिक्त आय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। यह पहल दिखाती है कि शासन की योजनाएं जब गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं, तो वे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर भी पैदा करती हैं।
- रायपुर। सीएम हेल्पलाइन सीजी 1076 में दर्ज शिकायत के माध्यम से लगातार 7 वर्षों से आधार कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे युवा मुकुंद धीमर को आखिरकार आधार कार्ड प्राप्त हो गया। जिला प्रशासन द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण हैदराबाद कार्यालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ। आधार कार्ड नहीं होने के कारण मुकुंद धीमर बैंक में अपना खाता नहीं खुलवा पा रहे थे। साथ ही राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ पाने के कारण उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन सीजी 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण हैदराबाद कार्यालय से संपर्क और समन्वय स्थापित किया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात मुकुंद धीमर को आधार कार्ड उपलब्ध कराया गया। आधार कार्ड प्राप्त होने के बाद अब मुकुंद धीमर बैंक खाता खुलवा सकेंगे, राशन कार्ड में अपना नाम जुड़वा सकेंगे तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। मुकुंद धीमर ने अपनी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
- 0- दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से हर वर्ष मिल रही 10 हजार रुपये की सहायतारायपुर। कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी श्री घुरउ डहरिया वर्षों से मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण उनका परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत श्री घुरउ डहरिया को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि उनके परिवार के लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा साबित हुई है। श्री घुरउ डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों को ही मिलता है। लेकिन इस योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह भ्रम दूर हो गया। अब उन्हें विश्वास है कि शासन समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की चिंता कर रहा है। वे कहते हैं कि हमारे पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए लगता था कि हमें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन हर साल मिलने वाली सहायता राशि से घर के जरूरी खर्च पूरे करने में काफी राहत मिलती है। इससे यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि सरकार हम जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के साथ खड़ी है।श्री घुरउ डहरिया योजना से प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। इससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उनकी पत्नी श्रीमती शामबाई डहरिया को भी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हुई है। श्री घुरउ डहरिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूर परिवारों के सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का आधार है।
- 0- आधुनिक राइस ट्रांसप्लांटर से 16 एकड़ में समय पर रोपाई, लागत घटी और बढ़ी उत्पादन की उम्मीद0- शासन की अनुदान योजना से मिली 4 लाख रुपये की सब्सिडी, आसपास के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोतरायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि यंत्रों का बढ़ता उपयोग किसानों के लिए खेती-किसानी को अधिक सरल, किफायती और लाभकारी बना रहा है। इसी दिशा में बस्तर जिले के तेलीमारेंगा गांव के प्रगतिशील किसान महादेव मौर्य ने इस खरीफ सीजन में आधुनिक राइस ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) का उपयोग कर उन्नत खेती की नई मिसाल पेश की है। मशीन आधारित रोपाई से उन्होंने न केवल खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है, बल्कि श्रमिकों पर निर्भरता घटाते हुए समय की भी बड़ी बचत की है। महादेव मौर्य के पास 8 एकड़ पैतृक कृषि भूमि है। इसके अतिरिक्त उन्होंने 8 एकड़ भूमि लीज पर लेकर इस वर्ष कुल 16 एकड़ में धान की खेती की है। खरीफ सीजन में श्रमिकों की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती है, लेकिन राइस ट्रांसप्लांटर के उपयोग से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई। जहां पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई के लिए दर्जनों मजदूरों और कई दिनों का समय लगता था, वहीं मशीन की सहायता से केवल दो से तीन लोगों की मदद से कम समय में रोपाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।महादेव मौर्य बताते हैं कि पारंपरिक तरीके से हाथों से धान की रोपाई कराने पर प्रति एकड़ लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक का खर्च आता था, जबकि राइस ट्रांसप्लांटर के उपयोग से यह लागत घटकर 2 से 2.5 हजार रुपये प्रति एकड़ रह गई है। इससे खेती की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आई है और खेती अधिक लाभकारी बन रही है।महादेव मौर्य ने बताया कि राइस ट्रांसप्लांटर मशीन की कुल कीमत लगभग 9 लाख रुपये थी। शासन की अनुदान योजना के तहत उन्हें 4 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे यह आधुनिक कृषि यंत्र उन्हें मात्र 5 लाख रुपये में उपलब्ध हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार की इस सहायता से आधुनिक तकनीक अपनाना किसानों के लिए कहीं अधिक आसान हुआ है।महादेव मौर्य का कहना है कि मशीन से धान की रोपाई करने पर पौधों के बीच समान दूरी बनी रहती है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है और अधिक उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उनके इस सफल प्रयोग को देखकर आसपास के किसान भी आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति उत्साहित हो रहे हैं और भविष्य में इस तकनीक को अपनाने की इच्छा जता रहे हैं।
- 0- मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर बनी असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, अब खुद उठा रही पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारीरायपुर। कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति की राह रोक नहीं सकतीं, यदि उसके पास आगे बढ़ने का संकल्प और सही मार्गदर्शन हो। बस्तर जिले की बेटी शीतल बघेल ने अपने संघर्ष, मेहनत और हुनर के बल पर यह साबित कर दिखाया है। पिता स्वर्गीय फूलचंद बघेल के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद शीतल के सामने बेरोजगारी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां थीं। ऐसे कठिन समय में एक शिक्षक के मार्गदर्शन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी और उन्हें जिला प्रशासन की पहल जिला परियोजना आजीविका कॉलेज, आड़ावाल तक पहुंचाया।आजीविका कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान शीतल की बिजली और तकनीकी कार्यों में रुचि को पहचानते हुए उन्हें असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। औजारों और विद्युत कार्यों की बारीकियों को सीखते हुए उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों और कठिन परिस्थितियों को अपनी सफलता की राह में बाधा नहीं बनने दिया। निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने राज्य स्तरीय कौशल परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद शीतल को जगदलपुर स्थित मगध इलेक्ट्रिकल में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के रूप में रोजगार मिला। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं, बल्कि अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। शीतल ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर और कौशल मिलने पर बेटियां आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज दोनों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।शीतल कहती हैं कि आजीविका कॉलेज के प्रशिक्षण ने उनके भीतर आत्मविश्वास का नया संचार किया। आज वे आत्मनिर्भर हैं, रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं और अपनी शिक्षा भी जारी रखे हुए हैं। वे इस नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य के लिए जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
- 0- छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम का पूरा ऋण समय पर चुकाया, बने समाज के लिए प्रेरणारायपुर । छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम की स्वरोजगार योजना ने एक दिव्यांग युवक के जीवन को नई दिशा दी है। दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी श्री चितुराम नाग ने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। श्री चितुराम नाग ने वर्ष 2017 में अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के 0- लिए छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम से 3.60 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया था। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने रोजगार को मजबूत करने में किया और लगातार मेहनत करते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आर्थिक कठिनाइयों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने पूरे ऋण का समय सीमा के भीतर भुगतान कर दिया। अब उनका ऋण खाता पूरी तरह बंद हो चुका है। यह उपलब्धि उनके आत्मविश्वास, वित्तीय अनुशासन और स्वावलंबन का प्रमाण है। श्री चितुराम नाग की इस सफलता पर छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उनकी कहानी आज उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मूक-बधिर और अन्य दिव्यांग हितग्राहियों को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका स्वयं चला सकें। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को ऐसा कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे वे प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक की नियमित आय अर्जित कर सकें और सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। श्री चितुराम नाग की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर शासकीय योजनाओं का लाभ मिले और व्यक्ति मेहनत के साथ आगे बढ़े, तो आत्मनिर्भरता का सपना जरूर साकार होता है। उनकी उपलब्धि समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण और दिव्यांग सशक्तिकरण की सशक्त कहानी है।
- दुर्ग। सेवा सेतु केंद्र नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में वैशाली नगर निवासी शुभम वर्मा को सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। शुभम वर्मा ने बताया कि उनके पास पहले से मैनुअल जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध था, लेकिन दस्तावेज के फटने, खराब होने अथवा खो जाने की आशंका को देखते हुए उन्होंने सेवा सेतु के माध्यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनवाया। डिजिटल प्रमाण पत्र कंप्यूटर जनित एवं सक्षम अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित होने के साथ ही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है।उन्होंने बताया कि सेवा सेतु केंद्र में निर्धारित आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया गया था। आवेदन के बाद एक माह के भीतर जाति प्रमाण पत्र जारी हो गया। सेवा सेतु केंद्र, जोन-2 भिलाई से उनके पिता ने प्रमाण पत्र प्राप्त किया। शुभम वर्मा सेवा सेतु की इस सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त होने से समय की बचत हुई है और भविष्य में दस्तावेज के सुरक्षित रखरखाव में सुविधा भी मिलेगी। शुभम वर्मा ने कहा कि सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आम नागरिकों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं तथा शासकीय सेवाएं अधिक सरल और सुलभ बनी हैं। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बन रही है। मासिक सहायता राशि के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।सक्ती जिले की गनेशी साहू योजना की 29वीं किस्त प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। वे इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण एवं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे परिवार पर आर्थिक भार कम हुआ है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।जांजगीर-चांपा की सरिता साहू ने योजना की सहायता राशि से बचत कर सिलाई कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में वे कपड़े सिलकर परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं तथा अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।योजना के माध्यम से महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा एवं छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में निरंतर सुदृढ़ता आ रही है। अब तक योजना के अंतर्गत 29 किश्तों में 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए जा चुके हैं। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है।
- बिलासपुर. कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग बिलासपुर के उप संचालक कृषि श्री पी. डी. हथेश्वर के सेवानिवृत्ति अवसर पर आज हरि अमृत, मोपका, सीपत रोड, बिलासपुर में एक गरिमामय सेवानिवृत्त सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि परिवार, बिलासपुर द्वारा किया गया, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्री हथेश्वर के दीर्घ एवं उत्कृष्ट शासकीय सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण किया तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।समारोह में जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर श्री संदीप अग्रवाल तथा संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, बिलासपुर श्री आर. के. राठौर की गरिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में श्री हथेश्वर के सरल, सौम्य एवं अनुशासित व्यक्तित्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, किसानों के प्रति संवेदनशील कार्यशैली तथा कृषि विकास के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री हथेश्वर ने सदैव टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विभाग को नई दिशा प्रदान की तथा अपने सहयोगियों का मार्गदर्शन कर विभागीय कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।इस अवसर पर प्रभारी उप संचालक कृषि, बिलासपुर श्री शशांक शिंदे ने अपने उद्बोधन में कहा कि "श्री पी. डी. हथेश्वर की कार्यशैली, अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण तथा नेतृत्व क्षमता से हमने बहुत कुछ सीखा है। उनका मार्गदर्शन सदैव विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।" उन्होंने कहा कि श्री हथेश्वर ने अपने सेवाकाल में सदैव विभागीय हित, किसानों के कल्याण एवं टीम भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।कार्यक्रम के दौरान श्री पी. डी. हथेश्वर का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए गए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका विनम्र व्यवहार, सकारात्मक सोच एवं कार्य के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।अपने उद्बोधन में श्री पी. डी. हथेश्वर ने सभी अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिए गए सम्मान और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग उनके लिए केवल एक कार्यालय नहीं बल्कि एक परिवार रहा है। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में प्राप्त सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से किसानों के हित में पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आग्रह किया।कार्यक्रम का संचालन गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO), बिल्हा श्री रघुराज गौतम ने उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समारोह के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवं सहभागिता से यह सम्मान समारोह अत्यंत सफल एवं अविस्मरणीय बन सका।
- 0- चार एकड़ में सन बीज की खेती से लगभग चार लाख रुपये आय का अनुमान, कृषक उन्नति योजना से भी मिलेगा प्रोत्साहनरायगढ़। जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम केराटीकरा के किसान श्री सुखदेव सिदार ने पारंपरिक धान की खेती के साथ लाभकारी वैकल्पिक फसलों को अपनाकर फसल विविधीकरण की नई मिसाल पेश की है। इस वर्ष उन्होंने धान का रकबा कम करते हुए चार एकड़ में सन बीज की खेती शुरू की है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में किए गए इस नवाचार से उन्हें बेहतर आय की उम्मीद है।करीब 40 से 50 एकड़ में खेती करने वाले श्री सिदार को कृषि विभाग के माध्यम से बीज निगम रायगढ़ से सन का आधार बीज उपलब्ध कराया गया। चार एकड़ में बोई गई इस फसल से लगभग 30 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। तैयार बीज की खरीदी बीज निगम रायगढ़ द्वारा की जाएगी। 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल की संभावित दर के अनुसार उन्हें लगभग चार लाख रुपये की आय होने की संभावना है।श्री सिदार आधुनिक खेती के साथ अपनी पारंपरिक कृषि विरासत को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष तीन से चार एकड़ में क्षेत्र की प्रसिद्ध सुगंधित जवाफूल धान की खेती भी की है। खेती के साथ वे डेयरी व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनके पास चार से पांच अच्छी नस्ल की गाय हैं, जिनसे प्राप्त गोबर से वे जैविक खाद तैयार कर अपनी खेती में उपयोग करते हैं। इससे खेती की लागत कम होने के साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। इसके अलावा उन्होंने वन विभाग के सहयोग से लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में सागौन का पौधारोपण भी किया है।कृषक उन्नति योजना से मिल रहा फसल विविधीकरण को बढ़ावामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्रता के अनुसार श्री सुखदेव सिदार को भी योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।रायगढ़ जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध करा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में मदद मिल रही है।


























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