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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 हेतु 1 अप्रैल 2026 के प्रतिनिर्देश से फोटोयुक्त निर्वाचन नामावली तैयार करने कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पंचायतों के उप निर्वाचन 2026 अंतर्गत राजनांदगांव जिला में त्रिस्तरीय पंचायत रिक्त पदों के तहत जनपद पंचायत सदस्य के 1 पद, सरपंच के 1 पद, पंच के 25 पद कुल 27 पदों पर निर्वाचन कार्यक्रम के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने के प्रथम चरण का कार्यक्रम पूर्ण कर लिया गया है।
निर्वाचन नामावली तैयार करने के द्वितीय चरण कार्यक्रम के तहत 13 अप्रैल 2026 से निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त किया जाएगा। दावा व आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 3 बजे तक एवं दावे व आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 23 अप्रैल 2026 तक है। प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2026 तथा दावे व आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील निराकरण आदेश पारित होने के 5 दिवस के भीतर की जा सकती है। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि 29 अप्रैल 2026 तक सॉफ्टवेयर में की जाएगी। चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाने तथा पीडीएफ मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को 2 मई 2026 को सौंपी जाएगी। अनुपूरक सूची का मुद्रण और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ 4 मई 2026 को संलग्न किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 5 मई 2026 को किया जाएगा। -
0 संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 18 से शुरू हो रहा 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल शिविर
रायपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश का बच्चों के लिए बेहतरीन उपयोग हो सके और उन्हें उनकी पसंद की विभिन्न विधाओं में पारंगत बनाया जा सके, इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल अपनी संत ज्ञानेश्वर शाला में 18 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन शिविर लगाने जा रहा है। इस 10 दिवसीय शिविर में संत ज्ञानेश्वर स्कूल के अलावा बाहर के शालेय बच्चे भाग ले सकते हैं।शाला प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बताया कि सुबह 8:30 से 10:30 तक लगने वाले शिविर में बच्चे आर्ट एंड क्राफ्ट, ड्राइंग एंड पेंटिंग, जुंबा डांस, गीत- संगीत, वैदिक गणित, स्पोकन इंग्लिश, स्पोर्ट्स एंड गेम्स और फायरलैस कुकिंग में से अपनी पसंद के दो सेगमेंट में भाग लेकर उसमें भरपूर एंजॉय कर सकते हैं। परितोष के अनुसार गेम्स में वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, क्रिकेट व इनडोर गेम्स में शतरंज, कैरम से लेकर चाइनिस चेकर तक के खेलों की सुविधाएं बच्चों के लिए उपलब्ध रहेंगी।समर कैंप प्रभारी अपर्णा आठले ने जानकारी दी कि शिविर में सभी आठ सेगमेंट के अलग- अलग प्रशिक्षक- प्रशिक्षिका होंगे। प्रतिदिन कैंप की शुरुआत बच्चों के मेडिटेशन करने व विविध मंत्रोच्चार के साथ होगी। समापन समारोह में शिविर का हर एक प्रशिक्षार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन ड्राइंग, पेंटिंग, आर्ट- क्राफ्ट, फायरलैस कुकिंग आदि की प्रदर्शनी लगाकर अतिथियों सहित अपने अभिभावकों को बताएंगे कि शिविर में आखिर उन्होंने क्या सीखा है।प्राचार्य मनीष गोवर्धन के मुताबिक शिविर का प्रियदर्शिनी नगर, राजेंद्र नगर, वल्लभ नगर, टैगोर नगर, अमलीडीह सहित आसपास के क्षेत्रों व सोशल मीडिया में प्रचार- प्रसार जोरशोर से जारी है। समर कैंप को लेकर बच्चों सहित उनके अभिभावकों में उत्सुकता है। इसे लेकर लगातार बढ़ रही पूछताछ के बीच अनेक बच्चों ने शिविर में शामिल होने के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। प्राचार्य ने बताया कि शिविर के समापन समारोह में उन्हीं बच्चों की गीत- संगीत, जुंबा डांस आदि की प्रस्तुतियां होंगी, जिन्होंने समर कैंप में शामिल होकर अपने शौक को जुनून में बदला।शाला के सह प्रभारी नवीन देशमुख ने बताया कि 10 दिवसीय शिविर में यदि खराब मौसम जैसी स्थिति निर्मित होती है, तो भी बच्चों के आउटडोर गेम्स को निरस्त कर इनडोर गेम्स की व्यवस्था पहले से ही तैयार रहेगी। कम ही शिविरों में वैदिक गणित का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह विद्यार्थी व व्यावहारिक जीवन में उपयोगी भी है। समापन कार्यक्रम में ऐसे बच्चों को भी वैदिक गणित को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। - -कॉमन्स संवाद सम्मेलन में विशेषज्ञों ने सामुदायिक शासन पर दिया जोर-छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह में शामिल हुए मंत्री श्री नेतामरायपुर, / आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।मनरेगा आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण जनजातीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से वंचित समुदायों को जल प्रबंधन में जोड़ने पर बल दिया। रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने रेखांकित किया कि जल संरक्षण कोई ’रॉकेट साइंस’ नहीं है, बल्कि यह सदियों के अनुभव से उपजा सामुदायिक ज्ञान है।संवाद सम्मेलन में यह बात उभर कर आई कि कॉमन्स केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आधार हैं। इस अवसर पर श्री सोनमणि बोरा ने जनजातीय लोक गीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के दस्तावेजीकरण और कॉपीराइट संरक्षण के लिए एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना साझा की। सम्मेलन में नेल्सन मंडेला पुरस्कार विजेता श्री शेर सिंह आंचला, पद्म श्री श्री पांडी राम मंडावी, पद्मश्री श्री जगेेश्वर यादव और गौर मारिया कलाकार सुश्री लक्ष्मी सोरी, इंदु नेताम ने भी अपने अनुभव साझा किए और संसाधनों के संरक्षण की अपील की।कार्यक्रम को सफल बनाने में अपर संचालक श्री संजय गौड़, टीआरटीआई की संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम की विशेष योगदान रही। यह कार्यक्रम आदिम जाति विकास विभाग, टीआरटीआई और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी द्वारा प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स पहल के तहत संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इसमें यूएनडीपीए आईआईटी-भिलाई, बीआरएलएफ, एक्सिस बैंक फाउंडेशन और अन्य प्रमुख संस्थान सहयोगी रहे।
- -श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थनारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिलरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है।श्री साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए।इन विजेता खिलाड़ियों को प्रदान की ट्रॉफीमहिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया।वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव श्री अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष श्री नरेश गुप्ता और श्री आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे।श्री साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा।
- -आत्मविश्वास और सम्मान की नई पहचानरायपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रही हैं।योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। अब तक 26 किश्तों का 16 हजार 240 करोड़ रूपए का भुगतान पात्र हितग्राही महिलाओं को किया जा चुका है। इस योजना की नियमित किस्त मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आर्थिक रूप से सक्षम हुई है।कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी श्रीमती श्यामा प्रजापति इसकी एक उदाहरण हैं। श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है। पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं।उन्होंने बताया कि नियमित सहायता से उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी मिला है। यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। श्रीमती प्रजापति ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को समाज में सशक्त पहचान दिलाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
- -कम पानी में किसानों को अधिक मुनाफारायपुर। ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में कुसुम की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम मुसुवाडीह निवासी कृषक श्री वामन टिकरिहा इसके उदाहरण हैं। राज्य स्तरीय डॉ. खुबचंद बघेल कृषक रत्न से सम्मानित श्री टिकरिहा इस वर्ष 10 एकड़ में कुसुम की खेती कर रहे हैं। विगत वर्ष उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान की खेती की थी, लेकिन गिरते भूजल स्तर के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। कृषि विभाग की सलाह पर इस वर्ष उन्होंने कुसुम की खेती अपनाई, जो कम पानी और कम लागत में ज्यादा लाभदायक है। कुसुम फसल की विशेषता यह है कि इसके पौधों में कांटे होने के कारण मवेशी इसे नहीं खाते, जिससे किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध की जरूरत नहीं पड़ती। श्री टिकरिहा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं। वे गोबर और गौमूत्र से जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत का उपयोग कर खेती कर रहे हैं। कुसुम की फसल 150 से 180 दिनों में तैयार हो जाती है और इसमें 25 से 45 प्रतिशत तक तेल की मात्रा पाई जाती है।
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0- संत ज्ञानेश्वर सभागृह में भजनों की प्रस्तुतियों के लिए सभी 17 केंद्रों में जारी है तैयारियां
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आगामी रविवार, 12 अप्रैल को शाम चार बजे से चैत्र गौर हल्दी कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सभी केंद्रों के बीच मराठी भजनों की स्पर्धा आकर्षण का केंद्र होगी।महिला प्रमुख विशाखा मदन तोपखानेवाले ने बताया कि मंडल के 17 महिला केंद्रों में से न्यू राजेंद्र नगर- कमल विहार, टाटीबंध, कोटा और सरोना केंद्र की संयोजिका और सह संयोजिकाओं द्वारा इस वर्ष हल्दी कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम शाम चार बजे से प्रारंभ होगा। भजन प्रतियोगिता में सभी केंद्रों की ओर से एक- एक भजन प्रस्तुत किए जाएंगे।विशाखा के अनुसार भजन स्पर्धा के लिए कुछ नियम पहले से तय कर दिए गए हैं। उनमें प्रत्येक महिला केंद्र से एक मराठी भजन की ही प्रस्तुति होगी। भजन देवी को समर्पित होना अनिवार्य है। सभी टीमों को भजन प्रस्तुति के लिए औसतन पांच- पांच मिनट का समय दिया जाएगा। भजन के साथ तबला और हारमोनियम की व्यवस्था केंद्रों को स्वयं ही करनी होगी। किसी भी विवाद की स्थिति में जजों का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। बताते चलें कि भजन स्पर्धा को लेकर आमतौर पर महिलाओं में भारी उत्साह रहता है और हर केंद्र की महिलाएं इसके लिए विशेष कलर का ड्रेस कोड निर्धारित कर सबसे अलग दिखने की अघोषित स्पर्धा में शामिल हो जाती हैं। -
- महाराष्ट्र मंडल में चौबे काॅलोनी केंद्र की महिलाओं में विविध स्पर्धाओं का विजेता बनने की लगी रही होड़
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल परिसर में शुक्रवार को चौबे काॅलोनी केंद्र की महिलाओं द्वारा हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने मराठी भजनों की प्रस्तुति देकर आयोजन के उत्साह को दोगुना कर दिया। वहीं ओळी डालने के बाद महिलाओं ने उखाणे (मराठी शायरी, जिसमें पति का नाम होता है) का निर्वहन कर अपने-अपने पतियों के लिए काव्यात्मक प्रेम व्यक्त किया। वहीं सभी ने ‘आई भवानी तुझ्या कृपेने तारसी भक्ताला’ गोंधळ गायन कर आयोजन को भक्तिमय कर दिया।चौबे काॅलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि चैत्र माह में हल्दी-कुंकू का विशेष महत्व होता है। केंद्र की महिलाओं के लिए आज हल्दी कुंकू का आयोजन किया गया। जिसमें नारियल और ओटी सजाओ प्रतियोगिता भी रखी गई। इसमें गौरी क्षीरसागर, मनीषा वरवंडकर, रंजना काठोटे और अक्षता पंडित ने भाग लिया। नारियल सजाओ में मनीषा वरवंडकर विजेता और रंजना काठोटे उप विजेता रही। वहीं ओटी सजाओ स्पर्धा में गौरी क्षीरसागर प्रथम और मनीषा वरवंडकर द्वितीय रहीं। स्पर्धा में जज की भूमिका वरिष्ठ सदस्य रोहिणी नेने और सुषमा आप्टे ने निभाई। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल और केंद्र की नई सदस्या वैशाली नागपुरे का स्वागत किया गया।इस अवसर पर मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, सुनीता कुलकर्णी, गौरी क्षीरसागर, सुषमा आप्टे, अवंती अग्निहोत्री, सेजल शाह, मनीषा बिस्सा, रंजना चोपकर, अर्चना मुकादम, अंजलि वैद्य, पल्लवी मुकादम, अनुपमा बोधनकर, संगीता निमोणकर, प्राची डोनगांवकर, स्वाति डबली, अक्षता पंडित, दीपाली येराने, अलका मराठे, प्रियंका डबली, मनीषा बिस्सा सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थीं। -
बालोद/भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केन्द्रो का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पी.ओ.एस. मशीन, भौतिक स्कंध एवं कृषकों को वितरित उर्वरक मात्रा का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिले के सिन्हा कृषि केन्द्र गुरेदा में विक्रय प्रतिबंध, साहू कृषि केन्द्र झलमला, देवानंद कृषि विकास केन्द्र झलमला, किसान खाद भण्डार, सिकोसा, सार्थक कृषि केन्द्र बालोद, शारदा कृषि केन्द्र पिनकापार में निरीक्षण कर अनियमितता पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही सेवा सहकारी समिति बालोद, सेवा सहकारी समिति गुण्डरदेही एवं सेवा सहकारी समिति कचांदुर में भी स्टॉक का निरीक्षण किया गया एवं पी.ओ.एस. मशीन से नियमानुसार विक्रय हेतु समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार चलता रहेगा एवं उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। किसानो से अपील है कि अपने रकबा के अनुसार स्वयं के उपयोग हेतु ही खाद प्रतिष्ठानों से खाद क्रय करें तथा यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक उर्वरक एस.एस.पी., एन.पी. के. एम.ओ.पी., नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं अन्य तरल घुलनशील उर्वरकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ा सकते हैं।
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दुर्ग/ क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान रुआबांधा, दुर्ग में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 तथा हरी खाद, नील-हरी शैवाल एवं जैव उर्वरकों पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त श्री शिरिष चंद्र मिश्रा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिनियम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए सदैव सजग रहने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की अवर सचिव श्रीमती गीता दीवान और मास्टर ट्रेनर श्री अतुल वर्मा ने पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से सूचना प्रदाय की ऑनलाइन प्रक्रिया, शुल्क भुगतान और अधिनियम के संशोधित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गबेल ने अधिकारियों को रिकॉर्ड्स का व्यवस्थित संधारण करने और आवेदनों के त्वरित निराकरण की समझाइश दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण अधिकारियों को अपनी जानकारी अपडेट करने और शंकाओं के समाधान का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। द्वितीय सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र पाहंदा के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में हरी खाद, नील-हरी शैवाल और जैव उर्वरकों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि जीवामृत, बीजामृत और नैनो यूरिया जैसे विकल्प फसलों की पोषक आवश्यकताओं को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं। संयुक्त संचालक कृषि ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान इन वैकल्पिक खादों की उत्पादन तकनीक को गांव-गांव तक पहुँचाया जाए। इस अवसर पर संभाग के सभी जिलों के लगभग 100 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे । -
दुर्ग। शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव प्रतिदिन सुबह दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर आम नागरिकों से सीधे संवाद कर रहे है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित विभाग के अधिकारीयों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे है। उन्होंने बीते दिनों वार्ड 01, वार्ड 02, वार्ड 04, वार्ड 37 और वार्ड 38 पहुंचकर क्षेत्र मे विकास कार्यों का जायजा लिया।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव वार्ड भ्रमण के दौरान नागरिकों ने उनके सामने सीमेंटीकरण सड़क, नाली निर्माण, भवन निर्माण एवं शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी। जिस पर उन्होंने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गयानगर वार्ड क्रमांक 04 एवं राजीवनगर वार्ड क्रमांक 02 में भी वार्डवासियों के बीच पहुंचकर संवाद किये। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए सड़क संधारण, भवन निर्माण एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी समस्याओं को सुना और इसके वार्ड में बन रहे मांगलिक भवन का निरिक्षण कर कार्य की प्रगति की जानकारी लिए और सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण करने निर्देश दिए और समयसीमा में भवन पूर्ण करने कहा ताकी जनता को सौगात प्रदान किया जा सके। करोड़ों की लागत से बन रहा यह भवन आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। शादी ब्याह और सुख दुःख के कार्यक्रम के लिए सुविधायुक्त भवन मिलेगा।इसके साथ ही पंचशील नगर वार्ड क्रमांक 01 में भी उन्होंने वार्डवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को जल्द से जल्द राहत मिल सके।मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दुर्ग विधानसभा के प्रत्येक वार्ड का समग्र विकास सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, पार्षद श्रीमती लीना देवांगन, नरेंद्र बंजारे, मनीष कोठारी, गोविन्द देवांगन, दिनेश देवांगन, श्रीमती ममता देवांगन, अमित पटेल, नवीन साहू, मंडल अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा, पार्षद रामचंद्र सेन, शिव नायक सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे। -
*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी*
रायपुर/ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर जिले के खरोरा नगर पंचायत में पांच कार्यों के लिए अधोसंरचना मद से 89 लाख 96 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने खरोरा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-8 में शहीद खिलानंद साहू प्रतीक्षा बस स्टैंड में क्रांकीट निर्माण एवं रिपेयरिंग कार्य के लिए 25 लाख 78 हजार रुपए, डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन परिसर में बाउंड्रीवॉल के लिए 29 लाख 57 हजार रुपए तथा बस स्टैंड से अटल परिसर तक आर.सी.सी. नाली एवं रोड क्रॉसिंग पुलिया के निर्माण के लिए 17 लाख 54 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।विभाग ने वार्ड क्रमांक-10 में गधिया तालाब में शेड एवं महतारी घाट के लिए 6 लाख 72 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-13 में आर.सी.सी. नाली चेम्बर के साथ एन.पी.-3/प्रेस्ड क्रांकीट पाइप नाली के निर्माण के लिए 10 लाख 35 हजार रुपए की मंजूरी दी है। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में बढ़ती भीषण गर्मी एवं लू के प्रभाव को देखते हुए नागरिकों को जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निगम की टीम द्वारा विभिन्न वार्डों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पाम्पलेट वितरण कर लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
अभियान के तहत नागरिकों को बताया जा रहा है कि लू लगने के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, अत्यधिक प्यास लगना एवं शरीर का तापमान बढ़ना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छांव में आराम करने, शरीर को ठंडा रखने और आवश्यक होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। निगम द्वारा नागरिकों को सलाह दी गई है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, हल्के एवं सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें तथा अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। साथ ही छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और लू से बचाव के उपायों को अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें। -
बिलासपुर /संभागीय अनुज्ञापन समिति (विद्युत) बिलासपुर द्वारा तारमिस्त्री परीक्षा जुलाई माह में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले के इच्छुक आवेदनकर्ता निःशुल्क फार्म प्राप्त करने एवं परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए यू.डी.एम. हॉस्पिटल बिल्डिंग, होमगार्ड कैम्पस के पास स्थित कार्यालय कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक के कार्यालय से प्राप्त कर सकते है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तक है।
- बिलासपुर/एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर अंतर्गत शहर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 20 कुदुदंड माताचौरा के पास, 223 फोकट पारा कतियापारा, 111 निराला नगर कतियापारा एवं 124 लोधीपारा नाकापारा में सहायिका के 1-1 रिक्त पदों पर 23 अप्रैल तक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/login में जाकर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है।
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*एक साल में 35 लाख का टर्नओवर, 15 लोगों को रोजगार; बिहान समूह की पहल से ग्रामीण महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर*
रायपुर/ छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अभिनव पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार जिला प्रशासन रायपुर और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के सहयोग से ग्राम पचेड़ा में स्थापित ‘झरिया एल्कलाइन वाटर प्लांट’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता का सफल मॉडल बनकर उभरा है।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत गठित शारदा स्व सहायता समूह द्वारा संचालित इस प्लांट का का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 11 अप्रैल 2025 को किया गया था। स्थापना के महज एक वर्ष के भीतर इस इकाई ने 35 लाख रुपये का टर्नओवर दर्ज किया है और 15 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है, जिनमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं।यह हाईटेक प्लांट प्रतिदिन लगभग 5 हजार कांच की बोतल, 10 हजार प्लास्टिक बोतल, 1 हजार जरीकेन और 500 ठंडे जरीकेन पानी उत्पादन की क्षमता रखता है। यहां दो अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित हैं, जहां पानी की शुद्धता और पीएच स्तर (8 से 8.5) की नियमित जांच की जाती है। उत्पादित जल को 200 एमएल से 1 लीटर तक की प्लास्टिक और कांच की बोतलों के साथ-साथ 20 लीटर जरीकेन में पैक किया जाता है।‘झरिया’ ब्रांड का एल्कलाइन पानी अब मंत्रालय, जंगल सफारी, आईआईएम, नगर निगम रायपुर, जीएसटी कार्यालय, आईआईटी, एनआरडीए, पर्यावास भवन और कलेक्ट्रेट सहित कई प्रमुख संस्थानों में नियमित रूप से आपूर्ति किया जा रहा है। राज्योत्सव-2025, खेलो इंडिया और कुंवरगढ़ महोत्सव जैसे बड़े आयोजनों में भी इसकी सफल सप्लाई की गई है।इस परियोजना से जुड़ी महिलाओं को उनके कार्य के आधार पर प्रति माह 15,000 रुपये तक का मानदेय मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। बड़े आयोजनों के दौरान आसपास की महिलाओं को भी अस्थायी रोजगार के अवसर मिलते हैं।जिला पंचायत परिसर स्थित बिहान संगवारी हाट, बी-1 कैफे और ग्राम पचेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट में यह पानी उपलब्ध है। कलेक्टोरेट रायपुर की बैठकों में भी ‘झरिया’ पानी का उपयोग किया जा रहा है। ऑर्डर के लिए आप 9179113793 पर संपर्क कर सकते हैंयह पहल राज्य की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना को भी गति दे रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ‘झरिया’ एल्कलाइन वाटर प्लांट आज स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मॉडल बन चुका है। -
*बिहान योजना से बनी लखपति दीदी*
बिलासपुर/कोटा के ग्राम करका की सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और मेहनत साथ हो, तो आर्थिक आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। सुभद्रा समूह से जुड़कर खीरा की खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब लखपति दीदी बन चुकी है ,सुभद्रा मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजना ने उनका जीवन बदल दिया है।आदिवासी बहुल गांव करका की सुभद्रा आर्मी ने आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत मां सरस्वती समूह से जुड़कर खीरा की खेती को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में समूह को 15,000 रुपये RF, 60,000 रुपये CIF तथा 3,00,000 रुपये बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में बड़ी मदद दी। समूह की महिलाओं ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए खीरा की खेती शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे २ एकड़ में खेती कर लगभग 10 क्विंटल खीरा का प्रतिदिन बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें लगभग 7,000 रुपये की आय प्राप्त हो रही है।इस अतिरिक्त आय से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। सुभद्रा बताती हैं कि इस सफलता के पीछे समूह की बीमा सखी हबीबुन निशा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर ऋण सबंधी प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता की साथ ही खेती की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सुभद्रा आर्मी की मेहनत लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से अब वह लखपति दीदी” बनने का गौरव हासिल कर चुकी है। - -सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्रीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
- -आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री श्री साय-मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य-सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
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- अनियमितता पाए जाने पर श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों को किया गया जप्त
राजनांदगांव । परिवहन विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की विशेष जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की गई। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव श्री आनंद शर्मा के बताया कि जांच एवं प्रवर्तन के दौरान स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फायर सेफ्टी उपकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं एवं दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के दौरान वाहनों में खामियां पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। जांच के दौरान श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की स्कूल बस सीजी 08 एजी 1365 एवं सीजी 08 एजी 1366 में वैध फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं कर (टैक्स) के दस्तावेज लंबित थे। संबंधित अनियमितताओं के कारण दोनों बसों को मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जप्त कर पुलिस थाना मोहारा में सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित खड़ा किया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार इससे पूर्व भी श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की एक बस के विरूद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, किंतु वाहन संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण के प्रति अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।
इसी तरह दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बस सीजी 08 एम 0237, मैजिक सीजी 08 एएक्स 1835, मैजिक सीजी 08 वाय 1432 जांच के दौरान निर्धारित फिटनेस, बीमा एवं अन्य निर्धारित मानकों की शर्तों में कमी पायी गई। इन वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जप्त कर कार्यालय अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारी राजनांदगांव में सुरक्षार्थ सुरक्षित खड़ा किया गया है। संबंधित वाहन संचालकों को शीघ्र आवश्यक दस्तावेजों का नवीनीकरण कर नियमानुसार वाहन का संचालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं वैधता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच एवं कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाही में निरीक्षक श्री प्रशांत शर्मा, उपनिरीक्षक श्री अनीश बघेल तथा उपनिरीक्षक श्रीमती प्रभा तिवारी शामिल थे। - -श्रमिक सम्मेलन में योजनाओं की सौगात से खिले श्रमिकों के चेहरेरायपुर। जगदलपुर के स्थानीय वीर सावरकर भवन में शुक्रवार को निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। श्री कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।मंच से जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिसे पाकर श्रमिकों के चेहरों पर संतोष और खुशी के भाव स्पष्ट नजर आए। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता मौके पर ही समाधान की रही, जहाँ श्रम विभाग द्वारा लगाए गए विशेष पंजीकरण शिविरों के माध्यम से नए श्रमिकों का तत्काल पंजीयन किया गया। श्रम पदाधिकारी श्री भूपेंद्र नायक ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बस्तर के उन मेहनतकश लोगों को विभागीय योजनाओं के दायरे में लाना है जो अब तक जागरूकता के अभाव में लाभ से वंचित थे। इस सार्थक प्रयास से बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक भी अब सरकार की कल्याणकारी नीतियों से सीधे जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।
- -माओवाद के साये से निकलकर कोलेंग वनांचल में बदली तस्वीर-बस्तर के दुर्गम गांवों तक बारहमासी पक्की सड़कों का जाल बिछने से आवाजाही हुई सुगमरायपुर ।बस्तर का वह सुदूर वनांचल, जहाँ कभी सन्नाटा और दहशत का पहरा था, आज वहां खुशहाली की नई इबारत लिखी जा रही है। बस्तर जिले के दरभा विकासखंड का कोलेंग क्षेत्र, जो दशकों तक माओवादी गतिविधियों के कारण विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, अब अपनी एक नई पहचान गढ़ रहा है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसता यह इलाका अब सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से लैस होकर विकास की मुख्यधारा में मजबूती से कदम रख चुका है। कभी जो गाँव के लोग बुनियादी सुविधाओं और शासकीय योजनाओं से महरूम थे, वे अब सीधे शासन-प्रशासन के संपर्क में हैं, साथ ही लाभान्वित होकर विकास में सहभागिता निभा रहे हैं।एक समय था जब बारिश के दिनों में कोलेंग और उसके आसपास के गाँव टापू बन जाते थे और ग्रामीणों को आवागमन के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जगदलपुर से लेकर कोलेंग, चांदामेटा, छिंदगुर, काचीरास, सरगीपाल और कान्दानार जैसे दुर्गम गांवों तक बारहमासी पक्की सड़कों का जाल बिछ जाने से न केवल आवाजाही सुगम हुई है, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आपातकालीन सेवाएं भी अब ग्रामीणों की पहुंच में हैं। कोलेंग के सरपंच श्री लालूराम नाग इस बदलाव को ऐतिहासिक मानते हुए कहते हैं कि पहले यह क्षेत्र पूरी तरह कटा हुआ था, लेकिन माओवाद की समस्या कम होने और शासन की सक्रियता से ग्रामीणों के जीवन स्तर में क्रांतिकारी सुधार आया है।सड़क और संचार सुविधाओं के इस विस्तार ने छिंदगुर जैसे गांवों को सीधे जिला मुख्यालय से जोड़ दिया है, जिसे सरपंच श्री सुकमन नाग सरकार की अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हैं। कनेक्टिविटी बेहतर होने का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है, क्योंकि अब वे अपनी वनोपज और कृषि उत्पादों को सीधे मंडियों तक ले जा पा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। कभी उपेक्षा का शिकार रहा यह वनांचल क्षेत्र आज अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ते हुए विकास की रौशनी से जगमगा रहा है और खुशहाली की एक नई उम्मीद जगा रहा है।
- रायगढ़ । जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कौशल आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मेहमान प्रवक्ताओं की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्राचार्य/नोडल अधिकारी, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायगढ़ द्वारा जारी सूचना के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में कुल रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं।शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायगढ़ में व्यवसाय बेसिक कॉस्मेटोलॉजी के 02 पद तथा सर्फेस ऑर्नामेंटेशन टेक्नीक्स (एंब्रॉयडरी) के 02 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था धरमजयगढ़ में वर्कशॉप कैलकुलेशन एवं इंजीनियरिंग ड्राइंग के 01 पद तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था तमनार में वर्कशॉप कैलकुलेशन एवं इंजीनियरिंग ड्राइंग के 01 पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं मेहमान प्रवक्ता के रूप में की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 सायं 5 बजे तक निर्धारित की गई है।अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य होगा। पदों से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, नियम एवं शर्तों की जानकारी संबंधित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है, जहां से अभ्यर्थी अवलोकन कर सकते हैं।
- -ऑटो रिक्शा और किराना व्यवसाय से सूरजपति बनीं आर्थिक सशक्तिकरण की मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रही हैं।इसी कड़ी में सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम तारागी की निवासी श्रीमती सूरजपति की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सूरजपति आज वर्षिक लगभग 1.80 लाख रुपये की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।श्रीमती सूरजपति बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। वर्ष 2020 में ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत हुई। स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिसने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाया।समूह के माध्यम से प्राप्त 60 हजार रुपये के ऋण का उपयोग उन्होंने सोच-समझकर किया और ऑटो रिक्शा संचालन के साथ-साथ किराना दुकान का व्यवसाय शुरू किया। उनके इस निर्णय ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की।वर्तमान में सूरजपति अपने दोनों व्यवसायों से प्रतिदिन लगभग 500 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। किराना दुकान से लगभग 200 रुपये तथा ऑटो रिक्शा से लगभग 300 रुपये प्रतिदिन की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी वार्षिक आय लगभग 1.80 लाख रुपये तक पहुंच गई है।आज सूरजपति न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उनके जीवन स्तर में सुधार और बढ़े आत्मविश्वास ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं ‘बिहान’ जैसी योजनाएं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।


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