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- -सुरेंद्र दुबे मंडप में चित्रकला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्ररायपुर / पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में जितने रंग साहित्य के बिखरे हैं उतने ही रंग तस्वीरों के भी हैं। सुरेंद्र दुबे मंडप में छत्तीसगढ़ की भव्य विविधता को दिखाती सुंदर चित्रों की प्रदर्शनी मन मोह लेती है। मंडप की पहली ही तस्वीर जो अपना ध्यान खींचती है वो है छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर। छत्तीसगढ़ महतारी के एक हाथ में पंडवानी का तंबूरा है और दूसरे हाथ में हंसिया है। एक हाथ में धान की बाली है और एक हाथ से वो आशीर्वाद दे रही हैं।छत्तीसगढ़ महतारी की इस तस्वीर को देखकर मन मुग्ध हो जाता है। यह तस्वीर रायपुर की कलाकार श्रीमती सोनल शर्मा ने तैयार की है। इसके बाद अवध कंवर का चित्र हमारी आंखों के सामने आ जाता है जिसमें बस्तर का बाजार जीवंत हो जाता है। ऐसा लगता है कि लाला जगदलपुरी और विनोद कुमार शुक्ल की कविता पेंटिंग का स्वरूप ले चुकी हैं। जांजगीर की कलाकार दिव्या चंद्रा ने राजिम कुंभ का चित्र बनाया है। राजिम कुंभ अपनी पूरी दिव्यता में इस चित्र में प्रगट होता है जब यह चित्र देखते हैं तो तीर्थ की उष्मा महसूस होने लगती है।रामगढ़ की पहाड़ियों को जिन्होंने नहीं देखा, वो बिल्कुल सजीव रूप में यहां इसके चित्र में बनाती है और चित्र में ऐसा जादू है कि महसूस करेंगे कि इसी जगह पर कालिदास ने पहली बार मेघ को देखा होगा और उनकी अमर कृति मेघदूतं का पहला प्लाट यहीं तैयार हुआ होगा।कार्यशाला के संयोजक भोजराज धनगर ने बताया कि नवा रायपुर, अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत सुरेंद्र दुबे मंडप में छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजीवन को दर्शाती विविध चित्रकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को छत्तीसगढ़ की आत्मा से जोड़ती हैं।चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ सुरेंद्र दुबे मंडप में पेंटिंग कार्यशाला एवं कार्टून कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। कार्यशालाओं में रंगों की तकनीक, रेखांकन, भाव-प्रस्तुति तथा सामाजिक विषयों पर कार्टून निर्माण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।साहित्य उत्सव में चित्रकला के प्रति रुचि रखने वाले साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कला और साहित्य के इस संगम ने उत्सव को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया है, जहां शब्दों के साथ-साथ रंगों के माध्यम से भी संवेदनाओं की अभिव्यक्ति हो रही है।
- - विज्ञानसम्मत बाल साहित्य का लेखन अनिवार्य : डॉ. गोपाल दवे- साहित्य के बिना शिक्षा की कल्पना नहीं : बलदाऊ राम साहूरायपुर / रायपुर साहित्य उत्सव के तीसरे दिन कवि-कथाकार अनिरुद्ध नीरव मंडप में बाल साहित्य की प्रासंगिकता का सत्र ख्यातिलब्ध साहित्यकार नारायण लाल परमार को समर्पित रहा। जिसमें साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. गोपाल दवे, बाल साहित्यकार श्री बलदाऊ राम साहू बतौर वक्ता परिचर्चा में शामिल हुए, जिसके सूत्रधार श्री एस के बिसेन रहे। इस अवसर पर देवभोग के कृष्ण कुमार अजनबी द्वारा लिखित बाल कविता संग्रह आंखों का तारा, श्री ओमप्रकाश जैन की पुस्तक जीवन चक्र और श्री संतोष कुमार मिरी की पुस्तक जीवन बोध का विमोचन किया गया।परिचर्चा में अपने संबोधन में डॉ. गोपाल दवे ने कहा कि बाल साहित्य का पाठक एकमात्र ऐसा पाठक है जो स्वयं क्रेता नहीं होता, न ही निर्णायक होता है। एक समय था जब बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों में बच्चे अपने पालकों से बाल साहित्य खरीदने की जिद करते थे। डॉ. दवे ने कहा कि हमें बच्चों को सरल साहित्य सिखाना होगा। अंग्रेजी के नाम पर हम कितने सारे उपक्रम कर रहे हैं। उन्होंने पालकों से अपील की कि बच्चों को बाल साहित्य लेकर दें साथ ही एक हिंदी शब्दकोश भी दें ताकि जब कोई शब्द समझ न आए वह शब्दकोश में ढूंढ सके।उन्होंने आज के समय में विज्ञानसम्मत बाल साहित्य के लेखन को अनिवार्य बताया।श्री बलदाऊ राम साहू ने कहा कि बाल साहित्य बच्चों को गढ़ता है, उन्हें विचार देता है। बाल साहित्य के बिना शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। बाल साहित्य को यदि हम पाठ्यपुस्तक से निकाल दें तो कुछ नहीं बचता। बाल साहित्य बच्चों को प्रेरित करता है। बच्चों को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों में पढ़ने की परंपरा कम हो रही है, बाल पत्रिकाएं बंद होती जा रही हैं।श्री साहू ने कहा कि शिक्षक बच्चों का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं कर पाते। लोग बाल साहित्य को मनोरंजन का साधन नहीं, सद्विचारों का विचारों का संग्रह है। बच्चों को संवेदनशील मनुष्य बनाने में बाल साहित्य का बड़ा महत्व है। श्री साहू ने बाल साहित्य को जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बाल साहित्य बच्चों के लिए भाषा संस्कार की पाठशाला है। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों को बाल साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा।परिचर्चा के सूत्रधार श्री एस के बिसेन ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि धीरे-धीरे पुस्तकों से पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियां गायब हो रही हैं। उन्होंने नैतिक शिक्षा के पाठ में बाल साहित्य को बहुत जरूरी बताया और कहा कि बाल साहित्य संस्कार और व्यवहार का मूल आधार है।
- -गुरु–शिष्य परंपरा और दुर्लभ वाद्यों के संरक्षण पर विशेषज्ञों ने रखे विचाररायपुर, /रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में रविवार को द्वितीय सत्र के दौरान “नाट्यशास्त्र और कला परंपरा” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई।यह सत्र महान कला संरक्षक राजा चक्रधर सिंह को समर्पित रहा। कार्यक्रम के सूत्रधार राजेश गानोदवाले रहे। परिचर्चा में इंदिरा कला विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति डॉ. लवली शर्मा तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र से संबद्ध डॉ. सच्चिदानंद जोशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने नाट्यशास्त्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नाट्यशास्त्र अपने आप में एक संपूर्ण शास्त्र है और जहां भी सृजनात्मकता है, वहां नाट्यशास्त्र की उपस्थिति दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि तानपुरा निर्माण की परंपरा पर आधारित एक वृत्तचित्र का निर्माण किया गया है, जिससे पारंपरिक वाद्य निर्माण की प्रक्रिया को प्रलेखित किया जा सके।उन्होंने कहा कि यूनेस्को के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में नाट्यशास्त्र तथा भगवद्गीता की पांडुलिपियों को सम्मिलित किया जाना भारतीय ज्ञान परंपरा की वैश्विक मान्यता का प्रमाण है।डॉ. जोशी ने गुरु–शिष्य परंपरा पर बल देते हुए कहा कि यह परंपरा केवल आधारभूत संरचना का विषय नहीं, बल्कि भाव और संस्कार का विषय है। उन्होंने बताया कि दीक्षा प्रणाली के अंतर्गत गुरु–शिष्य परंपरा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डॉ. जोशी ने कहा कि वाद्य यंत्र बनाने वाले कारीगर प्रायः गांवों में रहते हैं और वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि इंदिरा कला विश्वविद्यालय द्वारा दुर्लभ वाद्य यंत्रों के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित बावड़ी का जीर्णोद्धार कर उसका संरक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में वाद्य यंत्रों की देखरेख और अनुरक्षण से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि परंपरागत वाद्य संस्कृति को तकनीकी दृष्टि से भी संरक्षित किया जा सके। वाद्य यंत्र निर्माण से जुड़े शिल्पकारों को सम्मानित करने की परंपरा भी निभाई जा रही है।उन्होंने इंदिरा कला विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में स्थापित करने तथा गुरु–शिष्य परंपरा को सशक्त रूप से लागू करने के अपने संकल्प को भी व्यक्त किया।परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि नाट्यशास्त्र और भारतीय कला परंपरा न केवल सांस्कृतिक विरासत हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन हेतु शैक्षणिक संस्थानों तथा समाज की संयुक्त भूमिका आवश्यक है।
- - एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन, रकबा सुधार एवं धान बिक्री से संबंधित समस्याओं की ली जानकारी- धान के उठाव में प्रगति लाने के दिए निर्देश- चेक पोस्ट पर कोचियों एवं बिचौलियों के धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई रखें जारी- धान के रख-रखाव एवं सुरक्षा के लिए होनी चाहिए समुचित व्यवस्थाराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी के दृष्टिगत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों, समिति प्रबंधक एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटरों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी के बचे हुए शेष दिनों में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रियता एवं तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होना चाहिए। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन, रकबा सुधार एवं धान बिक्री से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने धान के उठाव में प्रगति लाने के निर्देश दिए। धान की एण्ट्री, भौतिक सत्यापन तथा निरीक्षण का कार्य लगातार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मिलर्स द्वारा धान के उठाव की सतर्क एप के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप धान का उठाव कार्य करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी के शेष दिनों में अंतर्राज्यीय सीमाओं के चेक पोस्ट पर कोचियों एवं बिचौलियों के धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रखें।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि सभी नोडल अधिकारी धान उपार्जन केन्द्रों में निरंतर निरीक्षण जारी रखें। उन्होंने धान की सुरक्षा के लिए कैप कव्हर, पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में संग्रहित धान के रख-रखाव एवं सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने एग्री स्टेक पोर्टल में रकबा सुधार एवं किसानों का नवीन पंजीयन, रकबा संशोधन के संबंध में जानकारी ली। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर ।राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकभवन सचिवालय में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू, संवैधानिक प्रकोष्ठ के उप सचिव डॉ. रूपेन्द्र कवि सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मताधिकार की शपथ ली।। सभी ने शपथ ली कि ‘‘हम भारत के नागरिक लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए निर्भीक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।’’
- - मताधिकार का करें विवेकपूर्ण उपयोग : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र यादव- युवा मतदाता अपने मतदान के अधिकार का करें सर्वाधिक प्रयोग- राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जिला स्तरीय समारोह संपन्न- नवीन मतदाताओं को बैच लगा कर किया गया सम्मानित- उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया सम्मानितराजनांदगांव । राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता ने कार्यक्रम को संबोधित करने हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना दिवस को गणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन पहले 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संविधान अनुच्छेद 326 भारत के नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार संवैधानिक अधिकार के साथ एक संवैधानिक कर्तव्य भी है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के बारे में कहा है कि मतदान का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण निष्पक्ष निर्वाचन है। भारत के युवाओं को 18 वर्ष पूर्ण होने पर मतदान का अधिकार मिल जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग कराना एवं युवाओं को मतदान की प्रक्रिया से जोडऩा है। जिससे मतदाता सशक्त राष्ट्र का नागरिक बनें और देश के विकास में भागीदारी तय कर सके। जो नागरिक मताधिकार का प्रयोग करता है, वह सक्रिय मतदाता है। जो नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं, वह निष्क्रिय मतदाता होते हैं। इससे निष्क्रिय मतदाता की हानि नहीं होती, यह एक संस्थागत हानि होती है। निष्क्रिय मतदाता को सक्रिय मतदाता में बदलने का प्रयास करना चाहिए। जब हम जनप्रतिनिधि को चुनते हंै तो हम अपनी आवाज को अभिव्यक्त करते हंै। जनप्रतिनिधि हमारी समस्याओं को फोरम तक पहुंचाते हैं और समस्याओं का निराकरण कराने का प्रयास करते है, इसलिए मतदान का अधिकार बहुत आवश्यक है और उसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर निर्वाचन कराने का कार्य कलेक्टर ने लिए चुनौतीपूर्ण होता है। निर्वाचन लोकतंत्र का उत्सव है और युवा मतदाता अपने मतदान के अधिकार का सर्वाधिक प्रयोग करें।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव ने सभी को लोकतंत्र के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सदियों से मतदान हमारे जीवन का हिस्सा रहा होगा। ऐतिहासिक तौर पर भी हमारे देश में जनपदों में लोकतंत्र का स्वरूप रहा है। मतदान का अधिकार एक ऐसी शक्ति है, जिसके माध्यम से नागरिक जनप्रतिनिधि एवं सरकार को चुनते हंै। ब्रिटिश शासनकाल में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार नहीं था। ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के कारण नागरिक मताधिकार एवं अन्य अधिकारों से वंचित रहे। देश की आजादी के बाद भारतीयों को मदाधिकार की शक्ति प्राप्त हुई। लोकतंत्र में बहुत सी चुनौतियों के बावजूद निर्वाचन कराने में सफलता प्राप्त हुई तथा मत देने के अधिकार के माध्यम से जनमानस के उत्थान के लिए इसका उपयोग किया गया। भारतीयों ने इस दृष्टिकोण से विश्व को एक नई दिशा दिखाई। 61वें संवैधानिक संशोधन के माध्यम से मतदान करने की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मतदान का अधिकार मिल सके। उन्होंने कहा कि हमें मताधिकार की महत्वपूर्ण शक्ति प्राप्त है, लेकिन हमें इस बात को समझने की आवश्यकता है कि हम इस मतदान करने के अधिकार का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से करें। जाति, धर्म, लिंग की संकीर्ण मानसिकता से परे होकर देश एवं समाज को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों को वोट दे। विवेकपूर्ण तरीके से मताधिकार का प्रयोग करते हुए जनमानस की सुविधाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए आगे बढऩे वाले व्यक्तियों को मतदान करें। आने वाले समय में युवा भी मतदान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। न सिर्फ वोट दें बल्कि वोट लेने के लिए भी आगे आएं। उन्होंने मतदाताओं से आव्हान करते हुए कहा कि मताधिकार का विवेकपूर्ण उपयोग करें।इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव श्री विजय कुमार होता ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मतदाताओं को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई। साथ ही नवीन मतदाताओं को बैच लगा कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ मतदाताओं एवं दिव्यांग मतदाताओं को श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश टंडन, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह सहित अन्य अधिकारी, बीएलओ सहित वरिष्ठ दिव्यांग, युवा व अन्य मतदाता उपस्थित थे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी मुख्यालय डंगनिया परिसर के खेल मैदान में 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्टीब्यूशन एवं जनरेशन कम्पनी के अध्यक्ष डॉ. श्री रोहित यादव (आईएएस.) प्रातः 7.30 बजे ध्वजारोहण कर मार्चपास्ट परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। समारोह में पावर कम्पनीज के प्रबंध निदेशकगण श्री राजेश कुमार शुक्ला, श्री एस.के.कटियार, श्री भीमसिंह कंवर एवं निदेशक श्री आर.ए.पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री ए.एम.परियल ने विद्युत कंपनियों के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों से कार्यक्रम में प्रातः 7.15 बजे उपस्थिति का अनुरोध किया है।
- रायपुर। किसानों का धान अभी उपार्जन केन्द्रों में पहुंचना बाकी है पर भौतिक सत्यापन के नाम पर टोकन जारी करना बंद कर दिया गया है । खरीदी हेतु महज 4 दिन बाकी हैं लेकिन भौतिक सत्यापन के बाद भी किसानों को टोकन जारी नहीं किया जा रहा है वहीं कई किसानों का डाटा अभी तक कैरी फॉरवर्ड नहीं किया गया है जिसके चलते वे धान बेचने की बोहनी भी नहीं कर पाये हैं । इसका एक ज्वलंत उदाहरण टेकारी सोसायटी है जहां के 27 किसानों को टोकन जारी नहीं हुआ तो वे महज अपना एक हजार क्विंटल धान नहीं बेच पायेंगे ।जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक रायपुर के अधीनस्थ मंदिर हसौद शाखा के अंतर्गत आता है टेकारी सोसायटी । 3 ग्राम टेकारी , कुंडा व खम्हरिया के लिये गठित इस सोसायटी का धान उपार्जन केन्द्र भी टेकारी ही है । अभी तक टोकन न मिलने से सांसत् में पड़े किसानों ने आज रविवार को किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा व्यक्त की । उनके हवाले से श्री शर्मा ने बतलाया कि 17 किसान ऐसे हैं जिनके धान का शासन के निर्देशानुसार भौतिक सत्यापन किया जा चुका है व उनमें से 10 को दूसरा व 7 को तीसरा टोकन की आवश्यकता है व इन्हें सब मिला महज करीबन 7 सौ क्विंटल धान बेचना है पर अभी तक टोकन जारी नहीं किया गया है। ऐसे किसानों में 13 टेकारी के , 02 - 02 कुंडा व खम्हरिया के हैं । इसी तरह कैरी फॉरवर्ड की प्रक्रिया पूरी न हो पाने की वजह के चलते टोकन न मिलने से धान बिक्री की बोहनी भी न कर पाने वाले लगभग 10 किसानों ने जिनमे से 08 टेकारी के व 02 कुंडा के हैं ने जानकारी दी कि उन सब का मिला कुल रकबा लगभग 15 एकड़ है और सभी मिला पात्रतानुसार लगभग 3 सौ क्विंटल धान ही सोसायटी में बेच पायेंगे । इस संबंध में सोसायटी प्रबंधन से चर्चा करने पर बीते 23 जनवरी को ही उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिये जाने की जानकारी मिलते की बात कहते हुये उन्होंने कहा है कि शासन - प्रशासन की चूक की वजह से किसी भी पात्र किसान का धान सोसायटियों में बिकने से नहीं रुकना चाहिये । उन्होंने क्षेत्र के अन्य सोसायटियों की भी स्थिति से अवगत हो शासन- प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है ।
- -सुरेंद्र दुबे मंडप में चित्रकला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, सेल्फी का बनी हाटस्पाट-छत्तीसगढ़ महतारी अपनी अद्भुत छवि में निखर रही, यहीं तस्वीर ले रहे लोगरायपुर। पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में जितने रंग साहित्य के बिखरे हैं उतने ही रंग तस्वीरों के हैं। सुरेंद्र दुबे मंडप में छत्तीसगढ़ की भव्य विविधता को दिखाती सुंदर चित्रों की प्रदर्शनी मन मोह लेती है। मंडप की पहली ही तस्वीर जो अपना ध्यान खींचती है वो है छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर। छत्तीसगढ़ महतारी के एक हाथ में पंडवानी का तंबूरा है और दूसरे हाथ में हंसिया है। एक हाथ में धान की बाली है और एक हाथ से वो आशीर्वाद दे रही हैं। छत्तीसगढ़ महतारी की इस तस्वीर को देखकर मन मुग्ध हो जाता है। यह तस्वीर रायपुर की कलाकार सोनल शर्मा ने तैयार की है। इसके बाद अवध कंवर का चित्र हमारी आंखों के सामने आ जाता है जिसमें बस्तर का बाजार जीवंत हो जाता है। ऐसा लगता है कि लाला जगदलपुरी और विनोद कुमार शुक्ल की कविता पेंटिंग का स्वरूप ले चुकी हैं। जांजगीर की कलाकार दिव्या चंद्रा ने राजिम कुंभ का चित्र बनाया है। राजिम कुंभ अपनी पूरी दिव्यता में इस चित्र में प्रगट होता है जब यह चित्र देखते हैं तो तीर्थ की उष्मा महसूस होने लगती है।रामगढ़ की पहाड़ियों को जिन्होंने नहीं देखा, वो बिल्कुल सजीव रूप में यहां इसके चित्र में बनाती है और चित्र में ऐसा जादू है कि महसूस करेंगे कि इसी जगह पर कालिदास ने पहली बार मेघ को देखा होगा और उनकी अमर कृति मेघदूतं का पहला प्लाट यहीं तैयार हुआ होगा।कार्यशाला के संयोजक भोजराज धनगर ने बताया कि नवा रायपुर, अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत सुरेंद्र दुबे मंडप में छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य चित्रकला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजीवन को दर्शाती विविध चित्रकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो दर्शकों को छत्तीसगढ़ की आत्मा से जोड़ती हैं।चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ सुरेंद्र दुबे मंडप में पेंटिंग कार्यशाला एवं कार्टून कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को अनुभवी कलाकारों से प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। कार्यशालाओं में रंगों की तकनीक, रेखांकन, भाव-प्रस्तुति तथा सामाजिक विषयों पर कार्टून निर्माण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।साहित्य उत्सव में चित्रकला के प्रति रुचि रखने वाले साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कला और साहित्य के इस संगम ने उत्सव को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया है, जहां शब्दों के साथ-साथ रंगों के माध्यम से भी संवेदनाओं की अभिव्यक्ति हो रही है।
- रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश अपने एक दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे। इस दौरान विमानतल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कंडेय, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रदेश मंत्री अमित साहू सहित भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
- मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी, गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूर्णबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय संभागीय मुख्यालय बिलासपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में तिरंगा झंडा फहराएंगे। वे राज्य की जनता के नाम संदेश वाचन के साथ ही परेड की सलामी लेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन की तमाम तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण कर ली गई हैं।समारोह स्थल पर आयोजित कार्यक्रम के लिए जारी मिनट टू मिनट कार्यक्रम के अनुसार मुख्य समारोह में प्रातः 8.59 बजे मुख्य अतिथि श्री विष्णु देव साय का आगमन होगा। प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण, राष्ट्रगान होगा। प्रातः 9.03 बजे मुख्यमंत्री द्वारा परेड का निरीक्षण किया जाएगा। प्रातः 9.06 बजे हर्ष फायर एवं प्रातः 9.13 बजे परेड द्वारा मार्च पास्ट किया जाएगा। प्रातः 9.18 बजे मुख्यमंत्री द्वारा राज्य की जनता के नाम संदेश का वाचन होगा। प्रातः 9.39 बजे परेड निष्क्रमण की कार्यवाही एवं इसके पश्चात प्रातः 9.48 बजे स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। प्रातः 10.20 बजे शासकीय विभागों की झांकी निकाली जाएगाी। इसके पश्चात प्रातः 10.57 बजे जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा तथा 11.15 बजे कार्यक्रम का समापन होगा। गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी पूरी हो चुकी है। समारोह में विभागों द्वारा आकर्षक झांकी का प्रदर्शन किया जाएगा। स्कूली बच्चों द्वारा संास्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। शासकीय योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सम्मानित करेंगे।
- रायपुर/रायपुर साहित्य महोत्सव के अंतर्गत आज पुरखौती मुक्तांगन, रायपुर स्थित लाला जगदलपुरी मंडप में “आज की हिंदी कहानियाँ” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। यह सत्र महोत्सव के दूसरे दिन मंडप में आयोजित दूसरा सत्र था। इस पैनल चर्चा में प्रख्यात साहित्यकार श्री परदेशी राम वर्मा, वरिष्ठ लेखिका सुश्री जयश्री राय, प्रसिद्ध लेखक श्री सतीश जायसवाल तथा साहित्य विदुषी डॉ. अंशु जोशी ने सहभागिता की।चर्चा के दौरान वक्ताओं ने समकालीन हिंदी कहानी के स्वरूप, विषयगत परिवर्तन, शिल्पगत प्रयोगों तथा समाज के बदलते यथार्थ को अभिव्यक्त करने में साहित्य की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। पैनलिस्टों ने आज की हिंदी कहानी में उभरती सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और नए कथ्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।इस अवसर पर उपस्थित साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों एवं पाठकों के साथ संवाद भी हुआ, जिससे कार्यक्रम और अधिक सार्थक एवं विचारोत्तेजक बन सका।रायपुर साहित्य महोत्सव साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ विभिन्न विधाओं और भाषाओं के रचनाकारों का समागम हो रहा है।
- किंडल और ऑडियो बुक्स के दौर में भी रचनात्मकता की भूख ही सर्वाधिक महत्वपूर्णइंटरनेट ने साहित्य को दिया नया लोकतांत्रिक मंच, डिजिटल मंचों पर बढ़ रही पाठकों–लेखकों की सक्रियतारायपुर/ रायपुर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन आज लाला जगदलपुरी मंडप में आयोजित परिचर्चा ‘डिजिटल युग के लेखक और पाठक’ में बदलते समय के साथ साहित्य, लेखन और पाठकीय संस्कृति में आ रहे बदलावों पर गंभीर और सकारात्मक विमर्श हुआ। सूत्रधार पत्रकार श्री अनिल द्विवेदी के संचालन में हुई इस परिचर्चा ने यह स्पष्ट किया कि डिजिटल माध्यम ने साहित्य के स्वरूप को बदला जरूर है, लेकिन उसकी आत्मा और रचनात्मकता आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।लेखक, कवि और शिक्षक श्री सर्वेश तिवारी ने परिचर्चा में कहा कि किताबों का छपना आज भी जरूरी है, क्योंकि पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम वह अनुभव नहीं दे सकता जो मुद्रित किताब देती है। उन्होंने माना कि युवा और बच्चे ऑनलाइन काफी पढ़ रहे हैं। लेखक की सफलता का पैमाना पुरस्कार नहीं, बल्कि पाठकों की संख्या होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितने अधिक पाठक, उतनी ही रचना की सार्थकता और पहुंच मानी जानी चाहिए।लेखक श्री नवीन चौधरी ने डिजिटल मीडिया की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि इंटरनेट ने साहित्य के लिए नए रास्ते खोले हैं। युवा पीढ़ी ने डिजिटल माध्यमों के जरिए श्री विनोद कुमार शुक्ल जैसे वरिष्ठ रचनाकारों को पढ़ा, जिससे उनकी पुस्तकों की रॉयल्टी लाखों तक पहुंची। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण पुराने लेखक फिर से सरकुलेशन में आ रहे हैं और पाठकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पढ़ने और पढ़ाने में रुचि जगाने में इंटरनेट की भूमिका बेहद अहम हो गई है।प्रसार भारती की सलाहकार श्रीमती स्मिता मिश्रा ने कहा कि डिजिटल माध्यम, किंडल और ऑडियो बुक्स जैसे विकल्पों ने किताबों को पढ़ना आसान, सस्ता और सुविधाजनक बना दिया है। अब किताबें सिर्फ पढ़ी ही नहीं जा रहीं, बल्कि सुनी भी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लेखन कभी बंद नहीं हुआ है, समय के साथ सिर्फ उसका फॉर्मेट बदलता रहा है। लेखक चाहे किसी भी टूल का उपयोग करे, लेकिन उसकी रचनात्मकता की भूख कम नहीं होनी चाहिए।वरिष्ठ पत्रकार श्री संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि इंटरनेट के आने के बाद साहित्य का सही मायनों में लोकतांत्रीकरण हुआ है। अब रचनाओं को पाठकों तक पहुंचाने के लिए अनेक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध हैं। डिजिटलीकरण से साहित्य का पूरा परिदृश्य बदला है और बड़ी संख्या में युवा डिजिटल माध्यमों पर लिख और पढ़ रहे हैं, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।परिचर्चा का निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए सूत्रधार श्री अनिल द्विवेदी ने कहा कि डिजिटल युग देखने–दिखाने, सुनने–सुनाने, पढ़ने और पढ़ाने का नया दौर लेकर आया है। यह युग सभी को मंच प्रदान कर रहा है और साहित्य को नए पाठक व नए लेखक दे रहा है।
- रायपुर/ आज रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “मन की बात” कार्यक्रम के माध्यम से उनके ओजस्वी एवं प्रेरणादायक उद्बोधन का श्रवण किया। उनके उद्बोधन में आत्मनिर्भर और विकसित भारत का संकल्प झलकता है। इस अवसर पर माननीय उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जी, माननीय कैबिनेट मंत्रीगण श्री केदार कश्यप जी, श्री रामविचार नेताम जी, गुरु खुशवंत साहेब जी, माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल जी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
- - अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में बच्चों की प्रतिभा ने रचा प्रेरणा का उत्सवरायपुर। अर्पण कल्याण समिति द्वारा संचालित अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल, बजाज कॉलोनी सेक्टर-1 न्यू राजेन्द्र नगर में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम प्रेरणा और संवेदनाओं से भरा रहा। मूक-बधिर बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि सीमाएं प्रतिभा को रोक नहीं सकतीं।संगीत की लय पर थिरके मूक-बधिर बच्चेश्रवण शक्ति न होने के बावजूद बच्चों ने संगीत की धुन को महसूस कर जिस तालमेल के साथ नृत्य प्रस्तुत किया, उसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की भाव-भंगिमाएं और आत्मविश्वास उनकी कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण का प्रमाण थीं।मुख्य अतिथि ने बताया ईश्वर की सच्ची पूजाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के महासचिव प्रकाश गोलछा ने कहा कि ऐसे विशेष बच्चों की सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। उन्होंने संस्था को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।दिव्यांग बच्चों में होती है अद्भुत शक्ति : डीईओजिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में असाधारण क्षमताएं होती हैं, जरूरत केवल उन्हें पहचानने और तराशने की है। उन्होंने कहा कि समाज की सोच में बदलाव आना सकारात्मक संकेत है।बच्चों के बीच आकर मिली असीम शांतिविशेष अतिथि सुधीर सुल्तानिया ने कहा कि इन बच्चों के बीच आकर उन्हें असीम शांति का अनुभव हुआ। वहीं सराफा एसोसिएशन के सचिव निलेश शेठ ने बच्चों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखने का भरोसा दिलाया।शिक्षा के साथ हुनर पर विशेष जोरसंस्था के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर, चित्रकला, मूर्तिकला, नृत्य और खेलकूद का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।जनसहयोग से हो रहा सफल संचालनपूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि बीते पांच वर्षों से लोगों के सहयोग से स्कूल का सफल संचालन किया जा रहा है और यहां बच्चों की प्रतिभा को निखारने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थितिकार्यक्रम में प्रेस क्लब रायपुर के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्था के सचिव प्रकाश बारमेड़ा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, दिनेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला एवं प्राचार्य कमलेश शुक्ला भी मौजूद थे।संचालन ने बांधे सभी कोकार्यक्रम का संचालन स्कूल की समन्वयक सीमा छाबड़ा ने प्रभावी और संवेदनशील ढंग से किया।
- रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के महापौर श्रीमती मीनल चौबे गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दिनांक 26 जनवरी 2026 सोमवार को प्रातः 8:00 बजे नगर पालिक निगम रायपुर के मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के प्रांगण में राष्ट्रध्वज तिरंगा फहरायेगी।
- - महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मास मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगीरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में गणतंत्र दिवस दिनाक 26 जनवरी 2026 और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस दिनांक 30 जनवरी 2026 को मास मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस सबंध में छत्तीसगढ शासन के नगरीय प्रशासन एव विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग ने गणतंत्र दिवस दिनाक 26 जनवरी 2026 और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस दिनांक 30 जनवरी 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुका गृह एवं समस्त मास मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।गणतंत्र दिवस दिनांक 26 जनवरी 2026 और महात्मा गांधी निर्वाण दिवस दिनाक 30 जनवरी 2026 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मास मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मास मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस-मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी।
- -अटल बिहारी वाजपेयी, महात्मा गांधी, डॉ. भीम राव अम्बेडकरजी की प्रतिमाओं की व्यवस्थित सफाई और पानी से धुलाईरायपुर/ राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी,स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप ने गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के पूर्व रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत स्थित शहीदों/ महापुरुषों/ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियों/प्रतिमाओं की सुव्यवस्थित सफाई और पानी से धुलाई करवाकर सभी मूर्तियों/ प्रतिमाओं में सादर ससम्मान माल्यार्पण किया जाना सुनिश्चित करवाने सभी जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है. निर्देशानुसार नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तत्काल जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत अटल पथ एक्सप्रेस वे मार्ग फुण्डहर चौक स्थित भारत गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयीजी की प्रतिमा सहित सम्पूर्ण अटल परिसर की सादर ससम्मान व्यवस्थित सफाई और पानी से धुलाई स्थल पर नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा और स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा की उपस्थिति में करवाई.नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत ब्राम्हणपारा आजाद चौक स्थित श्रद्धेय महात्मा गाँधीजी की प्रतिमा सहित सम्पूर्ण परिसर की सादर ससम्मान सुव्यवस्थित सफाई और पानी से धुलाई नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में करवाई. वहीं जोन 4 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन 4 अंतर्गत वार्ड 43 अंतर्गत जय काली चौक में स्थित संविधान निर्माता भारत रत्न श्रद्धेय डॉ. भीम राव अम्बेडकरजी की प्रतिमा के सम्पूर्ण स्थल की सादर ससम्मान व्यवस्थित सफाई और पानी से धुलाई करवाई गयी.
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रायपुर/ रायपुर के गौरवशाली आयोजन रायपुर साहित्य उत्सव ने अपनी भव्यता और वैचारिक गंभीरता से प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के साहित्यिक और बौद्धिक जगत में एक सशक्त पहचान बनाई है। उत्सव के विभिन्न सत्रों के बीच ‘भारत का बौद्धिक विमर्श’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया, जिसने बुद्धिजीवियों, युवाओं और श्रोताओं को गहन विचार के लिए प्रेरित किया।
इस सत्र के मुख्य वक्ता प्रख्यात विचारक एवं लेखक श्री राम माधव रहे। उन्होंने अपने संतुलित और तार्किक वक्तव्य के माध्यम से भारतीय चेतना को आधुनिक संदर्भों में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। श्री राम माधव ने कहा कि किसी भी जीवंत राष्ट्र के लिए उसका बौद्धिक विमर्श उसकी प्राणवायु होता है। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और वैश्विक राजनीति से जोड़ते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत का चिंतन न केवल मौलिक है, बल्कि तार्किक कसौटी पर भी पूरी तरह खरा उतरता है।
श्री राम माधव ने इस भ्रांति को भी सशक्त तर्कों के साथ खंडित किया कि बौद्धिकता केवल पश्चिमी दृष्टिकोण तक सीमित है। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्र चिंतन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ-साथ आधुनिक यथार्थ को समझने की क्षमता भी रखता है। संवाद के दौरान उनके तर्कों की श्रृंखला ने विद्वानों के साथ-साथ युवाओं और सामान्य श्रोताओं को भी विशेष रूप से प्रभावित किया। सत्र के दौरान उपस्थित श्रोताओं ने भी अपने विचार साझा किए, जिससे पूरा वातावरण परंपरा और भविष्य की प्रगति के संतुलन से भरे वैचारिक संवाद में बदल गया।
सत्र के समापन पर यह संदेश उभरकर सामने आया कि असहमति भी तभी सार्थक है, जब वह तर्क और मर्यादा के दायरे में हो। रायपुर साहित्य उत्सव का यह सत्र केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि सकारात्मक, रचनात्मक और आत्मबोध से जुड़े बौद्धिक विमर्श की नई संस्कृति का प्रतीक बनकर सामने आया। इस आयोजन ने यह भी सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की माटी में लोक संस्कृति के साथ-साथ उच्चस्तरीय वैचारिक मंथन के लिए भी एक सशक्त और उर्वर भूमि मौजूद है। - रायपुर । अयोध्या धाम से श्रीरामलला के पावन दर्शन कर वापस लौटे तीर्थ यात्रियों का आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के कवर्धा स्थित कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों को श्रीफल, पुष्पमाला एवं वस्त्र भेंट किए गए।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जी के निर्देशानुसार अयोध्या धाम से लौटने वाले प्रत्येक तीर्थ यात्री दल का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य है कि तीर्थ यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं को सम्मान, आत्मीयता और सहयोग की अनुभूति हो तथा वे अपने धार्मिक अनुभव को सुखद स्मृतियों के साथ साझा कर सकें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, सिख गुरुद्वारा प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री गुरुमुख सिंह अरोरा, श्री नितेश अग्रवाल, जनपद पंचायत कवर्धा अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री गनपत बघेल, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री सतविंदर पाहुजा तथा श्रीमती वेदकुमारी सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान तीर्थ यात्रियों ने अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन के अपने भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दर्शन यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रही और शासन-प्रशासन द्वारा किए गए इस सम्मान ने उन्हें अत्यंत प्रसन्नता प्रदान की है। तीर्थ यात्रियों ने इस आत्मीय स्वागत के लिए माननीय उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त की।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से शनिवार को लोक भवन में रायपुर के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने राज्यपाल को कानून व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। राज्यपाल श्री डेका ने उन्हें जनभावनाओं के अनुरूप बेहतर शान्ति और कानून-व्यवस्था बनाने रखने की शुभकामनाएं दी।
- -श्री साव ने आमंत्रण पर नई दिल्ली जा रहे पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से वीडियो काल पर की बात, गणतंत्र दिवस समारोह का न्यौता मिलने पर दी बधाईरायपुर । नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष एक नई और ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेता भी सहभागी बनेंगे। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेश में देशभर के पथ-विक्रेता भाई-बहनों को संबोधित करेंगे।उप मुख्यमंत्री-सह-नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरूण साव ने आज नगर पालिका परिषद मुंगेली के पथ-विक्रेता श्री बाबूलाल बुनकर और नगर पालिका परिषद लोरमी के शहरी पथ-विक्रेता श्री सोना कुमार कैवर्त्य से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान दोनों से उनके कार्यों की चर्चा कर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होने पर बधाई दी। दोनों पथ-विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी एवं परिश्रम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों पथ-विक्रेताओं से वीडियो काल से चर्चा कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी है। वर्षों से देश की शहरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पहचान दिलाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में उनकी भागीदारी सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की भावना को सशक्त रूप से दर्शाती है।छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं लोटस टेंपल (कमल मंदिर) का भ्रमण भी कराया जाएगा। यह भ्रमण उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को और अधिक गहराई से समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से देशभर के लाखों शहरी पथ-विक्रेताओं को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा तथा सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय मंच पर पथ-विक्रेताओं की सहभागिता इस योजना की सफलता और इसके सामाजिक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के दो पथ-विक्रेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह के राष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण विशेष रूप से गौरवपूर्ण है। राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इससे न केवल पथ-विक्रेताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य के अन्य पथ-विक्रेताओं को भी स्वावलंबन, अनुशासन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। राज्य शासन एवं नगरीय निकायों द्वारा भी पथ-विक्रेताओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक आजीविका, सुरक्षित कार्यस्थल तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी इन प्रयासों की सार्थकता को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करती है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं की सहभागिता समानता, सम्मान और समावेशी विकास के मूल्यों को सुदृढ़ करती है। यह पहल संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग, हर नागरिक और हर मेहनतकश की भूमिका महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के लिए यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणास्पद उदाहरण भी है।
- दुर्ग / गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर जिले में केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू 26 जनवरी 2026 को रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में आयोजित मुख्य समारोह में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे।निर्धारित कार्यक्रम अनुसार मुख्य अतिथि राज्यमंत्री श्री तोखन साहू प्रातः 9 बजे रविशंकर स्टेडियम दुर्ग पहुँचकर ध्वजारोहण करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 9.03 बजे परेड का निरीक्षण, 9.10 बजे हर्ष फायर, 9.15 बजे मार्च पास्ट आयोजित किया जाएगा। प्रातः 9.22 बजे माननीय मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री जी का संदेश वाचन किया जाएगा। प्रातः 9.42 बजे परेड कमान्डरों से परिचय, 9.50 बजे परेड कमान्डरों के साथ फोटो सेशन आयोजित होगा। प्रातः 10 बजे शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद 10.10 बजे स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। प्रातः 10.40 बजे झांकियों का प्रदर्शन एवं 11 बजे से पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
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रायपुर/रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में आज “नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में अभिनेता श्री सत्यजीत दुबे, अभिनेत्री सुश्री टी. जे. भानु, विधायक एवं प्रसिद्ध कलाकार श्री अनुज शर्मा तथा सुश्री सुविज्ञा दुबे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
परिचर्चा के दौरान श्री अनुज शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा अत्यंत सरल और सहज है, जिसे संवाद के माध्यम से और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय महिलाओं की सशक्त भूमिका का है, जहां सिनेमा और समाज दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने फिल्म निर्माण प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिनेमा में निर्देशक की भूमिका प्रमुख होती है, रंगमंच में अभिनेता की प्रधानता होती है, जबकि धारावाहिकों में लेखक की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी रचनाकार की पहचान उसके पहनावे से नहीं, बल्कि उसकी रचनाओं से होती है।
अभिनेता श्री सत्यजीत दुबे ने कहा कि किसी भी फिल्म में भावनात्मक तत्व होना आवश्यक है, तभी वह दशकों तक दर्शकों के मन में जीवित रहती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का साहित्य अत्यंत समृद्ध है और यहां अच्छी कहानियों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता केवल पाठक वर्ग को प्रोत्साहित करने की है कि वे पढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकजीवन और संस्कृति में असंख्य कथाएं समाहित हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।
अभिनेत्री सुश्री टी. जे. भानु ने कहा कि डिजिटल माध्यमों, विशेषकर यूट्यूब, ने नए कलाकारों के लिए अवसरों के द्वार खोले हैं। छोटी कहानियां अब विभिन्न मंचों के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा का सुख केवल गंतव्य तक पहुंचने में नहीं, बल्कि पूरी यात्रा प्रक्रिया में निहित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब महिलाएं निर्माता की भूमिका निभाती हैं, तो वे सेट पर कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं और भावनाओं का ध्यान रखती हैं। उन्होंने सिनेमा में दृश्यात्मक प्रस्तुति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
सुश्री सुविज्ञा दुबे ने कहा कि बच्चों में आत्मविश्वास का विकास घर से ही प्रारंभ होना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करें, जिससे उनमें सृजनात्मकता और आत्मबल विकसित हो सके।
परिचर्चा में वक्ताओं ने नई पीढ़ी के सिनेमा, साहित्य और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव पर विचार साझा करते हुए कहा कि सशक्त कहानी, भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी ही भविष्य के सिनेमा की दिशा तय करेंगे। - दुर्ग / ब्लड सेंटर जिला चिकित्सालय दुर्ग (ब्लड बैंक) में 25 जनवरी रविवार को प्रातः 9.00 बजे से संध्या 5.00 बजे तक रक्तदान व रक्तदान उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं हेतु जिला चिकित्सालय दुर्ग में निःशुल्क वाहन पार्किंग सुविधा एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के अधिक से अधिक आयोजन से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।दुर्घटना, आपातकालीन परस्थितियों में मरीजों के हित हेतु रक्तदान कर पीड़ित मानवता की सेवा में जनसामान्य द्वारा अपना अमुल्य योगदान दिया जा सकता है। वजन के अनुसार स्वास्थ शरीर में 5 से 6 लीटर तक रक्त होता है जिसमें से शरीर रक्तदाताओं को 1 बार में केवल 350 ML ही रक्त दान करना होता है। रक्तदान के समय वजन, बीपी, हिमोग्लोबिन, ब्लडग्रुप, मलेरिया, एचआईवी, हेपेटाईटिस, वीडीआरएल की निःशुल्क जांच होती है। व्यस्क लोग जिनकी उम्र 18 वर्ष से 65 वर्ष हो, वजन 45 किलो ग्राम से ऊपर हो एवं जिनका हीमोग्लोबिन 11 g/dl से ऊपर हो वह रक्तदान कर सकते है। हर 3 माह (90 दिन) के अंतराल पर पुरूष तथा हर 4 माह (120) दिन) के अंतराल पर महिला रक्तदान कर सकती है। हर बालिक एवं स्वस्थ व्यक्ति का कर्तव्य व दायित्व है कि जरूरतमंद मरीजों के लिये रक्तदान करें। जनसामान्य से अपील की गई है कि इस मानवीय कार्य में 25 जनवरी दिन रविवार को सभी को रक्तदान के लिये प्रेरित करें एवं रक्तदान शिविर तक लाने में मदद करें ताकि रक्तदान से ब्लड बैंक में सभी ग्रुप्स के रक्त युनिट उपलब्ध हो पाए।







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