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- 0- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर संयुक्त टीम की कार्रवाई0- बाल श्रम कराने वालों पर खमतराई थाने में एफआईआर दर्जरायपुर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को जिला बाल संरक्षण इकाई, रायपुर, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, श्रम विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने खमतराई थाना क्षेत्र में संचालित मारुति नंदन स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-02 में अवलोकन भ्रमण के दौरान जोखिमपूर्ण कार्य में संलग्न 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार माह जून में 01 जून से 30 जून 2026 तक बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में निरीक्षण एवं सघन जांच की जा रही है।मुक्त कराए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई। उनके पुनर्वास, परामर्श एवं आवश्यक संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु नियमानुसार प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।यह अभियान माननीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं जिला प्रशासन के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन व जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में श्रम विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से संचालित किया गया।बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम निषेध संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए चेतावनी दी गई। बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75, 79, भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(5), 146 एवं बालक एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 यथा संशोधित 2016 की धारा 3, 3(क), 14 और अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत प्रतिष्ठान के संचालक, प्रबंधक, ठेकेदार एवं अन्य शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खमतराई थाना में प्राथमिकी दर्ज करने आवेदन प्रस्तुत किया गया है। अधिनियम के अनुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।जिला बाल संरक्षण इकाई ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी किसी बच्चे से मजदूरी कराए जाने की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि बच्चों को सुरक्षित बचपन एवं शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के स्वीकृति उपरांत निरस्त प्रकरणों पर दावा आपत्ति आमंत्रित की गई है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि गुण्डरदेही विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 तक के स्वीकृति उपरांत निरस्त 502 आवासों एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के स्वीकृति उपरांत निरस्त 36 आवास के हितग्राहियों की सूची सहित कुल 538 हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उक्त सूची के संबंध में हितग्राही 19 जून 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने ग्राम पंचायत में दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है।इसी तरह बालोद विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 तक के स्वीकृति उपरांत निरस्त 121 आवासों एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के स्वीकृति उपरांत 06 आवास के हितग्राहियों की सूची सहित कुल 127 हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उक्त सूची के संबंध में हितग्राही आवश्यक दस्तावेज के साथ अपने ग्राम पंचायत में 22 जून 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। निर्धारित तिथि के पश्चात दावा-आपत्तियों पर विचार नही किया जाएगा।
- 0- कलेक्टर द्वारा कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पारित किया गया आदेशबालोद. कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद एवं उसके 500 मीटर के दायरे में धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत आवश्यक आदेश पारित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि ज्ञापन देने आने वाले लोग 20 से 25 या इससे भी ज्यादा संख्या में जिला कार्यालय परिसर में प्रवेश कर शोर शराबा करने से कार्यालय की शांति व्यवस्था भंग होती है। इस कारण न केवल संयुक्त जिला कार्यालय के शासकीय कार्यों में बाधा पहुँचती है बल्कि एक अस्वस्थ माहौल निर्मित होता है और कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। उक्त स्थिति के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा कानून व शांति व्यवस्था, लोकहित एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये उक्त आदेश पारित किया गया है।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा पारित किए गए आदेश के तहत संयुक्त जिला कार्यालय परिसर जिला बालोद एवं उसके 500 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा सभा, रैली, जुलूस प्रदर्शन, धरना, हड़ताल किया जाना प्रतिबंधित होगा अथवा एक समय में किसी स्थान पर 04 से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति (अनुज्ञप्तिधारी सहित) किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, धारदार घातक हथियार आदि को लेकर नहीं चलेगा। धार्मिक परंपरा अनुसार रखे जाने वाले कृपाण आदि पर यह कण्डिका प्रभावशील नहीं होगी। किसी भी प्रकार से सभा रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन, हड़ताल आदि करने से पहले अनुविभागीय दण्डाधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी से अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। क्षेत्रातर्गत सभाओं, रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन हड़ताल आदि के दौरान शासकीय एवं निजी सम्पतियों को नुकसान पहुँचाना, पुतला दहन तोड़फोड़ एवं टायर आदि जलाकर मार्ग अवरूद्ध कर यातायात बाधित करना तथा आम नागरिक में दहशत फैलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश सभी प्रकार के दलों, संगठनों, संघों तथा आम जनता जो सभा, रैली जुलूस, धरना, प्रदर्शन, हड़ताल आदि के उद्देश्य से बिना अनुमति के एकत्रित होंगे, पर लागू रहेगा तथा जारी किए जाने की तिथि 12 जून 2026 से आगामी आदेश पर्यन्त तक प्रभावशील रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी।
- 0- विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी राजस्व अनुविभाग स्तर पर आयोजित किया जाएगा 03 दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर0- कलेक्टर द्वारा शिविरों के सफल आयोजन हेतु जारी किया गया आवश्यक दिशा-निर्देशबालोद. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने के उपलक्ष्य में विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर केन्द्र एवं राज्य सरकार की समस्त जनकल्याणकारी एवं हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर 18 से 20 जून तक 03 दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में विभिन्न विभागों में संचालित आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना, पीएम सूर्यघर, पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, जलजीवन मिशन, पीएम कौशल विकास योजना, पेंशन योजनाएं इत्यादि 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं का पंजीयन किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को अनुविभाग स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों के सफल आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को शिविरों में मुख्य रूप से केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लिए नए पंजीयन, त्रुटि सुधार, समस्याओं का त्वरित निराकरण से संबंधित कार्यों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।बालोद जिले में आयोजित 03 दिवसीय शिविरों के सफल आयोजन हेतु प्रत्येक अनुविभागों के लिए संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविर आयोजन के पूर्व ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुनादी एवं कोटवारों के माध्यम से आम नागरिकों को सूचना प्रदान करने के अलावा स्थानीय समाचार पत्र एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कि अधिक से अधिक नागरिकों को शिविर का लाभ प्राप्त हो सके। इस शिविर में विभिन्न विभागों में संचालित हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना, पीएम सूर्यघर, पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, जलजीवन मिशन, पीएम कौशल विकास योजना, पेंशन योजनाएं इत्यादि का पंजीयन तथा सुविधा लाभ दिए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी नोडल अधिकारियों को इस संबंध में उनके द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी भी उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।--
- 0- कबड्डी मैट को खिलाड़ियों के गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुँचाने कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी ने वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवानाबालोद. खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदत्त 180 नग कबड्डी मैट को कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा तथा अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक ने जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भालूकोन्हा के कबड्डी खिलाड़ियों को प्रदान कर उन्हें शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि खेल एवं युवा कल्याण मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भालूकोन्हा के कबड्डी खिलाड़ियों के लिए 180 गन कबड्डी मैट की स्वीकृति प्रदान की गई है।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने भालूकोन्हा के कबड्डी खिलाड़ियों का अपने माटी के खेल कबड्डी के प्रति अपार स्नेह तथा उनके खेल प्रतिभा की भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने सभी कबड्डी खिलाड़ियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी द्वारा कबड्डी मैट को खिलाड़ियों के गृह ग्राम भालूकोन्हा तक सुरक्षित पहुँचाने हेतु कबड्डी मैट ले जा रही वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना भी किया। इस मौके पर कबड्डी खिलाड़ियों के अलाव अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- बम्हनी एवं कोपेडरा में की गई जप्ती की कार्रवाईबालोद. बालोद वनमण्डल क्षेत्र में वृक्षों की अवैध कटाई एवं परिवहन को लेकर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सजग एवं मुस्तैद है। वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले में वन परिक्षेत्र डौंडी के अंतर्गत सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, परिसर रक्षक, चैकीदार और वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों द्वारा पूरे क्षेत्र में लगातार सघन गश्त और गहन निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बम्हनी एवं कोपेडेरा क्षेत्र में तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम और वन विभाग के अमले द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम बम्हनी में वृक्षों की अवैध कटाई और परिवहन किए जा रहे लकड़ी को जप्त कर लिया गया है। इसी तरह ग्राम कोपेडरा में काटे गए लकड़ी की ढेर की जानकारी मिलने पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की गई है।
- बालोद. सुप्रीम कोर्ट एवं राज्य कार्यालय के निर्देश के परिपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पुराने ट्रायसिकल का पुनः उपयोग कर कचरा संग्रहण वाहन के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिसमें लाल डिब्बा सेनेटरी पैड डाइपर के लिए एवं पीला डिब्बा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का संग्रहण किया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने उक्त कचरा संग्रहण ट्रायसायकिल का अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 के अंतर्गत ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत द्वारा पुराने एवं अनुपयोगी हो चुके ट्राइसाइकिल वाहन का संशोधन (मॉडिफिकेशन) कर उसे पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है।यह पहल संसाधनों के संरक्षण, लागत में कमी तथा पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम पंचायत द्वारा संशोधित ट्राइसाइकिल में गीला कचरा, सूबा कचरा, घरेलू जोखिमयुक्त तथा सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक संग्रहण हेतु अलग-अलग खंड विकसित किए गए हैं। वाहन पर नागरिकों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने वाले संदेश एवं स्वच्छता संबंधी नारे भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान जनजागरूकता का कार्य भी किया जा सके।ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, पृथक संग्रहण, परिवहन एवं वैज्ञानिक प्रबंधन अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत द्वारा पुराने ट्राइसाइकिल का पुनः उपयोग करते हुए कम लागत में एक प्रभावी कचरा संग्रहण वाहन तैयार किया गया है। इससे पंचायत को नए वाहन की खरीद पर होने वाले व्यय से बचत होगी तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। संशोधित ट्राइसाइकिल के माध्यम से स्वच्छता कर्मचारी नियमित रूप से घर-घर जाकर पृथक कचरा संग्रहित करेंगे। संग्रहित गीले कचरे का प्रसंस्करण कम्पोस्टिंग अथवा अन्य वैज्ञानिक विधियों से किया जाएगा। जबकि सूखे कचरे को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट अथवा पुनर्चक्रण केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। सैनिटरी एवं घरेलू जोखिमयुक्त अपशिष्ट का भी नियमानुसार पृथक प्रबंधन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में कम से कम चार प्रकार के डस्टबिन का उपयोग करें तथा गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू जोखिमयुक्त कचरे को अलग-अलग संग्रहित कर स्वच्छता कर्मियों को सौंपे। कचरे का पृथक्करण न केवल स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाता है बल्कि पुर्नचक्रण, संसाधन संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- 0- नगर निगम जोन 1 वार्ड 17 एवं 18 क्षेत्र हेतु एकमुश्त 2 करोड 6 लाख रू. के नये स्वीकृत विकास कार्यों की सौगात0- गुढ़ियारी दीक्षा नगर पानी टंकी से घर घर निगम की सबसे बड़ी उपलब्धी होगी0- नागरिको को नदी का मीठा जल दिलवाना रायपुर नगर निगम की सबसे बड़ी उयलब्धि होगी - पश्चिम विधायक राजेश मूणत0- 3 स्थानों पर नये विद्युत उपकेन्द्र खुलवाने का कार्य सतत विद्युत प्रवाह हेतु शीघ्र करवाएंगे - राजेश मूणत0- नागरिक नाली में कचरा ना डालें एवं निगम के सफाई मित्र को देकर शहर को सुन्दर और स्वच्छ बनाने भागीदार बनें0- गरीबो के बच्चों को महंगे निजी स्कूलों की तरह रायपुर पश्चिम में प्ले स्कूल की सुविधाएं शीघ्र मिलेंगी- पश्चिम विधायकरायपुर. रायपुर पश्चिम विधायक एवं प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत ने रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर निगम जोन 1 क्षेत्र में ठक्कर बापा वार्ड क्रमांक 17 एवं बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक 18 के विभिन्न स्थानो में एकमुश्त 2 करोड 6 लाख की लागत से नये स्वीकृत विकास कार्यों को शीघ्र करवाने वहां पहुंचकर भूमिपूजन नगर निगम लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल एमआईसी सदस्य श्री भोलाराम साहू, श्री नंदकिशोर साहू, जोन 1 अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, जोन 8 अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, ठक्कर बापा वार्ड पार्षद श्रीमती परमिला बल्ला राम साहू, बाल गंगाधर तिलक वार्ड पार्षद श्री सोहन साहू, वार्ड पार्षद डॉ. मनमोहन मनहरे, श्रीमती अंबिका साहू, श्री राजेश कुमार देवांगन, पूर्व पार्षद श्री ओंकार बैस, श्री पुरुषोत्तम देवांगन, श्रीमती कामिनी देवांगन, मंडल अध्यक्ष सर्वश्री नवीन शर्मा, विनय जैन, संजय मोहले, जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर, कार्यपालन अभियंता श्री द्रोणी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, वार्ड 17 एवं 18 क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवको, आमजनों की उपस्थिति के मध्य श्रीफल फोडकर एवं कुदाल चलाकर करते हुए नगरवासियों को एक और शानदार सौगात दी ।रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि गुढियारी दीक्षा नगर में नये जलागार का निर्माण नगर निगम रायपुर के माध्यम से रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में तेजी से हो रहा है। दिसम्बर 2026 तक निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद घर घर नदी का मीठा जल नगर निगम द्वारा उपलब्ध करवाया जायेगा जो रायपुर नगर निगम की सबसे बड़ी उपलब्धी होगी। रायपुर पश्चिम विधायक ने नागरिको से अपील की कि महापौर श्रीमती मीनल चौबे की शहर सरकार के कार्यकाल में हो रहे विकास कार्यों को वे स्वतः स्थलों पर जाकर देखे एवं उसकी वीडियो बनाकर शेयर करें अगर उसमें कमी दिखे तो वह भी बतायें ताकि शीघ्र कमी को दूर किया जा सके। रायपुर पश्चिम विधायक ने रायपुर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर को अंबेडकर चौक गुढियारी को भव्य बनाने सर्वे करके शीघ्र प्रस्ताव देने के निर्देश दिये ताकि अंबेडकर चौक को गरिमा के अनुरूप विकसित करवाया जा सके। उन्होने कहा कि गुढियारी के भारत माता चौक को विकसित किये जाने का कार्य लगातार आमजनों के मध्य चर्चा का विषय बना हुआ है।रायपुर पश्चिम विधायक एवं प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा कि रायपुर नगर निगम में जब से महापौर श्रीमती मीनल चौबे की शहर सरकार ने कार्य प्रारंभ किया है तब से रायपुर शहर में ऐतिहासिक विकास कार्य रायपुर नगर निगम क्षेत्र में हो रहा है। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में वे लगातार प्रयासरत है कि गुढियारी के बडे रहवासी क्षेत्र में 3 विभिन्न स्थानों पर नये विद्युत उपकेन्द्र शीघ्र बने जिससे यहां विद्युत प्रवाह निरंतर जारी रहे। इसके लिए उन्होने गुढियारी मारूती मंगलम भवन के पास सुलभ के समीप हनुमान मंदिर ट्रस्ट से चर्चा कर सहमति कायम करते हुए आवश्यक भूमि छ.ग. विद्युत पावर कंपनी को दिलवायी है जहां नया विद्युत उपकेन्द्र बनेगा। दूसरा विद्युत उपकेन्द्र तिलक नगर उद्यान के पास की उपलब्ध भूमि पर बनाना प्रस्तावित है। रायपुर पश्चिम विधायक ने वार्ड पार्षद को शीघ्र भूमि उपलब्धता के संबंध में अधिकृत जानकारी दिलवाने कहा जिससे कार्य शीघ्र हो सके। श्री राजेश मूणत ने कहा कि तीसरा विद्युत उपकेन्द्र भूमि उपलब्ध होने पर गुढियारी दीक्षा नगर में पानी टंकी के समीप किसी उपयुक्त स्थान पर भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्तावित किया जायेगा ताकि गुढियारी की रहवासी जनता की विद्युत संबंधी समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र हो सके।रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि उन्होने पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की स्कूलो में सभी जगह प्रार्थना शेड बनवाये है एवं विद्यार्थियों हेतु पेयजल की व्यवस्था करवायी है। वे शासकीय स्कूलो में क्षेत्र के रहवासी गरीबो के विद्यार्थी बच्चों को प्ले स्कूल जैसी सुविधा शीघ्र उपलब्ध करवाने लगातार प्रयासरत है। उन्होने कहा कि ये कार्य उन्होने रायपुर नगर निगम के माध्यम से महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में करवाया है। इस हेतु सभी को नगर निगम रायपुर एवं महापौर श्रीमती मीनल चौबे के ऐसे कार्यों की सराहना करनी चाहिए। उन्होने कहा कि वे एनआईटी के समीप नालंदा 2 लाईब्रेरी का कार्य करवा रहे है। इसके बनने से शहर के विद्यार्थी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओ में सफल होने काफी सहायता मिल सकेगी।रायपुर पश्चिम विधायक ने जोन 1 जोन अध्यक्ष एवं जोन 8 जोन अध्यक्ष से संपर्क कर जोन क्षेत्र के वार्डो की सफाई व्यवस्था सुचारू बनाने कार्य करवाने की अपील रहवासी जनता से की। उन्होने कहा कि नगर निगम में जोन अध्यक्ष का दायित्व है कि वह जोन के वार्डो की सफाई व्यवस्था सुचारू बनाने कार्य करें। रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने सभी नागरिको से राजधानी शहर रायपुर को स्वच्छ और सुन्दर बनाने भागीदार बनने एवं नाली में कचरा नहीं डालने एवं प्रतिदिन घर का कचरा नियमित रूप से सफाई मित्र को सफाई वाहन में देने की अपील की।बाल गंगाधर तिलक वार्ड पार्षद श्री सोहन साहू ने वार्ड में 1 करोड 24 लाख की लागत से नये विकास कार्य शीघ्र करवाने भूमिपूजन करने पर रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत को हार्दिक धन्यवाद दिया। पार्षद श्री सोहन साहू ने कहा कि विगत 15 वर्षों तक पिछले कार्यकाल में उनके वार्ड क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हो पाया। यह विकास कार्य रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने प्रारंभ करवाया है। कई स्थानो पर अधूरे विकास कार्य को पूर्ण किया जा रहा है।
- 0- विप्र नगर रायपुरा में ₹80 लाख के 'महतारी सदन' का 14 जून को लोकार्पण0- गरीब बच्चों को मुफ्त मिलेगा प्ले स्कूल का सुख विधायक राजेश मूणत के विजन से आकार ले रहा सर्वसुविधायुक्त 'महतारी सदन0- रायपुर पश्चिम में विकास का 'नया मॉडल': उत्कृष्ट संचालन के लिए 'महाराष्ट्र मंडल' को मिल सकती है विप्र नगर महतारी सदन की जिम्मेदारीरायपुर. रायपुर: अपनी दूरगामी सोच और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में नित नए नवाचारों के लिए पहचाने जाने वाले रायपुर पश्चिम के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत के विजन से राजधानी रायपुर में विकास का एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विप्र नगर रायपुरा में ₹80 लाख की भारी-भरकम लागत से निर्मित छत्तीसगढ़ का पहला हाईटेक 'महतारी सदन', 'महिला योग भवन' एवं 'महिला जुंबा सेंटर' पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। इस बहुप्रतीक्षित और सर्वसुविधायुक्त परिसर का लोकार्पण आगामी 14 जून को दोपहर 12:00 बजे राजधानी के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न होगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसद माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल जी होंगे। गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता रायपुर पश्चिम के विधायक श्री राजेश मूणत करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद व विधायक श्री सुनील सोनी जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी एवं नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे जी विशेष रूप से मंच साझा करेंगे।कम आय वर्ग के बच्चों को मिलेगा 'कॉन्वेंट' जैसा प्ले स्कूल: इस अनूठे प्रोजेक्ट के पीछे विधायक श्री राजेश मूणत की संवेदनशीलता और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने की बड़ी सोच छिपी है। आमतौर पर महंगे प्ले स्कूलों और डे-केयर सेंटरों का खर्च केवल उच्च आय वर्ग के लोग ही उठा पाते हैं। इसी खाई को पाटने के लिए महतारी सदन के भीतर एक ऐसा आधुनिक प्ले स्कूल तैयार किया गया है, जहाँ समाज के कम आय वर्ग के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के नन्हे-मुन्ने बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क या नाममात्र के शुल्क पर विश्वस्तरीय प्रारंभिक शिक्षा, खेल-कूद और बौद्धिक विकास की सुविधाएं मिलेंगी।यह पहल यह साबित करती है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार समाज के हर वर्ग को सर्वश्रेष्ठ और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह कृत-संकल्पित है।छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी 'महिला योग व जुंबा सेंटर': महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस परिसर में 'महिला योग भवन' और 'महिला जुंबा सेंटर' का निर्माण कराया गया है।पूरे छत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला सरकारी भवन है जहाँ महिलाओं को बिना किसी व्यावसायिक शुल्क के पूरी तरह सुरक्षित, आधुनिक और योग व फिटनेस (जुंबा) करने का अवसर मिलेगा। मध्यम आय वर्ग की जो माताएं-बहनें महंगे जिम या योग केंद्रों की फीस नहीं दे पाती थीं, वे अब यहाँ अपनी सेहत को संवार सकेंगी।कुशल प्रबंधन हेतु 'महाराष्ट्र मंडल' को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी: इस महाप्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनुकरणीय और सुदृढ़ प्रबंधन मॉडल है।विधायक राजेश मूणत द्वारा रायपुर पश्चिम में कुल 3 अत्याधुनिक महतारी सदनों की सौगात दी जा रही है। इनमें से टाटीबंध में निर्मित प्रथम महतारी सदन का लोकार्पण पूर्व में ही हो चुका है, जिसके सफल व सुचारू संचालन की जिम्मेदारी क्षेत्र की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था 'महाराष्ट्र मंडल' को सौंपी गई है। टाटीबंध में महाराष्ट्र मंडल द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट और जन-हितैषी कार्यों को देखते हुए अब यह निर्णय लिया जा रहा है कि विप्र नगर में निर्मित इस नए महतारी सदन के लोकार्पण के पश्चात, इसके प्ले स्कूल और भवन के संचालन व रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी 'महाराष्ट्र मंडल' को ही सौंपी जाए, ताकि आम जनता को बिना किसी बाधा के निरंतर पारदर्शी व उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलती रहें।*राजेश मूणत ने कहा की"विकास केवल सीमेंट और कंक्रीट की इमारतें बनाना नहीं है, बल्कि ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है जिससे समाज के सबसे कमजोर तबके के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आए। विप्र नगर का 'महतारी सदन' और 'महिला योग भवन' हमारी इसी सोच का परिणाम है। मैं चाहता हूँ कि एक मजदूर या कम आय वर्ग वाले परिवार के बच्चे के मन में भी यह हीनभावना न रहे कि वह किसी बड़े प्ले स्कूल में नहीं पढ़ सकता। हमारी सरकार हर गरीब बच्चे को वह अधिकार देगी। इसके साथ ही, माताओं-बहनों की सेहत मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भवनों के दीर्घकालिक और निष्पक्ष संचालन के लिए हमने 'महाराष्ट्र मंडल' जैसी कर्मठ संस्था को जोड़ने का विचार किया है, जिन्होंने टाटीबंध में बेहतरीन काम किया है। रायपुर पश्चिम को मॉडल विधानसभा बनाना ही मेरा जीवन ध्येय है।*राजेश मूणत (विधायक, रायपुर पश्चिम एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)विकास पुरुष की छवि को और मजबूत करता यह प्रोजेक्ट: राजनीतिक पंडितों और शहर के प्रबुद्ध जनों का मानना है कि पूर्व लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत हमेशा से राजधानी रायपुर के विकास और अधोसंरचना (Infrastructure) को बेहतर स्वरूप देने के लिए जाने जाते रहे हैं। एक्सप्रेस-वे, फ्लाईओवर्स और भव्य ऑडिटोरियम्स के बाद अब सामाजिक सरोकार, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक संगठनों के साथ पीपीपी मॉडल पर सफल संचालन का यह अनूठा प्रयास उनके विकास कार्यों में एक नयापन और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।14 जून को होने वाले इस लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र की मातृशक्ति और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
- 0- निगम जोन 7 नगर निवेश विभाग ने वार्ड 23 में अंबेडकर चौक के पास कोटा में नक्शा स्वीकृति विपरीत अतिरिक्त निर्माण को तोडने की कार्यवाही कीरायपुर. रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन 7 जोन कमिश्नर श्री अरूण ध्रुव के मार्गनिर्देशन में कार्यपालन अभियंता श्री सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता श्री शत्रुघन देशलहरे, उपअभियंता श्री चंद्रकांत बर्गे, उपअभियंता नगर निवेश श्रीमती प्रेरणा अग्रवाल की उपस्थिति में नगर निगम जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत शहीद मनमोहन सिंह बख्शी वार्ड क्रमांक 23 अंतर्गत अंबेडकर चौक के पास सरस्वती रेल्वे स्टेशन के समीप कोटा में नक्शा स्वीकृति के विपरीत किये गये अतिरिक्त निर्माण को संबंधित निर्माणकर्ता को नियमानुसार अधिनियम अंतर्गत 3 नोटिस उपरांत अंतिम सूचना देने के पश्चात अभियान चलाकर अतिरिक्त निर्माण को पूरी तरह तोडने की कार्यवाही की गई।
- 0- इससे पौधो को स्वतः विकसित करने पर्यावरण हितैषी वातावरण प्राप्त हो रहारायपुर. प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन की प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिता उपरांत रायपुर जिला अतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशन में सभी जोन कमिश्नर सतत प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर अपने अपने जोन क्षेत्र के वार्डो में ऐसे सभी पौधो को चिन्हित करवा रहे है जो चारो ओर ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरे में होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पाये है। ऐसे पौधो को प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित करने एवं पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने पौधो के चारो ओर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरे को हटाने का कार्य सभी दस जोनो में प्रारंभ कर दिया गया है। विभिन्न जोनो के विभिन्न स्थानों में पौधो को पर्यावरण संरक्षण हेतु समाज हित में चारो ओर लगे ट्री गार्ड और कांकीट के घेरों को जोन कमिश्नरों ने वहां पहुंचकर हटवाया एवं पौधो को स्वतः विकसित होने पर्यावरण अनुकुल वातावरण कायम करवाने कार्य किया। आयुक्त ने उक्त कार्य को प्राथमिकता से करवाने जोन कमिश्नरो को निर्देशित किया है।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने सभी नागरिको से अपील की है कि वे ऐसे सभी पौधो को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बने। ऐसा करने पर पर्यावरण प्रेमी नागरिको को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के अंतर्गत समाज में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया जायेगा। जोन कमिश्नरो द्वारा करवाये जा रहे उक्त कार्यों की नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा स्वत प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर रहे है।
- 0- रायपुर नगर निगम द्वारा संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 विप्र नगर गेट के पास 14 जून को 12 बजे आयोजन0- 80 लाख रूपये में महतारी सदन आंगनबाडी एवं 40 लाख रूपये से नवनिर्मित महिला योग भवन को किया जायेगा लोकर्पित0- रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे , सभापति सूर्यकान्त राठौड़ , नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, वार्ड पार्षद, अति विशिष्ट अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में होंगे सम्मिलितरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा अधोसरचना मंद अतर्गत नगर निगम रायपुर जोन 8 अंतर्गत संत रविदास वार्ड कमाक 70 क्षेत्र में नवनिर्मित महतारी सदन आंगनबाडी का 80 लाख रू और महिला योग भवन का 40 लाख रु की लागत से लोकार्पण 14 जून 2026 रविवार को दोपहर 12 बजे विप्र नगर गेट के पास वार्ड 70 क्षेत्र में किया जायेगा। लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद एवं प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सम्मिलित होंगे।लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर पश्चिम विधायक एवं प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत करेंगे। आयोजन में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड और विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी, लोककर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग अध्यक्ष श्रीमती सरिता आकाश दुबे, लोक स्वास्थ्य खाद्य एवं स्वच्छता विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चद्राकर, जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, संत रविदास वार्ड कमाक 70 पार्षद श्री अर्जुन यादव, माघव राव सप्रे वार्ड कमांक 69 पार्षद श्री महेन्द्र औसर सम्मिलित होंगे।
- 0- महापौर मीनल चौबे ने जोन 4 सिविल लाईन वार्ड भावे नगर बस्ती नाला में बारिश पूर्व सफाई अभियान का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अच्छी तरह सफाई करवाने के दिये निर्देशरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन 4 अंतर्गत सिविल लाईन वार्ड क्षेत्र में भावेनगर बरती नाला क्षेत्र में बारिश पूर्व सफाई के अभियान का वहां पहुंचकर सिविल लाईन वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्री संतोष हियाल, जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, कार्यपालन अभियता श्री शेखर सिंह, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री विरेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बारिश पूर्व भावे नगर नाला की अच्छी तरह सफाई करवाने के निर्देश जोन अधिकारियों को दिये है। जोन कमिश्नर ने महापौर को बताया कि जलकुंभी को हटाकर नाला क्षेत्र में बारिश पूर्व सफाई का कार्य करवाया गया। किंतु लगे हुए तालाब व नाला का लेवल लगभग समान होने के कारण तेज बारिश के दौरान तालाब का पानी नाले में एवं नाले का पानी तालाब में जाकर पानी ओव्हर पलो के कारण जल भराव की समस्या आती है। महापौर ने अच्छी तरह सफाई नाले में करवाने के निर्देश दिये है ताकि जल भराव की समस्या के कारण नागरिको को बस्ती में असुविधा ना होने पाये। महापौर ने नाले और तालाब के क्षेत्र को पृथक करने योजना का प्रस्ताव बनाने का सुझाव दिया है। ताकि समस्या का आगे चलकर स्थायी समाधान करवाया जा सके।
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- निर्माणाधीन नालंदा परिसर, रानीसागर, एसएलआरएम सेंटर, एसटीपी एवं 120 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का लिया जायजा
- नालंदा परिसर का निर्माण समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने दिए निर्देश
राजनांदगांव । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता ने शुक्रवार कोराजनांदगांव शहर के विभिन्न विकास कार्यों एवं परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर श्री मधुसूदन यादव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव उपस्थित रहे। सचिव सुश्री आर. शंगीता ने राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन निर्माण पूर्ण होने के तीन से चार माह पूर्व ही लाइब्रेरी एवं कैंटीन संचालन की प्रक्रिया प्रारंभ करने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधरोपण भी किया।
सचिव सुश्री आर. शंगीता ने शहर के प्रमुख जलाशय रानीसागर का निरीक्षण कर इसके सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने रानीसागर के आसपास स्थित दुकानदारों को स्वच्छता बनाए रखने तथा कचरा तालाब में नहीं फेंकने के निर्देश दिए। उन्होंने कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने राजनांदगांव के 18 एकड़ में एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण कर स्वच्छता दीदियों से गीले एवं सूखे कचरे के संग्रहण और प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। सचिव सुश्री आर. शंगीता ने मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत सेप्टेज मैनेजमेंट योजना के तहत मोहारा-सिंगदई स्थित एमएलडी एसटीपी का निरीक्षण कर संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके पश्चात उन्होंने तुमड़ीबोड़ ढाबा स्थित 120 मेगावाट सोलर पावर प्लांट का भी निरीक्षण किया तथा परियोजना से संबंधित जानकारी ली। इस अवसर पर संचालक नगरीय प्रशासन श्री आर एक्का, सीईओ राज्य शहरी विकास प्राधिकरण श्री शशांक पाण्डे, उप कार्यपालन अधिकारी श्री सचित साहू व श्री सुनील अग्रहरि, संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग श्री जय प्रकाश साहू, आयुक्त नगर निगम श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव एवं वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन ने महक नरवासे को भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की टी-20 एवं वनडे दोनों प्रारूपों में टीम की उपकप्तान बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से जिले, प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है तथा उनकी सफलता युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि भारत और श्रीलंका के बीच अंडर-19 टी-20 शृंखला 22 जून से प्रारंभ होगी, जिसके बाद वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। महक नरवासे दोनों प्रारूपों में भारतीय टीम की उपकप्तान के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी।
- -किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन सख्तमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।इसी क्रम में दिनांक 16 मई 2026 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी बसना द्वारा विजय कृषि केन्द्र, पदमपुर रोड बंसुलाडीपा, बसना का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म द्वारा दुकान में उर्वरक की मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, बिल बुक का संधारण नहीं करना तथा पॉस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। फर्म द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन के तहत विजय कृषि केन्द्र बंसुला का उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया है।उप संचालक कृषि श्री एफ. आर. कश्यप ने बताया कि जिले में उर्वरक विक्रेताओं की सतत जांच की जा रही है। कोई भी विक्रेता उर्वरक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बाढ़ व अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त 32 अधोसंरचनाओं की तात्कालिक मरम्मत कार्यों के लिए आपदा राहत निधि मद अंतर्गत 5 करोड़ 69 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। राजनांदगांव विकासखंड अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में एनीकट तटबंध संरक्षण कार्य निर्माण के लिए 2 करोड़ 98 लाख 58 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत भर्रेगांव के लिए 49 लाख 72 हजार रूपए, जंगलेशर-मोखला के लिए 49 लाख 57 हजार रूपए, धामनसरा मोहड़ के लिए 49 लाख 94 हजार रूपए, रातापायली के लिए 49 लाख 83 हजार रूपए, मोखली के लिए 49 लाख 78 हजार रूपए, दाउटोला के लिए 49 लाख 74 हजार रूपए एनीकट तटबंध संरक्षण कार्य निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह ग्राम डीलापहरी में कोढहरी नाला प्रेम लाल वर्मा के खेत के पास, ग्राम कुम्हालोरी में ढीही खलहे, ग्राम टेड़ेसरा में नलजल बोर सील बगीचा के पास, ग्राम डीलापहरी में मउहा नाला शमशान घाट के आगे, ग्राम डीलापहरी में इंदावानी बांध पहुंच मार्ग, ग्राम बरगाही में बड़े तालाब, ग्राम सिंघोला में चांदो नहर, ग्राम कोपेडीह में शमशान घाट के पास, ग्राम भोथीपार खुर्द में वार्ड क्रमांक 10 मुख्य मार्ग, ग्राम रवेली में रेवील मुक्तिधाम, ग्राम सांकरा में मुक्तिधाम रोड़ में, ग्राम खैरा में छापामार नाला के पास, ग्राम जंगलेसर में गौठान, ग्राम खुटेरी, ग्राम परमालकसा में माखन लाल साहू के खेत के पास, ग्राम धामनसरा में वार्ड नंबर 10, ग्राम ठाकुरटोला में जैन बाड़ी के पास, ग्राम कोटराभाठा में करियाभरी सुजीत खेत के पास, ग्राम कोटराभाठा में नालीपारा बांध उलट के पास, ग्राम तोरनकट्टा में वार्ड नंबर 10 तालाब के पास, ग्राम आरला में गौठान में, ग्राम कुम्हालोरी में लखोली बाड़ी नाला में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पुलिया निर्माण हेतु 10-10 लाख रूपए कुल 2 करोड़ 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार छुरिया विकासखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अरजकुंड में ग्वालिनडीह मार्ग में 19 लाख रूपए, ग्राम जोंधरा में मुख्य मार्ग से गौवहारी के मध्य में 4 लाख रूपए, ग्राम जोंधरा में पांगरीखुर्द मार्ग के मध्य में 10 लाख रूपए, ग्राम बोईरडीह में मुक्तिधाम नाला के पास 18 लाख रूपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य हेतु कुल 51 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
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- टंकी निर्माण एवं पाइपलाइन विस्तार से होगा समाधान
राजनांदगांव । नगर पालिक निगम राजनांदगांव द्वारा राजनांदगांव शहर में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने के लिए अमृत मिशन अंतर्गत पाइपलाइन विस्तार, ओवरहेड टंकी निर्माण तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से बड़ी संख्या में नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध हुई है तथा शेष क्षेत्रों में भी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य जारी है।
शहर के कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी का दबाव कम होने के कारण कहीं-कहीं जलापूर्ति अपेक्षाकृत कम हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन विस्तार का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही पेयजल प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी मांग के अनुरूप जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। इसके अलावा कॉलोनियों के संपवेल में भी टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। शहर के निरंतर विस्तार तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई पानी टंकियों के निर्माण एवं अतिरिक्त पाइपलाइन विस्तार कार्यों को शासन से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से शहर की पेयजल व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। -
- शहर के साथ-साथ ग्रामों में सोलर पैनल लगवाने वालों का तेजी से बढ़ रहा रूझान
राजनांदगांव । भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एक महत्वाकांक्षी पहल है। जिसका उद्देश्य देश के हर घर तक मुफ्त बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना है तथा बिजली बिल मुफ्त अथवा बहुत कम करना है। भारत शासन व राज्य शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना को अभूतपूर्व सफलता मिल रही है। जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के संयुक्त प्रयासों से योजना को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिला देश में सबसे अधिक क्षमता का सोलर कनेक्शन लगाने वाला जिला बन गया है। कलेक्टर की सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर किए गए प्रयासों ने जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना के तहत सोलर कनेक्शन बढ़ाने में विशेष सहभागिता रही।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना के तहत जिले में अब तक कुल 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 6381 लाभार्थियों ने वेंडर चयन कर लिया है, जबकि 3255 घरों में सौर प्रणाली की स्थापना पूर्ण हो चुकी है। इनमें से 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है। जिले में अब तक 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शन स्थापित हो गये है। जिसकी कुल क्षमता 3.40 मेगावाट है। 3255 घरेलू सोलर कनेक्शन स्थापित हो गये हैं। जिसकी कुल क्षमता लगभग 9 मेगावाट है एवं 31 पॉवर प्लांट के सोलर कनेक्शन स्थापित हो गये हैं। जिसकी कुल क्षमता 383 मेगावाट है। छत्तीसगढ़ सहित समूचे भारत में अब तक सबसे अधिक क्षमता का सोलर कनेक्शन राजनांदगांव में मेसर्स सोलर एनर्जी कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ढाबा राजनांदगांव में 160 मेगावाट क्षमता का कनेक्शन स्थापित किया गया है। कलेक्टर द्वारा ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा अपनाने प्रेरित करने की दृष्टि से योजना में सक्रिय भागीदारी करने वाले लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है। इससे अन्य नागरिकों में भी प्रोत्साहन बढ़ा है। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना का लाभ लेकर घरों में सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ सस्ते एवं निरंतर ऊर्जा स्त्रोत से देश को सशक्त बनाने की अपील की गई है। - -राज्यगीत और भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश-नए शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था- सुबह की प्रार्थना से लेकर छुट्टी के समय तक का शेड्यूल तय, अधिकारियों को रोजाना मॉनिटरिंग के निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति से गहराई से जोड़ा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रदेश की सभी शालाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित व अनिवार्य संचालन के कड़े निर्देश जारी किए हैं।मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से जारी इस आदेश के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को अपने-अपने क्षेत्रों में इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्कूलों में अब प्रतिदिन तीन अलग-अलग समय पर निर्धारित क्रम में गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रातःकालीन सत्र स्कूल प्रारंभ होने पर सुबह की प्रार्थना सभा में एक तय क्रम के अनुसार ये प्रस्तुतियां अनिवार्य होंगी। विद्यालय प्रारंभ होने पर प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में क्रमशः राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र तथा महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराया जाएगा। इसी प्रकार मध्यान्ह भोजन के समय विद्यार्थियों द्वारा भोजन मंत्र का सामूहिक पाठ किया जाएगा। वहीं विद्यालय की छुट्टी के समय संध्या सत्र में राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र का सामूहिक वाचन कराया जाएगा।स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इन गतिविधियों के नियमित और प्रभावी संचालन से छात्रों में न केवल राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना मजबूत होगी, बल्कि उनके भीतर नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का भी सही विकास होगा। यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने में मील का पत्थर साबित होगी।शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रतिदिन स्कूलों का औचक निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि इन नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं। निर्धारित क्रम में अवहेलना पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन या प्राचार्यों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
- -लोक शिक्षण संचालनालय का कड़ा रुख- ऑफलाइन छुट्टी आवेदन पूरी तरह बैन, बायोमेट्रिक और टैज्ञ ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति*रायपुर / छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) और ऑनलाइन अवकाश (छुट्टी) आवेदन व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, आगामी 16 जून 2026 से सभी के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य होगी। नियमों की अनदेखी करने पर जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।शासन ने विभाग के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यम तय किए हैं। शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (टैज्ञ) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और बाबुओं को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS)के जरिए अपनी हाजिरी लगानी होगी। यदि 16 जून से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति VSK App या बायोमेट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं पाई जाती है, तो उसकी उपस्थिति को शून्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDOs) की होगी।संचालनालय ने साफ किया है कि शिक्षा विभाग के कर्मियों के अवकाश आवेदन और उसकी स्वीकृति के लिए 'HRMIS पोर्टल' की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर अब भी ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑफलाइन अवकाश आवेदनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी प्रकार की छुट्टियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही ली और मंजूर की जा सकेंगी। यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार या मंजूर किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों (JDs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और आहरण व संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस नई व्यवस्था से विभाग में लेटलतीफी और बिना सूचना गायब रहने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से लगाम कसने की उम्मीद है।
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-वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक 6 लाख आवासों के निर्माण पूर्ण किए
-संकल्प से सिद्धि तक... पहली कैबिनेट का संकल्प तेजी से हो रहा पूरा-सरकार ने आवास निर्माण के लिए उपलब्ध कराए 26,908 करोड़-गरीबों को पक्का आवास उनके सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर । ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के सूत्र वाक्य के साथ छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास में लगी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार अपनी पहली कैबिनेट के संकल्प को तेजी से पूरा करने में लगी है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख 60 हजार आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे अधिक 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं। प्रतिदिन पूर्ण किए जा रहे आवासों की संख्या में भी छत्तीसगढ़ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य में अभी रोज 1600 से अधिक मकानों के निर्माण पूरे किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की कमान संभालने के अगले ही दिन मंत्रालय में अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में गरीबों के लिए 18 लाख आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था। राज्य शासन अपने इस संकल्प को तेजी से पूरा करने में लगी है। सरकार ने उस वक्त जिन 18 लाख 12 हजार 742 आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था, उनमें 2 लाख 46 हजार 215 अपूर्ण आवास, वर्ष 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची के 6 लाख 33 हजार 438 आवास, आवास प्लस की सूची के सभी 8 लाख 19 हजार 999 आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण आवास न्याय योजना) के सभी 47 हजार 090 आवास शामिल थे।सरकार इनके साथ ही वनांचलों में पीएम जनमन योजना के 33 हजार 601 और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विशेष परियोजना के तहत 15 हजार अतिरिक्त आवास भी बना रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास ने "आवास प्लस 2.0-2024" के अंतर्गत ऐसे गरीब जिनके आवास कच्चे हैं, उनका सर्वे किया है। उनके लिए भी आवास निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार ने पहले दिन से ही 18 लाख आवासों के निर्माण के संकल्प को पूरा करने पूरी गंभीरता, सक्रियता और प्रतिबद्धता से काम करना शुरू कर दिया था। इन आवासों को तेजी से पूरा कर गरीबों के पक्के मकान के सपनों को साकार करने सरकार ने 26 हजार 908 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछली सरकार से विरासत में मिले अपूर्ण मकानों के साथ ही जरूरतमंदों के लिए तेजी से नए आवास स्वीकृत कर युद्ध स्तर पर उन्हें पूरा किया है। सरकार अपने इस संकल्प को पूरा करने किस रफ्तार से काम कर रही है, इसका प्रमाण है कि पिछले वर्ष (2025 में) अप्रैल से अक्टूबर तक राज्य में प्रतिदिन करीब 2000 आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। अभी भी रोज 1600 मकानों को पूरा किया जा रहा है। देश में छत्तीसगढ़ में रोजाना सबसे अधिक संख्या में प्रधानमंत्री आवासों को पूर्ण किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ की सरकार ने अपनी इस महती संकल्प को पूरा करने और इसे पर्याप्त गति देने महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ा है। स्वसहायता समूहों की दीदियां डीलर दीदी और रानी मिस्त्री बनकर इस महाभियान में हाथ बटा रही हैं। हजारों महिलाएं इससे लखपति दीदी बनी हैं। गांव-गांव में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों ने छोटे-छोटे लेन-देन को गांव में ही सुलभ बनाया, जिससे आवास निर्माण के संकल्प को धरातल पर उतारने में बड़ी मदद मिल रही है।उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने राज्य में आवास निर्माण की इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई देते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य शासन के पूर्ण सहयोग एवं उदारता से दिए गए बजट से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सरकार के इस संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है।हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रहे हैं। हमारी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 10 लाख 60 हजार से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण होना इसी संकल्प और जनविश्वास का परिणाम है। हमारा लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद परिवार के घर के सपने को साकार करना है और इसके लिए सरकार निरंतर संवेदनशीलता और तेज गति से कार्य कर रही है। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है। हम सब मिलकर समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय - -राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की बैठक संपन्न- अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित रखने पर होगी कार्रवाईरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक तेजी से पहुंचाने के लिए शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) में वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनहित की योजनाओं से जुड़े ऋण (लोन) और अनुदान (सब्सिडी) के मामलों को बैंकर्स बिना किसी देरी के जल्द से जल्द स्वीकृत करें।बैठक में मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, विभिन्न केंद्रीय व राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत 31 मार्च तक बैंकों द्वारा दिए गए लोन और वित्तीय सहायता के मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, अंत्योदय स्वरोजगार योजना सहित अन्य योजनाओं के 31 मार्च तक के हितग्राहियों को बैंकों द्वारा प्रदत्त लोन एवं अन्य वित्तीय सहायता के प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा ने बैंक प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों के आवेदनों को बेवजह लंबित न रखा जाए। फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए उन्होंने बैंकर्स को एक व्यावहारिक व्यवस्था बनाने को कहा है।बैंकर्स से कहा गया है कि वे स्वरोजगार और अन्य योजनाओं के हितग्राहियों के ऋण प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रति सप्ताह एक निर्धारित दिन (फिक्स डे) तय करें, ताकि उसी दिन सभी आवेदनों की जांच कर उनका तत्काल निपटारा किया जा सके। इस उच्च स्तरीय बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न राष्ट्रीयकृत व क्षेत्रीय बैंकों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। शासन की इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आम नागरिकों और ग्रामीण उद्यमियों को बैंकों से ऋण मिलने की प्रक्रिया बेहद सुगम और पारदर्शी हो जाएगी।
- -तिलक लगाकर होगा नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत-स्कूल शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश- 15 जून तक पूरे करें मरम्मत के कार्य, प्रिंट-रिच और आकर्षक बनाए जाएंगे स्कूलरायपुर / छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल तैयार करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप, प्रदेशभर में 16 जून 2026 से शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रवेश उत्सव को एक उत्सव का रूप देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर-पोस्टर और रैलियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों (अभिभावकों) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, परिसरों और कक्षाओं की पूरी साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर ली जाए। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है ताकि बच्चों को एक आकर्षक और प्रिंट-रिच (शैक्षणिक चित्रों और दीवारों पर लिखी जानकारियों से लैस) वातावरण मिल सके।प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त कर सीधे स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छठवीं में प्राथमिक शालाओं से कक्षा 5वीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची और टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) लेकर कक्षा 6वीं में उनका दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। शाला त्यागी बच्चे, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा, स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप भी तैयार करना होगा। उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर पात्र छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें (किताबें), स्कूल गणवेश (यूनिफॉर्म), साइकिल का वितरण किया जाएगा। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में टॉप करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपनी ओर से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भी दान कर सकेंगे।स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए कोई पृथक (अलग से) बजट जारी नहीं किया जाएगा। इसका आयोजन जिलों में पहले से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही करना होगा। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, प्राचार्य डाइट, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को विद्यालयों का सतत निरीक्षण कर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी छात्रहित में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सफल बनाएंगे, जिससे नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रदेश को बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल हो सकें। file photo
- रायपुर, / राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को लेकर एक विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान अब तक लगभग 350 वाहनों की सघन जांच की जा चुकी है। नियमों की अनदेखी और विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर वाहन स्वामियों से 5.50 लाख रुपए का समन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है। परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने राज्य के सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित यात्री बसों, विशेषकर स्लीपर कोच बसों की कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस विशेष अभियान के तहत मुख्य बिंदुओं पर रूप से कार्रवाई की जा रही है।स्लीपर कोच बसों में चालक दल (क्रू) के लिए बनाए गए अनधिकृत विभाजनों (पार्टीशन) और स्लीपर बर्थ में लगाए गए अवैध स्लाइडरों को मौके पर ही हटाया जा रहा है।सभी बसों में सुरक्षा के लिहाज से न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जा रही है। बसों में जीपीएस (GPS) की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता को परखा जा रहा है। साथ ही, निर्धारित मानकों के विपरीत बनी श्बस बॉडीश् के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।बसों के वैध पंजीयन, फिटनेस, परमिट और एआईएस-119 मानकों के अनुरूप निर्माण की गहनता से जांच की जा रही है।परिवहन आयुक्त ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों के चालान काटने, परमिट/लाइसेंस निलंबित करने जैसी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। परिवहन आयुक्त ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। सड़क पर प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ-साथ विभाग संवाद का रास्ता भी अपना रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा बस स्वामियों और संचालकों की बैठकें ली जा रही हैं। इन बैठकों में उन्हें तय नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत और समझाइश दी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।




















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