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- रायपुर। बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। बकुलाही स्थित ‘रियल इस्पात’ स्पंज आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, यह हादसा 22 जनवरी की सुबह तब हुआ जब फैक्ट्री में काम चल रहा था। अचानक स्पंज आयरन यूनिट में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के कारण प्लांट का एक हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और परिसर में चीख-पुकार मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।हादसे की सूचना मिलते ही भाटापारा ग्रामीण पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर दीपक सोनी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है क्योंकि आशंका है कि कुछ मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।विस्फोट के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने पूरे फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की टीम यह पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या सुरक्षा मानकों में कोई बड़ी लापरवाही हुई।
- रायपुर/ राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षदों ने समस्त नगरवासियों को आदि शक्ति देवी माता सरस्वती की विशेष पूजा- आराधना दिवस के प्रतीक महान सांस्कृतिक पर्व बसंत पंचमी दिनांक 23 जनवरी 2026 के पावन अवसर की अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुये विद्या की प्रतीक देवी आदि शक्ति माता सरस्वती के दिव्य श्रीचरणों में समस्त नगरवासियों के जीवन में विद्या, बुद्धि, सुख, समृद्धि, सम्पन्नता, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्धि और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जाशक्ति प्रदान करने की विनम्र सामूहिक प्रार्थना की है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, एमआईसी सदस्यों, पार्षदों ने समस्त नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिक से अधिक संख्या में स्वच्छता एप में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करने का संकल्प लेने की पुनः विनम्र अपील की है।
- बारनवापारा अभयारण्य में वर्षों बाद नजर आयारायपुर /बारनवापारा अभयारण्य से पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। हाल ही में अभ्यारण्य में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान दुर्लभ 'ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन' (ट्रेरॉन बाइसिंक्टस) की उपस्थिति दर्ज की गई है। ऐतिहासिक रूप से इस पक्षी की उपस्थिति बारनवापारा में पहले भी दर्ज की गई थी, जब वर्ष 2015-16 में विख्यात पक्षी विशेषज्ञ ए.एम.के. भरोस ने इसे देखा था। उसके बाद से यह प्रजाति यहाँ से ओझल रही थी, जिससे अब इसकी पुनः वापसी वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा रिकॉर्ड मानी जा रही है।इस दुर्लभ पक्षी की साइटिंग पकरीद टीम द्वारा की गई, जिसमें बर्डर एवं वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर राजू वर्मा और प्रतीक ठाकुर सहित कर्नाटक, बिहार और ओडिशा के विशेषज्ञ शामिल थे। टीम को उस वक्त बड़ी सफलता मिली जब इस पक्षी का एक जोड़ा उनके ठीक ऊपर पेड़ पर बैठा पाया गया, जिससे उड़ने से पहले उनकी विस्तृत फोटोग्राफी और रिकॉर्डिंग करना संभव हो सका। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह साइटिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस प्रजाति को कई वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस क्षेत्र में देखा गया है।भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाया जाने वाला यह पक्षी मुख्य रूप से अंजीर और जंगल के अन्य रसीले फलों पर निर्भर रहता है। इसे एक निवासी प्रजाति माना जाता है जो स्थानीय मौसमी बदलावों के साथ अपनी गतिविधियां संचालित करता है। छत्तीसगढ़ के अन्य वनों में भी इसकी मौजूदगी समय-समय पर दर्ज होती रही है, लेकिन बारनवापारा में इसकी वापसी पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।सर्वे टीम ने इस पक्षी की पहचान इसकी विशिष्ट शारीरिक विशेषताओं के आधार पर की है। ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन-पिजन की नीली-धूसर गर्दन, पीले-हरे रंग का सिर और शरीर का निचला हिस्सा इसे विशेष बनाता है। इसके लाल पैर और स्लेटी-धूसर केंद्रीय पूंछ के पंख इसे आमतौर पर दिखने वाले 'येलो-फुटेड ग्रीन-पिजन' (हरियल) से स्पष्ट रूप से अलग करते हैं। विशेष रूप से नर पक्षी की पहचान उसके सीने पर मौजूद गहरे नारंगी रंग के पैच से की गई। कई वर्षों बाद इस प्रजाति का कैमरे में कैद होना न केवल फोटोग्राफर्स के लिए उत्साह का विषय है बल्कि यह अभयारण्य में पक्षियों के अनुकूल वातावरण और विविधता का एक सशक्त प्रमाण भी है।
- प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए का नकद पुरस्कारपंजीयन एवं शोध पत्र प्रस्तुति 15 फरवरी तकरायपुर/ छत्तीसगढ़ के युवा वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को शोध, नवाचार और अकादमिक पहचान का सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 21वां छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवायएससी - 2026) का आयोजन 17 एवं 18 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर में किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपल आईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।सीवायएससी - 2026, छत्तीसगढ़ के उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसके माध्यम से उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शोध अनुभव तथा वैज्ञानिक समुदाय में पहचान प्राप्त होगी। यह सम्मेलन राज्य की विकास आवश्यकताओं से जुड़े मौलिक, नवोन्मेषी एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. कवीश्वर प्रशांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। सीवायएससी-2026 के माध्यम से राज्य में हो रहे मौलिक एवं नवाचारी शोध को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान किया जाएगा।ट्रिपल आईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि संस्थान में 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन शोध-केंद्रित दृष्टिकोण और युवा वैज्ञानिकों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं को विशेषज्ञों से संवाद, मार्गदर्शन और अनुसंधान क्षमता के विकास का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।सीवायएससी - 2026 के प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पुरस्कार विजेताओं को भारत की किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, प्रतिष्ठित शोध संस्थान अथवा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में दो माह तक उन्नत शोध कार्य करने का अवसर भी मिलेगा। सम्मेलन में कृषि विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी, जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन, जैव सूचना विज्ञान एवं जैव चिकित्सा विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी एवं वायुमंडलीय विज्ञान, रासायनिक अभियांत्रिकी, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, उपकरण विज्ञान, सिविल एवं वास्तुकला अभियांत्रिकी, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी, यांत्रिकी, मेकाट्रॉनिक्स एवं उत्पादन अभियांत्रिकी, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण अभियांत्रिकी एवं वानिकी, गृह विज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणितीय एवं सांख्यिकीय विज्ञान, वैदिक गणित, चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान, भौतिकी, पशु चिकित्सा विज्ञान, पशुपालन एवं दुग्ध प्रौद्योगिकी, खनन, धातुकर्म एवं अनुप्रयुक्त भूविज्ञान, छत्तीसगढ़ की स्वदेशी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कुल 20 विषय धाराओं को शामिल किया गया है।सम्मेलन हेतु पंजीकरण एवं एकल लेखक शोध पत्र प्रस्तुति की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तुत शोध पत्र मौलिक होना चाहिए, छत्तीसगढ़ में किया गया होना चाहिए तथा पूर्व में प्रकाशित नहीं होना चाहिए। सभी शोध पत्रों की प्लेज़रिज़्म जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। सम्मेलन से संबंधित अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइटcgysc2026.iiitnr.ac.inपर विज़िट किया जा सकता है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलो में महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कार्यों को कराने के लिए स्वीकृति जारी की गई है।इसी कड़ी में रजत जयंती के विशेष मौके पर क्षेत्रीय लोगों के आवागमन सुगम कराने धमतरी जिले के दो सड़को के कार्य कराने के लिए 16 करोड़ 04 लाख 15 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यों में धमतरी जिले के मेघा से खैरझिटी मार्ग लंबाई 3.50 किलोमीटर ग्रामीण सड़के चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किये गयें हैं। इसी तरह से धमतरी के भोथली मेंढ़रका मार्ग निर्माण कार्य लम्बाई 3 किलोमीटर के लिए 5 करोड़ 64 लाख 51 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। क्षेत्र में इन महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों की स्वीकृति मिलने से लोगो का आवागमन और सुविधा जनक हो जाएगा। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगो के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी।
- रायपुर/राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैै। कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास ने 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय जशपुर के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया है।विदित हो कि उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी जशपुर कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को 08 जनवरी 2026 को शाम 8:30 बजे गिरफ्तार कर 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है। निलंबन अवधि मे श्री गिरीश कुमार वारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
- रायपुर/गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे। गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह जिला मुख्यालय कवर्धा में आयोजित होगा।
- रायपुर/जल जीवन मिशन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने प्रतिनिधित्व किया। वी सी के माध्यम से आयोजित इस संवाद में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत साल्हेभाट के प्रतिनिधियों से पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों, जल वहिनियों द्वारा एफटीके के माध्यम से जल परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पेयजल हेतु मासिक शुल्क निर्धारण, योजना के संचालन एवं संधारण की व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर कोंडागांव श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी तथा जल सेवा आकलन एवं जल अर्पण दिवस को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में जेरेना/GRAMG द्वारा पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं, मिशन संचालक जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ शासन श्री जितेन्द्र शुक्ला ने राज्य स्तर पर योजना की प्रगति से अवगत कराया।
- महासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश एवं तहसीलदार सरायपाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर उड़ीसा राज्य से अवैध धान खपाने से संबंधित मामले में सरायपाली के धान व्यापारी सोनू अग्रवाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। तहसीलदार सरायपाली द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन एवं अनियमितता की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान दस्तावेजों का परीक्षण एवं संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें तथ्यों की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।जांच प्रतिवेदन के अनुसार सरायपाली विकासखंड अंतर्गत व्यापारी श्री सोनू अग्रवाल द्वारा अवैध रूप से धान का परिवहन एवं खपाने की गतिविधियां पाई गईं। जांच के दौरान कुल 04 माजदा वाहनों से 864 पैकेट (कुल 345 क्विंटल) धान बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करते हुए पकड़ा गया। यह धान ओडिशा से लाकर समितियों एवं किसानों को अवैध रूप से खपाने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में संबंधित सोनू अग्रवाल के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सरायपाली के न्यायालय में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया है। जांच से यह भी ज्ञात हुआ कि अवैध धान परिवहन व खपत के कारण शासन को 8 लाख 17 हजार 305 रुपए की आर्थिक क्षति हुई है।
- कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामदमहासमुंद/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में मंगलवार को आबकारी विभाग द्वारा अवैध महुआ मदिरा निर्माण तथा विक्रय पर बड़ी कार्रवाई की गई। गश्त के दौरान आबकारी जिला स्तरीय टीम द्वारा ग्राम पलसापाली, थाना बलौदा एवं ग्राम सुखापाली, थाना सरायपाली तथा ग्राम पैकिन, थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में संघन जांच करते हुए गैर जमानती के 08 प्रकरण तथा 01 जमानती प्रकरण कायम कर कुल 140 लीटर महुआ शराब तथा 3590 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामद किया गया। जिसका अनुमानित कुल बाजार मूल्य 2 लाख 7 हजार 500 रुपए है। उपरोक्त प्रकरणों में 03 व्यक्तियों क्रमशः अनिल निराला, विजय रत्नाकर एवं खगेश्वर रत्नाकर को गिरफ्तार किया गया है। उपरोक्त आरोपियों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) तथा 34(2), 59(क) के तहत न्यायालय से रिमांड लेकर जेल भेजा गया।उक्त कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक मिर्ज़ा जफ़र बेग, श्री हृदय कुमार तिरपुडे, नीरज कुमार साहू, शिवशंकर नेताम व अनिल कुमार झरिया तथा आबकारी आरक्षक-देवेश मांझी, प्रधान आरक्षक संजय मरकाम एवं वृत्त सरायपाली, बसना, सांकरा, महासमुन्द शहर/ग्रामीण के स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- महासमुंद/छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के चलते महासमुंद जिले में एक बच्चे के साथ क्रूरता के गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई है। यह प्रकरण बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में आयोग की सक्रिय भूमिका का महत्वपूर्ण उदाहरण है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के एक गांव में समाज के एक रसूखदार परिवार द्वारा एक बच्चे को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की सूचना आयोग को मिली थी। बच्चे पर 600 रुपये की चोरी का झूठा आरोप लगाया गया था, जो जांच में पूरी तरह असत्य पाया गया। सूचना मिलते ही आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं देर रात गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से भेंट कर पूरे मामले की विस्तृत जांच की। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के साथ मारपीट के बाद उसके पिता को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. शर्मा ने तत्काल पुलिस महानिदेशक से समन्वय कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके फलस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।आयोग ने प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा थानेदार को निंदा की शास्ति दी गई, जिसे आयोग ने अपर्याप्त मानते हुए पुलिस मुख्यालय से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ करवाई है।उल्लेखनीय है कि इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध चालान प्रस्तुत कर दिया गया है तथा प्रमुख आरोपी को जनवरी माह के मध्य तक जेल में रखा गया है। आयोग की अनुशंसा पर आरोपियों के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 108, 127(2), 115(2), 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके साथ ही आयोग ने बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण दल को निर्देशित किया है कि पीड़ित बच्चे की संपूर्ण देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। आयोग ने न्यायालयीन प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 तथा यदि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत निषेधित श्रम पाया जाता है, तो उससे संबंधित सुसंगत धाराओं को अभियोग पत्र में शामिल करने के भी निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं।आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- उत्तर बस्तर कांकेर/कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है। उक्त दिवस को जिले में स्थित समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों, देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकान से संलग्न आहातों एवं एफ.एल. 4(क) व्यावसायिक क्लब व एफ.एल.7, सैनिक कैन्टीन को पूर्णतः बंद रखे जाने आदेशित किया गया है। कलेक्टर ने शुष्क दिवस के दौरान जिले में अवैध मदिरा संग्रहण, विनिर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर पूर्णतः प्रतिबंध रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया है।
- रायपुर/बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित इस्पात संयंत्र में हुए दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे। श्री जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में बलौदाबाजार कलेक्टर से चर्चा की गई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के द्वारा 29 से 31 जनवरी 2026 को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय सेजबहार रायपुर में ‘राज्य स्तरीय रोजगार मेला‘ का आयोजन किया जा रहा है। इस रोजगार मेला में निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर तकनीकी लगभग 15000 पदों में चयन हेतु साक्षात्कार लिया जायेगा।राज्य स्तरीय रोजगार मेला हेतु रायपुर जिले के आवेदकों का साक्षात्कार 29 जनवरी 2026 सोमवार को निर्धारित है। उक्त मेला में सहभागिता हेतु ऑनलाईन पोर्टल erojgar.cg.gov.in में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं करवाया है, वे पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकतें हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं मार्गदर्शन केंद्र कार्यालय रायपुर से सम्पर्क कर सकते हैं।
- रायपुर ।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा कक्षा 5 वीं एवं कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा वर्ष 2026 की समय-सारणी जारी कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य में यह परीक्षाएँ मार्च से अप्रैल 2026 के मध्य आयोजित की जाएँगी।कक्षा 5वीं की परीक्षा का कार्यक्रमलोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी समय सारणी अनुसार कक्षा 5वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएँ प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जाएँगी। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार गणित विषय की परीक्षा 16 मार्च 2026 (सोमवार), अंग्रेजी विषय की परीक्षा 19 मार्च 2026 (गुरुवार), हिंदी विषय की परीक्षा 23 मार्च 2026 (सोमवार) तथा पर्यावरण अध्ययन विषय की परीक्षा 25 मार्च 2026 (बुधवार) को आयोजित की जाएगी।कक्षा 8वीं की परीक्षा का कार्यक्रमइसी प्रकार कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाएँ प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार गणित विषय की परीक्षा 17 मार्च 2026 (मंगलवार), हिंदी विषय की परीक्षा 20 मार्च 2026 (शुक्रवार), अंग्रेजी विषय की परीक्षा 24 मार्च 2026 (मंगलवार), सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा 30 मार्च 2026 (सोमवार), विज्ञान विषय की परीक्षा 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) तथा संस्कृत/उर्दू विषय की परीक्षा 6 अप्रैल 2026 (सोमवार) को आयोजित की जाएगी।दिए गए आवश्यक निर्देशशिक्षा विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संस्कृत विद्यामंडलम् एवं मदरसा बोर्ड से संबंधित विषयों के प्रश्नपत्रों के लिए भी इसी समय-सारणी का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -मैनपाट में बनेगा पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर-मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल आवंटितरायपुर ।मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, अपनी वादियों, झरनों और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन, आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। इन्हीं अद्भुत स्थलों में से एक है जलपरी पर्यटन बिंदु। जलपरी प्वाइंट का मनोहारी दृश्य मानो किसी परीकथा की दुनिया में ले जाता है। यहां बहती ठंडी हवाएं, गहरी घाटियां और झरनों की मधुर ध्वनि यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बादलों से खेलती पहाड़ियां और हर मौसम में बदलते रंग यहां की विशेष पहचान हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता इस स्थल की सुंदरता किसी जलपरी की तरह आकर्षक है। शांत वातावरण, झरनों से गिरती जलधारा और हरियाली से भरे जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को ऐसा अनुभव कराती हैं, मानो वे किसी परियों की कहानी में प्रवेश कर गए हों। श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।मैनपाट में प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। मैनपाट के समग्र विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।सरगुजा की पहाड़ियों में बसे छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में वर्षभर ठंड पड़ती है. यहां सैर-सपाटे के लिए कई खूबसूरत जगहें है,जिसमें बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, टाइगर पॉइंट, जलजली, मेहता पॉइंट, चाय बगान के अलावा कई अन्य स्थान शामिल है। यहां घूमने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से पर्यटक पहुंचते है,इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोगों का आना होता है। वहीं अब पर्यटन विभाग की ओर से मैनपाट में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन, आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।
- -सुकमा की नई मिठास बिहान बना रहा आत्मनिर्भररायपुर। वनांचल क्षेत्रों में अब तक छिंद के पेड़ों का उपयोग केवल रस (पेय) के रूप में किया जाता रहा है, जिससे ग्रामीणों को सीमित आय ही प्राप्त होती थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के ग्राम सामसेट्टी में इस परंपरागत संसाधन को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाने की अभिनव पहल की गई है। “नियद नेल्ला नार” कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाएं अब छिंद के रस से गुड़ का निर्माण कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।सामान्यतः बस्तर एवं सुकमा अंचल में आजीविका का मुख्य साधन धान की खेती एवं लघु वनोपज संग्रहण रहा है। धान की एकमात्र फसल होने के कारण वर्ष के शेष समय रोजगार के अवसर सीमित रहते थे। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए छिंद गुड़ निर्माण का नवाचार प्रारंभ किया गया। ग्राम सामसेट्टी की दंतेश्वरी महिला स्व-सहायता समूह की 10 दीदियों ने इस पहल को अपनाया और दंतेवाड़ा से आए विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से इस गतिविधि से महिलाओं के कौशल विकास के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।इस पहल से प्रति परिवार औसतन 6 से 7 हजार रुपये की अतिरिक्त मासिक आय होगी। औषधीय गुणों से भरपूर छिंद गुड़ की बाजार में कीमत लगभग 350 रुपये प्रति किलोग्राम है। इससे पहले अनुपयोगी माने जाने वाले छिंद के पेड़ अब ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं।“नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत पहल इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय संसाधनों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। सामसेट्टी की दीदियों की सफलता से प्रेरित होकर अब अन्य महिलाएं भी इस गतिविधि से जुड़ने के लिए आगे आ रही हैं। छिंद की यह मिठास अब सुकमा के विकास की नई कहानी लिख रही है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का महत्वपूर्ण निर्णय-एसटीपीआई के सहयोग से नवा रायपुर में 04 नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की होगी स्थापनारायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ( Centres of Entrepreneurship ) की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एमओयू के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।मंत्रिपरिषद का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को आईटी-आईटीईएस, स्टार्ट-अप, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश में आईटी-आईटीईएस उद्योग एवं तकनीकी स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। वर्तमान में एसटीपीआई के देशभर में 68 परिचालित केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में स्थित हैं।एसटीपीआई द्वारा पूरे भारत में 24 डोमेन-विशिष्ट उद्यमिता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो स्टार्ट-अप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाजार से जुड़ने में सहयोग प्रदान करते हैं।नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित यह नगर थीम-आधारित सेक्टरों, अत्याधुनिक अधोसंरचना एवं शासकीय-शैक्षणिक संस्थानों से युक्त है।यहाँ महानदी भवन, इंद्रावती भवन, विधानसभा, आईआईआईटी, हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा आगामी भारत का प्रथम निजी एआई आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थित है। ऐसे में एसटीपीआई के सहयोग से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना नवा रायपुर को एक राष्ट्रीय तकनीकी हब के रूप में विकसित करेगी।मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के पश्चात एसटीपीआई राज्य शासन एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से नवा रायपुर अटल नगर में कुल चार नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित सेंटर, स्मार्ट सिटी सेंटर, स्मार्ट एग्री सेंटर की स्थापना करेगा। ये चारों आगामी 3 से 5 वर्षों में लगभग 135 डोमेन-विशिष्ट स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं नवाचारियों को बड़ा मंच मिलेगा।इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र राज्य में हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से एसटीपीआई के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को सहयोग देगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। 04 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना एवं संचालन हेतु कुल 105.30 करोड़ रूपए, जिसमें से 51.50 करोड़ रूपए राज्य बजट से, शेष राशि एसटीपीआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त की जाएगी।इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु कुल 78 करोड़, जिसमें से 35 करोड़ राज्य बजट से वहन किए जाएंगे। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-21 में 2 एकड़ भूमि अथवा 50 से 60 हजार वर्गफुट निर्मित स्थान एसटीपीआई को निःशुल्क लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा।नए आईटी-आईटीईएस टॉवर के निर्माण तक टॉवर-सी, सीबीडी, सेक्टर-21 में 25,000 वर्गफुट स्थान अस्थायी रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। एसटीपीआई द्वारा एमओयू की तिथि से 12 माह के भीतर सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में आईटी निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्टार्ट-अप एवं नवाचार का मंच मिलेगा। छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। हमारी यह पहल राज्य को डिजिटल, नवाचार एवं उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
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-खरीदारों और समूहों के बीच विभिन्न उत्पादों की 2.13 लाख मीट्रिक टन की डील
-जैविक चावल, चना बेसन, मसाला, उड़द दाल सहित कोदो-कुटकी और तिखूर की भारी मांगरायपुर, / नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीदार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीदार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीदारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। -
-एसवीकेएम के नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ को बहुआयामी लाभ
-मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट का महत्वपूर्ण निर्णयरायपुर, / नवा रायपुर अटल नगर को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में श्री विले पारले केलावनी मंडल, मुंबई को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर प्रतिष्ठित नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी।श्री विले पारले केलावनी मंडल एक ख्यातिप्राप्त शैक्षणिक संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्था के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं, जहां प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्ष 2025 की एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इस संस्था को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम कोटराभाठा एवं कीटनी क्षेत्र में लगभग 40 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर आबंटित की जाएगी। निर्धारित प्रीमियम दर के अनुसार संस्था द्वारा लगभग 40 करोड़ 6 लाख रुपये का भूमि प्रीमियम देय होगा।इस संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। प्रबंधन, नवाचार, उद्यमिता और शोध आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के युवाओं को अब उच्च गुणवत्ता की प्रबंधन शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा अकादमिक, प्रशासनिक और सहायक सेवाओं में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को श्रेष्ठ शिक्षा, कौशल और अवसर यहीं उपलब्ध कराने का है। श्री विले पारले केलावनी मंडल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की नवा रायपुर में स्थापना से राज्य की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त होगी और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।यह संस्थान न केवल शिक्षा का केन्द्र बनेगा, बल्कि नवा रायपुर अटल नगर को नॉलेज सिटी के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे व्यवसायिक शिक्षा समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप संस्कृति को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। समग्र रूप से देखा जाए तो नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। - -छत्तीसगढ़ की कला आयरलैंड तक पहुँचना गौरव का विषय : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारत की सांस्कृतिक विविधता की एक सशक्त झलक देखने को मिली, जब स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर केंद्रित भव्य सांस्कृतिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत श्री अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और राज्य की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की विविधता को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हैं।आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ राज्य की कारीगरी की बारीकी और सौंदर्य को सराहा गया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुँचा दिया और दर्शकों से भरपूर प्रशंसा प्राप्त की।कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को राज्य की स्वादिष्ट पाक-परंपरा से परिचित कराया। कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल साबित हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आयरलैंड की राजधानी डबलिन में आयोजित छत्तीसगढ़ केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि प्रदेश की लोकसंस्कृति अब वैश्विक दर्शकों तक पहुँच रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के अंतर्गत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विविधता और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है। उन्होंने इस आयोजन के लिए भारतीय दूतावास और आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराएँ राज्य की पहचान का मूल आधार हैं। आयरलैंड में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की हस्तकला, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों ने सराहा, यह राज्य के कलाकारों और कारीगरों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ मिलती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलेगा और राज्य की विशिष्ट पहचान विश्व पटल पर और अधिक सुदृढ़ होगी।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पुलिस मितान सम्मेलन में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित शांति सरोवर में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रोड सेफ्टी जागरूकता में पुलिस मितान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पुलिस मितान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने के साथ-साथ गांवों एवं मोहल्लों में पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर बनाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान एप की लॉन्चिंग भी की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “मितान” बनाने की एक सुंदर और मानवीय परम्परा रही है। आप सभी ने पुलिस को अपना मितान बनाकर सड़क सुरक्षा के लिए नागरिकों को जागरूक करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी के लिए किया गया कार्य अत्यंत पुण्य का कार्य है, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनकी क्षतिपूर्ति कभी संभव नहीं हो पाती।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितान साथियों के निरंतर प्रयासों से इन सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आएगी और आम नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस मितान साथियों को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि रायपुर जिले में सड़क सुरक्षा की दिशा में पुलिस मितान की यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बस सेवा योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत दूरस्थ एवं कम लाभप्रद रूटों पर भी यात्रियों को बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन रूटों पर होने वाले लाभ के अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस से अच्छा कोई मितान नहीं हो सकता। पुलिस जवान अत्यंत अनुशासन में रहकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। अब पुलिस मितान पुलिस के साथ समाज की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस मितान साथियों ने अपने अधिकारों की जागरूकता से आगे बढ़कर कर्तव्यों का संकल्प लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में पुलिस मितान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस मितान साथियों को हेलमेट एवं फर्स्ट ऐड किट वितरित किया तथा आयोजन में सहयोग करने वाले समाज सेवियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 4500 पुलिस मितानों को हेलमेट तथा प्रत्येक गांव को फर्स्ट ऐड किट प्रदान की गई।पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने पुलिस मितान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक प्रभावी पहल है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह द्वारा दिया गया।कार्यक्रम में शासकीय दिव्यांग विद्यालय, माना कैंप के बच्चों द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित प्रेरक गीत की सुंदर प्रस्तुति दी गई।इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार, आईजी रायपुर रेंज श्री अमरेश मिश्रा, ब्रह्मकुमारी सविता दीदी, श्री राम गर्ग सहित बड़ी संख्या में पुलिस मितान एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - किसानों को 98,303.74 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान- उपज का वाजिब दाम मिलने से 91354 किसान लाभान्वित- धान बेचने के बाद 51068 किसानों ने किया 1,686.66 हेक्टेयर रकबा समर्पणदुर्ग / राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी सुव्यवस्थित जारी है। साथ ही उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 1,09,464.81 लाख रूपए की लागत से 4,61,805.28 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 91354 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,74,493.22 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 51068 कृषकों ने 1,686.66 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 21,29,463 बारदाने उपलब्ध है।
- दुर्ग / जिले में ग्रीष्मकालीन धान की खेती के साथ कम पानी में अधिक लाभ देने वाली दलहन, तिलहन एवं मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्धता एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं, जहां जिले के कई प्रगतिशील किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान के बजाय वैकल्पिक फसलों की खेती शुरू की है। दुर्ग विकासखंड के ग्राम घुघसीडीह एवं पाटन विकासखंड के ग्राम तरीघाट और धमधा विकासखंड के ग्राम भाटाकोकड़ी के किसानों द्वारा सरसों, मक्का एवं चना की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्रीष्मकालीन धान की खेती से भू-जल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि वैकल्पिक फसलें कम सिंचाई में अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण के अनुकूल हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत जिले में रबी मौसम हेतु दलहन (चना, मसूर) एवं तिलहन (सरसों) फसलों का प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाकर जल संरक्षण के साथ-साथ अपनी आय में वृद्धि करें तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। file photo


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