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- महासमुंद / मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आज 22 जुलाई से प्रारंभ हो गई है। यह काउन्सलिंग 5 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी।सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास शिल्पा साय ने बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित होने के पश्चात पात्र छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग सूची एवं तिथियां विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.inपर प्रदर्शित कर दी गई हैं। काउन्सलिंग सूची में जिन छात्र-छात्राओं का नाम शामिल है, उन्हें सूची में आबंटित प्रयास आवासीय विद्यालय में निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर काउन्सलिंग में भाग लेना होगा। काउन्सलिंग प्रतिदिन प्रातः 11ः00 बजे से सायं 4ः00 बजे तक आयोजित की जाएगी।सहायक आयुक्त ने अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक मूल दस्तावेजों एवं उनकी छायाप्रतियों के साथ संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें। प्रवेश प्रक्रिया, काउंसलिंग सूची तथा अन्य संबंधित जानकारी विभाग की वेबसाइट एवं जिला सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, महासमुंद से प्राप्त की जा सकती है।
- -किसानों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपीलमहासमुंद / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए ग्राम स्तर पर धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन एवं राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। इन फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जिले के समस्त किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का बीमा समय रहते करवा लें। किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी समितियों अथवा लोक सेवा केन्द्र में संपर्क कर फसल बीमा करा सकते हैं।बीमा से जुड़ी जानकारी एवं समस्याओं के समाधान के लिए कृषकगण विकासखंडवार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं। विकासखंड महासमुंद अंतर्गत श्री वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री दिलीप दीवान (91313-38542) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसी तरह बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जितेन्द्र चंद्राकर (96692-40072), पिथौरा विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ब्रजेश तूरकाने (62613-64266), बसना विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्रीमती उषा कान्ति खेस्स (6260988073), सरायपाली विकासखंड अंतर्गत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री एल.के. चैहान (99776-21237) एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधि श्री रंजीत कुमार साहू जिला समन्वयक (9039146418) के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- -श्रम और समय की बचत से बच्चों का देखभाल और घर का काम हुआ आसान - देविका साहूमहासमुंद / कभी सुबह की शुरुआत पानी की तलाश से होती थी। गांव की महिलाएं सिर पर घड़े रखकर दूर-दूर तक पानी लाने जाती थीं। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और भी बढ़ जाती थी। लेकिन आज विकासखंड पिथौरा के ग्राम पंचायत टेका अंतर्गत ग्राम सेवैयाकला में अब गांव के हर घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है और पानी की चिंता अतीत की बात बन गई है।केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन हर घर जल योजना के तहत 25 जून 2026 को सेवैयाकला ने हर घर जल का लक्ष्य हासिल कर लिया। गांव के सभी परिवारों को नियमित रूप से नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कमली बसंत और सचिव श्रीमती हेमलता साहू के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। योजना के अंतर्गत लगभग 81.52 लाख रुपए की लागत से गांव में जल प्रदाय व्यवस्था विकसित की गई। इसके तहत 40 किलोलीटर क्षमता की ऊंची पानी टंकी का निर्माण किया गया तथा 3,825 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 185 घरों तक नल कनेक्शन दिए गए। गांव के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र को भी इस सुविधा से जोड़ा गया, जिससे बच्चों को भी स्वच्छ पेयजल सहजता से उपलब्ध हो रहा है।जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखने के लिए गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। समिति का बैंक खाता संचालित है और रखरखाव के लिए प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जा रहा है। इससे भविष्य में भी जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहेगी। जलापूर्ति की जिम्मेदारी श्री मिथिलेश बसंत को पंप ऑपरेटर के रूप में सौंपी गई है। वे प्रतिदिन सुबह और शाम निर्धारित समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे प्रत्येक घर तक नियमित पानी पहुंच रहा है।गांव की निवासी श्रीमती देविका साहू बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। गर्मी में कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब घर के नल से स्वच्छ पानी मिल रहा है। समय की बचत होती है, बच्चों की देखभाल और घर के अन्य काम आसानी से हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि परिवार को साफ पानी मिलने से स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है।
- -छात्राओं को भविष्य के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गयामहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेंद्र जाटवर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) ने हायर सेकण्डरी स्कूल छपोराडीह में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किशोरी बालिकाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में छात्राओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार तथा विभिन्न रोजगारपरक अवसरों की जानकारी देकर उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के विषय विशेषज्ञ ने छात्राओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण के विभिन्न अवसरों की जानकारी देते हुए कहा कि आज के दौर में कौशल आधारित शिक्षा आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने छात्राओं से अपनी रुचि के अनुरूप कौशल विकसित कर रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।मिशन शक्ति हब की वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ ने छात्राओं को बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, डिजिटल भुगतान, वित्तीय प्रबंधन तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई (आईसीपीएस) के सामाजिक कार्यकर्ता ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता से अवगत कराया और किसी भी आपात स्थिति में इस निःशुल्क सेवा का उपयोग करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों, बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कैरियर, उच्च शिक्षा एवं भविष्य से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
- -ठेकेदारों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-5 ठेकेदारों को लापरवाही बरतने नोटिस जारीमहासमुंद / कलेक्टर तथा अध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता मिशन श्री विनय कुमार लगेंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ठेकेदारों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन योजना के प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग श्री पी.आर. वर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने ठेकेदारों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। धीमी गति से काम करने एवं लापरवाही बरतने वाले 05 पर ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए चेतावनी जारी किया गया। उन्हें तत्काल कार्य प्रारंभ नहीं करने पर निरस्त करने, ठेकेदार को डिबार करने या पेनाल्टी लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों और सब-इंजीनियरों को निर्देशित किया गया कि वे निर्माण स्थलों का लगातार निरीक्षण करें और तथ्यपूर्ण प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।बैठक में उपस्थित ठेकेदारों के द्वारा काम को आगे बढ़ाने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से भी अवगत कराया गया। कलेक्टर के द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, विद्युत विभाग एवं पंचायत विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का निराकरण कर जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री देवप्रकाश वर्मा ने अवगत कराया कि महासमुंद जिले में 298 ग्रामों में कार्य पूर्ण कर हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है, साथ ही 100 से अधिक ग्रामों में प्रमाणीकरण का कार्य चल रहा है।
- 0- 'स्वराज से साम्राज्य तक' कार्यशाला के समापन पर एम्स की प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा ने कहा- मराठी प्रचार को लेकर मंडल के कार्य प्रशंसनीयरायपुर। ‘स्वराज से साम्राज्य तक' विशेष कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा रुईकर ने कहा कि मराठी को लेकर महाराष्ट्र मंडल के कार्य प्रशंसनीय हैं। खासकर मराठी सिखाने को लेकर आप लोगों की जो मराठी क्लासेस चल रही है, वह एक बढ़िया प्रयास है। एम्स की प्रोफेसर और सामुदायिक चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष डॉ. रुईकर ने कहा हमें अपनी अगली पीढ़ी को मराठी सिखानी ही चाहिए क्योंकि भाषा का संबंध संस्कृति और परंपराओं को आगे ले जाने से भी होता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम घर में मराठी में बातचीत करें और अपना पूरा व्यवहार मराठी में ही करें।डॉ. रुईकर ने मराठी में दिए अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र मंडल को अपने सभासदों के घरों में जाकर हमारे सभासद मराठी में बात कर रहे हैं या नहीं, इस बात की पड़ताल करनी चाहिए। जिस घर में मराठी का वातावरण नहीं है, वहां अभिभावकों से लेकर बच्चों तक को मराठी क्लासेस जॉइन करवाने सहित और भी जरूरी कोशिशें करनी चाहिए। पूरा प्रयास होना चाहिए कि मंडल में सभी कार्यक्रम मराठी में ही हो। ठीक है यह कार्यशाला बाहरी गैरमराठी भाषी लोगों के शामिल होने की संभावना के कारण हिंदी में लगाई गई है।इस मौके पर श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल, पुणे के कार्यवाह व मुख्य वक्ता सुधीर थोरात ने कहा कि हमें एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हिंदवी स्वराज के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके वंशजो का संघर्ष सिर्फ मराठों के लिए नहीं बल्कि समूचे हिंदु समाज के लिए था। जहां- जहां मराठा राजा- पेशवा युद्ध करते हुए आगे बढ़े, वो- वो जगह आज भी हिंदुस्तान के नक्शे पर है। अटक से कटक तक साम्राज्य का आधार भी यही है। मराठे पूर्वी बंगाल तक तो गए लेकिन पश्चिम बंगाल नहीं जा पाए।परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल पहले पूर्वी पाकिस्तान और बाद में बंगलादेश बन गया।कार्यशाला के अंतिम दिन मुख्य अतिथि डॉक्टर मनीषा रुईकर का महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने सूत माला, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर कर सम्मान किया। इसी तरह छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने पुणे से यहां पहुंचे सुधीर थोरात और विक्रम सिंह मोहिते को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन समिति के समन्वयक अभिषेक विद्याधर बक्षी ने किया। आभार प्रदर्शन गणेशा जाधव पाटिल और रीना बाबर ने किया।
- 0- एक दिवसीय प्रतियोगिता में राजधानी की 36 टीमें चैंपियन ट्रॉफी के लिए भिडेंगी आपस मेंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में रविवार, 9 अगस्त को सुबह नौ बजे से नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा का आयोजन किया गया है। मंडल की खेलकूद समिति व गायन करोओके समिति की ओर से सर्वसमाज, संस्था, समिति, क्लब और ग्रुप के लिए संगीतमय स्पर्धा आयोजित की जा रही है। इस बार आर्केस्ट्रा के पेशेवर कलाकार और रेडियो लिस्नर्स क्लब की भागीदारी स्पर्धा को और भी रोचक बनाएगी।उपाध्यक्ष व कार्यक्रम की समन्वयक गीता दलाल ने बताया कि समूची स्पर्धा हिंदी फिल्मी गानों पर आधारित होगी। इसमें भाग लेने वाली टीमों में चार- चार प्रतिभागी होंगे। अंताक्षरी स्पर्धा टीवी चैनलों पर दिखाई जानी वाली स्पर्धाओं की तरह तकनीकी रूप से भी सशक्त होगी। इसमें कई राउंड बजर पर आधारित होंगे, जैसे बड़े स्क्रीन पर फ़िल्म के क्लिप दिखाकर, वाद्य यंत्र पर म्यूजिक बजाकर, गायकों की आवाज पहचान कर गाने पहचानने वाले राउंड।गायन कोरोओके समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता राउंड के आधार पर आगे बढ़ेगी। प्रत्येक राउंड में छह टीमें शामिल होंगी। इसमें एक विजेता टीम फाइनल राउंड में भाग ले पाएगी। इस तरह कुल छह राउंड में छह विजेता टीमें फाइनल राउंड में चैंपियन ट्रॉफी के लिए संघर्ष करेंगी। फाइनल राउंड के विजेता को आकर्षक नगद पुरस्कार के साथ ट्राफी प्रदान तो की ही जाएगी, प्रत्येक प्रतिभागी को व्यक्तिगत मैडल व प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। इसी तरह स्पर्धा के उप विजेता और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को भी नगद पुरस्कार के साथ ट्राॅफी, व्यक्तिगत मैडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। स्पर्धा में शामिल होने वाली सभी टीमों के सदस्यों के लिए भी मैडल व प्रमाण पत्र की व्यवस्था की गई है।कार्यकारिणी सदस्य और क्रीड़ा समिति की मालती मिश्रा ने बताया कि यादव समाज, आंध्र समाज, सिंधी, सोनी, ब्राह्मण समाज, अधिवक्ता संघ, मधु फाउंडेशन सहित अनेक टीमों के इस वर्ष भी अंताक्षरी स्पर्धा में शामिल होने की संभावना है। इस बार नई टीमों के साथ विभिन्न राउंड में नए- नए सेगमेंट भी दर्शकों के बीच अंताक्षरी स्पर्धा के रोमांच को बढ़ाएंगे। जरूरी नहीं कि सभी टीमें पुरुष प्रतिभागियों या महिला प्रतिभागियों की ही हों। टीमों में हर आयुवर्ग के महिला- पुरुष एक साथ शामिल हो सकते हैं। अंताक्षरी स्पर्धा में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए महाराष्ट्र मंडल कार्यालय चौबे काॅलोनी, मंडल की क्रीड़ा समिति और कला संस्कृति समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।क्रीड़ा समिति के समन्वयक ओपी कटारिया ने बताया कि स्पर्धा में सभी टीमों के खिलाड़ी बतौर दर्शक सभागृह में उपस्थित रह सकते हैं। साथ ही फिल्मी गानों में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए भी अंताक्षरी स्पर्धा में मनोरंजन के साथ- साथ फिल्मी गानों की अपनी जानकारी व ज्ञान को परखने का शानदार मौका भी होगा। दरअसल प्रत्येक राउंड में दर्शकों से भी रोचक सवाल पूछ जाएंगे और सही जवाब देने वाले दर्शकों को आकर्षक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार, 23 जुलाई को शाम छह बजे से कांदे नवमी उत्सव आयोजित किया गया है। उत्सव शुरू होने से पहले आसन्न 26 जुलाई के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक होगी। उसके तत्काल बाद कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों सहित सभासदों की व्यक्तिगत संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही अन्य कुछ सभासद स्टैंडअप कामेडी भी करेंगे। उत्सव का समापन प्याज से बने सुस्वाद व्यंजनयुक्त रात्रिभोज से होगा। सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में मजेदार चुटकुलों, गानों और मनोरंजक के ठहाके तो लगेंगे ही। साथ ही रात्रिभोज में प्याजी पकौड़े, प्याजी झुनका, प्याज-ककड़ी, प्याजी कचूंबर सहित अनेक व्यंजन रात्रिभोज का आकर्षण होंगे।
- फाइल फोटो
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित और समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में गुरुवार, 23 जुलाई को वृद्धजनों से भेंटवार्ता कार्यक्रम रखा गया है। इसमें शिक्षा विभागों से सेवानिवृत्त बुजुर्ग सियान गुड़ी पहुंचेंगे और यहां के वरिष्ठ नागरिकों से भेंट - मुलाकात कर विचारों का आदान- प्रदान करेंगे। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले के अनुसार इस मौके पर बुजुर्गों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप खुला मंच दिया जाएगा। इसमें वे अपनी रुचि के अनुरूप, भजन, गायन सहित किसी विषय पर अपने विचार भी व्यक्त करेंगे। सियान गुड़ी के वरिष्ठ नागरिक रिटायर्ड एजुकेशन अफसरों के साथ कैरम, शतरंज, लूडो, सांप सीढ़ी जैसे खेलों में भी दो-दो हाथ करेंगे। - -पक्का आवास मिलने से वर्षों का सपना हुआ साकार, महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा नियमित आर्थिक संबलअम्बिकापुर । विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें शासन की मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान) आवास योजना जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों के जीवन में बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से ऐसे परिवार, जो वर्षों से कच्चे एवं असुरक्षित आवासों में जीवनयापन कर रहे थे, अब पक्के और सम्मानजनक आवास में रहने का सपना साकार कर रहे हैं। सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कलजीवा के निवासी मनबहाल पहाड़ी कोरवा भी इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान स्वीकृत हुआ, जिसके निर्माण के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सुविधायुक्त घर में रह रहा है। मनबहाल के परिवार में पति-पत्नी दो सदस्य हैं। पहले उनका कच्चा मकान बरसात, तेज हवा और अन्य मौसमों के दौरान असुरक्षित हो जाता था। हर वर्ष बारिश के मौसम में घर की मरम्मत करनी पड़ती थी और हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती थी।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलने से अब उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। मजबूत छत और सुरक्षित दीवारों वाले घर ने उन्हें न केवल सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास भी दिया है। अब उन्हें मौसम की मार की चिंता नहीं रहती और वे अपने नए घर में सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में जीवनयापन कर रहे हैं। पक्का आवास मिलने से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है तथा स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में रहने का अवसर मिला है।मनबहाल पहाड़ी कोरवा के परिवार को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। यह राशि परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्चों तथा छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हो रही है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार को आर्थिक संबल मिला है और जीवनयापन पहले की तुलना में अधिक सहज हुआ है।मनबहाल पहाड़ी कोरवा ने बताया कि वे मजदूरी का कार्य करते हैं, शासन की योजनाओं ने उनके परिवार का जीवन बदल दिया है। पहले कच्चे मकान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पक्का मकान मिलने से सुरक्षित आशियाना मिल गया है। वहीं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता भी परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है।उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना जैसी जनहितैषी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं जरूरतमंद और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक पहुंच रही हैं। इन योजनाओं के कारण उनके परिवार के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक मजबूती आई है।
- -वॉकर मिला तो बढ़े आत्मविश्वास के साथ कदमरायपुर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं तब सबसे अधिक सार्थक होती हैं, जब वे किसी जरूरतमंद के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आती हैं। समाज कल्याण विभाग की ऐसी ही एक पहल ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम बांधाबाजार निवासी 90 प्रतिशत दिव्यांग शुभम कुमार गंधर्व के जीवन में नई उम्मीद का संचार किया है।जन्म के कुछ समय बाद पोलियो से प्रभावित होने के कारण शुभम का बचपन अनेक कठिनाइयों के बीच बीता। सामान्य बच्चों की तरह चलना-फिरना उनके लिए संभव नहीं था और दैनिक कार्यों के लिए भी उन्हें परिवार के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी उनका हौसला टूटने नहीं दिया। उनकी माता ने अपने हाथों से लकड़ी का सहारा तैयार किया, जिसके सहारे शुभम धीरे-धीरे चलने का प्रयास करते रहे।इसी बीच समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण योजना की जानकारी मिलने पर परिवार ने आवेदन किया। विभाग ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए शुभम को वॉकर उपलब्ध कराया। यह वॉकर उनके लिए केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत बन गया।वॉकर मिलने के बाद शुभम अब पहले की तुलना में अधिक सहजता से चल-फिर पा रहे हैं। उनके आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे अपने कई दैनिक कार्य स्वयं करने लगे हैं। परिवार के चेहरे पर भी संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। शुभम कहते हैं, वॉकर मिलने के बाद मेरा जीवन पहले से काफी आसान हो गया है। अब मुझे लगता है कि मैं भी अपने दम पर आगे बढ़ सकता हूं। शुभम के पिता श्री अरुण कुमार गंधर्व ने समाज कल्याण विभाग और राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके बेटे के लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि समय पर मिली इस मदद ने शुभम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।
- नारायणपुर । जिले के ग्राम गुडरीपारा निवासी 47 वर्षीय श्री सोमारू नेताम का जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब सही व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल ने उनके जीवन में ऐसा सकारात्मक बदलाव लाया है, जिसने उनकी दिनचर्या और सोच, दोनों को नई दिशा दी है।श्री सोमारू नेताम 75 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। लंबे समय तक दिव्यांगता के कारण उन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। घर से बाहर निकलना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। बाजार जाना हो, अस्पताल पहुंचना हो या किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना हो, हर बार उन्हें परिवार या आसपास के लोगों की सहायता की आवश्यकता पड़ती थी। इस कारण उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित होता था और वे कई बार आवश्यक कार्य भी समय पर नहीं कर पाते थे।उनकी इस कठिन परिस्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल (बैटरी चलित) प्रदाय योजना के अंतर्गत 17 अप्रैल 2026 को उन्हें बैटरी चलित ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई गई। यह सहायता उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। ट्रायसाइकिल मिलने के बाद उन्होंने स्वयं अपने कार्य करना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी दूसरों पर निर्भरता कम होने लगी।अब सोमारू नेताम बिना किसी की मदद के अपने घर से बाजार, अस्पताल, बैंक तथा अन्य आवश्यक स्थानों तक आसानी से आ-जा रहे हैं। पहले जहां छोटी-सी दूरी तय करना भी कठिन था, वहीं अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने सभी जरूरी कार्य समय पर पूरा कर रहे हैं। इससे न केवल उनका समय बचता है, बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का नया अनुभव भी मिला है।बैटरी चलित ट्रायसाइकिल ने उनके सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है। अब वे परिवार और समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक सक्रियता से भाग लेते हैं। लोगों से मिलना-जुलना आसान हुआ है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों को भी राहत मिली है, क्योंकि अब सोमारू अपने अधिकांश कार्य स्वयं करने में सक्षम हो गए हैं।सोमारू नेताम का कहना है कि यह ट्रायसाइकिल उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है। इससे उन्हें अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीने का अवसर मिला है। उन्होंने इस अमूल्य सहयोग के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा समाज कल्याण विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।सोमारू नेताम की कहानी इस बात का प्रेरक संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का प्रभाव तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ सही पात्र तक पहुंचे। एक बैटरी चलित ट्रायसाइकिल ने उनके जीवन में केवल गतिशीलता ही नहीं लाई, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नई उम्मीद भी दी। यह सफलता की कहानी समाज के लिए प्रेरणा है कि उचित सहयोग और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकते हैं।
- सक्ती । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसी कड़ी में सक्ती जिले के ग्राम जेठा निवासी श्रीमती राजेश्वरी सिदार के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक सहारा और आत्मविश्वास का माध्यम बनी है। श्रीमती राजेश्वरी सिदार ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। इस राशि से उन्हें घरेलू आवश्यकताओं और दैनिक जरूरतों के खर्चों को पूरा करने में सहायता मिल रही है। नियमित आर्थिक सहयोग मिलने से वे परिवार की जिम्मेदारियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता राशि उनके लिए आर्थिक संबल का कार्य कर रही है। इससे न केवल परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। अब वे स्वयं को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर महसूस करती हैं। श्रीमती राजेश्वरी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई आशा और विश्वास का संचार कर रही है।
- सक्ती । राज्य शासन की जनकल्याणकारी भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। आर्थिक रूप से कमजोर एवं भूमिहीन परिवारों को सहायता प्रदान कर यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार कर रही है। विकासखंड सक्ती के ग्राम नंदौरकला निवासी श्री रामलाल भारद्वाज भी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है तथा परिवार की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यक जरूरतों और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस सहायता राशि का उपयोग वे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा अन्य जरूरी कार्यों में कर रहे हैं, जिससे परिवार को काफी राहत मिली है। श्री रामलाल भारद्वाज बताते हैं कि शासन की इस पहल ने उनके परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की है। आर्थिक सहायता मिलने से उनकी चिंताएं कम हुई हैं और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है। उनका कहना है कि भूमिहीन परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है, जो जरूरत के समय संबल प्रदान करती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके परिवार को आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा मिली है।
- -बरसात में टपकती छत और असुरक्षा के बीच बीतता था जीवन, अब मिला सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का घर-प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना बनी वंचित जनजातीय परिवारों के लिए नई उम्मीद और आत्मसम्मान का आधारएमसीबी/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तब दिखाई देती है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाता है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ऐसे ही हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। एमसीबी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवरी की निवासी श्रीमती मानमती, पति श्री बारनु की कहानी इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण है, जिनके जीवन में एक पक्के घर ने सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया अध्याय जोड़ दिया।मानमती वर्षों तक अपने परिवार के साथ एक कच्चे एवं जर्जर मकान में रहने को मजबूर थीं। मिट्टी की दीवारें, कमजोर छप्पर और बरसात के दिनों में लगातार टपकती छत उनके परिवार की सबसे बड़ी चिंता थी। तेज बारिश या आंधी आते ही पूरा परिवार इस डर में रात गुजारता था कि कहीं मकान ढह न जाए। हर मानसून उनके लिए भय और असुरक्षा लेकर आता था। घर के भीतर पानी भर जाने से दैनिक जीवन प्रभावित होता था और बच्चों की पढ़ाई भी नियमित रूप से बाधित होती थी।परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सुदृढ़ नहीं थी कि वे अपने संसाधनों से पक्का मकान बनवा सकें। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति ही उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में सुरक्षित और मजबूत घर का सपना वर्षों तक अधूरा ही रहा। इसी दौरान प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका चयन हुआ। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें आवास निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता तथा जिला प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से उनके पक्के मकान का निर्माण प्रारंभ हुआ। निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता समाप्त हो गई और वर्षों से संजोया गया सपना साकार हो गया।आज मानमती का परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के मकान में निवास कर रहा है। अब बारिश, तेज हवा या मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में उन्हें किसी प्रकार की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ता। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है और पूरे परिवार के जीवन में आत्मविश्वास, स्थिरता और खुशहाली का नया संचार हुआ है। मानमती बताती हैं कि पहले बरसात का मौसम उनके लिए चिंता और भय का कारण बन जाता था। कच्चा मकान कभी भी गिर सकता था और परिवार की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहती थी। अब पक्का घर मिलने से वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करती हैं। उनके अनुसार यह घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके परिवार के सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार बन गया है।वे कहती हैं कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। अब उन्हें अपने बच्चों के भविष्य को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार के सभी सदस्य बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना वास्तव में गरीब एवं जरूरतमंद जनजातीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्राम पंचायत नेवरी में मानमती का नया पक्का घर आज अन्य पात्र परिवारों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। उनकी सफलता की कहानी यह संदेश देती है कि जब शासन की योजनाएं सही पात्रों तक समय पर पहुंचती हैं, तो वे केवल मकान का निर्माण नहीं करतीं, बल्कि लोगों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी रखती हैं।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से एमसीबी जिले में अनेक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। मानमती के परिवार की बदली हुई जिंदगी इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव तब सबसे अधिक दिखाई देता है, जब वे जरूरतमंद लोगों के जीवन में आशा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया विश्वास जगाती हैं।
- जगदलपुर। जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोहकापाल के आश्रित गांव छिंदगांव की रहने वाली श्रीमती सुमनी कश्यप आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का एक नया प्रतीक बनकर उभरी हैं। कभी केवल पारंपरिक खेती-किसानी तक सीमित रहने वाली सुमनी ने अपनी मेहनत, सूझबूझ और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सीमेंट ईंट निर्माण का एक सफल व्यवसाय खड़ा कर दिया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य निर्माण कार्यों हेतु ईंटों की बढ़ती मांग का पता चला, जिसने उन्हें इस उद्योग की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘नॉन-फॉर्म’ (गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधि) घटक के तहत संकुल संगठन से 5 लाख रुपये की सीड कैपिटल उपलब्ध कराई गई। प्राप्त सहायता के साथ सुमनी ने स्वयं व समूह के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख रुपये का अतिरिक्त निवेश किया। कुल साढ़े छह लाख रुपये से अधिक की लागत से मशीनरी, शेड और फर्श निर्माण जैसी व्यवस्थाएं जुटाकर बीते अप्रैल माह से सीमेंट ईंटों का निर्माण विधिवत शुरू किया गया। ईंट बनाने के लिए आवश्यक डस्ट और गिट्टी जैसे कच्चे माल की आपूर्ति जगदलपुर व बालेंगा क्षेत्र से आसानी से हो जाती है।क्षेत्र में आवास निर्माण की अधिकता के कारण सुमनी द्वारा बनाई गई ईंटों की मांग इतनी ज्यादा है कि माल तैयार होते ही ग्राहक सीधे निर्माण स्थल से आकर ईंट ले जाते हैं। वे मात्र तीन महीनों के भीतर ही 20 ट्राली ईंटें बेच चुकी हैं। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद सुमनी कश्यप अब अपने बच्चों के भविष्य को भी बेहतर आकार दे पा रही हैं। उनकी बड़ी बेटी 12वीं पास करने के बाद जगदलपुर से कंप्यूटर कोर्स करने के साथ-साथ कृषि प्रवेश परीक्षा (पीएटी) की तैयारी कर रही है, जबकि उनके दो छोटे बेटे क्रमशः सातवीं और पांचवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। सुमनी अपनी सफलता को साझा करते हुए कहती हैं कि स्व-सहायता समूह में जेंडर मास्टर के रूप में 5 हजार रुपए मानदेय पर कार्य करने और अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण सुमनी को दिल्ली तक जाने और पहचान बनाने का अवसर भी प्राप्त हुआ है। खेती, दुकान और मछली पालन के बाद अब सीमेंट ईंट निर्माण से आत्मनिर्भर बनीं सुमनी कश्यप की यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण महिलाएं अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बन सकती हैं।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार ग्राम बोरतलाव में तीन बच्चों की डूबने से हुई मृत्यु की घटना की प्रशासनिक जांच के क्रम में अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, डिप्टी कलेक्टर श्रीकांत कोराम, एसडीएम श्री विश्वास कुमार, डिप्टी कलेक्टर एवं तहसीलदार श्री अमीय श्रीवास्तव, थाना प्रभारी श्री अवनीश श्रीवास, खनिज विभाग के खनिज निरीक्षक श्री भरत बंजारे तथा शिक्षा विभाग के विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा ने ग्राम पंचायत के सरपंच, मृतक बच्चों के परिजनों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उत्खनन स्थल, जलभराव की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा अन्य संबंधित परिस्थितियों का बारीकी से अवलोकन किया गया। साथ ही ठेकेदार द्वारा किए गए उत्खनन क्षेत्र का सीमांकन कराकर आवश्यक तथ्य एवं जानकारी एकत्रित की गई।
जांच के दौरान संबंधित विभागों से आवश्यक प्रतिवेदन एवं अभिलेख प्राप्त किए जा रहे हैं। उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा तथा जांच प्रतिवेदन के निष्कर्षों के अनुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -
- प्रयास आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा में जिले के 91 विद्यार्थियों का चयन, अग्निवीर के लिए 37 युवा हुए चयनित
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए जेईई, नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम लगातार सामने रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि इस वर्ष प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा में जिले के 91 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं अग्निवीर भर्ती में भी जिले के 37 युवाओं का चयन हुआ है। इस वर्ष भी कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी हेतु ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। वहीं कक्षा 9वीं एवं 11वीं के विद्यार्थियों के लिए यू-ट्यूब लिंक के माध्यम से नियमित ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही है। इसके अलावा जेईई, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विशेष ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। -
- पानी की कमी के बावजूद बढ़ी आय की उम्मीद, शासन से मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गांतापार के किसान श्री राकेश कुमार यादव ने फसल परिवर्तन योजना का लाभ लेते हुए पानी की कमी वाले क्षेत्र में धान के स्थान पर अरहर की खेती अपनाई है। इससे उन्हें कम पानी में बेहतर खेती करने का अवसर मिला है। शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि मिलने से उन्हें इस दिशा में आगे बढऩे का उत्साह मिला।
किसान श्री राकेश यादव ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है। इनमें से 3 एकड़ में अरहर तथा 2 एकड़ में धान की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अधिकांश भूमि असिंचित है, जिसके कारण पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता और धान की अच्छी उपज नहीं मिलती थी। ऐसे में फसल परिवर्तन योजना उनके लिए लाभदायक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी को देखते हुए धान के बजाय अरहर की खेती करना अधिक उपयुक्त है। शासन द्वारा फसल परिवर्तन के लिए मिलने वाली 15 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि से किसानों को नई फसल अपनाने के लिए प्रेरणा मिल रही है। श्री राकेश कुमार यादव ने कहा कि फसल परिवर्तन योजना किसानों के लिए बहुत अच्छी पहल है। सभी किसानों को इसका लाभ उठाकर अपनी परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक फसलों की खेती करनी चाहिए। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में ऐसी योजनाएं निरंतर संचालित करती रहे। - -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित, राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिली पुरस्कार राशि एवं सम्मानरायगढ़ । रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड की छात्रा झलक नायक ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रत्येक परिवार गौ सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव भी मौजूद रहे।उल्लेखनीय है कि अशासकीय शाला आदर्श ग्राम्य भारती, पुसौर की कक्षा 9वीं की छात्रा झलक नायक ने जिला स्तरीय गौ विज्ञान परीक्षा 2025-26 में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। राज्य स्तर पर उत्तम शाक वाटिका श्रेणी में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें 3,100 रुपये की पुरस्कार राशि, श्रीफल एवं गौ विज्ञान किट प्रदान कर सम्मानित किया। झलक नायक प्रारंभ से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने केजी से लेकर कक्षा 8वीं तक प्रत्येक वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल, जिला संयोजक गौ विज्ञान मनबोध बेहरा, संरक्षक राजीव कुमार दुबे, प्रदेश प्रभारी अश्विनी चौधरी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनीष सिन्हा, उत्तर कुमार सिदार, रुद्र प्रताप एक्का, संस्था के प्राचार्य घनश्याम साहू, विद्यालय परिवार तथा परिजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
- -बारिश को देखते हुए जलस्तर की सतत मॉनीटरिंग के दिये निर्देशसूरजपुर/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज कृष्णपुर जलाशय एवं बतरा जलाशय का निरीक्षण कर निर्माण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगामी सत्र में बतरा जलाशय की डिसिल्टिंग हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे जलाशय की जल भराव क्षमता बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने बांध के हेड स्लूज़ के पैरापेट में गेट एवं रैलिंग लगवाने के निर्देश भी दिए, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को रोका जा सके। मौके पर उपस्थित जल संसाधन विभाग के अभियंता को कलेक्टर ने जल स्तर की सतत् मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिले में लगातार हो रही बारिश को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर हो रही बारिश के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी तरह सजग एवं मुस्तैद रहें, तथा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखें। निरीक्षण के अवसर पर कार्यपालन अभियंता जल संसाधन श्रीमती तरन्नूम खानम, एसडीओ श्री लोकेश पटेल व अनमोल सांडिल्य उपस्थित थे।कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पटवारी, सचिव एवं संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की वस्तुस्थिति से समय-समय पर एसडीएम व तहसीलदारों को अवगत कराते रहें, जिससे किसी भी परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ को भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।संभावित प्राकृतिक आपदाओं से बचाव एवं राहत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संयुक्त जिला कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 07775-266116 निर्धारित किया गया है, जिस पर आमजन किसी भी प्राकृतिक आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल दे सकते हैं, ताकि त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
- -9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड का खुलासा, 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांडरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग एवं बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग के माध्यम से 9.54 करोड़ रुपये के टैक्स फ्रॉड के मामले में मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड विजय कुमार यादव को 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद 3 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी बिलिंग के उद्देश्य से मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज तथा मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन दोनों फर्मों के माध्यम से लगभग 53 करोड़ रुपये की बोगस बिलिंग कर 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) विभिन्न फर्मों को हस्तांतरित किया गया।विस्तृत जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने बंद एवं फर्जी फर्मों से प्राप्त फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर उसका उपयोग अपनी कर देनदारियों के भुगतान में किया।जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं* 10 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त हो चुका था अथवा जो आपस में संबंधित पक्ष थीं, जबकि उनके बीच वास्तविक रूप से विलय, डी-मर्जर अथवा अमलगमेशन नहीं हुआ था, फॉर्म ITC-02 के माध्यम से 6.13 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा एवं उपयोग किया गया।* पंजाब सहित अन्य राज्यों की 9 ऐसी फर्मों से, जिनका GST पंजीयन निरस्त था अथवा जो अस्तित्वहीन थीं तथा जिनसे वास्तविक रूप से किसी प्रकार की माल आपूर्ति नहीं हुई, 1.99 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा एवं उपयोग किया गया।* बिना किसी वास्तविक खरीद के, GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में 1.41 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट दावा कर उसका लाभ लिया गया।जांच के अनुसार आरोपी ने न केवल 9.54 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट अन्य फर्मों को हस्तांतरित किया, बल्कि स्वयं भी समान राशि के फर्जी ITC का दावा एवं उपयोग किया। बिना वास्तविक माल की खरीदी-बिक्री किए केवल बिलों के आधार पर लेन-देन दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया गया, जिससे शासन को राजस्व की हानि हुई।
- -बिना लाइसेंस उर्वरक-कीटनाशक का भंडारण और निर्माण कर रहे दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त-खरीफ सीजन में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर होगी एफआईआर और वैधानिक कार्रवाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में कृषि विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने ग्राम चिंगरी (अंडा) में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशक का निर्माण, भंडारण और विक्रय किए जाने के मामले में दो गोदामों को सील कर भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है।उड़नदस्ता दल को ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण एवं भंडारण की सूचना प्राप्त हुई थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। गोदाम के किरायेदार श्री वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाकर निरीक्षण में सहयोग करने के लिए कहा गया, लेकिन उनके असहयोगात्मक रवैये के कारण मकान मालिक, पंचों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।निरीक्षण के दौरान गोदाम में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें तथा बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम एवं नियमों के अनेक प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। बिना वैध अनुज्ञप्ति के व्यवसाय, बिना मानक के उर्वरक निर्माण, निर्धारित अभिलेखों का संधारण नहीं करना, निरीक्षण में सहयोग नहीं करना तथा बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण जैसे गंभीर मामले सामने आए।कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रॉ मटेरियल, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनें तथा अन्य उपकरण जब्त किए गए। संपूर्ण सामग्री को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत जब्त कर गोदामों को सील किया गया है।कृषि विभाग ने संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।उप संचालक कृषि श्री संदीप भाई ने स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद एवं कीटनाशकों की कृत्रिम कमी पैदा करने, कालाबाजारी करने, नकली अथवा अमानक कृषि आदानों का निर्माण एवं विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं एवं निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए जाएंगे तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नकली, अमानक अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक या कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तत्काल निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नकली कृषि आदानों, कालाबाजारी और अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में इसी तरह की सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
- -शुद्ध जैविक उत्पादों की लगातार बढ़ रही मांगरायपुर.। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार ‘कांकेयर’ ब्रांड तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह ब्रांड कांकेर की हजारों महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों का प्रतीक बन चुका है।‘कांकेयर’ ब्रांड के तहत सरसों तेल, अरहर दाल, छिंद गुड़, शहद, रागी, कोदो, मक्का, आम का अचार सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। दण्डकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में उगाए गए ये उत्पाद पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं। ये उत्पाद स्वसहायता समूहों द्वारा पारंपरिक एवं जैविक पद्धति से तैयार किए जाते हैं, जिनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता है। एफएसएसएआई (FSSAI) से पंजीकृत होने के कारण उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है।वर्तमान में ‘कांकेयर’ उत्पादों का सी-मार्ट और कांकेश्वरी एफपीसी के माध्यम से स्थानीय बाजारों में वितरण और बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। जिला पंचायत परिसर में स्थापित पैकेजिंग इकाई से इनकी थोक खरीदी की जा सकती है। वेबसाइट Kancare.Shop के माध्यम से इन्हें ऑनलाइन ऑर्डर कर घर बैठे शुद्ध एवं प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं। कांकेर जिला पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 'कांकेयर’ ब्रांड के 92 किलोग्राम अरहर दाल , 5.5 किलोग्राम शहद, 5 किलोग्राम छिंद गुड़, 9 किलोग्राम रागी आटा तथा 6 किलोग्राम मक्का आटा की बिक्री हो चुकी है। ‘कांकेयर’ ब्रांड आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादन की नई पहचान बनकर उभर रहा है।
- -रैली के दौरान ड्यूटी निभाते हुए 16 पुलिस जवान हुए घायल, चिकित्सकों से चर्चा कर कमिश्नर ने उपचार की जानकारी लीरायपुर / रायपुर में आज एक रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और रैली को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल द्वारा बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा अचानक पत्थर एवं बोतलें फेंके जाने से अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिस के 16 जवान घायल हो गए। घायलों में एक महिला आरक्षक शामिल थी, दो पुलिस जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर के पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला में अस्पताल पहुंच भर्ती पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायल जवानों के स्वास्थ्य एवं उपचार की विस्तृत जानकारी ली तथा सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।घायल जवान कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेटिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाया गया। वहीं, प्रशिक्षु उप निरीक्षक (पीएसआई) श्री देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई है, जिनका उपचार चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल, एसीपी श्री नीलेश द्विवेदी, टीआई श्री राजेश मरई सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।


























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