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- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1095.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 20 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2283.6 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 570.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 589.3 मिमी, सूरजपुर में 1082.9 मिमी, बलरामपुर में 1624.0 मिमी, जशपुर में 936.3 मिमी, कोरिया में 1065.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 912.5 मिमी, बलौदाबाजार में 1133.2 मिमी, गरियाबंद में 1024.2 मिमी, महासमुंद में 863.0 मिमी, धमतरी में 979.4 मिमी, बिलासपुर में 945.0 मिमी, मुंगेली में 1050.3 मिमी, रायगढ़ में 988.9 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 630.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1145.7 मिमी, सक्ती 967.6 मिमी, कोरबा में 1332.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1134.9 मिमी, दुर्ग में 629.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 853.7 मिमी, राजनांदगांव में 1077.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1195.7 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 816.8 मिमी, बालोद में 1131.0 मिमी, बस्तर में 1225.0 मिमी, कोण्डागांव में 1116.2 मिमी, कांकेर में 1360.4 मिमी, नारायणपुर में 1337.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 1465.9 मिमी और सुकमा जिले में 1623.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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-कहा- काफी लाभदायक रहा प्रवास, छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों में निर्माण की जिन नई तकनीकों को लागू किया जा सकता है उन्हें अमल में लाएंगे
रायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव अमेरिका के अध्ययन प्रवास के बाद आज सुबह रायपुर पहुंचे। राजधानी वापसी पर स्वामी विवेकानंद विमानतल पर उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया की अमेरिका के अपनी अध्ययन यात्रा के दौरान उन्होंने पांच प्रमुख शहरों का भ्रमण कर सड़क निर्माण और सड़कों के रखरखाव की तकनीक, इनमें एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग और पुल-पुलियों के निर्माण को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों से चर्चा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के साथ अमेरिका के बड़े-बड़े शहरों में निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली तकनीकों का अध्ययन किया। श्री साव ने अमेरिका में निर्माण स्थलों और ग्रीन-फील्ड रोड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अपनी यात्रा को काफी लाभदायक बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों में जिन तकनीकों का इस्तेमाल हो सकता है, उन्हें यहां जरूर लागू करेंगे।श्री साव अपने अध्ययन प्रवास के दौरान शिकागो में आयोजित भारतीय स्वदेशी मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान सभी शहरों में भारतीयों और खासकर छत्तीसगढ़ के लोगों से बड़ी संख्या में मुलाकात और बात हुई। छत्तीसगढ़ के बहुत से लोग वहां रह रहे हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। श्री साव ने बताया कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे छत्तीसगढ़ के लोगों, भारत के अन्य प्रांतों के लोगों और अमेरिकी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक-पौराणिक महत्व के स्थलों को देखने तथा यहां की संस्कृति और सभ्यता को समझने के लिए आमंत्रित किया हूं। - रायपुर /राज्य शासन ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। श्रीमती गोमती साय, विधायक -विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक, विधानसभा क्षेत्र आरंग को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सुश्री लता उसेण्डी विधायक -विधानसभा क्षेत्र कोण्डागांव को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, विधायक- विधानसभा क्षेत्र मरवाही को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्ति किया गया है। श्री ललित चन्द्राकर विधायक - विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए है।
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*परिवार ने जताया मुख्यमंत्री का आभार*
बिलासपुर/हेमूनगर निवासी लालवानी परिवार के मुखिया खियाल दास लालवानी को किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ के तहत सहायता राशि स्वीकृत हुई है, जिससे अब उनका इलाज चल रहा है, और परिवार ने राहत की सांस ली है। लालवानी परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल के लिए आभार जताया है।
हेमूनगर में रहने वाले लालवानी परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उनके घर के एक मात्र कमाने वाले सदस्य किडनी की गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। बुधवारी बाजार में अपने छोटे से व्यवसाय से परिवार चलाने वाले मुखिया की गंभीर बीमारी ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। खियाल दास लालवानी की पत्नी श्रीमती लक्ष्मी लालवानी ने भावुक होकर बताया कि पिछले 6 साल में महंगे इलाज के खर्च में उनकी जमा पूंजी खत्म हो गई, दो बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी। इस परिस्थिति में बेटियों की उच्चशिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल हो गया, इस स्थिति में मुझे व्यवसाय संभालना पड़ा, जबकि मैं हमेशा से एक गृहिणी थी।
श्रीमती लालवानी ने बताया कि बेटियों ने अपनी पढ़ाई के साथ घर पर ट्यूशन पढ़ाकर परिवार के जरूरी खर्च पूरे किए, लेकिन डायलिसिस का महंगा खर्च वहन करना उनके लिए बेहद मुश्किल था। ऐसे में उन्हें इस योजना के विषय में जानकारी मिली, और आवेदन करने के बाद त्वरित रूप से सहायता राशि स्वीकृत हुई। अब आसानी से उनके पति का इलाज हो पा रहा है। श्रीमती लालवानी कहती हैं कि मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील योजना से उनके पति को नई जिंदगी मिली है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा कि अचानक आई इस मुसीबत से उबरने में इस सहायता राशि से उन जैसे कई परिवारों को बड़ी मदद मिली है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गंभीर रोगों के इलाज के लिए 25 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। जिले में अब तक 636 लोगों ने योजना के तहत लाभ प्राप्त किया है, और इस वर्ष जिले के 131 मरीजों को योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। - रायपुर / राज्य के सर्वाेत्कृष्ट खिलाड़ियों से गुण्डाधूर और प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान वर्ष 2024-25 हेतु 25 सितम्बर, 2024 तक आवेदन निर्धारित प्रारूप में आमंत्रित किए गए हैं। खिलाड़ियों के निर्धारित प्रपत्र में आवेदन एवं अनुशंसा, संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर अथवा खेल एवं युवा कल्याण के जिला कार्यालयों में कार्यालयीन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत किया जा सकता है। गुण्डाधूर सम्मान और प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान के लिए चयनित खिलाड़ियों को एक-एक लाख रूपए नगद, अलंकरण फलक, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों की सम्मान के लिए सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण पदक या रजत पदक या कांस्य पदक प्राप्त किया हो या अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी सम्मान के लिए पात्र होंगे।उल्लेखनीय है कि प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान तीरंदाजी के क्षेत्र में और गुण्डाधूर सम्मान किसी भी खेल में छत्तीसगढ़ की ओर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। सम्मान हेतु वर्ष की गणना 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। गुण्डाधुर सम्मान और प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान के संबंध में अधिकारी जानकारी एवं आवेदन हेतु निर्धारित प्रपत्र के लिए खेल विभाग के विभागीय वेबसाईट www.sportsyw.cg.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
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*कलेक्टर ने अधिकारियों की टीम के साथ किया दौरा*
*बीमार, अपाहिज एवं आवारा पशुओं को मिलेगी पनाह*
*चारा, पानी, शेड एवं देखरेख का होगा समुचित इंतजाम*
बिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में विशाल गो अभयारण्य विकसित किया जा रहा है। लगभग 154 एकड़ भूमि इसके लिए चिन्हांकित की गई है। कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की टीम के साथ दौरा कर स्थल का निरीक्षण किया। जिला मुख्यालय से कोई 30 किलोमीटर दूर नदी,नालों,तालाबों और हरियाली से भरपूर यह इलाका अभयारण्य के लिए बेहद अनुकूल जगह है। बीमार, अपाहिज, आवारा एवं सड़कों से हटाये गए जानकारों को यहां पनाह दिया जायेगा। उनकी देखरेख एवं चारा पानी की समुचित व्यवस्था इस अभयारण्य में रहेगी।
कलेक्टर ने लगभग घण्टे भर तक इस छोर से उस छोर तक स्थल का दौरा किया। सरकार की मनरेगा, पशुधन विकास सहित विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से इसका विकास किया जायेगा। अभयारण्य के किनारे से होकर अरपा नदी गुजरती है। भैंसाझार परियोजना भी इसकी सीमा से लगी है। कलेक्टर ने धूप, पानी से पशुओं की सुरक्षा के लिए विशाल एनिमल शेड बनाने के निर्देश दिए। इसके नजदीक सोलर चालित पम्प एवं बोर की व्यवस्था होगी। उन्होंने भूमि का समतलीकरण करने भी कहा है। चारे की निरंतर उपलब्धता के लिए 24 एकड़ में चारागाह विकसित किया जायेगा। अभ्यारण स्थल पर दर्जनों तालाब एवं डबरियां मौजूद हैं। गरमी के मौसम में भैंसाझार परियोजना से इन्हें भरा जा सकेगा। पशु चिकित्सा विभाग के डाक्टरों की पूरी टीम इनकी देख-रेख एवं इलाज के लिए तैनात रहेगी। दो मजदूर भी दिन-रात इनकी निगरानी करेंगे। कलेक्टर ने कल से सभी काम शुरू करने के निर्देश दिए और सभी बुनियादी निर्माण कार्य एक महीने में पूर्ण करने को कहा है।
जोगीपुर के किसानों और ग्रामीणों ने भी गो अभयारण बनाने के सरकार के प्रयासों की सराहना की और पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी और शासकीय योजनाओं के बारे में उनका फीडबेक लिया। कलेक्टर ने गांव की हाई स्कूल का भी निरीक्षण किया। 9वीं दसवीं के बच्चों द्वारा साधारण से सवालों का जवाब नहीं दे पाने पर शिक्षकों को ठीक से पढ़ाने की सख्त हिदायत दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ आरपी चौहान, संयुक्त संचालक पशुधन विकास विभाग डॉ. तंवर, एसडीएम युगल किशोर उर्वशा, उप संचालक पशुचिकित्सा विभाग डॉ. बीपी सोनी, सरपंच कमल सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं गा्रमीण उपस्थित थे। - रायपुर । बीते दिनों हुये भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त नहर के मरम्मत हेतु सिंचाई पानी देना बंद किये गये भाटापारा शाखा नहर में 10 दिनों बाद आज शुक्रवार पूर्वान्ह से पुनः पानी का प्रवाह शुरू हो गया है। इस नहर के कमांड एरिया में आने वाले खेतों को सिंचाई पानी की दरकार थी और इसकी सामयिक आवश्यकता को देखते हुये बीते कल गुरुवार को किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने महानदी जलाशय परियोजना के मुख्य अभियंता कुबेर सिंह गुरुवर को ज्ञापन भेज अविलंब इस शाखा नहर में पानी दिलवाने की मांग की थी ।ज्ञातव्य हो कि बीते दिनों हुये भारी बारिश के चलते इस शाखा नहर में 61 किलोमीटर के आसपास ग्राम कुकुरचुंदा के नजदीक नहर क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके मरम्मत के लिये नहर में पानी देना बंद कर दिया गया था । इधर बारिश न होने की वजह से किसान सिंचाई हेतु नहर पानी की आवश्यकता महसूस कर रहे थे जिस ओर श्री शर्मा ने श्री गुरुवर का ध्यान आकृष्ट कराया था । ज्ञातव्य हो कि गंगरेल के महानदी मुख्य नहर के 101 किलोमीटर पर बने क्रास रेग्युलेटर का उपयोग कर भाटापारा शाखा नहर को पानी दिया जाता है व इस शाखा नहर से हजारों एकड़ खेतों को सिंचाई पानी मिलता है । आज सुबह करीब 10 बजे इस क्रास रेग्युलेटर को उठा इस शाखा नहर में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) निवासी 89 वर्षीय मनराखन वर्मा का बीते कल गुरुवार को निधन हो गया । वे मनोहर , गजेन्द्र , नरेंद्र , मीरा व नीरा के पिता थे । अंतिम संस्कार आज शुक्रवार को पूर्वान्ह टेकारी स्थित मुक्तिधाम में किया गया ।
- -अभद्र भाषा के विरूद्ध बच्चों और पालकों को जागरूक करने प्रोजेक्ट ‘जागृति’ का संचालनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास में आयोजित ‘जनदर्शन’ में भिलाई की संस्था ‘स्वयंसिद्धा’ द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘जागृति’ के फ्लेक्स का विमोचन किया। संस्था द्वारा प्रोजेक्ट ‘जागृति’ के माध्यम से दुर्ग जिले के 200 स्कूलों में बच्चों और पालकों को अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरूद्ध जागरूक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए इस नई पहल के लिए सदस्यों की पीठ थपथपाई।मुख्यमंत्री श्री साय को ‘स्वयंसिद्धा’ की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. सोनाली चक्रबर्ती ने बताया कि प्रोजेक्ट ‘जागृति’ के तहत बच्चों और पालकों को गंदी भाषा व अश्लीलता के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक और सेन्सिटाइज किया जा रहा है। दुर्ग जिले के 200 स्कूलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर विगत 5 सितम्बर से यह अभियान प्रारंभ किया गया है। टीवी, मोबाइल, ओटीटी व वेब सीरीज के बुरे प्रभाव के चलते बच्चों की भाषा बेहद चिंताजनक स्थिति में है। इसे सुधारने के लिए संस्था द्वारा यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट ‘जागृति’ के माध्यम से स्कूली बच्चों की भाषा सुधारने के लिए कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही बच्चों को बिना गाली-गलौज के अच्छी भाषा में बात करने का संकल्प दिलवाया जा रहा है। इसके लिए अभिभावकों के लिए भी अलग से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
- -मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में बिसेश्वर को भेंट किया श्रवण यंत्ररायपुर, / रायपुर निवासी पैंसठ वर्षीय बुजुर्ग श्री बिसेश्वर दौड़िया कुछ वर्ष पहले तक रामायण मंडली में भजन गाते थे। मगर आज जब वे जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिले तो उन्होंने इशारों में मुख्यमंत्री को बताया कि वे अब ठीक से सुन नहीं पाते। मुख्यमंत्री श्री साय ने बुजुर्ग श्री बिसेश्वर की तकलीफ को समझा और तुरन्त वहां उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अमले को श्री बिसेश्वर के लिए श्रवण यंत्र की व्यवस्था करने निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने श्री बिसेश्वर को अपने पास मंच पर बुलाया और उन्हें श्रवण यन्त्र भेंट किया। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों श्रवण यंत्र पाकर श्री बिसेश्वर का चेहरा खिल उठा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में वे अकेले हैं और जूते-चप्पल सुधारने का काम करके जीवन व्यापन करते हैं। लगभग 10-12 सालों से उन्हें सुनने की तकलीफ है, जो कि धीरे-धीरे बहुत बढ़ गयी है। वे अब अपने ग्राहकों से भी मुश्किल से संवाद कर पाते हैं। उन्हें पहले से रामायण मंडली में भजन गाने का शौक रहा है। मगर सुनने की तकलीफ की वजह से अब भजन आदि छूट गया है।आज जब मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रवण यंत्र भेंट किया तो बहुत समय बाद उनके कानों में स्वर गूंजे। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब वे राम भजन भी सुनेंगे और अपना काम भी अच्छे से कर पाएंगे।
- -अभियान के लिए 79156 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान-63 हजार से अधिक आदिवासी बहुल गांव और आकांक्षी जिलों के आदिवासी गांवों किया जाएगा सेचुरेटेड-छत्तीसगढ़ आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने प्रधानमंत्री का माना आभाररायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान‘ को मंजूरी दे दी है। इस अभियान के तहत आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों को सेचुरेट करने तथा आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 79,156 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। जिसमें केन्द्र सरकार का 56,333 करोड़ रूपए और राज्य सरकार का 22,823 करोड़ रूपए का हिस्सा शामिल हैं। इस अभियान के तहत लगभग 63 हजार गांव शामिल होंगे। जिसमें पांच करोड़ से अधिक आदिवासी लोगों को लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्रीय मंत्री परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ की आबादी में जनजातियों का हिस्सा एक तिहाई है। इस योजना के क्रियान्वयन से आदिवासी बहुल गांवों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिलेगी।गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में अनुसूचित जनजातियों की जनसंख्या 10.45 करोड़ है और देश भर में 705 से अधिक आदिवासी समुदाय हैं, जो दूरदराज और पहुंच से दूर के क्षेत्रों में रहते हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को भरना और पीएम जनमन की सीख और सफलता के आधार पर आदिवासी क्षेत्रों और समुदायों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
- -उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रदेश के सभी सीमेंट कंपनियों के प्रमुखों के साथ ली बैठकरायपुर, / सीमेंट के दामों में पिछले दिनों हुई वृद्धि को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज शाम तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में प्रदेश के सभी सीमेंट कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक ली।बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने कंपनियों के प्रमुखों से सीमेंट के बढ़ाए गए दरों को लेकर विस्तार से बातचीत की। मंत्री श्री देवांगन ने इस अवसर पर कहा कि सीमेंट के दर को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि दर बढ़ने से हर वर्ग की चिंता बढ़ गई है। मंत्री श्री देवांगन ने बैठक में स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी तरह से सीमेंट की दर बढ़ने से पहले सरकार की परामर्श जरुर लेंगे। बिना परमर्श के रेट बढ़ाने से हर वर्ग की परेशानी बढ़ जाती है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि हाल ही प्रदेश में साढ़े 8 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, आने वाले दिनों और भी पीएम आवास के साथ-साथ अभी निर्माण एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश भर में निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। ऐसे में अगर दर बढ़ाना गलत है। अक्सर मानसून में निर्माण के कार्य कम हो जाते हैं, इस वजह से सीमेंट की खपत कम हो जाती है, आने वाले दिनों में जैसे ही निर्माण कार्य प्रारंभ होंगे, खपत फिर बढ़ जाएगी। मंत्री श्री देवांगन ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए बहुत अधिक गंभीर है, उद्योगों को किस तरह और बेहतर माहौल मिल सके इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर वाणिज्य उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के एमडी श्री विश्वेश कुमार, पर्यावरण व आवास विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यावरण संरक्षण के सचिव सदस्य अरूण प्रसाद समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज महानदी भवन मंत्रालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों से तेंदूपत्ता की नवीन नीति, बजट घोषणा में घोषित कार्यों के क्रियान्वयन, मोदी की गारंटी के क्रियान्वयन, 27वें अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में अब तक किए गये कार्यों के संबंध और बजट की अद्यतन स्थिति में व्यय आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की।वन मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के पूर्ति हेतु त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव तथा छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -पारंपरिक खेती छोड़ डच रोज़ की खेती से हो रही मालामालरायपुर / आज के समय में पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए अधिक मुनाफा देने वाली खेती साबित हो रही है। मुख्य रूप से गुलाब की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ रहा है। गुलाब की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। साथ ही त्योहारों, शादी समारोह व विभिन्न आयोजनों के समय इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। धान की पैदावार के लिए पहचान रखने वाले छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा विकासखण्ड की कुमगरी की रहने वाली श्रीमती रजनी कंवर ने गुलाब की खेती करके एक मिसाल कायम की है और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है। रजनी ने विभागीय सहायता से डच रोज़ की खेती शुरू की और आज 30 हजार से अधिक की प्रतिमाह कमाई कर रही हैं। पिछले 5 माह में ही उसे 3 लाख से अधिक रूपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है।कुछ नया करने के इरादे ने रजनी का डच रोज़ की खेती की तरफ बढ़ाया रुचि -रजनी बताती हैं कि वर्तमान समय में किसान को बेमौसम बारिश, तूफान, अतिवृष्टि, सूखा जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है साथ ही विभिन्न प्रकार के कीटों व बीमारियों से अपनी फसलों की रक्षा करनी पड़ती है। इतनी परेशनियों के बाद भी किसान को अपेक्षाकृत अधिक लाभ नहीं होता। उनके द्वारा पूर्व में भी अपनी जमीन पर धान की फसल उगाया जाता था, जिससे उन्हें अधिक आमदनी नही होती थी। रजनी व उनके पति श्री जय सिंह ने परम्परागत कृषि से अलग आधुनिक खेती कर अपने आय में वृद्धि करने की सोची। इसी दौरान लाभार्थी को नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड द्वारा डच रोज़ की खेती की जानकारी मिली। डच रोज़ कल्टीवेशन से लंबे समय तके होने वाले लाभ की सोच से उन्होंने इसका खेती करने का निश्चय किया और अपने जमीन पर पाली हॉउस तैयार कर गुलाब की खेती प्रारंभ की। उद्यानिकी विभाग द्वारा उनके हौसले को बढ़ाते हुए समय पर दस्तावेजों की पूर्ति कराई गई एवं नाबार्ड द्वारा 40 लाख का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया। जिसमें उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। साथ ही पॉली हाऊस में ड्रिप, बोर, स्टोरेज रूम जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई है। समय समय पर विभाग द्वारा रजनी को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। रजनी द्वारा फरवरी 2024 में अपने 2600 वर्गमीटर लगभग 65 डिसमिल जमीन पर पॉली हाऊस का निर्माण कराकर डच रोज़ की खेती प्रारंभ की गई। जहां उन्होंने इसकी 22000 पौधे का प्लांटेशन किया। पॉली हाऊस के अंदर डच रोज़ की खेती करने से पौधों को सीधे सूर्य की रौशनी, बारिश, आंधी से सुरक्षा मिलती है। सूक्ष्म सिंचाई और टपक विधि से कम पानी में गुलाब की खेती में सफलता प्राप्त हो रही है। रजनी द्वारा किए गए गुलाब की खेती को देखने के लिए दूर-दूर से लोग भी आते हैं।उनके फॉर्म में प्रतिदिन 40 से 50 किलो गुलाब कल्टीवेशन किए जाते है। मजदूरों द्वारा इन गुलाब को तोड़कर डिमांड अनुसार पैकेजिंग व सप्लाई किया जाता है। रजनी ने बताया कि इन पौधों की ठीक ढंग से देखभाल करने से इनसे 2-3 साल तक उत्पादन लिया जा सकता है। जिससे लंबे समय तक पौधों से लाभ मिलेगा।गुलाब के उत्पादन के शुरुआत से ही बाजार में इसकी मांग आने से रजनी का उत्साह बढ़ा हुआ है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए वे कहती है कि अपने पति श्री जयसिंह के सहयोग व विभागीय मदद से उन्होंने डच रोज की खेती करने का बड़ा फैसला लिया है। जिसका अब उन्हें लाभ मिल रहा है। प्रतिमाह उसे मजदूरी भुगतान, दवाई, खाद सभी खर्चों के बाद भी औसतन 30-40 हजार तक का लाभ हो रहा है। वर्तमान में उनके द्वारा कोरबा, बिलासपुर, अम्बिकापुर में फूलो का विक्रय किया जा रहा है। साथ ही उनके द्वारा इवेंट ऑर्गेनाइजर, डेकोरेशन शॉप्स वालों से भी संपर्क किया जा रहा है। जिससे आगे चलकर बड़े पैमानों पर गुलाब का विक्रय किया जा सके। आने वाले त्यौहारों व शादी सीजन में बाजारों में फूलो की मांग बढ़ेगी जिससे उनके आय में और अधिक वृद्धि होगी।
- - मुख्यमंत्री ने श्री निराला की निराली प्रतिभा को सराहा, दी ग्यारह हजार की प्रोत्साहन राशि-राज्योत्सव में स्टॉल लगाने का भी मिलेगा मौकारायपुर / आज जनदर्शन में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने समाज के हर वर्ग के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बहुत ही आत्मीयता से सभी की बात सुनी। ऐसे ही जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्रामीण श्री शिव कुमार निराला ने मुख्यमंत्री को अपनी कला-प्रतिभा दिखाई तो उन्हें मुख्यमंत्री की खूब सराहना मिली। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें ग्यारह हजार की प्रोत्साहन राशि भी दी। मुख्यमंत्री को श्री निराला ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्शे पर प्रभु श्रीराम का वन-गमन पथ उकेरा है। बहुत बारीकी से उन्होंने यह नक्शा बनाया है जिसमें प्रभु श्री राम के छत्तीसगढ़ में जहां-जहां चरण चिन्ह पड़े हैं, वे सभी स्थल शामिल हैं। सभी स्थलों के बीच की दूरी और पहुंच मार्ग भी दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री निराला की इस निराली प्रतिभा का सम्मान करते हुए उन्हें 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया।मुख्यमंत्री श्री साय को श्री निराला ने बताया कि शुरू से पेंटिंग में रुचि होने के कारण उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा। नक्शे के माध्यम से वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को संजोना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वे चित्रकला को जुनून के रूप में लेते हैं। डेढ़-दो महीने लगाकर उन्होंने राम वन-गमन पथ का नक्शा बनाया है। कई बार तो वे इस काम मे इतना डूब जाते थे कि खाने-पीने की भी सुध नहीं रहती थी।मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष श्री निराला ने राज्योत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को श्री निराला को आगामी राज्योत्सव में स्टॉल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री शिव कुमार निराला ने बताया कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने न सिर्फ उनकी कला को देखा बल्कि प्रोत्साहन राशि भी दी और राज्योत्सव में स्टॉल लगाने का मौका भी। इस बात से उन्हें बेहद खुशी हुई।
- -संवेदनशील मुख्यमंत्री करते हैं जनदर्शन में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरणरायपुर / रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का जनदर्शन गुरुवार आम दिनों जैसा नहीं होता। इस दिन सीएम निवास लोगों की उम्मीदों को पूर्ण करने और समस्याओं के त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने वाला ओपन हाउस बन जाता है। दुःख और तकलीफों से भरी ज़िंदगी में जनदर्शन लोगों के लिए एक नई आशा की किरण है। जनदर्शन के दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लोगों की समस्याओं को सिर्फ सुनते ही नहीं, बल्कि दिल से महसूस करते हैं। यहां आने वाले लोग न सिर्फ राहत की उम्मीद लेकर आते हैं, बल्कि अपने जीवन में बदलाव की नई किरण और अपनी परेशानियों का समाधान लेकर वापस जाते हैं।मुख्यमंत्री जनदर्शन का हर गुरुवार उन कहानियों का मंच बनता है, जहां तकलीफ और संघर्ष को पीछे छोड़कर लोग नई आशा के साथ नई शुरुआत का स्वागत करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के संवेदनशील और त्वरित फैसलों से सीएम हाउस पहुँचे लोगों के चेहरों पर अमुल्य मुस्कान और समस्याओं के समाधान मिलने की संतुष्टि होती है। हर मुलाकात, हर समाधान एक ऐसा पल होता है, जहां मुख्यमंत्री हर एक के परिवार के मुखिया बन जाते हैं।जनदर्शन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जनता के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। जनदर्शन के दौरान दूरस्थ स्थानों से आए कोई न कोई विवेक, कोई राजू, कोई उषा मुख्यमंत्री से अपनी समस्याएं साझा करते हैं, और बदले में समाधान और अपनापन लेकर लौटते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं रायपुर के भनपुरी में रहने वाले विवेक शर्मा, जिन्होंने दुर्घटना में अपना पैर खो दिया था। इस हादसे के बाद विवेक का जीवन जैसे ठहर गया था। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही थी, और अपने परिवार की जिम्मेदारी भी पूरी नहीं कर पा रहे थे। आज मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकलते वक्त उनके हाथ में केवल वॉकर नहीं था, बल्कि उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई थी। वॉकर मिलने से उनकी जिंदगी में फिर से उम्मीद जगी और उनका खोया हुआ आत्म-गौरव फिर से वापस आ गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद दिया और कहा, "अब मुझे चलने में कोई परेशानी नहीं होगी, हमारे मुखिया ने मुझे सिर्फ चलने का सहारा नहीं दिया बल्कि जीने की राह दिखा दी।" यह वॉकर विवेक के लिए सिर्फ एक सहारा नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत थी।बीजापुर के राजूराम वाचम की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। पोलियो की वजह से चलने में तकलीफ झेलने वाले राजूराम को हर दिन 11 किलोमीटर का सफर तय कर आईटीआई पहुंचना पड़ता था। उनकी इस समस्या का हल भी जनदर्शन में मिला। मुख्यमंत्री से मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ने न सिर्फ उनकी तकलीफें कम कीं, बल्कि उन्हें फिर से अपनी पढ़ाई जारी रखने की हिम्मत दी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपने प्रत्येक जनदर्शन में यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को मदद मिले और कोई भी व्यक्ति उनकी चौखट से मायूस न लौटे। यही जनदर्शन की असली सफलता है।रायपुर की उषा ठाकुर, जो ओरल कैंसर से पीड़ित हैं, उनके लिए भी जनदर्शन एक नई उम्मीद लेकर आया। इलाज के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पाकर उषा की आंखों में आंसू थे, लेकिन ये आंसू राहत और आभार के थे। उन्हें सिर्फ मदद नहीं मिली, बल्कि उन्होंने यह विश्वास भी पाया कि उनका जीवन मायने रखता है।इसी तरह, जशपुर से आई दृष्टिबाधित कुमारी रूपवर्षा ने पढ़ाई में आ रही दिक्कतों के लिए ऑर्बिट रीडर यंत्र की जरूरत जाहिर की। मुख्यमंत्री ने उनकी इस मांग को ध्यान से सुना और मदद का आश्वासन देकर उनके भविष्य को संवारने की ओर एक कदम बढ़ाया।जनदर्शन में न केवल शारीरिक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों को सहारा मिलता है, बल्कि प्रतिभाशाली व्यक्तियों की कला और हुनर को भी नई उड़ान मिलती है। विवेक भोंसले, जो बचपन से ही दिव्यांग हैं, रायपुर के राजा तालाब के निवासी हैं। महज 8 साल की उम्र से ढोलक पर अपनी महारत हासिल करने वाले विवेक को संगीत के प्रति गहरी रुचि है, लेकिन वाद्य यंत्रों की कमी उनके सपनों के बीच आ गई थी।जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिलकर उन्होंने वाद्य यंत्र खरीदने के लिए सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने बिना देर किए 15,000 रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा, जिससे विवेक का हौसला बढ़ने के साथ ही अब उसके लिए संगीत का सफर आसान होगा।जनदर्शन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, यह संवेदनशीलता, अपनेपन, दुलार, ख्याल और उम्मीद की तस्वीर है। यह एक ऐसे जननेता की कहानी है जो न केवल लोगों की बातें सुनते हैं, बल्कि उनकी समस्याओं को अपना मानकर उनका हल भी ढूंढते हैं। हर बार जनदर्शन में पहुँचे लोग न सिर्फ अपनी परेशानियों का समाधान लेकर लौटते हैं, बल्कि अपने मुखिया के प्रति अटूट विश्वास और एक बेहतर कल की नई उम्मीदों को भी संजोते हैं।
- -सुश्री अंजुम के कैंसर पीड़ित भाई का निःशुल्क इलाज डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल में चल रहा है-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दिखाई संवेदनारायपुर / संवदेनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पास पहुंचने वाले हर व्यक्ति को यथासंभव राहत मिलती है। इसका उदाहरण आज एक बार फिर देखने को मिला। जनदर्शन में आर्थिक सहायता की उम्मीद लेकर पहुंची सुश्री अंजुम को 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता का चेक मुख्यमंत्री के हाथों मिला। कैंसर पीड़ित मो. आदिल जाफरी की बहन सुश्री अंजुम ने जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात कर उन्हें बताया कि उनके भाई का निःशुल्क इलाज राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल में चल रहा है। सुश्री अंजुम ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने अन्य जरूरी खर्चों के लिए मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें जनदर्शन के दौरान 20 हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया।उल्लेखनीय है कि मोमिन पारा, तत्यापारा वार्ड निवासी सुश्री अंजुम के भाई मो. आदिल जाफरी पेट के कैंसर से पीड़ित हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल मे ऑपरेशन करवाया था। तब से आज तक लगातार वो दवाइयों का उपयोग करते आ रहे हैं। किन्तु विगत 1 माह से पेट मे दर्द होने के कारण उन्होंने 16 सितंबर 2024 को एम्स हॉस्पिटल रायपुर में जांच कराया। जांच उपरांत जो रिपोर्ट आई उसमें पता चला कि पुराना रोग फिर से बढ़ गया है तथा पेट की काफी हिस्से में संक्रमण फैल गया है। इसलिए उनका इलाज डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल में चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय के द्वारा आर्थिक सहायता दिए जाने से मो. आदिल की बहन व परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- रायपुर / राज्य शासन ने सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयासों के लिए पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान वर्ष 2024 हेतु 03 अक्टूबर 2024 शाम 5.30 बजे तक आवेदन निर्धारित प्रारूप में आमंत्रित किए गए हैं। आवेदक जिस जिले का निवासी हो, उसे संबंधित जिले के कलेक्टर को ही अपनी प्रविष्टि निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत कर सकेंगे। पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान के लिए चयनित व्यक्ति/संस्था को दो लाख रूपए नगद, सम्मान प्रतीक चिन्ह युक्त पट्टिका एवं प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयासों के लिए सम्मानित करने और उनमें राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने के दृष्टि से राज्य स्तरीय पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान की स्थापना की गई है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय से राज्य भारत स्काउट्स और गाइड्स संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री तथा छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट्स और गाइड्स संघ के संरक्षक श्री विष्णुदेव साय से आज शाम यहाँ उनके निवास कार्यालय में रायपुर लोकसभा सांसद एवं पूर्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में, भारत स्काउट्स और गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल के साथ प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुलाकात के दौरान वर्ष 2025 के अंतिम तिमाही में 19वें राष्ट्रीय स्काउट्स और गाइड्स जैम्बोरी और विश्व गर्ल गाइड्स के पहले विश्व जैम्बोरी की मेजबानी पर चर्चा की गई।इस दौरान आयोजीत बैठक भारत स्काउट्स और गाइड्स द्वारा नवंबर 2024 से नवंबर 2025 तक मनाए जा रहे हीरक जयंती समारोह के संदर्भ में हुई, जो 7 नवंबर 1949 को सभी स्काउटिंग और गाइडिंग संगठनों के एकीकरण की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक प्रतीकात्मक स्काउट स्कार्फ, व्हाट इज़ स्काउटिंग नामक एक कॉफी टेबल बुक और पिछले जैम्बोरी की रिपोर्ट भेंट की गई। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें स्काउट्स और गाइड्स की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों के बारे में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में किए गए कार्यों पर जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने स्काउट्स और गाइड्स द्वारा किए गए योगदानों में गहरी रुचि दिखाई और विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान उनके असाधारण सेवा कार्यों की सराहना की।एक सच्चे स्काउट की तरह अपने कार्य और आचरण में, श्री विष्णु देव साय ने विशेष रूप से आदिवासी युवाओं के विकास के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाई है। स्काउट्स और गाइड्स द्वारा राष्ट्र के युवाओं के भविष्य को आकार देने में निभाई गई अमूल्य भूमिका को पहचानते हुए, मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में हीरक जयंती, 19वें राष्ट्रीय जैम्बोरी और विश्व गर्ल गाइड्स के पहले विश्व जैम्बोरी की मेजबानी के लिए सहर्ष सहमति दी।श्री बृजमोहन अग्रवाल और प्रतिनिधिमंडल ने स्काउटिंग समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के युवाओं को देश और विदेश से आए स्काउट्स के साथ बातचीत करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और नेटवर्किंग का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, यह जैम्बोरी राज्य की प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।भारत स्काउट्स और गाइड्स के 65 लाख से अधिक सदस्य हैं, और यह संगठन देश के युवाओं के नैतिक और नेतृत्व गुणों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आ रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट्स और गाइड्स संघ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री सोम नाथ, जो जैम्बोरी के सचिव होंगे, ने मुख्यमंत्री का इस सद्भावना के लिए आभार व्यक्त किया।प्रतिनिधि मंडल में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त डा सोमनाथ यादव कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल, नेशनल डायरेक्टर श्री अमर क्षत्री, कोषाध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी, राज्य आयुक्त श्री प्रेम प्रकाश शर्मा शामिल थे।
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रायपुर, / राज्य शासन ने अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र के अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयासों के लिए यतियतन लाल सम्मान वर्ष 2024 हेतु 03 अक्टूबर 2024 शाम 5.30 बजे तक आवेदन निर्धारित प्रारूप में आमंत्रित किए गए हैं। आवेदक जिस जिले का निवासी हो, उसे संबंधित जिले के कलेक्टर को ही अपनी प्रविष्टि निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत कर सकेंगे। यतियतन लाल सम्मान के लिए चयनित व्यक्ति/संस्था को दो लाख रूपए नगद, सम्मान प्रतीक चिन्ह युक्त पट्टिका एवं प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अहिंसा एवं गौ रक्षा के क्षेत्र के अविस्मरणीय कार्य, सेवाओं तथा अभिनव प्रयास के लिए सम्मानित करने और उनमें राष्ट्रीय कीर्तिमान विकसित करने की दृष्टि से राज्य स्तरीय यतियतन लाल सम्मान की स्थापना की गई है। - -24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शामिल हुए खेल मंत्री-विजयी खिलाड़ियों को किया पुरस्कृतरायपुर / खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए खेल युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तीसरे दिन में शामिल हुए। इस दौरान रग्बी, कुराश एवं फेंसिंग खेल का आनंद लिया साथ ही विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए पुरस्कृत किए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री चित्तावर जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमन योगेश वर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष श्री विजय केशरवानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री वर्मा ने कहा जिंदगी एक खेल की तरह है और हमें खेल खेलना चाहिए। खेल के एक नहीं अनेक फायदे होते हैं। खेल में हार-जीत लगी रहती है। एक बार जीत से कोई सिकंदर नहीं बन जाता एवं एक बार हार से फकीर नहीं बन जाते है। हार और जीत सोच पर भी निर्भर करती है, मान लो तो हार है, ठान लो तो जीत है। हमारी सरकार खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबध्द है। जब से हमने खेलों के विकास करते हुए खिलाड़ियों के सम्मान में सन 2019-20, 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 के खेल अलंकरण पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही हमने युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ खेल युवा रत्न पुरस्कार देने की घोषणा किए है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला न केवल धर्म और संस्कृति के लिए जाना जाता है बल्कि अब खेलो के लिए भी जाना जाएगा। खेलो इंडिया के तहत फुटबाल प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया गया है, साथ ही आने वाले समय में इसी स्टेडियम को 14 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम में तब्दील किए जा रहे है।जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय ने बताया कि राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी संभाग के 840 खिलाड़ी एवं कोच शामिल हो रहे हैं। चार दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रग्बी बालक एवं बालिका 14 वर्ष, कुराश बालक एवं बालिका 14, 17, 19 वर्ष, फेन्सिग बालक एवं बालिका 14, 17, 19 वर्ष के 144 खिलाड़ी प्रत्येक संभाग से आये हुये है। रग्बी की प्रतियोगिताएं इसी आउटडोर स्टेडियम में, कुराश की प्रतियोगिताएं इसी इंडोर स्टेडियम में और फेन्सिग प्रतियोगिताएं नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित की जा रही है।
- रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना ने देशभर के कई आवासहीन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। बेघर परिवारों को इस योजना के माध्यम से मिल रहे पक्के मकान ने न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थायी आवास भी प्रदान कर रही है।इसी योजना के तहत जशपुरनगर के श्री कमलेश भगत का सपना भी साकार हुआ। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले कमलेश भगत के लिए पक्का मकान बनाना एक सपने जैसा था, जिसे प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना ने साकार किया। कच्ची झोपड़ी में रहते हुए श्री भगत और उनके परिवार को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, विशेषकर बरसात के मौसम में। छत से पानी टपकता था, जिससे घर में रहना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई में भी बाधा उत्पन्न होती थी। इस मुश्किल समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आई।प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत श्री कमलेश भगत को 2.26 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस राशि से उन्होंने अपनी बचत मिलाकर एक पक्का मकान बनाया, जो अब उनके परिवार के लिए एक स्थायी और सुरक्षित घर है। उनकी पत्नी श्रीमती रेखा बाई बताती है कि पहले हम कच्ची झोपड़ी में रहते थे, जिससे बारिश के समय बहुत परेशानी होती थी। अब हमारे पास पक्का मकान है, और हमारे बच्चे भी अब बिना किसी समस्या के पढ़ाई कर सकते हैं।श्री भगत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, प्रधानमंत्री आवास योजना के कारण आज हमारे पास एक सुरक्षित और स्थायी घर है। यह योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल कमलेश भगत जैसे हजारों परिवारों को घर का सपना पूरा करने में मदद कर रही है, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर कर रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पतालों में उन्नत चिकित्सकीय उपकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती भी की जा रही है। राज्य में दूरस्थ अंचलों में भी चिकित्सकीय सेवाओं की बेहतर उपलब्धता लोगों को मिल सकें, इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों का शीघ्र भर्ती के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में वित्त विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग में रिक्त विभिन्न 650 पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी गई है। वित्त विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को स्टॉफ नर्स, टेक्नीशियन, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, ड्रेसर, वार्ड व्वाय, वार्ड आया आदि के कुल 650 पदों पर भर्ती के लिए अनुमति प्रदान की गई है। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर उक्त पदों की भर्ती की जाएगी।वित्त विभाग द्वारा स्टॉफ नर्स के 225, सायकेट्रिक नर्स के 5, ओ.टी. टेक्नीशियन के 15, डेंटल टेक्नीशियन के 5, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरूष एवं महिला के 100-100, सहायक ग्रेड-3 एवं फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 25-25, ड्रेसर ग्रेड-1 के 50, तथा वार्ड व्वॉय एवं वार्ड आया के 50-50 इस प्रकार कुल 650 पदों पर भर्ती के अनुमति स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
- -पीएम जनमन अंतर्गत मिल रहा पक्का आवास-महिलाओं को मिला महतारी वंदन योजना का साथरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन से हम लोगों को बेहतर रूप से योजनाओं का लाभ मिलने लगा है। मेरा आधार कार्ड बन जाने से अब मैं अन्य योजनाओं का लाभ भी ले रही हूं। ये कहना है उस पहाड़ी कोरवा महिला श्रीमती झुलसी कोरवा का, जो अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहयोग दे रही है। बलरामपुर जिले के विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्रा निवासी श्रीमती झुलसी कोरवा कहती हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने कई योजनाएं लागू की है। इन्हीं योजनाओं में से एक है महतारी वंदन योजना। जिससे महिलाएं सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर होने के साथ ही परिवार में अपनी भूमिका को मजबूत कर रही है। वे बताती हैं कि उनके पास पहले आधार कार्ड भी नहीं था। लेकिन शासन-प्रशासन के प्रयासों से आधार कार्ड बन जाने से काफी सहूलियत हुई है। अब मुझे हर महिने राशन मिलने लगा है, महतारी वंदन योजना के लागू होने से अब हर महीने मेरे खाते में एक हजार रुपये की राशि आ रही हैं जिससे मैं घर की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में लगाती हूं। अब परिवार में मैं भी निजी जरूरतों, घरेलू आवश्यकताओं व दैनिक उपयोग की चीजों की खरीदी एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सक्षम हुई है।उनके पति श्री छोटना कोरवा ने बताया कि उन्हें पीएम जनमन आवास का लाभ भी मिला है, वे बताते है कि कुछ दिनों में मेरा पक्का आवास भी बन कर तैयार हो जाएगा। वे भावुक हो कर कहते है कि कुछ समय बाद उनके सर पर भी पक्की छत होगी। सरकार द्वारा हम पहाड़ी कोरवाओं के लिए लाई गई योजनाओं का परिणाम है कि शासन प्रशासन के सार्थक एवं अथक प्रयासों से हम जैसे वर्गाे को भी मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित की जा रही महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए कहा कि इस महत्वकांक्षी योजना से समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रहीं है और प्रति माह राशि खाते में सीधे अंतरित होने से विपरित परिस्थितियों का सहारा बनी है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक संबलता प्रदान करने व लाभान्वित करने के लिए शासन-प्रशासन को सहृदय धन्यवाद दिया।
- -मुख्यमंत्री ने परिवारजनों से बातचीत कर बंधाया ढाढसरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम छरछेद में हुए जघन्य हत्याकांड पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों को 10 लाख रूपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शाम वीडियो कालिंग के जरिए घटना में मृतक चैतराम केंवट के बड़े भाई भुवनेश्वर केंवट एवं माता मोंगरा बाई केंवट से बातचीत की और ढाढस बंधाते हुए कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। इस दुःख की घड़ी में हम आपके साथ हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मेरी संवेदनाएं आपके साथ है। इस जघन्य हत्याकांड के अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है।

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