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- रायपुर । गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया तथा एक अन्य व्यक्ति फरार है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एसीबी के दल ने गौरेला क्षेत्र में एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले का अन्य आरोपी एक अन्य राजस्व निरीक्षक फरार है। उन्होंने बताया कि जिले के आंदु गांव निवासी रंजीत सिंह राठौर ने बिलासपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की थी कि उनके पिता के नाम पर दो एकड़ कृषि जमीन है जिसके सीमांकन के लिए तहसीलदार गौरेला के यहां से आदेश हो चुका है। जमीन का सीमांकन करने के एवज में राजस्व निरीक्षक ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत का सत्यापन कराया गया और शिकायत के सही पाए जाने पर एसीबी बिलासपुर ने आज रिश्वत की रकम लेने में मध्यस्थता करने वाले राजस्व निरीक्षक को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक से रिश्वत की रकम (50 हजार रुपये) जब्त कर लिया गया है, लेकिन रिश्वत की मांग करने वाला राजस्व निरीक्षक मौके से फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
- -ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 में गोल्डन प्रदर्शनदुर्ग । ऑल इंडिया पुलिस बैडमिण्टन क्लस्टर 2024-25 का आयोजन राजीव गांधी रीजनल इण्डोर स्टेडियम में 11 से 15 अप्रैल तक कोच्चि, केरल में हुआ, जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दुर्ग जिले में पदस्थ प्रशिक्षु डीएसपी आकर्षि कश्यप ने प्रतियोगिता में भाग लेकर विभिन्न संवर्ग में 03 गोल्ड मेडल जीत कर छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ दुर्ग पुलिस का नाम रोशन किया है। राजपत्रित संवर्ग बैडमिण्टन एकल महिला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता, इसी प्रकार राजपत्रित संवर्ग युगल महिला प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी भावना गुप्ता, भापुसे के साथ अपने विरोधियों को 21-5, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया, राजपत्रित संवर्ग मिश्रित युगल प्रतियोगिता में अपने साथी खिलाड़ी सूरज सिंह परिहार, भापुसे, के साथ विरोधी पक्ष को 21-11, 21-8 से पराजित कर गोल्ड मेडल को अपने नाम से किया। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए रामगोपाल गर्ग, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग एवं जितेन्द्र शुक्ला, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, दुर्ग व्दारा डीएसपी आकर्षि कश्यप को बधाई देकर, उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी है ।
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रायपुर। कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा पर किलम-बुरगुम के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मारे गए नक्सलियों की पहचान बस्तर ईस्ट डिवीजन के माओवादी कमांडर डीवीसीएम हलदर (8 लाख का इनाम) और एसीएम रामे (5 लाख का इनाम) के रूप में हुई। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से एके-47 राइफल, एक अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों का दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया है। क्षेत्र में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि की है।कोंडागांव और नारायणपुर जिले की सीमा से सटे किलम-बुरगुम के जंगलों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर कोंडागांव डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम मंगलवार (15 अप्रैल) को माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। शाम को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ स्थल से दो नक्सली कैडरों के शव बरामद हुए। मारे गए खूंखार माओवादी हलदर और एसीएम रामे दोनों पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था।बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई थी, जिसमें एक महिला नक्सली भी शामिल थी। शिनाख्त किए गए माओवादियों में पांच लाख रुपये के इनामी माटवाड़ा एलओएस कमांडर एसीएम अनिल पूनेम के अलावा, एक-एक लाख रुपये के इनामी नक्सली पालो पोड़ियाम और दीवान मड़कम शामिल थे। अनिल पूनेम को अम्बेली ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना जाता है और वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था। -
-छत्तीसगढ़ ने पहली बार जीता गोल्ड
-सूरज सिंह परिहार आईपीएस और आकर्षि कश्यप डीएसपी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया-स्पर्धा का रजत पदक भी छग के नाम रहा-मिक्सड डबल्स में आईपीएस भावना गुप्ता और मिजोरम के मोरमुता की जोड़ी को रजत पदक मिलारायपुर, / अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस टूर्नामेंट की मिक्सड डबल्स स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता है। स्पर्धा का रजत पदक भी छत्तीसगढ़ के नाम रहा।केरल के क्षेत्रीय खेल केन्द्र राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम कदवंथरा, एर्नाकुलम में 11 से 15 अप्रैल तक आयोजित अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ ने 43 टीमों के बीच पदक तालिका में तीसरे स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन और टेबल टेनिस में छत्तीसगढ़ ने कुल 11 पदक जीते। केरल के कोचीन में आज 5 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में छत्तीसगढ़ ने 5 पदक जीते गए थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में इस शानदार उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस और पदक विजेताओं को बधाई और शुमकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। - -बस्तर अब शांति की ओर बढ़ चुका है, अब हमारा लक्ष्य है – लोगों को सम्मानजनक आजीविका देना : मुख्यमंत्री-कौशल विकास को लेकर विकसित बस्तर की ओर अग्रसर है छत्तीसगढ:बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत-नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को दिया जा चुका है कौशल प्रशिक्षण-आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है , 62 अन्य है प्रशिक्षणरतरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर कार्यक्रम में बस्तर में कौशल विकास और रोजगार को लेकर सरकार की दूरदृष्टि साझा की। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि जब हम सांसद थे, तब देश में कौशल विकास मंत्रालय का गठन हुआ – और आज यह विभाग देश के युवाओं के भविष्य निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में चल रहे कौशल विकास प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्किलिंग केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं है — भाषा प्रशिक्षण, विदेशी रोजगार, हस्तशिल्प, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी जैसे अनेक क्षेत्रों में कौशल विकास संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। शांति के बाद सबसे बड़ी चुनौती है – यहां के युवाओं को रोजगार देना। और यह कार्य हम पूर्ण निष्ठा से करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल कौशल विकास पर ध्यान देगी, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इससे बस्तर का युवा न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पूरे देश और दुनिया में अपने हुनर की पहचान बना सकेगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए संभाग में युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार प्रशिक्षण के लिए कौशल विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, पीएम कौशल विकास योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना और नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। इन रोजगार प्रशिक्षण में विशेषकर नक्सल प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने का प्रस्ताव शामिल है।बस्तर संभाग में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 85 कोर्स पंजीकृत है। पोर्टल के माध्यम से इनका पूर्णता आनलाइन क्रियान्वयन किया जाता है। सभी जिलों में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा है। वर्तमान में 64 व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VTP) है । योजना के अंतर्गत अब तक 90, 273 युवा प्रशिक्षित हो चुके है। प्रशिक्षित युवाओं में से 39,137 युवा नियोजित है। 32 कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है जिसमे आगामी समय में 4,915 युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कार्ययोजना शामिल है।वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित लक्ष्य के अनुसार 456 नियोक्ताओं के माध्यम से 4 हजार 915 युवाओं को प्रशिक्षण, 5 हजार 875 रोजगार के अवसर प्रदान किया जाना है। इसके लिए महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, नंदी फाउंडेशन, MSDC इंटरनेशनल और नीति आयोग जैसी संस्थाओं से अनुबंध किया गया है।बस्तर संभाग में पीएम कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 64% लक्ष्य पूर्ण किया गया तथा पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत अब तक 6 हजार 123 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।विकसित बस्तर की ओर बढ़ते हुए नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 24 कैंप के 95 चिन्हित ग्रामों के 457 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही इन ग्रामों में 5 हजार 598 युवाओं का रोजगार प्रशिक्षण के लिए सर्वे किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत आत्मसमर्पित माआवादियों में से 222 को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है जबकि 62 प्रशिक्षणरत है।जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री भारती दासन, कौशल विकास विभाग के संचालक श्री विजय दयाराम के., बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं के लोग उपस्थित थे।
- -उद्योगों को अधिकतम प्रोत्साहन देने हेतु नई औद्योगिक नीति में है विशेष प्रावधान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-बस्तर संभाग के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता: श्री साय-वन संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करके हम स्थानीय लोगों को बना सकते हैं समृद्ध: मुख्यमंत्री-बस्तर संभाग से लगभग 102 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का निर्यात, लौह अयस्क की हिस्सेदारी सर्वाधिक-विकसित बस्तर की ओर का रोडमैप तैयार करने के लिए भूमि बैंक प्रबंधन को मजबूत करना और व्यापार को आसान बनाना शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। आज जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में बस्तर संभाग के विकास में उद्योगों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा की नई औद्योगिक नीति के तहत बस्तर संभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ खनिज आधारित, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन उद्योगों की असीमित संभावनाओं को साकार करने का रोडमैप तैयार किया गया है।बस्तर के औद्योगिक परिदृश्य को देखें तो वर्तमान में बस्तर संभाग में 690 MSME इकाइयाँ संचालित हैं। बस्तर संभाग के 3 प्रमुख सेक्टर्स में चावल मिल, ईंट निर्माण और धातु निर्माण उद्योग शामिल हैं। एनएमडीसी माइनिंग, एनएमडीसी स्टील, एस्सार, ब्रज इस्पात और ए एम एन एस इंडिया जैसी प्रमुख कंपनियाँ यहाँ स्थापित हैं। संभाग से लगभग 102 करोड़ रुपये का निर्यात होता है, जिसमें लौह अयस्क की हिस्सेदारी सर्वाधिक है।विकसित बस्तर की ओर बढ़ने के लिए औद्योगिक नीति 2024-30 के अनुसार बस्तर संभाग के विकास के लिए 32 में से 28 विकासखंडों को समूह 3 के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है, ताकि उद्योगों को अधिकतम प्रोत्साहन मिले। इस्पात उद्योग के लिए 15 वर्षों तक रॉयल्टी प्रतिपूर्ति का प्रबंध है।विकास की मुख्य धारा में बस्तर को जोड़ने के लिए नई औद्यौगिक नीति में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने के लिए रोजगार सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे 5 वर्षों तक शुद्ध वेतन का 40% का प्रावधान है। अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए 10% अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है। युवाओं के लिए प्रशिक्षण व्यय प्रतिपूर्ति तथा मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है जिसमे अनुसूचित जाति/जनजाति और नक्सलवाद प्रभावित व्यक्तियों द्वारा स्थापित नए MSME के लिए 25% तक कि सब्सिडी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में विकसित बस्तर की ओर का रोडमैप तैयार करने के लिए भूमि बैंक प्रबंधन को मजबूत करना और व्यापार को आसान बनाना शामिल है। स्थानीय उद्योगों (वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प) के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, विशेष रूप से जनजातीय युवाओं और महिला उद्यमिता पर फोकस किया जा रहा है। इस्पात, धातु प्रसंस्करण, कृषि, वनोपज आधारित उद्योग और हर्बल-औषधीय उत्पादों के लिए क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में सभी मौसमों के लिए उपयुक्त सड़कों का निर्माण और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ एकीकरण का काम हो रहा है। स्टार्टअप्स के लिए समर्थन हेतु नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ संचालित की जा रही है।इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आने वाले समय में पूरी तरह से शांति कायम हो जाएगी और नक्सलवाद का पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा ताकि विकसित बस्तर की ओर हम बढ़ सकें। यहां उद्योग के लिए उचित वातावरण है और हमने उद्योगों लिए नई औद्यौगिक नीति में विशेष प्रावधान भी किए है।श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं, महिलाओं और नक्सलवाद प्रभावित लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करना हमारी प्राथमिकता है। यह नीति बस्तर को औद्योगिक और आर्थिक समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि वन संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करके हम स्थानीय लोगों को समृद्ध बना सकते है और हमारी सरकार महुआ आधारित उद्योग पर भी विशेष ध्यान देगी।जगदलपुर में आयोजित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संबंधित विभागों के सचिव, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य, बस्तर संभाग में स्थापित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में 'विकसित बस्तर की ओर' परिचर्चा में बस्तर अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने कार्ययोजना को साकार करने के दिए निर्देश-आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की दी जाएगी जानकारीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलता है, को देशभर में और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर बल दिया। उनका कहना था कि इस प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सव को वैश्विक पहचान मिलनी चाहिए और आने वाले दशहरे की तैयारी इस दृष्टिकोण से की जाए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी पर्यटन सीजन के बीच आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी योजनाओं की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र को पर्यटन में भागीदार बनाना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन सर्किट विकसित करने की बात कही ताकि पर्यटकों को एक बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से होमस्टे के प्रचार-प्रसार के लिए नए कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटक होमस्टे में रुचि रखते हैं और यह आदिवासी समाज के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के सदस्यों को पर्यटन से होने वाले लाभों पर भी चर्चा की और कहा कि यह क्षेत्र विकास के नए अवसरों से लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर का पर्यटन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय धरोहर और सांस्कृतिक जीवंतता का खजाना है, जो इसे पर्यटन के लिए एक अनोखा और विशिष्ट क्षेत्र बनाता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और प्राचीन गुफाओं जैसे आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अद्भुत परिदृश्य और समृद्ध जैव विविधता प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में पर्यटन के विकास और वृहद रोडमैप बनाने हेतु गहन मंथन के दौरान यह बात कही। जगदलपुर में आयोजित विकसित बस्तर की ओर परिचर्चा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, श्री विनायक गोयल, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, पर्यटन विभाग के सचिव अलबनगन पी., पर्यटन विभाग के एमडी श्री विवेक आचार्य, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाएगा। इसकी अभी से तैयारी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे बस्तर की पहचान बनेगी। सितम्बर से मार्च का मौसम बेहतर होता है।इसे पर्यटन के लिए विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि अब पर्यटन क्षेत्र में ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र और समुदाय की भागीदारी बढ़ाए। गाइड प्रशिक्षण की व्यवस्था हो। होम स्टे को प्रचार प्रसार हो।इसका लाभ उठाएं स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलता है। सभी के बेहतर सुझाव से पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर को आगे बढ़ाएंगे।परिचर्चा में पर्यटन स्थलों के जुड़ाव, ब्रांडिंग और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि पर्यटक जीवंत जनजातीय गांवों का भ्रमण कर सकते हैं, बस्तर दशहरा जैसे पारंपरिक त्योहारों का अनुभव कर सकते हैं और स्थानीय शिल्प तथा व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। इको-पर्यटन, जनजातीय पर्यटन और दंतेश्वरी मंदिर जैसे आध्यात्मिक स्थलों के समन्वय के साथ बस्तर एक अनोखा और गहन यात्रा अनुभव प्रदान करता है। ब्रांडिंग और प्रचार के तहत ट्रैवल ट्रेड फेयर (TTF) के माध्यम से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जाएगी। पर्यटन सूचना केंद्र (TIC) पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, जगदलपुर, अरकू सिटी और भुवनेश्वर के हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे ताकि पर्यटकों को आवश्यक जानकारी मिल सके। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे पड़ोसी राज्यों के यात्रा और पर्यटन ऑपरेटरों तथा होटल व्यवसायियों के साथ साझेदारी को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की दृश्यता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए निजी एजेंसियों के सहयोग से गूगल मैपिंग सेवाओं में सुधार किया जाएगा। साथ ही जगदलपुर के दलपत सागर में वार्षिक नाव दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यटन विशेषज्ञों और प्रमोटरों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि दृश्यता और जुड़ाव को बढ़ाया जा सके। विश्वभर के टूर और ट्रैवल ऑपरेटरों के बीच क्षेत्र की पर्यटन समृद्धि के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे प्रदर्शित करने के लिए परिचयात्मक (FAM) यात्राएँ और रोड शो आयोजित किए जाएंगे। ये यात्राएँ टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायियों को क्षेत्र का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करेंगी, जबकि स्थानीय टूर ऑपरेटरों को भी वैश्विक रोड शो में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा देना है। साथ ही कुटुमसर गुफाएँ और चित्रकोट जलप्रपात जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए केशलूर के आगे की सड़कों के सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है। बस्तर को हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और अरकू जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली ट्रेन सेवाओं के सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिजली की आपूर्ति जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चित्रकोट में पैराग्लाइडिंग, रैपेलिंग और ज़िपलाइनिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स की गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा ताकि रोमांच प्रेमियों को आकर्षित किया जा सके।बैठक में बताया गया कि टैक्सी ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए जाएंगे ताकि उनकी कौशल और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी में सुधार हो सके। साथ ही, पर्यटन गाइडों के लिए अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि बहुभाषी पर्यटन गाइड विकसित किए जा सकें। पर्यटक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में शामिल किया जा सके। पर्यटन सूचना केंद्रों के कर्मचारियों के सॉफ्ट स्किल्स में सुधार के लिए विभाग द्वारा एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को ग्राहक सेवा, संवाद कौशल और समस्या समाधान क्षमताओं में दक्ष बनाना है ताकि वे पर्यटकों को बेहतर सेवा प्रदान कर सकें। पर्यटकों के लिए जनजातीय संस्कृति और सतत जीवनशैली का अनुभव बढ़ाने हेतु विभाग होमस्टे नीति 2025 के अंतर्गत होमस्टे की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देगा। नई छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2025, जो शीघ्र प्रकाशित की जाएगी, के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य राज्य को वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य का गढ़ के रूप में स्थापित करना है। हमारा मिशन राज्य की असाधारण इको-एथनिक पेशकशों को प्रदर्शित करना है, जिससे आगंतुकों और हमारी भूमि के जीवंत जीवन के बीच संबंध स्थापित हो सके। हम एक ऐसे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो न केवल सभी के लिए सुलभ हो बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हमारे कीमती पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक हो।पर्यटन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभाग मौजूदा पर्यटन संपत्तियों को निजी होटल व्यवसायियों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लीज पर देने की योजना बनाएगा। पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने हेतु विभाग टैक्सी दरों को नियमित करेगा और एक समान दरें निर्धारित की जाएंगी। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि सभी टैक्सी सेवाएँ पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण के आधार पर संचालित हों।भविष्य की योजना के तहत कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, स्थानीय प्रवास पथों और दैनिक एवं मौसमी गतिविधि पैटर्न का सटीक आकलन करने के लिए पहाड़ी मैना पक्षी की सैटेलाइट टेलीमेट्री टैगिंग की जाएगी। पर्यटकों और स्थानीय समुदायों के लिए बफर जोन और आसपास के गांवों में मानसून पैकेज टूर विकसित किए जाएंगे। मांझीपाल, नागलसर, नेतानार, तीरथगढ़, कामानार में नए आदिवासी होमस्टे परियोजनाओं का क्रियान्वयन चक्रीय निधि से प्रस्तावित है। निजी टूर संगठनों, होटल व्यवसायियों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग कर कम प्रभाव वाले सतत पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।पर्यटकों को आकर्षित करने और स्थानीय लोगों के लिए अधिक रोजगार सृजन के लिए तीरथगढ़ जलप्रपात के पास कांच के पुल के निर्माण हेतु चक्रीय निधि से लगभग 6 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। ग्राम पेदावाड़ में होमस्टे सह परंपरागत हीलिंग सेंटर के क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य योजना मद में लगभग 40 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग ने वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर और विवरणी जमा करने दी 30 दिनों की विशेष छूट-सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विभाग ने जारी किया परिपत्रबिलासपुर. . राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर और विवरणी जमा करने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान की है। अब ये 30 अप्रैल 2025 तक जमा किए जा सकते हैं। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है।नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र में कहा है कि नगरीय निकायों में संपत्तिकर तथा विवरणी जमा करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित है। इस वर्ष भी संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोकसभा निर्वाचन कार्य, निकायों का परिसीमन कार्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तथा स्थानीय निकायों के निर्वाचन आदि में आचार संहिता भी प्रभावी रही। इन कार्यों में निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी संलग्न रहे। फलस्वरूप राजस्व आय संग्रहण की कार्यवाही प्रभावित हुई है।विभाग ने राजस्व संग्रहण के कार्यों के प्रभावित होने के मद्देनजर वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि में 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान करते हुए इसके लिए 30 अप्रैल 2025 की अंतिम तिथि निर्धारित की है। नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर संपत्ति कर संग्रहण करने एवं नागरिकों को ऑनलाइन (Online) भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों में इनका अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कर संग्रहण के लिए किए गए कार्यों से शासन को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।
- -मुख्यमंत्री सचिवालय कर रहा अभियान की मॉनीटरिंग-आवेदनों के सार्थक निराकरण पर कलेक्टर ने दिया जोर-मांग और शिकायत के 1.94 लाख मिले हैं आवेदन-राज्य सरकार के प्राथमिकता वाली योजनाओं की बैठक में समीक्षाबिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण ने आज टीएल की बैठक में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। तिहार के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्र मिलाकर जिले में 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। उन्होंने एक-एक आवेदनों को अच्छी तरह से पढ़ समझकर और योजनाबद्ध तरीके से उनके सार्थक निराकरण करने अधिकारियों से कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का यह सर्वोच्च प्राथमिकता का अभियान है। अधिकारी इसे कदापि हल्के में ना लें। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। यथासंभव आवेदनकर्ता को निराकरण की सूचना भी दिया जाए। कलेक्टर ने विभागवार मिले आवेदनों की टीएल बैठक में व्यौरा दिया और इनके परिणाम मूलक निराकरण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण के अंतर्गत आवेदनों के निराकरण का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने अगले 15 दिवस में सभी आवेदनों का निराकरण कर लेने को कहा है। इसके बाद 5 मई से 31 मई तक पंचायतांे के समूह के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सबके सामने निराकरण की स्थिति से आम जनता को बताया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों को प्राप्त शिकायतों और मांग से संबंधित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराया जायेगा।बाकायदा इसकी पावती भी रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतों का निराकरण तो कार्यालय स्तर पर किया जा सकता है, लेकिन कुछ के निराकरण में फिल्ड स्तर पर दौरे की भी जरूरत पड़ सकती है। शिकायतों की जांच में आवेदकों को विश्वास में लेकर जांच कराएं। यदि उपलब्ध नहीं हों तो फोन पर जरूर उन्हें सूचित किया जाये। त्रुटि से यदि कोई आवेदन किसी अन्य विभाग को चला गया हो तो उसे तत्काल संबंधित विभाग को फारवर्ड कर दिया जाए ताकि निराकरण में अनावश्यक विलंब ना हो।कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निराकरण की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर का मोबाईल एप्प विकसित किया जा रहा है। बायोमेट्रिक से एडवांस स्तर का होगा। चेम्बर में अपने टेबल पर बैठेंगे तभी यह रीड करेगा। जिनका अंगूठा की रेखाएं घिस गई हों तो फेस रिकगनिशन तकनीक से यह पकड़ लेगा। इसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। ये एप्प कार्यालय के 10 मीटर से बाहर काम नहीं करेगा। घर पर बैठकर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेगा। कलेक्टर ने बैठक में गरमी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी की समीक्षा की। बताया गया कि खूंटाघाट जलाशय से 91 गांवों के 222 तालाब भर लिए गए हैं। फिलहाल 37 फीसदी जल भराव खूंटाधाट में उपलब्ध है। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं को और तेज गति से प्रगति लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी बहुत शिकायतें रहती हैं, उनकी समय रहते जांच अपने स्तर पर कर लिया जाये अन्यथा समाधान शिविरों में अप्रिय स्थिति पैदा हो जाती है।
- -सबसे ज्यादा 54 हजार आवेदन मस्तुरी सेबिलासपुर, / सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में 1 लाख 94 हजार 620 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1 लाख 81 हजार 529 ग्रामीण क्षेत्र से और 13 हजार 91 आवेदन शहरी इलाकों से शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत सबसे ज्यादा आवेदन 54 हजार 985 मस्तुरी विकासखण्ड से हैं। बिल्हा विकासखण्ड से 49 हजार 685, तखतपुर से 48 हजार 878 और कोटा विकासखण्ड में सबसे कम 27 हजार 981 आवेदन मिले हैं। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 9 हजार 623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजनावार मिले आवेदनों के संबंध में बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रिकार्ड 53 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उज्ज्वला योजना के 4886, सामाजिक सुरक्षा पेंशन 2631, राशन कार्ड 2306, स्वच्छता 2295, राहत 1910, अतिक्रमण 1619, वृद्धावस्था सहायता 1536, सीमांकन बटवारा 1464, भूमि सुधार 1018, ट्रांसफार्मर एवं खम्भों की मांग, 935, आंगनबाड़ी भवन एवं केन्द्र 918, भूमि की मांग 776, हैण्डपम्प की मांग 690, ऋण पुस्तिका की मांग 578, वन अधिकार पट्टे की शिकायत 424 सहित अन्य कई विभागीय मांग शामिल हैं।
- -संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग स्तरीय समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा कीदुर्ग / दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने कहा कि अधिकारी सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रथम चरण में विभागों को प्राप्त लोगों की समस्या संबंधी आवेदनों का गुणवत्तापूर्वक व सही ढ़ंग से समयावधि में निराकरण करना सुनिश्चित करें। शासन स्तर की मांगे होने पर ऐसे प्रकरणों को विधिवत् विभागीय माध्यम से शासन को पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन खारिज करना है तो इसका कारण बताना होगा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने आज संभाग आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में संभाग स्तरीय अधिकारियों की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में उक्त बाते कही। उन्होंने विगत दिवस सुप्रीम कोर्ट कमिटी ऑन रोड सेफ्टी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे द्वारा जिला अधिकारियों की बैठक का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि जिला अधिकारियों की बैठक में न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस पर नियंत्रण हेतु विभागीय अधिकारियों को आवश्यक पहल करने निर्देशित किया है। सभी संभागीय अधिकारी निर्देश का अधिनस्थ कार्यालयों के माध्यम से पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी की गाड़ियों के लिए निर्धारित रेस्ट एरिया को फंक्शनल कर प्रारंभ कराने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया। उन्होंने संयुक्त संचालक शिक्षा को शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास मादक पदार्थों की ब्रिकी पर रोकथाम हेतु कोटपा एक्ट के तहत संबंधित विभागों के माध्यम से प्रभावी पहल करने कहा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग में जल जीवन मिशन की स्थिती की भी जानकारी ली। अधीक्षण अभियंता पीएचई ने बताया कि संभाग में 24 समूह जलप्रदाय योजना निर्माणाधीन है, 20 योजनाओं के 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके है। इस योजना से संभाग 4315 गांवों में 990 गांव कव्हर हो रहे है। संभाग आयुक्त ने संभाग के जलाशयों में जल भराव की स्थिति की जानकारी लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारी को चालू सत्र और आने वाले वर्षों के लिए पानी की विशेषकर पेय जल व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभाग के पंचायतों को प्राथमिक सहकारी समिति से जोड़ने की जानकारी देते हुए संयुक्त आयुक्त सहकारिता को पंचायतों को प्राथमिकता के साथ मत्स्य और वनोपज समिति से जोड़ने के निर्देश दिए। संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने अवगत कराया कि संभाग के 1094 ग्राम पंचायतों को प्राथमिक सहकारी समिति से कव्हर्ड कर लिया गया है। संभाग आयुक्त ने दुर्ग जिले के कोटनी नगपुरा के मध्य शिवनाथ नदी और खैरागढ़ जिले के आमनेर नदी में निर्माणाधीन सेतु की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कोटनी नगपुरा के मध्य शिवनाथ नदी सेतु निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। एप्रोच रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार खैरागढ़ जिले की आमनेर नदी में निर्माणाधीन सेतु के लिए रिटेंडर कार्य पूर्ण हो चुका है। नई निर्माण एजेंसी द्वारा शेष निर्माण कार्य शीर्घ पूर्ण किया जाएगा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने संभाग स्तरीय अधिकारियों से अधिनस्थ कार्यालयों में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों एवं वाहन चालकों आदि जिन्हें शासन द्वारा वर्दी प्रदाय की जा रही है वे नियमित ड्रेस कोड व नाम पट्टिका के साथ कार्यालय आना सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने इस पर अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक ध्यान देने कहा। संभाग आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों द्वारा कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण के दौरान चतुर्थ वर्ग कर्मचारी ड्रेस कोड में नहीं पाए गए तो संबंधित कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे। ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुम लाल यादव सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना नई रेलवे लाइन में प्रभावित पाटन अनुभाग के सम्मिलित ग्राम-ठकुराईनटोला, बठेना, देमार अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह, फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग के सम्मिलित ग्राम घुघसीडीह, खोपली, बोरीगारका, पुरई, कोकड़ी, कोड़िया, भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, बिरेझर, थनौद कुल 23 ग्रामों के निजी भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री आदि को प्रभावित ग्रामीणों के हितों की रक्षा और परियोजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायीरूप से प्रतिबंधित किया है। ज्ञात हो कि उप मुख्य अभियंता/निर्माण, बिलासपुर, द.पू.म.रेलवे, बिलासपुर के अनुसार खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा परियोजना अन्तर्गत नई रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है। उक्त रेलवे लाईन के निर्माण में जिले के पाटन अनुभाग के ग्राम-ठकुराईनटोला, बठेना देमार, अरसनारा, नवागांव, देवादा, सांतरा, मानिकचौरी, बोहारडीह फेकारी, धौराभाठा तथा दुर्ग अनुभाग अन्तर्गत ग्राम घुघसीडीह खोपली, बोरीगारका पुरई, कोकडी, कोडिया भानपुरी, चंदखुरी, कोनारी, चंगोरी, विरेझर, धनौद सहित कुल 23 ग्रामों की निजी एवं शासकीय भूमि प्रभावित होगी। प्रस्तावित रेलवे लाईन की जानकारी होने के बावजूद कुछ लोग और दलाल बिना किसी वैध अनुमति या कानूनी जांच के जमीन के लेन-देन में लिप्त हो जाते है। इससे न केवल ग्रामीणों को भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बल्कि इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजना के क्रियान्वयन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। उक्त रेलवे लाइन के अभिसरण क्षेत्र में आने वाली सभी भूमियों की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने हेतु अनुरोध किया गया।उल्लेख है कि अर्जन के अधीन भूमि का बटांकन, छोटे टुकड़ों में अंतरण एवं प्रयोजन में परिवर्तन के कारण भूमि अर्जन की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस प्रक्रिया में मूल भूमिस्वामी को समुचित लाभ होने के बजाय भूमि की खरीद-बिक्री में संलिप्त बिचौलियों और भू-माफियाओं द्वारा लाभ अर्जित किया गया है। साथ ही भूमि के अवैधानिक अंतरण के कारण शासन को अनावश्यक आर्थिक क्षति होने के अलावा वाद कारणों की बहुलता के परिणामस्वरूप सार्वजनिक हितों के परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब होता है। अतः भूमि-अर्जन प्रक्रिया के अधीन भूमि के बेहतर प्रशासन के लिये तत्काल आवश्यक कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता को देखते हुये किसी भी विधि के अधीन अपेक्षक निकाय से प्राप्त प्रस्ताव या भू-अर्जन की प्रक्रिया में जारी किसी अधिसूचना या खनन के लिये जारी किसी आशय पत्र प्राप्ति के उपरांत उक्त भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन कलेक्टर की लिखित अनुज्ञा के बिना नहीं किये जाने तथा भूमि के खसरा के कालम-12 में इसकी समुचित प्रविष्टि तत्काल की जाने के निर्देश प्राप्त हुए थे। तदुपरांत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 छ.ग. राजपत्र में प्रकाशन द्वारा धारा 165, 172 एवं 178-ख के संशोधित प्रावधानों के अनुसार अपेक्षक निकाय से प्रस्ताव प्राप्त होने के पश्चात या अर्जन हेतु अधिसूचना जारी होने के पश्चात भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन प्रतिषिद्ध किया गया है। अतः उपरोक्त ग्रामों में किसी भी प्रकार का खाता विभाजन, अंतरण, व्यपवर्तन, खरीदी-बिक्री के संबंध में हितबद्ध/प्रभावित व्यक्ति अथवा पक्षकार, कलेक्टर के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्तुत अभ्यावेदनों पर अपेक्षक निकाय से अभिमत प्राप्तकर उचित निर्णय लिया जाएगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- दुर्ग, / भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार श्रृंखला के तहत ’’पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री’’ पुरस्कारों के लिए वर्ष 2026 हेतु पात्र व्यक्तियों से ऑनलाईन नामांकन प्रस्ताव http://awards.gov.in पर 31 जुलाई 2025 तक आमंत्रित किया गया है। वर्ष 2026 में ’’पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री’’ पुरस्कार प्रदान करने हेतु निर्धारित पात्रता एवं मापदण्ड के अनुरूप ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। पद्म पुरस्कार देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार उत्कृष्ट कार्य करने वाले जैसे-कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, नागरिक सेवा, व्यापार और उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों सेवा के लिए प्रदाय किया जाता है, कोई भी व्यक्ति किसी जाति, व्यवसाय हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं।
- -समीक्षा बैठक लेकर जिले में विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों की उपस्थिति की एंट्री शत प्रतिशत सही एवं त्रुटिरहित ढंग से करने के दिए निर्देशबालोद ।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले में निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जिससे कि सभी जरूरतमंद लोगांे के शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े आज सर्किट हाउस बालोद में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर बालोद जिले में विभागीय योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। श्रीमती राजवाड़े ने जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों तथा सभी सेक्टर सुपरवाईजरों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर विभागीय कार्याें का सतत माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री जनमेजय महोबे, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव तथा नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिले में विभागीय कार्यों की क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन शासकीय अभिलेखों के अलावा धरातल पर भी परिलक्षित होनी चाहिए। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के अलावा बच्चों के दर्ज संख्या एवं उनकी उपस्थिति के आंकलन के संबंध में प्रारंभ किए गए पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री का कार्य शत प्रतिशत सही करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को निर्धारित समय में समुचित मात्रा मंे नाश्ता एवं भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को कुपोषण की रोकथाम हेतु भी जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। श्रीमती राजवाड़े ने कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिले में संचालित वृद्धाश्रम, प्रशामक गृह, घरौंदा, नशामुक्ति केन्द्र आदि की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वृद्धजनों को समय पर समुचित मात्रा में नाश्ता, भोजन आदि अन्य आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने इन स्थानों पर निवासरत लोगों की इलाज की भी समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने व्यवस्था के सुधार के संबंध में सख्त चेतावनी देते हुए विभागीय व्यवस्था में शीघ्र सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों का अवलोकन करने हेतु वे पुनः बालोद जिले के प्रवास पर आएंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कमी पाए जाने पर वह बिल्कुल भी क्षम्य नही होगा।बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने भी विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में महतारी वंदन योजना के अलावा पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।
- बिलासपुर, /छत्तीसगढ़ होमगार्ड विभाग से 1715 महिला नगर सैनिकों एवं 500 नगर सैनिकों के रिक्त पदों पर शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाईट https://firenoc.cg.gov.in पर उपलब्ध है। चयनित अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा व्यापम के द्वारा आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा में शामिल होने अभ्यर्थी अपना ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट https://vyapamcg.cgstate.gov.in पर 16 अप्रैल से 30 मई 2025 के शाम 5 बजे तक कर सकते हैं। विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्मतिथि डालकर अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाईट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा व्यापम के वेबसाईट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की होगी। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाईट पर पूर्व में जमा किये गये ऑनलाईन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।
- बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा अंतर्गत तिफरा के वार्ड क्रमांक 08 के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 08 में सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों के मूल्यांकन पश्चात् अंतिम सूची एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय बिल्हा एवं आयुक्त नगर पालिका निगम कार्यालय बिलासपुर के सूचना पटल पर चस्पा की गई है। इच्छुक आवेदिका 24 अप्रैल 2025 तक दावा-आपत्ति एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा में कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- बिलासपुर, /राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2023-24 में जारी विज्ञापन अनुसार रिक्त संविदा पदों का कौशल परीक्षा एवं मेरिट आधार पर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं रेडियोग्राफर, एक्स-रे टेक्नीशियन का अनंतिम व अंतिम चयनित एवं प्रतीक्षा सूची एवं कौशल/लिखित परीक्षा में प्राप्त अंक जारी किया गया है। जारी की गई सूची मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य कार्यालय के सूचना पटल एवं विभागीय वेबसाईट www.bilaspur.gov.in पर देखी जा सकती है।
- -बच्चों के उपस्थिति पंजी का किया अवलोकन, समय पर समुचित मात्रा में नाश्ता, भोजन आदि प्रदान करने के दिए निर्देश-मंत्री के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से बच्चे हुए अभिभूतबालोद । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम भरदा के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02, बालोद विकासखण्ड के ग्राम करकाभाट एवं जिला मुख्यालय बालोद के वार्ड क्रमांक 20 स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में पहुँचकर आंगनबाड़ी के क्रियान्वयन का अवलोकन किया। उन्होंने वहाँ बच्चों की उपस्थिति, उनकों मिलने वाले भोजन, पेयजल आदि की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आत्मीय बातचीत कर उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्र में मिलने वाले भोजन एवं नाश्ते के अलावा उनके मनोरंजन तथा पढ़ाई-लिखाई आदि के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को दुलारते हुए उन्हें चाॅकलेट भी प्रदान किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। इस दौरान श्रीमती राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केन्द्र में उपलब्ध भोजन एवं अन्य खाद्य सामग्रियों का निरीक्षण भी किया। श्रीमती राजवाड़े ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को समय पर भोजन, नाश्ता आदि प्रदान करने तथा कुपोषण की रोकथाम हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के कर्मचारियों से चर्चा कर आंगनबाड़ी केन्द्र के बेहतर क्रियान्वयन हेतु भी आवश्यक निर्देश दिए। इस मौके पर श्रीमती राजवाड़े ने बालोद विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र करकाभाट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को आंगनबाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की प्रबंध भी करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला मुख्यालय बालोद के पाररास स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजी का अवलोकन कर बच्चों की कुल उपस्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने वहाँ आंगनबाड़ी केन्द्र के बेहतर संचालन हेतु अधिकारी-कर्मचारियांे को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री जनमेजय महोबे सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
- -घरौंदा आश्रय गृह, प्रशामक देख-रेख गृह तथा एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के बेहतर संचालन हेतु दिए आवश्यक निर्देशबालोद ।समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज अपने बालोद प्रवास के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों के बेहतर संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला मुख्यालय स्थित घरौंदा आश्रय गृह, प्रशामक देख-रेख गृह तथा एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। श्रीमती राजवाड़े ने घरौदा आश्रय गृह में रसोई कक्ष, शयन कक्ष तथा बच्चों के मनोरंजन के लिए किए गए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आश्रय गृह के बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। इस दौरान उन्होंने बच्चों को फलों का वितरण भी किया। इसी तरह जिला मुख्यालय स्थित प्रशामक देख-रेख गृह में वृद्धोजनों से भी उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रशामक गृह में वृद्धजनों के रहने के लिए की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्रशामक गृह के शयन कक्ष, रसोई कक्ष तथा वृद्धजनों के समय-समय पर स्वास्थ्य जाँच आदि के संबंध में भी जानकारी ली तथा बीमार वृद्धजनों के इलाज की शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रशामक देख-रेख गृह के संचालनकर्ताओं को प्रशामक गृह के सुचारू संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।इस मौके पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 20 स्थित एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में भर्ती लोगों से बातचीत कर उन्हें नशापान से दूर रहकर रचनात्मक कार्यों में अपनी भागीदारी निभाने को कहा। उन्होंने पुनर्वास केन्द्र में कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का अलवोकन किया। उन्होंने एकीकृत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में शयन कक्ष, रसोई कक्ष तथा अन्य केन्द्र के संचालन हेतु की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सखी वन स्टाॅप सेंटर का भी औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने वहाँ उपलब्ध सुविधाओं, कार्यरत कर्मचारियांे तथा विभिन्न प्रकरणों की स्थिति के संबंध में सखी वन स्टाॅप सेेंटर के संचालिका से जानकारी ली। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक श्री जनमेजय महोबे, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
- बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में मदिरा दुकानों के अहाता आवंटन की कार्यवाही संपन्न हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिये बिलासपुर जिले की 66 देशी,विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा दुकानों में से 36 मदिरा दुकानों के संलग्न अहाता/अहातों के समूह हेतु लाईसेंस धारियों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अहातों की अनुज्ञप्ति हेतु 36 मदिरा दुकानों में से 27 मंदिरा दुकानों हेतु कुल 82 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों में से उच्चतम बोली लगाने वाले आवेदक का चयन किया गया। चयनित आवेदकों को 02 दिवस के भीतर निर्धारित राशि जमा करनी होगी। शेष 9 मदिरा दुकानों के अहातों हेतु आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए । उनके व्यवस्थापन हेतु आगामी तिथि आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा नियत की जावेगी। चयन प्रक्रिया की कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी समीर मिश्रा, कल्पना राठौर, छबि लाल पटेल एवं आबकारी उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला, रमेश दुबे, ऐश्वर्या मिंज, नेतराम बंजारे, भूपेन्द्र जामडे एवं अन्य स्टॉफ भी उपस्थित थे।
- -आवासहीन एवं कच्चे मकान वाले परिवारों के सर्वेक्षण का विशेष अभियान-पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं हितग्राहियों के घर पहंुचकर किया सर्वे-राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियानरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बस्तर जिले के ग्राम घाटपदमपुर से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए प्रदेशव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री इस दौरान उन्होंने घाटपदमपुर के कई हितग्राहियों के घर पहुंचकर स्वयं सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम घाटपदमपुर आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी और नवनिर्मित घरों को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने किया पात्र परिवारों का सर्वेमुख्यमंत्री श्री साय जब हितग्राही श्रीमती शिलोमणि कश्यप एवं श्रीमती करुणा कश्यप के घर पहुंचे तब परिवारजनों ने उनका परंपरागत रूप से आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं पति हरिसिंह, बेटा अभिनव जो 9वीं कक्षा में पढ़ता है, बेटी अनुप्रिया (8वीं कक्षा) और छोटा बेटा अभिषेक जो तीसरी कक्षा में है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहा था, जो अब इस योजना के तहत पूरा होता नजर आ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव की एक अन्य हितग्राही श्रीमती लूदरी कश्यप के घर का भी सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्वयं ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। इस दौरान लूदरी कश्यप ने भावुक होकर कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना देखा था, आज वह साकार होता दिख रहा है। यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। लूदरी कश्यप ने यह भी साझा किया कि बरसात के दिनों में कच्चे घर में सांप का डर और घर की मरम्मत पर होने वाले खर्च से वे परेशान रहती थीं। उन्होंने कहा कि अब इस योजना से उन्हें इन सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।श्रीमती लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके साथ पति श्री मनबोध कश्यप, बहू श्रीमती करुणा कश्यप, पुत्र श्री ईश्वर कश्यप और पोता रहते हैं। लूदरी कश्यप ने कहा कि उनका पूरा परिवार मजदूरी पर निर्भर है और सीमित आय के चलते पक्के मकान का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उनका एक सुरक्षित और स्थायी पक्का मकान का सपना जल्द ही पूरा होगा। ग्राम पंचायत घाटपदमपुर की कुल जनसंख्या 2,078 है, जिसमें वर्तमान में 583 परिवार निवासरत हैं। इस पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पूर्व में स्थायी प्रतीक्षा सूची के आधार पर 11 परिवारों को आवास की स्वीकृति दी गई थी, जिनके मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।महतारी वंदन योजना बनी सहारामुख्यमंत्री श्री साय को ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए भी कुछ बचत कर पा रहे हैं।हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -राज्यपाल की पहल से हुआ ऐतिहासिक चुनावरायपुर, /छत्तीसगढ़ के सामाजिक और मानवीय सेवा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका की प्रेरणादायी पहल पर पहली बार छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न हुआ है। यह कदम न केवल रेड क्रॉस सोसाइटी को नई दिशा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर कोने में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।छत्तीसगढ़ के गठन को 24 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन रेड क्रॉस सोसाइटी के लिए यह पहला मौका है जब लोकतांत्रिक तरीके से इसके पदाधिकारियों का चयन हुआ। इस ऐतिहासिक चुनाव ने पूरे राज्य में उत्साह की लहर पैदा कर दी है। रायपुर से लेकर दुर्ग, बिलासपुर से लेकर बस्तर तक, रेड क्रॉस से जुड़े स्वयंसेवकों और समाजसेवियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में अध्यक्ष टोमन साहू (बालोद), उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही (जशपुर) और कोषाध्यक्ष संजय पटेल (बलौदाबाजार) शामिल हैं। इन नेतृत्वकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी को समाजसेवा और मानवीय कार्यों में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रेड क्रॉस सोसाइटी को एक सशक्त और पारदर्शी संस्था बनाने का संकल्प लिया है। उनकी यह पहल न केवल संस्था को नई पहचान दे रही है, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचाने का भी मार्ग प्रशस्त कर रही है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और समावेशी बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न जिलों से योग्य प्रतिनिधियों का चयन हुआ।राज्यपाल ने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। यह चुनाव छत्तीसगढ़ में समाजसेवा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी और स्वयंसेवक मिलकर जरूरतमंदों के लिए एक मजबूत सहारा बनेंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 4 अप्रैल 2001 को हुई थी। इसका मुख्यालय रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर में स्थित है। विगत दो दशकों में यह संस्था आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है। चाहे बाढ़ हो, सूखा हो, या महामारी, रेड क्रॉस के स्वयंसेवक हमेशा सबसे आगे रहकर लोगों की मदद करते हैं। संस्था का मूल मंत्र है- “सेवा, सहायता, और समर्पण”। इसके तहत रेड क्रॉस निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय है- बाढ़, भूकंप, या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता प्रदान करना, स्वास्थ्य सेवाओं के तहत रक्तदान शिविर, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, और टीकाकरण अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सड़क सुरक्षा, जागरूकता अभियान और प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, कमजोर समुदायों की सहायता, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और आजीविका के लिए सहयोग करना इस संस्था के प्रमुख कार्य हैं।छत्तीसगढ़ में रेड क्रॉस की उपलब्धियांछत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी ने कई मौकों पर अपनी सेवा की मिसाल कायम की है। कोविड-19 महामारी के दौरान स्वयंसेवकों ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां, और भोजन वितरण में अहम भूमिका निभाई। बस्तर और सरगुजा जैसे सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों को लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा, रक्तदान शिविरों के जरिए हर साल सैकड़ों लोगों की जान बचाई जाती है। संस्था ने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएं भी चलाई हैं। जैसे, बस्तर में महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण और सरगुजा में स्कूली बच्चों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम। ये प्रयास न केवल सामाजिक विकास को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
नई चुनौतियां, नई संभावनाएंनवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने कई चुनौतियां और अवसर हैं। छत्तीसगढ़ जैसे विविधतापूर्ण राज्य में हर जिले की अपनी विशेष जरूरतें हैं।रेड क्रॉस को हर गांव और हर जरूरतमंद तक पहुंचाना है। आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग से यह सुनिश्चित करना होगा कि हर मदद सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।स्वयंसेवकों का योगदान-रेड क्रॉस सोसाइटी की ताकत इसके स्वयंसेवक हैं। चाहे रायपुर की गलियां हों या दंतेवाड़ा के जंगल, स्वयंसेवक हर जगह अपनी सेवा से लोगों का दिल जीत रहे हैं। युवाओं में रेड क्रॉस के प्रति बढ़ती रुचि भी एक सकारात्मक संकेत है। संस्था समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करती है, जिसमें प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, और नेतृत्व कौशल सिखाया जाता है। रेड क्रॉस सोसाइटी न केवल आपदा में सहारा है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जो हमें मानवता की सेवा का अवसर देता है। - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के शिवनाथ इंटेकवेल में राॅ-वाटर जलशोधन संयंत्र में दुर्ग गंज पारा के सामने पाइप लाईन में लिकेज हो रहा था। जिसका संधारण का कार्य शुरू कर दिया गया है। जलशोधन संयंत्र में 1000 डाया का पाइप बिछा हुआ है। यह सबसे महत्वपूर्ण पाइप लाईन है, इसी के माध्यम से नगर निगम के 77 एम.एल.डी एवं 66 एम.एल.डी जलशोधन संयंत्र में पानी पहुंचाया जाता है। फिर वहां से शुद्विकरण करके पीने योग्य बनाया जाता है। तत्पश्चात निगम क्षेत्र के सभी बड़ी टंकियों को भरा जाता है, वहीं से सभी क्षेत्रों में पानी का वितरण किया जाता है। जब तक जलशोधन संयंत्र भरेगा नहीं तब तक पानी सप्लाई नहीं हो पाएगा।आज सुबह तड़के ही पाइप लाईन के लिए खुदाई शुरू हो गई है, निगम के जल विभाग का पुरा अमला लगा हुआ है। शीध्र से शीध्र कार्य को पूर्ण कराया जाएगा। सभी नागरिको से विनम्र अपील है कि अपने घरों में पानी को स्टोर करके रख लेवें। निगम द्वारा सभी क्षेत्रों में टेंकर से पानी पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। क्षेत्र बड़ा है आवश्यकता के अनुसार सभी क्षेत्रों में पानी पहुचाने का भरसक प्रयास किया जाएगा। सर्तकता तौर पर सभी लोग अपने घरों में पानी जरूर बचत करें।आज सुबह जब निगम के अधिकारी भ्रमण कर रहे थे, कृष्णा नगर में शांति बाई साहू को बोलते हुए सबने सुना कि मैं अपने बहु से बार-बार कहती हूॅ कि पानी को बर्बाद मत किया कर। हम लोग एक-एक गुंडी पानी के लिए तरसते थे, दूर से पानी लाते थे। लाइन लगाते थे तब जाकर पानी मिलता था। अब सबके घर में पानी आ गया है, कोई किमत नहीं समझता। अब निगम का पानी दो दिन नहीं आएगा तब पता चलेगा कि पानी का कितना मूल्य है। ऐसे मुफ्त का पानी समझकर कहीं भी गिराते है, नाली में बहता छोड़ देते है।
- भिलाईनगर। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी तांदुला जलाशय से नहर के लिए पानी छोड़ा गया है। जो बड़ी नहर से जुड़े हुए छोटे-छोटे नहर के माध्यम से निगम भिलाई क्षेत्र के छोटे बड़े लगभग 22 तालाब भरे जाते है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त येशा लहरे एवं अन्य अधिकारियों के साथ नहर पानी एवं अन्य निर्माण कार्य का निरीक्षण करने गए। नहर पानी की निकासी कैसे हो रही है, तालाबों तक बराबर पानी पहुंच रहा है की नहीं, रास्ते में अगर कहीं पर लिकेज है, तो उसे भी दूर किया जा रहा है। तालाबों के भर जाने से उस क्षेत्र का जल स्तर बढ़ जाता है, बोर में पानी आ जाता है और निस्तारी के लिए सबको पानी मिलने लगता है।हुड़को क्षेत्र से आने वाले नहर पानी से जोन-01 नेहरू नगर क्षेत्र के तालाब भरना शुरू हो गए है, जिसमें प्रमुख रूप से हुड़को तालाब, भेलवा तालाब नेहरू नगर, स्मृति नगर चैंकी तालाब, जुनवानी तालाब, खम्हरिया तालाब, आमा तालाब, शीतला मंदिर तालाब आदि तालाबों तक पानी पहुंच गया है। नगर निगम भिलाई द्वारा पूर्व में ही नहर नाली का सफाई करवाया गया था। जिससे पानी समुचित रूप से पहुंच सके, धीरे-धीरे तालाब भरते जायेगें। खुर्सीपार क्षेत्र से बड़े नहर से पानी आना शुरू हो गया है, उधर के भी तालाब भरे जा रहे है।क्षेत्र के निवासियों से अपील है कि नहर में पानी अधिक प्रवाह से बह रहा है, कोई भी व्यक्ति नहर में नहाने मत जावे और अपने साथ-साथ बच्चों का भी ध्यान रखें। आज खुर्सीपार के बड़े नहर में 7 साल का बच्चा कागज का टूकड़ा फेकने के लिए नीचे जा रहा था। आयुक्त की नजर पड़ी उसे तुरन्त हटाया गया। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सभी को सचेत रहने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, उपअभियंता अर्पित बंजारे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में पदोन्नति हेतु नियमित पद नहीं होने के कारण लम्बे अवधि से निगम के कुछ कर्मचारियो का पदोन्नति विगत 14 वर्षो से लंबित था। जैसे ही पद रिक्त हुआ आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर छानबीन समिति गठित की गई। सिन्यारटी एवं योग्यता को आधार मानते हुए 5 कर्मचारियो को पदोन्नत किया गया। आज पदोन्नत कर्मचारियो को आयुक्त द्वारा पदोन्नति पत्र प्रदान किया गया। राजस्व निरीक्षक अनिल मेश्राम को सहायक राजस्व अधिकारी, चैकीदार शशिभूषण मोहंती को सहायक ग्रेड-3, संतराम देवांगन, दिनेश बेलचंदन एवं कोमल पटेल को चैकीदार पद से पदोन्नत करते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक बनाया गया।वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल से सभी कर्मचारियो को शुभकामना देते हुए उनसे अपने पदोन्नत पद के अनुरूप अच्छे से कार्य करने के लिए कहे। यह भी बताए की जो भी नागरिक निगम में काम लेकर आते है, उनसे अच्छे से व्यवहार करना है, सबकी समस्या को सूनना है और अपने से जो हो सके शीध्र निराकरण करें। जो नहीं हो सकता है उससे उच्च अधिकारियो को अवगत करावें, यह पहल सबको करना है। आयुक्त श्री पाण्डेय ने स्थापना अधीक्षक रिता चतुर्वेदी को निर्देश दिए है कि अन्य किसी कर्मचारी का पदोन्नति या अनुकंपा नियुक्ति लंबित है, तो सभी प्रकरणो को शीध्रता से प्रस्तुत किया जावे। जिससे समय अवधि में सबका निवारण किया जा सके।


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