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रायपुर, /भारत सरकार आयुष मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत वर्ष 2023-24 राष्ट्रीय कार्यक्रम सुप्रजा सचालित किया जा रहा है।
सुप्रजा कार्यक्रम गर्भवती, नवजात शिशु की देखभाल एवं सुरक्षा हेतु प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में राज्य के 06 जिलों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, धमतरी) के कुल 28 संस्थाओं में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को भारत सरकार की गाईडलाइन के तहत गतिविधियों जैसे प्रतिमाह गर्भवती जांच, शिशु विकास परीक्षण, गर्भवती महिलाओं को शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। उत्तम गुणयुक्त संतान प्राप्ति के लिए गर्भसंस्कार करवाया जा रहा है। गर्भावस्था अनुरूप आहार-विहार संबंधित सलाह (प्रत्येक माह अनुसार आयुर्वेद आहार) तथा प्रत्येक गर्मीणी को गर्भावस्था में किये जाने वाली उपयोगी योगासन की जानकारी योग प्रशिक्षक एवं आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा दी जा रही है। ज्यादा से ज्यादा गर्मीणी महिला योग का लाभ ले सके इसलिए आयुष संस्थाओं में योगसत्र का आयोजन भी किया जा रहा है। गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को आयुर्वेद औषधियां निःशुल्क प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भावस्था की जटिलताएं कम हुई हैं। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी की संख्या घट रही है। जननी एवं नवजात शिशु की प्रसवोत्तर 06 माह तक चिकित्सक द्वारा फॉलोअप किया जा रहा है तथा नवजात शिशु को स्तनपान करवाने हेतु जननी को सलाह दी जा रही है।अब तक सुप्रजा कार्यक्रम के तहत विगत 05 माह में चिन्हांकित 28 संस्थाओं में लगभग 945 गर्भिणी महिलाओं ने लाभ प्राप्त किया है। गर्भवती माताओं में आयुर्वेदिक जीवनशैली तथा गर्भ की देखभाल के प्रति रुझान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए छत्तीसगढ़ आयुष संचालक इफ्फत आरा के आदेशानुरूप सुप्रजा कार्यक्रम के द्वितीय चरण में 20 अन्य संस्थाओं में भी यह कार्यकम राष्ट्रीय संचालित करने की योजना है। - -जिला कार्यालयों में सुचारू रूप से संचालित होने लगा दैनिक कार्य-ग्रामीण भी आवेदन लेकर पहुंच रहे कार्यालयों में-कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 11 हितग्राहियों को तत्काल जारी किया गया नया राशन कार्डरायपुर / बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में बीते दिनों हुई आगजनी की घटना के बाद अब जिले में शांति का वातावरण है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री सोनी के निर्देश पर आज 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। वहीं दो दिनों में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।बालौदाबाजार जिले के कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने आज यहां बताया कि जिले में कलेक्टोरेट (कम्पोजिट बिल्डिंग) में आगजनी की घटना के बाद एक ओर जहां रेस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाई गई है, वहीं दूसरी ओर दूर दराज से कामकाज के सिलसिले में ग्रामीण आवेदन लेकर जिला कार्यालय पहुंच रहे है। कलेक्टर ने बताया कि आज खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवदेक राशन संबधित कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवीनकरण राशन कार्ड प्रदान किया गया।कलेक्टर श्री सोनी ने इस दौरान ग्रामीणों का हालचाल पूछा और कामकाज के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण कविता बाई ने महिला समूह से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई जिस पर कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि हम आने वाले दिनों में बिहान समूह का विस्तार करते हुए आजीविका गतिविधियों में तेजी लाएंगे और आपको समूह से जोड़कर आजीविका गतिविधियों से प्रशिक्षित भी करेंगे। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से श्रीमती दुर्गेश्वरी यादव, छाछी से श्रीमती प्रीति साहू, सेल से श्रीमती गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा, 8 नवीकरण राशन कार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। सभी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।इसी तरह ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे, जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने लोगों से छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप नवीन आधार कार्ड अपग्रेड करने के लिए प्रेरित किया।गौरतलब है कि कलेक्टर श्री दीपक सोनी आज सुबह 10 बजे जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियमित कामकाज करते हुए अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सोनी ने आमजनों से मुलाकात कर उनके आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।
- रायपुर, / निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई), 2009 के प्रभावी कियान्वयन हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठन का किया गया है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर सहित 9 सदस्यीय जिला स्तरीय समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत), आयुक्त, नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सहायक आयुक्त, आ.जा.क.वि.वि., जिला समन्वयक, मिशन संचालक, समग्र शिक्षा, एक प्राचार्य, एक पालक को सदस्य बनाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।जिला स्तरीय समिति का उत्तरदायित्व होगा कि जिलों में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों को उनकी शिक्षा पूरी होने तक विद्यालयों में बनाये रखने हेतु सतत प्रयास करेगा। विद्यालयों में आर.टी.ई. पोर्टल में लॉटरी के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करवाना एवं विद्यालयों में इन विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो यह सुनिश्चित करना। जिलों में संचालित सभी गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय आर.टी.ई. पोर्टल पर पंजीकृत हो यह सुनिश्चित करना।इसी प्रकार निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अन्तर्गत विद्यालयों के द्वारा विद्यार्थियों को स्कूल पाठ्यपुस्तकें, गणवेश एवं लेखन सामग्री विद्याथियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना है। इसका पालन सुनिश्चित करायें। जिला स्तरीय समिति नियमित रूप से समीक्षात्मक बैठकों का त्रैमासिक आयोजन करेगी तथा विद्यालयों के सघन निरीक्षण का तंत्र विकसित कर जिले में इस योजना के सफल संचालन हेतु उत्तरदायी होगी। जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर समिति के सदस्य के रूप में एक प्राचार्य और एक पालक को नामांकित करेंगे।
- -आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिले में हो रहे कार्यों की नीति आयोग द्वारा आज समीक्षा की गई। नीति आयोग नई दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के 20 विकासखण्डों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और ब्लॉक फैलो से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें।राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सभी के समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उद्देश्य विकास के दौर में पिछड़ चुके जिलों में समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबंधित सेवाएं, बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास के सभी इंडीकेटर पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिलों के लिए तय किए गए सभी इंडीकेटर में रैंक सुधार के लिए समर्पण की भावना से काम करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में यह देखा जाना चाहिए कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे हो रहा है। बैठक में उन्होंने बेसलाईन डाटा में किए गए सुधार और कार्यक्रम से जुड़े अन्य गतिविधियों की भी समीक्षा की।श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सतत विकास के लक्ष्य को स्थानीय बनाया जाए। बैठक में भारत नेट परियोजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। व्यवस्थित ढंग से डाटा एंट्री के लिए ट्रेनिंग की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश दिए। इस मौके पर सभी ब्लॉक फैलो और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने आकांक्षी जिलों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति के संबंध में पावर प्वाइंट के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन भी दिया।बैठक में नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रितेश अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि, स्कूल शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग हर एक योजना की विस्तृत समीक्षा की-स्वास्थ्य अमले का युक्तियुक्तकरण करने के निर्देश, विशेषज्ञ डाक्टरों की होगी नियुक्ति, बनेगी कार्ययोजना-संस्थागत प्रसव शतप्रतिशत करने मिशन मोड पर होगा काम-108 का रिस्पांस टाइम होगा बेहतर, कमियां दूर करने मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश-नियद नेल्लानार योजना के हितग्राहियों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने दिये निर्देशरायपुर / प्रदेश के सुपेबेड़ा में लंबे समय से किडनी पीड़ित मरीज आ रहे हैं। इनके इलाज की सुविधा के लिए गरियाबंद में किडनी यूनिट आरंभ की गई है लेकिन इस समस्या के स्थाई निदान पर भी काम करने की जरूरत है। इसके लिए बीमारियों के कारण जानने संबंधी जो भी रिसर्च किया जा सकता है वह किया जाए। इसके साथ ही मरीजों के पर्याप्त इलाज की सुविधा भी हो ताकि सुपेबेड़ा के लोगों को भविष्य में किडनी संबंधी समस्याओं से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। साथ ही पंखाजूर जैसे क्षेत्रों में जहां अधिक मरीज आ रहे हैं, वहां डायलिसिस सेंटर की स्थापना की जाए। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कही। 4 घंटे से अधिक समय तक चली इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी ली एवं उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 महीने में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है। पिछली सरकार में जो काम अधूरे रह गए थे उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए मौसमी बीमारियों की आशंका से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। एंटी वेनम आदि की उपलब्धता भी रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में युक्तियुक्तकरण की जरूरत है। बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य अमले की कमी है वहां पर पर्याप्त स्वास्थ्य अमले की पदस्थापना की जाए। विशेषज्ञ डाक्टरों की पूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पदस्थापना के समय विशेष रूप से यह ध्यान दिया जाए कि कहीं पर गाइनिकोलॉजिस्ट की पदस्थापना की जाती है तो वहां पर एनेस्थीसिया के चिकित्सक भी हो ताकि वहां पर जरूरत पड़ने पर आसानी से सीजेरियन डिलीवरी हो सके।मुख्यमंत्री ने रिस्पांस टाइम के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 108, 102 और शव वाहन जैसी गाड़ियां अच्छी स्थिति में रहे। 108 जैसी गाड़ियों की स्क्रीन में ड्राइवर को पता चल जाए कि उसे मरीज को कौन से निकटतम अस्पताल में ले जाना है। सबसे निकट के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को भी मैसेज के माध्यम से अलर्ट कर दिया जाए ताकि अस्पताल में इमरजेंसी रिस्पांस की तैयारी की जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग मुख्यालय में कम से कम 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत प्रसव को शत प्रतिशत करना सबसे अहम कार्य है। इसके लिए नियमित अंतराल पर एएनसी जांच करना सुनिश्चित करें। शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अस्पताल में न्यू बार्न केयर यूनिटों को बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में जो खामियां हैं उन्हें दूर करें। नियद नेल्लानार योजना के सभी हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बन जाए, यह सुनिश्चित करें। इसके लिए आधार कार्ड बनाने इन क्षेत्रों में नियमित कैंप लगाया जाए।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड से लाभ दिया जा रहा है। 6 महीने में 1373 हितग्राहियों ने एक करोड़ 38 लाख रुपए के क्लेम किए हैं।मुख्यमंत्री ने जन औषधि केंद्रों पर भी विशेष फोकस करने कहा। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र ऐसी जगह पर स्थापित किए जाएं जहां अधिकाधिक संख्या में लोग दवा लेने सुविधा से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने टीबी, कुष्ठ और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के अभियान में काफी सफलता मिली है लेकिन बस्तर को मलेरिया मुक्त करने इसे और बेहतर करने की जरूरत है।सिकल सेल के संबंध में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल के मरीजों की नियमित रूप से काउंसलिंग हो और इनका बेहतर उपचार होता रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में जहां उपकरण तो है लेकिन आपरेटर नहीं है वहां ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए। कीमोथेरेपी की सुविधा का विस्तार करें। डायलिसिस की सुविधा का लाभ ब्लॉक मुख्यालयों में भी आरंभ करें। मुख्यमंत्री ने मानसिक मरीजों के लिए भी नए अस्पताल आरंभ करने अधिकारियों को निर्देशित किया।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैठक में अधिकारियों को कहा कि छत्तीसगढ़ लिंगानुपात में बेहतर स्थिति में है। हमें इसे और अच्छा करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिरायु योजना शासन की बहुत अच्छी योजना है इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार किया जाए ताकि इसका लाभ अधिकतर लोग उठा सकें। श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शहरी क्षेत्रों के मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं धन्वंतरी जैसी योजनाओं को स्वास्थ्य विभाग में शामिल कर दिया जाए, ताकि बेहतर समन्वय से इन योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन किया जा सके।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसव राजू एस, स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री ऋतुराज रघुवंशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री जगदीश सोनकर, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक श्री कुलदीप शर्मा, सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, आयुष की प्रबंध संचालक सुश्री इफ्फत आरा,चिकित्सा शिक्षा के संचालक डॉक्टर यू एस पैकरा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर /राज्य शासन द्वारा वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को ध्यान में रखते हुए उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मस्योद्योग अधिनियम 1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है। अतएव प्रदेश के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के तालाब या जलाशय (बड़े या छोटे) जो निर्मित किए गए हैं में किये जा रहे केज कल्चर के अतिरिक्त सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों सजा एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपर मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा 2023 के चार अधिकारियों सुश्री अनुपमा आनंद, श्री तन्मय खन्ना, श्री एम भार्गव और श्री दुर्गाप्रसाद अधिकारी को छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में इन अधिकारियों ने आठ सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात इनकी पदस्थापना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग व जांजगीर-चांपा जिलों में की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनसे प्रशिक्षण के दौरान हुए अनुभवों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रशिक्षण अवधि का पूरा लाभ उठाकर प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करें ताकि उत्कृष्टता के साथ पदेन दायित्वों का निर्वहन कर सकें। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपके पास राष्ट्र की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टीसी महावर और प्रशिक्षण संचालक श्रीमती सीमा सिंह उपस्थित रहीं।
- -गंभीर, अस्पताल में भर्ती, मुख्यमंत्री द्वारा श्रेष्ठतम उपचार के निर्देशरायपुर, । तेज आंधी-तूफान-बारिश के कारण 13 जून को सरायपाली अंचल में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई, जिसमें सुधार के लिए बिजली कर्मियों के दल के साथ कार्यपालन अभियंता (एक्जिक्यूटिव इंजीनियर) श्री आर.के अरोरा भी मौके पर उपस्थित थे। पीपल पेड़ की एक मोटी शाखा उनके ऊपर गिर जाने से श्री अरोरा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी श्री पी. दयानंद, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी द्वारा तत्काल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दी गई। जिस पर श्री साय ने श्री अरोरा को श्रेष्ठतम उपचार दिलाने के निर्देश दिए, साथ ही उनकी कर्तव्य-परायणता की सराहना की है।श्री दयानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय ने इस बात को लेकर संतोष जताया है कि प्राकृतिक संकट के दौरान विद्युत मण्डल के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात की परवाह किए बिना फील्ड पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। अपने मातहत दल के साथ सुधार कार्यों में तत्परता दिखा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 13 जून के अंाधी-तूफान-बारिश में सरायपाली शहर सहित आसपास के गांवों, बलौदा, मलदामाल आदि स्थानों पर 33 के.वी. तथा 11 के.वी. लाइनों के ऊपर पेड़ों की भारी शाखाएं टूटकर गिर गई थी। 11 के.वी के 7 तथा 132 के.वी के 5 फीडर प्रभावित हुए थे। रात करीब 9ः30 बजे जब सरायपाली में 33 के.वी. उपकेंद्र के पास 33 के.वी. लाइन पर सुधार किया जा रहा था, तब पीपल पेड़ की एक मजबूत टहनी श्री अरोरा के ऊपर गिर गई, जिससे उनके सिर, पसलियों और पैरों में चोट आई है। वे बेहोश होकर गिर पड़े थे। घटना की सूचना तत्काल एम.डी. पारेषण श्री राजेश कुमार शुक्ला, ई.डी. श्री भीमसिंह कंवर तथा श्री संदीप वर्मा को मिली। निर्देशानुसार श्री अरोरा को रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल लाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एम.डी. श्री शुक्ला ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचकर श्री अरोरा तथा उनके परिवारजनों से भेंट की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। इस घटनाक्रम के बीच सरायपाली में विद्युत आपूर्ति बहाली का काम भी पूरा किया गया।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज मैराथन बैठक लेकर शासकीय भवनों, सड़कों आदि निर्माण कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। सभी कार्यो को तय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश संबंधित निर्माण एजेंसियों को दिए है। जल जीवन मिशन के कामों में धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों को तलब किया है। उन्होेंने निर्माण कार्योे की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा है कि इसमें किसी प्रकार की कोताही कतई बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, राष्ट्रीय राजमार्ग, एडीबी, पीएमजीएसवाई और नगरीय निकायों में संचालित निर्माण कार्यो की गहन समीक्षा की गई।कलेक्टर ने नगर निगम को निर्देश दिए कि बारिश के पहले सभी नालों की साफ-सफाई अनिवार्य रूप से कर ली जाए ताकि जल भराव की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने बीटी के चल रहे कामों को जल्द पूरा करने कहा। कलेक्टर ने विभागवार एक-एक प्रगतिरत कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि जमीन विवाद के कारण किसी कार्य में विलंब हो रहा है तो इसकी जानकारी दे ताकि टीएल बैठक में इसका निराकरण किया जा सके। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पीव्हीटीजी बैगा बहुल इलाकों में बसाहटों को जोड़ने के लिए प्राथमिकता से काम करने कहा हे। कलेक्टर ने कहा कि ईई से लेकर सब इंजीनियर तक सभी लगातार फील्ड का दौरा कर कामों की गुणवत्ता मॉनिटर करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच कही समन्वय में दिक्कत आ रही है तो तत्काल इसकी जानकारी दे ताकि इसका निराकरण किया जा सके। निर्माण कार्यो को समय-सीमा के भीतर पूरा होना जरूरी है ताकि लोगों को समय पर इसका लाभ मिल सके। कलेक्टर ने निर्माण कार्यो में निर्धारित मापदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए जिससे कामों की गति और गुणवत्ता बरकार रखने कहा।बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान, संयुक्त कलेक्टर श्री मनीष साहू, सभी जोन कमिश्नर, सभी निर्माण एजेंसियों के कार्यपालन अभियंता सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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दुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में 21 जून 2024 को दशम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन पंडित रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में सुबह 06 बजे से 07 बजे के मध्य होगा। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक द्वारा जिलेवासियों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने हेतु निमंत्रित किया गया है।
- रायपुर / प्रदेश में किसी आपदा में आम नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु टोल फ्री नंबर-1070 पर सूचित कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा सी-डेक, तिरूवनंतपुरम एवं राज्य सरकार के सहयोग से ईआरएसएस डॉयल 1070-आपदा प्रबंधन आपातकालीन सेवा संचालित की जा रही है। इसके टोल फ्री नम्बर पर संपर्क कर बाढ़, अग्नि दुर्घटना, आकाशीय बिजली दुर्घटना, सर्पदंश आदि में सहायता ली जा सकती है।
- दिव्यांग और वृद्धजनों को कृत्रिम अंग और उपकरण मिलने से चेहरों पर आई मुस्कानमाना आभार, कहा अब जिन्दगी होगी आसानमहावीर विकलांग सहायता समिति एवं जिला प्रशासन की सराहनीय पहल, निरन्तर होनी चाहिए ऐसे कैंपों का आयोजन- श्री अटामीदंतेवाड़ा, । ’’ मुझे कृत्रिम पैर मिला है अब मुझे नर्सरी की देखरेख में कोई दिक्कत नहीं होगी’’ इसके लिए मैं जिला प्रशासन का आभारी हूं यह कथन है कई साल पहले बम विस्फोट में अपना पांव खो चुके ग्राम नेरली के दिव्यांग हुंगाराम का इस तरह की अपनी भावनाओं का व्यक्त करते हुए गीदम के श्रवण बाधित कार्तिक का कहना है कि अब श्रवण यंत्र मिलने से अब वे अच्छे तरीके से लोगों की बात को सुन पायेगें। ग्राम गुडडरा की दिव्यांग कुमारी कोसी का कहना है कि ट्राइसिकल मिलने से सबसे पहले वह बिना किसी मदद के अपने रिश्तेदारों के घर जाना चाहेगी। इसी तरह अनेक दिव्यांग और वृद्धजन आज मुख्यालय के इनडोर स्टेडियम में उपस्थित थे जिन्हें क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी के उपस्थिति में निःशुल्क कृत्रिम हाथ पैर, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, सामान्य ट्रायसिकल, वॉकर, बैसाखी, छड़ी जैसे उपकरण प्रदाय किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि कैंप के आयोजन को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर एवं जिला प्रशासन के सहयोग से जिला दंतेवाड़ा में दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों के लिए 3 दिवसीय जयपुर फूट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। आज इस ’’फूट कैंप’’ के माध्यम से दूरदराज गांव से आए दिव्यांग एवं वृद्धजनों लाभान्वित हुए है और उनका जीवन पहले से आसान हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि दंतेवाड़ा जिला छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर पर है जो आंध्र प्रदेश एवं उड़ीसा राज्य से घिरा हुआ है।ऐसी भौगोलिक परिस्थिति में रहने वाले निवासियों के लिए ऐसे शिविर का आयोजन और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, के विशेषज्ञ सुदूर राजस्थान के जयपुर से शिविर का आयोजन करने यहां आए हैं, इस मानवतापूर्ण प्रयास के लिए विशेषज्ञों और पूरी टीम का मैं अभिनंदन करता हूं। इस कैंप के माध्यम से जो दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों चल नहीं सकते, सुन नहीं सकते और कुछ काम नहीं कर सकते, ऐसे दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों के लिए यह शिविर लाभकारी होगा। यह एक बहुत ही सराहनीय पहल है। ऐसा कैंप का आयोजन जिले में निरंतर होना चाहिए।श्री अटामी ने अपने उद्बोधन में महावीर दिव्यांग सहायता समिति के फाउंडर व चीफ पैटर्न बीएमवीएसएस श्री डी.आर.मेहता रिटायर्ड (आईएएस 1961 बैच) के बारे बताते हुए कहा कि उन्होंने पहले देश की सेवा की और रिटायर्ड होने के बाद जन-जन की सेवा कर रहे है। औरे जीवन के इस पड़ाव में भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ है और वे सभी के लिए प्रेरणादायक है। और तहे दिल से वे उनके आभारी है।महावीर दिव्यांग सहायता समिति के ’’फाउंडर व चीफ पैटर्न बीएमवीएसएस श्री डी.आर.मेहता ने इस मौके पर कहा कि आज हमारी समिति को मुख्यालय दन्तेवाड़ा में शिविर आयोजन का अवसर मिला चूंकि क्योंकि यह एक सुदूर क्षेत्र है दूसरे यहां के दिव्यांग एवं वृद्धजनों को उपकरण एवं कृत्रिम अंग सहज उपलब्ध नहीं हो पाते और उन्हे पूरा विश्वास है कि इस शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होगें। इसमें जिला प्रशासन का भी महत्वपूर्ण योगदान है जिनके माध्यम से दिव्यांगजनों का सर्वे कराया गया। हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक साधनहीन लोगों को सहायता मुहैया कराये। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदाय किये जा रहे कृत्रिम अंग और उपकरण पूर्णतः निःशुल्क है उन्होने आशा व्यक्त किया कि प्रशासन इन उपकरणों के प्रदाय की स्थाई व्यवस्था करेगा, ताकि दिव्यांगों को इस प्रकार की सामग्री देने में आसानी हो।एसडीएम श्री जयंत नाहटा ने इस मौके पर कहा कि शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को प्रमाण पत्र, हेल्थ किट, उपकरण, व्हीलचेयर एक मंच के नीचे मिल रहा है। साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र प्राप्त होने से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उन्हें मिल सकेगा। इसके अलावा पंजीयन काउंटर की व्यवस्था के माध्यम से नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के द्वारा भी दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों की जांच की जावेगी। साथ ही उन्होने कहा कि शिविर में दिव्यांग व्यक्ति को किसी भी प्रकार के कृत्रिम अंग की आवश्यकता होगी तो उसे तत्काल बनाकर उन्हे उपलब्ध कराया जा सकेगा। ज्ञात हो कि शिविर का आयोजन 14 से 16 जून तक आयोजित होगा जिसमें जिले के विकासखण्डवार दिव्यांगों एवं वृद्धजनों को कृत्रिम अंग, उपकरण प्रदाय किये जायेंगे, इस क्रम आज गीदम एवं कटेकल्याण विकासखंड के दिव्यांगजन उपस्थित थे। अब दिव्यांगता पहले के समान प्रकोप नही रहा है अब ऐसे-ऐसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध है जो प्राकृतिक शारीरिक अंगों के समकक्ष कार्य निपटाने में सक्षम है इन उपकरणों के सहायता से दिव्यांगजन बिना किसी मदद के अपने कार्य बड़े आराम से कर सकते है। आज के शिविर आयोजन में जनप्रतिनिधि अध्यक्ष नगर पालिका श्रीमती पायल गुप्ता, नगर पालिका उपाध्यक्ष, श्री धीरेन्द्र प्रताप सिंह, सहित जनप्रतिनिधिगण एवं पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्व रंजन, समाज कल्याण उप संचालक श्री संतोष टोप्पो, महावीर दिव्यांग सहायता समिति के अन्य विशेषज्ञ उपस्थित थे।
- -13 से 27 जून 2024 तक किया जा सकता है आवेदनदंतेवाड़ा । एकीकृत बाल विकास परियोजना बचेली द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार वर्तमान में 05 कार्यकर्ता पद नामतः आंगनबाड़ी केन्द्र भांसी पुजारीपारा-01, पाढ़ापुर स्कूलपारा, मसेनार खालेपारा-02, मसेनार मांझीपारा, नेरली बिज्जापारा, के नाम शामिल है इसी प्रकार 02 सहायिका पद के तहत धुरली स्कूलपारा, दुगेली धुरवापारा में पद रिक्त है। इसी प्रकार एकीकृत बाल विकास परियोजना दन्तेवाड़ा के ग्राम पंचायत मुस्केल पटेलपारा में 01 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद है। उक्त पदों पर विभागीय नियमानुसार नियुक्ति की जानी है। इस हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों से इच्छुक सभी आवेदनकर्ताओं से दिनांक 13 जून 2024 से 27 जून 2024 कार्यालयीन समय 10 बजे से संध्या 5.30 बजे तक कार्यालय में सीधे अथवा डाक द्वारा आवेदन निश्चित प्रारूप में आमंत्रित किये जाते है। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी, एवं आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त किये जाने के संबंध में इच्छुक आवेदनकर्ता कार्यालयीन दिवसों में कार्यालयीन समय पर कार्यालय, एकीकृत बाल विकास परियोजना बचेली महिला एवं बाल विकास विभाग जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा में संपर्क कर सकते हैं।
- दंतेवाड़ा, । आदिवासी विकास शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को वर्ष 2024-25 में प्री-इंजीनियरिंग तथा प्री-मेडिकल कोचिंग में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों से 1 जुलाई 2024 तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थी कक्षा 12वीं उत्तीर्ण (बोर्ड परीक्षा में जीव विज्ञान एवं गणित विषय के साथ न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होने वाले) विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ कोचिंग दिलाया जायेगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों के पालकों का वार्षिक आय 02 लाख 50 हजार रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए। आवेदन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय दन्तेवाड़ा में 01 जुलाई सायं 04 बजे तक जमा किया जा सकता हैं। अभ्यर्थियों का चयन परीक्षा में प्राप्त मेरिट सूची के आधार पर किया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु विभागीय वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in/ पर अवलोकन किया जा सकता है।
- रायपुर। शहरी विकास मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू कल शनिवार को दिल्ली से नियमित विमान से रायपुर पहुंचेंगे। बिलासपुर लोक सभा के सांसद तोखन साहू शहरी विकास मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री का प्रभार लेने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद श्री साहू के पहली बार रायपुर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा उनका स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर स्वागत किया जायेगा। तोखन साहू छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अपने बिलासपुर संसदीय क्षेत्र भी जाएंंगे ।
- कांकेर । श्री रामलला दर्शन योजना के अन्तर्गत अयोध्या धाम की यात्रा के लिए दर्शनार्थियों के चयन हेतु आज जिला पंचायत सीईओ श्री सुमित अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभाकक्ष में बैठक संपन्न हुई। बैठक में श्री रामलला दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में जिले के नागरिकों से प्राप्त आवेदनों के परीक्षण पश्चात लॉटरी के माध्यम से 72 दर्शनार्थियों का चयन किया गया। साथ ही रिजर्व के लिए भी लॉटरी चयन किया गया। इस अवसर पर समिति के सदस्य श्री बृजेश चौहान सहित अन्य सदस्यगण एवं जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित थे।जिला पंचायत के सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत जिले से कुल 703 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र से 291 और नगरीय क्षेत्र से 412 आवेदन शामिल हैं। इनमें 18 वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक उम्र वाले 17 आवेदन अपात्र पाए गए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जारी निर्देशानुसार 55 वर्ष से अधिक आयु वाले आवेदकों को प्राथमिकता देते कुल 392 आवेदनों को लॉटरी में शामिल किया गया है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ और सीएमओ को चयनित हितग्राहियों का मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने में आवश्यक सहयोग करने के निर्देश दिए।
- रायपुर। राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, रायपुर में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) के तत्वाधान में 14.06.2024 संयुक्त हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में 6 कार्यालय - नेहरू युवा केन्द्र संगठन, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान, नागरीय विमानन एवं सुरक्षा ब्यूरो, एमएसटीसी, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, अंतर राज्य पुलिस बेतार केंद्र, के 30 से अधिक अधिकारियों ने भाग किया।कार्यशाला की अध्यक्षता श्री निधीष वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान ने करते हुए कहा की छत्तीसहगढ़ राज्य ‘क’ क्षेत्र मे आता है जिस वजह से राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार व् प्रशासनिक भाषा में कार्यालीन क्षमता संवर्धन करने के लिए इस तरह की कार्यशाला बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे बताया की चूंकि सभी कार्यालय एक दूसरे से जुड़े रहते है व अधिकारी अलग अलग प्रांत से आते हैं तो ऐसी कार्यशाला से एक ही स्थान पर विभिन्न कार्यालय के समावेश से कार्यों में सहयोग, समन्वय व् एकजुटता स्थापित होती है।श्री नीरज कुमार सिंह, सहायक निदेशक व कार्यालय प्रमुख, एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र ने कहा की छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए हिन्दी भाषा बहुत जरूरी व उपयोगी है। कार्यालय के सभी दस्तावेज़ हिन्दी भाषा मे बनाए जाते जिससे आम लोगों को अत्यंत लाभ पहुँच रहा है। उन्होंने आगे बताते हुए कहा की ऐसी हिन्दी कार्यशाला से कार्यालीन कार्य करने में सहजता हुई है।श्री अजय कुमार साहू, वरिष्ट सुरक्षा अधिकारी, नागरीय विमानन एवं सुरक्षा ब्यूरो, रायपुर ने अपने कार्यालय के संक्षित परिचय देते हुए कहा की विमान से यात्रा करने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह विभाग का गठन किया गया है।कार्यशाला के प्रथम वक्ता श्री गोपाल प्रसाद, सहायक निदेशक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान रहे। उन्होंने विभिन्न कार्यालीन रिपोर्ट लेखन और हिन्दी में टिप्पणी/ आलेखन के बारे में चर्चा की। उन्होंने प्रशासनिक भाषा व शब्दावली पर विशेष बल दिया।कार्यशाला के दूसरे वक्ता के रूप में अभिषेक प्रकाश, अनुवाद अधिकारी, केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार का अनुवाद टूल कंठस्थ 2.0 के बारें मे जानकारी दी गई। ट्रांसलेशन मेमोरी पर आधारित यह सिस्टम भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से अंग्रेजी से हिंदी तथा हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद संभव है।विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून के उपलक्ष्य में आज नेहरू युवा केंद्र रायपुर के सहयोग से राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, रायपुर द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जिसमे 25 से अधिक अधिकारियों ने सफलता पूर्वक रक्तदान किया। श्री निधीष वर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान ने सभी अधिकारियों को रक्तदाता की शपत दिलाई।अर्पित तिवारी, जिला युवा अधिकारी, नेहरू युवा केंद्र ने बताया की नेहरू युवा केंद्र द्वारा हर वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। उन्होंने आगे बताया की 01 यूनिट रक्तदान से आप 04 जिंदगियों को बचा सकते हैं। साथ ही रक्तदान करने से अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती, रक्त साफ़ होता व हार्ट अटैक की सम्भावनाएँ भी कम हो जाती है। इसे कोई भी स्वस्थ 18-60 वर्षीय व्यक्ति कर सकता है।
- कोरबा। पाली थाना क्षेत्र में बीती रात एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के पेड़ से टकरा जाने से मोटरसाइकिल में सवार तीन युवकों की मौत हो गई।तीनों ग्राम धौराभाठा के आश्रित मोहल्ला गोकनाई के रहने वाले थे। येे सभी युवक कल रात दीपका मार्ग से डूमरकछार जा रहे थे, तभी वे हादसा का शिकार हो गए।घटना के बाद राहगीरों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने तीनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। आज सुबह तीनों युवकों की गोकनाई निवासी के रूप पहचान हुई ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माहेश्वरी समाज के उद्भव दिवस और प्रभु शिव-माता पार्वती की उपासना के पर्व महेश नवमी की प्रदेशवासियों विशेषकर माहेश्वरी समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि यह दिन हम सबको जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित होने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है।
- -तपती गर्मी से बच्चों को सुरक्षित रखने आंगनबाड़ी केन्द्रों में कूलर का इंतेजाम-आंगनबाड़ी केन्द्रों के किचन में अब गैस-चूल्हा से नियमित तैयार हो रहा पौष्टिक भोजन-धुंए से मुक्त वातावरण में आसान हुई पढ़ाईरायपुर, / घर आंगन में छोटे-छोटे नन्हे बच्चों को हंसते खिलखिलाते देखना सभी को अच्छा लगता है। बदलते मौसम में बच्चों की सेहत की चिंता भी माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती है। गर्मी का मौसम इन सबमें परेशानी भरा होता है। भीषण गर्मी में बच्चों को लू ना लगे, इसलिए माता-पिता तरह-तरह के जतन करते हैं। ऐसा ही जतन छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों का किया जा रहा है।महासमुंद जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में नन्हें मुन्ने बच्चों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कूलर और पंखे की व्यवस्था की गई है। अब आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे आनंद के साथ पढ़ रहे हैं। एक ओर सुकून का वातावरण मिलने से जहां बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है, वहीं कूलर और पंखे की व्यवस्था से आंगनबाड़ी केन्द्रों में भीषण गर्मी से निजात मिली है।जिला प्रशासन ने जिले के सभी 1789 आंगनबाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण किया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में धुंए से मुक्त वातावरण के लिए चूल्हा-गैस सिलेण्डर भी उपलब्ध कराया गया है। बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन गैस चूल्हा में पका कर दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के पालक भी खुश हैं।महासमुंद के सुशील सैम्युअल वार्ड में संचालित आंगनबाड़ी में पढ़ने वाली सिद्धी देवार की मां श्रीमती लिलिमा देवार ने कहा कि इस साल आंगनबाड़ी में कूलर के लगने से हमारे बच्चे नियमित रूप से आंगनबाड़ी जा रहे हैं। पिछले वर्ष गर्मी में वे आंगनबाड़ी जाने से आनाकानी करते थे।नयापारा वार्ड नम्बर 11 स्थित आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले सौरभ धीवर के पिता श्री विष्णु धीवर ने बताया कि इस वर्ष गर्मी अधिक पड़ने से हम लोग चिंतित थे लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्र में कूलर लगने से बच्चों को लू लगने की आशंका नहीं रहती। इसलिए हम लोग निश्चिंत होकर बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र नियमित तौर पर भेज रहे हैं।आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ ही कुपोषण को दूर करने के लिए सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य और पोषण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों की नियमित बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की जाती है। बच्चों को पौष्टिकता से भरपूर गर्म भोजन दिया जाता है। सुपोषण अभियान के तहत बच्चों को मोरिंगा और रागी से निर्मित चिकीबार भी दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को पूरक पोषण आहार के रूप में रेडी-टू-ईट भी दिया जाता है।महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पांडेय ने बताया कि इस वर्ष एनीमिया से पीड़ित 400 किशोरी बालिकाओं को सामान्य स्थिति में लाया गया है। जिले में 2023-24 में मनरेगा अभिसरण से कुल 46 नवीन आंगनबाड़ी का निर्माण स्वीकृत किया गया है। अभी जिले में अब स्वयं के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 1699 हो गई है। इस वर्ष 91 नए केन्द्र बनाए गए हैं। वहीं कुपोषित बच्चों के लिए पिथौरा में पोषण पुनर्वास केन्द्र भी प्रारम्भ किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं के लिए जन्मपूर्व और प्रसवपूर्व देखभाल सुनिश्चित करती है और नवजात शिशुओं और शिशुवती माताओं के लिए निदान और देखभाल करती हैं। वे 0 से 6 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के टीकाकरण का प्रबंध करती हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य और चिकित्सा जाँच की निगरानी उनकी मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है।
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दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत विकास कार्य हेतु 05 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पर पोटिया कला दुर्ग वार्ड क्र. 54 के सतनाम पारा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 5 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर, । कुनकुरी शहर में विद्युत सुधार संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने के लिए कुनकुरी में पदस्थ सहायक यंत्री श्री आर.आर साहू तथा कनिष्ठ यंत्री श्री दिनेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता अंबिकापुर श्री शिरीष सेलट द्वारा जारी आदेशानुसार कार्यपालन यंत्री (संचालन-संचारण) संभाग जशपुर, अधीनस्थ कार्यालय सहायक यंत्री उपसंभाग कुनकुरी में पदस्थ श्री आर.आर साहू सहायक यंत्री को कार्य में लापरवाही बरतने एवं उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय अधीक्षण यंत्री, वृत्त बैकुंठपुर निर्धारित किया गया है। इसी तरह अधीक्षण यंत्री अंबिकापुर श्री आर.के मिश्रा द्वारा जारी आदेशानुसार कार्यपालन यंत्री (संचालन-संधारण) संभाग जशपुर अधीनस्थ कार्यालय कनिष्ठ यंत्री वितरण केंद्र कुनकुरी में पदस्थ श्री दिनेश कनिष्ठ यंत्री को कार्य में लापरवाही बरतने एवं उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय कार्यपालन यंत्री (संचालन-संधारण), संभाग बलरामपुर निर्धारित किया गया है।
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-सहायिका के 06 पदों के लिए की जाएगी भर्ती
दुर्ग, / महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए स्वीकृत/रिक्त 06 आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति की जानी है। नियुक्ति हेतु आवेदन 28 जून 2024 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग (शहरी) पांच बिल्डिंग बाल संरक्षण गृह परिसर, महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक जमा किया जा सकता है। आंगनबाड़ी केन्द्र राजीव नगर केन्द्र क्रं.-04 राजीव नगर वार्ड 02, तितुरडीह केन्द्र क्रमांक 03 शहीद भगत सिंह वार्ड 19, बांधा तालाब केन्द्र क्रमांक 01 बाबा रामदेव मंदिर वार्ड 35, अंबेडकर भवन बाबा गुरू घासीदास वार्ड 44, ठगड़ा नहर बोरसी दक्षिण वार्ड 52, सतनामीपारा बोरसी दक्षिण वार्ड 52 के लिए सहायिका के 06 पद पद की भर्ती की जानी है।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आयु की गणना आवेदन आमंत्रित करने की सूचना जारी होने की तिथि से की जाएगी। सेवा की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। निवासी होने के प्रमाण में नगरीय क्षेत्र में संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा वार्ड पार्षद तथा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा। आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं उत्तीर्ण हो। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर निर्धारित अतिरिक्त अंक दिये जाएंगे। ऐसी कार्यकर्ता/सहायिका जिन्हें अनिमितता के कारण पूर्व में सेवा से बर्खास्त किया गया है। ऐसे आवेदक द्वारा प्राप्त आवेदन अमान्य किये जा सकेंगे। उपरोक्तानुसार अर्हता रखने वाले इच्छुक आवेदिका रिक्त कार्यकर्ता/सहायिका पद हेतु आवेदन कर सकते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।जिन वार्डों के रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, उस वार्ड में निवासरत इच्छुक आवेदिकाओं को वार्ड का निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही आवेदन पत्र कार्यालय से प्रदाय किए जाएंगे। अन्य वार्ड में निवासरत आवेदिकाओं को आवेदन पत्र नही दिए जाएंगे। कार्यालय द्वारा जारी पंजीकृत आवेदन पत्र ही मान्य किए जाएंगे। आवेदन की फोटोकापी अमान्य होगी। आवेदन में संलग्न समस्त दस्तावेज आवेदिका द्वारा स्व प्रमाणित होना चाहिए। कार्यालय से आवेदन प्राप्त कर जमा करने की अंतिम तिथि के पश्चात आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे। - दुर्ग, / जिले के ग्राम बोरीगारका निवासी सर्प दंश पीड़ित मरीज बालिका निशा की स्थिति अत्यंत नाजुक होने के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतई से 11 जून को जिला चिकित्सालय दुर्ग के लिए रेफर किया गया। मरीज की नाजुक हालत को ध्यान में रखते हुए जिला चिकित्सालय में आवश्यकतानुसार सभी चिकित्सा मुहैय्या कराया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम ने एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है कि उक्त सर्प दंश के मरीज को अत्यंत गंभीर स्थिति में केजुवल्टि चिकित्सक के द्वारा तत्काल शाम 7.20 बजे ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी. के माध्यम से भर्ती किया गया तथा मेडिसिन विशेषज्ञ द्वारा मरीज का तत्काल जांच कर जीवन रक्षक दवाईयां एवं सर्प दंश का इंजेक्शन दिया जाकर ऑक्सीजन सपोर्ट में रखा गया। इस दौरान मरीज को आवश्यकतानुसार सभी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया गया। डॉ. मेश्राम के अनुसार मरीज के परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताने के बाद परिजनों द्वारा मरीज को अन्यत्र ले जाने के लिए लिखित में अनुरोध किया गया। तत्पश्चात् शाम 7.50 बजे परिजन अपनी जवाबदारी में मरीज को लेकर चले गए।
- दुर्ग / केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यों को सड़क सुरक्षा / यातयात नियमों का पालन हेतु क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय दुर्ग द्वारा 13 जून को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। उक्त प्रशिक्षण मंे सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु सड़क पार करते हुए जेब्रा क्रांसिग, रोड़ साईन, यातायात नियम, हेलमेट पहनना, कार चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करना साथ ही सड़क दुघर्टना होने पर नेक व्यक्ति का महत्व बताया गया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा, परिवहन निरीक्षक श्री विष्णु प्रसाद ठाकुर एवं परिवहन उप निरीक्षक श्री अनिश बघेल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस अवसर पर ऐसे कर्मचारी जिनका लायसेंस नहीं बने थे, उनका स्थल पर ही लर्निंग लायसेंस बनाया गया। प्रशिक्षण में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के निरीक्षक श्री लोकेश कुर्रे, निरीक्षक श्री अभय कुमार एवं श्री सहायक उप निरीक्षक एच.एस. हुन्डेकर के साथ-साथ अनेक अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे

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