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जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया है। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। तेज रफ्तार दो बाइक की आमने सामने से टक्कर से ये हादसा हुआ। तुमला थाना क्षेत्र के गंझियाडीह धान मंडी के पास की घटना है। हादसे में एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका इलाज रायगढ़ में चल रहा है। पत्थलगांव एसडीओपी ने बताया कि गंंझियाडीह गांव में शुक्रवार रात रात 9 बजे दो बाइक का जबरदस्त एक्सीडेंट हो गया। एक बाइक पर 3 और दूसरी बाइक पर 2 लोग सवार थे। दोनों ही बाइकर्स काफी स्पीड से गाड़ी चला रहे थे। इसी दौरान गंझियाडीह धान मंडी के पास उनका एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे मे चार युवकों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार दोनों गाडिय़ों की टक्कर इतनी तेज थी कि एक बाइक में तुरंत आग लग गई वहीं दूसरी बाइक के परखच्चे उड़ गए। 3 मृतकों की शिनाख्त हो गई है। मृतकों में खगेश्वर धोबी कोल्हेंझरिया निवासी, दूसरा चंदन नायक गंझियाडीह निवासी और तीसरे का नाम उमाशंकर निवासी कोल्हेंझरिया निवासी है।
मुख्यमंत्री ने संवेदना जताई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, जशपुर जिले के तुमला क्षेत्र के गंझियाडीह धान मंडी में घटित बाइक दुर्घटना में 4 युवकों के देहावसान की हृदयविदारक सूचना प्राप्त हुई तथा एक युवक के गंभीर स्थिति में होने की खबर आ रही है। मैं प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्माओं को शांति एवं शोकसंतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूँ। घायल युवक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। -
भिलाई। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाले आवेदिकाओं के खाते को डी.बी.टी (प्रत्यक्ष लाभ भुगतान) से जोड़ने के लिए अवकाश दिवस रविवार को बैंको को खुला रखने का आदेश जारी कर कलेक्टर ऋृचा प्रकाश चौधरी ने हितग्राहियो को बड़ी राहत प्रदान की है।
कलेक्टर ने प्रबंधक अग्रणी बैंक दुर्ग के नाम पर पत्र जारी कर निर्देशित किये है कि छत्तीसगढ़ शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन की कार्यवाही की जा रही है। इस योजना के तहत 21 वर्ष से अधिक उम्र की विवाहित महिलाएं (तलाकशुदा/परित्यक्ता भी शामिल) को प्रतिमाह राशि 1000 उनके आधार लिंक बैंक खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान किया जाना है। जिले में बैंक खातो को आधार लिंक करने हेतु 59420 का लक्ष्य है, जिसमें से जिले के अधिकांश महिलाओ का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं हुआ है। उक्त कार्य समय सीमा में 5 मार्च तक पूर्ण किया जाना है। इस हेतु अवकाश दिवस रविवार को अर्थात 3 मार्च को महिलाएं बैंक में उपस्थित होकर अपना खाता आधार लिंक व डी.बी.टी. सक्रिय करवा सकते है। बैंक में रविवार को सिर्फ महतारी वंदन योजना के कार्य ही स्वीकार होंगे । इसके अलावा बैंकर्स प्रत्येक बैंक मे 2 से 5 मार्च तक महतारी वंदन योजना के आधार लिंक एवं डी.बी.टी क्रियान्वयन के लिए विशेष काउन्टर की सुविधा भी उपलब्ध करायेगे।
भिलाई निगम आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने जानकारी देते हुए बताया कि भिलाई निगम क्षेत्र में संचालित 148 आंगनबाड़ी केन्द्रो में उन हितग्राहियो की सूची उपलब्ध कराई गई है जिन्होने महतारी वंदन योजना के साथ जो बैंक खाते संलग्न किये है वे आधार लिंक एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्राॅसफर (डी.बी.टी.) से जुड़े नही है। आवेदिका अपने निकट के आंगनबाड़ी केन्द्रो में जाकर सूची का अवलोकन भी कर सकते है। हितग्राही अपने बैंक खाते को प्रत्यक्ष लाभ भुगतान यानि डी.बी.टी. 5 मार्च तक अवश्य करवा लेवें। -
भिलाई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मोर मकान-मोर आस घटक अंतर्गत किरायेदारी में निवासरत परिवारो के लिए तृतीय चरण में सूर्या विहार के पीछे वार्ड क्रं. 01 खम्हरिया में कृष्णा इंजीनियरिंग काॅलेज के पीछे , एनार स्टेट एवं माईल स्टोन स्कूल के पीछे में निर्मित आवास आबंटन के लिए उपलब्ध है।
जिसके आबंटन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र 29 फरवरी तक जमा करना निर्धारित किया गया था। उस तिथि में वृद्वि करते हुए 5 मार्च तक आवेदन पत्र विक्रय करने एवं 7 मार्च तक आवेदन पत्र जमा किया जायेगा।
भिलाई निगम के विभिन्न स्थलो में निर्माणधीन प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानो के आबंटन के लिए निगम मुख्य कार्यालय के कक्ष क्रमांक-16 योजना शाखा के काउन्टर में कार्यालयीन दिवस में प्रतिदिन शाम 4 बजे तक नागरिक अपने आधार कार्ड की छायाप्रति प्रति के साथ 100 रूपये का नगद भुगतान कर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते है और आवेदन जमा भी कर सकते है। -
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा सुपेला घड़ी चौक से गदा चौक तक लगने वाले सण्डे मार्केट को व्यवस्थित करने एवं यातायात को सुगम बनाने निगम की टीम मार्केट क्षेत्र में लगातार मुनादी एवं दुकानदारो को समझाईस दे रही है
निगम के जोन कार्यालय नेहरू नगर एवं वैशालीनगर की टीम ने शनिवार को मार्केट क्षेत्र में सड़क के दोनो किनारे फिर चुना मार्किग किया और व्यापारियो को समझाईस दिये है कि लाईनिंग के बाहर कोई भी दुकानदार अपने विक्रय वस्तु को प्रदर्शन के लिए न लगाये अपने सामानो को निगम द्वारा आबंटित दुकान के क्षेत्र में रखे इसी प्रकार सड़क पर लगने वाले पसरा, ठेला, खोमचे के फुटकर व्यपारियो से भी कहा है कि कोई भी व्यापार सड़क पर न करे जिससे यातायात प्रभावित हो। निगम द्वारा सण्डे मार्केट क्षेत्र मे इस आशय का मुनादी भी करवाया जा रहा है। रविवार 3 मार्च को भी निगम का राजस्व व स्वास्थ्य अमला, जोन आयुक्त के नेतृत्व में घड़ी चौक से गदा चौक तक दुकान के बाहर फैले सामान तथा सड़क पर लगने वाले ठेले, खोमचे की जाॅच के लिए निकलेगी।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने व्यापारियो से अपील करते हुए कहा है कि निगम द्वारा यातायात को सुगम बनाने एवं मार्केट क्षेत्र को व्यवस्थित करने लगातार प्रयास किया जा रहा है, जिसमे व्यापारियो का सहयोग आवश्यक है। ताकि जन सामान्य को आवागमन में किसी तरह की कोई असुविधा न हो। - बिलासपुर /छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी रतनपुर जहां राजा महाराजाओं के समय से जो स्वर्णिम परंपराएं विकसित हुई थी उसका जीवंत रूप आज भी यहां देखने को मिलता है। उनमें से एक है रतनपुर का ऐतिहासिक माघी पूर्णिमा आदिवासी विकास मेला। सप्ताह भर तक चलने वाले इस मेले की शुरुआत 24 फरवरी से हुई थी और सात दिनों तक इंद्रधनुषी छटा बिखेरती इस मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छ. ग शासन के उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विशिष्ट अतिथि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। रतनपुर मांघी पूर्णिमा प्रशासनिक मेले में पहुंचे अतिथियों का मेला परिसर में भव्य आतिशी स्वागत किया गया।उसके बाद उपमुख्यमंत्री श्री साव द्वारा माँ महामाया व छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया,तत्पश्यात न.पा अधिकारी, एच डी रात्रे, न.पा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के द्वारा उप मुख्यमंत्री अरुण साव को शाल,श्रीफल,कांसे का लोटा तथा पारंपरिक मेले का उखरा प्रसाद और मेले का प्रतीक चिन्ह के रूप में लकड़ी का तलवार भेंट कर सम्मानित किया गया। ऐतिहासिक माघी पूर्णिमा आदिवासी विकास मेले से समापन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सब का सौभाग्य है कि आज एक आदिवासी समाज की बेटी एक राष्ट्रपति के रुप में देश का नेतृत्व कर रही है, जो कि आदिवासी समाज के उत्थान का संकेत है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं के व जनता को मिल रहे लाभ के बारे में बतलाया। और अंत मे मेला परिसर में विभिन्न विभागों के द्वारा स्टाल लगाने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।पटेल/
- बिलासपुर /जिला पंचायत की सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक अब 7 मार्च को जिला पंचायत सभाकक्ष में रखी गई है। जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सिंह चौहान करेंगे। सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शाम 4.30 बजे होगी।बैठक में विद्युत, वन, क्रेडा, कृषि, पशु पालन, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, एमएमजीएसवाय, पीएमजीएसवाय, जल संसाधन विभाग एवं शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आदि के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी, समीक्षा एवं अन्य विषयों पर चर्चा करेंगे। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में रीपा, एनआरएलएम, रूर्बन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, अमृत सरोवर, गोधन न्याय योजना आदि की जानकारी एवं समीक्षा की जाएगी।
- -छुईखदान के किसान श्री बन्टूूराम महोबिया को मिला देशी कपूरी पान के उत्पादन, विक्रय, विपणन, वितरण, आयात एवं निर्यात का एकाधिकाररायपुर । छत्तीसगढ़ में पान की खेती के लिये प्रसिद्ध राजनांदगांव जिले के छुईखदान में देशी कपूरी पान को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने एक नई पहचान दिलाई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्विद्यालय के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में पान की खेती करने वाले छुईखदान के ग्राम धारा के किसान श्री बन्टू राम महोबिया को पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण द्वारा कृषक किस्म “छूईखदान देशी कपूरी पान” के नाम से पंजीकृत कर नौ वर्षों तक इस किस्म के उत्पादन, विक्रय, विपणन, वितरण, आयात एवं निर्यात करने का एकाधिकार दिया गया है। इस प्रमाणपत्र के माध्यम से भारत सरकार श्री महोबिया को भारत में कहीं भी अपनी पंजीकृत किस्म का विपणन करने का विशेष लाइसेन्स प्रदान किया गया है। श्री बन्टू राम महोबिया छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले के ग्राम धारा के निवासी है। कई दशकों से ये परंपरागत तरीके से देशी कपूरी पान की खेती करते आ रहे है। इस पान का परीक्षण कलकत्ता और बैगलोर में स्थित DSU संेेटर में किया गया है। भारत में पंजीकृत यह पहली पान की किस्म है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कपूरी पान का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। वर्षों से यह पान डोंगरगढ़ की बम्लेश्वरी माता को अर्पित किया गया है। सांस्कृतिक महत्व के अलावा कपूरी पान के अन्य कई लाभ भी है। अनुसंधान के अनुसार, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है और पाचन संबंधी समस्याओं में भी मददगार साबित होता है। साथ ही, यह अनेक गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद करता है। कपूरी पान का सेवन गर्मियों में किया जाता है जिससे शरीर में शीतलता की अनुभूति होती है। कपूरी देशी पान की पत्तियां पीले हरे रंग की दीर्घ वृत्ताकार, डंठल की लंबाई 6.94 से.मी. डंठल की मोटाई 1.69 से.मी., पत्ती की लंबाई 9.70 से.मी. तथा चैड़ाई 6.64 से.मी. पत्ती क्षेत्र सूचकांक 3.94 से.मी. पत्ती का वजन 12.84 ग्रा. तथा पत्तियों की उपज 80-85 प्रति पौध है। कपूरी पान के पंजीयन करने में डॉ. नितिन रस्तोगी, डॉ.एलिस तिरकी, डाॅ. आरती गुहे, डाॅ. बी.एस. असाटी एवं डॉ. अविनाश गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल और निदेशक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में यह कार्य सम्पन्न हो सका।श्री बन्टू राम महोबिया का परिवार बीते 100 वर्षों से पान की इस दुर्लभ किस्म का उत्पादन और संवर्धन का कार्य कर रहे है। छुईखदान का जलवायु और यहां की सफेद मिट्टी पान की इस किस्म के लिए उपयुक्त है। पान की खेती में लागत बढ़ने और कई तरह की बीमारी आने के चलते यहां खेती सिमट गई। 30 ये 35 साल पहले छुईखदान का पान देशभर में प्रसिद्ध था। पहले छुईखदान के पान की इलाहाबाद, वाराणसी, कलकत्ता, मंबई समेत भारत के कई बड़े शहरों में सीधे सप्लाई होती थी। विशेषकर वाराणसी में छुईखदान का पान नाम से ही बिकता था। पर धीरे-धीरे खेती का रकबा कम होते ही पहचान खोने लगी। अब देशी कपूरी पान को प्राप्त यह पंजीयन भारत मे इस किस्म की ख्याति को पुनः प्राप्त करेगा और फिर से छुईखदान में पान की खेती लहलहाएगी।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पौधों के किस्मों के संरक्षण, किसानों और पौधा प्रजनकों के अधिकारों की रक्षा, और पौधों की नई किस्मों को बढ़ावा देने के लिए “पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण (पी.वी.वी.एफ.आर.ए.) अधिनियम, 2001” को भारत में लागू किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. दीपक शर्मा विगत 2012 से पी.पी.वी.एफ.आर.ए. के नोडल अधिकारी के रूप में कृषकों की प्रजातियों के पंजीयन के कार्य कर रहे हैं। इनके प्रयासो के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ के 2 कृषक समूह और 19 किसानों को पी.पी.वी.एफ.आर.ए. के द्वारा पुरस्कृत किया गया है। अभी तक छत्तीसगढ़ से पौधों के किस्मों के पंजीयन के लिए कुल 1830 आवेदन किए गए है, जिनमें से 462 पंजीयन प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। भारत में पी.पी.वी.एफ.आर.ए. द्वारा पंजीकृत पौधों के किस्मों की सूची में छत्तीसगढ़ वर्तमान में दूसरे स्थान पर है, हालांकि, लंबित पंजीकरण प्रमणपत्र जारी होने पर छत्तीसगढ़ शीर्ष स्थान प्राप्त कर लेगा।
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- पंप सघन क्षेत्रों की बिजली समस्या से निपटने के लिए किसानों से सहयोग की ज़रूरत
रायपुर । गर्मी के मौसम में धान और चने की फसल में सिंचाई के लिये एक साथ कृषि पंप चलने से लोड बढ़ गया है। यह समस्या उन क्षेत्रों में गंभीर है जहां पंप कनेक्शनों का घनत्व ज़्यादा है।डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री मनोज खरे ने बताया कि बेमेतरा इलाक़े में कृषि पंपों का घनत्व बहुत ज़्यादा हो गया है। प्रत्येक पंप की मोटर इंडक्टिव (क्वाइल से बना) लोड है। जब एक साथ बहुतायत में पंप चलते हैं तो पूरे सिस्टम का लोड असंतुलित होकर बहुत ज़्यादा इंडक्टिव हो जाता है और विद्युत प्रणाली का पॉवर फ़ैक्टर कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफार्मर प्रणाली पर एक तरह की छद्म लोडिंग बढ़ जाती है और वोल्टेज कम हो जाता है।इसके लिये ज़रूरी है कि राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप प्रयेक किसान अपने पंप पर कैपेसिटर लगाये।इस समस्या के समाधान के लिये छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है जैसे ट्रांसफ़ॉर्मरों की क्षमता वृद्धि, सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंक की स्थापना। साथ ही किसानों से अपने कृषि पंप कनेक्शन में केपिसिटर लगाने की अपील की गई है।दुर्ग जिले के नांदघाट क्षेत्र में ग्रामीणों व्दारा लो वोल्टेज की समस्या को लेकर जानकारी दी गई थी, जिसका निराकरण करने पॉवर कंपनी ने त्वरित प्रयास शुरू कर दिये हैं। कार्यपालक निदेशक (संचारण एवं संधारण) के नेतृत्व एक टीम आज बेमेतरा भेजी गई। टीम ने इस समस्या के निराकरण के लिये त्वरित कार्य आरंभ कर दिया है। क्षेत्र के फेल ट्रांसफ़ॉर्मर तुरंत बदले जाने की व्यवस्था की जा रही है।उन्होंने बताया कि बेमेतरा के नाँदघाट इलाक़े में समस्या सबसे गंभीर है। साथ ही, पहली बार, सुबह के समय शाम से ज़्यादा लोड जा रहा है।पॉवर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि रबी फसल में प्रमुख रूप से धान लगाये जाने के कारण कृषि पंपों के माध्यम से खेतों में सिंचाई हेतु अधिक मात्रा में पानी के उपयोग होने से आकस्मिक रूप से विद्युत लाईनों एवं ट्रांसफार्मर पर अधिक भार आ गया है, जलस्तर नीचे जाने से पंप ज़्यादा लोड खींच रहे हैं। फलस्वरूप कुछ क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। अतः समस्त कृषकों से आग्रह है कि अपने स्थापित पंप के स्टार्टर के समीप कैपेसीटर स्थापित करें, ताकि कुछ सीमा तक लो-वोल्टेज की समस्या का निदान हो सके एवं पंप जलने की समस्या से बचा जा सके। यह प्रमाणित तकनीकी उपाय है और इससे समस्या तत्काल काफ़ी हद तक हल हो जाएगी।पंप की क्षमता - केपिसिटर0 से 3 एचपी तक- 1 केवीएआर3 से 5 एचपी तक - 2 केवीएआर5 से 7.50 एचपी तक- 3 केवीएआर7.50 से 10 एचपी तक- 4 केवीएआर10 एचपी से 15 एचपी तक- 5 केवीएआर - कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं ने सीखे खरपतवार प्रबंधन के गुररायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि विश्व की संम्पूर्ण आबाद हेतु खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये पर्याप्त फसल उत्पादन करने में खरपतवार प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेतों में खरपतवारों का समुचित प्रबंधन न होने पर फसल उत्पादन में काफी कमी आ जाती है और कई बार तो खरपतवारों की वजह से तीन चैथाई फसल तक नष्ट हो जाती है। डाॅ. चंदेल ने कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के मैदानी अमले से खेतों में खरपतवार प्रबंधन पर समुचित ध्यान देने का आव्हान किया। डाॅ. चंदेल आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (खरपतवार प्रबंधन) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निदेशालय खरपतवार अनुसंधान, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में खरपतवार प्रबंधन पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय के अंर्तगत कार्यरत कृषि वैज्ञानिकों, विषय वस्तु विशेषज्ञों, प्रक्षेत्र प्रबंधकों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर निदेशालय खरपतवार प्रबंधन जबलपुर के संचालक डाॅ. जे.एस. मिश्रा तथा संचालक अनुसंधान सेवाएं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय डाॅ. वी.के. त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।निदेशक खरपतवार अनुसंधान, जबलपुर डाॅ. जे.एस. मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में मजदूरों की कमी के वजह से खरपतवारों के प्रबंधन में काफी कठिनाई हो रही है और किसानों की यांत्रिक विधियों के बजाय रासायनिक नींदानाशकों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न प्रकार के खरपतवार नियंत्रण हेतु काफी अच्छे नींदानाशक बाजार में उपलब्ध हंै जिनका समुचित प्रयोग कर खरपतवारों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है तथा किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में निदेशालय खरपतवार अनुसंधान, जबलपुर के प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ. वी.के. सिंह तथा डाॅ. वी.के. चैधरी, कृषि महाविद्यालय, रायपुर के प्राध्यापक डाॅ एम.सी. भाम्बरी और सेवानिवृत्त प्राध्यापक डाॅ. एस.एस.कोल्हे ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ में पाये जाने वाले प्रमुख खरपतवारों की पहचान करायी गई तथा उनके नियंत्रण हेतु प्रयुक्त नींदानाशकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ. श्रीकांत चितले ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- दुर्ग / प्रयास आवासीय विद्यालय (कन्या) मालवीय नगर चौक, हनुमान मंदिर के पास जीई रोड दुर्ग में 6वीं की कक्षा में प्रवेश हेतु वर्ष 2024-25 के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन 10 मार्च 2024 को दोपहर 12 बजे से किया जाएगा।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग के अनुसार अनुसुचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राएं जो ग्रामीण/नगर पंचायत क्षेत्र में निवासरत है तथा 5वीं में अध्धयनरत है, छत्तीसगढ़ राज्य में मान्य अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग का हो, इस हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक हो, वही छात्र परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। उक्त परीक्षा हेतु 7 फरवरी 2024 तक आवेदन प्रस्तुत करने वाले समस्त पात्र विद्यार्थियों को अपने मूल अभिलेख (समस्त प्रमाण पत्रों) के साथ 10 मार्च 2024 को सुबह 10.30 बजे निर्धारित परीक्षा केंद्र में उपस्थित होना होगा।
- दुर्ग /भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्ट्रेट में ईवीएम मशीन का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसका अवलोकन कर इसकी कार्य प्रणाली से अवगत हो रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्रतिदिन लोग मशीन को देखकर दिलचस्पी के साथ इसकी जानकारी ले रहे हैं और साथ ही अपना नाम, मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर रहे हैं। संपूर्ण मशीन का सेट इस प्रकार जमाया गया है जिस प्रकार मतदान के दौरान ईवीएम मशीन का उपयोग किया जाता है। मशीन के सेट में कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीपी पेट मशीन लगा हुआ है। लोगों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी इन कर्मचारियों द्वारा दी जाती है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इन मशीनों का प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि लोग मशीनों की जानकारी हासिल कर बेझिझक अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। कोई भी व्यक्ति कार्यालयीन समय में आकर मशीनों का अवलोकन कर प्रक्रिया समझ सकते हैं।
- -दुर्ग जिले के 79 हजार 170 कृषकों को 17 करोड़ 53 लाख रूपए का हुआ भुगतानदुर्ग / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यवतमाल महाराष्ट्र में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 16वीं किस्त की राशि का हस्तांतरण किया गया। उप संचालक कृषि श्री एल.एम. भगत से मिली जानकारी अनुसार जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा में पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का प्रसारण वर्चुअल माध्यम से किया गया, जिसमें संयुक्त संचालक कृषि, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीकण, कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा के 80 कृषक, कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा के 70 कृषक, विकासखण्ड स्तर में 134 कृषक तथा ग्राम स्तर पर 1001 कृषक उपस्थित थे।इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत नोडल अधिकारी द्वारा कृषकों को बैंक खाते को आधार सीडिंग कराने व इससे प्राप्त होने वाले लाभ एवं पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध केवायसी मॉडूयल के माध्यम से बैंक खाता सत्यापन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत जिले के 79 हजार 170 कृषकों को 17 करोड़ 53 लाख रूपए के 16वीं किस्त की राशि का भुगतान उनके खाते में सीधे आधार बेस्ड प्रणाली के माध्यम से किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 16वीं किस्त जारी होने के दिन को पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाना गया।
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माॅक टेस्ट 2 से, 34 आवेदक होंगे शामिल
बिलासपुर /भारतीय वायु सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए होने वाले लिखित परीक्षा में शामिल होने से पूर्व इसकी तैयारी के लिए रोजगार कार्यालय द्वारा ऑनलाइन माॅक टेस्ट का आयोजन 2 मार्च से किया जा रहा है। उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र ने बताया कि इस माॅक टेस्ट के लिए 34 परीक्षार्थियों के आवेदन स्वीकृत हुए है।उल्लेखनीय है कि माॅक टेस्ट का आयोजन 2 मार्च से प्रत्येक शनिवार को शासकीय को-पाॅलीटेक्निक कोनी, शासकीय कन्या पाॅलीटेक्निक कोनी एवं माॅडल आईटीआई कोनी में आयोजित किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर के दूरभाष क्रमांक 07752-260130, 7415820442, 9685647824, 8962989216 पर संपर्क कर सकते है। - बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को आडियो स्वरूप डेजी प्लेयर बांटे। जिला पुनर्वास, समाज कल्याण ने चिन्हांकित दृष्टि बाधित दिव्यांगजनों के शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आडियो स्वरूप नौ डेजी प्लेयर का वितरण किया। उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों के चेहरे खिल उठे। उपकरण मिलने के बाद सभी ने कहा कि यह उपकरण शिक्षण कार्य हेतु सहायक सिद्ध होगा। इनमें रमउ जगत, मुस्तफा रजा, कमल साहू, प्रियंका सूर्यवंशी, आरती श्रीवास, राजा साहू, रमेश कुमार धु्रव, पुरूषोत्तम टण्डन, लच्छू कुमार चैधरी शामिल हैं। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की संयुक्त संचालक श्रीमती श्रद्धा एस मैथ्यू, जिला पुनर्वास अधिकारी श्री एपी गौतम, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती रामेश्री मौजूद थे।
- -उपकरणों की आपूर्ति और भरती प्रक्रिया जल्द पूरा करने दिए निर्देश-केन्द्र राज्य सहयोग से 200 करोड़ में बन रहा 10 मंजिला अत्याधुनिक हॉस्पिटलबिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज कोनी में सिम्स की विस्तारित निर्माणाधीन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने बचे हुए उपकरणों की आपूर्ति और कर्मचारियों की भरती प्रक्रिया जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि लगभग 200 करोड रुपए की लागत से इस मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें मरीजों के लिए 240 बेड सुविधा हैं।कलेक्टर ने पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भरती भी जल्द करने कहा है। उन्होंने उपकरण खरीदी वाली एजेंसी को शेष उपकरणों की आपूर्ति जल्द करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकार की वित्तीय सहयोग से इसका निर्माण किया जा रहा है। भवन में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 मंजिल बनाए गए हैं। उपकरणों की खरीदी केंद्र सरकार की एजेंसी हाइट के माध्यम से की जा रही है। इनमें 80 प्रकार के उपकरणों की आपूर्ति की जा चुकी है एवं 19 प्रकार के उपरकरण अस्पताल में स्थापित कर लिए गए है। केंद्र सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. नायक, सहित अन्य लोग मौजूद थे।
- -बच्चों ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं और कहा धन्यवाद-जिले में अबतक का 40वाँ न्योता भोज-कलेक्टर ने समाज को न्योता भोज से जुड़ने किया आग्रहरायपुर / इंद्रप्रस्थ कॉलोनी डिपरापारा के शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चों के चेहरे खिल उठे, वे माध्यान्ह भोजन के समय पेस्ट्री, गुलाब जामुन, के साथ पूड़ी-सब्जी जैसे अन्य व्यंजन ग्रहण कर रहे थे। यह अवसर न्योता भोज का था जो कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने अपनी सुपुत्री सुश्री आद्या सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों को दिया। बच्चों ने सुश्री आद्या को जन्मदिन की बधाईयां प्रेषित की और कलेक्टर को धन्यवाद दिया।कलेक्टर डॉ सिंह आज दोपहर स्वयं मध्यान्ह भोजन के समय इंद्रप्रस्थ कॉलोनी डिमरापारा के शासकीय प्राथमिक शाला पहुंचे और क्रम से बैठे बच्चों को अपने हाथों से पत्तल की थाली लगाई। इसके बाद हर बच्चों के पास बारी-बारी से जाकर उनकी पसंद पूछकर व्यंजन परोसा। भोजन ग्रहण करने से पहले बच्चों ने हाथ जोड़कर मां अन्नपूर्णा को प्रणाम किया फिर बच्चों ने भोजन ग्रहण किया। कलेक्टर के साथ एसपी श्री संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वदीप सहित अधिकारीगणों ने बच्चों को भोजन परोसा। साथ ही उन्होंने भी भोजन किया।कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप हमारा प्रदेश सुपोषित और विकसित हो इसके लिए प्रदेश के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के साथ न्योता भोज का आयोजन कर रहे हैं। आज मेरी सुपुत्री का जन्मदिन है इस अवसर पर हमारे द्वारा बच्चों के साथ आज हमने भी न्योता भोज किया है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों के पास समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आते हैं, तो बहुत ही खुशी होती है। 17 फरवरी को हमने इसकी शुरूवात की थी और अभी तक ये 40वाँ न्योता भोज जिले में हो रहा है। पिछले 10 से 12 दिनों में हर दिन 2 से 3 न्योता भोज के कार्यक्रम हुए और समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। उन्होंने शहर वासियों से आग्रह किया कि उनके जीवन में जब भी कोई महत्वपूर्ण तिथि अवसर हो तो उसे स्कूली बच्चों के साथ सेलीब्रेट करें।प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर यह आयोजन किया जा रहा है।सामुदायिक सहयोग से स्कूली बच्चों के खानपान में पोषण आहार की मात्रा बढ़ाने “न्यौता भोजन’’ की अभिनव पहल की जा रही है। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण की मात्रा मिलेगी और अपनत्व की भावना भी विकसित होगी।
- -प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वादरायपुर / कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने आज अपने जन्म दिवस के अवसर पर अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला के दर्शन किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं निरंतर विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। मंत्री श्री नेताम अपने धर्मपत्नी के साथ सरयू नदी में पुण्य स्नान कर आराध्य देव को स्मरण किया।गौरतलब है कि मंत्री श्री रामविचार नेताम अपने जन्मदिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए सपरिवार अयोध्या धाम गए हुए हैं। उन्होंने प्रभु श्री रामलला के दर्शन पश्चात् कहा कि हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम अयोध्या में 500 सालों बाद जन्म स्थान पर पुनः विराजमान हुए हैं। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल होने के कारण लोगों के लिए दोहरी खुशी और उत्साह का मौका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, यह दिन भारत के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगा।
- रायपुर ।सुधार लागू करने के लिए ईपीएफओ की ऑनलाइन संयुक्त घोषणा* कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केवाईसी में किसी भी सुधार के लिए ऑनलाइन संयुक्त घोषणाएं करने के प्रयासों का नाम, जन्मतिथि, लिंग, माता-पिता के नाम आदि का राष्ट्रीय नियोक्ता महासंघ, छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष प्रदीप टंडन ने स्वागत किया है। टंडन ने कहा। इससे नियोक्ताओं और सदस्यों को आरपीएफसी के कार्यालयों में घोषणा पत्र जमा करने में आने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी क्योंकि अब वे इसे अपने घर बैठे ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।यह टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ प्रणाली को सरल बनाने के लिए ईपीएफओ की उपलब्धियों में से एक है ताकि इंटरफ़ेस को कम किया जा सके और टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। टंडन ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और व्यापार करने में आसानी के प्रयास की दिशा में एक कदम है। फेडरेशन के अध्यक्ष श्री आशीष विग ने श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए प्रधान मंत्री के मिशन को पूरा करने में उनकी पहल के लिए पूरे ईपीएफओ को बधाई दी।
- रायपुर, / आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के जन्मदिन को राजधानी स्थित शबरी कन्या आश्रम रोहणीपुरम् और वनवासी कल्याण समिति की छात्राओं ने अविस्मरणीय बनाया है। आश्रम की छात्राओं ने मंत्री जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में केक काटकर मंत्री श्री नेताम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।आश्रम की छात्राओं ने इस मौके पर कहा है कि सरल और सहज स्वभाव के मंत्री श्री रामविचार नेताम जी विभाग के मंत्री बनते ही आश्रम छात्रावासों की ओर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, शिक्षा की गुणवत्ता, खेल व संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही आश्रम-छात्रावासों में सीटों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। कमजोर वर्ग के जरूरतमंद बच्चों के लिए सराहनीय कदम है। मंत्री श्री नेताम ने विधानसभा में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों एवं ब्लॉक मुख्यालयों में जरूरत के हिसाब से बालक और बालिका छात्रावास खोलने की भी घोषणा की है इसके लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करते है।
- -टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकते है शिकायतबिलासपुर /शासन की महत्वकांक्षी योजना "आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहायता योजना (PMJAY) अंतर्गत जिले में 54 शासकीय अस्पतालों एवं 73 निजी अस्पतालो में निःशुल्क उपचार कि सुविधा उपलब्ध है। इसके अंतर्गत शिशुरोग, आर्थापेडिक, गायनिक, जनरलमेडिसिन, जनरल सर्जरी, न्युरोलॉजी, न्युरोसर्जरी, कार्डिक सर्जरी, कैंसर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, युरोलॉजी एवं अन्य विभिन्न प्रकार के बीमारीयों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। सभी अस्पतालों में तत्काल आयुष्मान कार्ड बनाने कि सुविधा उपलब्ध है, किसी भी प्रकार की इलाज संबंधी परेशानी या अस्पताल द्वारा अतिरिक्त राशि कि मांग किये जाने पर राज्य शासन द्वारा जारी टोल फ्री नं. 104 या 14555 नं. पर शिकायत दर्ज करा सकते है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए राशनकार्ड, आधार कार्ड होना आवश्यक है, प्रत्येक सदस्य का अलग-अलग पंजीयन किया जाता है। यह सुविधा लोगों को जिले के सिम्स अस्पताल, जिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों सहित विभिन्न निजी अस्पतालों में मिल रही है।
- -परीक्षा केंद्रों का शिक्षा सचिव द्वारा आकस्मिक निरीक्षणरायपुर ।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बारहवी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्वार्थ कोमल परदेशी द्वारा परीक्षा केन्द्र क्रमशः स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय आर.डी. तिवारी, आमापारा रायपुर एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय माधव राव सप्रे शाला का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। परीक्षा केन्द्र आर.डी.तिवारी में कुल 94 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है, जिसमें 01 छात्र अनुपस्थित पाया गया। इसी तरह माधव राव सप्रे शाला में कुल 160 छात्र पंजीकृत है, जिसमें से 07 छात्र अनुपस्थित पाये गये। अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के कारणों के संबंध में परीक्षा केन्द्राध्यक्ष से जानकारी ली गई तथा केन्द्राध्यक्षों को सुचारू रूप से परीक्षा सम्पन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा सचिव के साथ जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारतीय भी उपस्थित थे।छ.ग. माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल बोर्ड परीक्षाएं दिनांक 01 मार्च से 23 मार्च 2024 तक आयोजित की जा रही है। रायपुर जिले में 150 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। कक्षा दसवी में कुल दर्ज संख्या 18525 एवं बारहवी में कुल 13122 विद्यार्थी पंजीकृत है।ग़ौरतलब है कि परीक्षाओं की सतत निगरानी हेतु कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। जिला स्तर पर 07 दल का गठन किया गया है एवं प्रत्येक विकासखंड स्तर पर 1-1 उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के द्वारा आयोजित कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रॉनिक्स), सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) ईबीजेई 23 परीक्षा 3 मार्च को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर 12ः15 बजे तक 29 परीक्षा केन्द्रों में एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से 4ः15 बजे तक 08 परीक्षा केंद्रों में संचालित किया जायेगा। इस परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम प्रसाद रजक को परीक्षा प्रभारी अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर आशुतोष देवांगन को नोडल अधिकारी और सहायक संचालक कौशल विभाग के केदार पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षार्थियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजेशन, मास्क पहनना एवं अन्य सभी दिशा निर्देशो का पालन करना अनिवार्य होगा ।
- रायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज धरसींवा विकासखंड के ग्राम मुरा में आयोजित हिन्दू राष्ट्र धर्मसभा में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर हिन्दू राष्ट्र के प्रणेता पुरी गोवर्धन मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज से आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।गौरतलब है कि विगत तीन दिनों से रायपुर के धरसींवा विकासखण्ड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित श्री लखन लाल मिश्र के ग्राम मुरा में हिन्दू राष्ट्र के प्रणेता पुरी गोवर्धन मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के दिव्य प्रवचन आयोजित है। इस अवसर पर पूर्व आईएएस अधिकारी श्री जी.एस. मिश्रा, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
- -राजिम कुंभ कल्प में पहुंचने लगे साधु-संतरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन ने राजिम तीर्थ के महत्व को कायम रखते हुए यहां आयोजित होने वाले मेले को कुंभ कल्प का दर्जा दिया है। 5 वर्षों के बाद लौटे राजिम कुंभ कल्प की इस वर्ष भगवान श्रीरामलला की थीम पर आधारित है। कुंभ कल्प को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। यहां की व्यवस्था धर्म अध्यात्म एवं नैतिकता के अनुकूल बनाई गई है। 3 मार्च से विराट संत समागम का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक स्थलों से साधु-संत शामिल होंगे। राजिम कुंभ में संतों का आगमन शुरू हो गया है। संतों के स्वागत हेतु कुंभ नगरी राजिम सजकर तैयार है।धर्म स्थल के विशाल वटवृक्ष स्वरूप रेतीले परिसर में संत-समागम स्थल बनाया गया है, जिसमे देश के कोने-कोने से पधारे महामण्डलेश्वर, आचार्य, महंत, संत-महात्माओं के लिए कुटियों का निर्माण किया गया है। जहां संतों की दैनिक गतिविधियां ध्यान, योग, उपदेश, यज्ञ, हवन, पूजा के साथ ही उनके अनुयायियों, दर्शनार्थियों को उपदेशों के द्वारा धर्मभाव से जोड़ने की गतिविधि संचालित होती है। संत-समागम की शासन-प्रशासन द्वारा पूरी तैयारियां कर ली गई है। लोमश ऋषि आश्रम में सिरकट्टी आश्रम, उत्तरप्रदेश, झांसी, गरियाबंद, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, दामाखेड़ा, चण्डी से लगभग 70 संत पहुंचे हैं।झांसी से पहुंचे श्री भैयादास महंत ने बताया हमें यहां आये लगभग एक सप्ताह हो गये हैं। प्रतिदिन सुबह छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए यज्ञ कर रहे हैं। राजिम कुंभ कल्प नामकरण की सार्थकता यहां आने के बाद पता चली। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में यहां बहुत बदलाव आये हैं और संतों के चरण पड़़ने से यह भूमि फिर से पावन तीर्थ बन गई। साधु संतों के सानिध्य में सत्संग से सतव्यवहार की सीख मिलती है और हर मनोविकार दूर होते है। यहां आकर हमें पूर्ण सुविधा मिल रही है। भगवान श्री राजीव लोचन तथा महादेव कुलेश्वर जी से प्रार्थना है कि यह आयोजन हमेशा होते रहे। संत गणेशदास, ललितानंद, कालीचरण, झड़ीराम, कीर्तन, सोमती बाई दीवान, चरणदास, संग्राम सिंह यादव, हंसाशरण, फुलबाई, बिशाखा, अनुसुईया, सुखदेव शरण ने भी कहा कि किसी भी पवित्र स्थल में साधु-संतो के सेवा सतकार्य सम्मान करने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है और उस क्षेत्र का सतत् विकास होता है।राजिम कुंभ कल्प में नागा साधुओं ने निकाली पेशवाईअलौकिक श्रृंगार के साथ अस्त्र-शस्त्र का किया प्रदर्शनराजिम कुंभ कल्प मेला में जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ों के नागा संत-सन्यासियों सहित महात्माओं ने भगवान दत्तात्रेय का आह्वान करते हुए पेशवाई निकाली। यह पेशवाई दत्तात्रेय मंदिर से शस्त्र पूजन कर आरंभ किया गया। पेशवाई दत्तात्रेय मंदिर से प्रारंभ होकर सुंदरलाल शर्मा चौक, व्हीआईपी मार्ग, राजिम-नवापारा पुल, इंदिरा मार्केट से मेला मैदान होते हुए संत समागम स्थित अपने पंडाल में पहुंची, जहां विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर भगवान दत्तात्रेय को स्थापित किया गया। पेशवाई के दौरान नागा साधुओं ने विभिन्न करतब दिखाते हुए शस्त्र प्रदर्शन किया। उक्त अखाड़ों को देखने एवं नागा-साधुओं का आशीर्वाद प्राप्त करने सड़कों के किनारे श्रध्दालुओं की भीड़ भक्ति भाव व रोमांच के साथ उमड़ पड़ी। राजिम नगर सहित क्षेत्र के आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शनार्थी उपस्थित होकर इस पेशवाई यात्रा की साक्षी बनते हुए अपने श्रध्दा के फूल समर्पित कर स्वयं को धन्य समझा। पेशवाई यात्रा में विभिन्न अखाड़ों के नागा-साधु, सन्यासियां अपने पारंपरिक आलौकिक श्रृंगार के साथ अस्त्र शस्त्र का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पेशवाई यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे, ताकि व्यवस्था में किसी प्रकार का कोई व्यवधान न पड़े और ना ही आने वाले दर्शनार्थियों व श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधाओं का सामना करने पड़े।
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-अग्नि प्रज्वलित कर की गई कुंभाराधना- भगवान बालाजी का माताओं समेत महाशांति अभिषेकटी सहदेवभिलाई नगर। बालाजी मंदिर में शुक्रवार को सुबह आंध्र साहित्य समिति की देखरेख में अष्टबंधन महासंप्रोक्षण के दूसरे दिन वैदिक मंत्रों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान अष्टबंधन समर्पण संपन्न हुआ। अष्टबंधन आठ तरह के द्रव्यों शंखचूर्ण, लाख, राल, माखन, गेरुलाल, मोम, पित्त, अखरोट से बना एक खास तरह का पवित्र लेप है, जिसे तिरुपति से आए पंडितों ने तैयार किया। इस लेप को तैयार करने में भक्तों ने भी अच्छी खासी दिलचस्पी दिखाई। पंडितों ने इस लेप को बालाजी भगवान की मुख्य प्रतिमा के अनुसंधान पीठम और पद्म पीठम के बीच लगाया। इसकी पकड़ सीमेंट से भी ज्यादा मजबूत होती है, एक बार जब यह लेप लग जाता है, तो बारह वर्षों तक प्रतिमा टस से मस नहीं होती।इष्टदेव की पूजा से हुई अनुष्ठान की शुरुआतइससे पहले अनुष्ठान की शुरुआत में अतिथि पंडितों के सान्निध्य में यज्ञशाला में प्रतिष्ठित इष्टदेव बालाजी, माता श्रीदेवी-भूदेवी के उत्सव विग्रहों की धार्मिक रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद श्रीविष्णु के सेनाधिपति एवं वैकुंठ के द्वारपाल विष्वक्सेन की आराधना की गई। प्राचीन वैष्णव संप्रदाय वैखानस के आगमोक्त विधि-विधान से संपन्न हो रहे अनुष्ठान में विष्वक्सेन की आराधना के बाद पुण्याहवचनम कलश की पूजा की गई। इस कलश में पांच नदियों कृष्णा, कावेरी, गोदावरी, तुंगभद्रा और नर्मदा का मंत्रोच्चारित जल भरकर उसकी पूजा की जाती है, जिससे अज्ञात दोषों और विकारों का निवारण हो सके।अग्नि प्रज्वलित कर की गई कुंभाराधनाकलश पूजन के बाद हवनकुंडों में अग्नि प्रणयम यानी कि अग्नि प्रज्वलित कर कुंभाराधना की गई। तत्पश्चात विशेष उक्तहोम के माध्यम से कुंभ में शक्ति का आह्वान किया गया। उसके बाद पंचगव्याधिवास संस्कार करके भगवान का अभिषेक किया गया, जिससे कि उनका बिंब संपूर्ण और दिव्य आभा के साथ दमके। पंचगव्याधिवास के उपरांत क्षीराधिवास, जलाधिवास, चतुर्दश कलश स्नपन और फिर नवकलश का अभिषेक किया गया। इस तरह अनुष्ठान के पहले चरण का समापन अष्टबंधन समर्पण के साथ किया गया। अनुष्ठान में यजमान के तौर पर पीएस राव दंपति शामिल हुआ। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने आंध्र समाज के प्रमुख व्यक्तियों का शॉल देकर सम्मान भी किया।भगवान बालाजी का माताओं समेत महाशांति अभिषेकअनुष्ठान के अगले चरण में शाम को भगवान बालाजी माता श्रीदेवी-भूदेवी, द्वारपाल, ध्वज और विष्णु वाहन गरुड़ का महाशांति अभिषेक किया गया। इससे पहले हर बार की तरह पुनः विष्वक्सेन आराधना और पुण्याहवचनम कलश की पूजा-अर्चना भी की गई। इसके बाद यज्ञशाला में कुंभाराधना, अग्नि प्रणयम, विशेष होम, शय्याधिवासम, हौत्र प्रशंसनम, मूर्तिहोम और नीराजन जैसे धार्मिक कृत्य संपन्न किए गए। विशेष होम में सभी देवताओं का आह्वान किया गया, जबकि शय्याधिवासम में शैय्या पर विग्रहों को विश्रांति दी गई। इस दौरान अधिकतर अनुष्ठानों का बड़ी स्क्रीन से सीधा प्रसारण भी किया गया।-----------








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