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- -बिरहोरों के शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास संबंधी जरूरतों के लिए अपना जीवन होम करने वाले जागेश्वर राम बैरिकेड के उस पार अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, मुख्यमंत्री ने देखते ही पास बुला लिया-जागेश्वर ने कहा कि कैबिनेट का निर्णय बिरहोरों की आवास संबंधी जरूरत पूरा करने के लिए सबसे बड़ा दिन इसलिए ही आज मुख्यमंत्री को बधाई देने आये हैं-जागेश्वर ने बताया कि बिरहोरों के लिए किये गये कार्य में आत्मीय साथी रहे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, दो आश्रम बनवाये और हम लोगों ने मिलकर किया काम, आज बड़ा दिन-पहुना में पहुना भाव की तरह ही लोगों से बेहद आत्मीयता से मिल रहे मुख्यमंत्री, उनकी सरलता लोगों को भा रहीरायपुर /राज्य अतिथि गृह पहुना में मेजबान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हैं और पहुना है प्रदेश भर से आने वाले उनके आत्मीय स्नेहीजन। हर स्नेहीजन से मुख्यमंत्री पहुना में बेहद आत्मीयता से मिल रहे हैं। आज मुख्यमंत्री के गांव के निकट भीतघर से उनसे मिलने जागेश्वर राम पहुंचे। जागेश्वर राम कभी चप्पल नहीं पहनते, वे कपड़े भी मामूली ही पहनते हैं। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने जब पहुना पहुंचे तो वे बैरिकेड के उस पार थोड़े से संकोच के भाव से अपनी बारी का इंतजार करते खड़े हो गये। मुख्यमंत्री श्री साय जब आये तो परिचितों से भेंट करते वक्त उनकी नजर दूर खड़े जागेश्वर राम पर गई। उन्होंने जागेश्वर को आवाज लगाई। बड़ी आत्मीयता से उन्होंने पुकारा। आ ऐती आ, उहां का खड़े हस, मोर कोती आ। फिर उन्होंने जागेश्वर राम को गले लगाया, पूरे समय साथ ही रहे और समय-समय पर आत्मीय चर्चा करते रहे। जागेश्वर ने उन्हें कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के निर्णय पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सरगुजा संभाग की विशेष पिछड़ी जनजाति के हजारों बिरहोर लोगों को आवास मिलने का रास्ता खुल गया है जो घास-फूस की झोपड़ियों में हर साल सरगुजा की कड़ी सर्दी गुजारते हैं।दरअसल जागेश्वर राम और मुख्यमंत्री श्री साय के बीच आत्मीयता की जो कड़ी जुड़ी, वो प्रदेश की अति पिछड़ी जनजाति मानी जाने वाली बिरहोर जनजाति की वजह से जुड़ पाई। जागेश्वर राम महकुल यादव जाति से आते हैं। अपने युवावस्था के दिनों में जब पहली बार वे बिरहोर जनजाति के संपर्क में आये तो इस विशेष पिछड़ी जनजाति की बेहद खराब स्थिति ने उन्हें बेहद दुखी कर दिया। वे शेष दुनिया से कटे थे। शिक्षा नहीं थी, वे झोपड़ियों में रहते थे। स्वास्थ्य सुविधा का अभाव था। उन्होंने संकल्प लिया कि अपना पूरा जीवन बिरहोर जनजाति के बेहतरी में लगाऊंगा। यह बहुत बड़ा मिशन था और इसके लिए उन्होंने अपनी ही तरह के संवेदनशील लोगों से संपर्क आरंभ किया। इसके चलते वे तत्कालीन सांसद श्री विष्णु देव साय के संपर्क में आये। श्री राम ने उनके समक्ष इस जनजाति के विकास के लिए योजना रखी। सांसद ने उन्हें पूरे सहयोग के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद सांसद श्री साय के सहयोग से भीतघरा और धरमजयगढ़ में आश्रम खोले। शुरूआत में ऐसी स्थिति थी कि लोग आश्रम से अपने बच्चों को घर ले जाते थे लेकिन जब आश्रम में पहली पीढ़ी के बच्चे पढ़कर निकले और उनके जीवन में सुखद बदलाव आये तो बिरहोरों ने अपने बच्चों को यहां भेजना शुरू किया। इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए राज्य अलंकरण समारोह में उन्हें शहीद वीर नारायण सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री से जागेश्वर राम ने कहा कि अब हमारे बिरहोर लोगों की मकान की जरूरत पूरी होगी। आपने 18 लाख आवासों के स्वीकृत करने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में किया है। मैंने बिरहोरों की तकलीफ देखी हैं। उनकी उजाड़ झोपड़ियों की जगह अब पक्के घर होंगे। छत्तीसगढ़ में बड़ा फैसला आपने किया है जो लाखों बिरहोरों के जीवन में सुखद बदलाव लाएगा।अति विशिष्ट अतिथियों की अगवानी करने वाले परिसर पहुना में आने वाला हर व्यक्ति इस बात को लेकर आशंकित रहता है कि मुख्यमंत्री से मिलने वाले हजारों प्रियजनों के बीच उसे मुख्यमंत्री का थोड़ा समय मिल पाएगा या नहीं। यह आशंका उन लोगों में और भी बढ़ जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं लेकिन पहुना आते ही उन्हें अपने घर-गांव जैसा ही माहौल लगता है जैसे पूरा पहुना परिसर मड़ई की तरह हो गया हो और वे पहुना हो गये हों। अपने लोगों से गहरा स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अपने सभी प्रियजनों को समय दें।खाट-पलंग की व्यवस्था की थी श्री साय ने- श्री जागेश्वर राम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सांसद रहते बिरहोर जनजाति के दुखदर्द को समझा। वे झोपड़ियों में सर्द रातें बिना खाट के गुजारते थे। श्री साय ने उनके लिए खाट-पलंग की व्यवस्था की। वे 1980 से ही उनके साथ हैं और पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति के इलाकों में जब भी दौरे पर जाते हैं जागेश्वर राम को साथ ही रखते हैं।
- -खुशहाली के आशियाने से बदलेगी जिन्दगी, टपकते छत की सालाना मरम्मत से मिली राहत-बंदरों की उछलकूद से खपरैल टूट जाती थी, अब मिलेगा पक्का मकान-टेकारी में गांव वालों पीएम आवास मिलने के निर्णय से काफी खुशीरायपुर / रायपुर जिले के पास स्थित टेकारी गांव के निवासी प्राकृतिक आपदा और बंदरो द्वारा पैदा की गई आपदाओं से परेशान रहते हैं। बारिश के मौसम में उनके जीर्ण-शीर्ण घरों में छत से पानी टपकाने लगता है और रही सही कसर बंदरों की उछल कूद से पूरी हो जाती है। मकान के मेंटेनेंस का खर्चा इन ग्रामीणों पर बहुत भारी पड़ता है प्रधानमंत्री श्री मोदी के गारंटी के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय से टेकारी के ग्रामीणों में भी काफी खुशी की लहर है ,अब उन्हें हर साल होने वाली समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम टेकारी के हितग्राहियों में मुख्यमंत्री के पक्का आवास देने के फैसले के बाद भारी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि अब हमारा भी पक्का मकान होगा। गांव के हितग्राही मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने पूर्व में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था, पर उनका आवास स्वीकृत नहीं बन पाया था। वह कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी के निर्णय के बाद अब मेरा भी पक्का आवास होगा इस बात कि अब मुझे बहुत खुशी है। इसी तरह गांव के ही अन्य हितग्राही टेकारी ग्राम के बस्ती पारा निवासी मुकेश धीवर बताते हैं कि उनके घर में दस लोग रहते हैं। कच्चा मकान होने के कारण बारिश के दिनों में उन्हें बड़ी परेशानी होती थी। वर्षा के कारण छत से पानी टपकने लगता था और हमें सोने में समस्या होती थी। हम किसी तरह पॉलिथीन का उपयोग करके छत की मरम्मत करते थे, पर वह भी कारगर साबित नहीं होता था पर पक्का आवास बनने से हमें इस समस्या से राहत मिलेगी। इनकी माता श्रीमती सोनी धीवर कहती है कि अब मुझे लग रहा है कि हमें पक्का मकान में रहने मिल जाएगा, जिससे बंदरों के उछल-कूद से घर के छत में होने वाले नुकसान से निजात मिलेगी।गांव की अन्य हितग्राही श्रीमती लक्ष्मी वर्मा कहती है कि उनके मकान की रसोईघर की छत कमजोर हो जाने के कारण गिर गई थी, परन्तु उस समय रसोईघर में किसी के न होने के कारण बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उनके पति लाल जी वर्मा बताते है कि गाय के कोठे की छत भी कमजोर होने के कारण एक बार गिर गई थी। साथ ही गांव में बन्दरों की उछल-कूद से खपरैल भी टूट जाते है। जिसकी मरम्मत के लिए उन्हें हर वर्ष 20 हजार रूपये खर्च करने पड़ते थे साथ ही कच्चे मकान की वजह से सांप-बिच्छू का खतरा भी बना रहता था।गांव के खाल्हेपारा में रहने वाले अशोक वर्मा बताते है कि बंदरो के उत्पाद के कारण उनके मकान की छत कमजोर हो गई है। छत को गिरने से बचाने के लिए उन्होंने लकड़ी की बल्लियों का सहारा लिया है। उनकी बेटी ओमकुमारी वर्मा बताती है कि पानी गिरने पर घर की छत टपकने लगती है और घर में पानी भरने लगता है। जिससे उनकी पढ़ाई में भी दिक्कतें आती थी। साथ ही मेहमानों के आने पर उन्हें भी समस्याओं का सामना करना पड़ता था जिसके कारण वह नहीं रुक पाते थे। वह कहती है कि अब पक्का मकान बन जाने से घर में पानी भर जाने और सिलन की समस्या नहीं होगी और मेहमान भी उनके घर आराम से रुक सकेंगे। इसी तरह गांव के अन्य हितग्राही बताते है कि छत कमजोर हो जाने के कारण उन्होंने खपरे की जगह टीने का शीट लगावाया है। पर बंदरों के उछलकूद के कारण इस शीट से बहुत आवाज आती है जिससे उनको परेशानी होती है। पक्का मकान बन जाने से अब उन्हें इस समस्या से राहत मिलेंगी और इसके लिए वह मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करते है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया है कि राज्य के 18 लाख से अधिक हितग्राहियों का प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास बनवाया जाएगा। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी साथ ही मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों का रोजगार भी मिलेगा।
- टी सहदेव- सुबह छह से सात बजे तक नगर संकीर्तन होगा- दोपहर को नारायण सेवा यानी कि भंडारा भी रखा गया हैभिलाई नगर। सेक्टर 07 स्थित माताधाम मंदिर में इस महीने की 23 तारीख को गीता जयंती के पावन पर्व पर गीता महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद् भगवद्गीता प्रचार संघ के नेतृत्व में आयोजित होने वाले गीता महायज्ञ का यह 17 वां वर्ष है। संघ के संयोजक पी मुरहरि ने बताया कि आयोजन को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को कैंप 01 स्थित शिवानंद भजन मंदिर में के यर्रन्ना की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया कि मां मंकिनम्मा जन कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में गीता महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम के अनुसार सुबह छह से सात बजे तक नगर संकीर्तन होगा। उसके बाद ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के पश्चात कलश स्थापना की जाएगी। फिर नौ बजे से साढ़े तीन घंटे तक गीता महायज्ञ होगा। यज्ञ के तुरंत बाद विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ कर श्री हरि के नामों की महिमा का वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर दोपहर को नारायण सेवा यानी कि भंडारा भी रखा गया है। शाम को भजन संकीर्तन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। बैठक में एन रुकमांगधरा राव, जोगाराव, एन पापाराव, पी त्रिनाथ पंडित, बी रामाराव, वी सनमुख राव, वाई उपेंद्र राव, बी वेंकट राव और एल. पुन्नय्या प्रमुख रूप से शामिल थे।
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उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने भी की मुलाकातरायपुर ।गत संध्या को छत्तीसगढ़ सरकार में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के निवास स्थान पहुंचकर उनसे मुलाकात की।इस दौरान डॉ रमन सिंह ने मुख्यमंत्री साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा को नव दायित्व के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए डेढ़ दशक के भाजपा के शासनकाल के अनुभव साझा किया इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर चर्चा की। -
रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रथम कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प में श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी रायपुर में अध्ययन रत विद्यार्थियों का एक समूह वर्ष 2023 को अलविदा एवँ 2024 के जल्द आगमन की बेला में कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प में निवासरत बुजुर्गों के लिए दैनिक उपयोग में आने वाले अनाज, एवँ पैक्ड खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अमित श्रीवास्तव एवँ श्रीशा शर्मा के साथ एम. बी. ए. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के छात्र पीयूष कुमार , संकेत परियानी , श्रेया दुबे , कुसुम बोथरा , सौरभ भालेराव , पी प्रेम कुमार , पायल तिवारी , बी रितिका साई , प्राची सिंह , विवेक बर्मन , विकास साहू , भारत थवानी मुख्य रूप से शामिल हुए इस अवसर पर कुलदीप निगम वृद्धाश्रम की वॉर्डन पारूल चक्रवर्ती लीला यादव उपस्थित रहे।
- बिलासपुर,/विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी देने के साथ ही इच्छुक एवं पात्र हितग्राहियों का योजना में ऑनलाईन आवेदन किया जाएगा। इसके लिए शहर के विभिन्न वार्डों में 16 दिसम्बर से शिविर लगाए जा रहे है। शिविर में पहुंचकर हितग्राही योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।पीएम विश्वकर्मा योजना अन्तर्गत 18 पारम्परिक शिल्पकलाएं बड़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, अस्त्रकार, औजार निर्माता, तालासाज, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, चर्मकार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता, खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी एवं मछली जाल निर्माता के आवेदक आवेदन कर सकते है। सभी कारीगरांे और शिल्पकारों को बायोमैट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल से विश्वकर्माओं का निःशुल्क पंजीकरण, 1 लाख रूपये तक ऋण (18 माह के पूर्नभुगतान हेतु प्रथम किस्त), 2 लाख रूपये तक ऋण (30 माह के पुर्नभुगतान हेतु द्वितीय किस्त), 5 दिवसीय बुनियादी एवं 15 दिन या अधिक का उन्नत कौशल प्रशिक्षण (प्रशिक्षण मानदेय प्रतिदिन 500 प्राप्त होगा), टूलकिट प्रोत्साहन के तहत 15 हजार रूपये प्राप्त होगा, डिजिटल लेन देन प्रोत्साहन के तहत 1 रूपये प्रति लेन देन प्राप्त होगा (अधिकतम 100 रू0 प्रतिमाह)।आवेदक की आयु पंजीयन तिथि को न्यूनतम 18 वर्ष हो, लाभार्थी पूर्व के 5 वर्षाे में किसी भी अनुदान युक्त स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो, लाभ परिवार के एक ही सदस्य को प्राप्त होगा, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति व उनके परिवार योजना के लिए अपात्र है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मोबाईल नम्बर, बैंक विवरण एवं राशन कार्ड आवश्यक है। इस योजना एवं आवेदन की प्रक्रिया की अधिक जानकारी के लिए कार्यालय मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, प्रथम तल न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, बिलासपुर में संपर्क कर सकते है।
- दुर्ग/प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम दुर्ग के गया नगर वार्ड क्रं. 4 की श्रीमती नीतू ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वित होते ही उन्होंने सर्वे में अपना नाम जुड़वाया और हितग्राही द्वारा आवास निर्माण के तहत् उन्होंने मात्र 8 माह में अपने पक्के घर का निर्माण कर लिया। कुल 29.00 वर्ग मीटर स्वीकृत कॉरपेट क्षेत्रफल में उन्होंने अपना पक्का घर बनाया है। प्रथम तल निर्मित इस घर हेतु इन्हें 04 किश्तों मंे 2.24 लाख राशि का अनुदान आधार लिंक्ड बैंक खाते में दिया गया। हितग्राही को सारी प्रक्रियाएं बिल्कुल नई और आश्चर्य से भरी हुई लगती है, क्योंकि उन्होंने नक्शा पास कराने किश्त लेने हेतु किसी भी कार्यलय में भागमभाग नहीं की तथा 1 रूपए भी उन्हें अतिरिक्त नहीं खर्च नहीं करना पड़ा। उनके एवं उनके परिवार की वर्षों की आस पूरी हो गई। योजना से प्राप्त अनुदान के अतिरिक्त स्वयं की राशि लगाते हुए उन्होंने सर्वसुविधा युक्त आवास का निर्माण किया तथा आज अच्छे से जीवन निर्वहन कर रही हैं।
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दुर्ग /श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में बंधक श्रमिक सर्वेक्षण का कार्य किया जायेगा। उक्त सर्वेक्षण हेतु जिला स्तरीय सतर्कता समिति द्वारा नेहरू युवा केन्द्र, दुर्ग को सर्वेक्षण एजेंसी चिन्हित किया गया है। सहायक श्रमायुक्त दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार उक्त सर्वेक्षण एजेंसी के वालिंटियर्स एवं सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, दुर्ग के श्रम निरीक्षक के सहयोग से 21 दिसम्बर से 30 दिसम्बर 2023 तक दुर्ग जिले में अवस्थित संस्थाओं उद्योग/इंट भट्ठा/कृषि फॉर्म एवं नगरीय निकाय में स्थित दुकान व होटल में सर्वेक्षण का कार्य किया जायेगा। सर्वेक्षण हेतु 500 संस्थानों का चिन्हांकन किया गया है। जहाँ 2000 श्रमिकों से सर्वे प्रपत्र भरवाया जायेगा।
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*परीक्षा से भयमुक्त रहने दिए गए टिप्स*
बिलासपुर/स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रजी माध्यम विद्यालय तिलकनगर में छात्रों के लिए एक दिवसीय सेमीनार आयोजित किया गया। सेमीनार में शासकीय कन्या हाई स्कूल बैमा के प्राचार्य डॉ. आर.के. गौराहा के द्वारा ’’पढ़े तो कैसे पढ़े’’ विषय पर हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी के छात्रों को जानकारी दी गई है। सेमिनार छात्रों के लिए काफी लाभदायी एवं प्रभावी रहा। बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा से भय को किस प्रकार दूर किया जा सकता हैं इस पर भी प्रकाश डाला गया। सेमीनार में छात्रों के अलावा हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी के शिक्षक एवं संस्था के प्राचार्य श्री आर.के.चारी उपस्थित रहे।
- बालोद. जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के छात्र-छात्राओं ने राजनांदगांव में आयोजित संभाग स्तरीय 51वें राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2024 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि इसके अंतर्गत थीम माॅडल कृषि मंे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी के कक्षा 11वीं की छात्रा कुमारी वेनिता, कुमारी मोक्षा, कुमारी हर्षिता एवं कुमारी भूमिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसीतरह थीम लाईफ स्टाइल फाॅर एनवायरमेंट में कक्षा 11वीं के विद्यार्थी कुमारी रमा, छगेश कुमार एवं करण ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही थीम स्वास्थ्य में कक्षा 11वीं के विद्यार्थी कुमारी गरिमा, तारेन्द्र, कुमारी गीतांजली ध्रुव, कुमारी गीतांजली मसिया, कुमारी दुर्गा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन तीनों थीम में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हेतु चयनित हुए हंै। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चंद्राकर एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई एवं आगामी प्रतियोगिता हेतु शुभकामनाएं दी है।
- बालोद..बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 195 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 60 हजार 852 किसानों द्वारा कुल 02 लाख 37 हजार 759 मेट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 521 करोड़ 41 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 01 लाख 94 हजार 746 मेट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 01 लाख 30 हजार 316 मेट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 01 लाख 07 हजार 443 मेट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 4125 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 17 हजार 136 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- भिलाईनगर। निगम की टीम ने कोहका मुख्य मार्ग मे बारात के साथ चल रहे डीजे जो मानक क्षमता से अधिक ध्वनि फैला रहा था उसे रूकवा कर आवश्यक जाँच किये और डीजे संचालक से दस हजार रूपये अर्थ दण्ड वसुल कर बारातियों के अनुरोध पर विवाह कार्यक्रम हेतु डीजे को छोडा गया।निगम का तोडफोड दस्ता शुक्रवार को राधिका नगर सडक के किनारे विश्वकर्मा मार्केट मे दो स्थानो पर अवैध रूप से टीन शेड लगा कर किये गये कब्जे को बुलडोज़र से ध्वस्त किया। टीम माल रोड मे फरीदनगर के पार्क साईट नामक ओयो पंजीकृत होटल पहुँची और निगम के अधिकारियों ने होटल संचालन से आवश्यक दस्तावेज की मांग किया, लेकिन पुरी कार्रवाई के दौरान भवन स्वामी उपस्थित नही हुए जाँच मे भवन अनुज्ञा, भवन पूर्णतः मौके पर नही पाया गया तो निगम के भवन विभाग द्वारा नोटिस जारी कर होटल का संचालन बंद करवाया गया। बाद इसके निगम का तोडफोड दस्ता सिरसा रोड कोहका मे होटल फ्रेंड्स पार्क पर कार्रवाई के लिए आगे बढी तो गुरूकृपा डीजे जो बारात के साथ चलते हुए मानक क्षमता से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैला रहा था, उसे रोक कर आवश्यक जाँच पश्चात अर्थ दंड अधिरोपित किया गया। टीम होटल फ्रेंड्स पहुॅचे जहाॅ बाराती ठहरे हुए थे निगम की जाँच टीम ने होटल संचालक से आवश्यक दस्तावेज का अवलोकन करने के बाद ओयो बोर्ड को हटवाया और भवन पूर्णतः प्राप्त करने तक होटल को बंद रखने का पंचनाम किया। साथ ही होटल द ग्रीन रेस्ट्रो की जाॅच में गुमस्ता एवं अनुज्ञप्ती लाईसेंस की अवधि समाप्त पाये जाने पर पाॅच हजार रूपये का अर्थदण्ड वसूला गया। आज की कार्यवाही में निगम ने कुल पन्द्रह हजार रूपये दण्ड स्वरूप वसूल कर निगम कोष में जमा करवाया।कार्रवाई मे अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, स्वास्थ अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, जोन आयुक्त खिरोद्र भोई, सहायक राजस्व अधिकारी जेण्पीण्तिवारी, बालकृष्ण नायडू, सुनील नेमाडे, राजेश गुप्ता, ओम प्रकाश, राम चन्द्राकर, इमान सिंह कन्नौज, नंद कुमार सिन्हा, विनोद वर्मा, सुपेला थाना के पुलिस बल साथ रहे।
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-वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी कुलदीप निगम की 21वीं पुण्यतिथि पर विशेष
प्रशांत शर्मा
रायपुर प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे, पत्रकार और समाजसेवी स्व. कुलदीप निगम की आज 21 वीं पुण्यतिथि है। उनका व्यक्त्वि केवल एक पत्रकार का कभी नहीं रहा। समाजसेवा उनमें कूट- कूट कर भरी थी। लोगों की मदद के लिए वे सदैव तत्पर रहते थे। साथ ही साथ उन्होंने साहसी बच्चों को आगे लाने के लिए भी बहुंत काम किया।
तत्कालीन मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जब भी ग्रामीण पत्रकारिता की बात उठती है, कुलदीप निगम का नाम लोग आज भी याद करते हैं। उन्होंने उस दौर में ग्रामीण अंचलों की खबरों को प्रमुखता से समाचार जगत में उठाया, जब सीमित संसाधनों की वजह से अखबार गांव तक समय पर नहीं पहुंच पाते थे। स्व. श्री निगम ने सीमित संसाधनों के साथ कर्मनिष्ठा के रथ पर सवार होकर ग्रामीण पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। सुदूर ग्रामीण इलाकों से समाचार/फोटो का संकलन कर उसे ब्यूरो कार्यालय तक पहुंचाना उतना सरल नहीं होता। इसके लिए ग्रामीण पत्रकारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। श्री निगम ने ग्रामीण पत्रकारों की हौसला अफजाई की और उनकी खबरों को रायपुर में रहते हुए समाचार पत्रों में प्रमुखता से स्थान दिया। फिर वह चाहे दैनिक भास्कर, समवेत शिखर, देशबंधु , हाइवे चैनल या फिर हरिभूमि अखबार हो, उन्होंने इन समाचार पत्रों में काम करने के दौरान ग्रामीण पत्रकारिता को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
कुलदीप निगम का जन्म 10 जुलाई 1964 को ननिहाल लखनऊ में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव नर्रा , महासमुन्द एवँ उच्च शिक्षा सराईपाली और रायपुर में हुई । उन्होंने बैचलर ऑफ जर्नलिज्म में गोल्ड मेडल प्राप्त किये साथ ही पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय से एम. ए. भाषा विज्ञान की पढ़ाई की । उन्होंने देशबंधु , हाइवे चैनल , दैनिक भास्कर , समवेत शिखर एवँ हरिभूमि में अपनी सेवाएं प्रदान की। पत्रकारिता के साथ- साथ उन्होंने समाज सेवा के लिये भी बहुत काम किये उसमे प्रमुख रूप से बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय एवँ राज्य वीरता पुरस्कार दिलाने , वृद्धाश्रम की स्थापना , विधवा विवाह केंद्र , मूक बधिर बच्चों के लिए स्कूल के साथ ही भारतीय बाल कल्याण परिषद , मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी सदस्य तत्पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के संस्थापक सदस्य एवँ प्रथम महासचिव के रुप मे कार्य किया । लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था 10 दिसम्बर 2002 की रात एक सडक़ दुर्घटना में घायल होने के उपरांत उपचार के दौरान 16 दिसम्बर 2002 को एम. एम. आई. हॉस्पिटल रायपुर में उन्होंने अंतिम सांस ली । कहा जाता है कि ईश्वर को भी अच्छे लोगों की जरूरत होती है 38 वर्ष के अल्प समय में उन्होंने जो कार्य किया अकल्पनीय है। उदाहरण के तौर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद आज अपनी एक नई पहचान बना चुका है। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद इस परिषद की भी नींव पड़ी। मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद से अलग होकर बने इस परिषद ने कम ही समय में अपनी ऐसी विशिष्ट पहचान बना ली और फिर इसकी चर्चा दिल्ली तक भी होने लगी। यह सब संभव हो पाया वरिष्ठ पत्रकार श्री कुलदीप निगम के प्रयासों से, जो इस परिषद के संयोजक थे।
मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के विभाजन के लिये भारतीय बाल कल्याण परिषद ने श्री कुलदीप निगम को छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के गठन की जिम्मेदारी सौंपी और उन्हें संयोजक नियुक्त किया। उस समय श्री निगम भारतीय बाल कल्याण परिषद में छत्तीसगढ़ से एकमात्र आजीवन सदस्य एवं मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी सदस्य, वीरता पुरस्कार आयोजन, श्रमिक कल्याण एवं विभिन्न उपसमिति में सदस्य थे। भारतीय बाल कल्याण परिषद में रहते हुए श्री कुलदीप निगम ने तत्कालीन मध्यप्रदेश के उन बच्चों के लिए बहुत काम किया था, जिन्होंने साहसिक कार्य तो किए, लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिल पा रही थी। श्री निगम ने उन बच्चों के साहस को वीरता पुरस्कार दिलाने में अहम योगदान किया। यही वजह रही कि भारतीय बाल कल्याण परिषद ने श्री कुलदीप निगम पर भरोसा किया और उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की जिम्मेदारी सौंपी । श्री कुलदीप निगम ने आजीवन अपनी इस जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।
छत्तीसगढ़ बाल कल्याण परिषद से लगभग 27 नए सदस्य इससे जुड़े एवं इसके पंजीयन की कार्यवाही प्रारंभ की गई। सभी सदस्यों की पहली बैठक पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करने के लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली की तत्कालीन अध्यक्ष श्रीमती अंदल दामोदरन एवं तत्कालीन महासचिव श्रीमती गीता सिद्दार्थ, मध्यप्रदेश बाल कल्याण परिषद , भोपाल से महासचिव श्री आर. पी. सराफ विशेष रुप से उपस्थित हुए थे । बैठक के पश्चात एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर तत्कालीन राज्यपाल महामहिम दिनेश नन्दन सहाय से मिलकर बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए चर्चा की।
इस बीच मई 2001 को बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए बैठक आयोजित होने की सूचना मिलने पर परिषद के सदस्य श्री कृष्ण कुमार निगम , श्री राजेन्द्र निगम एवं श्री अजय त्रिपाठी ने उस समय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी से मुलाकात की और उन्हें बाल कल्याण परिषद के गठन के लिए किये गए कार्यों की जानकारी दी। श्री जोगी इससे काफी प्रभावित हुए और परिषद के संयोजक श्री कुलदीप निगम जो उस समय सराईपाली प्रवास पर थे, से टेलीफोन पर चर्चा की। इसके बाद राजभवन में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के रुप में नए रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। इसके संस्थापक सदस्य के रुप में तत्कालीन महामहिम राज्यपाल श्री दिनेश नन्दन सहाय , तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी , तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा , तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती गीता देवी सिंह , श्री कुलदीप निगम , श्री राकेश भान , श्री बी एल अग्रवाल एवं श्री सोहन लाल डागा के नाम पर सहमति बनी। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद हेतु नए रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही प्रारंभ करने के साथ ही पूर्व में रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए लोगों को भी छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के सदस्यों के रूप में मान्यता दे दी गई। उसके उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद का विधिवत रजिस्ट्रेशन हुआ । लगभग सभी राज्यों में बाल कल्याण परिषद में राज्यपाल पदेन अध्यक्ष रहते हंै । इसलिए छत्तीसगढ़ में भी मूल संविधान में 4 पदोंं को पदेन रखा गया था जिसके तहत परिषद में पदेन अध्यक्ष छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री , एवं 2 उपाध्यक्ष क्रमश: स्कूल शिक्षा मंत्री एवं महिला बाल विकास मंत्री को बनाया गया। संविधान के अनुसार ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की पहली कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष तत्कालीन राज्यपाल महामहिम दिनेश नन्दन सहाय , वरिष्ठ उपाध्यक्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजित प्रमोद कुमार जोगी , उपाध्यक्ष तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा एवं श्रीमती गीता देवी सिंह , महासचिव श्री कुलदीप निगम एवं कोषाध्यक्ष श्री राकेश भान को मनोनीत किया गया । इस तरह से श्री कुलदीप निगम के सपनों को पंख मिला और छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद नए कलेवर के साथ गठित हुआ। श्री निगम के स्वर्गवास के पश्चात माना कैम्प स्थित वृद्धाश्रम का नामकरण उनके नाम से किया गया एवं पैतृक ग्राम नर्रा का शासकीय विद्यालय का नाम भी कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किया गया । राज्य वीरता पुरस्कार का नाम स्व. निगम के नाम करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के कार्यकारिणी की बैठक मे निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया है । साथ ही वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा भी शासन से मांग की गई है । स्व. निगम को उनके जीवन काल में बहुत से संस्थाओं एवँ शासन द्वारा सम्मानित किया गया ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज महानदी मंत्रालय भवन में केबिनेट की द्वितीय बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा मौजूद थे। दिसम्बर माह के द्वितीय पखवाड़े में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में प्रस्तुत होने वाले अनुपूरक बजट के लिए विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श कर अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजस्थान के नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाईयों को छुएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री भजन लाल को उनके जन्मदिन और मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए राजस्थान की जनता को नई सरकार चुनने के लिए बधाई दी है।
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रायपुर. विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस ने दो पूर्व विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है तथा पूर्व मंत्री को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पार्टी नेताओं पर तथ्यहीन आरोप लगाने और जवाब से संतुष्ठ नहीं होने पर पार्टी ने पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह और डॉ विनय जायसवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। वहीं, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बृहस्पत सिंह और विनय जायसवाल के निष्कासन आदेश में कहा गया है, ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2023 के परिणाम उपरांत प्रदेश प्रभारी एवं वरिष्ठ नेताओं पर सार्वजनिक रूप से लगाए गए तथ्यहीन आरोप को निराधार व प्रस्तुत जवाब से असंतुष्ठ होकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के आदेशानुसार दो पूर्व विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है।'' वहीं, अग्रवाल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की हार पर संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कांग्रेस सरकार पर प्रश्न चिन्ह लगाया था और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के मुखिया पर गंभीर आरोप लगाया था। पूर्व मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है जिसे पार्टी ने गंभीरता से लेते हुए उनसे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व विधायकों का निष्कासन आदेश और पूर्व मंत्री को पत्र छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन और प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 54 सीटों पर जीत हासिल करते हुए विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बना ली है। वहीं 2018 के चुनाव में 68 सीटें जीतने वाली कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस पार्टी की हार के बाद सिंह, जायसवाल और अग्रवाल ने अलग-अलग समय पर पार्टी के पदाधिकारियों पर कई आरोप लगाए थे। रामानुजगंज से दो बार विधायक रहे बृहस्पत सिंह और मनेंद्रगढ़ से एक बार के विधायक जायसवाल को पार्टी ने इस बार के चुनाव में टिकट देने से इंकार कर दिया था। दोनों राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के विरोधी माने जाते हैं। पूर्व में बृहस्पत सिंह ने सिंहदेव पर जानलेवा हमला कराने का आरोप भी लगाया था। बाद में सिंह ने माफी मांग ली थी। पूर्व मंत्री अग्रवाल को इस चुनाव में भाजपा के लखनलाल देवांगन ने 25,629 मतों से पराजित किया है।
चुनाव परिणाम के बाद अग्रवाल ने इस महीने की आठ तारीख को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सत्ता केंद्रीकृत हो गई थी और और मंत्रियों को पांच साल के शासनकाल के दौरान अधिकार नहीं दिए गए। - रायपुर / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश उन्नति के नए शिखर को प्राप्त करेगा।
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कांकेर. कांकेर जिले में बृहस्पतिवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया। पिछले दो दिन में इस तरह की यह दूसरी घटना है। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना परतापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़कटोला गांव के पास उस समय हुई जब बीएसएफ और जिला पुलिस का एक संयुक्त दल को गश्त कर रहा था। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में बीएसएफ के प्रधान आरक्षक अखिलेश राय (45) घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद राय को प्रारंभिक उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए पखांजूर भेजा गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि शहीद जवान उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।
अधिकारी ने बताया कि इलाके में बीएसएफ, जिला रिजर्व गार्ड और जिला बल के संयुक्त दल द्वारा तलाशी अभियान जारी है। नारायणपुर जिले में बुधवार को नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों की टीम पर हमला करने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से विस्फोट करने से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) का एक जवान शहीद हो गया था और एक अन्य घायल हो गया था। - -शहीद जवान के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदनारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के थाना परतापुर के अंतर्गत ग्राम सड़कटोला के पास सर्चिंग के दौरान आईईडी ब्लास्ट में बीएसएफ में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत श्री अखिलेश राय की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।बीएसएफ में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत श्री अखिलेश राय उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के निवासी थे। सर्चिंग अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट के चपेट में आने से चोट लगने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए पखांजुर रवाना किया गया, लेकिन घायल श्री राय शहीद हो गए। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवान के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि श्री अखिलेश राय ने देश सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की है। इस दुख की घड़ी में पूरा छत्तीसगढ़ उनके परिजनों के साथ है।
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बालोद। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने आदेश जारी कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत् जिले में प्राकृतिक आपदा नैसर्गिक विपत्तियों के कारण 03 मृत व्यक्ति के परिवार (निकटतम वारिस) को आर्थिक सहायता अनुदान दिए जाने के प्रावधानों अनुसार 04-04 लाख रूपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया है। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत राशि का आहरण एवं भुगतान मृतकांे के निकटतम वारिस को करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में मृतक योगेश कुमार के पुत्र पुनम यादव बालोद, मृतक श्रीमती टाकेश्वरी सोरी के पति दुलेश्वर सोरी ग्राम मथेना तहसील डौण्डी एवं मृतक लोकेश कुमार की पत्नी श्रीमती केशरी बाई ग्राम हीरापुर तहसील बालोद को 04-04 लाख रूपये स्वीकृत किया गया है।
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-स्वयं का पक्का मकान बनाने का सपना हुआ साकार
बालोद ।रोटी, कपड़ा और मकान व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकता है। जीविकोपार्जन की साधन की प्रबंध हो जाने के पश्चात् आदमी के लिए सुरक्षित मकान की उपलब्धता उनके सर्व प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। लेकिन गरीबी एवं लाचारी के चलते इसका प्रबंध कर पाना भी व्यक्ति के लिए मुश्किल कार्य होता है। खास करके मेहनत-मजदूरी कर जीवन-यापन समाज के निम्न वर्ग के लोगों के लिए अपने लिए सुरक्षित मकान का निर्माण कर पाना जीवन भर एक सपना रह जाता है। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप कभी असंभव लगने वाला कार्य आज हकीकत में चरितार्थ हो रहा है। बालोद जिले मेें भी इस योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते हजारों ग्रामीणों का पक्का मकान बनाने का सपना साकार हुआ है। इस जन कल्याणकारी योजना के फलस्वरूप जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम उमरादाहा के मेहनत मजूदरी कर जीवन-यापन करने वाले अत्यंत गरीब हितग्राही श्री ढाल सिंह पटेल एवं उनके परिवार को सुरक्षित आशियाना मिल गया है। जिसके कारण ढाल सिंह पटेल की पक्का मकान बनाने की वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के फलस्वरूप उनके एवं उनके परिवार के लिए बेहतरीन आवास उपलब्ध होने से ढाल ंिसंह बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अभी हाल में ही उसका पक्का मकान का निर्माण हुआ है। जिसमें वे निवास भी करने लगे हैं। श्री ढाल सिंह ने बताया कि इस मकान के निर्माण के पूर्व वे और उनके परिवार इस नव निर्मित मकान के समीप स्थित घास-फूस से बने झोपड़ी छोटे से झोपड़ी मे रहते थे। जिसमें छांव एवं वर्षा के पानी से बचाव हेतु घास-फूस के अलावा पाॅलीथीन आदि का उपयोग किया करते थे। बारिश के दिनों में इस मकान मंे रहने में बहुत ही परेशानी होती थी। इस दौरान झोपड़ी में पानी टपकने के अलावा कीड़े-मकोड़े का खतरा भी बना रहता था। लेकिन गरीबी के चलते उन्हें अपने लिए सुरक्षित मकान बना पाना लगभग असंभव कार्य था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के फलस्वरूप आज उनके एवं उनके परिवार के लिए बेहतरीन पक्का मकान का निर्माण होने से उनके बहुप्रतिक्षित सपने के साकार होने के साथ-साथ उनके जीवन की बहुत बड़ी समस्या का निराकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने परिवार के साथ खुशहालीपूर्वक इस मकान में निवास कर जीवन-यापन कर रहे हैं। श्री ढाल सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार को अपने जैसे अनेक गरीब लोगों को सुरक्षित आशियाना प्रदान करने के लिए हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति विनम्र आभार माना है। - - सड़क किनारे गड्ढे, खुले चेम्बर की सर्वे कर मरम्मत 15 दिवस में करने के निर्देश- चिन्हित भिखारियों का व्यवस्थापन भी 15 दिवस मेंदुर्ग / जिले के नगरीय निकायों में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सड़क किनारे सभी छोटे-बड़े कब्जों, अवैध ठेले गुमटियों व चौपाटियों पर की गई कार्यवाही से प्रभावित व्यवसायियों/लोगों का जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थापन किया जाएगा। कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आज नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्हांेने कहा कि नगरीय निकायों के चौक-चौराहों से हटाये गये अतिक्रमित व्यवसायियों/लोगों को उनके आजीविका के लिए नगर में जगह चिन्हांकित कर शिफ्ट् किया जाए। ठेले को वेडिंग जोन में रखना संभव न हो तो सड़क किनारे स्थान जहां ठेला लगाया जा सके उस स्थान पर व्यवस्थित रूप से शिफ्ट् किया जाए। प्रभावित लोगों का व्यवस्थापन कराकर स्मार्ट वेडिंग जोन के तहत बैंक ऋण राशि की सुविधा मुहैय्या कराने इन्हें प्रधानमंत्री स्व निधि योजना से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। कलेक्टर श्री मीणा ने नगरीय निकाय के अधिकारियों को प्रभावित लोगों की व्यवस्थापन कराकर निकायवार जानकारी उपलब्ध कराने कहा है। कलेक्टर श्री मीणा ने जिले में केटल- फ्री रोड पर जोर देते हुए नगरीय निकायवार रोस्टर प्रारंभ होने के अब तक पकड़े गये पशुओं की जानकारी ली। उन्होंने सड़कों पर पशुओं के कारण हो रही दुर्घटना को रोकने के लिए सड़कों से घुमन्तु पशुओं को हटाने के लिए अधिकारियों को प्रभावी तरीके से कार्य करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि सब्जी मंडी, बाजार, कालोनियॉं व सड़क की संख्या आदि पर पशुओं की लोकेशन के अनुसार कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर की सड़क केटल-फ्री दिखना चाहिए, पशुओं को सड़कों पर छोड़े जाने पर पशुपालकों की पहचान कर कार्यवाही किया जाए। पशुपालकों से जुर्माना लिये बगैर पशुओं को नहीं छोड़ा जाए। नगरीय क्षेत्र अंतर्गत सड़कों के किनारे गड्ढे व खुले चेम्बर की सर्वे कराकर 15 दिवस में मरम्मत सुनिश्चित किया जाए। सड़क किनारे नालियां स्लैब से ढकी होना चाहिए। नगर में स्ट्रीट लाईट की संख्या कितनी है, कितने में अभी लाईट लगी है। रौप लाईट की क्या स्थिति है, निकायवार जानकारी उपलब्ध करायी जाए। कलेक्टर ने अवगत कराया कि निकायों द्वारा सड़कों पर भीख मांगने वाले 365 लोगों को चिन्हांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन लोगों को शासन की योजनाओं से लाभ मिल रहा है की नहीं, इसकी मॉनिटरिंग करें । इसके अलावा कई बार देखने में पाया गया कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर परिजन चौक-चौराहों में भीख मांगते मिले है, ऐसे लोगों के परिजनों की कांऊसिंलिंग कर समझाईश दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि नगर के सड़कों पर कोई भी भीख मांगते ना मिले इसके लिए अधिकारी अभियान चलाकर पंद्रह दिवस में व्यवस्थापन की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने नगरीय निकायों में स्वच्छता ही सेवा स्वच्छ भारत अभियान की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले के नगरीय निकायों के सभी वार्डों में सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने अपनी सहभागिता निभायी है। निकायों के वार्डों में सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों और चौक-चौराहों की सफाई की गई। इसी तरह प्रमुख गांवों में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री गोकुल रावटे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, रिसाली नगर निगम के आयुक्त श्री आशीष देवांगन सहित निकायों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -गणमान्य नागरिक, जन प्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रियाबालोद।श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित होने वाले छत्तीसगढ़ राज्य की नई सरकार के बेहतर कार्य को लेकर बालोद जिले की जनता पूरी तरह से आशान्वित है। नई सरकार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बालोद जिले के नागरिकों ने कहा कि श्री विष्णु देव साय जैसे अत्यंत सुलझे हुए राजनेता के मुख्यमंत्री बनने से हमारा छत्तीसगढ़ चहंुमुखी विकास करते हुए प्रगति के नए सोपानों को तय करेगा। छत्तीसगढ़ की नई सरकार के गठन के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गुण्डरदेही निवासी पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य प्रत्येक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थान बनाएगा। उन्होंने कहा कि श्री विष्णु देव साय गांव एवं जमनी से जुड़े राजनेता है। उन्हें छत्तीसगढ़ की वास्तविक हालात, यहाँ की परिस्थिति एवं आवश्यकताओं के संबंध में भली-भाँति ज्ञान है। श्री साय यहाँ की आवश्यकताओं के अनुरूप नीति-निर्धारण कर राज्य के कल्याण में उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन ने कहा कि श्री विष्णु देव साय जी लोकप्रिय और जनता के लिये समर्पित नेता हैं। मुझे उनके साथ कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है। मैं उनके साथ कार्य करने के अद्भुत पल को नही भूल सकता।नई सरकार के गठन के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए नगर पालिका बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही छत्तीसगढ़ की 03 करोड़ जनता के तकदीर एवं तस्वीर को बदलने का अभियान शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के साथ ही 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के साथ ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 02 साल का बोनस भी छत्तीसगढ़ के किसानों को प्राप्त होगा। इसी तरह जिले के गणमान्य नागरिक श्री कृष्णकांत पवार भी श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के पश्चात् छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरी तरह से आशान्वित है। इसी तरह जिले के वरिष्ठ पत्रकार श्री अरमान अश्क सहित सर्व आदिवासी समाज डौण्डीलोहारा के ब्लाॅक अध्यक्ष श्री तुकाराम कोर्राम, ग्राम पंचायत कारूटोला के सरपंच श्री तुलसी राम मरकाम एवं ग्राम कुुसुमकसा के ग्रामीण श्री टीकू राम साहू एवं श्रीमती लक्ष्मी साहू ने भी कहा कि श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति करते हुए विकास का नया कीर्तिमान रचेगा।
- बालोद । बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 194 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 57 हजार 261 किसानों द्वारा कुल 02 लाख 21 हजार 163 मेट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 485 करोड़ 09 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 01 लाख 91 हजार 105 मेट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 01 लाख 22 हजार 189 मेट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 98 हजार 973 मेट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 4511 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 18 हजार 839 मेट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- बालोद। छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पात्र हितग्राहियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हंै। इस योजना का लाभ लेने हेतु पात्रताधारी ईच्छुक जोड़ों को अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक अथवा परियोजना अधिकारी के समक्ष 15 जनवरी तक विधिवत रूप से पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के राशन कार्डधारी परिवार की प्रथम 02 पुत्रियों का विवाह कराया जा सकता है। जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा वर की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। दोनों को अविवाहित तथा कन्या को छत्तीसगढ़ (यथासंभव बालोद जिले का) का मूल निवासी होना चाहिए। वर-वधू की आयु का सत्यापन शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र अथवा जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ आयु का निर्धारण संबंधी प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत प्रदत्त राशन कार्ड की छायाप्रति, वर-वधू की पासपोर्ट साईज की फोटो, आधार कार्ड की फोटोकापी तथा वर-वधू के अविवाहित होने संबंधी प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा। योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र पाए किए गए जोड़ों का विवाह शासन द्वारा निर्धारित तिथियों एवं विवाह सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना के तहत वर-वधू का विवाह शासकीय व्यय एवं प्रावधानों के अनुसार पूर्व निर्धारित स्थलों पर कराते हुए उन्हें उपहार स्वरूप विभिन्न जीवनोपयोगी सामग्रियां प्रदान की जाएगी। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत नवीन निर्देशों के अनुरूप वधू को 21,000 रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। जिसके लिए वधू का किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना अनिवार्य है ताकि उपहार राशि सीधे संबंधित के बैंक खाते में प्रेषित किया जा सके। योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन माह फरवरी 2024 के अंतिम सप्ताह में उपयुक्त तिथियों एवं स्थलों पर किया जाना संभावित है। अनिवार्य परिस्थितियों अथवा जोड़ों के परिजनों की सुविधा अनुसार इन तिथियों में परिवर्तन भी किया जा सकता है। जिसकी सूचना संबंधित परियोजना अधिकारियों के माध्यम से यथासमय प्रदान की जाएगी।





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