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- बालोद ।बालोद जिले में सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई के द्वारा सुरक्षाकर्मियों की भर्ती हेतु जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 26 दिसम्बर 2023 एवं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था डौण्डीलोहारा में 27 दिसम्बर 2023 को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केंदद्र बालोद ने बताा कि इसके अंतर्गत कार्य क्षेत्र रायपुर, भिलाई, दुर्ग एवं राजनांदगांव के लिए सिक्यूरिटी गार्ड (केवल पुरुष) के 100 पद के लिए शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवीं एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 20 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 8000 हजार से 10,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी गार्ड (केवल पुरुष) के 200 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता दसवीं/बारहवीं एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 20 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 10,000 हजार से 12,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी सुपरवाईजर (केवल पुरुष) के 50 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता बारहवीं/ग्रेजुएट एवं इसके लिए निर्धारित आयु सीमा 25 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 11,000 हजार से 15,000 तक निर्धारित की गई है।इसी प्रकार कार्यक्षेत्र भिलाई हेतु लेबर (केवल पुरुष) के 300 पद के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तथा मासिक वेतनमान 15,000 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह कार्यक्षेत्र मेघालय हेतु मिóी एवं कुली के लिए निर्धारित आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तथा वेतनमान 450 रुपये से 650 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि ईच्छुक अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, 04 पासपोर्ट साईज फोटो, रोजगार पंजीयन कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होना अनिवार्य है।
- -आधार अपडेशन कई दस्तावेजों के लिए है जरूरीभिलाईनगर। आधार अपडेशन के लिए नगर पालिक निगम भिलाई के द्वारा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 19 जनवरी तक आयोजित होगा। नगर पालिक निगम भिलाई की आम नागरिकों से अपील है कि जिन्होंने अब तक अपना आधार कार्ड अपडेट नहीं कराया है वह अपना आधार कार्ड शीघ्र ही अपडेट करा लें। बैंक, अकाउंट हो या जन्म - मृत्यु, आयुष्मान कार्ड सहित सभी जरूरी दस्तावेजों के लिए आधार अपडेशन जरूरी है। निगम द्वारा लगाए जा रहे शिविर में जोन 01 में 206, जोन 02 में 203, जोन 03 में 170, जोन 04 में 220 तथा जोन 05 में 212 नागरिकों का अपडेशन किया जा चुका है।10 वर्ष पूर्व जिन्होंने अपना आधार कार्ड बनवाया है उन्हें आधार अपडेशन करवाना अत्यंत अनिवार्य है। ताकि उन्हें इस आधार पर अन्य दस्तावेजों को बनाने में सहूलियत हो और दिक्कतों का सामना न करना पड़े। अब तक कई लोगों ने शिविर का लाभ उठाते हुए अपना आधार अपडेट करवा लिया है साथ ही आयुष्मान कार्ड भी बनवा लिया है। गौरतलब है कि महापौर नीरज पाल एवं निगमायुक्त रोहित व्यास के निर्देश पर निगम के कर्मचारियों के द्वारा निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों मंे पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनाने शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 6 दिसंबर से जारी शिविर में निगम क्षेत्र के 1011 नागरिकों ने अपना आधार कार्ड अपडेशन करा लिया है।इन स्थानों पर लग रहा शिविर -13 दिसम्बर को मंचमुखी गार्डन सांस्कृतिक गार्डन, वार्ड 16 सुपेला बाजार में सामुदायिक भवन शंकर पारा सुपेला व सामुदायिक भवन दुबे पशु आहार, वार्ड 32 बैकुण्ठधाम सुन्दर नगर में युगनिर्माण स्कूल के पास पार्षद कार्यालय, वार्ड 40 शहीद चुम्मन यादव छावनी में मंगल बाजार के पास व राधाकृष्णा मंदिर के पास, वार्ड 59 सेक्टर 05 पूर्व में डोम शेड सड़क 12-13, वार्ड 04 नेहरू नगर में 14 एवं 15 दिसम्बर को नेहरू नगर सियान सदन, वार्ड 19 राजीव नगर में राम जानकी मंदिर व हनुमान मंदिर शकुन्तला विद्यालय रामनगर, वार्ड 33 संतोषी पारा केम्प 02 में गौरव पथ नाले के पास व काली मंदिर विवेकानंद के पास, वार्ड 41 औद्योगिक क्षेत्र छावनी में राजीव नगर सामुदायिक भवन व क्रांति चौक के पास आंगनबाड़ी, वार्ड 60 सेक्टर 05 पश्चिम में डोम शेड संत विजय आडिटोरियम, वार्ड 05 कोसानगर में 19 एवं 20 दिसम्बर को राधाकृष्णा मंदिर व सामुदायिक भवन उपस्वास्थ्य केन्द्र के पास, वार्ड 20 वैशाली नगर में वैशाली नगर पार्षद कार्यालय, वार्ड 34 वीर शिवाजी वार्ड में पार्षद कार्यालय मिलन चौक, वार्ड 42 गौतम नगर में गली नं. 5 शिव मंदिर व बड़ा मंचशील स्कूल, वार्ड 61 सेक्टर 6 पूर्व में नगर निगम जोन कार्यालय जोन 5, वार्ड 06 प्रियदर्शिनी परिसर में 21 एवं 22 दिसम्बर को शीतला मंदिर संजय नगर व बलीराम किराना स्टोर्स व्यकेटेश्वर टाकिज के पास सामुदायिक भवन, वार्ड 21 कैलाश नगर में कैलाश नगर सियान सदन, वार्ड 35 शारदा पारा में पार्षद कार्यालय जनता स्कूल के पास, वार्ड 43 बापू नगर में राजीव नगर दुर्गा पंडाल व राजीव नगर शिव मंदिर, वार्ड 62 सेक्टर 6 मध्य में कालीबाड़ी सेक्टर 6, वार्ड 07 राधिका नगर में 26 एवं 27 दिसम्बर को सियान सदन राधिका नगर, वार्ड 22 कुरूद में बाजार चौक सामुदायिक भवन, वार्ड 36 श्याम नगर में सूर्या नगर सतनाम भवन व अहमद नगर आंगनबाड़ी केन्द्र, वार्ड 44 लक्ष्मी नारायण नगर में गणेश मंच उड़िया बस्ती व जलाराम मंदिर लक्ष्मी नारायण नगर, वार्ड 63 सेक्टर 6 में सड़क 70 पार्षद निवास के पास, वार्ड 08 कृष्णा नगर में 28 एवं 29 दिसम्बर को राधाकृष्ण मंदिर व बजरंग चौक वार्ड कार्यालय, वार्ड 23 घाॅसीदास नगर में दुर्गा मंच, वार्ड 37 संत रविदास नगर में पार्षद कार्यालय, वार्ड 45 बालाजी नगर में सामुदायिक भवन सांई मंदिर परिसर, वार्ड 64 सिविक सेंटर सेक्टर 10 में सड़क 12 व 13, वार्ड 09 राजीव नगर सुपेला में 2 एवं 3 जनवरी को राजीव नगर सांस्कृतिक मंच पारस नाथ कापरेटिव के पास, वार्ड 24 हाउसिंग बोर्ड में सियान सदन के सामने, वार्ड 52 सेक्टर 03 में दुर्गा पूजा मंच व अखाड़ा मैदान, वार्ड 46 दुर्गा मंदिर में सामुदायिक भवन, वार्ड 65 सेक्टर 10 में पार्षद निवास सेक्टर 10 में शिविर लगाये जायेगे।
- दुर्ग / भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण हेतु जन योजना अभियान 2023-24 का आयोजन किया जा रहा है। 02 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक अभियान के दौरान जिला पंचायत/जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत में क्रमशः सामान्य सभा व ग्राम सभा का आयोजन कर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये कार्ययोजना का निर्माण किया जाना है। ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण हेतु ग्राम सभा का आयोजन 19 दिसम्बर 2023 को सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त विशेष ग्राम सभा में कई कार्यसूचियां सम्मिलित है। जिसके अंतर्गत जीपीडीपी निर्माण हेतु एलएसडीजी की 09 थीमों में से कम से कम 01 थीम पर संकल्प लिया जाकर वाइब्रैंट ग्राम सभा पोर्टल में उसकी एण्ट्री करना अनिवार्य है। चयनित संकल्प को पूर्ण करने हेतु संबंधित गतिविधियों की प्राथमिकता निर्धारित किया जाना है। ग्राम सभा की बैठक में लाईन विभाग से संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत कर प्रारुप जीपीडीपी में समस्त विभाग की योजनाओं के साथ-साथ लो कॉस्ट-नो कॉस्ट गतिविधियों को भी सम्मिलित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम सभा की बैठक में अतिरिक्त कार्यसूची के रूप में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत भी कई बिन्दु सम्मिलित है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत में आने वाले ग्रामांे में शौचालय विहीन परिवार का चिन्हांकन एवं उनकी सूची का अनुमोदन उपरांत जनपद पंचायत/जिला पंचायत को प्रेषण करना, ओ.डी.एफ प्लस के मापदण्डों को पूरा करने वाले ग्रामों को ओडीएफ, प्लस घोषित करने की घोषणा, गोबरधन योजना अन्तर्गत स्थापित बायोगैस संयंत्रों के समुचित उपयोग एवं संधारण हेतु जिम्मेदारी का निर्धारण करना है। साथ ही ग्राम सभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की विडियों रिकार्डिंग कर विडियो को ’’ग्राम सभा निर्णय’’ (जीएस एनआईआरएनएवाय) मोबाईल एप्प में अपलोड किया जाना है। ग्राम सभा ’’संकल्प’’ एवं गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल (https:meetingonline-gov-in) एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत्-प्रतिशत् अपलोड किया जाएगा। सभी जनपद सी.ईओ. को जनपद स्तर के ग्राम पंचायतों में 19 दिसंबर 2023 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किये जाने हेतु आयोजित ग्राम सभा में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन जिला पंचायत को उपलब्ध कराना होगा। file photo
- -सुशासन से संवरेगा छत्तीसगढ़ - आएगी खुशहाली-जागी विकास की नई आस-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गाँव बगिया के लोगों ने कहा-कार्यशैली और व्यवहार कुशलता से सब के दिलों में अपनी छाप छोड़ेंगे नए मुख्यमंत्रीरायपुर / प्राकृतिक सुंदरता के साथ शान्ति और सुकून का आभास कराने वाले जशपुर की पहचान में एक नई कड़ी जुड़ गई है। यहां के कांसाबेल ब्लॉक में जीवनदायिनी मैनी नदी के किनारे बसे खूबसूरत गाँव बगिया में खिले श्री विष्णु देव साय रूपी फूल की खुशबू से अब पूरा छत्तीसगढ़ महकेगा। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इसी बगिया गाँव में जन्में और पले बढ़े हैं।बगिया गांव के निवासियों का कहना है कि पहली बार उनके गाँव और जशपुर जिले से छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया गया है, इससे इस क्षेत्र में विकास की नई बयार चलेगी। सुशासन का उदय होगा और प्रदेश में खुशहाली आएगी। लगभग ढाई हजार की जनसंख्या वाले बगिया गांव से पहली बार कोई मुख्यमंत्री बना है। इससे गांव के साथ-साथ पूरे जशपुर जिले में उत्साह और खुशियों का माहौल है।जनजाति समाज से आने वाले श्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही बगिया में रहने वालों में ही नहीं बल्कि जशपुर, सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास की एक नई उम्मीद और आस बंध गई है। श्री विष्णु देव साय की सादगी और व्यवहार से गाँव के लोग भलीभांति परिचित हैं। गाँव में रहने वाले 75 साल के बुजुर्ग जितरंजन साय बताते हैं कि विष्णु देव साय की सादगी और व्यवहार को देखकर गाँव के लोगों ने उन्हें पहले पंच फिर सरपंच बनाया। गाँव के लोग चाहते थे कि श्री साय बड़ा मंत्री बनें, उन्हें मुख्यमंत्री बनते देख के पूरा गांव बहुत खुश है। अब उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की उन्नति होगी और भविष्य उज्ज्वल होगा।मैनी नदी के किनारे श्री विष्णु देव साय के घर के सामने ही ग्रामीण सुखलाल सिदार रहते हैं। उनका कहना है कि अब हमारे गाँव बगिया के फूल से पूरा छत्तीसगढ़ महकेगा। श्री विष्णु देव साय किसी खूबसूरत फूल की तरह कोमल हृदय वाले, सहज और सादगी वाले व्यक्ति है। उनका व्यवहार सबको भाएगा। गाँव में उनका मेलजोल सभी के साथ है। आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में भले ही आज वे शपथ ले रहे हैं, लेकिन वे अपनी कार्यशैली और व्यवहार कुशलता से सभी के दिलों में अपनी छाप छोड़ेंगे। उनके नेतृत्व में सरगुजा संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ का विकास होगा।बगिया गांव के बंठू राम साय कहते हैं कि श्री विष्णु देव साय को प्रदेश के मुखिया के रूप में देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है। श्री साय जब गांव आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। उनके मुख्यमंत्री बनने से बगिया ही नहीं बल्कि आसपास के सभी गाँव के लोग खुश है और सबको एक नया भविष्य दिख रहा है। गाँव में स्व सहायता समूह संचालित करने वाली एकता स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती शानियरो बाई और सचिव उमादेवी कहती हैं कि श्री विष्णु देव साय हमारी बातों को ध्यान से सुनते हैं और समस्या को दूर करने की कोशिश करते हैं। कुछ ऐसा ही गांव की देवंती बाई और सुकांति बाई भी बताती हैं। उनका कहना है कि श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में सादगी और सुशासन का एक नया अध्याय लिखेंगे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भारतरत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 15 दिसंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने सरदार पटेल का पुण्य स्मरण करते हुए कहा है कि सरदार पटेल अपने फ़ौलादी संकल्पों के कारण लौह पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर देश के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के लिए किये संघर्ष के दौरान उन्होंने कई आंदोलनों का कुशल नेतृत्व किया। श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी सरदार पटेल भारत को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में काम करते रहे। भारत देश के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका हमेशा अविस्मरणीय रहेगी।
- -जन सूचना एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी ऑनलाइन पोर्टल में स्व पंजीयन अनिवार्य रूप से करेंरायपुर/ सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ई फाइलिंग सुविधा एवं स्व पंजीयन विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज रायपुर स्थित सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में किया गया। राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री धनवेंद्र जायसवाल, आयोग के सचिव श्री जी आर चुरेंद्र और राज्य शासन की नोडल अधिकारी एवं उप सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती मेरी खेस की उपस्थिति में इस कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय के नोडल अधिकारी उपस्थित हुए। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के अधिकारियों एवं एन आई सी के अधिकारियों के द्वारा ऑनलाइन पोर्टल में स्व- पंजीयन एवं ई फाइलिंग की सुविधा के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। कार्यशाला में अधिकारियों की शंकाओ का समाधान भी किया गया।एक दिवसीय राज्य स्तरीय इस कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी ने कहा कि आम जनता एवं जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपील अधिकारियों की सुविधा के लिए ई फाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जन सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों को वेब पोर्टल में स्व पंजीयन सुनिश्चित करना है। सूचना का अधिकार अधिनियम के कार्यों के क्रियान्वयन में अब डिजिटल कार्य किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में सभी राज्यों में ई फाइलिंग की सुविधा एवं अन्य कार्य किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा शुरू कर दी गई। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से ई-फाइलिंग की सुविधा को अपने जिले के सभी जन सूचना अधिकारियों और अपीलीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए पंजीयन की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।कार्यशाला में राज सूचना आयुक्त श्री जायसवाल ने नोडल अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित कराएं कि जन सूचना अधिकारियों एवं प्रथम अपीलीय अधिकारियों के कार्यालय में उनकी नाम पट्टिका स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। आरटीआई एक्ट में लापरवाही ना करें और किसी लिपिक के सहारे ना रखें। इस कार्य में जन सूचना अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होता है। उन्होंने प्रथम अपील का निराकरण गंभीरता से करने की समझाइए देते हुए कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी भी प्रथम अपीलीय अधिकारी की होती है। उन्होंने ग्राम पंचायत में सचिवों के तबादले होने पर दस्तावेज भी नए सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि आरटीआई में आवेदक को भटकना न पड़े। कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री जी आर चुरेंद्र ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा है कि वह इलेक्शन मोड की तरह स्व पंजीयन के कार्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में नोडल अधिकारी सभी विभागों में नियुक्त हो रहे हैं। उन्होंने जिला स्तर पर स्व पंजीयन के कार्य को करने के लिए एन आई सी की मदद लेने कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह आयोग के द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा करवा कर उसकी भी सूचना भेजना सुनिश्चित किया करें। कार्यशाला में राज्य सूचना आयोग की अवर सचिव श्रीमती गीता दीवान के द्वारा कहा गया कि आरटीआई का ज्ञान और उनके नियमों की जानकारी जितना आपके पास होगी उतना ही आवेदनों का निराकरण समय पर कर सकेंगे। उन्होंने आवेदनों को टालने की प्रवृत्ति से बचने की समझाइए दी है। कार्यशाला में आयोग के अनुभाग अधिकारी श्री अतुल कुमार वर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्वपंजीयन एवं दस्तावेजों को अपलोड करने के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र मंत्रालय के अधिकारी श्री अशोक मौर्य एवं उनकी टीम के द्वारा ऑनलाइन आरटीआई में स्व पंजीयन एवं प्राप्त आवेदनों के निराकरण को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताते हुए अधिकारियों की शंकाओ का समाधान किया गया। कार्यशाला में आभार प्रदर्शन स्टाफ ऑफिसर श्रीमती रजनी छड़ीमली के द्वारा किया गया।
- राजनांदगांव। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा में नोट गिनने के दौरान अज्ञात युवक ने 50 हजार रुपये पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार राइस मिल व्यापारी विष्णु प्रसाद लोहिया ने स्टेट बैंक में नौ लाख रुपये निकाले। वे नोटों की गिनती कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने नोट गिनने के लिए एक युवक की सहायता ली। युवक ने व्यापारी को नोट में स्याही लगा होने का झांसा दिया। इसके बाद युवक मौके से निकल गया। नोटों की फिर से गिनती की गई थी 50 हजार रुपये कम निकले । प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाल रही है। जिसमें एक युवक संदिग्ध नजर आ रहा है। कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। file photo
- राजनांदगांव। सहकारी संस्थाएं विभाग ने छुरिया ब्लाक के बम्हनी चारभांठा सोसाइटी के लिपिक शंकर दास साहू को 6.05 लाख रुपये के फर्जी ऋण के मामले में बर्खास्त किया है। आरोप है कि लिपिक ने पांच किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकाला है। शिकायत पर कराई गई जांच में यह सही पाए जाने पर बर्खास्तगी के रूप में बड़ी कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा कई समितियों में सैकड़ों किसानों के साथ किया गया है। जांच में बड़े खुलासे हो सकते हैं।चुनावी वर्ष में कर्ज माफी की आस में किसानों ने तो खरीफ फसलों के लिए ऋण लिया ही, उनकी आड़ में सहकारी समितियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी बड़ा खेल किया है। इसका खुलासा बुधवार को बम्हनी चारभाठां से हुआ। वहां के किसान बिसलराम कतलाम ने कृषि कार्य के लिए 25 हजार रुपये का ऋण निकाला। चेक में 23 के सामने दो लाख रुपये जोड़कर आरोपित लिपिक ने उसे 2.25 लाख कर दिया। बैंक से राशि निकालने के बाद किसान को 25 हजार देकर भेज दिया और स्वयं दो लाख रुपये रख लिया। किसान को यह खेल तब पता चला जब वे और ऋण लेने समिति पहुंचा।बताया गया कि ऋण के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायत पर जब सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की तो उसके परतें खुलने लगी। एक शिकायत पर की जा रही जांच के दौरान पांच और किसानों के साथ फर्जीवाड़ा सामने आया। किसानों के साथ बैंक को अंधेरे में रखकर उक्त लिपिक चेक में अतिरिक्त राशि भर देता था। शेष राशि खुद रख लेता था। आगे की जांच में इस तरह के मामले और सामने आने सी बात कही जा रही है। जांच अधिकारी देवेंद्रकुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान एक लाख रुपये के गबन की भी जानकारी सामने आई। यह राशि माइक्रो एटीएम की थी जो लिपिक शंकर दास साहू के पास थी। उसे उसने स्वय रख ली। उनके अनुसार उक्त सभी मामलों में आरोपी शंकर दास साहू से कुल छह लाख पांच हजार रुपये की वसूली कर ली गई है। प्रतिवेदन में पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराने की भी अनुशंसा की गई है।
- -उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शहीद कमलेश साहू के परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस, शहीद जवान को अर्पित की श्रद्धांजलिरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले में हुए आईईडी ब्लास्ट में सक्ती जिले के हसौद निवासी शहीद जवान श्री कमलेश साहू को नमन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। मुख्यमंत्री ने शहीद जवान के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा छत्तीसगढ़ उनके परिजनों के साथ है। श्री कमलेश साहू ने आदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज सक्ती जिले के हसौद पहुंचकर शहीद श्री कमलेश साहू को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने शहीद के पिता श्री मुंगेश्वर साहू को गले लगाकर उन्हें ढांढस बंधाया। श्री शर्मा ने शहीद कमलेश की माता श्रीमती तारा देवी साहू, पत्नी श्रीमती वृंदाबाई साहू, शहीद की बड़ी बहन श्रीमती कमलेश्वरी साहू और छोटे भाई श्री यशवंत साहू सहित अन्य परिजनों से भी मुलाकात की और सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद श्री कमलेश साहू ने देश की सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की है, उनकी शहादत को नमन है। विधायक श्री केदार कश्यप, जैजैपुर विधायक श्री बालेश्वर साहू, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी हसौद पहुंचकर शहीद श्री कमलेश को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सक्ती की कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री एम. आर आहिरे सहित बड़ी संख्या में नागरिकांे ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। महंत रामसुंदर दास भाजपा के बृजमोहन अग्रवाल से हार गए। महंत रामसुंदर दास ने इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। देखें पत्र-
- जानकारी के लिए जिला कोषालय से करें संपर्करायपुर/ओपीएस चयन एवं कार्मिक संपदा पोर्टल में अपलोड किए जाने के संबंध में संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि नवा रायपुर द्वारा अंतिम तिथि 29 दिसंबर निर्धारित की गई है। वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी उक्त प्रक्रिया की विस्तृत सूचना कार्यालय जिला कोषालय रायपुर से भी संपर्क किया जा सकता है।
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*विजयोल्लास के पथ पर चुनौतियों के नुकीले कंटकों पर चलकर स्वप्नों को साकार करने संकल्पों की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती*
*सत्ता व संगठन के कर्णधार कार्यकर्ताओं का ध्यान रखें, कार्यकर्ता सत्ता और संगठन के मद्देनजर अपनी समझ विकसित करें*

*अनिल पुरोहित,* वरिष्ठ पत्रकार
भारतीय जनता पार्टी पाँच वर्षों के अपने वनवास से उबरकर नए संकल्पों के पथ पर ऊर्जा और विश्वास के नए आलोक में अपनी महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ करने जा रही है। संकल्पों का यह पथ चुनौतियों के कंटकों से भरा हुआ है और भाजपा के कर्णधारों को इन चुनौतियों को पार कर विश्वास के धरातल को अपने निर्णयों, नीतियों और कार्य-संस्कृति से सतत अभिसिंचित करना है, संगठन के स्तर पर भी और सत्ता के स्तर पर भी! सत्ता के गलियारे में चहलकदमी करते वक़्त भाजपा को यह बात हमेशा ध्यान रखनी होगी कि यह माया महाठगिनी होती है। वह सत्ताधीशों को अपनी चकाचौंध में वह सबकुछ देखने ही नहीं देती, जो वास्तव में उसे देखना चाहिए और जिस काम के लिए सत्ता उन्हें साधन के तौर पर मिली है। यह अप्रत्याशित क़तई नहीं है कि भाजपा ने चुनावी मैदान मार लिया है, क्योंकि अपनी पराजय की पटकथा तो कांग्रेस के सत्ताधीशों ने सत्ता सम्हालते ही खुद अपने हाथों लिखनी शुरू कर दी थी और जिस भाजपा को तमाम राजनीतिक विश्लेषक और कांग्रेस के लोग सत्ता की दौड़ से बाहर मानकर चल रहे थे, वे मतदान के पहले चरण के क़रीब आते-आते भाजपा को कांग्रेस के मुक़ाबिल मानने लगे, हालाँकि भाजपा की जीत हो रही है, यह बात मानने और भाजपा की जीत पचाने के लिए मतगणना के पहले तक मतगणना के शुरुआती रूझानों के बाद भी वे तैयार नहीं दिखाई दे रहे थे। पर जनादेश भाजपा के पक्ष में आना था, सो आ गया। अब शपथ ग्रहण के महोत्सव के साथ भाजपा की असली परीक्षा शुरू हो रही है। विजयोल्लास के पथ पर चुनौतियों के नुकीले कंटकों पर चलते हुए उन स्वप्नों को साकार करना है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटलजी ने संजोया था, उन संकल्पों की कसौटी पर खरा उतरना है, जिसे बार-बार दुहराकर भाजपा ने यह विश्वासपूर्ण जनादेश अर्जित किया है।
यह माना जाना चाहिए कि हिन्दुत्व, विकास, सेवा, सुशासन और ग़रीब कल्याण के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे तथा 'मोदी की गारंटी' ने भाजपा की जीत की राह को आसान बनाया है, पर उससे भी कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण बात यह ध्यान में रखी जानी चाहिए कि कर्ज़माफ़ी, मुफ़्त बिजली, मुफ़्त शिक्षा जैसे नितांत निजी फ़ायदों को अपनी ठोकर पर रखकर प्रदेश की जनता-जनार्दन ने भाजपा के वादों और घोषणाओं पर इतना अधिक विश्वास जताया कि अब तक के हुए पाँच चुनावों में भाजपा को न केवल अधिक सीटें मिली हैं, अपितु वोटों के प्रतिशत में भाजपा को एक नया रिकॉर्ड बनाने का मौक़ा दे दिया। पर जीत और सरकार में आने की इस बेला में आत्ममुग्ध होने के बजाय भाजपा के लिए भी आत्म मंथन की उतनी ही ज़रूरत है, जितनी आज कांग्रेस को है। परंतु, कांग्रेस पराजय के सबक और संदेश को कब समझ पाई है? सत्ता प्रबंधन की इतनी ही राजनीतिक समझ कांग्रेस में होती तो 71 सीटों से महज़ पाँच सालों में 35 सीटों पर नहीं सिमटती। इस सच्चाई को पूरी शिद्दत से स्वीकार करना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास की मांग को लेकर विधानसभा के समक्ष हुए प्रदर्शन के साथ ही भाजपा ने अपने धारदार तेवर दिखाए और उसके बाद लगातार चले अभियानों व कार्यक्रमों ने भाजपा की भूमिका को प्रभावी बनाया। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान पर इस वर्ष के मध्य में हुई प्रधानमंत्री श्री मोदी की सभा ने भाजपा को राजनीतिक संजीवनी दे दी। आज धान की क़ीमत, ख़रीदे जाने वाले धान की मात्रा, दो साल का बकाया बोनस, महतारी वंदन योजना, युवाओं के लिए संभावनाओं का आकाश तलाशने की प्रतिबद्धता, जबरिया धर्मांतरण पर रोक लगाकर आदिवासी संस्कृति व परंपराओं की रक्षा और तुष्टीकरण की रक्त-पिपासु राजनीतिक प्रवृत्ति को नेस्त-ओ-नाबूद करने का प्रण, इनमें से भाजपा की जीत का श्रेय राजनीतिक विश्लेषक चाहे जिसे दें, पर इन चुनावों में इस सत्य को नकारा नहीं जा सकता कि पहली बार एक दल के नाम पर चुनाव हुए हैं और इसमें व्यक्ति गौण हो गया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी इस विजय रथ के सारथी बने और इसीलिए कांग्रेस 'भूपेश है तो भरोसा है' से लेकर 'भरोसे की सरकार' के जुमले उछालने के लिए विवश हुई जबकि बिना कोई चेहरा सामने किए भाजपा सत्ता-सिंहासन पर विराजमान है। निश्चित रूप से भाजपा के लिए यह गर्व का क्षण है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व अन्य अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों व साधु-संतों की मौज़ूदग़ी में प्रदेश के हज़ारों-हज़ार कार्यकर्ताओं के बीच प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ शपथ ली है। अब इस विचार पर भी विमर्श की शुरुआत होनी चाहिए कि मंत्रिमंडल के परंपरागत ढाँचे को कोई नया आकार दिया जाए जिसमें शामिल हर एक मंत्री समूचे प्रदेश के स्तर पर अपने विभाग की कार्यप्रणाली की न केवल समझ से भरपूर हो, अपितु अपनी विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों से प्रदेश के हर एक परिवार को लाभ पहुँचा सके। जाहिर है, ऐसे मंत्रिमंडल में किसी अपराधी या भ्रष्ट प्रवृत्ति को ज़गह नहीं मिलनी चाहिए, अन्यथा ऐसे लोग सेवा-सुशासन और ग़रीब कल्याण के संकल्पों को कर्क-रोग की तरह भीतर से खोखला ही करेंगे, अपराधों को प्रश्रय देंगे, सरकार के 'कमाऊ पूत' बनकर मनमानी करेंगे, सर्वतोमुखी विकास की अवधारणा को पलीता ही लगाएंगे। यह भी नहीं भुलाया जा सकता कि इस नई सरकार को कर्ज़ के दलदल को भी पार करना है और विकास के तमाम तक़ादों को पूरा भी करना है। 15 वर्षों के भाजपा के पूर्ववर्ती शासनकाल में जिन राजनीतिक दोषों से जनता नाराज़ हो चली थी, अब भाजपा के सत्ताधीश छाछ को भी फूँक-फूँककर पीएंगे, जनता-जनार्दन की यह उम्मीद बेमानी नहीं है।
भाजपा को अब अपने संगठन के स्तर पर भी पर्याप्त ध्यान देने की ज़रूरत महसूस होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं को देवतुल्य बोल-बोलकर सिर्फ चुनाव तक ही उनके समर्पण, परिश्रम, पुरुषार्थ और पराक्रम को कसीदे पढ़े जाते हैं, लेकिन चुनाव निपटने के बाद उन कार्यकर्ताओं की पूछ-परख तक नहीं होती। उनका आत्मसम्मान सत्ता के गलियारों में कराहता न मिले, उनकी अपेक्षाएँ सत्तावादी अहंकार के बोझ तले दम न तोड़ें, अब इस बात का संगठन के स्तर पर ध्यान रखा जाना चाहिए। चापलूसों-चाटुकारों की काकस मंडली सत्ता के अनुचित लाभ लेने के लिए घेरेबंदी करने में निपुण होती है, ऐसे किसी भी घेरे में कैद होकर पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी अब नहीं होनी चाहिए। ऐसी गिरोहबंदी, घेरेबंदी ने ही पिछले चुनाव में कार्यकर्ताओं को अपनी ही पार्टी से इतना दूर छिटका दिया था कि प्रदेश में 15 वर्षों की सरकार महज़ 15 सीटों पर आ गई थी! भाजपा की इस विजय के सूत्रधार प्रधानमंत्री श्री मोदी हैं तो इस सूत्र से कार्यकर्ताओं को बांधने का काम केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह, प्रदेश चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नवीन ने किया। संगठन सूत्र में कार्यकर्ताओं को पिरोने में लगा भाजपा केंद्रीय नेतृत्व कार्यकर्ताओं को यह समझाने में सफल रहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में कार्यकर्ता के नाते उनकी पूछ-परख तभी है, जब पार्टी सत्ता में रहे। यह बात कार्यकर्ता समझ गए और नतीजा सामने है। दरअसल कार्यकर्ता भी सत्ता के होने का महत्व समझ गए थे। सत्ता खोने का जो अहसास पाँच साल के कांग्रेस शासनकाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भोगा है, उसका एक असर यह भी देखने को मिला कि इस बार कार्यकर्ता स्व-स्फूर्त पार्टी को जिताने में संकल्पपूर्वक जुटे। यह केंद्रीय नेतृत्व के प्रयासों का सुपरिणाम रहा। पर अब भाजपा का प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर संज़ीदगी दिखाए कि सत्ता की चौखट के पार सरकार और भाजपा के सभी जनप्रतिनिधि अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और चापलूसों-चाटुकारों में भेद करने की समझ का परिचय दें, अन्यथा राममनोहर लोहिया तो कह ही गए हैं कि ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं किया करतीं। इसी तरह भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी अपनी समझ विकसित करनी होगी। राजनीति में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा जागना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, परंतु जन-आकांक्षा और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के महीन अंतर की मर्यादा का ध्यान आज भाजपा के कार्यकर्ताओं को इसलिए ज़्यादा रखना होगा क्योंकि अब वे उस स्थिति में हैं जहाँ आकांक्षाओं में संतुलन स्थापित कर अपने राजनीतिक आचरण की मर्यादा की मिसाल प्रस्तुत करें। सत्ता अपने साथ कुछ दोष सहज साथ लेकर आती है जिनमें एक दर्प है। दर्प के दर्पण में सुशासन का प्रतिबिम्ब दरक जाता है, यह बात सबको ध्यान में रखनी होगी। कार्यकर्ता समझें कि सत्ता की अपनी मर्यादाएँ होती हैं, सत्ता-संचालन की अपनी एक प्रक्रिया होती है। संगठन के निर्णय हर बार मनोनुकूल नहीं हो पाते, फिर भी विनम्रता के साथ सत्ता और संगठन से समन्वय बिठाकर कार्यकर्ता चलें। सत्ता और संगठन के कर्णधार भी अपने अल्पकालिक लाभ के लिए कार्यकर्ताओं की महत्वाकांक्षाओं को इतना न बढ़ाएँ कि वे बेलगाम होकर अराजकता का उत्सव मनाने लगें।
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बिलासपुर/आईटीआई कोनी में निजी संस्थान नव किसान बायोप्लांटेक लिमिटेड द्वारा 14 दिसम्बर को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस कैंप में 10वीं पास 19 से 35 वर्ष आयु वर्ग के महिला एवं पुरूष भाग ले सकते है। कार्य क्षेत्र बिलासपुर, कोटा, मस्तुरी, बिल्हा एवं आसपास के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में है। भविष्य निधि एवं चिकित्सा सुविधा एवं यात्रा भत्ता के अलावा वेतन 8 हजार 500 रूपये से 15 हजार तक होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 14 दिसम्बर को सवेरे 10 बजे आईटीआई कोनी, बिलासपुर में उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैंप में शामिल हो सकते है।
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लखीराम सभागार में मुख्य कार्यक्रम
बिलासपुर/प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रीमण्डल के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह का आम जनता तक सीधा प्रसारण पंहुचा ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों में प्रसारण सुनिश्चित किया गया मुख्य कार्यक्रम लखीराम अग्रवाल सभागार में आयोजित किया गया जिसमे संभाग कमिश्नर केडी कुंजाम, निगम कमिश्नर कुणाल दुदावत व जिला पंचायत सीईओ अजय अग्रवाल भी यहाँ मौजूद रहे।
जिला प्रशासन द्वारा आम जनता तक शपथ ग्रहण समारोह का सीधा प्रसारण सुनिश्चित करते हुए लखीराम सभागार के साथ ही शहर के चौक चौराहों, मुख्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों के अलावा अन्य प्रमुख स्थानों में एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया। लखीराम सभागार में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को फ्लेक्स व बैनर के माध्यम से प्रदर्शित भी किया गया। जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पंहुचे। नई सरकार के गठन को लेकर पूरे राज्य के साथ ही जिले वासियों में भी काफी उत्साह रहा। -
- सार्वजनिक स्थानों में लोगों ने की साफ-सफाई
दुर्ग/ विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जिले में आज स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम का आयोजन नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया। उल्लेखनीय है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जिले में स्वच्छ भारत अभियान का आयोजन कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की विशेष पहल की जा रही है। जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए इस अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। जिले के 300 ग्राम पंचायतों में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्राम के प्रमुख स्थलों की साफ-सफाई की गई। ग्राम पंचायतों के चौक-चौराहों, स्कूल परिसर, आंगनबाड़ी परिसर एवं बाजार स्थल की सफाई की गई। स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, ग्रामीणजन सहित विभिन्न सरपंच, सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वच्छताग्राही महिला स्वसहायता समूह, कर्मचारी बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। इसके अंतर्गत जनसामान्य को घरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने, स्वच्छता से जुड़े बीमारियों को नियंत्रित करने, स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करने तथा स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षा, शौचालय का उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे जनसामान्य में खुशी का माहौल है। ग्राम एवं शहर स्वच्छता की ओर अग्रसर है। अभियान कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक स्थलों एवं तालाब की साफ-सफाई की गई। स्वच्छताग्राही महिला स्वसहायता समूह द्वारा घर-घर कचरा एकत्रित कर कार्य किया।
विशेष स्वच्छता कार्यक्रम के तहत् जिले में 12 से 16 दिसंबर 2023 तक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की विशेष पहल की जा रही है। इसी तारतम्य में जिले में स्वच्छ भारत अभियान के तहत विशेष स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया। इसके अंतर्गत स्वच्छता अभियान में स्वच्छता दीदी जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, ग्रामीणजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभा कर साफ-सफाई किया। जनसामान्य को घरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने, स्वच्छता से जुड़े बीमारियों को नियंत्रित करने, स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य को और कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करने तथा स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षा, शौचालय ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए इस अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। -
दुर्ग / सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर द्वारा जांजगीर चांपा जिले में 15 दिसम्बर से 23 दिसम्बर 2023 तक पुलिस लाईन, खोखराभांठा जांजगीर में अग्निवीर थल सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। इस थल सेना भर्ती रैली के लिए अप्रैल 2023 में ऑन लाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का आयोजन किया गया था। उक्त सी.ई.ई. परीक्षा में दुर्ग जिले के लगभग 650 युवाओं का चयन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए किया गया है। दुर्ग जिले के सैनिक जनरल ड्यूटी के अभ्यर्थी 17 दिसम्बर 2023 एवं ट्रेडमेन के अभ्यर्थी 20 दिसम्बर 2023 को पुलिस लाईन, खोखराभांठा जांजगीर में उपस्थित हो सकते है।
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- गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए
- एएनसी पंजीयन 80 प्रतिशत से कम होने वाले ग्राम पंचायत के सेक्टर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया जाएगा नोटिस
- कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधा को और बेहतर करने ली समीक्षा बैठक
दुर्ग/कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि जिले का महत्वपूर्ण दायित्व आपके पास है इस पर लापरवाही न बरते। बैठक के दौरान जिले में गर्भवती माताओं को प्रसव पूर्व किए गए जांच (एएनसी) की गहन समीक्षा की गयी। कलेक्टर द्वारा चतुर्थ प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, चतुर्थ प्रसव पूर्व जांच के आधार पर संस्थागत प्रसव संबंधी अन्य आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके लिए एएनएम व आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को प्रेरित करती हैं। प्रसव के पहले ही संभावित जटिलता का पता चल जाता है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाली परेशानियों में काफी कमी भी आती और इससे होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी आती है। गर्भावस्था की संपूर्ण अवधि के दौरान कम से कम चार बार एएनसी जरूरी है।
कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव एवं एएनसी रजिस्ट्रेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए। एएनसी रजिस्ट्रेशन 80 प्रतिशत से कम होने वाले ग्राम पंचायत के सेक्टर स्वास्थ्य अधिकारियों को नोटिस जारी करने को कहा। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों को अवश्य मिलनी चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन को बढ़ाने और स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कराकर गर्भवती महिलाओं को पंजीयन कराने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव कराने पर जोर दिया। उन्होंने मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में सुरक्षित प्रसव कराने के निर्देश दिए। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति में बेहतर परिणाम लाने के निर्देश सेक्टर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने जिले में हुई स्वास्थ्यगत कारणों, प्रसव के दौरान नवजात शिशुओं की मृत्यु के प्रकरणों के संबंध में चर्चा की।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध संस्थागत प्रसव सुविधा का व्यापक प्रचार प्रसार कर अधिक गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव करवाना सुनिश्चित करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सहयोग एवं क्षेत्र में जागरूकता तथा संस्था के माध्यम से प्रदाय किए जाने वाले सुविधाओं का प्रचार प्रसार करने को कहा गया। उन्होंने निजी नर्सिंग होम की समय-समय पर बैठक लेने को कहा और नर्सिंग होम के द्वारा जानकारी प्राप्त नही होने पर कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आयुष्मान कार्ड का बनना बहुत जरूरी है। सभी इस कार्य को प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उपस्थित फिजियोथेरिपिस्ट द्वारा किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी ली और उनके कार्यो की प्रशंसा की। बैठक के दौरान मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी श्री जे.पी.मेश्राम सहित सभी विकासखण्ड के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।
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- -शहीद वीरनारायण सिंह का किया पुण्य स्मरण, संसद हमले में शहीद हुए जवानों को भी दी श्रद्धांजलिरायपुर / आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में दर्ज हुआ। जशपुर के आदिवासी अंचल से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री ने इस बेहद खास मौके पर शपथ ग्रहण के पूर्व अपने आराध्य देवताओं और अपनी माता जी के साथ ही छत्तीसगढ़ से जुड़ी विभूतियों का नमन किया।श्री साय ने सुबह की शुरूआत संसद में हुए हमले में शहीद जवानों का पुण्य स्मरण करते हुए की। आज के ही दिन आतंकवादियों से लड़ते हुए वर्ष 2001 में इन जवानों ने अपनी शहादत दी थी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किये। भगवान जगन्नाथ के प्रति गहरी श्रद्धा छत्तीसगढ़ के लोगों में रही है और ओडिशा की तरह ही यहां भी रथयात्रा धूमधाम से निकालते हैं।निजी जीवन में बेहद धार्मिक श्री साय ने आज के शुभ अवसर पर घर में देवी-देवताओं की पूजा भी सपरिवार की। इसके पश्चात उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का माल्यार्पण एटीएम चौक अवंति विहार में किया। छत्तीसगढ़ के गठन के पीछे अटल जी की बड़ी भूमिका थी। श्री साय ने आज इस महत्वपूर्ण दिन श्री अटल जी का पुण्य स्मरण किया ताकि छत्तीसगढ़ के निर्माण के पीछे की अटल जी की मंशा को अपने कार्यकाल में निरंतर पूरा करने की दिशा में कार्य करते रहें।इसके पश्चात वे जयस्तंभ चौक पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद वीरनारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। शहीद वीरनारायण सिंह ने 1857 के संग्राम में छत्तीसगढ़ के लोगों के देश प्रेम की अभिव्यक्ति की थी। बिंझवार जाति के इस आदिवासी महानायक का पुण्य स्मरण भी उन्होंने शपथ ग्रहण के पूर्व किया।सभास्थल में शपथ लेने से पूर्व उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पूर्व अपनी छत्तीसगढ़ यात्रा में नारा दिया था कि हमने ही बनाया है और हम ही इसे संवारेंगे। छत्तीसगढ़ को संवारने की जिम्मेदारी श्री साय को मिली है। प्रधानमंत्री से उन्होंने आशीर्वाद लिया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ को स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बीते एक दशक में अपनी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ को संवारा है। मुख्यमंच पर बने बैकड्राप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को अंकित किया गया था। आज हुए शपथ ग्रहण के साथ ही छत्तीसगढ़ में नये युग की शुरूआत हो चुकी है।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विधिवत पूजा अर्चना कर कार्यभार सम्हाला। यह पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री ने कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री साय की धर्म में गहरी आस्था है। उन्होंने शपथ ग्रहण से पहले सुबह रायपुर स्थित अपने घर में पूजा-अर्चना की और रायपुर के भगवान जगन्नाथ मंदिर में भी पूजा अर्चना की थी।इस मौके पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे।मुख्यमंत्री श्री साय के मंत्रालय पहुचने पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने उनका पुष्प गुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यभार सम्हाले के बाद अपने कार्यालय कक्ष में मंत्रालय के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय भी लिया।विभिन्न विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
- -श्री विष्णुदेव साय बने छत्तीसगढ़ राज्य के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री-कृषक परिवार से रखते हैं संबंध-04 बार जीत चुके हैं लोकसभा चुनाव-पूर्व में रह चुके हैं केन्द्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्षरायपुर / नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील के ग्राम बगिया में हुआ था। श्री विष्णुदेव साय के पिता स्वर्गीय श्री राम प्रसाद साय एवं माता जसमनी देवी हैं। श्री साय 27 मई 1991 में कौशल्या साय के साथ विवाह सूत्र में बंधे। इनके एक पुत्र और दो बेटियां है। श्री साय की शिक्षा हायर सेकेंडरी तक लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी में सम्पन्न हुई।श्री विष्णुदेव साय का राजनीतिक सफर:-श्री विष्णुदेव साय का 1989 में ग्राम पंचायत बगिया के पंच चुने जाने के बाद राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच बने, 1990 से 98 तक सदस्य मध्यप्रदेश विधानसभा तपकरा से विधायक चुने गए, 1999 में 13वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुने गए, 2004 में 14वीं लोकसभा में फिर से रायगढ़ संसदीय सीट से सांसद चुने गए, 2006 में प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी चुने गए, 2009 में 15वीं लोकसभा के लिए रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए, 2011 में भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में रायगढ़ संसदीय सीट से लोकसभा के सांसद चुने गए। 27 मई 2014 से 2019 तक केंद्रीय राज्य मंत्री इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय रहे। 2020 से 2022 तक भारतीय जनता पार्टी के फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 2 दिसंबर 2022 को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारणी में विशेष आमंत्रित सदस्य चुने गए। 8 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य नामित किए गए और 3 दिसंबर को घोषित हुए विधानसभा चुनाव में कुनकुरी सीट से विधायक चुने गए। 10 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुना और प्रदेश के अगले और प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए।नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की परिवारिक पृष्टभूमि:-नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी देते हुए बताते हैं कि मैं स्वयं कृषक परिवार से हूं, जनसंघ के समय मेरे बड़े पिता जी स्वर्गीय श्री नरहरि प्रसाद साय सन 1962 से 1967 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र लैलूंगा एवं सन 1972 से 1977 तक सांसद लोकसभा के सांसद और जनता दल सरकार में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री भारत सरकार रहे। श्री विष्णु देव साय कहते हैं बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री केदार नाथ साय जनसंघ के समय सन 1967 से 1972 तक विधायक विधानसभा क्षेत्र तपकरा का प्रतिनिधित्व उन्होंने किया और दादाजी सरदार स्वर्गीय बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक क्षेत्र से विधायक मनोनीत हुए थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कक्ष में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा को लेकर मंत्रालय में उप मुख्यमंत्रियों के कक्ष में पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में उप मुख्यमंत्री श्री साव और श्री शर्मा ने अपना कार्यभार संभाला। मुख्यमंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।
- -घर लौटने पर मां, पत्नी सहित परिजनों ने किया स्वागतरायपुर// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने शपथ ग्रहण उपरांत मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में अपना कार्यभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यभार ग्रहण के उपरांत राजधानी रायपुर के विधायक कॉलोनी स्थित अपने आवास पहुंचने पर उनकी मां, धर्मपत्नी सहित परिजनों ने आरती उतार कर उनका स्वागत किया।
- - माता श्रीमती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ ही कुटुम्बजन भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल-रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का गरिमामयी आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के शपथ ग्रहण समारोह में उनका परिवार भी इस स्वर्णिम अवसर का साक्षी बना। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउण्ड में आज आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की माती जी श्रीमती जसमनी देवी साय, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित पूरा परिवार मौजूद रहा। उत्साह भरे माहौल में पूरे परिवार ने लोगों के साथ आम लोगों ने अपनी खुशियां साझा की। गौरतलब है कि श्री साय के शपथ ग्रहण समारोह में उनके गृह जिले जशपुर से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। साथ ही उनके गांव बगिया में लोगों ने उनके शपथ ग्रहण समारोह का लाईव प्रसारण देखा।
- रायपुर, / आज साइंस कालेज ग्राउंड में लोरमी विधानसभा से विधायक श्री अरुण साव ने उप मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। श्री अरुण साव लगभग 33 साल से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने वकालत और राजनीति में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। श्री साव का पैतृक गांव लोहड़िया है और उन्होंने बीकाम एसएनजी कालेज मुंगेली से तथा एलएलबी कौशलेंद्र राव विधि महाविद्यालय बिसालपुर से किया है। राजनीतिक जीवन में निरंतर पहचान बनाने के साथ ही श्री साव वकालत में भी सक्रिय रहे। उन्होंने 1996 में सिविल न्यायालय मुंगेली से वकालत आरंभ की। इसके पश्चात उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में वकालत आरंभ की। इसके पश्चात वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में उप शासकीय अधिवक्ता, शाकीय अधिवक्ता एवं उप महाधिवक्ता जैसे पदों में रहे। सत्रहवीं लोकसभा में उन्होंने बिलासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और लोकसभा सदस्य बने। लोकसभा में सांसद के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए उन्होंने अनेक मौकों पर सदन में बिलासपुर जिले की समस्याओं तथा छत्तीसगढ़ की समस्याओं एवं जरूरतों को सदन में रखा। इस बार उन्होंने लोरमी से चुनाव लड़ा और जीते। श्री साव साहू समाज से आते है। वे कृषक परिवार से है। उनका जन्म स्वर्गीय अभयराम साव के परिवार में हुआ। वें साहू समाज में विभिन्न पदों पर काम कर चुके है। श्री साव सार्वजनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय रहें है और निरन्तर अपने अनुभवों से सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहें है।
- -कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लीरायपुर / कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में डिप्टी सीएम की शपथ ली। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में विशाल जनसमूह के बीच राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।विधायक श्री विजय शर्मा का सार्वजनिक जीवन यशस्वी रहा है। उन्होंने कबीरधाम जिला पंचायत के सदस्य से लेकर उपमुख्यमंत्री पद तक का सफर उन्होंने तय किया है।श्री विजय शर्मा विधानसभा चुनाव 2023 में पहली बार कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने है। श्री शर्मा मूलतः कवर्धा के निवासी है। उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा का जन्म 19 जुलाई 1973 को एक किसान परिवार में हुआ।भौतिकशास्त्र में स्नातकोत्तर श्री विजय शर्मा ने इसके साथ ही इंग्लिश लेग्वेज में डिप्लोमा लिया। श्री शर्मा ने छात्र जीवन से ही सार्वजनिक जीवन में कदम रख लिया था। डिप्टी सीएम बने श्री शर्मा क्रिकेट, पर्यटन, कविता पाठ एवं भाषण में गहन रुचि रखते हैं। क्रिकेट में वे राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुके हैं और एथलेटिक्स में भी उन्होंने पुरस्कार जीते हैं।श्री शर्मा निरंतर क्षेत्र के मुद्दों को प्रमुखता से रखते आये हैं तथा सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय रहकर जनकल्याण का कार्य करते आये हैं।खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी गंभीर रुचि रखते हैं। पर्यटन और अध्ययन उन्हें प्रिय है। डिप्टी सीएम श्री शर्मा छत्तीसगढ़ी, हिंदी और अंग्रेजी में अच्छी पकड़ रखते हैं। शपथ ग्रहण समारोह मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, राज्यसभा सांसद श्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, असम के मुख्यमंत्री श्री हेमंत बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विशेष रूप से उपस्थित थे। साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी हजारों लोग बनें।












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