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- नयी दिल्ली. खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 'अन्न चक्र' पेश किया। इस पहल का मकसद देश भर में पीडीएस लॉजिस्टिक नेटवर्क की कुशलता को बढ़ाना है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि विश्व खाद्य कार्यक्रम और आईआईटी-दिल्ली के साथ साझेदारी में विकसित यह प्रणाली खाद्यान्न की आवाजाही को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। इस पहल में 4.37 लाख उचित मूल्य की दुकानें और 6,700 गोदाम शामिल हैं।शुरूआती अनुमान के अनुसार इसके तहत 30 राज्यों में मात्रा-किलोमीटर लिहाज से 58 करोड़ रुपये की कमी के साथ सालाना 250 करोड़ रुपये की लागत बचत का अनुमान है। यह उपकरण रेलवे की माल ढुलाई संचालन सूचना प्रणाली और पीएम गति शक्ति मंच के साथ एकीकृत है। यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी उन्नयन को बताता है। इसके साथ ही, जोशी ने स्कैन पोर्टल पेश किया, जो राज्यों के लिए खाद्य सब्सिडी दावों को पेश करने और उसपर काम आगे बढ़ाने के लिए एक एकल-खिड़की प्रणाली है।
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भोपाल. खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने बृहस्पतिवार को बताया कि कंपनी विस्तार योजनाओं के तहत मार्च 2025 तक मध्यप्रदेश में 5,000 एजेंट जोड़ेगी और 150 प्रबंधकों को नियुक्त करेगी। कंपनी ने कहा कि उसने करीब 50 कार्यालयों और 524 अस्पतालों के नेटवर्क के साथ मध्यप्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत की है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के कार्यकारी अध्यक्ष सनथ कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हमारे पास 31,200 से अधिक एजेंटों का एक मजबूत नेटवर्क है, जो मध्यप्रदेश में आठ लाख लोगों और 527 कर्मचारियों को कवर करता है।” कंपनी मध्यप्रदेश में मार्च 2025 तक 14 जिलों में ग्रामीण बीमा केंद्र खोलकर, पांच हजार एजेंट जोड़ेगी और 150 बिक्री प्रबंधकों को नियुक्त करके अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। कुमार ने बताया, “हम मध्यप्रदेश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने के लिए गंभीरता से प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने बताया कि कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया है।
- नयी दिल्ली. राधिका-अनंत अंबानी की भव्य शादी, आईपीएल, गेमर अज्जू भाई की मनोरंजक कमेंट्री और 'मोये मोये' की दिलचस्प धुन को वर्ष 2024 में वीडियो शेयरिंग मंच यूट्यूब पर सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग वाले विषयों में जगह मिली है। यूट्यूब ने बृहस्पतिवार को अपने 'इंडिया' ब्लॉग में इन ट्रेंडिंग विषयों की सूची देते हुए कहा कि गुजरते साल में भारतीय ‘कंटेंट क्रिएटरों' और प्रशंसकों ने इंटरनेट को अपनी अनूठी आवाज और रचनात्मकता से नया रूप देने का काम किया है। इस ब्लॉग के मुताबिक, 2024 में यूट्यूब पर ‘अंबानी' और ‘शादी' शीर्षक वाले वीडियो को भारत में 6.5 अरब से अधिक बार देखा गया। प्रशंसकों ने इस भव्य शादी से जुड़े हर पहलू को काफी दिलचस्पी से देखा। इसके अलावा टोटल गेमिंग के नाम से मशहूर अज्जू भाई ने भी इस सूची में जगह बनाई है। अपने मनोरंजक स्वर और आकर्षक धुन की वजह से लोकप्रिय हुए 'मोये मोये' गीत को भी 4.5 अरब से अधिक बार देखा गया है। भारत में क्रिकेट से जुड़े वीडियो भी खूब देखे गए। इनमें आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से संबंधित सामग्री को सात अरब से अधिक बार देखा गया। इस सूची में एक और मशहूर नाम गायक एवं अभिनेता दिलजीत दोसांझ का है। दिलजीत के संगीत कार्यक्रमों से जुड़ी क्लिप को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया गया। इनके अलावा 2024 के लोकसभा चुनाव, अक्टूबर में दिवंगत हुए दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा और दिग्गज कलाकारों से सजी फिल्म 'कल्कि 2898' भी इस सूची में शामिल हैं। यूट्यूबर पर इस साल ट्रेंड करने वाले विषयों में 'गुलाबी साडी', 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया', 'आज की रात' और विक्की कौशल का 'तौबा तौबा' डांस भी शामिल रहे।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि जनवरी 2020 से अक्टूबर 2024 के बीच कोई भी पुरातत्व स्थल ‘लापता' या ‘नष्ट' नहीं हुआ। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘जनवरी 2020 से अक्टूबर 2024 के बीच कोई भी पुरातत्व स्थल लापता या नष्ट नहीं हुआ है। जनवरी 2020 से अक्टूबर 2024 के बीच किसी भी स्थल को सूची से नहीं हटाया गया है।'' शेखावत ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 2020 से 2024 के बीच वडक्कुपट्टू और आदिचनल्लूर में पुरातात्विक खुदाई की है। उन्होंने कहा कि कांचीपुरम जिले के वडक्कुपट्टू का स्थल मध्य पुरापाषाण काल से लेकर आरंभिक मध्यकाल तक का है। वहां खुदाई के दौरान प्राप्त पुरावशेषों में मध्य पुरापाषाण काल के पत्थर के औजार तथा आरंभिक ऐतिहासिक काल के अन्य पुरावशेष शामिल हैं। शेखावत ने कहा कि आदिचनल्लूर, जिला थूथुकुडी का स्थल महापाषण काल का है। -
श्रीहरिकोटा, (आंध्र प्रदेश) .भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बृहस्पतिवार को पीएसएलवी-सी59 रॉकेट के जरिए यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के प्रोबा-3 मिशन को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। यह अपनी तरह की पहली पहल है जिसमें दो उपग्रहों को सटीकता से प्रक्षेपित किया गया। इसरो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मिशन सफल रहा। पीएसएलवी-सी59-प्रोबा-3 मिशन ने अपने प्रक्षेपण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है, तथा ईएसए उपग्रहों को सटीकता के साथ उनकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। यह पीएसएलवी के भरोसेमंद प्रदर्शन, एनएसआईएल और इसरो के सहयोग और ईएसए के अभिनव लक्ष्यों का प्रमाण है।'' प्रक्षेपण के बाद मिशन नियंत्रण केंद्र में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि उड़ान के लगभग 18 मिनट बाद दोनों उपग्रहों को ‘सही कक्षा' में स्थापित कर दिया गया। प्रोबा-3 (प्रोजेक्ट फॉर ऑनबोर्ड ऑटोनोमी) में दो उपग्रह हैं, जिनमें दो अंतरिक्ष यान ने एक साथ उड़ान भरी। इसरो के लिए, यह प्रक्षेपण अपने पहले मिशन- आदित्य-एल 1 के बाद सूर्य पर वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा, जिसे सितंबर 2023 में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि प्रोबा-3 के साथ, मिशन ‘‘मांग पर सूर्य ग्रहण'' बनाने में सक्षम होगा। बुधवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से शाम 4.04 बजे होने वाले इस प्रक्षेपण को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया था, क्योंकि प्रक्षेपण से कुछ मिनट पहले उपग्रह प्रणोदन प्रणाली में एक ‘‘विसंगति'' पाई गई थी। इसरो को बधाई देते हुए ईएसए के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर ने कहा, ‘‘प्रोबा 3 को अंतरिक्ष में भेजने के लिए इसरो को धन्यवाद। प्रोबा-3 में दो अंतरिक्ष यान शामिल हैं, जिन्हें एक साथ प्रक्षेपित किया गया है, जो एक बार सुरक्षित रूप से कक्षा में पहुंचने के बाद, साथ-साथ सटीक उड़ान भरने के लिए अलग हो जाएंगे।'' उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘अलग होने के ठीक बाद, ऑस्ट्रेलिया में यथाराग्गा स्टेशन ने अंतरिक्ष यान के संकेत प्राप्त करना शुरू कर दिया। संदेश बेल्जियम में ईएसए के मिशन नियंत्रण केंद्र में आ रहे हैं। जाओ प्रोबा, जाओ।'' सोमनाथ ने कहा, ‘‘उपग्रहों को सही कक्षा में स्थापित कर दिया गया है, जो कि लगभग 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित बेहद ऊंची अण्डाकार कक्षा है। यह पृथ्वी का सबसे निकटतम बिंदु है, तथा 60,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित सबसे दूरस्थ कक्षा है, जिसका झुकाव 59 डिग्री है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह (मिशन) 61वें मिशन (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) में सटीक रूप से हासिल किया गया है। इसलिए, समूची पीएसएलवी परियोजना टीम के साथ-साथ प्रोबा-3 टीम को बधाई। हम प्रोबा-3 टीम को उनके आगे के संचालन और मिशन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं देते हैं।'' इसरो ने सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘‘पीएसएलवी-सी59-प्रोबा-3 मिशन एनएसआईएल, इसरो और ईएसए टीम के समर्पण को दर्शाता है। यह उपलब्धि वैश्विक अंतरिक्ष नवाचार को सक्षम करने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है। हम अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग जारी रखेंगे।'' भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) को ईएसए से प्रक्षेपण का ऑर्डर मिला है। एनएसआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डी. राधाकृष्णन ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी को ‘सुंदर प्रक्षेपण' देने के लिए इसरो की टीम को बधाई दी और कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं कि यह पहली बार है कि पीएसएलवी इतनी दीर्घवृत्ताकार कक्षा (लगभग 60,000 किमी) में गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पीएसएलवी मिशन को जीटीओ (भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा) या सब-जीटीओ तक जाते देखा है, लेकिन ईएसए के लिए 60,000 किलोमीटर की कक्षा तक पहुंचना वास्तव में विशेष है। जैसा कि आपने सुना है, प्रोबा-3 उपग्रह एक एकल तंत्र है जिसमें दो अंतरिक्ष यान हैं जो आने वाले महीनों में अलग हो जाएंगे।'' राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘प्रोबा-3 मिशन आने वाले महीनों में सटीक उड़ान भरेगा और यह सौर कोरोनाग्राफी का एक बहुत ही दिलचस्प वैज्ञानिक प्रयोग भी करेगा।'' मिशन का उद्देश्य सटीक उड़ान का प्रदर्शन करना है और उपग्रहों के अंदर मौजूद दो अंतरिक्ष यान कोरोनाग्राफ (310 किग्रा) और ऑकुल्टर (240 किग्रा) को वांछित कक्षा स्तर पर पहुंचाने के बाद आगामी दिनों में एक साथ ‘स्टैक्ड कॉन्फ़िगरेशन' में लाया जाएगा। बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 8.05 बजे शुरू हुई संशोधित उल्टी गिनती के अंत में 44.5 मीटर लंबा पीएसएलवी-सी59 रॉकेट अपनी 61वीं उड़ान पर तथा पीएस एलवी-एक्सएल संस्करण के साथ 26वीं उड़ान पर यहां अंतरिक्ष केंद्र से पूर्वनिर्धारित समय 4.04 बजे प्रक्षेपित हुआ। रॉकेट ने दोनों उपग्रहों को इच्छित कक्षा में सफलतापूर्वक अलग कर दिया, जिन्हें बाद में बेल्जियम में मौजूद ईएसए के वैज्ञानिकों द्वारा वांछित कक्षा में स्थापित किया गया। योजना के अनुसार उपग्रह पृथ्वी की उच्च दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पहुंच गए और एक साथ 150 मीटर की दूरी पर (एक बड़े उपग्रह ढांचे के रूप में) उड़ान भरने लगे, ताकि ‘ऑकुल्टर' अंतरिक्ष यान सूर्य की सौर डिस्क को अवरुद्ध कर दे, जिससे ‘कोरोनाग्राफ' को वैज्ञानिक अवलोकन के लिए सूर्य के कोरोना या आसपास के वातावरण का अध्ययन करने में मदद मिले। ईएसए ने कहा कि कोरोना सूर्य से भी ज्यादा गर्म है और यहीं से अंतरिक्षीय वातावरण की उत्पत्ति होती है। यह व्यापक वैज्ञानिक और व्यावहारिक रुचि का विषय भी है। सूर्य की सौर डिस्क को अवरुद्ध करने का पैटर्न सूर्य ग्रहण के दौरान होता है और वह भी कुछ मिनटों के लिए। हालांकि, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, प्रोबा-3 के साथ, मिशन ‘‘मांग पर सूर्यग्रहण'' बनाने में सक्षम होगा। आदित्य-एल1 मिशन का जिक्र करते हुए सोमनाथ ने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि हमारे पास एक सौर मिशन, आदित्य-एल1 मिशन है, जो उपग्रह के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह आने वाले दिनों में शानदार परिणाम देगा।'' प्रोबा-3 एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मिशन है जिसे ‘जनरल सपोर्ट टेक्नोलॉजी प्रोग्राम' के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है। उपग्रहों पर लगे उपकरण एक बार में छह घंटे तक सौर परिधि के करीब यात्रा करेंगे और प्रत्येक अंतरिक्ष यान पृथ्वी के चारों ओर लगभग 19 घंटे की परिक्रमा करेगा। परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग का कार्यभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘पीएसएलवी-सी59/प्रोबा-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के लिए टीम इसरो को बधाई। टीम इसरो लगातार एक के बाद एक सफलताएं हासिल करने में सक्षम है। प्रोबा-3 दुनिया का पहला सटीक उड़ान मिशन है।''
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नयी दिल्ली. भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले दो स्थानों से सैनिकों को वापस बुलाए जाने के बाद एक अहम वार्ता तंत्र के तहत बृहस्पतिवार को अपनी पहली कूटनीतिक बातचीत में सीमा विवाद से मिले सबक पर विचार किया ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की नयी दिल्ली में हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने सीमा मामले पर विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक की भी तैयारी की।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने सैनिकों को पीछे हटाने के हालिया समझौते के कार्यान्वयन की सकारात्मक रूप से पुष्टि की, जिसने 2020 में उभरे मुद्दों का समाधान पूरा किया। उन्होंने विशेष प्रतिनिधियों (एसआर) की अगली बैठक की भी तैयारी की।'' भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था और उस वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़प के परिणामस्वरूप दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। यह गतिरोध कुछ सप्ताह पहले देपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद समाप्त हुआ था। पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डब्ल्यूएमसीसी की यह पहली वार्ता थी। विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र के तहत वार्ता बहाल करने का निर्णय 21 अक्टूबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई बैठक में लिया गया था। वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री वांग यी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने डब्ल्यूएमसीसी वार्ता पर कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की और 2020 की घटनाओं से मिले सबक पर विचार-विमर्श किया, ताकि उनकी पुनरावृत्ति को रोका जा सके।'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस संदर्भ में, उन्होंने स्थापित तंत्रों के माध्यम से राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित आदान-प्रदान और संपर्क के महत्व पर प्रकाश डाला।'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘उन्होंने दोनों सरकारों के बीच प्रासंगिक द्विपक्षीय समझौतों, प्रोटोकॉल और सहमति के अनुसार प्रभावी सीमा प्रबंधन और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।'' वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौरांगलाल दास ने किया। चीनी दल का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा एवं महासागरीय मामलों के विभाग के महानिदेशक हांग लियांग ने किया। हांग ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदर्शित करने वाले अष्टलक्ष्मी महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पहली बार मनाया जा रहा तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव छह से आठ दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
पीएमओ ने कहा, ‘‘यह पूर्वोत्तर भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेगा, पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक प्रथाओं की एक श्रृंखला को एक साथ लाएगा।'' बयान में कहा गयस कि पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि उत्पादों और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव में कई तरह के कार्यक्रम भी होंगे। इसमें कहा गया कि महोत्सव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रमुख क्षेत्रों में कारीगर प्रदर्शनियां, ग्रामीण हाट, राज्य विशिष्ट मंडप और तकनीकी सत्र होंगे। पीएमओ के अनुसार, महोत्सव के दौरान निवेशकों की गोलमेज बैठक और खरीदार-विक्रेता बैठक भी होगी। इन कार्यक्रमों के आयोजन साझेदारी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा के उद्देश्य से किए गए हैं। बयान में कहा गया कि महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले डिजाइन कॉन्क्लेव और फैशन शो होंगे। इसमें यह भी कहा गया कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए महोत्सव में जीवंत संगीत प्रदर्शन और पूर्वोत्तर भारत के स्वदेशी व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। -
गुवाहाटी. असम पुलिस ने चार बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर पड़ोसी देश के प्राधिकारियों को सौंप दिया है। यह जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को दी। मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘भारत-बांग्लादेश सीमा पर कड़ी निगरानी जारी है। चार घुसपैठियों को असम पुलिस ने सीमा के पास से पकड़ा और वापस बांग्लादेश भेज दिया।'' उन्होंने बताया कि घुसपैठियों की पहचान रूमाना शेख, मोहम्मद बादशाह शेख, रेक्सोना खातून और मुसामा आयशा खातून के रूप में हुई। हालांकि, मुख्यमंत्री शर्मा ने यह नहीं बताया कि उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर किस क्षेत्र से पकड़ा गया। अगस्त में पड़ोसी देश में अशांति शुरू होने के बाद से अब तक 161 लोगों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ा गया है और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा गया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूर्वोत्तर में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य में अवैध प्रवेश को रोकने के लिए असम पुलिस भी सीमा पर हाई अलर्ट पर है।
- -राष्ट्रपति श्री पुतिन ने भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की रूस की इच्छा से अवगत कराया-राष्ट्रपति श्री पुतिन ने एसएमई के विकास के लिए रूस-भारत सहयोग पर जोर दिया-राष्ट्रपति श्री पुतिन ने ब्रिक्स निवेश मंच को वैश्विक दक्षिण देशों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण मानानई दिल्ली। राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन ने 15वें वीटीबी रूस कॉलिंग इन्वेस्टमेंट फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की "इंडिया फर्स्ट" नीति और "मेक इन इंडिया" पहल की प्रशंसा की। राष्ट्रपति श्री पुतिन ने विकास के लिए स्थिर माहौल को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इन नीतियों ने भारत के विकास में किस तरह योगदान दिया है।उन्होंने जोर देकर कहा कि विनिर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई "मेक इन इंडिया" पहल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति श्री पुतिन की टिप्पणियों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति को चिन्हित किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) के लिए "स्थिर स्थिति" बनाने को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई आर्थिक पहलों पर प्रकाश डाला, जिसमें "मेक इन इंडिया" कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दिया गया।राष्ट्रपति श्री पुतिन ने रूस के आयात घटाने के कार्यक्रम और भारत की "मेक इन इंडिया" पहल के बीच समानताएं बताते हुए भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के प्रति रूस की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश लाभदायक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के नेतृत्व ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने पर ध्यान केंद्रित किया है।रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "प्रधानमंत्री श्री मोदी के पास ‘मेक इन इंडिया’ नामक एक ऐसा ही कार्यक्रम है। हम भी भारत में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति से प्रेरित होकर स्थिर स्थितियां बना रही है। हमारा मानना है कि भारत में निवेश करना लाभदायक है।" उन्होंने यह भी कहा कि रूसी कंपनी रोसनेफ्ट ने हाल ही में भारत में 20 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।राष्ट्रपति श्री पुतिन ने ब्रिक्स के उदय के संदर्भ में रूस के आयात घटाने के कार्यक्रम के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जिसमें एसएमई के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया तथा ब्रिक्स व अन्य देशों में एसएमई के लिए सुचारू व्यापारिक लेनदेन की सुविधा के लिए त्वरित विवाद समाधान प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया गया।उन्होंने बाजार से बाहर हो चुके पश्चिमी ब्रांडों के स्थान पर नए रूसी ब्रांडों के उदय की ओर इशारा किया तथा उपभोक्ता वस्तुओं, आईटी, उच्च तकनीक और कृषि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय रूसी निर्माताओं की सफलता के बारे में बताया।उन्होंने कहा, "हमारे लिए, यह हमारे आयात घटाने के कार्यक्रम के हिस्से के रूप में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नए रूसी ब्रांडों के उभरने से उन पश्चिमी कंपनियों की जगह लेने में मदद मिल रही है, जो स्वेच्छा से हमारे बाजार को छोड़ चुकी हैं। हमारे स्थानीय निर्माताओं ने न केवल उपभोक्ता वस्तुओं में बल्कि आईटी और उच्च तकनीक वाले उद्योगों में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।"राष्ट्रपति श्री पुतिन ने एसएमई के विकास को समर्थन देने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच और अधिक सहयोग का भी आग्रह किया। उन्होंने सदस्य देशों को अगले साल ब्राजील में होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान सहयोग कायम करने की दिशा में प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। रूस द्वारा ब्रिक्स के साथ मिलकर विकसित किए जा रहे निवेश मंच के बारे में चर्चा करते हुए राष्ट्रपति श्री पुतिन ने कहा कि इसमें सभी भागीदार देशों को लाभ पहुंचाने की क्षमता है और उम्मीद है कि यह हमारी अर्थव्यवस्थाओं को समर्थन देने और वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को वित्तीय संसाधन प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन जाएगा।उन्होंने कहा, "मैं अपने ब्रिक्स के भागीदार देशों से सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करने का आग्रह करता हूं, और हम निश्चित रूप से इसे अपने ब्राजीलियाई नेताओं के ध्यान में लाएंगे, जो अगले वर्ष ब्रिक्स का नेतृत्व करेंगे।"अधिक जानकारी के लिए देखें http://en.kremlin.ru/events/president/news/75751
- नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के 20 साल के छात्र अर्जुन तंवर को पुलिस ने अपने पिता, मां और बहन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। उसके पिता रिटायर पुलिस अधिकारी थे। नेब सराय स्थित अपने घर में आरोपी अर्जुन ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या की वजह संपत्ति विवाद और पारिवारिक नाराजगी बताई जा रही है। आरोपी अर्जुन ने माता-पिता की शादी की सालगिरह के दिन बुधवार सुबह उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी अर्जुन ने बेहद सावधानी से साजिश रची थी। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस अधिकारियों को गुमराह भी किया। आरोपी को लगता था कि उसके 51 साल के पिता राजेश कुमार अपनी पारिवारिक संपत्ति 23 साल की बहन कविता के नाम करने वाले हैं।आरोपी अर्जुन मुक्केबाजी करता है। वह इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता था, लेकिन पिता को यह मंजूर नहीं था। इसके लिए उन्होंने कई बार सबके सामने आरोपी अर्जुन को डांटा था। इस बात से आरोपी अर्जुन गुस्से में था। पुलिस ने बताया, "आरोपी अर्जुन ने हमें बताया कि उसने पिता का गला काटने का फैसला किया। उसे पता था कि इससे वह चिल्ला नहीं सकेंगे। उसने पहले चाकू से पिता के सिर पर वार किया था।"माता, पिता और बहन की हत्या के बाद आरोपी अर्जुन अपने रोज के रूटीन के अनुसार सुबह 5.30 बजे दौड़ने चला गया। वापस आकर वह अपने जिम गया और मालिक को बताया कि उसके माता-पिता की हत्या कर दी गई है। उसने शक दूर करने के लिए पड़ोसियों और रिश्तेदारों को जानकारी दी।संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण) संजय कुमार जैन ने कहा कि पुलिस जांच में आरोपी अर्जुन के बयान को लेकर शक हुआ। पूछताछ किए जाने पर आरोपी अर्जुन ने अलग-अलग जवाब देने शुरू कर दिए। उसकी बातों में कई विरोधाभास थे। सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और कबूल कर लिया कि उसने ही हत्याएं की हैं।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो तीनों के शव घर के अलग-अलग हिस्से में खून से लथपथ मिले। राजेश का शव ऊपर की मंजिल पर मिला। उनकी पत्नी कोमल (46) और बेटी कविता ग्राउंड फ्लोर पर अलग-अलग कमरों में मृत मिलीं।तीनों की हत्या चाकू से गला काटकर की गई थी ताकि वे चीख न सकें। उनके शरीर में भी चाकू लगने के घाव मिले। खून बहना रोकने के लिए उनके गले को कपड़े से बांधा गया था। आरोपी अर्जुन ने हत्या की शुरुआत बहन से की थी। उसने जवाबी हमला करने की कोशिश की थी। इसके बाद वह अपने पिता के पास गया। उसने सो रहे पिता पर हमला कर दिया। पिता की हत्या के बाद आरोपी अर्जुन नीचे आया तो देखा कि मां बाथरूम गई हुई है। वह जैसे ही बाहर आई अर्जुन ने उसे भी मार डाला।पिता की आर्मी नाइफ से आरोपी ने की हत्याएंआरोपी अर्जुन ने हत्याओं को अंजाम देने के लिए अपने पिता के आर्मी नाइफ का इस्तेमाल किया। आरोपी अर्जुन को लगता था कि उसे पिता बहन की तरफदारी करते हैं। उसकी बहन मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थी। पिता अर्जुन को अक्सर उसकी पढ़ाई और दूसरी बातों के लिए डांटते थे। इसके चलते आरोपी अर्जुन खुद को उपेक्षित और अलग-थलग महसूस करता था। उसे यह भी शक था कि उसके पिता अपनी संपत्ति बहन को सौंपने की योजना बना रहे थे।
- नयी दिल्ली. ब्रिटिश काउंसिल ने बुधवार को 90 शब्दों का एक संग्रह जारी किया, जिसमें ‘बेबीसिटर', ‘गे', ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस', ‘वोक', ‘एजलॉर्ड' और ‘बार्बीकोर' शामिल हैं और ये शब्द 1930 के बाद के नौ दशकों को परिभाषित करते हैं। सांस्कृतिक संबंधों के लिए ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय संगठन की 90वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह सूची जारी की गई। इसमें बताया गया है कि अंग्रेजी भाषा किस प्रकार विकसित हुई है। साथ ही यह पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी परिवर्तनों को दर्शाती है। ‘कम्प्यूटेशनल भाषा विज्ञान और डिजिटल मानविकी' विशेषज्ञ डॉ. बारबरा मैकगिलिव्रे ने इन 90 शब्दों को संकलित किया है। यह संग्रह अंग्रेजी को लोगों और संस्कृतियों के बीच एक शक्तिशाली संयोजक करार देता है। ये शब्द 1934 से 2024 तक अंग्रेजी भाषा को आकार देने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीकी, राजनीतिक और पर्यावरणीय विकास को दर्शाते हैं। मैकगिलिव्रे ने एक बयान में कहा,‘‘ मैं हमेशा इस बात से चकित होती हूं कि भाषा समय के साथ कैसे विकसित होती है। ब्रिटिश काउंसिल की 90वीं वर्षगांठ के लिए 90 नए शब्दों और अर्थों को संकलित करते समय मैं यह देखकर चकित रह गई कि प्रौद्योगिकी किस तरह से संचार को नया रूप देती है और ये परिवर्तन कितनी तेज़ी से होते हैं। ई-बुक या डूमस्क्रॉल को लें: ये शब्द बताते हैं कि प्रौद्योगिकी ने हमारे जीवन को कितना बदल दिया है।'' तीस के दशक में गढ़े गए शब्द सामाजिक बदलावों और नवाचारों को दर्शाते हैं जैसे ‘बेबीसिटर' शब्द। यह शब्द बदलते पारिवारिक भूमिकाओं को दर्शाता है, ‘इवैक्यूएट' युद्धकालीन प्रभाव को दर्शाता है, ‘गे' पहचान को और ‘ज्यूकबॉक्स' अफ्रीकी अमेरिकी संगीत के प्रभाव को प्रदर्शित करता है। 1940 का दशक युद्ध और उभरती हुई जीवन-शैली के प्रभाव में था, जिसके कारण ‘परमाणु', ‘बिकनी', ‘ब्लॉकबस्टर', ‘वीगन', ‘स्टेकेशन' और ‘कूल' जैसे शब्द प्रचलन में आए। इसी प्रकार से ‘डिस्को' और ‘रॉक'एन'रोल' जैसे शब्दों ने 50 के दशक को संगीत की दृष्टि से समृद्ध दशक के रूप में परिभाषित किया। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' भी प्रचलन में आया। सूची के अन्य शब्द भी आगे के दशकों के विकास से जुड़े हैं।
- नयी दिल्ली. आवास एवं शहरी मामलों के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने बुधवार को देश की गतिशील युवा आबादी को आवास उपलब्ध कराने के लिए जमीन की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने किफायती आवास पर सीआईआई सम्मेलन को संबोधित करते हुए आवास से रिहाइश की ओर तथा स्वामित्व वाली संपत्तियों से साझा और किराये वाली संपत्तियों की ओर बढ़ने की बात कही। कटिकिथला ने कहा कि इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि लोगों को जरूरत पड़ने पर तुरंत आवास कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा, ''हमारी ज्यादातर युवा आबादी तेजी से गतिशील बन रही है। नौकरियां गतिशील हैं। एक शहरी स्थान से दूसरे शहरी स्थान पर जाने और आर्थिक अवसरों में भाग लेने की क्षमता के लिए गतिशीलता जरूरी है। यदि हम वह गतिशीलता नहीं दे रहे हैं, तो आप लोगों को पहुंच नहीं दे रहे हैं।'' सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जहां संभव हो सके सार्वजनिक भूमि उपलब्ध होनी चाहिए।उन्होंने कहा, ''निर्माण के लिए जमीन जरूरी है। हम भूमि को नजरअंदान कैसे कर सकते हैं। आप भूमि को कैसे उपलब्ध करा सकते हैं... इस तरह से कि उत्पाद की लागत में भारी कमी आए।'' उन्होंने कहा, ''हम इस सोच को मंत्रालय के भीतर ला रहे हैं।'' सचिव ने रियल एस्टेट उद्योग से इन मुद्दों पर चर्चा करने को कहा। कटिकिथला ने कहा कि सरकार खासतौर से शहरी केंद्रों में परिवहन बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए भारी मात्रा में निवेश कर रही है।
- नयी दिल्ली. कृत्रिम मेधा संचालित और ‘डीपफेक' आधारित साइबर हमले वर्ष 2025 में तेजी से बढ़ने का अनुमान है। हाल में आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि इस दौरान साइबर हमलों के निशाने पर स्वास्थ्य सेवा और वित्त जैसे क्षेत्र सबसे अधिक होंगे। डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) और सेक्राइट ने 'इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट 2025' में साइबर अपराधियों की नयी रणनीति और एआई आधारित हमलों को एक प्रमुख चिंता बताया। रिपोर्ट में कहा गया, ''कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बेहद शातिर ढंग से धोखाधड़ी के लिए किया जाएगा, जिनका पता लगाना कठिन होगा। इसमें ‘डीपफेक' तकनीक और व्यक्तिगत हमले शामिल हैं।'' रिपोर्ट के मुताबिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमजोरियों के साथ एआई क्षमताओं के जुड़ने से नए तरह के साइबर खतरे पैदा होंगे। साइबर अपराधी जटिल हमलों को अंजाम देने के लिए एआई संचालित तरीकों को अपनाएंगे। इसमें बताया गया कि उपकरणों की कमजोरियों का फायदा उठाकर हमले किए जाएंगे, जिससे विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा जैसे उद्योगों में जरूरी सेवाएं बाधित हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया, ''भारत में स्वास्थ्य सेवा, वित्त और ऊर्जा सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्र साइबर अपराधियों के लिए मुख्य लक्ष्य बने रहेंगे। इन हमलों का मकसद सेवाओं को बाधित करना, संवेदनशील आंकड़े चुराना और भू-राजनीतिक तनावों का फायदा उठाना होगा।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि कुवैत की वर्तमान अध्यक्षता में खाड़ी सहयोग परिषद- जी सी सी और भारत के बीच सहयोग और बढ़ेगा।। कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-यह्या ने कल दोपहर दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। श्री मोदी ने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की समुचित देखभाल के लिए कुवैत की सरकार का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विचार विमर्श किया और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता बहाल किए जाने का समर्थन किया। -
नयी दिल्ली. भारत का कुल विदेशी ऋण वर्ष 2023 में 31 अरब डॉलर बढ़कर 646.79 अरब डॉलर हो गया। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। विश्व बैंक की कर्ज पर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट कहती है कि 2023 में भारत का ब्याज भुगतान बढ़कर 22.54 अरब डॉलर हो गया जो एक साल पहले 15.08 अरब डॉलर था। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में भारत का दीर्घकालिक ऋण सात प्रतिशत बढ़कर 498 अरब डॉलर हो गया जबकि अल्पकालिक ऋण मामूली रूप से घटकर 126.32 अरब डॉलर पर आ गया। बीते साल निर्यात के प्रतिशत के रूप में भारत का बाह्य ऋण हिस्सेदारी 80 प्रतिशत थी जबकि ऋण सेवा उसके निर्यात का 10 प्रतिशत थी। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 के दौरान शुद्ध ऋण प्रवाह 33.42 अरब डॉलर रहा, जबकि शुद्ध इक्विटी प्रवाह 46.94 अरब डॉलर से अधिक रहा।
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श्रीहरिकोटा .भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ‘प्रोबा-3' अंतरिक्षयान में पाई गई एक ‘‘विसंगति'' के कारण पीएसएलवी-सी59 का प्रक्षेपण बृहस्पतिवार तक के लिए स्थगित कर दिया। बुधवार को प्रस्तावित प्रक्षेपण से चंद मिनट पहले अंतरिक्ष एजेंसी ने यह घोषणा की। अंतरिक्ष एजेंसी ने मूल रूप से बुधवार को शाम 4 बजकर आठ मिनट पर यहां अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण की योजना बनाई थी। एजेंसी ने प्रस्तावित प्रक्षेपण से चंद मिनट पहले एक बयान में कहा, ‘‘प्रोबा-3 अंतरिक्षयान में पाई गई विसंगति के कारण पीएसएलवी-सी59/प्रोबा-3 का प्रक्षेपण कल (बृहस्पतिवार) शाम चार बजकर 12 मिनट पर पुनर्निर्धारित किया गया है।'' अपनी तरह की दुनिया की पहली पहल के तहत ‘प्रोबा-3' में दो उपग्रह शामिल हैं, जिसमें दो अंतरिक्षयान एक साथ उड़ान भरेंगे और सूर्य के बाहरी वायुमंडल का अध्ययन करेंगे। इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड' को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) से यह ‘ऑर्डर' मिला है। इसरो के एक अधिकारी के अनुसार, ईएसए के वैज्ञानिकों ने प्रक्षेपण से पहले पीएसएलवी-सी59 मिशन के एक उपग्रह में ‘विसंगति' की पहचान की, जिसके बाद उन्होंने इसे पांच दिसंबर के लिए पुनर्निर्धारित करने का अनुरोध किया। इस संबंध में एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘उनके (ईएसए वैज्ञानिकों के) अनुरोध के आधार पर प्रक्षेपण को पुनर्निर्धारित किया गया है।'' इससे पहले दिन में, इसरो के एक अधिकारी ने कहा था कि यहां स्थित अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से होने वाले प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे की उलटी गिनती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो मंगलवार अपराह्न तीन बजकर आठ मिनट पर शुरू हुई और बुधवार शाम चार बजकर आठ मिनट तक होगी।
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खेड़ा .गुजरात के खेड़ा जिले में एक राजमार्ग पर एक कार ‘डिवाइडर' पार करके सड़क की दूसरी तरफ एक ‘कंटेनर' ट्रक से टकरा गई, जिससे उसमें सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि यह दुर्घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर बिलोदरा गांव के पास उस समय हुई जब यह परिवार राजस्थान में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद कार से सूरत लौट रहा था। नाडियाड ग्रामीण थाने के एक अधिकारी ने बताया कि एक टायर फट जाने पर चालक कार पर से नियंत्रण खो बैठा तथा वह (कार) अनियंत्रित होकर ‘डिवाइडर' पार कर गयी एवं सड़क की दूसरी तरफ विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक से जा टकराई। अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में सूरत निवासी महिला, सुबेतीदेवी (71) के साथ ही दलपत पुरोहित (37) तथा दिनेश पुरोहित (41) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 वर्षीय लड़की तथा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को नाडियाड शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि देश में हर रेल यात्री को यात्रा टिकट पर 46 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह भी कहा कि रेल मंत्रालय यात्रियों के लिए सब्सिडी पर हर साल 56,993 करोड़ रुपये की राशि खर्च करता है। बुजुर्गों और मान्यताप्राप्त पत्रकारों को पहले मिलने वाली सब्सिडी की बहाली की संभावना के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा, ‘‘भारत सरकार की ओर से यात्रियों को कुल सब्सिडी 56,993 करोड़ रुपये की दी जाती है। हर 100 रुपये की यात्रा सेवा की कीमत 54 रुपये ली जाती है। सभी श्रेणियों के यात्रियों को 46 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।'' वैष्णव ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह भी कहा कि जिस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में सड़कों से पूरे देश को जोड़ा गया था, उसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों का विकास किया जा रहा है.
- जयपुर। राजस्थान के चूरू जिले में बुधवार तड़के सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हादसा चूरू-हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर सरदारशहर के पास हुआ जब सरदारशहर से हनुमानगढ़ जा रहे एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूबी) और ट्रक की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे के बाद एसयूवी में सवार लोग वाहन में ही फंस गए। पुलिस ने बताया कि शवों को क्रेन की मदद से निकाला किया। उसने बताया कि मृतकों की पहचान एसयूवी सवार कमलेश (26), राकेश (25), पवन (33) धनराज और ट्रक चालक नंदलाल के रूप में हुई है। दो घायलों को चूरू के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- श्योपुर। मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर ‘वायु' और ‘अग्नि' नाम के दो चीतों को जंगल में छोड़ा गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उद्यान में चीतों की मौजूदगी आगंतुकों को सफारी के दौरान इन जानवरों को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान कर सकती है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) और ‘लायन प्रोजेक्ट' के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने एक विज्ञप्ति में बताया, “अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर अग्नि और वायु नाम के दो नर चीते को पारोंद क्षेत्र में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया। दोनों चीते स्वस्थ हैं।” उन्होंने कहा कि पारोंद क्षेत्र अहेरा पर्यटन क्षेत्र के अंतर्गत आता है इसलिए पर्यटक सफारी यात्राओं के दौरान चीतों को देख सकते हैं। श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में 12 शावक सहित 24 चीते हैं।अधिकारी ने बताया कि चीतों को पहले बाड़ों में रखा जाता है और अग्नि व वायु को छोड़ना भारत में इस प्रजाति को फिर से लाने के प्रयासों का हिस्सा है, जहां शिकार और अन्य कारणों से सात दशक पहले विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पूर्ववर्ती “कांग्रेस नीत सरकार” पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और आरे कॉलोनी में मुंबई मेट्रो कार शेड सहित महाराष्ट्र में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया।सीतारमण ने दावा किया कि कांग्रेस, अविभाजित शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की पूर्ववर्ती महाविकास आघाडी(एमवीए) सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा मुंबई के उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की समस्याओं को हल करने का प्रयास किये जाने पर भी बाधाएं उत्पन्न कीं। सीतारमण ने राज्य भाजपा विधायक दल की बैठक में यह बात कही। इस बैठक में देवेंद्र फडणवीस को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया और अब वह भाजपा नीत सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर सीतारमण के साथ विजय रूपाणी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, “अगर महा विकास आघाडी सरकार के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में कांग्रेस सत्ता में नहीं होती तो मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पहले ही शुरू हो गई होती।” सीतारमण ने मुंबई मेट्रो परियोजना के तहत आरे कार शेड निर्माण में देरी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों से महाराष्ट्र को शक्तिशाली राज्य बनाने का आह्वान करते हुए कहा, ”हम एक हैं तो सेफ हैं।” -
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में आज भोजनावकाश नहीं होने की सूचना देते हुए कहा कि आज लगातार कामकाज होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जो समय स्थगन में गया है, उसकी तो भरपाई करनी होगी।’’
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के सांसदों ने अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर बुधवार को संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट विरोध प्रदर्शन किया।विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कई घटक दलों के सांसदों द्वारा अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे को लेकर बुधवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करने की पृष्ठभूमि में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि सदस्यों को संसद के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करना चाहिए। बिरला ने सदन में कहा, ‘‘मैंने पूर्व में भी आग्रह किया था, फिर आज आग्रह कर रहा हूं….. संसद भवन के प्रवेश द्वार पर अवरोध होने की शिकायत कई सदस्यों ने की है। मेरा सभी राजनीतिक दलों से आग्रह है कि संसद भवन में आगमन के समय प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करें।’’ अध्यक्ष ने कहा कि विशेष रूप से महिला सांसदों ने उनसे संसद में प्रवेश के समय कठिनाई होने की बात व्यक्तिगत रूप से आकर कही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने व्यवस्था दी है और पुन: आज व्यवस्था दे रहा हूं। सदस्यों को कोई परेशानी है तो मुझे आकर मिलें। लेकिन प्रवेश द्वार पर अवरोध नहीं हों। हमारा व्यवहार संसद की मर्यादा के अनुरूप हो।’’ -
नई दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने बुधवार को बताया कि बहुराज्यीय सहकारी समितियों में धोखाधड़ी और कुप्रबंधन रोकने के लिए तथा इन समितियों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पाल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि बहुराज्यीय सहकारी समितियों के लिए उठाए गए कदमों में समवर्ती ऑडिट का प्रावधान शामिल है, ताकि गड़बड़ी तुरंत संज्ञान में आए। पहले यह ऑडिट साल में एक बार होता था। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सरकारी निर्वाचन प्राधिकरण का गठन किया गया, प्रशासनिक शिकायत जांच अधिकारी व समितियों के सूचना अधिकारियों की नियुक्ति की गई, नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (सीएजी) के माध्यम से ऑडिटरों का पैनल बनाया गया और निदेशकों के लिए निर्दिष्ट संख्या तय करने के अलावा अन्य कदम भी उठाए गए।
पाल ने पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 54 नयी पहल की गईं ताकि यह क्षेत्र फले-फूले और देश के सामाजिक आर्थिक उत्थान में मदद करे। उन्होंने बताया कि देश की आजादी के बाद लंबे समय तक 1,702 ऐसी सोसाइटी थीं लेकिन सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद पिछले एक साल में 256 नयी ऐसी सहकारिता समितियां बनी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह समय समय पर चलाए गए जागरुकता अभियान का नतीजा है।’’1,702 बहुराज्यीय सहकारी समितियों में से 100 गैर कार्यशीलमंत्री ने बताया कि 1,702 बहुराज्यीय सहकारी समितियों में से 100 गैर कार्यशील हैं। सुनवाई के बाद इनमें ‘लिक्विडेटरों’ (ऋणशोधन कराने वाले) की नियुक्ति की गई और परिसमापन की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिसमापन की प्रक्रिया जटिल है और इसमें सुनवाई आदि में समय लगता है। कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने जानना चाहा कि 100 गैर कार्यशील सोसाइटी में से कितने के खिलाफ सीबीआई की जांच चल रही है। पाल ने बताया कि नरेन्द्र मोदी नीत सरकार में धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।मंत्रीजी के जवाब से असंतुष्ट दिखे कांग्रेस सांसदगोहिल ने उनके जवाब पर असंतोष जाहिर किया। सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गोहिल ने पूछा कि जिन 100 सोसाइटी के मामले सामने आए उनमें से कितनों के खिलाफ जांच चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसका जवाब नहीं दिया गया।’’ उपसभापति हरिवंश ने कहा कि जवाब से असंतुष्ट होने पर संबंधित मंत्रालय से संपर्क किया जा सकता है या फिर अन्य माध्यमों क उपयोग जा सकता है। पाल ने बताया कि 70 बहुराज्यीय सहकारी बैंकों में कदाचार की शिकायतें आई और जांच के बाद उनके परिसमापन की प्रक्रिया चल रही है। -
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही होंगे, जो 5 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेंगे। देवेन्द्र फडणवीस सर्वसम्मति से महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए। इससे पहले बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में फडणवीस के नाम पर मुहर लगाई गई।
सूत्रों के अनुसार कल यानी 5 दिसंबर को देवेंद्र फडणवीस दो डिप्टी सीएम के साथ मुख्यमंत्री पद की शपल लेंगे। मुंबई में बीजेपी विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और विजय रूपाणी बैठक में मौजूद हैं।इस दौरान महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हम सभी ने ऐतिहासिक चुनाव लड़ा और महायुति के लिए ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया। हम प्रधानमंत्री मोदी की मदद से महाराष्ट्र को नंबर वन स्थान पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें महाराष्ट्र के करोड़ों लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि हमने 149 सीटों पर चुनाव लड़ा और 132 सीटें जीतीं जो इतिहास में सबसे ज्यादा है। हमारे सहयोगियों ने भी 57 और 41 सीटें जीतीं। 7 विधायकों ने भी हमें समर्थन दिया है, इसलिए इस विधानसभा में हमारे पास 237 महायुति सदस्य होंगे।" - नागपुर। तेलंगाना के मुलुगु में बुधवार को सुबह भूकंप आने के बाद महाराष्ट्र के नागपुर, गढ़चिरौली और चंद्रपुर जिलों में भी झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, सुबह सात बजकर 27 मिनट पर मुलुगु में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सूत्रों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, नागपुर में भूंकप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, तेलंगाना के बहुत करीब स्थित गढ़चिरौली में भी भूंकप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चंद्रपुर में शहर के कुछ हिस्सों, बल्लारपुर और तेलंगाना की सीमा से सटी तहसीलों में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। चंद्रपुर के जिलाधिकारी विनय गौड़ा ने निवासियों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है और अगर फिर से ऐसे झटके महसूस हों तो वे सतर्क रहें तथा इमारतों से बाहर खुले स्थानों पर चले जाएं।









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