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अयोध्या .अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दिवंगत मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास को बृहस्पतिवार की शाम जल समाधि दी गयी। आचार्य सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को पालकी में रखकर उनके निवास स्थान से सरयू नदी के तट पर ले जाया गया, जहां तुलसीदास घाट पर उन्हें जल समाधि दी गयी। इससे पहले दोपहर बाद सत्येंद्र दास के पार्थिव शरीर को रथ पर रखकर नगर भ्रमण कराया गया। उनके उत्तराधिकारी प्रदीप दास ने सुबह बताया था कि रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार दास को जल समाधि दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा था, तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आचार्य सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा जल्द शुरू होगी।'' प्रदीप दास ने बताया था कि जल समाधि के तहत शव को नदी के बीच में प्रवाहित करने से पहले उसके साथ भारी पत्थर बांधे जाते हैं। रामानंदी संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार, जल समाधि देने से पहले रामलला के मुख्य पुजारी के पार्थिव शरीर को जुलूस के रूप में घुमाया गया, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। अयोध्या नगरी का भ्रमण कराते हुए सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर पहुंचा, फिर पालकी में रखकर नदी में ले जाया गया। जल समाधि से पहले उनके पार्थिव शरीर को हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि के दर्शन के लिए ले जाया गया। बैंड-बाजों के साथ सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य पुजारी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग सरयू तट पर खड़े थे। फैजाबाद/अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने जल समाधि से पहले आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि दी। सत्येंद्र दास (85) को इस महीने की शुरुआत में मस्तिष्काघात के बाद संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनका निधन हो गया। अस्पताल के अनुसार, उन्हें तीन फरवरी को मस्तिष्काघात के बाद गंभीर हालत में ‘न्यूरोलॉजी वार्ड' के ‘एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट)' में भर्ती कराया गया था। सत्येंद्र दास ने 20 वर्ष की आयु में ‘संन्यास' ले लिया था। उन्होंने छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दौरान भी पुजारी के रूप में सेवा की थी। बाद में जब सरकार ने परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया, तो उन्हें अस्थायी मंदिर का मुख्य पुजारी बना दिया गया। सत्येंद्र दास ने 2022 में कहा था कि वह 1992 में अस्थायी रामलला मंदिर के पुजारी के रूप में शामिल हुए थे। उसी वर्ष बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था। सत्येंद्र दास से जब पूछा गया था कि क्या मस्जिद गिराए जाने के समय वह मौजूद थे, तो उन्होंने कहा था, ‘‘मैं वहां था। यह मेरे सामने हुआ। मैं इसका गवाह था। तीन गुंबदों में से उत्तरी और दक्षिणी गुंबदों को ‘कार सेवकों' ने ध्वस्त कर दिया था। मैंने रामलला को उनके सिंहासन के साथ अपने हाथ में ले लिया।'' उन्होंने कहा था, ‘‘बाद में ‘कार सेवकों' ने एक तंबू लगाया और उस स्थान को समतल कर दिया तथा शाम सात बजे तक मैंने रामलला को वहीं स्थापित कर दिया।'' निर्वाणी अखाड़े से आने वाले सत्येंद्र दास अयोध्या के सबसे सुलभ संतों में से एक थे और अयोध्या एवं राम मंदिर के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी चाहने वाले देश भर के कई मीडियाकर्मियों के लिए संपर्क व्यक्ति थे। छह दिसंबर, 1992 को जब बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था, तब उन्हें मुख्य पुजारी के रूप में सेवा करते हुए मुश्किल से नौ महीने हुए थे।
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प्रयागराज: । केंद्र और यूपी सरकार ने मिलकर महाकुंभ-2025 को अद्वितीय, अविस्मरणीय व अभूतपूर्व बना दिया है। इसमें माघ पूर्णिमा तक का स्नान संपन्न हो चुका है। इसके बाद फाल्गुन मास में भी त्रिवेणी तट पर संस्कृति, पर्यावरण व बर्ड फेस्टिवल का ‘संगम’ होगा। एक तरफ यहां त्रिवेणी, सरस्वती व यमुना पंडाल पर शुक्रवार से सांस्कृतिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी तो वहीं 16 फरवरी को जलवायु सम्मेलन होगा।
इस दिन से ही त्रिदिवसीय बर्ड फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक आयोजन प्रारंभ हो गए। महाकुंभ के मुख्य पंडाल ‘गंगा’ में अभी बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर, मोहित चौहान, कविता सेठ, नवदीप वडाली सरीखे कलाकारों के सुगम संगीत से श्रोता दो-चार होंगे।माघ पूर्णिमा स्नान के उपरांत फाल्गुन मास में भी सुरमई सांझ में श्रोता-दर्शक भारतीय संस्कृति का दीदार करेंगे। गंगा पंडाल पर गुरुवार से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ हो गए, जबकि शुक्रवार से त्रिवेणी, यमुना व सरस्वती पंडाल पर कार्यक्रम शुरू होंगे। महाकुंभ की अवधि के दौरान कैलाश खेर, मोहित चौहान, सुचेता भिड़े, कविता सेठ, नितिन मुकेश सरीखे नामचीन कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। इस दौरान शास्त्रीय संगीत, वायलिन, तबला, बांसुरी वादन, ध्रुपद गायन, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथक, ओडिसी नृत्य आदि विधा के कलाकार महाकुंभ में अपनी प्रतिभा बिखेरेंगे।आस्था के साथ ही महाकुंभ प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण होगा। सीएम योगी के निर्देश पर श्रद्धालुओं के लिए ईको टूरिज्म का विशेष प्लान भी बनाया गया है। 16 से 18 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भी होगा, जिसमें लगभग 200 प्रजातियों के पक्षियों का महाकुंभ भी होगा। इसमें लुप्तप्राय इंडियन स्कीमर, फ्लेमिंगो और साइबेरियन क्रेन आदि का दीदार कर सकेंगे। यहां साइबेरिया, मंगोलिया, अफगानिस्तान समेत लगभग एक दर्जन से अधिक देशों से साइबेरियन पक्षियों का भी दीदार होगा।फेस्टिवल के दौरान फोटोग्राफी, पेंटिंग, नारा लेखन, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी समेत अनेक प्रतियोगिताएं होंगी, जिनके विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम व वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनूठा मिश्रण होगा।यूपी के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘आस्था व जलवायु परिवर्तन’ पर जलवायु सम्मेलन भी होगा। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटना और जलवायु सुधार को लेकर प्रेरित करना है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिरकत करेंगे। साथ ही धर्मगुरु, पर्यावरणविद, अनेक सामाजिक संगठन, उद्योग व व्यापार जगत के साथ ही गणमान्य नागरिक भी हिस्सा लेंगे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा के दूसरे चरण में आज गुरुवार तड़के फ्रांस के बाद अमेरिका पहुंच गए हैं। वॉशिंगटन डीसी के हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग शामिल रहे।
बर्फबारी और भीषण ठंड के बीच पीएम मोदी के स्वागत में खड़े नजर आए लोगएयरपोर्ट के बाद प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के ब्लेयर हाउस रवाना हुए जहां बर्फबारी और भीषण ठंड के बीच उनके स्वागत और उनकी एक झलक पाने के लिए कई घंटों से भारतीय समुदाय के लोग वहां मौजूद थे। पीएम मोदी जैसे ही वहां पहुंचे उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर सभी का अभिवादन कियालोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘मोदी है तो मुमकिन है’, ‘वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए। पीएम मोदी ने हाथ मिलाकर सभी का अभिवादन किया। गौरतलब हो, पीएम मोदी की यात्रा भारत-अमेरिका के बीच आपसी साझेदारी के महत्व को रेखांकित करती है। पीएम मोदी अमेरिका में व्यापार जगत की हस्तियों से मुलाकात करेंगे, साथ ही भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। ऐसे में अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में नरेंद्र मोदी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कैंसर के इलाज में सफलता के लिए सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोकथाम, जांच, निदान और इलाज का एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने से कैंसर के प्रभाव को कम किया जा सकता है। गौरतलब है कि कैंसर आज दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण बन गया है। वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर 2 करोड़ नए कैंसर मामले दर्ज किए गए और 97 लाख लोगों की इस बीमारी से मौत हो गई। भारत में भी यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है जहां हर 1 लाख में से 100 लोग कैंसर से पीड़ित पाए जाते हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक 2023 में देश में 14 लाख से अधिक कैंसर के नए मामले दर्ज किए गए।
केंद्र सरकार ने कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान, बेहतर इलाज और रोगियों की देखभाल के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू की हैं। आईसीएमआर की राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत (NCRP) 1982 से कैंसर के मामलों और रुझानों पर नजर रख रहा है जिससे नीतियां बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान (NICPR) कैंसर स्क्रीनिंग और उपचार के लिए दिशानिर्देश तैयार करता है।वहीं केंद्रीय बजट 2025-26 में कैंसर देखभाल को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए ₹99,858.56 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसमें ₹95,957.87 करोड़ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग और ₹3,900.69 करोड़ स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को दिए गए हैं। बजट में डे-केयर कैंसर सेंटर खोलने, कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी छूट और इलाज को सुलभ बनाने जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित करेगी जिनमें से 200 केंद्र 2025-26 में खुलेंगे। इसके अलावा 36 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से पूरी तरह छूट दी गई है और छह महत्वपूर्ण कैंसर दवाओं पर 5% रियायती कस्टम ड्यूटी लागू की गई है।कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCDCS) के तहत तीन मुख्य मुंह, स्तन और सर्विकल कैंसर की जांच और रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सामुदायिक स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा जल्दी पहचान और इलाज की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस योजना के तहत अब तक 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 233 कार्डिएक केयर यूनिट, 372 जिला डे-केयर सेंटर और 6,410 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एनसीडी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।भारत में कैंसर के इलाज को सुलभ और किफायती बनाने के लिए 19 राज्य कैंसर संस्थान (SCI) और 20 टर्शियरी कैंसर देखभाल केंद्र (TCCC) खोले गए हैं। हरियाणा में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (NCI) और कोलकाता में चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (CNCI) अत्याधुनिक कैंसर उपचार प्रदान कर रहे हैं।वहीं आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के तहत गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त कैंसर उपचार की सुविधा दी जाती है। 2024 तक 90 फीसदी पंजीकृत कैंसर रोगियों को इस योजना के तहत इलाज मिल चुका है। इस योजना में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी का खर्च शामिल है। इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री कैंसर रोगी सहायता कोष (HMCPF) के तहत ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता भी दी जाती है और गंभीर मामलों में यह सहायता ₹15 लाख तक बढ़ाई जा सकती है।सरकार ने राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (NCG) 2012 में स्थापित किया था और अब यह दुनिया का सबसे बड़ा कैंसर नेटवर्क बन गया है जिसमें 287 अस्पताल, अनुसंधान केंद्र और गैर-लाभकारी संस्थाएं शामिल हैं। इस नेटवर्क के तहत हर साल 7.5 लाख से अधिक नए कैंसर मरीजों का इलाज किया जाता है जो भारत के कुल कैंसर रोगियों की 60 फीसदी से अधिक है।भारत कैंसर अनुसंधान में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अप्रैल 2024 में IIT बॉम्बे, टाटा मेमोरियल सेंटर और इम्यूनों एक्ट के सहयोग से NexCAR19 भारत की पहली स्वदेशी CAR-T सेल थेरेपी लॉन्च की गई। यह तकनीक रक्त कैंसर के इलाज में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है और महंगे विदेशी उपचारों पर निर्भरता को कम करेगी।वहीं सितंबर 2024 में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने मिलकर “क्वाड कैंसर मूनशॉट” पहल शुरुआत की जिसका लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सर्विकल कैंसर को खत्म करना है। जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) ने एडवांस्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च एंड एजुकेशन इन कैंसर (ACTREC) का विस्तार किया जिसका उद्देश्य कैंसर अनुसंधान और उपचार में नई खोजों को बढ़ावा देना है।इसके अलावा सरकार कैंसर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कई कार्यक्रम चला रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के तहत सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य अभियान, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए कैंसर जागरूकता अभियान और ईट राइट इंडिया व फिट इंडिया मूवमेंट जैसी पहलें चलाई जा रही हैं। -
नई दिल्ली। जम्मू एवं कश्मीर में शीत लहर की स्थिति जारी है, श्रीनगर और कई अन्य शहरों में मौसम खराब है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार श्रीनगर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ तापमान कम रहा। आईएमडी ने कहा कि श्रीनगर में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इन मौसम स्थितियों के बीच डल झील से शांत दृश्य उभरे, जिसमें लोग सर्दियों के मौसम का आनंद ले रहे थे। आईएमडी के अनुसार, गुलमर्ग, पहलगाम और कुपवाड़ा सहित कई शहरों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे रहेगा। सोमवार को बर्फ की मोटी चादर और गिरते तापमान के बीच, भारतीय सेना के जवानों ने क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में गश्त अभियान चलाया।आपको बता दें, 9 फरवरी को डोडा जिले में जिला प्रशासन और जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘लाल द्रमन विंटर फेस्टिवल-2025’ ने संस्कृति, रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता के इस उत्सव को देखने के लिए पर्यटकों, स्थानीय लोगों, अधिकारियों और मीडिया सहित हजारों आगंतुकों को आकर्षित किया।जम्मू-कश्मीर के सुरम्य डोडा जिले में एक शांत घास का मैदान लाल द्रमन बहुप्रतीक्षित शीतकालीन त्योहार के साथ जीवंत हो उठा।यह कार्यक्रम कुपवाड़ा जिले की लोलाब घाटी की सुंदरता और जीवंत संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए हजारों विजिटर्स और स्थानीय लोगों को एक साथ लाया। इस त्योहार का उद्देश्य सर्दियों के मौसम का जश्न मनाना और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना था। इस दौरान कई उत्साहजनक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। दरअसल यह क्षेत्र हाल ही में चिल्लई कलां की चरम और कठोर मौसम स्थितियों से गुजरा है। यह 21 दिसंबर को शुरू हुआ और 31 जनवरी को समाप्त हुआ। यह वह अवधि है जब शून्य से नीचे तापमान, जमे हुए जल निकायों और ठंढ और बर्फ से ढके परिदृश्यों दिखाई देते हैं। इस क्षेत्र में आमतौर पर भारी बर्फबारी होती है, जिससे दैनिक जीवन बाधित होता है। इस समय के दौरान तापमान अक्सर बेहद निचले स्तर तक गिर जाता है, जिससे श्रीनगर में प्रसिद्ध डल झील के कुछ हिस्सों सहित जल निकाय जम जाते हैं। - महाकुंभ नगर. क्रीड़ा भारती और टीवाईसी द्वारा आयोजित 'खेल महाकुंभ' के सातवें दिन बुधवार को ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज मैरीकॉम भी शामिल हुईं। खेल संवाद संगम के संवाद सत्र में चर्चा करते हुये पूर्व राज्यसभा सदस्य और कई बार विश्व विजेता रहीं महिला मुक्केबाज मैरीकॉम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को बहुत समर्थन दिया है, अब पदक लाने की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों की है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मैरीकॉम ने कहा, "मैं बचपन में हर खेल खेलती थी, तब मुझे मुक्केबाजी के बारे में पता ही नहीं था। अभाव में बचपन बीता, सिर्फ चावल खाकर बचपन बीता, लेकिन खेल के प्रति जुनून जारी रहा।” उन्होंने कहा, “ मुक्केबाजी का अभ्यास बाद में जब शुरू हुआ तो ठान लिया कि शीर्ष तक जाना है। युवा खिलाड़ियों से भी कहना चाहती हूं कि जो भी करो बस एक जगह ध्यान केंद्रित करके पूरा मन लगाकर काम करो, अपने मन को मजबूत रखो, अनुशासन में रहो और जुनून जिंदा रखो, जीत तुम्हारी होगी।" उन्होंने कहा, "क्रिकेट की तरह बाकी खेलों को भी लोकप्रियता मिलनी चाहिए। 30 से ज्यादा देशों के साथ खेल कर मैं विश्व चैंपियन रही, उसके बाद भी महिला मुक्केबाजी को इतनी बड़ी पहचान नहीं मिल पाई, इसका मलाल है।" मैरीकॉम ने कहा , "शादी और बच्चे होने के बाद मैं सिर्फ और बेहतर करने की सोच तथा पदक की भूख की वजह से वापस और मजबूती के साथ मुक्केबाजी में आई।" बृहस्पतिवार को प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश यादव कार्यक्रम का समापन करेंगे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में ओडिशा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुकांता कुमार पाणिग्रहि और पतंजलि के संपर्क प्रमुख बजरंग देव जी मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘परीक्षा पे चर्चा’ की लोकप्रियता देश में तेजी से बढ़ती जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत अब इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स टेक्नोलॉजी और गैजेट्स की भूमिकाओं पर छात्रों से चर्चा करेंगे।
‘परीक्षा पे चर्चा’ के गुरुवार को आने वाले एपिसोड में एडलवाइस म्यूचुअल फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट गौरव चौधरी छात्रों को गाइड करेंगे कि कैसे टेक्नोलॉजी को पढ़ाई में सहायक के रूप में उपयोग किया जा सकता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, परीक्षा के दौरान गैजेट्स की भूमिका, छात्रों के बीच अधिक स्क्रीन समय जैसे विषय छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के सामने आने वाली सबसे बड़ी दुविधाओं में से एक हैं।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 13 फरवरी को गौरव चौधरी और राधिका गुप्ता ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तहत इस मुद्दे पर छात्रों से बातचीत करेंगे।सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने परीक्षा के दौरान टेक्नोलॉजी और गैजेट की भूमिका पर आगामी एपिसोड के बारे में एक्स पर पोस्ट भी किया है।मंत्रालय ने पोस्ट किया, “13 फरवरी को सुबह 10 बजे परीक्षा पे चर्चा के इस टेक और एआई संस्करण के लिए ट्यून इन करें।”प्रधानमंत्री मोदी ने 10 फरवरी को दिल्ली में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के आठवें संस्करण का शुभारंभ किया, पहले एपिसोड के दौरान ‘सुंदर नर्सरी’ में छात्रों के साथ बातचीत की। ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ के दौरान, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी सीखने का एक शक्तिशाली उपकरण है और छात्रों को इससे विचलित होने के बजाय इसका प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए।उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे टेक्नोलॉजी से न भागें, बल्कि अपनी परीक्षा की तैयारी को बढ़ाने के लिए इसका बुद्धिमानी से उपयोग करें।प्रधानमंत्री ने छात्रों से अनावश्यक स्क्रीन टाइम की सीमा निर्धारित करने और डिजिटल जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया, जो उनके शैक्षणिक विकास में योगदान देता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस की दो दिन की अपनी यात्रा समाप्त कर अमेरिका के लिए रवाना हो गए। यूरोपीय देश में एक बार फिर उनकी ‘गिफ्ट डिप्लोमेसी’ की खूब चर्चा है। इस तरह से वह दूसरे देशों के लोगों को भारतीय संस्कृति और शिल्प से जोड़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी को खास उपहार दिए। उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात के दौरान उनके बच्चों के लिए भी तोहफे दिए।
फ्रांस के राष्ट्रपति और अमेरिकी गणमान्य व्यक्तियों को दिए गए विशेष उपहार निम्नलिखित हैं–फ्रांसीसी राष्ट्रपति को उपहार – जड़े हुए पत्थरों के साथ डोकरा कलाकृति संगीतकारजिसमें वाद्ययंत्र बजाती महिलाओं की दो मूर्तियां हैं। प्रतिष्ठित डोकरा कला छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख धातु-ढलाई परंपरा है, जो प्राचीन मोम तकनीक का उपयोग करके बनाई जाती है। इस कलाकृति में पारंपरिक संगीतकारों को वाद्य यंत्र बजाते दिखाया गया है, जो संगीत के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालती है। पीतल और तांबे से बनी इस कलाकृति में बारीक कारीगरी है, जो कारीगरों के गहरे कौशल और समर्पण को दर्शाती है। सजावट के अलावा, यह डोकरा कलाकृति भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।पीतल और तांबे से बने इस पीस में बारीक विवरण है और कंट्रास्ट के लिए इसे लैपिस लाजुली और कोरल से सजाया गया है। श्रम-गहन ढलाई प्रक्रिया कारीगरों के गहन कौशल और समर्पण को दर्शाती है। सिर्फ़ सजावट से कहीं ज़्यादा, यह डोकरा पीस भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जो आदिवासी परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का जश्न मनाता है।–फ्रांस की प्रथम महिला को उपहार — फूलों और मोर की आकृति वाला शानदार चांदी का हाथ से उकेरा हुआ टेबल मिररराजस्थान का यह उत्कृष्ट चांदी का हैंड-इंजीनियर टेबल मिरर उत्कृष्ट शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। इसके सिल्वर फ्रेम में फूलों और मोर को दर्शाया गया है, जो सुंदरता-प्रकृति का प्रतीक है। एक शानदार चमक के लिए इस पर पॉलिश की गई है, यह टेबल मिरर राजस्थान की धातुकला की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया गया यह मिरर एक कार्यात्मक और सजावटी विरासत दोनों के रूप में काम करता है, जो कालातीत लालित्य और कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाता है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति के बेटे विवेक वेंस को उपहार — लकड़ी का रेलवे खिलौना सेटयह लकड़ी का रेलवे खिलौना एक कालातीत क्लासिक है, जो पुरानी यादों को स्थिरता के साथ जोड़ता है। प्राकृतिक लकड़ी से तैयार और पर्यावरण के अनुकूल वनस्पति रंगों से रंगा गया, यह बच्चों की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता सुनिश्चित करता है।पौधों, जड़ों और फूलों से प्राप्त रंग, पीले (हल्दी), लाल (चुकंदर), नीले (नील) और हरे (पालक या नीम) सहित एक नरम, मिट्टी के रंग पैलेट बनाते हैं। भारत की समृद्ध लकड़ी के खिलौने बनाने की परंपरा को दर्शाते हुए, यह हस्तनिर्मित टुकड़ा रचनात्मकता, विरासत और पर्यावरण के अनुकूल शिल्प कौशल का प्रतीक है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति के बेटे इवान ब्लेन वेंस को उपहार — भारतीय लोक चित्रों पर आधारित जिगसॉ पजलयह जिगसॉ पहेली विभिन्न लोक चित्रकला शैलियों को प्रदर्शित करके भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का जश्न मनाती है।पश्चिम बंगाल की कालीघाट पट पेंटिंग बोल्ड आउटलाइन, जीवंत रंगों और देवताओं, मिथकों और सामाजिक विषयों के चित्रण के लिए जानी जाती है।संथाल जनजाति द्वारा बनाई गई संथाल पेंटिंग, आदिवासी जीवन, रीति-रिवाजों और प्रकृति को चित्रित करने के लिए मिट्टी के रंगों और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करती है।बिहार की मधुबनी पेंटिंग की विशेषता जटिल पैटर्न, चमकीले रंग और पौराणिक या प्रकृति से प्रेरित रूपांकनों से है।प्रत्येक शैली भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की एक अनूठी झलक पेश करती है, जो इस पहेली को एक कलात्मक और शैक्षिक अनुभव बनाती है।–यू.एस. उपराष्ट्रपति की बेटी मीराबेल रोज वेंस को उपहार – एल्फाबेट सेटयह एक टिकाऊ, सुरक्षित और आकर्षक शिक्षण उपकरण है, जो मोटर स्किल्स और संज्ञानात्मक क्षमताओं को बढ़ाता है। प्लास्टिक के विकल्पों के विपरीत, यह हानिकारक रसायनों से मुक्त है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।हाथों से सीखने के लिए डिजाइन किया गया, यह इंटरैक्टिव गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जिससे यह पढ़ने और भाषा के विकास के लिए आजीवन प्यार को बढ़ावा देते हुए किसी भी खेल के कमरे या कक्षा में एक मूल्यवान वस्तु बन जाता है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा के पिता गिरीश बत्रा का यहां दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया । मनिका के पिता का मंगलवार को निधन हुआ और उसी दिन इंदरपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया । उनकी प्रार्थना सभा बृहस्पतिवार को रखी गई है । मनिका भारत की शीर्ष महिला एकल खिलाड़ियों में से है । उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एकल और महिला टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने महिला युगल में रजत और मिश्रित युगल में कांस्य भी जीता था । जकार्ता एशियाई खेल 2018 में उन्होंने मिश्रित युगल कांस्य जीता था ।
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नयी दिल्ली. आयकर प्रावधानों को सरल ढंग से पेश करने के लिए बनाए गए आयकर विधेयक, 2025 को बृहस्पतिवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। इस विधेयक में 'आकलन वर्ष' जैसी जटिल शब्दावली की जगह 'कर वर्ष' की संकल्पना रखी गई है। नए विधेयक में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह सिर्फ 622 पृष्ठों पर अंकित है। इसमें कोई नया कर लगाने की बात नहीं की गई है। यह विधेयक मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की भाषा को सरल बनाता है। छह दशक पुराने मौजूदा कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। जब यह अधिनियम पेश किया गया था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। नया विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के इरादे से तैयार किया गया है। दरअसल पिछले 60 वर्षों में किए गए संशोधनों के कारण मौजूदा आयकर अधिनियम बहुत बड़ा हो गया है। नया आयकर कानून एक अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। नए विधेयक में अनुषंगी लाभ (फ्रिंज बेनेफिट) कर से संबंधित अनावश्यक धाराओं को हटा दिया गया है। विधेयक के 'स्पष्टीकरण या प्रावधानों' से मुक्त होने की वजह से इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाता है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द 'बावजूद' को नए विधेयक में हटा दिया गया है और उसकी जगह पर लगभग हर जगह 'अपरिहार्य' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। विधेयक में छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है और तालिकाओं एवं सूत्रों के उपयोग से इसे पढ़ने के अनुकूल बनाया गया है। टीडीएस, अनुमानित कराधान, वेतन और फंसे कर्ज के लिए कटौती से संबंधित प्रावधानों के लिए तालिकाएं दी गई हैं। नए विधेयक में 'करदाता चार्टर' भी दिया गया है जो करदाताओं के अधिकारों एवं दायित्वों को रेखांकित करता है। यह विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित 'पिछले वर्ष' शब्द की जगह 'कर वर्ष' को रखा गया है। साथ ही, कर निर्धारण वर्ष की अवधारणा को भी खत्म कर दिया गया है। नया आयकर विधेयक, 2025 बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा जिसके बाद इसे आगे के विचार-विमर्श के लिए वित्त पर संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। नए विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के ब्योरे में कहा गया है कि 1961 में पारित आयकर अधिनियम में 60 साल पहले पारित होने के बाद से कई संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों की वजह से आयकर अधिनियम की मूल संरचना पर अत्यधिक बोझ पड़ा है और भाषा जटिल हो गई है, जिससे करदाताओं के लिए अनुपालन की लागत बढ़ गई है और प्रत्यक्ष-कर प्रशासन की दक्षता में बाधा आ रही है। कर प्रशासकों, व्यवसायियों और करदाताओं ने आयकर अधिनियम के जटिल प्रावधानों और संरचना के बारे में चिंता जताई थी। इसे ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 के बजट में ऐलान किया था कि आयकर अधिनियम, 1961 की समयबद्ध व्यापक समीक्षा की जाएगी। उसी घोषणा के अनुरूप नए विधेयक का खाका तैयार किया गया है। आयकर विधेयक, 2025 में आयकर अधिनियम, 1961 को निरस्त करने और प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव है। नए विधेयक में 536 धाराएं शामिल हैं, जो मौजूदा कानून की 298 धाराओं से अधिक हैं। वहीं अनुसूचियों की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो जाएगी। हालांकि अध्यायों की संख्या 23 पर ही स्थिर रखी गई है। आयकर विधेयक, 2025 में पृष्ठों की संख्या काफी कम करके 622 कर दी गई है, जो मौजूदा आयकर कानून का लगभग आधा है। प्रस्तावित आयकर कानून में कर विवादों को कम करने के लिए कर्मचारियों के स्टॉक विकल्प (ईएसओपी) मामले में कर व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है और इसमें अधिक स्पष्टता के लिए पिछले 60 वर्षों के न्यायिक निर्णय शामिल हैं। इसके साथ ही कुल आय का हिस्सा न बनने वाली आय को अब कानून सरल बनाने के लिए अनुसूचियों में डाल दिया गया है। नए आयकर कानून के प्रावधानों पर नांगिया एंडरसन एलएलपी में कर साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि नए विधेयक में टीडीएस संबंधित सभी धाराओं को सरल तालिकाओं के साथ एक ही खंड में एक साथ रखा गया है। उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह होगा कि इस विधेयक की अधिसूचना के बाद, रिपोर्टिंग उद्देश्यों के लिए फॉर्म में बहुत सारे बदलाव करने होंगे।" सीतारमण ने बजट 2025-26 में घोषणा की थी कि नया कर विधेयक संसद के चालू सत्र में पेश किया जाएगा। आयकर अधिनियम, 1961 की समीक्षा और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए सीबीडीटी ने एक आंतरिक समिति का गठन किया था।
- जम्मू. जम्मू-कश्मीर सरकार ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले दोनों मार्गों पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की 14वीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अनंतनाग और गांदरबल के उपायुक्तों को यह निर्देश दिए। अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर चर्चा के लिए सोमवार को यह बैठक आयोजित की गई थी।अमरनाथ गुफा में स्थित प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए पिछले साल 5.12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अनंतनाग जिले में 48 किमी लंबे परंपरागत नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग पर आपदा संभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए और इन क्षेत्रों में तंबू (टेंट) न लगाया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग को जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित उपायुक्तों को सेवा प्रदाताओं के सहयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत विकास विभाग, जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आवास और शहरी विकास विभाग, सीमा सड़क संगठन और दूरसंचार विभाग को आवश्यक निविदाएं और अनुबंध संबंधी प्रक्रियाएं अगले महीने तक पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से यात्रा के लिए बजट आवश्यकताओं की समीक्षा भी की।बैठक में यात्रा मार्ग पर अस्पतालों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
- नयी दिल्ली, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के लिए भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) में भारत 180 देशों में 96वें स्थान पर है, क्योंकि इसका समग्र स्कोर एक अंक गिरकर 38 हो गया है। यह सूचकांक, सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तर के आधार पर 180 देशों और क्षेत्रों की रैंकिंग करता है। इसमें शून्य से 100 के पैमाने का इस्तेमाल किया जाता है, जहां ‘‘शून्य'' का अर्थ अत्यधिक भ्रष्ट और ‘‘100'' का मतलब साफ-सुथरी व्यवस्था है। भारत का कुल स्कोर 2024 में 38 था, जबकि 2023 में यह 39 और 2022 में 40 था। वर्ष 2023 में भारत की रैंकिंग 93 थी। भारत के पड़ोसी देशों में पाकिस्तान (135) और श्रीलंका (121) निचले पायदान पर हैं, जबकि बांग्लादेश की रैंकिंग और नीचे 149 पर है। चीन 76वें स्थान पर है। सबसे कम भ्रष्ट राष्ट्रों की सूची में डेनमार्क शीर्ष पर है, उसके बाद फिनलैंड और सिंगापुर का स्थान है। सूचकांक ने दिखाया कि भ्रष्टाचार दुनिया के हर हिस्से में एक गंभीर समस्या है, लेकिन कई देशों में बेहतरी के लिए बदलाव हो रहा है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि भ्रष्टाचार जलवायु कार्रवाई के लिए एक बड़ा खतरा है। यह उत्सर्जन को कम करने और वैश्विक तापमान के अपरिहार्य प्रभावों के अनुकूल होने में प्रगति को बाधित करता है। हालांकि, 2012 के बाद से 32 देशों ने अपने भ्रष्टाचार के स्तर में उल्लेखनीय कमी लायी है, फिर भी अभी भी काफी काम किया जाना बाकी है, क्योंकि इसी अवधि के दौरान 148 देशों में भ्रष्टाचार स्थिर रहा है या उसकी स्थिति और खराब हो गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक औसत 43 वर्षों से स्थिर है, जबकि दो तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 50 से नीचे है। अरबों लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जहां भ्रष्टाचार जीवन को तबाह कर देता है और मानव अधिकारों को कमजोर करता है।
- लखनऊ ।अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बुधवार को 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) अस्पताल में अंतिम सांस ली।आचार्य सत्येंद्र दास को 3 फरवरी को ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह न्यूरोलॉजी वार्ड के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में इलाज करा रहे थे। इसके अलावा, वह डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित थे। SGPGI अस्पताल ने कहा, “राम मंदिर अयोध्या के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास जी का आज निधन हो गया। उन्हें 3 फरवरी को स्ट्रोक के कारण गंभीर हालत में न्यूरोलॉजी वार्ड के HDU में भर्ती किया गया था।”आचार्य सत्येंद्र दास करीब 20 साल की उम्र से राम मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे।अयोध्या के आचार्य दास का अंतिम संस्कार गुरुवार को सरयू नदी के तट पर किया जाएगा। उनके शिष्य प्रदीप दास ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर फिलहाल लखनऊ से अयोध्या लाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे “अपूरणीय क्षति” बताया।
- नयी दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पत्रिकाओं की ‘यूजीसी-केयर' सूची को बंद करने की घोषणा की है। यह ऐसा कदम है जिसका उद्देश्य अनुसंधान प्रकाशनों के मूल्यांकन को विकेंद्रीकृत करना है। आयोग संकाय सदस्यों और छात्रों द्वारा विशेषज्ञ समीक्षित पत्रिकाओं को चुनने के लिए मानक विकसित करने की योजना बना रहा है। अकादमिक अनुसंधान प्रकाशनों की गुणवत्ता विनियमित एवं सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी-केयर सूची 2018 में पेश की गई थी। हालांकि, समय के साथ सूची को महत्वपूर्ण आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, भारतीय भाषाओं में प्रकाशित पत्रिकाओं पर इसके प्रभाव और अकादमिक निर्णय लेने के व्यापक केंद्रीकरण के बारे में भी चिंताएं व्यक्त की गईं। यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने कहा, ‘‘यूजीसी-केयर सूची को बंद करना अकादमिक स्वतंत्रता को बहाल करने की दिशा में एक कदम है। शोधकर्ताओं को अब उन पत्रिकाओं में प्रकाशन की स्वतंत्रता होगी जो केंद्रीकृत सूची से बाधित हुए बिना उनके अनुरूप मेल खाती हैं। एचईआई (उच्च शिक्षा संस्थानों) को उच्च अनुसंधान मानक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।'' यह निर्णय एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर आयोग की हालिया बैठक के दौरान किया गया था। कुमार ने कहा, विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुरूप, यूजीसी ने अब उच्च शिक्षा संस्थानों को विशेषज्ञ-समीक्षित पत्रिकाओं के मूल्यांकन के लिए अपने स्वयं के तंत्र विकसित करने की सलाह दी है। यह दृष्टिकोण वैश्विक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप है और संस्थानों को विश्वसनीय अनुसंधान को पहचानने में अधिक लचीलापन प्रदान करता है।
- नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास और इसरो ने अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए एक स्वदेशी ‘माइक्रोप्रोसेसर' विकसित किया है जिसका उपयोग बाहरी अंतरिक्ष में कमान और नियंत्रण प्रणाली तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जा सकता है। संबंधित परियोजना को शक्ति नाम दिया गया है जिसका नेतृत्व आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि ने किया है। ‘शक्ति' को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इसकी ‘डिजिटल इंडिया आरआईएससी-वी' पहल (डीआईआरवी) के तहत समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य माइक्रोप्रोसेसर आधारित उत्पादों के स्वदेशी विकास को बढ़ावा देना है जो आरआईएससी-वी प्रौद्योगिकी अपनाने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सर्वोत्तम श्रेणी की सुरक्षा और दृश्यता प्रदान करते हैं। कामकोटि ने कहा कि इसका उपयोग रणनीतिक जरूरतों के लिए आईओटी और ‘कंप्यूट सिस्टम' से लेकर विविध क्षेत्रों में किया जा सकता है तथा यह विकास इसरो द्वारा अपने अनुप्रयोगों, कमान और नियंत्रण प्रणालियों तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों में ‘आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले सेमीकंडक्टर के स्वदेशीकरण का प्रयास है।
- गोरखपुर . श्रृंगेरी मठ (शारदा पीठ) के जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंगलवार शाम को गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर आगमन पर शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इसके पहले शंकराचार्य जी की विजय यात्रा का सहजनवा स्थित जनपद की सीमा से गोरखनाथ मंदिर तक पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम की विजय यात्रा (11 से 13 फरवरी) मंगलवार को श्री अयोध्या धाम से प्रारंभ हुई और शाम करीब पांच बजे गोरखपुर जनपद की सीमा में प्रवेश किया। गोरखपुर में यात्रा के प्रवेश करते ही श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के 51 वेदपाठी छात्रों ने आचार्य डॉ. रंगनाथ के नेतृत्व में शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य का अभिनंदन किया। इसके बाद सहजनवा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने शंकराचार्य का फूलमालाओं से भव्य स्वागत और अभूतपूर्व अभिनंदन किया। शंकराचार्य के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने उन पर फूल बरसाए तो कलाकारों ने भजन सरिता बहाई। गोरखनाथ मंदिर पहुंचते ही प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने जगद्गुरु शंकराचार्य का स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में पधारे जहां श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने सपत्नीक शंकराचार्य जी की चरण पादुका का विधि विधान से पूजन किया और आरती उतारी।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के मिशन अमृत सरोवर पहल ने जल संकट के गंभीर मुद्दे को हल करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जनवरी 2025 तक 68,000 से अधिक सरोवर पूरे हो चुके हैं, इससे विभिन्न क्षेत्रों में सतही और भूजल उपलब्धता में वृद्धि हुई है। यह जानकारी लोकसभा में एक लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने दी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार मिशन अमृत सरोवर अप्रैल 2022 में शुरू किया गया था, इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर (तालाब) बनाना या उनका पुनरुद्धार करना है, जिनकी कुल संख्या पूरे देश में 50,000 है। इस पहल ने जल संकट के गंभीर मुद्दे को हल करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जनवरी 2025 तक 68,000 से अधिक सरोवर पूरे हो चुके हैं, इससे विभिन्न क्षेत्रों में सतही और भूजल उपलब्धता में वृद्धि हुई है।इन सरोवरों ने न केवल तत्काल जल आवश्यकताओं को पूरा किया है, बल्कि स्थायी जल स्रोत भी स्थापित किए हैं, जो दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता और सामुदायिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।वहीं, मिशन अमृत सरोवर के दूसरे चरण में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जाएगा, इसमें सामुदायिक भागीदारी (जन भागीदारी) को मुख्य रखा जाएगा। इसका उद्देश्य जलवायु लचीलापन मजबूत करना, पारिस्थितिकी संतुलन को बढ़ावा देना और भावी पीढ़ियों को स्थायी लाभ पहुंचाना है।मिशन अमृत सरोवर के काम राज्यों और जिलों द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (महात्मा गांधी नरेगा), 15वें वित्त आयोग अनुदान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की उप-योजनाओं जैसे वाटरशेड विकास घटक, हर खेत को पानी, के अलावा राज्यों की अपनी योजनाओं के साथ मिलकर किए जा रहे हैं। इसके अलावा काम के लिए क्राउडफंडिंग और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे सार्वजनिक योगदान की भी अनुमति है। -
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने एयरो इंडिया 2025 के दौरान एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय एयर चीफ्स राउंडटेबल का आयोजन किया। मंगलवार को इस कार्यक्रम में 17 देशों के वायु सेना प्रमुखों और लगभग 40 अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भविष्य के संघर्षों पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था राउंडटेबल सम्मेलनयह राउंडटेबल सम्मेलन वैश्विक सुरक्षा के बढ़ते संकटों और भविष्य के संघर्षों पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था। चर्चा का मुख्य विषय ‘भविष्य के संघर्षों में मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) और मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहनों (यूसीएवी) का प्रभाव’ था। इस दौरान इन नई तकनीकों के प्रभाव और उनकी भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्यइस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा मामलों पर सहयोग और विचारों का आदान-प्रदान करना था, ताकि सभी देशों की वायु सेना इस तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में सामूहिक रूप से सुरक्षा के मुद्दों का समाधान ढूंढ सके। भारतीय वायुसेना ने इस राउंडटेबल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की असली भावना को प्रदर्शित किया और यह दिखाया कि दुनिया भर के एयर चीफ्स एक साथ मिलकर भविष्य के खतरों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।इस संबंध में भारतीय वायुसेना ने शेयर किया पोस्टभारतीय वायुसेना ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “वर्तमान एयरो इंडिया 2025 के दौरान, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 11 फरवरी 25 को अंतर्राष्ट्रीय वायु सेना प्रमुखों के गोलमेज सम्मेलन की मेजबानी की। इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के 17 वायु सेना प्रमुखों और 40 अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भविष्य के संघर्षों पर मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) और मानव रहित लड़ाकू हवाई वाहनों (यूसीएवी) के प्रभाव पर चर्चा की गई। इस सम्मेलन ने उभरते वैश्विक सुरक्षा मुद्दों को संबोधित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की सच्ची भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया। -
ठाणे . महाराष्ट्र के ठाणे में एक लोकल ट्रेन के महिला डिब्बे के अंदर एक महिला यात्री के मोबाइल फोन में विस्फोट हो गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। नगर निगम के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख यासीन तड़वी ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया कि सोमवार रात आठ बजकर 12 मिनट पर कलवा स्टेशन पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी)-कल्याण उपनगरीय ट्रेन में हुई इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘सीएसएमटी रेलवे नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, इससे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।'' उन्होंने कहा कि विस्फोट के कारण धुआं फैल गया और रेलवे कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आग बुझाने वाले यंत्रों का इस्तेमाल किया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि कम तीव्रता के धमाके की आवाज सुनी गई। धमाके से डिब्बे में धुआं भर गया, जिससे कई यात्री उतरने के लिए दरवाजे की ओर भागे। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि रेलवे पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘जिस महिला के मोबाइल फोन में विस्फोट हुआ उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। घटना की जांच की जा रही है। हो सकता है कि बैटरी में खराबी या कोई अन्य तकनीकी समस्या हो। यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते समय सावधान रहना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि घटना के कारण रेल सेवाएं बाधित नहीं हुईं। -
नयी दिल्ली. भारतीय गायक अरिजीत सिंह व ब्रिटिश गायक एड शीरन का एक साथ स्कूटर पर घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रशंसकों द्वारा इसे अब तक का "सबसे अच्छा" वीडियो बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समय शीरन अपने मैथेमैटिक्स टूर (+-=÷x) के लिए भारत आए हुए हैं। सिंह को शीरन के साथ वाहन पर सवार होकर बिना सुरक्षाकर्मी के घूमते हुए देखा गया। हालांकि वीडियो की तारीख और स्थान की जानकारी की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार गायक जोड़ी को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सिंह के गृहनगर जियागंज की सड़कों पर स्कूटर चलाते हुए देखा गया है। पिछले साल, शीरन लंदन में सिंह के संगीत कार्यक्रम में मंच पर शामिल हुए थे। वहाँ दोनों ने लोकप्रिय गीत "परफेक्ट" पर जमकर नृत्य किया था। "शेप ऑफ यू", "गैलवे गर्ल" और "थिंकिंग आउट लाउड" जैसे गानों के लिए भी मशहूर शीरन ने 30 जनवरी को पुणे से भारत में अपना दौरा शुरू किया था। वह 15 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में अपना टूर समाप्त करेंगे।
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महाकुंभ नगर. ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को देश में गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने पर निर्णय लेने के लिए केंद्र सरकार को 33 दिनों का समय दिया। यहां शंकराचार्य शिविर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा, “शास्त्रों में उल्लेख है कि गाय के शरीर में 33 कोटि देवी देवताओं का वास है। हम पिछले डेढ़ साल से गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं। अब हमने निर्णय किया है कि माघी पूर्णिमा के अगले दिन (बृहस्पतिवार) से हम 33 दिनों की यात्रा निकालेंगे।” उन्होंने कहा, “यह 33 दिन की यात्रा 17 मार्च को दिल्ली जाकर पूर्ण होगी। केंद्र सरकार के पास निर्णय करने के लिए 33 दिनों का समय है। यदि वह इन 33 दिनों में कोई निर्णय नहीं करती तो हम 17 मार्च को शाम पांच बजे के बाद कोई कड़ा निर्णय करेंगे।” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “हमारी सरकार से मांग है कि गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर राष्ट्र माता घोषित किया जाए और गोहत्या को अपराध माना जाए। प्रदेश सरकार स्कूलों के पाठ्यक्रम में गाय को शामिल करने जा रही है। लेकिन वहां भी अगर गाय को पशु बताया जाता है तो इसका क्या लाभ।”
- -, AI एक्शन शिखर सम्मेलन में जेडी वेंस ने पीएम के विचार का किया समर्थनपेरिस । पीएम मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में एआई एक्शन शिखर सम्मेलन के अवसर पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की। उससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार को पीएम मोदी के इस विचार की सराहना की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कभी भी इंसानों की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह लोगों को अधिक उत्पादक बनाएगा और उन्हें अधिक स्वतंत्रता प्रदान करेगा।पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा पेरिस में एआई एक्शन समिट को संबोधित करने के बाद बोलते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि “मैं पीएम मोदी की बात की सराहना करता हूं। मेरा वास्तव में मानना है कि एआई लोगों को सुविधा प्रदान करेगा और उन्हें अधिक उत्पादक बनाएगा। यह इंसानों की जगह नहीं लेगा, यह कभी भी इंसानों की जगह नहीं लेगा।”वेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि एआई उद्योग में बहुत से नेता, जब वे श्रमिकों की जगह लेने के डर के बारे में बात करते हैं, तो वे वास्तव में इस बिंदु को भूल जाते हैं। एआई हमें अधिक उत्पादक, समृद्ध और स्वतंत्र बनाने जा रहा है।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व वाला अमेरिकी प्रशासन “एआई के लिए एक श्रमिक-समर्थक विकास पथ बनाए रखेगा ताकि यह अमेरिका में रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन सके।”बता दें कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को नया रूप दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “एआई इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है। लेकिन, यह मानव इतिहास में प्रौद्योगिकी के अन्य मील के पत्थरों से बहुत अलग है।” उन्होंने यह भी कहा कि एआई स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सुधार करके लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। “नौकरियों का नुकसान एआई का सबसे भयावह व्यवधान है। लेकिन, इतिहास ने दिखाया है कि प्रौद्योगिकी के कारण काम गायब नहीं होता है। इसकी प्रकृति बदल जाती है और नए प्रकार की नौकरियां पैदा होती हैं। हमें एआई-संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कौशल और पुनः कौशल प्रदान करने में निवेश करने की आवश्यकता है।”वहीं अपने भाषण में, वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अत्यधिक विनियमन के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि एआई का अत्यधिक विनियमन एक परिवर्तनकारी उद्योग को खत्म कर सकता है, जैसे ही यह आगे बढ़ रहा है। हम एआई समर्थक विकास नीतियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और मैं देखना चाहूंगा कि इस सम्मेलन में नियामकीय पहलू बड़ी बातचीत में अपना रास्ता बना रहा है।”हालांकि, वेंस ने चेतावनी दी कि एआई को वैचारिक पूर्वाग्रह से मुक्त होना चाहिए। “हमें बहुत दृढ़ता से लगता है कि एआई को वैचारिक पूर्वाग्रह से मुक्त रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिकी एआई को सत्तावादी सेंसरशिप के लिए एक उपकरण के रूप में सह-चुना नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी एआई अन्य विदेशी देशों के साथ साझेदारी करे। उन्होंने कहा, “यह प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी एआई तकनीक दुनिया भर में स्वर्ण मानक बनी रहे और हम अन्य विदेशी देशों और निश्चित रूप से व्यवसायों के लिए पसंदीदा भागीदार हैं क्योंकि वे एआई के अपने स्वयं के उपयोग का विस्तार करते हैं।”
- नयी दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा सभी ऊर्जा चर्चाओं का हिस्सा होगी, क्योंकि इसका व्यावसायीकरण अभी तक नहीं हुआ है। मुख्य रूप से भारतीय संदर्भ में, हालांकि देश ने अमेरिका के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। यह संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस सप्ताह के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं, जहां वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे और ऊर्जा सहित कई विषयों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले, भारत ऊर्जा सप्ताह-2025 पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पुरी ने सोमवार को कहा था, ‘‘ मुझे आश्चर्य होगा यदि अमेरिका से ऊर्जा प्राप्त करने का मुद्दा (प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच) चर्चा में शामिल न हो।'' पुरी ने कहा कि राष्ट्रपति (ट्रंप) ने कहा है कि वह वैश्विक ऊर्जा कीमतों में कमी लाना चाहते हैं, इसलिए चाहते हैं कि बाजार में अधिक से अधिक ऊर्जा आए। भारत जैसे देशों के लिए यह एक सकारात्मक बात है। आईईडब्ल्यू 2025 में मंत्रिस्तरीय चर्चा के दौरान पुरी ने कहा, ‘‘ परमाणु (ऊर्जा) एक कुशल लागत प्रभावी माध्यम प्रदान करती है, लेकिन आपको एक विशेष मार्ग अपनाना होगा और मुझे यकीन है कि जहां भी इस तरह की चर्चाएं होंगी, यह प्रमुख रूप से चर्चा का विषय होगा। मैं ऐसा होते हुए देख रहा हूं।'' परमाणु ऊर्जा के वाणिज्यिक विस्तार के बारे में मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमारे पास भारत-विशिष्ट आईएईए सुरक्षा समझौता था लेकिन किसी कारण से वाणिज्यिक अनुबंध कभी नहीं हो सका... लेकिन अब हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर के बारे में बात कर रहे हैं।'' इस महीने की शुरुआत में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20,000 करोड़ रुपये के परमाणु मिशन की घोषणा की थी जिसका लक्ष्य 2047 तक कम से कम 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा विकसित करना है।
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महाकुंभ नगर। महाकुंभ में गंगा-यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए ‘ट्रैश स्कीमर' मशीनें लगाई गयी हैं, जो हर दिन गंगा-यमुना से 10 से 15 टन कचरा निकाल रही हैं। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार महाकुंभ में गंगा-यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार प्रतिबद्ध है। आने वाले श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर अपने साथ भक्ति के साथ स्वच्छता का भाव भी ले जाएं, इसके लिए प्रयागराज नगर निगम मुख्यमंत्री की दिशादृष्टि को साकार करने में लगा हुआ है। बयान के मुताबिक निगम न केवल श्रमिकों के माध्यम से, बल्कि आधुनिक तरीके से भी गंगा-यमुना के संगम को स्वच्छ बनाने का काम हो रहा है। इसके लिए बकायदा ‘ट्रैश स्कीमर' मशीनें लगाई गई हैं। ये मशीनें हर दिन गंगा-यमुना से 10 से 15 टन कचरा निकाल रही हैं। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छता की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके चलते विश्व के सबसे बड़े आयोजन महाकुम्भ की तैयारी करीब चार साल पहले ही शुरू कर दी गई थी। बयान के मुताबिक संगम में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को साफ और स्वच्छ जल मिले, इसके लिए एक ‘ट्रैश स्कीमर' मशीन लगाई गई। तब यह मशीन 50-60 क्विंटल कचरा हर दिन निकालती थी। उसकी कार्य प्रणाली को देखते हुए करीब दो साल पहले एक और मशीन को प्रयागराज नगर निगम ने खरीदा। इसके बाद नदियों की सफाई की रफ्तार दोगुनी हो गई। ‘ट्रैश स्कीमर' की मदद से पानी की सतह पर तैर रहे कचरे को इकट्ठा किया जाता है।
‘ट्रश स्कीमर' मशीन का इस्तेमाल नदियों, बंदरगाहों, और समुद्रों में कचरा साफ करने के लिए होता है। यह मशीन प्लास्टिक, बोतलें, धार्मिक कचरा, कपड़े, धातु की वस्तुएं, पूजा अपशिष्ट, मृत पशु और पक्षी आदि को एकत्र करती है। नगर निगम के एक अधिकारी के मुताबिक मशीन से एकत्र किए गए कचरे को नैनी के पास ही एक जगह डाल दिया जाता है। वहां से इस कचरे को रोजाना गाड़ियों से बसवार स्थित शोधन संयंत्र में ले जाया जाता है। वहा इस कचरे से नारियल, प्लास्टिक और अन्य सामग्री को अलग किया जाता है। प्लास्टिक को रिसाइकिल के लिए भेजा जाता है, जबकि अन्य सामग्री का खाद बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। - महाकुंभ नगर। प्रयागराज महाकुंभ में माघी पूर्णिमा के स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने विशेष यातायात व्ययवस्था लागू की है। इसके अंतर्गत, 11 फरवरी 2025 को सुबह चार बजे से संपूर्ण मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन' घोषित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के निजी और सार्वजनिक वाहनों को 11 फरवरी को सुबह चार बजे के बाद संबंधित रूट की पार्किंग में पार्क कराया जाएगा ताकि शहर में यातायात अव्यवस्था नहीं हो और श्रद्धालु पैदल सुगमता से स्नान घाटों तक पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने 11 फरवरी की शाम पांच बजे से पूरे प्रयागराज शहर को भी ‘नो व्हीकल जोन' घोषित किया है। केवल आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष यातायात योजना 12 फरवरी को स्नान संपन्न होने तक लागू रहेगी। मेले में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के वाहनों पर भी यह नियम लागू रहेगा।













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