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मुंबई । मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। शहर में हर तरफ पानी भर गया है। बारिश ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसके अलावा, रेल और फ्लाइट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, पिछले कुछ दिनों में कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने अपने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है।
इंडिगो की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ये पोस्ट किया गया है कि भारी बारिश और हवाई यातायात जाम के कारण #मुंबई में उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। कृपया अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करते रहें। कंपनी ने यात्रियों के लिए यह लिंक http://bit.ly/3DNYJqj भी शेयर की है। साथ ही यात्रियों को कहा है कि आपकी सुखद और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं!मुंबई और पालघर में भारी बारिश का अलर्टभारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे दिनभर भारी बारिश की संभावना है। वहीं, ठाणे और नवी मुंबई (रायगढ़) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे और भी गंभीर परिस्थितियों का पूर्वानुमान है।बता दें कि पिछले सप्ताह से मुंबई को भारी बारिश के कारण गंभीर जलभराव, यातायात जाम, और ट्रेन तथा उड़ानों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को, मुंबई में भारी 300 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे ट्रेनें और यातायात प्रभावित हुए। इस बारिश के कारण लाखों यात्री हफ्ते के पहले कामकाजी दिन पर काम के लिए जाते समय फंस गए और सुबह की शिफ्ट के लिए स्कूल बंद कर दिए गए। -
नई दिल्ली। आज के समय में भारत की जनसंख्या 142 करोड़ बताई जाती है और अनुमान है कि आने वाले अगले 38 सालों में इसमें भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा गुरुवार को जारी वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जनसंख्या 2062 में अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है, जिसका अनुमानित आंकड़ा 1.701 अरब हो सकता है।
इसका मतलब है कि देश की जनसंख्या अगले 38 वर्षों में अपने शिखर पर पहुंच जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और यह स्थिति सदी के अंत तक बनी रहने की संभावना है।कब आएगी भारत की जनसंख्या में गिरावट?संयुक्त राष्ट्र द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत की जनसंख्या जनवरी और जुलाई 2062 के बीच घटने लगेगी। हालांकि इस साल में, भारत की जनसंख्या में लगभग 222,000 लोग जुड़ेंगे। उसके बाद, भारत की जनसंख्या में कमी आने लगेगी। 2063 में, देश की जनसंख्या लगभग 115,000 लोगों की कमी होगी। 2064 में यह संख्या बढ़कर 437,000 और 2065 में 793,000 हो जाएगी।कितनी है भारत की आबादी?रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। वर्तमान में, देश में 1.451 अरब लोग रहते हैं। इसके बाद चीन है, जिसकी जनसंख्या 1.419 अरब है, और तीसरे स्थान पर संयुक्त राज्य अमेरिका है, जहां 345 मिलियन लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2054 तक भारत और चीन अपनी वर्तमान स्थिति बनाए रखेंगे, लेकिन पाकिस्तान 389 मिलियन की आबादी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा। यह रैंकिंग 21वीं सदी के अंत तक जारी रहेगी।विश्व जनसंख्या में 2083 में आएगी गिरावटUN ने कहा है कि विश्व की कुल जनसंख्या 2083 में लगभग 10.2 अरब पर घटने लगेगी। जनवरी और जुलाई 2083 के बीच, विश्व की जनसंख्या में कमी आनी शुरू हो जाएगी। वर्तमान में, वैश्विक जनसंख्या लगभग 8.16 अरब है।इन देशों की बढ़ेगी आबादीसंयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 और 2054 के बीच जिन देशों की जनसंख्या में उछाल देखने को मिलेगा, उनमें अफ्रीका भी शामिल है। वहीं, नौ देश – अंगोला, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, नाइजर और सोमालिया -की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ सकती है। रिपोर्ट अनुसार, इन देशों की कुल जनसंख्या 2024 और 2054 के बीच दोगुनी हो जाएगी।अगले 2054 तक, लगभग 100 देशों और क्षेत्रों में कामकाजी उम्र (20 से 64 वर्ष) की जनसंख्या का हिस्सा कुल जनसंख्या से अधिक तेजी से बढ़ेगा, जिससे उन्हें जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) के रूप में एक अवसर प्राप्त होगा। भारत भी ऐसा ही एक देश है।रिपोर्ट में कहा गया है कि 2080 तक 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग 18 वर्ष से कम आयु के लोगों से अधिक हो जाएंगे।संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जिन देशों की जनसंख्या अपने चरम पर है या जल्द ही पहुंचने वाली है, उन्हें सभी आयु वर्गों में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए स्वचालन और अन्य प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए।UN ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “उन्हें आजीवन सीखने और फिर से प्रशिक्षण के अधिक अवसर बनाने चाहिए, कई पीढ़ियों के कार्यबल का समर्थन करना चाहिए और उन लोगों के लिए कामकाजी जीवन को बढ़ाने के अवसर देने चाहिए जो काम करना चाहते हैं और कर सकते हैं।”रिपोर्ट में बताया गया है कि 1990 के मुकाबले अब महिलाएं औसतन एक बच्चा कम जन्म दे रही हैं। आधे से ज्यादा देशों में प्रति महिला औसतन जन्म दर 2.1 से कम है, जो जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी है। दुनिया के लगभग एक-पांचवे देशों और क्षेत्रों, जैसे चीन, इटली, कोरिया गणराज्य और स्पेन में अब “बहुत कम” जन्म दर है, जहां प्रति महिला 1.4 से भी कम बच्चे पैदा हो रहे हैं। -
नई दिल्ली। चारधाम तीर्थयात्री अब ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता- आभा बना सकते हैं। उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल से यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की एक साथ यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य मापदंडों की निगरानी में मदद मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल तीर्थयात्रियों को आभा सहित कई लाभ प्रदान करता है। तीर्थयात्री पोर्टल पर आसानी से अपना 14-अंकीय आभा खाता बना सकते हैं। अब तक, 65 करोड़ से अधिक आभा खाते बनाए जा चुके हैं। आभा के कई लाभ हैं, जिनमें नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का संग्रह और प्रबंधन शामिल है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अब पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति की जाएगी। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ की महानिदेशक नीना सिंह ने गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ ने इस संबंध में सभी व्यवस्थाएं कर ली हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में पूर्व अग्निवीरों को दस प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा और उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट भी दी जाएगी। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक नितिन अग्रवाल ने कहा कि इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इससे सभी बलों को फायदा होगा।
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नई दिल्ली। अग्निपथ योजना पर बहस के बीच केंद्रीय बलों ने घोषणा की है कि वे पूर्व अग्निवीरों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण लागू करेंगे। सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल जैसे केंद्रीय बलों के प्रमुखों ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को आयु में छूट मिलेगी और उनके लिए कोई शारीरिक दक्षता परीक्षा भी नहीं होगी। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की महानिदेशक नीना सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती का एक बड़ा कदम उठाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सी.आई.एस.एफ. ने भी इस संबंध में सभी प्रबंध कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल की दस प्रतिशत रिक्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी और उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट दी जाएगी।
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लातेहार (झारखंड). झारखंड के लातेहार जिले में एक व्यक्ति ने अपनी गर्भवती पत्नी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि यह घटना बुधवार रात महुआडांड़ थाना क्षेत्र के औरोंटोली गांव में घटी।
महुआडांड़ पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु चंद्र मांझी ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि महिला की पीट-पीटकर हत्या की गई और फिर उसके शव को साड़ी के सहारे फंदे से लटकाने का प्रयास किया गया।'' उन्होंने बताया कि मृतका की पहचान सरोज मिंज के रूप में हुई है। उसके पति आरोपी अमित लाकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार दोपहर को शराब के नशे में आरोपी लाकड़ा ने अपनी पत्नी का हाथ तोड़ दिया था।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि रात में फिर से झगड़ा हुआ और आरोपी पति ने सरोज की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दंपति के तीन बच्चे हैं। -
हैदराबाद. तेलंगाना के वरंगल जिले में एक व्यक्ति ने बृहस्पतिवार को अपनी पूर्व सहजीवन साथी के माता-पिता की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी व्यक्ति अपने अलगाव के लिए अपनी सहजीवन साथी के माता पिता को जिम्मेदार मानता था। पुलिस ने कहा कि यह घटना आज तड़के हुई। आरोपी ने महिला और उसके भाई पर भी हमला किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार जब महिला का परिवार अपने घर के बाहर सो रहा था तब आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे इस हमले में महिला के बुजुर्ग माता-पिता की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपी व्यक्ति और महिला पिछले साल घर से भागकर साथ में रहने लगे थे लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। पिछले छह महीने से महिला अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला के माता-पिता से रंजिश रखता था क्योंकि वह समझता था कि उन्होंने ही महिला को उससे दूर किया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
महिला ने मीडिया को बताया कि आरोपी ने उसके माता-पिता की हत्या कर दी और उस पर तथा उसके भाई पर भी हमला किया। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। -
नयी दिल्ली. केंद्र ने निर्णय किया है कि प्रशासनिक सुधार एवं जन शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के 100 दिनों के एजेंडे के तहत उसके सभी संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय लागू किया जाएगा। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी है। बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार 2019 और 2024 के बीच केंद्रीय सचिवालय में ई-कार्यालय को अपनाने की गति में काफी तेजी आयी और 37 लाख फाइल यानी 94 प्रतिशत फाइल को ई-फाईल और 95 प्रतिश रसीदों को ‘ई-रसीद' के रूप में संभाला गया। कार्मिक विभाग द्वारा जारी किये गये बयान में कहा गया है, ‘‘केंद्रीय सचिवालय में ई-कार्यालय मंच के सफल कार्यान्वयन की पृष्ठभूमि में सरकार ने निर्णय किया है कि डीएआरपीजी के 100 दिवसीय एजेंडे के तहत सभी संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय को लागू किया जाएगा।'' अंतर-मंत्रालयी परामर्श के बाद ई-कार्यालय के कार्यान्वयन के लिए 133 संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों की पहचान की गई। डीएआरपीजी ने 24 जून 2024 को संलग्न, अधीनस्थ कार्यालयों और स्वायत्त निकायों में ई-कार्यालय अपनाने के दिशानिर्देश जारी किए थे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुखों ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय के अनुरूप उनके बलों में कांस्टेबल के 10 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगे। सीआईएसएफ महानिदेशक नीना सिंह और बीएसएफ में उनके नितिन अग्रवाल ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब थलसेना, नौसेना और वायु सेना में कर्मियों की अल्पकालिक भर्ती के लिए ‘अग्निपथ भर्ती योजना' पर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है। सिंह ने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अनुरूप सीआईएसएफ भी पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया तैयार कर रहा है।'' सीआईएसएफ प्रमुख ने कहा कि भविष्य में कांस्टेबल पद पर सभी नियुक्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित रहेंगी। उन्होंने ‘डीडी न्यूज' से कहा, ‘‘शारीरिक परीक्षा में भी उन्हें छूट दी जाएगी। इसके अलावा आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी। पहले वर्ष में आयु में छूट पांच वर्ष की होगी और उसके बाद के वर्ष में आयु में छूट तीन वर्ष की होगी।'' सिंह ने कहा, ‘‘पूर्व अग्निवीर इसका लाभ उठा सकेंगे और सीआईएसएफ यह सुनिश्चित करेगा। यह सीआईएसएफ के लिए भी लाभकारी होगा क्योंकि बल को प्रशिक्षित और अनुशासित कर्मी मिलेंगे।'' सरकार ने अग्निपथ योजना की शुरुआत जून, 2022 में की थी। इसमें 17 से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान किया गया था, जिनमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों के लिए बनाए रखने का प्रावधान है। सरकार ने बाद में ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इस योजना को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि चार साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा, क्योंकि कुल भर्तियों में से केवल 25 प्रतिशत ही 15 साल तक बने रहेंगे। विभिन्न केंद्रीय सरकारी एजेंसी और विभागों ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की योजना की घोषणा पहले ही कर दी है। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक अग्रवाल ने कहा, ‘‘उन्हें चार साल का अनुभव होता है। वे पूरी तरह अनुशासित और प्रशिक्षित कर्मी हैं। यह बीएसएफ के लिए बहुत अच्छी बात है क्योंकि हमें प्रशिक्षित जवान मिल रहे हैं। थोड़े समय के प्रशिक्षण के बाद उन्हें सीमा पर तैनात किया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से सभी सुरक्षा बलों को लाभ मिलेगा।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘कुल रिक्तियों में से 10 प्रतिशत उनके लिए आरक्षित होंगी।''
उन्होंने ‘डीडी न्यूज' से कहा, ‘‘उनके लिए आयु सीमा में छूट भी होगी। पहले बैच को आयु में पांच साल की छूट मिलेगी और उसके बाद के बैच को आयु में तीन साल की छूट मिलेगी।'' -
मुंबई. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शुक्रवार को मुंबई में होने वाली शादी में किम और ख्लोए कार्दशियन, मुक्केबाज माइक टायसन, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और वैश्विक उद्योगपतियों समेत शीर्ष हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। चार महीने तक चले विवाह-पूर्व समारोह के बाद, 29 वर्षीय अनंत अंबानी फार्मा उद्योगपति वीरेन और शैला मर्चेंट की बेटी राधिका मर्चेंट के साथ विवाह बंधन में बंध जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि अतिथि सूची में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शख्सियत, राजनीतिक नेता और कॉर्पोरेट जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हैं। मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता ने अतीत में अपने अन्य बच्चों की भी भव्य शादियां की थीं। उनकी बेटी ईशा अंबानी की 2018 में हुई शादी में बियॉन्से नॉलेस ने प्रस्तुति दी थी। शादी में पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और जॉन केरी जैसे मेहमान शामिल हुए थे। एक साल बाद स्विट्जरलैंड के सेंट मोरित्ज़ में आकाश अंबानी के विवाह-पूर्व कार्यक्रम में ब्रिटिश रॉक बैंड ‘कोल्डप्ले' के क्रिस मार्टिन ने और मुंबई में आयोजित शादी समारोह में अमेरिकी पॉप बैंड ‘मैरून 5' ने प्रस्तुति दी थी। अनंत का तीन दिवसीय विवाह-पूर्व कार्यक्रम गुजरात के जामनगर में आयोजित किया गया था जो अंबानी का गृहनगर है। इस कार्यक्रम में लगभग 1,200 अतिथि शामिल हुए, जिनमें मेटा कंपनी के मार्क जुकरबर्ग, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स, ब्लैकरॉक के सह-संस्थापक लैरी फिंक, अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और सऊदी अरामको कंपनी के अध्यक्ष यासिर अल रुमयान शामिल थे। कार्यक्रम में रिहाना ने भी प्रस्तुति दी थी। जून में एक कार्यक्रम विदेश में हुआ। इटली के टायरहेनियन सागर के शानदार नीले तट से एक लक्जरी ‘क्रूज' मेहमानों को लेकर फ्रांसीसी भूमध्य सागर तक गया और इसमें अमेरिकी समूह ‘बैकस्ट्रीट बॉयज़', गायिका कैटी पेरी और इतालवी गायक एंड्रिया बोसेली ने प्रस्तुति दी। जस्टिन बीबर ने पिछले सप्ताह 'संगीत' समारोह में प्रस्तुति दी थी।
शुक्रवार को शादी मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगी और आने वाले दिनों में प्रीति भोजों का आयोजन होगा। सूत्रों ने बताया कि कार्दशियन के अलावा इस भव्य समारोह में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और टोनी ब्लेयर, कलाकार जेफ कून्स, स्व-सहायता प्रशिक्षक जे शेट्टी, पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के भी शामिल होने की उम्मीद है। इस समारोह में बॉलीवुड सितारों के भी शामिल होने की उम्मीद है। शादी से पहले आयोजित कार्यक्रमों में सलमान खान, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट शामिल हुए। अभिनेता अमिताभ बच्चन और आमिर खान के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रियंका चोपड़ा-जोनस, ऐश्वर्या राय-बच्चन, जान्हवी कपूर और सारा अली खान के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। कॉर्पोरेट जगत की जिन हस्तियों के आने की उम्मीद है उनमें एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी के अध्यक्ष मार्क टकर, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख जे ली, सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासेर, बीपी के मुख्य कार्यकारी मरे औचिनक्लॉस, दवा कंपनी जीएसके पीएलसी की एम्मा वाल्म्स्ले, लॉकहीड मार्टिन के जिम टेसलेट और फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो शामिल हैं। एरिक्सन कंपनी के सीईओ बोर्जे एकहोम, एचपी के अध्यक्ष एनरिक लोरेस, टेमासेक के सीईओ दिलहान पिल्ले, मुबादला के खलदून अल मुबारक, एडीआईए बोर्ड के सदस्य खलील मोहम्मद शरीफ फौलाज़ी और कुवैत निवेश प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक बदर मोहम्मद अल-साद के भी अनंत की शादी में आने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि शादी में गौतम अदाणी समेत कई भारतीय उद्योगपतियों के शामिल होने की उम्मीद है। अदाणी जामनगर में हुए कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। अनंत और राधिका की सगाई जनवरी 2023 में एक पारंपरिक समारोह में हुई थी। -
नयी दिल्ली. आगामी बजट से पहले देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आर्थिक वृद्धि को गति देने तथा बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। सूत्रों के अनुसार, बजट को लेकर प्रधानमंत्री के साथ बृहस्पतिवार की बैठक के दौरान अर्थशास्त्रियों ने यह बात कही। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट को लेकर अर्थशास्त्रियों के विचार और सुझाव जानने के लिए बैठक का आयोजन नीति आयोग ने किया था। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा है, ‘‘आज, प्रख्यात अर्थशास्त्रियों के साथ बातचीत की और आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने से संबंधित मुद्दों पर उनके दूरदर्शी विचार सुने।'' केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करेंगी।
बैठक में जाने-माने अर्थशास्त्रियों के अलावा नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी और अन्य सदस्य शामिल हुए। बैठक में वित्त मंत्री सीतारमण, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन और योजना मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला, अशोक गुलाटी सहित अन्य लोग उपस्थित थे। यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला प्रमुख आर्थिक दस्तावेज होगा। इसमें अन्य बातों के अलावा, 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का खाका पेश किये जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा कि आर्थिक वृद्धि को गति देने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के बारे में सुझाव दिये गये। इसके अलावा नीति आयोग द्वारा तैयार किये जा रहे 2047 तक भारत को विकसित बनाने के दस्तावेज पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले महीने संसद की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में संकेत दिया था कि सरकार सुधारों की गति को तेज करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्य के दृष्टिकोण का एक प्रभावी दस्तावेज होगा। सीतारमण आगामी बजट पर पहले ही अर्थशास्त्रियों और भारतीय उद्योग जगत के प्रमुखों सहित विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर चुकी हैं। कई विशेषज्ञों ने सरकार से उपभोग को बढ़ावा देने के लिए आम आदमी को कर में राहत देने और मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने तथा आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। सीतारमण ने लोकसभा चुनाव के कारण इस साल फरवरी में 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया था। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2022 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की और ‘राष्ट्र प्रथम' को अपने जीवन का उद्देश्य बताते हुए उनसे इस यात्रा में अपने साथ चलने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से ‘उत्प्रेरक एजेंट' बनने की आकांक्षा रखने की अपील की और कहा जब वे अपनी आंखों के सामने बदलाव होते देखेंगे तो उन्हें संतुष्टि महसूस होगी। राजधानी दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में प्रधानमंत्री ने उन 181 प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिन्हें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिवों के रूप में तैनात किया गया है। बातचीत के दौरान, विभिन्न अधिकारियों ने उनके द्वारा किए गए प्रशिक्षण के अपने अनुभव साझा किए।
बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा, "नया भारत उदासीन दृष्टिकोण से संतुष्ट नहीं है और वह आगे बढ़कर सक्रिय रहने वालों को पसंद करता है।" उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें सभी नागरिकों को सर्वोत्तम संभव शासन, विनिर्माण के साथ ही जीवन की गुणवत्ता प्रदान करने का प्रयास करना चाहिए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए संपूर्णता के दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संपूर्णता का दृष्टिकोण सामाजिक न्याय सुनिश्चित करता है और भेदभाव को रोकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, "अब यह उनकी पसंद है कि वे सेवा अदायगी में 'स्पीड ब्रेकर' होंगे या 'सुपरफास्ट हाईवे'।" प्रधानमंत्री ने उनसे कहा, "उन्हें उत्प्रेरक एजेंट बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए और जब वे अपनी आंखों के सामने बदलाव होते देखेंगे तो उन्हें संतुष्टि महसूस होगी।" प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम' उनके लिए केवल एक नारा नहीं है बल्कि उनके जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों को इस यात्रा में उनके साथ चलने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आईएएस के रूप में चयन के बाद युवाओं को जो प्रशंसा मिली है, वे अतीत की बातें हैं और अतीत में रहने के बजाय उन्हें भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए। मोदी ने 2022 में 'आरंभ' कार्यक्रम के दौरान उनके साथ अपनी पिछली बातचीत को याद किया और कहा कि सहायक सचिव कार्यक्रम के पीछे का इरादा युवा अधिकारियों को प्रशासनिक पिरामिड के ऊपर से नीचे तक अनुभव आधारित सीख का अवसर प्रदान करना था। बातचीत के दौरान कार्मिक राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और गृह सचिव (डीओपीटी) ए के भल्ला तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बाद में प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "2022 बैच के आईएएस अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ एक अद्भुत बातचीत हुई, जो वर्तमान में सहायक सचिवों के रूप में तैनात हैं। भारत के विकास पथ में योगदान करने और हमारे लोगों के जीवन में सकारात्मक अंतर लाने के तरीकों पर जोर दिया। - देवभूमि द्वारका। गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के एक गांव में बुधवार को एक परिवार के चार सदस्यों के शव सड़क किनारे पड़े मिले, जिनमें एक दंपति और उनका छोटा बेटा एवं बेटी शामिल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अशोक धुवा, उनकी पत्नी लीलूबेन और उनके बेटे जिग्नेश एवं बेटी किंजल ने आत्महत्या करने के इरादे से जहर खा लिया। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को उनके शवों के पास संदिग्ध जहरीले तरल पदार्थ की बोतलें पड़ी मिलीं। भनवड़ पुलिस उपनिरीक्षक एम.आर. सवसेता ने कहा, "मृतक दम्पति की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी जबकि उनके बेटे और बेटी की उम्र 18-20 वर्ष है। शव शाम को धरगर गांव के एक खेत में मिले।" अधिकारी ने बताया कि परिवार जामनगर शहर में अपने घर से दोपहिया वाहन पर 70 किलोमीटर की यात्रा करके आया था। पुलिस को पास में ही दो दोपहिया वाहन भी खड़े मिले। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
- वियना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां चार प्रमुख ऑस्ट्रियाई भारतविदों और भारतीय इतिहास एवं विचारों के विद्वानों से मुलाकात की और उनके साथ भारतविद्या और भारतीय इतिहास, दर्शन, कला एवं संस्कृति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मोदी ने चांसलर कार्ल नेहमर के निमंत्रण पर ऑस्ट्रिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। यह 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रिया की पहली यात्रा है। वर्ष 1983 में इंदिरा गांधी ने ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी। मोदी ने बौद्ध दर्शन के विद्वान और भाषाविद् डॉ. बिरगिट केलनर, आधुनिक दक्षिण एशिया के विद्वान प्रो. मार्टिन गेन्सले, वियना विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई अध्ययन के प्रोफेसर डॉ. बोरायिन लारियोस और वियना विश्वविद्यालय में भारतविद्या विभाग प्रमुख डॉ. कैरिन प्रीसेनडांज के साथ बातचीत की। विदेश मंत्रालय ने नयी दिल्ली में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने इन विद्वानों के साथ भारतविद्या तथा भारतीय इतिहास, दर्शन, कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘वियना में मुझे प्रोफेसर बिरगिट केलनर, डॉ. मार्टिन गेन्सले, डॉ. कैरिन प्रीसेनडांज और डॉ. बोरायिन लारियोस से मिलने का अवसर मिला। ये सभी सम्मानित शिक्षाविद और शोधार्थी हैं, जिन्होंने भारतीय इतिहास और संस्कृति के अध्ययन की दिशा में बहुत प्रयास किए हैं। उनकी व्यापक अंतर्दृष्टि के बारे में जानना अद्भुत था। मैं दुनिया भर में भारतीय संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका के लिए उनकी सराहना करता हूं।'' प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रिया में भारतविद्या की जड़ों और बौद्धिक जिज्ञासा एवं विद्वत्ता पर इसके प्रभाव के बारे में भी जानकारी ली। इसमें कहा गया कि चर्चा के दौरान विद्वानों ने भारत के साथ अपने शैक्षणिक और शोध संबंधों की भी बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसिद्ध ऑस्ट्रियाई भौतिक वैज्ञानिक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता एंटोन जिलिंगर से भी मुलाकात की और समकालीन समाज में ‘क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम तकनीक' की भूमिका तथा भविष्य के लिए इसकी संभावनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। मोदी ने प्रमुख भौतिक वैज्ञानिक के साथ भारत के ‘नेशनल क्वांटम मिशन' पर अपने विचार साझा किए।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नोबेल पुरस्कार विजेता एंटोन जिलिंगर के साथ एक बेहतरीन बैठक हुई। क्वांटम यांत्रिकी में उनका काम पथप्रदर्शक है और यह शोधकर्ताओं एवं नवोन्मेषकों की पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।''
- लेह।.भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने भारत-चीन सीमा पर तस्करी कर लाए गए सोने की 108 ईंटें जब्त की हैं जिनमें से प्रत्येक ईंट का वजन एक किलोग्राम है। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।उन्होंने बताया कि सोना के अलावा दो मोबाइल फोन, एक दूरबीन, दो चाकू और चीन निर्मित खाद्य सामग्री जैसे केक और दूध आदि भी जब्त किए गए हैं। आईटीबीपी की 21वीं बटालियन के कमांडेंट अजय निर्माल्कर ने बताया, ‘‘आईटीबीपी के इतिहास में उसके द्वारा सोने की यह सबसे बड़ी जब्ती है। जब्त सामग्री को सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया जाएगा।'' वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत 80 से 90 करोड़ रुपये के बीच है।एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आईटीबीपी की 21वीं बटालियन के जवानों ने तस्करों की घुसपैठ रोकने के लिए पूर्वी लद्दाख के चांगथांग उप-क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को लंबी दूरी तक गश्त शुरू की, जिसमें चिजबुल, नरबुला, जांगले और जाकला शामिल हैं क्योंकि गर्मी के मौसम में तस्करी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। अधिकारी ने बताया कि आईटीबीपी को वास्तविक नियंत्रण रेखा से करीब एक किलोमीटर दूर श्रीरापले में तस्करी की खुफिया जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि उप कमांडेंट दीपक भट्ट के नेतृत्व में गश्ती दस्ते ने खच्चर पर सवार दो लोगों को देखा और उन्हें रुकने को कहा। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने भागने की कोशिश की लेकिन पीछा कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में आरोपियों ने खुद को औषधीय पौधों का आपूर्तिकर्ता बताया लेकिन उनके सामान की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में सोना और अन्य सामग्री होने की जानकारी मिली। अधिकारी ने बताया कि तस्करों की पहचान हो गई है और दोनों लद्दाख के न्योमा इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि एक अन्य व्यक्ति को जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया और तीनों से आईटीबीपी और पुलिस संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही है। आईटीबीपी भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की पहरेदारी करता है।
- वियना।. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध दिया है, जिसका अर्थ है कि उसने हमेशा शांति और समृद्धि दी है और देश 21वीं सदी में अपनी भूमिका मजबूत करेगा। वियना में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि भारत आज सर्वश्रेष्ठ होने, सबसे उज्ज्वल बनने और सबसे बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘हम हजारों वर्षों से अपना ज्ञान और विशेषज्ञता साझा करते रहे हैं। हमने दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध दिया है। भारत ने हमेशा शांति और समृद्धि दी है और इसलिए भारत 21वीं सदी में अपनी भूमिका को और मजबूत करने जा रहा है।'' मोदी एक दिन पहले मॉस्को से यहां पहुंचे। उन्होंने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता के दौरान यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के महत्व पर प्रकाश डाला था। ऑस्ट्रिया की अपनी पहली यात्रा को ‘‘सार्थक'' बताते हुए मोदी ने कहा कि 41 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस देश की यात्रा पर आया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह लंबा इंतजार एक ऐतिहासिक अवसर पर समाप्त हुआ है। भारत और ऑस्ट्रिया अपनी दोस्ती के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।'' उन्होंने ‘‘मोदी, मोदी'' के नारों के बीच कहा, ‘‘भौगोलिक दृष्टि से भारत और ऑस्ट्रिया दो अलग-अलग छोर पर हैं, लेकिन हमारे बीच कई समानताएं हैं। लोकतंत्र दोनों देशों को जोड़ता है। स्वतंत्रता, समानता, बहुलवाद और कानून के शासन के प्रति सम्मान हमारे साझा मूल्य हैं। हमारे समाज बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी हैं। दोनों देश विविधता का जश्न मनाते हैं और इन मूल्यों को दर्शाने का एक बड़ा माध्यम चुनाव हैं।'' मोदी ने हाल में संपन्न हुए आम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 65 करोड़ लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया और इतने बड़े चुनाव के बावजूद चुनावी नतीजे कुछ ही घंटों में घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी चुनावी मशीनरी और लोकतंत्र की ताकत है।''यहां भारतीय दूतावास के अनुसार, ऑस्ट्रिया में 31,000 से अधिक भारतीय रहते हैं। देश में भारतीय छात्रों की संख्या 450 से अधिक है।
- सतना.। मध्यप्रदेश के सतना शहर में एक महिला और उसके दो नाबालिग बच्चे बुधवार को अपने घर में मृत मिले, जबकि पति का शव रेल की पटरियों से बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने संवाददाताओं के बताया,‘‘पहली नजर में प्रतीत होता है कि महिला और उसके बच्चों की हत्या की गई है।'' उन्होंने कहा कि मौतों का कारण स्पष्ट नहीं है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।गुप्ता ने बताया कि महिला और उसके बच्चों के शव उनके किराए के घर में मिले, जबकि महिला के पति की लाश कोतवाली थाना क्षेत्र के नजीराबाद इलाके में रेल की पटरियों पर मिली। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान राकेश चौधरी (35), उनकी पत्नी संगीता (32) और इस दम्पति के छह और आठ साल की उम्र वाले दो बेटों के रूप में की गई है। fle photo
- नयी दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि ‘लोको पायलट' रेलवे परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य हैं लेकिन विपक्ष उनका मनोबल गिराने के लिए काफी दुष्प्रचार एवं नाटक कर रहा है। वैष्णव ने ‘एक्स' पर ट्रेन चालकों की कार्यदशा सुधारने के लिए रेलवे द्वारा उठाये गये विभिन्न कदमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, ‘‘ लोको पायलट की ड्यूटी के घंटे पर सावधानीपूर्वक नजर रखी जाती है। यात्राओं (फेरों) के बाद ध्यानपूर्वक उन्हें आराम प्रदान किया जाता है। ड्यूटी के औसत घंटे निर्धारित घंटों (समय सीमा) के अंदर बनाकर रखे जाते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ इस साल जून माह में (ड्यूटी की) औसत अवधि आठ घंटे से कम रही। आकस्मिक परिस्थितियों में यात्रा अवधि निर्धारित घंटों से अधिक हो जाती है।'' पिछले सप्ताह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘लोको पायलट' के एक समूह के साथ बैठक की थी। इन ‘लोको पायलट' ने ‘‘कम कर्मियों की वजह से पर्याप्त आराम नहीं मिलने'' की शिकायत की थी। गांधी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह संसद में उनके मुद्दे उठायेंगे।वैष्णव के अनुसार ये ‘पायलट' ‘लोको कैब' से अपना इंजन (लोकोमोटिव) चलाते हैं तथा 2014 से पहले ये ‘कैब' बहुत बुरी दशा में थे। उन्होंने कहा, ‘‘ 2014 के बाद ‘आरामदायक सीट' के साथ इन ‘कैब' में सुधार किया गया। अभी 7000 से अधिक ‘लोको कैब' वातानुकूलित हैं। नये इंजन एसी कैब के साथ बनाये जाते हैं।'' ड्यूटी के बाद सुविधा (केंद्रों) की चर्चा करते हुए रेल मंत्री ने कहा, ‘‘ जब पायलट एक फेरा पूरा कर लेते हैं तब वे मुख्यालय से बाहर रहने की स्थिति में आराम करने के लिए रनिंग रूम (एक प्रकार का आराम कक्ष) आते हैं। 2014 से पहले रनिंग रूम बहुत बुरी दशा में थे। अब करीब-करीब सभी (558) रनिंग रूम वातानुकूलित हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ कुछ रनिंग रूम में ‘फुट मसाजर' (पैरों की मालिश सबंधी) की सुविधा भी प्रदान की जाती है। संयोग से, कांग्रेस ने लोको पायलट की कार्यदशा को समझे बिना ही इसकी आलोचना कर डाली।'' उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पर बल देते हुए दावा किया कि पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई तथा 34,000 ‘रनिंग स्टाफ' (ट्रेन चालक, गार्ड आदि) की भर्ती की गयी। वैष्णव ने कहा, ‘‘18000 ‘रनिंग स्टाफ' के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।''उन्होंने कहा,‘‘फर्जी खबरों के माध्यम से रेलवे परिवार का मनोबल गिराने की चेष्टा सफल नहीं होगी। पूरा रेल परिवार अपने देश की सेवा में एकजुट है।''
- बेरहामपुर। ओडिशा के बेरहामपुर विश्वविद्यालय ने विलुप्तप्राय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने परिसर में दो उद्यान स्थापित करने का निर्णय लिया है। कुलपति गीतांजलि दास ने कहा इन विशिष्ट उद्यानों का दोहरा लक्ष्य विलुप्तप्राय पौधों की प्रजातियों का संरक्षण और वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में शैक्षिक एवं अनुसंधान उद्देश्यों के लिए औषधीय पौधे तैयार करना है। विलुप्तप्राय प्रजातियों के लिए उद्यान में 73 विभिन्न प्रजातियों के 200 पौधे लगाए जाएंगे, जबकि राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त 93 औषधीय प्रजातियों के 300 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
- भुवनेश्वर.। ओडिशा सरकार के मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘ओडिया अस्मिता' के पुनरोत्थान और राज्य की कला, संस्कृति एवं विरासत को बढ़ावा देने के वास्ते विभिन्न पहल के लिये 200 करोड़ रुपये का कोष बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि इस निधि का उपयोग ओडिशा अस्मिता भवन, ओडिया अनुवाद अकादमी, विश्व स्तरीय ताड़पत्र पांडुलिपि संग्रहालय की स्थापना, पाइका विद्रोह स्मारक के विकास और जिला स्तर पर ई-पुस्तकालय के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में ओडिया पीठ की स्थापना, ओडिसी संगीत और नृत्य में प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता और सांस्कृतिक मंडली प्रबंधन प्रणाली का विकास भी पहल का हिस्सा होगा। तीन घंटे तक चली राज्य कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता माझी ने की।बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “कैबिनेट ने ओडिया अस्मिता के पुनरोत्थान और ओडिया कला, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का कोष बनाने का फैसला किया है।” राज्य में 12 जून को सत्ता संभालने के बाद से भाजपा सरकार की यह दूसरी कैबिनेट बैठक थी।मंत्रिपरिषद ने राज्य में अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च-कुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी को संशोधित करने को भी अपनी मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि अकुशल और उच्च-कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 98 रुपये बढ़ा दी गई है, जबकि अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी में 108 रुपये प्रति दिन की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दैनिक मजदूरी 450 रुपये से 600 रुपये के बीच है।
- नयी दिल्ली।बेटे की चाह रखने वाले 32 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी तीन दिन की जुड़वां बेटियों की कथित तौर पर हत्या कर दी और उन्हें बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में अपने घर के पास दफना दिया।पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमित गोयल ने बताया कि स्थानीय लोगों को पूठ कलां गांव के पास एक अस्थायी श्मशान घाट से दोनों शिशुओं के शव मिले। उन्होंने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक आरोपी सोलंकी ने तीन जून को अपनी बेटियों की हत्या कर दी थी। गोयल ने कहा, ‘‘अदालत से अनुमति मिलने के बाद दोनों शवों को पांच जून को बाहर निकाला गया और मंगोलपुरी स्थित एसजीएम अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया।'' डीसीपी ने बताया कि आरोपी सोलंकी ने कथित तौर पर अपनी तीन दिन की बेटियों को इसलिए मार डाला क्योंकि वह बेटा चाहता था। बच्चियों का जन्म हरियाणा में एक निजी अस्पताल में हुआ था। गोयल ने बताया कि आरोपी सोलंकी अपनी पत्नी से झूठ बोल कर बच्चियों को दिल्ली लाया था कि किसी बीमारी की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। दिल्ली लाने के बाद उसने बच्चियों को मार कर दफना दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पहुंचने तक बच्चियां जीवित थीं। डीसीपी ने बताया कि आरोपी फरार था और शुरू में आरोपी सोलंकी के पिता को पकड़ा गया जिसने बताया कि बेटियों के जन्म से वह खुश नहीं था। पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी सोलंकी की बहन और भाई फरार हैं और उसकी मां को लकवा मार गया है। मामले में उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। अधिकारी ने बताया कि इस बात की आशंका है कि आरोपी सोलंकी और उसके परिवार ने नवजातों को पूरी रात दूध नहीं पिलाया और इसी वजह से उनकी मौत हो गयी । उन्होंने बताया कि शिशुओं के पोस्टमार्टम से मौत के सही कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन आगे की जांच के लिए उनके विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस ने बताया कि बच्चियों की मां ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसकी शादी 2022 में आरोपी सोलंकी से हुई थी, लेकिन उसके ससुराल वालों के साथ उसके रिश्ते खराब हो गए थे, क्योंकि वे उसे दहेज के लिए नियमित रूप से परेशान करते थे। महिला रोहतक की रहने वाली है। अधिकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी सोलंकी का परिवार चाहता था कि लिंग परीक्षण कराया जाए, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शिशुओं के शव उनकी मां को सौंप दिए गए। उन्होंने बताया कि आरोपी सोलंकी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का खेलों के प्रति स्वाभाविक प्रेम तब देखने को मिला जब उन्होंने बहुचर्चित खिलाड़ी साइना नेहवाल के साथ बैडमिंटन खेला। ये मैच राष्ट्रपति भवन के बैडमिंटन कोर्ट पर हुआ। राष्ट्रपति का यह प्रेरणादायक कदम भारत के बैडमिंटन महाशक्ति के रूप में उभरने के अनुरूप है। इस समय बैडमिंटन में महिला खिलाड़ी विश्व मंच पर बड़ा प्रभाव डाल रही हैं। साइना नेहवाल सहित पद्म पुरस्कार विजेता महिलाएं आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में ‘उनकी कहानी-मेरी कहानी’ व्याख्यान श्रृंखला के तहत व्याख्यान देंगी और दर्शकों से बातचीत करेंगी।
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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल – बिम्सटेक के विदेश मंत्रियों का दूसरा सम्मेलन आज से नई दिल्ली में शुरू होगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर इस कार्यक्रम में बिम्सटेक के विदेश मंत्रियों की मेज़बानी करेंगे। यह आयोजन बिम्सटेक समूह के सदस्यों को बंगाल की खाड़ी क्षेत्र और तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा, संपर्क, व्यापार और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। बिम्सटेक विदेश मंत्रियों का पहला संस्करण पिछले वर्ष जुलाई में थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित किया गया था। बिम्सटेक, बहुआयामी सहयोग के लिए सात दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों का एक समूह है।
- भोपाल। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने अति विशिष्ट व्यक्तियों (VVIP) को लाने-ले जाने के लिए एक नया विमान खरीदने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में ‘चैलेंजर 3500 जेट’ विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।इससे पहले राज्य के पास ‘बी-200जीटी वीटी एमपीक्यू’ विमान था लेकिन मई 2021 में ग्वालियर हवाई अड्डे पर वह क्षतिग्रस्त हो गया था।अधिकारी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने केंद्र के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत 23.87 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से राज्य विधानसभा को कागज रहित (पेपरलेस) बनाने के लिए राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) को लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
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नयी दिल्ली. रूस के दूतावास प्रभारी रोमन बाबुश्किन ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी शिखर वार्ता अशांत भूराजनीतिक माहौल को देखते हुए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी'' रही। उन्होंने मोदी और पुतिन की शिखर वार्ता के एक दिन बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर थी जिससे यह स्पष्ट है कि यह यात्रा कितनी महत्वपूर्ण थी। रूसी राजनयिक ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत-रूस व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिखर वार्ता की प्रमुख बातों पर प्रकाश डालते हुए बाबुश्किन ने कहा कि भारत और रूस ने राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाली द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। यूक्रेन पर रूस के हमले की शुरुआत के बाद अपनी पहली यात्रा में मोदी ने आठ और नौ जुलाई को मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा की और इस दौरान उन्होंने पुतिन के साथ शिखर वार्ता की। बाबुश्किन ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘नेताओं ने सभी क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। यह हमारे आसपास के अशांत माहौल को देखते हुए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है।'' उन्होंने मोदी की मॉस्को यात्रा से पहले अमेरिका द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों की भी आलोचना की तथा इन टिप्पणियों को दोनों देशों के संबंधों में हस्तक्षेप बताया। बाबुश्किन ने कहा, ‘‘यह दो स्वतंत्र वैश्विक शक्तियों की आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित बैठक थी। जब रूस-भारत संबंधों की बात आती है तो बाहरी कारक ज्यादा भूमिका नहीं निभाते हैं।'' वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि दोनों पक्षों ने जीवाश्म ईंधन, परमाणु ऊर्जा और व्यापार सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। शिखर वार्ता के प्रमुख नतीजों पर प्रकाश डालते हुए बाबुश्किन ने कहा कि भारत और रूस ने राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल करते हुए द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपने गौर किया होगा, तो संयुक्त वक्तव्य का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह था कि हमने राष्ट्रीय मुद्रा निपटान के ढांचे के अंतर्गत भुगतान प्रणाली बनाने के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।'' रूसी सेना में काम कर रहे भारतीयों की वापसी की भारत की मांग पर उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर भारत से सहमत हैं।'' यह पूछे जाने पर कि भारतीय स्वदेश कब लौटेंगे, बाबुश्किन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इसे जल्द ही हल कर लिया जाएगा।

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