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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। पार्टी ने कोंकण मंडल स्नातक सीट से एक बार फिर निरंजन डावखरे को उतारा है। मुंबई स्नातक सीट से किरण शेलार और मुंबई शिक्षक सीट से शिवनाथ दराडे उम्मीदवार होंगे।नाशिक शिक्षक सीट के साथ इन तीनों सीटों के लिए सात जून तक नामांकन दाखिल किये जा सकते हैं। मतदान 26 जून को होगा। परिणाम पहली जुलाई को घोषित होंगे। इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कोंकण स्नातक सीट से फिल्म निर्देशक अभिजीत पंसे तथा शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने मुंबई स्नातक सीट से अनिल परब और मुम्बई शिक्षक सीट से जे एम अभ्यंकर को चुनाव मैदान में उतारा है।
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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का उत्तर देने के लिए एक हफ्ते का समय देने संबंधी अनुरोध खारिज कर दिया है। श्री रमेश को लिखे पत्र में आयोग ने उन्हें तथ्यात्मक आधार के साथ आज शाम 7 बजे तक जवाब देने का समय दिया था। श्री रमेश ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतगणना को प्रभावित करने के लिये कल 150 जिला मजिस्ट्रेटों को बुलाया था। मतगणना प्रक्रिया के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ही जिला चुनाव अधिकारी भी होते हैं। आयोग ने कहा है कि श्री रमेश के कथित आरोपों को लेकर किसी भी जिला मजिस्ट्रेट ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। कल श्री रमेश ने आयोग के पत्र का विस्तृत उत्तर देने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा था।
- -प्रधानमंत्री को प्रभावित राज्यों पर चक्रवात के प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई-प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित राज्यों को पूरा सहयोग देना जारी रखेगी-आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ की टीमें तैनात; टीमों ने लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया, एयरलिफ्टिंग और सड़क साफ करने के अभियान चलाए-प्रधानमंत्री ने गृह मंत्रालय को स्थिति की निगरानी करने और पुनर्स्थापना को लेकर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए नियमित रूप से मामले की समीक्षा करने का भी निर्देश दियानई दिल्ली। . प्रधानमंत्री ने आज नई दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर चक्रवात "रेमल" के प्रभाव की समीक्षा की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को प्रभावित राज्यों पर चक्रवात के प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। मिजोरम, असम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा में भूस्खलन और बाढ़ के कारण हुई जान-माल की हानि और घरों तथा संपत्तियों को हुए नुकसान के बारे में भी चर्चा की गई। आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। टीमों ने लोगों को सुरक्षित निकालने, एयरलिफ्टिंग और सड़क साफ करने के अभियान चलाए हैं। बैठक के दौरान, यह बताया गया कि गृह मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ नियमित संपर्क में है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार चक्रवात से प्रभावित राज्य को पूरा सहयोग देना जारी रखेगी। प्रधानमंत्री ने गृह मंत्रालय को स्थिति पर नजर रखने और स्थिति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि पुनर्स्थापना के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और एनडीएमए के सदस्य सचिव के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री ने आग की घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए नियमित आधार पर उचित अभ्यास जारी रखने के निर्देश दिए-प्रधानमंत्री ने अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा की नियमित रूप से समीक्षा करने के निर्देश दिए-प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य और सामान्य से अधिक तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम रहने की संभावना हैनई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग में देश में जारी भीषण गर्मी और मानसून के शुरू होने से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री को जानकारी दी गयी कि आईएमडी के पूर्वानुमानों के अनुसार, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है। इस वर्ष, देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य और सामान्य से अधिक तथा प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम रहने की संभावना है।प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि आग की घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए नियमित आधार पर उचित अभ्यास किया जाना चाहिए। अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा की समीक्षा नियमित रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों में अग्नि-रेखा के रखरखाव और बायोमास के फलदायी उपयोग के लिए नियमित अभ्यास की योजना बनाई जानी चाहिए। प्रधानमंत्री को जंगल की आग की समय पर पहचान और उसके प्रबंधन में "वन अग्नि" पोर्टल की उपयोगिता के बारे में बताया गया।बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और एनडीएमए के सदस्य सचिव के साथ-साथ पीएमओ और संबंधित मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश को अपने उन आरोपों के बारे में विस्तृत जानकारी देने को कहा है जिनमें उन्होंने कहा था कि गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा चुनाव की मतगणना से पहले, 150 जिला मजिस्ट्रेटों या कलेक्टरों को फोन किया था। आयोग ने श्री रमेश को लिखे पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि आदर्श चुनाव संहिता लागू होने के दौरान सभी अधिकारी आयोग की प्रतिनियुक्ति पर होते हैं और किसी भी निर्देश के लिए आयोग को सीधे रिपोर्ट करते हैं। आयोग ने कहा कि किसी भी जिला मजिस्ट्रेट ने अनुचित रूप से प्रभावित करने के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं दी है।
निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा है कि श्री रमेश का सार्वजनिक रूप से दिया गया यह बयान संदेह उत्पन्न करता है, इसलिए जनहित में इसका समाधान करना आवश्यक है। आयोग ने श्री रमेश से उनके बारे में भी विस्तृत जानकारी देने को कहा है जिन्हें गृह मंत्री ने कथित रूप से ये फोन किए थे। आयोग ने उन्हें इस संबंध में आज शाम सात बजे तक तथ्यात्मक जानकारी देने को कहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना की है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि आयोग के समर्पण और सुव्यवस्थित प्रयासों के कारण भारतीय लोकतंत्र में लोगों की आस्था और प्रगाढ़ हुई है और देशवासियों ने आत्मविश्वास से भरकर मतदान किया है। श्री मोदी ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास बढ़ाती है। प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कारण मतदान सुरक्षित माहौल में संपन्न हुआ और लोग सहजता से चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो पाये।
- बेंगलुरु,। दुनिया तीन जून को होने वाली 'ग्रह परेड' का इंतजार कर रही है, जिसे एक दुर्लभ घटना बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि केवल तीन जून को ही ग्रह नंगी आंखों से देखे जा सकेंगे, लेकिन भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए), बेंगलुरु ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की जा रही कई बातों को खारिज करते हुए सिलसिलेवार पोस्ट किए हैं। ग्रह परेड को ग्रह संरेखण भी कहा जाता है जिसमें सौरमंडल के ग्रह एक सीध में आ जाते हैं।आईआईए के स्कोप अनुभाग के प्रमुख निरुज मोहन रामानुजम ने कहा, ‘‘पहली बात तो यह कि यह विशेष रूप से तीन जून को नहीं है। इन ग्रहों को आने वाले सप्ताह में कई दिनों तक एक सीध में देखा जा सकता है।'' उनके अनुसार, तीन जून से पहले के दिनों में बृहस्पति सूर्य के करीब है और तीन जून के बाद बुध सूर्य के करीब होगा, इसलिए तीन जून सबसे उपयुक्त है। रामानुजम ने कहा, "आप आने वाले सप्ताह में हर दिन सूर्योदय से पहले बाहर जा सकते हैं और जितना संभव हो उतने ग्रहों को देखने का प्रयास कर सकते हैं।" आईआईए के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, आने वाले सप्ताह में लोग सुबह के समय आकाश में पूर्व की ओर कुछ-कुछ पीले शनि को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, और इसके नीचे लाल रंग के मंगल ग्रह को देखा जा सकता है। रामानुजम ने कहा कि बाकी ग्रह जो परेड के दौरान दिखाई देने चाहिए, उन्हें पहचानना आसान नहीं होगा।उन्होंने कहा, "सूर्योदय से लगभग 20 मिनट पहले, बृहस्पति और बुध पूर्वी क्षितिज से 10 डिग्री से कम ऊपर होंगे। यूरेनस और नेपच्यून हमेशा की तरह नग्न आंखों से बहुत धुंधले दिखेंगे। शुक्र सूर्य के बहुत करीब दिखाई देगा।" रामानुजम ने सोशल मीडिया पर हो रही इस चर्चा को भी खारिज किया कि ग्रह केवल तीन जून को एक सीधी रेखा में होंगे। उन्होंने कहा, "सूर्य के चारों ओर ग्रहों की कक्षाएं लगभग एक ही समक्षेत्र में हैं और उनमें से प्रत्येक क्रांतिवृत्त (पृथ्वी की कक्षा) से केवल कुछ डिग्री पर झुका हुआ है। इसलिए, जब पृथ्वी से देखा जाता है तो ग्रह की स्थिति हर समय लगभग एक समक्षेत्र में होगी।'' रामानुजम ने यह भी कहा कि इस घटना को दुर्लभ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि ऐसे संरेखण हर कुछ वर्षों में देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे अवसर जहां तीन-चार से अधिक ग्रह सूर्य के एक तरफ होते हैं और सामान्य से अधिक एक-दूसरे के करीब होते हैं उन्हें ग्रह परेड कहा जाता है।" रामानुजम ने कहा कि हालांकि घटना दुर्लभ हो या न हो, लेकिन ग्रहों को अपनी नग्न आंखों से देखना हमेशा एक सुखद अनुभव होता है। उन्होंने कहा, "यह वास्तव में एक सुंदर दृश्य है। लेकिन बस याद रखें, यदि आप तीन जून को अधिक सोते हैं तो आप दृश्य देखने के लिए अगले दिन जल्दी उठ सकते हैं।"
- भुवनेश्वर,। ओडिशा सरकार ने भीषण गर्मी के चलते अब तक राज्य में कम से कम नौ व्यक्तियों के जान गंवाने की शनिवार को पुष्टि की, जबकि इस बारे में जांच अभी जारी है कि 81 और लोगों की मौत क्या भीषण गर्मी की चपेट में आने से हुई। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को इस साल गर्मी के मौसम में लू लगने से हुई मौतों के 96 मामलों की सूचना मिली है। इनमें, 54 संदिग्ध मामले शुक्रवार से सात जिलों से आये हैं, जिनमें बोलनगीर (20), संबलपुर (15), झारसुगुड़ा (छह), क्योंझर (चार), सोनपुर (छह), सुंदरगढ़ (दो) और बालासोर (एक) हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लू लगने से अब तक नौ लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से तीन मौतें पिछले 48 घंटों में हुई हैं। जांच के दौरान सरकार ने यह भी पाया कि छह मौतें लू लगने के कारण नहीं हुई थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शेष 81 मौतों के लिए संयुक्त जांच की जा रही है। इस बीच, ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप कुमार जेना और एसआरसी सत्यब्रत साहू ने शनिवार को मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, जगतसिंहपुर, पुरी और कटक को छोड़कर सभी जिलाधिकारियों के साथ लू की स्थिति की समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारियों को एसआरसी द्वारा जारी लू से जुड़े परामर्श और एहतियाती उपायों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारी ने बताया कि एसआरसी कार्यालय द्वारा स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।शनिवार को राज्य के कई इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा और टिटलागढ़ में पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद, बरगढ़ (45.8 डिग्री सेल्सियस), बोलनगीर (45.5 डिग्री सेल्सियस), भवानीपटना (44.6 डिग्री सेल्सियस) और नुआपाड़ा (44 डिग्री सेल्सियस) का स्थान रहा।
- शिलांग। मेघालय के पश्चिमी जैंतिया हिल्स जिले में कथित तौर पर जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई और नौ अन्य बीमार हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। उपायुक्त बी एस सोहलिया ने बताया कि यह घटना सैफई गांव में हुई।उन्होंने बताया कि परिवार के 12 सदस्यों ने मशरूम खाया था उनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई। शेष लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान रिवांसाका सुचियांग (8), किटलांग डुचियांग (12) और वानसलन सुचियांग (15) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। file photo
- गुवाहाटी । असम में बाढ़ की चपेट में आ जाने से तीन और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई, जबकि छह लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। एक अधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। असम के 11 जिलों में शुक्रवार को प्रभावित लोगों की संख्या 3.5 लाख थी, हालांकि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 10 हो गई है। कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिलों में 28 से 15 मई के बीच बाढ़ और तूफान से एक-एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी मिली है। एएसडीएमए के बुलेटिन में बताया गया कि राज्य की तीन प्रमुख नदियां कोपिली, बराक और कुशियारा में जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। असम में बाढ़ के कारण 6,01,642 लोग प्रभावित हैं, जिसमें नागांव सबसे अधिक 2,79,345 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा होजाई जिले में 1,26,813 और कछार में 1,12,265 लोग प्रभावित हुए हैं। कुल मिलाकर 41,564 विस्थापित लोगों ने विभिन्न जिलों में स्थापित 187 राहत शिविरों में शरण ली है।
- बदायूं (उप्र) । उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के कोतवाली बिसौली क्षेत्र के बिसौली-आंवला मार्ग पर स्थित एक गांव में शनिवार दोपहर को पीपल के पेड़ के नीचे बैठे लगभग आधा दर्जन लोगों को बेकाबू पिकअप वाहन ने कुचल दिया, जिससे इस घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार बिसौली कोतवाली इलाके के पैगाम भीकमपुर गांव में दोपहर बाद लगभग आधा दर्जन लोग चबूतरे पर बैठे हुए थे तभी बेकाबू पिकअप वाहन चबूतरे पर बैठे पर बैठे ग्रामीणों के ऊपर चढ़ गया और उन्हें कुचल दिया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में प्रकाश(42), ब्रह्मपाल (35), धनपाल (55), ज्ञान सिंह (40) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि रामवीर और नेत्रपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया है और हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई तथा गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने पिकअप समेत चालक को हिरासत में ले लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) मनोज कुमार ने बताया कि बिसौली कोतवाली क्षेत्र के पैगाम भीकमपुर गांव में एक पेड़ के नीचे बैठे लोगों पर पिकअप के चढ़ जाने से कुचल कर चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये । कुमार ने बताया कि दुर्घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को नहीं उठाने दिया और सड़क को जाम कर दिया। जिलाधिकारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। घटनास्थल पर अधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल मौजूद हैं तथा मामले की जांच कराई जा रही है। उप जिलाधिकारी बिसौली कल्पना जायसवाल ने बताया कि गुस्साए ग्रामीणों को समझाकर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
- भदोही (उप्र)। भदोही जिले में गंगा नदी में नहाने गये एक ही परिवार के छह लोग डूब गए जिनमें से तीन लोगों को मल्लाहों ने बचा लिया लेकिन पिता-पुत्र समेत तीन लापता हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार दोपहर करीब एक बजे एक ही परिवार के छह लोग भीषण गर्मी में गंगा में स्नान करने गये थे। कोइरौना थाना के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि गंगा किनारे इटहरा गांव निवासी शेषमणि सिंह के परिवार के विकास, शक्ति, देवा, विनय सिंह, शिवा और किशन सभी गंगा में नहा रहे थे तभी वे गहरे पानी की तरफ चले गये। उन्होंने बताया कि ‘बचाओ-बचाओ' की पुकार सुनकर कुछ मल्लाहों ने तीन को डूबने से बचा लिया और विनय सिंह (38), उनका बेटे शिवा (13) और भतीजा किशन (12) तेज बहाव में बह गये। थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी तलाश की जा रही है। राय ने बताया मौके पर कई गोताखोर और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) टीम के साथ स्थानीय मल्लाह तलाश में जुटे हैं, लेकिन शाम तक तीनों का पता नहीं चल सका।
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कन्याकुमारी (तमिलनाडु)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 45 घंटे की अपनी ध्यान साधना पूरी की और कहा कि उन्हें एक दिव्य ऊर्जा का एहसास हुआ। ध्यान सत्र के समापन पर, सफेद वस्त्र पहने मोदी ने स्मारक के बगल में स्थित उस परिसर का दौरा किया, जहां तिरुवल्लुवर की 133 फुट ऊंची प्रतिमा स्थित है और वहां एक विशाल माला चढ़ाई। वह नौका द्वारा प्रतिमा परिसर गये और बाद में वह तट पर पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर अपनी ध्यान साधना पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लिखते हैं: भारत के सबसे दक्षिणी छोर कन्याकुमारी में ‘विवेकानंद रॉक मेमोरियल' में जाकर मुझे एक दिव्य ऊर्जा का एहसास हुआ है।'' मोदी ने कहा, ‘‘इस शिला स्मारक पर मेरी ध्यान साधना, मेरे जीवन के अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। मैं, मां भारती के चरणों में बैठकर एक बार फिर अपना संकल्प दोहराता हूं कि मेरे जीवन का हर क्षण, मेरे शरीर का हर कण, सदैव राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र की प्रगति और नागरिकों के कल्याण की कामना के साथ, मैं ‘मां भारती' को कोटि-कोटि नमन करता हूं।'' प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से तिरुवनंतपुरम पहुंचे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
मोदी ने 30 मई को यहां पहुंचने पर भगवती अम्मन मंदिर में पूजा-अर्चना की और बाद में विवेकानंद रॉक मेमोरियल पहुंचे। स्मारक में अपने प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने ध्यान लगाया और सूर्योदय के समय ‘सूर्य अर्घ्य' दिया।सूर्य अर्घ्य' के तहत भगवान सूर्य को जल अर्पित कर उन्हें नमन किया जाता है।ध्यान साधना के लिए प्रधानमंत्री की कन्याकुमारी यात्रा का तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) समेत ‘इंडिया' गठबंधन के घटक दलों ने विरोध किया। प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर द्रमुक नेता एवं तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने आरोप लगाया कि पर्यटकों को उस क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे स्थानीय व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थगई ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोई व्यक्ति 14 कैमरों के सामने बैठकर ध्यान कैसे कर सकता है? क्या यह ध्यान है? यह ध्यान साधना चुनावी राजनीति को ध्यान में रखकर की गई है।'' कन्याकुमारी सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है और मेमोरियल तट के पास एक छोटे-से टापू पर स्थित है। प्रधानमंत्री ने 30 मई की शाम को विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान साधना शुरू की थी और शनिवार को इसे पूरा कर लिया। -
अहमदाबाद. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भगवान सोमनाथ सनातन संस्कृति में गौरव के प्रतीक हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को गुजरात में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए सभी की समृद्धि की कामना की। मंदिर का प्रबंधन करने वाले श्री सोमनाथ ट्रस्ट के न्यासियों में से एक शाह ने शुक्रवार शाम को 'ध्वज पूजा' की। अनुष्ठान के बाद ध्वज मंदिर के शीर्ष पर फहराया गया। शाह ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "जय श्री सोमनाथ। प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव अविरल, अमिट और अडिग सनातन संस्कृति के गौरव प्रतीक हैं। ये हमें अनेक संघर्षों के बाद भी दृढ़ रहने की प्रेरणा देते हैं। बाबा सोमनाथ के दर्शन व पूजन-अर्चन कर सभी के कल्याण व भारत की निरंतर समृद्धि की कामना की।'' शाह ने सोमनाथ जाने से पहले शुक्रवार शाम को राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने संक्षिप्त ठहराव के दौरान, पिछले शनिवार को टीआरपी गेम जोन में लगी भीषण आग के बाद की गई कार्रवाई का जायजा लिया, जिसमें 27 लोगों की जान चली गई थी। भाजपा की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि गांधीनगर के सांसद शाह ने जिलाधिकारी को गांधीनगर क्षेत्र में हैजा के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक निवारक उपाय करने का निर्देश दिया। इसमें कहा गया है, "शाह ने महामारी को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों को उचित उपचार सुनिश्चित करने के लिए गांधीनगर के हैजा प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती उपाय करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
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इटावा/ इटावा सफारी पार्क में शेरनी नीरजा ने चार शावकों को जन्म दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नीरजा का यह पहला प्रजनन है और नवजात शावक तथा शेरनी दोनों ही स्वस्थ हैं। इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शेरनी नीरजा ने अपने पहले प्रसव में शुक्रवार रात्रि नौ बजकर 50 मिनट पर एक शावक को जन्म दिया तदुपरांत 10 बजकर 51 मिनट पर दूसरे, तीन बजकर 17 मिनट पर तीसरे और एक जून को सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर चौथे शावक को जन्म दिया। पटेल ने बताया कि इसके साथ ही यहां शेरों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
उप निदेशक डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि शेरनी नीरजा और उसके नवजात शावकों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर निरंतर नजर रखी जा रही है। भीषण गर्मी से बचाव के लिए कूलर और पानी का छिड़काव किया रहा है। -
नयी दिल्ली.लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में शनिवार को करीब 59.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया । भीषण गर्मी के बीच इस चरण में वाराणसी संसदीय क्षेत्र में भी मतदान हुआ, जहां से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। इस चरण में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की एक, पंजाब की सभी 13 और हिमाचल प्रदेश की चार, उत्तर प्रदेश की 13, पश्चिम बंगाल की नौ, बिहार की आठ, ओडिशा की छह और झारखंड की तीन लोकसभा सीट सहित 57 सीट पर मतदान हुआ। ओडिशा की शेष 42 विधानसभा सीट के वास्ते चुनाव और हिमाचल प्रदेश की छह विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव भी इसी के साथ हुए। अंतिम चरण के मतदान के साथ ही 19 अप्रैल से शुरू हुई मैराथन मतदान प्रक्रिया का समापन हो गया। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम की विधानसभाओं के लिए भी मतदान हुआ। भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करके सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहा है। विपक्षी ‘इंडिया' कुछ राज्यों में संयुक्त लड़ाई लड़कर राजग का मुकाबला कर रहा है। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित शाम 6.30 बजे की समय-सीमा के बाद प्रसारित कई ‘एग्जिट पोल' में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया। विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के कई दलों के नेताओं ने चार जून को होने वाली मतगणना से पहले विपक्ष की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शाम को बैठक की और दावा किया कि उन्हें 295 से अधिक सीट मिलेंगी, जो अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त हैं। भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा कि लोगों ने एक समर्थ, शक्तिशाली, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए तथा तुष्टीकरण, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए मतदान किया है। साथ ही, उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी 370 से ज्यादा और राजग 400 से अधिक लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करेगा। अब सबका ध्यान चार जून को होने वाली मतगणना पर टिकी होगी। हालांकि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव की मतगणना दो जून को होगी। मतदान प्रतिशत बताने वाले निर्वाचन आयोग के एक ‘ऐप' पर रात आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार आखिरी चरण में मतदान प्रतिशत 59.15 रहा। झारखंड में करीब 69.03 प्रतिशत मतदान हुआ। उत्तर प्रदेश में 55.60, पश्चिम बंगाल में 69.89, बिहार में 49.58 और हिमाचल प्रदेश में 67.39 प्रतिशत मतदान हुआ। पंजाब में 55.69 प्रतिशत, जबकि चंडीगढ़ में 62.80 प्रतिशत मतदान हुआ। ओडिशा में करीब 63.21 प्रतिशत मतदान हुआ। आम चुनाव के पहले छह चरणों में मतदान क्रमशः 66.14 प्रतिशत, 66.71 प्रतिशत, 65.68 प्रतिशत, 69.16 प्रतिशत, 62.2 प्रतिशत और 63.36 प्रतिशत रहा। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने और जिम्मेदारी एवं गर्व के साथ मतदान करने का आह्वान किया था। निर्वाचन आयोग ने अनेक चुनौतियों से पार पाते हुए मतदान केंद्रों तक पहुंचकर मतदान करने वाले मतदाताओं के प्रति शनिवार को ‘गहरी कृतज्ञता' व्यक्त की। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा, "भारतीय मतदाताओं ने 18वीं लोकसभा के गठन के लिए अपने सबसे प्रिय अधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय लोकतंत्र और भारतीय चुनाव ने एक बार फिर कमाल किया है। महान भारतीय मतदाताओं ने जाति, पंथ, धर्म, सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि से परे जाकर एक बार फिर यह कर दिखाया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान आरंभ होने पर लोगों से बड़ी संख्या में वोट डालने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘आइए, मिलकर अपने लोकतंत्र को और अधिक जीवंत बनाएं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण में आज मतदान हो रहा है। इस चरण के सभी मतदाताओं से मेरा निवेदन है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुझे विश्वास है कि हमारे युवा और महिला मतदाता वोट डालने के लिए रिकॉर्ड संख्या में आएंगे।'' चुनाव मैदान में कुल 904 प्रत्याशी हैं। इनमें प्रमुख उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और अभिनेत्री कंगना रनौत शामिल हैं। इस चरण में लगभग 5.24 करोड़ पुरुषों, 4.82 करोड़ महिलाओं और 3,574 ‘ट्रांसजेंडर' मतदाताओं सहित 10.06 करोड़ से अधिक नागरिक मतदान करने के लिए पात्र थे। अंतिम चरण के लिए प्रचार बृहस्पतिवार शाम को समाप्त हो गया था। चुनाव प्रचार के दौरान मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के गठबंधन। बिहार की आठ लोकसभा सीट के साथ-साथ अगिआंव विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है। लोकसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मैदान में हैं। झारखंड में दुमका, राजमहल और गोड्डा सीट पर इस चरण में मतदान हो रहा है। सबकी निगाहें दुमका पर टिकी हैं, जहां जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी एवं भाजपा उम्मीदवार सीता सोरेन ‘इंडिया' गठबंधन के नलिन सोरेन के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की तीन बार विधायक रहीं सीता सोरेन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुई थीं। ओडिशा में छह लोकसभा और 42 विधानसभा सीट के लिए मतदान हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष प्रमिला मलिक, सरकार के मुख्य सचेतक प्रशांत मुदुली, ओडिशा भाजपा प्रमुख मनमोहन सामल और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा चुनाव मैदान में हैं। पश्चिम बंगाल की दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जादवपुर, कोलकाता दक्षिण और कोलकाता उत्तर सीट के लिए भी मतदान हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के मौजूदा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, सौगत रॉय और माला रॉय, भाजपा की पूर्व केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती समेत कई दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश की 13 सीट पर मतदान हुआ, जो सभी राज्यों में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सदस्य भेजता है।
पंजाब में, ‘इंडिया' गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) 1996 के बाद पहली बार अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में चार लोकसभा सीट- हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा और शिमला और छह विधानसभा सीट-सुजानपुर, धर्मशाला, लाहौल और स्पीति, बड़सर, गगरेट और कुटलेहड़ के लिए उपचुनाव के तहत मतदान हो रहा है। सभी की निगाहें मंडी पर हैं, जहां भाजपा की कंगना रनौत का मुकाबला कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह के साथ है। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि लोकसभा चुनाव, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की राज्य विधानसभाओं तथा विधानसभा उपचुनावों के लिए मतगणना चार जून को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इसने कहा कि सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए मतों की गिनती रविवार सुबह छह बजे से शुरू होगी। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए मतों की गिनती की तारीख चार जून की जगह दो जून कर दी गई थी क्योंकि दोनों विधानसभाओं का कार्यकाल दो जून को समाप्त हो रहा है और इस दिन तक नए सदन का गठन किया जाना है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को एक बयान में मतगणना व्यवस्था, मतगणना प्रक्रिया, ईवीएम और पेपर ट्रेल मशीनों के भंडारण पर अपने द्वारा जारी नवीनतम निर्देश भी साझा किए। निर्देशों में से एक के अनुसार, चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 54ए के अनुसार डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले निर्वाचन अधिकारी की मेज पर शुरू की जाएगी। राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, चुनाव अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा रुझानों और परिणामों का प्रदर्शन स्थानीय स्तर पर भी डिजिटल डिस्प्ले पैनल के माध्यम से किया जाएगा।
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नयी दिल्ली .लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद आए कई एग्जिट पोल (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है। इन सर्वेक्षणों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभालने जा रहे हैं। इसके साथ इन सर्वेक्षणों में सत्तारूढ़ गठबंधन राजग के तमिलनाडु और केरल में अपना खाता खोलने और कर्नाटक में फिर से एकतरफा जीत हासिल करने का अनुमान जताया गया है। साथ ही, इन सर्वेक्षणों में बिहार, राजस्थान और हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में भाजपा एवं राजग की सीटों की संख्या में कमी होने का अनुमान लगाया गया है। ‘रिपब्लिक टीवी-पी मार्क' के सर्वेक्षण में दावा किया गया है कि 543 सदस्यीय लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन 359 सीट तक जीत हासिल करेगा और विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन को 154 सीट मिलेंगी। 'रिपब्लिक टीवी-मैट्रिज़' के एग्जिट पोल में राजग को 353-368 सीट और विपक्ष को 118-133 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। ‘जन की बात' के सर्वेक्षण में सत्तारूढ़ राजग को 362-392 सीट और विपक्षी गठबंधन को 141-161 सीट दी गई हैं। ‘इंडिया टीवी-सीएनएक्स' ने अपने अनुमान में राजग को 371-401 और ‘इंडिया' गठबंधन को 109-139 सीटें दीं, जबकि ‘न्यूज नेशन' द्वारा अनुमान जताया गया है कि राजग को 342-378 और ‘इंडिया' गठबंधन को 153-169 सीट मिल सकती हैं। ‘एक्सिस माई इंडिया' और ‘टुडेज़ चाणक्य' सहित कई अन्य एग्जिट पोल ने रात 8.30 बजे तक पूर्ण अनुमानित परिणामों की भविष्यवाणी नहीं की थी। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने 303 सीट जीती थी, जबकि राजग की संख्या 353 थी। कांग्रेस को 53 सीट और उसके सहयोगियों को 38 सीट मिली थीं। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों द्वारा 'इंडिया' गठबंधन का गठन किया गया। मोदी ने सातवें एवं अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद विश्वास जताया कि लोगों ने राजग की सरकार को फिर से चुनने के लिए रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘अवसरवादी इंडी गठबंधन'' मतदाताओं के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहा, जिन्होंने उनके "प्रतिगामी राजनीति'' को खारिज कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह गठबंधन 295 से अधिक सीट जीतेगा।
- मुंबई. सभी क्षेत्रों में कंपनियों में नेतृत्व वाली भूमिकाओं के लिए महिलाओं की नियुक्तियां 2024 की शुरुआत में बढ़कर 23.2 प्रतिशत हो गई हैं। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि नियोक्ता अब भी शीर्ष प्रबंधन में लैंगिक समानता हासिल नहीं कर पाए हैं। पेशेवर नेटवर्किंग मंच ‘लिंक्डइन' और सार्वजनिक नीति परामर्श फर्म क्वॉन्टम हब की संयुक्त रिपोर्ट - ‘कॉरपोरेट इंडिया में नेतृत्व में महिलाएं' के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए महिलाओं की नियुक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। नेतृत्व वाली भूमिकाओं के लिए महिलाओं की नियुक्तियां 2016 में 18.8 प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 25.2 प्रतिशत के शीर्ष स्तर तक पहुंच चुकी हैं। ...और 2024 की शुरुआत में यह 23.2 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में लिंक्डइन के आर्थिक ग्राफ आंकड़ों से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया गया है, जो मंच पर विभिन्न क्षेत्रों से उपलब्ध डेटा पर आधारित है। लिंक्डइन के आर्थिक ग्राफ आंकड़ों से पता चलता है कि कार्यबल में महिला कर्मचारियों की कुल संख्या में वृद्धि हुई है। यह 2016 में 23.9 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 26.8 प्रतिशत हो गई है। वरिष्ठ नेतृत्व वाली भूमिकाओं में महिलाओं का प्रतिशत 2016 के 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 18.7 प्रतिशत हो गया, लेकिन 2024 में यह थोड़ा कम होकर 18.3 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, यह वर्ष के अंत तक ठीक हो सकता है।
- नयी दिल्ली. भारत में छत पर लगने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र (रूफटॉप सोलर) स्थापित करने की दर मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 367 मेगावाट रह गई है। मेरकॉम कैपिटल की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि छतों पर सौर संयंत्र लगाने की लागत बढ़ने की वजह से इसकी स्थापना की दर में गिरावट आई है। शोध कंपनी की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में पिछले साल पहली तिमाही के दौरान इस खंड में 485 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई थी। मेरकॉम की रिपोर्ट ‘पहली तिमाही में भारत में छत पर सौर संयंत्र का बाजार' के अनुसार, मार्च तिमाही में भारत में 367 मेगावाट के सौर संयंत्र स्थापित किए गए। इसमें अक्टूबर-दिसंबर, 2023 तिमाही के 406 मेगावाट की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है और पिछले साल की समान तिमाही के 485 मेगावाट की तुलना में यह 24 प्रतिशत कम है। भारत में छत पर लगने वाली सौर क्षमता की स्थापना संयुक्त रूप से मार्च, 2024 तक 10.8 गीगावाट थी।इसमें कहा गया, “स्थापनाओं में गिरावट का कारण मुख्य रूप से ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' कार्यक्रम के तहत अधिक आवेदन के कारण आवासीय ग्राहकों के सामने आवेदन प्रक्रिया में देरी था। घरेलू सामग्री जरूरतों (डीसीआर) का अनुपालन करने के लिए मॉड्यूल की कीमतों में वृद्धि ने ‘सूर्य गुजरात' कार्यक्रम के तहत क्षमता वृद्धि में और कमी ला दी है।” तिमाही आधार पर क्षमता वृद्धि में औद्योगिक क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक रहा। यह कुल स्थापित क्षमता का लगभग 57 प्रतिशत था। वाणिज्यिक, आवासीय और सरकारी क्षेत्रों की हिस्सेदारी क्रमशः लगभग 28 प्रतिशत, 14 प्रतिशत और 1.1 प्रतिशत रही।
- छत्रपति संभाजीनगर. पिछले मानसून में कम बारिश होने के कारण महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाएं और अन्य स्मारक पानी की आपूर्ति के लिए 'टैंकर' पर निर्भर हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में पिछले मानसून में 527.10 मिमी बारिश हुई थी जबकि इस अवधि के दौरान औसत वर्षा 637.50 मिमी होती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बारिश उम्मीद से कम हुई। परिणामस्वरूप एलोरा गुफाएं, बीबी का मकबरा और औरंगाबाद गुफाओं जैसे कुछ स्मारकों के परिसर में बने जलस्रोत सूख गए हैं। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और अब पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं। अधिकारी ने कहा, "एलोरा गुफा परिसर में पीने, बागवानी और साफ सफाई के लिए हर दिन पानी के दो टैंकर की आवश्यकता होती है।" उन्होंने कहा, "हम बीबी का मकबरा के लिए 5,000 लीटर के कम से कम दो टैंकर तथा औरंगाबाद गुफाओं के लिए हर दूसरे दिन एक टैंकर पानी ले रहे हैं।" अधिकारी ने बताया कि कभी-कभी बीबी का मकबरा में पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर पानी के तीसरे टैंकर की भी जरूरत पड़ती है।
- वाशिंगटन.भारतीय मूल के एक प्रभावशाली अमेरिकी लेखक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 10 साल के शासन के दौरान विकास पर ध्यान केंद्रित किया है और तीसरे बार उनके निर्वाचन से भारत को अगले पांच साल तक स्थिरता मिलेगी साथ ही उन्हें देश के समक्ष मौजूद कुछ प्रमुख चुनौतियों से निपटने का अवसर मिलेगा। प्रिंसटन निवासी भारतीय-अमेरिकी लेखक राजीव मल्होत्रा ने कहा, ‘‘भारत इन सभी चुनौतियों (देश के बाहर से आने वाली चुनौतियों) का डटकर मुकाबला कर सकता है। भारत, मोदी सरकार के कारण इन सभी चुनौतियों का मुकाबला कर सकता है। लोगों के तमाम दावों, तर्कों और आलोचनाओं के बावजूद हकीकत यही है कि उन्होंने विकास किया है और अधिक विकास की आवश्यकता है लेकिन उन्होंने विकास किया है।'' मल्होत्रा ने पिछले कुछ दशक में भारतीय संस्कृति और समाज के संबंध में पश्चिमी अकादमिक अध्ययन के विरोध में कई किताबें लिखी हैं। ‘स्नेक इन द गंगा: ब्रेकिंग इंडिया 2.0' उनकी नवीनतम पुस्तक है। उन्होंने भारतीय मीडिया की खबरों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि मोदी तीसरी बार सत्ता में आ रहे हैं, अपने दो कार्यकाल के दौरान मोदी सरकार ने विकास किया है जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘आप आंकड़ों के आधार पर देख सकते हैं कि गरीबों से लेकर अल्पसंख्यकों तक समाज के हर वर्ग को लाभ मिला है। आप संख्यात्मक रूप से देखा सकते हैं कि अब उनके पास सड़कें, साफ पानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन और शिक्षा है। तो लोगों को कहना होगा कि इस सरकार ने काम किया है जबकि पिछली सरकार गरीबी से लड़ने आदि के नारे लगा रही थी लेकिन काम नहीं कर रही थी।'' मल्होत्रा अमेरिका में ‘इनफिनिटी फाउंडेशन' के प्रमुख है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया बयान से सहमति जताई कि बाहरी ताकतों ने भारतीय चुनाव के परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश की है। मल्होत्रा ने कहा, ‘‘सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मुझे जयशंकर की योग्यता, उनकी निर्भीकता और उनकी हाजिर जवाबी पसंद है। यह सब अच्छा है। लेकिन मैं यह कहूंगा कि मेरी एक आलोचना है कि वह पूर्वानुमान लगाने में सक्षम नहीं हैं। वह प्रतिक्रिया दे सकते हैं। वह यह पूर्वानुमान लगाने में असमर्थ हैं कि कमजोरियां कहां हैं, अगला हमला कहां से होने वाला है, बुरे लोग कौन हैं और इसे करने वाले कौन हैं।''
- गुवाहाटी. पारंपरिक 'मेखला चादर' और आभूषणों से सजी असम की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वाली शिक्षिका 'आइरिस' ने गुवाहाटी के एक निजी स्कूल के छात्रों के सभी सवालों के तुरंत जवाब दिए। स्कूल की एक शिक्षिका ने बताया कि मानव सदृश रोबोट से जब पूछा गया कि हीमोग्लोबिन क्या होता है तो उसने छात्रों को सभी विवरणों के साथ इसका जवाब दिया। रॉयल ग्लोबल स्कूल की प्रवक्ता ने बताया, "चाहे सवाल उनके पाठ्यक्रम से संबंधित थे या किसी और विषय पर, 'आइरिस' ने उदाहरणों और संदर्भों के साथ तुरंत उनके जवाब दिए।" उन्होंने कहा कि जिज्ञासु छात्र, रोबोट की विभिन्न गतिविधियों में उत्सुकता से शामिल थे।बच्चों ने रोबोट से हाथ भी मिलाया तथा सीखने की प्रक्रिया मजेदार और आकर्षक रही।स्कूल की शिक्षिका ने कहा, "बच्चे बहुत उत्साहित हैं क्योंकि एआई शिक्षक के पास उनके सवालों के जवाब हैं।" रोबोट को नीति आयोग द्वारा शुरू की गई अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) परियोजना के तहत मेकरलैब्स एडु-टेक के सहयोग से विकसित किया गया है। स्कूल की शिक्षिका ने कहा कि 'आइरिस' शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समाकलन में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। प्रवक्ता ने कहा कि निजी स्कूल पूर्वोत्तर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को व्यक्तिपरक तथा अधिक आकर्षक बनाने के लिए रोबोट की क्षमताओं का लाभ उठाने को तत्पर है।
- देहरादून । उत्तराखंड में गर्म हो रही जलवायु के कारण पिछले सात सालों में प्रमुख फलों जैसे उच्च गुणवत्ता वाले सेबों, नाशपाती, आड़ू, आलूबुखारा और खूबानी के उत्पादन में जबरदस्त गिरावट आयी है। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में शोध करने वाले संगठन 'क्लाइमेट ट्रेंडस' द्वारा किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि प्रमुख फलों के उत्पादन और उन्हें उगाए जाने वाले क्षेत्र में काफी कमी आयी है। अध्ययन के अनुसार, शीतोष्ण फलों की पैदावार में उष्णकटिबंधीय फलों के मुकाबले ज्यादा कमी आयी है । राज्य में बदलता तापमान औद्योनिकी (फल) उत्पादन में बदलाव को कुछ हद तक स्पष्ट कर सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि गर्म होती जलवायु के कारण कुछ फलों की किस्में कम उत्पादक हो रही हैं जिसके कारण किसान उष्णकटिबंधीय विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं जो बदलती जलवायु परिस्थितियों के लिए बेहतर रूप से अनुकूल हैं । उत्तराखंड में बागवानी उत्पादन का क्षेत्र बहुत सिकुड़ गया है जिसके कारण भी प्रमुख फलों की पैदावार में भी 2016—17 और 2022—23 के बीच काफी कमी आयी। हिमालय के उंचाई वाले क्षेत्रों में उगाए जाने वाले शीतोष्ण फल जैसे नाशपाती, खूबानी, आलूबुखारा और अखरोट की पैदावार में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। अध्ययन के अनुसार, सेब उत्पादक क्षेत्र 2016—17 में 25,201.58 हेक्टेयर से घटकर 2022—23 में 11,327.33 हेक्टेयर रह गया और इसी के साथ सेब की पैदावार में करीब 30 फीसदी गिरावट आयी। नींबू की प्रजातियों के फलों की पैदावार 58 प्रतिशत तक सिकुड़ गयी। इसके मुकाबले उष्णकटिबंधीय फलों में जलवायु परिवर्तन का असर कम दिखा। उदाहरण के लिए, खेती के क्षेत्र में करीब 49 और 42 प्रतिशत कमी आने के बावजूद आम और लीची का उत्पादन अपेक्षाकृत स्थिर ही रहा और इनमें क्रमश: 20 और 24 फीसदी की कमी ही दर्ज की गयी। अध्ययन के अनुसार, अमरूद और करौंदा के उत्पादन में वृद्धि फलों के प्रकार में बदलाव की ओर संकेत करता है और किसानों को ऐसे फलों को उगाने में रूचि होती है जिनकी बाजार में मांग बेहतर हो या जो स्थानीय दशाओं के बेहतर अनुकूल हों। टिहरी में फलों के उत्पादन क्षेत्र में सर्वाधिक कमी आयी है जबकि दूसरा स्थान देहरादून का है ।दूसरी तरफ, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में फलों के उत्पादन क्षेत्र और उनकी पैदावार दोनों में गिरावट दर्ज की गयी । उत्तराखंड में बढ़ते तापमान के कारण बागवानी उत्पादन में इन गहन परिवर्तनों को आंशिक रूप से समझा जा सकता है। अध्ययन के अनुसार, उत्तरखंड में 1970 और 2022 के बीच 0.02 डिग्री सेल्सियस की वार्षिक दर से औसत तापमान बढ़ा है जबकि राज्य के उंचाई वाले क्षेत्रों में इसी अवधि के दौरान 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। शोध में खुलासा हुआ है कि उंचाई वाले क्षेत्रों में जाड़ों में अपेक्षाकृत ज्यादा तापमान होने से बर्फ के गलने की गति तेज हुई जिससे बर्फ से ढंके क्षेत्र तेजी से कम हुए । पिछले करीब 20 सालों में राज्य के उंचाई वाले क्षेत्रों में जाड़ों के तापमान 0.12 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़े हैं। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रूद्रप्रयाग जिलों में बर्फ से ढंके क्षेत्र 2000 के मुकाबले 2020 तक 90—100 किलोमीटर तक सिकुड़ गए हैं। जाड़ों में कड़कड़ाती ठंड और बर्फ उच्च हिमालयी क्षेत्र में उगने वाले सेब, आलूबुखारा, आड़ू, खुबानी और अखरोट में फूल आने और उनके बढ़ने के लिए जरूरी होते हैं । अपेक्षाकृत गर्म जाड़े, कम बर्फवारी, सिकुड़ता हिमाच्छादित क्षेत्र कलियों को खिलने में समस्या पैदा कर सकता है जिससे शीतोष्ण फलों में फूल खिलने और उसकी पैदावार पर प्रभाव पड़ सकता है । कृषि विज्ञान केंद्र आइसीएआर—सीएसएसआरआई के प्रमुख और वरिष्ठ वैज्ञानिक डा पंकज नौटियाल ने कहा, '“उच्च गुणवत्ता वाले सेब जैसी पारंपरिक शीतोष्ण फसलों को सुप्त अवधि (दिसंबर-मार्च) के दौरान 1200-1600 घंटों के लिए सात डिग्री सेल्सियस से कम तापमान की आवश्यकता होती है। पिछले 5-10 वर्षों में इस क्षेत्र में जितनी बर्फबारी हुई है उसकी तुलना में सेब को दो—तीन गुना अधिक बर्फबारी की आवश्यकता है जिससे फल की गुणवत्ता और उपज खराब हो गई है ।' रानीखेत के एक किसान मोहन चौबटिया ने कहा, ‘‘ बारिश और बर्फ कम होने से बहुत ही दिक्कत हो रही है ।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में अल्मोड़ा में शीतोष्ण फलों का उत्पादन घटकर आधा रह गया है ।
- नयी दिल्ली। पंजाब के जिरकपुर में बीएमडब्ल्यू कार की टक्कर लगने के बाद 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना तेज रफ्तार लग्जरी कारों से होने वाले हादसों की फेहरिस्त में नई है, जो लापरवाही से गाड़ी चलाने के भयावह परिणामों और इस बात को रेखांकित करती है कि कई बार रफ्तार का रोमांच तबाही का कारण बन जाता है। इस महीने देश में ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं। मंगलवार रात को जिरकपुर शहर में तेज़ रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसपर सवार तीन युवक हवा में उछल गए। इस घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई तथा शेष गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मोहाली निवासी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर ज़मानत पर छोड़ दिया गया। इस घटना से 11 दिन पहले, महाराष्ट्र के पुणे में नशे की हालत में तेज गति से चलाई जा रही पोर्श कार ने कथित तौर पर दो आईटी पेशेवरों की जान ले ली थी। इस हादसे में अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई। पोर्श कार को 17-वर्षीय एक किशोर नशे की हालत में चला रहा था। अंधाधुंध रफ्तार से भागती कार ने दोनों आईटी पेशेवरों की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। तेज़ गति से चलाई जा रही कारों से होने वाले हादसे वाहन सवारों के लिए भी घातक होते हैं।इस दुर्घटना से दो दिन पहले, नोएडा में तेज गति से जा रही एक बीएमडब्ल्यू कार ने 16 मई को सुबह छह बजे एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी थी, जिससे एक नर्स सहित दो लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। इसके बाद 26 मई की सुबह उत्तर प्रदेश के इसी शहर में तेज गति से जा रही एक ऑडी कार ने 64 साल के बुजुर्ग को टक्कर मार दी थी। बुजुर्ग जनक देव शाह की मौके पर ही मौत हो गई। सेक्टर 53 के गिझोर गांव के रहने वाले शाह दूध लेने जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में नोएडा और ग्रेटर नोएडा शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर में पिछले साल 1,176 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 470 लोगों की मौत हो गई और 858 घायल हो गये। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 में जिले में सड़क दुर्घटना में 437 लोगों की मौत हुई और 856 लोग घायल हो गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2022 में देश भर में 4.61 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1.68 लाख लोग मारे गए और 4.43 लाख लोग घायल हुए। जान गंवाने वाले 1.68 लाख लोगों में से 1.19 लाख की जान तेज गति के कारण हुए हादसों में गई। पिछले साल अगस्त में हरियाणा के नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक पेट्रोल टैंकर से रोल्स रॉयस फैंटम की टक्कर हो गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। ट्रक गलत दिशा से आ रहा था और लिमोजिन की गति करीब 230 किमी प्रति घंटा थी। ट्रक में सवार दोनों लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कार में सवार लोग जख्मी हुए थे। लक्जरी कारों से सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के बारे में गैर-सरकारी संगठन ‘सेव लाइफ फाउंडेशन' के संस्थापक पीयूष तिवारी ने कहा कि यह समस्या देश में त्रुटिपूर्ण लाइसेंसिंग प्रणाली के कारण उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके पास एलएमवी लाइसेंस है तो आप 800 सीसी के इंजन वाली कार से लेकर हाईपॉवर वाली सुपर कार तक कुछ भी चला सकते हैं। लाइसेंसिंग प्रणाली में सुधार जरूरी है। वाहन चलाने की क्षमता के आधार पर लाइसेंस दिया जाना चाहिए।'' नवंबर 2022 में टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। दोनों एक मर्सिडीज-बेंज एसयूवी से जा रहे थे, जिसे जहांगीर की पत्नी अनाहिता पंडोले चला रही थीं। रिपोर्ट के अनुसार, कार की गति 100 किमी प्रति घंटे से अधिक थी और यह सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। मोटर वाहन दुर्घटनाओं ने पैदल चलने वालों को भी नहीं बख्शा है। भारत में सड़क दुर्घटना 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 20,513 दुर्घटनाओं में 10,160 पैदल यात्रियों की मौत हुई है। तिवारी ने कहा कि सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पैदल चलने वालों के अनुकूल संरचनाएं बनाई जाएं।

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