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अमेठी (उप्र). पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचीं तथा उन्होंने मुसाफिरखाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान कार्यक्रम में भाग लिया । इस कार्यक्रम में मीडिया के प्रवेश पर रोक रही। भाजपा नेताओं के अनुसार, प्रशिक्षण अभियान में संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत बनाने, केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा सूत्रों ने बताया कि स्मृति ईरानी ने जिला भाजपा कार्यालय गौरीगंज में जिला कमेटी, सभी मंडल अध्यक्षों, संबंधित संगठनों के अध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विधानसभा और पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। इससे पहले पूर्व सांसद स्मृति ईरानी गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के जूठीपुर गांव पहुंचीं। वहां उन्होंने भाजपा के दिवंगत बूथ अध्यक्ष पवन पासी के परिजनों से मुलाकात की और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्मृति ईरानी तिलोई विधानसभा क्षेत्र के ठकुराइन करन गांव पहुंचीं। वहां उन्होंने भाजपा के दिवंगत बूथ अध्यक्ष स्वर्गीय बृजेश चंद्र तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और पार्टी संगठन में दिवंगत कार्यकर्ताओं के योगदान को याद किया। दौरे के दौरान स्मृति ईरानी गौरीगंज के मेदन मवई गांव में अपने आवास पर भी गईं, जहां वह करीब एक घंटे तक रुकीं।
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नयी दिल्ली. 'रेड बैलून एयरोस्पेस' ने बुधवार को देश का पहला स्वदेशी 'सुपर-प्रेशर बैलून' (एसपीबी) छोड़ा, जिसमें देश-विदेश के सात साझेदारों के वाणिज्यिक उपकरण लगे हुए हैं। एसपीबी अत्यधिक ऊंचाई पर जाने वाले गुब्बारे होते हैं जिन्हें आसपास के वायुमंडलीय दबाव से अधिक आंतरिक दबाव बनाये रखने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे वे लंबे समय तक भार वहन कर सकते हैं। विजयवाड़ा के इंदिरा गांधी स्टेडियम से छोड़ा गया 'विस्टा' नाम का एसपीबी लगभग 25 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। रेड बैलून एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सीवीएस किरण ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''यह मिशन सुपर-प्रेशर बैलून की क्षमता को साबित करने के लिए है, जो भारत में पहले कभी नहीं किया गया है। इसमें गुब्बारे के डिजाइन और सामग्री को साबित करना शामिल है।'' बुधवार को छोड़े गए गुब्बारे के 24 घंटे तक आसमान में रहने की उम्मीद है, लेकिन कंपनी का मुख्य लक्ष्य ऐसे एसपीबी विकसित करना है जो महीनों तक हवा में रह सके। यह मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है कि एसपीबी उपग्रहों की तुलना में कई फायदे प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, एसपीबी बहुत सस्ते होते हैं और उपग्रहों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्यों को करने में सक्षम होते हैं। कंपनी के अनुसार, एसपीबी आमतौर पर पृथ्वी की सतह से 20 से 40 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित समताप मंडल की एक उच्च-स्तरीय क्षेत्र में स्थापित किए जाते हैं। कंपनी ने बताया कि इससे वे दूरसंचार कवरेज प्रदान कर सकते हैं, सैकड़ों किलोमीटर तक फैले बड़े औद्योगिक नेटवर्क की निगरानी कर सकते हैं और पूरे राज्यों में आपदा प्रबंधन कार्यों में सहायता कर सकते हैं। साथ ही, रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए निरंतर स्थानिक अवलोकन को सक्षम बना सकते हैं। कंपनी की योजना चालू वित्त वर्ष के दौरान ऐसे 12 से 16 गुब्बारे छोड़ने की है।
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नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को 69वां जन्मदिन मनाया और इस मौके पर सैकड़ों शुभचिंतकों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को बधाई दी।
गडकरी के नागपुर स्थित आवास पर सुबह से ही लगातार लोगों का तांता लगा हुआ है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता गडकरी नागपुर लोकसभा क्षेत्र से तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं। फूल, गुलदस्ते, मालाएं, मंत्री की तस्वीरें लेकर लोग शहर के वर्धा रोड इलाके में गडकरी के आवास पर जमा हुए। गडकरी ने शुभचिंतकों का अभिवादन किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मेरे सहयोगी मंत्री नितिन गडकरी को उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वह भारत की अगली पीढ़ी को बुनियादी ढांचे और बेहतर संपर्क दिलाने के लिए किए जा रहे अनेक प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।'' आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी गडकरी को शुभकामनाएं दीं।
केजरीवाल ने कहा, ''केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।'' मंत्री के परिवार ने 'औक्षण' नाम का एक पारंपरिक अनुष्ठान किया, जिसमें आरती कर व्यक्ति के दीर्घायु और कल्याण की कामना की जाती है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'सार्थक-पीडीएस' योजना को पांच साल के लिए मार्च, 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 'राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता - सार्वजनिक वितरण में स्वचालन के साथ आय' (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि (अप्रैल 2026 से मार्च 2031) के दौरान एक 'छतरी योजना' के रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्य के भीतर खाद्यान्नों के परिवहन एवं प्रबंधन और उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के वितरकों के मार्जिन के लिए दी जाने वाली केंद्रीय सहायता के मानकों में संशोधन को भी मंजूरी दी। हालांकि, वित्तपोषण का मौजूदा ढांचा पहले की तरह कायम रखा गया है। सार्थक-पीडीएस योजना में दो मौजूदा योजनाओं- 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और एफपीएस वितरक मार्जिन के लिए सहायता' तथा 'स्मार्ट पीडीएस' को समाहित किया गया है। दोनों योजनाओं को मिलाने का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वित्तीय सहायता और तकनीकी सुधारों को एकीकृत ढांचे में लाना है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के इस फैसले पर संवाददादाताओं से कहा कि यह योजना पीडीएस की समूची शृंखला को समाहित करती है। उन्होंने कहा, "लाभार्थियों के चयन से लेकर खाद्यान्न के परिवहन, नागरिकों से मिलने वाली टिप्पणियां और परिवहन दूरी कम करने तक सभी गतिविधियों को पांच वर्षों के लिए 25,530 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ मंजूरी दी गई है।" वैष्णव ने कहा कि राज्यों को सरकारी राशन की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की लागत उठाने में मुश्किल हो रही थी लेकिन अब इस योजना के तहत उन्हें सहायता दी जाएगी। साथ ही एफपीएस वितरकों का पारिश्रमिक भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह योजना मौजूदा पीडीएस ढांचे को प्रतिस्थापित नहीं करती है, बल्कि यह वितरण, लॉजिस्टिक, परिवहन, साज-संभाल और शिकायत निवारण व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका मकसद अंतिम छोर तक सेवाएं सुनिश्चित करना और नुकसान को कम करना है। तकनीकी मोर्चे पर इस योजना के तहत कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का प्रस्ताव है। इसके तहत वास्तविक समय में निगरानी के लिए एकीकृत डेटाबेस, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली और राज्यों में नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार की प्रतिबद्धता से जुड़ी है, जिसके अंतर्गत लगभग 81.35 करोड़ लोगों को शामिल किया जाता है। सरकार ने एक बयान में कहा कि इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पीडीएस की व्यवस्था में पिछले एक दशक में कंप्यूटरीकरण, 'पीडीएस का एकीकृत प्रबंधन' और 'स्मार्ट पीडीएस' जैसी पहलों के जरिए तकनीकी सुधार किए गए हैं, जिनके आधार पर 'सार्थक-पीडीएस' को आगे बढ़ाया जाएगा।
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नयी दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बुधवार को सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की। प्रारंभिक परीक्षा के बाद, यूपीएससी द्वारा पहली बार अनंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई है। यूपीएससी ने एक बयान में कहा कि अभ्यर्थी 31 मई शाम 6 बजे तक इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध ''ऑनलाइन प्रश्न पत्र आपत्ति पोर्टल'' पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। बयान के अनुसार, अभ्यर्थियों को अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर बताते हुए, संक्षिप्त विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से सहायक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। बयान में कहा गया है, ''अनंतिम उत्तर कुंजी जारी किया जाना परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा के प्रति यूपीएससी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभ्यर्थियों को सृजनात्मक भागीदारी का अवसर प्रदान करता है।'' इस साल की यूपीएसएसी प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी।
यूपीएससी ने कहा कि अभ्यर्थियों से प्राप्त सभी अभ्यावेदन को व्यापक और सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा। बयान के अनुसार, विषय विशेषज्ञ प्रत्येक अभ्यावेदन की सावधानीपूर्वक जांच करेंगे, सहायक दस्तावेजों की पड़ताल करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की शुद्धता के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। बयान में कहा गया है कि हालांकि, यूपीएससी की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी। यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के प्रश्न पत्र देशभर के विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाते हैं। बयान के अनुसार, हाल ही में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न प्रामाणिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित हैं, उनके संदर्भ और उत्तर - मानक पाठ्यपुस्तकों, पत्रिकाओं, सरकारी वेबसाइट, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों और प्रमुख समाचार पत्रों आदि से प्राप्त किए जा सकते हैं। -
नयी दिल्ली. देश में भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की अपील करते हुए बुधवार को कहा कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीते रहना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ''बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह स्थिति 'लू लगने' (हीटस्ट्रोक) जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।'' उन्होंने कहा, ''देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी, जैसे चक्कर आना, मतली या ज्यादा थकान लगे तो उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बेहोशी जैसा लगे, वह कमजोरी महसूस करे या फिर अस्वस्थ दिखाई दे, तो उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ दें, जिससे शरीर को राहत मिल सके। '' उन्होंने कहा, '' ऐसे समय में आपकी सतर्कता और देखभाल किसी का जीवन बचा सकती है।"
मोदी ने कहा, ''यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की भी सराहना करूंगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।'' उन्होंने कहा, ''जब भी संभव हो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों को फोन कर उनका हालचाल अवश्य पूछें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलने और जितना हो सके, आराम करने की सलाह दें।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रचंड गर्मी में पशु-पक्षियों को भी नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''अपने घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा-सा बर्तन रखना भी किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान बन सकता है। आइए, इन कठिन दिनों में पूरी संवेदनशीलता और करुणा के साथ एक-दूसरे का ध्यान रखें।'' भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण लू का प्रकोप है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में सर्वाधिक 47.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में 45 डिग्री से अधिक तापमान पर उष्णलहर घोषित की जाती है, जबकि 47 डिग्री से अधिक तापमान को भीषण लू की श्रेणी में रखा जाता है। -
अयोध्या (उप्र) . गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार को अयोध्या के सरयू घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लगभग 125 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप सरयू तट पर संत समागम, भव्य आरती और फूल बंगले का आयोजन किया गया और शाम को 11,000 दीपों से सरयू की महाआरती की गई। पूरा घाट रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था और वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि गंगा दशहरा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए घाटों पर स्वच्छता, सुरक्षा और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई थी। सरयू आरती स्थल के अध्यक्ष शशिकांत दास ने बताया कि इस अवसर पर सरयू नदी की विशेष झांकी बनाई गई। फूल बंगला सजाया गया और संतों ने मां सरयू की महिमा का गुणगान किया। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है।
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नयी दिल्ली. पूर्व भारतीय तीरंदाज श्याम लाल मीणा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे। उन्होंने रविवार रात अस्पताल में अंतिम सांस ली। मीणा ने 1988 के सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
भारतीय तीरंदाजी संघ ने पूर्व तीरंदाज की तस्वीर के साथ पोस्ट किया, "1988 के सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता स्वर्गीय श्याम लाल मीणा को श्रद्धांजलि।" उन्होंने कहा, "भारतीय तीरंदाजी में उनके योगदान और विरासत को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।"
केवडिया गांव में जन्में मीणा, लिम्बा राम और रजत हलदर के साथ भारतीय पुरुष रिकर्व टीम का हिस्सा थे, जिसने 1987 में कोलकाता में आयोजित एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इस जीत ने भारत को 1988 के सियोल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में मदद की थी। यह ग्रीष्मकालीन खेलों में देश की तीरंदाजी की पहली भागीदारी थी। मीणा को खेल में उनके योगदान के लिए 1989 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्र के प्रति समर्पित ''दूरदर्शी'' नेता बताया और कहा कि उन्होंने अपने 35 वर्षों के जुड़ाव के दौरान उन्हें ''हर पल'' देश के लिए जीते हुए देखा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने मोदी के साथ अपने लंबे संबंधों का वर्णन करने वाली अपनी पुस्तक 'अपनापन' के विमोचन के अवसर पर कहा कि राष्ट्र के विकास के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता और लोगों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव उन्हें गहराई से प्रभावित करता है। मंत्री ने कहा, ''जीवन में कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का अवसर मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक साधक और सरल हृदय मनुष्य होता है। नरेन्द्र मोदी ऐसे ही एक व्यक्ति हैं।'' चौहान ने कहा, ''उनके साथ मेरा जुड़ाव 35 वर्ष पुराना है और इन वर्षों के दौरान, मैंने उन्हें हर पल राष्ट्र के लिए जीते हुए देखा है।'' उन्होंने कहा, ''मैंने उनके (मोदी) हृदय को राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए धड़कते हुए देखा है। इस देश की जनता उनकी हर सांस में बसती है।'' मोदी के प्रौद्योगिकी प्रेम पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा नेता ने ईमेल और डिजिटल संचार के बारे में उस दौर में बात की थी, जब कई दिग्गज राजनीतिक नेता इनसे पूरी तरह अपरिचित थे। चौहान ने कहा कि मोदी जानते थे कि यदि भारत को अपने भाग्य का निर्माण करना है और एक विकसित राष्ट्र बनना है, तो प्रौद्योगिकी अनिवार्य होगी। मोदी को दूरदर्शी नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कई अन्य लोगों से बहुत पहले सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के महत्व को समझ लिया था। चौहान ने कहा, ''वह (मोदी) दूरदृष्टि रखते हैं तथा भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं, और समय से पहले ही तैयारियां कर लेते हैं। बाद में, हमने न केवल ईमेल आईडी और कंप्यूटरों का महत्व देखा, बल्कि यह भी देखा कि वह प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे करते हैं और सोशल मीडिया के महत्व को समझते हैं, जबकि मेरे जैसे कार्यकर्ता सोशल मीडिया को अर्थहीन मानते थे।'' चौहान ने कहा कि मोदी ने एक बार उनसे कहा था कि वह मध्यप्रदेश के हर विधायक और सांसद को सूचित करें कि यदि सोशल मीडिया पर उनके 50,000 से कम 'फॉलोअर्स' हैं, तो उनका चुनाव टिकट खतरे में पड़ सकता है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''एआई के क्षेत्र में भी नरेन्द्र भाई एक दूरदर्शी और कल्पनाशील व्यक्ति हैं। उन्होंने एआई शिखर सम्मेलन आयोजित किया और दुनिया भर के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया।'' उन्होंने कहा, ''मैंने उनमें (मोदी) प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश को बदलने का जुनून देखा है।''
कोविड-19 महामारी को याद करते हुए चौहान ने कहा कि मोदी में संकटों को अवसरों में बदलने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, ''कुछ लोग आपदाओं में अवसर तलाशते हैं, लेकिन नरेन्द्र भाई आपदाओं को अवसरों में बदल देते हैं।'' चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान जब वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, तो प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन किया था। कृषि मंत्री ने कहा, ''उन्होंने (मोदी) स्नेहपूर्वक मुझसे अपने परिवार और स्वयं का ध्यान रखने को कहा, मुझसे पूछा कि मैं कौन सी दवाइयां ले रहा हूं और प्राणायाम जारी रखने की सलाह दी। भला कौन इतना सबकुछ करता है?'' चौहान ने एक अन्य घटना को याद करते हुए कहा कि मोदी प्रशंसा से ज्यादा काम को महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा, ''एक बार एक बैठक के दौरान मैंने यूं ही उनके काम की प्रशंसा की थी। मैंने उनसे कहा था कि पहले लोग उनका सम्मान करते थे, लेकिन अब देश के लिए किए जा रहे उनके काम ने उनके प्रति गहरी श्रद्धा पैदा कर दी है।'' कृषि मंत्री ने कहा, ''मोदी जी ने तुरंत मुझसे कहा: 'शिवराज, मैं नेताओं की तरह तारीफ़ से खुश नहीं होता। मैं सिर्फ काम से खुश होता हूं।'' उन्होंने कहा कि वह सिर्फ देश के लिए काम करना चाहते हैं।''
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक अलंकरण समारोह में हिंदी फिल्मों के अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत और शास्त्रीय संगीतकार एवं वायलिन वादक एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया। धर्मेंद्र को कला के क्षेत्र में असाधारण और उत्कृष्ट सेवा के लिए यह पुरस्कार दिया गया जिसे उनकी पत्नी और सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। राजम को भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए, खासकर 'गायकी अंग' शैली के माध्यम से वायलिन प्रस्तुति को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। राजम ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर से संगीत के गुर सीखे थे। मुर्मू ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी; चुनौतियों का सामना कर रहे पारंपरिक भारतीय कला 'अवधान'को पुनर्जीवित करने वाले शतावधानी आर गणेश; कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय सुरेश कुमार कोटक; और उदर रोग विशेषज्ञ कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे और पूर्व सांसद विजय कुमार मल्होत्रा को भी मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा। पांडे की पत्नी और मल्होत्रा के बेटे ने सम्मान प्राप्त किया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर, अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में हुए इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है। इनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। ये पुरस्कार दो अलग-अलग अलंकरण समारोहों में प्रदान किये जाने हैं। पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। ये प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल और सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किये जाते हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगले दो हफ्तों के भीतर देश के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान शाह स्थानीय अधिकारियों तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। शाह सोमवार को बीकानेर पहुंचेंगे, जहां वह मंगलवार को सांचू स्थित बीएसएफ की सीमा चौकी का दौरा करेंगे। वह 'प्रहरी सम्मेलन' में भाग लेंगे और महिला कर्मियों के लिए बैरकों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। दिन में इसके बाद वह बीकानेर में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि और पाकिस्तान से सटी सीमा वाले पांच जिलों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। गृह मंत्री 29 मई को गुजरात के भुज जाएंगे, जहां वह एक अन्य बीएसएफ सीमा चौकी का दौरा करेंगे। उनके जून में बांग्लादेश से लगी देश की पूर्वी सीमाओं का दौरा करने की संभावना है, जिसकी शुरुआत पांच जून को त्रिपुरा की यात्रा से होगी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे।
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मुंबई. महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक 'स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल' (एसयूवी) के खाई में गिर जाने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा पोलादपुर-महाबलेश्वर मार्ग पर अंबेनली घाट इलाके में रविवार को हुआ। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे का शिकार हुए लोग सातारा के रहने वाले थे। वे दापोली से सातारा जा रहे थे, तभी उनका वाहन खाई में गिर गया।
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नयी दिल्ली. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ वार्ता में अमेरिका ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें वाणिज्यिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलना भी शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता करने के बाद रूबियो ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले कुछ घंटों में ''अच्छी खबर'' आने की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोई घोषणा की जा सकती है। रूबियो ने एक सवाल के जवाब में कहा, "ईरान की स्थिति के बारे में, मेरा मानना है कि इस विषय पर आज थोड़ी देर बाद और खबरें आ सकती हैं, और इस संबंध में घोषणाएं राष्ट्रपति ही करेंगे।" अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस संबंध में विस्तार से बताए बिना कहा कि पिछले 48 घंटों में संघर्ष को सुलझाने की रूपरेखा पर बातचीत में प्रगति हुई है। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर हैं। अमेरिका और इजराइल के गत 28 फरवरी को संयुक्त हमले शुरू करने और ईरान के पलटवार के परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। ट्रंप ने शनिवार को अपनी पोस्ट में कहा, ''समझौते के कई अन्य पहलुओं के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ''मैं सभी को याद दिलाता हूं कि हमारा अंतिम लक्ष्य यह है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित करने की प्रक्रिया में शामिल न हो सके।'' रूबियो ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, और वे अभी जो कर रहे हैं वह मूल रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को नष्ट करने की धमकी देना है जो अंतरराष्ट्रीय कानून की किसी भी अवधारणा के तहत अवैध है।" उन्होंने कहा, "पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ मिलकर एक रूपरेखा तैयार करने में कुछ प्रगति हुई है, जो अगर सफल होती है, तो अंततः हमें न केवल पूरी तरह से खुला होर्मुज जलडमरूमध्य प्रदान कर सकती है।" जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों की ही इस बात में काफी रुचि है कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, ''वैश्विक ऊर्जा कीमतों को कम रखने और ऊर्जा स्रोतों की अधिक उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी हमारी बहुत गहरी रुचि है।'' विदेश मंत्री ने कहा कि भारत द्वारा अमेरिका से ऊर्जा आयात में काफी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ''होर्मुज में मौजूदा स्थिति से निपटने का हमारा तरीका और स्पष्ट रूप से कहें तो, भविष्य में भी, अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना है, क्योंकि यही हमारी ऊर्जा सुरक्षा का मूल आधार है और इसीलिए हम दृढ़ता से मानते हैं कि ऊर्जा बाजार को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा की कीमतों को कम रखना महत्वपूर्ण है।''
पिछले महीने पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं की वार्ता की मेजबानी की थी, जो 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, लेकिन दोनों पक्ष किसी शांति समझौते पर पहुंचने में विफल रहे थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि इस्लामाबाद को उम्मीद है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी बहुत जल्द करेगा। उनकी यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ क्षेत्रीय स्थिति और जारी शांति प्रयासों पर चर्चा करने के लिए किए गए फोन कॉल के बाद आई है। -
उमरिया. मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के पास रविवार तड़के बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई तथा तीन अन्य लोगों को घायल हो गए। बचाव अभियान के दौरान बाघ की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे रिजर्व के निकट पनपथा गांव के खेरवा टोला इलाके में हुई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में बार-बार हो रहे बाघ के हमलों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और कथित तौर पर एक वन परिक्षेत्र अधिकारी की पिटाई की तथा एक महिला वनकर्मी से दुर्व्यवहार किया। रिजर्व के क्षेत्र निदेशक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ गांव में घुसा और ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौत हो गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बाद में बाघ मृतका के घर में घुस गया, जहां बचाव अभियान के दौरान उसकी मौत हो गई।
सहाय ने कहा, ''जब हमने बाघ को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन लगाया तो उसमें कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, जिससे संकेत मिला कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।'' उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बाघ की मौत बेहोशी के इंजेक्शन (ट्रैंक्विलाइजर) की अधिक मात्रा के कारण हुई। उन्होंने कहा कि बाघ की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि आक्रोशित ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार हो रहे बाघ के हमलों के विरोध में कथित तौर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव की पिटाई की, जिससे वह घायल हो गए। ग्रामीणों ने एक महिला वनकर्मी से भी दुर्व्यवहार किया। ग्रामीणों ने बताया कि बाघ के बस्ती में घुसने के बाद बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। विरोध प्रदर्शन के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ और अधिकारियों को महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से कथित तौर पर दो घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। सहाय ने कहा कि घायलों का नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें प्रतिदिन 500 रुपये दिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, बाद में कांग्रेस नेता एवं जनपद पंचायत सदस्य रोशनी सिंह धुर्वे गांव पहुंचीं और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाया। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में मृतका के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के लिए नि:शुल्क उपचार और मुआवजा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक अन्य हालिया घटना में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह तेंदूपत्ता एकत्र करने गईं चार महिलाओं की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। -
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर). राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद, जांचकर्ता उस वैश्विक आपूर्ति शृंखला का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चीन को भेजा गया अमेरिका निर्मित 'गोप्रो कैमरा' आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हाथों में कैसे पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पिछले साल जुलाई में दाचीगाम के जंगलों में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों से बरामद उच्च तकनीक वाले कैमरे ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों का समर्थन करने के लिए साजो-सामान उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की जांच की एक महत्वपूर्ण नयी दिशा खोल दी है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी समूह दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध में बढ़त हासिल करने के मद्देनजर हमलों को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरों का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस विशिष्ट आपूर्ति शृंखला का पता लगाने से उन भूमिगत नेटवर्क की मिलीभगत का खुलासा हो सकता है, जो भारत विरोधी संगठनों को सीमाओं के पार धन, साजो-सामान और सामरिक उपकरण पहुंचाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, उपकरण के स्रोत का पता लगाने के लिए एनआईए ने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी निर्माता 'गोप्रो इंक' से संपर्क किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैमरा कहां बेचा गया था। अपने औपचारिक जवाब में, अमेरिकी कंपनी ने बताया कि यह उपकरण मूल रूप से चीन में एक अधिकृत वाणिज्यिक वितरक को भेजा गया था। घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों ने बताया कि जांच अब इस बात पर केंद्रित हो गई है कि चीनी वितरक से प्राप्त कैमरा लश्कर-ए-तैयबा के आकाओं के हाथों में कैसे पहुंचा, और इस बात की प्रबल संभावना है कि ये कैमरे पाकिस्तानी सेना द्वारा खरीदे गए हों और बाद में आतंकी संगठनों को पहुंचाए गए हों। भारत की चीन के साथ कोई पारस्परिक कानूनी सहायता संधि नहीं है और ऐसे मामले राजनयिक माध्यमों से उठाए जाते हैं। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ''आरोपपत्र में पहलगाम हमले के तात्कालिक परिचालन विवरण स्थापित किए गए हैं, लेकिन व्यापक जांच अब भी जारी है।'' उन्होंने कहा, ''हम खरीद माध्यमों की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चीन से आयातित एक व्यावसायिक उपकरण जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तक कैसे पहुंचाया गया।'' पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों सहित 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों में स्थित आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया, जिनमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य ठिकाने भी शामिल थे।
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गुरुवायूर (केरल) . केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रविवार को यहां के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की। गुरुवायूर देवस्वोम द्वारा फेसबुक पर साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मक्खन चढ़ाकर पारंपरिक 'तुलाभारम' अनुष्ठान भी किया। पोस्ट में कहा गया है कि पदभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री की यह मंदिर की पहली यात्रा थी।
सतीशन सुबह करीब सात बजे मंदिर पहुंचे, जहां देवस्वोम के अध्यक्ष ए वी गोपीनाथ और प्रशासक ओ बी अरुण कुमार ने उनका स्वागत किया। देवस्वोम के अध्यक्ष ने शॉल भेंट करके उनका अभिनंदन किया। पोस्ट में बताया गया है कि तुलाभारम के लिए लगभग 71 किलोग्राम मक्खन का इस्तेमाल किया गया।
मुख्यमंत्री हर महीने एक बार मंदिर आते हैं।
बाद में, सतीशन ने मंदिर परिसर में राजस्व मंत्री ए पी अनिल कुमार के बेटे के विवाह समारोह में भी भाग लिया। -
नयी दिल्ली. इस साल के संसद रत्न पुरस्कारों के लिए 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। निजी संगठन 'प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन' ने एक बयान में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पी. पी. चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र) पुरस्कारों के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में चुने गए सांसदों में शामिल हैं। बयान के अनुसार, प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान), हेमंत विष्णु सवरा (महाराष्ट्र), स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र), नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र), मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र) और नरहरि अमीन (गुजरात) को इस साल बजट सत्र के अंत तक संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। चार संसदीय समितियों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इनमें चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि समिति, भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त समिति, सप्तगिरि शंकर उलाका की अध्यक्षता वाली ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति और अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला एवं खान समिति शामिल हैं। -
-केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने -भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया
-जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त किया-पहली आदिवासी राष्ट्रपति से लेकर राज्यों में आदिवासी मुख्यमंत्री तक - मोदी Era जनजातीय गौरव का स्वर्णिम काल-पिछली सरकार के राज में जनजातीय कल्याण का बजट महज 28 हज़ार करोड़ था, मोदी सरकार ने 5 गुना बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ किया-मोदी जी ने जनजातीय समाज को UCC से बाहर रखा है, किसी के भ्रम या बहकावे में न आएँ-भ्रांतियों से बचें, भेद डालने वालों को पहचानें और एकजुट होकर विकसित व समृद्ध भारत की ओर बढ़ें-बंगाल में 16 की 16 ST सीटों पर हमारी पार्टी की जीत अटल जी से मोदी जी तक, जनजातीय समाज के प्रति हमारे अटूट समर्पण का फल है-PESA अब कागज पर नहीं, जमीन पर - पेसा सेल से आदिवासी की अपनी भाषा में, गाँव-गाँव पहुँच रहा कानून-"तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलायानई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह समागम जनजातियों के महाकुंभ के रूप में आने वाले अनेक वर्षों तक जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा के बाद सबसे पहला यह जनजातीय आंदोलन है जो पूरे देश को एक करता है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष है। उन्होंने कहा कि उलगुलान आंदोलन ने अंग्रेज़ों को धूल चटाने का काम किया था और उस वक्त संचार की सुविधा न होने के बावजूद झारखंड से गुजरात तक पूरे भारत में जनजातियों को भगवान बिरसा मुंडा ने यह संदेश पहुंचाया कि हमारा धर्म ही सच्चा धर्म है और हमारे जंगल पर किसी का कब्ज़ा नहीं हो सकता। जल, जंगल, पहाड़ हमारे वनवासी भाइयों के लिए आस्था का केन्द्र, आजीविका का साधन और उनकी अस्मिता औऱ संस्कृति का संरक्षण करने वाला अभेद्य किला है। आज सबसे बड़ा सस्टेनेबल मॉडल जनजातियों द्वारा बनाया गया मॉडल है।श्री अमित शाह ने कहा कि सभी जनजातियों ने किसी लिखित नियम के बिना विविधता में एकता और एकता में विविधता के मंत्र को चरितार्थ करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोभ, लालच और जबरदस्ती कोई किसी का धर्म परिवर्तन नहीं करा सकता। उन्होंने कहा कि वनवासी अगर ठान लें कि धर्म की रक्षा करने का संकल्प आज यहां लेना है तो यही संकल्प हमें हमारी संस्कृति औऱ देश से जोड़कर रखेगा। श्री शाह ने कहा कि हमारे बीच भेद पैदा करने वाले नहीं जानते कि हज़ारों साल पहले भगवान राम ने शबरी के झूठे बेर खाकर हमें बताया था कि हम सब एक हैं। उन्होंने कहा कि भेद पैदा करने वाले लोगों के लिए आज का यह सम्मेलन और लाखों की संख्या में उपस्थिति जनजातियां बहुत बड़ा संदेश हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब एक षड्यंत्र शुरू हुआ है कि UCC जनजातियों को अपनी संस्कृति, परंपरा, परंपरा से जीने के अधिकार से वंचित कर देगा। मोदी सरकार के गृह मंत्री के नाते मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि UCC की कोई पाबंदी वनवासी समाज पर नहीं लगेगी और इससे किसी वनवासी के किसी भी अधिकार का अतिक्रमण नहीं होगा। हमने गुजरात और उत्तराखंड में UCC लागू किया है और विशेष प्रावधान कर UCC से सारी जनजातियों को बाहर रखने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। श्री शाह ने कहा कि मैं भेद पैदा करने वालों को बताना चाहता हूं कि UCC से किसी भी जनजाति की परंपरा से कोई खिलवाड़ नहीं होगा।श्री अमित शाह ने कहा कि जिस नक्सली हिंसा ने 40 हज़ार से अधिक जनजातीय जानें ली, मोदी सरकार ने 5 दशक पुराने उस नासूर नक्सलवाद को समाप्त कर दिया है और आज हमारा देश नक्सल समस्या से पूर्ण रूप से मुक्त हो गया है। जो लोग वनवासी समाज और जनजातियों का विकास रोककर बैठे थे, उन्हें हम समाप्त कर चुके हैं। एक ज़माने में नक्सलियों से लड़ने के लिए जहां सुरक्षाबलों के कैंप लगे थे, उनमें से 70 कैंपों को शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जनसुविधा केन्द्र बदलने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है जनजातीय क्षेत्रों के पहाड़ों, जंगलों मे विकास पहुंचाने का। हमारी पार्टी हमेशा से जनजाति कल्याण को प्राथमिकता देती रही है। अटल जी ने जनजाति कल्याण मंत्रालय बनाकर जनजातियों के विकास की शुरूआत की और प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसे आगे बढ़ाया है। हाल ही में हुए बंगाल के चुनाव में सभी 16 ट्राइबल रिज़र्व सीटें हमारी पार्टी ने जीती है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जनजाति कल्याण को आगे बढ़ाने का काम किया है। पिछली सरकार के समय जनजातियों के कल्याण का कुल बजट 28 हज़ार करोड़ रूपए था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने बढ़ाकर 1 लाख 50 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है। मोदी सरकार जनजातियों के कल्याण के प्रति समर्पित सरकार है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब संथाल परिवार से आई द्रौपदी मुर्मू जी को महामहिम द्रौपदी मुर्मू बनाकर समग्र ट्राइबल समाज का कल्याण करने का काम किया है। अटल जी के समय में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जनजाति-बहुल राज्य बने और आज ओडिशा, छत्तीसगढ़ राज्यों में जनजाति का मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि पेसा [PESA] कानून के लिए भारत सरकार ने एक पेसा सेल बनाया है, 1 लाख से अधिक मास्टर ट्रेनर्स बनाए हैं, पैसा के नियमों का संथाली, गोंडी, भीली, मुंडारी ऐसी अनेक जनजाति भाषाओं में अनुवाद किया है। पेसा ग्राम पंचायत विकास योजना पोर्टल बनाकर इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग करने का काम हमारी सरकार ने किया है। मध्य प्रदेश का पेसा कानून का मॉडल एक आदर्श मॉडल है और हमारी पार्टी की सभी सरकारें इसको आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।श्री अमित शाह ने कहा कि विकास के लिए अनेक बड़ी योजनाएं, 722 एकलव्य मॉडल स्कूल और हर जनजाति परिवार के लिए मकान, बिजली, नल से जल और 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा, हर महीने खाने का राशन देने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। श्री शाह ने कहा कि वनवासियों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में हमें बचा कर भी रखेगा, हमारी धरती, संस्कृति और धर्म से भी जोड़ कर रखेगा। उन्होंने कहा कि यही आंदोलन पूरे देश को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ी नींव डालने का काम कर रहा है। "तू और मैं एक रक्त हैं" - इसी मंत्र के साथ वनवासी कल्याण आश्रम ने मूक सेवक बनकर जनजातीय सेवा का अखंड यज्ञ चलाया है। हमारी संस्कृति, हमारी भूमि, हमारे धर्म को सुरक्षित करने के लिए यह महाकुंभ बहुत बड़ा काम करेगा। हम भ्रांतियों से बचें, भेदभाव करने वालों को पहचानें और एकजुट होकर 2047 में विकसित और समृद्ध भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। - नई दिल्ली/ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
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चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
नयी दिल्ली. देश के कई हिस्सों में लू के प्रकोप के बीच चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक गर्मी में रहने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि आंखों व तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और ये विशेष रूप से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से ही किसी बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए खतरे की घंटी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान, शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ सकता है और संवेदनशील व्यक्तियों में थकान, चक्कर आना, तेज सिरदर्द, माइग्रेन, थकावट और यहां तक कि तंत्रिका संबंधी जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। चिकित्सकों ने बताया कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों की शिकायत करने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जिनमें आंखों में जलन, पानी की कमी से होने वाला सिरदर्द और गर्मी से उत्पन्न तंत्रिका संबंधी लक्षण शामिल हैं। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी ने बताया, "लू का असर अब सामान्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से परे भी दिखने लगा है। हमारी ओपीडी में तंत्रिका संबंधी शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।" उन्होंने बताया, "पिछले कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अधिक लोग गंभीर सिरदर्द, चक्कर आना, भ्रम, बेहोशी, पहले से मौजूद तंत्रिका संबंधी समस्याओं का बिगड़ना और विशेष रूप से माइग्रेन जैसे लक्षणों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।" डॉ. सूरी ने बताया कि तेज धूप और लंबे समय तक धूप में रहने से कुछ लोगों में माइग्रेन के लक्षण बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी और शरीर में पानी की कमी से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है और तंत्रिका तंत्र पर काफी दबाव पड़ सकता है, खासकर संवेदनशील व्यक्तियों में। उन्होंने कहा कि लगातार भ्रम की स्थिति, बोलने में परेशानी, दौरे पड़ना या बेहोशी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये किसी गंभीर तंत्रिका संबंधी आपात स्थिति का संकेत हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के डॉ. आर. पी. नेत्र विज्ञान केंद्र में प्रोफेसर नम्रता शर्मा ने कहा कि एयर-कंडीशनर का लगातार उपयोग और घर के भीतर 'स्क्रीन' पर अधिक समय बिताना भी गर्मियों में आंखों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, ''एयर-कंडीशनर से निकलने वाली शुष्क हवा और लंबे समय तक मोबाइल तथा लैपटॉप के इस्तेमाल से आंखों में प्राकृतिक आंसुओं का निर्माण कम हो जाता है, जिससे आंखों का सूखापन बढ़ जाता है। लोग अक्सर लालिमा, धुंधला दिखना और जलन जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो इलाज नहीं होने पर धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकते हैं।'' उन्होंने कहा, ''हम एलर्जी, ड्राई आई और संक्रमण के अधिक मामले देख रहे हैं, जो आंसुओं की परत तेजी से सूखने के कारण हो रहे हैं।'' उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय यूवी रोधी चश्मा पहनने, धूल के संपर्क में आने के बाद साफ पानी से आंखें धोने, गंदे हाथों से आंखें न मलने, 'लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स' का इस्तेमाल करने और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ अरुण शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी और लू की स्थिति न्यूरोलॉजिकल बीमारियों जैसे मिर्गी, स्ट्रोक, पार्किंसन रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और डिमेंशिया को भी गंभीर बना सकती है। अत्यधिक गर्मी के दौरान निर्जलीकरण और खून के गाढ़ा होने से 'इस्केमिक स्ट्रोक' और 'सेरेब्रल वेनस थ्रॉम्बोसिस' का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लू, विशेषकर दोपहर के समय की चिलचिलाती गर्मी के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो छाते, धूप के चश्मे का इस्तेमाल व सिर ढंककर खुद को सुरक्षित रखकर जाना चाहिए। 'वियान आई एंड रेटिना सेंटर' के निदेशक डॉ. नीरज संदुजा ने बताया कि अत्यधिक धूप, गर्म हवाओं, धूल और शरीर में पानी की कमी के कारण आंखों में तनाव आम बात है। उन्होंने बताया, "गर्मी का मौसम आंखों के स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। तेज धूप, गर्म हवाओं, धूल और शरीर में पानी की लंबे समय तक कमी से आंखों में सूखापन, जलन और लालिमा हो सकती है।" डॉ. संदुजा ने बताया, "इस मौसम में कई लोगों को आंखों में जलन, खुजली या पानी आने की समस्या भी होती है। हमारे पास 'ड्राई आई सिंड्रोम', 'एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस' और 'कॉर्नियल सनबर्न' के मामले भी आते हैं। बच्चों और जो लोग लंबे समय तक बाहर रहते हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।"
- कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार को राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए चालू वित्त वर्ष में केंद्र से लगभग 3,000 करोड़ रुपये मिलने की मंजूरी मिली है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये पहले ही भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड राज्य के लाभार्थियों को इस साल जुलाई से वितरित किए जाने की संभावना है। शुभेंदु ने राज्य सचिवालय नबान्न से एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 2,103 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है जिसमें से एक-चौथाई यानी 500 करोड़ रुपये केंद्र पहले ही भेज चुका है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस वित्त वर्ष में आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित 976 करोड़ रुपये का अपना हिस्सा भी आवंटित कर दिया है। शुभेंदु ने कहा, ''कुल मिलाकर हमें 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी मिली है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये हमें पहले ही मिल चुके हैं।'' मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ करीब एक घंटे की डिजिटल बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। शुभेंदु ने कहा कि बंगाल की पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड रखने वाले करीब छह करोड़ लोगों को पहले चरण में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा और बाद में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों ने स्वास्थ्य साथी कार्ड का विकल्प नहीं चुना था, उन्हें भी अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। शुभेंदु ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि हम आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण जुलाई से शुरू कर देंगे, जिसके लिए पंजीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क में शामिल होने के लिए केंद्र के साथ जून के पहले सप्ताह में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहा है ताकि राज्य के प्रवासी निवासियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके। शुभेंदु ने यह भी घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग राज्य संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया तेज करेगा। उन्होंने कहा, ''पिछली सरकार के दौरान इस क्षेत्र में भर्ती दर बेहद कम थी। यह राष्ट्रीय स्तर की 98 प्रतिशत दर के मुकाबले केवल 53 प्रतिशत रही। हम अगले तीन महीने में पारदर्शी भर्ती नीति के जरिए इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेंगे।'' शुभेंदु ने आरोप लगाया कि केंद्र के साथ असहयोग और विरोध की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार की नीति के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हर स्तर पर नकारात्मक माहौल बन गया था, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव पूर्व राज्य के हर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के वादे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर जिलों और पश्चिम बर्धमान के आसनसोल में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, उत्तर बंगाल में एम्स परिसर स्थापित करने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।शुभेंदु ने 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों के लिए सर्विकल कैंसर निवारक टीकाकरण की आधिकारिक शुरुआत और 30 मई को 'टीबी मुक्त भारत' के लिए एक कार्यशाला की घोषणा भी की, जिसमें राज्य के सांसद और विधायक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर पूरे बंगाल के जिला अस्पतालों तक, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की संख्या को वर्तमान 117 से बढ़ाकर 469 करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है।
- अब 10 भाषाओं में शिकायतें दर्ज करने की सुविधाहैदराबाद. हैदराबाद शहर पुलिस ने शनिवार को 'एआई-कॉपराइटर' नामक एक अनोखा एआई-संचालित मोबाइल ऐप शुरू किया, जो पुलिसकर्मियों को हर थाने में शिकायतों को वास्तविक समय में रिकॉर्ड करने, ट्रांसक्राइब करने (बोली गयी बात को लिखने) और 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की सुविधा देगा। पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अब कोई भी नागरिक अपनी मातृभाषा में शिकायत दर्ज करा सकता है। यह ऐप बोले गए शब्दों को कुछ ही सेकंड में एक संपूर्ण और सटीक प्राथमिकी में ट्रांसक्राइब और अनुवाद कर देता है। इससे भाषा संबंधी बाधाएं समाप्त होंगी और प्रवासियों तथा गैर-तेलुगु भाषी लोगों सहित सभी के लिए पुलिस सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनार ने 'एआई-कॉपराइटर' की शुरुआत की और इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की। यह ऐप एआई तकनीक के माध्यम से दस्तावेजीकरण और रिपोर्ट लेखन को सरल बनाने में पुलिस कर्मियों की सहायता के लिए तैयार किया गया है। ऐप शुरू करते हुए सज्जनार ने कहा, ''भाषा कभी किसी नागरिक और न्याय के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। एआई-कॉपराइटर के आने से अब ऐसा नहीं होगा।'' उन्होंने कहा कि यह ऐप कार्यकुशलता बढ़ाएगा, 80 से अधिक पुलिस थानों में रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को मानकीकृत करेगा, मानव अनुवादकों पर निर्भरता कम करेगा और कानूनी रूप से स्वीकार्य ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध कराएगा। इस ऐप को विकसित करने में 'ब्लूक्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस' और प्रशिक्षु चंदू ने शहर की पुलिस के आईटी प्रकोष्ठ के साथ मिलकर काम किया।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि सभी एम्स संस्थान दिल्ली-एम्स के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि एम्स को देश भर के अन्य मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए मार्गदर्शक बनने में सक्षम बनाया जाए। नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान बोर्ड (एनबीईएमएस) के 23वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 20वीं शताब्दी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छह अन्य एम्स स्थापित किए गए। उन्होंने कहा, "तब से 16 नए एम्स जोड़े गए हैं, जिससे देश भर में एम्स की कुल संख्या 23 हो गई है।"नड्डा ने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है, जबकि चिकित्सा की स्नातक सीट की संख्या बढ़कर लगभग 1.28 लाख हो गई है। उन्होंने बताया कि साथ ही, स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट की संख्या भी 31,000 से बढ़कर लगभग 85,000 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीट में 75,000 की वृद्धि की घोषणा की है, जिनमें से लगभग 23,000 सीट पिछले दो वर्षों में ही सृजित की जा चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिए 2026-2029 की अवधि के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने स्नातक चिकित्सकों से करुणा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ समाज की सेवा करने का आग्रह किया, साथ ही उन्हें शिक्षा और चिकित्सा शिक्षण में योगदान देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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शिरडी. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक रक्षा विनिर्माण इकाई के उद्घाटन के अवसर पर जनरल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल जनशक्ति, पारंपरिक हथियारों या प्लेटफॉर्म-केंद्रित अभियानों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर प्रणालियां, स्वायत्त प्लेटफॉर्म, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और सूचना प्रभुत्व भविष्य के युद्धों को निर्णायक आकार देंगे। जनरल चौहान ने कहा कि प्रौद्योगिकी, गति और नवाचार आने वाले दिनों में अभियानों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण निर्धारक तत्व होंगे। उन्होंने कहा, "भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी।" जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य में युद्धक्षेत्र भौगोलिक स्थान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सूचना नेटवर्क, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और साइबर बुनियादी ढांचे तक फैलेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी देश नवाचार करता है, तेजी से उत्पादन करता है और जिसकी सशस्त्र सेनाएं तेजी से अनुकूलन करती हैं, उसे रणनीतिक बढ़त हासिल होगी।
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हैदराबाद. तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को कहा कि राज्य में लू की चपेट में आने के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है। रेड्डी ने लू के कारण उत्पन्न स्थिति पर अधिकारियों के साथ बैठक की और बताया कि राज्य के सात जिलों में 16 लोगों की मौत हुई है। मंत्री ने जिलाधिकारियों से प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जयशंकर भूपलपल्ली जिले में चार लोगों की मौत हुई जबकि वारंगल, करीमनगर और निजामाबाद में तीन-तीन और जोगुलम्बा गडवाल, रंगा रेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।




















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