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आरा/नवादा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि ‘विकसित भारत' की बुनियाद बिहार है और ‘विकसित बिहार' का अर्थ है राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना। उन्होंने दावा किया कि इस बार बिहार की जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को रिकॉर्ड संख्या में सीट दिलाने जा रही है और ‘जंगलराज' को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने आरा में आयोजित एक चुनावी सभा में कहा, ‘‘राजग का घोषणापत्र बिहार के तेज विकास के लिए समर्पित एक दूरदर्शी दस्तावेज है। यह ईमानदार और स्पष्ट सोच वाला घोषणापत्र है, जबकि जंगलराज वाले झूठे वादों का पुलिंदा लेकर आए हैं। लेकिन, ये जनता है, सब जानती है।'' उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों के हित में कदम और महिलाओं के सशक्तीकरण के उपाय-ये सभी राजग के घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु हैं। मोदी ने कहा, ‘‘1.30 करोड़ महिलाओं को उनके खातों में 10,000 रुपये मिले हैं। बिहार में देश की सबसे अधिक युवा आबादी है, इसलिए हमारा घोषणापत्र युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और कुटीर उद्योगों के नेटवर्क का और अधिक विस्तार किया जाएगा तथा बिहार जल्द ही पूर्वी भारत का प्रमुख वस्त्र और पर्यटन केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, ‘‘बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजग प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत छोटे किसानों को 6,000 रुपये दिए हैं, अब राज्य सरकार अपनी ओर से 3,000 रुपये और जोड़ेगी।'' मोदी ने कहा, ‘‘जो वादा करते हैं, उसे निभाते हैं — यही राजग का ट्रैक रिकॉर्ड है। मैंने गारंटी दी थी, अब लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। पहले यहां ‘अरवा (कच्चा) चावल' मिलता था, अब उसना (पक्का) चावल दिया जा रहा है। गरीबों को पक्का घर देने की गारंटी भी हमने पूरी की।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘देश की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने की गारंटी मैंने दी थी, और हमने उसे पूरा किया। बिहार के हजारों लोग सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा दे रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अनुच्छेद-370 हटाने की गारंटी दी थी, जो 70 साल बाद पूरी हुई। अब जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान लागू हो चुका है। मोदी ने कहा था कि आतंकवादियों को उनके ठिकानों में घुसकर मारेंगे, हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर' किया और यह गारंटी निभाई। इससे हर भारतीय गर्वित हुआ।'' मोदी ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में धमाके हो रहे थे, लेकिन कांग्रेस का पहला परिवार यहां बेचैन था।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि नामांकन वापसी से एक दिन पहले कांग्रेस और राजद में जबरदस्त झगड़ा हुआ तथा कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि राजद का नेता मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बने। लेकिन, राजद ने बंदूक की नोक पर यह पद अपने लिए तय करवाया। उन्होंने कहा, ‘‘राजद ने बिहार को ‘कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और भ्रष्टाचार' की भूमि बना दिया। जंगलराज के दौर में बिहार में 37 हजार अपहरण हुए थे।'' मोदी ने कहा, ‘‘चाहे कांग्रेस हो या राजद, दोनों बिहार की पहचान मिटाना चाहते हैं। ये घुसपैठियों की रक्षा करना चाहते हैं। बिहार की जनता को तय करना है कि राज्य के संसाधनों पर हक बिहार के लोगों का होगा या घुसपैठियों का। जो घुसपैठियों का समर्थन करते हैं, वे पापी हैं।'' प्रधानमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस और राजद की पाठशाला जंगलराज की पाठशाला है। रोहतास का डालमियानगर कभी एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र था, लेकिन कांग्रेस और राजद ने उसे बर्बाद कर दिया।'' उन्होंने कहा कि राजग के लिए विकास और विरासत दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और वीर कुंवर सिंह की जन्मभूमि का विकास किया जाएगा। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद ने छठ पूजा और महाकुंभ जैसे आयोजनों को नाटक बताया, यह त्योहारों का अपमान है और जनता को इसका जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, ‘‘बिहार के लोग सुशासन बनाम जंगलराज की लड़ाई में राजग के साथ हैं। इस बार जनता का नारा है — ‘फिर एक बार, राजग सरकार!''' नवादा में आयोजित एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘‘मगही पान की धरती'' बिहार की पहचान है और ‘‘मगध व बिहार की खोई हुई गौरवगाथा को लौटाना हमारी जिम्मेदारी है''। उन्होंने जनता से अपील की कि ‘‘फिर एक बार, राजग सरकार'' और ‘‘बिहार में फिर से सुशासन सरकार'' बनाएं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नवादा ‘मगही पान' की धरती है, और मैं वाराणसी का सांसद हूं—मुझसे बेहतर इसे कौन समझ सकता है। हमें मगध और बिहार की पुरानी गौरवगाथा को फिर से स्थापित करना है। हमें ‘विकसित बिहार' बनाना है।'' उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने छोटे किसानों की भलाई के बारे में कभी नहीं सोचा।
मोदी ने कहा, ‘‘जिसे किसी ने नहीं पूछा, मोदी उसे पूजता है। हमने छोटे किसानों के बैंक खाते खुलवाए, पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बिना किसी कमीशन या बिचौलिये के सीधे उनके खातों में भेजी।'' उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार से भेजे गए एक रुपये में से जनता तक केवल 15 पैसे पहुंचते हैं—यह कौन-सा पंजा था जो गरीब का हक खा जाता था?'' प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘यह धरती आर्यभट्ट जैसे महान विद्वानों की है। बिहार की जनता राजद नेताओं की हकीकत जानती है। एक परिवार राज्य का सबसे भ्रष्ट है और दूसरा देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है।'' उन्होंने कहा कि ‘‘राजद और कांग्रेस के बीच अंदरूनी कलह चल रही है। कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ ही उम्मीदवार उतार दिया। परिणाम का इंतजार कीजिए, नतीजे आने के बाद ये एक-दूसरे से लड़ेंगे।'' मोदी ने कहा, ‘‘राजग के पास नीतीश जी, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे अनुभवी नेता हैं। दूसरी ओर, जंगलराज की पहचान रही है—कट्टा, क्रूरता, कुशासन और भ्रष्टाचार।'' उन्होंने कहा, ‘‘राजद के शासन में जब लोगों का वेतन बढ़ता था, तो वे खुश नहीं बल्कि डरे हुए रहते थे, क्योंकि रंगदारी देनी पड़ती थी। उस दौर में नक्सली हिंसा आम बात थी। आज शहरी नक्सलियों की नींद उड़ी हुई है।'' प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘राजद के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में धमकियां दे रहे हैं। वर्ष 2005 से पहले बिजली की स्थिति बदतर थी, लेकिन राजग सरकार ने इसे बदल दिया। अब बिहार में लालटेन की जरूरत नहीं है।'' मोदी ने राजद और कांग्रेस पर धार्मिक आस्था का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘हम सूर्यदेव की उपासना करते हैं, छठ पूजा करते हैं, लेकिन राजद और कांग्रेस ‘छठी मइया' का अपमान करते हैं। वे सूर्यदेव का अपमान करते हैं, जबकि हम सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सहायता प्रदान कर रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य में बड़ी संख्या में स्कूल और इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में बिहार में भारी निवेश होगा—यह मोदी की गारंटी है कि बिहार के युवा अब यहीं रोजगार पाएंगे।'' बिहार की सांस्कृतिक धरोहर पर बल देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘बिहार की सांस्कृतिक विरासत गौरवशाली है। हमारा प्रयास है कि देश और दुनिया से पर्यटक यहां आएं तथा बिहार की इस समृद्ध परंपरा से परिचित हों।'' प्रधानमंत्री ने सभा के अंत में कहा, ‘‘जनता का नारा स्पष्ट है—फिर एक बार, राजग सरकार... बिहार में फिर से सुशासन सरकार।'' -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पंजाब के फिरोजपुर के बीच चलने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शेड्यूल जारी हो गया है। यह वंदे भारत फिरोजपुर कैंट से बठिंडा-पटियाला होते हुए दिल्ली के बीच संचालित की जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और यात्रियों का सफर आरामदायक होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देना चाहता हूं। दिल्ली से फिरोजपुर के बीच 7 नवंबर से वंदे भारत ट्रेन शुरू होगी। इसके लिए पंजाब की जनता को भी बधाई देना चाहता हूं।फिरोजपुर कैंट से दिल्ली जाने वाली ट्रेन सुबह 7:55 बजे फिरोजपुर कैंट से चलेगी और दोपहर 2:35 बजे दिल्ली पहुंचेगी। प्रमुख स्टेशनों में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन फरीदकोट पर 8:23 बजे पहुंचेगी और 8:25 बजे प्रस्थान करेगी, ये ट्रेन बठिंडा पर 9:10 बजे आगमन और 9:15 बजे प्रस्थान, धुरी स्टेशन पर 10:26 बजे आगमन और 10:28 बजे प्रस्थान, पटियाला पर 11:05 बजे आगमन और 11:07 बजे प्रस्थान, अंबाला कैंट पर 11:58 बजे आगमन और 12:00 बजे प्रस्थान, कुरुक्षेत्र पर 12:28 बजे आगमन और 12:30 बजे प्रस्थान व पानीपत पर 13:05 बजे आगमन और 13:07 बजे प्रस्थान करेगी।दूसरी ओर, दिल्ली से फिरोजपुर कैंट जाने वाली ट्रेन शाम 4 बजे रवाना होकर रात 10:35 बजे फिरोजपुर कैंट पहुंचेगी। पानीपत पर 5:00 बजे आगमन और 5:02 बजे प्रस्थान, कुरुक्षेत्र पर 5:17 बजे आगमन और 5:42 बजे प्रस्थान, अंबाला कैंट पर 6:30 बजे आगमन और 6:32 बजे प्रस्थान, पटियाला पर 7:13 बजे आगमन, धुरी पर 7:56 बजे आगमन, बठिंडा पर 9:15 बजे आगमन और 9:20 बजे प्रस्थान व फरीदकोट पर 10:03 बजे आगमन और 10:05 बजे आखिरी स्टेशन फिरोजपुर कैंट के लिए प्रस्थान करेगी। दिल्ली-फिरोजपुर के बीच बुधवार के दिन को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन वंदे भारत ट्रेन चलेगी। दिल्ली-फिरोजपुर के बीच 486 किलोमीटर का यह सफर मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा।( -
पटना। बिहार के आरा और नवादा में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राजधानी पटना पहुंचे, जहां उन्होंने रोड शो किया। पीएम नरेंद्र मोदी सबसे पहले दिनकर गोलंबर पहुंचे और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने रोड शो प्रारंभ किया। उनके साथ सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद रविशंकर प्रसाद भी साथ हैं। उनके हाथ में भाजपा का चुनाव चिह्न कमल का निशान है।
पीएम मोदी के रोड शो के दौरान उनकी एक झलक देखने के लिए पूरा शहर सड़कों पर उमड़ पड़ा। पीएम मोदी का यह रोड शो दिनकर गोलंबर से प्रारंभ हुआ है, जो गांधी मैदान के निकट उद्योग भवन तक जाएगा। इस दौरान वे नाला रोड, ठाकुरबाड़ी, बारी पथ और बाकरगंज होकर गुजरेंगे। इस दौरान वे पटना के सभी एनडीए प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगेंगे।पीएम मोदी के रोड शो प्रारंभ होने के पहले से ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे अपने नेता का इंतजार करते दिखे। पटना की सड़कों पर सुरक्षा घेरे के दोनों तरफ अपार जनसमूह नजर आ रहा है। जब प्रधानमंत्री का रोड शो शुरू हुआ तो पूरा पटना ‘मोदी जिंदाबाद’ और ‘जय श्रीराम’ जैसे नारों से गुंजायमान हो गया।पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया। वे अपने वाहन से आगे बढ़ रहे हैं और हर कोई प्रधानमंत्री की एक तस्वीर कैमरे में कैप्चर करने के लिए लालायित नजर आ रहा है। इस रोड शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सड़कों के किनारे खड़े हैं और उनका अभिनंदन कर रहे हैं।लोगों के हाथों में भाजपा के झंडे और पीएम मोदी के कटआउट हैं। जिन रास्तों से पीएम गुजरेंगे, उनमें कई स्थानों पर सड़कों के किनारे स्वागत स्टॉल बनाए गए हैं, जहां मंच तैयार किया गया है, जहां से लोग प्रधानमंत्री का अभिवादन कर रहे हैं। रोड शो को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सड़क के किनारे बैरिकेडिंग की गई है, फिर भी लोग सड़कों पर उत्साहित हैं। -
नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र हमें निरंतर गौरवान्वित करता है।
भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई। हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की बदौलत हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र उत्कृष्टता और नवाचार का पर्याय बन गया है, यह सराहनीय है। उनकी सफलताओं ने राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाया है और अनगिनत लोगों को सशक्त बनाया है।इससे पहले इसरो के एवीए3-एम-5 द्वारा सीएमएस-03 संचार उपग्रह के प्रक्षेपण पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि इस जीएसएलवी लांचर की क्षमता लगभग 4000 किलोग्राम जीटीओ तक ले जाने की है और पहली बार हमने 4410 किलोग्राम भार को दीर्घवृत्तीय कक्षा में पहुंचाया है। इसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और यह एलबीएम-3 यान का आठवां प्रक्षेपण है। एलबीएम-3 यान के सभी प्रक्षेपण इसरो द्वारा सफलतापूर्वक किए गए हैं और यह 100 प्रतिशत विश्वसनीय यान है। यही यान हमारे गगनयात्री-2 को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए भी निर्धारित है।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को भारतीय नौसेना के जीएसएटी-7आर (सीएमएस-03) संचार उपग्रह का पृथक्करण और प्रक्षेपण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, जिससे नौसेना की अंतरिक्ष-आधारित संचार और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को बल मिलेगा। यह उपग्रह, जो भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत संचार उपग्रह है और एलवीएम3-ए5 रॉकेट पर प्रक्षेपित किया गया, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निर्धारित समय शाम 5.26 बजे प्रक्षेपित किया गया।इसरो ने अपने मिशन के बारे में एक अपडेट में कहा कि सीएमएस-03 सफलतापूर्वक पृथक हुआ। उत्तम प्रक्षेपण। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसरो की इस नवीनतम उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि इसरो टीम को बधाई। भारत का बाहुबली एलवीएम3एम5 मिशन के सफल प्रक्षेपण के साथ आसमान छू रहा है। ‘बाहुबली,’ जैसा कि इसे लोकप्रिय रूप से कहा जाता है, एलवीएम3-एम5 रॉकेट सीएमएस-03 संचार उपग्रह को ले जा रहा है, जो भारतीय धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में प्रक्षेपित किया जाने वाला अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इसरो एक के बाद एक सफलता की इबारत लिख रहा है। सरकार के अटूट समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। -
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-7आर (सीएमएस-03) सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह उपग्रह भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत संचार प्लेटफॉर्म है, जो इसकी अंतरिक्ष-आधारित संचार प्रणाली और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को अधिक दक्षता प्रदान करेगा।
यह उपग्रह स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित किया गया है और इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। लगभग 4,400 किलोग्राम भार वाला यह उपग्रह अब तक का भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह है। इसमें कई उन्नत स्वदेशी तकनीकी घटक शामिल हैं, जिन्हें विशेष रूप से भारतीय नौसेना की परिचालन और सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है।जीसैट-7आर उपग्रह हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक और बेहतर दूरसंचार कवरेज प्रदान करेगा। इसके पेलोड में ऐसे उन्नत ट्रांसपोंडर लगाए गए हैं, जो विभिन्न संचार बैंडों पर ध्वनि, डेटा और वीडियो लिंक को सपोर्ट करने में सक्षम हैं। उच्च क्षमता वाली बैंडविड्थ के साथ यह उपग्रह भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और समुद्री संचालन केंद्रों के बीच सुरक्षित, निर्बाध तथा वास्तविक समय संचार को सुनिश्चित करेगा, जिससे नौसेना की सैन्य क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।जटिल होती सुरक्षा चुनौतियों के इस युग में जीसैट-7आर आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग कर राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के भारतीय नौसेना के अटूट संकल्प का प्रतीक है।इसरो ने अपने मिशन के बारे में एक अपडेट में कहा, “सीएमएस-03 सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ।”केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसरो की इस नवीनतम उपलब्धि की सराहना की।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “इसरो टीम को बधाई। भारत का बाहुबली एलवीएम3-एम5 मिशन के सफल प्रक्षेपण के साथ आसमान में उड़ान भर रहा है। ‘बाहुबली,’ जैसा कि इसे लोकप्रिय रूप से जाना जाता है, एलवीएम3-एम5 रॉकेट सीएमए-03 संचार उपग्रह को ले जा रहा है, जो भारतीय धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में प्रक्षेपित किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इसरो एक के बाद एक सफलताएं लिख रहा है। सरकार के अटूट समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद।” - लखनऊ। कई दशकों तक अपने लजीज जायके और मेहमानवाजी से घरेलू तथा विदेशी मेहमानों के दिलों पर छाप छोड़ने वाले नवाबों के शहर लखनऊ को यूनेस्को के ‘‘रचनात्मक शहरों'' की सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की महानिदेशक ऑड्रे अजोले 31 अक्टूबर को लखनऊ सहित 58 नए शहरों को ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क' (यूसीसीएन) में शामिल करने की घोषणा की। यूसीसीएन में अब 100 से अधिक देशों के 408 शहर शामिल हैं। अजोले ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को ‘‘पाक कला'' श्रेणी में मान्यता दी गई है।लखनऊ को मिला यह सम्मान उसकी पाककला विरासत की वैश्विक स्वीकृति को चिह्नित करता है। यह सम्मान उस शहर को मिलता है जो अपनी खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और नवाचार से विश्व को प्रेरित करता है। यह घोषणा उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित यूनेस्को के 43वें महासम्मेलन में ‘विश्व नगर दिवस' के अवसर पर की गई। भारत में संयुक्त राष्ट्र की इकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुंह में पानी लाने वाले गलावटी कबाब से लेकर अवधी बिरयानी, स्वादिष्ट चाट और गोलगप्पे, मक्खन मलाई जैसी मिठाइयां तथा और भी बहुत कुछ... उत्तर प्रदेश का लखनऊ लजीज खाने के लिए एक जन्नत है, जो सदियों पुरानी परंपराओं से भरपूर है।'' यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट' में कहा, ‘‘भारत के लिए गर्व का क्षण। लखनऊ की समृद्ध पाककला विरासत को अब वैश्विक मंच पर पहचान मिली है!'' प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘‘विश्व नगर दिवस 2025 के अवसर पर लखनऊ को ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' नामित किया गया है। लखनऊ के साथ 58 नए शहरों को ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क' (यूसीसीएन) में स्थान मिला है। यूसीसीएन में अब 100 से अधिक देशों के 408 शहर शामिल हैं।''लखनऊ को मिले इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का गौरव बन चुका है। लखनऊ की यह उपलब्धि उसके समृद्ध खानपान और संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति है।'' उन्होंने कहा कि लखनऊ के जायके को मिली यह पहचान पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती शक्ति और ‘विकसित उत्तर प्रदेश' के दृष्टिकोण को साकार करने का प्रमाण है। उन्होंने बताया, ‘‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखनऊ के लिए नामांकन 31 जनवरी 2025 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेजा था। विस्तृत समीक्षा के बाद भारत सरकार ने तीन मार्च 2025 को यूनेस्को को अंतिम डोजियर प्रस्तुत किया। 31 अक्टूबर को आयोजित सम्मेलन में लखनऊ को औपचारिक रूप से ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' नेटवर्क में शामिल किया गया।'' उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह सम्मान शहर की समृद्ध पाक परंपराओं, अवधी विरासत और स्थायी एवं अभिनव पाककला को बढ़ावा देने में इसकी बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव का क्षण है, जहां हर स्वाद सदियों पुरानी संस्कृति और रचनात्मकता को दर्शाता है।'' पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने एक बयान में कहा कि लखनऊ का चयन इसकी व्यंजन परंपरा और पाक कला धरोहर तथा आतिथ्य परंपराओं को एक नयी अंतरराष्ट्रीय पहचान देगा। अभिजात ने बताया, ‘‘यूनेस्को की इस सूची में अब दुनियाभर के 70 शहर शामिल हैं। इस वर्ष आठ नए शहरों को इस नेटवर्क में स्थान मिला है।'' उन्होंने बताया, ‘‘वर्ष 2024 में लखनऊ में 82.74 लाख पर्यटक आए, जबकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 70.20 लाख पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह रुझान बताता है कि खानपान और संस्कृति, उत्तर प्रदेश में पर्यटन वृद्धि के प्रमुख आधार बन चुके हैं।'' विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने कहा, ‘‘लखनऊ अब दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो खानपान को सांस्कृतिक संवाद और सतत विकास का माध्यम बना रहे हैं। आने वाले समय में पर्यटन विभाग इस वैश्विक पहचान को और सशक्त करने के लिए कई नयी पहल करेगा।'' लखनऊ की यह उपलब्धि उसके अवधी व्यंजनों, नवाबी परंपरा और खानपान की विविधता का जीवंत प्रमाण है। अब तुंदे कबाबी से लेकर कुलचा-निहारी तक, लखनऊ के स्वाद विश्व मानचित्र पर प्रदेश की पहचान को और ऊंचा उठाएंगे।
- नयी दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच शनिवार को कहा कि भारत का मानना है कि यह क्षेत्र खुला, समावेशी और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रहना चाहिए। कुआलालंपुर में आसियान सदस्य देशों और समूह के वार्ता साझेदारों के रक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने क्षेत्र के प्रत्येक राष्ट्र की संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए ‘‘सामूहिक सुरक्षा'' के दृष्टिकोण पर जोर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के पालन पर जोर और नौवहन तथा उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रीय हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने ऐसे समय में यह टिप्पणी की है जब आसियान के कई सदस्य और लोकतांत्रिक देश विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के निरंतर पालन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आसियान के नेतृत्व वाले समावेशी क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने के पक्ष में है। रक्षा मंत्री ने कहा, “भविष्य की सुरक्षा केवल सैन्य क्षमताओं पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि साझा संसाधनों के प्रबंधन, डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, और मानवीय संकटों के प्रति सामूहिक प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।” सिंह ने कहा कि एडीएमएम-प्लस रणनीतिक संवाद को व्यावहारिक परिणामों से जोड़ने और क्षेत्र को शांति एवं साझा समृद्धि की ओर ले जाने वाला सेतु बन सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत इस ढांचे में अपनी भूमिका को साझेदारी और सहयोग की भावना के नजरिए से देखता है। हमारा दृष्टिकोण लेन-देन वाला नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और सिद्धांत-आधारित है।''
- जम्मू। जम्मू कश्मीर के राजौरी में 25 साल से बंद पड़ी सरकारी प्राथमिक विद्यालय, केवल की इमारत को फिर से खोल दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। भूमि विवाद के कारण 2000 में इस इमारत को बंद कर दिया गया था।भवन पर भूस्वामी ने ताला लगा दिया था और स्कूल सीमित स्थान पर किराए के भवन में संचालित किया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) मोहम्मद हफीज को मौके पर जाकर काफी समय से लंबित इस विवाद को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के निर्देश दिए। अधिकारी ने बताया कि निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सीईओ ने मौके का दौरा किया, हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया और मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा दिया। उन्होंने बताया कि मामला सुलझने के बाद छात्रों को स्कूल परिसर में वापस भेज दिया गया है और तीन कमरों वाली इमारत में अब स्कूल का संचालन पूरी तरह चालू हो गया है। अधिकारी ने बताया कि स्कूल के फिर से खुलने से स्थानीय समुदाय को काफी राहत और खुशी मिली है, जिन्होंने केवल के बच्चों को उनके घरों के नजदीक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के सक्रिय प्रयासों की सराहना की है।
- रीवा (मप्र)। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सिद्धांतों और तकनीक की मिली-जुली ताकत से लड़ाई लड़ी और पाकिस्तान में नागरिक या सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में जनरल द्विवेदी ने पत्रकारों से कहा कि भारत ने पड़ोसी देश में सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने छह और सात मई की दरम्यानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों के कारण चार दिनों तक जबरदस्त झड़पें हुईं जो 10 मई को सैनिक कार्रवाई रोकने की सहमति के साथ खत्म हुईं। थल सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा क्योंकि हमने अपने सिद्धांतों और तकनीक की मिली-जुली ताकत से लड़ाई लड़ी। हमने यह पक्का किया कि पाकिस्तान में किसी भी बेगुनाह नागरिक को नुकसान न हो। हमने सिर्फ आतंकवादियों और उनके आकाओं को निशाना बनाया।'' उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करना चाहिए। जनरल द्विवेदी ने अपने पुराने स्कूल, रीवा सैनिक स्कूल में एक सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेनाओं ने यह सुनिश्चित किया कि जब प्रार्थना या नमाज अदा की जा रही हो तो कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन जगहों पर हमला किया जहां आतंकवादी मौजूद थे। हमने बेगुनाह नागरिकों या रक्षा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया। हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर' में अपना लक्ष्य हासिल किया और पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि हम उनके जैसे नहीं हैं।''
- तिरुवनंतपुरम,। प्रख्यात कवि केजी शंकर पिल्लई को मलयालम भाषा और साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए केरल सरकार के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ‘एझुथचन पुरस्कारम' के लिए चुना गया है। राज्य के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने शनिवार को यहां पुरस्कार की घोषणा की और मलयालम कविता पर पिल्लई के उल्लेखनीय प्रभाव की प्रशंसा की। मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले पांच दशकों में उनकी काव्य रचनाओं ने प्रत्येक मलयाली को गौरव के क्षण का आभास कराया है।'' पिल्लई को इस पुरस्कार के लिए लेखक एन.एस. माधवन की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल ने चुना है। साहित्यकार के.आर. मीरा, डॉ. के.एम. अनी निर्णायक मंडल के सदस्य हैं तथा केरल साहित्य अकादमी के सदस्य सचिव सी.पी. अबूबकर निर्णायक मंडल सचिव थे। मलयालम कविता के क्षेत्र में एक उच्च स्थान रखने वाले पिल्लई को इससे पहले 1998 और 2002 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार मिल चुका है। उनके बहुप्रशंसित संग्रहों में ‘केजीएस कविताकल' और ‘केजी शंकर पिल्लैयुडे कविताकल' शामिल हैं जिनका कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है।
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जयपुर। राजस्थान में शादी-विवाह का सीजन शुरू होते हुए साइबर ठगों ने नकली न्योते (ई-निमंत्रण लिंक) भेजने शुरू कर दिए जबकि पुलिस ने लोगों को किसी भी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करने को लेकर आगाह किया। पुलिस ने बताया कि लिंक पर क्लिक करने से निजी जानकारी व बैंकिंग ब्यौरा चोरी हो सकता है।
उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) विकास शर्मा ने बताया कि अपराधी मोबाइल पर एक फर्जी एपीके फाइल साझा कर रहे हैं, जिसका नाम अक्सर आमंत्रण.एपीके होता है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यूजर शादी के आमंत्रण या लोकेशन लिंक समझकर इस पर क्लिक करते हैं, यह एप्लिकेशन मोबाइल में इंस्टॉल हो जाता है। अधिकारी ने बताया कि यह कोई साधारण ऐप नहीं बल्कि एक ‘बैकडोर मैलवेयर' है, जो आपके फोन को हैक कर लेता है। उन्होंने बताया कि इंस्टॉल होने के बाद यह मैलवेयर चुपके से एसएमएस, संपर्क सूची, कैमरा और फाइल एक्सेस जैसी संवेदनशील अनुमतियां ले लेता है और इसके बाद यह गुप्त रूप से यूजर की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और पासवर्ड एकत्रित करना शुरू कर देता है। अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराधी इसी चोरी किए गए डेटा का उपयोग करके बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। साइबर अपराध शाखा ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी ई-निमंत्रण या गिफ्ट लिंक पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करें , साथ ही ऐप हमेशा केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर जैसे अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। -
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने बिहार के पटना जिले की मोकामा विधानसभा सीट पर एक राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या और चुनावी हिंसा के संदर्भ में बराह के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट-एसडीएम चंदन कुमार और दो सब-डिविजनल पुलिस अधिकारियों-एसडीपीओ राकेश कुमार और अभिषेक सिंह को हटा दिया है।
आयोग ने बिहार राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा से तीनों अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए है। इसके अतिरिक्त आयोग ने बराह-2 के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने को कहा है।निर्वाचन आयोग ने पटना-ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को स्थानांतरित करने के आदेश दिए है। मोकामा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को जनता दल-यूनाइटेड के उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।निर्वाचन आयोग ने बिहार में चुनावी हिंसा को देखते हुए कड़े कदम उठाए है।पटना नगर निगम के अपर आयुक्त आशीष कुमार को बराह का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।इसी तरह, सीआईडी में तैनात पुलिस उपाधीक्षक आनंद कुमार सिंह को एसडीपीओ-बराह-1 और एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक आयुष श्रीवास्तव को एसडीपीओ बराह-2 बनाया गया है। -
नई दिल्ली। प्रख्यात वैज्ञानिक अंकथी राजू को रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला हैदराबाद का निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने भारतीय प्रक्षेपास्त्र विकास प्रयोगशाला के निदेशक का भी पदभार ग्रहण किया है। श्री अंकथी राजू ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, हैदराबाद से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई और आई.आई.टी. बंबई से वैमानिकी इंजीनियरिंग में एम.टेक किया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले तीन दशक में, श्री राजू ने ठोस ईंधन डक्टेड रैमजेट प्रोपल्जन प्रणाली के सफल प्रदर्शन, मिसाइलों के लिए लिक्विड प्रोपल्जन प्रणालियों के डिजाइन और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिसमें पृथ्वी, अग्नि, पी.ए.डी., पी.डी.वी., मिशन शक्ति, प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली, वायु रक्षा के इंटरसेप्टर और एक्सियल फ्लो कंप्रेसर का डिजाइन और विकास शामिल है।आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान प्रयोगशाला के निदेशक के रूप में श्री राजू ने उन्नत रॉकेट प्रणाली, गाइडेड पिनाका और उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम के डिज़ाइन और विकास का नेतृत्व किया। श्री राजू को डी.आर.डी.ओ. अग्नि उत्कृष्टता पुरस्कार और तेलंगाना सरकार की ओर से सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार दिया गया है। - देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि पिछले चार साल में प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अगले एक साल में यह आंकड़ा 36 से 38 हजार तक पहुंच जाएगा। उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की शुरूआत पर यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले चार साल में 26 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा, ''कुछ परीक्षाएं हो चुकी हैं, जिनका परीक्षाफल घोषित होना है। यह सब मिलाकर अगले एक साल के अंदर 10—12 हजार भर्तियां और की जाएंगी।'' धामी ने कहा कि नौ नवंबर को उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है और राज्य की उपलब्धियों के बारे में बताने का यह सबसे सही समय है। उन्होंने इस संबंध में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने, सशक्त भूमि कानून, जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, नकल विरोधी कानून, राज्य के लिए आंदोलन करने वालों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत तथा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 2023 में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद से अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड बनाया गया है । उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के बाद से अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुंना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 2025—26 में राज्य के इतिहास में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अंत्योदय योजना के तहत 1.85 लाख परिवारों को साल में तीन रसोई गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं, जबकि 1.65 लाख महिलाएं लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ भव्य और दिव्य रूप ले रहा है और एक साल के अंदर वहां सभी निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार बदरीनाथ में 300 करोड़ रुपये की धनराशि से मास्टर प्लान का काम हो रहा है, जबकि केदारनाथ और हेमकुंड जाने के लिए रोपवे का निर्माण भी शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि कुमांऊ के 48 पौराणिक मंदिरों और गुरूद्वारों को एक सर्किट के रूप में जोड़कर उनके निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है और दिल्ली—देहरादून एलीवेटेड रोड का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर दो—ढाई घंटे का रह जाएगा। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम भी 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
- जमशेदपुर/सरायकेला (झारखंड),। झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से एक रेलवे कर्मचारी समेत दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। चक्रधरपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य कुमार चौधरी ने कहा कि देवघर के मूल निवासी रेलवे इंजीनियर मनोज दास (45) की शुक्रवार को सरायकेला-खरसावां जिले के सीनी और गम्हरिया स्टेशनों के बीच बीरबांस के पास राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। चौधरी ने ' बताया, "हमने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मृतक कर्मचारी के परिजनों को मुआवजा दे दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह डाउन लाइन पर काम कर रहा था और इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया।" सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज गया और उसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। गम्हरिया के रहने वाले दास आदित्यपुर रेलवे स्टेशन पर तैनात थे।पूर्वी सिंहभूम जिले में एक अन्य घटना में चाकुलिया निवासी संतोष दास (34) बृहस्पतिवार रात चाकुलिया और कनिमोहुली रेलवे स्टेशनों के बीच हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। चाकुलिया राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शुक्रवार सुबह शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। file photo
- जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शनिवार को कहा कि संगठन पर सिर्फ इसलिए प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता क्योंकि कोई ऐसा चाहता है। साथ ही कहा कि ऐसी मांग करने वालों को अतीत से सीखना चाहिए। आरएसएस की यहां तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी बैठक के समापन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, होसबाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि संघ को प्रतिबंधित कर देना चाहिए। होसबाले ने कहा, ‘‘पहले भी तीन बार ऐसे प्रयास किए गए हैं। तब समाज ने क्या कहा था? अदालत ने क्या कहा था? इन सबके बावजूद संघ का काम बढ़ता रहा। प्रतिबंध लगाने के लिए वैध कारण होने चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि कोई ऐसा चाहता है। भारत की एकता, सुरक्षा और संस्कृति के लिए काम करने वाले संगठन को कोई नेता कहता है कि प्रतिबंधित कर देना चाहिए, तो उसे इसका कारण भी बताना चाहिए।'' संघ नेता ने कहा कि समाज ने आरएसएस को स्वीकार कर लिया है, और ‘‘सरकारी व्यवस्था'' ने भी फैसला सुनाया है कि ऐसे प्रतिबंध गलत थे। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग अब प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं, उन्हें पिछले अनुभवों से सीखना चाहिए।''शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएसएस को फिर से प्रतिबंधित करने के सवाल पर, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा था, ‘‘यह मेरी निजी राय है, और मैं इसे खुले तौर पर कहूंगा, ऐसा होना चाहिए।'' उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्यादातर कानून और व्यवस्था की समस्याएं भाजपा और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं। इस बीच, जब पूछा गया कि क्या आरएसएस की बैठक में बिहार या पश्चिम बंगाल चुनावों पर चर्चा हुई, तो होसबाले ने कहा कि बिहार चुनावों पर कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन संघ का रुख साफ है कि लोगों को बड़ी संख्या में वोट देना चाहिए। देश और समाज से जुड़े मुद्दों पर वोट देना चाहिए, न कि जाति या पैसे के आधार पर। पश्चिम बंगाल को लेकर होसबाले ने कहा कि इस बैठक में वहां की स्थिति पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस पर पहले चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘वहां हालात गंभीर हैं। पिछली बैठक में बंगाल पर एक प्रस्ताव पास किया गया था। राज्य में संघ का काम बढ़ रहा है, लेकिन पिछले चुनावों के बाद राजनीतिक नेतृत्व और मुख्यमंत्री की वजह से द्वेष और नफरत फैली है।'' आरएसएस नेता ने कहा कि बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है और बांग्लादेश से आने वाले लोगों का बोझ झेल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर राजनीतिक नेतृत्व इस खतरे को खत्म करने में नाकाम रहता है, तो कभी भारत का नेतृत्व करने वाले राज्य बंगाल को अस्थिरता और हिंसा के माहौल में रखना देश के साथ अन्याय होगा।'' उन्होंने कहा कि आरएसएस के कार्यकर्ता बंगाल में सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर होसबाले ने कहा कि इसे समय-समय पर अद्यतन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सूचियों को बेहतर बनाया जाना चाहिए। इसमें क्या दिक्कत है? अगर किसी को इसकी प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है, तो वे निर्वाचन आयोग के सामने अपनी बात रख सकते हैं।''
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत तीन ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ खिताब हासिल करने पर पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जन आंदोलन महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और गति प्रदान करते हैं। इस उपलब्धि के बारे में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए शनिवार को पीएम मोदी ने कहा, “इस तरह की पहल बेहद सराहनीय है। इस तरह के जन आंदोलन हमारे महिला सशक्तिकरण प्रयासों को गति प्रदान करते हैं और हमारी नारी शक्ति के जीवन पर परिवर्तनकारी प्रभाव डालते हैं।”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ (एसएनएसपीए) के तहत तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड खिताब हासिल किए हैं, जो निवारक और महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की अद्वितीय प्रतिबद्धता को मान्यता देते हैं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक महीने में स्वास्थ्य देखभाल प्लेटफॉर्म पर 3.21 करोड़ से अधिक पंजीकरण से पहला ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ बना। दूसरा रिकॉर्ड एक हफ्ते में स्तन कैंसर की ऑनलाइन स्क्रीनिंग के लिए 9.94 लाख से अधिक लोगों के साइन-अप के साथ बना। वहीं, राज्य स्तर पर एक सप्ताह में महत्वपूर्ण संकेतों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग के लिए साइन अप करने वालों की संख्या सबसे अधिक (1.25 लाख से अधिक) थी, जिससे ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का तीसरा खिताब हासिल हुआ।प्रधानमंत्री मोदी ने पोषण माह के साथ-साथ 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले राष्ट्रव्यापी अभियान ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ का भी शुभारंभ किया था। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाना है, जिससे किसी भी कमी या बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सके, जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित हो और एक मजबूत व स्वस्थ भारत के लिए परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सशक्त बनाया जा सके।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, देशभर के प्रत्येक जिले तक पहुंचते हुए यह अभियान 19.7 लाख स्वास्थ्य शिविरों के साथ एक अभूतपूर्व पैमाने तक पहुंचा, जिसमें सभी स्वास्थ्य सेवा प्लेटफार्मों पर 11 करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए। इस अभियान में 20 से ज्यादा मंत्रालयों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिनमें केंद्र सरकार के संस्थान, मेडिकल कॉलेज और निजी संगठन शामिल थे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और सभी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भी भाग लिया, जिससे यह एक ‘संपूर्ण सरकार’ अभियान बना।
- नई दिल्ली। नए महीने की शुरुआत के साथ ही शनिवार को भारतीय नागरिकों की पहचान से जुड़े सरकारी डॉक्यूमेंट आधार कार्ड को लेकर भी नियम बदल गए हैं। नियमों में नए बदलाव के साथ अब आधार कार्डधारक को आधार कार्ड में किसी बदलाव के लिए आधार कार्ड सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अनुसार, यूजर्स के लिए प्रक्रिया को आसान और सहज बनाने के लिए अब आधार कार्डधारक की डेमोग्राफिक जानकारियों को ऑनलाइन ही अपडेट करवाया जा सकेगा। आधार कार्डधारक अब अपने नाम, एड्रेस, डेथ ऑफ बर्थ और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों को ऑनलाइन ही अपडेट कर सकेंगे।इसके अलावा, आधार कार्डधारकों को 31 दिसंबर, 2025 से पहले उनका पैन कार्ड आधार से लिंक करवाना आवश्यक होगा।यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, फिंगरप्रिंट और फोटो के बायोमैट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपए फीस के रूप में भुगतान करने होंगे। हालांकि, अगर आधार कार्डधारक की उम्र 5-7 वर्ष है और यह अपडेट पहली बार करवाया जा रहा है तो सर्विस निशुल्क रहेगी। इसी तरह, 15-17 वर्ष के कार्डधारकों को दो बार अपडेट करवाने की स्थिति में भी किसी तरह का कोई भुगतान नहीं करना होगा।इसके अलावा, अगर कार्डधारक एनरोलमेंट नंबर, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ, एड्रेस, मोबाइल और ईमेल एड्रेस को लेकर डेमोग्रैफिक अपडेट करवाता है तो बायोमैट्रिक अपडेट के साथ यह निशुल्क होगा और अलग से करवाने पर 75 रुपए फीस के रूप में भुगतान करनी होगी।आधार कार्डधारक अपनी पहचान और एड्रेस से जुड़े प्रमाण या नाम, जेंडर और डीओबी के लिए डॉक्यूमेंट को आधार पोर्टल पर बिना किसी शुल्क के सबमिट कर सकता है। हालांकि, यह सुविधा 14 जून 2026 तक ही निशुल्क रहेगी।आधार रिप्रिंट करवाने के लिए अब 40 रुपए फी के रूप में भुगतान करने होंगे। इसके अलावा, आधार कार्ड के लिए पहले एप्लीकेंट के लिए होम एनरोलमेंट सर्विस का चार्ज 700 रुपए होगा। इसी पते पर अन्य व्यक्तियों के लिए यह चार्ज 350 रुपए प्रति व्यक्ति होगा।
- नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन तीन नवंबर से चार नवंबर, 2025 तक केरल की दो दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उपराष्ट्रपति की केरल की पहली यात्रा होगी।इस यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति 3 नवंबर, 2025 को कोल्लम स्थित उपराष्ट्रपति फातिमा माता राष्ट्रीय महाविद्यालय के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस क्षेत्र के अग्रणी उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक, फातिमा माता राष्ट्रीय महाविद्यालय अपनी शैक्षणिक सेवा के 75 वर्ष पूरे कर रहा है।श्री सी. पी. राधाकृष्णन उसी दिन कोल्लम में फेडरेशन ऑफ इंडियन कॉयर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (एफआईसीईए) के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे। एफआईसीईए के अंतर्गत देश के सभी कॉयर निर्यातक संघ आते हैं।उपराष्ट्रपति चार नवंबर, 2025 को तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी का दौरा करेंगे। श्री चित्रा तिरुनल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी), भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यह संस्थान उच्च गुणवत्ता वाली रोगी देखभाल, औद्योगिक महत्व की प्रौद्योगिकी विकास और सामाजिक प्रासंगिकता वाले स्वास्थ्य अनुसंधान अध्ययनों पर केंद्रित है।
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श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश). भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि 4,000 किलोग्राम से ज़्यादा वज़नी संचार उपग्रह सीएमएस-03 के प्रक्षेपण के लिए 24 घंटे की उल्टी गिनती शनिवार को शुरू हो गई। अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि लगभग 4,410 किलोग्राम वज़नी यह उपग्रह भारतीय धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में प्रक्षेपित होने वाला सबसे भारी उपग्रह होगा। यह अंतरिक्ष यान एलवीएम3-एम5 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किया जाएगा, जिसे इसकी भारी भारोत्तोलन क्षमता के लिए 'बाहुबली' नाम दिया गया है। इसरो ने शनिवार को बताया कि प्रक्षेपण यान को पूरी तरह से असेंबल और अंतरिक्ष यान के साथ एकीकृत कर दिया गया है और इसे प्रक्षेपण-पूर्व कार्यों के लिए यहां दूसरे लॉन्च पैड पर ले जाया गया है। बाद में एक सोशल मीडिया पोस्ट में, इसरो ने कहा, ‘‘उल्टी गिनती शुरू!! अंतिम तैयारियां पूरी हो गई हैं और एलवीएम3-एम5 (मिशन) के लिए उल्टी गिनती आधिकारिक तौर पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में शुरू हो गई है।'' अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम प्रक्षेपण के करीब पहुंच रहे हैं, सभी प्रणालियां तैयार हैं।'' इसरो ने कहा कि एलवीएम3 (प्रक्षेपण यान मार्क-3) इसरो का नया प्रक्षेपण यान है और इसका उपयोग 4,000 किलोग्राम के अंतरिक्ष यान को जीटीओ में स्थापित करने के लिए किया जाता है।
- नयी दिल्ली.। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में कानून के शासन और नौवहन की स्वतंत्रता पर भारत का जोर किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए है। राजनाथ की यह टिप्पणी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में आई है। कुआलालंपुर में आसियान के सदस्य देशों और समूह के वार्ता साझेदारों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि भारत का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र खुला, समावेशी और किसी भी तरह के “दबाव” से मुक्त होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के प्रत्येक राष्ट्र की संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए “सामूहिक सुरक्षा” का दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। राजनाथ ने कहा, “कानून के शासन पर भारत का जोर, खास तौर पर संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के पालन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन एवं उड़ान की स्वतंत्रता की उसकी वकालत, किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी क्षेत्रीय हितधारकों के सामूहिक हितों की रक्षा के लिए है।” उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब आसियान के कई सदस्य और लोकतांत्रिक देश विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच यूएनसीएलओएस के लगातार पालन की मांग कर रहे हैं। आसियान रक्षा मंत्रियों के मीटिंग प्लस (एडीएमएम-प्लस) सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के साथ भारत के रणनीतिक संबंध लेन-देन की प्रवृत्ति के नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक और सिद्धांत-आधारित हैं तथा इस साझा विश्वास पर केंद्रित हैं कि क्षेत्र को खुला, समावेशी एवं “दबाव” मुक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा, “भविष्य की सुरक्षा केवल सैन्य क्षमताओं पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि साझा संसाधनों के प्रबंधन, डिजिटल एवं भौतिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और मानवीय संकटों के प्रति सामूहिक प्रतिक्रिया पर भी निर्भर करेगी।” रक्षा मंत्री ने कहा कि एडीएमएम-प्लस सम्मेलन रणनीतिक संवाद को व्यावहारिक परिणामों से जोड़ने और क्षेत्र को शांति एवं साझा समृद्धि की ओर ले जाने वाला सेतु बन सकता है। उन्होंने कहा, “भारत इस ढांचे में अपनी भूमिका को साझेदारी और सहयोग की भावना के नजरिये से देखता है। हमारा दृष्टिकोण लेन-देन वाला नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और सिद्धांत-आधारित है।” राजनाथ ने कहा, “हमारा मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र खुला, समावेशी और किसी भी तरह के दबाव से मुक्त होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “आइए हम सब मिलकर आसियान के नेतृत्व वाले समावेशी क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की रक्षा और मजबूती के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें, जिसने हमारे क्षेत्र की बहुत सराहनीय सेवा की है।” एडीएमएम-प्लस एक मंच है, जिसमें आसियान के 11 सदस्य देशों-ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम के अलावा समूह के आठ वार्ता साझेदार-भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस तथा अमेरिका शामिल हैं। राजनाथ ने कहा कि भारत आपसी हितों के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, संवाद को बढ़ावा देने और मजबूत क्षेत्रीय तंत्र के जरिये शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “पिछले 15 वर्षों का अनुभव हमें कुछ बातें स्पष्ट रूप से सिखाता है, जैसे-समावेशी सहयोग प्रभावी होता है; क्षेत्रीय नियंत्रण वैधता लाता है और सामूहिक सुरक्षा हर व्यक्ति की व्यक्तिगत संप्रभुता को मजबूत करती है।” रक्षा मंत्री ने कहा, “आने वाले वर्षों में यही सिद्धांत एडीएमएम-प्लस और आसियान के प्रति भारत के दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करते रहेंगे।” उन्होंने कहा कि भारत अपने ‘महासागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) दृष्टिकोण की भावना के अनुरूप इस प्रयास में रचनात्मक योगदान जारी रखने के लिए तैयार है। राजनाथ ने कहा, “भारत आसियान और एडीएमएम-प्लस देशों के साथ अपने रक्षा सहयोग को क्षेत्रीय शांति, स्थिरता तथा क्षमता निर्माण में योगदान के रूप में देखता है।” उन्होंने कहा कि एडीएमएम-प्लस ने पिछले 15 वर्षों में यह साबित कर दिया है कि विश्वास, समावेशिता और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित सहयोग न केवल आवश्यक है, बल्कि संभव भी है। राजनाथ ने कहा, “अब, इसके अगले चरण को इन पैमानों के अनुरूप उभरती वास्तविकताओं के हिसाब से ढलना होगा।” उन्होंने कहा, “एडीएमएम-प्लस का उदय हमारे क्षेत्र की बदलती सुरक्षा वास्तविकताओं को दर्शाता है। अब यह मंच साइबर खतरों, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे नये क्षेत्रों में भी सक्रिय है।” राजनाथ ने कहा, “इस मंच ने यह साबित कर दिया है कि गैर-पारंपरिक सुरक्षा सहयोग राष्ट्रों के बीच विश्वास निर्माण का एक प्रभावी जरिया हो सकता है।” उन्होंने कहा कि भारत के लिए एडीएमएम-प्लस उसकी ‘एक्ट ईस्ट' नीति और व्यापक हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा है। एडीएमएम-प्लस, आसियान के व्यापक ढांचे के अंतर्गत एक प्रमुख मंच है। भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और एडीएमएम-प्लस का पहला सम्मेलन अक्टूबर 2010 में हनोई में आयोजित किया गया। राजनाथ ने कहा, “भारत ने जलवायु लचीलेपन को रक्षा सहयोग में एकीकृत करने की आवश्यकता पर हमेशा बल दिया है। पर्यावरणीय तनाव, संसाधनों की कमी और संघर्ष के बीच संबंध इस विषय को क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंडे का एक अनिवार्य घटक बनाता है।” उन्होंने कहा कि भारत का हिंद-प्रशांत सुरक्षा दृष्टिकोण रक्षा सहयोग को आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी साझाकरण और मानव संसाधन की प्रगति से जोड़ता है। रक्षा मंत्री ने कहा, “सुरक्षा, विकास और स्थिरता के बीच परस्पर संबंधों की यह मजबूत कड़ी भारत और आसियान के बीच साझेदारी की मूल भावना है।” उन्होंने कहा कि मलेशिया की अध्यक्षता में “समावेशिता और स्थिरता” पर आसियान का जोर बेहद प्रासंगिक और समयानुकूल है। राजनाथ ने कहा, “सुरक्षा के संदर्भ में समावेशिता का अर्थ है कि सभी देश, चाहे उनका आकार या क्षमता कुछ भी हो, क्षेत्रीय व्यवस्था के निर्माण में समान भागीदार बनें और इससे लाभान्वित हों।” उन्होंने कहा, “स्थायित्व का अर्थ ऐसा सुरक्षा ढांचा बनाना है, जो झटकों के प्रति लचीला हो, नयी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो और अल्पकालिक संरेखण के बजाय दीर्घकालिक सहयोग पर आधारित हो।” राजनाथ ने सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग, न्यूजीलैंड की रक्षा मंत्री जूडिथ कोलिंस, वियतनाम के रक्षा मंत्री फान वान गियांग और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आह्न ग्यू-बैक के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।
- नोएडा (उप्र) .जनपद गौतमबुद्ध नगर के थाना दादरी क्षेत्र में शनिवार शाम को एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि शनिवार की शाम को हायर कंपनी के पास एक ट्रक चालक ने तेजी और लापरवाही से वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे तीन युवकों - मोंटू (19), श्वेत (19) तथा रोहित (20) को टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि तीनों युवक गांव शेरपुर जनपद बुलंदशहर के रहने वाले थे।मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस घटना में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक मनीष को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- मुंबई । राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) पर कोलंबो (श्रीलंका) से आई एक महिला यात्री से 4.7 किलोग्राम कोकीन जब्त की है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 47 करोड़ रुपये है।एक विशिष्ट सूचना के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने इस महिला यात्री के आते ही उसे रोक लिया और उसके सामान की गहन जांच की। जांच के दौरान, कॉफी के पैकेटों के अंदर चालाकी से छिपाए गए एक सफेद पाउडर जैसे पदार्थ के नौ पाउच मिले। एनडीपीएस फील्ड किट से प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ के कोकीन होने की पुष्टि हुई।तत्क्षण और समन्वित कार्रवाई करते हुए डीआरआई ने सिंडिकेट के चार और लोगों को गिरफ्तार किया—एक वह जो इस कोकीन का खेप लेने हवाई अड्डे पर आया था और तीन अन्य जो तस्करी किए गए इस नशीले पदार्थों के वित्तपोषण, लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्क से जुड़े थे। सभी पांचों आरोपियों को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।डीआरआई द्वारा हाल ही में की गई कुछ जब्तियां चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती हैं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट तेजी से भारतीय महिलाओं का कूरियर के रूप में शोषण कर रहे हैं, तथा तस्करी को छिपाने और जांच में इसका पता लग जाने से बचने के लिए खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं में मादक पदार्थ छिपा रहे हैं।तस्करी की कोशिश को अंजाम देने वाले व्यापक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है। डीआरआई ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने के अपने मिशन पर अडिग है और मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को लगातार बाधित करके और भारत के युवाओं, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करके "नशा मुक्त भारत" के दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार कोनई दिल्ली में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 73वें स्थापना दिवस समारोह में कर्मचारी नामांकन योजना-2025 का शुभारंभ किया। यह योजना स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने हेतु भारत सरकार की एक विशेष पहल है।कर्मचारी नामांकन योजना-2025, नियोक्ताओं को 1 जुलाई, 2017 से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच ईपीएफ कवरेज से छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से नामांकित करने और कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत उनके पिछले अनुपालन को नियमित करने के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करती है।इसका उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना, सार्वभौमिक ईपीएफ समावेशन सुनिश्चित करना और पूर्व नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह योजना 1 नवंबर, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक छह महीने के लिए खुली रहेगी।इस योजना के तहत सभी प्रतिष्ठान, मौजूदा ईपीएफ कवरेज स्थिति पर ध्यान दिए बिना, ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से 01.07.2017 और 31.10.2025 के बीच नियुक्त किसी भी कर्मचारी की घोषणा कर सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों के संबंध में, यदि पहले कटौती नहीं की गई है, तो घोषित अवधि के लिए कर्मचारी का हिस्सा माफ कर दिया गया है। नियोक्ता का दायित्व नियोक्ता के हिस्से, ब्याज (धारा 7Q), प्रशासनिक शुल्क और ₹100 दंडात्मक हर्जाने के भुगतान तक सीमित है। तीनों ईपीएफ योजनाओं में प्रति प्रतिष्ठान ₹100 का एकमुश्त जुर्माना अनुपालन माना जाएगा।ईपीएस-1995 की धारा 7ए, पैरा 26बी, या पैरा 8 के अंतर्गत पूछताछ का सामना कर रहे प्रतिष्ठान पात्र बने रहेंगे और क्षतिपूर्ति की सीमा ₹100 तक होगी। ईपीएफओ द्वारा कोई स्वतः अनुपालन कार्रवाई नहीं की जाएगी।इस योजना से नियोक्ताओं के लिए पिछली भूल को नियमित करने के सरलीकरण के माध्यम से व्यापक ईपीएफ कवरेज और कार्यबल के औपचारिकीकरण में सुविधा होने की उम्मीद है। यह "सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा" के लक्ष्य को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है कि प्रत्येक कर्मचारी भारत के संगठित सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क का हिस्सा बने।
- मुंबईi नवी मुंबई के खारघर में जल्द ही एक नया हज हाउस बनकर तैयार होगा। यह परियोजना अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा हज अवसंरचना के आधुनिकीकरण और हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में एक बड़ा कदम है।अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव, डॉ. चन्द्र शेखर कुमार ने भारतीय हज समिति (एचसीओआई) और केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ खारघर में नए हज हाउस के प्रस्तावित स्थल का दौरा किया।सचिव ने अपने दौरे में आगामी सुविधा के लेआउट एवं डिज़ाइन योजना की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों के साथ परियोजना के कार्यान्वयन की समय-सीमा एवं तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरे में संपर्क, रसद एवं सुविधाओं पर भी चर्चा हुई जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि नए हज हाउस में हज यात्रियों की आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।इससे पहले, सचिव ने मुंबई में भारतीय हज समिति, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में अगामी हज 2026 की तैयारियों पर चर्चा हुई, जिसमें मुंबई स्थित मौजूदा हज हाउस का संरचनात्मक ऑडिट एवं सुधार शामिल था। चर्चा में यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि सभी हितधारकों के बीच सहज समन्वय स्थापित हो जिससे हज यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध तीर्थयात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।बैठक में कुछ अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) और प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) की समीक्षा भी की गई। सचिव ने समय पर कार्यान्वयन, संसाधन का इष्टतम उपयोग और अल्पसंख्यक समुदायों को लाभान्वित करने वाले मापनीय परिणामों के महत्व पर बल दिया।अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय हज संचालन के लिए अवसंरचना को मजबूत करने के कार्य को जारी रखते हुए पूरे देश में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए समावेशी विकास एवं सशक्तिकरण पहल को आगे बढ़ा रहा है।







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