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- नई दिल्ली। भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की मौजूदगी में हुआ। दोनों नेताओं ने गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल की साझेदारी का स्वागत किया। इस परियोजना को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री रॉब जेटन और मैंने भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए टाटा और एएसएमएल के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होते देखे। एएसएमएल, गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की आगामी सेमीकंडक्टर सुविधा की स्थापना और विस्तार में सहयोग करेगा।”क्रिस्टोफ़ फ़ूके ने कहा कि भारत के लिए सेमीकंडक्टर अब एक स्पष्ट प्राथमिकता बन चुका है और टाटा देश का पहला सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने जा रही कंपनी है। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के तहत एएसएमएल, टाटा को उत्पाद, तकनीक और विशेषज्ञ मानव संसाधन के स्तर पर सहयोग देगा, ताकि पहले फैब के लिए सर्वश्रेष्ठ लिथोग्राफी समाधान उपलब्ध कराया जा सके।प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस संबंधों के मजबूत होने का स्वागत किया और भारतीय अर्थव्यवस्था में डच कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की। उन्होंने हालिया आर्थिक सुधारों और नीतिगत पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कारोबार सुगमता बढ़ाने और स्थिर, पारदर्शी एवं भरोसेमंद नीति वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।पीएम मोदी ने डच कंपनियों को समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत में निवेश के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।बैठक में ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और तकनीक समेत कई क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ भी शामिल हुए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत सरकार के सुधार एजेंडे की सराहना करते हुए भारत में अपने विस्तार की योजनाएं साझा कीं।
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शुभेंदु अधिकारी के सहायक की हत्या का मामला
नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रकांत रथ की हत्या के मामले में शनिवार को यहां कई स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान शुक्रवार देर रात शुरू हुआ, जो शनिवार तड़के तक जारी रहा।
सीबीआई ने राज्य सरकार के अनुरोध पर चंद्रकांत रथ हत्याकांड की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में ली है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी ने दिल्ली से विशेष अपराध शाखा के एक उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के नेतृत्व में सात-सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसमें एजेंसी की विभिन्न इकाइयों से चुने गए अनुभवी जांच अधिकारी शामिल हैं। यह टीम कोलकाता स्थित संयुक्त निदेशक को रिपोर्ट सौंपेगी।
शुभेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद छह मई को मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना मध्यग्राम क्षेत्र के दोहरिया इलाके में हुई थी। राज्य पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। दो आरोपियों- मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य- को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया गया, जबकि तीसरे आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से रविवार को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले विस्तृत रेकी की थी। -
नरसन्नापेटा (आंध्र प्रदेश).आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को राज्य में घटती जनसंख्या को रोकने के प्रयासों के तहत तीसरे बच्चे के जन्म पर 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये के प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेटा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लिया है और एक महीने के भीतर इसके बारे में विस्तृत जानकारी देगी। नायडू ने स्वर्ण आंध्र-स्वच्छ आंध्र स्वच्छता कार्यक्रम से इतर एक अन्य कार्यक्रम में कहा, ''मैंने एक नया निर्णय लिया है। हम तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये देंगे। क्या यह सही निर्णय नहीं है?'' हालांकि, उन्होंने पहले जनसंख्या नियंत्रण उपायों की वकालत की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज जन्म दर बढ़ाने के लिए मिलकर काम करे। नायडू की यह नवीनतम घोषणा दूसरे बच्चे के जन्म पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देने के पहले के प्रस्ताव के बाद आई है। पांच मार्च को मुख्यमंत्री ने विधानसभा को सूचित किया था कि राज्य सरकार दूसरे बच्चे के जन्म पर दंपतियों को 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है। नायडू के अनुसार, कुछ दंपति आय बढ़ने के कारण केवल एक ही संतान रखना पसंद कर रहे हैं, जबकि अन्य दंपति दूसरी संतान तभी चाहते हैं जब उनका पहला बच्चा लड़का न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके परिणामस्वरूप राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर घट रही है। उन्होंने प्रतिस्थापन स्तर को बरकरार रखने के महत्व पर जोर देते हुए कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को 2.1 करने पर बल दिया। नायडू ने कहा कि जनसंख्या तभी स्थिर रहती है जब औसत प्रजनन दर प्रति महिला 2.1 बच्चे हो।
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गोरखपुर. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और लोकमंगल की कामना की। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी ने गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी योगी कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय मंत्री को सम्मानस्वरूप 'शिवगोरक्ष' अंगवस्त्र भेंट किया।
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नई दिल्ली। ऐतिहासिक और धर्म नगरी के रूप में चर्चित बिहार के राजगीर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मलमास मेला 2026 के शुभारंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कल यानी रविवार को ब्रह्मकुंड परिसर स्थित यज्ञशाला में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले का आगाज होगा।
उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार राजगीर आ रहे हैं; उनके आगमन को लेकर व्यापक तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। मेला उद्घाटन स्थल को पूरी तरह से व्यवस्थित और सुसज्जित किया जा रहा है। मेला का उद्घाटन ध्वज स्थल के सटे यज्ञ स्थल के पास बड़े हॉल में आयोजित किया जाएगा।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आगमन को लेकर यहां के विभिन्न सड़कों की बैरिकेडिंग की जा रही है। मेला 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, इस दौरान पूरे राजगीर में धार्मिक वातावरण बना रहता है। प्रत्येक दिन लाखों श्रद्धालु और तीर्थयात्री यहां के विभिन्न कुंड में स्नान, ध्यान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना और दान करते हैं। बताया गया कि मेला के प्रथम दिन, 17 मई को प्रातः 6:30 बजे से 9 बजे तक तीर्थ पूजन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा।इसके बाद सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा ब्रह्मकुंड परिसर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं सप्तधारा परिसर में ध्वज पूजा की जाएगी। साथ ही सरस्वती कुंड परिसर में उद्घाटन समारोह एवं संध्या गंगा महाआरती का आयोजन होगा। ध्वजारोहण कार्यक्रम में स्वामी वासुदेवाचार्य, करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज सहित कई संत-महात्मा शामिल होंगे। कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं विजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधान परिषद सदस्य रीना यादव तथा नगर परिषद सभापति भी मौजूद रहेंगे। मलमास मेला के दौरान विभिन्न शुभ तिथियों पर मुख्य शाही स्नान का आयोजन किया जाएगा। पंडा समिति के अध्यक्ष विकास कुमार उपाध्याय ने बताया कि इसके अलावा सप्ताह में तीन दिन तथा मुख्य अवसरों पर विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. सीबीएसई ने एक जुलाई से कक्षा नौ के छात्रों के लिए कम से कम दो मूल भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। सीबीएसई द्वारा जारी एक परिपत्र से यह जानकारी मिली। यह कदम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा अपनी अध्ययन योजना को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या प्रारूप (एनसीएफ-एसई)-2023 के अनुरूप करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यह परिपपत्र 15 मई को जारी किया गया। परिपत्र के अनुसार विदेशी भाषा का चयन करने वाले छात्र दो भारतीय मूल भाषाओं का अध्ययन करने के बाद ही इसका तीसरी भाषा के रूप में या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में चयन कर सकते हैं। परिपत्र में कहा गया है, ''एक जुलाई, 2026 से कक्षा नौ के लिए तीन भाषाओं (आर1, आर2, आर3) का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो मूल भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।'' सीबीएसई ने कहा कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करने और सीखने पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए कक्षा 10 में आर3 के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसमें कहा गया है, ''आर3 के सभी मूल्यांकन पूरी तरह से विद्यालय-आधारित और आंतरिक होंगे। आर3 में छात्रों का प्रदर्शन सीबीएसई प्रमाणपत्र में विधिवत रूप से दर्शाया जाएगा। यह स्पष्ट किया जाता है कि आर3 के कारण किसी भी छात्र को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। आंतरिक मूल्यांकन के लिए नमूना प्रश्न पत्र और मानदंड बोर्ड द्वारा शीघ्र ही साझा किए जाएंगे।'' इसमें आगे कहा गया है। बोर्ड ने विद्यालयों से 30 जून तक ओएएसआईएस पोर्टल पर कक्षा छह से नौ तक के आर3 भाषा पाठ्यक्रमों को अद्यतन करने को भी कहा है। परिपत्र में कहा गया है कि मूल भारतीय भाषा के योग्य शिक्षकों की कमी का सामना कर रहे विद्यालय अंतरिम उपाय अपना सकते हैं, जैसे कि अंतर-विद्यालय संसाधन साझाकरण, वर्चुअल या मिश्रित शिक्षण सहायता, सेवानिवृत्त भाषा शिक्षकों और योग्य स्नातकोत्तर शिक्षकों की नियुक्ति। सीबीएसई ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएनएसएन) को छूट प्रदान की जाएगी, जबकि भारत लौटने वाले विदेशी छात्रों को दो मूल भारतीय भाषाओं के अध्ययन की आवश्यकता से मामले-दर-मामले के आधार पर छूट मिल सकती है।
- नयी दिल्ली.। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह और श्री विजयपुरम सहित अंडमान द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। आईएमडी ने यह भी बताया कि अगले तीन-चार दिनों में मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। अंडमान द्वीप समूह और अंडमान सागर के शेष हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान मानसून का आगमन हो सकता है। आईएमडी ने कहा, ''क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी मानदंड पूरे हो रहे हैं।'' मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि केरल में 26 मई की सुबह दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की संभावना है। केरल में मानसून की शुरुआत आमतौर पर एक जून को होती है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) का आरंभ होता है। इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा था कि इस वर्ष मानसून के मौसम में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इसका कारण इस मौसम में अल नीनो की स्थिति का उत्पन्न होना हो सकता है, जिससे देश में कम वर्षा होती है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मादक पदार्थों के खिलाफ एकजुट वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है।विदेशों से खुफिया जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने वाली भारत की प्रमुख एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला में गृह मंत्री ने “मादक पदार्थ: एक सीमाहीन खतरा, एक सामूहिक जिम्मेदारी” विषय पर संबोधन दिया।अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2047 तक “नशामुक्त भारत” का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थों के गिरोहों को समाप्त करने के लिए रोडमैप तैयार किया है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।गृह मंत्री ने कहा कि भारत मादक पदार्थों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि एक ग्राम भी मादक पदार्थ देश में प्रवेश न कर सके और न ही भारत का उपयोग पारगमन मार्ग के रूप में किया जाए।अमित शाह ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी को केवल पुलिस या कानून-व्यवस्था का मामला मानना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इसका दीर्घकालिक असर समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि ड्रग्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और संगठित अपराध को बढ़ावा देने में किया जा रहा है, जबकि इसके मानव शरीर पर पड़ने वाले स्थायी दुष्प्रभावों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के जिम्मेदार देशों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि अभी संयुक्त प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, जब तक नियंत्रित पदार्थों की परिभाषा और तस्करी के लिए दंड मानकों पर वैश्विक सहमति नहीं बनेगी, तब तक ड्रग गिरोह विभिन्न देशों की नीतिगत कमजोरियों का फायदा उठाते रहेंगे।अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता रेखांकित करते हुए कहा कि ड्रग्स की खेप रोकने और तस्करों की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण के लिए रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत ने मित्र देशों के सहयोग से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को सफलतापूर्वक वापस देश लाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस दिशा में अभी और व्यापक प्रयास किए जाने की जरूरत है।
- नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों के दौरे पर हैं। इस यात्रा के पहले चरण में वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे। वहीं दूसरे चरण में पीएम मोदी शनिवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा, इस आधिकारिक दौरे के तहत प्रधानमंत्री की किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात होगी।पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2017 में यहां का दौरा किया था। मौजूदा दौरा भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंधों के एक अहम मोड़ पर हो रहा है और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने के लिए अपने कई देशों के कूटनीतिक दौरे के तहत शुक्रवार शाम को नीदरलैंड पहुंचे। प्रधानमंत्री के इस दौरे का ऐलान करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “गुडडेवोंड नीदरलैंड! पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंच गए हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड की कई तरह की साझेदारी को और मजबूत करने और यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का मौका देगा।”इससे पहले, प्रधानमंत्री के दौरे पर एक खास ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “पिछले कुछ सालों में व्यापार, निवेश के पारंपरिक क्षेत्र और डब्ल्यूएएच के जरूरी क्षेत्र, पानी, खेती और स्वास्थ्य, के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों में हमारी साझेदारी काफी गहरी हुई है। हाल के सालों में, तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र जैसे रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग और बढ़ा है।”लोगों के बीच संबंध भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंध का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। नीदरलैंड में 90,000 से ज्यादा नॉन-रेजिडेंट भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, साथ ही सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 200,000 से ज्यादा सदस्य भी रहते हैं। इसके अलावा, अभी देश भर की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में करीब 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ले रहे हैं।पीएम मोदी के इस दौरे का एक बड़ा और अहम एजेंडा है। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों की लगातार कोशिशों से बनी साझेदारी के नए रणनीतिक पहलुओं को मजबूती मिलेगी।--
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 21 मई को मंत्रिपरिषद की बैठक हो सकती है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस बैठक में सभी केंद्रीय मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले केंद्रीय राज्य मंत्रियों और अन्य केंद्रीय राज्य मंत्री शामिल हो सकते है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ मंत्रालयों एवं विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक पश्चिम बंगाल और असम में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार दोबारा बनने के बाद हो रही है। प्रधानमंत्री समय-समय पर प्रमुख नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए मंत्रिपरिषद की बैठकें करते रहे हैं, लेकिन 21 मई की बैठक को हालिया विधानसभा चुनावों के बाद होने के कारण राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता अपील के बावजूद 200 वाहनों की रैली निकालने को लेकर वृहस्पतिवार को राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सिंह पर अपने कार्यालय में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गयी है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपे गए सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा,''मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है और सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के विपरीत माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'' पश्चिम एशिया में संकट के बीच मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, 'कारपूलिंग', इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए घर से काम करने का सुझाव दिया था। इससे पहले भिंड भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को पार्टी ने सैकड़ों वाहनों के साथ एक रैली निकालने के लिए पद से हटा दिया था। उन्हें कुछ दिन पहले ही इस पद पर नियुक्त किया गया था।
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देहरादून. उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में चल रही चारधाम यात्रा के शुरुआती तीन सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब तक 38 तीर्थयात्रियों की मृत्यु दर्ज की गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने यह जानकारी दी। चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। एसईओसी के अनुसार, 13 मई की शाम पांच बजे तक चारधाम यात्रा के दौरान 38 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना मिली है। इनमें केदारनाथ में सबसे अधिक 21 मौतें दर्ज की गईं, जबकि बदरीनाथ में सात तथा गंगोत्री और यमुनोत्री में पांच-पांच श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई। अधिकारियों ने बताया कि ये मौतें विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं, जिनमें ऊंचाई के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां और दिल का दौरा प्रमुख हैं। यात्रा शुरू होने के बाद से चारों धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार शाम सात बजे तक कुल 12.60 लाख से अधिक तीर्थयात्री मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं।
- नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) के बीच गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग का उद्देश्य एआई-संचालित भाषा प्रौद्योगिकी के जरिए आयुष सेवाओं और ज्ञान प्रणालियों को कई भारतीय भाषाओं में सुलभ बनाना है। “भाषिणी राजयम – एक भाषिणी सहयोगी कार्यक्रम” के तहत आयुष मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म और सेवाओं में भाषिणी प्लेटफॉर्म को एकीकृत किया जाएगा। इस पहल के जरिए आयुष ग्रिड के अंतर्गत विकसित पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई-आधारित समाधान संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है।आयुष मंत्रालय स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, औषधि प्रशासन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में आयुष ग्रिड पहल के माध्यम से कार्य कर रहा है। समझौते के तहत भाषिणी की अनुवाद एपीआई, वाक् और ध्वनि तकनीकों को आयुष ग्रिड पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई टूल्स में जोड़ा जाएगा, जिससे देशभर में डिजिटल पहुंच और नागरिक सहभागिता मजबूत होगी।इस सहयोग के तहत आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी से जुड़ी डोमेन-विशिष्ट बहुभाषी शब्दावली विकसित की जाएगी। साथ ही आयुष भाषा डेटासेट को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार एआई मॉडल विकसित करने पर भी काम किया जाएगा।समझौता ज्ञापन पर आयुष मंत्रालय के निदेशक डॉ. सुबोध कुमार और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुष प्रणालियों में भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत समाहित है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय भाषा में इस ज्ञान को उपलब्ध कराना समावेशी स्वास्थ्य सेवा के लिए आवश्यक है।आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन ने कहा कि बहुभाषी एआई समाधान जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करेंगे। उन्होंने डॉक्टर-मरीज संवाद प्रणाली और एआई आधारित प्रिस्क्रिप्शन जनरेशन सिस्टम को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में परिवर्तनकारी पहल बताया।बैठक के दौरान डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन ने कई नागरिक-केंद्रित एआई समाधानों का प्रदर्शन भी किया। इनमें बहुभाषी डॉक्टर-मरीज संवाद प्रणाली, तत्क्षण मीटिंग ट्रांसक्रिप्शन, आवाज आधारित सीवी निर्माण और प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण से जुड़े उपकरण शामिल थे। इसके अलावा मानकीकृत आयुष शब्दावलियों के लिए नमस्ते पोर्टल का उपयोग करने पर भी चर्चा हुई।यह सहयोग आयुष मंत्रालय की एक समावेशी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित डिजिटल आयुष इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।--
- नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए गए। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 97.77 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इस बीच, मध्य पूर्व संकट के चलते तेल कंपनियों ने सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। शुक्रवार से सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। दिल्ली में सीएनजी की नई दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। इसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है। बढ़ती लागत और भारी नुकसान के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है।सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है। उनका कहना था कि यदि खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई में भी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।वहीं, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने जैसे उपाय अपनाने की अपील की थी। इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 रुपये प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के चलते आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में इजाफा आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालने वाला साबित होगा।
- नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अबू धाबी के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी के संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे सहयोग के खास क्षेत्र पर बातचीत करेंगे। इस दौरे से भारत और यूएई के बीच रणनीतिक और आर्थिक जुड़ाव और गहरा होने की उम्मीद है, जो खाड़ी क्षेत्र में भारत के खास साझेदार में से एक है।विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह दौरा दोनों देशों के बीच अहम व्यापार और निवेश जुड़ाव को बढ़ावा देगा।” आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा खास फोकस क्षेत्र में से एक होगा और एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के क्षेत्र में दो अहम एमओयू होने की उम्मीद है।विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूएई पिछले 25 सालों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और कुल मिलाकर निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स रहा है। यूएई में 4.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए यह दौरा उनके कल्याण के बारे में बात करने का भी एक मौका होगा।मीडिया को जानकारी देते हुए, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम), सिबी जॉर्ज ने पहले बताया कि अपने दौरे के दूसरे हिस्से में, प्रधानमंत्री नीदरलैंड जाएंगे। 2017 के बाद से यह प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का दूसरा दौरा होगा। इस दौरे के दौरान, वह किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मिलेंगे और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से बातचीत करेंगे।तीसरे चरण में, पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे और अपने स्वीडिश समकक्ष, उल्फ क्रिस्टरसन के साथ बातचीत करेंगे, ताकि दोनों देशों के संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे जा सकें।दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ इंडस्ट्री के लिए यूरोपीय राउंड टेबल को भी संबोधित करेंगे, जो पैन-यूरोपियन बिजनेस लीडर्स का एक बड़ा फोरम है। जॉर्ज ने आगे कहा कि अपनी यात्रा के चौथे हिस्से में, प्रधानमंत्री सोमवार को तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट और दो-तरफा मीटिंग के लिए नॉर्वे पहुंचेंगे।अपने दौरे के आखिरी पड़ाव में प्रधानमंत्री मंगलवार को इटली में होंगे। इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला से मिलेंगे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बातचीत करेंगे।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के बीच आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर प्रभावितों को राहत देने के आदेश दिये हैं। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा बृहस्पतिवार को 'एक्स' पर किये गये पोस्ट के अनुसार 13 मई को खराब मौसम के कारण आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि तथा आकाशीय बिजली से प्रदेश में 89 लोगों की मौत हुई है। बयान के मुताबिक इन हादसों में 53 लोग घायल हुए, 87 मकान क्षतिग्रस्त हुए और 114 मवेशी मारे गए हैं।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लेते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को आंधी तूफान के कारण हुए नुकसान का पूरी संवेदनशीलता के साथ सत्यापन कराते हुए 24 घंटे के अंदर प्रभावित परिवारों को सहायता धनराशि वितरित करने और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद स्थापित कर अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में 17, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रयागराज में जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक बुधवार को जिले में आए आंधी तूफान की वजह से कल 17 लोगों की मौत हुई है। हंडिया क्षेत्र में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन, मेजा में दो और सदर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है। भदोही में जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि जिले में बुधवार को आए आंधी-तूफान से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है। अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान के कारण पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ गए तथा कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। फतेहपुर से मिली रिपोर्ट के मुताबिक अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि फतेहपुर में तूफान जनित घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हो गए। उन्होंने कहा, "खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई है। वहीं, सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा 16 अन्य लोग घायल हो गए।" प्रतापगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बुधवार को अचानक मौसम के करवट बदलने के कारण उत्पन्न आंधी-तूफान और बारिश के बीच विभिन्न स्थानों पर सीमेंटेड शेड व दीवार गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि जिले में बुधवार को आंधी और बारिश के कारण लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में भीम यादव (25) नामक व्यक्ति की एक सीमेंट निर्मित शेड गिरने से मलबे में दब कर मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बाघ राय थाना क्षेत्र के सारी स्वामी गांव में भूषण पांडेय (56) नामक व्यक्ति की आंधी-तूफान के कारण गिरी दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई। भूकर ने बताया कि इसके अलावा आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में बाघ राय थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव में शांति देवी (46) और अंतू क्षेत्र के छतरपुर शिवाला रघना गांव निवासी लाल बहादुर (44) की मौत हो गई। कानपुर देहात से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में वर्षाजनित हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रसूलबाद के भौथारी गांव में रुचि (19) नामक युवती की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि रुचि तेज बारिश के दौरान बकरियों के साथ एक नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी तभी अचानक उस पर बिजली गिर गयी। बिजली की चपेट में आने से दर्जनों बकरियों की भी मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल के पास खड़ा 60 साल का व्यक्ति भी घायल हो गया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि मौतों और पशुधन के नुकसान के बारे में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है, और सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी। देवरिया से जिला प्रशासन के सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के भीमपुर गौरा निवासी कोमल यादव (62) की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य घटना में पथरदेवा क्षेत्र के नेरुआरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा सोनभद्र में भी बारिश के दौरान गिरे पेड़ के नीचे दबने से माधव सिंह (38) नामक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने का आदेश दिया है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा में बृहस्पतिवार को पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें से कुछ पर ''भंडार समाप्त'' का बोर्ड लगा हुआ था। हालांकि, राज्य सरकार ने दावा किया कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और यह स्थिति कुछ लोगों द्वारा घबराहट में खरीदारी करने के कारण उत्पन्न हुई है। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने यहां पत्रकारों से कहा, ''हमें इस मामले की जानकारी है। राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेगी।'' राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के अलावा कालाहांडी, केंद्रपाड़ा और अन्य स्थानों से भी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारों की खबरें सामने आईं। हालांकि सभी पेट्रोल पंपों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अवरोधक लगाए, वहीं कुछ पेट्रोल पंप ने दोपहिया वाहनों को 200 रुपये तक और चार पहिया वाहनों को 2,000 रुपये तक ही ईंधन लेने की अनुमति देकर आपूर्ति को नियंत्रित किया। 'उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन' के महासचिव संजय लाथ ने कहा कि यह एक अस्थायी दौर है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोगों से पेट्रोल तथा डीजल का उपभोग करते समय सतर्क रहने की अपील के बाद ईंधन की घबराहट भरी खरीदारी के कारण उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा, ''लोगों ने प्रधानमंत्री के मितव्ययिता संबंधी संदेश को गलत समझा है। ओडिशा में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। यहां कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।'' लाथ ने बताया कि राज्य में मौजूद 3,000 में से लगभग 100 पंप में पिछले दो-तीन दिनों में लोगों की घबराहट में अधिक खरीदारी के ईंधन भंडारण समाप्त हो गया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को अपने काफिले के आकार को घटाकर तीन गाड़ियों का कर दिया और अधिकारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'सात अपीलों' को लागू करने के उपायों के तहत उठाया गया है, जिनका उद्देश्य ईंधन का जिम्मेदारी से उपभोग करना है। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, चौहान ने विभागों से दो दिन के भीतर 'घर से काम' (डब्ल्यूएफएच) नीति पर एक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा और कर्मचारियों से 'कार पूलिंग' अपनाने का आग्रह किया। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा तभी की जाएगी जब यह बिल्कुल आवश्यक हो और अधिकांश बैठकें वर्चुअल तरीके से आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों और कर्मचारियों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने और कम से कम पांच अन्य व्यक्तियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया। कृषि के क्षेत्र में, मंत्री ने हर गांव में एक समिति गठित करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य उर्वरकों के संतुलित उपयोग और बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना होगा। चौहान ने कहा कि खाद्य तेलों का उपयोग समझदारी से किया जाना चाहिए और उन्होंने पांच-पांच परिवारों के समूहों के बीच एक जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री स्तर पर मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, और साथ ही घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि अनावश्यक विदेश यात्रा से बचा जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सरकारी बैठकों में स्थानीय उत्पादों, मोटे अनाज (मिलेट्स) और स्वदेशी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाएगी। 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारतीय ब्रांड को बढ़ावा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आईसीएआर, कृषि शिक्षा विभाग और भूमि संसाधन विभाग संयुक्त रूप से एक जन जागरूकता अभियान चलाएंगे। चौहान ने कहा, ''ये निर्णय राष्ट्र के हित में और 'विकसित भारत' के संकल्प को मजबूत करने के लिए लिए गए हैं।''
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सुरेंद्रनगर (गुजरात) . गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में बुधवार देर रात एक टैंकर से टकराने के बाद बस में आग लगने से चार यात्री जिंदा जल गए और 10 अन्य झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) एस.एस. भदौरिया ने बताया कि यह दुर्घटना देर रात करीब 1:30 बजे चोटिला-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांगानी गांव के पास हुई। उन्होंने बताया कि निजी लग्जरी बस अहमदाबाद से राजकोट की ओर जा रही थी, तभी वह अपने आगे जा रहे डामर (कोलतार) से लदे एक टैंकर से टकरा गई। टक्कर के बाद बस में भीषण आग लग गई। भदौरिया के अनुसार, बस में कम से कम 40 यात्री सवार थे, जिनमें से कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उपजिलाधिकारी एच.टी. मकवाना ने कहा, "निजी बस और डामर से भरे टैंकर के बीच हुई इस टक्कर में चार यात्री जिंदा जल गए।" पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 10 लोग झुलस गए हैं। मकवाना ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए राजकोट के सिविल अस्पताल भेजा गया है, जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए चोटिला के एक अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया।
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नई दिल्ली। थोक महंगाई दर में अप्रैल में हुई बढ़ोतरी की वजह ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में तेजी आना है, जिससे कई मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट्स की इनपुट लागत में वृद्धि हो गई है। यह जानकारी इंडस्ट्री चैम्बर की ओर से गुरुवार को दी गई। भारत में थोक महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत रही है। मार्च में यह आंकड़ा 3.88 प्रतिशत पर था।आंकड़ों के मुताबिक, प्राइमरी आर्टिकल्स में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.17 प्रतिशत रही। फ्यूल एंड पावर में महंगाई दर सालाना आधार पर 24.71 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स में महंगाई दर 4.62 प्रतिशत रही। पीएचडीसीसीआई के प्रेसिडेंट राजीव जुनेजा ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता बढ़ने के बाद भी थोक खाद्य मंहगाई दर अन्य के मुकाबले अप्रैल में कम रही है। खाद्य उत्पादों में थोक महंगाई में नरमी बनी हुई है और अप्रैल में यह सालाना आधार पर 2.31 प्रतिशत रही है।जुनेजा ने आगे कहा कि भू-राजनीतिक जोखिम में वृद्धि, आपूर्ति में व्यवधान और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति- मांग में अंतर के कारण ग्लोबल ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। आंकड़ों के मुताबिक, क्रूड पेट्रोलियम की कीमत में थोक महंगाई दर में सालाना आधार पर 88.06 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एलपीजी में थोक महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 10.92 प्रतिशत रही है।इससे पहले, सरकार ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे। भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल में सालाना आधार पर 3.48 प्रतिशत रही है, जो कि मार्च में 3.40 प्रतिशत थी। पीएचडीसीसीआई के महासचिव और सीईओ डॉ. रंजीत मेहता ने कहा, “आगे चलकर, वैश्विक ऊर्जा कीमतों, कमोडिटी बाजारों और आपूर्ति श्रृंखला की स्थितियों में होने वाले बदलाव थोक महंगाई के रुझानों के महत्वपूर्ण निर्धारक बने रहेंगे। ईंधन की लागत और मैन्युफैक्चरिंग एवं परिवहन क्षेत्रों में इसके प्रभाव पर आने वाले महीनों में बारीकी से नजर रखी जाएगी।”
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नई दिल्ली। दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने आए विदेश मंत्रियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। पहले से ही यह कार्यक्रम निर्धारित था। विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ में सबसे संयुक्त मुलाकात की। तय कार्यक्रमानुसार शाम 7 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भारत मंडपम में रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
गुरुवार सुबह बैठक में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दिल्ली पहुंचे। भारत मंडपम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुनिया भर से पधारे विदेश मंत्रियों का विधिवत स्वागत किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एस. जयशंकर ने वैश्विक मुद्दों पर भारत के स्पष्ट रुख का उल्लेख किया।उन्होंने कहा, “शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। इस जटिल और अनिश्चित दुनिया में चर्चाओं को समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। डॉ. जयशंकर ने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और इसका उपयोग सुशासन तथा समावेशी विकास के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने को लेकर भी साझा हित जुड़े हैं।”स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा और ऊर्जा ढांचे पर खतरे पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे समय में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री प्रवाह बेहद जरूरी है।बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री तथा सदस्य और भागीदार देशों के शिष्टमंडल प्रमुख भाग ले रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्ष का विषय है “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण।” यह विषय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता प्रथम और जनकेंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है।बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार, और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य लोग भाग ले रहे हैं। शुक्रवार को दूसरे दिन, ब्रिक्स संगठन के सदस्य और साझेदार देश ब्रिक्स एट 20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण विषय पर एक विशेष सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार पर चर्चा की जाएगी। - नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कारोबारी रॉबर्ट वाद्रा द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने हरियाणा के शिकोहपुर में एक भूमि सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में निचली अदालत द्वारा उन्हें तलब किए जाने के आदेश को चुनौती दी है।जांच एजेंसी के वकील ने न्यायमूर्ति मनोज जैन के समक्ष दलील दी कि वाद्रा की याचिका एक झूठे कानूनी तर्क पर आधारित है और इसलिए इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए तथा जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए।एजेंसी ने वाद्रा की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी द्वारा दी गई दलील का खंडन किया, जिन्होंने यह कहा कि ईडी के पास इस मामले की जांच करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज अपराध, उस समय धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत ‘‘अनुसूचित अपराध’’ नहीं थे।सिंघवी ने कहा कि जमीन का सौदा 2008 और 2012 के बीच हुआ था, तथा ईडी के मामले का आधार बनने वाले अपराधों को केवल 2013 तथा 2018 में अनुसूची में शामिल किया गया था।हालांकि, ईडी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का दावा गलत है और यह ‘‘कानून के हिसाब से पूरी तरह से झूठा बयान’’ है।अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख निर्धारित की और वाद्रा के वकील से ईडी के दावे पर जवाब देने को भी कहा।न्यायमूर्ति जैन ने कहा, ‘‘यदि आपका तर्क पूरी तरह से गलत है, तो हम आपकी मदद कैसे करेंगे? हम इस पर सोमवार को सुनवाई करेंगे।’’निचली अदालत ने 15 अप्रैल, 2026 को ईडी द्वारा जुलाई 2025 में दायर आरोपपत्र में उल्लिखित अपराधों का संज्ञान लिया था और वाद्रा तथा अन्य से 16 मई को अपने समक्ष पेश होने को कहा था।यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने 57 वर्षीय वाद्रा के खिलाफ आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। अप्रैल 2025 में, ईडी ने उनसे लगातार तीन दिन तक पूछताछ की थी।
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नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 की शाम को हुए कार बम धमाके में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एनआईए जांच में सामने आया है कि उमर उन नबी और अन्य डॉक्टर आतंकी संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (एजीयूएच) से जुड़े थे। उनका मकसद दिल्ली में धमाका करना नहीं था, बल्कि भारत में बड़े स्तर पर जिहादी नेटवर्क खड़ा करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देना था। उन्होंने इसको ‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ कोडनेम दिया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज गुरुवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष अदालत में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। मुख्य आरोपी उमर उन नबी की धमाके में ही मौत हो गई थी। उसके अलावा 9 अन्य आरोपियों के नाम चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।एजेंसी ने दावा किया कि दिल्ली में हुए धमाके में ‘ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड’ (टीएटीपी) विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों ने बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों से टीएटीपी जैसे विस्फोटक तैयार किए। चार्जशीट के अनुसार, मुख्य आरोपी उमर उन नबी (मृतक) समेत सभी 10 आरोपी ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (एजीयूएच) संगठन से जुड़े थे। यह संगठन ‘अल-कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) की ही एक शाखा है। जून 2018 में गृह मंत्रालय ने एक्यूआईएस और उसके सभी रूपों को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था।दरअसल, साल 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक में हुई। तुर्की के रास्ते अफगानिस्तान भागने की नाकाम कोशिश के बाद आरोपियों ने आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद’ (एजीयूएच) को फिर से संगठित करते हुए उसका नाम बदलकर ‘एजीयूएच-अंतरिम’ रख दिया था। इस नए बने संगठन की आड़ में उन्होंने ‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ शुरू किया, जिसका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना था।एनआईए की जांच से पता चला कि ‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ के तहत आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती की, एजीयूएच की हिंसक जिहादी विचारधारा का जोर-शोर से प्रचार किया। साथ ही, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जमा किया। साथ ही, बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किए। एनआईए ने यह भी पाया कि आरोपियों ने कई तरह के आईईडी बनाए थे और उनका परीक्षण भी किया था।एजेंसी ने बताया कि कुछ आरोपी पेशे से डॉक्टर थे और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर इस मॉड्यूल में शामिल हुए। उनके पास अवैध हथियार, जैसे एके-47, क्रिनकोव राइफल और देसी पिस्तौल भी मिलीं। जांच में पता चला कि वे ड्रोन और रॉकेट के जरिए विस्फोटक हमलों की तैयारी कर रहे थे।एनआईए ने दावा किया कि इन आरोपियों ने जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के मकसद से रॉकेट और ड्रोन पर आईईडी लगाकर हमले करने के प्रयोग भी किए थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने विभिन्न ऑफलाइन और ऑनलाइन स्रोतों से प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरण खरीदे थे, जिनमें एमएमओ एनोड, इलेक्ट्रिक सर्किट और स्विच जैसे विशेष उपकरण भी शामिल थे।जांच के दौरान दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में छापेमारी कर सबूत जुटाए गए। एनआईए ने डीएनए और फिंगरप्रिंटिंग के जरिए मारे गए आरोपी की पहचान उमर उन नबी के रूप में की। लाल किले के पास हुए धमाके वाली जगह के साथ-साथ फरीदाबाद स्थित ‘अल फलाह यूनिवर्सिटी’ और उसके आसपास के इलाकों व जम्मू-कश्मीर में आरोपियों की ओर से बताए गए ठिकानों पर भी जांच की गई।आरोपियों की देश के अन्य हिस्सों में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की योजना थी, जिसे इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने से नाकाम कर दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए टीम उन फरार आरोपियों का पता लगाने की भी कोशिश कर रही है, जिनकी भूमिका जांच के दौरान सामने आई थी। - नयी दिल्ली। भाजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को ‘‘अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता’’ से लिया है तथा पार्टी ने छात्रों और अभिभावकों को इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘किसी को बख्शा नहीं जाएगा, खासकर इस परीक्षा माफिया को जो हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहा है।’’ मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी, 2026 परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया।मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रवेश परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में अनिश्चितता का माहौल है।इस मुद्दे को ‘‘संवेदनशील और दुखद’’ बताते हुए पात्रा ने कहा कि यह न केवल 22 लाख छात्रों से संबंधित है, बल्कि उनके माता-पिता की भावनाओं को भी प्रभावित करता है।भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘जैसे ही भंडाफोड़ करने वाले एक व्यक्ति ने इस मुद्दे को उजागर किया, बिना किसी झिझक या टालमटोल का रवैया अपनाए बिना तुरंत कार्रवाई शुरू की गई और परीक्षा रद्द कर दी गई। सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा गया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’पात्रा ने कहा कि 2024 की नीट परीक्षा विवाद में, प्रक्रिया के अनुपालन में विफलता दर्शाने वाली कुछ आंतरिक खामियां सामने आई थीं।हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बार की गड़बड़ी ‘‘परीक्षा माफिया’’ द्वारा रची गई प्रतीत होती हैं। पात्रा ने कहा, ‘‘इस माफिया का सफाया किया जाएगा और सरकार इसे हासिल करने के लिए पूर्ण दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।’’
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की देश के नागरिकों से विदेश यात्रा न करने की अपील के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लोगों को प्रदेश के दर्शनीय स्थलों की सैर के लिए लुभाएगी। प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर लोगों की आमद बढ़ाने के लिए योगी सरकार विजिट माय स्टेट अभियान चलाएगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार हेरिटेज स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ाने पर जोर देगी। पर्यटन विभाग ने लोगों को लुभाने के लिए दो महीने तक पर्यटकों को संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश देने का भी फैसला किया है।उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए आकर्षक टूर पैकेज बनाए जाएं। प्रदेश में सबसे ज्यादा पर्यटक इन्हीं स्थानों पर आते हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ‘आपदा में अवसर’ बताते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में राज्य के हेरिटेज स्थलों, ईको साइट्स, किलों समेत अन्य स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में बढ़ावा देने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ‘पर्यटन विभाग ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से काम करेगा। उन्होंने ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान के तहत संग्रहालयों में आगामी दो माह तक निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आकर्षक और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार करने हेतु टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान कर घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। साथ ही, पर्यटकों को गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने हेतु विशेष पर्यटन व्यवस्थाएं विकसित किए जाने पर भी जोर दिया गया, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति मिल सके। साथ ही, पर्यटन महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों को भोजन एवं अन्य सेवाओं पर विशेष छूट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करें।पर्यटन मंत्री ने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि नागरिक, वेडिंग प्लानर एवं आयोजनकर्ता डेस्टिनेशन वेडिंग सहित अन्य पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रदेश के भीतर उपलब्ध विरासत स्थलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने पर्यटन विभाग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के हेरिटेज स्थल, प्राचीन किले, ईको टूरिज्म साइट्स और सांस्कृतिक परिसर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। मंत्री ने मिर्जापुर स्थित ऐतिहासिक चुनार किला एवं राजधानी लखनऊ की छतर मंजिल को शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिए।




















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