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नई दिल्ली। संसद की सुरक्षा में बुधवार को हुई सेंधमारी की घटना में शामिल छह में से पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अच्छी तरह से समन्वित, सावधानीपूर्वक रची गई साजिश के जरिए छह आरोपियों ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई। उन्होंने कहा कि सभी छह लोग एक-दूसरे को चार साल से जानते थे और उन्होंने कुछ दिन पहले साजिश रची थी। सूत्रों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया मंचों के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की थी। आरोपी सागर शर्मा और आरोपी मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कक्ष कूद गए और उन्होंने केन से पीली गैस उड़ाते हुए नारेबाजी की। हालांकि, सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया। लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर आरोपी अमोल शिंदे और आरोपी नीलम ने केन से लाल और पीले रंग का धुआं फैलाते हुए तानाशाही नहीं चलेगी आदि नारे लगाए।
सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई। पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के आतंकवादियों ने 2001 में आज ही के दिन संसद परिसर पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। आरोपी सागर, आरोपी मनोरंजन, आरोपी अमोल और आरोपी नीलम अब पुलिस हिरासत में हैं। संसद पहुंचने से पहले आरोपी विशाल के घर रुके थे और आरोपी विशाल को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया है, जबकि उनके अन्य साथी आरोपी ललित की तलाश की जा रही है। इन घटनाओं के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर संसद के आसपास के इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को दोनों घटनाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी अमोल ने बताया कि वे कथित तौर पर किसान आंदोलन, मणिपुर संकट, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से परेशान थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, उनकी विचारधारा एक थी और इसलिए उन्होंने सरकार को संदेश देने का फैसला किया।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन्हें किसी व्यक्ति या किसी संगठन ने निर्देश दिया था। आरोपी सागर, आरोपी मनोरंजन, आरोपी अमोल, आरोपी नीलम और आरोपी ललित मंगलवार रात गुरुग्राम में आरोपी विशाल के यहां रुके थे। सुबह वे संसद के लिए निकले। अधिकारी ने कहा कि आरोपी विशाल शर्मा पहले एक निर्यात कंपनी में चालक था लेकिन बाद में वह ऑटोरिक्शा चलाने लगा था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी विशाल की आरोपी पत्नी को भी हिरासत में लिया है और घटना में उसकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा ने दो बार हुई सुरक्षा चूक के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए संसद का दौरा किया। वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य इक_ा करने के लिए फॉरेंसिक दलों ने संसद का दौरा किया। -
नई दिल्ली। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और केन के जरिये धुआं फैला दिया जिसके तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा अपने स्तर पर जांच कर रही है तथा इस बारे में दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है। सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों में से एक व्यक्ति की पहचान आरोपी सागर शर्मा के रूप में हुई है। संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है। सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था। इन लोगों ने केन से सदन में धुआं फैला दिया सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने इन्हें घेर लिया। बाद में दोनों को पकड़ लिया गया। घटना के तत्काल बाद पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर बिरला ने सदस्यों से कहा, जो घटना शून्यकाल के दौरान हुई थी उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा, आरंभिक जांच से पता चला कि वह साधारण धुंआ था। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और कई सदस्यों ने सुरक्षा में चूक की इस घटना को लेकर चिंता जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुरक्षा में चूक की इस घटना के बाद अपराह्र चार बजे सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई। घटना के समय बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति अग्रवाल ने संसद भवन परिसर में बताया, हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया। फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था। फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे। एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया। इसके बाद इन्हें पकड़ लिया गया। सांसद दानिश अली ने कहा कि एक व्यक्ति का पास निकाला तो पता चला कि उसका नाम आरोपी सागर है।
उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला है। समाजवादी पार्टी के सांसद एस टी हसन ने कहा कि दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा कक्ष में कूदे और जूते से कुछ ऐसी चीज निकाली, जिससे गैस फैलनी शुरू हो गई। उन्होंने कहा, यह गैस कैसी थी, यह कोई जहरीली गैस तो नहीं थी, पता नहीं। हमें संसद की सुरक्षा में भारी गंभीर खामी नजर आ रही है। इस तरह से तो कोई जूते में बम भी रखकर आ सकता है। हसन ने कहा कि इस तरह की सुरक्षा चूक पर आगे ध्यान देने की जरूरत है। उधर, लोकसभा कक्ष में दो व्यक्तियों के कूदने की घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोडऩे वाली केन लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर से हिरासत में लिए गए दो लोगों की पहचान आरोपी नीलम (42) और आरोपी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है। आरोपी नीलम हरियाणा के हिसार की निवासी है वहीं आरोपी शिंदे महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर धुआं छोडऩे वाली केन खोलने के बाद दोनों ने तानाशाही नहीं चलेगी, भारत माता की जय के नारे लगाए।
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भोपाल. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंध रखने वाले तीन बार के विधायक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीबी माने जाने वाले नवनियुक्त मुख्यमंत्री मोहन सिंह एक छात्र के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने के बाद मध्य प्रदेश में शीर्ष पद पर पहुंचे हैं। उज्जैन दक्षिण से 58 वर्षीय विधायक मोहन यादव ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
वह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के बाद 2003 के बाद से राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चौथे ओबीसी मुख्यमंत्री हैं। वह कांग्रेस के प्रकाश चंद्र सेठी के बाद उज्जैन से ताल्लुक रखने वाले दूसरे मुख्यमंत्री भी हैं। मुख्यमंत्री के रूप में यादव की नियुक्ति से भाजपा के दिग्गज नेता और चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के युग का अंत हो गया, जिन्होंने करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा। यादव के पास पीएचडी, एलएलबी और एमबीए की डिग्री है। वह तलवार चलाने में भी कुशल हैं।
यादव मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल नहीं थे। उन्हें इस पद की जिम्मेदारी देना अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या के लिहाज से महत्वपूर्ण ओबीसी समुदाय पर प्रभाव हासिल करने की भाजपा की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत से अधिक है और यह भगवा पार्टी का मुख्य मतदाता आधार है। वह पहली बार 2020 में मंत्री बने जब कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पतन के बाद भाजपा सत्ता में वापस आई। यादव का जन्म 25 मार्च, 1965 को उज्जैन में हुआ था। उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है। उन्होंने 1982 में माधव साइंस कॉलेज उज्जैन के संयुक्त सचिव के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और 1984 में इसके अध्यक्ष के रूप में चुने गए। यादव ने एलएलबी और एमबीए की डिग्री के अलावा डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री भी हासिल की। वर्ष 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए यादव ने 2011-13 तक मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटीडीसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह 2018 और फिर 2023 में इस सीट से पुन: चुने गए। शिवराज सिंह चौहान की पूर्व सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे यादव ने 17 नवंबर को हुए चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार चेतन यादव को 12,941 वोट के अंतर से हराया। वर्ष 2021 में, यादव ने स्नातक (बीए) के प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दर्शन विषय के तहत हिंदू महाकाव्य ‘रामचरितमानस' के पाठ को एक वैकल्पिक (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति पद के हिंदी नामकरण का नाम 'कुलपति' से 'कुलगुरु' करने का प्रस्ताव भी रखा था। यादव मंदिरों के शहर उज्जैन से भाजपा के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं। उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल नवनिर्मित महाकाल लोक गलियारा समर्पित किया था। यादव के समर्थकों ने कहा कि भगवान महाकाल (भगवान शिव) के आशीर्वाद के कारण यादव को शीर्ष पद मिला।
महाकाल लोक गलियारे के निर्माण में कथित अनियमितताओं को कांग्रेस ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। उज्जैन में प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर के पास 900 मीटर से अधिक लंबे गलियारे - महाकाल लोक - को मई में एक आंधी के कारण नुकसान हुआ था। तब से कांग्रेस प्राचीन मंदिर के आसपास पुनर्विकास परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रही है। यादव ने 11 अक्टूबर को एक साक्षात्कार में इन आरोपों को ‘‘दुष्प्रचार'' करार दिया था।
यादव ने 2004-2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। यह धार्मिक शहर हर 12 साल में सिंहस्थ (कुंभ) मेले का आयोजन करता है। यादव मध्य प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और एमपी कुश्ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। यादव की पत्नी सीमा यादव है और उनके दो बेटे एवं एक बेटी हैं। यादव ने सोमवार को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद कहा था कि वह राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करेंगे और उन्होंने एक "छोटे कार्यकर्ता" पर विश्वास जताने के लिए पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा को भारी बहुमत से जिताने वाले राज्य के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा। भाजपा ने एक छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दी है। मैं पार्टी की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करूंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को धन्यवाद देता हूं। मैं मोदी जी और (निवर्तमान) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई कल्याण और विकास (योजनाओं) पर काम करूंगा।''
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राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री मंत्री पद की शपथ ली.
भोपाल। मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। वे मध्यप्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री हैं। भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में समारोह सिर्फ 10 मिनट का रहा। मध्य प्रदेश में राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री मंत्री पद की शपथ ली.। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सभी को शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में हुआ जहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, निवर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा शासित राज्यों के अन्य नेता शामिल रहे. -
नयी दिल्ली. केंद्र ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि किसी भी राज्य का कोई भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बकाया उसके समक्ष लंबित नहीं है और कुछ प्रदेश सरकारों ने अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के लिए महालेखाकार द्वारा प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि यह विमर्श सही नहीं है कि केंद्र पर राज्यों का जीएसटी बकाया लंबित है और कुछ राज्यों ने महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट नहीं सौंपी है। उन्होंने कहा, "यह समझना अहम है कि एजी का प्रमाणन (अनिवार्य) है... अगर एजी का प्रमाण पत्र हमें नहीं मिलता है, तो हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते।" वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ राज्य, एजी का प्रमाण पत्र भेजने के बाद भी केंद्र से तब तक रुकने के लिए कहते हैं जब तक वे इसे अंतिम मंजूरी नहीं दे देते। वह तृणमूल कांग्रेस सदस्य साकेत गोखले के एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिन्होंने राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल के जीएसटी बकाया के बारे में सवाल किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि वह विशेष तौर पर कुछ राज्यों के नाम बताएंगी "ताकि लोगों के मन में कोई संदेह नहीं रहे"। उन्होंने कहा कि गोवा ने वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एजी का प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है। उसने अब तक वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 की पहली तिमाही की रिपोर्ट भी नहीं भेजी है। वित्त मंत्री ने कहा, ''2022-23 के लिए कर्नाटक को छोड़कर किसी राज्य ने अभी तक एजी का प्रमाणपत्र नहीं दिया है। पश्चिम बंगाल ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2022-23 की पहली तिमाही तक एजी की रिपोर्ट नहीं भेजी है।'' उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल से एजी का प्रमाण पत्र नहीं आया है, इसलिए राशि जारी नहीं की जाएगी। इसे लंबित कहना, उचित नहीं होगा। उन्हें एजी का प्रमाण पत्र भेजने दीजिए, हम इसे मंजूरी दे देंगे।" वित्त मंत्री ने कहा, "केरल ने हमें एजी का प्रमाण पत्र भेजा है, लेकिन हमें तब तक रुकने के लिए कहा है जब तक वे एजी के साथ संख्याओं का मिलान नहीं कर लेते। इसलिए हम रुके हुए हैं। यह हमारी ओर से लंबित नहीं है।" वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी राज्य सरकार का कोई जीएसटी बकाया नहीं है और संबंधित राज्यों को पहले ही राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा, "कुछ राज्यों ने अपनी एजी रिपोर्ट नहीं भेजी है, इसके बावजूद हमने कुछ अस्थायी भुगतान किए हैं। एजी की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें अंतिम भुगतान मिल जाएगा।'' कांग्रेस सदस्य राजीव शुक्ला ने गिरफ्तारी के प्रावधानों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि सरकार जीएसटी ‘फाइलिंग' प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाएगी। इसके जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद में राज्य सरकारों के वित्त मंत्री शामिल हैं और परिषद को व्यापारियों और व्यापारिक समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''जीएसटी परिषद इन चीजों पर चर्चा करती है और समय-समय पर प्रक्रिया को उसी के अनुसार सरल बनाया जाता है।
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भोपाल. मोहन यादव बुधवार को यहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए विस्तृत व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया कि शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना है। एक सूत्र ने कहा, ‘‘समारोह के लिए विस्तृत व्यवस्था की जा रही है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता, खासकर यादव के गृहनगर उज्जैन से इकट्ठा होंगे।'' कई दिनों से चल रहे अटकलों को खत्म करते हुए, भाजपा ने सोमवार को यादव को राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना और पार्टी के दिग्गज नेता शिवराज सिंह चौहान को रिकॉर्ड पांचवीं बार सत्ता में आने से रोक दिया। चौहान सरकार में मंत्री यादव (58) को सोमवार को एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। मध्य प्रदेश में राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल वरिष्ठ भाजपा नेता और नवनिर्वाचित विधायक नरेंद्र सिंह तोमर नए विधानसभा अध्यक्ष होंगे। यादव को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है और उन्हें शीर्ष पद के दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा था। वह अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आते हैं, जिनकी संख्या राज्य की जनसंख्या में 48 प्रतिशत से अधिक है। सोमवार को मुख्यमंत्री नामित होने के बाद यादव ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की और अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। यादव 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2018 और फिर 2023 में विधानसभा सीट बरकरार रखी। पिछले महीने के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 सीटें जीतीं, और कांग्रेस को 66 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर धकेल दिया।
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मंगलवार को 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की तारीख की घोषणा की। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी।
CBSE के मुताबिक, 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 13 मार्च को और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दो अप्रैल को समाप्त होंगी। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ‘‘परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय बोर्ड ने इस बात का ध्यान रखा है कि दो विषयों के बीच समय का पर्याप्त अंतर हो। बारहवीं कक्षा के लिए परीक्षा कार्यक्रम तय करते समय जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तारीखों को ध्यान में रखा गया है।’’उन्होंने कहा कि व्यापक संख्या में विषय होने के चलते परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि दो अलग-अलग विषय चुनने वाले छात्रों की परीक्षा एक ही दिन नहीं पड़े।पंद्रह फरवरी को 10वीं कक्षा के लिए पांच विषयों – पेंटिंग, राई, गुरुंग, तमांग और शेरपा की परीक्षा होगी। इसी तरह, 12वीं कक्षा के लिए परीक्षा के पहले दिन चार विषयों – उद्यमिता, कोकबोरोक, पूंजी बाजार परिचालन और शारीरिक गतिविधि प्रशिक्षक परीक्षा होगी।----


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जयपुर। भाजपा ने राजस्थान के लिए नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। सांगानेर से पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ने वाले भजनलाल शर्मा ने इस बार जीत हासिल की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में ब्राम्हण चेहरा रहे शर्मा को मुख्यमंत्री पद की बागडोर दे दी गई।
बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भरतपुर के रहने वाले भजनलाल शर्मा जहां पहली बार विधायक बने हैं वहीं, वे 4 बार प्रदेश के महामंत्री भी रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक दल (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के काफी करीबी माने जाते हैं। वे भरतपुर में जिला मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे हैं।मुख्यमंत्री पद के लिए यह फैसला विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में रक्षा मंत्री और पार्टी पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह मौजूद रहे। उनके साथ विनोद तावड़े, सरोज पांडे के साथ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा नेता सीपी जोशी, वसुंधरा राजे और अन्य नेता भी जयपुर में भाजपा कार्यालय पर पहुंचे थे। दिलचस्प बात यह है कि बैठक के बाद विधायकों की ग्रुप फोटो में भजनलाल शर्मा चौथी लाइन में बैठे थे।राजस्थान में होंगे दो उपमुख्यमंत्रीपर्यवेक्षक के तौर पर भेजे गए राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्य में दो मुख्यमंत्री होंगे। पहली-दीया कुमारी और दूसरे-जयपुर जिले की दूदू सीट से विधायक प्रेम चंद्र बैरवा।उन्होंने कहा कि वासुदेव देवनानी विधानसभा के स्पीकर चुने गए हैं। देवनानी अजमेर नॉर्थ से विधायक हैं। वह 2003 से लगातार पांचवीं बार विधायक बने हैं। इसके पहले वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वासुदेव देवनानी संघ के काफी करीबी भी माने जाते हैं।दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री यानी तीनों बड़े पद जयपुर को ही दिए हैं।तीनों राज्यों में अलग-अलग दांवभाजपा ने जहां मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए OBC चेहरा चुना है, वहीं छत्तीसगढ़ के लिए आदिवासी चेहरे को मुख्यमंत्री पद की गद्दी दी। इसके बाद भाजपा ने राजस्थान के लिए आज ब्राम्हण चेहरे को CM बनाया।वसुंधरा राजे ने रखा भजनलाल के नाम का प्रस्तावरक्षा मंत्री व राजस्थान भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज राजस्थान भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा गया और सभी ने सर्वसम्मति से भजनलाल शर्मा को विधायक दल का नेता चुना।’माना जा रहा है कि बैठक से पहले राजनाथ सिंह ने भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने वसुंधरा राजे को बैठक से पहले ही नए मुख्यमंत्री का नाम प्रस्तावित करने के लिए मना लिया था।कौन हैं डिप्टी सीएम दीया कुमारी?जयपुर की विद्याधर नगर सीट से शाही घराने की राजकुमारी और भाजपा सांसद दीया कुमारी ने भारी मतों से जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता सीताराम अग्रवाल को 71368 वोटों से हराया था। गौरतलब है कि दीया कुमारी महाराजा सवाई सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की पुत्री हैं।कौन हैं प्रेमचंद बैरवाराजस्थान में उपमुख्यमंत्री के लिए चुने गए दो उपमुख्यमंत्रियों में प्रेमचंद्र बैरवा का भी नाम आता है। 49 वर्षीय बैरवा 2028 में विधानसभा चुनाव हार गए थे।। मगर इस बार कांग्रेस उम्मीदवार बाबूलाल नागर को 35,743 वोटों के मामूली अंतर से हराकर सीट जीत ली थी। हालांकि 2023 के चुनाव में उन्होंने चुनाव जीत लिया था।राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। बता दें कि चुनाव परिणाम आने के बाद से 17 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात की थी।गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों पर मतदान हुए थे। वोटों की गिनती रविवार यानी 3 दिसंबर को हुई थी। इसमें भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। कांग्रेस 69 सीटों पर सिमट गई। आठ निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे, तीन सीटों पर भारत आदिवासी पार्टी के उम्मीदवार जीते थे। दो सीटें बहुजन समाज पार्टी (बसपा)के खाते में गई थी। 1-1सीट RLTP और RLD को मिली। राजस्थान में 5 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट दिया था। प्रदेश में करीब 74.13 फीसदी वोट पड़े थे। - नयी दिल्ली। देश में दूर-दराज के इलाकों में वादियों की मदद के लिए मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा 25 उच्च न्यायालयों में से केवल दो में लागू होने के मद्देनजर एक संसदीय समिति ने सोमवार को सिफारिश की कि इसे शेष उच्च न्यायालयों में भी लागू किया जाए। अपनी पिछली रिपोर्ट में, कानून और कार्मिक पर संसदीय स्थायी समिति ने कहा था कि उसकी राय है कि न्यायपालिका को अधिवक्ताओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लाभ के लिए मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधाएं शुरू करने जैसे अभिनव उपायों पर भी विचार करना चाहिए। केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने अपने जवाब में कहा कि मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस की अवधारणा को सभी उच्च न्यायालयों के समक्ष उठाया गया है। विभाग ने संसदीय समिति को बताया, ‘‘यह भी अनुरोध किया गया था कि तेलंगाना उच्च न्यायालय की मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा को एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है।'' विभाग द्वारा समिति के साथ साझा किए गए विवरण के अनुसार, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालयों ने सिफारिश को लागू कर दिया है। विभाग ने कहा कि कलकत्ता, गुवाहाटी, मणिपुर, राजस्थान और सिक्किम उच्च न्यायालयों में ‘‘काम प्रगति पर है।'' इसने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी उच्च न्यायालय या इलाहाबाद, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और ओडिशा के उच्च न्यायालयों की समिति के समक्ष ‘‘विचाराधीन'' है। समिति ने ‘वर्चुअल अदालतों के कामकाज और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालती कार्यवाही' पर 103वीं रिपोर्ट पर उठाए गए कदमों के मद्देनजर अपनी 134वीं रिपोर्ट में कहा, ‘‘समिति ने पाया है कि अब तक केवल दो राज्यों ने इस सिफारिश को लागू किया है और मोबाइल वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा स्थापित की है। बाकी राज्यों के लिए या तो कार्यान्वयन का कार्य प्रगति पर है या प्रस्ताव पेश किया जा रहा है।''
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नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देशभर के 58 हवाई अड्डों को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। कृषि उड़ान योजना की शुरूआत 2020 में की गई थी। यह योजना किसानों को कृषि उत्पादों के परिवहन में सहायता करती है ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री डॉ. वी. के. सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और आदिवासी क्षेत्रों के जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के परिवहन के लिए 2021 में कृषि उड़ान योजना के दूसरे चरण की घोषणा की गई थी।
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भोपाल| मध्य प्रदेश की जनता का आठ दिनों का इंतजार खत्म हो गया है। भाजपा में विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया है। पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, के. लक्ष्मण और सचिव आशा लाकड़ा की मौजूदगी में मोहन यादव को MP की बागडोर संभालने का फैसला लिया गया। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। माना जा रहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ही उन्हें मुश्यमंत्री बनाने की सिफारिश की थी।
मोहन यादव स्वयंसेक संघ यानी RSS के करीबी भी माने जाते हैं। वह शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री थे। -
नई दिल्ली : आत्महत्या को लेकर समाज की सबसे संवेदनशील कटेगरी- 2022 तक 5 सालों में दैनिक वेतन भोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, इसके बाद गृहिणियों, स्व-रोज़गार करने वाले और बेरोजगार व्यक्ति, छात्र और किसानों का नंबर है. इस अवधि में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि किसानों के आंकड़े, जिसमें उत्पादक और मजदूर दोनों शामिल हैं, आम तौर पर इन समूहों में सबसे आत्महत्या से मरने वाले दैनिक वेतन भोगियों की संख्या 2018 में 30,124 से लगातार बढ़कर 2019 में 32,559, 2020 में 37,657, 2021 में 41,997 और 2022 में 45,185 हो गई. दूसरी ओर, खेत मजदूरों और किसानों की संयुक्त संख्या में नंबर इन 5 सालों में से चार साल में 10,000 और 11,000 रही.
2018 में किसानों और किसान मजदूरों की कुल संख्या 10,349 थी, जो उस वर्ष दर्ज किए गए आत्महत्या के कुल 1,34,516 मामलों में से 7.7 प्रतिशत थी. कुल आंकड़े में वेतनभोगी पेशेवरों जैसे अन्य समूह भी शामिल हैं.अगले वर्ष, यह संख्या मामूली रूप से घटकर 10,281 हो गई, साथ ही कुल (1,39,123) किसानों का नंबर भी घटकर 7.4 प्रतिशत रहा.अगले 3 वर्षों में मामूली वृद्धि देखी गई जैसा कि 2020 में यह संख्या 10,677 मामलों तक पहुंच गई, जो 1,53,052 मामलों के साथ 7 प्रतिशत थी2021 में, किसानों के 10,881 मामले दर्ज किए गए, लेकिन कुल संख्या लगभग 11,000 बढ़कर 1,64,033 हो गई, जो कि कुल हिस्से का 6.6 प्रतिशत थी.2022 में, 11,290 किसानों के आत्महत्या करने का पता चला, लेकिन कुल संख्या फिर से बढ़कर 1,70,924 हो गई, जिससे यह प्रतिशत 6.6 प्रतिशत पर बरकरार रहा.गृहणियां2018 से 2022 के बीच हर साल आत्महत्या से जान देने वाली गृहिणियों की कुल संख्या लगातार किसानों की तुलना में दोगुने से अधिक थी.2018 में गृहिणियों के बीच आत्महत्या के अधिकतम 22,937 मामले दर्ज हुए, जो उस साल के कुल मामलों का 17.1 प्रतिशत था.अगले वर्ष 21,359 मामलों के साथ संख्या अधिक बनी रही, जो कुल मामलों का 15.4 प्रतिशत थी. -
जमशेदपुर (झारखंड). उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि भारत ‘विश्वगुरु' का गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए अपना रास्ता तैयार कर रहा है और यह इस दशक के अंत तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। जमशेदपुर में, प्रबंध संस्थान एक्सएलआरआई के प्लैटिनम जुबली समारोह में धनखड़ ने कहा कि देश चौथी औद्योगिक क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। उन्होंने संस्थान के छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह वास्तव में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से प्रेरित एक परिवर्तनकारी युग है। कृत्रिम मेधा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, 6जी प्रौद्योगिकी और हरित हाइड्रोजन जैसी प्रौद्योगिकियों का उदय अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है। धनखड़ ने कहा, ‘‘इनमें उद्योगों को फिर से परिभाषित करने, समाधानों की फिर से कल्पना करने और हमारे जीने एवं काम करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है।'' उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज, हमारे देश की शक्ति को वैश्विक मान्यता मिल रही है, चाहे वह भूमि, समुद्र, वायु या अंतरिक्ष पर हो। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और हमारी सदियों पुराने सभ्यतागत मूल्यों को बनाए रखने वाले परिवेश के निर्माण के लिए इसे युवा नेताओं के समर्थन की आवश्यकता है।'' उन्होंने कहा कि भारत की कुशल डिजिटल भुगतान प्रणाली अब सिंगापुर जैसे देशों द्वारा अपनाई जा रही है और विश्व बैंक ने हाल ही में कहा था कि भारत ने डिजिटल समावेश के लिए छह वर्षों में जो हासिल किया है, उसमें आमतौर पर 47 साल लगेंगे। धनखड़ ने कहा, ‘‘विश्व बैंक की यह सराहना वर्तमान शासन मॉडल के प्रति सम्मान है जो अत्यधिक जवाबदेह और पारदर्शी है।'' उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि सफलता केवल किताबों के वजन या ग्रेड के दबाव से नहीं मापी जाती, बल्कि सीखने के जुनून और चुनौतियों पर काबू पाने के लचीलेपन से मापी जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके पास कोई विचार है, तो आपको उसे हासिल करने के जुनून के साथ मिशन मोड में रहना होगा। यही कारण है कि हमारी पूरी आर्थिक संरचना बदल रही है।'' धनखड़ ने कहा, ‘‘तनाव-मुक्त मानसिकता न केवल रचनात्मकता और नवीनता को बढ़ाती है, बल्कि समग्र विकास को भी बढ़ावा देती है। यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से, बल्कि कक्षा से परे जीवन की जटिलताओं से निपटने के लिए तैयार एक पूर्ण व्यक्ति के रूप में विकसित हो। हमें 2047 की ओर बढ़ने के साथ ही परिवर्तनकारी बनने का आकांक्षी होना चाहिए।” उपराष्ट्रपति ने एक्सएलआरआई के छात्रों और शिक्षकों को संसद देखने के लिए भी आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय वैश्विक परिषद विभिन्न क्षेत्रों के वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के साथ अगले साल 31 जनवरी से पहले एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी। उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के कार्य के 75 साल पूरे करने के लिए एक्सएलआरआई को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान ने ऐसे नेताओं को तैयार करके भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जो न केवल आर्थिक प्रगति करने में सक्षम हैं बल्कि हमारे समाज के नैतिक मूल्यों और इसकी जरूरतों का पोषण भी कर रहे हैं। इससे पहले, झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर उपराष्ट्रपति का उनकी पहली झारखंड यात्रा के दौरान स्वागत किया। -
नयी दिल्ली. दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के 17 किमी प्राथमिकता वाले खंड के शुरू होने के बाद रविवार को दुहाई से मोदीनगर दक्षिण तक नमो भारत ट्रेन का ‘ट्रायल रन' (प्रयोगिक परीक्षण) किया गया। दुहाई स्टेशन से रवाना होकर ट्रेन सबसे पहले मुरादनगर स्टेशन पहुंची और फिर मोदीनगर दक्षिण तक लगभग 12 किमी की दूरी तय की। ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम' की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘ अभी ‘ट्रैक और ट्रैक्शन' का परीक्षण करने के लिए नमो भारत ट्रेन का ‘ट्रायल रन' किया जा रहा है। शुरुआत में ट्रेन को ट्रेन कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम के तहत संचालित किया जा रहा है। ट्रेन ने मुरादनगर स्टेशन से मोदीनगर दक्षिण तक की दूरी न्यूनतम गति से तय की। लेकिन ट्रेन को वापस दुहाई लाते समय इसकी गति में थोड़ी बढ़ोतरी की गई।'' दुहाई से मेरठ दक्षिण आरआरटीएस स्टेशन के बीच 25 किमी लंबा मार्ग गलियारे का अगला खंड है जिसे प्राथमिकता खंड के बाद जनता के लिए खोला जाएगा। इस खंड में कुल चार स्टेशन हैं - मुरादनगर, मोदीनगर उत्तर, मोदीनगर दक्षिण और मेरठ दक्षिण।
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पथनमथिट्टा (केरल). सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने रविवार को ‘दर्शन' का वक्त एक घंटे बढ़ाने का फैसला किया है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड ने दर्शन का समय बदलने का निर्णय दोपहर में लिया। अब दर्शन का वक्त दोपहर तीन बजे से रात 11 बजे तक रहेगा जो पहले शाम चार बजे से रात 11 बजे तक था। अधिकारी ने यह भी कहा कि दर्शन के लिए कतारों में इंतजार कर रहे लोगों को पानी और बिस्किट प्रदान किए जा रहे हैं। इस बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं अपर्याप्त हैं और तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए 15 से 20 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को पानी तक नहीं दिया जा रहा है।
सतीशन ने यह भी दावा किया कि सबरीमाला में भक्तों की सहायता के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए गए हैं, तीर्थयात्रियों की व्यवस्था के संबंध में केरल उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों को लागू नहीं किया गया है और यहां तक कि पर्याप्त एम्बुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। टीवी चैनलों पर कई श्रद्धालु यह शिकायत करते नजर आए कि वे दर्शन के लिए 10-12 घंटे से ज्यादा समय से कतार में खड़े हैं। सबरीमाला में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे महा निरीक्षक स्पार्जन कुमार ने कहा कि पुलिस ने टीडीबी से भक्तों की संख्या प्रति दिन 75,000 तक सीमित करने का अनुरोध किया है।
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बेंगलुरु. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में देश में महिलाओं के खिलाफ तेजाब हमले के सबसे ज्यादा मामले बेंगलुरु में दर्ज किए गए। बेंगलुरु पुलिस ने तेजाब हमले के छह मामले दर्ज किए। आंकड़ों के मुताबिक एनसीआरबी के आंकड़े में सूचीबद्ध 19 महानगरीय शहरों में से बेंगलुरु सूची में शीर्ष पर है, जहां पिछले साल आठ महिलाएं तेजाब हमले का शिकार हुईं। दूसरे स्थान पर दिल्ली है जहां 2022 में सात महिलाएं तेजाब हमलों का शिकार हुईं। इसके बाद अहमदाबाद तीसरे स्थान पर रहा जहां ऐसे पांच मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी (दिल्ली) में तेजाब हमले के प्रयास के सात मामले दर्ज किए गए, इसके बाद बेंगलुरु में पिछले साल ऐसे तीन मामले दर्ज किए गए। हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे महानगरीय शहरों ने 2022 में हमले के प्रयास के दो मामले दर्ज किए।
पिछले साल बेंगलुरु को झकझोर देने वाले तेजाब हमले के प्रमुख मामलों में से 24 वर्षीय एम.कॉम छात्रा पर तेजाब हमले का मामला था। छात्रा पर 28 अप्रैल को उस समय हमला किया गया था जब वह काम पर जा रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी कई सालों से महिला का पीछा कर रहा था। आरोपी ने महिला के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था और जब उसने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपी ने उस पर तेजाब फेंक दिया था। आरोपी को बाद में मई में तिरुवन्नमलाई आश्रम से पकड़ा गया जहां वह कथित तौर पर एक ‘‘स्वामी'' के भेष में छिपा हुआ था। जून 2023 में पीड़िता को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के कार्यालय द्वारा उनके सचिवालय में अनुबंध के आधार पर नौकरी की पेशकश की गई थी। इसी तरह का एक और मामला 10 जून, 2022 को सामने आया था जिसमें एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी महिला मित्र के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया था क्योंकि उसने उसका विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। -
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार को कुछ सैन्य कर्मियों ने जलती स्कूल बस से 36 बच्चों और चार शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। खमरिया थाने के प्रभारी हरदयाल सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि आसपास मौजूद सेना के कुछ जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी 36 विद्यार्थी और चार शिक्षक जलती हुई बस से सुरक्षित उतर जाएं। उन्होंने कहा कि यह स्कूल पिकनिक के लिए डुमना नेचर पार्क जा रहा थी।
सिंह ने बताया, "आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। बच्चे पाटन थाना क्षेत्र के तहत आने वाले बेनाकी गांव के एकीकृत माध्यमिक स्कूल के हैं। -
मुजफ्फरनगर (उप्र). पैसा देने से मना करने पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कुदाल से वारकर अपनी मां की हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि यह घटना जिले की तितवई थाना अंतर्गत ढिंडावली गांव में शनिवार शाम की है।
तितवई थाने के प्रभारी जोगिंदर सिंह ने रविवार को कहा कि परकाशी (68) की हत्या के मामले में आरोपी जोगेंद्र उर्फ ढोला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जोगिंदर को मां ने जब पैसा देने से मना कर दिया तब नाराज होकर आरोपी जोगिंदर ने कुदाल से उनपर हमला कर दिया। पुलिस ने इस अपराध में प्रयुक्त कुदाल भी बरामद कर ली है तथा आरोपी को जेल भेज दिया गया है। -
कौशांबी (उप्र). जिला जेल में निरुद्ध बंदियों के मानसिक तनाव को दूर करने और उनमें धार्मिक भावनाएं जागृत करने के प्रयास के तहत कौशांबी सांसद विनोद सोनकर की पहल पर तीन दिवसीय राम कथा का आयोजन किया गया है। सांसद विनोद सोनकर ने इस कार्यक्रम के बारे में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्रीय योजना के तहत जेल में निरुद्ध बंदियों को भी जीवन जीने का अधिकार है और उनका मानसिक तनाव दूर करने एवं उनमें धार्मिक भावनाएं जागृत करने के लिए तीन दिवसीय राम कथा का आयोजन किया गया है। जिला जेल अधीक्षक भूपेश सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर एवं सांसद विनोद सोनकर की पहल पर जिला जेल में राम कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम के जरिए बंदियों के मन में अपराध बोध को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस जेल में 788 बंदी हैं और इन सभी ने रामकथा आयोजन में भाग लिया।
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नासिक. महाराष्ट्र के नासिक में रविवार को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की एक ‘शिवशाही' बस में आग लग गई, हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि नासिक से छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) जा रही बस में निफाड़ तालुका के चंदोरी के पास तकली फाटा में दोपहर दो बजकर 15 मिनट पर आग लग गयी। उन्होंने कहा, ‘‘चालक ने इंजन से धुआं निकलते देखा और परिचालक के साथ मिलकर समय रहते सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित उतार दिया। हालांकि, आग फैल गयी और कुछ ही देर में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।'' उन्होंने कहा, ‘‘दमकल एवं आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के कर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। नासिक-छत्रपति संभाजीनगर राज्य राजमार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।'' साईखेड़ा पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।
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जयपुर. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर राधा वल्लभ त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि यदि हास्य नहीं होता तो जीवन और जगत दोनों ही रसातल में चले जाते । उन्होंने कहा कि ईश्वर ने भी हास्य के साथ ही इस सृष्टि का निर्माण किया है । यहां हास्य कवि संजय झाला द्वारा लिखित विश्व कीर्तिमान कृति 'हास्यम्-लास्यम' के विमोचन के अवसर पर त्रिपाठी ने रविवार को कहा कि हास्य के अभाव में जीवन और जगत दोनों ही अपना संतुलन खो बैठते हैं। संगोष्ठी में अपने संबोधन में पद्मश्री अलंकृत प्रोफेसर अशोक चक्रधर ने कहा कि हिंदी- संस्कृत के संयुक्ताक्षरों के साथ नए भाषायी उच्चारण और शिल्पगत प्रयोग के कारण यह पुस्तक नई पीढ़ी के लिए बहुत उपयोगी है । संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाकवि बलबीर सिंह करुण ने कहा कि संजय ने एक हास्यकार के रूप में शब्दों के साथ पौराणिक कथाओं, मुहावरों संस्कृत की उक्तियों को नए स्वरूप में गढ़ा है और मौलिकता इस पुस्तक का सबसे बड़ा गुण है । संगोष्ठी में फर्रुखाबाद से प्रोफेसर शिव ओम अंबर, उज्जैन से वरिष्ठ व्यंग्यकार पिलकेन्द्र अरोड़ा, भारत के वरिष्ठ कवि और छंद शास्त्री गुरु सक्सेना , वरिष्ठ हास्यकवि मनोहर मनोज कटनी से डॉ गोपीनाथ चर्चित गंगापुर से और हास्य व्यंग्यकार वेद प्रकाश ने नई दिल्ली से सहभागिता की । संगोष्ठी में नेपाल की लेखिका और वर्तमान सांसद रेखा यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किये और भारत से प्रख्यात कवि और पूर्व राज्यसभा सदस्य उदय प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया ।
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मुंबई |मध्य रेलवे नेटवर्क पर मुंबई के समीप कसारा और टीजीआर-3 स्टेशन के बीच रविवार शाम को बेपटरी हुए मालगाड़ी के सात डिब्बों को दुर्घटनास्थल से हटा दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवराज मानसपुरे ने कहा कि रेल मार्ग की मरम्मत का काम चल रहा है। रविवार शाम को करीब साढ़े छह बजे मुंबई से करीब 125 किमी दूर कसारा और टीजीआर-3 स्टेशन के बीच मालगाड़ी के सात डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे डाउन लाइन और मिडिल लाइन पर कसारा-इगतपुरी खंड पर रेल सेवा प्रभावित हुई।मानसपुरे ने कहा, ‘‘बेपटरी हुए सभी डिब्बों को दुर्घटनास्थल से हटा दिया गया है। शेष डिब्बों को वापस कसारा यार्ड ले जाने का काम जारी है।’’ अधिकारी ने बताया कि कुछ ट्रेनों का मार्ग पहले परिवर्तित किया गया था लेकिन उन्हें अब अपने निर्धारित मार्ग पर बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘वे बिना किसी मार्ग परिवर्तन के अपने नियमित निर्धारित मार्ग पर चलेंगी।’’ -
नई दिल्ली: एससी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर आज का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है और 5 अगस्त 2019 को भारत की संसद द्वारा लिए गए फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखता है. यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है.”
पीएम ने आगे कहा कि मैं जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रगति का लाभ न केवल आप तक पहुंचे, बल्कि इसका लाभ हमारे समाज के सबसे कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक भी पहुंचे, जो अनुच्छेद 370 के कारण पीड़ित थे.
भारतीय जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया. बीजेरी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि माननीय SC द्वारा धारा 370 के विषय में दिये गये फ़ैसले का भारतीय जनता पार्टी स्वागत करती है. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने धारा 370 और 35A को हटाने के लिए दिए गए निर्णय, उसकी प्रक्रिया और उद्देश्य को सही ठहराया है.उन्होंने आगे कहा, “माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार ने जम्मू- कश्मीर को देश की मुख्य विचारधारा में जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है, इसके लिए मैं और हमारे करोड़ों कार्यकर्ता प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करते है.” -
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद- 370 को निरस्त करने को बरकरार रखा है. अनुच्छेद-370 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा, “केंद्र के फैसले पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं. राष्ट्रपति के पास धारा-370 खत्म करने का अधिकार. यही नहीं चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बरकरार रखा जाएगा.”कोर्ट ने साफ कहा, “लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर बरकरार रहेगा.”
कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि वो जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारी करें ताकि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिल सके. सीजेआई ने कहा कि “हमने माना है कि संविधान के सभी प्रावधानों को जम्मू-कश्मीर में 370(1)(डी) पर लागू किया जा सकता है और गैर-प्रयोग का दावा नहीं किया जा सकता है.” सुप्रीम कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. धारा-370 अस्थायी प्रावधान था.”
राष्ट्रपति को है अधिकार
सीजेआई ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एकीकरण की क्रमिक प्रक्रिया जारी थी और इस प्रकार हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपति की शक्ति का उपयोग दुर्भावनापूर्ण थी. इस प्रकार हमारे पास अधिसूचना जारी करने की राष्ट्रपति शक्ति है जो वैध थी. मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर फैसला सुनाते हुए ये बातें कहीं. सुप्रीम कोर्ट इस बात पर फैसला सुना रही थी कि क्या अनुच्छेद 370 बुनियादी ढांचे का हिस्सा है और संसद की संशोधन शक्तियों से परे है.
आर्टिकल 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के लिए पांच अगस्त 2019 के केंद्र के फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को तीन अलग फैसले सुनाया.
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ तीन अलग-अलग, परंतु सर्वसम्मत फैसले सुनाने के लिए सुबह 10 बजकर 56 मिनट पर बैठी. -
जम्मू |जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को निरस्त करने को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने पर PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, “हिम्मत नहीं हारे, उम्मीद न छोड़े, जम्मू-कश्मीर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला यह एक मुश्किल पड़ाव है, यह मंजिल नहीं है… हमारे विरोधी चाहते हैं कि हम उम्मीद छोड़कर इस शिकस्त को स्वीकार करें… यह हमारी हार नहीं यह देश के धैर्य की हार है…”|







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