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नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन प्रकोष्ठ और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के इनोवेशन प्रकोष्ठ ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) के छठे संस्करण की शुरूआत की है। इसके तहत सीनियर SIH में हिस्सा लेने के लिए इनोवेटिव विचार 30 सितंबर तक और जूनियर SIH के लिए 30 अक्टूबर तक प्रस्तुत किये जा सकते हैं।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, AICTE के इनोवेशन प्रकोष्ठ ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2023 की शुरूआत की बुधवार को घोषणा की जो इसका छठा संस्करण है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव के. संजय मूर्ति ने कहा कि इस वर्ष G20 समूह की भारत की अध्यक्षता के दौरान हमने यूनेस्को भारत-अफ्रीका हैकाथॉन की मेजबानी की जिसमें 22 अफ्रीकी देशों ने हिस्सा लिया और भारतीय छात्रों को उनके साथ टीम के रूप में अफ्रीकी देशों की समस्याओं से जुड़े विषय पर काम करने का मौका मिला।AICTE के अध्यक्ष टी जी सीताराम ने भविष्य को आकार प्रदान करने में इनोवेशन की भूमिका के रेखांकित करते हुए कहा कि भविष्य का निर्माण इनोवेशन पर आधारित होता है और 7500 इनोवेशी संस्थानों के नेटवर्क के साथ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में हिस्सा लेने वालों को समस्याओं पर काम करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है और उन्हें समस्याओं का गैर पारंपरिक समाधन ढूंढने की प्रेरणा मिलती है।इसमें कहा गया है कि स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के तहत सीनियर SIH में हिस्सा लेने के लिए इनोवेटिव विचार 30 सितंबर तक और जूनियर SIH के लिए 30 अक्टूबर तक प्रस्तुत किये जा सकते हैं। इसमें समस्याओं से संबंधित 239 विषय शामिल हैं जिसमें 182 सॉफ्टवेयर संबंधी और 57 हार्डवेयर से जुड़े विषय हैं। SIH में 26 केंद्रीय मंत्रालय, छह राज्य मंत्रालय और चार उद्योग सहयोगी जुड़े हैं। SIH के विषयों में कृषि, ब्लाक चेन, साइबर सुरक्षा, खाद्य प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन, खेल, धरोहर एवं संस्कृति, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय एवं टिकाऊ ऊर्जा, स्मार्ट शिक्षा, स्मार्ट वाहन, परिवहन, यात्रा, पर्यटन, खिलौने आदि शामिल हैं। - नयी दिल्ली ।आयकर विभाग ने शनिवार को उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस, बेहतर सुविधाओं और नए मॉड्यूल के साथ एक नए रंगरूप में अपनी वेबसाइट पेश की।नयी वेबसाइट को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने उदयपुर में आयकर निदेशालय (सिस्टम) द्वारा आयोजित ‘चिंतन शिविर’ में पेश किया।सीबीडीटी ने एक बयान में कहा, “करदाताओं के अनुभव को बेहतर करने और नयी तकनीक के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए आयकर विभाग ने अपनी राष्ट्रीय वेबसाइट को उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस, बेहतर सुविधाओं और नए मॉड्यूल के साथ नया रूप दिया है।” नयी वेबसाइट को मोबाइल के अनुकूल लेआउट के साथ फिर से डिजायन किया गया है। वेबसाइट में नयी सुविधाओं के साथ सामग्री के लिए एक ‘मेगा मेनू’ भी है।
- बेंगलुरु ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कर्नाटक के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा नहीं आने का अनुरोध किया था, क्योंकि उनके आगमन का समय निर्धारित नहीं था और वह नहीं चाहते थे कि उन्हें सुबह इतनी जल्दी आने का कष्ट उठाना पड़े।प्रधानमंत्री यूनान की राजधानी एथेंस से सुबह करीब छह बजे सीधे बेंगलुरु पहुंचे, ताकि वह चंद्रयान-3 मिशन में शामिल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से मिल सकें।मोदी ने एचएएल (हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) हवाई अड्डे के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह बहुत दूर (एथेंस) से आ रहे हैं और उन्हें यह नहीं पता था कि वह किस समय यहां पहुंचेंगे।प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा आने का कष्ट नहीं करने को कहा था, क्योंकि वह इसरो के वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने के तुरंत बाद लौट जाएंगे।मोदी ने कहा, ‘‘इसलिए, मैंने उनसे अनुरोध किया था कि जब मैं औपचारिक दौरा करूं, तो वे निश्चित ही प्रोटोकॉल का पालन करें। उन्होंने सहयोग किया और मैं उनका शुक्रगुजार एवं आभारी हूं।’’इसरो के वैज्ञानिकों से मुलाकात के लिए मोदी के बेंगलुरु आने से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने सिद्धरमैया और शिवकुमार को एचएएल हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए आने से कथित रूप से रोका।रमेश ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री इस बात को लेकर सिद्धरमैया और शिवकुमार से चिढ़ गए कि उनसे पहले उन दोनों ने इसरो के वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। रमेश ने मोदी पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को रोककर ‘‘ओछी राजनीति’’ करने का आरोप लगाया था।मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने यहां इसरो के ‘टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क’ (आईएसटीआरएसी) का बृहस्पतिवार को दौरा किया था और चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के लिए इसरो प्रमुख एस सोमनाथ और उनकी टीम को बधाई दी थी।उन्होंने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ को ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा था कि राज्य सरकार इसके लिए इसरो की टीम को आधिकारिक तौर पर सम्मानित करने के वास्ते एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी।सिद्धरमैया ने कहा था, ‘‘सरकार विधान सौध के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करके इसरो के अध्यक्ष (एस) सोमनाथ और उनकी टीम को आधिकारिक तौर पर सम्मानित करेगी। कर्नाटक के लगभग 500 वैज्ञानिक इस मिशन का हिस्सा थे।’’इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने में कामयाबी हासिल की थी। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर यान ने चांद की सतह को छुआ था। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया था।
- चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शनिवार को नूंह जिले में 28 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट और ‘बल्क एसएमएस’ सेवा को बंद करने का आदेश दिया जहां पिछले महीने सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। सरकार ने हिंदू संगठनों के एक बार फिर ‘शोभा यात्रा’ निकालने के आह्वान के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।सरकार ने सोमवार को आयोजित होने वाली यात्रा से पहले या इसके दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाए जाने की आशंका के चलते संबंधित आदेश जारी किया।आदेश शनिवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) टीवीएसएन प्रसाद की ओर से जारी किया गया।हरियाणा सरकार ने पहले भी सांप्रदायिक हिंसा के बाद नूंह में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था।विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ‘बृज मंडल शोभा यात्रा’ यात्रा पर 31 जुलाई को भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद नूंह में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी जिसमें दो होम गार्ड और एक इमाम सहित छह लोगों की मौत हो गई थी।प्रसाद की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया, ‘‘यह आदेश नूंह जिले के अधिकारक्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किया गया है जो कि 26 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 11 बजकर 59 मिनट तक प्रभावी रहेगा।’’इससे पहले शुक्रवार को नूंह के उपायुक्त ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि जिले में 28 अगस्त को ‘बृज मंडल शोभा यात्रा’ के लिए ‘सर्व जातीय हिंदू महापंचायत’ का आह्वान किया गया। उन्होंने असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने की भी आशंका जताई थी।उपायुक्त ने आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध करते हुए लिखा, ‘‘किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नूंह जिले में सभी मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस (एक साथ काफी मात्रा में संदेश भेजने) सेवा को बंद करना जरूरी है।’’प्रसाद ने शनिवार को जारी अपने आदेश में कहा कि मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस (बैंकिंग और मोबाइल रीचार्ज को छोड़कर) को अस्थायी तौर पर बंद किया जा रहा है। इसके अलावा कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली सभी डोंगल सेवा भी अस्थायी रूप से बंद रहेंगी।
- बेंगलुरु । चंद्र अभियान की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सूरज का अध्ययन करने के लिए संभवत: दो सितंबर को ‘आदित्य-एल1’ सूर्य मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार है।‘आदित्य-एल 1’ अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) पर सौर हवा के यथास्थिति अवलोकन के लिए तैयार किया गया है। एल1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है।यह सूर्य के अवलोकन के लिए पहला समर्पित भारतीय अंतरिक्ष मिशन होगा। आदित्य-एल1 मिशन का लक्ष्य एल1 के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है।यह अंतरिक्ष यान सात पेलोड लेकर जाएगा जो अलग-अलग वेव बैंड में फोटोस्फेयर (प्रकाशमंडल), क्रोमोस्फेयर (सूर्य की दिखाई देने वाली सतह से ठीक ऊपरी सतह) और सूर्य की सबसे बाहरी परत (कोरोना) का निरीक्षण करने में मदद करेंगे।
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मदुरै (तमिलनाडु)। तमिलनाडु के मदुरै रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के खड़े डिब्बे में शनिवार तड़के आग लगने से कम से कम 10 यात्रियों की मौत हो गई। दक्षिण रेलवे ने डिब्बे में अवैध रूप से ले जाए गए ‘गैस सिलेंडर’ को हादसे की वजह बताया है। जिस डिब्बे में आग लगी, वह एक ‘प्राइवेट पार्टी कोच’ (किसी व्यक्ति द्वारा बुक किया गया पूरा डिब्बा) था और उसमें सवार 65 यात्री उत्तर प्रदेश के लखनऊ से मदुरै पहुंचे थे।
दक्षिण रेलवे ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आग लगने की घटना में ‘10 यात्रियों की मौत होने की सूचना है।’विज्ञप्ति के मुताबिक, आग बुझाने की कोशिशों में जुटे रेल कर्मियों के अलावा पुलिस, दमकल और बचाव कर्मियों ने डिब्बे से शवों को बाहर निकाला।विज्ञप्ति में बताया गया है कि आग लगने की घटना शनिवार तड़के पांच बजकर 15 मिनट पर हुई और मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने सुबह सात बजकर 15 मिनट पर लपटों पर काबू पा लिया।विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘यह एक प्राइवेट पार्टी कोच था, जिसे कल (25 अगस्त को) नागरकोविल जंक्शन पर ट्रेन संख्या 16730 (पुनालुर-मदुरै एक्सप्रेस) में जोड़ा गया था। डिब्बे को अलग कर मदुरै रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया गया था। इस डिब्बे में यात्री अवैध रूप से गैस सिलेंडर लेकर आए थे और इसी वजह से आग लगी।’’इसमें कहा गया है, ‘‘डिब्बे में सवार यात्रियों ने 17 अगस्त को लखनऊ से यात्रा शुरू की थी। उनका कल (27 अगस्त को) चेन्नई जाने का कार्यक्रम था… चेन्नई से वे लखनऊ लौटने वाले थे।’’विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘जब डिब्बा खड़ा था, तब कुछ यात्री चाय/नाश्ता बनाने के लिए अवैध रूप से लाए गए रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसके कारण डिब्बे में लग गई। इसकी भनक लगने पर अधिकांश यात्री बाहर निकल गए। कुछ यात्री डिब्बे को अलग किए जाने से पहले ही प्लेटफार्म पर उतर गए थे।’’दक्षिण रेलवे के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।कोई भी व्यक्ति आईआरसीटीसी के पोर्टल का उपयोग करके प्राइवेट पार्टी कोच बुक कर सकता है, लेकिन उसे डिब्बे में गैस सिलेंडर या कोई ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं होती है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कोच का इस्तेमाल केवल यात्रा उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। इसमें बताया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। - बेंगलुरु । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि चंद्रयान-3 लैंडर चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर उतरा है, उसका नाम ‘शिव-शक्ति पॉइंट’ रखा जाएगा और 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।यूनान से सीधे बेंगलुरु पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मोदी ने कहा कि चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर चंद्रयान-2 ने 2019 में अपने पदचिह्न छोड़े थे, उसे ‘तिरंगा पॉइंट’ के नाम से जाना जाएगा और चंद्रयान-3 लैंडर चंद्रमा की सतह पर जिस स्थान पर (टच डाउन पॉइंट) उतरा है, उसका नाम ‘शिव-शक्ति पॉइंट’ रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने की याद में भारत 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के रूप में मनाएगा। मोदी ने वैज्ञानिकों को चंद्रयान-3 मिशन की सफलता की बधाई देते हुए कहा, ‘‘यह कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। यह अनंत ब्रह्मांड में भारत की वैज्ञानिक उपलब्धि की जोरदार उद्घोषणा है।’’उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों से कहा, ‘‘आपने एक पूरी पीढ़ी को जागृत किया है और उन पर गहरी छाप छोड़ी है।… आप ‘मेक इन इंडिया’ को चंद्रमा तक लेकर गए।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत चंद्रमा पर है और देश का राष्ट्रीय गौरव भी चंद्रमा पर है। उन्होंने यहां स्थित ‘इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क’ (आईएसटीआरएसी) रवाना होने से पहले एचएएल (हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) हवाई अड्डे के बाहर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान और भविष्य में विश्वास करने वाले दुनियाभर के लोगों में भारत की इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह देश लौटने पर इसरो के वैज्ञानिकों को धन्यवाद देने के लिए सबसे पहले इस शहर में आने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा, ‘‘न केवल भारतीयों, बल्कि विज्ञान में भरोसा रखने वाले, भविष्य की ओर देखने वाले और मानवता के प्रति समर्पित दुनियाभर के लोगों में उत्साह है।’’ मोदी ने उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में आए बेंगलुरु के लोगों को धन्यवाद दिया।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं देख रहा हूं कि बच्चों समेत ये लोग सुबह इतनी जल्दी उठकर आए हैं। ये बच्चे भारत का भविष्य हैं।’
- नासिक. महाराष्ट्र के नासिक शहर में बृहस्पतिवार शाम पांच-छह अज्ञात लोगों के एक समूह ने 22 वर्षीय सब्जी विक्रेता की हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अंबाड थाने के अधिकारी ने बताया कि संदीप आठवले की शाम करीब साढ़े चार बजे चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जब वह पुराने सिडको इलाके में शिवाजी चौक पर एक शॉपिंग सेंटर आया था। अधिकारी ने कहा, “हमलावर तुरंत भाग गए। उन्हें पकड़ने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। अंबाड, इंदिरानगर और एमआईडीसी थानों की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्या के बाद अठावले के रिश्तेदार और दोस्त आक्रोशित हैं, इसलिए वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी ने बृहस्पतिवार को मथुरा-वृंदावन के मंदिरों और भवनों की तस्वीरों के साथ एक किताब (चल मन वृंदावन) का विमोचन किया। इस किताब (कॉफी टेबल बुक) का लेखन तथा संपादन अशोक बंसल ने किया है तथा इसे बिमटेक फाउंडेशन के अध्यक्ष हरिवंश चतुर्वेदी ने प्रकाशित किया है। मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद हेमा मालिनी ‘‘चल मन वृंदावन'' की मुख्य संपादक हैं। यह किताब हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा दोनों में प्रकाशित की गयी है। केंद्रीय आवासीय एवं शहरी मामलों के मंत्री पुरी ने उन्हें इस पुस्तक के विमोचन का हिस्सा बनाने के लिए हेमा मालिनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस किताब को ‘‘ब्रज भूमि के संक्षिप्त इतिहास के साथ वृंदावन के आकर्षणों और त्योहारों का जीवंत और समृद्ध विवरण'' बताया। इस मौके पर हेमा मालिनी ने कहा कि सूरदास, रसखान से लेकर चैतन्य महाप्रभु तक कई संतों और आध्यात्मिक कवियों ने वृंदावन के सौंदर्य और भगवान कृष्ण की लीलाओं का सजीव ढंग से वर्णन किया है, जो आगामी पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। यहां नए महाराष्ट्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीकांत माधव वैद्य भी शामिल हुए।
- गोरखपुर . जिला प्रशासन ने यहां गोरखनाथ मंदिर समेत चुनिंदा स्थानों के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर हाल ही में प्रतिबंध लगा दिया है और ड्रोन उड़ाने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। अपर जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, गोरखनाथ मंदिर, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड द्वारा संचालित उर्वरक संयंत्र, एम्स, रेलवे स्टेशन और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की दो किलोमीटर की परिधि सहित विशेष स्थानों के ऊपर और इसके आसपास ड्रोन उड़ाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। आदेश में कहा गया है कि अनुमति के लिए आवेदन ड्रोन गतिविधि से कम से कम सात दिन पूर्व जमा किया जाना आवश्यक है और किसी तरह के उल्लंघन को अपराध समझा जाएगा। सोमवार की शाम एक घटना में गोरखनाथ थानाक्षेत्र के नाथमलपुर में एक व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए ड्रोन उड़ा रहा था। यह ड्रोन गोरखनाथ मंदिर के ऊपर भी गया। ड्रोन के उपयोग के लिए अनुमति के बारे में पूछे जाने पर वह अनुमति पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ था। इसके बाद, पुलिस ने उसका ड्रोन, हार्ड डिस्क और मोबाइल उपकरण जब्त कर लिया और उसके खिलाफ भादंसं धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया।
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बैंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 मिशन के रोवर ‘प्रज्ञान’ के लैंडर ‘विक्रम’ से बाहर निकलने और इसके चंद्रमा की सतह पर चलने का एक शानदार वीडियो शुक्रवार को जारी किया। यह वीडियो लैंडर के इमेजर कैमरे ने बनाया है।
इसरो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह वीडियो साझा करते हुए संदेश लिखा, ‘‘… और चंद्रयान-3 का रोवर, लैंडर से निकलकर इस तरह चंद्रमा की सतह पर चला।’’… … and here is how the Chandrayaan-3 Rover ramped down from the Lander to the Lunar surface. pic.twitter.com/nEU8s1At0W— ISRO (@isro) August 25, 2023भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान-3 के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने के बाद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) से ली गई उसकी तस्वीर भी जारी की।इसरो ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा, ‘‘… चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने Chandrayaan-3 लैंडर की तस्वीरें लीं। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर हाई-रेजोल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे वर्तमान में मौजूद सभी कैमरों की अपेक्षा में सर्वश्रेष्ठ रेजोल्यूशन वाला कैमरा है। इसने 23 अगस्त 2023 को चांद की सतह पर उतरे चंद्रयान-3 लैंडर को कैमरे में कैद किया।’’ चंद्रयान-2 ऑर्बिटर को 2019 में प्रक्षेपित किया गया था। यह अब भी चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा रहा है।‘प्रज्ञान’ के साथ ‘विक्रम’ बुधवार को अपने मकसद के लिए निर्धारित ‘‘क्षेत्र के भीतर’’ चंद्रमा की सतह पर उतरा था। चंद्रमा की सतह पर उतरने के कुछ घंटों बाद 26 किलोग्राम वजनी छह पहियों वाला रोवर, लैंडर से बाहर निकला।इसरो ने गुरुवार शाम कहा था, ‘‘सभी गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। सभी प्रणालियां सामान्य हैं। लैंडर मॉड्यूल में मौजूद इल्सा (‘इंस्ट्रूमेंट फॉर लूनर सीस्मिक एक्टिविटी’), रंभा (रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव आयनोस्फियर एंड एटमॉस्फियर) और चेस्ट आज चालू हो गए। रोवर ने चलना शुरू कर दिया है।‘प्रोपल्शन मॉड्यूल’ में मौजूद ‘शेप’ (स्पेक्ट्रो-पोलरिमेट्री ऑफ हैबिटेबल प्लैनेट अर्थ) पेलोड का संचालन रविवार को शुरू हो गया था।’’ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ से लैस लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग’ कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब छह बजकर चार मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। - नयी दिल्ली । सरकार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में सूचना आयुक्तों के पदों के लिए 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पहले से ही अपनी आधी क्षमता से कम पर काम कर रहा है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी मिली। सीआईसी केंद्र सरकार से संबंधित आरटीआई मामलों में सर्वोच्च अपीलीय प्राधिकरण है। एक मुख्य सूचना आयुक्त और 10 सूचना आयुक्तों (आईसी) की कुल क्षमता के मुकाबले, आयोग एक मुख्य सूचना आयुक्त और चार आईसी के साथ काम कर रहा है। मुख्य सूचना आयुक्त वाई.के. सिन्हा का कार्यकाल तीन अक्टूबर को समाप्त होगा। अधिकारियों ने कहा कि शेष सूचना आयुक्त - सुरेश चंद्र, उदय माहुरकर, हीरालाल सामरिया और सरोज पुन्हानी - नवंबर में कार्यमुक्त हो जाएंगे। आरटीआई कार्यकर्ता कमांडर (सेवानिवृत्त) लोकेश बत्रा के एक आरटीआई आवेदन के जवाब में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने कहा कि सूचना आयुक्तों (छह से अधिक नहीं) के पदों के लिए 20 दिसंबर, 2022 के विज्ञापन के बाद 256 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया का विवरण देते हुए, डीओपीटी ने कहा कि आवेदकों का विवरण उसके द्वारा सारणीबद्ध किया जाता है और इसे प्रधानमंत्री द्वारा गठित और कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति को भेजा जाता है। इसके बाद छांटे गए सभी उम्मीदवारों के नाम और विवरण प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति को भेजे जाते हैं, जिसमें विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी शामिल होते हैं। जवाब में कहा गया है कि समिति द्वारा अनुशंसित व्यक्तियों को राष्ट्रपति द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग में नियुक्त किया जाता है।
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भिवानी (हरियाणा). भिवानी में बृहस्पतिवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टककर मार दी जिससे दोपहिया सवार परिवार के चार लोगों में से तीन की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। सिवानी थाने के प्रभारी कुलदीप ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर बड़वा गांव के पास ट्रक ने एक बाइक को टककर मार दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में हिसार के सदनपुर निवासी पुरखा राम घायल हो गया जबकि उसकी भांजी मनीषा (13), मां सरोज (48) और नानी शांति देवी (70) की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पूरा परिवार जागरण में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था।
थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया इस मामले में पुरखा राम के बयान के आधार पर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह सभी खरीद के लिए बिल मांगने वाले ग्राहकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मेरा बिल मेरा अधिकार' पहल शुरू करेगी। इस योजना के तहत प्रत्येक तिमाही में एक-एक करोड़ रुपये के दो बम्पर पुरस्कार दिए जाएंगे। इसे प्रायोगिक तौर पर एक सितंबर से 12 महीने के लिए शुरू किया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि हर महीने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) इन्वॉयस या बिल के 800 लकी ड्रॉ होंगे, जिनमें से प्रत्येक का पुरस्कार मूल्य 10,000 रुपये होगा। इसके अलावा 10 और ड्रॉ होंगे जिनमें पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपये होगी। बयान के अनुसार, बंपर पुरस्कार के लिए तिमाही आधार पर ड्रॉ निकाला जाएगा। -
अयोध्या . अगले साल जनवरी में होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय बैठक की। अयोध्या के मंडलायुक्त कार्यालय में हुई इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी शामिल हुए। अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार ने कहा, “इस बैठक के एजेंडा में समारोह में शामिल होने जा रहे एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, खानपान और साफ सफाई की व्यवस्था भी शामिल थी। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में इतनी भारी भीड़ के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।” ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम के लिए औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया है और अतिथियों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों के मुताबिक, देशभर से साधु संतों और अति विशिष्ट जनों सहित एक लाख से अधिक लोगों को इस उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। मंदिर ट्रस्ट जिला प्रशासन के साथ मिलकर इन अतिथियों के लिए व्यवस्था देखेगा। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट के अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंडलायुक्त गौरव दयाल, पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजकरण नय्यर और अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह शामिल थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें आंतरिक सुरक्षा, मादक पदार्थों के वित्त पोषण (नार्को फाइनेंस) आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर चर्चा की गई। दो दिवसीय सम्मेलन में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरती चुनौतियों पर भी चर्चा की। केंद्रीय गृह मंत्री ने यहां राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन किया। अधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें आतंक के रुझान, भारत में नार्को-फाइनेंसिंग, जांच में फोरेंसिक विज्ञान का उपयोग, सामाजिक चुनौतियां, परमाणु और रेडियोलॉजिकल अत्यावश्यकताओं के लिए आपातकालीन तैयारी एवं साइबर सुरक्षा ढांचा शामिल है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के सभी पहलुओं को मजबूत करके एक सुरक्षित राष्ट्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री ने नागरिकों और भारत की सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों के अलावा मादक पदार्थों की तस्करी के खतरे से निपटने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस क्षेत्र में विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने सभी राज्यों और एजेंसियों से मादक पदार्थ के तस्करों और उनके गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को जारी रखने का आग्रह किया। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सम्मेलन में मौजूदा और उभरती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए मिश्रित तरीके (हाइब्रिड मोड) से पुलिस नेतृत्व, विशेषज्ञों और अत्याधुनिक तकनीकी से लैस पेशेवरों ने शिरकत की। इस सम्मेलन में 750 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। शाह शुक्रवार को सम्मेलन के समापन सत्र को भी संबोधित करेंगे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को बी-20 शिखर सम्मेलन भारत-2023 को संबोधित करेंगे। इसमें दुनियाभर के लगभग 1,700 उद्योग क्षेत्र के लोग और विशेषज्ञ शामिल होंगे। तीन दिन का यह सम्मेलन शुक्रवार से शुरू होगा। बिजनेस-20 (बी-20) जी-20 का एक मंच है, जो वैश्विक व्यापार समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। इसे 2010 में स्थापित किया गया था। जी-20 सम्मेलन अगले महीने होगा। बी-20 भारत के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि बी-20 का विषय सभी व्यवसायों के लिए जिम्मेदार, त्वरित, नवीन, टिकाऊ और न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
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बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से जुड़े सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि रोवर ‘प्रज्ञान' लैंडर ‘विक्रम' से बाहर निकल आया है और यह अब यह चंद्रमा की सतह पर घूमेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विक्रम' लैंडर से रोवर ‘प्रज्ञान' के सफलता पूर्वक बाहर आने पर इसरो की टीम को बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘मैं ‘विक्रम' लैंडर से रोवर ‘प्रज्ञान' के सफलता पूर्वक बाहर आने पर एक बार फिर इसरो की टीम और देशवासियों को बधाई देती हूं। विक्रम की लैंडिंग के कुछ घंटों बाद इसका बाहर आना चंद्रयान 3 के एक और चरण की सफलता को दर्शाता है।
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नयी दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में ‘चंद्रयान-3' की सफलता के बाद अनंत संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती चांद के दुर्गम दक्षिणी ध्रुवीय इलाके में पानी की मौजूदगी की संभावना की पुष्टि और खानिज एवं धातुओं की उपलब्धता का पता लगाने की होगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन अध्ययनों से चंद्रमा पर जीवन की संभावना एवं सौर मंडल की उत्पत्ति के रहस्यों से परदा हटाने में भी मदद मिलेगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर शांतब्रत दास ने बताया, ‘‘ चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव बेहद दुर्गम और कठिन क्षेत्र है। इसमें 30 किलोमीटर तक गहरी घाटियां और 6-7 किलोमीटर तक ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र आते हैं। इस इलाके में लैंडिंग करना ही अपने आप में काफी चुनौतिपूर्ण कार्य था।'' उन्होंने बताया कि चंद्रमा के इस हिस्से में कई इलाके ऐसे हैं जहां सूर्य की किरणें पड़ी ही नहीं हैं । ऐसे में यहां जमे हुए पानी के महत्वपूर्ण भंडार हो सकते हैं। चंद्रयान-1 से इस बारे में संकेत भी मिले थे। प्रो. दास ने बताया कि ‘प्रज्ञान' रोवर पर दो पेलोड लगे हैं। इसमें पहला ‘लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप' है जो चांद की सतह पर मौजूद रसायनों की मात्रा और गुणवत्ता का अध्ययन करने के साथ ही खनिजों की खोज करेगा। दूसरा पेलोड ‘अल्फा पार्टिकल एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर' है जो तत्वों एवं अवयवों की बनावट का अध्ययन करेगा और मैग्नीशियम, अल्यूमिनियम, सिलिकान, पोटैशियम, कैल्शियम, टिन, लोहे के बारे में पता लगायेगा। चंद्रमा पर धातुओं एवं खनिजों की उपलब्धता के बारे में एक सवाल के जवाब में आईआईटी गुवाहाटी के प्रोफेसर दास ने कहा, ‘‘ मैं वहां धातुओं एवं खनिजों की मौजूदगी से इंकार नहीं कर रहा। लेकिन यह कितनी मात्रा में होगी, यह महत्वपूर्ण विषय है।'' उन्होंने बताया कि चंद्रमा की मिट्टी की संरचना का अध्ययन करने से यह बात सामने आई है कि इसका औसत घनत्व 3.2 ग्राम प्रति क्यूबिक सेंटीमीटर है जो पृथ्वी के औसत घनत्व 5.5 ग्राम प्रति क्यूबिक सेंटीमीटर से करीब करीब आधा है । चंद्रमा की उत्पत्ति पृथ्वी के बाद हुई है, ऐसे में वहां भारी धातुओं की मौजूदगी की मात्रा अध्ययन का विषय होगी। प्रो. दास ने बताया कि चंद्रमा पर आगे अध्ययन से निश्चित रूप से भविष्य के अभियान, वहां जल की मौजूदगी आदि के बारे में जानने में काफी मदद मिलेगी। वहीं, पुणे स्थित इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईयूसीएए) के वैज्ञानिक प्रो. दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन के तहत लैंडर और रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है और ऐसा अनुमान है कि यहां जमे हुए पानी के भंडार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पानी की मौजूदगी का पता लगाना रहेगी। इसके अलावा खनिजों की मौजूदगी, उनकी गुणवत्ता और उनकी मात्रा संबंधी अध्ययन भी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इन अध्ययनों से सौर मंडल की उत्पत्ति से जुड़े अन्य रहस्यों को जानने में मदद मिलेगी। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि पानी जीवन के लिए बहुत जरूरी है और अगर चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चलता है तो प्रौद्योगिकी का उपयोग करके इसे हाइड्रोजन और आक्सीजन के रूप में अलग किया जा सकता है। आईयूसीएए के वैज्ञानिक ने बताया कि इससे भविष्य के अभियानों में काफी मदद मिलेगी।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), जोधुपर के प्रोफेसर, डा. अरूण कुमार ने बताया, ‘‘ इस अभियान के तहत चंद्रमा की सतह पर भूकंपीय गतिविधि का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा । इसके अलावा, इलैक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों से जुड़ा अध्ययन भी किया जाएगा।'' इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 26 किलोग्राम वजनी रोवर ‘प्रज्ञान' से लैस ‘विक्रम' लैंडर मॉड्यूल की ‘सॉफ्ट लैंडिग' कराने में सफलता हासिल की है। चंद्रमा की सतह पर पहुंचे चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) से रोवर ‘प्रज्ञान' बाहर निकल आया है। रोवर इस दौरान चंद्रमा की सतह पर घूमकर वहां मौजूद रसायनों का विश्लेषण करेगा।
लैंडर और रोवर के पास वैज्ञानिक पेलोड हैं जो चांद की सतह पर प्रयोग करेंगे। -
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बढ़ते सीमा पार ई-वाणिज्य के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए जी20 व्यापार मंत्रियों को बड़े तथा छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का बृहस्पतिवार को सुझाव दिया। जी20 व्यापार एवं निवेश मंत्रियों की बैठक को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उचित मूल्य हासिल करने और शिकायत प्रबंधन तंत्र में उपभोक्ताओं के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान तलाशने की बात पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ डिजिटल प्रक्रियाओं और ई-वाणिज्य में बाजार की पहुंच बढ़ाने की क्षमता है। मुझे खुशी है कि आपका समूह ‘व्यापार दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए उच्च स्तरीय सिद्धांतों' पर काम कर रहा है। ये सिद्धांत देशों को सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार उपायों को लागू करने और अनुपालन बोझ को कम करने में मदद कर सकते हैं।''प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ जैसे-जैसे सीमा पार ई-वाणिज्य बढ़ रहा है, चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। हमें बड़े तथा छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।'' जी20 समूह के व्यापार मंत्री अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य तथा निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं। सरकार की पहल ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ओएनडीसी) को बड़ा बदलाव बताते हुए मोदी ने कहा कि यह ‘डिजिटल मार्केटप्लेस इको-सिस्टम' का लोकतंत्रीकरण करेगा। मोदी ने कहा कि दुनिया भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्वास भरी नजरों से देख रही है और भारत को अवसरों तथा खुलेपन का संयोजन माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में भारत पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन गया और उसने प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया तथा पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘ आज हम भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर आशावाद तथा विश्वास देखते हैं। भारत को खुलेपन, अवसरों और विकल्पों के संयोजन के रूप में देखा जाता है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने डिजिटलीकरण का विस्तार किया है और नवाचार को बढ़ावा दिया है। ‘‘हम लाल फीताशाही से रेड कार्पेट की ओर बढ़े हैं। हमने एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के प्रवाह को उदार बनाया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे बढ़कर हम नीतिगत स्थिरता लाए हैं। हम अगले कुछ वर्षों में भारत को तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं ने विश्व अर्थव्यवस्था की परीक्षा ली और जी20 के सदस्यों के रूप में यह देशों की जिम्मेदारी है कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा निवेश में विश्वास का पुनर्निर्माण करें। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हमें मजबूत और समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं बनानी चाहिए जो भविष्य में पेश होने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें। इस संदर्भ में, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के मानचित्रण के लिए एक सामान्य ढांचा बनाने का भारत का प्रस्ताव महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने ई-वाणिज्य की वृद्धि पर कहा कि बड़े और छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है। मोदी ने कहा, ‘‘ हमें उचित मूल्य खोज तथा शिकायत निवारण तंत्र में उपभोक्ताओं के समक्ष पेश होने वाली समस्या का भी समाधान तलाशने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उनसे 60 से 70 प्रतिशत रोजगार का सृजन होता है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में वे 50 प्रतिशत योगदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उन्हें (एमएसएमई) हमारे निरंतर समर्थन की जरूरत है... हमारे लिए एमएसएमई का मतलब सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को अधिकतम समर्थन है।'' उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘जयपुर इनीशिएटिव टू फोस्टर सीमलेस फ्लो ऑफ इंफॉर्मेशन टू एमएसएमई' इस क्षेत्र के समक्ष पेश होने वाली समस्याओं का समाधान तलाशेगी।
- पणजी । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को गोवा की अपनी यात्रा के तीसरे दिन पुराने गोवा में ‘बैसिलिका ऑफ बोम जीसस' गिरजाघर पहुंचीं और दो मंदिर भी गयीं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तर गोवा जिले में स्थित इस गिरजाघर में सेंट फ्रांसिस जेवियर के अवशेष हैं और इसे संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी ‘संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन' (यूनेस्को) ने विश्व धरोहर में शामिल किया है। अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब साढ़े 10 बजे बैसिलिका ऑफ बोम जीसस पहुंचीं और गिरजाघर गयीं। उनके साथ राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्होंने इस स्थान के ऐतिहासिक और वास्तुकला के महत्व के बारे में जानकारी ली।''मुर्मू ने दिल्ली रवाना होने से पहले यहां श्री शांतादुर्ग मंदिर और श्री महालसा मंदिर में दर्शन भी किए। शांतादुर्ग मंदिर केवलम गांव और महालसा मंदिर मरडोल में स्थित है। राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से एक्स पर पोस्ट किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवा की अपनी यात्रा बैसिलिका ऑफ बोम जीसस जाकर तथा श्री शांतादुर्ग मंदिर और श्री महालसा नारायणी मंदिर में दर्शन करके पूरा किया। राष्ट्रपति मुर्मू बाद में दिल्ली रवाना हो गयीं।राष्ट्रपति ने बुधवार को यहां राज्य विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया और मानवता की दिशा में अपनी जिम्मेदारियों का समान रूप से निर्वहन करते हुए 2040 तक एक ‘‘आत्मनिर्भर'' भारत के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कल ही यहां राजभवन में गोवा विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और कृत्रिम मेधा तथा डाटा विज्ञान में देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय संस्थान विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने मंगलवार को यहां राजभवन में एक नागरिक अभिनंदन समारोह में हिस्सा लिया जहां उन्होंने गोवा में ‘‘समान नागरिक संहिता'' की प्रशंसा की और कहा कि यह राज्य के लिए गौरव की बात है तथा देश के लिए एक अच्छा उदाहरण है।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के अन्नी इलाके में गुरुवार को कम से कम आठ इमारतें ढह गईं, जिन्हें हाल में हुई भारी बारिश की वजह से दरारें पड़ने के बाद असुरक्षित घोषित कर दिया गया था।हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। इमारतों के धराशायी होने की वजह से आसपास धूल का गुबार और मलबा बिखर गया।मौके पर मौजूद अन्नी के उप संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) नरेश वर्मा ने कहा कि इन इमारतों में दुकान, बैंक और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान थे। इमारतों में चार-पांच दिन पहले दरारें आ गई थीं तथा इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया था।उन्होंने बताया कि हाल ही में सभी इमारतों को खाली करा लिया गया था।अधिकारी ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा अन्नी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के किनारे स्थित कुछ अन्य असुरक्षित इमारतों को भी एहतियान खाली करा लिया गया है।हिमाचल प्रदेश में इस महीने बारिश संबंधित घटनाओं में करीब 120 लोगों की मौत हुई है। 24 जून को राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक कुल 238 लोगों ने बारिश जनित घटनाओं में अपनी जान गंवाई है तथा 40 लोग अभी भी लापता हैं।मंगलवार रात को राज्य में तीसरे दौर की मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शिमला शहर को भारी नुकसान हुआ। नौ और दस जुलाई को भीषण बारिश से मंडी और कुल्लू जिलों में तबाही मची थी। शिमला और सोलन जिलों में 14 और 15 अगस्त को बारिश ने कहर ढाया था। मंगलवार रात से तीसरे दौर में शिमला में तबाही मच गई।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि क्षतिग्रस्त ढांचों की बहाली के लिये राज्य के सभी उपायुक्तों और संबंधित विभागों को 165.22 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। उन्होंने दावा किया कि भारी बारिश के कारण राज्य को अब तक लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- इंदौर (मध्यप्रदेश) । देश के सबसे साफ-सुथरे नगर इंदौर ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2023 में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीपीसीबी के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2023 में इंदौर ने 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में 200 में से सर्वाधिक 187 अंक हासिल किए। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण में आगरा 186 अंकों के साथ दूसरे और ठाणे 185.2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।अधिकारियों ने बताया कि सीपीसीबी ने आबादी की अलग-अलग श्रेणियों में कुल 130 शहरों द्वारा ‘प्राणा’ पोर्टल पर डाली गई स्व-मूल्याकंन रिपोर्ट और संबद्ध दस्तावेजों को परखने के बाद स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2023 की रैंकिंग तय की। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर के अव्वल रहने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इंदौर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उपायों का ब्योरा देते हुए बताया कि शहर की व्यस्त सड़कों को झाड़ू मशीन वाले उस विशेष वाहन से बुहारा जाता है जो धूल के कणों को खुद में समेटकर इन्हें वायुमंडल में मिलने से रोकता है।महापौर ने बताया कि शहर में कोयले और लकड़ी से जलने वाले तंदूरों की तादाद सीमित करते हुए हरित ईंधनों वाले तंदूरों को बढ़ावा दिया गया है।भार्गव ने बताया कि शहर में निर्माण और विध्वंस की गतिविधियों से निकलने वाले अपशिष्ट के संग्रहण, परिवहन और निपटान से जुड़े सभी वाहनों को तिरपाल से ढंककर चलाया जाना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही, भवन निर्माण स्थलों को बाहर से हरी जाली लगाकर ढंकना अनिवार्य किया गया है।इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में हर दिन औसतन 1,162 टन ठोस कचरा पैदा होता है जिसमें करीब 164 टन प्लास्टिक अपशिष्ट शामिल है।उन्होंने बताया कि इस कचरे को निगम की गाड़ियों के जरिये शहर के हर दरवाजे से अलग-अलग श्रेणियों में जमा किया जाता है और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर चलाए जा रहे संयंत्र में उसी दिन इसका सुरक्षित निपटारा किया जाता है।
- तिरुवनंतपुरम। भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से प्रसन्न भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों की पगार विकासित देशों के वैज्ञानिकों के वेतन का पांचवां हिस्सा है और शायद यही कारण है कि वे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए किफायती तरीके तलाश सके।नायर ने अन्य देशों की तुलना में बेहद कम कीमत वाले साधनों के जरिए अंतरिक्ष में खोज के भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के इतिहास के बारे में कहा, ‘‘ इसरो में वैज्ञानिकों, तकनीशियनों और अन्य कर्मियों को जो वेतन भत्ते मिलते हैं वे दुनिया भर में इस वर्ग के लोगों को मिलने वाले वेतन भत्तों का पांचवा हिस्सा है। इसका एक लाभ भी है।’’उन्होंने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों में कोई भी लखपति नहीं है और वे बेहद सामान्य जीवन जीते हैं।नायर ने कहा, ‘‘ हकीकत यह है कि वे धन की कोई परवाह भी नहीं करते, उनमें अपने मिशन को लेकर जुनून और प्रतिबद्धता होती है। इस तरह हम ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं।’’उन्होंने कहा कि इसरो के वैज्ञानिक बेहतरीन योजना बना कर और दीर्घ कालिक दृष्टिकोण के जरिए ये उपलब्धि हासिल कर सके।इसरो के पूर्व प्रमुख के अनुसार, ‘‘ हम एक-एक कदम से सीखते हैं। जो हमने अतीत में सीखा है, हम अगले मिशन में उसका इस्तेमाल करते हैं। हमने करीब 30 वर्ष पहले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान के लिए जो इंजन बनाया था उसी का इस्तेमाल भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान में भी किया जाता है।’’उन्होंने कहा कि भारत अपने अंतरिक्ष अभियानों के लिए घरेलू तकनीक का उपयोग करता है और इससे उन्हें लागत को काफी कम करने में मदद मिली है। भारत के अंतरिक्ष मिशन की लागत अन्य देशों के अंतरिक्ष अभियानों की तुलना में 50 से 60 प्रतिशत कम है।नायर ने कहा,‘‘ हमने अच्छी शुरुआत की है और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।’’पूर्व इसरो प्रमुख ने कहा कि देश के पास पहले से ही यूरोप और अमेरिका के साथ कई वाणिज्यिक अनुबंध हैं और अब चंद्रयान-3 की सफलता के साथ ये बढ़ेंगे।इसरो के अनुसार, चंद्रयान-3 की कुल लागत केवल 615 करोड़ रुपये है जो देश में एक बॉलीवुड फिल्म के निर्माण बजट के लगभग बराबर है।अंतरिक्ष अभियान में बड़ी छलांग लगाते हुए भारत का चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा, जिससे देश चांद के इस क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला तथा चंद्र सतह पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में यह ऐतिहासिक उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब कुछ दिन पहले रूस का अंतरिक्ष यान ‘लूना 25’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के मार्ग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
- नयी दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने हलके लड़ाकू विमान (एलसीए) परियोजना की समीक्षा की है। उनका यह कदम ऐसे समय आया है जब भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को स्वदेशी रूप से विकसित लड़ाकू विमान के एमके-1ए संस्करण की आपूर्ति अगले साल फरवरी में शुरू होने वाली है। उन्होंने इस परियोजना को एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का “ध्वजवाहक” बताया और इससे सीखे गए सबक को भविष्य की रक्षा परियोजनाओं में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वायुसेना ने कहा कि वायुसेना प्रमुख ने मंगलवार को वायुसेना मुख्यालय में एलसीए तेजस परियोजना की समीक्षा की। फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट की खरीद के लिए सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। अधिकारियों के अनुसार, जेट का नया संस्करण दृश्य सीमा से परे मिसाइलों सहित कई हथियारों के साथ वार करने में सक्षम होगा। आईएएफ के अनुसार, वायुसेना प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना की प्रकृति को देखते हुए यह आवश्यक है कि सभी हितधारक इसकी सफलता के लिए एक सहयोगी दृष्टिकोण अपनाएं। आईएएफ ने एक बयान में कहा कि एलसीए कार्यक्रम देश की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल का “अग्रदूत” रहा है। भारतीय वायुसेना ने शुरुआती संस्करण के लगभग 40 एलसीए तेजस को पहले ही शामिल कर लिया है।समीक्षा के दौरान रक्षा मंत्रालय, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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