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दीफू. असम के कार्बी आंगलोग जिले में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान में ढाई करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की गयी और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के संयुक्त दल ने जिले के लोहारिजान क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया और एक वाहन को पकड़ा। उसने बताया कि वाहन की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को साबुन के 45 पैकेट में 529.36 ग्राम हेरोइन मिली जिसे इस गाड़ी के खाली टायर में छिपाकर रखा गया था। पुलिस के अनुसार, इस सिलसिले में मणिपुर के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब्त हेरोइन की कीमत ढाई करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है। -
बेलगावी . कर्नाटक के एक जिले में बुधवार रात एक कार से 1.54 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। आगे की जांच के लिए पुलिस ने आयकर विभाग (आईटी) को सूचित कर दिया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “विश्वसनीय सूचना के बाद एक कार को रोका गया और उसमें से 1.54 करोड़ रुपये जब्त किए गए। मामला दर्ज किया जा रहा है और आईटी विभाग को सूचना दे दी गई है।” कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं।
राज्य में 29 मार्च से आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 76.70 करोड़ रुपये नकद, 42.82 करोड़ रुपये की शराब और 49.71 करोड़ रुपये के सोने सहित 204 करोड़ रुपये से अधिक की सामग्री जब्त की जा चुकी है। -
कठुआ/जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में तीसरी कक्षा की एक छात्रा द्वारा एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने स्कूल में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह करने के कुछ दिनों बाद केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने इसे नया रूप देने के लिए काम शुरू कर दिया है। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री से एक वीडियो के माध्यम से सीरत नाज द्वारा की गई अपील ने जम्मू के स्कूल शिक्षा निदेशक रविशंकर शर्मा को दूरस्थ लोहाई-मल्हार प्रखंड में सरकारी स्कूल का दौरा करने के लिए प्रेरित किया। इस वीडियो को कई लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। नाज ने अपने चार मिनट के वीडियो की शुरुआत में कहा, “अस्सलाम अलैकुम मोदीजी। आप कैसे हो आप... आप सब की बात सुनते हो, मेरी भी बात सुनो।” स्कूल की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए नाज ने कहा कि विद्यार्थी गंदे फर्श पर बैठने के लिए मजबूर हैं, जिससे अक्सर उनकी स्कूल वर्दी गंदी हो जाती है। उसने शौचालयों की बदहाली, खुले में शौच की समस्या और स्कूल के अधूरे निर्माण कार्य का भी जिक्र किया। इस लड़की ने प्रधानमंत्री से अपनी भावुक अपील में कहा, “आप पूरे देश की बात सुनते हैं, कृपया मेरी भी सुनें और हमारे लिए एक अच्छा स्कूल बनाएं ताकि हम अपनी शिक्षा जारी रख सकें और हमें अपनी वर्दी के गंदा होने के कारण अपनी माताओं से डांट न खानी पड़े।” वीडियो को संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन तुरंत स्कूल को नया रूप देने के लिए हरकत में आ गया।
स्कूल का दौरा करने के बाद शर्मा ने कहा, ‘‘ आधुनिक तर्ज पर स्कूल के उन्नयन के लिए 91 लाख रुपये की परियोजना मंजूर की गयी थी लेकिन किसी प्रशासनिक मंजूरी के कारण काम अटक गया था। अब उसे सुलझा लिया गया है और काम चल रहा है।' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध, मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चिंताओं को इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा कि आज समय की मांग है कि प्रत्येक राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो। राजधानी स्थित अशोक होटल में आयोजित पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध के उपदेशों में है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्व को सुखी बनाना है तो स्व से निकलकर संसार, संकुचित सोच को त्यागकर, समग्रता का यह बुद्ध मंत्र ही एकमात्र रास्ता है।'' मोदी ने कहा कि सभी को अपने आस-पास गरीबी से जूझ रहे लोगों के बारे में और साथ ही संसाधनों के अभाव में फंसे देशों के बारे में सोचना ही होगा। उन्होंने कहा, ‘‘एक बेहतर और स्थिर विश्व की स्थापना के लिए यही एक मार्ग है। आज यह समय की मांग है कि हर व्यक्ति की, हर राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बात सर्व स्वीकार्य है कि आज का यह समय इस सदी का सबसे चुनौतीपूर्ण समय है।
उन्होंने कहा, आज एक ओर महीनों से दो देशों में युद्ध चल रहा है तो वहीं दुनिया आर्थिक अस्थिरता से भी गुजर रही है। आतंकवाद और मज़हबी उन्माद जैसे खतरे मानवता की आत्मा पर प्रहार कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती पूरी मानवता के अस्तित्व पर आफत बनकर मंडरा रही है। ग्लेशियर्स पिघल रहे हैं। पारिस्थितकीय तंत्र नष्ट हो रहे है। प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। लेकिन इन सबके बीच हमारे आप जैसे करोड़ों लोग भी हैं जिन्हें बुद्ध में आस्था है और जीव मात्र के कल्याण में विश्वास है।'' प्रधानमंत्री ने इस उम्मीद को इस धरती की सबसे बड़ी ताकत करार दिया और कहा कि जब यह ताकत एकजुट होगी तो बुद्ध का धम्म विश्व की धारणा बन जाएगा और बुद्ध का बोध मानवता का विश्वास बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक विश्व की ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान सैंकड़ों वर्ष पहले दिए गए बुद्ध के उपदेशों में न हो। उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध ने सदियों पहले दे दिया था। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी संस्कृति मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से कर रहा है। शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘समकालीन चुनौतियों पर प्रतिक्रिया : अभ्यास के लिए दर्शन'' है। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत के महत्व और अहमियत को चिन्हित करेगा। शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शाक्यमुनि बुद्ध की शिक्षाओं पर गौर करना है जो सदियों से बुद्ध धम्म के अभ्यास से लगातार समृद्ध होती रही हैं। -
श्योपुर. इस साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से भारत लाए गए 12 चीतों को मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) के बड़े बाड़ों में छोड़ा गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सात नर और पांच मादा चीतों को 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से यहां लाकर केएनपी के पृथकवास के तहत बाड़े में छोड़ा गया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक जे एस चौहान ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) की हरी झंडी के बाद बारह चीतों को बड़े (अनुकूलन) बाड़े में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन विभाग को तीन दिन पहले डीएएचडी से मंजूरी मिली थी। चौहान ने कहा, "हमने उन्हें रिहा करना शुरू किया और पिछले तीन दिनों में प्रक्रिया पूरी की।"
उन्होंने कहा कि एक महीने के बाद इन चीतों को जंगल में छोड़ने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चीतों को उनके व्यवहार का अध्ययन करने के बाद पहले जत्थे में दो या तीन की संख्या में चरणबद्ध तरीके से जंगल में मुक्त किया जाएगा। पिछले साल सितंबर में आठ चीतों की पहली खेप को अफ्रीका के नामीबिया से केएनपी में लाया गया था।
भारत में विलुप्त होने के सात दशक बाद देश में फिर से इन्हे बसाने की योजना ‘‘ प्रोजेक्ट चीता '' के तहत अंतर महाद्वीपीय स्थानांतरण किया गया। देश के आखिरी चीते की मृत्यु वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी और इस प्रजाति को 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को 17 सितंबर 2022 को केएनपी में छोड़ा। पिछले महीने में नामीबिया से लाई गई पांच वर्षीय मादा चीता साशा की किडनी संबंधी बीमारी से मौत हो गई। -
-गुवाहाटी के नरेंगी मिलिटरी स्टेशन पर फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने बिहु महोत्सव पर फहराया विशाल तिरंगा-तिरंगे के बारे में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकतारायपुर । फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद श्री नवीन जिन्दल ने आह्वान किया है कि भारतवासी राष्ट्रसेवा की निरंतर प्रेरणा लेने के लिए रोज तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा है कि तिरंगा लैपल पिन, रिस्ट बैंड के माध्यम से भी हम राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन कर सकते हैं। तिरंगा हमें राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करता है।श्री नवीन जिन्दल का यह संदेश बिहु महोत्सव के शुभ अवसर पर असम की राजधानी गुवाहाटी के नरेंगी मिलिटरी स्टेशन में विशाल ध्वज फहराए जाने के उपलक्ष्य में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जनरल अशीम कोहली (रि.) ने पढ़े। उन्होंने कहा कि अमेरिका में प्रबंधन की पढ़ाई के दौरान श्री नवीन जिन्दल को प्रेरणा मिली कि राष्ट्रीय ध्वज रोज फहराने से देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। अमेरिका में रहते हुए ही उन्होंने प्रतिदिन तिरंगा फहराना शुरू कर दिया। वहां से भारत लौटकर उन्होंने रायगढ़ में अपनी फैक्ट्री का कामकाज संभाला और नियमित रूप से तिरंगा फहराना चाहा तो प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। उसके बाद श्री जिन्दल ने 10 साल कानूनी लड़ाई लड़ी और 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें प्रतिदिन पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराना भारतवासियों का मौलिक अधिकार बन गया। इसके अलावा सांसद के रूप में श्री नवीन जिन्दल ने नेशनल ऑनर एक्ट- 1971 में संशोधन कराने की पहल 2005 में की और जिसके परिणामस्वरूप हमें प्रतिदिन कमर के ऊपर तिरंगा धारण करने का अधिकार मिला। इसी तरह केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद हरियाणा के कैथल में 2009 में फ्लैग फाउंडेशन ने पहला 207 फुट ऊंचा विशाल ध्वज फहराया।श्री कोहली ने कहा कि अभी भी 95 प्रतिशत देशवासियों को राष्ट्रीय ध्वज के बारे में पर्याप्त ज्ञान नहीं है कि इसका कपड़ा क्या हो और इसे कबफहराया जाए? उन्होंने कहा कि हमारा झंडा 3&2 आकार में खादी, सिल्क,सूती या पॉलियेस्टर, किसी भी सामग्री का हो सकता है और आजादी के 75वें महोत्सव पर सरकार के फैसले के अनुसार हम अब दिन-रात तिरंगा फहरा सकते हैं। गुवाहाटी मिलिटरी स्टेशन पर फहराया गया यह झंडा फ्लैग फाउंडेशन की ओर से लोकार्पित 107वां विशाल ध्वज है। हालांकि श्री नवीन जिन्दल की पहल से प्रेरणा लेकर 700 से अधिक विशाल ध्वज देशभर में लगाए जा चुके हैं, जो दुनिया के किसी भी देश में लगाए गए झंडों की संख्या से अधिक है। अपनी स्थापना के बाद से ही फाउंडेशन देशवासियों को "हर घर तिरंगा - हर दिन तिरंगा" के लिए निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह झंडा अब देश की जनता का है। गुवाहाटी में आयोजित तिरंगा स्थापना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जीओसी इन सी (ईस्टर्न कमांड) लेफ्टिनेंट जनरल आर.पी. कलिता थे। - शाहजहांपुर (उप्र) ।शाहजहांपुर जिले में खेत बेचने के बाद मिले रुपए में हिस्सा नहीं मिलने पर बेटे ने अपने पिता तथा दादी की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी है । पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने गुरुवार को बताया कि तिलहर थानाक्षेत्र के मरक्का गांव में श्याम पाल ने चार महीने पहले अपना खेत आठ लाख रुपए में बेचा था और इस पैसे में उनका बेटा उनसे हिस्सा मांग रहा था, लेकिन उन्होंने उसे नहीं दिया । आनंद ने बताया कि आज सुबह आरोपी मोहित तथा उसकी पत्नी सत्यवती ने देशी तमंचे से अपने पिता श्यामपाल (50) तथा दादी भागमती (70) की गोली मारकर हत्या कर दी ।उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतको के शवों को कब्जे में ले लिया तथा आरोपी मोहित को भी हिरासत में ले लिया। आनंद ने बताया कि गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है, साथ ही मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है। उनके अनुसार पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध, मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चिंताओं को इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा कि आज समय की मांग है कि प्रत्येक राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो। राजधानी स्थित अशोक होटल में आयोजित पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध के उपदेशों में है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्व को सुखी बनाना है तो स्व से निकलकर संसार, संकुचित सोच को त्यागकर, समग्रता का यह बुद्ध मंत्र ही एकमात्र रास्ता है।’’मोदी ने कहा कि सभी को अपने आस-पास गरीबी से जूझ रहे लोगों के बारे में और साथ ही संसाधनों के अभाव में फंसे देशों के बारे में सोचना ही होगा।उन्होंने कहा, ‘‘एक बेहतर और स्थिर विश्व की स्थापना के लिए यही एक मार्ग है। आज यह समय की मांग है कि हर व्यक्ति की, हर राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बात सर्व स्वीकार्य है कि आज का यह समय इस सदी का सबसे चुनौतीपूर्ण समय है।उन्होंने कहा, ‘‘आज एक ओर महीनों से दो देशों में युद्ध चल रहा है तो वहीं दुनिया आर्थिक अस्थिरता से भी गुजर रही है। आतंकवाद और मज़हबी उन्माद जैसे खतरे मानवता की आत्मा पर प्रहार कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती पूरी मानवता के अस्तित्व पर आफत बनकर मंडरा रही है। ग्लेशियर्स पिघल रहे हैं। पारिस्थितकीय तंत्र नष्ट हो रहे है। प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। लेकिन इन सबके बीच हमारे आप जैसे करोड़ों लोग भी हैं जिन्हें बुद्ध में आस्था है और जीव मात्र के कल्याण में विश्वास है।’’प्रधानमंत्री ने इस उम्मीद को इस धरती की सबसे बड़ी ताकत करार दिया और कहा कि जब यह ताकत एकजुट होगी तो बुद्ध का धम्म विश्व की धारणा बन जाएगा और बुद्ध का बोध मानवता का विश्वास बन जाएगा।उन्होंने कहा कि आधुनिक विश्व की ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान सैंकड़ों वर्ष पहले दिए गए बुद्ध के उपदेशों में न हो। उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध ने सदियों पहले दे दिया था।इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी संस्कृति मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से कर रहा है। शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘समकालीन चुनौतियों पर प्रतिक्रिया : अभ्यास के लिए दर्शन’’ है। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत के महत्व और अहमियत को चिन्हित करेगा। शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शाक्यमुनि बुद्ध की शिक्षाओं पर गौर करना है जो सदियों से बुद्ध धम्म के अभ्यास से लगातार समृद्ध होती रही हैं।
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शिवमोगा (कर्नाटक) . कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई विजयेंद्र ने बुधवार को शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले विजयेंद्र ने एक मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक रोड शो भी किया। वह भाजपा की प्रदेश इकाई में उपाध्यक्ष हैं। निवर्तमान विधानसभा में इस सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और विजयेंद्र के भाई बी वाई राघवेंद्र भी इस अवसर पर उनके साथ उपस्थित थे। राघवेंद्र शिवमोगा से लोकसभा सदस्य हैं। येदियुरप्पा पहले ही चुनावी राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल है। मतदान 10 मई को होगा और परिणाम 13 मई को घोषित किए जाएंगे।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी प्रदान की, जिसपर अगले आठ वर्षों में करीब छह हजार करोड़ रुपये का व्यय आयेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और जितेन्द्र सिंह ने यह जानकारी दी। यह मिशन सटीक समय, संचार और नौवहन के लिए परमाणु प्रणालियों और परमाणु घड़ियों में उच्च संवेदनशीलता से लैस मैग्नेटोमीटर विकसित करने में मदद करेगा। ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बताया कि इस राष्ट्रीय क्वांटम मिशन पर 6003 करोड़ रुपये की लागत आयेगी और इसकी समयावधि वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक होगी। एक सरकारी बयान के अनुसार, इस नये मिशन (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन) के तहत सुपरकंडक्टिंग और फोटोनिक तकनीक जैसे विभिन्न प्लेटफार्म में आठ वर्षों में 50-1000 भौतिक क्यूबिट की क्षमता वाला मध्यवर्ती स्तर का क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई क्रांतिकारी कार्य किए हैं और यह मिशन इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने, क्वांटम प्रौद्योगिकी पर आधारित आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे बड़े पक्षकारों में शामिल है जहां क्वांटम से जुड़ी सूचनाओं का संवर्द्धन महत्वपूर्ण होता है। सिंह ने कहा कि इस मिशन के तहत सूचनाओं का संवर्द्धन तेज होगा और इन्हें अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कदम से भारत छह देशों की साथ खड़ा हो गया है जिनके पास इस तरह की क्षमता है। इन देशों में अमेरिका, कनाड़ा, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड और चीन शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके महत्वपूर्ण पहलुओं में भारत के भीतर 2000 किलोमीटर की सीमा में जमीनी स्टेशनों के बीच उपग्रह आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार व्यवस्था तैयार करना शामिल है। सरकारी बयान के अनुसार, यह तकनीक क्वांटम उपकरणों के निर्माण के लिए सुपरकंडक्टर्स, नवीन सेमीकंडक्टर संरचनाओं और सांस्थितिक (टोपोलॉजिकल) सामग्रियों आदि जैसी क्वांटम सामग्रियों के डिजाइन और संश्लेषण में भी सहायता करेगा। इसके तहत क्वांटम संचार और मौसम विज्ञान संबंधी अनुप्रयोगों के लिए एकल फोटॉन स्रोत विकसित किए जायेंगे। इसमें कहा गया है कि क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम संवेदी एवं मौसम विज्ञान और क्वांटम सामग्री एवं उपकरण के क्षेत्र में चार विषयगत केन्द्र स्थापित किये जायेंगे । ये केन्द्र मौलिक अनुसंधान के माध्यम से नए ज्ञान के सृजन पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
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नयी दिल्ली. भारत और श्रीलंका में पायी जाने वाली टिटहरी (हनुमान प्लोवर) को 86 साल बाद एक बार फिर से प्रजाति का दर्जा बहाल किया गया है और शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह कदम जोखिम वाले पर्यावासों को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। हिन्दुओं के देवता- हनुमान- के नाम वाली और रोबिन के आकार की इस पक्षी को 1930 के दशक में केंटिस प्लोवर (केंट की ऐसी ही एक पक्षी) के साथ रखा गया था, क्योंकि दोनों प्रजातियों को एक समान समझा जाता था। हालांकि, डीएनए अनुक्रमण के परिणामों ने वैज्ञानिकों को उन समूहों के बीच सूक्ष्म अंतरों की पुष्टि करने का आधार प्रदान किया है, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करने के लिए पर्याप्त हैं। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि प्रजाति को फिर से बहाल करने से संरक्षण निधि का इस्तेमाल क्षेत्र की संकटग्रस्त आर्द्रभूमि को बचाने में मदद के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये पर्यावास अत्यधिक जैव विविधता वाले हैं और प्रवासी पक्षियों को अत्यधिक सर्दियों के दिन काटने वाले स्थल (ओवरविंटरिंग साइट्स) प्रदान करते हैं। एक प्रजाति में वैसी आबादी शामिल होती है, जो किसी अन्य प्रजाति के साथ सफलतापूर्वक अंतर्संकरण नहीं कर सकती है। एक उप-प्रजाति में एक प्रजाति के भीतर एक ऐसा समूह होता है, जो आमतौर पर भौगोलिक रूप से अन्य उप-प्रजातियों से अलग होता है। इस अध्ययन के सह-लेखक एलेक्स बॉण्ड ने कहा, ‘‘हालांकि हम नहीं जानते कि इस समय ‘हनुमान प्लोवर' को खतरा है या नहीं, यह ऐसे क्षेत्र में रहता है जहां मानव जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है। बॉण्ड ब्रिटेन में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय में क्यूरेटर के पद पर कार्यरत हैं।
बॉण्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘इन पक्षियों के साथ एक नाम जुड़ जाने का मतलब है कि नीति निर्माताओं और राजनेताओं के लिए इन टिटहरियों को नोटिस करना और उनकी मदद के लिए आवश्यक कदम उठाना आसान होगा।'' उन्होंने पाया कि इन पक्षियों में ‘केंटिश प्लोवर' की तुलना में छोटे पंख, पूंछ और चोंच होती है। इनके पंखों में भी अंतर होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यद्यपि ‘केंटिश प्लोवर' के नर एवं मादा पक्षियों के पैर काले होते हैं, लेकिन हनुमान प्लोवर में गहरे भूरे रंग के पैर होते हैं। नर हनुमान प्लोवर के माथे पर एक काली पट्टी होती है। -
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों को छह साल में मिली सब्सिडी का विशेष ‘ऑडिट' होगा। दिल्ली सरकार ने बिजली नियामक डीईआरसी को वर्ष 2016 से 2022 तक के बिजली सब्सिडी वितरण के संबंध में वितरण कंपनियों का विशेष लेखा परीक्षण करने का निर्देश जारी किया है। दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (बिजली) रवि धवन की तरफ से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 108 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपराज्यपाल ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) को नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) के पैनल में शामिल लेखा-परीक्षकों के माध्यम से विशेष ‘ऑडिट' करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, वितरण कंपनियों को जारी की गई बिजली सब्सिडी को लेकर विशेष लेखा परीक्षण में 2016-17 से 2021-22 की अवधि को लिया जाएगा। इसके अनुसार, लेखा परीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि सब्सिडी पारदर्शी और कुशल तरीके से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे। इस आदेश पर दिल्ली की बिजली मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देशों के बाद बिजली कंपनियों का ऑडिट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली सब्सिडी के विशेष ऑडिट के लिए एक फाइल 27 मार्च को उप-राज्यपाल कार्यालय भेजी गई थी। मंगलवार को वहां से मंजूरी मिलने के बाद केजरीवाल सरकार ने ऑडिट के लिए अधिसूचना जारी कर दी। दिल्ली सरकार का मानना है कि विशेष ऑडिट से खुलासा हो जाएगा कि क्या कोई अनियमितता हो रही है। इससे दिल्ली में बिजली सब्सिडी के वितरण को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी।
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नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूस के उप-प्रधानमंत्री एवं उद्योग व व्यापार मंत्री डेनिस मांतुरोव ने मंगलवार को दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, “दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए साझा हितों के क्षेत्रों में आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर विचार साझा किए।” मांतुरोव आईआरआईजीसी-टीईसी के 24वें सत्र में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आए हैं। रूस के कई मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उनके साथ थे।
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गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो लाख रुपये के इनामी नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में संगीन अपराधों के करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि विशिष्ट जानकारी पर कार्रवाई करते हुए जिला विशेष बल और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से हचबोडी जंगल में नक्सल रोधी अभियान चलाया और नक्सली साधु उर्फ संजय नरोटे को गिरफ्तार कर लिया। विज्ञप्ति में कहा गया कि गढ़चिरौली जिले के विभिन्न थानों में नरोट के खिलाफ 23 गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमें 12 मुठभेड़, आठ हत्या और दो डकैती से संबंधित मामले हैं। पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि जिला पुलिस ने जनवरी 2022 से अब तक 67 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। -
नयी दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस कासरगोड से होकर भी गुजरेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अप्रैल को इस ट्रेन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्रीय राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के अनुरोध पर लिया गया है।शुरुआत में ट्रेन को तिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच चलाने की योजना थी।
वैष्णव ने यहां केरल से पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवा कासरगोड तक बढ़ा दी गई है।'' मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे दो चरणों में केरल में पटरियों का उन्नयन करने जा रहा है। चरण एक के तहत कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक पूरे ट्रैक को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति क्षमता में बदलने के लिए 381 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह डेढ़ साल के भीतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में अन्य आवश्यक सुधार होंगे। इसे पूरा होने में दो से साढ़े तीन साल लगेंगे और इसके बाद ट्रैक की गति क्षमता को बढ़ाकर 130 किमीमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि तिरुवनंतपुरम एक महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र है जिसके आसपास कई छोटे उप-शहर हैं। क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार के लिए राज्य सरकार के साथ चर्चा हुई थी। मंत्री ने यह भी कहा कि अभी केरल के लिए सिर्फ एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दी गई है और भविष्य में और ट्रेनें शुरू की जाएंगी। -
तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोट्टायम में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय की स्थान संबंधी मंजूरी का मंगलवार को स्वागत किया और इसे ‘‘आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बड़ी खबर'' करार दिया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 13 अप्रैल को केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) को सबरीमला में प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर के पास हवाई अड्डे के लिए स्थान संबंधी मंजूरी के बारे में सूचित किया था। मंत्रालय ने केएसआईडीसी से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आगे बढ़ने और इसे आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए 'सैद्धांतिक' अनुमोदन के वास्ते आवेदन के साथ भेजने के लिए भी कहा। इसके बाद, मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘परियोजना प्रस्तावक - केएसआईडीसी/केरल सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कोट्टायम (सबरीमला) में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना के लिए स्थान संबंधी मंजूरी दे दी है जो क्षेत्र में संपर्क और विकास को बढ़ावा देगी।'' मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, ‘‘कोट्टायम ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा परियोजना को लगभग 2250 एकड़ भूमि पर विकसित करने का प्रस्ताव है और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में लगभग 4000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर परियोजना शुरू करने का इरादा रखता है।'' घटनाक्रम पर मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘पर्यटन और विशेष रूप से आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बहुत अच्छी खबर है।'' पिछले हफ्ते, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था कि आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद सबरीमला में एक नया हवाई अड्डा बनाने के लिए जमीनी कार्य शुरू हो गया है। नवंबर-दिसंबर में दो महीने की वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान, लाखों तीर्थयात्री देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी मंदिर आते हैं। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने कहा था कि 2022 में लगभग 30 लाख तीर्थयात्री मंदिर आए।
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नयी दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) का सभी प्रकार के भेदभाव के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति होनी चाहिए और छात्रों को पर्याप्त सहायता मुहैया करायी जानी चाहिए। प्रधान ने सभी 23 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की शीर्ष समन्वय निकाय आईआईटी काउंसिल की बैठक में यह भी कहा कि संस्थानों के छात्रों को नए भारत का चेहरा होना चाहिए और वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार रहना चाहिए। परिषद ने आईआईटी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कई कदमों पर चर्चा की। इसमें एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग सेवाओं को बढ़ाने, दबाव कम करने और छात्रों के बीच विफलता और अस्वीकृति के डर को कम करने के महत्व पर प्रकाश डालने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। परिषद में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों से संबंधित छात्रों के लिए समर्थन बढ़ाने पर सहमति जतायी गई। इसने पीएचडी छात्राओं को सहायता की अवधि एक अतिरिक्त वर्ष के लिए बढ़ाने का भी संकल्प लिया।
दो साल के अंतराल के बाद आयोजित आईआईटी परिषद की 55 वीं बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पिछली बैठक महामारी को देखते हुए फरवरी 2021 में डिजिटल तरीके से आयोजित की गई थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में यह आईआईटी परिषद की पहली बैठक भी है। परिषद आईआईटी में प्रशासनिक और अन्य प्रमुख मामलों की देखभाल करती है। इसमें सभी 23 आईआईटी के निदेशक और अध्यक्ष शामिल होते हैं। - नई दिल्ली।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि देश में युवाओं के बीच उद्यमशीलता एवं कौशल को बढ़ावा देकर कुशल कार्यबल तैयार करने एवं अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण निवेश किए जा रहे हैं तथा इस कार्यबल का भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा। बिरला ने नॉर्वे की सांसद ट्राइन लिज़ सुंडनेस के नेतृत्व में आए यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) संसदीय समिति के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही, जिसमें आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के सदस्य शामिल थे। लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने कहा कि यह यात्रा भारत और ईएफटीए देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईएफटीए और भारत दोनों को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग से काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईएफटीए देश विश्व शांति, अहिंसा, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्धता को साझा करते हैं, जो एक "जीवंत लोकतंत्र" का आधार है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हाल के वर्षों में भारत और ईएफटीए देशों के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं और इसे और अधिक गति देने के लिए लोगों के बीच सम्पर्क को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। बिरला ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की सबसे बड़ी आबादी होगी, ऐसे में सरकार ने युवाओं के बीच उद्यमशीलता और कौशल को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों और योजनाओं की शुरुआत की है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें (युवाओं) कुशल कार्यबल में बदलने के लिए उच्च शिक्षा, अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण निवेश किए जा रहे हैं और यह कार्यबल न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारत विविधता के बावजूद एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में विकसित हुआ है तथा इस जीवंत विविधता को एक ताकत बनाकर भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। बिरला ने कहा कि भारत निकट भविष्य में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर पी20 शिखर सम्मेलन का भी आयोजन करेगा, जिसमें जी20 देशों के अलावा अन्य आमंत्रित देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस शिखर सम्मेलन में संसदीय व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर उद्देश्यपूर्ण संवाद होगा, जो पूरे विश्व को लाभ पहुंचाने का काम करेगा।
- नयी दिल्ली। अनुसंधानकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने गंगा नदी बेसिन (जीआरबी) के जल संसाधनों के प्रबंधन के वास्ते सभी के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण के रूप में 'गंगा जल मशीन' की अवधारणा को लागू करने के विपरीत सलाह दी है। गंगा जल मशीन (जीडब्ल्यूएम) की अवधारणा इस धारणा पर निर्भर करती है कि गंगा नदी एक उच्च-उपज देने वाले, सदृश छिद्रिल जलभृत के माध्यम से चलती है, जिसका उपयोग मॉनसून के दौरान क्षणिक बाढ़ के पानी को संगृहित करने के लिए किया जा सकता है। पत्रिका ‘एसीएस ईएस एंड टी वाटर' में प्रकाशित एक लेख में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि किसी भी नीतिगत वृद्धि से पहले भूजल-गंगा नदी के पानी की परस्पर क्रियाओं पर एक गहन अध्ययन आवश्यक है। हाल में, जीआरबी के जल संसाधनों का प्रबंधन करने में बहुत रुचि रही है, जिसमें गंगा नदी की सफाई भी शामिल है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से, भारत, नेपाल और बांग्लादेश से होकर बहने वाली गंगा नदी और उसकी सहायक नदियां बड़े पैमाने पर प्रदूषित और बाधित हो गई हैं, जिसके लिए औद्योगिक और शहरी कचरा बड़े पैमाने पर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में जीआरबी जलभृतों से गहन भूजल निकासी के कारण समस्या और बढ़ गई है, जिसके कारण कुछ स्थानों पर भूजल स्तर में अभूतपूर्व कमी आई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-खड़गपुर के प्रोफेसर अभिजीत मुखर्जी ने कहा, "बांग्लादेश के गंगा डेल्टा क्षेत्रों में हाल के कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि "जल मशीन" की अवधारणा अनुकूल है और यह अध्ययन से जुड़े क्षेत्र में कुशलता से काम करती है।" लेख के सह-लेखक मुखर्जी ने कहा, "नतीजतन, दुनिया भर के जल प्रबंधकों और एजेंसियों ने 'गंगा जल मशीन' अवधारणा पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है।" हालांकि, अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस सैद्धांतिक अवधारणा में कई कमियां हैं।उन्होंने कहा कि गंगा बेसिन के जलभृत पहले से ही गंभीर रूप से अत्यधिक तनावग्रस्त हैं, तथा अधिक निकासी केवल उनके विनाश को तेज करेगी। मुखर्जी ने कहा, "इसलिए, हम गंगा जल मशीन की अवधारणा को सभी के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण के रूप में लागू करने के खिलाफ सलाह देते हैं।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को लोक सेवा दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार भी प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में लोक सेवकों के योगदान की लगातार सराहना की है तथा उन्हें और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसने कहा कि यह कार्यक्रम देश भर के लोक सेवकों को प्रेरित करने का प्रधानमंत्री के लिए एक उपयुक्त मंच होगा ताकि अधिकारी विशेष रूप से अमृत काल के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान उत्साह के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहें। लोक सेवा पुरस्कार आम नागरिकों के कल्याण के वास्ते केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के बेहतर व प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष चार चिह्नित प्राथमिकता कार्यक्रमों में किए गए अनुकरणीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें हर घर जल योजना के माध्यम से स्वच्छ जल को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों के माध्यम से स्वस्थ भारत को बढ़ावा देना, समग्र शिक्षा के माध्यम से एक न्यायसंगत और समावेशी कक्षा वातावरण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना और आकांक्षी जिला कार्यक्रम के माध्यम से समग्र विकास- संतृप्ति दृष्टिकोण पर विशेष ध्यान देने के साथ समग्र प्रगति शामिल है। पीएमओ ने कहा कि इन चार चिह्नित कार्यक्रमों के लिए आठ पुरस्कार दिए जाएंगे जबकि नवाचार के लिए सात पुरस्कार दिए जाएंगे। भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को लोक सेवा दिवस के रूप में मनाती है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को आईएनएक्स धनशोधन मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की 11.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। यह जानकारी यहां एक आधिकारिक बयान में दी गई। ईडी ने कहा कि कुर्क की गई चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित अचल संपत्ति है। बयान में कहा गया है कि कार्ति के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हैं और उन्हें आईएनएक्स मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी दोनों ने गिरफ्तार किया था। मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से" कथित रूप से अवैध धन प्राप्त करने से संबंधित है, जिसे संयुक्त प्रगतिशील (संप्रग) की तत्कालीन सरकार में केंद्रीय वित्तमंत्री के रूप में उनके पिता के कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली थी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बाड़ लगाने और सड़क बनाये जाने का निर्देश दिया है। श्री शाह ने कल नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के चिंतन शिविर की अध्यक्षता की। चिंतन शिविर का उद्देश्य मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'विजन2047' लागू करने के लिए कार्य योजना तैयार करना है। गृहमंत्री ने साइबर अपराधों की रोकथाम, पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आपराधिक न्याय प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन और तटवर्ती सुरक्षा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए अनुकूल प्रणाली विकसित करने पर बल दिया।
गृहमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रोन्नति समितियों की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को समय से प्रमोशन मिल सके। श्री शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपायों पर बल दिया। उन्होंने गृह मंत्रालय के सभी विभागों द्वारा नियमित प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए मंत्रालय के अधिकारियों को स्थल दौरा करने का सुझाव दिया। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार शाम अचानक यहां बंगाली मार्केट और पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में पहुंचे, जहां उन्होंने गोलगप्पे, तरबूज और कुछ अन्य पकवानों के लुत्फ उठाए। उन्होंने बंगाली मार्केट में गोलगप्पे खाये और वहां मौजूद लोगों से हाथ भी मिलाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुरानी दिल्ली भी गये और वहां तरबूज खाया। राहुल ने जामा मस्जिद के सामने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का अभिवादन किया और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। उल्लेखनीय है कि रमजान का महीना होने के कारण पुरानी दिल्ली में और दिनों की तुलना में अभी ज्यादा भीड़भाड़ रहती है। -
पणजी. भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि रोडेरिको एच ओफ्रिन ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य सेवा में भारत की उपलब्धियां और निवेश विश्व के लिए अहम स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ओफ्रिन यहां दूसरे जी20 स्वास्थ्य कार्यकारी समूह की बैठक में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जो कुछ कर रहा है उससे सीखने का अन्य देशों के लिए यह एक स्वर्णिम क्षण है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा कहता हूं कि एक तैयार भारत तैयार विश्व है क्योंकि यह तैयारियों के लिए विश्व के वास्ते एक संसाधन है। साथ ही, एक स्वस्थ भारत एक स्वस्थ विश्व है क्योंकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अपने लोगों के लिए इसके (भारत के) निवेश ने पूरे वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को बदल दिया है।'' ओफ्रिन ने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता ने स्वास्थ्य के तीन क्षेत्रों को वरीयता दी है जिनमें स्वास्थ्य आपात स्थिति की रोकथाम, तैयारियां और उपाय; फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में सहयोग मजबूत करना; और डिजिटल स्वास्थ्य नवोन्मेष, सार्वभौम स्वास्थ्य कवरेज में सहायता के लिए समाधान तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने को बेहतर बनाना शामिल है। जी20 की भारत की अध्यक्षता के तहत गोवा में हो रही दूसरी स्वास्थ्य कार्यकारी समूह बैठक 19 अप्रैल को संपन्न होगी। जी20 के 19 सदस्य देशों के 180 से अधिक प्रतिनिधि, 10 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि और 22 अंतरराष्ट्रीय संगठन इसमें भाग ले रहे हैं।
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मुंबई. महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित ‘महाराष्ट्र भूषण' पुरस्कार कार्यक्रम में लू की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 14 हो गई। सात मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। स्थानीय निकाय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में दस महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
पनवेल नगर निगम के उपायुक्त विठ्ठल डाके ने कहा, ‘‘आज विरार निवासी 34 वर्षीय एक महिला को वाशी के एमजीएम अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। महिला की पहचान स्वाति वैद्य के रूप में हुई है।'' अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में उपचाराधीन लोगों की संख्या सात है, हालांकि इससे पहले दिन में यह संख्या नौ बताई गई थी। डाके ने कहा, ‘‘नवी मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में अब केवल सात मरीज भर्ती हैं। उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।'' इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने नवी मुंबई में रविवार को आयोजित राज्य पुरस्कार समारोह में लू लगने से लोगों की मौत होने के मामले में राज्य सरकार के खिलाफ मंगलवार को गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की। प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे एक पत्र में पवार ने कहा कि यह त्रासदी प्राकृतिक नहीं, बल्कि यह मानव निर्मित आपदा है और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। खारघर क्षेत्र में रविवार को एक खुले मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। चिलचिलाती धूप में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था, जिनमें अधिकतर लोग महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित अप्पासाहेब धर्माधिकारी के अनुयायी थे। रविवार को कार्यक्रम के दौरान लू लगने और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी।


















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