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मोतिहारी/पटना । बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में संदिग्ध जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 14 हो गयी। पूर्वी चंपारण के जिला प्रशासन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘जिला पुलिस को शनिवार को सूचना मिली कि तुरकौलिया, हरसिद्धि, सुगौली और पहाड़पुर में कुछ लोगों की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है।'' ग्रामीणों ने पुलिस को यह भी बताया कि इन लोगों की मौत कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई है। पुलिस जब शनिवार सुबह तुरकौलिया और पहाड़पुर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि पीड़ितों ने शुक्रवार और शनिवार की रात में शराब का सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तुरंत शहर के विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया। अंत में अधिकारियों को पता चला कि मोतिहारी निवासी दो लोगों की इलाज के दौरान मुजफ्फरपुर में और एक अन्य की मोतिहारी सदर अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा, पुलिस को यह भी सूचना मिली कि संभवत: जहरीली शराब के सेवन के कारण 11 और लोगों की मौत हुई है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचित किए बिना उनके शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, मोतिहारी सदर अस्पताल में 10 और गंभीर रूप से बीमार लोगों का इलाज किया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। अवैध शराब के धंधे में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी भी शुरू कर दी गई है। आबकारी विभाग के अधिकारी भी घटना की जांच कर रहे हैं। -
कानपुर (उप्र)। कानपुर देहात जिले के बरोर थाना इलाके में एक व्यक्ति ने शनिवार को अपनी पत्नी और दो नाबालिग बच्चों की कथित तौर पर हत्या कर खुद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बरोर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी इन्द्रपाल निषाद (40) गुजरात में एक फैक्ट्री में काम करता था, जिसका शव शनिवार शाम फंदे से लटका हुआ मिला जबकि उसकी पत्नी निशा निषाद (38), बेटा प्रवेश (13) और बेटी जाह्नवी (आठ) के शव फर्श पर पड़े मिले। शवों पर चोट के निशान थे। सामूहिक हत्या और आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस महानिरीक्षक (कानपुर परिक्षेत्र) प्रशांत कुमार और पुलिस अधीक्षक (कानपुर देहात) बीबीजीटीएस मूर्ति सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एसपी मूर्ति ने कहा कि इस गुत्थी को सुलझाने के वास्ते वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था। एसपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ दिन पहले गुजरात से लौटे इंद्रपाल ने अपनी पत्नी और बच्चों को पीट-पीटकर मार डाला और खुद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। आईजी प्रशांत कुमार ने पत्रकारों को बताया कि इंद्रपाल ने शुक्रवार को सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक लाइव वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी का किसी मुकेश के साथ विवाहेतर संबंध है, जो उसके घर अक्सर आता-जाता रहता है। आईजी ने कहा कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने भाजपा नेता प्रताप करोसिया को मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जो सफाई कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिये गठित आयोग है। करोसिया इंदौर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं।
नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि करोसिया को मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और यह नियुक्ति अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। -
नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्र शिकायत निवारण समितियों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के प्रतिनिधियों को अध्यक्ष या सदस्यों के रूप में नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया है। यूजीसी (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम 2023 को 11 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था और यह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है। ये 2019 के दिशानिर्देशों की जगह लेगा। आयोग ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को नए नियमों का पालन करने के लिए कहा, जो किसी भी संस्थान में पढ़ रहे विद्यार्थियों के साथ-साथ संस्थानों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों की शिकायतों के निवारण के अवसर प्रदान करे। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र शिकायत निवारण समिति का कम से कम एक सदस्य या उसकी अध्यक्ष एक महिला हो और कम से कम एक सदस्य या अध्यक्ष अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हो। यूजीसी के प्रमुख जगदीश कुमार ने कहा, “ छात्र शिकायत विनियम 2023, जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ शिकायतों के निवारण के लिए एक अतिरिक्त मंच प्रदान करता है।” उन्होंने कहा कि ये नियम यूजीसी द्वारा समय-समय पर बनाए गए या जारी किए गए अन्य नियमों या दिशानिर्देशों की जगह नहीं लेते हैं जो यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए थे या जारी किए गए थे कि जाति, नस्ल, धर्म, भाषा, जातीयता, लिंग या दिव्यांगता के आधार पर किसी भी छात्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाए। साल 2019 के नियमों की तरह, यूजीसी ने छात्र निवारण समितियों को बरकरार रखा है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों, दिव्यांग या महिलाओं से संबंधित विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव की शिकायतों को देखेगी।
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नयी दिल्ली। शोधकर्ताओं ने टी-कोशिकाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक कृत्रिम बुद्धिमता से तैयार टीके की प्रभावशीलता का प्रदर्शन किया है। अमेरिका में स्थित पेंसिल्वेनिया स्टेट विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा कि इस तरह का टीका भविष्य में उभरने वाले स्वरूपों के खिलाफ लंबे समय तक प्रतिरक्षा प्रदान कर सकता है और इसे फ्लू जैसी अन्य मौसमी वायरल बीमारियों के लिए एक ‘मॉडल' के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन के प्रति एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किये मौजूदा कोविड-19 टीके ‘म्यूटेशन' के प्रति संवेदनशील थे जो समय के साथ टीके को कम प्रभावी बना सकते थे। जब किसी जीन के डीएनए में कोई स्थाई परिवर्तन होता है तो उसे उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) कहा जाता है।
उन्होंने अध्ययन पर डेनमार्क स्थित एक बायोटेक्नोलॉजी फर्म ‘एवैक्सियन बायोटेक' के साथ भागीदारी की, जो ‘फ्रंटियर्स इन इम्यूनोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने पाया कि टी-कोशिका (सेल) आधारित टीका जिन चूहों को लगाया गया उनमें से 87.5 प्रतिशत बच गये। बचे हुए सभी चूहों को 14 दिनों के भीतर संक्रमण से मुक्त पाया गया। पेन स्टेट में पशु एवं जैव चिकित्सा विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश किरीमंजेश्वर ने कहा, ‘‘हमारा टीका चूहों में गंभीर कोविड-19 को रोकने में बेहद प्रभावी था, और इसे मनुष्यों में भी इसका परीक्षण शुरू करने के लिए आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।'' किरीमंजेश्वर के अनुसार, सार्स-सीओवी-2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन से उत्परिवर्तन हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एंटीबॉडी-आधारित टीके की तुलना में टी-कोशिका-आधारित टीके का निर्माण करना कठिन और अधिक समय लेने वाला है। -
मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले में जिला मुख्यालय सदर मेदिनीनगर थाना क्षेत्र के चियांकी चेकपोस्ट के समीप वाहन जांच के दौरान एक ट्रक से सात क्विंटल डोडा चूरा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 14 लाख रुपये से अधिक है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। मेदिनीनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) ऋषभ गर्ग ने बताया कि मामले में ट्रक के मालिक आरोपी शहजाद और आरोपी चालक मो. फैजान को गिरफ्तार किया गया है। गर्ग ने बताया कि उक्त डोडा चूरा झारखंड के खूंटी से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ले जाया जा रहा था।
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नयी दिल्ली। नीति आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि दवाओं के नियमन का भारतीय मानदंड ना सिर्फ वैश्विक मानकों के बल्कि ‘अंतरराष्ट्रीय सामंजस्य परिषद' के निर्देशों के अनुरूप भी होना चाहिए ताकि व्यापार में आसानी हो। नीति आयोग ने देश में मेडिकल उपकरणों के नियमन के लिए अलग संस्था के गठन की सलाह दी है। फिलहाल देश में दवाओं और मेडिकल उपकरणों का नियमन भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा किया जाता है। नयी औषधि, मेडिकल उपकरणों और प्रसाधन विधेयक, 2023 पर अंतर-मंत्रालयी विचार के दौरान यह सिफारिशें की गई हैं। नयी औषधि, मेडिकल उपकरणों और प्रसाधन विधेयक, 2023 का मसौदा संसद में पारित होने के बाद मौजूदा औषधि और प्रसाधन कानून, 1940 की जगह लेगा। इस विधेयक के मसौदे को पिछले साल जुलाई को सार्वजनिक मंच पर रखा गया और सभी पक्षों से सलाह मांगी गई थी। विधेयक को अब समीक्षा के बाद अंतर-मंत्रालयी चर्चा के लिए भेजा गया है। क्लीनिकल परीक्षण पर नीति आयोग का कहना है कि विधेयक के मसौदे में वैश्विक मानकों के प्रति भारतीय मानदंडों की झिझक को दूर करने, क्लीनिकल परीक्षणों, समय पर फैसले लेने और नए उपचार/दवाओं को भारतीय जनता तक जल्दी पहुंचाने के लिए आईसीएच के दिशा-निर्देशों को अपनाने और उसके अनुरूप बनाने तथा व्यापार में आसानी की मंशा नजर आनी चाहिए। -
कोलकाता। विश्व भारती ने शनिवार को कहा कि उसे आशा है कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन विश्वविद्यालय की जमीन पर से अवैध कब्जा छोड़ने संबंधी नोटिस पर अगले सप्ताह तक जवाब देंगे। विश्वविद्यालय का दावा है कि सेन ने उसकी 13 डिसमिल जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किया हुआ है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय का कहना है कि वह ‘‘अवैध तरीके से कब्जाई गयी जमीन'' को वापस पाने के लिए उचित कदम उठाएगा। सेन के शांतिनिकेतन वाले आवास के मुख्य दरवाजे पर चस्पा और ईमेल से उन्हें भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ‘‘अंतिम आदेश के जरिए 19 अप्रैल को मामले का निपटारा कर दिया जाएगा।'' सेना (89) फिलहाल देश से बाहर हैं।विश्व भारती की प्रवक्ता महुआ बनर्जी ने ‘ कहा, ‘‘उनसे अभी तक नोटिस का जवाब नहीं मिला। हम और कुछ दिन इंतजार करेंगे... जैसा कि नोटिस में है, अगले सप्ताह के मध्य तक इंतजार करेंगे।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में लिथियम निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। खनन सचिव अमित शर्मा ने सलाल-हैमना क्षेत्र स्थित लिथियम रिजर्व साइट का दौरा किया और धातु की निकासी को लेकर समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने कहा, “उपराज्यपाल (मनोज सिन्हा) और मुख्य सचिव (ए के मेहता) के नेतृत्व में प्रशासन लीथियम निकालने के लिए जल्द से जल्द अगले कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहा है।” सचिव ने कहा, "59 लाख टन लिथियम के इस संभावित समृद्ध भंडार को निकालने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए लेनदेन सलाहकार और नीलामी मंच नियुक्त करने की दिशा में प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार लिथियम की इस खोज को जल्द ही वास्तविकता में बदलने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
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चंडीगढ़। एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शनिवार को कहा कि ‘मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स अर्जन सिंह मेमोरियल' हॉकी टूर्नामेंट वास्तव में अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में खेल को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी स्तर तक बढ़ाने की अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘यह जानकर खुशी हो रही है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतिभागी टीमों के खेल मानकों और कौशल के स्तर में काफी वृद्धि हुई है। यह टूर्नामेंट वास्तव में हॉकी के खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तुलना में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी स्तर तक ले जाने की अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा है। '' टूर्नामेंट के चौथे चरण के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे चौधरी ने रेलवे और चंडीगढ़ एकादश दोनों टीमों को रोमांचक फाइनल खेलने के लिये बधाई दी। इस करीबी मैच में रेलवे ने 5-4 से जीत दर्ज की।
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गुरुग्राम। गुरुग्राम के सोहना रोड पर करीब 250 किलोग्राम भैंस का मांस ले जा रही नकली नंबर प्लेट वाली एक कार पलट गई, जिसके बाद वाहन में सवार लोग फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ‘हुंदै वेन्यू' कार जिस समय पलटी, तब वह तेजी से सड़क की विपरीत दिशा में जा रही थी। इस घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस अधिकारियों को ‘ कार में से भैंस का करीब 250 किलो मांस मिला। बादशाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कार में सवार लोगों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। -
मुंबई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को भरोसा जताया कि सरकार और रसायन निर्यात प्रोत्साहन परिषद (केमेक्सिल) के सतत नीतिगत समर्थन से रसायन निर्यात में वृद्धि की गति को बनाए रखने में मदद मिलेगी। केमेक्सिल के 47वें निर्यात पुरस्कार समारोह में पटेल ने कहा, “केमेक्सिल निर्यात को बढ़ावा देने वाली नीतियों के निर्माण और भारत से रसायनों के निर्यात को बढ़ाने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने में सरकार का उद्योग के साथ संवाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।” उन्होंने कहा, “इस तेजी से बदलती दुनिया में आगे चुनौतियां हैं और सरकार के लगातार नीतिगत समर्थन के साथ परिषद और उद्यमी निर्यातक समुदाय निश्चित रूप से बने रहेंगे और निर्यात वृद्धि में अपनी बढ़ी हुई गति को भी पार करेंगे।” केमेक्सिल ने वित्त वर्ष 2022-23 में कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन क्षेत्र के निर्यात में 30 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया, जिसमें से 27 अरब डॉलर का निर्यात अप्रैल, 2022 से फरवरी, 2023 के बीच हुआ।
- बरेली (उप्र) । बरेली जिले की मीरगंज थाने की पुलिस ने जिस युवक की कथित हत्या के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला पंचायत सदस्य समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था, वह युवक जीवित बरामद किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के जीवित मिलने के बाद आरोपी बनाए गए लोगों को रिहा कराने की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शनिवार को ‘कथित विकास सिंह अपहरण-हत्याकांड' मामले की गुत्थी सुलझाते हुए विकास को चंदौसी से बरामद कर लिया।पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार-शनिवार की रात को विकास सिंह को मीरगंज पुलिस ने उसके तहेरे (ताऊ का बेटा) भाई चंदौसी निवासी अनुज के घर से सकुशल बरामद कर लिया। इससे पहले विकास सिंह मामले में पुलिस ने मंगलवार को मीरगंज के भाजपा के जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी, उनकी पत्नी मंजू यदुवंशी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कथित तौर पर अपहृत विकास के मोबाइल फोन की डिस्प्ले, उसकी हवाई चप्पल और घटना में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार बरामद करने का दावा किया था। अग्रवाल ने बताया था कि विकास सिंह की मां मीरा सिंह ने आरोप लगाया था कि जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने साजिश के तहत उनके बेटे विकास सिंह (23) का अपहरण कर हत्या के बाद उसके शव को छुपा दिया है। उन्होंने बताया कि बीती तीन अप्रैल को विकास सिंह के मोबाइल पर फोन आया था। इस दौरान वह फोन पर बात करता हुआ घर के बाहर चला गया था, जिसके बाद से ही उसका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि पुलिस द्वारा बरामद किये जाने के बाद विकास ने पूछताछ में बताया कि मंजू ने उसे फोन किया था और उसके बुलावे पर वह ग्राम ठिरिया खुर्द गया था, जहां आरोपियों ने उससे मारपीट की, उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके मोबाइल को तोड़ दिया। इसी दौरान वह मौका पाकर अपनी पहनी हुई चप्पल छोड़कर वहां से भाग निकला। अग्रवाल ने बताया कि मीरगंज पुलिस ने विकास से जुड़े मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विज्ञप्ति जारी करके बताया था कि घटनास्थल ठिरिया खुर्द से विकास के अपहरण के संबंध में साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी निरंजन यदुवंशी सहित उसकी पत्नी नथपुरा निवासी मंजू यदुवंशी तथा मीरगंज थाना क्षेत्र के जाम निवासी समरपाल एवं विनोद को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि विकास सिंह की बरामदगी के बाद आरोपी बनाए गए लोगों को रिहा कराने की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नये नियमों के अनुसार किसी भी स्वायत कॉलेज के लिए अब संविदा पर संकाय सदस्यों की भर्ती की अधिकतम 10 प्रतिशत सीमा का पालन करना अनिवार्य नहीं है। इससे पहले, स्वायत्त कॉलेज संकाय सदस्यों के कुल पदों का अधिकतम 10 फीसदी ही संविदा कर्मियों की भर्ती कर सकते थे। संबद्ध और अंगीभूत कॉलेज अपने विश्वविद्यालय को माध्यम बनाए बगैर अब साल में किसी भी समय शैक्षिक और प्रशासनिक स्वायत्तता के लिए यूजीसी से सीधा संपर्क साध सकते हैं। आयोग ने यूजीसी (कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा देना और स्वायत्त कॉलेजों में मानक बनाए रखने संबंधी कदम) नियमन, 2023 के तहत नये नियमों को अधिसूचित किया है। इन दिशा-निर्देशों ने 2018 में जारी पुराने नियमों की जगह ली है और यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप है। संशोधित दिशा-निर्देशों के मसौदे को पिछले साल अक्टूबर में पहली बार सार्वजनिक मंच पर रखा गया था। साल 2018 के पुराने दिशा निर्देश के तहत स्वायत्त कॉलेजों में संकाय सदस्यों के लिए स्वीकृत कुल पदों का अधिकतम 10 प्रतिशत ही संविदा पर भरा जा सकता था।
- नयी दिल्ली । दिल्ली आ रहा लुफ्थांसा का एक विमान उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद तकनीकी समस्या के कारण फ्रैंकफर्ट वापस लौट गया। एक विमान में मौजूद यात्री ने यह जानकारी दी।फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एलएच-0760 उड़ान बोइंग 747-400 विमान के माध्यम से संचालित की जा रही थी। उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद चालक ने घोषणा की कि हाइड्रोलिक प्रणाली की देखभाल के लिए विमान को वापस फ्रैंकफर्ट ले जाया जा रहा है। अपराह्न 1.40 बजे उड़ान भरने वाले विमान में देरी हुई और इसने अपराह्न करीब 2.20 बजे (स्थानीय समयानुसार) फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी।
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद लखनऊ, प्रयागराज और 73 अन्य जिलों में धारा 144 लगा दी है। यह निर्णय राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लिया गया है। पूरे राज्य में पुलिस हाई-अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कल रात अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद से राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में नियमित अंतराल पर जानकारी ले रहे हैं। सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रख रही है और वाहनों की गहन जांच की जा रही है। प्रयागराज में चकिया, बेनीगंज और धूमनगंज सहित अन्य क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। प्रयागराज जिले में इंटरनेट सेवाएं बद कर दी गई हैं।
पूर्व सांसद अतीक अहमद और अशरफ की कल रात प्रयागराज में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। दोनों शवों का आज पोस्टमार्टम किया गया । प्रयागराज में चिकित्सा जांच के लिए ले जाते समय केल्विन मेडिकल कॉलेज के निकट इन दोनों पर हमला किया गया था। हत्या के बाद तीनों हमलावरों ने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। - प्रयागराज/लखनऊ। गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कहा कि वे अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। इस हत्याकांड के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी में इस बात का उल्लेख है।पुलिस ने बताया कि प्रयागराज के धूमनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के मामले में आरोपी लवलेश तिवारी (बांदा), आरोपी मोहित उर्फ सनी (हमीरपुर) और आरोपी अरुण मौर्य (कासगंज-एटा) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।इस हमले के दौरान गोलीबारी में आरोपी लवलेश तिवारी को भी गोली लगी है और उसका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। प्राथमिकी के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कहा, ‘‘हम अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे, जिसका लाभ भविष्य में निश्चित रूप से मिलता। हम पुलिस के घेरे का अनुमान नहीं लगा पाए और हत्या करने के बाद भागने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई में हम लोग पकड़े गये।’’दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने कहा, ‘‘जब से हमें अतीक व अशरफ को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की सूचना मिली थी, हम तभी से मीडियाकर्मी बनकर यहां की स्थानीय मीडिया की भीड़ में रहकर इन दोनों को मारने की फिराक में थे, किंतु सही समय और मौका नहीं मिल पाया। शनिवार को मौका मिलने पर हमने घटना को अंजाम दिया।’’ पुलिस की प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि इसी दौरान गोलीबारी में आरोपी लवलेश को भी गोली लगी है और उसका इलाज स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज में चल रहा है। गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात को हमलावरों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब पुलिस दोनों को यहां एक मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी।
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लातूर. महाराष्ट्र के लातूर जिले को जिला स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों के माध्यम से बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री लोक प्रशासन उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार 21 अप्रैल को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस समारोह में प्रदान किया जाएगा। आज लातूर के कलेक्टर पृथ्वीराज बीपी को एक पत्र मिला है, जिसमें इसकी सूचना दी गई है। लातूर में केंद्र सरकार की प्रमुख ‘आयुष्मान भारत योजना' के तहत 233 'आरोग्यवर्द्धनी' (कल्याण) केंद्र हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरियों की स्वास्थ्य जांच, संक्रामक रोगों, कैंसर, मधुमेह के उपचार के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली के बारे में सलाह दी जाती है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.वी. वडगवे ने कहा, " लातूर में दवा स्टॉक, एंबुलेंस, शिविरों सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, कैंसर निदान के लिए 'संजीवनी अभियान', मातृ मृत्यु दर को रोकने के लिए 'जीवनरेखा कक्ष' जैसी अभिनव योजनाओं पर विचार करने के बाद यह पुरस्कार दिया गया है।" विभिन्न सार्वजनिक विभागों में लोगों की भलाई के लिए प्रशासकों, अधिकारियों के कामकाज को लेकर उन्हें सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस 21 अप्रैल को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 1947 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सिविल सेवा परिवीक्षार्थियों को संबोधित किया था और नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का आह्वान किया था।
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अहमदाबाद. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया के कल्याण के लिए बना है और देश को अपनी ताकत और प्रतिष्ठा में वृद्धि के बीच अपने ज्ञान को एक कर्तव्य के तौर पर साझा करना चाहिए। यहां गुजरात विश्वविद्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए, भागवत ने भारतीयों से कहा कि वे देश की प्राचीन ज्ञान व्यवस्था के प्रति अपने संदेह और अविश्वास दूर करें और इसके बजाय यह पता लगाने के लिए शोध करें कि क्या प्रासंगिक है और इसे सभी के साथ साझा करें। भागवत ने अहमदाबाद स्थित और आरएसएस से जुड़े विचार मंच पुनरुत्थन विद्यापीठ द्वारा तैयार प्राचीन भारतीय ज्ञान व्यवस्था और संबंधित विषयों के 1,051 संस्करणों के विमोचन के बाद कहा, ‘‘हमारा राष्ट्र हमारे पूर्वजों की तपस्या से बना था, जो दुनिया का कल्याण चाहते थे। इसलिए (ज्ञान साझा करना) हमारा कर्तव्य है।'' भले ही भारत की ताकत और प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ रही है, लेकिन हमारे लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी ज्ञान व्यवस्था के साथ-साथ दुनिया में मौजूद लोगों की समीक्षा करें ताकि ‘‘ज्ञान के नए स्तर खोजें और इसे दुनिया को पेश करें।'' भागवत ने कहा कि भारतीयों को पहले स्वयं ज्ञान प्राप्त करना चाहिए और उसके बाद इसे दुनिया के साथ साझा करने के लिए काम करना चाहिए क्योंकि बहुत से लोग "संदिग्ध हैं और इस ज्ञान के बारे में अविश्वास रखते हैं।'' आरएसएस के सरसंघचालक ने दावा किया कि वास्तविक ज्ञान रखने वाले लोग हैं लेकिन उनके बारे में हमारा अविश्वास है क्योंकि ‘‘हमारे मस्तिष्क को इस तरह का आकार दिया गया है।'' भारतीयों को शोध के बाद इसे साझा करने का आह्वान करते हुए, भागवत ने कहा, "हमें पहले यह देखना चाहिए कि अतीत में क्या मौजूद था, फिर इसे फिर से सीखना चाहिए और देश, समय और स्थिति के लिए प्रासंगिक भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर दुनिया के समक्ष ज्ञान का एक समग्र रूप प्रस्तुत करना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को ज्ञान का अधिकार है। मनुष्य ज्ञान के लिए पैदा हुआ है। ज्ञान के लिए कड़ी मेहनत करें और ज्ञान प्राप्त करें जो आपको मुक्त करेगा।'' आयुर्वेद और योग जैसी प्राचीन भारतीय प्रणालियों को दुनिया द्वारा स्वीकृति की सराहना करते हुए भागवत ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके कुछ पहलुओं को पेटेंट कराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हम ऐसा (पेटेंट) कभी नहीं करेंगे। ज्ञान सभी के लिए है। यह उन सभी के लिए है जो कड़ी मेहनत करते हैं। यह जन्म, जाति, राष्ट्र, भाषा और क्षेत्र से सीमित नहीं है।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया चीजों को देखने का एक नया तरीका चाहती है और इस तरह की पेशकश करना भारत का उद्देश्य होना चाहिए। भागवत ने कहा कि "विज्ञान" और "ज्ञान" के बीच अंतर दृष्टि से जुड़ा है और नयी शिक्षा नीति (एनईपी) को "दृष्टि परिवर्तन" के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘विज्ञान हमें विनाश के करीब ला सकता है लेकिन यह विज्ञान की गलती नहीं है बल्कि हमारी प्रवृत्ति है।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सच्चा ज्ञान अंदर से आता है ‘‘जहां हमारा झुकाव निहित है।
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नयी दिल्ली. गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक फैसला करते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) पदों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित कराए जाने को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह ऐतिहासिक निर्णय सीएपीएफ में स्थानीय युवाओं की संख्या बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने की गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस फैसले की सराहना की । उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एक ऐतिहासिक निर्णय, जो हमारे युवाओं की आकांक्षाओं को पंख देगा! यह हमारे विभिन्न प्रयासों का एक हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि भाषा किसी के सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगी।'' सीएपीएफ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) शामिल हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए सीएपीएफ में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) पदों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित कराए जाने को मंजूरी दे दी है।'' हिंदी और अंग्रेजी के अलावा प्रश्नपत्र 13 क्षेत्रीय भाषाओं-असमिया, बांग्ला, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, ओड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी में मुहैया कराया जाएगा। इस घोषणा से कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शाह को पत्र लिखकर सीआरपीएफ कर्मियों की भर्ती के लिए तमिल को भी लिखित परीक्षा की भाषा के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने कहा कि इस फैसले के बाद लाखों परीक्षार्थी अपनी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा दे पाएंगे, जिससे उनके चयन की संभावना बढ़ेगी। बयान में कहा गया कि गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग कई भारतीय भाषाओं में परीक्षा कराने के लिए मौजूदा समझौता ज्ञापन से संबंधित एक परिशिष्ट पर हस्ताक्षर करेंगे। कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) की परीक्षा आयोग द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है और इसमें देश भर से लाखों परीक्षार्थी भाग लेते हैं। हिन्दी और अंग्रेज़ी के अतिरिक्त 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा का आयोजन एक जनवरी, 2024 से होगा।
बयान में उम्मीद जताई गई है कि अब राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें व्यापक अभियान चलाकर स्थानीय युवाओं को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने के इस अवसर का उपयोग करने और देश की सेवा में करियर बनाने के वास्ते बड़ी संख्या में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कटिबद्ध है। -
हावेरी . कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिग्गांव विधानसभा सीट से शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया और विश्वास जताया कि वह सबसे ज्यादा वोट पाकर फिर से जीतेंगे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है।
बोम्मई के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान लोक निर्माण मंत्री सी सी पाटिल, हावेरी-गदग से सांसद शिवकुमार उदासी और मुख्यमंत्री के पुत्र भरत बोम्मई सहित अन्य लोग उनके साथ थे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता परिवार के नेता दिवंगत एस आर बोम्मई के बेटे बसवराज बोम्मई 2008 से तीन बार शिग्गांव से विधायक चुने जा चुके हैं। पर्चा भरने से पहले कंधे पर भगवा रंग की शॉल डालकर 63 वर्षीय मुख्यमंत्री शिग्गांव के देवी मंदिर में गए। नामांकन दाखिल करने के बाद बोम्मई ने कहा, “मैंने आज अपना नामांकन दाखिल किया है। मेरे शिग्गांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने अतीत में मुझे जबरदस्त समर्थन दिया है और इस बार भी, मुझे सभी रिकॉर्ड तोड़ने और सबसे अधिक मतों से जीत मिलने का विश्वास है। यहां के लोग जागरूक मतदाता हैं और वे विकास के लिए मतदान करते हैं।” उन्होंने कहा कि आज अच्छा मुहूर्त था, इसलिए उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया है।
बोम्मई ने कहा कि वह 19 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में एक बार फिर नामांकन दाखिल करेंगे। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा, “विरोधी तो विरोधी होता है, चाहे मजबूत हो या कमजोर। मैं सबको समान रूप से देखूंगा। विरोधी होंगे, तभी मुकाबला होगा। मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों पर भरोसा है, जिन्होंने मेरा समर्थन किया है।” बोम्मई ने 2018 के विधानसभा चुनावों में शिग्गांव सीट पर करीब 9,260 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। बोम्मई ने जनता दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और धारवाड़ स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से दो बार (1998 और 2004 में) कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव और विपक्ष के उपनेता के रूप में भी कार्य किया था। बोम्मई ने 2008 में जनता दल (यूनाइटेड) छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में वह हावेरी जिले की शिग्गांव सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। -
प्रयागराज । गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की आज शनिवार रात को प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई.। शूटिंग मीडियाकर्मियों के कैमरों के कैद हो गई, क्योंकि तब मेडिकल चेकअप के लिए पुलिस द्वारा दोनों को अस्पताल ले जाया जा रहा था , उस वक्त अतीक पत्रकारों से बात कर रहे थे। कम से कम दो लोगों को अहमद और उनके भाई पर करीब से गोली चलाते देखा गया, जो जमीन पर गिर गए थे। पुलिस ने जल्द ही हमलावरों को काबू कर लिया। सनसनीखेज हत्या के बाद इलाके में तनाव के कारण अहमद और अशरफ के गोलियों से छलनी शवों को मौके से हटा लिया गया ।
उप्र पुलिस के अनुसार तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच जारी है। पूछताछ की जा रही है ।
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शाहजहांपुर/लखनऊ। शाहजहांपुर जिले के तिलहर थाना इलाके में शनिवार को भागवत कथा के लिए जल लेने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली के पुल के ऊपर से गर्रा नदी में गिर जाने से 11 लोगों की मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे में 24 लोग घायल हुए हैं।
शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस आनन्द ने बताया कि हादसे में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है जिसमें आठ बच्चे, एक पुरुष तथा दो महिला शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस घटना में 24 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से सात गंभीर रूप से घायलों सहित 21 का सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि तीन अन्य को तिलहर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। लखनऊ में एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल देने के निर्देश दिये गये हैं। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारी राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे हैं। इसके पहले घटनास्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी-ग्रामीण) संजीव बाजपेई ने ‘ बताया कि थाना तिलहर अंतर्गत निगोही मार्ग पर बिरसिंहपुर के गर्रा नदी पुल पर अजमतपुर गांव से भागवत कथा के लिए जल लेने जा रहे ट्रैक्टर ट्राली चालक ने संतुलन खो दिया, जिससे ट्रैक्टर ट्राली नदी में जा गिरी। घटना की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई जिन्होंने ट्राली में दबे लोगों को बाहर निकाला और सभी को तिलहर के स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा जहां पर चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इलाज के दौरान पांच लोगों की और मौत हो गई। इस प्रकार हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 11 हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक के पूछताछ में जानकारी मिली है कि ट्राली पर 30 से अधिक लोग सवार थे।एएसपी ने बताया कि हादसे के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी।इस बीच, लखनऊ में जारी एक बयान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर की इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। बयान के अनुसार योगी ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन के अधिकारी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत कार्य को अंजाम दे रही हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है।पीएमओ इंडिया के ट्विटर हैंडल से प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ट्रैक्टर ट्राली के नदी में गिरने से हुई दुर्घटना अत्यंत आहत करने वाली है। इस हादसे में जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदना प्रकट करने के साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' -
नई दिल्ली। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल में सामान्य ड्यूटी के लिए कांस्टेबल परीक्षा अब हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी दी जा सकेगी। सशस्त्र पुलिस बल में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र असमी, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड, तमिल, तेलुगू, उड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे। यह निर्णय अगले वर्ष पहली जनवरी से प्रभावी होगा। गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस फैसले से लाखों उम्मीदवारों को अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।सामान्य ड्यूटी के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन कर्मचारी चयन आयोग करता है। राज्य सरकारों से अपील की गई है कि वे स्थानीय युवाओं को यह परीक्षा अपनी मातृभाषा में देने के लिए प्रेरित करने का एक व्यापक अभियान शुरू करें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान केवल चर्चाओं से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए घर-घर में व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता है। आज विश्व बैंक के एक आयोजन में अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि अरबों लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों के परिणाम बड़े हो सकते हैं। आयोजन का विषय था--व्यवहार परिवर्तन से जलवायु परिवर्तन समाधान। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन आंदोलन और व्यवहार परिवर्तन के मामले में, देशवासियों ने पिछले कुछ वर्षों में काफी कुछ किया है। उन्होंने इस संबंध में लिंग अनुपात में सुधार, व्यापक स्वच्छता अभियान और एलईडी बल्बों के उपयोग की चर्चा की जिससे प्रतिवर्ष कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में 3 करोड़ 90 लाख टन की कमी आई है। श्री मोदी ने कहा कि लगभग सात सौ हज़ार हेक्टेयर कृषिभूमि में सूक्ष्म सिंचाई से काफी जल की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक संस्थाओं से अपील की कि वे मिशन लाइफ जैसी व्यवहारजनित पहलों को अपनाने के लिए देशों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धन की उपलब्धता के तौर-तरीक़े ढूंढने होंगे। श्री मोदी ने विश्व बैंक से जलवायु परिवर्तन पर और अधिक ध्यान देने की अपील भी की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान में मिशन लाइफ जैसी पहलें बहुत कारगर सिद्ध होंगी। इस बीच, विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने भारत के मिशन लाइफ पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है समुचित मूल्य निर्धारण नीति, संस्थानों के प्रयासों और सही आर्थिक प्रोत्साहन से व्यवहार में पर्यावरण-अनुकूल परिवर्तन लाना संभव है।













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