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- नयी दिल्ली। संसद की एक समिति ने कहा है कि आंगनवाड़ी कर्मियों और कार्यकर्ताओं के काफी पद कम वेतन, मानदेय के कारण रिक्त हो सकते हैं। समिति ने आंगनवाड़ी कर्मियों, कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की पुरजोर वकालत की। उल्लेखनीय है कि आंगनवाड़ी कर्मियों, कार्यकर्ताओं के मानदेय अलग-अलग राज्यों में भिन्न होते हैं।समिति ने आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण में अनुदान को दो लाख रुपये से घटाकर एक लाख रुपये करने का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य अपनी ओर से धन देने में असमर्थ है तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मूल योजना पर लौटने के लिए वित्त मंत्रालय से आग्रह करने पर विचार कर रहा है। संसद में पेश लोक लेखा समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मानदेय को बढ़ाने की बात दोहरायी। ऐसे में समिति का कहना है कि आंगनवाड़ी कर्मियों, कार्यकर्ताओं के काफी पद कम वेतन, मानदेय के कारण रिक्त हो सकते हैं। समिति का मानना है कि आंगनवाड़ी कर्मियों, कार्यकर्ताओं की नि:स्वार्थ सेवा को ध्यान में रखते हुए मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए।file photo
- नयी दिल्ली। फिल्म ‘मुगल-ए-आजम' में दिलीप कुमार और मधुबाला द्वारा निभाई गई राजकुमार सलीम और अनारकली की भूमिका को मौजूदा समय में अलग-अलग मौकों पर 'मीम्स' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। फिल्म "मुगल-ए-आजम" के एक दृश्य में अनारकली (मधुबाला) जमीन पर लेटी हुई हैं और सलीम (दिलीप कुमार) उनके सिराहने बैठे हुए हैं। ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया मंच पर उपयोगकर्ताओं द्वारा बुधवार को इस तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए उस पर "उठो अनारकली उठो, हम आउट ऑफ सिलेबस हो गए हैं'' कैप्शन का इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर यह ‘मीम्स' काफी प्रसारित हो रही हैं। अनारकली मीम्स के वायरल होने की वजह यह है कि 'राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद' (एनसीईआरटी) ने 12वीं कक्षा की नई पाठ्यपुस्तकों से मुगल इतिहास के कुछ हिस्सों सहित कुछ अन्य सामग्री को हटाने का फैसला किया है। इससे पहले भी सलीम-अनारकली वाले फिल्म के इस दृश्य को कई अलग-अलग मौकों पर इस्तेमाल किया गया है।इससे पहले इस दृश्य का इस्तेमाल पिछले सप्ताह सरकार द्वारा स्थायी खाता संख्या (पैन) को आधार कार्ड से जोड़ने की आखिरी तारीख आने के दौरान भी किया गया था। उस समय यूजर्स ने लिखा, "उठो अनारकली आधार कार्ड को पैन से लिंक करना है।" वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश करने से पहले भी इस दृश्य का इस्तेमाल किया गया था। उस समय इसे शेयर करते हुए सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने लिखा था, "उठो अनारकली बजट आने वाला है। अब अर्थशास्त्री बनने का समय है।" वहीं, वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान भी इस दृश्य को काफी साझा किया गया। सरकार द्वारा जब लॉकडाउन को तीन मई 2020 तक बढ़ा दिया गया था। तब सोशल मीडिया पर इसे शेयर करते हुए उपयोगकर्ताओं ने लिखा था, "मत उठो अनारकली लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ गया है।" लॉकडाउन के दौरान 'वेबिनार' से परेशान होकर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा था, "उठो अनारकली, वेबिनार खत्म हो गया है।"
- देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी तथा हिंदी भाषा के चार नवोदित लेखकों को हर वर्ष सम्मानित किए जाने की घोषणा की । मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद पहली बार आयोजित उत्तराखंड भाषा संस्थान की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वर्ष 2023-24 से राज्य सरकार की ओर से पहली बार लोक भाषाओं व कुमाऊंनी, गढ़वाली सहित प्रदेश की बोलियों व उपबोलियों, पंजाबी एवं उर्दू में दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए प्रतिवर्ष उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी मई में एक भव्य समारोह आयोजित कर साहित्यकारों को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अर्थाभाव के कारण अपनी पुस्तकें प्रकाशित न करवा पाने वाले प्रदेश के रचनाकारों को उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में आंशिक अनुदान दिए जाने के प्रस्ताव पर भी अपनी स्वीकृति दी। लोक भाषाओं एवं बोलियों को अपनी पहचान और गौरव बताते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक जनपद में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय भाषा सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के खुरदही बाजार इलाके में अज्ञात व्यक्ति एक एटीएम काटकर करीब 35 लाख रुपये लेकर चंपत हो गए। पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और नकदी बरामद करने के लिए कई दलों का गठन किया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) विनीत जायसवाल ने कहा, "हमें मंगलवार दोपहर खुरदही बाजार में भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में चोरी की सूचना मिली। यह घटना दो/तीन अप्रैल की दरमियानी रात की है।" पुलिस के मुताबिक, एटीएम में सेंध लगने पर बजने वाला स्वचालित अलार्म संबंधित बैंक कर्मचारियों को सतर्क करने में विफल रहा। जायसवाल ने कहा, "क्षेत्र में बैंक के सुरक्षा प्रभारी को मंगलवार रात एक संदेश और कॉल के रूप में अलर्ट मिला था, लेकिन वह पुलिस को इसकी सूचना देने में विफल रहे।" पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि आरोपी एक लग्जरी कार से एटीएम कक्ष तक पहुंचे थे। उन्होंने फ्लेम कटर से एटीएम की तिजोरी काट दी और नकदी अपने साथ ले गए। जायसवाल ने कहा, "हमने मामले को सुलझाने के लिए पांच दलों का गठन किया है। इसके हर पहलू पर गौर किया जा रहा है। एटीएम से पैसे चोरी करने वाले जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 महीनों में मिशन अमृत सरोवर के तहत लगभग 40,000 जलाशय विकसित किए जाने की उपलब्धि की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि जिस गति से इस दिशा में काम किया जा रहा है, वह 'अमृत काल' के हमारे संकल्पों में नई ऊर्जा का संचार करता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, पिछले 11 महीनों में मिशन अमृत सरोवर के तहत लगभग 40,000 जल निकायों का विकास किया गया है, जो योजना के तहत लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत है। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक ट्वीट में कहा कि मिशन अमृत सरोवर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘40 हजार से अधिक अमृत सरोवर राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं। 15 अगस्त, 2023 तक 50 हजार अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य है।'' शेखावत के ट्वीट का जवाब देते हुए मोदी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘बहुत-बहुत बधाई! जिस तेजी से देशभर में अमृत सरोवरों का निर्माण हो रहा है, वह अमृतकाल के हमारे संकल्पों में नई ऊर्जा भरने वाला है।'' भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष से 100 वर्ष तक की 25 साल की अवधि को प्रधानमंत्री ने अमृत काल का नाम दिया है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पिछले साल 24 अप्रैल को शुरू किए गए मिशन का उद्देश्य ‘आजादी का अमृत महोत्सव' के हिस्से के रूप में देश के प्रत्येक जिले में 75 जल निकायों का विकास और कायाकल्प करना है। इस योजना के तहत विकसित किए जाने वाले अमृत सरोवरों की कुल संख्या लगभग 50,000 है, जिन्हें इस साल 15 अगस्त तक विकसित किया जाना था। गुजरात पर्यटन के प्रचार के एक वीडियो पर एक ट्वीट का जवाब देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कच्छ पर एक प्यारा वीडियो। जब 2001 में भयंकर भूकंप आया, तो लोगों ने कच्छ के शोक संदेश लिख दिए थे लेकिन इस जिले के लोगों के बारे में कुछ उल्लेखनीय है। वे फिर से उठे और जिले को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आज कच्छ पर्यटन के लिए एक शानदार गंतव्य है।'' लद्दाख को उसकी लकड़ी की नक्काशी के लिए जीआई टैग मिलने की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि इससे लद्दाख की सांस्कृतिक परंपराएं और भी लोकप्रिय होंगी और कारीगरों को लाभ होगा। मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के भी एक ट्वीट का जवाब दिया। उन्होंने कहा था कि स्वर्ण जयंती सीमा रोशनी कार्यक्रम प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है कि सीमावर्ती गांव अंतिम नहीं हैं, बल्कि वे सबसे पहले बदले जाएंगे। खांडू ने ट्वीट किया ‘‘मेरे मुक्तो विधानसभा क्षेत्र के मागो गांव में एक नया सवेरा देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 50 मिनी और माइक्रो हाइडल परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ग्रामीणों और सीमा की रक्षा करने वाले बलों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।'' खांडू के ट्वीट को टैग करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘सीमावर्ती क्षेत्रों में एक स्वागत योग्य विकास, जो सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाएगा।'' मोदी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस ट्वीट का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क पर सुविधाजनक और किफायती ईंधन की पेशकश के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए जाने की बात कही थी। पुरी ने कहा था कि वर्ष 2014 में केवल 66 जिलों में सीजीडी नेटवर्क था जो 2023 में 630 जिलों तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 2014 में घरेलू पीएनजी कनेक्शन की संख्या केवल 25.40 लाख थी जो अब बढ़कर 103.93 लाख हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि ये अच्छे आंकड़े हैं और वह उन सभी की सराहना करते हैं जिन्होंने इस कवरेज को बनाने के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत की। एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा कि एम्स मंगलगिरी में 10 लाख बाह्य रोगी परामर्श के आंकड़े को पार करना संस्थान की अच्छी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल ही में मन की बात कार्यक्रमों में से एक में मैंने इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें एक डॉक्टर और किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बातचीत शामिल थी, जिसे टेली-परामर्श से लाभ हुआ है।'' मोदी ने माधवपुर मेले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के ट्वीट का भी जवाब दिया। मोदी ने कहा, ‘‘माधवपुर मेले की बदौलत गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शानदार सांस्कृतिक तालमेल है।
- भरुच। गुजरात के भरुच जिले में मंगलवार को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस के कारण तीन सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। समाज कल्याण अधिकारी आर.बी. वसावा ने बताया कि जिले के दाहेज गांव में सीवर से अपने सहयोगियों को बाहर निकालने की कोशिश करते समय जहरीली गैस के संपर्क में आए दो और मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस उस ठेकेदार की तलाश कर रही है जिसने सीवर की सफाई के लिए मजदूरों को लगाया था। ठेकेदार की अभी पहचान नहीं हो पाई है। वसावा ने बताया, “सीवर में घुसे तीन मजदूरों की मौत हो गई। तीनों को बाहर निकालने में मदद करने वाले दो अन्य लोगों को जहरीली गैस के संपर्क में आने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका पता लगाने के लिए हमने अपनी तरफ से जांच शुरू कर दी है।” उन्होंने बताया कि मृतक मजदूरों की पहचान गलसिंह मुनिया, अनीफ परमार और परेश कटारा के रूप में हुई है।पुलिस उपाधीक्षक आर.आर. सरवैया ने बताया, “यह नाला दाहेज ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है। सफाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। शवों को भरुच के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हम उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।” गुजरात सरकार ने पिछले महीने विधानसभा को सूचित किया था कि पिछले दो वर्ष के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में नाले-नालियों की सफाई के दौरान 11 सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई है।
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नागपुर। महाराष्ट्र में नागपुर के 27 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी आत्महत्या का लगभग 40 मिनट तक फेसबुक पर सीधा प्रसारण (लाइव-स्ट्रीमिंग) करते हुए फांसी लगा ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि कामठी निवासी क्रुतंक सिद्धार्थ डोंगरे ने सोमवार को देर रात करीब डेढ़ बजे अपनी पत्नी के फेसबुक अकाउंट से आत्महत्या का सीधा प्रसारण किया। उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति को शराब की लत थी और बेरोजगार था। अपनी पत्नी से उसकी कहासुनी हुई थी, जो उसे छोड़कर चली गई थी। अधिकारी ने बताया कि सोमवार को जब डोंगरे के परिवार के लोग घर पर मौजूद नहीं थे, तब उसने शराब पी और देर रात अपनी पत्नी के फेसबुक अकाउंट से लॉग-इन किया। उन्होंने बताया कि ‘लाइव स्ट्रीमिंग' करते हुए वह छत के पंखे से बंधे फंदे से लटक गया।
अधिकारी ने बताया कि वीडियो के ‘वायरल' होने पर डोंगरे के रिश्तेदार, पड़ोसी और दोस्त उसके घर के सामने एकत्र हो गए और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत होने का मामला दर्ज किया है। -
लखनऊ। उत्तरप्रदेश सरकार ने राज्य में शिक्षकों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग गठित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल एक समीक्षा बैठक में स्वायत्त आयोग के गठन के निर्देश दिये। प्रस्तावित आयोग राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी कॉलेजों के लिए शिक्षकों का चयन करेगा। नया आयोग उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा भी आयोजित करेगा।
वर्तमान में अलग-अलग बोर्ड और आयोग शिक्षकों का चयन करते हैं। समेकित आयोग सभी स्तरों के लिए शिक्षकों का चयन करेगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने कल नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया और अतिरिक्त ऋण सहायता उपलब्ध करने की बात कही।
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि दोनों देश भारत-भूटान सीमा पर पहली एकीकृत जांच चौकी स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं। यह चौकी जयगांव के पास स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान भारत सरकार के सहयोग से प्रस्तावित कोकराझार-गेलेफू रेल लिंक परियोजना में भी तेजी लाएंगे। श्री क्वात्रा ने कहा कि भारत और भूटान के बीच पहला रेल संपर्क ऐतिहासिक होगा।श्री क्वात्रा ने कहा कि दोनों देशों ने आर्थिक और विकास साझेदारी, व्यापार सुविधा और सम्पर्क, निवेश, ऊर्जा तथा अंतरिक्ष और स्टार्टअप सहित नए क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भूटान नरेश से भेंट की। -
नयी दिल्ली. मोदी सरकार अगले महीने अपनी नौवीं वर्षगांठ मनाने जा रही है और वह अपनी विभिन्न गरीब समर्थक योजनाओं के ‘‘द्वितीय क्रम प्रभाव'' को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि चुनावी वर्ष में देश में इसकी कल्याणकारी पहलों के बारे में चर्चा को जीवित रखा जा सके। सरकारी सूत्रों ने कहा कि "द्वितीय क्रम प्रभाव" रेखांकित करता है कि कैसे कल्याणकारी उपायों ने स्पष्ट सकारात्मक प्रभावों से परे लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ अर्जित कराया है। उन्होंने कहा कि उन योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिन्होंने देश भर में बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया है।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान के लिए खाका तैयार होने और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुकाबले के लिए कमर कसते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने वाली 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' ने न केवल करोड़ों महिलाओं को लाभान्वित किया है, बल्कि उन्हें धुआं मुक्त और सुरक्षित ईंधन प्रदान कर उन्हें बीमार होने से भी बचाया है। सूत्रों ने कहा कि अब उन्हें जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं है, जिससे उनका काफी समय भी बचता है, जिसका इस्तेमाल उनके द्वारा खुद के लिए और लाभकारी रोजगार के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह देश भर में बने करोड़ों शौचालयों ने न सिर्फ स्वच्छता को बढ़ावा दिया है, बल्कि गंदगी से होने वाली कई बीमारियों से भी निजात दिलाई है। सूत्रों ने कहा, "शौचालयों के निर्माण के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। आज गरीबों के घर में शौचालय होने का मतलब है कि उनके लिए एक सम्मानित जीवन सुनिश्चित हो गया है और उनमें आत्म-सम्मान की नयी भावना आ गई है।" उन्होंने कहा कि 'नल से जल' योजना के तहत यह पहली बार है कि करोड़ों परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया है तथा महत्वपूर्ण रूप से, इसने महिलाओं को दूर के स्थानों से पानी लाने की दैनिक परेशानी से स्थायी रूप से छुटकारा दिलाया है। सूत्रों ने कहा कि "द्वितीय क्रम प्रभाव" को उजागर करना एक नया और अभिनव दृष्टिकोण है, जो मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं के पीछे दूरगामी दृष्टि को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ की तो अक्सर चर्चा होती है, लेकिन उनके अप्रत्यक्ष लाभ भी समान रूप से प्रभावी और स्थायी होते हैं।
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गंगटोक. सिक्किम के नाथुला इलाके में मंगलवार को हुए एक भीषण हिमस्खलन में छह पर्यटकों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गये। पुलिस के अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी। घायलों को राज्य की राजधानी गंगटोक स्थित अस्पताल लाया जा रहा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘बचाव अभियान और सड़क से बर्फ हटाने का कार्य जारी है।''
नाथुला दर्रा चीन से लगी सीमा पर स्थित है और यह अपनी मनोरम सुंदरता के कारण पर्यटकों का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र है। यह देश में हिमालय के सर्वाधिक महत्वपूर्ण दर्रो में एक है। यह गंगटोक से 55 किमी से अधिक की दूरी पर है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, हिमस्खलन जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर दूरी की जानकारी देने वाले 14वें शिला स्तंभ के समीप आज तड़के हुआ, जिसमें 25-30 पर्यटक फंस गये थे। अधिकारियों ने बताया, ‘‘सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा शीघ्र ही बचाव अभियान शुरू किया गया और अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें से छह को एक गहरी घाटी से निकाला गया।'' उन्होंने बताया कि करीब 350 लोग और 80 वाहन मार्ग पर फंसे गये थे, क्योंकि नाथुला से आने वाले मार्ग को बर्फ ने अवरूद्ध कर दिया था। इन लोगों और वाहनों को भी वापस ले आया गया है। नाथुला समुद्र स्तर से 14,450 फुट की ऊंचाई पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है। यह भारत और चीन के बीच खुली तीन व्यापार सीमा चौकियों में एक है। -
शाहजहांपुर .उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में घटित एक अजीबोगरीब घटना में कथित रूप से तंत्र-मंत्र के फेर में एक परिवार के आठ सदस्यों ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अर्द्धमूर्छित पड़ी युवतियों और अन्य लोगों को घर से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने मंगलवार को बताया कि तिलहर थाना क्षेत्र के बहादुरगंज में रहने वाले बनारसी नामक व्यक्ति का आठ लोगों का परिवार रहता है। पड़ोसियों के मुताबिक करीब एक हफ्ते पहले उन सभी ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था और इस दौरान वे कुछ खा-पी भी नहीं रहे थे। उन्होंने बताया कि पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने आज मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोला तो एक युवती पूजा पाठ कर रही थी जबकि बाकी लोग पास में ही अर्द्धमूर्छित अवस्था में पड़े थे। बहरहाल, पुलिस ने कमरे से 8 लोगों को घर से निकाल कर मेडिकल कॉलेज में भेजा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ऐसी आशंका है कि तंत्र-मंत्र के फेर में यह घटना हुई है। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल नवंबर में वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम के अपने अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु के लोगों से कहा है कि इस आयोजन ने उन्हें राष्ट्र की एकता को और मजबूत करने के प्रयासों को तेज करने के लिए प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री ने पिछले साल नवंबर में वाराणसी में एक महीने तक आयोजित किए गए कार्यक्रम ‘काशी तमिल संगमम' का उद्घाटन किया था। यह आयोजन भारत के उत्तर और दक्षिण के बीच ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों के कई पहलुओं का जश्न है। इसका व्यापक उद्देश्य ज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं (उत्तर एवं दक्षिण की) को करीब लाना, हमारी साझा विरासत की समझ विकसित करने के साथ इन क्षेत्रों के लोगों के बीच संबंध को और मजबूत करना है। तमिलनाडु के लोगों द्वारा वाराणसी में संगमम में अपने अनुभव साझा करने के लिए लिखे गए सैकड़ों पत्रों से उत्साहित मोदी ने उन्हें पत्र लिखा है और उन्हें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का ध्वजवाहक बताया है। मोदी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा है कि लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से काशी की संस्कृति और उसके लोगों के बारे में करीब से जानने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह से काशी में तमिल भाषा की सुंदरता और तमिलनाडु की समृद्ध संस्कृति का जश्न मनाया गया, वह अद्भुत था। वाराणसी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा, ‘‘काशी का तमिलनाडु के लोगों के साथ एक लंबा और स्थायी संबंध रहा है, जिन्होंने यहां की संस्कृति और सभ्यता की समृद्ध टेपेस्ट्री को जोड़ा है। काशी तमिल संगमम ने उन ऐतिहासिक यादों को फिर से जगा दिया है और दोहराया है कि हमारे देश के विभिन्न क्षेत्र कितने गहराई से जुड़े हुए हैं।'' टेपेस्ट्री कपड़े पर कसीदाकारी की कला का एक रूप है, जिसे पारंपरिक रूप से करघे पर हाथ से बुना जाता है । उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब पूरा देश अगले 25 वर्षों के अमृत काल के दौरान एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के तरीकों पर चर्चा कर रहा है, हमारे देश की एकता को गहरा करने का हर प्रयास महत्वपूर्ण है। एक शानदार स्मारक के निर्माण के लिए एक मजबूत नींव महत्वपूर्ण है।'' तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि संगमम ने उन्हें राष्ट्र की एकता को और मजबूत करने के प्रयासों को तेज करने के लिए प्रेरित किया है।
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सुलतानपुर. उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक ट्रक के चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोसाईगंज के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राघवेन्द्र रावत ने बताया कि आज थाना क्षेत्र के इनायतपुर पेट्रोल पंप के पास एक ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दोनों की मौत हो गयी। एसएचओ ने बताया कि दोनों मृतकों की पहचान हो गयी है और उनकी उम्र 20 तथा 24 वर्ष है । उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जयपुर. राजस्थान में एक व्यक्ति ने अपनी दो युवा बेटियों की कथित तौर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। इस हमले में उसकी पत्नी और नातिन घायल हो गयी है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। नागौर के पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि आरोपी मनाराम (57) ने अपनी दो बेटियों मीरा (26) और रेखा (20) की कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी, और पत्नी तथा नाती को घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी के पुत्र की ओर से इस संबंध में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मकराना के वृत्ताधिकारी रविराज सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला कि आरोपी मनाराम की मानसिक स्थिति खराब होने के कारण संभवतया यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों बेटियों के शव परिजनों को सौंप दिये गये हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने के महत्व को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि भारत की भाषाओं को प्रोत्साहित करके विश्व स्तरीय नये ज्ञान एवं विज्ञान का सृजन संभव है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने डिग्रियां, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त किये हैं, उनमें से 55 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे इस बात की खुशी है कि विश्वविद्यालय में डिग्रियां, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त करने वालों में 55 प्रतिशत लड़कियां हैं। आज स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में आधे से अधिक लड़कियां हैं।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘ उच्च शिक्षा तक पहुंच' को बढ़ावा देने में इग्नू की सराहनीय भूमिका रही है। मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई है कि कुल विद्यार्थियों में से करीब 50 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से हैं, तथा 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।'' राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रगति को देखकर उन्हें काफी प्रसन्नता हो रही है। सोमवार को इग्नू के 2,79,918 छात्रों ने डिग्रियां, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त किए।
मुर्मू ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर 50 प्रतिशत हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही भारतीय भाषाओं में शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस शिक्षा नीति में अन्य महत्वपूर्ण सुझावों के साथ साथ भारतीय परंपराओं के प्रति गौरव का अनुभव करने तथा भारतीय भाषाओं को अध्ययन का माध्यम बनाने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने से बड़े पैमाने पर विश्व स्तरीय नवीन ज्ञान-विज्ञान का सृजन संभव हो सकेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि इग्नू के शिक्षक ‘स्वयंप्रभा' चैनलों और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से हिन्दी और अंग्रेजी के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।'' मुर्मू ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि वर्तमान में 35 लाख से अधिक छात्र इस विश्वविद्यालय से शिक्षा प्रापत कर रहे हैं, इसमें 40 अन्य देशों के विद्यार्थी भी शामिल हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ शिक्षा की ज्योति से, अंधकार में प्रकाश फैलता है। मुझे यह जानकर विशेष प्रसन्नता हो रही है कि हजारों कैदी भी इग्नू से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह शिक्षा, कैदियों के पुनर्वास तथा कारावास से निकलने के बाद, एक बेहतर जिंदगी शुरू करने में उनके लिए सहायक होगी।'' उन्होंने कहा कि बहुत से विद्यार्थियों को, अपनी जिम्मेदारियों' और परिस्थितियों' की वजह से उच्च शिक्षा जारी रखने में कठिनाई होती है। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने में इग्नू जैसे संस्थान मदद कर रहे हैं और इस प्रकार, दूरस्थ शिक्षा की व्यापक सामाजिक-आर्थिक उपयोगिता है। -
नयी दिल्ली. संसद की एक समिति ने सरकार से विदेशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को पंजीकृत करने के लिए मौजूदा बाधाओं का अध्ययन कर नई पहल करने को कहा है ताकि भारतीय समुदाय को उनकी जड़ों के करीब लाया जा सके। लोकसभा में सोमवार को पेश भारतीय जनता पार्टी सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति की ‘‘ भारतीय समुदाय का कल्याण : नीतियां/योजनाएं विषय पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई रिपोर्ट में कहा गया है कि, प्रवासी कामगारों और छात्रों सहित भारतीय समुदाय का एक बड़ा हिस्सा विदेश में भारतीय मिशनों/पोस्ट में स्वयं को पंजीकृत नहीं कराता है। इसके अनुसार, समिति ने यह इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें इस तरह के पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सभी प्रयास किये जाएं और मूल्यांकन के आधार पर नई पहल की जाए ताकि हमारे दूतावासों को भारतीय समुदाय के लिए ‘‘घर से दूर एक घर'' बनाया जा सके। समिति इस तथ्य से सहमत है कि चूंकि पंजीकरण स्वैच्छिक है, इसलिए 100 प्रतिशत भारतीय समुदाय को मिशनों के साथ पंजीकृत नहीं किया जा सकता है और संकट के समय उन तक पहुंचने के लिए पर्याप्त तंत्र बनाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फिर भी समिति का विचार है कि पूर्ण डाटाबेस के लिए विदेशों में भारतीय मिशन/ पोस्ट उस देश में प्रत्येक भारतीय तक पहुंचने में अधिक सक्रियता से कार्य करे। समिति ने इस बात को दोहराया कि विदेशों में प्रत्येक भारतीय को पंजीकृत करने के लिए मौजूदा बाधाओं का अध्ययन कर नई पहल की जाए ताकि भारतीय समुदाय को उनकी जड़ों के करीब लाया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन और चीन में मेडिकल और अन्य पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने वाले हजारों भारतीय छात्रों की दुर्दशा के बारे में चिंतित समिति ने विदेश मंत्रालय को इन देशों से लौटने वाले मेडिकल छात्रों को एक बार छूट के आधार पर भारतीय निजी चिकित्सा संस्थानों में दाखिला लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सामने रखने की इच्छा व्यक्त की थी। समिति ने यह इच्छा व्यक्त की थी कि विदेश मंत्रालय भारतीय छात्रों की चीन से वापसी की सुविधा के लिए मिशन के साथ समन्वित प्रयास करे। समिति ने यह नोट किया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने एक योजना तैयार की थी जिसके तहत ऐसे भारतीय छात्र, जिनका असाधारण परिस्थितियों के कारण वास्तविक प्रशिक्षण नहीं हो पाया था और जिनको 30 जून 2022 को या उससे पहले विदेश में संबंधित संस्थानों द्वारा डिग्री के पूरा होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था....उन्हें विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) में उपस्थित होने और एफएमजीई अर्हता प्राप्त करने एवं भारत में पंजीकरण के पात्र होने के लिए दो वर्ष की अवधि का अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (सीआरएमआई) करना आवश्यक है। इसमें कहा गया है कि समिति आशा करती है कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा तैयार किया गया यह विकल्प उन मेडिकल छात्रों को राहत प्रदान करेगा जो यूक्रेन, चीन में आपातकालीन स्थितियों के कारण स्वदेश लौट आए थे। -
नयी दिल्ली. देश के 11.1 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन तथा 27.4 प्रतिशत में खेल का मैदान नहीं है। सरकार द्वारा लोकसभा में पेश आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। लोकसभा में गजानन कीर्तिकर और कलाबेन मोहनभाई देलकर के प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शिक्षा पर एकीकृत जिला सूचना प्रणाली के वर्ष 2021-22 के आंकड़े पेश किए। इनमें कहा गया है कि देश में कुल 10,22,386 सरकारी स्कूलों में 7,42,087 में खेल के मैदान थे जबकि 9,08,774 में बिजली कनेक्शन उपलब्ध था। इस प्रकार से 72.6 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में खेल का मैदान और 88.9 प्रतिशत स्कूलों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध है। प्रधान ने बताया कि हाल ही में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने समग्र शिक्षा योजना के तहत 4,590 करोड़ रुपये के कुल बजट अनुमान के साथ देश भर के लगभग 1.20 लाख सरकारी स्कूलों में बुनियादी आधारभूत ढांचा के पुनरूद्धार पर एक परियोजना को मंजूरी दी है।
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छतरपुर. मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में सोमवार को दो कारों की आमने-सामने की भिडंत में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गये। यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी। गढ़ीमलहरा पुलिस थाना प्रभारी टेक राम कुर्मी ने बताया कि यह घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर सागर-कानपुर राजमार्ग पर सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास हुई। उन्होंने कहा कि इस हादसे में कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान कार चालक देवेंद्र सोनी (26), गुड्डो सेन (45) और उसकी बेटी पूजा सेन (23) के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि ये सभी महोबा के रहने वाले थे और हादसे के वक्त महोबा से छतरपुर आ रहे थे। कुर्मी ने बताया कि इस हादसे में दोनों कारों में सवार चार लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सोमवार को कहा कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए और उन जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा, जहां 100 से अधिक लोगों के जमा होने की उम्मीद है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अलग से एक परामर्श जारी कर निवासियों को सार्वजनिक स्थानों पर कोविड से संबंधित “क्या करें और क्या न करें” का सख्ती से पालन करने के लिए कहा, जिसमें भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना और सामाजिक दूरी भी शामिल हैं। विज स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोविड के प्रसार को रोकने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं और तैयारियों पर एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। विज ने कहा कि अस्पतालों में खांसी-जुकाम के लक्षण वाले मरीजों की कोविड जांच अनिवार्य होगी।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने सोमवार को मेडिकल छात्रों की पेशेवर जिम्मेदारियों के बारे में दिशा-निर्देश जारी कर उन्हें सोशल मीडिया पर मरीजों और उनसे जुड़ी जानकारी को बेवजह पोस्ट नहीं करने को कहा। एनएमसी ने मेडिकल शिक्षकों के लिए दिशा-निर्देश में कहा है कि उन्हें छात्रों को डॉक्टर-मरीज संबंध के बारे में सही चीजों के बारे में बताना चाहिए तथा रोगियों की गरिमा और अधिकारों के लिए सम्मान बनाए रखना चाहिए। एनएमसी ने छात्रों के लिए स्थानीय भाषा सीखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया ताकि रोगियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद किया जा सके और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लिया जा सके। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि मेडिकल छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने सभी पेशेवर कार्यों के दौरान शालीन और उचित कपड़े पहनें। दिशा-निर्देशों के अनुसार, अपने क्लीनिकल प्रशिक्षण के दौरान मेडिकल छात्रों को रोगियों के समक्ष नम्रता से पेश आना चाहिए। दिशा-निर्देश में मेडिकल छात्रों को अपना ख्याल रखने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, खासकर शराब, तंबाकू जैसे अन्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई है। इसमें कहा गया है कि मादक द्रव्यों के सेवन के मामले में छात्रों से उपचार और परामर्श लेने की अपेक्षा की जाती है। ‘व्यक्तिगत विकास से संबंधित जिम्मेदारियों' के तहत, दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि छात्रों को मरीजों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और चिकित्सा जानकारी की गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए। एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (ईएमआरबी) के सदस्य डॉ योगेंद्र मलिक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ‘‘मेडिकल छात्रों को अपनी हद के बारे में पता होना चाहिए और उपचार के बारे में सलाह देने या अपने शिक्षकों से उचित निर्देश के बिना परामर्श देने से बचना चाहिए।'' दिशा-निर्देशों में छात्रों से अपने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के दौरान शिक्षकों के मार्गदर्शन में शोध में शामिल होने का आग्रह किया गया है। साथ ही कहा गया है कि छात्रों को अनुसंधान के संबंध में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों से परिचित होना चाहिए। दिशा-निर्देशों में मेडिकल छात्रों से आग्रह किया गया है कि वे मरीजों और मरीज से सबंधित जानकारी को सोशल मीडिया पर बेवजह पोस्ट न करें। इसमें रेखांकित किया गया है कि छात्रों को सोशल मीडिया की उपयोगिता के साथ-साथ इसके अंधाधुंध उपयोग से जुड़े संभावित व्यावसायिक खतरों के बारे में पता होना चाहिए। दिशा-निर्देश के मुताबिक छात्रों को परीक्षाओं के दौरान नकल से भी दूर रहने को कहा गया है। दिशा-निर्देशों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जब भी संभव हो, छात्रों को स्वास्थ्य शिविरों/स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में भाग लेना चाहिए क्योंकि समुदायों के स्तर पर सीखना भी चिकित्सा शिक्षा का एक अनिवार्य घटक है। ‘‘समाज और राष्ट्रीय लक्ष्यों के प्रति जिम्मेदारियों'' के तहत दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि चिकित्सा एक सामाजिक और नैतिक प्रयास है, इसलिए मेडिकल छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने सभी पेशेवर प्रयासों में शालीन और उचित कपड़े पहनें। दिशा-निर्देश में कहा गया है कि समाज सेवा और राष्ट्रवाद की भावना चिकित्सा शिक्षा का अभिन्न अंग होनी चाहिए। मेडिकल शिक्षकों के लिए जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि शिक्षकों को लगातार छात्रों को डॉक्टर-मरीज संबंध में सही चीजों के बारे में बताना चाहिए तथा रोगियों की गरिमा और अधिकारों के लिए सम्मान बनाए रखना चाहिए। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्र शारीरिक परीक्षण के दौरान रोगियों की पीड़ा के प्रति संवेदनशील हों। छात्रों को नैतिकता के बारे में भी बताने को कहा गया है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षकों को छात्रों के साथ अपने संवाद में निष्पक्ष होना चाहिए और क्षेत्र, धर्म, जाति, लिंग, यौन अभिरूचि, भाषा, सामाजिक-आर्थिक वर्ग या किसी अन्य कारक के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। दिशा-निर्देशों में यह भी रेखांकित किया गया है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रत्येक मामले के आधार पर की जानी चाहिए और शिक्षक को अपने सहयोगियों या लोगों के सामने छात्रों को अपमानित करने से बचना चाहिए।
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की संशोधित किताबों को अपने स्कूलों में चालू सत्र से ही पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है, जिसमें 12वीं कक्षा की इतिहास की किताबों से मुगल बादशाह और दरबारों के अंश हटा दिये गए हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, ‘‘हम अपने छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाते हैं, जो भी संशोधित संस्करण में है उसका पालन किया जाएगा।'' अपर मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) दीपक कुमार ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने मुगल साम्राज्य से संबंधित अध्यायों को हटाकर कक्षा 12वीं के इतिहास के पाठ्यक्रम में संशोधन किया है। इतिहास की पाठ्यपुस्तक में मुगल दरबारों के अध्यायों को एनसीईआरटी द्वारा संशोधित संस्करण में हटा दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सीबीएसई, उत्तर प्रदेश और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का पालन करने वाले अन्य राज्य बोर्डों सहित सभी बोर्डों के पाठ्यक्रम में बदलाव होंगे। संशोधित पाठ्यक्रम 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए लागू किया जाएगा। दीपक कुमार ने कहा, ''हम एनसीईआरटी की किताबों का पालन करते हैं और संशोधित संस्करण में जो कुछ भी उपलब्ध है, हम उसका पालन राज्य के स्कूलों में करेंगे। -
भुवनेश्वर. भुनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और अपने छात्रों के आहार में पोषक अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का आदि) को शामिल किया है ताकि उन्हें स्वास्थ्यवर्धक और पोषणयुक्त भोजन मुहैया कराया जा सके। संस्थान के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने कहा कि इस पहल की शुरुआत ‘उत्कल दिवस' यानी ओडिशा दिवस और जी-20 ‘जन भागीदारी अभियान' के अवसर पर की गई। बिस्वास ने कहा, ‘‘अपने मरीजों और छात्रों के आहार में पोषक अनाज को शामिल कर हम वाकई बहुत रोमांचित हैं। हमें विश्वास है कि यह मरीजों को आवश्यक फाइबर प्रदान करेगा जिसकी तेजी से ठीक होने के लिए उन्हें जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को पोषक अनाज से अच्छा पोषण मिलने के साथ खनिज भी मिलेगा। इससे हम उनकी वजन की समस्या और प्रतिरक्षा क्षमता का ध्यान भी रख सकते हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आपदा के प्रभाव से निपटने के लिए विश्व से एकीकृत रवैया अपनाने का आह्वान किया है। पांचवें आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन - आई सी डी आर आई-2023 में श्री मोदी ने कहा कि निकटता से जुडे विश्व में आपदाओं के प्रभाव से निपटने की गतिविधि स्थानीय और अलग-थलग न होकर एकीकृत होनी चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि प्रत्येक देश विभिन्न तरह की आपदाओं का सामना करते हैं और समाज आपदाओं को झेल सकने वाले बुनियादी ढांचे से संबंधित स्थानीय जानकारी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचों को आधुनिक बनाते समय इस प्रकार की जानकारी का इस्तेमाल सूझबूझ से किये जाने की आवश्यकता है। स्थानीय जानकारी से परिपूर्ण आधुनिक प्रौद्योगिकी आपदाओं से निपटने में मददगार हो सकती है। श्री मोदी ने कहा कि अगर इनका दस्तावेज अच्छी तरह से तैयार किया जाए तो स्थानीय जानकारी विश्व स्तर की श्रेष्ठ जानकारी हो सकती है।श्री मोदी ने कहा कि कुछ ही वर्षों में 40 से अधिक देश आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं तथा बडे और छोटे देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के देश इस मंच पर एकसाथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि न सिर्फ सरकारें बल्कि वैश्विक संस्थान, डोमेन विशेषज्ञ और निजी क्षेत्र भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस वर्ष आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय लचीले और समेकित बुनियादी ढांचा प्रदान करने से संबंधित है। आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की पहल को लेकर श्री मोदी ने कहा लचीले द्वीप राष्ट्रों के बुनियादी ढांचों की पहल से कई द्वीप राष्ट्र लाभान्वित होते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बुनियादी ढांचा अनुकूल गतिवर्धक कोष की घोषणा की गई थी। इस पचास मिलियन डॉलर के कोष ने विकासशील राष्ट्रों के उत्साह को बढाया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की वचनबद्धता इन पहलों की सफलता की कुंजी है।जी-20 की अध्यक्षता को लेकर श्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी जी-20 की अध्यक्षता के जरिये विश्व को एक साथ भी ला रहा है। भारत कई कार्यसमूहों में आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को पहले ही शामिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से निकलने वाले समाधान को उच्च स्तर के वैश्विक नीति निर्धारण में स्थान मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बुनियादी ढांचे की अनुकूलता विशेषकर जलवायु जोखिम और आपदाओं में योगदान करने के लिए आपदा अनुकूल बुनियादी ढांचे के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए एक अवसर है। -
जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की विश्व प्रसिद्ध बसोहली चित्रकारी को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग मिला है। राष्ट्रीय कृषि एव ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से मंजूरी दिये जाने के बाद यह जीआई टैग दिया गया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। किसी उत्पाद, सामान या विशेषता के लिए जीआई टैग मूल उत्पादकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है और तीसरे पक्ष द्वारा उनके अनधिकृत उपयोग को रोकता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को भी बढ़ावा देता है और इसके उत्पादकों और पक्षकारों को आर्थिक समृद्धि प्रदान करता है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दिसंबर 2020 में हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग (जम्मू-कश्मीर) के परामर्श से नाबार्ड द्वारा नौ उत्पादों की जीआई-टैगिंग प्रक्रिया शुरू की गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार इन उत्पादों को जीआई टैग प्रदान कर दिया गया है।'' बसोहली चित्रकारी के अलावा बसोहली पश्मीना ऊनी उत्पाद (कठुआ), चिकरी काष्ठ शिल्प (राजौरी), भद्रवाह राजमा (डोडा), मुश्कबुदजी चावल (अनंतनाग), कलादी (उधमपुर), सुलाई शहद (रामबन), अनारदाना (रामबन) और लद्दाख लकड़ी नक्काशी (लद्दाख) के लिए भी जीआई-टैगिंग हासिल करने की वकालत की जा रही है।

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