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- कोच्चि. प्रख्यात मलयालम साहित्यकार, समीक्षक, शिक्षाविद, लेखक और पूर्व विधायक एम के सानू का शनिवार को यहां एक निजी अस्पताल में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सानू की तबीयत बिगड़ने के बाद पिछले कुछ दिनों से उनका गहन चिकित्सा इकाई में इलाज जारी था। केरल के सांस्कृतिक हलकों में सानू को कई पीढ़ियों के छात्रों के लिए एक सम्मानित शिक्षक और मार्गदर्शक के तौर पर देखा जाता था। तटीय अलप्पुझा जिले के थम्पोली में जन्मे सानू ने मलयालम में स्नातकोत्तर की पढ़ाई में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने अपना कैरियर एक स्कूल शिक्षक के रूप में शुरू किया और बाद में राज्य के कई प्रतिष्ठित कॉलेज में संकाय सदस्य के रूप में कार्य किया। सानू की साहित्यिक यात्रा 1958 में उनकी पहली पुस्तक ‘अंचु शास्त्र नायकनमार' के प्रकाशन के साथ शुरू हुई। अपने दशकों लंबे लेखन करियर में उन्होंने 40 से अधिक पुस्तकें लिखीं, जो अपनी काव्यात्मक भाषा और बौद्धिक गहराई के लिए विख्यात हैं। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, विपक्ष के नेता वी डी सतीशन और सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी सहित विभिन्न नेताओं ने सानू के निधन पर शोक जताया।
- श्रीनगर. वार्षिक अमरनाथ यात्रा के अंतिम दिन 6,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र गुफा मंदिर में हिम शिवलिंग के दर्शन किए, जिससे कुल यात्रियों की संख्या 4.14 लाख हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पिछले वर्ष 5.10 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने इस गुफा मंदिर में दर्शन किए थे।अमरनाथ यात्रा का समापन आम तौर पर रक्षा बंधन के दिन होता है। इस साल यह यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होने वाला था। अधिकारियों ने भारी बारिश के मद्देनजर "महत्वपूर्ण मरम्मत और रखरखाव कार्यों" का हवाला देते हुए यात्रा को एक सप्ताह छोटा करने का निर्णय किया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कुल 6,497 तीर्थयात्रियों ने 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने बताया कि यात्रियों में 4,586 पुरुष, 1,299 महिलाएं, 62 बच्चे, 51 साधु, पांच साध्वी और 494 सुरक्षा बल के जवान शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि तीन जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 4,14,311 यात्री पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मार्गों के रखरखाव की आवश्यकता के कारण, अधिकारियों ने इस वर्ष की वार्षिक अमरनाथ यात्रा उसके निर्धारित समापन से ठीक एक सप्ताह पहले शनिवार को स्थगित कर दी।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को बताया कि पुरी जिले में एक पखवाड़े पहले तीन अज्ञात बदमाशों द्वारा कथित तौर पर आग के हवाले कर दी गई 15 वर्षीय लड़की की दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुरी जिले में भार्गवी नदी के तट पर 19 जुलाई की सुबह तीन अज्ञात लोगों ने लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उसे आग लगा दी थी। उसकी मां ने बलंगा थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि घटना उस समय हुई जब नाबालिग एक दोस्त से मिलने के बाद अपने घर जा रही थी। तीन लोगों ने उसे रोककर अगवा कर लिया और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। वह 70 प्रतिशत से अधिक झुलस चुकी थी। उसे 19 जुलाई को सबसे पहले पिपिली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बाद में उसे उसी दिन एम्स, भुवनेश्वर ले जाया गया और अगले दिन हवाई मार्ग से दिल्ली के एम्स ले जाया गया, जहां उसकी कम से कम दो 'सर्जरी' और 'स्किन ग्राफ्टिंग' की गई। ओडिशा पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली एम्स में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पीड़िता का बयान दर्ज किया था।माझी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "बलंगा इलाके की लड़की की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। सरकार के तमाम प्रयासों और दिल्ली स्थित एम्स की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के चौबीसों घंटे प्रयास के बावजूद, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मैं लड़की की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और ईश्वर से उसके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।" ओडिशा के उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव और पी. परिदा ने भी लड़की की मौत पर शोक व्यक्त किया है।बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने नाबालिग लड़की की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतक लड़की के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा के नेतृत्व में बीजद सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे दिल्ली स्थित एम्स जा रहे हैं। ओडिशा पुलिस ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया और दावा किया कि लड़की को जलाने की घटना की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने दावा किया कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं था और सभी से इस मामले पर कोई सनसनीखेज बयान नहीं देने का आग्रह किया। ओडिशा पुलिस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बलंगा घटना में पीड़ित लड़की की मौत की खबर सुनकर हमें गहरा दुख हुआ है। पुलिस ने पूरी ईमानदारी से जांच की है। जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। अब तक की गई जांच के अनुसार, यह स्पष्ट है कि इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं है। इसलिए, हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस दुखद क्षण के दौरान इस मामले के बारे में कोई भी संवेदनशील टिप्पणी न करें।'' ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की और लड़की को आग के हवाले करने में शामिल तीन दोषियों को सात दिनों के भीतर गिरफ्तार करने की मांग की। दास ने कहा, "अगर दोषियों को सात दिनों के भीतर नहीं पकड़ा गया तो हम डीजीपी कार्यालय का घेराव करेंगे।" उन्होंने कहा कि लड़की को आग के हवाले करने की घटना को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस इस मामले में शामिल किसी भी अपराधी को पकड़ नहीं पाई है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि पुरी पुलिस ने बलंगा में मृतक लड़की के घर के पास कुछ पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति भवन स्थित प्रसिद्ध अमृत उद्यान 16 अगस्त से 14 सितंबर तक जनता के लिए खुला रहेगा। राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। इस अवधि के दौरान, उद्यान प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक खुला रहेगा और अंतिम प्रवेश शाम सवा पांच बजे होगा। रखरखाव के कारण यह सभी सोमवार को बंद रहेगा। इस साल, आगंतुक 'बैबलिंग ब्रुक' का भी अनुभव कर सकेंगे।इस उद्यान पथ में बाल वाटिका, हर्बल गार्डन, बोनसाई गार्डन, सेंट्रल लॉन, लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन शामिल होंगे। पूरे पथ में लगाए गए क्यूआर कोड विभिन्न पौधों की प्रजातियों और डिज़ाइन तत्वों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। आगंतुक नॉर्थ एवेन्यू रोड के पास स्थित गेट संख्या 35 से प्रवेश और निकास कर सकते हैं। अमृत उद्यान में प्रवेश निःशुल्क है। बयान में कहा गया कि आगंतुकों को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स, हैंडबैग, पानी की बोतलें, बच्चों के दूध की बोतलें और छाते ले जाने की अनुमति है, इनके अलावा, किसी अन्य वस्तु की अनुमति नहीं होगी।
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नागपुर. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को यहां फिडे महिला शतरंज विश्व कप चैंपियन दिव्या देशमुख को सम्मानित किया और उन्हें तीन करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। उन्नीस साल की दिव्या 28 जुलाई को महिला विश्व कप का खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं। उन्होंने फाइनल के टाई ब्रेकर में हमवतन कोनेरू हम्पी को हराया जिससे वह खिताब जीतने के साथ ग्रैंडमास्टर भी बन गईं। दिव्या नागपुर की मूल निवासी हैं जहां से मुख्यमंत्री फडणवीस भी आते हैं।
दिव्या ने शहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस और नागपुर के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जीवन में ऐसे पल बहुत कम ही मिलते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत खास पल है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं बच्चों के लिए प्रोत्साहन और प्रेरणा का एक छोटा सा हिस्सा बन सकी। मुझे बहुत खुशी हो रही है। '' उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र शतरंज संघ को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिव्या को नकद पुरस्कार के रूप में तीन करोड़ रुपये का चेक सौंपा और उनके भविष्य के प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि उसने मतदाता सूची तैयार करने में मदद करने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का वार्षिक पारिश्रमिक दोगुना कर दिया है। बूथ स्तर पर मतदाता सूची तैयार करने और उसे अद्यतन करने में निर्वाचन आयोग की मदद करने वाले बीएलओ को 2015 से उनके काम के लिए 6,000 रुपये सालाना मिल रहे थे। अब यह राशि 12,000 रुपये सालाना की गई है। बीएलओ ज्यादातर शिक्षक या राज्य सरकार के अन्य कर्मचारी होते हैं जो अपने संबंधित बूथ में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने का काम करते हैं। निर्वाचन आयोग के नए नियमों के अनुसार, एक बूथ पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होंगे। इसके अलावा, आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए बीएलओ को 6,000 रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि देने को भी मंज़ूरी दी है। इसकी शुरुआत बिहार से होगी, जहां यह कवायद जारी है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने बीएलओ पर्यवेक्षकों का पारिश्रमिक भी वर्तमान 12,000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया है। अब निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ (एईआरओ) को भी क्रमशः 30,000 रुपये और 25,000 रुपये प्रति वर्ष मानदेय दिया जाएगा।
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नरसिंहपुर. मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित एक जलप्रपात में डूब जाने से 12वीं कक्षा के तीन छात्रों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हादसा जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिल्धा जलप्रपात में शुक्रवार शाम को हुआ। सुआतला थाना प्रभारी बी एल त्यागी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान संस्कार सिटी के रहने वाले तरुण शर्मा के पुत्र तन्मय शर्मा, धुवघट निवासी भगवत जाट के पुत्र अश्विन जाट और गोकुलनगर के अखिलेश सोनी के पुत्र अक्षत सोनी के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों 12वीं कक्षा के छात्र थे और घर पर बिना बताए ही जलप्रपात देखने निकल गए थे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम तीनों बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी और खोजबीन करने से पता चला कि हाथी नाला के पास एक बाइक और कुछ कपड़े पड़े हुए हैं। थाना प्रभारी त्यागी ने बताया कि देर रात्रि इसकी सूचना राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को दी गई और बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि देर रात तीनों विद्यार्थियों के शव निकाले गए और सुबह पोस्टमार्टम के उपरांत उन्हें परिजनों को सौंप दिए गए।
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नागपुर. भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) भूषण गवई ने शनिवार को यहां दिव्या देशमुख के घर जाकर फिडे शतरंज विश्व कप चैंपियन और ग्रैंडमास्टर बनने पर उन्हें बधाई दी। उन्नीस साल की दिव्या ने 28 जुलाई को जॉर्जिया के बातुमी में आयोजित महिला विश्व कप के फाइनल के टाईब्रेकर में हमवतन कोनेरू हंपी को हराकर सबसे कम उम्र की खिलाड़ी के तौर पर यह खिताब जीता था। इस जीत ने उन्हें ग्रैंडमास्टर भी बना दिया। मुख्य न्यायाधीश अमरावती से हैं और दिव्या के दादा स्वर्गीय डॉ. केजी देशमुख कभी संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के कुलपति थे। मुख्य न्यायाधीश ने यहां पत्रकारों से कहा कि उनके पिता और स्वर्गीय केजी देशमुख बहुत करीबी दोस्त थे।
उन्होंने कहा, हम एक परिवार की तरह पले-बढ़े हैं। यहां आना मेरे लिए पुरानी यादों को ताजा करने जैसा था। मैं 50-55 साल पीछे चला गया और मैंने फिर से सभी पुरानी यादों को ताजा किया। यह मेरे लिए लंबे समय के बाद सब से मिलने का यह शानदार मौका था। मैं यहां दिव्या को अपनी शुभकामनाएं देने आया हूं। उसने हम सभी को बहुत गौरवान्वित किया है। -
रुद्रप्रयाग. कुछ दिनों तक बंद रहने के बाद केदारनाथ की तीर्थयात्रा पैदल मार्ग से शनिवार को पुन: शुरू हो गई। रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि पैदल श्रद्धालुओं के लिए बनी सड़क को शनिवार को काफी हद तक चलने लायक कर दिया गया जिसके बाद तीर्थयात्रियों के एक समूह को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के रास्ते केदारनाथ भेजा गया। उन्होंने बताया कि हालांकि मंदिर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच अब भी बंद है और लोक निर्माण विभाग इसे खोलने के प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक राजमार्ग बहाल नहीं हो जाता, तीर्थयात्रियों को केदारनाथ पहुंचने के लिए 22 किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मनकुटिया में भूस्खलन के कारण राजमार्ग अवरुद्ध होने के बाद 30 जुलाई को पैदल मार्ग से केदारनाथ की तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। केवल वापस आने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षा बलों की मदद से वैकल्पिक पैदल मार्ग से लाया जा रहा है।
कोंडे ने बताया कि अगर बारिश होती है तो सुरक्षा मद्देनजर श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। उन्होंने तीर्थयात्रियों से मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की। -
डीजीपी को मिलेगा ब्रिटेन की संसद में सम्मान
भोपाल/ मध्यप्रदेश पुलिस के नशे के खिलाफ एक पखवाड़े तक जारी रहे अभियान को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में स्थान मिला है और इस उपलब्धि के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को ब्रिटेन की संसद में सम्मानित किया जाएगा। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि 'नशे से दूरी, है जरूरी' अभियान ने व्यापक पैमाने पर मिली सफलता और लोगों की 'अभूतपूर्व' जनभागीदारी के कारण यह वैश्विक पहचान अर्जित की है। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में शुक्रवार को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अध्यक्ष संतोष शुक्ला ने डीजीपी कैलाश मकवाना और एडीजी (नारकोटिक्स) केपी वेंकटेश्वर राव को एक आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर शुक्ला ने मकवाना को ब्रिटेन की संसद में 13 सितंबर को आयोजित होने वाले एक सम्मान समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इस समारोह में मकवाना को सम्मानित भी किया जाएगा। सम्मान स्वीकार करते हुए मकवाना ने कहा, "हमारे युवाओं और किशोरों को नशे से मुक्त रखना सिर्फ एक सरकारी कर्तव्य नहीं है, बल्कि एक नैतिक दायित्व है। यह अभियान पुलिस कर्मियों, साझेदार विभागों और सार्वजनिक संगठनों के अथक प्रयासों की बदौलत जन आंदोलन में बदल गया।" उन्होंने कहा कि विश्व रिकॉर्ड बनाना कभी इस अभियान का लक्ष्य नहीं था।
उन्होंने कहा, "हमारा वास्तविक उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। अगर इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है तो यह पुलिस बल, सहायक संस्थाओं और मध्यप्रदेश के लोगों की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" मध्यप्रदेश पुलिस ने इस साल 15 से 30 जुलाई तक पूरे राज्य में 'नशे से दूरी, है जरूरी' अभियान संचालित किया था। अधिकारियों के मुताबिक राज्य के 57 जिलों के 1,175 पुलिस थानों में यह अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 23 लाख व्यक्तियों ने सीधे तौर पर भाग लिया जबकि 6.35 करोड़ से अधिक लोग सोशल मीडिया के माध्यम से इससे जुड़े। -
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 2 अगस्त को वाराणसी में आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जारी की। इस मौके पर देशभर के 9.7 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 20,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस योजना के तहत अब तक कुल 3.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि किसानों को दी जा चुकी है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी में 2200 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, शहरी विकास और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े काम शामिल हैं, जिनका मकसद वाराणसी में हर क्षेत्र में विकास और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई अहम परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने वाराणसी-भदोही सड़क और छितौनी-शूल टंकेश्वर सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण का उद्घाटन किया। साथ ही, मोहन सराय-अदलपुरा रोड पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हरदत्तपुर में रेलवे ओवरब्रिज का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, दलमंडी, लहरतारा-कोटवा, गंगापुर, बबतपुर जैसे कई ग्रामीण और शहरी सड़क मार्गों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का शिलान्यास किया गया। लेवल क्रॉसिंग 22सी और खलीलपुर यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई।शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावापीएम मोदी ने वाराणसी में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 880 करोड़ रुपये से ज्यादा की स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना और बिजली लाइनों को भूमिगत करने के कार्यों का शिलान्यास किया। सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए गए। उन्होंने आठ कच्चे घाटों के पुनर्विकास, कालिका धाम में विकास कार्य, रंगीलदास कुटीर, शिवपुर में तालाब और घाट के सौंदर्यीकरण और दुर्गाकुंड के पुनरुद्धार व जल शुद्धिकरण का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार, स्वतंत्रता सेनानियों के जन्मस्थल करखियाओं के विकास, सरनाथ, ऋषि मांडवी और रामनगर जोन में सिटी सुविधा केंद्रों, मुंशी प्रेमचंद के पैतृक घर के पुनर्विकास और संग्रहालय के उन्नयन का शिलान्यास किया।पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए कंचनपुर में शहरी मियावाकी वन और शहीद उद्यान सहित 21 अन्य पार्कों के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी गई। रामकुंड, मंदाकिनी, शंकुलधारा जैसे कुंडों के जल शुद्धिकरण और चार फ्लोटिंग पूजन मंचों की स्थापना का भी शिलान्यास हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की सुविधा के लिए जल जीवन मिशन के तहत 47 पेयजल योजनाओं का उद्घाटन किया गया।शिक्षा के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री ने नगर सीमा के भीतर 53 स्कूल भवनों के उन्नयन का उद्घाटन किया और जखिनी, लालपुर जैसे सरकारी हाई स्कूलों के जीर्णोद्धार और एक नई जिला पुस्तकालय के निर्माण का शिलान्यास किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी और सीटी स्कैन जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया। एक होम्योपैथिक कॉलेज और अस्पताल का शिलान्यास भी हुआ।खेल और कानून व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए, डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम में सिंथेटिक हॉकी टर्फ और रामनगर में प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के लिए 300 लोगों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन किया गया। काशी संसद प्रतियोगिता के तहत स्केचिंग, पेंटिंग, फोटोग्राफी, खेल-कूद और ज्ञान प्रतियोगिता जैसे आयोजनों के लिए पंजीकरण पोर्टल भी शुरू किया गया। इसके अलावा, 7,400 से ज्यादा दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को सहायता उपकरण बांटे गए। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को वाराणसी को लगभग 2200 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, शहरी विकास और सांस्कृतिक विरासत समेत कई क्षेत्रों से जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री ने देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के लिए भी शनिवार को ‘किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत 20वीं किस्त जारी की।
वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘शिवलिंग’ का स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के अलावा कई कैबिनेट मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वे विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने देखा होगा कि पिछले 11 सालों में चार दर्जन से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। पूरा विश्व जन कल्याण और विश्वहित के प्रति उनकी दूरदर्शिता का लोहा मानता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत को आगे बढ़ाने का विजन दिया है। यह सौभाग्य है कि देश की संसद में वह काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं। शनिवार को 2200 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उपहार काशी को देने के लिए प्रधानमंत्री का यहां आगमन हुआ है।सीएम योगी ने कहा, “यह पहली बार है, जब कोई प्रधानमंत्री अपने क्षेत्र में 51वीं बार उपस्थित हुआ है। वाराणसी में 11 सालों में 51 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं स्वीकृति हुईं, जिनमें से 34 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण हो चुका है। वह काशी को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं और पहचान दिला रहे हैं। 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं प्रगति के चरण में हैं।” -
नई दिल्ली। देश में टीकाकरण अभियान के तहत बच्चों को 11 टीके मुफ्त में दिए जाते हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने के लिए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साप्ताहिक आधार पर नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। वहीं, टीकाकरण कवरेज में सुधार के उपायों के रूप में जागरूकता, सामाजिक लामबंदी, परिवार स्तर पर आपसी संवाद और मीडिया की भागीदारी जैसे रणनीतिक क्रियाकलाप किए जाते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
देश में टीकाकरण अभियान के तहत बच्चों को 11 टीके निःशुल्क लगाए जाते हैं।इन टीकों के नाम इस प्रकार हैं:1- हेपेटाइटिस बी वैक्सीन2- ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)3- बैसिलस कैल्मेट-गुएरिन वैक्सीन (बीसीजी)4- पोलियो वैक्सीन इंजेक्शन (आईपीवी)5- पेंटावैलेंट वैक्सीन6- रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी)7- न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी)8- खसरा और रूबेला वैक्सीन (एमआर)9- डिप्थीरिया पर्टुसिस टेटनस वैक्सीन (डीपीटी)10- टेटनस और वयस्क डिप्थीरिया वैक्सीन (टीडी) और11- जापानी एन्सेफलाइटिस वैक्सीन (जेई)वहीं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साप्ताहिक आधार पर नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाते हैं। प्रत्येक सत्र से पहले, संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों को टीकाकरण सत्र के स्थान के बारे में जानकारी देती हैं और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के दिन आकर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करती हैं।आपको बता दें, देश में टीकाकरण कवरेज को अधिकतम करने के लिए, देश भर में सूचना शिक्षा और संवाद (आईईसी) संबंधी क्रियाकलाप आयोजित किये जाते हैं। आईईसी का प्रसार दूरदर्शन जैसे सेवा प्रसारकों के माध्यम से मीडिया क्षेत्र की हस्तियों, रेडियो जिंगल और यूट्यूब पॉडकास्ट का उपयोग करके किया जाता है। यहीं नहीं, एक्स हैंडल, इंस्टाग्राम हैंडल और फेसबुक पेज जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है। साथ ही स्थानीय समुदाय-स्तरीय गतिविधियां जैसे माइकिंग, पोस्टर और सामूहिक बैठकें भी आयोजित की जाती हैं।देश में पिछले 5 वर्षों के दौरान टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा जो प्रयास किए गए, वो इस प्रकार हैं-राज्य टीकाकरण कार्यबल (एसटीएफआई), जिला टीकाकरण कार्यबल (डीटीएफआई) और ब्लॉक टीकाकरण कार्यबल (बीटीएफआई) नियमित रूप से चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियानों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करते हैं।टीकाकरण कवरेज में सुधार के उपायों के रूप में जागरूकता, सामाजिक लामबंदी, पारिवारिक स्तर पर आपसी संवाद और मीडिया सहभागिता जैसे रणनीतिक क्रियाकलाप किए जाते हैं।व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष कैच-अप टीकाकरण अभियान, सघन मिशन इन्द्रधनुष, कम टीकाकरण कवरेज वाले क्षेत्रों में छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करने के लिए चलाया गया।पल्स पोलियो कार्यक्रम के एक भाग के रूप में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (एनआईडी) जैसे विशेष टीकाकरण अभियान हर वर्ष चलाए जाते हैं।टीकाकरण गतिविधियों के लिए निर्धारित दिनों पर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का आयोजन किया जाता है।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सभी टीकाकरण कार्यक्रमों के डिजिटल पंजीकरण और रिकॉर्डिंग के लिए यू-विन पोर्टल शुरू किया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वाराणसी से किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे। वे 2200 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इस अवसर पर श्री मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
- चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पूर्व नेता और पंजाब के खरड़ से जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी रणजीत सिंह गिल शुक्रवार शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने आधिकारिक आवास पर भाजपा में शामिल कराया।बयान में कहा गया कि गिल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की नीतियों और कार्यक्रमों में अपनी आस्था व्यक्त की।पार्टी में शामिल होने के बाद सैनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पंजाब की जनता ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाने का मन बना लिया है। सैनी ने अपने पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब की जनता ने इस बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पंजाब के हर घर में कमल खिलाने का मन बना लिया है। जनता के बीच भाजपा के प्रति बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि पंजाब इस बार सकारात्मक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।’’
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नई दिल्ली। भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान आगामी 9 सितंबर को कराया जाएगा।
चुनाव आयोग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, 7 अगस्त को चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी की जाएगी। इसके बाद इच्छुक उम्मीदवार 21 अगस्त तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी।उल्लेखनीय है कि यदि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाता है, तो सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार का निर्विरोध चुना जाना तय माना जाएगा। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान गुप्त होता है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बनी रहती है। ऐसे में राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं।इसके साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची तैयार कर ली है।ईसीआई के मुताबिक, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के अनुपालन में, आयोग ने निर्वाचक मंडल की सूची तैयार की है, जिसमें सभी सदस्यों के नवीनतम पते भी शामिल हैं। यह सूची राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आधार पर वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित की गई है।भारत निर्वाचन आयोग में सहायक निदेशक अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि यह सूची अधिसूचना की तारीख से भारत निर्वाचन आयोग में स्थापित एक काउंटर पर खरीद के लिए उपलब्ध होगी।बता दें कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की तैयारी शुरू की। हाल ही में आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की थी।ईसीआई ने बयान में बताया था कि पिछले उपराष्ट्रपति निर्वाचन के दौरान लोकसभा के महासचिव को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसलिए, निर्वाचन आयोग ने विधि और न्याय मंत्रालय से परामर्श करके तथा राज्यसभा के उपसभापति की सहमति से राज्यसभा के महासचिव को आगामी उपराष्ट्रपति निर्वाचन के लिए रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है। -
नयी दिल्ली. भारत में मानसून ऋतु के दूसरे चरण (अगस्त और सितंबर) में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के आसपास के इलाकों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में अगस्त में सामान्य बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक होने का अनुमान है।
देश में मानसून के पहले चरण यानी जून और जुलाई में सामान्य से अधिक वर्षा हुई तथा विशेषकर हिमाचल प्रदेश समेत कुछ राज्यों में अचानक बाढ़ आई। उन्होंने कहा, "भौगोलिक दृष्टि से, देश के ज्यादातर भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के कई भागों और पूर्वी भारत के समीपवर्ती क्षेत्रों के अलावा मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिण-पश्चिमी भागों में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।'' देश में एक जून से 31 जुलाई तक 474.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 445.8 मिमी है।आईएमडी प्रमुख ने बताया कि इस दौरान देश में भारी वर्षा की 624 और अत्याधिक वर्षा की 76 घटनाएं दर्ज की गईं, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम हैं। महापात्र ने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर भारत में लगातार पांचवें साल सामान्य से कम वर्षा हुई है। पिछले 30 वर्षों में इन राज्यों में वर्षा की गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है।'' मई में आईएमडी ने अनुमान जताया था कि जून से सितंबर के दौरान भारत में दीर्घकालिक औसत 87 सेंटीमीटर वर्षा के 106 प्रतिशत के बराबर वर्षा हो सकती है। यह औसत पिछले 50 वर्षों पर आधारित है। 96 से 104 प्रतिशत के बीच की बारिश को सामान्य माना जाता है। भारत में मानसून कृषि क्षेत्र की रीढ़ है जो लगभग 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका का आधार है और देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 18.2 प्रतिशत का योगदान करता है। इसके अलावा, यह पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने में भी अहम भूमिका निभाता है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने बताया कि अप्रवासी-भारतीयों को भारत यात्रा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू की गई 'चलो इंडिया' पहल के तहत अब तक 30 ई-टूरिस्ट वीजा जारी किए जा चुके हैं। पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'चलो इंडिया' पहल भारतवंशियों को 'इनक्रेडिबल इंडिया' का राजदूत बनाकर अपने अप्रवासी-भारतीय मित्रों को भारत यात्रा के लिए प्रेरित करने हेतु शुरू की गई है। इस पहल के तहत अब तक 30 ई-टूरिस्ट वीजा जारी किए जा चुके हैं। शेखावत ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों, कम ज्ञात स्थलों और सांस्कृतिक विरासत स्थलों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्रालय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय मिशनों, यात्रा व्यापार उद्योग तथा राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से विभिन्न प्रचार गतिविधियां संचालित करता है, ताकि देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। ‘इनक्रेडिबल इंडिया' केंद्र सरकार द्वारा 2002 में शुरू किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन अभियान है, जिसका उद्देश्य भारत में पर्यटन को बढ़ावा देना और इसे एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है। यह अभियान भारत की संस्कृति, विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, और विविध अनुभवों को प्रदर्शित करता है, ताकि दुनिया भर के पर्यटकों को भारत आने के लिए आकर्षित किया जा सके।
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आइजोल. असम राइफल्स ने बृहस्पतिवार को पूर्वी मिजोरम के चम्फाई जिले में करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य की मेथामफेटामाइन (मेथ) गोलियां बरामद कीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के जोटे गांव में एक अभियान के दौरान असम राइफल्स के जवानों ने 11.11 किलोग्राम मेथ गोलियां बरामद कीं। मेथामफेटामाइन को ‘आइस' या ‘क्रिस्टल मेथ' के रूप में भी जाना जाता है और यह पदार्थ अत्याधिक नशीला होता है। असम राइफल्स ने एक बयान में कहा कि जब्त मेथ गोलियों के संबंध में अभी तक किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि बरामद मादक पदार्थ को चम्फाई स्थित राज्य के आबकारी एवं मादक पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की गुजरात यात्रा पर बृहस्पतिवार को खुशी जताते हुए कहा कि ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की उनकी यात्रा सभी भारतीयों को देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए प्रेरित करेगी। अब्दुल्ला एक पर्यटन कार्यक्रम में शामिल होने अहमदाबाद आए थे।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा, ‘‘कश्मीर से केवडिया। श्री उमर अब्दुल्ला जी को साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ का आनंद लेते और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' देखने का आनंद लेते देखकर अच्छा लगा। उनकी यह यात्रा एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश देती है और हमारे साथी भारतीयों को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए प्रेरित करेगी।'' इससे पहले, अब्दुल्ला ने प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट पर अपनी सुबह की दौड़ की तस्वीरें पोस्ट कीं।उन्होंने कहा, ‘‘यह उन सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है जहां मैं दौड़ पाया हूं और इतने सारे अन्य पैदल यात्रियों/धावकों के साथ इसे साझा करना मेरे लिए खुशी की बात है। मैं अद्भुत ‘अटल फुट ब्रिज' के पास से भी दौड़कर गुजरा।'' - नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए निर्वाचक मंडल की सूची तैयार कर ली है। आयोग ने गुरुवार को एक प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रेस नोट में बताया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को उपराष्ट्रपति के चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के साथ-साथ लोकसभा के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।ईसीआई के मुताबिक, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के अनुपालन में, आयोग ने निर्वाचक मंडल की सूची तैयार की है, जिसमें सभी सदस्यों के नवीनतम पते भी शामिल हैं। यह सूची राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आधार पर वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित की गई है। भारत निर्वाचन आयोग में सहायक निदेशक अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि यह सूची अधिसूचना की तारीख से भारत निर्वाचन आयोग में स्थापित एक काउंटर पर खरीद के लिए उपलब्ध होगी। अधिसूचना की घोषणा जल्द होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की थी।ईसीआई ने बयान में बताया था कि पिछले उपराष्ट्रपति निर्वाचन के दौरान लोकसभा के महासचिव को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसलिए, निर्वाचन आयोग ने विधि और न्याय मंत्रालय से परामर्श करके तथा राज्यसभा के उपसभापति की सहमति से राज्यसभा के महासचिव को आगामी उपराष्ट्रपति निर्वाचन, 2025 के लिए रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अलावा, राज्यसभा सचिवालय की संयुक्त सचिव गरिमा जैन और राज्यसभा सचिवालय के निदेशक विजय कुमार को उपराष्ट्रपति निर्वाचन, 2025 के दौरान सहायक रिटर्निंग अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में वैश्विक प्लास्टिक संधि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गहरे समुद्र की सफाई के लिए वैश्विक प्लास्टिक संधि एक प्रस्तावित कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य उत्पादन से लेकर निपटान तक, प्लास्टिक के पूरे जीवनचक्र में होने वाले प्रदूषण को दूर करना है।इस संधि पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा गठित अंतर-सरकारी वार्ता समिति (आईएनसी) द्वारा बातचीत की जा रही है। इसका समझौते का लक्ष्य प्लास्टिक के लिए एक चक्रीय अर्थव्यवस्था स्थापित करके 2040 तक प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना है, जिसमें उत्पादन में कमी, पुनर्चक्रण में सुधार और प्लास्टिक कचरे को पारिस्थितिक तंत्र में प्रवेश करने से रोकना शामिल है।गौरतलब हो, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) ने राष्ट्रीय महासागर संस्थान (एनआईओटी), चेन्नई के माध्यम से 2021 में डीप ओशन मिशन (डीओएम) के तहत समुद्रयान परियोजना शुरू की। इस परियोजना के तहत, एनआईओटी एक मानव पनडुब्बी, मत्स्य 6000 विकसित कर रहा है, जिसका उद्देश्य समुद्र की खोज और अवलोकन के लिए वैज्ञानिक सेंसर के एक सूट के साथ तीन लोगों को समुद्र में 6000 मीटर की गहराई तक ले जाना है। वहीं, मत्स्य 6000 के लिए डिजाइन पूरा हो गया है, और वेट हार्बर ट्रायल्स (चालक दल और बिना चालक दल दोनों के साथ) 22 जनवरी 2025 से 14 फरवरी 2025 तक पूरे किए गए थे, जिसमें कार्यक्षमता (तैरने, वाहन स्थिरता, गतिशीलता, शक्ति, संचार और नियंत्रण उपकरणों सहित) और मानव सहायता और सुरक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया था।डीओएम में विशिष्ट वैज्ञानिक उद्देश्यों से जुड़े छह कार्यक्षेत्र शामिल हैं। ये इस प्रकार हैं--मानवयुक्त पनडुब्बी, गहरे समुद्र में खनन और पानी के नीचे चलने वाले वाहनों और पानी के नीचे चलने वाले रोबोटिक्स के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास,-महासागर जलवायु परिवर्तन सलाहकार सेवाओं का विकास-गहरे समुद्र में जैव विविधता के अन्वेषण और संरक्षण के लिए तकनीकी नवाचार-गहरे समुद्र का सर्वेक्षण और अन्वेषण (और अनुसंधान जहाज)-महासागर से ऊर्जा और ताज़ा पानी, और महासागर जीवविज्ञान के लिए उन्नत समुद्री स्टेशन।-आपको बता दें, इस मिशन का बजट पांच वर्षों की अवधि के लिए 4,077 करोड़ रुपए है। इस मिशन की गतिविधियां देश की नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को बढ़ाती हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को यूपी के वाराणसी के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह यहां लगभग 2200 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी शनिवार को पीएम-किसान योजना की 20वीं किस्त भी जारी करेंगे, जिसके तहत 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 20,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना के तहत अब तक कुल 3.90 लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी अपने दौरे पर वाराणसी-भदोही मार्ग और छितौनी-शूल टंकेश्वर मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, हरदत्तपुर में रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन भी होगा, जो मोहन सराय-अदलपुरा मार्ग पर भीड़ को कम करेगा। वे दलमंडी, लहरतारा-कोटवा, गंगापुर, बाबतपुर जैसे कई ग्रामीण और शहरी सड़क मार्गों के चौड़ीकरण और लेवल क्रॉसिंग 22सी तथा खालिसपुर यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज की आधारशिला रखेंगे।इसके साथ ही पीएम मोदी 880 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट और विद्युत बुनियादी ढांचे के भूमिगतकरण से संबंधित कार्यों का शिलान्यास करेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री 8 रिवरफ्रंट कच्चे घाटों के पुनर्विकास, कालिका धाम में विकास कार्य, रंगीलदास कुटीया के तालाब और घाट के सौंदर्यीकरण, और दुर्गाकुंड के पुनर्स्थापन व जल शुद्धिकरण कार्यों का उद्घाटन करेंगे। साथ ही वह कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के पुनर्स्थापन, कई स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली कर्खियांव के विकास और मुंशी प्रेमचंद के पैतृक घर (लमही) के पुनर्विकास व संग्रहालय का शिलान्यास करेंगे।साथ ही, सर्नाथ, ऋषि मंडवी, और रामनगर जोन में सिटी सुविधा केंद्र, कंचनपुर में शहरी मियावाकी वन, और शहीद उद्यान सहित 21 अन्य पार्कों के सौंदर्यीकरण का शिलान्यास भी किया जाएगा।पीएम मोदी सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण जल निकायों के संरक्षण के लिए रामकुंड, मंदाकिनी, शंकुलधारा सहित विभिन्न कुंडों में जल शुद्धिकरण और रखरखाव कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। साथ ही, वह चार तैरते पूजन मंचों की स्थापना भी करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 47 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।इसके साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नगर निगम सीमा के भीतर 53 स्कूल भवनों के उन्नयन का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, जखिनी, लालपुर सहित अन्य सरकारी हाई स्कूलों के पुनर्जनन और एक नई जिला पुस्तकालय के निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा। स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर सेंटर और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी और सीटी स्कैन सुविधाओं सहित उन्नत चिकित्सा उपकरणों का उद्घाटन भी होगा। साथ ही, प्रधानमंत्री एक होम्योपैथिक कॉलेज और अस्पताल का शिलान्यास भी करेंगे।प्रधानमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक हॉकी टर्फ का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, रामनगर में प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) में 300 क्षमता वाले बहुउद्देशीय हॉल का उद्घाटन और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) बैरक का शिलान्यास करेंगे।प्रधानमंत्री काशी संसद प्रतियोगिता के तहत स्केचिंग, पेंटिंग, फोटोग्राफी, खेल-कूद, ज्ञान प्रतियोगिता, और रोजगार मेला जैसे विभिन्न आयोजनों के लिए पंजीकरण पोर्टल का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, 7,400 से अधिक दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को सहायता उपकरण भी वितरित करेंगे।
- जमुई। बिहार के जमुई जिले में यात्रियों को ले जा रहा एक ऑटोरिक्शा सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया, जिससे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे तीन छात्रों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यहां एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना आज सुबह लखीसराय-जमुई राजकीय राजमार्ग पर मंझवे गांव के पास हुई। उप महानिरीक्षक (मुंगेर) राकेश कुमार ने बताया, ‘‘एक वाहन (ऑटोरिक्शा) खड़े ट्रक से जा टकराया और उस वाहन में सवार तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।'' उन्होंने बताया कि घायलों को नजदीक में स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लखीसराय स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के सभी पांच छात्र ट्रेन पकड़ने के लिए ऑटोरिक्शा में जा रहे थे और उसी समय यह हादसा हो गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान के प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद ऑटोरिक्शा चालक मौके से फरार हो गया।
- नयी दिल्ली। भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' को देश के सतत मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस कार्यक्रम के तहत आवश्यक क्षमताओं के सफल परीक्षण के बाद भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन से फार्मास्युटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में नवाचार एवं उन्नत तकनीकों के विकास को बल मिलेगा और भारत को भविष्य में अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ ‘सहयोगी भागीदार' के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा।उन्होंने बताया कि गगनयान कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कई प्रमुख उपलब्धियां हासिल की गई हैं जिनमें ‘ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल' (एचएलवीएम3) का विकास और जमीनी परीक्षण पूरा होना, ‘सर्विस मॉड्यूल' के प्रणोदन तंत्र विकास व परीक्षण होना और पर्यावरण नियंत्रण एवं जीवन रक्षक प्रणाली (ईसीएलएसएस) का इंजीनियरिंग मॉडल तैयार होना शामिल है। मंत्री ने बताया कि गगनयान मिशन के लिए भारतीय वायुसेना के चार पायलट का चयन किया गया है जिनमें से एक ने फरवरी 2020 से मार्च 2021 के बीच रूस स्थित गागरिन कॉसमोनॉट ट्रेनिंग सेंटर (जीसीटीसी) में सामान्य अंतरिक्ष उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया। सिंह ने बताया कि वर्तमान में ये गगनयात्री बेंगलुरु में स्थापित एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग फैसिलिटी (एटीएफ) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिसे तीन सेमेस्टर में विभाजित किया गया है। इनमें से दो सेमेस्टर पूर्ण हो चुके हैं और शीघ्र ही तीसरे सेमेस्टर का प्रशिक्षण प्रारंभ होगा।

















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